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प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को मिल रहीं औद्योगिक विकास की बड़ी सौगातें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर ग्वालियर में होगा विशेष आयोजन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को मिल रहीं औद्योगिक विकास की बड़ी सौगातें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह प्रदेश के 2 लाख करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण एवं भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री  शाह का प्रदेश आगमन पर किया अभिनंदन ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेई की 101वीं जयंती के अवसर पर ग्वालियर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। राज्य सरकार ने अटलजी की जयंती को सार्थक करते हुए कल 25 दिसंबर को गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के दृष्टिगत अनेक कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इस अवसर पर प्रदेश में उद्योग एवं व्यापार गतिविधियों के विकास और विस्तार के लिए राज्य में लगभग 2 लाख करोड़ से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि पूजन किए जाएंगे। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई बड़ी सौगातें दी हैं। प्रदेश के लिए प्रसन्नता और गर्व का विषय है कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ग्वालियर के आयोजन में पधार रहे हैं। यह आयोजन प्रदेश सरकार के संकल्प को आगे बढ़ने वाला सिद्ध होगा। केन्द्रीय गृहमंत्री शाह विभिन्न योजनों के हितग्राहियों, बेरोजगार युवाओं और निवेशकों को अनेक सौगातें भी प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने और भारत को विश्व की तीसरी सबसे सशक्त अर्थव्यवस्था बनाने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का हृदय से आभार मानते हुए मध्यप्रदेश आगमन पर केंद्रीय गृहमंत्री  शाह का अभिनंदन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से  मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए। उद्योग एवं रोजगार वर्ष में आया बंपर निवेश, बढ़े रोजगार के अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में घोषित किया है। इसके अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों एवं देश-विदेश में बिजनेस समिट आयोजित कर उद्योपतियों को प्रदेश में निवेश के लिए प्रेरित और आमंत्रित किया गया। हमारी सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप युवाओं के लिए रोजगार के अनेकों अवसर सृजित हुए हैं। प्रदेश सरकार सभी प्रकार के उद्योग एवं व्यापार को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। उद्योग एवं रोजगार वर्ष में राज्य में लगभग 8.5 लाख करोड़ के औद्योगिक विकास कार्यों को धरातल पर लाने का कार्य प्रारंभ हुआ है। यह प्रसन्नता का विषय है कि अब तक 6.5 लाख करोड़ लागत के औद्योगिक विकास कार्य पूर्ण हो रहे हैं, इनमें शामिल कई इकाईयों ने उत्पादन भी प्रारंभ कर दिया है।  

ओंकारेश्वर-महेश्वर-धामनोद फोरलेन सड़क परियोजना, महेश्वर में पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

महेश्वर मालवा निमाड़ का टूरिस्ट सर्किट अब रोड कनेक्टिविटी के हिसाब से सरकार मजबूत कर रही है। इंदौर-उज्जैन और इंदौर खंडवा मार्ग को छहलेन और फोरलेन करने के बाद सरकार ने बड़वाह धामनोद मार्ग को भी फोरलेन करने का फैसला लिया है। इस पर ढाई हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। 62 किलोमीटर लंबी इस सड़क में महेश्वर पर्यटन स्थल भी आता है। इस सड़क के बनने से ओंकारेश्वर जाने वाले पर्यटक महेश्वर भी जाना ज्यादा पसंद करेंगे, क्योंकि फोरलेन बनने के बाद ओंकारेश्वर से महेश्वर जाने में एक घंटे से भी कम समय लगेगा। फोरलेन सड़क के लिए किसानों की जमीनें भी ली जाएंगी, क्योंकि बड़वाह से धामनोद तक 100 से ज्यादा गांव हैं। इसमें नांद्रा, कतरगांव, धरगांव, छोटी खरगोन, जलूद मंडलेश्वर सहित दस से ज्यादा गांवों के मुख्य इलाके दो लेन सड़क के आसपास ही बसे हैं। नर्मदा घाटी वाला हिस्सा होने के कारण इस मार्ग पर गांवों में ज्यादा बायपास भी नहीं बन सकते हैं। इस कारण भू-अर्जन के लिए भी पैसा स्वीकृत किया गया है। इस मार्ग में दस बायपास बनेंगे। इसके अलावा पांच बड़े ब्रिज, 23 छोटे ब्रिज, 7 बड़े जंक्शन और 56 छोटे जंक्शन बनाए जाएंगे। बड़वाह से महेश्वर तक दस से ज्यादा किलोमीटर में सड़क सिंगल लेन भी है। यहां वाहनों की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रहती है। सड़क बनने के बाद वाहन 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जा सकेंगे।   यह होगा सड़क बनने से फायदा इस सड़क के बनने से महेश्वर, ओंकारेश्वर और मांडू के बीच कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी। बड़वाह से महेश्वर की दूरी 40 किलोमीटर और महेश्वर से मांडू की दूरी 60 किलोमीटर है।सड़क के आसपास बसे गांवों का विकास होगा। तेजी से बसाहट बढ़ेगी। सड़क बनने से जमीनों के भाव बढ़ेंग।इंदौर से ओंकारेश्वर जाने वाले पर्यटक महेश्वर होते हुए एक दिन में इंदौर आ सकेंगे। फिलहाल दोनों स्थलों पर जाने में काफी वक्त लगता है।

