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रांची के स्कूल में बच्चों ने बनाए 10000 सीड बॉल

रांची. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल करने के लिए उत्क्रमित मध्य विद्यालय महावीर नगर ऊपर टोला के प्रधानाचार्य रंथु साहु के नेतृत्व में शून्य से सशक्तीकरण कार्यक्रम के तहत बच्चों को हरित विद्यालय की राह दिखाई जा रही है। बच्चों को सीड बॉल बनाने के गुर सिखाए जा रहे हैं ताकि उन्हें सामाजिक सरोकार से जोड़ा जा सके। यह आइडिया स्कूल के प्राचार्य का था तो बच्चों ने भी जमकर पसीना बहाया और सीड बाल बनाकर अपने आसपास के क्षेत्रों में उसे फेंककर हरियाली बढ़ाने का प्रयास किया। इस बार अच्छी वर्षा होने के कारण अपेक्षित सफलता भी मिली। प्राचार्य ने उत्साहित होकर कहा कि जिन जिन जगहों पर सीड बाल बच्चों के द्वारा फेंके गए थे वहां नई पौध निकल आई है। 10 हजार सीड बॉल किए तैयार प्राचार्य ने बताया कि बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से सीड बाल तैयार किए जाने का लक्ष्य रखा गया था। बीज विद्यालय के पोषक क्षेत्र से विभिन्न प्रकार के बीज जैसे कटहल, आम, जामुन, महुआ, बढ़हर, करंज, इमली, कुसुम, डोरी, खजूर, केंद, शरीफा के अलावे विभिन्न प्रकार के बीज बच्चों के द्वारा विद्यालय में इकट्ठा किया गया। दस हजार सीड बाल बनाने के लिए विद्यालय के चार हाउस, इको क्लब, बाल संसद अन्य बच्चे एवं शिक्षक के सहयोग से तैयार किया गया। बताया कि सीड बाल वहां फेका गया जहां जमीन खाली थी और जहां झाड़ियों का झुंड था ताकि नई पौध निकालने पर उसका कोई नुकसान न हो। स्कूल प्रबंधन ने खलारी सीसीएल कर्मी को दिए तीन हजार सीड बॉल स्कूल प्रबंधन ने खलारी सीसीएल कर्मी को भी लगभग तीन हजार सीड बाल दिए। जहां कोयला निकालकर मिट्टी भरी गई, जहां खाली जमीन पड़ी थी, वहां सीड बाल लगाने के लिए दिए ताकि पर्यावरण को हरा भरा बनाया जा सके। इस कार्य में अपेक्षित सफलता मिली है और क्षेत्र के लोग इस कार्य की सराहना भी कर रहे हैं।

