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अमृतसर में पंथक सम्मेलन का आगाज, देशभर से सिख संगठनों के नेता हुए शामिल

अमृतसर. श्री हरि मंदिर साहिब परिसर स्थित गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हाल में रविवार पंथक सम्मेलन शुरू हो गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में विभिन्न सिख जत्थेबंदियों, धार्मिक संस्थाओं, संत-महापुरुषों और बुद्धिजीवियों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री भगवंत मान की विवादित वीडियो पर आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। सम्मेलन में श्री अकाल तख्त साहिब के निर्णयों के समर्थन में पंथक एकजुटता प्रदर्शित करने के साथ-साथ भविष्य की धार्मिक, सामाजिक और कानूनी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करने पर भी चर्चा हो रही है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से इस क्रम में बुलाए गए इस सम्मेलन को मौजूदा विवाद के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन में बड़ी संख्या में विभिन्न पंथक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं और अलग-अलग विषयों पर अपने विचार रख रहे हैं। संशोधन अधिनयम पर भी चल रही चर्चा सम्मेलन के दौरान जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब संशोधित अधिनियम को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया जा रहा है। इस पर विस्तार से चर्चा की जा रही है कि आगे इस मामले को किस प्रकार धार्मिक और कानूनी स्तर पर आगे बढ़ाया जाए। साथ ही श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दिए गए निर्देशों के समर्थन में सामूहिक निर्णय लेने की दिशा में भी मंथन चल रहा है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पहले ही घोषणा कर चुकी है कि उसका शिष्टमंडल पंजाब के डीजीपी से मुलाकात कर संबंधित मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करेगा। सम्मेलन में इस प्रस्ताव पर भी चर्चा हो रही है कि पूरे मामले को केवल धार्मिक मुद्दे तक सीमित न रख कानूनी स्तर पर भी मजबूती से आगे बढ़ाया जाए। जनजागरण अभियान चलाने पर हो रही चर्चा सम्मेलन में यह भी चर्चा हो रही है कि संगत के बीच जनजागरण अभियान किस प्रकार चलाया जाए।  जिसमें समाज के सभी वर्गों तक संदेश पहुंचाने की रणनीति पर भी विचार किया जा रहा है। धार्मिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे इस पंथक सम्मेलन में लिए जाने वाले निर्णयों पर पूरे पंजाब की नजर बनी हुई है। माना जा रहा है कि सम्मेलन के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी आगे की कार्रवाई और आंदोलन की रूपरेखा को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा कर सकती है।

पंजाब में बड़ी कार्रवाई, होशियारपुर जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट हरभजन सिंह ड्रग तस्करी केस में गिरफ्तार

होशियारपुर. केंद्रीय जेल होशियारपुर के डिप्टी सुपरिटेंडेंट हरभजन सिंह को जिला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके ऊपर जेल में नशा तस्करी करवाने का आरोप है। उनके खिलाफ थाना सिटी में मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक पिछ्ले दिनों जेल से एक कैदी मनप्रीत सिंह मन्ना ने वीडियो जारी करके आरोप लगाया था कि डिप्टी सुपरिटेंडेंट हरभजन सिंह उसे जेल में तस्करी के मजबूर करता है। ऐसा न करने पर उसे प्रताड़ित किया जाता है। यह वीडियो वायरल होने पर जेल के आला अधिकारियों ने कड़ा संज्ञान लिया था। तत्काल प्रभाव से जेल सुपरिटेंडेंट का तबादला करके मामले की जांच शुरू की गई थी। मालूम पड़ा है जांच में मन्ना द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए। इस वजह से देर रात थाना सिटी में डिप्टी कमिश्नर हरभजन सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

