samacharsecretary.com

धनबाद के कालेज में मोबाइल से परीक्षा का पेपर हल करते दिखीं छात्राएं

धनबाद. बीएसएस महिला कालेज की छात्राओं का मोबाइल देखकर परीक्षा में लिखते वीडियो वायरल हो गया है। किसी छात्रा ने ही मोबाइल से वीडियो बनाया और वायरल कर दिया। वायरल वीडियो में छात्राएं मोबाइल देखकर लिखती दिख रही हैं। आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन-आइसा की ओर से कालेज परिसर में चला जा रहे सदस्यता अभियान के दौरान कुछ छात्राओं ने उनसे इसकी शिकायत की। आइसा की जिला कमेटी के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने इसे लेकर प्राचार्य सहित अन्य शिक्षकों से बात की। प्राचार्य ने मोबाइल देख कर लिखने की बात को गलत बताया। आइसा से जुड़ी छात्राओं ने बताया कि कालेज के कुछ शिक्षकों की ओर से मामले को लेकर उन पर दबाव भी बनाया गया। साक्ष्य के रूप में उन्होंने इसका वीडियो बनाया। बाद में उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय की डीएसडब्ल्यू डा. पुष्पा कुमारी से मिलकर उनसे मामले की शिकायत की। कहा कि जल्द ही परिस्थिति में सुधार नहीं हुआ तो बीएसएस कालेज के खिलाफ सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। राज्य उपाध्यक्ष स्नेहा कुमारी महतो, राज्य सह सचिव रितेश मिश्रा, बीबीएमकेयू प्रभारी दीपक महतो, ला कालेज की अध्यक्ष पायल, उपाध्यक्ष अंजलि, बीएसएस महिला कालेज की प्रतिनिधि प्राची दुबे, पल्लवी, रोशन, शशि राज, रिशु पांडे, साहिल उपाध्याय, अमन, सुजल समेत अन्य शामिल थे। कालेज ने 28 से 30 तक प्री-बोर्ड परीक्षा मोबाइल देख कर परीक्षा में लिखने का वीडियो वायरल होने के बीच बीएसएस कालेज की ओर से 12वीं की फाइनल प्री-बोर्ड परीक्षा संबंधी नोटिस भी मंगलवार को जारी किया गया। कालेज से जारी नोटिस में 28 से 30 तक प्री-बोर्ड परीक्षा की सूचना जारी की गई है। पहली पाली में दिन में 11 से 12 तथा दूसरी पाली में दोपहर एक से तीन बजे तक प्री-बोर्ड की परीक्षा आयोजित की जाएगी।

पटना का नए डिजाइन वाला हार्डिंग पार्क टर्मिनल बदलेगा तस्वीर

पटना. राजधानी पटना के हार्डिंग पार्क में बन रहे नए रेलवे टर्मिनल का काम करीब छह महीने बाद फिर से शुरू हो गया है. इस बार रेलवे ने पूरी तरह नए डिजाइन के साथ निर्माण की रफ्तार बढ़ा दी है. लक्ष्य है कि वर्ष 2029 तक यह टर्मिनल पूरी तरह बनकर तैयार हो जाए और पटना को एक अत्याधुनिक ट्रांसपोर्ट हब की सौगात मिले. खास बात यह है कि जीपीओ से आर ब्लॉक की ओर जाने वाले फ्लाइओवर को सीधे स्टेशन से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी कनेक्टिविटी का अनुभव मिलेगा. फ्लाइओवर से स्टेशन तक सीधी एंट्री नए डिजाइन के तहत हार्डिंग पार्क में एक फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा, जो फ्लाइओवर को सीधे रेलवे टर्मिनल से कनेक्ट करेगा. यानी यात्री फ्लाइओवर से उतरते ही सीधे स्टेशन परिसर में पहुंच सकेंगे. इससे शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा और समय की बचत भी होगी. जीपीओ गोलंबर की ओर से करीब साढ़े सात फुट ऊंची चहारदीवारी का निर्माण शुरू कर दिया गया है, जिससे स्टेशन क्षेत्र को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके. अतिक्रमण बना चुनौती, हटाने की प्रक्रिया तेज छह महीने तक काम रुके रहने के कारण हार्डिंग पार्क के आसपास अतिक्रमण तेजी से बढ़ गया. जीपीओ गोलंबर से लेकर आर ब्लॉक तक झोपड़ियां बस गई हैं. अब निर्माण एजेंसी ने जिला प्रशासन, आरपीएफ और जीआरपी को आवेदन देकर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू करा दी है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि काम की गति बनाए रखने के लिए क्षेत्र को जल्द अतिक्रमण मुक्त करना जरूरी है. हार्डिंग पार्क के लिए अलग बिजली लाइन हार्डिंग पार्क टर्मिनल और वहां से चलने वाली ट्रेनों को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए 33 केवी की नई अलग बिजली लाइन बिछाई जाएगी. करीब 2.5 किलोमीटर लंबी भूमिगत केबल डाली जाएगी, ताकि पटना जंक्शन, रेलवे कॉलोनी और कार्यालयों पर पड़ने वाले लोड का असर इस टर्मिनल पर न पड़े. इससे ट्रेनों के संचालन में किसी तरह की रुकावट नहीं आएगी. दो फेज में बनेगा टर्मिनल, खर्च होंगे 150 करोड़ हार्डिंग पार्क टर्मिनल का निर्माण दो फेज में किया जाएगा. पहले फेज पर लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसमें पांच नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे, जिनसे लोकल ट्रेनों का संचालन होगा. पहला फेज जून 2027 तक और दूसरा फेज उसके बाद डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य है. कुल मिलाकर तीन साल में स्टेशन को पूरी तरह विकसित करने की योजना है. एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं का दावा रेलवे का कहना है कि हार्डिंग पार्क टर्मिनल में एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी. मेट्रो और सड़क मार्ग से इसकी सीधी कनेक्टिविटी होगी. यह परियोजना अमृत भारत योजना के तहत पटना जंक्शन को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है. जगह की कमी के कारण पटना जंक्शन का विस्तार संभव नहीं था, इसलिए हार्डिंग पार्क को वैकल्पिक बड़े टर्मिनल के रूप में विकसित किया जा रहा है.

