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डॉ. अम्बेडकर ने संविधान के रूप में हमें दिया लोकतंत्र का सबसे बड़ा ग्रंथ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

संविधान निर्माता होने के साथ नए भारत के निर्माता भी हैं बाबा साहेब : मुख्यमंत्री डॉ. यादव डॉ. अम्बेडकर ने संविधान के रूप में हमें दिया लोकतंत्र का सबसे बड़ा ग्रंथ नारी सशक्तिकरण के साहसी और प्रबल समर्थक थे बाबा साहेब न्यूनतम मजदूरी, कम्पनी लॉ, महिला श्रमिकों के अधिकार हैं बाबा साहेब की देन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भीम जन्मभूमि (महू) पहुंचकर बाबा साहेब को अर्पित की पुष्पांजलि महू मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जन्मभूमि पर उनकी जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। बाबा साहेब एक ऐसे युग दृष्टा थे, जिन्होंने एक हजार साल की गुलामी की कठिनाइयों को दूर करने और समाज के अंदर समानता के भाव को विकसित करने के लिए लड़ाई लड़ी थी। बाबा साहेब के योगदान से हम सभी गौरवान्वित होते हैं। हमें उनके बनाए संविधान के अनुसार ही चलना चाहिए। इससे श्रेष्ठ संविधान और कोई नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. अम्बेडकर द्वारा महिला समानता और सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों और उनके योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने बहनों को पिता की संपत्ति में अधिकार दिलाने, तलाक के समय मुआवजा और मातृत्व अवकाश दिलाने के लिए सराहनीय कार्य किया। उन्होंने हमें माताओं-बहनों के लिए 'समान काम-समान वेतन' का दूरदृष्टि पूर्ण विचार दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को इंदौर के डॉ. अम्बेडकर नगर (महू) में डॉ. अम्बेडकर की जन्मभूमि परिसर में आयोजित जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। लोकसभा और विधानसभा में सुनिश्चित होगा 33 प्रतिशत आरक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा साहेब महिला सशक्तिकरण के साहसी और प्रबल समर्थक थे। महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के लिए बाबा साहेब ने अपनी कुर्सी तक छोड़ दी थी। न्यूनतम मजदूरी, कंपनी लॉ और महिला श्रमिकों को अधिकार हमें बाबा साहेब की ही देन है। केन्द्र सरकार संविधान निर्माता डॉ. अम्बेडकर के आदर्शों पर चलते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 21वीं सदी का सबसे बड़ा निर्णय लेने जा रही है। आने वाले दिनों में लोकसभा में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को पूर्ण रूप से लागू करने पर चर्चा होगी, इससे माताओं-बहनों को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के कल्याण के लिए डॉ. अम्बेडकर ने जो किया, इसके लिए देश उन्हें सदैव स्मरण करता रहेगा। बाबा साहेब ने अपने जीवन के प्रत्येक क्षण भारत माता की आराधना करते हुए समाज को आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भीम जन्मभूमि पर आज होली-दीवाली जैसा माहौल है। बाबा साहेब के जीवन से जुड़े सभी 5 पड़ावों को हमारी सरकार ने पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया है। जातिगत असमानता को खत्म करने के लिए अंतर्जातीय विवाह करने पर नवदम्पत्तियों को हमारी सरकार प्रोत्साहन राशि के रूप में 2 लाख रुपए दे रही है। अनुसूचित जाति-जनजाति के कल्याण के लिए सरकार ने सालाना बजट का एक तिहाई हिस्सा इन्हें समर्पित किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनिल गजभिये और डॉ. सत्यभान मेश्राम द्वारा डॉ. अम्बेडकर के जीवन पर लिखी पुस्तक 'बाबा साहेब की दृष्टि में सामाजिक न्याय' का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने डॉ. सुदीप भगतदीप, डॉ. संदेश माधवराव, स्व. निशांत कायरे, डॉ. मीना गजभिये सहित 5 समाजेसवियों को 'भीमरत्न अवॉर्ड 2026' से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद सर्वजनों को 'बाबा साहेब अमर रहे' का नारा उद्घोष कराया। महू विधायक एवं पूर्व मंत्री सुऊषा ठाकुर ने कहा कि आज बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर की जयंती पर हम उनके दिखाए मार्ग पर चलने का प्रयास करें। यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। हम सब मिलकर संकल्प लें कि जीवन में कभी हिंसा, चोरी, नशा और कोई गलत काम नहीं करेंगे। बाबा साहेब समाज में आमूल-चूल परिवर्तन के लिए कटिबद्ध थे। नारी शक्ति की समानता के उनके विचारों के आधार पर देश की संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के माध्यम से विधानसभा और लोकसभा की 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का निर्णय होने जा रहा है। वरिष्ठ विचारक आलोक कुमार ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर बेहद उच्च शिक्षित व्यक्तित्व थे, फिर भी उनके साथ तत्कालीन समाज में भेदभाव हुआ। जब संविधान लिखने की बारी आई, तो महात्मा गांधी जी ने पं. जवाहरलाल नेहरू को सुझाव दिया था कि संविधान की ड्राफ्टिंग कमेटी का अध्यक्ष बनने के लिए एक ही व्यक्ति योग्य है और वह डॉ. भीमराव अम्बेडकर ही हैं। संविधान की ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन की जिम्मेदारी डॉ. अम्बेडकर को उनकी योग्यता के कारण ही मिली थी। उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने समाज को बंधुता और भाईचारा दिया। उन्होंने समानता का संकल्प किया था। भारतीय संविधान की धारा 17 में लिखा गया कि अस्पृश्यता (छुआछूत) को समाप्त किया जाता है और समाज के एक बड़े वंचित वर्ग को इस अन्याय से मुक्ति मिली थी। छुआछूत और भेदभाव भारतीय संस्कृति का कभी भी आधार नहीं रहा। हम सभी को भारत के संविधान में उल्लेखित नियमों/उपनियमों का पालन करना चाहिए। सभी को समान मानते हुए देश के विकास के लिए काम करने की आवश्यकता है। समाज के हर वर्ग को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से समृद्ध बनाना है। कार्यक्रम को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, स्थानीय धम्म संस्था के अध्यक्ष धम्मदीप महाथेरो एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुयायियों संग सहभोज कर दिया समरसता का संदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न डॉ. बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर जन्मस्थली स्मारक स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए अनुयायियों के साथ सहभोज कर सामाजिक समरसता का प्रेरक संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर देशभर से पधारे श्रद्धालुओं के साथ पंक्तिबद्ध बैठकर सह भोज किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर का जीवन हमें समानता, भाईचारे और सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंबेडकर जयंती केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि समाज में समरसता और एकता को सुदृढ़ करने का अवसर है। इस प्रकार का सहभोज समाज में भेदभाव मिटाने और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देने का … Read more

एमपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं रिजल्ट का इंतजार खत्म, कुछ घंटों में मोहन यादव करेंगे घोषणा

भोपाल   माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं का रिजल्ट का इंतजार कुछ घंटों में खत्म होने जा रहा है. एमपी बोर्ड की दोनों ही परीक्षाओं का रिजल्ट 15 अप्रेल को सुबह 11 बजे जारी किया जाएगा. प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10वीं और 12वीं का रिजल्ट एक साथ जारी करेंगे. छात्र अपना रिजल्ट एमपी बोर्ड की बेवसाइट पर भी देख सकेंगे. इसके अलावा मोबाइल ऐप पर भी रिजल्ट को देखा जा सकेगा।  मोबाइल ऐप से देख सकेंगे रिजल्ट छात्र अपना रिजल्ट डिजिलॉकर के जरिए भी देख सकेंगे. इसके अलावा छात्र एमपी बोर्ड की मोबाइल ऐप पर जाकर भी रिजल्ट देख सकेंगे. इसके लिए स्टूडेंट्स को गूगल प्ले स्टोर से एमपी बोर्ड का मोबाइल ऐप एमपीबीएसई या फिर एमपी मोबाइल ऐप डाउनलोड करना होगा. इसके बाद 'नो योर रिजल्ट' पर सिलेक्ट कर अपना रोल नंबर और आवेदन क्रमांक डालना होगा. इसे डालते ही रिजल्ट सामने होगा।  16 लाख स्टूडेंट्स बैठे थे एमपी बोर्ड परीक्षा में 16 लाख स्टूडेंट्स बैठे थे परीक्षा में एमपी बोर्ड की परीक्षा में प्रदेश में 16 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था. इसमें करीबन 9 लाख 7 हजार स्टूडेंट्स कक्षा 10वीं में बैठे थे, जबकि 7 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने 12वीं कक्षा की परीक्षा दी थी. परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 3856 एग्जाम सेंटर बनाए गए थे. दोनों ही परीक्षाएं फरवरी माह में शुरू हुई थीं. बारहवीं की 10 फरवरी से 7 मार्च तक परीक्षाएं चली थीं, जबकि कक्षा 10वीं की 13 फरवरी से 6 मार्च तक परीक्षा चली थीं।  रिजल्ट बेहतर आने की उम्मीद इस बार एमपी बोर्ड का रिजल्ट 2025 के मुकाबले 21 दिन पहले जारी होने जा रहा है. 2025 में 6 मई को एमपी बोर्ड का रिजल्ट जारी किया गया था. एमपी बोर्ड का रिजल्ट इस बार पिछले साल के मुकाबले कुछ बेहतर आने के संकेत मिल रहे हैं. हालांकि, बोर्ड के रिजल्ट में उतार-चढ़ावा आता रहा है।  एमपी बोर्ड का रिजल्ट और पिछले कुछ सालों के आंकड़े     साल 2025 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 76.22 फीसदी और 12वीं का 74.48 फीसदी रहा था.     साल 2024 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 58.10 फीसदी और 12वीं का 64.49 फीसदी रहा था.     साल 2023 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 63.29 फीसदी और 12वीं का 55.28 फीसदी रहा था.     mpbse मोबाइल ऐप या mpmobile ऐप के जरिए भी रिजल्ट देखा जा सकता है। कैसे चेक करें रिजल्ट?     सबसे पहले एमपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं     होमपेज पर कक्षा 10वीं या 12वीं का रिजल्ट लिंक दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें      अब आपके सामने लॉगिन पेज खुलेगा, जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि जैसी जानकारी भरकर लॉगिन करें      इसके बाद आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखेगा     भविष्य के लिए रिजल्ट का प्रिंटआउट जरूर निकाल लें  

