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निकाय चुनाव में पंजाब में तेज वोटिंग, अब तक 45.60 फीसदी मतदान दर्ज

लुधियाना. पंजाब में 8 नगर निगमों, 76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों के चुनावों के लिए मतदान का काम सुबह 8 बजे से जारी है। दोपहर 2 बजे तक राज्य भर में 45.60 % वोटिंग हुई है। भीषण गर्मी के बीच मतदाता पोलिंग बूथ पर अपने वोट का इस्तेमाल करने के लिए पहुंच रहे हैं। इन चुनावों में राज्य की सभी राजनीतिक पार्टियों के साथ-साथ कुल 7,555 उम्मीदवार चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। रूपनगर में दोपहर 2 बजे तक 48.39% हुई वोटिंग श्री आनंदपुर साहिब: 59.52% मोरिंडा: 48.61% नंगल: 44.80% रूपनगर: 45.10% श्री चमकौर साहिब: 53.20% कीरतपुर साहिब: 69.36% जिला लुधियाना के रायकोट में कांग्रेस उम्मदीवर जगदेव सिंह जग्गा पर बूथ में जानलेवा हमला हो गया। हालत गंभीर होने के लचते PGI रेफर कर दिया गया है। जग्गा के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। बरनाला नगर निगम चुनावों के लिए आज 48 वार्डों में मतदान शुरू हो गया है। शहर के 50 वार्डों में से 48 वार्डों में वोटिंग हो रही है, जबकि 2 वार्डों में उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। इस बार चुनाव EVM की बजाय बैलेट पेपर के जरिए करवाए जा रहे हैं। 48 वार्डों में 95 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, जहां 84,858 मतदाता 177 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। समराला म्युनिसिपल काउंसिल चुनाव समराला में 15 में से 12 वार्ड के लिए वोटिंग जारी है। शहर के 3 वार्ड 1, 4 और 12 में सभी विरोधी उम्मीदवारों के नॉमिनेशन कैंसिल होने की वजह से AAP उम्मीदवार बिना चुनाव लड़े ही यहां से जीत चुके हैं। समराला में म्युनिसिपल काउंसिल चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने के लिए समराला के कुल 12 वार्ड में वोटिंग होगी, जहां 8,792 पुरुष वोटर, 8,372 महिला वोटर और तीन अन्य समेत कुल 17,167 वोटर चुनाव में हिस्सा लेंगे। नगर परिषद चुनाव के लिए शुरू हुई वोटिंग में आसानी से, शांति से और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने के लिए पूरे इंतज़ाम किए गए हैं। चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पोलिंग स्टेशनों और संवेदनशील जगहों पर काफ़ी सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं। किस पार्टी के कितने उम्मीदवार इन चुनावों में कुल 7,555 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें ‘आप’ के 1,802 उम्मीदवार, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1,550, शिरोमणि अकाली दल के 1,251, भाजपा के 1,316, बसपा के 96 और 1,528 निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं, जबकि 13 उम्मीदवार अन्य पार्टियों से संबंध रखते हैं। इस संबंध में पंजाब सरकार ने 26 मई को सभी सरकारी दफ्तरों, शैक्षणिक संस्थानों और अदालतों में छुट्टी घोषित की है। वहीं पंजीकृत दुकानों और व्यावसायिक संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए विशेष छूट दी गई है।

