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बिहार पूजा स्पेशल बस: किराया हुआ 1/3 तक कम, जानें सब्सिडी और टाइमिंग

पटना  बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की त्योहारी सीजन सेवा के तहत पर्व स्पेशल बसों से दिल्ली, गुरुग्राम, अंबाला, कोलकाता, लखनऊ जैसे शहरों से बिहार आना-जाना काफी सस्ता हो गया है। राज्य सरकार पर्व स्पेशल बसों के किराया पर भारी सब्सिडी दे रही है, जिससे सफर का खर्च एक तिहाई तक कम हो गया है। दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के दौरान हवाई किराया बढ़ने और ट्रेन में टिकट की सदाबहार किल्लत के कारण सरकार ने कई शहरों से एसी और नॉन एसी बसों को चलाने का फैसला किया है। बीएसआरटीसी ने बसों की समय सारिणी (टाइम टेबल) के साथ असली किराया, उसमें दी जा रही सब्सिडी और पैसेंजर द्वारा भुगतान की जाने वाली राशि की लिस्ट भी जारी कर दी है। बिहार में नवंबर में विधानसभा चुनाव है और वोटरों को लुभाने के लिए सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार कई वर्गों के लिए एक के बाद एक नकद सहायता राशि की स्कीम शुरू कर रही है। पहले से चल रही योजनाओं में मदद की राशि बढ़ाई जा रही है। बस किराया पर सब्सिडी को उसी से जोड़कर देखा जा रहा है। पर्व स्पेशल बसें 20 सितंबर से 30 नवंबर तक चलेंगी। छठ 28 अक्टूबर को ही है लेकिन चुनाव को ध्यान में रखते हुए योजना में वापसी के लिए 30 नवंबर तक का समय कवर कर लिया गया है ताकि वोटर चाहे तो मतदान के बाद लौटे। उदाहरण के लिए किशनगंज से दिल्ली का निर्धारित किराया एससी स्लीपर के लिए 3247 रुपये है लेकिन इसमें सरकार की तरफ से 992 रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। एक पैसेंजर को इस बस से किशनगंज आने या किशनगंज से दिल्ली जाने के लिए मात्र 2255 रुपये ही देने होंगे। यह मूल किराया में 30 परसेंट से ऊपर की छूट है। बिहार के अलग-अलग जिलों से दिल्ली, गुरुग्राम, कोलकाता, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, अंबाला, सिलीगुड़ी, रांची समेत अन्य शहरों के लिए बस किराए में अलग-अलग सब्सिडी है और कुछ में यह मदद 37-38 फीसदी तक जा रही है।

