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डिवाइडर में टकराई तेज रफ्तार बोलेरो दो घायल, चार को आई गंभीर चोटें

डिवाइडर में टकराई तेज रफ्तार बोलेरो दो घायल, चार को आई गंभीर चोटें राजेंद्र ग्राम/छबिलाल  थाना क्षेत्र राजेंद्रग्राम के सल्हरो तिराहा के पास मंगलवार शाम करीब 9:00 बजे तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में बोलोरो में सवार4 व्यक्तियों को चोटें आईं, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल है जिसमें एक ड्राइवर भी शामिल है।  कैसे हुआ हादसा। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार ग्राम जरही से बारातियों को लेकर ग्राम बेलगावा के लिए रवाना हुई थी लेकिन साल्हारो तिराहा के पास ड्राइवर को झपकी लग गई। इससे गाड़ी बेकाबू होकर सड़क के किनारे बने डिवाइडर पर चढ़ गई और बेकाबू होकर पलट गई टक्कर इतनी तेज थी कि बोलेरो का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।  घायलों की स्थिति  *गंभीर घायल: हुकुमचंद वर्ष पिता स्वर्गीय घनश्याम प्रसाद(28) वर्ष ग्राम जरही कब बताया जा रहा है और मनोज कुमार पिता लाला प्रसाद 25 वर्ष ग्राम सोनिया मार ग्राम पंचायत हर टोला का निवासी बताया जा रहा है।*समान्य घायल: पूरनलाल पिता ओमकार चंद्रवंशी ग्राम जरही और तीन अन्य को मामूली चोटें आई है। सभी घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है डॉक्टर के साथ इन दोनों को गंभीर गालों की हालत गंभीर बनी हुई है।

महिला आयोग करेगा ग्राउंड रियलिटी चेक, जनसुनवाई में मामलों के निपटारे की जांच

बिलासपुर. महिलाओं की समस्याओं के त्वरित निराकरण, न्याय तक सुगम पहुँच सुनिश्चित करने तथा महिला सशक्तिकरण को गति देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा राष्ट्रीय महिला आयोग के द्वारा महिला जनसुनवाई का आयोजन किया जा रहा है. जनसुनवाई की अध्यक्षता राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर कर रही हैं. शी सर्वज विषय पर कार्यक्रम स्वर्गीय लखीराम ऑडिटोरियम कंपनी गार्डन के पास हो रहा है. इसमें महिलाओं से जुड़े मामलों की निगरानी, शिकायतों के त्वरित निराकरण तथा महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा हो रही है. इसके पश्चात कलेक्टोरेट स्थित मंथन मीटिंग हॉल में समीक्षा बैठक आयोजित होगी, जिसमें कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महिला सुरक्षा, शिकायतों के निराकरण, कानून-व्यवस्था एवं महिला कल्याण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी. इसके बाद दोपहर 1 बजे से जल संसाधन विभाग परिसर स्थित प्रार्थना सभा कक्ष में महिला जनसुनवाई आयोजित होगी. दोपहर 3 बजे यशोदा एआई विषय पर कार्यक्रम आयोजित होगा.

High Court Summer Vacation 2026: 18 मई से 12 जून तक न्यायालयों में छुट्टियां घोषित

बिलासपुर. समर वेकेशन को लेकर हाईकोर्ट ने अधिसूचना जारी कर दी है. हाईकोर्ट द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार 18 मई 2026 (सोमवार) से 12 जून 2026 (शुक्रवार) तक ग्रीष्म अवकाश रहेगा. 15 जून 2026 (सोमवार) से हाईकोर्ट फिर नियमित रूप से खुलेगा. अवकाश के दौरान भी जरूरी मामलों की सुनवाई जारी रहेगी. इसके लिए वेकेशन जजों की नियुक्ति की गई है, जो सुबह 10:30 बजे से कोर्ट की कार्रवाई  करेंगे और जरूरत पड़ने पर समय बढ़ाया भी जा सकेगा. अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि समर वेकेशन (Bilaspur High Court) के दौरान सिविल, क्रिमिनल और रिट से जुड़े मामलों की फाइलिंग जारी रहेगी, जबकि जरूरी मामलों के लिए अलग से आवेदन देना होगा. जमानत मामलों में अलग से अर्जेंट हियरिंग आवेदन की जरूरत नहीं होगी और उन्हें स्वतः सूचीबद्ध किया जाएगा. अन्य लंबित मामलों की सुनवाई के लिए अर्जेंट आवेदन अनिवार्य रहेगा. इस दौरान रजिस्ट्री कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहेगा, लेकिन शनिवार, रविवार और शासकीय अवकाश में बंद रहेगा. कोर्ट ने यह भी तय किया है कि वेकेशन जज 19, 21, 26 और 28 मई और 2, 4, 9 और 11 जून 2026 को सुनवाई करेंगे. वहीं जो मामले तय समय पर नहीं पहुंच पाएंगे, उन्हें अगली तारीख पर अलग सूची में शामिल किया जाएगा. आदेश मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर रजिस्ट्रार (न्यायिक) सुमित कपूर द्वारा जारी किया गया है.

