samacharsecretary.com

बिहार में नया रेल बाइपास शुरू, पटना जंक्शन पर बंद नहीं होंगी सभी ट्रेनें; यात्रियों को मिलेगी राहत

 पटना बिहार में रेल यात्रियों के लिए नए बाइपास रूट को लेकर बड़ी खबर है। नेउरा-जटडुमरी रेलखंड को परिचालन की मंजूरी मिलने के बाद पटना के व्यस्त रेलमार्ग को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पटना जंक्शन से सभी ट्रेनें गुजरना बंद हो जाएंगी। नई रेललाइन से मुख्य रूप से मालगाड़ियों को पटना बाइपास करके चलाने की सुविधा मिलेगी, जबकि भविष्य में कुछ यात्री और पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन की संभावनाएं भी बनेंगी। साथ ही आपको बता दे कि पटना जक्शन पर तभी ट्रेने नहीं रुकेगी जब ब्लॉक या ट्रेन वहां नहीं रुकती हो, बाकि समय ट्रेने हमेशा की तरह रुकेगी। सभी ट्रेनें नहीं होंगी डायवर्ट, चुनिंदा ट्रेनों पर ही नजर नेउरा-दनियावां रेललाइन को लेकर यात्रियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या दिल्ली-हावड़ा रूट की सभी ट्रेनें अब पटना जंक्शन आना बंद कर देंगी। ऐसा नहीं है। नई लाइन का प्रमुख उद्देश्य मालगाड़ियों को वैकल्पिक रास्ता देना और व्यस्त मुख्य रेलखंड पर दबाव कम करना है। यात्री ट्रेनों को इस रूट से चलाने का फैसला रेलवे की परिचालन योजना के अनुसार होगा। इसलिए पटना जंक्शन, दानापुर या राजेंद्रनगर में ठहरने वाली सभी ट्रेनों के बंद होने की खबर को सही नहीं मानें। नेउरा से जटडुमरी, दनियावां होते हुए मिलेगा वैकल्पिक रास्ता नई रेललाइन के जरिए ट्रेनें नेउरा से जटडुमरी, दनियावां, बिहारशरीफ, बरबीघा और शेखपुरा होते हुए किऊल की ओर जा सकेंगी। इससे उन मालगाड़ियों को पटना के व्यस्त रेलखंड से होकर गुजरने की जरूरत नहीं होगी, जिन्हें पटना या दानापुर में माल उतारना नहीं है। इस वैकल्पिक मार्ग से दानापुर-पटना-किऊल-झाझा रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। कुछ पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन की भी बढ़ेगी संभावना नई रेललाइन से केवल मालगाड़ियों का रास्ता बदलने का ही फायदा नहीं होगा। मुख्य रेलखंड पर जगह उपलब्ध होने से भविष्य में अतिरिक्त पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन की संभावना भी बढ़ सकती है। इस रूट के आसपास रहने वाले यात्रियों को नए स्टेशन और हॉल्ट से सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, कौन-सी पैसेंजर ट्रेन कब से चलेगी और किन स्टेशनों पर रुकेगी, इसकी जानकारी रेलवे की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। पटना जंक्शन पर ट्रेनों के दबाव में आएगी कमी दानापुर-पटना-किऊल-झाझा रेलखंड दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेलमार्ग का महत्वपूर्ण और व्यस्त हिस्सा है। इस पर मालगाड़ियों की आवाजाही के कारण कई बार यात्री ट्रेनों के परिचालन पर भी असर पड़ता है। वैकल्पिक बाइपास शुरू होने से मालगाड़ियों के लिए अलग रास्ता उपलब्ध होगा। इससे सिग्नल और आउटर पर इंतजार कम करने तथा यात्री ट्रेनों के परिचालन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। नेउरा, जटडुमरी और दनियावां के यात्रियों को भी फायदा नई रेललाइन से पटना, नालंदा, शेखपुरा और लखीसराय के बीच रेल संपर्क को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। नेउरा-जटडुमरी के बीच गोनपुरा स्टेशन और अधपा, चामाचक तथा वाजिदपुर हॉल्ट बनाए गए हैं। इन इलाकों के यात्रियों को भविष्य में नई ट्रेन सेवाएं मिलने पर लंबी दूरी की यात्रा के लिए अधिक विकल्प मिल सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर आवागमन और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

साइबर ठगी से बचने के लिए बड़ा कदम, बिहार में लाखों सिम बंद; पटना के 6.70 लाख नंबर भी शामिल

