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मंत्री सारंग ने कहा, दिव्यांगजन स्पर्श मेला सामाजिक बदलाव में अहम कदम

दिव्यांगजन स्पर्श मेला सामाजिक दृष्टिकोण बदलाव में सार्थक पहल : मंत्री सारंग तीन दिवसीय राज्य स्तरीय दिव्यांगजन स्पर्श मेले का शुभारंभ सांस्कृतिक, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों का होगा संगम भोपाल  खेल एवं युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि सामाजिक न्याय विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय दिव्यांगजन स्पर्श मेला, सामाजिक दृष्टिकोण के बदलाव में एक सार्थक पहल होगा। इस तरह के आयोजन दिव्यांगजनों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं। इसके साथ ही समाज की इस वर्ग के प्रति सकारात्मक सोच  को बढ़ाते हैं। उन्होंने यह बात पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक संस्थान के सभागार में तीन दिवसीय दिव्यांगजन स्पर्श मेला के शुभारंभ अवसर पर कहीं। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय, अध्यक्ष नगर निगम परिषद किशन सूर्यवंशी भी उपस्थित थे। मंत्री सारंग ने कहा कि स्पर्श मेला एक संवेदनशील पहल है इस तरह के आयोजनों से दिव्यांगजनों में समानता की भावना का संचार होता है। उन्होंने कहा कि स्पर्श मेले से दिव्यांगजन के मन, मस्तिष्क को नवीन ऊर्जा मिलेगी। शारीरिक कमी उनके आर्थिक, सामाजिक और व्यक्तित्व के विकास में बाधक नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ही विजन है कि उन्होंने नि:शक्तजनों को एक नया शब्द दिव्यांगजन देकर उनके प्रति सामाजिक सोच में बदलाव दिलाया है। सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर समाज के कमजोर वर्ग को मुख्य धारा से जोड़ने के लिये लगातार प्रयास कर रहा हैं। उन्होंने दिव्यांग स्पर्श मेले में दिव्यांग कलाकारों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स और अन्य दैनिक उपयोग के उत्पादन की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के दिव्यांग खिलाड़ियों द्वारा पैरा-ओलम्पिक गेम्स में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश को नहीं पहचान दिलाई है। उन्होंने इस तरह के आयोजन जिला और संभाग पर भी करने की सलाह सामाजिक न्याय विभाग को दी। मंत्री सारंग ने कहा कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा भी दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए लगातार अवसर और प्रोत्साहन दिया जाता रहेगा। महापौर श्रीमती मालती राय ने स्पर्श मेले का आयोजन के लिए सामाजिक न्याय विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्पर्श मेले दिव्यांग बच्चों के प्रतिभाओं को दिखाने का एक अच्छा प्लेटफार्म बनेगा। उन्होंने इस तरह के आयोजन, हर स्तर पर किए जाने की आवश्यकता जताई। प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय दिव्यांगजन कल्याण श्रीमती सोनाली वांयगणकर ने बताया की 21 जनवरी से 23 जनवरी 2026 तक आयोजित किए जाने वाले दिव्यांग स्पर्श मेले में प्रदेश के सभी शासकीय और अशासकीय दिव्यांग स्कूलों के बच्चों को विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि स्पर्श मेले में दिव्यांगजनों की सांस्कृतिक, खेलकूद एवं रचनात्मक प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इन खेल प्रतियोगिताओं इनडोर और आउटडोर खेल होंगे। इसमें क्रिकेट, दौड़ और फन गेम्स तथा सायंकाल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, 23 जनवरी को विजेताओं को पुरस्कार वितरण के साथ समापन होगा स्पर्श मेले में दिव्यांग कलाकारों के उत्पादों को मिली सराहना तीन दिवसीय मेले में प्रदेश से दिव्यांग कलाकारों की और संस्थाओं की प्रदर्शनी लगाई गई है। मंत्री सारंग ने कलाकारों के बेहतरीन उत्पादों के प्रदर्शन के लिये सराहा। इनमें इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और भोपाल से आये कलाकार सम्मिलित है। दिव्यांग क्रिकेट मैच का शुभारंभ स्पर्श मेले में दिव्यांग खिलाड़ियों के उद्घाटन मैच इंदौर और भोपाल के बीच खेला गया, दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के विधायक भगवान दास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, पार्षद डॉ. रेहना ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया तथा विधायक सबवानी ने बैटिंग कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।

खेल हो या राजनीति सभी को हमेशा हार को जीत में बदलने के लिये एक आखरी दाव बचा कर रखना चाहिये : विधायक गोपालसिंह इंजीनियर

