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फिर चमकी बेटियों की प्रतिभा! इंटर परीक्षा में छाईं, देखें साइंस-आर्ट्स-कॉमर्स के जिला टॉपर्स

पटना बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा घोषित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 के परिणाम में इस बार भी लड़कियों ने बाजी मारी। बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर के अनुसार साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स तीनों संकायों में कुल 26 टॉपर्स शामिल हैं, जिनमें 19 लड़कियां हैं। इससे यह साफ है कि इस वर्ष भी छात्राओं का दबदबा कायम रहा। वहीं शिक्षा मंत्री ने कहा कि 86.23 छात्राओं ने परीक्षा पास की है। छात्रों का प्रतिशत 84.19 है। वहीं आर्ट्स और कॉमर्स में छात्रा ने और साइंस में छात्र ने टॉप किया है।  जानिए विज्ञान में कितने टॉपर्स? साइंस संकाय में समस्तीपुर के आदित्य प्रकाश अमन ने 481 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि सीतामढ़ी से साक्षी कुमारी और नवादा से सपना कुमारी (479) संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहीं। तीसरे नंबर बेगूसराय की अनामिका कुमारी हैं। इन्होंने 478 अंक अर्जित किया है। दरभंगा से सत्यम कुमार चौथे स्थान पर हैं। इन्होंने 476 अंक अर्जित किया है। मुजफ्फरपुर की पलक कुमारी पांचवें नंबर हैं। पलक ने 475 अंक प्राप्त किया है। आर्ट्स में दरभंगा के छात्रों की संख्या अधिक वहीं आर्ट्स संकाय में गया की निशु कुमारी ने टॉप किया और कुल 13 टॉपर्स के साथ यह संकाय सबसे आगे रहीं। निशु ने 479 अंक अर्जित किया। दूसरे नंबर पर तीन छात्र हैं। इनमें सीतामढ़ी की सिद्धि शिक्षा, लखीसराय के चंद्रदीप कुमार और पूर्णिया के लकी अंसारी ने 478 अंक प्राप्त किए। तीसरे स्थान पर चार छात्र शामिल हैं। इनमें पश्चिम चंपारण से नसरीन परवीन, नालंदा से साजिया अंसारी, दरभंगा से निशु कुमारी, सहरसा से आदर्श ने 477 अंक प्राप्त किए। वहीं चौथे नंबर पर दो छात्र शामिल हैं। इनमें सीवान की अमृता कुमारी और दरभंगा की स्वीटी कुमार शामिल हैं। इन दोनों को कुल 476 अंक मिले। पांचवे नंबर पर तीन छात्र शामिल हैं। इनमें अररिया की बीबी असराना, सारण की रौशन कुमारी और दरभंगा के मनीष कुमार शामिल हैं। इन तीनों को 475 अंक आए। कॉमर्स में पटना की बेटियों का दबदबा वहीं कॉमर्स संकाय पटना की अदिति कुमारी ने टॉप किया। इन्हें पटना 480 अंक आए। इनके बाद पटना की माही कुमार दूसरे नंबर पर रहीं। इन्हें 476 अंक आए। तीसरे स्थान पर भी पटना की बेटी ने बाजी मार ली। 475 अंकों के साथ निशिका श्री तीसरे नंबर पर रहीं। वहीं चाैथे नंबर पर दो छात्रा शामिल हैं। वैशाली की मानवी कुमारी और नवादा की श्रेया कुमारी को 474 अंक प्राप्त हुए। पांचवें नंबर पर फिर से पटना की ही बेटियों का दबदबा रहा। इनमें वारिशा नौशाद और हर्षिका शामिल हैं। दोनों 472 अंक मिले हैं।

Bihar Board 12th Result 2026: बिहार बोर्ड इंटर रिजल्ट में 85.19% पास, आर्ट्स और कॉमर्स में लड़कियों ने मारी टॉपिंग