IMD का अनुमान: MP में मानसून कमजोर, इंदौर-ग्वालियर में सूखा और भोपाल में ज्यादा बारिश के संकेत

भोपाल  इस साल मानसून के कमजोर रहने की संभावना है। दो साल अच्छी बारिश होने के बाद इस साल सामान्य से कम बारिश होने के पूर्वानुमान ने चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि देश की लगभग आधी खेती मानसून पर निर्भर है। धान, दालों और तिलहन की बुवाई और पैदावार पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।  भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने  अपना पहला आधिकारिक अनुमान जारी किया। इसमें कहा गया है कि इस वर्ष देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के दौरान होने वाली वर्षा सामान्य से कम (लगभग सेंटीमीटर) रहने की संभावना है, जो भारत में मौसमी बारिश का दीर्घकालिक औसत (एलपीए-1971-2020) 87 सेंटीमीटर का लगभग 92 फीसदी है। एलपीए के 90 से 95% के बीच की बारिश को सामान्य से कम माना जाता है। निजी एजेंसी स्काईमेट ने भी करीब 94% बारिश का अनुमान लगाया है। जून में मानसून सीजन शुरू हो जाएगा। 24 से 26 जून के बीच अंचल में मानसून की दस्तक हो जाती है। 2025 में मानसून समय से पहले आ गया था और अक्टूबर तक बारिश की थी। 2025 में हुई बारिश से अंचल के बाद व प्राकृतिक जल स्रोत भर गए थे। बारिश ने 90 साल का रिकॉर्ड भी तोड़कर नया बनाया था। 2026 के मानसून का पूर्वानुमान जारी किया है। इस पूर्वानुमान के अनुसार कम बारिश होगी। खंड बर्षा की वजह से बारिश असंतुलत रहेगी। कहीं सूखा रहेगा और कही बारिश होगी। इस कारण प्रभावित हुआ है मानसून -प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय हिस्से में तापमान में बदलाव देखा जा रहा है। कमजोर ला–नीना जैसी स्थिति अब तटस्थ हो रही है और आगे चलकर एल नीनो जैसी स्थिति बनने की संभावना है। एल–नीनो के दौरान समुद्र का तापमान बढ़ जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप की ओर आने वाली नमी कमजोर पड़ती है और मानसूनी बारिश घटती है। आईएमडी के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने प्रेस वार्ता में कहा कि मात्रात्मक रूप से पूरे देश में मौसमी वर्षा एलपीए का 92 प्रतिशत' रहने की संभावना है, जिसमें 5 फीसदी की कमी- बेसी हो सकती है। पूर्वोत्तर, उत्तर-पश्चिम और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की उम्मीद है। इनको छोड़कर देश के शेष हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा की उम्मीद है। सामान्य से कम वर्षा का एक कारण जून में प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति का उभरना हो सकता है। आमतौर पर जब भी अल नीनो की स्थिति बनती है तो भारत में मानसून कमजोर पड़ जाता है और सूखे की स्थिति बनने का खतरा रहता है। हालांकि, हिंद महासागर में एक सकारात्मक द्विध्रुव (आईओडी) की स्थिति बन रही है। डॉ. महापात्रा ने कहा कि सकारात्मक आईओडी में सामान्य से अधिक वर्षा होती है। इसलिए उम्मीद है कि यह मानसून के दूसरे भाग में अल नीनो के प्रभाव को कम करने में सहायक होगा। आईओडी हिंद महासागर के पश्चिमी (अफ्रीका तट) और पूर्वी (इंडोनेशिया तट) हिस्सों के बीच समुद्र की सतह के तापमान का एक अनियमित अंतर (दोहराव) है। भारत के लिए मानसूनी बारिश अहम भारत की कुल वर्षा का लगभग 75 प्रतिशत मानसून के मौसम में होता है, जो सिंचाई, पेयजल और जलविद्युत उत्पादन के लिए आवश्यक है। लगभग 64 प्रतिशत भारतीय कृषि पर निर्भर हैं, जो मुख्य रूप से दक्षिण-पश्चिम मानसून पर निर्भर है क्योंकि कुल बोए गए क्षेत्र का केवल लगभग 55 प्रतिशत ही सिंचाई के अंतर्गत आता है। देश के विभिन्न भागों में जलाशयों के भरने के लिए भी मानसूनी वर्षा महत्वपूर्ण है, जिनसे पेयजल की आपूर्ति होती है। कम बारिश से घटेगा उत्पादन पिछले दो साल से अच्छी बारिश होने से फसलों को काफी फायदा पहुंचा। नतीजा ये रहा है कि सोयाबीन का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 2 क्विंटल तक बढ़ गया था। वहीं, गेहूं-चने के लिए भी अच्छा पानी मिला था। इससे उत्पादन बढ़ गया। इस साल यदि कम बारिश होती है तो पेयजल के साथ सिंचाई के लिए भी दिक्कतें खड़ी हो सकती है। 2017 में हुई भी सबसे कम बारिश, 2019 में जमकर बरसा पिछले 10 साल के बारिश के आंकड़े पर नजर डालें तो साल 2017 में सबसे कम बारिश हुई थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37.3 इंच है। इसके मुकाबले औसत 29.9 इंच बारिश हुई थी। साल 2018 में 34.3 इंच बारिश दर्ज की गई थी। सबसे ज्यादा पानी वर्ष 2019 में 53 इंच हुई थी। वहीं, 2021 और 2023 में सामान्य से थोड़ी ही कम बारिश हुई थी। 2024 में 44.1 इंच पानी गिरा तो 2025 में आंकड़ा 45.2 इंच तक पहुंच गया। इस तरह कह कहते हैं कि पिछले 7 साल से प्रदेश में अच्छी बरसात हो रही है। अब इस साल मानसून से भी यही उम्मीदें हैं।। यह अपडेट साल 2025 का है। इसमें पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश होने का अनुमान जताया था, जो सही निकला था, लेकिन साल 2026 में बारिश को लेकर स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है। यह पड़ेगा प्रभाव कम बारिश का धान, दालों और तिलहन की बुवाई और पैदावार पर सीधा असर पड़ सकता है। अगर फसल कम होती है, तो खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का डर है। ग्रामीण इलाकों में आय कम होने से बाजार में मांग कम हो सकती है, जिसका असर देश की जीडीपी विकास पर भी पड़ सकता है। गर्मी ने पकड़ा जोर….. उत्तर पश्चिम में उछला पारा, पूर्वोत्तर में बारिश जारी देश के मौसम में इन दिनों स्पष्ट विभाजन देखने को मिल रहा है। एक और उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और कई राज्यों में लू की स्थिति बनने लगी है, वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर भारत में बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाएं जारी हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के ताजा अपडेट के अनुसार, उत्तर भारत में तापमान में अगले कुछ दिनों में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इस बीच सौराष्ट्र, कच्छ, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अलग-अलग दिनों में लू चलने का अनुमान है, जबकि गुजरात, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। मौसम विभाग ने किसानों को भी बढ़ती गर्मी के बीच फसलों की हल्की सिंचाई करने … Read more