तेजी से विकसित हो रहा है भोपाल के नजदीक बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र

औद्योगिक इकोसिस्टम और सरकारी सहयोग से एक आदर्श औद्योगिक हब बना रहा बड़ियाखेड़ी भोपाल  राजधानी भोपाल से सटे सीहोर जिले का बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र आज प्रदेश के तेजी से विकसित होते औद्योगिक क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बना रहा है। कभी शांत ग्रामीण क्षेत्र रहा बड़ियाखेड़ी अब रोजगार, निवेश और उद्यमिता का नया प्रतीक बन चुका है। प्रदेश सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं और ’’जिला प्रशासन के सक्रिय सहयोग’’ ने इस क्षेत्र के विकास को नई गति दी है। उद्योग संचालकों का कहना है कि भूमि आवंटन, अनुमति प्रक्रिया और प्रशासनिक मार्गदर्शन समयबद्ध व पारदर्शी रहा जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। आज बड़ियाखेड़ी में छोटे और मध्यम उद्योगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, इंजीनियरिंग, वेयरहाउसिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े उद्योग यहां स्थापित हो रहे हैं। इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को रोजगार के रूप में मिला है। आसपास के गांवों के अनेक युवा अब अपने ही जिले में काम पा रहे हैं जिससे पलायन में कमी आई है। खास बात यह है कि बड़ियाखेड़ी युवा उद्यमियों के लिए अवसरों का केंद्र बनकर उभरा है। कई युवा न केवल स्वयं रोजगार पा रहे हैं, बल्कि छोटे-छोटे उद्योग लगाकर दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं। प्रशिक्षण, बैंकिंग सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर नई पीढ़ी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है। बड़ियाखेड़ी औद्यागिक क्षेत्र लगभग 200 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है जिसमें 141 उद्योगों के लिए प्लाट आवंटित किये जा चुके हैं। इनमें से 32 उद्योग स्थापित हो चुके हैं और निरंतर संचालित हैं। सीहोर के पास ही मंडी औद्योगिक क्षेत्र में 11, पचामा औद्योगिक क्षेत्र में 20, आद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं। इसके अलावा 10 से अधिक उद्योग निजी भूमि में स्थापित हैं। आईटीसी इंडस्ट्री के श्री अमित शर्मा, जगदम्बा पाइप इंडस्ट्री के श्री अंकित शर्मा तथा हम्बल काउ के संचालक श्री राम अवतार राय ने कहा कि उद्योग संचालकों का मानना है कि आने वाले समय में बड़ियाखेड़ी में विकास की अपार संभावनाएं हैं। राजधानी के नजदीक होना, बढ़ता औद्योगिक इकोसिस्टम और सरकारी सहयोग इसे एक आदर्श औद्योगिक हब बना रहा है। बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र आज इस बात का उदाहरण है कि सरकार, प्रशासन और उद्यमियों के साझा प्रयास से किस तरह क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक मजबूती हासिल की जा सकती है।