पटना Bihar Board Inter Result 2026 Declared: बिहार बोर्ड के 13 लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों का इंतजार खत्म हो गया है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने आज दोपहर 12वीं (इंटर) का रिजल्ट आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया. छात्र अपना स्कोरकार्ड बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट results.biharboardonline.com पर देख सकते हैं।  लड़कियों ने फिर मारी बाजी  प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल भी छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों की तुलना में बेहतर रहा है. तीनों संकायों (आर्ट्स,  कॉमर्स, साइंस) को मिलाकर कुल 13.17 लाख (13,17,846) छात्र परीक्षा में बैठे थे, जिनमें से 86.23 प्रतिशत छात्राएं पास हुई हैं. आर्टस कॉमर्स ने छात्राओं ने और साइंस में छात्र ने पास किया है।  टॉपर्स को मिलेगा इनाम बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि कुल 26 टॉपर्स में 19 छात्राएं हैं. राज्य स्तर पर टॉप करने वाले छात्रों को नकद पुरस्कार, लैपटॉप और किंडल ई-बुक रीडर देकर सम्मानित किया जाएगा. साइंस स्ट्रीम में एक लड़के ने टॉप किया है, जबकि आर्ट्स और कॉमर्स में लड़कियां अव्वल रही हैं।  रिजल्ट में लड़कों पर लड़कियां भारी राज्य में छात्राओं का पास प्रतिशत 86.23% रहा, जो छात्रों के 84.09% से अधिक है। यह आंकड़ा साफ तौर पर दिखाता है कि शिक्षा के क्षेत्र में बेटियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। विशेषज्ञ इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। 26 टॉपर्स में से 19 छात्राएं टॉपर्स की बात करें तो कुल 26 टॉपर्स में से 19 छात्राएं हैं, जो यह साबित करता है कि मेधा सूची में भी बेटियों का दबदबा कायम है। इन सभी टॉपर्स को सरकार द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। किस संकाय में किसने किया टॉप बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि समस्तीपुर के आदित्य प्रकाश अमन ने साइंस संकाय में टॉप किया है। उन्होंने 481 अंक प्राप्त किया। यह कुल अंकों का 96.20 प्रतिशत है। वहीं साक्षी कुमार (सीतामढ़ी) और सतना कुमारी (नवादा) ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इन दोनों ने 479 अंक प्राप्त किया है। कला संकाय में गया जिले की निशु कुमारी ने टॉप किया है। उन्होंने 479 अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया है। इस प्रकार यह कुल अंकों का 95.1 प्रतिशत है। इसके साथ ही सीतामढ़ी की सिद्धि शुक्ला और लखीसराय की चंद्रदीप कुमार ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है।   Bihar Board 12th Result 2026: ऐसे रिजल्ट करें चेक?  सबसे पहले results.biharboardonline.com पर जाएं. होमपेज पर 'Intermediate Annual Examination 2026' के लिंक पर क्लिक करें. अपना Roll Code और Roll Number दर्ज करें. कैप्चा कोड भरकर 'View' पर क्लिक करें. आपकी मार्कशीट स्क्रीन पर आ जाएगी, इसे PDF में सेव कर लें. स्क्रूटनी और कंपार्टमेंटल परीक्षा का विकल्प जो छात्र अपने प्राप्तांकों से संतुष्ट नहीं हैं या उन्हें लगता है कि उनकी कॉपी ठीक से नहीं जांची गई, वे दी गई डेट पर बोर्ड की वेबसाइट पर 'स्क्रूटनी' के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. इसके अलावा, जो छात्र एक या दो विषयों में फेल हो गए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है. बोर्ड उनके लिए 'कंपार्टमेंटल एग्जाम' आयोजित करेगा, जिससे उनका साल खराब होने से बच जाएगा. अभी कंपार्टमेंट एग्जाम की तारीखें घोष‍ित नहीं की गई हैं। 

तबाही के बाद नहीं थमा संकट, मौसम विभाग ने जारी किया 48 घंटे का अलर्ट

पटना बिहार में शुक्रवार को आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने कई जिलों में भारी असर डाला। अचानक बदले मौसम ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। शनिवार को मौसम कुछ हद तक सामान्य जरूर हुआ, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है। फिर एक्टिव होगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस India Meteorological Department (IMD) के अनुसार 26 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर बिहार में भी देखने को मिलेगा। 26 और 27 मार्च के लिए येलो अलर्ट जारी तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। हवाओं की रफ्तार 50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। इन इलाकों में ज्यादा असर की संभावना। मौसम विभाग के अनुसार 26 मार्च को उत्तर बिहार, कोसी-सीमांचल और पूर्वी हिस्सों में असर 27 मार्च को लगभग पूरे राज्य में आंधी-बारिश की संभावना है। सीमांचल में सबसे ज्यादा नुकसान हालिया तूफान का सबसे ज्यादा असर सीमांचल क्षेत्र में देखा गया। कई जगहों पर हवाएं 70 किमी/घंटा तक चलीं। Araria में घरों और दुकानों को नुकसान। पेड़ उखड़े, दीवार गिरने से जानमाल की हानि। इसके अलावा Kishanganj, Purnia, Supaul और Katihar में भी तेज हवाओं और बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है। तीन दिन राहत, फिर बढ़ेगी गर्मी मौसम विभाग का अनुमान है कि 23 से 25 मार्च को मौसम साफ रहेगा। तापमान में 3-4°C तक बढ़ोतरी हो सकती है।इसके बाद फिर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। बीते 24 घंटे में बारिश का हाल पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। Samastipur, Begusarai और Katihar में भारी बारिश। कल कैसा रहेगा मौसम? रविवार को नेपाल सीमा से सटे इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम सामान्य रह सकता है।