बिहार राजनीति में तूफ़ान: आरके सिंह ने सम्राट चौधरी से मांगा इस्तीफा

पटना  भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राज कुमार सिंह उर्फ आरके सिंह ने बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल से कहा है कि वो जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के नेता प्रशांत किशोर के आरोपों का जवाब या इस्तीफा दें। सिंह ने कहा कि इसके कारण पार्टी का ग्राफ गिर रहा है इसलिए जरूरत है कि जिन पर आरोप लगा है, वो सामने आकर अपनी बात रखें। बता दें कि प्रशांत किशोर ने पिछले हफ्ते सम्राट चौधरी, दिलीप जायसवाल समेत भाजपा और जदयू के मंंत्री मंगल पांडेय, अशोक चौधरी और सांसद संजय जायसवाल पर अलग-अलग तरह के आरोप लगाए थे। आरके सिंह ने एएनआई से कहा- “उनको सामने आना चाहिए और उसका जवाब देना चाहिए। अगर उनके पास जवाब है तो। अगर जवाब नहीं है तो इस्तीफा दे देना चाहिए। अब जैसे प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया दिलीप जायसवाल पर कि हत्या में शामिल थे। माइनॉरिटी के मेडिकल कॉलेज पर कब्जा कर लिया अवैध रूप से। उसका उत्तर देना चाहिए। अगर उनके पास उत्तर है तो और नहीं है तो बता दें कि नहीं है हमारे पास उत्तर। उत्तर है तो मानहानि का केस कर देना चाहिए।” सम्राट चौधरी की चर्चा करते हुए आरके सिंह ने कहा- “इसी तरह से सम्राट चौधरी। ये (प्रशांत किशोर) बार-बार कहता है कि उप-मुख्यमंत्री सातवीं फेल है। भाई मैट्रिक का डिग्री दिखा देना चाहिए। ग्रेजुएशन का डिग्री दिखा देना चाहिए। ये सरकार की साख, पार्टी की साख पर सवाल पैदा करता है। सामने आना चाहिए। मैं जेडीयू प्रवक्ता (नीरज कुमार) से बिल्कुल सहमत हूं कि सामने आकर कहना चाहिए। जैसे अशोक चौधरी के बारे में उन्होंने कहा कि 200 करोड़ कहां से आए, वैसे ही।” भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अफसर से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राजनेता बनने के बाद नरेंद्र मोदी सरकार में सात साल तक मंत्री रहे आरके सिंह आरा सीट से 2024 का लोकसभा चुनाव सीपीआई-माले के सुदामा प्रसाद से हार गए थे। आरके सिंह समेत शाहाबाद में बीजेपी और जेडीयू के ज्यादातर कैंडिडेट हार गए थे। काराकाट में उपेंद्र कुशवाहा के खिलाफ भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह के निर्दलीय लड़ने से पूरे मगध से शाहाबाद तक समीकरण बदल गया था और वहां से सीपीआई-एमएल के राजाराम सिंह कुशवाहा जीते थे। आरके सिंह ने तब भी भाजपा से आसनसोल का टिकट लौटाकर लड़ने आए पवन सिंह के कारण उपेंद्र कुशवाहा के फंसने के कारण भाजपा से कुशवाहा वोटों की नाराजगी की आशंका जताई थी।  

यात्रियों को बड़ी सौगात! लॉन्च के 2 साल बाद 27वीं वंदे भारत ट्रेन में जुड़े 20 कोच

बेगूसराय 23 सितंबर 1908 का दिन भारतीय साहित्य के इतिहास में एक स्वर्णिम तारीख बनकर उभरा। यही वह दिन था जब बिहार के बेगूसराय जिले के सिमरिया गांव में रामधारी सिंह दिनकर का जन्म हुआ। एक साधारण परिवार में जन्मे दिनकर के जीवन में संघर्षों और कठिनाइयों ने ही उन्हें महान कवि और राष्ट्रकवि बनने का काम किया। सिंहासन खाली करो कि जनता आती है। उनकी यह कविता अपातकाल में लोगों के सिर चढ़कर बोली। ऐसे में आज हम राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर गौर करेंगे। जो उनके संघर्ष, साहित्यिक योगदान और राजनीतिक भूमिका से जुड़ी हैं।  यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. भारतीय रेलवे ने एक अच्छी खबर दी है. देश की 27वीं वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को लॉन्च होने के दो साल बाद अब 20 कोचों वाला रेक मिल गया है. यह फैसला यात्रियों की बढ़ती डिमांड को देखते हुए लिया गया है, ताकि सफर ज्यादा आरामदायक हो सके. रेल मंत्रालय ने मौजूदा वंदे भारत ट्रेनों की सीटिंग कैपेसिटी बढ़ाने का प्लान चलाया है. इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 सितंबर 2023 को फ्लैग ऑफ किया था. आज 24 सितंबर 2025 को यह अपग्रेड हो रही है.यह ट्रेन तिरुनेलवेली और चेन्नई इग्मोर के बीच चलती है. साउदर्न रेलवे जोन इसे मेंटेन और ऑपरेट करता है. शुरू में यह 16 कोचों वाली थी, लेकिन अब चार कोच और जोड़ दिए गए हैं. कुल 20 कोच हो गए- 18 चेयर कार कोच और 2 एग्जीक्यूटिव चेयर कार कोच. इससे 312 अतिरिक्त सीटें जुड़ गईं. पहले 1128 सीटें थीं, अब कुल 1440 हो गईं. यात्री संख्या बढ़ रही है, ऑक्यूपेंसी हाई रहती है, इसलिए रेलवे ने यह कदम उठाया.तमिलनाडु के इस रूट पर रोज हजारों लोग सफर करते हैं, खासकर बिजनेस और फैमिली ट्रिप्स के लिए. अब वेटिंग लिस्ट कम होगी, और ज्यादा लोग वंदे भारत का मजा ले सकेंगे. ट्रेन की डिटेल्स बताएं तो यह 653 किलोमीटर का सफर 7 घंटे 45 मिनट में पूरा करती है. सप्ताह में सभी दिन चलती है.सिर्फ मंगलवार को छोड़कर.जर्नी के दौरान यह छह स्टेशनों पर ये ट्रेन रुकती है- तंबरम, विल्लुपुरम, तिरुचिरापल्ली, दिन्दिगुल, मदुरै और विरुधुनगर. ये स्टॉपेज लोकल पैसेंजर्स के लिए सुविधाजनक हैं. चेन्नई से तिरुनेलवेली जाना हो या वापस, यह ट्रेन तेज और कंफर्टेबल है. वंदे भारत की स्पीड और सुविधाएं तो बहुत शानदार हैं. इसमें एसी, वाई-फाई, फूड सर्विस, बायो-टॉयलेट सब कुछ मौजूद है. दो साल पहले जब यह लॉन्च हुई, तो लोगों में खासी खुशी हुई. पीएम मोदी ने खुद इसे हरी झंडी दिखाई है, जो रेलवे के मेक इन इंडिया विजन का हिस्सा है. अब अपग्रेडमेंट से यह और पॉपुलर हो जाएगी. साउदर्न रेलवे ने तमिलनाडु में रेल नेटवर्क मजबूत किया है, लेकिन क्राउड हमेशा की प्रॉब्लम रहती है. यह बदलाव न सिर्फ लोकल इकोनॉमी को बूस्ट देगा, बल्कि टूरिज्म भी बढ़ाएगा. मदुरै के मंदिर या तिरुनेलवेली के बीच, सफर अब आसान हो गया.