राजधानी रायपुर में श्रमिक महासम्मेलन: 11 श्रमवीरों को मिलेगा ‘श्रमश्री’ सम्मान, ऐतिहासिक आयोजन की तैयारी

राजधानी रायपुर में श्रमिक महासम्मेलन: 11 श्रमवीरों को मिलेगा ‘श्रमश्री’ सम्मान, ऐतिहासिक आयोजन की तैयारी मो. कासिम जिला प्रतिनिधि एमसीबी मनेंद्रगढ़ अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर प्रदेश की राजधानी रायपुर में इस वर्ष एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज होने जा रही है। ट्रेड यूनियन काउंसिल छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में 1 मई 2026 को भव्य श्रमिक महासम्मेलन एवं छत्तीसगढ़ श्रमश्री अलंकरण समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर के श्रमिकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। यह आयोजन राजधानी रायपुर स्थित मेकाहारा हॉस्पिटल मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में दोपहर 1 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में श्रमिकों के योगदान को सम्मानित करते हुए 11 श्रमवीरों को ‘श्रमश्री अलंकरण’ से नवाजा जाएगा, जो प्रदेश के श्रमिक वर्ग के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। गौरतलब है कि पूर्व में यह प्रदेश स्तरीय आयोजन अंबिकापुर एवं एमसीबी जिले में सफलतापूर्वक आयोजित हो चुका है। अब राजधानी रायपुर में इसका आयोजन होना श्रमिक आंदोलन की बढ़ती ताकत और व्यापकता को दर्शाता है। ट्रेड यूनियन काउंसिल छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष एवं पूर्व विधायक गुलाब कमरो के नेतृत्व तथा संयोजक डॉ. जे.पी. श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में कार्यक्रम को भव्य एवं ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। आयोजकों के अनुसार, इस महासम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रमिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक शामिल होंगे। प्रांताध्यक्ष गुलाब कमरो ने इसे श्रमिकों के सम्मान और अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि यह महासम्मेलन श्रमिकों की एकता, संघर्ष और समर्पण का प्रतीक बनेगा। वहीं, संयोजक डॉ. जे.पी. श्रीवास्तव ने सभी श्रमिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। यह भव्य आयोजन न केवल श्रमिकों को सम्मानित करेगा, बल्कि उनके अधिकारों को मजबूत करने और समाज में उनकी भूमिका को पहचान दिलाने की दिशा में एक नई उपलब्धि स्थापित करेगा।

खोंगापानी बस स्टॉप पर सभी बसों का ठहराव अनिवार्य, सांसद ज्योत्सना महंत की पहल से मिली बड़ी राहत