झारखंड निकाय चुनाव 2026 में 15 लाख तक तय की खर्च लिमिट

रांची. झारखंड में 2026 के निकाय चुनावों का बिगुल बज चुका है। अगर आप पार्षद, मेयर या चेयरपर्सन बनने का सपना देख रहे हैं, तो नियमों की ये बैरियर पार करनी होंगी। राज्य चुनाव आयोग ने हाल ही में खर्च सीमा को 15 लाख रुपये तय किया हैऔर आरक्षित सीटों पर जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य है। यह रिपोर्ट झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 और नवीनतम अधिसूचनाओं पर आधारित है, जिसमें पात्रता से लेकर चुनाव व्यय तक सब कुछ शामिल है। दो बच्चों की नीति और कर क्लीयरेंस जैसे नियम अब और सख्त हैं। 1. पात्रता मानदंड झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 579 के अनुसार, उम्मीदवार का नाम नगरपालिका मतदाता सूची में होना चाहिए। आरक्षित सीटों के लिए अतिरिक्त शर्तें लागू हैं: न्यूनतमआयु: 21 वर्ष। इससे कम आयु पर अयोग्यता (धारा 18(b))।     नागरिकता: भारतीय नागरिक होना जरूरी (धारा 18(a))।     आरक्षित सीटें: SC, ST, BC या महिला आरक्षण वाली सीटों पर उम्मीदवार उसी कैटेगरी का होना चाहिए। राज्य चुनाव आयोग रोटेशन आधार पर आरक्षण तय करता है (धारा 16 और 27)।     मतदाता होना: उम्मीदवार को उस क्षेत्र की विधानसभा मतदाता सूची में नाम होना चाहिए (धारा 555)।     शैक्षणिक योग्यता: कोई अनिवार्य योग्यता नहीं, लेकिन शपथ पत्र में शिक्षा विवरण देना पड़ता है (धारा 543)। एक उम्मीदवार वार्ड सदस्य और मेयर/चेयरपर्सन दोनों पदों पर लड़ सकता है। 2. अयोग्यता के आधार धारा 18 में अयोग्यता के कई आधार हैं। इनमें से कोई भी लागू होने पर चुनाव लड़ना या पद संभालना असंभव।     दो बच्चों की नीति: दो से ज्यादा जीवित बच्चे होने पर अयोग्य (धारा 18(n))। अपवाद: अधिनियम शुरू होने (9 फरवरी, 2012) के एक साल के अंदर दो से ज्यादा बच्चे होने पर छूट, लेकिन 9 फरवरी, 2013 के बाद तीसरा बच्चा होने पर पूरी तरह अयोग्य।     कर बकाया: पिछले साल का नगरपालिका कर बकाया होने पर अयोग्य (धारा 18(l))। कर क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जरूरी।     आपराधिक रिकॉर्ड: 6 महीने से ज्यादा सजा (राजनीतिक अपराध छोड़कर), या फरार होना (धारा 18(h))।     सरकारी सेवा: सरकारी या लोकल अथॉरिटी की जॉब में होना (धारा 18(c))।     अन्य: दिवालिया, मानसिक अक्षमता, भ्रष्टाचार (6 साल तक अयोग्य), या 3 लगातार मीटिंग्स से गैरहाजिर (धारा 18(o))।     दोहरी सदस्यता: विधायक, सांसद या पंचायत सदस्य होने पर 15 दिनों में एक पद छोड़ना (धारा 18)। अयोग्यता पर राज्य चुनाव आयोग फैसला करता है। 3. नामांकन प्रक्रिया नामांकन आयोग द्वारा घोषित तिथियों पर (धारा 539)। मुख्य बिंदु-     शपथ पत्र: नामांकन के साथ जरूरी (धारा 543)। इसमें आपराधिक रिकॉर्ड, संपत्ति, देनदारियां, शिक्षा शामिल।     झूठा शपथ पत्र: 1 साल कैद या जुर्माना (धारा 544)।     जमा राशि: आयोग द्वारा तय, सामान्य कैटेगरी के लिए अलग।     प्रक्रिया: रिटर्निंग ऑफिसर (उप जिलाधिकारी स्तर) के पास जमा। सहायक रिटर्निंग ऑफिसर मदद करते हैं (धारा 541)।     