गुरु हनुमान व्यायाम शाला कोठारी द्वारा आयोजित विशाल राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता सम्पन्न,यूपी के शाकिर नूर पहलवान ने जीता 51 हजार का प्रथम पुरुष्कार आष्टा   मध्य प्रदेश के आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने व्यायामशाला के लिये 6 लाख की राशि देने की घोषणा का पहलवानों ने किया गया स्वागत। पहलवानों का ग्राम से अपनी एक अलग ही पहचान रखने वाले ग्राम कोठरी में लम्बे अंतराल के बाद गुरु हनुमान व्यायाम शाला द्वारा एक भव्य राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिता का शानदार आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्तर की दंगल कुश्ती प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से नामी पहलवानों ने भाग लिया और शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया। राष्ट्रीय दंगल प्रतियोगिता  कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर परिषद कोठरी की अध्यक्ष श्रीमती नगीना  राधेश्याम दलपति ने की । कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में पूर्व विधायक रघुनाथसिंह मालवीय, इछावर विधानसभा के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल,वरिष्ठ समाजसेवी जगदीश पटेल, धार्मिक गुरु श्री उत्तम दास जी महाराज (रामकुटी), पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रुपेश पटेल, खेल एवं युवक कल्याण समन्वयक जितेंद्र आज़ाद, जिला कुश्ती संघ अध्यक्ष विनय भटेले मंचासीन उपस्तिथ रहे। राष्ट्रीय दंगल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कहा की कोठरी जो कि पहलवानों के साथ अच्छे अच्छे खिलाड़ियों का ग्राम है । कोठरी के जहूर भाई, मोहन पहलवान ने राष्ट्रीय स्तर तक कोठरी का नाम रोशन किया है । कोठरी में एक सुविधायुक्त व्यायामशाला की आवश्यकता है,अध्यक्ष जी भी अभी यही बात कह रहे थे । सभी की मांग एवं भावना के अनुरूप विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कोठरी में एक सर्वसुविधायुक्त व्यायामशाला के निर्माण हेतु 6 लाख रुपये देने की घोषणा की एवं आज आयोजित राष्ट्रीय दंगल कार्यक्रम के लिये 25 हजार की राशि अलग से देने की भी घोषणा की । विधायक ने कहा की जब यहा के पहलवानों को व्यायामशाला के रूप में अपनी प्रतिभा को उभारने के लिये एक सुविधायुक्त स्थल मिलेगा तब निश्चित यहा से अच्छे पहलवान राष्ट्रीय स्तर तक पहुचेंगे । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने इस अवसर पर एक गुरु मंत्र भी दिया उन्होंने कहा कुश्ती हो या राजनीति या अन्य क्षेत्र सभी को जीवन में भी ओर खेलो में भी सभी दाव एक साथ उपयोग नही करना चाहिये । एक आखरी दाव हमेशा बचा कर रखना चाहिये ताकि आखरी में उस दाव को अजमाकर  हारी हुई बाजी को जीत में बदला जा सके । हमारी नप कोठरी किसी से कम नही है हमारा कोठरी ग्राम हर क्षेत्र में आगे है । राष्ट्रीय दंगल का आयोजन महेंद्र दलपति के नेतृत्व में आयोजित किया गया । कार्यक्रम का संचालन नगर परिषद कोठरी के उपाध्यक्ष प्रतिनिधि युवराज सिंह चंद्रवंशी द्वारा किया गया। कुश्ती प्रतियोगिता में रेफरी की भूमिका राजू पहलवान (सीहोर), अजय बिसोरिया (सीहोर) एवं शंभू पहलवान (देवास) ने निभाई। कुश्ती प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे । प्रथम पुरस्कार (₹51,000) का शाकिर नूर पहलवान (मेरठ, उत्तर प्रदेश) ने मान पहलवान (पंजाब) को पराजित कर विजय जीता । द्वितीय पुरस्कार (₹31,000) का राजा पिल्लर (कोठरी, मध्य प्रदेश) ने श्याम पहलवान (मथुरा, उत्तर प्रदेश) को हराकर जीता । तृतीय पुरस्कार (₹21,000) का  बलवान पहलवान (दिल्ली) ने नकुल पहलवान (फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश) को पराजित कर जीता । अन्य कुश्ती जोड़ में कोठरी के निखिल पहलवान, अमन पहलवान, तनिष्क पहलवान, महेंद्र पहलवान, रूपेश पहलवान, गोलू पहलवान, राजेश पहलवान, करण पहलवान एवं सुमित ठाकुर पहलवान ने विजय प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया। व्यायाम शाला के उस्ताद अर्जुन प्रजापति, गोविंद सिंह मेचन,सदस्य मिथुन पडियार, राजेश पड़ियार एवं समस्त नगरवासियों का सराहनीय सहयोग रहा। आयोजन समिति एवं विधायक गोपालसिंह इंजीनियर द्वारा भविष्य में भी खेलों को प्रोत्साहन देने एवं अन्य खिलाड़ियों की हर संभव सहायता किए जाने का आश्वासन दिया गया,जिससे क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके ओर जिससे कोठरी क्षेत्र  एवं सीहोर जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर  रोशन हो सके ।

