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पंजाब में बड़ा विभागीय फेरबदल: चीमा को ट्रांसपोर्ट, भुल्लर से जेल विभाग लेकर डॉ. रवजोत को दिया

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने कैबिनेट मंत्रियों के पोर्टफोलियो में फेरबदल किया है। पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर के इस्तीफे और गिरफ्तारी के बाद उनके दोनों विभाग दूसरे मंत्रियों को दिए गए हैं। पंजाब वेयरहाउस के जिला मैनेजर रहे गगनदीप सिंह रंधावा के खुदकुशी मामले में गिरफ्तार पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर के विभागों का बंटवारा किया गया है। पंजाब सरकार ने कैबिनेट मंत्रियों के पोर्टफोलियो में फेरबदल किया है। पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर के इस्तीफे और गिरफ्तारी के बाद उनके दोनों विभाग दूसरे मंत्रियों को दिए गए हैं। वित्त मंत्री हरपाल चीमा को ट्रांसपोर्ट विभाग दिया गया है। वहीं जेल विभाग की जिम्मेदारी डॉ. रवजोत को दी गई है। उक्त दोनों विभाग पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर के पास थे।   कोर्ट में भुल्लर की पेशी आज इस मामले में पूर्व मंत्री लाल सिंह भुल्लर को पुलिस ने सोमवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया है। भुल्लर को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। आज उनके शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। भुल्लर की पोस्ट पर क्या बोली रंधावा की बेटी वहीं भुल्लर की खुद को निर्दोष बताने वाली सोशल मीडिया पोस्ट पर रंधावा की बेटी ने मीडिया के सामने बयान दिया है। रंधावा की बेटी ने कहा कि भुल्लर की ओर से खुद को निर्दोष बताए जाने के दावे बेबुनियाद हैं। उनके मुताबिक, उनके पिता को लगातार फोन कॉल के जरिए दबाव डाला जाता था। उन्होंने कहा कि इन कॉल्स की संख्या काफी है और इसकी जांच साइबर सेल से कराई जानी चाहिए, जिससे वास्तविक स्थिति सामने आ सके। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित सरकारी कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि वीडियो में उनके पिता यह कहते दिखाई देते हैं कि उन पर दबाव बनाया जा रहा था। परिवार की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की जांच से स्थिति स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल, इस मामले में पुलिस और अन्य एजेंसियों की कार्रवाई की ओर से बनती कार्रवाई की जा रहीं है। यह है मामला गगनदीप सिंह रंधावा ने शुक्रवार रात को जहरीला पदार्थ निगल लिया था। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। उन्होंने मरने से पहले बनाए वीडियो में पंजाब के मंत्री लालजीत भुल्लर का नाम लिया था। वीडियो सामने आने के बाद सीएम ने तुरंत मंत्री का इस्तीफा ले लिया था। इसके बाद विभिन्न राजनीतिक पार्टियों और परिवार का दबाव बढ़ा तो भुल्लर, उसके पिता और उसके पीए के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

भुल्लर अरेस्ट के बाद हिला पंजाब मंत्रिमंडल, कैबिनेट में किया गया अहम बदलाव

पंजाब पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के इस्तीफे और गिरफ्तारी के बाद अब कैबिनेट में फेरबदल किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार लालजीत सिंह भुल्लर के पास जो ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट और जेल डिपार्टमेंट थे, उनकी जिम्मेदारी मौजूदा मंत्रियों को सौंप दी गई है। अब ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट फाइनेंस मिनिस्टर हरपाल सिंह चीमा और जेल डिपार्टमेंट डॉ. रवजोत को सौंप दिया गया है। यहां आपको यह भी बता दें कि पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन, अमृतसर के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने सुसाइड कर लिया था और सुसाइड से पहले वीडियो बनाकर AAP सरकार के मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को इसका जिम्मेदार ठहराया गया था। इस मामले में पीड़ित परिवार और विपक्षी पार्टियों के संघर्ष के बाद पहले लालजीत सिंह भुल्लर ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया और हाल ही में उन्हें गिरफ्तार किया गया।

