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CBI ने कोर्ट में खोला राज, HPGCL अधिकारी को मौज-मस्ती करवाकर खेला गया करोड़ों का घोटाला

चंडीगढ़. हरियाणा पावर जेनरेशन कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के वित्त निदेशक अमित दीवान की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पंचकूला में हुए 590 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में पकड़े जाने के बाद दीवान का नाम चंडीगढ़ में 83 करोड़ के क्रेस्ट घोटाले में भी सामने आ गया है। चंडीगढ़ सीबीआई ने वीरवार को अंबाला जेल से प्रोडक्शन वारंट लेकर दीवान को गिरफ्तार किया और फिर उसे चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया। सीबीआई ने अदालत को बताया कि आरोपित अमित दीवान की आईडीएफसी बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि से सांठगांठ थीं। रिभव ही क्रेस्ट के फंड से दीवान की खूब मौज करवाता था। रिभव ने कई बार अमित दीवान को 25 से 50 लाख रुपये कैश दिए। इसी रकम से वह कई बार घूमने भी जाता था। सीबीआई अब दोनों के बैंक अकाउंट भी खंगाल रही है। सीबीआई पता लगा लगा रही है कि कितनी बार आरोपित ने क्रेस्ट के फंड से कैश निकाला था। सीबीआई उसके बैंक खातों में संदिग्ध ट्रांसजेक्शन की भी जांच कर रही है। सीबीआई ने आरोपित से पूछताछ के लिए कोर्ट से चार दिनों का रिमांड हासिल किया। आरोपित को अब 18 मई को कोर्ट में पेश किया जाएगा। स्मार्ट सिटी और क्रेस्ट दोनों घोटालों के मास्टरमाइंड कारोबारी विक्रम वधवा का भी सीबीआई ने दो दिनों का रिमांड लिया है। उसके खाते में भी क्रेस्ट के फंड से जुड़ी 75 लाख की ट्रांजक्शन मिली है, जिसकी सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। वधवा को 16 मई को सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा। दो महीने पहले चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलाजी प्रमोशन सोसायटी (क्रेस्ट) में 83 करोड़ का घोटाला पकड़ा गया था। आईपीएल टिकट से शुरू हुआ खेल एचपीजीसीएल में वित्त निदेशक रहते हुए अमित दीवान ने सरकारी फंड में खूब गड़बड़ी की। आरोपित ने आईडीएफसी के पूर्व बैंक मैनेजर रिभव ऋषि के साथ मिलकर फर्जी कंपनियां बनाई जिनमें 50 करोड़ रुपये से ज्यादा के फर्जी लेनदेन किए। इन दोनों की मुलाकात आईपीएल मैच से शुरू हुई थी। रिभव ऋषि ने अमित दीवान से नजदीकियां बढ़ाने के लिए उसे आईपीएल मैच की टिकटें दी। इसके बाद दोनों ने मिलकर सरकारी फंड का दुरुपयोग शुरू कर दिया। रिभव ने क्रेस्ट में भी करोड़ों का गबन किया और कई बार बड़ी रकम दिवान को पहुंचाई। रुपये के लेनदेन के लिए रखे थे डिलीवरी बाय सीबीआई जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने दो लड़कों को खास वजह से नौकरी पर रखा जिन्हें डिलीवरी का काम सौंपा गया था। उन्हीं के सरकारी फंड में रखी रकम को ईधर उधर पहुंचाया जाता था। सीबीआइ उन लड़कों का भी पता लगा रही है। चंडीगढ़ पुलिस से सीबीआई को ट्रांसफर हुआ केस दो महीने पहले चंडीगढ़ पुलिस ने स्मार्ट सिटी में 116.84 करोड़ और क्रेस्ट में करीब 83 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश किया था। स्मार्ट सिटी और क्रेस्ट की बड़ी रकम आईडीएफसी बैंक में एफडी के रूप में जमा था। आरोपितों ने मिलीभगत कर एफडी में जमा रकम को निकालकर शेल कंपनियों के जरिए रियल एस्टेट में निवेश किया गया। इसके बदले सरकारी अधिकारियों को मोटी रकम रिश्वत के रूप में दी गई। चंडीगढ़ प्रशासन ने इन दोनों मामलों की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए गृह मंत्रालय से सिफारिश की थी। गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद सीबीआई ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज की। दीवान पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का भी केस अमित दीवान को पंचकूला में हुए घोटाले में 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। हाल ही में दीवान को बर्खास्त भी कर दिया गया। इसके बाद उसका नाम लेकर एचपीजीसीएल के फाइनेंस ऑफिसर बलवंत सिंह ने हरियाणा सचिवालय की आठवीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी थी। बलवंत ने सुसाइड नोट में अमित दिवान पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए थे, जिसके बाद उस पर सेक्टर-3 पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया था।