पंजाब चुनाव में विवाद! फरीदकोट में जवानों को रोकने के आरोप से गरमाई सियासत

फरीदकोट. फरीदकोट के वार्ड नंबर 17 में निकाय चुनाव के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब आर्मी कैंट के जवानों को वोट डालने से रोकने के आरोप लगे। घटना के बाद मतदान केंद्र के बाहर भारी हंगामा शुरू हो गया और विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा। जानकारी के अनुसार भाजपा प्रत्याशी विमल रांझा और भाजपा नेता संदीप सिंह सनी बराड़ ने आरोप लगाया कि वार्ड नंबर 17 में आर्मी कैंट के करीब एक हजार जवानों और उनके परिवारों की वोटें बनी हुई हैं। उनका कहना है कि ये लोग लंबे समय से फरीदकोट में रह रहे हैं और नियमित मतदाता हैं। भाजपा नेताओं के अनुसार जब आर्मी कैंट के जवान मतदान करने पहुंचे तो कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों तथा समर्थकों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। आरोप है कि जवानों को वोट डालने से मना किया गया, जिसके बाद माहौल अचानक गरमा गया। पुलिस ने किया बीच-बचाव घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। पुलिस अधीक्षक जोगेश्वर सिंह गोराया समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मतदान केंद्र के बाहर मौजूद सभी राजनीतिक दलों के समर्थकों को हटाकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मतदान प्रक्रिया दोबारा शुरू करवाई गई। हालांकि इस दौरान भाजपा समर्थकों और अन्य दलों के कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार कुछ समय के लिए मतदान केंद्र के बाहर अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया था। आरोप- जानबूझ कर किया जा रहा परेशान भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान जानबूझकर उनके समर्थकों और आर्मी कैंट के मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है। वहीं अन्य दलों की ओर से इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। प्रशासन ने मतदान केंद्र के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। निकाय चुनाव के दौरान हुई इस घटना ने इलाके की राजनीति को और गर्मा दिया है। चुनावी माहौल में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और सभी दल इस मामले को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।