प्रदेश में राइस मिल उद्योग संकट में, 700 मिलें बंद होने से बढ़ी चिंता!

 भोपाल  मध्य प्रदेश का राइस मिल उद्योग इन दिनों गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है। प्रदेश की करीब 1200 राइस मिलों में से लगभग 700 मिलें बंद हो चुकी हैं या बंद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। मिलर्स का आरोप है कि सरकार द्वारा तय अपग्रेडेशन राशि, कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) और अन्य मदों की बकाया राशि का भुगतान न होने के कारण उनकी आर्थिक हालत बिगड़ गई है। बैंक ऋण, बिजली बिल, मजदूरी और अन्य खर्चों का भार उठाना मुश्किल हो गया है, जिससे बड़ी संख्या में मिलर्स डिफाल्टर हो रहे हैं। बकाया भुगतान न मिलने से बढ़ा संकट मध्य प्रदेश चावल उद्योग महासंघ के पदाधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2024-25 के धान अपग्रेडेशन (साफ-सफाई) का लगभग 170 करोड़ रुपये अब तक नहीं मिला है। इसके अलावा बारदाने की उपयोगिता व्यय, मिलिंग, परिवहन, हम्माली और अन्य खर्चों की करीब 30 करोड़ रुपये की राशि भी बकाया है। इस देरी ने मिलर्स की वित्तीय स्थिति को पूरी तरह कमजोर कर दिया है। सरकार से मुलाकात, समाधान का आश्वासन सोमवार को महासंघ के प्रतिनिधियों ने उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि मिलर्स के सुझावों और समस्याओं का परीक्षण कर उचित समाधान निकाला जाएगा। महासंघ ने ज्ञापन सौंपकर जल्द भुगतान की मांग की है। मिलिंग नीति और रेशो पर उठे सवाल महासंघ के अध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने बताया कि भारतीय खाद्य मंत्रालय की टेस्ट मिलिंग रिपोर्ट में चावल की झड़ती 67 प्रतिशत से कम और टूटन 25 प्रतिशत से अधिक पाई गई है। इसके बावजूद 67 प्रतिशत चावल जमा करने का नियम लागू है, जिससे मिलर्स को नुकसान हो रहा है। टूटे चावल को कम कीमत पर बेचना पड़ता है, जिसकी भरपाई के लिए अपग्रेडेशन राशि दी जानी थी, लेकिन वह भी नहीं मिली। मिलिंग में गिरावट, शासन को बढ़ता नुकसान वर्तमान स्थिति के चलते प्रदेश में मिलिंग कार्य प्रभावित हुआ है और अब तक केवल पांच प्रतिशत मिलिंग ही हो सकी है। मिलर्स की अनिच्छा के कारण वर्ष 2025-26 की धान मिलिंग भी प्रभावित होने की आशंका है। इससे शासन को हर महीने करीब 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ब्याज, भंडारण शुल्क और सूखत का नुकसान उठाना पड़ रहा है। धान के खराब होने का खतरा बढ़ा मिलिंग कार्य धीमा होने से ओपन कैप में रखी हजारों करोड़ रुपये की धान पर सड़ने का खतरा मंडरा रहा है। बारिश के मौसम में यह संकट और गहरा सकता है। इससे न केवल मिलर्स बल्कि शासन को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उद्योग बचाने के लिए जल्द निर्णय जरूरी महासंघ का कहना है कि यदि जल्द बकाया राशि का भुगतान और नीति में सुधार नहीं किया गया तो राइस मिल उद्योग पूरी तरह ठप हो सकता है। इससे हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।