बिहार चुनाव, दिवाली-छठ के आसपास पड़ सकते हैं वोट, मुख्य चुनाव आयुक्त अगले हफ्ते पटना आएंगे

पटना बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार स्थितियों का आकलन करने और चुनाव की तिथि पर निर्णय लेने के लिए टीम के साथ अगले सप्ताह पटना आएंगे। चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि राज्य में हालात का जायजा लेने के बाद चुनाव आयोग द्वारा किसी भी समय बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया 30 सितंबर को अंतिम सूची के प्रकाशन के साथ पूरी हो जाएगी जिसके बाद चुनाव आयोग बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा। बिहार में नई सरकार के गठन की समय सीमा 22 नवंबर है। इस हिसाब से बिहार में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी करने के लिए दो महीने बच गए हैं। धीरे धीरे चुनाव की तारीखों को ले कर कौतूहल बढ़ रहा है। तीन या चार चरणों में होंगे चुनाव अक्टूबर के महीने में बिहार में चुनाव की तारीख तय करने में कुछ चुनौतियां भी हैं। तीन महत्वपूर्ण त्योहार दशहरा, दीपावली और छठ पूजा अक्टूबर के महीने में होने हैं। सूत्रों का मानना है कि चुनाव की तारीखें छठ पूजा के ईदगिर्द रखने का आयोग प्रयास करेगा ताकि लाखो की संख्या में बिहार के बाहर रहने वाले प्रवासी जब त्योहार के समय घर आए तो उन्हें मतदान का अवसर मिले सके। पिछली बार 2020 के विधानसभा चुनाव 28 अक्टूबर से 7 नवंबर के बीच तीन चरणों मे आयोजित हुए थे। इस बार भी उम्मीद है कि बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव तीन या चार चरणों मे आयोजित किए जायेंगे।  

