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मुख्यमंत्री डॉ. यादव से उत्तरप्रदेश सरकार के मंत्री श्री गुप्ता ने की सौजन्य भेंट

मप्र में औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर हुई चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सोमवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में उत्तरप्रदेश सरकार में औद्योगिक विकास, निर्यात संवर्धन, एनआरआई और निवेश प्रोत्साहन मंत्री श्री नंद गोपाल गुप्ता ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्री (उ.प्र.) गुप्ता सहित मध्यप्रदेश के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग विभाग के अधिकारियों को उत्तरप्रदेश सरकार की औद्योगिक विकास से जुड़े कार्यों के लिए भूमि अधिग्रहण नीति का अध्ययन करने और मध्यप्रदेश में भी उसका अनुपालन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्तरप्रदेश के उद्योग मंत्री गुप्ता को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा तैयार की गई 18 प्रकार की नई औद्योगिक नीतियों की प्रतियां भी भेंट की। बैठक में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री  चेतन्य कुमार काश्यप, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दिलीप जायसवाल, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऊर्जा विभाग की “समाधान योजना” का किया शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समाधान योजना से प्रदेश के 90 लाख से अधिक नागरिकों को लाभ होगा। यह योजना उन उपभोक्ताओं के लिए राहत का द्वार खोल रही है, जो किसी कारणवश समय पर अपने बिजली बिल नहीं भर पाए। इस योजना में तीन माह या उससे अधिक समय से बिल बकाया रखने वाले घरेलू, गैर घरेलू ,कृषि तथा औद्योगिक उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट प्रदान की जाएगी। योजना से बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलने के साथ ही राज्य की बिजली व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। इस कदम से जनता का भरोसा और शासन की पारदर्शिता एक साथ बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट का बटन दबाकर समाधान योजना की शुरूआत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पॉवर मैनेजमेंट कंपनी का नया भवन, कंपनियों के प्रबंधन और कार्य क्षमता में वृद्धि में सहायक होगा। नए भवन से ऊर्जा प्रबंधन और जन सामान्य से बेहतर समन्वय में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समाधान योजना के शुभारंभ और एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की ऑल राउंडर महिला क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़ को एक करोड़ रुपए प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को एमपी पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण कर दें संवेदनशीलता का परिचय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "समाधान योजना' 2025-26" से प्रदेश के 90 लाख उपभोक्ताओं का 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक बिजली बिल सरचार्ज माफ किया जा रहा है। समाधान योजना में 3 माह तक का सरचार्ज रखने वाले उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत सरचार्ज छूट का लाभ मिलेगा। ऊर्जा विभाग के सोमवार को लोकार्पित भव्य भवन से विभाग में कार्यरत तीनों कंपनियों के संचालन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह नया भवन ऊर्जा प्रबंधन, तकनीकी नवाचार और जनसेवा का केन्द्र बनेगा। किसानों को सिंचाई के लिए निर्बाध 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार संकल्पित है। आशा है विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधियों से सतत् संवाद और आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण से अपनी संवेदनशीलता का परिचय देंगे। वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय स्त्रोतों से पूर्ण करने का है हमारा लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार "सबके लिए रोशनी-सबके लिए प्रगति'' का ध्येय लेकर प्रदेश में गतिविधियां संचालित कर रही है। खेत हो या कारखाने, शहर हो या गांव हर घर में रोशनी इसका प्रमाण है। ऊर्जा विभाग से वर्ष 2024-25 में लगभग 35 लाख से अधिक किसानों को 18 हजार करोड़ रूपए से अधिक की बिजली सब्सिडी दी गई। राज्य सरकार ने विभिन्न नीतिगत निर्णयों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और सतत् विकास को प्राथमिकता दी। इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी, रिन्यूबल एनर्जी पॉलिसी 2025 और पंप हाइड्रो पॉलिसी-2025 के अंतर्गत औद्योगिक निवेश के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहन दिए गए हैं। राज्य में 62 गीगावाट सौर, 11 गीगावाट पवन, 4 गीगावाट बॉयोमास और 820 मेगावाट लघु जल विद्युत की क्षमता है। हमारा लक्ष्य 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय स्त्रोतों से पूर्ण करने का है। मुरैना में विकसित हो रही प्रदेश की पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना में 2.70 रूपये प्रति यूनिट बिजली अब तक की सबसे कम टैरिफ दर पर प्राप्त हुई है। यह अपने-आप में रिकार्ड है। शुभ है स्थापना दिवस उत्सव के दौरान समाधान योजना का आरंभ होना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में तीन दिवसीय स्थापना दिवस महोत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान समाधान योजना का शुभारंभ और नए भवन का लोकार्पण शुभ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य केन्द्रित महानाट्य प्रदेश के गौरवशाली अतीत की झलक प्रस्तुत करता है। उन्होंने भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और प्रगति पर केन्द्रित प्रदर्शनियों और आयोजनों में सहभागी होने का उपस्थित जनसमुदाय से आह्वान किया। समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक बिजली पहुंचाना है हमारा लक्ष्य : ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सभी स्तर पर ऊर्जा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। हम अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति की सुविधा को देखते हुए कार्य कर रहे हैं। आज आरंभ हुई समाधान योजना सुशासन और संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग से संबंधित प्रस्तावों को डॉ. यादव ने सहजता से स्वीकार किया। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जायेगा। कार्यक्रम में समाधान योजना पर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना "जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं'' के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्‍त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ होगा जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होता जाएगा। समाधान योजना दो चरणों में चलेगी। प्रथम चरण 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक होगा, जिसमें 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय और अंतिम चरण में यह योजना एक जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी। इसमें 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। प्रथम चरण में एकमुश्‍त राशि जमा कराने पर अधिकतम लाभ होगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को विद्युत वितरण कंपनियों यथा म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल हेतु portal.mpcz.in, म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर हेतु www.mpez.co.in एवं म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर हेतु www.mpwz.co.in पर पंजीयन कराना होगा। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है। साथ ही विद्युत वितरण … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को ईंटखेड़ी में आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा ही हमारा संकल्प है, जनता की सुविधा बढ़ाने में हम कोई कमी नहीं रहने देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीते दो वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व सुधार हुआ है और सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ कराई जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आज मध्य प्रदेश का चहुमुखी विकास हो रहा है। राज्य में लगातार आर्थिक गतिविधियां जारी हैं, नए-नए उद्योग और विकास की संभावनाओं पर बल दिया जा रहा है। साथ ही किसानों हितैषी नीतियों के अंतगर्त किसान सम्मान निधि, सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा और लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए राशि पहुंचा जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगर बहनें रेडीमेड गारमेंट जैसे रोजगार परक उद्योगों में कार्य करेंगी तो उन्हें सरकार की ओर से प्रतिमाह वेतन के साथ 5000 रुपए की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण के लिए संकल्पित है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बैरसिया विधायक श्री विष्णु खत्री को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। विधायक श्री खत्री की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईंटखेड़ी में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि चाहे कितना भी बड़ा रोग हो या कोई जटिल ऑपरेशन, हमारी सरकार हर ज़रूरतमंद को उपचार के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनसेवा हमारा मूल लक्ष्य है, और हम इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा निरंतर प्रयासों से स्वास्थ्य विभाग में निरंतर नई भर्ती की जा रही है और अस्पतालों की सुविधाओं का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा भोपाल के प्रभारी मंत्री श्री चेतन कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर नौरंगसिंह गुर्जर, उपाध्यक्ष श्री मोहन जाट, श्री तीरथ सिंह मीणा, श्री गोपाल सिंह मीणा, श्री पर्वत सिंह पटेल, सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे। बताया गया कि इस नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में दोपहर तक 1500 से अधिक लोगों ने अपनी जांच और इलाज कराया। शिविर से लाभ पाकर क्षेत्र के लोगों ने भारी उत्साह और प्रसन्नता व्यक्त की।