भगवंत मान का बड़ा बयान, राघव चड्ढा और हरभजन सिंह को लेकर कही ये बात

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसदों पर पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि उथल पुथल चलती रहती है. आना जाना लगा रहता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति नहीं बल्कि संगठन बड़ा होता है. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव 2027 में हम अपने काम को लेकर जनता के बीच जाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिस दल ने बीजेपी के साथ हाथ मिलाया वो खत्म हो गई।  राघव चड्ढा को लेकर क्या बोले सीएम मान?  राघव चड्ढा से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, "पंजाब की जनता के साथ उनका कोई संबंध नहीं था. राज्यसभा में ऐसे भी आते हैं जो हार जाते हैं. अरुण जेटली अमृतसर से हारे, राज्यसभा आ गए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली कैबिनेट 70 फीसदी राज्यसभा से थी. लेकिन अगर आपको जनता से चुना तो ये बहुत बड़ी बात है. राजेंद्र नगर (दिल्ली विधानसभा की सीट) के लोगों ने राघव चड्ढा को चुन लिया था. लेकिन जब चुने हुए प्रतिनिधि इस्तीफा दे देते हैं तो पब्लिक दोबारा नहीं चुनती।  बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत सारे देश में ऐसे नेता हुए जो ये बात दिल में ही लेकर चले गए कि काश मुझे जनता चुन ले. सबसे बड़ा उदाहरण  मनमोहन सिंह हैं जो 10 सालों तक प्रधानमंत्री रहे लेकिन कभी जनता द्वारा नहीं चुने गए।  ‘पार्टी लाइन से अलग’ होने का आरोप जब राघव चड्ढा (Raghav Chadha Controversy) के संसद में सक्रिय रहने के दावे पर सवाल किया गया, तो मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अब उनके बयानों का ज्यादा महत्व नहीं रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने पार्टी लाइन का पालन नहीं किया, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। अमन अरोड़ा का सीधा हमला इस विवाद में पंजाब सरकार के मंत्री और पार्टी नेता अमन अरोड़ा भी खुलकर सामने आए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने ही राघव चड्ढा (Raghav Chadha Controversy) को राजनीति में ऊंचाई तक पहुंचाया, लेकिन उन्होंने सदन में पंजाब से जुड़े अहम मुद्दों को उठाने के बजाय अन्य विषयों पर ध्यान दिया। अरोड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि चड्ढा ने राज्य के हितों की अपेक्षित मजबूती से पैरवी नहीं की। ‘पंजाब के मुद्दे नहीं उठाए’ पार्टी नेताओं का कहना है कि राघव चड्ढा ने संसद में उन मुद्दों को प्राथमिकता नहीं दी, जो सीधे पंजाब से जुड़े थे। विशेष रूप से ग्रामीण विकास फंड और अन्य राज्य हितों के मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया गया है। नेताओं का मानना है कि ऐसे संवेदनशील विषयों पर चुप्पी पार्टी की रणनीति के विपरीत है। बीजेपी के डर का आरोप विवाद यहीं नहीं रुका। अमन अरोड़ा ने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने कुछ मुद्दों को इसलिए नहीं उठाया क्योंकि वे भारतीय जनता पार्टी से टकराव से बचना चाहते थे। हालांकि, इस आरोप पर राघव चड्ढा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।  AAP के भीतर बढ़ते मतभेद? यह पूरा घटनाक्रम आम आदमी पार्टी के भीतर संभावित मतभेदों की ओर इशारा करता है। जहां एक ओर पार्टी नेतृत्व अनुशासन और सामूहिक रणनीति पर जोर दे रहा है, वहीं दूसरी ओर व्यक्तिगत बयानों और सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं ने अंदरूनी असहमति को उजागर कर दिया है। राजनीतिक संदेश या आंतरिक संकेत? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की बयानबाज़ी (Raghav Chadha Controversy) केवल व्यक्तिगत मतभेद नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर भूमिका और प्राथमिकताओं को लेकर चल रही खींचतान का संकेत भी हो सकती है। यह विवाद आने वाले समय में पार्टी की रणनीति और नेतृत्व की दिशा को भी प्रभावित कर सकता है। पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेताओं के बीच यह बयानबाज़ी अब एक बड़े राजनीतिक मुद्दे का रूप लेती दिख रही है। राघव चड्ढा (Raghav Chadha Controversy) के बयान से शुरू हुआ यह विवाद अब पार्टी अनुशासन, राज्य हित और राजनीतिक रणनीति तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह सियासी तकरार किस दिशा में जाती है। हरभजन सिंह के आरोपों पर सीएम ने किया पलटवार सीएम भगवंत मान ने हरभजन सिंह के पैसे लेकर राज्यसभा टिकट देने के आरोपों पर भी जवाब दिया. उन्होंने कहा, "भज्जी से ही पूछ लो कि उनसे कितने पैसे लिए थे।  बता दें कि बीते महीने राघव चड्ढा, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल और संदीप पाठक सहित 7 आप के राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ दी थी और बीजेपी में शामिल हो गए। 

निकाय चुनाव में मोहाली का बढ़ा उत्साह, शुरुआती घंटों में 13.18 फीसदी वोटिंग

मोहाली. जिले में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए मतदान सुबह से शांतिपूर्ण माहौल में जारी है। सुबह 8 बजे मतदान शुरू होने के बाद पहले दो घंटों में मोहाली नगर निगम के वार्ड 1 से 25 तक 13.18 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। वहीं वार्ड नंबर 26 से 50 तक वोटिंग प्रतिशत 13.9 रहा। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की कतारें देखने को मिलीं और युवाओं के साथ साथ बुजुर्ग मतदाताओं ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। जिले के अलग अलग नगर परिषद और नगर निगम क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत में अंतर देखने को मिला। सुबह 10 बजे तक बनूड़ में सबसे ज्यादा 19.4 फीसदी मतदान दर्ज किया गया, जबकि जीरकपुर में सबसे कम 9 फीसदी वोटिंग हुई। कुराली में 16.30 फीसदी और डेराबस्सी में 13.9 फीसदी मतदान रिकार्ड किया गया। चुनाव अधिकारियों के अनुसार मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है और सभी बूथों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बता दें कि इस बार चुनाव बैलट पेपर के माध्यम से करवाए जा रहे हैं। मोहाली नगर निकाय चुनाव मतदान प्रतिशत (वार्ड अनुसार) नगर निकाय का नाम (वार्ड)     मतदान प्रतिशत (%) नगर निगम मोहाली (वार्ड 1-25)     13.18 % नगर निगम मोहाली (वार्ड 26-50)     13.9 % नगर परिषद कुराली     16.30 % नगर परिषद डेराबस्सी     13.9 % नगर परिषद जीरकपुर     9 % नगर परिषद बनूड़     19.4 % नगर परिषद नयागांव     16 %