अटल बिहारी वाजपेयी का सुशासन मॉडल देश के लिए मार्गदर्शक : मंत्री सारंग

अटल स्मृति पर्व पर नरेला में विधानसभा सम्मेलन भोपाल  भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर बुधवार को सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग नरेला विधानसभा अंतर्गत हरि मैरिज गार्डन में आयोजित विधानसभा सम्मेलन में सम्मिलित हुए। मंत्री श्री सारंग ने अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान, उनके दूरदर्शी सुशासन मॉडल, कवि हृदय तथा अजातशत्रु के रूप में उनकी विशिष्ट पहचान पर विषय पर विचार व्यक्त किए। सुशासन का दूरदर्शी मॉडल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि स्व. श्री वाजपेयी का सुशासन मॉडल न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन की अवधारणा पर आधारित था। सूचना प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देकर शासन को आधुनिक बनाने, सूचना का अधिकार और ई-गवर्नेंस के माध्यम से पारदर्शिता लाने, सड़कों और दूरसंचार के विस्तार से अंतिम व्यक्ति तक शासन की पहुँच सुनिश्चित करने तथा पंचायतों और स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा। अंत्योदय जैसी योजनाओं से गरीब और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया। आधारभूत संरचना को नई गति मंत्री श्री सारंग ने कहा कि स्वर्ण चतुर्भुज योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और दिल्ली मेट्रो जैसी परियोजनाओं ने देश की आधारभूत संरचना को नई गति दी। शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में सर्व शिक्षा अभियान, अंत्योदय अन्न योजना तथा शहरी क्षेत्रों के लिए अमृत योजना ने समावेशी विकास को मजबूती प्रदान की। उन्होंने कहा कि नई दूरसंचार नीति से देश में मोबाइल क्रांति की नींव पड़ी, जबकि एफआरबीएम अधिनियम और विनिवेश की पारदर्शी नीति ने अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया। कृषि क्षेत्र में किसान क्रेडिट कार्ड और ग्रामीण विकास की पहलों से किसानों को सशक्त बनाया गया। अजातशत्रु राजनेता अटल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि स्व. श्री अटल ने रक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में पोखरण-2 परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध के दौरान दृढ़ राजनीतिक नेतृत्व ने भारत को वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी एक संवेदनशील कवि हृदय और अजातशत्रु राजनेता थे, जिनका सम्मान पक्ष और विपक्ष दोनों करते थे। सर्व शिक्षा अभियान, अंत्योदय अन्न योजना और शहरी क्षेत्रों के लिए अमृत योजना जैसी पहलों से शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए तथा समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचा। कार्यक्रम में भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, जिला अध्यक्ष श्री रविंद्र यति, वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आयोजन ने अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्रसेवा के संकल्प को और सशक्त किया।  

आष्टा में बवाल के बाद सख्ती: करणी सेना हमले के केस में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी

आष्टा थाना पार्वती क्षेत्र में करणी सेना के कार्यकर्ताओं पर हुए हमले और वाहनों में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। घटना के बाद पुलिस ने वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तेजी से कार्रवाई करते हुए बुधवार देर रात दबिश देकर 6 और आरोपितो को गिरफ्तार किया। इस प्रकार अब तक कुल 10 आरोपितो की गिरफ्तारी हो चुकी है। गौरतलब है कि 21 दिसंबर को कुछ असामाजिक तत्वों ने करणी सेना के कार्यकर्ताओं पर मारपीट की थी और उनके वाहनों में तोड़फोड़ की थी। घटना के संबंध में थाना पार्वती में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी।   घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज एकत्रित किए, जिनकी मदद से आरोपियों की पहचान की गई। मंगलवार को पुलिस ने पहले 4 आरोपितो को गिरफ्तार किया था, वहीं बुधवार रात को 6 अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में अकील अहमद, अलीम उद्दीन, फिरोज उद्दीन, मुजफ्फर उद्दीन, नायब अहमद, मुस्ताक उद्दीन, साहूद आलम, इस्माइल शाह, शहीद खा और सलमान खा शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। फरार आरोपियतो की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। एसडीओपी आकाश अमलकर का कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अंदर का आदमी ही निकला ठग: इंदौर में अकाउंटेंट ने UPI से निकाले 11.5 लाख, मामला दर्ज