पटना  पटना के 6.70 लाख समेत बिहार के 15,69, 122 उपभोक्ताओं ने सिमकार्ड बंद करा दिए हैं। इन नंबरों का कोई और इस्तेमाल कर रहा था। संचार साथी ऐप से इसकी जानकारी मिलने पर सिम बंद करवाने के लिए आवेदन दिया गया। दरअसल, साइबर अपराध और धोखाधड़ी के मामलों की जांच के दौरान ऐसे कई सिम कार्ड मिले, जो दूसरे व्यक्ति के नाम पर जारी थे, लेकिन उनका इस्तेमाल कोई और कर रहा था। इसकी जानकारी सिम धारकों को भी नहीं थी। जब असली सिम धारकों को जानकारी मिली तो उन्होंने दूरसंचार विभाग से संपर्क कर सिम बंद करवाए। संचार साथी ऐप पर राज्यभर से 33 लाख छह हजार 298 मोबाइल धारकों ने अपने नाम पर जारी सिम कार्ड की जानकारी प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था। इनमें से 15 लाख 69 हजार ने पाया कि उनके नाम पर जारी सिम का इस्तेमाल कोई दूसरा कर रहा था। दूरसंचार विभाग की जांच में भी ऐसे नंबरों के दूसरे व्यक्तियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि हुई। 7.33 लाख लोगों ने अतिरिक्त सिम कार्ड बंद करवाए एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम नौ सिम कार्ड रखने का नियम लागू है। वर्ष 2024 से अब तक सात लाख 33 हजार लोगों ने अपने नाम पर नौ से अधिक जारी सिम कार्ड बंद करवाए। इसके लिए दूरसंचार विभाग ने पहले ऐसे लोगों की पहचान की, जिनके नाम पर नौ से अधिक सिम कार्ड थे। इसके बाद संबंधित कंपनियों के माध्यम से मोबाइल धारकों को अतिरिक्त सिम बंद करवाने के लिए संदेश भेजे गए। फर्जी तरीके से सिम लेने पर 50 लाख रुपये तक जुर्माना अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे के नाम पर फर्जी तरीके से सिम कार्ड लेकर उसका इस्तेमाल करता है, तो उस पर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। तीन साल तक की जेल भी हो सकती है। दूरसंचार विभाग ने सभी दूरसंचार कंपनियों के माध्यम से ग्राहकों को इसकी जानकारी दी है। सिम कार्ड रखने के नियम ● कोई भी अपने नाम पर अधिकतम नौ सिम कार्ड रख सकता है। ● नया सिम कार्ड लेने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य है। ● यदि आपके नाम पर जारी सिम कार्ड का इस्तेमाल साइबर अपराध में होता है, तो आप भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। ● यदि आप किसी सिम कार्ड का इस्तेमाल नहीं कर रहे, तो तुरंत बंद करवा दें। कब कितने सिम बंद साल – बंद सिम 2021-22 – 6.20 लाख 2022-23 – 9.50 लाख 2023-24 – 12.80 लाख 2024-25 – 16.10 लाख

रांची में फुटपाथ दुकानदारों को मिलेगी स्थायी दुकान, 1 एकड़ में बन रहा वेंडिंग जोन; नगर आयुक्त ने दिए निर्देश

 रांची मोरहाबादी में फुटपाथ दुकानदारों को स्थायी और व्यवस्थित कारोबार स्थल उपलब्ध कराने के लिए 3.26 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक वेंडिंग जोन विकसित किया जा रहा है। रजिस्ट्री कार्यालय के समीप करीब एक एकड़ जमीन पर बन रहे इस वेंडिंग जोन में 205 दुकानदारों के लिए जगह उपलब्ध होगी। इससे सड़क किनारे दुकान लगाने की मजबूरी कम होगी और क्षेत्र में जाम व अव्यवस्था से भी राहत मिलने की उम्मीद है। शनिवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने निर्माणाधीन वेंडिंग जोन का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि परिसर में एक मंजिला शेड बनाया जा रहा है। इसके अलावा पेयजल, शौचालय, पैदल पथ, नाली, वर्षा जल संचयन, हरियाली, बिजली और सुरक्षा कक्ष की व्यवस्था की जाएगी। धीमी निर्माण गति पर जताई नाराजगी निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अभियंताओं को काम में तेजी लाने और अगले सात दिनों के भीतर चारदीवारी का निर्माण पूरा करने का निर्देश दिया। परिसर में पेवर ब्लाक व्यवस्थित करने के साथ नाली, पैदल पथ और पुलिया का काम भी बेहतर तरीके से पूरा करने को कहा। प्रवेश और निकास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा नहीं होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वेंडिंग जोन को केवल दुकानदारों के कारोबार का स्थल नहीं, बल्कि स्वच्छता और बेहतर शहरी व्यवस्था की पहचान के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान उप नगर आयुक्त रविंद्र कुमार, कार्यपालक अभियंता संजीव कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।  