वोटिंग के दौरान ED रेड से हड़कंप, रॉयल एस्टेट दफ्तर में दस्तावेज खंगाले जा रहे

चंडीगढ़. पंजाब नगर परिषद चुनाव के बीच जीरकपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। शहर स्थित रॉयल एस्टेट के दफ्तर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा छापेमारी किए जाने की सूचना है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और राजनीतिक व कारोबारी हलकों में हलचल मच गई है। मिली जानकारी के अनुसार ईडी की टीम सुबह करीब साढ़े सात बजे से रॉयल एस्टेट कार्यालय में मौजूद है और वहां रखे दस्तावेजों, रिकॉर्ड तथा अन्य जरूरी कागजातों की जांच-पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के अनुसार टीम द्वारा विभिन्न दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है और मामले से जुड़े पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। कांसल परिवार से जुड़ा मामला भरोसेमंद सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई रॉयल एस्टेट के मालिक प्रवीण रोकी कांसल और नीरज कांसल से जुड़े मामलों को लेकर बताई जा रही है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर अभी तक ईडी की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों का यह भी दावा है कि चंडीगढ़ के सेक्टर-20 स्थित प्रवीण कांसल के आवास पर भी ईडी की टीम द्वारा कार्रवाई की जा रही है। चुनावों के बीच कार्रवाई पर उठे सवाल इस रेड को लेकर ईडी की तरफ से आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। चुनाव के दौरान हुई इस कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में लोग इस घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। फिलहाल सभी की निगाहें ईडी की आधिकारिक जानकारी और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

पंजाब चुनाव को लेकर भगवंत मान की भविष्यवाणी, बोले- भाजपा सीमित रहेगी, अकाली दल रहेगा खाली हाथ

 पठानकोट  पंजाब में शहरी निकाय चुनावों के लिए मतदान जारी है। इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आगामी विधानसभा चुनाव नतीजों को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी कर प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री का दावा है कि विधानसभा चुनावों में विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ होने वाला है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश में निकाय चुनावों के लिए वोट डाले जा रहे हैं, जिन्हें मिनी चुनाव भी कहा जा रहा है। विपक्ष पर साधा निशाना एक निजी मीडिया हाउस के कार्यक्रम के दौरान सोमवार शाम मान ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी पठानकोट जिले में महज एक या दो सीटों तक सीमित रह जाएगी। वहीं, कांग्रेस अधिकतम नौ सीटें हासिल कर सकती है, जबकि शिरोमणि अकाली दल का खाता तक नहीं खुलेगा। मुख्यमंत्री ने बाकायदा एक हस्ताक्षर किए हुए नोट के जरिए यह दावा किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मान का यह बयान चुनावी आंकड़ों के विज्ञान पर आधारित होने के बजाय, मंगलवार को हो रहे शहरी निकाय चुनावों से ठीक पहले पार्टी कैडर का मनोबल बढ़ाने की एक मजबूत कोशिश है। शुक्रवार को आएंगे नतीजे कानून-व्यवस्था और शासन की चुनौतियों से जुड़ी चिंताओं के बीच इन निकाय चुनावों को जनता के मूड का बैरोमीटर माना जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में अक्सर सत्ता विरोधी लहर यानी एंटी इनकंबेंसी का प्रभाव ग्रामीण इलाकों से अधिक माना जाता है। कांग्रेस को अधिकतम नौ सीटें देने की बात कहकर मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे मुख्य मुकाबला कांग्रेस से ही मान रहे हैं। संगठन बनाने के लिए संघर्षरत है भाजपा पठानकोट में भाजपा को सीमित बताने वाला बयान इस बात का संकेत है कि दल-बदल और केंद्र सरकार की पहुंच के बावजूद, भाजपा अभी भी पंजाब में एक मजबूत जमीनी संगठन बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आम आदमी पार्टी के 1801 उम्मीदवारों के लिए सीधे तौर पर प्रचार नहीं किया है, हालांकि उनकी माता ने कुछ प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार जरूर किया था। इन निकाय चुनावों के नतीजे शुक्रवार को घोषित किए जाएंगे।