इंदौर मल्हारगंज पुलिस ने उद्योगपति विकास धूत के 76 वर्षीय पिता मुरलीधर धूत की शिकायत पर अकाउंटेंट और उसके साथी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपित अकाउंटेंट ने यूपीआई पासवर्ड बदल कर खाते से 11 लाख 54 हजार रुपये निकाल लिए थे। पुलिस के मुताबिक विकास धूत की अवंतिका जिनिंग फैक्ट्री (जवाहर मार्ग) है। आरोपित हिमांशू जोशी (द्वारकापुरी) अकाउंटेंट की नौकरी करता था। मुरलीधर धूत नहीं करते थे ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल मुरलीधर धूत वृद्धावस्था के कारण ई-बैंकिंग का उपयोग नहीं कर सकते थे और हिमांशु से ही ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करवाते थे। आरोप है कि इस दौरान हिमांशु ने यूपीआई आईडी और पासवर्ड बदल दिए और खाते से 11 लाख 54 हजार रुपये कपिल टांक के खाते में ट्रांसफर कर लिए।   बैंक से चेक अनादरित होने पर बैंलेस की जांच की और हिमांशु से पूछताछ की गई। उसने माफी मांगी और शपथपत्र देकर कहा वह रुपये लौटा देगा। महीनों बाद भी रुपये न देने पर साइबर सेल को शिकायत की गई। मंगलवार को मल्हारगंज पुलिस ने हिमांशु और कपिल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

राष्ट्रीय कला उत्सव में कहानी वाचन में मध्यप्रदेश को मिला तीसरा स्थान

मॉडल स्कूल मुरैना के छात्र ने स्थानीय लोक-कला शैली में दी प्रस्तुति भोपाल  केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय और एनसीईआरटी, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 11वें राष्ट्रीय कला उत्सव में मध्यप्रदेश की टीम ने कहानी वाचन विधा में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इस वर्ष राष्ट्रीय कला उत्सव महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित किया गया। राष्ट्रीय कला उत्सव में देश के सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग 1075 विद्यार्थियों ने सहभागिता कर कला के क्षेत्र में आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं। कला उत्सव की 12 श्रेणियों में आयोजित प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के विद्यालयों के 29 सदस्यीय दलों ने प्रतिभागिता की। दल के प्रबंधक एवं कला उत्सव समन्वयक डॉ. दिनेश कुमार शर्मा थे। कहानी वाचन विधा में शासकीय मॉडल स्कूल मुरैना की टीम ने महाभारत के कथानक 'द्रोपदी चीरहरण' को मध्यप्रदेश की स्थानीय लोककथा शैली में प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। छात्र हरिओम सिंह सिकरवार एवं अनुराग राजावत ने लोक वाद्य यंत्रों के माध्यम से संवाद कला का उत्कृष्ट प्रयोग करते हुए प्रस्तुति को महिला सशक्तिकरण की भावना से जोड़ा। उनकी सशक्त प्रस्तुति को उत्सव में उपस्थित दर्शकों एवं निर्णायकों द्वारा सराहा गया। कला उत्सव में केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली के सचिव श्री संजय कुमार और निदेशक एनसीईआरटी प्रो. दिनेश कुमार सकलानी ने प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किये। मध्यप्रदेश कला उत्सव की नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त संचालक समग्र शिक्षा श्रीमती मनीषा सेतिया ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के प्रतिभाशाली बच्चों को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा उचित प्लेटफार्म देकर निरंतर प्रोत्साहित किया जाता रहेगा।  

औचक निरीक्षण से हड़कंप: मंत्री परमार पहुंचे सिवनी, आयुष कार्यालय से लेकर पॉलीटेक्निक कॉलेज तक जांच