BJP अध्यक्ष बनते ही नितिन नवीन के शब्दों में आया गजब का बदलाव

पटना. भाजपा के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पदभार संभालते ही अपनी शैली और शब्दों में एक स्पष्ट बदलाव का संकेत दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। पार्टी नेतृत्व में शामिल इस युवा चेहरे के आगमन के बाद बोलचाल की भाषा, संगठनात्मक रुख और रणनीतिक संवाद में बदलाव दिख रहा है, जिसने कार्यकर्ताओं और विश्लेषकों दोनों का ध्यान खींचा है। नितिन नवीन को 20 जनवरी 2026 को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुना गया। वे पार्टी के सबसे युवा अध्यक्ष के रूप में इतिहास रचते हैं, जो पार्टी के नए युग का प्रतीक माने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर उन्हें ‘मिलेनियल बॉस’ कहा और स्पष्ट किया कि पार्टी के मामलों में अब नितिन नवीन की बात सर्वोपरि है। उनके अध्यक्ष बनने से पहले, नितिन नवीन राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे। पार्टी ने यह बड़ा बदलाव संगठन की नई दिशा को दर्शाने के लिए किया है, जिसमें युवा नेतृत्व को आगे लाने पर ज़ोर दिया गया है। इस परिवर्तन को पार्टी के भीतर पीढ़ीगत बदलाव की शुरुआत कहा जा रहा है। नवीन के भाषणों में भी आम राजनीतिक भाषणों की तुलना में अलग टोन दिखाई दे रहा है। उन्होंने तर्कोचित, स्पष्ट और काम-केंद्रित शब्दों का प्रयोग बढ़ाया है, जो संगठन के भीतर नई ऊर्जा और तेजी को दर्शाता है। यह परिवर्तन सिर्फ शब्दों में नहीं, बल्कि उनकी रणनीति और नजरिए में भी झलकता है,  संगठन को चुनावी मोड में डालते हुए उन्होंने पहले ही दिन चुनावी तैयारियों की दिशा में कदम बढ़ा दिए। विशेषज्ञों का मानना है कि नितिन नवीन का यह बदलाव पार्टी को समीकरणों के बदलते परिदृश्य में नई पहचान देने की योजना का हिस्सा है। युवा कार्यकर्ताओं के बीच उनकी लोकप्रियता और बिहार सहित अन्य राज्यों में उनके प्रभाव के कारण भी यह बदलाव रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, नितिन नवीन ने अपने अभिवादन, भाषण और संगठन के फैसलों में एक नई गंभीरता व स्पष्टता दिखाई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी अब अधिक प्रेरित, अधिक संगठित और चुनावी मोर्चे पर अधिक आक्रामक होगी। इस बदलाव को भाजपा के नए नेतृत्व की ऊर्जा और बदलाव की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