आरक्षण पालन: केवल योग्य उम्मीदवार आरक्षित सीटों पर।     दोहरी नामांकन: Allowed, लेकिन जीतने पर एक पद चुनना। नामांकन जांच के बाद, गलती पर रद्दीकरण। इस समाचार में उपयोग किए गए क्रिएटिव ग्राफिक्स को NoteBookLM आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस प्रोग्राम की सहायता से बनाया गया है। 4. आरक्षण व्यवस्था धारा 16 और 27 के मुताबिक-     SC/ST/BC/महिलाओं के लिए 50% तक आरक्षण।     आरक्षित कैटेगरी में महिलाओं के लिए सब-आरक्षण।     आयोग द्वारा हर 10 साल में रिव्यू और रोटेशन।     मेयर/चेयरपर्सन के लिए भी जनसंख्या आधारित आरक्षण। 5. जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता आरक्षित सीटों (SC/ST/BC) पर लड़ने के लिए वैध जाति प्रमाण पत्र नामांकन के साथ जमा करना अनिवार्य है। प्रमाण पत्र जिला मजिस्ट्रेट, अनुमंडल पदाधिकारी या अधिकृत अथॉरिटी द्वारा जारी किया जाता है। वैधता आमतौर पर लाइफटाइम होती है, लेकिन चुनाव के लिए हालिया वेरिफिकेशन जरूरी। BC-I/BC-II के लिए नॉन-क्रीमी लेयर डिक्लेरेशन भी लगता है। फॉर्मेट राज्य सरकार के सर्कुलर के अनुसार, जैसे SC/ST के लिए स्पेसिफिक फॉर्मेट में संशोधन। गलत प्रमाण पत्र पर नामांकन रद्द और कानूनी कार्रवाई। राज्य चुनाव आयोग ने हालिया सर्कुलरों में सख्ती बढ़ाई है। 6. चुनाव प्रक्रिया और मतदान     पर्यवेक्षण: राज्य चुनाव आयोग (धारा 538)। जिला चुनाव अधिकारी (उपायुक्त) कोऑर्डिनेट करता है।     मतदान: डायरेक्ट इलेक्शन (धारा 553)। अमिट स्याही और आईडी जरूरी (धारा 554)।     मतदान दिवस: छुट्टी (धारा 575); शराब बैन 48 घंटे पहले (धारा 576)।     पर्यवेक्षक: आयोग द्वारा अपॉइंट (धारा 556)।     अपराध: रिश्वत, धमकी, बूथ कैप्चरिंग पर सजा (धारा 558-574)। बूथ कैप्चरिंग पर 1-3 साल कैद। 7. चुनाव व्यय और लेखा     सीमा: राज्य चुनाव आयोग द्वारा तय। 2026 चुनावों के लिए उम्मीदवारों पर 15 लाख रुपये की अधिकतम खर्च सीमा लागू। निकाय के आधार पर अलग-अलग, जैसे मेयर के लिए ज्यादा, वार्ड के लिए कम। उल्लंघन पर अयोग्यता (धारा 577)।     लेखा: नामांकन से रिजल्ट तक हिसाब रखना जरूरी। फेल होने पर 3 साल अयोग्य (धारा 578)।     मॉनिटरिंग: आयोग द्वारा सख्त निगरानी, बैंक ट्रांजेक्शन चेक। 8. शपथ और पद ग्रहण     पार्षदों के लिए: संविधान निष्ठा शपथ (धारा 19)। 3 महीने में लेनी, वरना पद रिक्त।     मेयर/चेयरपर्सन के लिए: गोपनीयता शपथ (धारा 29)। 9. रिकॉल और पद की अवधि     अवधि: 5 साल (धारा 20)।     रिकॉल: वार्ड वोटर्स की बहुमत पिटीशन पर, 2/3 पार्षदों की अप्रूवल से (धारा 21)। पहले साल में नहीं। 10. चुनाव याचिका     फाइलिंग: रिजल्ट के 45 दिनों में कोर्ट में (धारा 580)।      आधार: अयोग्य उम्मीदवार, भ्रष्टाचार, गलत नामांकन।     भ्रष्टाचार: रिश्वत, झूठे स्टेटमेंट, फ्री ट्रांसपोर्ट आदि (धारा 586)। दोषी पर 5 साल अयोग्य। यह रिपोर्ट चुनाव आयोग के आधिकारिक स्रोतों और नवीनतम अपडेट्स पर बनी है। चुनाव तिथियां जल्द घोषित हो सकती हैं। उम्मीदवार आयोग की वेबसाइट चेक करें और अपडेट रहें।