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने, बुधवार को सिवनी जिले के प्रवास के दौरान, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय (अग्रणी) स्नातकोत्तर महाविद्यालय का औचक निरीक्षण कर, महाविद्यालयीन गतिविधियों एवं विद्यार्थियों को दी जा रही समस्त सुविधाओं का अवलोकन कर आवश्यक निर्देश दिए। मंत्री श्री परमार ने सर्वप्रथम महाविद्यालय परिसर में स्थित मां भारती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया एवं महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालय में संचालित कक्षाओं का अवलोकन करते हुए, विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। संवाद के दौरान विद्यार्थियों से उनके ग्राम, कॉलेज तक आने-जाने के साधनों की जानकारी लेते हुए, महाविद्यालय के प्राचार्य को 15 किलोमीटर की परिधि तक विद्यार्थियों के लिए बस सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालय में विद्यार्थियों की अधिकतम एवं नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। साथ ही परिसर में पूर्णरूपेण स्वच्छता बनाए रखने को भी कहा। मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालय की लाइब्रेरी का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा उपलब्ध पुस्तकों के समुचित वितरण सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन में सुलभ एवं सुगम सुविधा मिल सके। इस दौरान सिवनी के विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन, प्रभारी कलेक्टर श्री अनिल राठौर, एसडीएम श्रीमती पूर्वी तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री श्री परमार ने आयुष कार्यालय का औचक निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश मंत्री श्री परमार ने आयुष विभाग कार्यालय सिवनी का निरीक्षण कर, कार्यालय के विभिन्न कक्षों, अभिलेखों एवं कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यालय परिसर में साफ-सफाई, साज-सज्जा, सुव्यवस्थित संधारण व्यवस्था तथा विकसित हर्बल गार्डन का भी अवलोकन किया। मंत्री श्री परमार ने निरीक्षण के दौरान, आयुष विधाओं को आमजन तक अधिक लोकप्रिय, लाभकारी एवं स्वास्थ्यवर्धक बनाने, औषधियों के समुचित संधारण तथा मांग के अनुरूप सेवाओं के विस्तार के लिये आवश्यक मार्गदर्शन एवं निर्देश दिए। मंत्री श्री परमार ने निरीक्षण के पूर्व, सिवनी विधानसभा के विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन, प्रभारी कलेक्टर श्री अनिल कुमार राठौर एवं जिला आयुष अधिकारी डॉ. यशवंत माथुर के साथ संयुक्त चर्चा कर, जिले में 50 बिस्तरीय आयुर्वेदिक अस्पताल एवं हर्बल गार्डन की स्थापना के लिये प्रस्ताव तैयार कर विभाग को प्रेषित करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री परमार ने पॉलीटेक्निक कॉलेज में शैक्षणिक एवं भौतिक व्यवस्थाओं का किया अवलोकन मंत्री श्री परमार ने शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय का भी औचक निरीक्षण कर, महाविद्यालयीन गतिविधियों एवं विद्यार्थियों को दी जा रही समस्त सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर, आवश्यक निर्देश दिए। मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालय की विभिन्न कक्षाओं एवं ट्रेडवार प्रयोगशालाओं का अवलोकन कर, शैक्षणिक एवं भौतिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालय परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने और समय-समय पर महाविद्यालय में आने वाले पेयजल की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही पानी की टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये। मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालय की लाइब्रेरी, कम्प्यूटर लैब, उपकरणों एवं अन्य सुविधाओं का अवलोकन करते हुए, इन व्यवस्थाओं के उन्नयन के लिये प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिये, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।  

डीजीपी-11 बना चैलेंजर ट्रॉफी विजेता: 18 वींचैलेंजर ट्रॉफी क्रिकेट प्रतियोगिता का खिताब डीजीपी-11 के नाम