बिहार की अस्मिता की प्रेरक कहानी, ₹50,000 से शुरू किया बिजनेस; अब महिलाओं को दे रहीं रोजगार

शेरघाटी (गया) हुनर, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर शेरघाटी प्रखंड के नवादा गांव की अस्मिता कुमारी ग्रामीण आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं। स्नातक तक पढ़ाई करने वाली अस्मिता ने गुजरात के गांधीधाम-अंजार में सिलाई का हुनर सीखा और गांव लौटकर रेडीमेड कपड़ों का कारोबार शुरू किया। आज वह कपड़ा निर्माण इकाई, रेडीमेड दुकान और सुधा दूध संग्रह केंद्र संचालित कर रही हैं। उनके प्रयास से 2 दर्जन गांवों के किसानों को दूध बेचने का माध्यम मिला है, जबकि महिलाएं काज-बटन का काम कर आमदनी अर्जित कर रही हैं। 50 हजार रुपये से शुरू किया कारोबार अस्मिता वर्ष 2017 में अपने पति अजित कुमार के साथ रोजगार की तलाश में गुजरात गई थीं। वहां कलेक्शन इंडिया लिमिटेड में सिलाई का प्रशिक्षण लेकर दोनों महीने में 30 से 40 हजार रुपये तक कमाने लगे। सितंबर 2019 में गांव लौटने के बाद उन्होंने स्थानीय स्तर पर रोजगार शुरू करने का निर्णय लिया। जीविका समूह से जुड़कर ऋण और करीब 50 हजार रुपये की पूंजी से तीन फरवरी 2020 को ‘पटेल शर्ट मेकर’ की शुरुआत की। पहले महीने 268 शर्ट तैयार कर बाजार में बेची गईं। लॉकडाउन में टूटी रफ्तार, फिर संभाला कारोबार कारोबार शुरू होने के कुछ समय बाद कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दीं। कच्चे माल की कमी और काम बंद होने से आर्थिक संकट पैदा हुआ। हालांकि, अस्मिता और उनके पति ने हिम्मत नहीं हारी। दोबारा काम शुरू कर स्कूली बच्चों की पोशाक बनाने सहित कारोबार का विस्तार किया। वर्तमान में इकाई में सिलाई, कटिंग और प्रेस की मशीनें उपलब्ध हैं। पूंजी और मशीनों की कमी बनी चुनौती अस्मिता कारोबार को बड़े स्तर पर ले जाना चाहती हैं। इसके लिए उन्हें करीब दस लाख रुपये की पूंजी की जरूरत है। उनके पति अजित कुमार के अनुसार, शर्ट बनाने का कपड़ा कोलकाता से मंगाना पड़ता है, जबकि मशीनें और अन्य सामग्री गुजरात से लानी पड़ती हैं। काज-बटन के काम को आसान बनाने वाली एम्ब्रॉयडरी मशीन की कीमत भी करीब तीन से पांच लाख रुपये है। महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य जीविका समूह से जुड़ी महिलाएं काज-बटन का काम कर घरेलू खर्च में योगदान दे रही हैं। अस्मिता अपनी निर्माण इकाई का पंजीकरण कराने और ट्रेडमार्क हासिल करने का प्रयास कर रही हैं। उन्हें उम्मीद है कि वित्तीय सहायता और आधुनिक मशीनें मिलने पर कारोबार का विस्तार होगा और अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। उनका प्रयास है कि गांव की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर काम मिले, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।  