वारंटी की गिरफ्तारी के दौरान पथराव में 5 पुलिस जवान घायल

गया. बेलागंज थाना क्षेत्र के जाहिर बिगहा गांव में शुक्रवार के सुबह उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। जब न्यायालय के एक वारंटी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर उसके स्वजनों ने हमला कर दिया। इस हिंसक घटना में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। जबकि पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद गांव में कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार बेलागंज थाना की पुलिस न्यायालय के आदेश पर वारंटी विनोद चौधरी को गिरफ्तार करने जाहिर बिगहा गांव पहुंची थी।  पुलिस टीम पर पथराव कर दिया पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए वारंटी को हिरासत में ले लिया। इसी दौरान वारंटी के स्वजनों पुलिस की कार्रवाई का विरोध करने लगे और पुलिसकर्मियों से उलझ गए। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि स्वजनों ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में सिपाही मदन कुमार, दुर्गानंद पासवान, मीरा कुमारी, चौकीदार नंदू पासवान एवं मनोज कुमार घायल हो गए। सभी जख्मी पुलिसकर्मियों को तत्काल इलाज के लिए बेलागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी को खतरे से बाहर बताया।  पुलिस वाहन का शीशा टूटा हमले के दौरान पुलिस वाहन का शीशा टूट गया। जिससे वाहन को भी नुकसान पहुंचा है। घटना को लेकर अवर निरीक्षक अभिनेश कुमार के लिखित आवेदन पर बेलागंज थाना में आठ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है।  थानाध्यक्ष मनोज कुमार पांडे ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों को चिन्हित कर लिया गया है और उनके खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल कलमंती देवी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून-व्यवस्था भंग करने और पुलिस पर हमला करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा हीं जाएगा।

मां और बेटी दोनों की सेहत पर चुपचाप वार कर रहा एनीमिया

आरा. एनीमिया एक ऐसी बीमारी है, जो धीरे-धीरे शरीर को कमजोर करती है, लेकिन इसके दुष्परिणाम गंभीर होते हैं। खासकर किशोरियों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह बीमारी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। समय रहते जांच और संतुलित आहार न मिलने पर एनीमिया मां और गर्भस्थ शिशु- दोनों की सेहत पर गहरा असर डालता है। किशोरावस्था में माहवारी के दौरान नियमित रक्तस्राव होता है। यदि इस दौरान शरीर को पर्याप्त आयरन और पोषक तत्व नहीं मिलते, तो हीमोग्लोबिन का स्तर गिरने लगता है और एनीमिया की समस्या पैदा हो जाती है। वहीं, गर्भावस्था के दौरान शिशु के विकास के लिए मां के शरीर में अतिरिक्त रक्त की जरूरत होती है। ऐसे में खून की कमी होने पर गर्भवती महिलाओं के एनीमिक होने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। एनीमिया से बचाव के लिए सरकार की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों और सरकारी विद्यालयों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत हर बुधवार 5 से 9 वर्ष की किशोरियों को गुलाबी गोली, जबकि 10 से 19 वर्ष की किशोरियों को नीली गोली दी जा रही है। आयरन और फोलिक एसिड से भरपूर ये गोलियां शरीर में खून की कमी को दूर करने में कारगर साबित हो रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एनीमिया से बचाव के लिए आयरनयुक्त आहार बेहद जरूरी है। भोजन में पालक, सोयाबीन, चुकंदर, अनार और हरी सब्जियों को शामिल करना चाहिए। आज सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत विशेष शिविर मातृ मृत्यु दर को कम करने और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव की सुविधा देने के उद्देश्य से बुधवार, 21 जनवरी को जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों में गर्भवती एवं धातृ महिलाओं की संपूर्ण स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। नियमित एएनसी जांच जरूरी अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एसके सिन्हा ने बताया कि किशोरियों और गर्भवती महिलाओं में एनीमिया का खतरा अधिक रहता है। किसी भी प्रकार के लक्षण महसूस होने पर तुरंत जांच करानी चाहिए। विशेषकर गर्भवती महिलाओं के लिए नियमित एएनसी जांच अनिवार्य है। शरीर में पर्याप्त रक्त न होने पर मां और बच्चे दोनों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। सही खान-पान, नियमित जांच और गुलाबी-नीली गोलियों के सेवन से एनीमिया को काफी हद तक रोका जा सकता है।