विश्व रिकॉर्ड की धनी प्राची धबेल, एमपी से हार्वर्ड तक छाया नाम

भोपाल  नवाचार अक्सर पहले से मौजूद मान्यताओं पर प्रश्न उठाने से शुरू होता है। मध्य प्रदेश की बेटी और कलाकार प्राची धाबेल देब के लिए इसका अर्थ था सदियों पुराने एक माध्यम को नए सिरे से सोचना और उसकी पारंपरिक सीमाओं से आगे ले जाना। हाल ही में ऑक्सफोर्ड सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज में एसोसिएट आर्टिस्ट के रूप में नियुक्त प्राची, ऑक्सफोर्ड में अकादमिक सांस्कृतिक नियुक्ति पाने वाली पहली भारतीय रॉयल आइसिंग कलाकार बन गई हैं। आइए जानते हैं कौन हैं प्राची धबेल देब? रॉयल आइसिंग अपनी तकनीकी जटिलता और सीमित लचीलापन के लिए जानी जाती है। प्राची ने सालों के प्रयोग और शोध के माध्यम से इन सीमाओं को चुनौती दी और एक शाकाहारी (वीगन) रॉयल आइसिंग फॉर्मूला विकसित किया, जिसमें पारंपरिक रूप से इस्तेमाल होने वाले अंडे की सफेदी पर निर्भरता समाप्त हो गई। इस महत्वपूर्ण नवाचार ने उन्हें बड़े पैमाने की इंस्टॉलेशन कृतियाँ बनाने की स्वतंत्रता दी, साथ ही उनके कार्य को नैतिक और आधुनिक मूल्यों के अनुरूप भी बनाया। कौन हैं प्राची धबेल मध्य प्रदेश के रीवा में जन्मीं देब की परवरिश देहरादून, उत्तराखंड में हुई और उन्होंने अपनी स्कूलिंग कोलकाता में पूरी की। वह पिछले 13-14 सालों से पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ में रह रही हैं और इसे अपनी कर्मभूमि कहती हैं। 36 साल की देब ने बताया कि उन्हें इस इंडस्ट्री में आए 10 साल हो गए हैं। मैं एक आर्टिस्ट के तौर पर अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाना चाहती थी और दूसरों के लिए प्रेरणा बनना चाहती थी। जिस फील्ड को लेकर मैं इतनी पैशनेट हूं, उसमें अपने काम के लिए पहचान मिलना मेरे लिए सम्मान की बात है। देब की बनाई हुई चीजें मिलान कैथेड्रल से प्रेरित 100 किलो का वीगन खाने लायक रॉयल आइसिंग स्ट्रक्चर को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, यूके में शामिल किया गया है। उनके नाम सबसे ज्यादा वीगन रॉयल आइसिंग स्ट्रक्चर बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी है, और वीगन रॉयल आइसिंग से बनाया गया भारतीय महल जैसा 200 किलो का खाने लायक स्ट्रक्चर भी है। भारतीय वास्तुकला, पवित्र ज्यामितीय आकृतियों और सांस्कृतिक प्रतीकों से प्रेरित उनकी खाद्य कलाकृतियाँ अक्सर महीनों की योजना के बाद आकार लेती हैं। इनमें से कुछ इंस्टॉलेशन सैकड़ों किलोग्राम वजन की होती हैं, जिनमें कलात्मक दृष्टि के साथ-साथ इंजीनियरिंग की सटीकता भी दिखाई देती है। अपने व्यक्तिगत कार्यों से आगे बढ़कर, प्राची ने वैश्विक शुगर आर्ट समुदाय में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्हें अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं, उन्होंने विश्व रिकॉर्ड बनाए हैं, प्रमुख प्रतियोगिताओं में निर्णायक के रूप में कार्य किया है और विभिन्न देशों में उभरते कलाकारों का मार्गदर्शन किया है। ऑक्सफोर्ड में उनकी नियुक्ति इस व्यापक बदलाव को दर्शाती है कि नवाचार को अब केवल तकनीक के संदर्भ में नहीं, बल्कि रचनात्मकता, प्रक्रिया और सांस्कृतिक सोच के रूप में भी देखा जा रहा है। अपनी नई भूमिका में प्राची विरासत, नवाचार और कला की बदलती परिभाषा पर होने वाली चर्चाओं में योगदान देंगी। उनकी कहानी यह दिखाती है कि परंपरा में निहित, सोच-समझकर किया गया नवाचार किस तरह उन क्षेत्रों में भी वैश्विक मंच के द्वार खोल सकता है, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