तेल कीमतों के विरोध में राजा वड़िंग का अलग अंदाज, बैलगाड़ी से पहुंचे मतदान केंद्र

श्री मुक्तसर साहिब. पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग मंगलवार को पत्नी अमृता वड़िंग के साथ बैलगाड़ी पर सवार होकर मुक्तसर के वार्ड नंबर पांच में वोट डालने पहुंचे। महंगाई के खिलाफ सांकेतिक विरोध जताते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम इस कदर बढ़ गए हैं कि आम आदमी के लिए गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया है। राजा वड़िंग ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से ऐसे हालात बन गए हैं कि लोगों को अपने वाहन घरों में खड़े करने पड़ रहे हैं। गरीब व्यक्ति कैसे चलेगा? जिसकी आमदनी कम है, वो घर चलाएगा या वाहन चलाएगा? उन्होंने बताया कि पंजाब में औसतन पेट्रोल 105.44 और डीजल 95.38 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। केंद्र सरकार पर साधा निशाना उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी को केवल चुनाव जीतने के लिए प्रधानमंत्री नहीं बनाया गया है। जनता को राहत देना भी सरकार की जिम्मेदारी है। बैलगाड़ी से वोट डालने का मकसद सरकार को संदेश देना था कि महंगाई ने हालात इतने खराब कर दिए हैं कि लोगों को फिर से बैलगाड़ियों का सहारा लेना पड़ेगा। राजा वड़िंग ने ऐलान किया कि कांग्रेस देशभर और पंजाब में पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि बीते 10 दिनों में चौथी बार दाम बढ़े हैं। लगातार बढ़ रहे दामों से ट्रांसपोर्ट महंगा हो रहा है और सब्जी, राशन समेत जरूरी सामान के दाम भी बढ़ने की आशंका है। राजा वड़िंग ने कहा कि महंगाई ने आम घर का बजट 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। किसानों पर भी बोझ बढ़ रहा है। कांग्रेस जनता की आवाज बनकर सड़क से संसद तक यह मुद्दा उठाएगी।

पंजाब में वोटिंग का माहौल गरम, 1896 वार्डों में मतदान; संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई

चंडीगढ़. पंजाब में मंगलवार सुबह 8 बजे से निकाय चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है। राज्य के आठ नगर निगम, 75 नगर कौंसिल और 20 नगर पंचायत सहित कुल 103 निकायों के 1896 वार्डों में मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। चुनाव को लेकर पूरे राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर पंजाब में चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम और नगर काउंसिल चुनावों के दौरान बड़ी संख्या में वोटरों को मतदान केंद्रों तक पहुंचने से रोका गया तथा विपक्षी उम्मीदवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। पंजाब निकाय चुनाव में मतदान जारी है। सुबह 10:30 बजे तक कुल 14.5 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। अमृतसर जिले में सुबह 10 बजे तक नगर काउंसिल रमदास में 29%, जंडियाला गुरु में 15% और मजीठा में 14.1% मतदान दर्ज किया गया। लुधियाना जिले में सुबह 10 बजे तक कुल 15.07 प्रतिशत मतदान हुआ। दोराहा में 16.21%, जगराओं में 11.09%, खन्ना में 14%, पायल में 19.15%, रायकोट में 17.42% और समराला में 16.40% मतदान दर्ज किया गया। पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पत्नी अमृता वड़िंग के साथ बैलगाड़ी पर सवार होकर मुक्तसर के वार्ड नंबर पांच में वोट डालने पहुंचे। महंगाई के खिलाफ सांकेतिक विरोध जताते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम इस कदर बढ़ गए हैं कि आम आदमी के लिए गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया है। भाजपा के जिला अध्यक्ष और पूर्व विधायक दीदार सिंह भट्टी ने पोलिंग स्टेशन पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।वोट डालने के बाद पोलिंग बूथ से बाहर आते ही उन्होंने मीडिया और समर्थकों के सामने अपनी उंगली पर लगी चुनावी स्याही का निशान दिखाया। अमृतसर में नगर कौंसिल मजीठा में मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर न होने की वजह से मतदान डालने के लिए दिव्यांग मतदाता परेशान होते। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, राज्य में चुनावी माहौल भी गार्माता जा रहा है। लुधियाना के अंतर्गत आते रायकोट में सुबह वार्ड नंबर 4 से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार जगदेव सिंह जग्गा पर कथित तौर पर किरपानों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। आरोप है कि उन पर ये हमला आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अमनदीप मान मांगट के समर्थकों ने किया। फिलहाल वह अस्पताल में उपचाराधीन हैं। वहीं, फरीदकोट के वार्ड नंबर 17 में आर्मी कैंट के जवानों को वोट डालने से रोकने के आरोप पर हंगामा हो गया। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस, अकाली दल और आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाए। भाजपा नेताओं का कहना है कि 1000 के करीब जवानों की वोट बनी है और सभी यहां लंबे समय से रह रहे हैं। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने सभी समर्थकों को बाहर भेजकर मतदान दोबारा शुरू करवाया। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई। राज्य के आठ नगर निगम, 75 नगर कौंसिल और 20 नगर पंचायत सहित कुल 103 निकायों के 1896 वार्डों में मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। चुनाव को लेकर पूरे राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। जबकि पंजाब में अन्य जगह अभी माहौल शांत है। अधिकतर सभी बूथों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। इस बार चुनाव आयोग ने महिलाओं व पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारें बनवाई हैं, वहीं सुरक्षा के मद्देनजर चुनावों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही है, जिसे एक साल के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। अभी तक राज्य में चुनाव शांतिपूर्वक चल रहा है। जबकि बीती शाम बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब व अबोहर में छुटपुट घटनाएं देखने को मिली। चुनाव आयोग ने इस बार पिछली बार के मुकाबले अधिक मतदान प्रतिशत का लक्ष्य रखा है। दिसंबर 2024 में हुए निकाय चुनाव में करीब 61 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। राज्य चुनाव आयोग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार निकाय चुनाव में कुल 7555 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें 1613 उम्मीदवार नगर निगम, 5142 नगर कौंसिल और 800 उम्मीदवार नगर पंचायत चुनाव लड़ रहे हैं। राजनीतिक दलों की बात करें तो सबसे अधिक 1801 उम्मीदवार आम आदमी पार्टी ने उतारे हैं। कांग्रेस के 1550, भारतीय जनता पार्टी के 1316 और शिरोमणि अकाली दल के 1251 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी के 96 उम्मीदवार और 1528 निर्दलीय प्रत्याशी भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा कड़ी चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है। पूरे पंजाब में 740 मतदान केंद्रों को संवेदनशील और 274 को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है। चुनाव ड्यूटी के लिए 35 हजार कर्मचारियों को लगाया गया है, जबकि सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए 32 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार इस बार मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है। चुनाव आयोग ने निर्देश दिए हैं कि रिकॉर्डिंग को एक वर्ष तक सुरक्षित रखा जाएगा। महिलाओं के लिए मतदान केंद्रों पर अलग लाइन की व्यवस्था भी की गई है। विश्वविद्यालयों ने परीक्षाएं की स्थगित भीषण गर्मी को देखते हुए चुनाव आयोग ने सभी बूथों पर पीने के पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं के इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। चुनाव आयुक्त के अनुसार शाम 5 बजे तक मतदान केंद्र पहुंचने वाले सभी मतदाताओं को वोट डालने का अवसर दिया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए 23 आईएएस और पीसीएस अधिकारियों को आब्जर्वर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा छह वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को विशेष ड्यूटी पर लगाया गया है। आईपीएस अधिकारी प्रवीण सिन्हा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। निकाय चुनाव के चलते राज्य की कई यूनिवर्सिटियों ने भी अपनी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ और अन्य संस्थानों ने 26 मई की प्रस्तावित परीक्षाएं आगे बढ़ा दी हैं। पूरे पंजाब में आज का दिन राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