31 मार्च डेडलाइन! ये जरूरी प्रक्रिया न की तो बंद हो सकती है आपकी पेंशन

पटना बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ ले रहे लाखों लाभार्थियों के लिए प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी की है। सभी पेंशनधारियों को आगामी 31 मार्च 2026 तक अपना 'जीवन प्रमाणन' कराना अनिवार्य कर दिया गया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी न करने वाले लाभार्थियों की पेंशन तत्काल प्रभाव से रोक दी जाएगी। बांका में 72 हजार से अधिक आवेदन लंबित प्रशासन का यह कदम सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने और मृत व्यक्तियों के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए उठाया गया है। बांका जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 2,52,911 पेंशनधारी पंजीकृत हैं। सेवा केंद्रों के माध्यम से 22 दिसंबर 2025 से निःशुल्क प्रमाणीकरण की प्रक्रिया चल रही है। अब तक 1,80,821 लाभार्थियों का सत्यापन पूरा हो चुका है, लेकिन अभी भी 72,390 पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण लंबित है। इसके अलावा, 2,638 ऐसे मामले हैं जहां आधार मैपिंग की समस्या आ रही है। इन 6 प्रमुख योजनाओं पर लागू होगा नियम जीवन प्रमाणन की यह प्रक्रिया निम्नलिखित योजनाओं के लाभार्थियों के लिए अनिवार्य है:     मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना     इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना     विधवा पेंशन योजना     निःशक्तता (दिव्यांग) पेंशन योजना     लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना     अन्य राजकीय सामाजिक सुरक्षा योजनाएं गलत जानकारी पर होगी कड़ी कार्रवाई जिलाधिकारी (DM) नवदीप शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी जीवित व्यक्ति को गलत तरीके से मृत घोषित कर उसकी पेंशन बंद की जाती है, तो इसकी उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होगी। वहीं, मृत पेंशनधारियों के मामले में परिजनों से लिखित पुष्टि अनिवार्य की गई है। पुष्टि न होने की स्थिति में पेंशन अस्थायी रूप से बंद कर इसकी सूचना पंचायत भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा की जाएगी।

सीएम नीतीश कुमार ने बिहार दिवस पर दी शुभकामनाएं, विकास का दोहराया संकल्प

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार दिवस पर प्रदेश एवं देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि बिहार का इतिहास गौरवशाली रहा है और वर्तमान में अपने निश्चय से बिहार का गौरवशाली भविष्य तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि बिहारवासी आपसी एकता, भाईचारा, सामाजिक समरसता एवं सछ्वाव बनाए रखते हुए बिहार के गौरव को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाएंगे। मुख्यमंत्री ने समृद्ध बिहार के संकल्प को पूरा करने के लिए समस्त बिहारवासियों का आह्वान किया है। 