खोंगापानी बस स्टॉप पर सभी बसों का ठहराव अनिवार्य, सांसद ज्योत्सना महंत की पहल से मिली बड़ी राहत मो. कासिम जिला प्रतिनिधि एमसीबी मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही जनसमस्या का समाधान आखिरकार हो गया है। कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत के हस्तक्षेप के बाद खोंगापानी बस स्टॉप पर अब सभी बसों का रुकना अनिवार्य कर दिया गया है। इस फैसले से क्षेत्र के हजारों यात्रियों, विशेषकर छात्रों, कर्मचारियों और दैनिक आवागमन करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है। हाल ही में आयोजित दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक में सांसद महंत ने खोंगापानी नगर पंचायत क्षेत्र के बस स्टॉप पर बसों के नियमित ठहराव नहीं होने की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने इस मुद्दे को जनहित से जुड़ा बताते हुए अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया और यात्रियों को हो रही असुविधाओं पर गंभीर चिंता जताई। सांसद के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला परिवहन अधिकारी कोरिया द्वारा आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार खोंगापानी के निर्धारित बस स्टॉप पर सभी स्टेज कैरिज बसों का रुकना अब अनिवार्य होगा। साथ ही यात्रियों के सुरक्षित चढ़ने-उतरने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई बस ऑपरेटर या परमिट धारक इस आदेश की अवहेलना करता है, तो उसके खिलाफ मोटरयान अधिनियम 1988 के तहत सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इससे परिवहन व्यवस्था में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित होने की उम्मीद है। इस महत्वपूर्ण निर्णय से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अब उन्हें सुरक्षित, नियमित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। वर्षों से चली आ रही इस समस्या के समाधान को लोग बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने इसे जनहित में अहम कदम बताया, वहीं जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने इसे जनता की आवाज़ की जीत बताया। खोंगापानी नगर पंचायत अध्यक्ष ललिता रामा यादव ने कहा कि इस फैसले से रोजमर्रा की परेशानी समाप्त होगी। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष कासिम अंसारी ने इसे छात्रों और युवाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी बताया। कुल मिलाकर, यह निर्णय न केवल आम नागरिकों को राहत देने वाला है, बल्कि क्षेत्र की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा।

जंगल में जुए के अड्डे पर पुलिस का ताबड़तोड़ छापा, 5 आरोपी गिरफ्तार, फिल्मी अंदाज में बड़ी सफलता

जंगल में जुए के अड्डे पर पुलिस का ताबड़तोड़ छापा, 5 आरोपी गिरफ्तार, फिल्मी अंदाज में बड़ी सफलता मो. कासिम जिला प्रतिनिधि एमसीबी मनेन्द्रगढ़  जिले में अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसते हुए मनेन्द्रगढ़ पुलिस ने फिल्मी अंदाज में एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जानकारी के अनुसार गुटरा के जंगल में लंबे समय से 52 पत्तों का जुआ संचालित हो रहा था, जिसकी सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और रणनीतिक घेराबंदी कर दबिश दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से जुआरियों में अफरा-तफरी मच गई और कई भागने की कोशिश में जुट गए। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके से 5 जुआरियों को गिरफ्तार किया। साथ ही जुआ खेलने में इस्तेमाल सामग्री और नगदी भी जब्त की गई है। सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्ती के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अचल संपत्ति रजिस्ट्री में कमी, 0.60% उपकर खत्म – आम जनता को मिली राहत

अचल संपत्ति की रजिस्ट्री हुई सस्ती, 0.60% उपकर समाप्त – आम जनता को बड़ी राहत रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाला 0.60 प्रतिशत उपकर समाप्त कर दिया है। छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) अधिनियम, 2026 की अधिसूचना जारी होने के साथ ही यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में लिया गया यह निर्णय प्रदेश में सुशासन और जनहितकारी नीतियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस पहल के तहत अब अचल संपत्ति के अंतरण विलेखों के पंजीयन पर बाजार मूल्य के आधार पर लगाया जाने वाला 0.60 प्रतिशत उपकर पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि आम जनता के जीवन को सरल और किफायती बनाना है। ऐसे में यह निर्णय पूरी तरह जनहित में लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के आम नागरिकों, किसानों, मध्यमवर्गीय परिवारों तथा संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अब संपत्ति पंजीयन की लागत कम होगी और रजिस्ट्री की प्रक्रिया अधिक सुलभ, सरल और किफायती बनेगी। पंजीयन मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से उपकर समाप्त करने की पहल की गई थी, जिसके अनुसरण में छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया गया।उन्होंने कहा कि अधिसूचना जारी होने के साथ ही यह प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, जिससे अब अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर 0.60 प्रतिशत अतिरिक्त उपकर पूरी तरह समाप्त हो गया है। चौधरी ने कहा कि यह निर्णय मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए विशेष रूप से राहतकारी है। इससे न केवल रजिस्ट्री सस्ती होगी, बल्कि संपत्ति बाजार में पारदर्शिता और गति भी आएगी। उदाहरण के तौर पर 1 करोड़ रुपये के बाजार मूल्य की संपत्ति पर नागरिकों को लगभग 60 हजार रुपये की सीधी बचत होगी, जो आम परिवारों के लिए बड़ी राहत है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम, 1982 के अंतर्गत स्थावर संपत्ति के अंतरण पर उपकर का प्रावधान किया गया था। वर्ष 2023 में तत्कालीन सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन एवं राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्तपोषण हेतु स्टांप शुल्क के अतिरिक्त 12 प्रतिशत की दर से उपकर अधिरोपित किया गया था, जिससे नागरिकों को बाजार मूल्य का लगभग 0.60 प्रतिशत अतिरिक्त भार वहन करना पड़ रहा था। वर्तमान में राजीव गांधी मितान क्लब योजना संचालित नहीं है तथा रोजगार संबंधी योजनाओं का वित्तपोषण अब राज्य के सामान्य बजट से किया जा रहा है। ऐसे में इस उपकर की प्रासंगिकता समाप्त हो चुकी थी, जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसे समाप्त करने का निर्णय लिया। वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार को इस उपकर से लगभग 148 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, जबकि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक लगभग 150 करोड़ रुपये का उपकर प्राप्त हो चुका है। इसके बावजूद सरकार ने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस राजस्व का त्याग किया है। इस संशोधन अधिनियम के माध्यम से छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम, 1982 की धारा 8, धारा 9 तथा अनुसूची में वर्णित लिखतों पर उपकर संबंधी प्रावधानों को समाप्त कर दिया गया है। इस निर्णय और पंजीयन विभाग में किए गए सुधारों से प्रदेश में संपत्ति पंजीयन को बढ़ावा मिलेगा, आम नागरिकों को आर्थिक राहत मिलेगी, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों को सीधा लाभ पहुंचेगा तथा राज्य में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