जलालाबाद नगर परिषद चुनाव: मतदान जारी, 79 प्रत्याशियों के भाग्य का होगा फैसला

फाजिल्का. जलालाबाद नगर परिषद चुनाव के लिए रविवार सुबह ठीक 8 बजे मतदान शुरू हो गया। सुबह मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने के कारण 7:30 बजे के बाद से ही मतदाता विभिन्न मतदान केंद्रों के बाहर पहुंचने लगे थे। निर्धारित समय पर मतदान कर्मियों ने मतदाताओं को केंद्रों के अंदर प्रवेश दिया और ईवीएम के जरिए मतदान प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके साथ ही चुनाव मैदान में उतरे 79 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद होने लगी है। मतदान को लेकर शुरुआती घंटों में मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला और कई केंद्रों पर सुबह से ही कतारें लग गईं। नगर परिषद चुनाव के लिए कुल 33 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। मतदान समय समाप्त होने तक केंद्र परिसर में मौजूद सभी मतदाताओं को वोट डालने का अवसर दिया जाएगा। चुनावी मैदान में 79 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनका फैसला 28,750 मतदाता करेंगे। 15,037 पुरुष और 13,711 महिला मतदाता शामिल इनमें 15,037 पुरुष और 13,711 महिला मतदाता शामिल हैं। प्रशासन की ओर से मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र पर प्रिजाइडिंग अधिकारी के साथ मतदान कर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि लगभग 250 कर्मचारी पूरे चुनावी प्रबंधन में लगे हुए हैं। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला प्रशासन ने सेक्टर मजिस्ट्रेट, फ्लाइंग स्क्वॉड और स्टैटिक सर्विलांस टीमों को सक्रिय रखा है। सभी टीमें लगातार मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर रही हैं ताकि कहीं भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन का दावा है कि पूरे चुनाव पर कड़ी नजर रखी जा रही है। किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं: एसएसपी जिला पुलिस प्रमुख गगन अजीत सिंह ने बताया कि चुनाव को लेकर पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। जलालाबाद और आसपास करीब 200 पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए हैं, जबकि संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार गश्त, नाकाबंदी और पेट्रोलिंग की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान माहौल बिगाड़ने या नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आज ही देर रात तक साफ हो जाएगी तस्वीर मतदान समाप्त होने के बाद संबंधित मतदान केंद्रों पर ही मतगणना की जाएगी। प्रशासन के अनुसार देर रात तक सभी 17 वार्डों के परिणाम घोषित होने की संभावना है। इसके बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि नगर परिषद में किस दल या समूह का बोर्ड बनने जा रहा है।

Punjab News: सरकार के फैसले का असर, कश्मीरी परिवारों ने शादी के कार्ड बांटना किया बंद; जानें वजह