राजगीर के जू सफारी में ठंड से राहत पाने सनबाथ करते दिखे शेर-बाघ-भालू

राजगीर. इन दिनों वाइल्ड लाइफ जू सफारी के विभिन्न जंगली जानवरों को जनवरी माह के सर्द गुलाबी ठंड में सनबाथ के साथ मखमली धूप सेंकते देखा जा सकता है। सनबाथ के दौरान शेर, बाघ, तेंदुआ, भालू और विभिन्न प्रजातियों के हिरणों के झूंडों का विहंगम दृश्य जू सफारी के आकर्षण में चार चांद लगा रहा है। प्रजनन, रेस्क्यू प्रक्रिया सह अनुकूल जलवायु से सफारी में जंगली जानवरों की संख्या में वृद्धि हो रही है तो वहीं शेर और दुर्लभ ब्लैक बक हिरणों के प्रजनन से वाइल्ड लाइफ जू सफारी जैव विविधता का सशक्त उदाहरण भी बन रहा है। मौसम का लुत्फ ले रहे जानवर गुनगुनी धूप में सनबाथ का आनन्द इन जानवरों को इतना बेफिक्र बना दिया है कि, आस पास से गुजरती पर्यटकों से भरी सफारी बस को नजरअंदाज करते दिख रहे हैं। वहीं शेर अपने परिवार तो भालू अपने साथियों के साथ बड़े मजे से इस मौसम का लुत्फ ले रहे हैं। पंच पर्वतीय वनक्षेत्र श्रृंखला की गोद में वाइल्ड लाइफ सेंचुरी राजगीर स्थित जू सफारी जैव विविधता संरक्षण का केंद्र बन रहा है। जहां जनन-प्रजनन, रेस्क्यू प्रक्रिया सह अनुकूलन वातावरण से सफारी में जंगली जानवरों की संख्या में वृद्धि हो रही है।  हिरणों की संख्या में बढ़ोतरी पिछले वर्ष 2024 जनवरी में ब्लैक बक (काला हिरण) के शावक, तो वर्ष 2025 को नए मेहमानों में तेंदुआ शावक के रूप में दो शावकों को वाइल्ड लाइफ जू सफारी इनक्लोजर में छोड़ा गया है। इसी प्रकार से विभिन्न प्रजातियों के हिरणों में जारी प्रजनन से इन हिरणों की संख्या भी तेजी बढ़ रही है। जिसमें वाइल्ड लाइफ जू सफारी प्रबंधन द्वारा अनुकूलन वातावरण सह संरक्षण की अहम भूमिका है। इस अनुकूल वातावरण में इन दिनों धूप सेंकते हिरणों के झुंड का विहंगम दृश्य सफारी भ्रमण को नयनाभिराम बना रही है। मादा तेंदुए ने दो शावकों को दिया जन्म बता दें कि बीते वर्ष 2023 के 04 सितंबर को बेतिया नामक मादा तेंदुए ने दो में से एक नर तो दूसरा मादा शावकों को जन्म दिया था। जन्म के वर्ष भर बाद इन दोनों शावकों को जू सफारी के इनक्लोजर में उतारा गया है। जहां इन दोनों की मासूमियत भरी अठखेलियां पर्यटकों का भरपूर मनोरंजन कर रही है। अब जू सफारी के कार्निवरस (मांसाहारी) तथा हार्वीवरस (शाकाहारी) सफारी में जंगली जानवरों में प्रजनन से राजगीर वन्य प्राणी आश्रयणी सह अभयारण्य में बायोडायवर्सिटी यानी जैव विविधता प्रणाली बेहद मजबूत हो रहा है। बियर सफारी में भालुओं की 10 बता दें कि सफारी के पांच विभिन्न जंगली जानवरों में बियर सफारी में भालुओं की संख्या अभी 10 है। इन स्लाॅथ प्रजाति के भालुओं को तमाशे वाले मदारी से रेस्क्यू कर तथा पटना जू से यहां लाया गया है। जिसमें भालूओं में भोला, पवन, ब्रज, बुद्धन नामक नर तथा सुंदरी, पवनी, नूर व बुद्धनी नामक मादा भालूओं को जोड़कर इनकी संख्या कुल 10 हो गई है। बाघ की संख्या पांच जबकि लेपर्ड सफारी में विराट, लैला व सुल्तान नामक तीन वयस्क तेंदुआ व दो शावको से तेंदुआ सफारी में इनकी संख्या पांच हो गई है। जबकि टाईगर सफारी में बाघ, बघीरा व अर्जुन नामक नर तथा स्वर्णा एवं देवी नामक मादा बाघ से इनकी संख्या पांच है। वहीं लायन सफारी में विशाल नामक नर तथा एल-वन, एल-टू तथा एल-फाइव नामक तीन मादा शेरनियां और दो शावकों को मिलाकर शेर नौ की संख्या में हैं। ब्लैक बक की संख्या अब 10 वहीं हार्वीवरस (शाकाहारी) सफारी में विभिन्न हिरणों की संख्या लगभग साढ़े चार सौ से अधिक हो गई है। जिनमें ब्लैक बक नामक दुर्लभ हिरणों में नया मेहमान ब्लैक बक (कृष्ण मृग या काला हिरण) का नवजात (फाॅन) बच्चा भी आकर्षण का केंद्र है। इसके शिकार का मामला बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से जुड़ा रहा है। ब्लैक बक की संख्या अब 10 हो गई है। पर्वतीय वनक्षेत्र की गोद में बसे वाइल्डलाइफ जू सफारी अनोखा दिखने के साथ उन्मुक्त वातावरण और उसमें उन्मुक्त विचरण करते विभिन्न प्रजातियों के हिरणों का झूंड वाला यह, नयनाभिराम दृश्य पर्यटकों को काफी लुभा रही है। वाईल्ड लाईफ जू सफारी में विभिन्न वन्यजीव जन्तुओं के सफारी के आंकड़े- 20.54 हेक्टेयर में शेर सफारी 20.50 हेक्टेयर में बाघ सफारी 20.63 हेक्टेयर में तेंदुआ सफारी 20.60 हेक्टेयर में भालू सफारी 45.62 हेक्टेयर में क्रमश: हिरण, चित्तल व सांभर का हाॅर्विवरस सफारी 10.74 हेक्टेयर में विश्व के विभिन्न प्रजातियों के चिड़ियों का वर्ड एवियरी