जाब में मिसाल: सबसे कम उम्र की लाभार्थी बनी 1 वर्षीय बच्ची, मिला मुफ्त इलाज

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को गंभीर परिस्थितियों में बिना किसी देरी के चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो। मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत बढ़ती संख्या में बच्चों को समय पर इलाज मिलना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। श्री मुक्तसर साहिब में 1 वर्षीय बच्ची ख्वाहिश को निमोनिया के कारण तत्काल चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता थी। पहले ऐसे मामलों में परिवारों को इलाज शुरू होने से पहले धन की व्यवस्था करनी पड़ती थी, दस्तावेज़ी प्रक्रिया पूरी करनी होती थी या मंज़ूरी का इंतजार करना पड़ता था। लेकिन मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत यह बाधाएं पूरी तरह समाप्त कर दी गई हैं। सेहत कार्ड पहले से उपलब्ध होने के कारण, डॉ. मोनिका गर्ग की देखरेख में दीप अस्पताल में बिना किसी अग्रिम भुगतान के तुरंत इलाज शुरू कर दिया गया। परिवार को न तो धन की व्यवस्था करनी पड़ी और न ही किसी प्रकार की सत्यापन प्रक्रिया से गुज़रना पड़ा, जिससे चिकित्सकों को गंभीर स्थिति में बिना देरी इलाज शुरू करने में सुविधा मिली। छोटे बच्चों के मामलों में थोड़ी सी भी देरी मुश्किलों को जन्म दे सकती है, लेकिन समय पर इलाज मिलने से बच्ची सुरक्षित रूप से स्वस्थ हो सकी। ऐसे ही उदाहरण संगरूर और मानसा जैसे जिलों से भी सामने आ रहे हैं, जहां कम वज़न के साथ जन्मे और अन्य गंभीर स्थितियों में विशेष उपचार की आवश्यकता वाले बच्चों को बिना किसी आर्थिक बाधा के योजना के तहत इलाज मिल रहा है। इस प्रकार के मामलों में वृद्धि यह दर्शाती है कि पंजाब भर में परिवारों के लिए उपचार तक पहुंच अब अधिक तेज़ और सुगम हो रही है। योजना के प्रभाव को रेखांकित करते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सेहत योजना यह सुनिश्चित कर रही है कि इलाज में न तो आर्थिक और न ही प्रशासनिक बाधाएं आएं। इस तरह के मामलों में, जहां एक छोटे बच्चे को तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है, थोड़ी सी भी देरी गंभीर परिणाम ला सकती है। यह योजना उस जोखिम को पूरी तरह समाप्त करती है।” मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष ₹10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाता है, जिससे लाभार्थी सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार प्राप्त कर सकते हैं। अब तक 26 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं और मरीज़ 900 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में 2,300 से अधिक चिकित्सा पैकेजों के तहत इलाज प्राप्त कर रहे हैं। योजना के अंतर्गत नवजात शिशुओं और बच्चों के बढ़ते उपचार यह संकेत देते हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता अब अधिक तेज़, सुलभ और प्रभावी हो रही है, जहां इलाज आर्थिक चिंताओं के कारण टलता नहीं है। पंजाब सरकार नागरिकों को निर्धारित केंद्रों पर सेहत कार्ड बनवाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है, ताकि वे मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस इलाज का लाभ उठा सकें।

अप्रैल से चंडीगढ़ में बढ़ेगी पानी की कीमत, गारबेज कलेक्शन चार्ज और कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग भी महंगी होगी