रायगढ़ में रीता यादव ने युवा उद्यमियों की इकाइयों का निरीक्षण किया, PMEGP और CMEGP योजनाओं की प्रगति पर नज़र

रायगढ़ छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की प्रबंध संचालक (MD) श्रीमती रीता यादव ने आज रायगढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर PMEGP एवं CMEGP योजनाओं के अंतर्गत स्थापित युवा उद्यमियों की इकाइयों का निरीक्षण किया। ​निरीक्षण के दौरान उन्होंने युवाओं के उत्साह और उनके द्वारा संचालित सफल व्यवसायों की सराहना की: * ​निखिल साहू (पुसौर): आधुनिक रेस्टोरेंट का सफल संचालन। * ​अभिषेक केरकेट्टा (रायगढ़): होटल एवं रेस्टोरेंट के माध्यम से स्वरोजगार। * ​श्रेयांश साहू: मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (CMEGP) के तहत कूलर निर्माण यूनिट। * ​नेहरूलाल पटेल (ग्राम कोसमंदा): दोना-पत्तल निर्माण इकाई के जरिए ग्रामीण उद्यमिता। ​बोर्ड की इन योजनाओं के माध्यम से आज रायगढ़ के युवा न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहे हैं।  

​आत्मविश्वास से बदल रही जिंदगी: पुनर्वास केंद्र में हुनर सीख रहे मुख्यधारा में लौटे 40 पूर्व नक्सली