‘फॉर्म 47 सरकार’ कहकर भारत ने पाकिस्तान को घेरा, PoK खाली करने की दोटूक मांग

 नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की तीसरी समिति में अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह भारत की छवि खराब करने के लिए गलत जानकारी फैला रहा है और अपने देश की समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों का इस्तेमाल कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघु पुरी ने पाकिस्तानी प्रशासन को 'फॉर्म 47 सरकार' बताया। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद में बैठी इस कठपुतली सरकार के असली मालिक देश के फौजी जनरल हैं, जिनके आदेशों को टालने की हिम्मत वहां के किसी नेता में नहीं है। इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान के कश्मीर का राग अलापने पर कहा कि जम्मू-कश्मीर पर अब कोई विवाद नहीं है, सिवाय इसके कि पाकिस्तान PoK खाली करे। पाकिस्तान में सेना ही असली मालिक- रघु पुरी रघु पुरी ने कहा कि पाकिस्तान में सेना का प्रभाव सबसे ऊपर है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था दबाव में है, कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब है और खैबर पख्तूनख्वा से लेकर बलूचिस्तान तक मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप लग रहे हैं। फिर भी मौजूदा सरकार में सेना के निर्देशों को चुनौती देने की ताकत नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भारत, पाकिस्तानी प्रतिनिधि की राजनीतिक बेबसी को अच्छी तरह समझता है, क्योंकि वहां लोकतंत्र सिर्फ एक दिखावा है और हमेशा सेना के हितों को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने पाकिस्तान की सरकार के लिए ‘Form 47 सरकार’ शब्द का इस्तेमाल किया। पाकिस्तान में, 'फॉर्म 47' एक आधिकारिक चुनावी दस्तावेज है, जिसका उपयोग किसी निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के प्रोविजनल रिजल्ट दर्ज करने के लिए किया जाता है। वहां फरवरी 2024 के आम चुनावों के बाद चुनावी धांधली और अनियमितताओं के आरोप लगे थे। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि मौजूदा सरकार को जबरन सत्ता में लाने के लिए इस विशेष फॉर्म में हेरफेर की गई थी। कश्मीर पर भी पाकिस्तान को दिया जवाब जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने की पाकिस्तान की कोशिश पर कड़ा रुख अपनाते हुए रघु पुरी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न, अटूट और अविभाज्य हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में अब केवल एक ही काम बचा है, पाकिस्तान उन भारतीय क्षेत्रों (PoK) को बिना शर्त खाली करे, जिन पर उसने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। भारतीय राजनयिक ने पाकिस्तानी प्रतिनिधि को सलाह दी कि वे सेना के इशारों पर नाचना और दूसरों को उपदेश देना बंद करें। इसके बजाय, वे अपने ही देश के समझदार नागरिकों की बात सुनें, अपने कार्यों पर विचार करें और अपने लोगों की भलाई पर ध्यान दें। अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर प्रतिक्रिया अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर पाकिस्तान द्वारा उठाए गए सवालों पर रघु पुरी ने कहा कि आजादी के बाद से पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की आबादी जिस तेजी से घटी है, वह ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरी तरह दर्ज है। इसके विपरीत भारत दुनिया का सबसे बहु-धार्मिक, बहु-सांस्कृतिक और बहुभाषी समाज है, जिसकी बुनियाद ही विविधता पर टिकी है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान अल्पसंख्यकों के अधिकारों की पूरी गारंटी देता है। अल्पसंख्यक समुदायों के लोग न केवल सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर आसीन हैं, बल्कि सरकार, न्यायपालिका, सशस्त्र बलों और कॉर्पोरेट क्षेत्र में भी शीर्ष पदों पर हैं, जिसकी बराबरी पाकिस्तान कभी नहीं कर सकता।

बैंक अधिकारी बनकर OTP लिया, खाते से उड़ाए ₹4.11 लाख; रांची में साइबर ठगी के तीन मामले सामने आए