मां-बेटे की सफलता की प्रेरणादायक कहानी, एक साथ 12वीं पास कर रचा इतिहास

शाहकोट  शाहकोट के गांधी चौक स्थित गो अहेड इंस्टीट्यूट ऑफ सक्सेस शाहकोट से एक बेहद प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में एक सकारात्मक संदेश दिया है कि यदि इरादे मजबूत हों तो कोई भी रुकावट आपको मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती। संदीप कौर और उनके बेटे जशनदीप सिंह ने एक साथ 12वीं कक्षा की परीक्षा पास करके एक अनोखी मिसाल कायम की है। जानकारी के अनुसार संदीप कौर अपने बेटे का दाखिला ट्यूशन के लिए करवाने हेतु संस्थान में आई थीं। यहां के शैक्षणिक माहौल और विद्यार्थियों की मेहनत देखकर वे स्वयं भी काफी प्रेरित हुईं। संस्थान की मुखिया बलजीत कौर और अध्यापिका प्रभजोत कौर की प्रेरणा और मार्गदर्शन में संदीप कौर ने ओपन स्कूल में दाखिला लिया और 24 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद अपनी पढ़ाई दोबारा शुरू की। कड़ी मेहनत और लगन के साथ मां और बेटे दोनों ने 12वीं की परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली। यह सफलता केवल एक परिणाम नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए एक संदेश है जो जिंदगी की परेशानियों के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ देते हैं। संस्थान प्रमुख बलजीत कौर ने बधाई देते हुए कहा कि गो अहेड इंस्टीट्यूट ऑफ सक्सेस शाहकोट पिछले कई वर्षों से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है और भविष्य में भी यह प्रयास जारी रहेंगे। इस मौके पर अध्यापक प्रभजोत कौर, दिवाशू चौधरी, रिधिया गुप्ता, अरशदीप कौर, मनप्रीत कौर, सोनिया आदि उपस्थित थे।

42 डिग्री के पार पहुंचा पारा, पंजाब के 5 जिलों में बारिश की संभावना; कल से चलेगी लू

अमृतसर  पंजाब के मौसम में आने वाले दिनों में लगातार बदलाव देखने को मिलने वाला है। एक तरफ मौसम विभाग के अनुसार 15 मई, आज राज्य के कई जिलों में गरज चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि इसके बाद 16 मई से दक्षिण पंजाब के कुछ हिस्सों में लू चलने का यलो अलर्ट जारी कर दिया गया है।  वीरवार शाम पंजाब के कुछ जिलों में हल्की बारिश देखने को मिली, जबकि पूरा दिन लोगों को गर्मी का अहसास हुआ। बीते दिनों एक्टिव हुए वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर आज खत्म होने लगेगा। जिसके बाद लू का असर देखने को मिलेगा। एक सप्ताह के अंदर राज्य के अधिकतर शहरों का तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंचने का अनुमान है। बठिंडा रहा सबसे गर्म वीरवार को पंजाब के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से आसपास दर्ज किया गया, लेकिन दक्षिणी जिलों में गर्मी का असर ज्यादा दिखाई दिया। सबसे अधिक अधिकतम तापमान बठिंडा में 42.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा फाजिल्का में 40.9, पटियाला में 40.4, फरीदकोट में 40 और अमृतसर तथा लुधियाना में 38.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 15 मई को अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का सहित कुछ सीमावर्ती जिलों में गरज चमक के साथ हल्की बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके चलते लोगों को दोपहर के समय खुले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जानें आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम 16 मई-  बठिंडा और मानसा जिलों में लू चलने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि इन इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ सकता है और गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर सकती हैं। 17 मई-  बठिंडा और मानसा में गर्मी का असर बरकरार रहने की संभावना है। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भी तेज धूप और गर्म हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को दोपहर के समय घरों में रहने की सलाह दी है। 18 मई- दक्षिण पंजाब के जिलों फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट, बठिंडा और मानसा में लू चलने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार इन इलाकों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ सकती है।  