शिवहर ने मारी बाजी: ई-KYC और VBG राम जी योजना में हजारों मजदूर जुड़े

शिवहर. शिवहर जिले ने जिले के कुल 72 हजार 193 मजदूरों का ई-केवाइसी करा 83.14 प्रतिशत उपलब्धि के साथ बिहार में पहला स्थान प्राप्त किया है। 13 दिसंबर 2025 को शिवहर जिला 56.28 प्रतिशत उपलब्धि के साथ राज्य में 15 वें स्थान था। शिवहर में योगदान के साथ ही जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने पूरी ताकत झोंक दी। जिलाधिकारी के लगातार निरीक्षण, अनुश्रवण एवं मार्गदर्शन के बाद शिवहर जिला अब बिहार में पहले स्थान पर पहुंच गया है। 83.14 प्रतिशत सक्रिय मजदूरों का हो चुका ई-केवाइसी जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने बताया है कि शिवहर जिले में 83. 14 प्रतिशत सक्रिय मजदूरों का ई-केवाइसी हो चुका है। जिले में कुल 86 हजार 830 सक्रिय मजदूर है। इनमें 72 हजार 193 मजदूरों का ई-केवाइसी कराया जा चुका है। बताया कि वीबी जी राम जी के तहत उन्हीं को काम मिलेगा। जिनका ई-केवाइसी होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन का यह प्रयास है कि कोई भी मौजूद मजदूर ई-केवाइसी से वंचित नहीं रहे। अन्यथा उनको बीवी जी राम जी के तहत काम मिलने में कठिनाई होगी। इसका पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जा रहा है ताकि कोई मजदूर छूटे नहीं। घर-घर जाकर किया जा रहा ई-केवाइसी बताया कि ई-केवाइसी के लिए प्रारंभ में पंचायत स्तर व फिर वार्ड स्तर पर कैंप लगाया गया था। अब कर्मी मनरेगा मजदूरों के घर-घर जा रहे हैं तथा उनका ई-केवाइसी कर रहे हैं। कुछ मजदूर अस्थायी रूप से बाहर रह रहे हैं, उनके परिवार के सदस्यों से उन्हें बुलवाकर ई-केवाइसी कराने को भी कहा जा रहा है। आवास सर्वे में शामिल लोगों व मजदूरों का भी ई-केवाइसी किया जा रहा है। अच्छे काम करने वाले कर्मचारियों को किया गया सम्मानित जिलाधिकारी प्रतिभा रानी द्वारा बताया गया कि ई-केवाइसी का कार्य बढ़ाने के लिए उप विकास आयुक्त बृजेश कुमार तथा निदेशक, एनईपी डीआरडीए हरि मोहन कुमार को निदेश दिया गया है। बताया कि विगत दिनों अच्छे कार्य करने वाले कर्मी एवं पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया है। पुनः भविष्य में बेहतर काम करने वाले पदाधिकारी व कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारी और कर्मी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।

पटना-रांची जनशताब्दी में अफरा-तफरी: चलते ट्रेन के पहिये से धुआं, समय रहते टला हादसा

गयाजी गया-कोडरमा रेलखंड पर रविवार की सुबह उस समय अफरातफरी मच गई, जब पटना से रांची जा रही जनशताब्दी एक्सप्रेस के एक कोच के पहिये के पास से अचानक धुआं उठने लगा। घटना सुबह करीब 8:40 बजे की है, जब ट्रेन गया जंक्शन से खुलने के कुछ ही देर बाद बंधुआ रेलवे क्रासिंग के पास पहुंची थी। धुआं उठते देख यात्रियों में दहशत फैल गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। तकनीकी खराबी बनी वजह रेल सूत्रों के अनुसार, गार्ड से तीसरे डिब्बे के ब्रेक में तकनीकी खराबी के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। ब्रेक जाम होने से पहिये में अत्यधिक घर्षण पैदा हुआ, जिससे तेज धुआं निकलने लगा। पास के मानपुर-रसलपुर गेट से इसकी सूचना तत्काल चालक और गार्ड को दी गई। चालक की सतर्कता से टला हादसा स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए चालक ने बिना देर किए ट्रेन को तुरंत रोक दिया। ट्रेन रुकते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री एहतियातन अपने-अपने डिब्बों से उतरकर पटरी किनारे खड़े हो गए। हालांकि, मौके पर पहुंचे रेलकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए यात्रियों को शांत कराया। अग्निशामक यंत्र से पाया गया काबू रेलवे कर्मियों ने तत्काल अग्निशामक यंत्र का उपयोग कर पहिये के पास उत्पन्न गर्मी और धुएं पर काबू पा लिया। समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ा हादसा टल गया। अग्निशामक यंत्र से आग पर पाया गया काबू। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है, हालांकि कुछ समय तक भय का माहौल बना रहा। 30 मिनट तक बंद रहा क्रासिंग इस घटना के कारण बंधुआ रेलवे क्रासिंग करीब 30 मिनट तक बंद रहा, जिससे सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्थिति सामान्य होने के बाद लगभग 9:05 बजे ट्रेन को पुनः आगे के लिए रवाना किया गया। मरम्मत के बाद रवाना हुई ट्रेन रेल तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर ब्रेक की खराबी को ठीक किया। इसके बाद ट्रेन को सुरक्षित रूप से पहाड़पुर और कोडरमा की ओर रवाना कर दिया गया। रेल प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और यात्रियों को भरोसा दिलाया कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रियों ने ली राहत की सांस घटना के बाद कुछ देर तक दहशत में रहे यात्रियों ने स्थिति सामान्य होने पर राहत की सांस ली। यात्रियों ने चालक और रेलकर्मियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की, जिनकी सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया।  