चंडीगढ़  पंजाब सरकार के एक फैसले से कश्मीरी लोगों की चिंता बढ़ गई है. यहां शादी-विवाहों के लिए पूरी तैयारी कर चुके लोगों ने अचानक इनविटेशन कार्ड तक बांटना बंद कर दिया है. दरअसल पंजाब में पशु ले जाने वाले वाहनों पर शुल्क बढ़ा दिया गया है, इससे कश्मीर में मटन की कमी हो गई है, जिससे लोग परेशान हैं, जबकि मटन कश्मीर में होने वाली शादियों में दिया जाने वाला प्रमुख भोजन है।  इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक श्रीनगर में ऐसे कई परिवार हैं जहां आने वाले हफ्तों में शादियां होनी हैं लेकिन कश्मीर में मटन की कमी हो गई है. लिहाजा कुछ लोगों ने शादी के कार्ड बांटना रोक दिया है और कुछ दिन के लिए शादियां पोस्टपोन कर दी हैं. यहां के लोग उम्मीद जता रहे हैं कि कुछ दिनों में मटन की सप्लाई ठीक रहे।  बता दें कि कश्मीर में मटन की कमी की मुख्य वजह पंजाब में लगाया जा रहा अतिरिक्त शुल्क है. मटन व्यापारियों ने आरोप लगाया कि पंजाब सीमा पर भेड़ ले जाने वाले हर ट्रक से 25,000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं. इसका असर कीमतों पर भी पड़ा है. ऐसे में मटन 700 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 750 रुपये प्रति किलो हो गया है।  एक-दो किलो पर देखें तो यह कोई बड़ा अंतर नहीं दिखाई देता है लेकिन शादियों में जहां 200-400 किलो मटन की जरूरत एक साथ होती है तो वहां यह कीमत कई हजार का अंतर डाल रही है. कई जगहों पर देखा जा रहा है कि मटन की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है।  यह समस्या ऐसे समय आई है जब कश्मीर में अप्रैल से अक्टूबर तक शादी का सीजन चलता है. इसका असर कश्मीरी पारंपरिक दावत वाजवान पर भी पड़ा है, जिसमें मटन का एक नहीं बल्कि कई व्यंजन शामिल होते हैं. अब इन व्यंजनों की संख्या कम हो रही है।  बता दें कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस शुल्क को गैरकानूनी और मनमाना बताया है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस मामले में पंजाब के सीएम भगवंत मान को पत्र लिखकर पशु ढोने वाले वाहनों की आवाजाही बिना रुकावट जारी रखने की मांग की है. वहीं कश्मीर मटन डीलर्स एसोसिएशन के महासचिव मेहराज-उद-दीन गनी ने बताया कि भेड़ मंडियां लगातार नौ दिनों से बंद हैं. उन्होंने कहा कि शादी का मौसम है, लेकिन व्यापारी मजबूर हैं।  कश्मीर में 90 फीसदी लोग मांसाहारी बता दें कि कश्मीर का मुख्य भोजन ही मांस है. यहां लगभग 90 फीसदी लोग मांसाहारी हैं और यहां मटन की खपत देश में सबसे ज्यादा है. हर साल यहां 600 लाख किलो से ज्यादा मटन खाया जाता है. इसका आधे से ज्यादा हिस्सा हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से आने वाली भेड़ों से पूरा होता है।  व्यापारियों के अनुसार सामान्य दिनों में रोज 40–50 ट्रक (करीब 8,000 भेड़) कश्मीर आते हैं. शादी के सीजन में यह संख्या 60–70 ट्रक (करीब 11,000 भेड़) तक पहुंच जाती है।  पंजाब सरकार ने दिया जबाव वहीं इस मुद्दे पर पंजाब सरकार का कहना है कि यह कोई नया टैक्स नहीं है, बल्कि पशु मंडी शुल्क है. अधिकारियों के मुताबिक कुछ व्यापारी नियमों का पालन किए बिना पशु बाहर ले जा रहे हैं, जिससे राजस्व का नुकसान हो रहा है।  बढ़ रहा विवाद जबकि जम्मू-कश्मीर के व्यापारी कहते हैं कि पंजाब सिर्फ रास्ते में पड़ने वाला राज्य (ट्रांजिट स्टेट) है, इसलिए वहां टैक्स नहीं लगना चाहिए. उनका कहना है कि पहले 5,000 रुपये लिए जाते थे, लेकिन अब कई बार 25,000 रुपये तक मांगे जा रहे हैं।  इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ये वाहन सिर्फ हाईवे का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए इस तरह की वसूली का कोई औचित्य नहीं है।  अब इस विवाद को सुलझाने के लिए पंजाब और जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों की जल्द बैठक होने की संभावना जताई जा रही है. बैठक के बाद पंजाब सरकार औपचारिक जवाब देगी। 

Right to Business Act: चंडीगढ़ में बिजनेस के लिए नई व्यवस्था लागू, पढ़ें कैसे मिलेगा फायदा और कैसे करें आवेदन