‘समृद्धि यात्रा’ में बालू से बनी अपनी तस्वीर देख मुस्कुराए CM नीतीश कुमार

छपरा. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  समृद्धि यात्रा के दौरान बुधवार को छपरा पहुंचे। जहां सदर प्रखंड परिसर में विकास की एक जीवंत झलक देखने को मिली। हेलीकॉप्टर से सुबह 10:56 बजे छपरा हवाई अड्डा पर उतरने के बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से सदर प्रखंड पहुंचे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद थे। पूरे कार्यक्रम के दौरान विकास, रोजगार और महिला सशक्तिकरण की झलक हर कदम पर दिखाई दी। सदर प्रखंड परिसर में पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकासात्मक स्टॉलों का निरीक्षण किया। जीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, ग्रामीण सड़क, सामाजिक सुरक्षा, जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र, सामाजिक सुरक्षा कोषांग सहित कई विभागों ने अपने-अपने कार्यों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया था। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने आम लोगों की ओर हाथ जोड़कर अभिवादन किया, जिससे वातावरण आत्मीय हो उठा। दीदी का सिलाई घर का उद्घाटन, मुंह से निकला-वाह, बहुत सुंदर निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने राधे कृष्ण जीविका महिला संकुल संघ द्वारा संचालित दीदी का सिलाई घर प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र का फीता काटकर उद्घाटन किया। जैसे ही वे प्रशिक्षण केंद्र के भीतर पहुंचे, सुव्यवस्थित व्यवस्था और महिलाओं के कामकाज को देखकर उनके मुंह से सहज ही निकल पड़ा-वाह, बहुत सुंदर! मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया वहां मौजूद जीविका दीदियों के लिए उत्साह और गर्व का क्षण बन गई। भोजपुरी संवाद और महिलाओं का आत्मविश्वास उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रशिक्षण केंद्र में लगे बैनर को पढ़कर मुख्यमंत्री को योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जीविका दीदी पम्मी देवी से कहा, अच्छी तरह से काम कीजिए। वहीं चंपा देवी ने भोजपुरी में मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए कहा, बहुत अच्छा लगता बा, हमनी के रोजगार मिलल बा। यह संवाद केवल शब्द नहीं था, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास और बदली जिंदगी की कहानी कह रहा था। 57 मशीनें, रोजगार की मजबूत नींव इस सिलाई घर सह उत्पादन केंद्र में कुल 57 मशीनें लगाई गई हैं, जिन पर महिलाएं नियमित रूप से काम कर रही हैं। खास बात यह है कि यहां काम करने वाली सभी महिलाओं को हाल ही में मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि भी मिली है। जीविका के संचार प्रबंधक दीपक कुमार ने बताया कि 57 मशीनों में दो स्टिच मशीन और दो बटन लगाने की विशेष मशीनें शामिल हैं। आंगनबाड़ी बच्चों के लिए लाखों पोशाकें तैयार होंगी दीपक कुमार ने जानकारी दी कि जीविका और आईसीडीएस के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। इसके तहत सारण जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए मार्च तक 1 लाख 95 हजार पोशाकें सिलकर तैयार की जाएंगी। कपड़ा मफतलाल कंपनी द्वारा उपलब्ध कराया है और उसी कंपनी के अनुभवी कारीगर जीविका दीदियों को कपड़ा काटने व सिलाई की प्रशिक्षण देंगे। महिलाओं के बच्चों और भोजन की भी व्यवस्था छपरा सदर सिलाई घर की कोऑर्डिनेटर सोनिया ने बताया कि यहां काम करने आने वाली महिलाओं के छोटे बच्चों की देखभाल के लिए पालना घर की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही महिलाओं के भोजन के लिए जीविका दीदी की रसोई भी संचालित की जा रही है, ताकि कार्य के दौरान उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। हर प्रखंड में खुलेंगे दो-दो सिलाई घर जिला कोऑर्डिनेटर अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के हर प्रखंड में दो-दो सिलाई घर खोले जाएंगे। साथ ही सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए पोशाक सिलाई को लेकर भी एमओयू पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया की जाएगी। बालू से बनी मुख्यमंत्री की आकृति बनी आकर्षण का केंद्र परिसर में सैंड आर्टिस्ट अशोक कुमार द्वारा बालू से बनाई गई मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आकृति भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। मुख्यमंत्री ने आकृति को देखकर सराहना की और स्वयं कलाकार से मुलाकात की। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी मुख्यमंत्री का ध्यान आकृति की ओर आकृष्ट किया, जिसे देखकर मुख्यमंत्री मुस्कुरा उठे। करोड़ों की योजनाओं की सौगात इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले के लिए 450.30 करोड़ रुपये की 45 योजनाओं का शिलान्यास और 86.50 करोड़ रुपये की 24 योजनाओं का उद्घाटन किया। प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने मुख्यमंत्री को प्रगति से समृद्धि तक और सात निश्चय से संबंधित लगाए गए पोस्टरों की जानकारी भी दी। आयुक्त, डीएम व एसएसपी थे मौजूद इस दौरान कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार सहित जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नीतीश के बेटे पर ललन सिंह बोले- ‘राजनीति में आने का फैसला वही करेंगे’