नशे का बड़ा खेल बेनकाब: साबूदाने की आड़ में हेरोइन तस्करी, 2 आरोपी गिरफ्तार; असम से बिहार तक नेटवर्क

समस्तीपुर बिहार के समस्तीपुर जिले में पुलिस और नारकोटिक्स सेल के एक संयुक्त अभियान ने एक नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसके परिणामस्वरूप दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और लगभग 6 लाख रुपए मूल्य की हेरोइन जब्त की गई है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 21 मार्च, 2026 की सुबह एक विशेष खुफिया जानकारी मिली थी कि एक नशीले पदार्थों के गिरोह के सदस्य हेरोइन की एक खेप लेकर शाहपुर पटोरी रेलवे स्टेशन पर पहुंचेंगे। तेजी से कार्रवाई करते हुए, स्थानीय पुलिस अधिकारियों और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को मिलाकर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने एक जाल बिछाया और स्टेशन के पास के इलाके की घेराबंदी कर दी। 4 डिब्बों में छिपाकर रखी थी हेरोइन अभियान के दौरान, दो व्यक्तियों (एक पुरुष और एक महिला) को स्टेशन के बाहर संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते हुए पकड़ा गया। आरोपियों की पहचान वैशाली निवासी राहुल कुमार (26) और असम निवासी शांति देवी के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान, पुलिस ने हेरोइन जिसे स्थानीय रूप से 'कोटा' कहा जाता है बरामद की, जिसे साबूदाना (sago) के चार डिब्बों के अंदर छिपाकर रखा गया था। इसके अलावा, उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन, नकदी, रेलवे टिकट और पहचान पत्र भी जब्त किए गए। बड़े अंतर-राज्यीय नेटवर्क की संलिप्तता का संदेह शुरुआती पूछताछ में पता चला कि आरोपी पूर्वोत्तर राज्यों से बिहार में नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल थे। पुलिस को एक बड़े अंतर-राज्यीय नेटवर्क की संलिप्तता का संदेह है और वह गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने तथा उनके आपराधिक संपर्कों का पता लगाने पर काम कर रही है। पटोरी पुलिस स्टेशन में NDPS अधिनियम के प्रावधानों के तहत एक मामला दर्ज किया गया है, और आगे की जांच जारी है।  

संभल जाएं लोग! अगले 48 घंटों में इस राज्य में मौसम का कहर, विभाग ने दी चेतावनी

रांची झारखंड में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने लोगों को चौंका दिया है। आमतौर पर मार्च में गर्मी बढ़ने लगती है, लेकिन इस बार ठंड ने फिर से वापसी कर ली है। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान गिरकर 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि लातेहार में यह 12 डिग्री दर्ज किया गया है, जिससे लोगों को ठंड का एहसास होने लगा है। मौसम में इस बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ है, जिसका असर पूरे राज्य में देखा जा रहा है। इसके कारण ठंडी हवाएं चल रही हैं और तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है। राज्य में येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि स्थिति पहले की तुलना में थोड़ी बेहतर हुई है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। इन जिलों में वज्रपात की संभावना अधिक लातेहार, लोहरदगा, पलामू और गढ़वा जिलों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। इन इलाकों में बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना अधिक है, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव सबसे पहले इन्हीं क्षेत्रों पर पड़ रहा है। इधर, पाकुड़ जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान जोरदार बारिश दर्ज की गई है, जिससे मौसम पूरी तरह बदल गया है। कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री के बीच बना हुआ है, लेकिन दिन में चल रही ठंडी हवाएं लोगों को राहत दे रही हैं। जहां एक ओर आम लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फिलहाल झारखंड में मौसम का यह बदला हुआ रूप चर्चा का विषय बना हुआ है।  

स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव: RIMS में पूरी जांच सुविधा, मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