चंडीगढ़  केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट, 2020 को कुछ जरूरी संशोधनों के साथ लागू कर दिया है। तारीख 2 जुलाई, 2026 से यह प्रभावी रूप से लागू हो चुका है।। इस नए कानून के आने से चंडीगढ़ में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को एक नई मजबूती मिलेगी। आइए समझते हैं यह राइट टू बिजनेस एक्ट क्या है और लोगों व व्यापारियों को कैसे इसका फायदा होगा। राइट टू बिजनेस एक्ट क्या है? राइट टू बिजनेस एक्ट का मुख्य उद्देश्य नए व्यवसायों को शुरू करने के लिए दी जाने वाली सरकारी मंजूरियों से है। जहां पहले किसी भी कारोबार को शुरू करने से पहले एनओसी के लिए व्यवसासियों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। वहीं, अब इसके लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम बनाया जाएगा है। इसके जरिए आवश्यक मंजूरियां एक ही जगह से और एक तय समय-सीमा के अंदर दी जाएंगी। चंडीगढ़ तक एक्सटेंड करने के पीछे क्या है उद्देश्य? चंडीगढ़ में इस एक्ट को लागू करने का मुख्य उद्देश्य लोगों के समय को बचाना है। वहीं, सरकार भी चाहती है कि चंडीगढ़ देश में निवेश और कारोबार के लिए एक पसंदीदा और आकर्षक केंद्र बने। इसके लिए प्रक्रियाओं को डिजिटल किया जाएगा ताकि कारोबारी घर बैठे सरकारी काम आसानी से करवा सके। कौन-कौन से बिजनेस इसमें आएंगे? इस एक्ट के दायरे में मुख्य रूप से तीन बड़े सेक्टर्स को शामिल किया गया है। पहला उद्योग मसलन नए कारखाने और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, व्यापार- रिटेल, होलसेल और सर्विस सेक्टर आईटी कंपनियां और स्टार्टअप्स इत्यादि। क्या होगी आवदेन की प्रक्रिया व्यवसाय शुरू करने के लिए अब किसी भी निवेशक को अलग-अलग विभागों में जाने की जरूरत नहीं होगी। आवेदन करने की प्रक्रिया सिंगल विंडो क्लियरेंस पोर्टल के माध्यम से पूरी होगी। आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज और फीस एक ही बार में जमा करनी होगी।  चंडीगढ़ मास्टर प्लान-2031 को मिलेगी नई रफ्तार मास्टर प्लान-2031 के अंतर्गत चंडीगढ़ के औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों के आधुनिकीकरण में यह कानून एक गेम-चेंजर साबित होगा। राइट टू बिजनेस एक्ट इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए मुख्य भूमिका निभाएगा। इसके लागू होने से शहर में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ लालफीताशाही खत्म होगी। कारोबार बढ़ने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

संदीप पाठक मामले में पंजाब सरकार फिर घिरी, FIR का विवरण न देने पर सुनवाई 17 अक्टूबर तक टली

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए सांसद संदीप पाठक की दो माह से लंबित याचिका पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान भी पंजाब सरकार उनके खिलाफ दर्ज मामलों का पूरा ब्योरा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष पेश नहीं कर सकी। सरकार ने चौथी बार जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने संदीप पाठक को पहले से मिली अंतरिम राहत को बरकरार रखते हुए अगली सुनवाई 17 अक्तूबर तय कर दी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब में दर्ज सभी एफआईआर का पूरा विवरण अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सकी। सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त समय देने का आग्रह किया गया। अदालत ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए सरकार को और समय दे दिया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक संदीप पाठक को पूर्व में दी गई अंतरिम राहत जारी रहेगी। यानी उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक या अन्य कार्रवाई नहीं की जाएगी और अदालत के अगले आदेश तक यह संरक्षण प्रभावी रहेगा। याचिका में संदीप पाठक ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों और संभावित कार्रवाई को चुनौती देते हुए अदालत से संरक्षण की मांग की है। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की थी, जिसे अब 17 अक्तूबर तक बढ़ा दिया गया है। अगली सुनवाई तक पंजाब सरकार को अदालत के समक्ष यह स्पष्ट करना होगा कि संदीप पाठक के खिलाफ राज्य में कुल कितनी एफआईआर दर्ज हैं और वे किन-किन स्थानों पर दर्ज हैं। इसके बाद ही मामले में आगे की सुनवाई और राहत पर विचार किया जाएगा। चार सुनवाई, चार बार मोहलत संदीप पाठक ने 6 मई को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर पहली सुनवाई 8 मई को हुई। उस दिन सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा तो अदालत ने 11 मई की तारीख देते हुए पाठक को अंतरिम राहत प्रदान कर दी। 11 मई को भी सरकार ने अतिरिक्त समय मांगा, जिसके बाद सुनवाई 15 मई तक स्थगित कर दी गई और राहत जारी रखी गई।  15 मई को भी सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए मोहलत मांगी। इसके बाद अदालत ने सुनवाई पहले 22 मई और फिर 29 मई के लिए तय की, लेकिन समयाभाव के कारण मामले पर सुनवाई नहीं हो सकी। शुक्रवार को मामला दोबारा सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुआ, लेकिन चौथी बार भी सरकार ने अदालत से समय मांग लिया। हाईकोर्ट ने अनुरोध स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 17 अक्तूबर निर्धारित कर दी। इस दौरान संदीप पाठक को मिली अंतरिम राहत भी यथावत रहेगी। 