हेलमेट बिना घर से बाहर निकले तो भुगतना पड़ेगा चालान, नया नियम लागू

भोपाल   दोपहिया वाहन लेकर घर से निकल रहे हैं तो हेलमेट जरूर पहन लें। कार साथ है तो दस्तावेज व सीट बेल्ट लगाना न भूलें। आपको मुख्यमार्ग पर ट्रैफिक जवान मिल सकते हैं। चालान भी काटा जा सकता है। तेज रफ्तार वाहन से बढ़ती सड़क दुर्घटना रोकने ट्रैफिक पुलिस ने चालान की राह पकड़ी है। 460 ट्रैफिक जवानों को सड़क पर उतारा बता दें कि प्रशासन ने 460 ट्रैफिक जवानों को उतारा गया। 16 पॉइंट पर तेज रफ्तार वाहनों की धरपकड़ की गई। बीते मंगलवार को तेज रफ्तार, बिना हेलमेट वाहन चलाने, रेड लाइन क्रॉस करने वाले वाह चालको पर एक लाख 35 हजार रुपए के चालान बनाए गए हैं।  समीक्षा के बाद सख्ती एक महीने में शहर में हुए सड़क हादसों और व्यस्त चौराहों पर जाम की स्थिति को देखते हुए यह विशेष अभियान चलाया गया। दिनभर चली कार्रवाई में दो हजार से अधिक वाहनों के चालान काटे गए, जिनसे 60 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। नए के साथ पुराने शहर में कई पॉइंट पर चेकिंग ट्रैफिक पुलिस ने एमपी नगर, बोर्ड ऑफिस चौराहे, चेतक ब्रिज, रोशनपुरा, न्यू मार्केट, लालघाटी, कोलार, करोंद, मिसरोद और अयोध्या बायपास जैसे प्रमुख मार्गों पर चेकिंग की। इस दौरान बिना हेलमेट दोपहिया चलाने वालों पर विशेष नजर रखी गई। पुलिस टीम ने उल्टी दिशा में वाहन चलाने, सीट बेल्ट नहीं लगाने, ब्लैक फिल्म और तेज रफ्तार के मामलों में भी चालान किए। शहर में सड़क हादसों की संख्या कम करना प्राथमिकता शहर में सड़क हादसों की संख्या को कम करना हमारी प्राथमिकता है। हेलमेट और सीट बेल्ट आपकी सुरक्षा के लिए हैं। यह अभियान जारी रहेगा। लोगों से अपील है कि घर से निकलते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करें और हेलमेट जरूर पहनें। आने वाले दिनों में नियम तोडऩे वालों पर और सख्ती की जाएगी। -बसंत कौल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात

मंत्री विजय शाह का मामला: मध्यप्रदेश सरकार का असमंजस, आदिवासी वोट या कोर्ट का फैसला?

 भोपाल  मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए अमर्यादित बयान के मामले में सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देश ने प्रदेश सरकार के लिए दुविधा की स्थिति बना दी है। एक तरफ आदिवासी वोट बैंक की चिंता हैं, जो सत्ता के समीकरण बनाने-बिगाड़ने में बड़ी भूमिका निभाता है, तो दूसरी तरफ न्यायपालिका के निर्देश हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार विधि विभाग और महाधिवक्ता से सलाह लेगी। आरोपित मंत्री भी सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू अपील कर सकते हैं। मंत्री को पार्टी ने फटकार भी लगाई बता दें कि विजय शाह ने ऑ परेशन सिंदूर में सेना के पराक्रम की जानकारी देश-दुनिया के सामने रखने वाली सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर अमर्यादित बयान दिया था। इससे भाजपा की किरकिरी हुई। मंत्री को पार्टी ने फटकार भी लगाई। उन्होंने पार्टी के निर्देश पर माफी भी मांग ली। हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था इस मामले का हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था। बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एसआइटी ने पूरे मामले की जांच की। अगस्त 2025 में रिपोर्ट सौंपी। एसआइटी की इसी रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दो सप्ताह में अभियोजन पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। सरकार के स्तर पर दुविधा की स्थिति इसके साथ ही शाह के अन्य विवादित बयानों की जांच करने के लिए भी कहा गया। सूत्रों का कहना है कि सरकार के स्तर पर अभी इस मामले में दुविधा की स्थिति है। कोर्ट के निर्देशानुसार यदि अभियोजन के मामले में कार्रवाई बढ़ाई जाती है तो सरकार के लिए अजीब स्थिति बन जाएगी। उन्हें मंत्रिमंडल में बनाए रखना परेशानी का कारण बनेगा, इसलिए इस संबंध में पहले सभी कानूनी पहलुओं को देखा जाएगा। यही कारण है कि कानूनी सलाह के लिए प्रकरण विधि विभाग और महाधिवक्ता के पास भेज रहा है। दोनों के अभिमत के आधार पर आगामी निर्णय लिया जाएगा। वहीं, आरोपित मंत्री मंत्री विजय शाह भी सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के विरुद्ध अपील करने के लिए कानूनी मशविरा ले रहे हैं। महिलाओं के सम्मान से कोई समझौता स्वीकार नहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर लिखा- सेना की अधिकारी, देश की बेटी और राष्ट्र के सम्मान पर हमला हुआ, लेकिन भाजपा सरकार महीनों तक SIT की रिपोर्ट दबाए बैठी रही। यह कोई एक बयान नहीं, बल्कि सत्ता संरक्षण में पनपती असंवेदनशील और घृणित मानसिकता का उदाहरण है। देश की सुरक्षा में तैनात हमारी बहन के प्रति ऐसी ओछी सोच रखने वाले मंत्री विजय शाह से मुख्यमंत्री को तत्काल इस्तीफा लेकर पार्टी के सभी दायित्वों से मुक्त करना चाहिए। देश की सेना और महिलाओं के सम्मान से कोई समझौता स्वीकार नहीं। कानून सबके लिए बराबर है, मंत्री के लिए भी। विजय शाह ने पिछले साल महू में दिया था बयान 11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था- 'उन्होंने (आतंकियों ने) कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।' शाह ने आगे कहा- 'अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।' सत्ता के समीकरण साधने के लिए महत्वपूर्ण है आदिवासी वोट बैंक प्रदेश में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए विधानसभा की 47 सीटें और लोकसभा की चार सीटें सुरक्षित हैं। 2018 में जब आदिवासी मतदाताओं का झुकाव भाजपा के स्थान पर कांग्रेस की ओर हुआ था तो 15 वर्ष बाद कमल नाथ के नेतृत्व में सरकार बनी थी। भाजपा ने इस वर्ग को साधने के लिए काफी प्रयास किए और 2023 में यह भाजपा के पक्ष में लौटा तो पार्टी की सरकार बनी। छिंदवाड़ा जैसा कांग्रेस का किला भी भाजपा ने इन्हीं आदिवासी मतदाताओं के दम पर ढहाया। ऐसे में जब कांग्रेस ने दलित एजेंडे पर काम शुरू कर दिया है तो आदिवासी मंत्री विजय शाह के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर सत्ता और संगठन दुविधा में है। सरकार के पास कोई विकल्प नहीं पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता अजय मिश्रा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर रिव्यू अपील की जा सकती है, लेकिन इसमें राहत मिलने की संभावना नहीं है। सरकार के पास कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। यदि कार्रवाई नहीं की जाती है तो अवमानना का मामला बन जाएगा। जहां तक अभियोजन की स्वीकृति पर मंत्री पद छोड़ने की है तो यह नैतिकता से जुड़ा मामला है। उन्होंने जो बयान दिया, वह मंत्री के तौर पर किए गए कार्य से इतर है। 

नांदेड़ के लिए स्पेशल ट्रेनें, इन शहरों से गुजरेंगी 02 ट्रेनें, शेड्यूल जानें

भोपाल   महाराष्ट्र राज्य के नांदेड़ में इस साल गुरु तेग बहादुर साहिब का 350वां शहीदी दिवस मनाया जाएगा। 24 और 25 जनवरी 2026 को यहां देशभर से श्रद्धालु पहुंचेंगे। ऐसे में इन श्रद्धालुओं की सुविधा को मद्देनजर रखते हुए भारतीय रेलवे ने चंड़ीगढ़ और हजरत निजामुद्दीन से अतिरिक्त 02 आरक्षित स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। दोनों स्पेशल ट्रेनें खास तौर पर मध्य प्रदेश के यात्रियों के लिए बड़े काम की साबित होंगी। रेलवे अफसरों के अनुसार, इन विशेष ट्रेनों के स्टॉपेज से मध्य प्रदेश के प्रमुख स्टेशनों के यात्रियों को नांदेड़ पहुंचने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि, यात्रा से पहले ट्रेन का टाइम टेबल और रिजर्वेशन की स्थिति मालूम कर लें, ताकि सुलभ यात्रा का लाभ ले सकें। एमपी के इन स्टेशनों से गुजरेंगी स्पेशल ट्रेनें दोनों स्पेशल ट्रेनें एमपी के बीना जंक्शन, भोपाल जंक्शन और इटारसी जंक्शन होकर गुजरेंगी। इससे सागर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल समेत आसपास के जिलों के यात्रियों को नांदेड़ आने-जाने के लिए सीधी रेल सुविधा मिलेगी। आम दिनों में सीमित विकल्प होने के चलते यात्रियों को जिन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, वो इन स्पेशल ट्रेनों के कारण काफी हद तक नहीं होगा। चंडीगढ़-नांदेड़-चंडीगढ़ स्पेशल गाड़ी नंबर- 04524/04523 चंडीगढ़-नांदेड़-चंडीगढ़ आरक्षित स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। -चंडीगढ़ से प्रस्थान: 23 और 24 जनवरी 2026 -नांदेड़ से प्रस्थान: 25 और 26 जनवरी 2026 भोपाल जंक्शन पहुंचने का समय -चंडीगढ़ से आने पर: रात 9:50 बजे आगमन, 9:55 बजे प्रस्थान -नांदेड़ से आने पर: दोपहर 2:00 बजे आगमन, 2:10 बजे प्रस्थान हजरत निजामुद्दीन-नांदेड़-हजरत निजामुद्दीन स्पेशल गाड़ी नंबर- 04494/04493 हजरत निजामुद्दीन-नांदेड़-हजरत निजामुद्दीन के बीच चलेगी। -हजरत निजामुद्दीन से प्रस्थान: 23 और 24 जनवरी 2026 -नांदेड़ से प्रस्थान: 24 और 25 जनवरी 2026 भोपाल जंक्शन पर पहुंचने का समय -निजामुद्दीन से आने पर: रात 10:25 बजे आगमन, 10:30 बजे प्रस्थान -नांदेड़ से आने पर: दोपहर 12:10 बजे आगमन, 12:15 बजे प्रस्थान