रांची  साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए अब बैंकिंग सेवाओं और सरकारी सुविधाओं का सहारा ले रहे हैं। वरिष्ठ नागरिक कार्ड बनवाने के नाम पर बैंक अधिकारी बनकर ओटीपी हासिल किया गया, तो जीवित प्रमाणपत्र तैयार कराने के बहाने फोन पर निजी जानकारी जुटाने का मामला सामने आया। वहीं, एक महिला ने अपने बैंक खाते से बिना अनुमति 3.01 लाख रुपये के यूपीआइ लेनदेन की शिकायत की है। रांची में सामने आए इन तीन मामलों में कुल 11,04,125 रुपये की ठगी या अनधिकृत लेनदेन की शिकायत दर्ज कराई गई है। वरिष्ठ नागरिक कार्ड के नाम पर चार बार में निकाले 4.11 लाख लालपुर थाना क्षेत्र के वर्दमान कंपाउंड स्थित कोयल एन्क्लेव निवासी एंड्रियास सोरंग फेसबुक देख रहे थे। इसी दौरान वरिष्ठ नागरिक कार्ड से संबंधित एक पेज खुला, जिसमें मिलने वाले लाभ की जानकारी दी गई थी। पेज पर दिए गए नंबर पर संपर्क करने के बाद वाट्सएप पर ऑडियो काल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी बताया और कार्ड बनवाने के नाम पर बैंक खाते की जानकारी और पता मांगा। एंड्रियास ने जानकारी साझा कर दी। रात करीब 9:01 बजे मोबाइल पर आया ओटीपी भी उन्होंने कॉल करने वाले को बता दिया। इसके बाद उनके खाते से चार बार में 4,11,500 रुपये निकल गए। रात 9:02 बजे दो लाख, 9:10 बजे एक लाख, 9:13 बजे एक लाख और 9:22 बजे 11,500 रुपये की निकासी हुई। मोबाइल साइलेंट होने के कारण उन्हें तत्काल संदेशों का पता नहीं चला। बाद में एटीएम से रुपये निकालने का प्रयास विफल होने और बैंक में पासबुक अपडेट कराने पर खाते से रकम निकलने की जानकारी मिली। जीवित प्रमाणपत्र के नाम पर 3.91 लाख की ठगी सिलवई बस्ती स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास रहने वाले अनूप लाल प्रसाद मंडल ने साइबर अपराध थाना में शिकायत की है कि जीवित प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर फोन कर उनकी निजी जानकारी हासिल की गई। उनके आवेदन के अनुसार दो नंबरों से कॉल आया। इसके बाद उनके बैंक खाते से रुपये कटने लगे। खाते से कुल 3,91,625 रुपये की निकासी की शिकायत की गई है। उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल और हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। महिला के खाते से 3.01 लाख के अनधिकृत यूपीआई लेनदेन शास्त्री नगर, कांके रोड निवासी रेखा मुखर्जी ने आरोप लगाया है कि उनके पंजाब नेशनल बैंक खाते से बिना जानकारी और अनुमति के 3,01,000 रुपये के यूपीआई लेनदेन हुए। पीड़िता का कहना है कि उन्होंने न तो ये भुगतान किए और न ही यूपीआई पिन दर्ज कर किसी लेनदेन को अधिकृत किया। उन्होंने बैंक के कस्टमर केयर और हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। साइबर ठगी से बचने के लिए बरतें ये सावधानियां ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड और बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न बताएं। बैंक अधिकारी या सरकारी कर्मचारी बनकर फोन करने वाला भी ये जानकारी मांगे, तो भरोसा करने से पहले संबंधित बैंक या विभाग के आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करें। फेसबुक या सोशल मीडिया पर वरिष्ठ नागरिक कार्ड, पेंशन और सरकारी लाभ से जुड़े पेज पर दिए गए नंबरों की सत्यता जांचें। जीवित प्रमाणपत्र के लिए बैंक या संबंधित विभाग की अधिकृत प्रक्रिया अपनाएं। अंजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस एप इंस्टॉल न करें। यूपीआई से भुगतान करते समय लाभार्थी का नाम और राशि जांचें। पैसे प्राप्त करने के लिए सामान्यत यूपीआई पिन डालने की जरूरत नहीं होती। खाते से संदिग्ध रकम कटने पर तुरंत बैंक को सूचना दें, 1930 पर कॉल करें।

बिहार में अगेती हरा चना की खेती को बढ़ावा, 10 जिलों के किसानों के लिए ₹2.50 करोड़ का प्रावधान

पटना  कृषि विभाग कुल दस जिलों में हरा चना की अगेती किस्म की खेती के लिए प्रत्यक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। योजना के अंतर्गत इस बार 6250 एकड़ में बुआई का लक्ष्य निर्धारित है। किसानों को प्रति एकड़ 4000 रुपये की सहायता दी जाएगी। इस मद में कुल 2.50 करोड़ का प्रविधान है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। सिन्हा के अनुसार, सहायता राशि से किसानों को हरा चना की अगेती खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और इसके उत्पादन को बढ़ाने में सहायता मिलेगी। बिहार के कुछ क्षेत्रों में उत्पादित हरा चना दूसरे जिलों के बाजारों तक भी पहुंचता है। ऐसे में वैज्ञानिक तरीके से खेती, गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता और समय पर बुआई किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकती है। 15 नवंबर तक बीज वितरण कृषि मंत्री ने बताया कि बीज एवं अन्य कृषि उपादानों का वितरण 15 नवंबर तक होगा। विभागीय यूनिट कास्ट कमेटी द्वारा अनुशंसित माडल के अनुसार कार्यक्रम का क्रियान्वयन होगा। योजना के लिए स्वीकृत राशि की सीमा के अंतर्गत जिलों एवं किसानों को आपूर्ति किए गए बीज और अन्य कृषि उपादानों के विरुद्ध देय राशि बिहार राज्य बीज निगम लिमिटेड को उपलब्ध कराई जाएगी।