पटना. बिहार की सियासत में इन दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। क्या राजनीति में वे कदम रखेंगे या नहीं, इस सवाल पर अब केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का स्पष्ट बयान सामने आया है। उन्होंने इन अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए इसे मीडिया द्वारा गढ़ी गई नकारात्मक चर्चा बताया है। ललन सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि निशांत कुमार के राजनीति में आने या न आने का फैसला कोई और नहीं, बल्कि खुद नीतीश कुमार ही करेंगे। उनके अनुसार, नीतीश कुमार पार्टी के सबसे वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता हैं और ऐसे किसी भी विषय पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार उन्हीं के पास है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस मुद्दे पर बेवजह बातें फैलाकर राजनीतिक माहौल को गरमाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से हालिया मुलाकात को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। ललन सिंह ने बताया कि वे पिछले कुछ दिनों से अपने संसदीय क्षेत्र में व्यस्त थे और दिल्ली जाने से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री को फोन कर इसकी सूचना दी थी। इसके बाद नीतीश कुमार स्वयं उनके आवास पर मिलने पहुंच गए। ललन सिंह ने इसे नीतीश कुमार के व्यक्तित्व का उदाहरण बताते हुए कहा कि यही उनकी कार्यशैली और विनम्र स्वभाव है, जो उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाता है। राजनीतिक चर्चा के दौरान ललन सिंह ने भाजपा नेता नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नितिन नवीन को बधाई देते हुए कहा कि वे एक संतुलित सोच रखने वाले और संगठनात्मक अनुभव से भरपूर नेता हैं। उनके नेतृत्व में पार्टी को मजबूती मिलने की बात भी उन्होंने कही और उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद 'आप हमारे बॉस हैं' कहे जाने पर भी ललन सिंह ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक परिपक्वता और लोकतांत्रिक सोच को दर्शाता है। उनके अनुसार, किसी भी दल में राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वोच्च होता है और पद चाहे जो भी हो, पार्टी के भीतर सभी कार्यकर्ता ही होते हैं। ललन सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बिहार की राजनीति में नेतृत्व, उत्तराधिकार और भविष्य की रणनीति को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। उनके बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि जेडीयू फिलहाल किसी भी तरह की अटकलों को तवज्जो नहीं देना चाहती और सभी फैसलों को शीर्ष नेतृत्व पर छोड़ने की नीति पर कायम है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा: 31 जनवरी तक पूरे होंगे जमीन से संबंधित सभी काम