Punjab News: जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन बनकर तैयार, 13 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन की संभावना

जालंधर  अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पंजाब में कई रेलवे स्टेशन तैयार किए जा रहे है। जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का भी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तोड़कर नवीनीकरण किया गया है।  सूत्रों के अनुसार रेलवे स्टेशन का उद्घाटन 13 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। उत्तर रेलवे महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे ने कहा कि जो आदेश होगा वैसा ही किया जाएगा।  अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का काम 2022 के आखिर में शुरू हो गया था और रेलवे स्टेशन को तैयार करने का समय लगभग ढाई साल था लेकिन काम में देरी के चलते स्टेशन का नवीनीकरण डेढ़ से 2 साल की देरी से हुआ है।  अब जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पूरी तरह से तैयार हो चुका है और स्टेशन को बाहर से एयरपोर्ट जैसी लुक दी गई है और अंदर से भी खास बनाया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए 10 लिफ्ट लगाई गई है और स्टेशन पर आठ एस्केलेटर लगाए गए हैं ताकि एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने में असुविधा न हो।  नॉर्दर्न रेलवे के जनरल मैनेजर राजेश कुमार पांडे ने स्टेशन का निरीक्षण किया और पेंडिंग काम को जल्द पूरा करने को कहा। यात्रियों ने कहा कि नवीनीकरण के बाद स्टेशन और भी बढ़िया बन गया है और उन्हें एसी वेटिंग हॉल जैसी सुविधा भी मिल रही है। और वेटिंग हॉल में बड़ी स्क्रीन भी लगाई गई है जिससे उन्हें ट्रेन के आने जाने का भी पता आसानी से चल पाएगा।   जालंधर कैंट के बाद अब जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन को भी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत नवीनीकरण करके बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ निरीक्षण करने आए हैं उन्हें नहीं मालूम कि इसका उद्घाटन कब होगा। पीएम मोदी के आने के बारे में भी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।   

Air India Flight: हलवारा पहुंचने से पहले तकनीकी खराबी, फिर तूफानी मौसम ने बढ़ाई परेशानी