चलती ट्रेन में आग से हड़कंप: जामताड़ा के पास रुकी हावड़ा–नई दिल्ली सुपरफास्ट

जामताड़ा झारखंड के जामताड़ा जिले में सोमवार को एक बड़ी घटना टल गई, जब हावड़ा-नई दिल्ली रेल मार्ग पर टाटा 18184 सुपरफास्ट ट्रेन की एक बोगी में अचानक आग लग गई। घटना जामताड़ा के कालाझरिया रेलवे ट्रैक के पास हुई, जिससे ट्रेन में सवार यात्री घबरा गए और बोगियों से कूदने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इंजन से जुड़ी तीसरी बोगी से अचानक धुआं और आग की लपटें निकलने लगीं। लोको पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत ट्रेन रोक दी और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। रेलवे स्टाफ ने तत्काल फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग पर काबू पाया। मौजूद रेलवे अधिकारी के मुताबिक, बोगी के अंडर-गियर से चिंगारी उठने के कारण आग लगी थी। लगभग 45 मिनट तक ट्रेन रुकी रही और स्थिति नियंत्रण में आने के बाद उसे दोबारा रवाना किया गया। जामताड़ा स्टेशन पर पहुंचने के बाद ट्रेन की पूरी तकनीकी जांच की गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घटना की विस्तृत जांच की जा रही है और यात्रियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।  

नवरात्रि आज से शुरू, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदेशवासियों को दी बधाई

रांची आज यानी सोमवार से नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। इस बार शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से लेकर 1 अक्टूबर तक रहने वाली है। वहीं, सीएम हेमंत ने झारखंड वासियों को नवरात्रि की बधाई दी है। सीएम हेमंत ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तु ते॥ शारदीय नवरात्रि के शुभ अवसर पर सभी को अनेक-अनेक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार। शक्ति, श्रद्धा और साधना का यह पावन पर्व सभी के जीवन को हर्ष और उल्लास से भर दे। मां सभी को उत्तम स्वास्थ्य, सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करें, यही कामना करता हूं। जय मां! हर वर्ष शारदीय नवरात्रि का पर्व आश्विन मास की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है। राजस्थान से लेकर उत्तर भारत के राज्यों में मंदिरों से लेकर घर- घर में घटस्थापना की जाती है। इसके लिए  नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना का सबसे ज्यादा महत्व होता है और इस दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापित कर मां दुर्गा के नौ रूपों पूजा किया जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार, आज यानी 22 सितंबर को प्रतिपदा तिथि पूरे दिन रहेगी। प्रतिपदा तिथि की शुरुआत आज रात 1 बजकर 23 मिनट पर हो चुकी है और यह तिथि कल यानी 23 सितंबर को देर रात 2 बजकर 55 मिनट तक रहेगी। घटस्थापना के लिए दूसरा महत्वपूर्ण मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त रहेगा, जो सुबह 11 बजकर 49 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक चलेगा। इस शुभ मुहूर्त में की गई पूजा और स्थापना बेहद फलदायी मानी जाती है।