ईंधन बचत के लिए चंडीगढ़ प्रशासन का बड़ा फैसला, अब ऑफिस की जगह घर से होगा काम

चंडीगढ़. राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करने के लिए लागू किए गए सख्त कदमों के बाद अब चंडीगढ़ प्रशासन भी इसी तरह के उपायों पर विचार कर रहा है। इस संबंध में शुक्रवार को अहम निर्णय लिया जा सकता है। यूटी के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लेंगे। सूत्रों के अनुसार चंडीगढ़ प्रशासन सरकारी कार्यालयों में सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की व्यवस्था लागू करने, सरकारी वाहनों के ईंधन उपयोग में कटौती करने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे कदमों पर विचार कर रहा है। निजी कंपनियों को भी सीमित कर्मचारियों के साथ कार्यालय संचालन और घर से काम को प्रोत्साहित करने की सलाह दी जा सकती है। प्रशासन शहर में बढ़ते वाहनों के दबाव, ट्रैफिक जाम और प्रदूषण को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रहा है। जबकि लोक भवन कार्यालय मैं काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बुधवार को वाहन ना लेकर आने की हिदायत जारी कर दी गई है। इस दिन कर्मचारी साइकिल पर या अपने परिवार के अन्य सदस्य के साथ राजभवन में आएंगे। इस तरह का प्रयास प्रशासन के अन्य सरकारी कार्यालय में भी लागू किया जा सकता है। बुधवार का दिन नो व्हीकल डे के तौर पर रखा जाएगा। प्रशासन सार्वजनिक परिवहन दिवस” जैसी पहल पर भी विचार कर सकता है, जिसके तहत सरकारी कर्मचारियों को बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। एक अधिकारी के अनुसार शुक्रवार को होने वाली बैठक के बाद इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

जीरकपुर में दर्दनाक हादसा, मनाली-दिल्ली बस अनियंत्रित होकर पलटी; कई यात्री घायल

 जीरकपुर  जीरकपुर। जीरकपुर के छत लाइट चौक के पास वीरवार रेट देर रात 3:00 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। मनाली से दिल्ली जा रही सवारियों से भरी एक निजी बस ट्रक की टक्कर के बाद अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी फैल गई। इस दुर्घटना में करीब 20 से 22 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कई अन्य को भी चोटें आई हैं। ऐसा हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस जब छत लाइट चौक के पास पहुंची तो उसी दौरान जीरकपुर से पटियाला की ओर जा रहे एक ट्रक ने बस को टक्कर मार दी। अचानक हुए इस हादसे के बाद बस चालक संतुलन खो बैठा और बस सड़क पर पलट गई। हादसा इतना तेज था कि कई यात्री सीटों से उछलकर एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जबकि कुछ यात्री बस के अंदर ही फंस गए। दुर्घटना का सबसे दर्दनाक पहलू एक युवक के साथ सामने आया, जो बस पलटने के दौरान नीचे दब गया। बताया जा रहा है कि युवक की बाजू बस के नीचे आने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और गंभीर रूप से कट गई। युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोग भी मदद के लिए दौड़ पड़े। सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। सड़क सुरक्षा के छह कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना राहत कार्य शुरू किया और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए कड़ी मशक्कत की। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल एंबुलेंस और अन्य वाहनों के जरिए डेराबस्सी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल कई यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। हादसे के कारण सड़क पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। बस सड़क के बीचों-बीच पलटी होने के कारण करीब दो घंटे तक लंबा जाम लगा रहा। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। मौके पर पुलिस ने यातायात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। बाद में हाइड्रा मशीन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस को सीधा किया गया और सड़क किनारे हटाया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। हादसे में बस के अलावा दो ट्रकों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की गहन जांच की जा रही है और जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।  

वोटर लिस्ट जांच को लेकर बड़ा अभियान, पंजाब-चंडीगढ़ में BLO करेंगे डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन

चंडीगढ़  पंजाब और चंडीगढ़ में चुनाव आयोग ने 15 जून से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) शुरू करने का ऐलान किया है। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और राज्य में करीब 2.14 करोड़ मतदाता हैं। SIR के तीसरी चरण के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस दौरान नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे, जबकि गलत, फर्जी या दोहराए गए नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे। इस मुद्दे पर नेता विपक्ष और कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह ने कहा कि SIR के दौरान लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा- गांव उसी का बचता है, जिसका चौकीदार जागता है। ऐसा न हो कि बाद में पछताना पड़े। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आखिरी दम तक अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी रहेगी और SIR प्रक्रिया पर पूरी नजर रखेगी। पार्टी अपने वोटरों का ध्यान रखेगी और जिन लोगों की नई वोट बननी है, उनकी वोट भी बनवाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस हर बूथ पर अपने बीएलए तैनात कर रही है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे और किसी की वोट गलत तरीके से न काटी जा सके। SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य?     पेंशनर पहचान पत्र     किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र     जन्म प्रमाणपत्र     पासपोर्ट     10वीं की मार्कशीट     स्थायी निवास प्रमाणपत्र     वन अधिकार प्रमाणपत्र     जाति प्रमाणपत्र     राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम     परिवार रजिस्टर में नाम     जमीन या मकान आवंटन पत्र     आधार कार्ड 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने BJP को घेरा, अपराध के मुद्दे पर साधा निशाना

चंडीगढ़  पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने अपराध के मुद्दे पर भाजपा शासित राज्यों को घेरते हुए बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े बताते हैं कि जिन राज्यों में लंबे समय से भाजपा की सरकार है, वहां अपराध तेजी से बढ़े हैं। चीमा कहा कि पंजाब में सख्त कार्रवाई और विशेष बलों के गठन के कारण अपराध की स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में काफी नियंत्रित है। अपराध के आंकड़ों में दिल्ली सबसे ऊपर है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में अपराध दर 1602 अंक तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और चंडीगढ़ का भी उन्होंने जिक्र किया। चीमा ने कहा कि पंजाब में अपराध दर 227.1 अंक बताई गई है, जो अन्य कई राज्यों की तुलना में काफी कम है। वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए अलग-अलग विशेष बल तैयार किए हैं और अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पंजाब में लोगों को सुरक्षित माहौल देना है। चंडीगढ़ मेें बढ़ने लगा अपराध हरपाल चीमा ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि जहां भी भाजपा जाती है, वहां कानून व्यवस्था खराब होने लगती है। उन्होंने चंडीगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले लोग यहां केवल यातायात नियमों को लेकर सतर्क रहते थे, लेकिन अब यहां हत्या जैसी घटनाएं भी सामने आ रही हैं। उन्होंने गायक दिलजीत दोसांझ से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया। चीमा ने आरोप लगाया कि पहले भाजपा की ओर से उन्हें अपने साथ जोड़ने की कोशिश की गई और अब उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि दिलजीत दोसांझ के प्रबंधक के घर पर हमला कर डराने की कोशिश की गई। चीमा ने इसे पंजाब विरोधी सोच बताया। लॉरेंस के मुद्दे पर भाजपा को घेरा वित्त मंत्री ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि लॉरेंस गुजरात की जेल में बंद है, लेकिन अलग-अलग राज्यों को जांच के लिए उसकी जरूरत होने के बावजूद उसे सुरक्षित रखा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उसके नाम का इस्तेमाल कर विभिन्न राज्यों में लोगों को डराने का माहौल बनाया जा रहा है। ईवीएम के बजाय मतपत्र से चुनाव कराने की मांग पर पूछे गए सवाल के जवाब में हरपाल चीमा ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास उम्मीदवार नहीं हैं, इसलिए वे इस तरह के आरोप लगाकर माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। 