विजय शाह के मामले पर सीएम का बड़ा बयान, दावोस दौरे के बाद होगा फैसला

भोपाल  कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान देने वाले मंत्री विजय शाह की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने शाह के खिलाफ अभियोजन पर स्वीकृति देने के लिए सरकार को दो हफ्ते का वक्त दिया है। कानूनी जानकारों की मानें तो विजय शाह के इस केस का ट्रायल इंदौर एमपी-एमएलए कोर्ट में चल सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को अभियोजन पर फैसला लेने के लिए दो हफ्तों का वक्त दिया है। सीएम डॉ मोहन यादव 23 जनवरी तक स्विटजरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में शामिल होने के लिए गए हैं। ऐसे में सीएम के दावोस से लौटने के बाद विजय शाह के मामले में सरकार आगे निर्णय लेगी। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई थी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में छह महीने बाद विजय शाह मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान विजय शाह की ऑनलाइन माफी पर सोमवार को कोर्ट ने कहा कि इसमें अब बहुत देर हो गई है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने पर 2 हफ्ते के भीतर फैसला लें। सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि राज्य सरकार विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट पर कई महीनों से कोई फैसला नहीं ले रही है। जबकि विशेष जांच दल ने अपनी जांच पूरी कर ली है और अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है। कोर्ट ने कहा- अब सरकार को फैसला लेना होगा सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश टिप्पणी करते हुए कहा- आप 19 अगस्त, 2025 से एसआईटी रिपोर्ट पर विचार कर रहे हैं। कानून आप पर दायित्व डालता है और आपको निर्णय लेना होगा। अब 19 जनवरी है। अदालत ने एसआईटी की सीलबंद रिपोर्ट खोली और पाया कि अलग-अलग पहलुओं की जांच के बाद, उसने उसके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकार की मंजूरी मांगी है। कोर्ट ने कहा- हमें सूचित किया गया है कि मामला यहां लंबित होने के कारण राज्य द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हम मध्य प्रदेश राज्य को कानून के अनुसार मंजूरी हेतु उचित कदम उठाने का निर्देश देते हैं। कोर्ट ने माफी पर कहा- अब बहुत देर हो चुकी इससे पहले मप्र सरकार की ओर से यह बताया गया था कि उसने एसआईटी के अनुरोध पर कोई कार्रवाई नहीं की थी क्योंकि मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित था। जब शाह का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने पहले ही अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांग ली थी, तो अदालत ने कहा, "माफी कहां है? रिकॉर्ड में तो कुछ भी नहीं है। अब तो बहुत देर हो चुकी है।" एमपी हाईकोर्ट ने FIR दर्ज करने के आदेश दिए थे सुप्रीम कोर्ट में वकील वरुण ठाकुर ने बताया कि विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया को लेकर दिए गए बयान के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) लेते हुए एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि एफआईआर किस तरह दर्ज की जाए। इसके बाद विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी (विशेष अनुमति याचिका) दायर की। उन्होंने कोर्ट में यह दलील दी कि बयान देने का उनका इरादा गलत नहीं था। उन्होंने माफी भी मांगी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब माफी के लिए बहुत देर हो चुकी है और उनका बयान शपथ के विपरीत है। SIT रिपोर्ट में विजय शाह के पुराने बयानों का जिक्र इस मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत कर दी है। रिपोर्ट में न केवल मौजूदा घटना को शामिल किया गया, बल्कि जय ठाकुर द्वारा दायर एक याचिका का भी उल्लेख किया गया, जिसमें विजय शाह के पुराने बयानों का जिक्र था। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को निर्देश दिया था कि वह इन सभी घटनाओं और बयानों की जांच करे और रिपोर्ट दाखिल करे। एसआईटी की जांच के बाद चार्जशीट दाखिल कर दी गई है, लेकिन फिलहाल कोर्ट संज्ञान (कॉग्निज़ेंस) नहीं ले पा रहा है। इसकी वजह यह है कि मध्य प्रदेश सरकार अपने मौजूदा मंत्री के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति नहीं दे रही है। मामले की सुनवाई फरवरी के पहले सप्ताह में होगी सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर अभियोजन की मंजूरी देने का निर्देश दिया है। इस मामले की सुनवाई फरवरी के पहले सप्ताह में होगी। ऐसे में विजय शाह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि यह एक संवेदनशील बयान था और जिस समय यह दिया गया, उस वक्त माहौल भी बेहद संवेदनशील था। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। एसआईटी ने जांच के बाद अपराध मानते हुए चार्जशीट दाखिल कर दी है। अब राज्य सरकार को यह तय करना है कि मामले में आगे अभियोजन चलाया जाए या नहीं। पहले भी कई विवादित बयान दे चुके हैं विजय शाह मंत्री विजय शाह पहले भी कई विवादित बयान दे चुके हैं। तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान की पत्नी को लेकर एक बयान के कारण उन्हें पद छोड़ना पड़ा था। हाल ही में उन्होंने रतलाम जिले में लाड़ली बहनों को लेकर भी एक बयान दिया था। जिसके बाद कांग्रेस नेता उनका विरोध करते हुए पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।

मौसम विभाग का अलर्ट: 23-24 जनवरी को 10 जिलों में बारिश और घना कोहरा, बादल आज से होंगे छाए