पटना सीएम नीतीश कुमार ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने समृद्धि यात्रा पर गोपालगंज रवाना होने से पहले जमीन विवाद के मामले को कम करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि 20 नवंबर 2025 को राज्य में नई सरकार के गठन के कुछ ही दिनों बाद हमलोगों ने बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने हेतु सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया है। सात निश्चय-3 (2025-30) के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान‘ (Ease of Living) का मुख्य मकसद राज्य के सभी नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम कर उनके जीवन को और भी आसान बनाना है। इसे लेकर हमलोग लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं। अनावश्यक भूमि विवाद उत्पन्न होते हैं सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि कई बार ऐसा देखा गया है कि राज्य में जमीन मापी कराने के इच्छुक लोगों द्वारा आवेदन देने के पश्चात जमीन मापी की प्रक्रिया संपन्न होने में काफी वक्त लग जाता है। इस कारण लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जमीन की समय पर मापी नहीं होने के कारण अनावश्यक भूमि विवाद उत्पन्न होते हैं। ऐसे में ‘सबका सम्मान-जीवन आसान‘ (Ease of Living) के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु भूमि मापी की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी, समयबद्ध एवं नागरिक अनुकूल बनाने के लिए निम्न निर्णय लिए गए हैं :     31 जनवरी 2026 तक जमीन मापी के लिए लंबित आवेदनों का निपटारा विशेष भूमि मापी अभियान चलाकर कर दिया जाएगा।     एक अप्रैल 2026 से अविवादित जमीन की मापी के लिए आवेदक द्वारा मापी शुल्क जमा किए जाने के अधिकतम 7 कार्य दिवस में जमीन की मापी सुनिश्चित की जाएगी तथा विवादित जमीन की मापी के लिए आवेदक द्वारा मापी शुल्क जमा किए जाने के अधिकतम 11 कार्य दिवस में जमीन की मापी सुनिश्चित की जाएगी।     अविवादित तथा विवादित जमीन की निर्धारित कार्य दिवस में मापी की प्रक्रिया पूर्ण कर अमीन द्वारा मापी का प्रतिवेदन मापी के पश्चात आवेदक के आवेदन की तिथि के 14वें दिन निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।     निर्धारित समय सीमा के अंदर जमीन मापी सुनिश्चित करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा आवश्यक कर्मचारियों एवं संसाधनों की व्यवस्था के साथ-साथ पूरी प्रक्रिया के गहन पर्यवेक्षण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।       मुझे पूरा विश्वास है कि जमीन मापी प्रक्रिया को सरल बनाने से संबंधित यह पहल समस्त प्रदेशवासियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी और उनका दैनिक जीवन और भी आसान हो सकेगा।     इस व्यवस्था के संबंध में यदि आप कोई अन्य विशिष्ट सुझाव देना चाहते हैं तो अपने बहुमूल्य सुझाव 25 जनवरी 2026 तक निम्न में से किसी एक माध्यम से दे सकते हैं।