रेलवे की हाईटेक पहल, AI कैमरों से ट्रेनों की होगी मॉनिटरिंग; हादसे रोकने में मिलेगी मदद

फरीदाबाद  देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल दिल्ली-मुंबई रूट पर ट्रेन हादसों को रोकने के लिए रेलवे अब हाईटेक तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। फरीदाबाद रेल सेक्शन में एमवीआईएस ( मशीन विजन इंस्पेक्शन सिस्टम ) लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। यह सिस्टम ट्रेनों के पहियों और अन्य महत्वपूर्ण पुर्जों की निगरानी करेगा और किसी भी तकनीकी खराबी की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंचाएगा। इस सिस्टम को उत्तर रेलवे के दिल्ली डिवीजन में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लगाने की तैयारी है। ये सिस्टम एआई आधारित एक तकनीक है जिसे चलती ट्रेनों में लटके हुए कल पुर्जे, ढीले या गायब पुर्जों का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। रेल मंत्रालय की टीम ने इस परियोजना को लेकर सर्वे कार्य शुरू कर दिया है। यह सिस्टम निजामुद्दीन से पलवल के बीच लगाया जाना है। 300 से अधिक ट्रेनों का होता है परिचालन दिल्ली मुंबई रूट का यह रेल मार्ग देश के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त कॉरिडोर में शामिल है। क्योंकि इस रूट से देश की सबसे तेज चलने वाली गतिमान एक्सप्रेस, वंदे भारत समेत रोजाना करीब 300 से अधिक ट्रेनें देश के अलग अलग हिस्सों के लिए आती जाती हैं। इनमें मेल एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या करीब 220 है। जबकि 80 से अधिक मालगाड़ियां संचालित होती हैं। इस रूट से दौड़ने वाले ट्रेनों की रफ्तार 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की होती है। बल्लभगढ़ स्टेशन से आगे गतिमान की रफ्तार 140 से 150 किमी की हो जाती है। एमवीआईएस सिस्टम रखेगा नजर रेलवे अधिकारियों के अनुसार एमवीआईएस एक अत्याधुनिक एआई आधारित तकनीक है। इसमें ट्रैक के किनारे विशेष कैमरे और सेंसर लगाए जाएंगे, जो तेज गति से गुजर रही ट्रेनों की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करेंगे। यह सिस्टम खास तौर पर ट्रेनों के पहियों, एक्सल, ब्रेक सिस्टम और अन्य बाहरी हिस्सों की जांच करेगा। यदि किसी ट्रेन में कोई पुर्जा ढीला, टूटा, लटका हुआ या गायब पाया जाता है तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करेगा। सिस्टम की मॉनिटरिंग दिल्ली स्थित कंट्रोल रूम से की जाएगी। वहां मौजूद तकनीकी विशेषज्ञ लगातार ट्रेनों से प्राप्त डेटा और तस्वीरों पर नजर रखेंगे। किसी भी संदिग्ध स्थिति में संबंधित स्टेशन और रेलवे अधिकारियों को तुरंत सूचना भेजी जाएगी, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके। अभी मैन्युअल तरीके होती है जांच रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस एमवीआईएस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह चलती ट्रेन की रियल टाइम मॉनिटरिंग करेगी। अभी तक ट्रेनों की तकनीकी जांच मुख्य रूप से मैन्युअल तरीके से की जाती रही है, जिसमें समय अधिक लगता है और कई बार छोटी तकनीकी खामियां पकड़ में नहीं आ पातीं। यही दुर्घटना का कारण बनती है। सिस्टम ऐसे करेगा काम     रेल अधिकारियों के मुताबिक एमवीआईएस सिस्टम की ट्रैक के किनारे लगाए जाने वाला हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरों और सेंसर का एक नेटवर्क है।     जब ट्रेनें तेजी से गुजरती हैं, तो यह सिस्टम उनके पहियों, बोगियों और निचले हिस्सों (अंडर-गियर) की तस्वीरें और वीडियो कैप्चर करता है।     इसका एआई सॉफ्टवेयर इन तस्वीरों को पल भर में स्कैन करके पता लगा लेता है कि कोई पुर्जा असामान्य रूप से लटक तो नहीं रहा है, कोई स्प्रिंग टूटी हुई तो नहीं है, या कोई बोल्ट/पार्ट्स गायब तो नहीं हैं।     यदि कोई तकनीकी खराबी मिलती है, तो यह सिस्टम तुरंत संबंधित अधिकारियों को अलर्ट भेज देता है। सर्वे शुरू, जल्द लगाने की तैयारी रेल अधिकारियों के मुताबिक उत्तर रेलवे के दिल्ली डिवीजन में इसे फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा रहा है। भविष्य में इसे देश के अन्य महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर भी लगाया जाएगा। रेलवे का मानना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से न केवल ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों को भी अधिक सुरक्षित सफर कर सकेंगे। अधिकारियों ने बताया कि इसे लगाने के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। संभवत: इसे नीलम पुल के या उसके आसपास इसे लगाया जाएगा।