भोपाल  एक प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ बुधवार रात से उत्तर-पश्चिमी भारत में सक्रिय हो रहा है, जिसके प्रभाव से मध्य प्रदेश के अधिकतर इलाकों में बादल छाने की संभावना जताई गई है। इससे रात के तापमान में कुछ बढ़ोतरी होने से कड़ाके की ठंड से राहत तो मिलेगी पर कुछ क्षेत्रों में बारिश की भी संभावना है। उधर, मंगलवार को प्रदेश में सबसे कम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस मंदसौर में दर्ज हुआ, जबकि ग्वालियर में हल्का कोहरा छाया रहा, जिसके चलते पिछले सप्ताहभर के मुकाबले यहां तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, दिन का सबसे अधिक 28.8 डिग्री सेल्सियस तापमान खरगोन में रिकॉर्ड हुआ। ग्वालियर समेत 10 जिलों में बारिश की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक 23 जनवरी को ग्वालियर, मुरैना और भिंड जिलों में बारिश के आसार हैं। वहीं 24 जनवरी को रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर समेत आसपास के जिलों में मावठा गिर सकता है। इस दौरान कुछ इलाकों में बादल छाए रहेंगे, जिससे दिन के तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है। सुबह-सुबह कोहरे ने बढ़ाई परेशानी बुधवार सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में हल्का से मध्यम कोहरा देखने को मिला। ग्वालियर, भिंड, दतिया और टीकमगढ़ में मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में हल्का कोहरा दर्ज किया गया। कोहरे के कारण सुबह के समय दृश्यता प्रभावित रही। रात का तापमान स्थिर, दिन में राहत मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल रात के तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा। दिन के समय धूप निकलने से ठंड का असर कुछ कम रहेगा। इसके साथ ही न्यूनतम और अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी के संकेत हैं। दो सिस्टम कर रहे हैं असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय दो प्रमुख सिस्टम सक्रिय हैं। एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के ऊपर बना हुआ है, जो 21 जनवरी की रात उत्तर-पश्चिम भारत में प्रवेश करेगा। एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है, जिसके चलते नर्मदापुरम और आसपास के जिलों में बादल छाए हुए हैं। इन्हीं सिस्टमों के संयुक्त असर से प्रदेश में बारिश और कोहरे की स्थिति बनी हुई है। बारिश के बाद लौटेगी ठंड मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 24 जनवरी के बाद ठंड का एक नया दौर शुरू हो सकता है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में शीतलहर चलने की संभावना भी जताई गई है। प्रदेश में इस समय मंदसौर सबसे ठंडा शहर दर्ज किया गया है, जहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस रहा। रात से सक्रीय हो रहा नया सिस्टम मौसम विभाग के अनुसार, मौजूदा समय में एक पश्चिमी विक्षोभ हिमाचल और उसके आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात मौजूद है। उत्तर भारत पर 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 241 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। बुधवार रात से एक नया प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। आखिरी सप्ताह में फिर शुरु होगा ठंड का दौर ऐसे में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बुधवार रात से प्रदेश के अधिकतर जिलों में बादल छा सकते हैं। वहीं, ग्वालियर-चंबल सभाग के साथ साथ करीब 10 जिलों में मावठी बारिश के साथ-साथ उत्तर और उत्तर-पूर्वी जिलों में घना कोहरा छाने की संभावना है। बादलों के कारण न्यूनतम तापमान में भी मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, दिन के तापमान में थोड़ी गिरावट होने के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ते ही एक बार फिर रात तापमान में गिरावट होगी। यानी माह के आखिरी सप्ताह में एक बार फिर एमपी के अधिकतर इलाके कड़ाके की ठंड की चपेट में आ जाएंगे। कब-कहां बारिश होने का अनुमान 23 जनवरी- ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड और दतिया। 24 जनवरी- ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज। प्रदेश में सबसे ठंडा मंदसौर, इंदौर में भी पारे में गिरावट मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार-मंगलवार रात प्रदेश का सबसे ठंडा शहर मंदसौर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। राजगढ़ में 6.6 डिग्री, शाजापुर में 7.1 डिग्री, दतिया में 8.6 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, मंडला-खजुराहो में 9.5 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 9.8 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 10 डिग्री, उज्जैन में 9.8 डिग्री और जबलपुर में पारा 14.5 डिग्री सेल्सियस रहा। बाकी शहरों में भी न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी रही और यह 10 डिग्री से ऊपर ही रहे। ग्वालियर अंचल में बदल रहा मौसम जम्मू-कश्मीर में सक्रिय कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से फिलहाल शहर में ठंड का प्रभाव कम है। सिर्फ सुबह व शाम के समय ठंडक बनी हुई है और दिन में तेज धूप खिलने के कारण लोगों को सर्दी से राहत मिल रही है। मंगलवार को भी तेज धूप खिलने से अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी रही, जबकि न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हुई।

दूषित पानी का कहर इंदौर में, पिता के जाने से 4 बेटियों का परिवार बिखरा, मौतें 25 तक पहुंचीं