चंडीगढ़  चंडीगढ़ के लोगों की जेब पर एक अप्रैल से अधिक बोझ पड़ने वाला है। पानी से लेकर डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन के चार्ज बढ़ने वाले हैं। वाटर टैरिफ में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी हो रही है। इसके अलावा सीवरेज सेस भी बढ़ेगा। साथ ही डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन चार्ज में होगी बढ़ोतरी। अभी 0-15 किलोलीटर (एक किलोलीटर में एक हजार लीटर) पानी पर प्रति केएल 3.47 रुपये खर्च आता है जो बढ़कर 3.64 रुपये प्रति किलोलीटर हो जाएगा। 60 केएल से अधिक पर 24.31 रुपये प्रति केएल खर्च बिल में जुड़कर आने लगेगा। हालांकि पांच प्रतिशत की वृद्धि बहुत बड़ी नहीं है। कम पानी खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को मामूली अतिरिक्त खर्च वहन करना होगा। जैसे पहली 0-15 किलोलीटर की स्लैब में 15 पैसे की बढ़ोतरी से तीन से पांच रुपये ही अधिक चुकाने होंगे। घरों की एरिया के अनुसार चार्ज वार्षिक बढ़ोतरी नियम के कारण पहली अप्रैल से गारबेज कलेक्शन चार्ज भी सभी केटेगरी में पांच प्रतिशत तक बढ़ गया है। दो मरला तक के घरों का गारबेज कलेक्शन चार्ज 57.88 रुपये से बढ़कर 60.77 रुपये हो जाएगा। दो मरला से 10 मरला तक के घरों का चार्ज 115.76 रुपये से बढ़कर 121.55 रुपये होना है। 10 मरला से एक कनाल तक के घरों को पहली अप्रैल से 231.53 रुपये की जगह 243.11 रुपये अदा करने होंगे। इसी तरह एक कनाल से दो कनाल तक के घरों का शुल्क 289.38 रुपये से बढ़कर 303.85 रुपये हो जाएगा। वहीं दो कनाल से अधिक एरिया के घरों के लिए गारबेज कलेक्शन चार्ज 405.09 रुपये से बढ़कर 425.34 रुपये होना है। कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग महंगी होगी पहली अप्रैल से कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग भी महंगी होगी। इसमें कैटेगरी के हिसाब से कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग रेट बढ़ने हैं। पांच से दस प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि बुकिंग में हो जाएगी। शराब होगी महंगी, ठेके बदलेंगे पहली अप्रैल से नई आबकारी नीति भी लागू हो जाएगी। इसके बाद शराब के रेट भी नई आबकारी नीति के हिसाब से ही लागू होने हैं। हालांकि शराब के रेट में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। केवल दो प्रतिशत रेट ही बढ़ाने प्रस्तावित किए गए हैं। शराब के नए ठेकों का आवंटन होने के बाद पहली अप्रैल से यह शुरू हो जाएंगे। पहली अप्रैल से बूथ, शाप और नगर निगम की दूसरी संपत्ति के किराये में भी पांच से दस प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी।  