पंजाब में FCI कर्मचारी की चमकी किस्मत, ₹1 करोड़ जीतकर बोले- पहले उतारूंगा कर्ज

लुधियाना लुधियाना के रहने वाले रणधीर सिंह की जिंदगी उस वक्त पूरी तरह बदल गई, जब मात्र 7 रुपए की लॉटरी ने उन्हें करोड़पति बना दिया। जो शख्स कल तक दो वक्त की रोटी के लिए एफसीआई (FCI) में पसीना बहाता था और कर्ज के बोझ तले दबा था आज वह करोड़ों का मालिक बन चुका है।  लाखोवाल गांव के रणधीर सिंह (40) रोजाना की तरह काम पर थे। इसी दौरान उन्होंने कोहड़ा स्थित गुप्ता लॉटरी से सिक्किम स्टेट लॉटरी की 7-7 रुपए वाली 4 बंडल टिकटें खरीदीं। रणधीर बताते हैं कि उन्होंने बस यूं ही अपनी किस्मत आजमाने के लिए ये टिकटें ली थीं। जैसे ही शाम 6 बजे ड्रॉ का परिणाम आया रणधीर को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ। उन्होंने 1 करोड़ रुपए का पहला इनाम अपने नाम कर लिया था। 45 हजार से शुरू हुआ था सफर रणधीर के लिए लॉटरी का यह शौक नया नहीं था। उन्होंने बताया कि शुरुआत में जब उन्होंने पहली बार हाथ आजमाया था तब उनकी 45 हजार रुपए की लॉटरी निकली थी। उस छोटी सी जीत ने उन्हें उम्मीद दी थी कि शायद कभी बड़ा बदलाव आए। तब से वह कभी-कभार अपनी किस्मत आजमा लिया करते थे। इस बार तो कुदरत ने उनके घर की गरीबी को हमेशा के लिए मिटाने का फैसला कर लिया था। बीमारी और कर्ज से मिलेगी मुक्ति लॉटरी जीतने के बाद रणधीर की आंखों में खुशी के साथ-साथ पुराने संघर्षों के आंसू भी थे। उन्होंने बेहद भावुक होते हुए कहा कि मुझ पर काफी कर्ज है। अपनी और पत्नी की बीमारी के इलाज के लिए मैंने लोगों से पैसे उधार लिए थे, जिन्हें चुकाना मुश्किल हो रहा था। अब सबसे पहले मैं अपना सारा कर्ज उतारूंगा। रणधीर के परिवार में उनके बुजुर्ग माता-पिता भी हैं। अब तक वह संसाधनों की कमी के कारण उनकी वैसी सेवा नहीं कर पा रहे थे जैसी वह चाहते थे। हालांकि अब वह अपने माता-पिता को हर सुख-सुविधा देना चाहते हैं। बच्चों का भविष्य: मजदूर का बेटा मजदूर नहीं बनेगा रणधीर के दो बच्चे हैं एक बेटा और एक बेटी। उनका बेटा पढ़ाई में काफी होनहार है, जिसने कल ही में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) की 12वीं की परीक्षा में 84% अंक हासिल कर अपनी काबिलियत साबित की है। रणधीर का संकल्प है कि अब वह इन पैसों का सबसे बड़ा हिस्सा अपने बच्चों की उच्च शिक्षा पर खर्च करेंगे। वह नहीं चाहते कि जो जिल्लत और मजदूरी उन्होंने झेली है वह उनके बच्चों को देखनी पड़े। एजेंसी पर जश्न का माहौल कल (13 मई) जब विजेता रणधीर सिंह लुधियाना की पूजा लॉटरी एजेंसी पर पहुंचे तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। एजेंसी के मालिकों और स्थानीय लोगों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर बधाई दी। पूरे इलाके में इस बात की चर्चा है कि कैसे एक साधारण मजदूर अपनी मेहनत और ऊपर वाले के आशीर्वाद से करोड़पति बन गया।  

सोशल मीडिया पर अश्लीलता फैलाने वालों की खैर नहीं, पंजाब सरकार सख्त कार्रवाई के मूड में

 चंडीगढ़ पंजाब में अब सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट करने की आजादी कानून के दायरे में कसकर तौली जाएगी।  इंस्टाग्राम रील, फेसबुक पोस्ट, यूट्यूब वीडियो या अन्य प्लेटफॉर्म पर अश्लील, भड़काऊ और गैरकानूनी कंटेंट डाल वायरल होने की चाह अब जेल पहुंचा देगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ पंजाब पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। पंजाब के डीजीपी ने राज्यभर के सभी पुलिस कमिश्नरों और एसएसपी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट, शेयर या प्रसारित करने वालों पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। यह आदेश पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद जारी किया गया है। हाईकोर्ट ने निर्णय लेने को कहा था पीपुल वेलफेयर सोसायटी की ओर से एडवोकेट कुंवर पाहुल सिंह के माध्यम से दाखिल प्रतिनिधित्व में कहा गया था कि सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ रहा अश्लील और अवैध कंटेंट समाज, सार्वजनिक व्यवस्था और महिलाओं की गरिमा को प्रभावित कर रहा है। हाईकोर्ट ने 20 अप्रैल को राज्य सरकार और पुलिस को इस मुद्दे पर त्वरित निर्णय लेने को कहा था। डीजीपी कार्यालय ने कहा कि सोशल मीडिया की निगरानी होगी। जो भी अश्लील, अपमानजनक या कानून विरोधी सामग्री तैयार करेगा, अपलोड करेगा या वायरल करेगा, उसके खिलाफ तुरंत केस दर्ज किया जाएगा। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन अब सिर्फ शिकायत का इंतजार नहीं करेंगे, बल्कि खुद ऐसे कंटेंट की पहचान कर उसका डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित करेंगे। इसके बाद संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये कंटेंट हटाने या ब्लॉक कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पंजाब पुलिस ने विशेष रूप से उन पोस्ट और वीडियो पर नजर रखने को कहा है जो हिंसा भड़का सकते हैं, सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकते हैं या महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। इतना ही नहीं, संभावित उपद्रवियों के खिलाफ पहले से निवारक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने सभी जिलों को सोशल मीडिया के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए हैं।  