देश, प्रदेश सबके साथ और प्रयास से होगा टी.बी. मुक्त : राज्यपाल पटेल

टी.बी. उन्मूलन में हर व्यक्ति की हो सहभागिता : राज्यपाल  पटेल देश, प्रदेश सबके साथ और प्रयास से होगा टी.बी. मुक्त : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल ने किया 76वें टी.बी. सील अभियान का शुभारंभ भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि टी.बी. उन्मूलन के लिए सबसे कारगर उपाय जागरूकता है। हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि टी.बी. जागरूकता कार्यक्रमों का हिस्सा बनें और टी.बी. उन्मूलन में सक्रिय सहभागिता करें। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मूल मंत्र सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबके प्रयास से टी.बी. मुक्त भारत अभियान सफल होगा। देश और प्रदेश टी.बी. मुक्त बनेगा। राज्यपाल  पटेल सोमवार को मध्यप्रदेश टी.बी. एसोसिएशन के 76वें टी.बी. सील अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने टी.बी. मरीजों को पौष्टिक आहार का वितरण किया। साथ ही नि:क्षय मित्रों, चिकित्सकों, दानदाताओं और समाज सेवी संस्थाओं का सम्मान किया। राज्यपाल  पटेल ने नागरिकों से कहा है कि अपनी योग्यता और क्षमता से टी.बी. रोगियों की मदद करें। मानवता की सेवा में ही जीवन की सार्थकता है। पीड़ित और जरूरतमंद की मदद पुण्य का महान कार्य है। इससे ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उन्होंने टी.बी. उन्मूलन के एकजुट और एकमत विश्वास को व्यक्त करने आयोजन की थीम “हाँ, हम टी.बी. को समाप्त कर सकते हैं” की सराहना की। टी.बी. रोग उन्मूलन के सतत प्रयासों के लिए टी.बी. एसोसिएशन से संबद्ध समर्पित पदाधिकारियों, संबंधित विभागों और समाज सेवी संस्थाओं को बधाई दी। प्रधानमंत्री  मोदी के टी.बी. मुक्त भारत अभियान के संकल्प को मध्यप्रदेश में जन आंदोलन बनाने के लिए साधुवाद दिया। समय पर दवाई लें, पौष्टिक आहार और नियमित व्यायाम करें राज्यपाल  पटेल ने कहा कि टी.बी. संक्रामक रोग है। इस रोग को समझना जरूरी है। सही समय पर सही और नियमित उपचार से रोग को खत्म किया जा सकता है। टी.बी. मरीज समय पर दवाई लें। दवाई का कोर्स पूरा भी करें। खान-पान का विशेष ध्यान रखें। भोजन में मोटे अनाज आदि पौष्टिक आहार को शामिल करें। भरपूर पानी पीयें नींद लें और नियमित व्यायाम करें। उन्होंने कहा कि रोगी अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत और संयमित रहें। अनुशासित जीवन शैली को अपनाएं। राज्यपाल  पटेल का टी.बी. एसोसिएशन के अध्यक्ष  जयपाल सचदेव ने पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर स्वागत किया और बैज लगाकर अभिनंदन किया गया। अध्यक्ष  सचदेव ने स्वागत उद्बोधन दिया। विधायक  भगवानदास सबनानी ने टी.बी. रोग के इलाज, पौष्टिक आहार वितरण और रोग उन्मूलन के मानवीय प्रयासों के लिए टी.बी. एसोसिएशन, चिकित्सकों, दानदाताओं और समाजसेवियों की सराहना की। भोपाल नगर निगम अध्यक्ष  किशन सूर्यवंशी ने कहा कि टी.बी. रोग को समुचित इलाज और जागरूकता से हराया जा सकता है। वार्षिक प्रतिवेदन एसोसिएशन के सचिव डॉ. मनोज वर्मा ने प्रस्तुत किया। आभार कोषाध्यक्ष अभिजीत देशमुख ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में सी.एम.एच.ओ. डॉ. मनीष शर्मा, टी.बी. एसोसिएशन के पदाधिकारी, चिकित्सक, नि:क्षय मित्र और समाज सेवी उपस्थित थे।  

शिवराज सिंह चौहान, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने महिला क्रिकेट टीम को विश्व कप जीत पर दी बधाई