ग्वालियर में आमखो-कस्तूरबा रोड एक साल तक रहेगा बंद, ट्रैफिक पुलिस ने किया डायवर्जन प्लान का ऐलान

 ग्वालियर  शहर की चिकित्सा व्यवस्था को आधुनिक बनाने और अस्पतालों के बीच निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हजार बिस्तर अस्पताल को कमलाराजा (KRH) एवं जयारोग्य अस्पताल (JAH) से अंडरपास के जरिए जोड़ने की प्रक्रिया तेज हो गई है। लगभग ₹17 करोड़ की लागत वाले इस निर्माण कार्य के कारण आमखो से कस्तूरबा तिराहा रोड को आगामी एक वर्ष के लिए पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया है। अंडरपास की खासियत और निर्माण योजना हजार बिस्तर अस्पताल और जयारोग्य परिसर को जोड़ने वाला यह अंडरपास लगभग 300 मीटर लंबा होगा। इसका डिजाइन अंग्रेजी के 'L' आकार में तैयार किया गया है। अंडरपास में सात-सात मीटर चौड़ाई की दो लेन बनाई जाएंगी। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल पैदल यात्रियों के लिए नहीं, बल्कि वाहनों के लिए भी सुलभ होगा। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस और डॉक्टरों के वाहन सीधे एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक पहुंच सकेंगे। पूर्व में सीवर और पानी की लाइनों के कारण काम रुका था, जो अब लाइनों की शिफ्टिंग के बाद पुनः शुरू किया जा रहा है। यातायात डायवर्जन: वाहन चालक ध्यान दें ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता की सुविधा के लिए नया डायवर्जन प्लान लागू किया है:     कस्तूरबा चौराहा से अचलेश्वर जाने वाले वाहन: अब कस्तूरबा चौराहा से कंपू थाना, खेल परिसर और हजार बिस्तर अस्पताल के सामने से होते हुए आमखो तिराहा पहुंचेंगे।     अचलेश्वर से कस्तूरबा तिराहा जाने वाले वाहन: आमखो से हजार बिस्तर अस्पताल और खेल परिसर के सामने से होते हुए कंपू थाना तिराहा से अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक देरी से बचने के लिए परिवर्तित मार्ग का ही उपयोग करें।

इंदौर के पीथमपुर में विस्फोट से 4 की मौत, यूनियन कार्बाइड द्वारा कचरा निपटान में हुआ हादसा

 पीथमपुर  इंदौर जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार को एक बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया है। तारपुरा स्थित रामकी एनवायरो कंपनी में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस हादसे में 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि कंपनी में भोपाल के भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े यूनियन कार्बाइड के कचरे के निपटान (जलाने) की प्रक्रिया चल रही थी, इसी दौरान अचानक विस्फोट हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि इसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है, जबकि पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। फिलहाल विस्फोट के सटीक कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन खतरनाक कचरे के प्रबंधन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।  ग्रामीणों के अनुसार, एक के बाद एक कुल तीन धमाके हुए, जिनकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि घरों में रखे बर्तन और अन्य सामान तक नीचे गिर गए। कई लोगों ने इसे भूकंप जैसे झटके बताया, जिससे लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए और कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अमला मौके पर पहुंचा और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल कंपनी के अंदर किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। नगर पुलिस अधीक्षक रवि सोनेर ने बताया कि कंपनी में विस्फोट की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस टीम को तुरंत मौके पर तैनात किया गया। उन्होंने कहा कि हादसे में किसी के घायल होने या हताहत होने की सूचना अभी तक नहीं है।धमाकों के कारणों की जांच की जा रही है और विस्तृत रिपोर्ट जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।   स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि धमाके की आवाज तारपुरा और बजरंगपुरा गांव तक सुनाई दी, जहां लोगों ने सबसे पहले इसकी जानकारी दी। गौरतलब है कि रामकी एनवायरो कंपनी पहले भी चर्चा में रही है, जब भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े जहरीले कचरे के निष्पादन का कार्य यहां किया गया था। फिलहाल कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। 