चंडीगढ़ में टीबी के मामलों में इजाफा, रोज़ 18 नए मामले, 6000 लोग प्रभावित

चंडीगढ़  टीबी मुक्त भारत बनाने के लिए भले ही केंद्र सरकार व स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार अभियान चलाए जा रहे हो। इसके बावजूद भी चंडीगढ़ में टीबी घातक रूप धारण करती जा रही है। शहर में बीते चार वर्ष से लगातार 6 हजार से अधिक लोगों को टीबी अपनी चपेट में ले रहा है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से लोकसभा में पेश एक रिपोर्ट के अनुसार, चंडीगढ़ में हर दिन टीबी के 18 नए मामले दर्ज किए जा रहे है। चंडीगढ़ में वर्ष 2025 में टीबी के 6534 मामले सामने आए थे। इसके साथ वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 6960 था। वर्ष 2023 में 6721 मामले सामने आएं थे। वहीं, वर्ष 2023 में टीबी से ग्रसित लोगों की संख्या 6066 दर्ज की गई थी। स्वास्थ्य मंत्रालय की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों में टीबी का खतरा सबसे अधिक है। वहीं, 46 से 60 आयु वर्ग में भी तेजी से यह खतरा बढ़ रहा है। इसके साथ शून्य में 14 वर्ष आयु के 3.2 प्रतिशत बच्चे टीबी से जूझ रहे है। डॉक्टरों के अनुसार, दो सप्ताह से अधिक समय तक अगर खांसी की दिक्कत बनी रहती है और कफ या खून आता है, सीने में दर्द, कमजोरी या थकान की समस्या रहती है तो ये टीबी का संकेत हो सकता है। इस तरह के संकेतों पर गंभीरता से ध्यान देना और उपचार प्राप्त करना बहुत जरूरी हो जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि टीबी से मौत होने का कारण लोगों में जानकारी का अभाव होना है। टीबी के लक्षणों की अनदेखी कर लोग जांच की जगह लोग सामान्य दवाई खाकर समय बिताते रहते है। अंत में अधिक तकलीफ होने पर जांच करवाते हैं, तब तक बीमारी लाइलाज हो चुकी है। प्रदूषित एरिया में लोगों को टीबी की चपेट में आने का अधिक खतरा रहता है। चंडीगढ़ में तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण के कारण भी टीबी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। टीबी से जूझ रहे मरीजों की स्थिति वर्ष     टीबी से ग्रसित मरीजों की संख्या 2021     4720 2022     6066 2023     6721 2024     6960 2025     6534 टीबी से बचाव के लिए अपने यह उपाय     बच्चों को जन्म के एक महीने के अंदर बीसीजी का टीका लगवाना चाहिए।     टीबी से पीड़ित व्यक्ति को दूसरे लोगों से दूर रहना चाहिए।     रोगी को हंसते-छींकते या खांसते समय मुंह पर रुमाल रखना चाहिए।     टीबी से पीड़ित व्यक्ति से मिलने पर सर्जिकल मास्क जरूर लगाना चाहिए।     टीबी से पीड़ित व्यक्ति को जगह-जगह नहीं थूकना चाहिए।     स्वस्थ आहार और नियमित योग से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।     हाथों को साफ रखना और समय-समय पर हाथ धोना चाहिए।     अगर आपको टीबी के संकेत दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।  

चंडीगढ़ हाईकोर्ट में बंदरों का बढ़ता खतरा, वकील ने पार्किंग से लेकर कोर्ट रूम तक सुरक्षा बढ़ाने की अपील की

चंडीगढ़  पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में बंदरों का आतंक बढ़ गया है। इसको लेकर एक एडवोकेट ने प्रशासन का ध्यान खींचा है। एडवोकेट नितिन सचदेवा ने हाई कोर्ट प्रशासन को ईमेल भेजकर सुरक्षा बढ़ाने और तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। एडवोकेट नितिन सचदेवा ने अपने पत्र में कहा कि हाल के दिनों में हाई कोर्ट परिसर में बंदरों का आतंक काफी बढ़ गया है, जिससे वकीलों, कोर्ट स्टाफ, वादियों और आम लोगों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। पार्किंग से लेकर कोर्ट रूम तक बढ़ा खतरा पत्र में बताया गया है कि बंदर खासतौर पर पार्किंग एरिया में खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और बैग व फाइल लेकर आने-जाने वाले लोगों पर हमला कर रहे हैं। वहीं कोर्ट रूम की ओर जाने वाले गलियारों में भी बंदरों की मौजूदगी के कारण फाइलों के आवागमन में बाधा और लोगों में दहशत का माहौल बन रहा है। हाईकोर्ट की कैंटीन और खुले स्थान भी अब असुरक्षित हो गए हैं, जहां बंदर लोगों के हाथों से खाने-पीने का सामान छीन रहे हैं और कई बार हमला भी कर रहे हैं। पत्र में ये सुझाव बताए गए एडवोकेट ने समस्या के समाधान के लिए कुछ आसान सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि बंदरों को पकड़कर दूसरी जगह छोड़ा जाए। साथ ही लंगूर की आवाज निकालने वाले या बंदरों को संभालने वाले लोगों को तैनात किया जाए। इसके अलावा पार्किंग, एंट्री-एग्जिट, कैंटीन और गलियारों में बंदरों को रोकने के लिए जरूरी इंतजाम करने की भी मांग की गई है। पत्र में यह भी कहा गया है कि हाई कोर्ट आने वाले लोगों को बंदरों को खाना न देने के लिए जागरूक किया जाए, ताकि इस समस्या को कम किया जा सके।  