CM नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा में उमड़ी महिलाओं की भीड़

गोपालगंज. समृद्धि यात्रा के तहत बरौली हाईस्कूल में आयोजित सभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सुनने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं। मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने जहां अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, वहीं विपक्ष पर तीखा हमला भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति बेहद खराब थी। लोग शाम ढलते ही घर से निकलने में डरते थे। समाज में आए दिन विवाद होते थे, हिंदू-मुस्लिम झगड़े आम बात थी। पढ़ाई-लिखाई की स्थिति दयनीय थी और इलाज के समुचित इंतजाम नहीं थे। सड़कों का अभाव था और बिजली बहुत कम जगहों तक ही सीमित थी। उन्होंने कहा कि जब हमारी सरकार बनी, तब हमने एक-एक कर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली के क्षेत्र में व्यापक काम किए गए। आज बिहार में हालात बदले हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि अब कहीं हिंदू-मुस्लिम झगड़े होते हैं क्या? विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक नेता केवल सात महीने के लिए मुख्यमंत्री बना। उस दौरान गड़बड़ी की और हटने के बाद अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बना दिया। उन्होंने कहा कि पुराने लोगों ने कभी विकास के लिए काम नहीं किया, जबकि उनकी सरकार शुरू से ही बिहार के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयासरत रही है।

कोडरमा में धान की बंपर खरीदी से पैक्स गोदाम फुल

कोडरमा. धान क्रय के मामले में कोडरमा जिला पूरे राज्य में नंबर वन पर है। जिले को मिले एक लाख क्विंटल धान क्रय के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक लगभग 50 प्रतिशत धान की खरीद की जा चुकी है। इस वर्ष धान क्रय के साथ ही किसानों को उनके बैंक खाते में समय पर भुगतान भी किया जा रहा है, जिससे किसानों में संतोष देखा जा रहा है। हालांकि इसके बावजूद पैक्स स्तर पर धान क्रय की प्रक्रिया फिलहाल प्रभावित हो रही है। जिले में इस बार धान क्रय के लिए कुल 30 पैक्स एवं दो महिला मंडलों का चयन किया गया है। 15 दिसंबर से शुरू हुई धान खरीद में अब तक करीब 50 हजार क्विंटल धान किसानों से खरीदा जा चुका है। इनमें से लगभग 20 हजार क्विंटल धान मिलरों को भेजा गया है। लेकिन बीते एक सप्ताह से अधिकांश पैक्सों में धान क्रय लगभग ठप है। पैक्स संचालकों के अनुसार गोदाम पूरी तरह धान से भर चुके हैं। मिलों की ओर से धान का उठाव नहीं हो पाने के कारण आगे क्रय संभव नहीं हो पा रहा है। बताया जा रहा है कि मिल संचालकों को एफसीआई को दिए जाने वाले चावल के बदले धान उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन समय पर सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) की आपूर्ति नहीं होने के कारण धान का उठाव प्रभावित हुआ है। पैक्स गोदामों में धान डंप, आगे की खरीद हो रही प्रभावित  इसके चलते पैक्स गोदामों में धान डंप हो गया है। गोदाम खाली होने के बाद ही आगे धान क्रय किया जा सकेगा। इस स्थिति से किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी है, हालांकि प्रशासन उन्हें धैर्य रखने की अपील कर रहा है। इस संबंध में जिला आपूर्ति पदाधिकारी (डीएसओ) प्रदीप शुक्ला ने कहा कि धान क्रय के लिए 31 मार्च तक का समय निर्धारित है, इसलिए किसानों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। कोडरमा जिला राज्य में धान क्रय में सबसे आगे है और लक्ष्य का 50 प्रतिशत पहले ही हासिल कर लिया गया है, जबकि अभी ढाई माह से अधिक का समय शेष है। इस बार सरकार की ओर से लागू की गई हैं कई शर्तें उन्होंने बताया कि इस बार सरकार की ओर से कई शर्तें लागू की गई हैं, जिनमें अग्रिम धान नहीं लेना, छुट्टी व रविवार को धान क्रय नहीं करना तथा पैक्सों को लक्ष्य निर्धारित करना शामिल है। डीएसओ ने बताया कि पैक्सों में किसानों का धान पहुंचते ही दो से सात दिनों के भीतर भुगतान किया जा रहा है। मिल संचालकों द्वारा सीएमआर की आपूर्ति होते ही धान का उठाव शुरू होगा और इसके बाद क्रय प्रक्रिया फिर से तेज हो जाएगी।