रांची. झारखंड की राजधानी रांची के रिम्स में अब मरीजों को लगभग हर तरह की जांच की सुविधा एक ही जगह मिलने जा रही है। ट्रामा सेंटर लैब में पहले से 24 घंटे जांच की सुविधा उपलब्ध है, वहीं अब कई नई और महंगी जांचें भी शुरू की जा रही हैं। इन जांचों के शुरू होने से मरीजों को समय पर बीमारी का पता चलेगा और इलाज जल्दी शुरू हो सकेगा। इससे खासकर गरीब मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें अब तक निजी लैब में हजारों रुपये खर्च करने पड़ते थे। रिम्स प्रबंधन के अनुसार, कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों की जांच अब यहीं संभव होगी। जिन जांचों के लिए निजी लैब में 15 से 20 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते थे, वे फिलहाल फ्री या बहुत कम दर पर उपलब्ध कराई जाएंगी। आगे चलकर इन जांचों की दरें बाजार से 90 प्रतिशत तक कम रखने की तैयारी है। ये 6 नई जांचें होंगी शुरू, मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ CA-125 जांच: यह महिलाओं में अंडाशय (ओवरी) के कैंसर की पहचान के लिए महत्वपूर्ण जांच है। CA-19-9 जांच: अग्न्याशय (पैंक्रियाज) और पाचन तंत्र से जुड़े कैंसर का पता लगाने में सहायक। एंटी-TPO जांच: थायरायड ग्रंथि से जुड़ी बीमारियों की पहचान के लिए उपयोगी। एंटी-CCP जांच: जोड़ों की बीमारी (रूमेटाइड आर्थराइटिस) की शुरुआती पहचान में सहायक। मूत्र प्रोटीन जांच: किडनी से जुड़ी बीमारियों और शरीर में प्रोटीन की कमी या लीकेज का पता लगाने के लिए जरूरी। RF (रूमेटाइड फैक्टर) जांच: गठिया रोग की पुष्टि और उसकी गंभीरता जानने में सहायक। ट्रामा सेंटर लैब में 24 घंटे मिल रही ये सुविधाएं  रिम्स के ट्रामा सेंटर स्थित अत्याधुनिक लैब में पहले से ही 24×7 जांच की सुविधा उपलब्ध है। यहां 4-5 घंटे के भीतर रिपोर्ट मिल रही है। उपलब्ध प्रमुख जांचों में शामिल हैं: रक्त शर्करा जांच (ब्लड शुगर), गुर्दा कार्य जांच (यूरिया, क्रिएटिनिन), यकृत कार्य जांच (लिवर फंक्शन), इलेक्ट्रोलाइट जांच (सोडियम, पोटैशियम), कोलेस्ट्राल जांच (लिपिड प्रोफाइल), हार्मोन जांच (टी3, टी4, टीएसएच, कोर्टिसोल), कैंसर संबंधी जांच (सीईए, एएफपी, एचसीजी, एलडीएच), गंभीर संक्रमण जांच (सीआरपी, प्रोकैल्सीटोनीन, डी-डाइमर, ट्रोपोनिन), संक्रामक रोग जांच (एचआईवी,हेपेटाइटिस बीवसी), सामान्य पैथोलाजी जांच (सीबीसी, पीटी,आइएनआर, मूत्र जांच, शरीर के तरल की जांच) आदि। निजी लैब पर निर्भरता होगी कम इन सुविधाओं के विस्तार से अब मरीजों को निजी लैब का रुख नहीं करना पड़ेगा। जहां पहले एक जांच के लिए हजारों रुपये खर्च होते थे, वहीं अब रिम्स में सस्ती या मुफ्त जांच उपलब्ध होगी। रिम्स के डाक्टरों का मानना है कि इससे गरीब मरीजों का आर्थिक बोझ कम होगा और समय पर जांच व इलाज से गंभीर बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। पहले भी उठती रही है जांच सुविधा बढ़ाने की मांग रिम्स में महंगी जांचों की सुविधा शुरू करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। कई बार मरीजों और जनप्रतिनिधियों ने यह मुद्दा उठाया कि सरकारी अस्पताल में इलाज के बावजूद जांच के लिए निजी लैब पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे इलाज महंगा हो जाता है। खासकर कैंसर और हार्मोन से जुड़ी जांचों के लिए मरीजों को बाहर जाना पड़ता था। इन नई सुविधाओं के शुरू होने से आयुष्मान भारत योजना और बीपीएल श्रेणी के मरीजों को सीधा फायदा मिलेगा। अब उन्हें जांच के लिए अलग-अलग जगह भटकना नहीं पड़ेगा। एक ही परिसर में जांच और इलाज दोनों की सुविधा मिलने से समय और पैसे दोनों की बचत होगी।