ग्रीन स्टील तकनीक पर झारखंड सरकार और टाटा के बीच करार

रांची. वैश्विक औद्योगिक परिदृश्य में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए झारखंड सरकार और टाटा स्टील लिमिटेड ने विश्व आर्थिक मंच में एक ऐतिहासिक लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी न्यू एज ग्रीन स्टील प्रौद्योगिकियों में 11,000 करोड़ से अधिक के भारी निवेश की रूपरेखा तैयार करती है, जो एक स्थायी और कार्बन न्यूट्रल भविष्य और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन की ओर एक ऊंची और लम्बी छलांग है। नीदरलैंड और जर्मनी के अत्याधुनिक नवाचारों को राज्य में लाकर यह पहल सुनिश्चित करती है कि झारखंड प्रकृति के साथ पूर्ण सामंजस्य बनाए रखते हुए हरित विनिर्माण के वैश्विक बदलाव में अग्रणी बना रहे। इस मौके पर टाटा स्टील के एमडी एवं सीईओ टीवी नरेंद्रन एवं प्रतिनिधिमंडल मौजूद था। इस निवेश का मुख्य आधार हिसारना और ईजीमेल्ट जैसी क्रांतिकारी आयरनमेकिंग तकनीकियों की उपयोगिता है, जिसमें कुल 7,000 करोड़ का निवेश शामिल है। क्या है हिसारना परियोजना? हिसारना परियोजना एक ऐसी सफल तकनीक है, जिसमें स्वदेशी कोयले और निम्न श्रेणी के अयस्क का उपयोग करने की क्षमता है, जिससे महंगे आयात पर निर्भरता कम होगी और स्टील उत्पादन अधिक किफायती बनेगा। यह तकनीक कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए एक गेमचेंजर है, जिसमें कार्बन कैप्चर और स्टोरेज के साथ कार्बन डाइआक्साइड उत्सर्जन में 80 प्रतिशत तक की कमी लाने की क्षमता है। नीदरलैंड में सफल पायलट परीक्षणों के बाद, टाटा स्टील 2030 तक जमशेदपुर में लगभग एक मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाला एक वाणिज्यिक संयंत्र स्थापित करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही, ईजीमेल्ट (इलेक्ट्रिकली असिस्टेड सिनगैस मेल्टर) तकनीक पारंपरिक ब्लास्ट फर्नेस प्रक्रिया की स्थिरता को बढ़ाएगी। यह अपनी तरह का दुनिया का पहला समाधान है, जो सिनगैस का उपयोग करके कोक की खपत को कम करता है और कार्बन डाइआक्साइड उत्सर्जन को 50 प्रतिशत तक कम कर सकता है। औद्योगिक बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण आयरनमेकिंग के इन नवाचारों के अलावा इस निवेश पैकेज में एक अत्याधुनिक काम्बी मिल के लिए 1,500 करोड़ और टिनप्लेट विस्तार के लिए 2,600 करोड़ का प्रविधान किया गया है। यह व्यापक औद्योगिक खाका आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देने, उच्च तकनीकी रोजगार के अवसर पैदा करने और डी-कार्बोनाइजिंग दुनिया में दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है। ये पहल टाटा स्टील और झारखंड को बड़े पैमाने पर हरित आयरनमेकिंग तकनीक में फर्स्ट मूवर के रूप में स्थापित करती हैं, जिससे घरेलू प्रतिस्पर्धा और वैश्विक तकनीकी नेतृत्व दोनों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। युवा झारखंड औद्योगिक विरासत से हरित नवाचार तक राज्य की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह ऐतिहासिक समझौता झारखंड के परिवर्तनशील औद्योगिक सफर का प्रतीक है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड एक पारंपरिक खनिज आधारित अर्थव्यवस्था से निकलकर हरित नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। इसी क्रम में झारखंड में टाटा समूह से जुड़े खनन एवं विनिर्माण स्थलों पर औद्योगिक पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु राज्य सरकार और टाटा स्टील के बीच एक अलग एमओयू पर भी सहमति बनी है। बैठक के दौरान टाटा स्टील के एमडी एवं सीईओ टीवी नरेंद्रन ने मुख्यमंत्री की दावोस में सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि झारखंड शिक्षा, विनिर्माण और खनन जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा राज्य को ऐसे वैश्विक बिजनेस मंचों पर नियमित रूप से भाग लेना चाहिए। मुख्यमंत्री ने राज्य की आइटीआइ संस्थाओं को रोजगार और बाजार उन्मुख बनाने के लिए टाटा स्टील द्वारा उन्हें गोद लेने का प्रस्ताव भी रखा, जिसमें कंपनी ने अपने सहमति जताई। इस अवसर पर टाटा समूह द्वारा मुख्यमंत्री को दावोस स्थित टाटा डोम में रात्रिभोज का आमंत्रण भी दिया गया, जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया।

रांची का फैशन डिजाइनर जाएगा राष्ट्रपति भवन

रांची. झारखंड के लिए यह गर्व का विषय है कि राज्य के प्रख्यात टेक्सटाइल डिजाइनर एवं उद्यमी आशीष सत्यव्रत साहु को 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित ‘एट होम’ कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। यह निमंत्रण भारत के राष्ट्रपति की ओर से भेजा गया है। रांची निवासी आशीष सत्यव्रत साहु जोहारग्राम फैशन ब्रांड के संस्थापक हैं। यह ब्रांड झारखंड की आदिवासी टेक्सटाइल और हस्तशिल्प परंपरा को समकालीन डिजाइन के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का कार्य करता है। इसके साथ ही वे खादीवाला ब्रांड के भी संस्थापक हैं, जो खादी आधारित डिजाइन और नवाचार के जरिए स्वदेशी वस्त्र परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। स्थानीय कारीगरों को आजीविका के नए अवसर पिछले कई वर्षों से आशीष सत्यव्रत साहु टेक्सटाइल और क्राफ्ट क्षेत्र में डिजाइन नवाचार, परंपरागत कारीगरी के संरक्षण और कारीगरों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्यरत हैं। उनके प्रयासों से झारखंड के अनेक स्थानीय कारीगरों को आजीविका के नए अवसर मिले हैं और उनकी पारंपरिक कला को नई पहचान प्राप्त हुई है। आशीष सत्यव्रत साहु के योगदान की सराहना देश के प्रधानमंत्री तथा राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा भी विभिन्न अवसरों पर की जा चुकी है। उनके डिजाइन देश के कई प्रतिष्ठित फैशन और हैंडलूम मंचों पर प्रदर्शित हो चुके हैं, जिससे झारखंड की समृद्ध आदिवासी वस्त्र परंपरा को व्यापक पहचान मिली है। राष्ट्रपति भवन के ‘एट होम’ कार्यक्रम में आमंत्रण उनके रचनात्मक योगदान, सामाजिक प्रतिबद्धता और स्वदेशी वस्त्र संस्कृति के प्रति समर्पित प्रयासों की एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है। यह उपलब्धि न केवल आशीष सत्यव्रत साहु के लिए, बल्कि पूरे झारखंड राज्य के लिए गर्व की बात है।