हलवारा दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से शनिवार सुबह 5:55 बजे हलवारा एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई एयर इंडिया फ्लाइट संख्या एआई-481 में एक ही उड़ान के दौरान दो ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने यात्रियों की धड़कनें बढ़ा दीं।  पहले उड़ान भरने के करीब 15 मिनट बाद विमान में तकनीकी खराबी आने पर उसे वापस दिल्ली एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा। इसके बाद यात्रियों को दूसरे विमान में बैठाकर सुबह करीब 9 बजे दोबारा रवाना किया गया। लेकिन हलवारा पहुंचने पर तेज बारिश, आंधी और खराब मौसम के कारण पहली बार लैंडिंग का प्रयास भी सफल नहीं हो सका। आखिरकार पायलट ने विमान को दोबारा नियंत्रित करते हुए दूसरी कोशिश में सुरक्षित लैंडिंग कराई, जिसके बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-481 निर्धारित समय पर सुबह 5:55 बजे दिल्ली से रवाना हुई थी। उड़ान भरने के लगभग 15 मिनट बाद विमान में तकनीकी खराबी का संकेत मिलने पर पायलट ने एहतियात के तौर पर विमान को वापस दिल्ली एयरपोर्ट ले जाने का निर्णय लिया। सुबह करीब 7 बजे विमान सुरक्षित रूप से रनवे पर उतार लिया गया। विमान के दिल्ली लौटने के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। एयर इंडिया की ओर से तकनीकी जांच के बाद यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें दूसरे विमान में स्थानांतरित किया गया। इसके बाद सुबह लगभग 9 बजे वही फ्लाइट संख्या एआई-481 हलवारा के लिए दोबारा रवाना हुई। हालांकि यात्रियों की परीक्षा यहीं खत्म नहीं हुई। हलवारा पहुंचने पर एयरपोर्ट के आसपास तेज बारिश, आंधी और खराब मौसम के कारण विमान की पहली लैंडिंग का प्रयास सफल नहीं हो सका। पायलट ने विमान को हवा में नियंत्रित रखते हुए हलवारा के आसमान में दो चक्कर लगाए और मौसम की स्थिति का आकलन किया। कुछ देर बाद दूसरी बार लैंडिंग का प्रयास किया गया, जो सफल रहा और विमान सुरक्षित रूप से हलवारा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतर गया। पूरी उड़ान के दौरान विमान में सवार यात्रियों की सांसें अटकी रहीं। पहले तकनीकी खराबी और फिर खराब मौसम के कारण लैंडिंग में आई कठिनाई ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी। हालांकि विमान में यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम होने से स्थिति पूरी तरह नियंत्रित रही और किसी तरह की अफरा-तफरी नहीं मची। सभी यात्री सुरक्षित लैंडिंग की दुआ करते रहे। उड़ान में सवार यात्री डॉ. संजीव कुमार बक्शी ने बताया कि पहले विमान में आई तकनीकी खराबी के कारण उसे दिल्ली वापस लौटाना पड़ा। इसके बाद विमान बदलकर दूसरी उड़ान से रवाना किया गया, लेकिन हलवारा पहुंचने पर खराब मौसम के कारण पहली बार लैंडिंग नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि दोनों घटनाओं के कारण विमान में बैठे सभी यात्री काफी घबराए हुए थे। जब दूसरी कोशिश में विमान सुरक्षित उतर गया तो सभी यात्रियों ने राहत की सांस ली। पिछले एक वर्ष में एयर इंडिया की उड़ानों पर उठे सुरक्षा संबंधी सवाल बीते एक वर्ष के दौरान एयर इंडिया के विमानों में तकनीकी खराबी और परिचालन संबंधी समस्याओं के कई मामले सामने आए हैं। विभिन्न उड़ानों में इंजन, हाइड्रोलिक सिस्टम, एयर कंडीशनिंग, तकनीकी चेतावनी संकेत तथा अन्य तकनीकी कारणों से विमानों को बीच रास्ते से वापस लौटाना पड़ा या वैकल्पिक एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा। कई उड़ानों में यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ मामलों में विमान बदलकर यात्रा पूरी कराई गई। हाल के महीनों में विमानन क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर बढ़ी संवेदनशीलता के बीच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) भी एयरलाइनों की तकनीकी निगरानी और सुरक्षा मानकों पर लगातार नजर बनाए हुए है।  विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी खराबी की स्थिति में विमान को तत्काल वापस लौटाने या वैकल्पिक एयरपोर्ट पर उतारने का फैसला यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की स्थापित प्रक्रिया का हिस्सा है। शनिवार को दिल्ली से हलवारा की उड़ान में भी पायलट और एयरलाइन ने तकनीकी खराबी सामने आते ही एहतियात बरतते हुए विमान को वापस दिल्ली उतारा और बाद में दूसरा विमान उपलब्ध कराया।  

पंजाब में बारिश का कहर! चंडीगढ़ समेत कई शहरों में भारी बरसात, गुरदासपुर में बांध टूटने से खेत जलमग्न