पंजाब के कपल ने रची हनीट्रैप साजिश, ठेकेदार की न्यूड वीडियो बनाकर ₹50 लाख की फिरौती

चंडीगढ़  हरियाणा में हनीट्रैप में फंसाकर फिर हिडन कैमरे से अश्लील वीडियो शूट करने के मामले में बड़े खुलासे हुए हैं। इसकी मास्टरमाइंड 28 साल की एक ब्यूटिशियन है, जो पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में ब्यूटीपार्लर चलाती है। 6 माह पहले ही सरहिंद के एक सैलून संचालक से लव की थी।   पहला शिकार कैथल का 45 वर्षीय सड़क निर्माण का ठेका लेने वाला ठेकेदार बना, जिसे यह ब्यूटिशियन शादी से पहले ही जानती थी। युवती ने ठेकेदार को मोरनी हिल्स के एक होटल में रात बिताने के लिए बुलाया। इस बीच हैंडबैग में हिडन कैमरा फिट कर लिया। इसी कैमरे से बिस्तर में न्यूड वीडियो कैप्चर की। हालांकि ठेकेदार ने शक होने पर पर्स चेक किया और कैमरा तोड़ भी दिया, लेकिन तब तक घर में बैठा पति वीडियो रिकॉर्ड कर चुका था। ठेकेदार को ब्लैकमेल करके 50 लाख रुपए की डिमांड की। पंचकूला की चंडीमंदिर पुलिस ने पति-पत्नी और उनके एक दोस्त को गिरफ्तार कर लिया। ति-पत्नी और ब्लैकमेलिंग गेम की पूरी कहानी…     छह माह पहले हुई शादी: पंजाब के जीरकपुर की रहने वाली ब्यूटी पॉर्लर चलाने वाली मुस्लिम युवती सना ने करीब 6 माह पहले पंजाब के सरहिंद शहर निवासी सिख युवक दिलप्रीत सिंह से शादी की। युवक सरहिंद में ही सैलून चलाता है। दोनों की पहले दोस्ती हुई और फिर लव मैरिज।     युवक नशे का आदी, पैसे की जरूरत : युवक नशे का आदी है। शादी के 6 माह बाद खर्चे बढ़ने लगे तो टेंशन होने लगी। दोनों ऐशो-आराम की जिंदगी जीना चाहते थे, ऐसे में एक दिन युवती ने पति को बताया कि वह शादी से पहले एक-दो लोगों के सपंर्क में रही है। हनीट्रैप का शिकार बनाकर उन लोगों से मोटी रकम हासिल की जा सकती है।     ठेकेदार को घर बुलाया : ब्यूटी पॉर्लर संचालिका ने पति से हरी झंडी मिलते ही कैथल के ठेकेदार को फोन किया और उसे मिलने के लिए घर बुलाया। घर आने से ठेकेदार ने मना कर दिया। इसके बाद पंचकूला एरिया में कहीं मिलने की बात तय हुई। ठेकेदार के बुलाने पर युवती अपने एक परिचित के साथ पंचकूला पहुंच गई।     मोरनी हिल्स के होटल में कमरा बुक किया: ठेकेदार ने युवती के लिए पंचकूला के मोरनी स्थित होटल में कमरा बुक किया। रात के समय ये होटल में पहुंचे। युवती ने पहले से ही अपने हैंडबैग में हिडन कैमरा फिट करवा लिया था। इसे उसने बेड के सामने टेबल पर रख दिया।     बार-बार बैग के पास गई तो हुआ शक : न्यूड वीडियो शूट के लिए महिला बार-बार बैग की तरफ जा रही थी। इसकी वजह से ठेकेदार को शक हुआ। उसने बैग की तलाशी ली तो उसमें कैमरा इंस्टॉल मिला। ठेकेदार ने बैग छीनकर उसका कैमरा तोड़ दिया।     