दिवाली से पहले बिहार को नई ट्रेन की सौगात! बरौनी से भुज तक 2,532 किमी का सफर, जानें रूट और स्टॉपेज

पटना  बिहार से गुजरात जाने वाले रेल यात्रियों के लिए नई ट्रेन की सौगात मिलने जा रही है। बरौनी और गुजरात के भुज के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी है। इस ट्रेन से बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के कई प्रमुख शहर रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे। सप्ताह में तीन दिन चलने वाली इस ट्रेन से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को एक नया विकल्प मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर को इस ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं। हालांकि, उद्घाटन की तारीख की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। 2532 किलोमीटर का सफर, चार दिन में पहुंचेगी ट्रेन बरौनी और भुज के बीच चलने वाली नई अमृत भारत एक्सप्रेस लगभग 2,532 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इस ट्रेन से बिहार के यात्रियों को गुजरात तक पहुंचने के लिए सीधी रेल सेवा का विकल्प मिल सकेगा। खासकर कामकाज, कारोबार और रोजगार के सिलसिले में गुजरात जाने वाले लोगों को इससे फायदा होने की उम्मीद है। लंबी दूरी की इस यात्रा में ट्रेन कई राज्यों से होकर गुजरेगी। रास्ते में उत्तर प्रदेश और राजस्थान के प्रमुख शहर भी जुड़ेंगे। इससे यात्रियों को अलग-अलग ट्रेनों में सफर करने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि, यात्रा की वास्तविक अवधि और सुविधा यात्रियों के बोर्डिंग स्टेशन पर भी निर्भर करेगी। भुज से शाम में खुलेगी ट्रेन, जानिए बरौनी पहुंचने का समय ट्रेन संख्या 19427 भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस के भुज से शाम 5:30 बजे रवाना होने की जानकारी दी गई है। निर्धारित समय के अनुसार, यह ट्रेन चौथे दिन सुबह 4:05 बजे बरौनी पहुंचेगी। इस तरह गुजरात से बिहार आने वाले यात्रियों को लंबी दूरी के सफर के लिए एक सीधी रेल सेवा मिल सकती है। वहीं, वापसी में ट्रेन संख्या 19428 बरौनी-भुज अमृत भारत एक्सप्रेस रात 11:55 बजे बरौनी से रवाना होगी। इसके चौथे दिन दोपहर 1:15 बजे भुज पहुंचने का समय बताया गया है। यात्रियों को सफर से पहले रेलवे की आधिकारिक समय-सारणी से प्रस्थान और आगमन के समय की पुष्टि कर लेनी चाहिए। सप्ताह में तीन दिन चलेगी अमृत भारत एक्सप्रेस नई ट्रेन को सप्ताह में तीन दिन चलाने की योजना बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, भुज से बरौनी आने वाली ट्रेन सोमवार, बुधवार और शनिवार को चलेगी। वहीं, बरौनी से भुज जाने वाली ट्रेन मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को संचालित होगी। इस समय-सारणी से यात्रियों को अपनी यात्रा पहले से तय करने में मदद मिलेगी। खासकर त्योहारों, कामकाज और पारिवारिक जरूरतों के लिए दूसरे राज्यों की यात्रा करने वाले लोग इसका लाभ उठा सकेंगे। हालांकि, यात्रा की योजना बनाने से पहले संबंधित तारीख के लिए ट्रेन के संचालन की पुष्टि करना जरूरी है। बिहार के इन पांच स्टेशनों पर होगा ठहराव अमृत भारत एक्सप्रेस के बिहार में कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकने की जानकारी दी गई है। इनमें समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, छपरा और सीवान शामिल हैं। इन स्टेशनों के यात्रियों को गुजरात जाने के लिए एक अतिरिक्त रेल विकल्प मिल सकता है। बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, गोंडा, लखीमपुर, पीलीभीत, इज्जतनगर, बरेली, हाथरस और मथुरा जैसे स्टेशनों को भी इस रूट से जोड़ने की जानकारी सामने आई है। राजस्थान में कोटा, रतलाम, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी और भरतपुर जैसे शहरों तक पहुंचने में भी यात्रियों को सुविधा मिल सकती है। अहमदाबाद समेत गुजरात के शहरों से जुड़ेगा रेल नेटवर्क इस ट्रेन के रूट में गुजरात के अहमदाबाद और समाखियाली जैसे प्रमुख स्टेशन भी शामिल बताए गए हैं। इससे बिहार और गुजरात के बीच यात्रा करने वाले लोगों को लंबी दूरी के सफर में अतिरिक्त सुविधा मिलने की उम्मीद है। ट्रेन के ठहराव वाले स्टेशनों से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए बेहतर विकल्प मिल सकते हैं। पूर्वी भारत और पश्चिमी भारत के बीच रेल संपर्क मजबूत होने से यात्रियों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ हो सकता है। गुजरात में काम करने वाले बिहार के लोगों के लिए यह सेवा खास उपयोगी साबित हो सकती है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न शहरों की यात्रा करने वाले यात्रियों को भी इस ट्रेन से फायदा मिलने की संभावना है। दिवाली से पहले यात्रियों को मिल सकती है नई सौगात बरौनी-भुज अमृत भारत एक्सप्रेस का संचालन शुरू होने से बिहार के रेल यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए एक और विकल्प मिलने की उम्मीद है। इस ट्रेन के जरिए कई राज्यों के प्रमुख शहरों के बीच सीधा रेल संपर्क बेहतर हो सकता है। त्योहारों के दौरान अपने घर आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह सेवा महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे के दौरान 30 अक्टूबर को ट्रेन के उद्घाटन की संभावना जताई गई है। हालांकि, यात्रियों को उद्घाटन की तारीख, नियमित परिचालन शुरू होने की तिथि, स्टॉपेज और समय-सारणी के बारे में रेलवे की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए।  