पानी संकट से निपटने को पंजाब सरकार का बड़ा कदम, DSR तकनीक अपनाएंगे किसान

चंडीगढ़  देश के सबसे अधिक भूजल संकट झेल रहे राज्यों में शामिल पंजाब में गिरते भूजल स्तर को रोकने के लिए राज्य सरकार ने डायरेक्ट सीडिंग ऑफ राइस (डीएसआर) तकनीक को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने का फैसला किया है। जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सरकार ने वर्ष 2026-27 के फसल सीजन में राज्यभर में पांच लाख एकड़ भूमि को डीएसआर तकनीक के तहत लाने का लक्ष्य तय किया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पंजाब अपने वार्षिक भूजल पुनर्भरण (ग्राउंडवॉटर रिचार्ज) का 156.36 प्रतिशत तक दोहन कर रहा है। राज्य के 153 प्रशासनिक ब्लॉकों में से 111 ब्लॉक ‘ओवर एक्सप्लॉइटेड’ श्रेणी में आ चुके हैं। इसका अर्थ है कि इन क्षेत्रों में भूजल का इस्तेमाल उसकी प्राकृतिक भरपाई से कहीं अधिक हो रहा है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए पंजाब सरकार ने डीएसआर तकनीक को प्रोत्साहित करने की नीति अपनाई है। इस योजना के तहत डीएसआर अपनाने वाले किसानों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रति एकड़ 1500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। आगामी वित्तीय वर्ष में डीएसआर कार्यक्रम के लिए सरकार ने 40 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025-26 में 23,410 किसानों ने डीएसआर तकनीक अपनाई थी। इन किसानों को कुल 35.38 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। डीएसआर तकनीक पंजाब सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भूजल संरक्षण, पारंपरिक धान रोपाई पर निर्भरता कम करना और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि डीएसआर तकनीक पारंपरिक धान खेती की तुलना में पानी, बिजली और श्रम लागत में उल्लेखनीय कमी लाती है। ऐसे में यह तकनीक पंजाब के कृषि और पर्यावरण संबंधी संकट से निपटने में अहम भूमिका निभा सकती है।