घर बैठा रिकॉर्ड कर रहा था पति : ठेकेदार ने कैमरा तोड़कर यह समझ लिया कि वे अब कुछ नहीं कर सकते। मगर, उसे नहीं पता था कि कैमरा वाई-फाई ऑपरेटिड है। युवती का पति घर बैठे देख रहा था और रिकॉर्ड कर रहा था। इसकी एक क्लिप तैयार हो चुकी थी।     क्लिप भेजकर मांगे पैसे : युवती के साथ होटल में ठेकेदार का झगड़ा भी हुआ, लेकिन दोनों ही बिना किसी शिकायत के घर चले गए। घर जाने के अगले दिन ठेकेदार के वॉट्सएप पर एक मैसेज और वीडियो आई। इसमें ठेकेदार युवती के साथ न्यूड था। क्लिप दिखाकर ठेकेदार से 50 लाख रुपए की डिमांड की गई।     ठेकेदार 25 लाख देने को तैयार हुआः लगातार डिमांड पूरी करने के लिए फोन कॉल्स और मैसेज आने लगे। इससे ठेकेदार परेशान हो गया। वह किसी तरह इससे पंगे से पीछा छुड़ाना चाहता था। मगर, कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था। लगातार मिलती धमकियों के चलते वह कपल को 25 लाख रुपए देने को तैयार हो गया।     कपल ने 35 लाख रुपए की डिमांड रखी : ठेकेदार के मुताबिक, जब उसने 25 लाख रुपए देने की बात तय कर ली, तो कपल ने उससे 35 लाख से एक रुपया कम पर नहीं मानने की धमकी दी। इस पर ठेकेदार उलझन में आ गया। सोचा कि यदि 35 लाख दे दूंगा तो भविष्य में फिर ब्लैकमेल किया जा सकता हूं। इस पर उसने पुलिस को शिकायत करने का मन बनाया।     ठेकेदार ने पुलिस को शिकायत देकर मामला बताया : इसके बाद ठेकेदार ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रैप बिछाया और ठेकेदार को उनसे मिलने के लिए कहा। इस पर ठेकेदार ने फिर कपल से बात की और किसी तरह 25 लाख पर मामला सेट कर मिलना तय किया।     पुलिस ने तीनों को अरेस्ट किया : इसके बाद जैसे ही आरोपी ठेकेदार से पैसे लेने के लिए आए, पुलिस ने उन्हें अरेस्ट कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया। उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया हिडन कैमरा, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और एक कार भी बरामद की गई है। पति-पत्नी कर रहे थे ब्लैकमेल : SHO पंचकूला के चंडीमंदिर थाना SHO रामपाल सिंह ने बताया कि ब्यूटीपार्लर संचालिका सना और उसका पति दिलप्रीत सिंह दोनों मिलकर एक ठेकेदार को ब्लैकमेल कर रहे थे। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन बरामद किया है, जिससे वीडियो क्लिप पीड़ित को भेजी गई थी। इनके एक साथी मनमोहन सिंह को भी अरेस्ट किया गया है। महिला व उसके पति को 2 दिन तक पुलिस रिमांड में भी रखा गया।

पंजाब में होगा एशियाई हॉकी चैंपियनशिप, सीएम भगवंत मान बोले – जालंधर और मोहाली में होंगे मुकाबले