राष्ट्रहित और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता देंगे, एकजुट होकर काम करेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राष्ट्रहित सर्वोपरि, सामाजिक समरसता के लिए एकजुट होकर करेंगे काम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव केन्द्र सरकार ने बाबा साहेब के सम्मान में उनकी स्मृति में कराया पंचतीर्थों का निर्माण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. अम्बेडकर की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को बोर्ड ऑफिस स्थित बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर चौराहे पर भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 136वीं जयंती पर बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा साहेब के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में डॉ. अम्बेडकर का योगदान अविस्मरणीय है, अतुलनीय है। उन्होंने देश में समतामूलक समाज के निर्माण के लिए भारतीय संविधान की रचना कर इसमें सबके अधिकारों की सुरक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा साहेब के सम्मान में पुष्पांजलि कार्यक्रम में मौजूद सबके समक्ष भारतीय संविधान की मूल उद्देश्यिका का वाचन कर 'डॉ. भीमराव अम्बेडकर अमर रहे' के नारे लगाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर आजीवन वंचितों, पीड़ितों, शोषितों और उपेक्षितों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और राजनैतिक सशक्तिकरण की प्रखर आवाज थे। हमारी सरकार संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर की समरसता और समानता की भावना को केन्द्र में रखकर लगातार काम कर रही है। बाबा साहेब ने हमें समानता का अधिकार दिलाया और अब हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में "सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" के पथ पर आगे बढ़ते हुए बाबा साहेब के स्वप्न को साकार कर रहे हैं। देश सबसे पहले है, हम सब सामाजिक समरसता के लिए मिल-जुलकर, एकजुट प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकारों ने हमेशा ही बाबा साहेब का सम्मान किया। भोपाल में उड़ान पुल बना, तो उसे हमने बाबा साहेब का नाम दिया। बाबा साहेब की जन्मभूमि महू में भव्य स्मारक बनवाया। बाबा साहेब के नाम पर कामधेनु योजना शुरू की। सागर के अभयारण्य को बाबा साहेब का नाम दिया। बाबा साहेब के नाम पर आर्थिक कल्याण योजना शुरू की। हम ग्वालियर में भी डॉ. अम्बेडकर धाम बनाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार ने बाबा साहेब की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाये रखने के लिए उनकी जन्म भूमि (महू- डॉ. अम्बेडकर नगर, म.प्र.), शिक्षा भूमि (लंदन), दीक्षा भूमि (नागपुर, महाराष्ट्र), महापरिनिर्वाण भूमि (दिल्ली) एवं चैत्य भूमि (मुम्बई) को पंचतीर्थ के रूप में विकसित कर स्थाई निर्माण कार्य कराये हैं, जो बाबा साहेब के संघर्ष एवं आदर्शों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने स्त्री शिक्षा, इनके नैसर्गिक अधिकारों के संरक्षण और इनके सामाजिक आर्थिक उत्थान के लिए विशेष प्रयास किये। उन्हीं के बताये मार्ग पर चलकर हमारा देश आज महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाने की ओर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार देश की संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के पूर्ण क्रियान्वयन को लेकर ऐतिहासिक चर्चा कराने जा रही है। इस अधिनियम की मंशा देश की सभी महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देना है। यह 21वीं शताब्दी में देश की आधी आबादी को पूरा हक देने की दिशा में उठाया गया सबसे बड़ा और कारगर कदम होगा, जो भारतीय गणतांत्रिक राष्ट्र की विधायिका व्यवस्था में महिलाओं का राजनीतिक नेतृत्व बढ़ाएगा। पुष्पांजलि कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, वरिष्ठ समाजसेवी शिवप्रकाश, राहुल कोठारी, रविन्द्र यति सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।  

भीषण लू का खतरा: प्रदेश के जिलों में तापमान 44°C तक जाने का अनुमान, रतलाम सबसे गर्म