भोपाल  महेश्वर खेल-कूद शिक्षण एवं सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित 18वींचैलेंजर ट्रॉफी क्रिकेट प्रतियोगिता का विभागीय फाइनल मुकाबला 23दिसंबर को नेहरू नगर पुलिस लाईन भोपाल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। फाइनल मैच डीजीपी-11 एवं जिला पुलिस बल भोपाल के मध्य खेला गया, जिसमें डीजीपी-11ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 121 रनों से शानदार विजय प्राप्त कर प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में डीजीपी-11ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 218 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से दिशांत खरे ने 89 रनों की प्रभावशाली पारी खेली। उनके साथ गौरव सिंह भदौरिया ने 58 रन तथा प्रज्ञा बालरे ने 39 रनों का उपयोगी योगदान देकर टीम को बड़े लक्ष्य तक पहुँचाया। जिला पुलिस बल भोपाल की ओर से गेंदबाजी में विशाल कहर ने 3 विकेट तथा सुशील ने 2 विकेट प्राप्त किए। 218 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिला पुलिस बल भोपाल की टीम डीजीपी-11की सटीक गेंदबाजी के सामने अधिक देर तक टिक नहीं सकी और पूरी टीम 97 रनों पर सिमट गई। टीम की ओर से ए. पठान ने 42 रनों का संघर्षपूर्ण योगदान दिया। डीजीपी-11की ओर से गेंदबाजी में राहुल रावत ने 4 विकेट, नरेंद्र रैकवार ने 3 विकेट तथा अरुण ने 1 विकेट प्राप्त कर टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फाइनल मुकाबले में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिशांत खरे को प्रदान किया गया। प्रतियोगिता के दौरान बेस्ट बॉलर का पुरस्कार डीजीपी-11 के विशाल सिंह भदौरिया, बेस्ट बैटर का पुरस्कार डीजीपी-11 के गौरव सिंह भदौरिया, बेस्ट फील्डर/विकेटकीपर का पुरस्कार डीजीपी-11 के संदीप सूर्यवंशी तथा प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार जिला पुलिस बल भोपाल के विशाल कहर को प्रदान किया गया। प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण 25वीं वाहिनी सेनानी श्री नागेंद्र सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर डीजीपी-11 के मैनेजर एवं बैटिंग कोच श्री श्याम मूर्ति, बॉलिंग कोच श्री मंजीत सिंह, फिटनेस कोच श्री मनोज बड़ोला सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी, खिलाड़ी एवं बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित रहे। यह जीत केवल पदक नहीं, बल्कि पुलिस के अनुशासन, प्रशिक्षण, समर्पण और साहस का प्रतीक है। इनकी मेहनत और कौशल यह दर्शाता है कि पुलिस कर्मी सिर्फ कानून और व्यवस्था के संरक्षक नहीं, बल्कि खेल और फिटनेस के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट हैं।  

प्रदेश के विकास की समग्र तस्वीर पेश करेगा ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’