जालंधर  पंजाब में पहली बार हॉकी के इंटरनेशनल मुकाबलों की मेजबानी करेगा। पुरुषों के एशियन चैंपियनशिप हॉकी टूर्नामेंट की पंजाब मेजबानी करेगा। यह दावा पंजाब के सीएम भगवंत मान ने चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस में किया। उन्होंने कहा कि इस मुकाबले में एशियन खेलों की टॉप छह टीमें इसमें खेलेंगी। पूरी उम्मीद है भारत इसमें रहेगा। 26-27 अक्टूबर को पहली बार मैच होगा। सारे मुकाबले मोहाली व जालंधर में होंगे। इससे पहले 1997 में पाकिस्तान के साथ जालंधर में टेस्ट मैच हुआ था। कल सारी चीजों को चेक टीम कर गई है। वहीं, हॉकी की टीम ने हमें ऑफर दिया है कि आप हर साल एक 4 नेशन टूर्नामेंट करवा सकते हैं। इसे वह अपने हॉकी टूर्नामेंट में रख लेंगे। बैडमिंटन अंडर 13 राष्ट्रीय मुकाबलों की मेजबानी पंजाब को 44 साल बाद मिली है। यह मुकाबले जालंधर में होगा। जालंधर व मोहाली में होंगे एशिया कप हॉक मैच खेलों के क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय बाद पंजाब को एशिया कप हॉकी प्रतियोगिता की मेजबानी मिलने जा रही है। यह मुकाबले जालंधर के बल्टन पार्क मैदान और मोहाली में आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब की खेल परंपरा को नई पहचान मिलेगी और युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का नया क्रिकेट मैदान बनाया जाएगा। उनका कहना था कि राज्य में खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार निवेश कर रही है और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार आने से पहले राज्य में नहरों के पानी का उपयोग लगभग 21 से 22 प्रतिशत तक ही सीमित था, जबकि अब यह बढ़कर 70 प्रतिशत से अधिक हो गया है। इसके लिए नहर प्रणाली को मजबूत बनाने पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि पिछले चार वर्षों में करीब 65 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। साथ ही उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए निवेश आकर्षित किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, चैंपियनशिप में भारत, पाकिस्तान, मलेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया और चीन की टीमों के साथ-साथ अन्य क्वालीफाइंग टीमें भी भाग लेंगी। आधे मैच जालंधर में खेले जाएंगे, जबकि शेष मैच मोहाली में होंगे। इस आयोजन से राज्य की खेल संस्कृति को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जालंधर, जो अपने समृद्ध खेल सामग्री उद्योग और हॉकी की विरासत के कारण एक खेल केंद्र के रूप में जाना जाता है, इस टूर्नामेंट की मेजबानी करके एक बार फिर सुर्खियों में आ जाएगा। इस बीच, बर्लटन पार्क में विकास कार्य 78 करोड़ रुपये की लागत वाली एक चल रही खेल केंद्र परियोजना का हिस्सा है। आगामी चैंपियनशिप से न केवल अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताओं के साथ पंजाब के जुड़ाव को पुनर्जीवित करने की उम्मीद है, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलने की संभावना है।  