भोपाल  मध्य प्रदेश में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. तपिश बढ़ने से कई जिलों में गर्मी बढ़ गई है. सोमवार को प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया. रतलाम में सबसे ज्यादा तापमान रहा. यहां 41.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. वहीं पारा 41 डिग्री के पार पहुंचते ही प्रदेश के कई इलाकों में हीट जोन का असर दिखने लगा है. राजधानी भोपाल समेत इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी।  3-5 डिग्री तक पारा में उछाल  मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल से मध्य प्रदेश के कई जिलों में लू चलने की संभावना है. इसके अलावा प्रदेश के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक उछाल आने की संभावना है।  41 डिग्री के पार पहुंचा MP का पारा बीते 24 घंटे में सबसे अधिक तापमान रतलाम का 41.2 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं नर्मदापुरम का 40.8 डिग्री सेल्सियस, धार में तापमान 40. 4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. इसके अलावा खरगोन और मंडला में तापमान 40 डिग्री,  बैतूल में 39.5 डिग्री, शाजापुर में 39.3 डिग्री, खजुराहो, छिंदवाड़ा में 39.2 डिग्री, खंडवा में 39.1 डिग्री मलाजखंड और रायसेन में 39 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. वहीं बड़े शहरों की बात करे तो जबलपुर सबसे गर्म रहा. यहां तापमान 39.2 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि राजधानी भोपाल और इंदौर में तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस रहा. उज्जैन में 39 डिग्री दर्ज हुआ।  इन जिलों में चलेगी लू, IND ने जारी किया अलर्ट  मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए लू चलने की चेतावनी जारी की है. 16 और 17 अप्रैल को रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, खंडवा, सीधी, सिंगरौली, मंडला और बालाघाट में लू चलने की संभावना है. इसके अलावा राजधानी भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी गर्म हवाओं की चपेट में रहेंगे।   इन जिलों में चलेगी लू, अलर्ट जारी 16 और 17 अप्रैल को रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, खंडवा, सीधी, सिंगरौली, मंडला और बालाघाट में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे बड़े शहर भी गर्म हवाओं की चपेट में रहेंगे। इन शहरों में 40 के आसपास पहुंचा तापमान रतलाम: 41.2 डिग्री नर्मदापुरम: 40.8 डिग्री धार: 40.4 डिग्री खरगोन, मंडला: 40 डिग्री बैतूल: 39.5 डिग्री शाजापुर: 39.3 डिग्री खजुराहो, छिंदवाड़ा: 39.2 डिग्री खंडवा: 39.1 डिग्री मलाजखंड, रायसेन: 39 डिग्री बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा (39.2 डिग्री), जबकि भोपाल और इंदौर में 38.8 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री दर्ज हुआ। 15 अप्रैल से नया सिस्टम सक्रिय, पर नहीं मिलेगी राहत 15 अप्रैल से एक नया मौसम सिस्टम बन तो रहा है, लेकिन वह काफी कमजोर है। इसका मतलब है कि अब गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा ऐतिहासिक रूप से सबसे गर्म रहता है। ग्वालियर में तो तापमान 45°C और भोपाल में 44°C तक जाने का रिकॉर्ड रहा है। अप्रैल में लगातार 9 दिन तक बारिश बता दें कि अप्रैल में अब तक भीषण गर्मी पड़ने के बजाय आंधी-बारिश और ओले वाला मौसम रहा। 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश में कहीं न कहीं मौसम बदला। 15 से ज्यादा जिलों में ओलावृष्टि हुई तो करीब 45 जिलों में पानी गिरा। ग्वालियर में सबसे ज्यादा पानी गिरा। एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर की 10 साल की डेटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री, जबकि जबलपुर में 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पार कर चुका है। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था।  कमजोर सिस्टम भी नहीं देगा राहत 15 अप्रैल से एक नया मौसम सिस्टम एक्टिव जरूर होगा, लेकिन यह इतना कमजोर रहेगा कि गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। उल्टा, इसके बाद तापमान और चढ़ने के आसार हैं। यानी आने वाले दिनों में ‘हीट वेव’ का लंबा दौर देखने को मिल सकता है।  अप्रैल की शुरुआत रही अलग, अब बदला मिजाज इस बार अप्रैल के पहले 9 दिन सामान्य से अलग रहे। आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने गर्मी को थामे रखा। करीब 45 जिलों में बारिश दर्ज हुई, जबकि 15 से ज्यादा जिलों में ओले गिरे। ग्वालियर में सबसे ज्यादा वर्षा हुई। लेकिन अब मौसम ने करवट बदल ली है और अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में परंपरागत तेज गर्मी का दौर शुरू हो गया है। लू से बचाव के लिए एडवाइजरी – दिनभर पर्याप्त पानी पिएं – दोपहर में धूप से बचें – हल्के और सूती कपड़े पहनें – बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें – बाहर निकलते समय सिर और चेहरे को ढककर रखें 

TET परीक्षा पर नए आदेश, सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका पर चर्चा, विभाग तय करेगा आवश्यक शिक्षकों का चयन