चंडीगढ़ शुक्रवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में बारिश के दौरान छाता ओढ़कर साइकिल से गुजरता एक व्यक्ति। गुरदासपुर में बांध टूटने से पानी खेतों में चला गया।पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून लगातार सक्रिय है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र ने ट्राईसिटी (चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला) में अगले 3 घंटों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और रूपनगर।  विभाग के मुताबिक, 9 जुलाई तक मौसम ऐसे ही बना रहेगा। पंजाब के कई जिलों में भारी बारिश, बिजली चमकने और तेज हवाएं चल सकती है। आज पंजाब के ज्यादातर जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान चंडीगढ़ के साथ गुरदासपुर, पठानकोट, फरीदकोट, मोहाली, पटियाला और अमृतसर में में बारिश दर्ज की गई। इससे तापमान में गिरावट आई है और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। शुक्रवार को गुरदासपुर में भारी बारिश हुई, जिससे बहरामपुर में धुसी बांध टूट गया। इसका पानी गांव मुगलानिचक के खेतों में भर गया। हालांकि, अब पानी निकलने लगा है और हालात सामान्य हो रहे हैं। यह बांध पिछले साल आई बाढ़ में टूटा था, जिसे विभाग ने पक्के तौर पर ठीक नहीं किया था। सीटीईटी कॉलेज के हॉल का एक हिस्सा ढहा चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित सीटीईटी कॉलेज के मल्टीपर्पज हॉल का एक हिस्सा शुक्रवार को ढह गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने या किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, क्योंकि भवन को पहले ही असुरक्षित घोषित कर उपयोग के लिए बंद कर दिया गया था। पिछले 24 घंटे में इन जिलों में हुई बारिश मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब के माझा क्षेत्र और आसपास के जिलों में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। इसमें गुरदासपुर में 48.2 मिमी, पठानकोट में 27.2 मिमी, फरीदकोट में 10.4 मिमी मोहाली में 8.5 मिमी, पटियाला में 6.1 मिमी, चंडीगढ़ में 4.6 मिमी और अमृतसर में 2.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। बारिश के कारण कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। बठिंडा रहा सबसे ठंडा दिन और रात दोनों के तापमान में कमी दर्ज की गई है। दिन के समय पंजाब का सबसे अधिक तापमान सामराला (लुधियाना) में 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं रात के समय बठिंडा पंजाब का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार, गरज-चमक और बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। इसके अलावा भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन चलाते समय सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की भी सलाह दी गई है। अगले कुछ दिनों तक पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

‘सीनियर नेताओं को किया जा रहा इग्नोर’… पंजाब कांग्रेस में रंधावा का बड़ा हमला, हाईकमान पर साधा निशाना