केंद्र सरकार का तोहफा: अमृतसर से कटरा के बीच वंदे भारत ट्रेन नए मार्ग पर दौड़ेगी

गुरदासपुर भारत सरकार के रेल मंत्रालय की ओर से गुरदासपुर जिले के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अमृतसर-श्री माता वैष्णो देवी कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस को अब जालंधर की बजाय गुरदासपुर के रास्ते चलाने की मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले से जिले के यात्रियों को आधुनिक और तेज रेल सेवा की सीधी सुविधा मिलेगी तथा धार्मिक यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए सफर और भी सुगम हो जाएगा। भारतीय जनता पार्टी जिला गुरदासपुर के जिला प्रधान बघेल सिंह बहिया ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री Ravneet Singh Bittu का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लिया गया यह फैसला इलाके की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है और इससे गुरदासपुर जिले के लोगों को बड़ा लाभ होगा। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेशों के अनुसार ट्रेन नंबर 26405/26406 अमृतसर–श्री माता वैष्णो देवी कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस अब पठानकोट कैंट, पठानकोट, गुरदासपुर और बटाला होकर गुजरेगी तथा यह ट्रेन गुरदासपुर जिले के गुरदासपुर और बटाला दोनों रेलवे स्टेशनों पर नियमित रूप से रुकेगी। नए शेड्यूल के अनुसार कटरा से अमृतसर आने वाली ट्रेन सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर गुरदासपुर पहुंचेगी और 10 बजकर 17 मिनट पर रवाना होगी, जबकि 10 बजकर 54 मिनट पर बटाला पहुंचकर 10 बजकर 56 मिनट पर आगे के लिए चलेगी। इसी तरह अमृतसर से कटरा जाने वाली ट्रेन शाम 5 बजकर 18 मिनट के करीब बटाला पहुंचेगी और 5 बजकर 20 मिनट पर रवाना होगी, जबकि गुरदासपुर में यह ट्रेन शाम 5 बजकर 58 मिनट पर पहुंचेगी और 6 बजे आगे के लिए प्रस्थान करेगी। बघेल सिंह बाहिया ने कहा कि वंदे भारत जैसी आधुनिक रेल सेवा के गुरदासपुर और बटाला में ठहराव से इलाके के व्यापार, पर्यटन और धार्मिक यात्रा को बड़ा बढ़ावा मिलेगा तथा लोगों को तेज, आरामदायक और सुविधाजनक सफर की सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा इलाके के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और आने वाले समय में भी लोगों को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।

लालजीत सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी, पंजाब के CM भगवंत मान के आदेश पर हुआ एक्शन

चंडीगढ़ पंजाब के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया. मुख्यमंत्री भगवंत मान के आदेश पर फतेहगढ़ पुलिस ने यह कार्रवाई की. भंडारण निगम के एक अधिकारी की कथित आत्महत्या के सिलसिले में पुलिस ने लालजीत सिंह भुल्लर के खिलाफ मामला दर्ज किया था।  अमृतसर में पंजाब राज्य भंडारण निगम के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा ने 21 मार्च को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. पुलिस ने भुल्लर के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके निजी सहायक दिलबाग सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।  इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351 (3) (आपराधिक धमकी) और 3 (5) (साझा इरादा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. यह मामला अमृतसर के रणजीत एवेन्यू पुलिस थाने में रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर की शिकायत पर शनिवार रात दर्ज किया गया।  लालजीत सिंह भुल्लर ने 21 मार्च को राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था. अधिकारी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों के बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भुल्लर से पद छोड़ने को कहा था. रंधावा को वीडियो में यह कहते सुना गया, ‘खा लयी सल्फास तुहाडे यार ने. मिनिस्टर लालजीत भुल्लर दे डर तों. हुण नहीं मैं बचना (तुम्हारे यार ने सल्फास खा लिया है, मंत्री लालजीत भुल्लर के डर से. अब मैं नहीं बचूंगा) . तरनतारन जिले के पट्टी से विधायक भुल्लर ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को निराधार बताया. इससे पहले मान ने कहा था कि उन्होंने मुख्य सचिव को इस मामले में जांच करने का निर्देश दिया है और भुल्लर से पद छोड़ने को कहा है ताकि निष्पक्ष तरीके से जांच की जा सके।  मान ने कहा था कि इस मामले में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भुल्लर के परिवहन एवं जेल विभाग किसी अन्य मंत्री को सौंपे जाएंगे. वीडियो के ऑनलाइन सामने आने के बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की आलोचना की और भुल्लर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि भुल्लर अपने पिता को एक गोदाम का ठेका आवंटित करने के लिए रंधावा पर दबाव डाल रहे थे।  भुल्लर पर रंधावा का एक वीडियो बनाने और उन्हें किसी दूसरे पक्ष से 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने की बात स्वीकार करने के लिए मजबूर करने का भी आरोप लगाया गया है. एक आरोप में कहा गया कि 13 मार्च को रंधावा को भुल्लर के स्थान पर बुलाया गया जहां उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें अपमानित किया गया।