भोपाल  मध्यप्रदेश में डेढ़ लाख शिक्षकों की नौकरी पर असर डालने वाली TET परीक्षा को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग नया आदेश जारी करेगा। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नए आदेश में टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता और छूट की स्थिति स्पष्ट की जाए। आयुक्त ने कहा कि नए आदेश में यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा अनिवार्य होगी और किन्हें नियमानुसार छूट या सरलीकरण मिलेगा। शासकीय अधिवक्ता से अभिमत की प्रक्रिया जारी विभाग ने बताया कि मामले में शासकीय अधिवक्ता से अभिमत प्राप्त करने की प्रक्रिया चल रही है। अभिमत मिलने के बाद सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की जाएगी। सोमवार को लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ और अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें कई प्रशासनिक निर्णय लिए गए। वेतनवृद्धि और समयमान के मामलों में शीघ्र आदेश बैठक में तय हुआ कि जिन शिक्षकों को वेतनवृद्धि और समयमान वेतनमान का लाभ मिलना है, उनके प्रकरणों में शीघ्र कार्रवाई कर आदेश जारी किए जाएंगे। यदि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश यथावत रहते हैं, तो परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों के लिए तहसील और विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण व सिलेबस आधारित मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डीपीआई स्तर पर परामर्श बैठक आयोजित होगी लंबित समस्याओं के समाधान के लिए डीपीआई स्तर पर परामर्शदात्री बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ, शिक्षक कांग्रेस और राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष और महामंत्री उपस्थित रहे। बैठक से एक वर्ग असंतुष्ट इधर, लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह की बैठक से शिक्षक संगठनों का एक वर्ग असंतुष्ट नजर आया है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के सदस्य उपेंद्र कौशल ने बताया कि बैठक के लिए घटक संगठनों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन मोर्चा ने इसमें शामिल होने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि बैठक अचानक बुलाई गई थी, जिससे सभी संगठनों के अध्यक्षों का उपस्थित होना संभव नहीं था। मोर्चा ने शासन को अवगत कराया है कि शिक्षक आंदोलन से जुड़े किसी भी मुद्दे पर चर्चा केवल अधिकृत प्रतिनिधिमंडल के साथ ही की जाए, अन्य संगठनों के साथ हुई वार्ता के निर्णय उन्हें मान्य नहीं होंगे। मध्यप्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी संघ के प्रांत अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने भी बैठक पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि बैठक में पात्रता परीक्षा कराने पर सहमति बनी और इसके लिए जल्द कार्यक्रम जारी किए जाने की बात सामने आई है। उनके अनुसार जिन संगठनों के साथ बैठक हुई, वे पात्रता परीक्षा से प्रभावित नहीं हैं, जबकि प्रभावित संगठन इसमें शामिल नहीं थे। सुप्रीम कोर्ट ने दिया था निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को निर्देश दिया था कि अब टीच‍िंग सर्विस से जुड़े सभी शिक्षकों को अपनी सर्विस में बने रहने या प्रमोशन पाने के लिए टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्‍ट यानी TET पास करना जरूरी होगा।  क्‍या है TET एग्‍जाम टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी TET एक राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा है, जो यह तय करती है कि कोई अभ्यर्थी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 8 तक) में टीचर बनने के योग्य है या नहीं। यह परीक्षा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा 2010 में अनिवार्य की गई थी।

एमजेएफ लॉयन महेश मालवीय डिस्ट्रिक्ट गवर्नर के पद पर निर्वाचित हुए

उज्जैन उज्जैन में Lions Clubs International डिस्ट्रिक्ट 3233 G-2, पृथ्वी की भव्य डिस्ट्रिक्ट कॉन्फ्रेंस गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अवसर पर नेतृत्व परिवर्तन के तहत MJF लॉयन प्रवीण वशिष्ठ (उज्जैन) के स्थान पर MJF लॉयन महेश मालवीय (भोपाल) के वर्ष 2026–27 के डिस्ट्रिक्ट ३२३३ जी-२ के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर के पद पर निर्वाचित हुए । डिस्ट्रिक्ट 3233 G-2, जिसमें 166 क्लब और लगभग 3,000 समर्पित सदस्य शामिल हैं, सामाजिक सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इस गरिमामय अवसर पर एमजेएफ लॉयन महेश मालवीय एवं उनकी धर्मपत्नी लॉयन गायत्री मालवीय सेवा कर सेवा, समर्पण और नेतृत्व की नई ऊर्जा का संकल्प लिया। वे शीघ्र ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर आयोजित Lions International Convention में Hong Kong में सहभागिता कर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे एवं हांगकांग में शपथ ग्रहण करेंगे । भोपाल के प्रतिष्ठित समाजसेवी लायन महेश मालवीय पिछले 30 वर्षों से लॉयंस क्लब से जुड़े हुए हैं और इस दौरान उन्होंने Lions Clubs International के माध्यम से विभिन्न सेवा परियोजनाओं में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता और सेवा भावना से जिले को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इस गौरवपूर्ण क्षण पर उनके होम क्लब, लॉयंस क्लब ऑफ भोपाल ग्लोरियस, के सदस्यों—लायन डॉ. मनोज वर्मा, लायन दीपक गुप्ता, लायन प्रकाश पाटिल, लायन सुमित अग्रवाल, लायन डा. गगन कांत त्रिपाठी, एडवोकेट लायन सुरेश मालवीय, लायन हरिश चतुर्वेदी, लायन शुभ्राजी, लायन अजय अग्रवाल, लायन संजीव मिश्रा, लायन ऋतू अग्रवाल, लायन रचना गिरी, लायन आशीष जैन, लायन कमलेश विश्वकर्मा, एवं लायन रोहित सिसोदिया—ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की।