छठ महापर्व से पहले पटना में तैयारियां तेज, घाटों पर बैरिकेडिंग से लेकर रोशनी और पार्किंग तक के इंतजाम

 पटना लोक आस्था के महापर्व छठ पर व्रतियों को घाटों तक पहुंचने से लेकर अर्घ्य देने तक किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए नगर निगम ने 19.34 करोड़ रुपये का खाका तैयार किया है। राजधानी के 231 छठ घाटों को संवारने के लिए काम शुरू करा दिया गया है। घाटों पर बैरिकेडिंग, बालू भराई, रोशनी, पहुंच पथ और पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। तालाबों और पार्कों में भी छठ की तैयारी हो रही है। निगम ने 12 से 13 नवंबर तक सभी काम पूरे करने का लक्ष्य रखा है। 28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तैयारियों का जायजा लेने पहुंच सकते हैं। महापौर सीता साहू ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा निगम की प्राथमिकता है। काम समय पर पूरा हो, इसके लिए सभी छह अंचलों के कार्यपालक पदाधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। घाटों पर बैरिकेडिंग, बालू भराई और रोशनी की व्यवस्था छठ घाटों पर सुरक्षा के लिए साल बल्ले से अस्थायी बैरिकेडिंग की जाएगी। घाटों की सतह पर स्थानीय बालू भरकर उसे समतल बनाया जाएगा। फिसलन और अन्य जोखिमों को कम करने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। घाटों और वहां तक पहुंचने वाले रास्तों पर रोशनी की व्यवस्था होगी। खतरनाक घाटों और संवेदनशील स्थानों पर कपड़े की घेराबंदी भी की जाएगी। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त बैरिकेडिंग और प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी। पहुंच पथ, रैंप और पार्किंग पर भी जोर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों तक जाने वाले पहुंच पथों का निर्माण और मरम्मत कराई जाएगी। जरूरत के अनुसार अस्थायी रैंप और नालों की व्यवस्था होगी घाटों के आसपास पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे, ताकि वाहन खड़े करने में परेशानी नहीं हो। रास्तों की दीवारों, रेलिंग और अंडरपास की सफाई व रंगाई भी कराई जाएगी। जहां जरूरत होगी, वहां सीढ़ियों, पाथवे, नाला कवर और टाइल्स की मरम्मत की जाएगी। तालाबों का विकास, अस्थायी घाट और चेंजिंग रूम गंगा घाटों के अलावा पार्कों, मोहल्लों और अन्य स्थानों पर स्थित तालाबों को भी छठ के लिए तैयार किया जाएगा। जरूरत के अनुसार अस्थायी तालाब और घाट बनाए जाएंगे। इन स्थानों पर बैरिकेडिंग, बालू भराई और रोशनी की व्यवस्था होगी। कुछ पार्कों में चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे। घाटों और सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत, साफ-सफाई, दीवारों व रेलिंग की रंगाई और संकेतक बोर्ड लगाने जैसे काम भी कराए जाएंगे। उद्देश्य छठ व्रतियों को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराना है। कलेक्ट्रेट घाट पर 1.00 करोड़ से अधिक खर्च छठ घाटों की तैयारी के लिए सबसे अधिक राशि कलेक्ट्रेट घाट और उससे जुड़े रास्तों व पार्किंग की व्यवस्था पर खर्च होगी। घाट के सुधार, अस्थायी बैरिकेडिंग, बालू भराई और रोशनी के लिए 50.18 लाख रुपये का अनुमान है। वहीं, पार्किंग स्थल, संपर्क पथ और प्रकाश व्यवस्था पर 50.17 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस तरह इन दोनों कार्यों पर करीब 1.01 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बांसघाट पर 49 लाख, महेंद्रू घाट पर 48.67 लाख बांसघाट पर घाट सुधार, बैरिकेडिंग, बालू भराई, रोशनी और पार्किंग की व्यवस्था के लिए 49.11 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। महेंद्रू घाट और उसके पहुंच पथ को तैयार करने पर 48.67 लाख रुपये का अनुमान है। अन्य घाटों पर भी लाखों रुपये होंगे खर्च दीघा 93 नंबर घाट पर 34.31 लाख, राजापुर पुल घाट पर 28.79 लाख, 83 नंबर घाट पर 28.31 लाख और 88 नंबर घाट पर 27.69 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। जेपी सेतु घाट पर 26.16 लाख, एलसीटी घाट पर 24.89 लाख, कुर्जी घाट पर 24.84 लाख और पहलवान घाट पर 24.72 लाख रुपये खर्च करने की योजना है। पाटीपुल घाट पर 24.48 लाख, कुर्जी बालूपर घाट पर 22.47 लाख और मीनार घाट पर 22.46 लाख रुपये खर्च होंगे। कुर्जी से विभिन्न घाटों तक पहुंच पथ पर अतिरिक्त रोशनी और पार्किंग के लिए 21.91 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं।  