हजार साल पुरानी परंपरा: इस मंदिर में नवरात्र के दौरान महिलाओं का प्रवेश निषेध

नालंदा शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व देशभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। जगह-जगह माता रानी के जयकारे गूंज रहे हैं और भक्तगण पूजा-अर्चना में लीन हैं। लेकिन नालंदा जिले के प्रसिद्ध मां आशापुरी मंदिर में आज भी एक अनूठी और सदियों पुरानी परंपरा का पालन किया जा रहा है। नवरात्रि के नौ दिनों तक महिलाओं का मंदिर में प्रवेश वर्जित रहता है। गिरियक प्रखंड के घोसरावां गांव स्थित इस मंदिर में नवरात्रि के दौरान महिलाओं को मंदिर परिसर में भी प्रवेश की अनुमति नहीं होती। यही नहीं, पुरुष श्रद्धालुओं के लिए भी इन नौ दिनों में गर्भगृह के दर्शन वर्जित रहते हैं। मंदिर के पुजारी जनार्दन उपाध्याय के मुताबिक, यह परंपरा पूर्वजों के समय से चली आ रही है। तांत्रिक अनुष्ठानों के कारण होता है ऐसा पुजारियों का कहना है कि नवरात्रि में होने वाली साधनाएं तंत्र-मंत्र पर आधारित होती हैं, जिनके प्रभाव से नकारात्मक शक्तियां सक्रिय हो जाती हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दौरान यदि महिलाएं उपस्थित हों तो उन पर इन शक्तियों का असर हो सकता है और पूजन विधि में विघ्न उत्पन्न हो सकता है। नवरात्रि के अंतिम दिन विशेष हवन के आयोजन के बाद ही मंदिर को आम श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। तब जाकर महिलाओं और पुरुषों को गर्भगृह के दर्शन का अवसर मिलता है। इस हवन का उद्देश्य मंदिर की ऊर्जा को शुद्ध करना होता है। नौवीं शताब्दी से चली आ रही परंपरा स्थानीय लोगों का कहना है कि दशकों से यह परंपरा चली आ रही है। यहां शारदीय नवरात्र में महिलाओं को प्रवेश नहीं करने दिया जाता है। जानकार बतातें हैं कि आशापूरी मंदिर में महिलाओं का नवरात्र में प्रवेश पर रोक पहली बार नौवीं शताब्दी में लगाई गई थी। उस समय यह क्षेत्र विश्व के प्रमुख बौद्ध साधना केंद्रों में से एक था। बौद्ध भिक्षु और तांत्रिक साधक यहां आकर गहन साधना किया करते थे। नवरात्रि के दौरान तांत्रिक अनुष्ठान की परंपरा तब से ही बनी हुई है। माना जाता है कि मां आशापुरी के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है, इसी कारण इस मंदिर को 'आशापुरी' कहा जाता है। बिहार ही नहीं, बंगाल, झारखंड और ओडिशा से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विशेष पूजा का विधान बता दें कि आदिशक्ति की उपासना का पावन पर्व नवरात्रि आज यानी 22  सितंबर से आरंभ हो गया है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विशेष पूजा का विधान है। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ ही मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मां दुर्गा की साधना भक्तों को शक्ति और आत्मबल प्रदान करती हैं। मां शैलपुत्री की आराधना करने से सांसारिक सुख और मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है। जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और साधक उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ता है।  

नवरात्र के पहले दिन बिहार में बरसेंगे बादल, जानें कहाँ-कहाँ होगी बारिश

पटना आज शारदीय नवरात्र का पहला दिन है। मौसम विभाग ने पटना समेत बिहार के सभी जिलों में एक या दो स्थानों पर बारिश के आसार जताए हैं। हालांकि, इस दौरान किसी भी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। मौसम विभाग सोमवार को पटना, नालंदा, जहानाबाद, गया, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर, बांका, मुंगेर, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा में बारिश की संभावना है। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य में 27 सितंबर तक दिनों तक कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की स्थिति बनने लगी है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम परिवर्तनशील रहेगा। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, मानसून की ट्रफ रेखा वर्तमान में हिमालय की तराई की ओर खिसक रही है। उत्तर बिहार और आसपास के क्षेत्रों में नमी युक्त पुरवा हवाएं चल रही हैं, जिससे वर्षा की स्थितियां बनी हुई हैं। बंगाल की खाड़ी से नमी लगातार प्रदेश में प्रवेश कर रही है, जिससे बादल बन रहे हैं। जानिए, कहां कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने कहा 25 से 27 सितम्बर के बीच कई जिलों में कुछ स्थानों पर मध्यम वर्षा, विशेषकर उत्तर-पूर्व और दक्षिणी बिहार में बारिश के असार हैं। वहीं 24, 25, 26, 27 सितम्बर को दक्षिण-मध्य, पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी बिहार के हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चल सकती हैं। 25, 26 और 27 सितम्बर को अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर, जमुई और बांका में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। वहीं अधिकतम तापमान 30-36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24-28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