इंदौर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार देर रात इलाज के दौरान एक और व्यक्ति, हेमंत गायकवाड़ (51), ने दम तोड़ दिया। इस ताजा मौत के साथ ही शहर में दूषित पानी से मरने वालों की कुल संख्या अब 25 हो गई है। अस्पताल में 14 दिनों तक चला संघर्ष भागीरथपुरा निवासी हेमंत गायकवाड़ को 22 दिसंबर को गंदा पानी पीने के बाद उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें पहले वर्मा नर्सिंग होम और बाद में 7 जनवरी को अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, हेमंत पहले से कैंसर और किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे, लेकिन दूषित पानी के संक्रमण (उल्टी-दस्त) के बाद उनकी स्थिति गंभीर हो गई और अंततः उन्हें बचाया नहीं जा सका। बेटी बोली- अचानक बिगड़ी थी तबीयत गायकवाड़ की बेटी जिया ने बताया, पिताजी को उल्टी दस्त के कारण पहले 24 दिसंबर को वर्मा नर्सिंग होम में एडमिट किया था l 28 दिसंबर को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था l इसके बाद घर पर फिर उनकी तबीयत खराब हुई और 8 जनवरी को अरविंदो अस्पताल में एडमिट किया गया l वहां पता चला कि उन्हें कैंसर और किडनी की तकलीफ भी है l परिवार का कहना है कि हेमंत राहुल गांधी से मिलना चाहते थे, लेकिन अस्पताल में एडमिट होने के कारण वह मुलाकात नहीं कर पाए। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे से अपनी स्थिति बता दी थी। दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी है। अब तक 25 मौत हो चुकी है। अभी 38 मरीज एडमिट हैं, जिनमें से 10 आईसीयू में हैं। इनमें भी तीन वेंटिलेटर पर हैं। लगातार हो रही मौतों को लेकर अभी भी क्षेत्र में दहशत है। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ हेमंत परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और ई-रिक्शा चलाकर घर का गुजारा करते थे। उनकी मौत के बाद उनकी चार बेटियां— रिया (21), जिया (20), खुशबू (16) और मनाली (12)— अनाथ हो गई हैं। परिवार के सामने अब जीवन-यापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बेटी जिया ने बताया कि तबीयत बिगड़ने के कारण पिता की राहुल गांधी से मिलने की अंतिम इच्छा भी अधूरी रह गई। भागीरथपुरा में दहशत का माहौल क्षेत्र में नई पाइपलाइन बिछाने के काम के दौरान गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें लंबे समय से मिल रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए। ताजा स्थिति : कुल मौतें-25, अभी भर्ती मरीज-38, ICU में- 10 मरीज (3 वेंटिलेटर पर)। प्रशासनिक लापरवाही : भागीरथपुरा क्षेत्र में लगातार हो रही मौतों के कारण लोगों में भारी आक्रोश और दहशत है। अस्पताल में अभी भी कई मरीजों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

भोजशाला में पूजा का मामला सर्वोच्च अदालत में, 22 जनवरी को SC करेगा सुनवाई

धार मध्यप्रदेश के धार की भोजशाला में पूजा का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। बसंत-पंचमी पर दिनभर पूजा की मांग करते हुए कोर्ट में याचिका लगाई गई है। हिंदू पक्ष ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका लगाई। इस पर 22 जनवरी को सुनवाई होगी। भोजशाला में बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजन उत्सव आयोजित किया गया जाता है। इस दिन शुक्रवार होने से यहां नमाज भी होगी जिसके चलते दोनों पक्षों में टकराव की स्थिति बन चुकी है। इस माहौल को देखते हुए धार और भोजशाला परिसर में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। भोजशाला में वसंत पंचमी के अवसर पर हिंदू सरस्वती पूजा करते हैं जबकि शुक्रवार को यहां मुस्लिमों को नमाज की भी इजाजत है। इस बार वसंत पंचमी 23 जनवरी को शुक्रवार के दिन पड़ रही है जिससे दोनों पक्षों में विवाद पैदा हो गया है। हिंदू पक्ष वसंत पंचमी को पूरे दिन अखंड सरस्वती पूजा की अनुमति मांग रहा है। अब इसके लिए देश की शीर्ष अदालत में याचिका दायर की गई है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से मंगलवार को याचिका दाखिल की गई। सुप्रीम कोर्ट ने इसे स्वीकार कर लिया है। हरिशंकर जैन के सहयोग से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने याचिका दायर की है।   भोजशाला में जुमे की नमाज पर रोक लगाने की मांग की याचिका में कहा गया है कि 23 जनवरी को वसंत पंचमी है। इस दिन भोजशाला में परंपरागत रूप से सरस्वती पूजा की जाती है। यहां वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजन के लिए केवल हिंदू समाज को ही अनुमति दी जाए। दिनभर पूजा ही चले। याचिका में शुक्रवार के दिन भोजशाला में जुमे की नमाज पर रोक लगाने की भी मांग की गई है। याचिका पर कार्यक्रम के एक दिन पहले यानि 22 जनवारी को सुनवाई की जाएगी।