उद्योग के साथ पर्यटन, नगरीय विकास और एमएसएमई के क्षेत्र में विकास सशक्त तस्वीर होगी प्रदर्शित भोपाल  ग्वालियर में आज आयोजित होने जा रहा ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ मध्यप्रदेश के विकास मॉडल को एक नए और व्यापक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करने जा रहा है। यह आयोजन केवल निवेश प्रस्तावों और औद्योगिक घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस समग्र सोच को सामने लाता है, जिसमें उद्योग, नगरीय विकास, पर्यटन, एमएसएमई, स्टार्ट-अप और रोजगार एक साथ आगे बढ़ते हुए दिखाई देते हैं। यही वजह है कि यह समिट राज्य की विकास यात्रा में एक साधारण कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक समन्वित विकास मंच के रूप में उभर रहा है। समिट के दौरान एमपीआईडीसी द्वारा आयोजित प्रदर्शनी और प्रस्तुतियों में नगरीय विकास विभाग की योजनाओं और उपलब्धियों को विशेष स्थान दिया गया है। प्रदर्शनी में लगाए गए सूचना पैनलों और ऑडियो-विजुअल फिल्म के माध्यम से यह बताया गया कि किस तरह शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। इन योजनाओं का सीधा प्रभाव आम नागरिक के जीवन पर पड़ रहा है। स्मार्ट सिटी पहलों के जरिए बेहतर सड़कों, सार्वजनिक सेवाओं, डिजिटल सुविधाओं और शहरी प्रबंधन को मजबूती मिल रही है, जिससे शहरी जीवन की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है। नगरीय क्षेत्रों में जलप्रदाय, सीवरेज और हरित क्षेत्र विकास से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं की जानकारी भी इस मंच पर प्रस्तुत की जा रही है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचा विकसित करना नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए शहरी विस्तार को सुव्यवस्थित करना है। स्वच्छ जल आपूर्ति, बेहतर सीवरेज व्यवस्था और हरित क्षेत्रों का विकास शहरों को निवेश और रोजगार के लिए अधिक अनुकूल बना रहा है। शहरी आजीविका और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने वाली योजनाओं को भी समिट में प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को दिए गए ब्याजमुक्त ऋण, स्व-सहायता समूहों के माध्यम से परिवारों को आजीविका से जोड़ने और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने की पहल यह दर्शाती है कि शहरी विकास केवल इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं, बल्कि मानव संसाधन के सशक्तिकरण पर भी समान रूप से केंद्रित है। भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजनाओं की प्रगति आधुनिक शहरी परिवहन की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। इसी व्यापक दृष्टिकोण का विस्तार मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के ‘अभ्युदय 2025’ पवेलियन में भी दिखाई देता है। यह पवेलियन आधुनिक तकनीक और सुसंगठित कंटेंट के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक स्थलों, वन्यजीव पर्यटन और अनुभवात्मक पर्यटन को प्रस्तुत करता है। एलईडी वॉल पर चलने वाली फिल्मों, वर्चुअल रियलिटी अनुभव, महाकाल दर्शन के लिए होलोग्राम तकनीक और डिजिटल स्टैंडीज़ के जरिए यह बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में किस तरह नए अनुभव और अवसर विकसित कर रहा है। सेल्फी और फोटो बूथ जैसे इंटरएक्टिव एलिमेंट्स के जरिए दर्शकों की भागीदारी भी बढ़ाई जा रही है, जिससे राज्य की पर्यटन पहचान और मजबूत हो रही है। समिट में MSME, स्टार्ट-अप और निर्यात को लेकर आयोजित समानांतर सत्र इस आयोजन को और व्यावहारिक बनाते हैं। इन सत्रों में नीति समर्थन, पूंजी बाजार से जुड़ाव, नवाचार संरक्षण, निर्यात संवर्धन और वैश्विक बाजारों में अवसरों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। राष्ट्रीय संस्थानों, निर्यात संगठनों और वित्तीय संस्थाओं के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की भागीदारी यह स्पष्ट करती है कि मध्यप्रदेश उद्यमियों को केवल निवेश आमंत्रण तक सीमित नहीं रख रहा, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और मंच भी उपलब्ध करा रहा है। इस समिट की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है देश के शीर्ष उद्योगपतियों और कॉरपोरेट लीडर्स की व्यापक उपस्थिति। ऊर्जा, रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, सीमेंट, एफएमसीजी और लॉजिस्टिक्स जैसे विविध क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख उद्योगपति और निर्णय-कर्ता एक ही मंच पर उपस्थित रहेंगे। उनकी भागीदारी यह दर्शाती है कि मध्यप्रदेश को आज उद्योग जगत एक भरोसेमंद और भविष्य-उन्मुख राज्य के रूप में देख रहा है। समिट के दौरान बड़े निवेश प्रस्तावों से जुड़ी परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण, भूमि आवंटन और आशय पत्रों का वितरण तथा उच्च रोजगार सृजन करने वाले उद्योगों का सम्मान जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ केवल विचार और संवाद का मंच नहीं, बल्कि निवेश, रोजगार और क्रियान्वयन को एक साथ जोड़ने वाला ठोस प्रयास है। यह आयोजन यह संदेश देता है कि मध्यप्रदेश में विकास एकांगी नहीं है। यहाँ उद्योग के साथ-साथ नगरीय जीवन की गुणवत्ता, पर्यटन की संभावनाएँ और एमएसएमई की मजबूती भी समान रूप से प्राथमिकता में हैं। ग्वालियर में होने जा रहा यह समिट राज्य की उसी संतुलित और यथार्थवादी विकास सोच का सजीव उदाहरण बनकर सामने आएगी।