आरसीपी सिंह पर ललन सिंह की दो-टूक: बोले– जेडीयू अपने दम पर मजबूत, प्रशांत किशोर पर भी खुलकर हमला

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष आरसीपी सिंह की वापसी की अटकलें जोरों पर हैं। हालांकि, जदयू के वरीय नेता एवं केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने दो-टूक जवाब देते हुए कहा कि जेडीयू को अब आरसीपी सिंह की जरूरत नहीं है। उन्होंने जन सुराज पार्टी के चीफ प्रशांत किशोर की जेडीयू में वापसी की संभावनाओं पर भी प्रतिक्रिया दी।   केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने रविवार को कहा कि प्रशांत किशोर और आरसीपी सिंह की जदयू में वापसी की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा, “इन दोनों नेताओं को जनता ने खारिज कर दिया है और अब बिहार की राजनीति में उनका कोई स्थान नहीं है। पिछले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पीके ने भविष्यवाणी की थी कि जदयू केवल 25 सीटों पर सिमट जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया था कि नीतीश कुमार की मुख्यमंत्री के रूप में यह आखिरी राजनीतिक पारी होगी।” जदयू नेता ने सवाल किया कि प्रशांत किशोर के उन दावों और भविष्यवाणियों का क्या हुआ? ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बीते बिहार चुनाव में जदयू की सीटें 42 से बढ़कर 85 हो गईं। वह फिर से मुख्यमंत्री भी बन गए हैं। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद किशोर की राजनीतिक हैसियत अब कुछ भी नहीं है। बता दें कि हालिया चुनाव में जन सुराज पार्टी की करारी हार मिलने के बाद पीके के जेडीयू में लौटने की अटकलें राजनीतिक गलियारों में लगाई जा रही थीं। इसी सवाल का जवाब देते हुए ललन सिंह ने ये बातें कहीं। उन्होंने पीके की पार्टी के नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की पार्टी में वापसी की संभावनाओं को भी खारिज किया। ललन सिंह ने कहा कि आरसीपी के जेडीयू का अध्यक्ष रहते 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी की सीटें 71 से घटकर 42 रह गई थीं। ऐसे लोगों की अब पार्टी में कोई जरूरत नहीं है। दरअसल, आरसीपी सिंह ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में कहा था कि वह और नीतीश कुमार कभी अलग नहीं हुए। उन्होंने कहा था कि नौकरशाही के अपने करियर और बाद में राजनीति में भी वे और नीतीश हमेशा एक ही पन्ने पर रहे हैं और दोनों एक-दूसरे को बहुत अच्छे से जानते और समझते हैं। आरसीपी 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जन सुराज पार्टी में शामिल हो गए थे। उन्होंने जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर की सराहना की थी और कहा था कि व्यवस्था और राजनीतिक परिदृश्य को बदलने का उनका प्रयास बिहार की राजनीति में बड़े अच्छे परिणाम देगा। मगर अब उनके जन सुराज छोड़ने की चर्चा चल रही है।