पीएम की माँ का अपमान: सम्राट चौधरी ने लालू परिवार और कांग्रेस से मांगी माफ़ी

पटना, पीएम मोदी की मां के अपमान वाले वायरल वीडियो पर भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) लीगल एक्शन की तैयारी में है। सम्राट चौधरी ने कहा है कि संबंधित जिले के पार्टी अध्यक्ष से बात हो रही है कि कानून कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि महागठबंधन और लालू परिवार सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। नित्यानंद राय ने वैशाली में मीडिया को दिए बयान में तेजस्वी यादव को कंश, कालिया नाग और अपराधी बताया और कहा कि तेजस्वी का सत्यानाश निकट आ गया है। रविवार को डिप्टी सीएम ने अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर कहा कि महागठबंधन और लालू परिवार सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। उन्होंने दरभंगा की घटना की भी याद दिलाई। सम्राट चौधरी ने कहा कि यह तीसरी घटना है। इस बार तो तेजस्वी यादव के सामने ही गाली दी गयी। मंच पर वे मौजूद थे जब पीएम की दिवंगत मां के लिए अपशब्द बोले गए। दरभंगा और वैशाली की घटना के लिए कांग्रेस व राजद दोनों को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगना चाहिए। बिहार की जनता सब देख रही है। पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि इस मामले में पार्टी एफआईआर कराएगी तो उन्होंने कहा कि संबंधित जिलाध्यक्ष से बात हो रही है कि कानूनी कार्रवाई करें। सम्राट चौधरी ने कहा कि महागठबंधन के लोग अपराधी और गुंडों के सहारे सरकार बनाना चाहते हैं। बिहार की जनता को गुमराह करने में लगे हैं। लेकिन हकीकत सबको पता है कि अगर ये पावर में आ गए तो क्या करेंगे। अभी जब पीएम को अपमानित करने से बाज नहीं आते तो आगेजनता के साथ क्या नहीं करेंगे। शनिवार को वैशाली में तेजस्वी यादव के अधिकार यात्रा का समापन हुआ। महुआ विधानसभा क्षेत्र के पातेपुर में तेजस्वी यादव जब संबोधत कर रहे थे उसी समय का एक वीडियो वायरल है जिसमें पीएम की मां को गाली दी गई। हालांकि राजद ने इस घटना पर सफाई पेश कर दिया है। स्थानीय विधायक मुकेश रौशन और पार्टी प्रवक्ता चितरंजन गगन ने वीडियो को एडिटेड बताया है।  

महिलाओं के खातों में आएगा सम्मान योजना का पैसा, दुर्गा पूजा पर CM सोरेन का बड़ा ऐलान

रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की सभी मंईयां को दुर्गा पूजा की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री के द्वारा सभी मंईयां लाभुकों के नाम एक संदेश भेजा जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान के तहत दी जा रही सहायता राशि का जिक्र किया गया है। मुख्यमंत्री ने लिखा है कि जोहार! दुर्गा पूजा की खुशियां इस बार होंगी दोगुनी! उनके संदेश से यह साफ है कि मंईयां लाभुकों को दुर्गा पूजा के पहले सितंबर माह की राशि मिल जाएगी। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना को लेकर बधाई और शुभकामनाओं के साथ हेमंत सोरेन ने लिखा है कि पिछले एक वर्ष से मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत झारखंड की सभी बहनों के खातों में नियमित रूप से 2500 रुपये की सम्मान राशि पहुंच रही है। मतलब साल के पूरे 30,000। यह आप बहनों के अटूट विश्वास और समर्थन से ही संभव हुआ है। स्वावलंबी और सशक्त झारखंड के सपने को साकार करने के लिए हमारी सरकार लगातार बहनों के खातों में यह सम्मान राशि भेज रही है, ताकि उन्हें आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता मिले। आप सभी को दुर्गा पूजा की अग्रिम बधाइयां। जय माता दी। कब आएगा मंईयां सम्मान योजना का पैसा बता दें कि सितंबर माह में राज्य की 50 लाख से अधिक महिला लाभुकों को योजना के तहत 2500 रुपए की राशि भेजी जाएगी। मिली जानकारी के मुताबिक जिलों के मंईयां को 22 सितंबर से आर्थिक सहायता की राशि भेजी जानी शुरू हो जाएगी।