झारखंड के शहरी परिवहन में सहयोग करेगा स्वीडन

रांची. विश्व आर्थिक मंच दावोस के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने टाटा स्टील के शीर्ष नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक के दौरान टाटा स्टील ने झारखंड में न्यू एज ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी के तहत कुल 11,000 करोड़ रुपये के निवेश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जिसे लेकर आशय पत्र एवं सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस निवेश के अंतर्गत हिरसाना ईजी एंड मेल्ट टेक्नोलॉजी में 7,000 करोड़ रुपये, काम्बी मिल परियोजना में 1,500 करोड़ रुपये तथा टिनप्लेट विस्तार परियोजना में 2,600 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। ये सभी परियोजनाएं पर्यावरण अनुकूल ग्रीन स्टील तकनीक पर आधारित होंगी, जिनमें नीदरलैंड और जर्मनी की उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार टिकाऊ औद्योगिक विकास, स्वच्छ तकनीक और स्थानीय रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। टाटा स्टील के साथ यह साझेदारी राज्य की औद्योगिक क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के साथ-साथ झारखंड को हरित औद्योगिक परिवर्तन का अग्रणी राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह निवेश न केवल राज्य के खनिज आधारित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती देगा, बल्कि ग्रीन एनर्जी और जलवायु-अनुकूल विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों को भी गति प्रदान करेगा। हिताची कम्पनी ने विद्युत, उच्च स्तरीय ग्रिडिंग एवं उन्नत अवसंरचना के लिए निवेश पर अपना प्रस्ताव दिया है। मुख्यमंत्री को व्हाइट बैच से किया गया सम्मानित  विश्व आर्थिक मंच की तरफ से मुख्यमंत्री को व्हाइट बैज प्रदान किया गया तथा मुख्यमंत्री की ओर से सहयोग का औपचारिक पत्र सौंपा गया। यह सहयोग फोरम के उत्कृष्टता केंद्रों के अनुरूप तीन प्रमुख विषयों क्रिटिकल मिनरल्स एवं नई ऊर्जा, तथा जलवायु और जैव विविधता संरक्षण पर आधारित है। राज्य सरकार का विजन 2050 व्यापक रूप से फोरम की समावेशी समाज की अवधारणा के साथ पूर्णतः मेल खाती है। इस सहभागिता के माध्यम से सीख, ज्ञान-विनिमय और क्रियान्वयन आधारित सहयोग की दिशा में एक सार्थक और दीर्घकालिक साझेदारी की कोशिश की जाएगी। वहीं, पिछले वर्ष झारंड सरकार के स्वीडन के आधिकारिक यात्रा का प्रतिफल भी सामने आया है। स्वीडन ने अर्बन ट्रांसपोर्ट में निवेश को लेकर बातचीत को आगे बढ़ाया है। इसको लेकर स्वीडन और भारत के बीच अप्रैल में संभावित सहयोग और निवेश के लिए राउंड टेबल मीटिंग आयोजित किया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री की स्वीडन की उन कंपनियों से भी मुलाकात हुई, जिनसे स्वीडन की यात्रा के दौरान पिछले वर्ष बातचीत हुई थी। वर्ल्ड वुमन लीडर्स फोरम के प्रतिनिधियों से मुलाकात बैठक में महिला राजनीतिक नेतृत्व को सशक्त बनाने, विशेषकर हाशिये पर रहने वाले वर्गों से आने वाली महिलाओं के लिए झारखंड सरकार के साथ एक सहयोगात्मक ढांचा स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की गई। साथ ही भारत चैप्टर की स्थापना तथा सभी राजनीतिक दलों की महिला प्रतिनिधियों के लिए एक साझा और गैर-दलीय मंच के गठन का प्रस्ताव भी रखा गया, जिसमें संवाद, क्षमता निर्माण और सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ टाटा स्टील के एमडी एवं सीईओ टीवी नरेंद्रन, स्वीडन इंडिया बिज़नेस काउंसिल की चीफ इंडिया रिप्रेजेंटेटिव सेसिलिया ओल्डने, वुमन पालिटिकल लीडर्स फोरम की अध्यक्ष सिलवाना कोच-मेहरिन, विश्व आर्थिक मंच से विराज मेहता, हिताची इंडिया के क्षेत्रीय प्रमुख भारत कौशल एवं टेक महिंद्रा के आइएमईए डिवीजन के प्रमुख एवं अध्यक्ष साहिल धवन शामिल हुए।