झामुमो में शामिल हुए पूर्व नेता उत्तम यादव

रांची. झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं का झामुमो से जुड़ने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में झाविमो के पूर्व नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता उत्तम यादव ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ झामुमो की सदस्यता ग्रहण की। रांची के किशोरगंज स्थित एक स्कूल में सदस्यता ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री एवं झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए उत्तम यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने पार्टी की सदस्यता ली। झामुमो के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता विनोद कुमार पाण्डेय की मौजूदगी में सभी नव-प्रवेशी सदस्यों ने औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। 'समग्र विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प' इस अवसर पर विनोद कुमार पाण्डेय ने सभी नए कार्यकर्ताओं को अंगवस्त्र पहनाकर पार्टी में स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में झामुमो की विचारधारा, नीति और सिद्धांतों की जानकारी दी तथा संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने हेमंत सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। साथ ही राज्य के समग्र विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प भी दिलाया। झामुमो की सदस्यता लेने के बाद क्या बोले उत्तम? झामुमो की सदस्यता लेने के बाद उत्तम यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विकास कार्यों से प्रभावित होकर उन्होंने अपने समर्थकों के साथ झामुमो की सदस्यता ग्रहण की है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सिद्धांतों और विचारों को जन-जन तक पहुंचाना उनका उद्देश्य रहेगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में पूरी राजधानी झामुमोमय होगी और बड़ी संख्या में युवाओं को पार्टी से जोड़ा जाएगा। इस कार्यक्रम से यह स्पष्ट संदेश गया कि झारखंड की जनता का विश्वास तेजी से झामुमो और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर मजबूत हो रहा है।

झारखंड नगर निकाय चुनाव में JMM ने किया सभी प्रत्याशियों के नामों का एलान

गम्हरिया. झारखंड में निकाय चुनाव (Jharkhand municipal elections) की औपचारिक घोषणा से पहले ही झामुमो ने चुनावी तैयारी प्रारम्भ कर दिया है। इसी क्रम में झामुमो जिला कमेटी की ओर से मेयर और अध्यक्ष पद के लिए अपने समर्थित उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दिया है। गम्हरिया स्थित पार्टी कार्यालय में रविवार को एक प्रेस वार्ता कर जिलाध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो द्वारा जिले के तीनों निकायों के लिए पार्टी समर्थित उम्मीदवारों के नामों की घोषणा किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि आदित्यपुर नगर निगम के मेयर पद के लिए भुगलु उर्फ डब्बा सोरेन के नाम पर पार्टी की सहमति बनी है। वहीं, सरायकेला नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए हरिहर लोहार को पार्टी समर्थित उम्मीदवार घोषित किया गया है। इसके अलावा कपाली नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए सरवर आलम के नाम पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि सभी नामों पर संगठन स्तर पर विचार-विमर्श और सहमति के बाद निर्णय लिया गया है। कहा कि पार्टी का उद्देश्य नगर निकायों में जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना और विकास कार्यों को गति देना है। आदित्यपुर नगर निगम: वार्डवार प्रत्याशियों की सूची  वार्ड     प्रत्याशी का नाम 1     बनमाली दास 2     फुलकी महतो 3     बंकिम चौधरी 4     सिद्धनाथ सिंह 5     संध्या देवी 6     शंकर मुखी 7     कविता दास 8     अनिता देवी 9     दुर्गा चरण बेसरा 10     सविता सिंह सरदार 11     संजय बेहरा 12     केदारनाथ 13     सुशीला तांती 14     विद्युत लता दास 15     उमेश प्रामाणिक 16     सचिन महतो 17     नीतू शर्मा 18     ललित सरकार 19     अंकित सरकार 20     पार्वती देवी 21     रखीमन हसन 22     चंचल कुमारी 23     जूली महतो 24     अभि मुखी 25     विक्की प्रधान 26     पूजा साहू 27     रिंकी करवा 28     अनीता केराई 29     अर्चना कुमारी 30     विष्णु बावरी 31     हेमलता देवी 32     ज्ञानवी देवी 33     बेला दोराई 34     अंजना सिंह 35     मुन्नी तिऊ कपाली नगर परिषद के वार्डवार प्रत्याशी  वार्ड     प्रत्याशी का नाम 1     चांदनी खातून 2     अब्दुल अंसारी 3     नाजिया परवीन 4     निकहत परवीन 5     नुसरत जहां 6     मोहम्मद नदीम 7     आफरीन शेख 8     तरन्नुम खातून 9     मोहम्मद अमीन 10     फरीदा बेगम 11     अजहर परवीन 12     बबलू महतो 13     मोहम्मद जब्बार 14     नौशाद खान 15     सैयद सलाउद्दीन 16     अजमेरी खातून 17     संतोष कुमार महतो 18     सरवन सिंह 19     राजू मांझी 20     अब्दुल कलाम 31     हिकीम टुडू सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष एवं वार्ड प्रत्याशी पद / वार्ड     प्रत्याशी का नाम अध्यक्ष     हरी लोहार वार्ड 1     उमेश भोल वार्ड 2     संतोष प्रजापति वार्ड 3     माधुरी पति वार्ड 4     जिमी तिऊ वार्ड 5     गौतम नायक वार्ड 6     बबीता कामिला वार्ड 7     वंदना सिंह वार्ड 8     राकेश रंजन पति वार्ड 9     शंभू आचार्य वार्ड 10     आशीष सरदार वार्ड 11     नेहा सतपति