बीएसएफ मुख्यालय धमाके का आरोपी दबोचा गया, जांच में गैंगस्टर शहजाद भट्टी का नाम सामने आया

जालंधर  जालंधर स्थित बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर 5 मई की रात हुए आईईडी ब्लास्ट मामले में पुलिस और खुफिया एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। सूत्रों के अनुसार इस आतंकी साजिश के मुख्य संदिग्ध को दिल्ली से हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पंजाब पुलिस के इनपुट पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और केंद्रीय एजेंसियों के संयुक्त ऑपरेशन के तहत की गई।  सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को इस मामले के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और उसके खालिस्तानी नेटवर्क से जुड़े मिले हैं। ब्लास्ट करवाने का मास्टरमाइंड पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी को बताया जा रहा है, जिसने सोशल मीडिया के जरिए पंजाब के युवकों से संपर्क साध रखा था। बस स्टैंड से पीछा कर दिल्ली में पकड़ा गया जानकारी के अनुसार, संदिग्ध आरोपी का जालंधर बस स्टैंड से ट्रैक करते हुए दिल्ली तक पीछा किया गया और आखिरकार उसे दबोच लिया गया। सुरक्षा एजेंसियां उससे लगातार गहन पूछताछ कर रही हैं। 17 युवकों को हिरासत में लिया जा चुका है वहीं दूसरी ओर, पंजाब में इस मामले को लेकर बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया गया। देर रात तक पुलिस और खुफिया एजेंसियों की टीमें नकोदर, कपूरथला, नवांशहर, अमृतसर, तरनतारन और होशियारपुर में छापेमारी और जांच करती रहीं। अब तक कुल 17 युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ जा चुकी है। इनमें से अधिकतर युवक सोशल मीडिया के माध्यम से शहजाद भट्टी के संपर्क में बताए जा रहे हैं। जालंधर पुलिस ने तकनीकी इनपुट के आधार पर नवांशहर से भी 3 युवकों को हिरासत में लिया है, जिनके तार इस ब्लास्ट से जुड़े होने का शक जताया जा रहा है। पूरे मामले को लेकर पंजाब में हाई अलर्ट जारी है और कई जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पांच मई की शाम को हुआ था धमाका जालंधर में ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर पांच मई की शाम करीब 8:15 बजे बीएसएफ हेडक्वार्टर के पास जबरदस्त धमाका हुआ था। एक एक्टिवा स्कूटी विस्फोट से उड़ गई। धमाके की आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। विस्फोट इतना तेज था कि बीएसएफ हेडक्वार्टर की दीवारें तक हिल गईं।  इसके बाद जांच में खुलासा हुआ था कि सफेद टीशर्ट पहने आतंकी ने इस वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गया। विस्फोट स्थल से मात्र 10 कदम दूर पंजाब पुलिस का नाका लगा था, फिर भी हमलावर बड़े आराम से निकल गया। पुलिस को संदेह है कि इस वारदात को दो युवकों ने मिलकर अंजाम दिया है। डिलीवरी सिस्टम का किया गया था इस्तेमाल इस हमले की सबसे अहम कड़ी डिलीवरी सिस्टम का इस्तेमाल है। एक डिलीवरी एजेंट अपनी रोजमर्रा की ड्यूटी के तहत बीएसएफ मुख्यालय पार्सल देने पहुंचा था। सुरक्षा नियमों के चलते उसे स्कूटी बाहर खड़ी करनी पड़ी। यह डिलीवरी बॉय जांच में साफ निकला है। पुलिस ने जब आसपास के सीसीटीवी खंगाले तो सामने आया कि बीएसएफ के पास स्थित शराब के ठेके के करीब सफेद टीशर्ट पहने युवक गायब हो गया।  वह पहले हाथ में लिफाफा लेकर आता है और स्कूटी के पास रखकर तेजी से निकल जाता है। जांच में सामने आया है कि विस्फोट के लिए रिमोट का इस्तेमाल किया गया है। यह सटीक टाइमिंग बताती है कि हमलावर ने पहले से रेकी की थी।