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर शुरू हुआ विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मौजूदा हालात पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर तीन-चार दौर की बैठकों के बावजूद पार्टी में डैमेज कंट्रोल क्यों नहीं हो पा रहा है और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। रंधावा ने कहा कि कांग्रेस के पास अनुभवी और वरिष्ठ नेताओं की कोई कमी नहीं है, इसके बावजूद पार्टी के भीतर लगातार बढ़ रहे मतभेद चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि देश के लोग आज भी इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के दौर की कांग्रेस को पसंद करते हैं, इसलिए पार्टी नेतृत्व को मौजूदा हालात पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। दरअसल, विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत कांग्रेस हाईकमान ने ऑब्जर्वर टीम गठित की थी। इसके बाद दिल्ली में दो से तीन दौर की बैठकों में पंजाब के लगभग सभी वरिष्ठ नेताओं से फीडबैक लिया गया। चन्नी के करीबी सोर्स के मुताबिक नेता ने भरोसा दिलाया कि राहुल गांधी 7 जुलाई को विदेश से लौट आएंगे, उसके बाद चन्नी की उनसे मीटिंग करा दी जाएगी। दूसरी तरफ कल शुक्रवार को दिल्ली में अमित शाह से मिलकर आए गुरदासपुर सांसद सुखजिंदर रंधावा ने हाईकमान पर ही सवाल खड़े किए। एक इंटरव्यू में रंधावा ने कहा- लीडरशिप को देखना चाहिए कि ऐसी बातें क्यों हो रही हैं। इतने पदाधिकारियों के बावजूद डैमेज कंट्रोल क्यों नहीं हो रहा। 3-4 मीटिंग के बाद भी ऐसा होना, यह किसका फेलियर है। इंदिरा गांधी-राजीव गांधी के वक्त 3 जनरल सेक्रेटरी होते थे, अब पता नहीं कितने हैं। सीनियर कांग्रेसियों को नजरअंदाज किया जाता है, इसलिए ऐसी बातें होती हैं। वहीं पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल भी इसको लेकर हरकत में आ गए हैं। वह आज या फिर अगले कुछ ही दिनों में चंडीगढ़ पहुंचकर मौजूदा प्रधान सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व CM सांसद चरणजीत चन्नी से मुलाकात कर सकते हैं। वहीं शुक्रवार को सांसद अमरिंदर राजा वड़िंग को प्रधान बनाए रखने पर पूर्व CM चरणजीत चन्नी ने कांग्रेस हाईकमान को तीखे तेवर दिखाए। शुक्रवार को अपने घर मोरिंडा में 50 से ज्यादा नेता इकट्‌ठे कर हाईकमान का फैसला रिजेक्ट कर दिया। चन्नी गुट ने कहा कि एक हफ्ते के बाद वह हाईकमान से मुलाकात करेंगे और अपना विरोध दर्ज कराएंगे। चन्नी इस वक्त ठीक उसी स्टाइल में पार्टी हाईकमान पर प्रेशर बना रहे हैं, जैसे नवजोत सिद्धू ने प्रधान रहते 2021 में कैप्टन अमरिंदर सिंह को CM की कुर्सी से हटवा दिया था। हालांकि उसके बाद सिद्धू की जगह चन्नी सीएम बन गए। पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि चन्नी के इस स्टैप से कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी सड़क पर आ गई है। अब वह हाईकमान पर प्रेशर बनाने में कामयाब होते हैं या नहीं, लेकिन इसका खामियाजा कांग्रेस को विधानसभा चुनाव 2027 में झेलना ही पड़ेगा। इसे देखते हुए कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल भी आज चंडीगढ़ आ सकते हैं। 3 पॉलिटिकल एक्सपर्ट से जानिए, चन्नी के फैसले से कांग्रेस को क्या फायदा और नुकसान होगा… राजा वड़िंग को लेकर बहस तेज इसके बावजूद प्रदेश इकाई में असंतोष कम होने के बजाय और खुलकर सामने आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थक संगठनात्मक फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व को लेकर भी बहस तेज हो गई है। पार्टी के भीतर यह चर्चा भी है कि पंजाब कांग्रेस में मौजूदा स्थिति पहले सामने आए कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के टकराव जैसी बनती जा रही है। अब चन्नी और वड़िंग समर्थकों के बीच बढ़ती खींचतान ने हाईकमान की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि कांग्रेस के भीतर यह भी माना जा रहा है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में अब तक लिए गए बड़े संगठनात्मक फैसलों को वापस लेने की परंपरा नहीं रही है। ऐसे में हाल ही में घोषित संगठनात्मक सूची में बड़े बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है। पार्टी नेताओं का तर्क है कि इस स्तर पर बदलाव करने से विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। सात जुलाई को विदेश दौरे पर लौटेंगे राहुल गांधी सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी 7 जुलाई को विदेश दौरे से लौटने के बाद पंजाब कांग्रेस के हालात की समीक्षा कर सकते हैं। इसके साथ ही संभावना जताई जा रही है कि कांग्रेस हाईकमान कुछ वरिष्ठ नेताओं को चंडीगढ़ भेज सकता है। प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल और सह-प्रभारियों की चन्नी तथा वड़िंग गुट के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठक कर संगठन में बढ़ते विवाद को शांत करने और डैमेज कंट्रोल की कोशिश की जा सकती है। पंजाब मामलों के सह प्रभारी सूरज ठाकुर चरणजीत चन्नी से मुलाकात के लिए चंडीगढ़ आ सकते हैं।