बिहार MLC चुनाव में शिक्षकों ने दिखाया दम, सारण शिक्षक सीट पर सबसे ज्यादा 89.05% मतदान

 पटना  अंतिम आंकड़ों में पटना (स्नातक) सीट पर पड़े वोटों में 21.37% की वृद्धि हो गई। मतदान में सर्वाधिक वृद्धि इसी सीट पर दर्ज हुई है, जो इस चुनाव में सबसे अधिक चर्चा में रही है। अब यहां के परिणाम की प्रतीक्षा है। बहरहाल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने विधान परिषद में स्नातक और शिक्षक कोटे की आठ सीटों पर हुए मतदान के अंतिम आंकड़े शनिवार दोपहर सार्वजनिक कर दिए। स्नातक क्षेत्रों में औसत 53.42% और शिक्षक क्षेत्रों में 82.85% मतदान दर्ज किया गया है। अंतिम आंकड़ों में इन दोनों श्रेणी की सीटों पर पड़े मतों में क्रमश: 9.55% और 8.30% की वृद्धि दर्ज की गई। शुक्रवार अपराह्न चार बजे तक शिक्षक कोटे की सीटों पर 74.55% और स्नातक कोटे की सीटों पर 43.87% मतदान की सूचना थी। कुल आठ सीटों पर शुक्रवार (23 अक्टूबर) को मतदान हुआ था। मतदान में शिक्षकों ने स्नातक वालों को काफी पीछे छोड़ दिया। शिक्षक कोटे की चार सीटों पर मतदाताओं ने भारी उत्साह दिखाया, जबकि स्नातक कोटे की चार सीटों पर उदासीनता रही। कुल 150 प्रत्याशियों (स्नातक कोटे में 90 और शिक्षक कोटे में 60) का भाग्य मतपेटियों में बंद हो चुका है। मतगणना के बाद 27 अक्टूबर को देर रात परिणाम की घोषणा के साथ आशा-निराशा के बादल भी छंट जाएंगे। पटना में बदला आंकड़ा स्नातक की तरह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भी मतदान प्रतिशत में सर्वाधिक बदलाव पटना सीट पर हुआ है। शुक्रवार अपराह्न चार बजे मतदान के आंकड़े जारी करते हुए सीईओ कार्यालय ने स्पष्ट कर दिया था कि अंतिम मतदान प्रतिशत बाद में जारी किया जाएगा और उसमें परिर्वतन स्वाभाविक है। कारण यह कि चार बजे तक मतदान का समय निर्धारित था। तब तक बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतार थी, जो देर शाम तक मतदान किए। प्रारंभिक आंकड़ों में उनकी गणना नहीं हुई थी। अंतिम आंकड़े बता रहे कि सारण (शिक्षक) क्षेत्र में सर्वाधिक (89.05%) वोटिंग हुई है। तिरहुत (स्नातक) क्षेत्र में सबसे कम (48.51%) मतदान हुआ है।