​रायपुर नारायणपुर में आत्मसमर्पित नक्सलियों की नई पारी छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में हिंसा और आतंक का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौटे पूर्व नक्सली अब 'नवनिर्माण' की राह पर निकल पड़े हैं। जिले के लाइवलीहुड कॉलेज स्थित पुनर्वास केंद्र में इन लोगों को केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन जीने का आधार भी मिल रहा है। कभी बंदूक थामने वाले इन हाथों ने अब खेतों की खुशहाली के लिए ट्रैक्टर का स्टीयरिंग थामना शुरू कर दिया है। ​लोकतंत्र की मुख्यधारा से जुड़ाव प्रशासनिक पहल के तहत पुनर्वासितों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। इसी कड़ी में हाल ही में 8 पुनर्वासितों को वोटर आईडी कार्ड वितरित किए गए, जिससे वे अब लोकतंत्र का हिस्सा बन गए हैं। इसके अतिरिक्त, 40 लोगों के फॉर्म-6 भरवाकर उन्हें मतदाता सूची से जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। यह कदम उन्हें केवल पहचान ही नहीं, बल्कि समाज में बराबरी का हक भी दिला रहा है। ​कलेक्टर की पहल पर शुरू हुआ प्रशिक्षण पुनर्वास केंद्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के समक्ष 40 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने ट्रैक्टर चलाने और उसकी मरम्मत सीखने की इच्छा जताई। कलेक्टर ने इस सकारात्मक पहल को तुरंत मंजूरी दी और सोमवार से ही प्रशिक्षण कार्यक्रम का गणेश कर दिया।​विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की देखरेख में ये सभी लोग अब ट्रैक्टर की तकनीकी बारीकियों और रख-रखाव का प्रशिक्षण ले रहे हैं। गौरतलब है कि इनमें से कई ऐसे हैं जिन्होंने पूर्व में साइकिल तक नहीं चलाई थी, लेकिन आज वे पूरी गंभीरता के साथ आधुनिक कृषि यंत्रों का कौशल सीख रहे हैं। ​आत्मनिर्भरता से उज्ज्वल भविष्य की ओर यह प्रशिक्षण केवल कौशल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके जीवन को नई दिशा देने वाला माध्यम है। खेती-किसानी और परिवहन के क्षेत्र में इस कौशल से उन्हें न केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी हो सकेंगे। ​अतीत की अस्थिरता और डर के साये से निकलकर अब इन लोगों के चेहरों पर आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति स्पष्ट उम्मीदें देखी जा सकती हैं। नारायणपुर का यह केंद्र आज केवल एक पुनर्वास स्थल नहीं, बल्कि विश्वास और बदलाव का एक आदर्श उदाहरण बनकर उभरा है। यह साबित करता है कि सही अवसर और सहयोग मिले, तो भटका हुआ हर व्यक्ति समाज की प्रगति में अपना बहुमूल्य योगदान दे सकता है।

कुंआकोंडा के दुर्गम अंचल में पहली बार समग्र जांच का अनुभव, 62 ग्रामीणों की स्क्रीनिंग; गर्भवती सहित 4 मरीज तत्काल रेफर

रायपुर 11 किमी की दूरी नहीं बनी बाधा, स्वास्थ्य टीम पहुंची लोहागांव के हर दरवाजे तक घने जंगल, ऊंचे पहाड़ और कठिन रास्तों के बीच बसे लोहागांव में सोमवार को स्वास्थ्य सेवाएं सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि भरोसे की दस्तक बनकर पहुंचीं। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बैलाडीला की पहाड़ियों से घिरे विकासखंड कुआकोंडा के इस सुदूर गांव तक पहुंचने के लिए करीब 11 किलोमीटर का पैदल सफर तय किया। ऐसा सफर, जो सामान्य दिनों में भी आसान नहीं माना जाता। 11 किमी की दूरी नहीं बनी बाधा, स्वास्थ्य टीम पहुंची लोहागांव के हर दरवाजे तक गांव पहुंचने के बाद टीम ने 62 ग्रामीणों की विस्तृत स्वास्थ्य जांच की। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल रहे, जिनमें कई ऐसे लोग भी थे, जिन्होंने पहली बार इस तरह की समग्र जांच कराई। मलेरिया और सिकल सेल (हीमोग्लोबिन) की जांच के साथ-साथ मोतियाबिंद और कुष्ठ रोग के संभावित मरीजों की पहचान की गई। गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच की गई, वहीं बच्चों का टीकाकरण भी सुनिश्चित किया गया। जांच के दौरान 4 मरीजों की स्थिति गंभीर पाई गई, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया। इनमें एक गर्भवती महिला, एक मोतियाबिंद मरीज और दो मलेरिया पॉजिटिव मरीज शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, समय रहते इन मरीजों की पहचान होना आगे चलकर गंभीर जटिलताओं को रोकने में मददगार साबित होगा। दरअसल, 13 अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान के तहत पूरे जिले में 76 स्वास्थ्य स्थलों के माध्यम से टीमें गांव-गांव पहुंच रही हैं। इसका उद्देश्य केवल उपचार देना नहीं, बल्कि दूरस्थ अंचलों में छिपी बीमारियों की समय रहते पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ना है। लोहागांव जैसे दुर्गम क्षेत्रों में टीम की यह पहुंच इस बात का संकेत है कि अब स्वास्थ्य सेवाएं “इंतजार” नहीं, बल्कि “पहलकदमी” के रूप में सामने आ रही हैं। जहां पहले दूरी और संसाधनों की कमी बड़ी बाधा थी, वहीं अब यही अभियान उन बाधाओं को पार करने की कोशिश करता दिख रहा है।