गणतंत्र दिवस पर दिल्ली वाली ट्रेनों में 26 जनवरी तक पार्सल बुकिंग बंद

सहरसा. गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा के मद्देनजर 22 जनवरी से 26 जनवरी तक पूर्व मध्य रेल समस्तीपुर मंडल अंतर्गत सभी स्टेशनों से दिल्ली के लिए पार्सल बुकिंग अस्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी। रेलवे ने यह रोक लगायी है। यह नियम बिहार सहित दिल्ली के साथ नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार टर्मिनल, दिल्ली सराय रोहिल्ला स्टेशन पर यह निर्णय लागू रहेगा। रेलवे के अनुसार 23 से 26 जनवरी तक दिल्ली के किसी भी रेलवे स्टेशन पर पार्सल भेजने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इसीलिए अन्य स्टेशन पर एक दिन पहले से पार्सल सेवा बंद करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 26 जनवरी को आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। समस्तीपुर मंडल के वाणिज्य विभाग के अनुसार 26 जनवरी के बाद सुरक्षा स्थिति सामान्य होते ही दिल्ली के लिए पार्सल बुकिंग फिर से शुरू कर दी जाएगी। रेलवे ने यात्रियों और व्यापारियों से अपील की है कि वे इस अवधि के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था करें और रेलवे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। इस अवधि में किसी भी प्रकार का पार्सल चाहे वह व्यावसायिक हो या व्यक्तिगत दिल्ली के लिए स्वीकार नहीं किया जाएगा। पार्सल सेवा पर रोक लगने से सहरसा, सुपौल, मधेपुरा सहित सीमांचल क्षेत्र पटना और आसपास के क्षेत्रों के व्यापारियों, थोक विक्रेताओं और छोटे व्यवसायियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। बड़ी संख्या में व्यापारी दिल्ली के बाजारों में माल भेजने के लिए रेलवे पार्सल सेवा पर ही निर्भर रहते हैं। ऐसी परिस्थिति में एक सप्ताह के लिए उनका व्यवसाय प्रभावित रहेगा। इन ट्रेनों में होती है दिल्ली के लिए पार्सल बुकिंग 15566/65 ललित ग्राम -सहरसा -नई दिल्ली वैशाली एक्सप्रेस 15279/80 सहरसा- आनंद विहार पुरबिया एक्सप्रेस 12204/03 सहरसा – अमृतसर गरीब रथ एक्सप्रेस 15529/30 सहरसा – आनंद विहार टर्मिनल जनसाधारण एक्सप्रेस