भोपाल, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विश्व कप फाइनल में ऐतिहासिक जीत पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम को बधाई दी। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए रविवार को एकदिवसीय विश्व कप फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर अपनी पहली आईसीसी ट्रॉफी जीती। चौहान ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “हमारी बेटियां चैंपियन हैं, बेटियों ने दिल भी जीता है और दुनिया भी। यह जीत इस बात की गवाह है कि भारत की बेटियों की उड़ान आसमान से भी ऊंची है।” उन्होंने कहा, “दक्षिण अफ्रीका को हराकर भारत अब महिला क्रिकेट में भी विश्व विजेता बन गया है! देशवासियों को और हमारी बेटियों को हार्दिक बधाई।” यादव ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘बेटियों ने लहराया भारत का परचम। आईसीसी महिला विश्वकप 2025 भारत के नाम कर मां भारती को गौरवान्वित करने वाली महिला खिलाड़ियों को बधाई और हार्दिक अभिनंदन।’’ उन्होंने कहा कि ‘‘यह विजय नए भारत की नारी शक्ति की नई उड़ान है।’’  

महिला शक्ति को सलाम: CM मोहन यादव ने ‘क्रांति’ सहित महिला क्रिकेट टीम को दी बड़ी सौगात

   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बड़ी घोषणा की हैं। छतरपुर की रहने वाली भारतीय महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ को एक करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया है। वहीं सीएम ने वर्ल्ड कप जीतने पर महिला क्रिकेटरों की जमकर तारीफ भी की हैं। सीएम डॉ मोहन यादव सोमवार को एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के कार्यालय के नए भवन का लोकार्पण करने पहुंचे थे। जहां उन्होंने बड़ा ऐलान किया हैं। मुख्यमंत्री ने महिला विश्व कप की सदस्य क्रांति गौड़ को एक करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की हैं। इसके साथ ही पूरी टीम की जमकर तारीफ की और सभी को बधाई दी हैं। इससे पहले उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा- बेटियों ने लहराया भारत का परचम…आईसीसी महिला विश्व कप-2025 भारत के नाम कर मां भारती को गौरवान्वित करने वाली BCCIWomen की खिलाड़ियों को बधाई एवं हार्दिक अभिनंदन। यह विजय ‘नए भारत’ की नारी शक्ति की नई उड़ान है। जय हो। आपको बता दें कि क्रांति गौड़ का जन्म छतरपुर जिले के छोटे कस्बे घुवारा में हुआ। उनके पिता एक रिटायर्ड पुलिस कांस्टेबल है। क्रांति के छह-भाई बहन है। महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 8 मैचों में 9 विकेट हासिल किये और अपनी टीम को इस मुकाम तक पहुंचाया।

महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ को प्रदेश सरकार से 1 करोड़ का इनाम, विश्व कप में अहम योगदान

 छतरपुर भारतीय महिला क्रिकेट ने रविवार को आखिकार 47 साल के इंतजार के बाद इतिहास रच दिया। इंडिया विमेंस क्रिकेट टीम ने फाइनल मुकाबले में साउथ अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। भारतीय टीम की जीत में महत्तवपूर्ण भूमिका निभाने वाले क्रांति गौड़ भी हैं। जिनके लिए एमपी सरकार की ओर से 1 करोड़ रुपए देने की घोषणा की गई है। क्रांति गौड़ को 1 करोड़ रुपए देगी सरकार सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की बेटियों और देश की बेटियों ने जिस तरह से भारत और दक्षिण अफ्रीका के फाइनल में धूम मचाई है, उसके लिए वे सबको बधाई देते हैं। छतरपुर की बेटी ने मान बढ़ाया है। सभी खेलों में एमपी के युवा खिलाड़ियों की भूमिका इसी तरह से रहेगी, इसके वे उम्मीद करते हैं और भविष्य में भी राज्य सरकार प्रोत्साहित करती रहेगी। छतरपुर की रहने वाली हैं क्रांति 23 वर्षीय क्रांति गौड़ छतरपुर के घुवारा की रहने वाली हैं। उन्होंने वर्ल्ड कप के 6 मैचों में 9 विकेट चटकाए हैं। क्रांति के पिता मुन्ना गौड़ पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं। उनकी माता गृहिणी हैं। इधर, महिला भारतीय टीम की जीत के बाद बीसीसीआई ने टीम को 51 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया है।  पिता की नौकरी गई…परिवार ने की मजदूरी, अब ताबड़तोड़ विकेट लेकर रच दिया इतिहास 2 नवंबर 2025 को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ियों ने वह कर दिखाया जो लंबे अरसे तक सिर्फ़ एक सपना लगता था। मुंबई के डॉ. डीवाई पाटिल स्टेडियम में महिला आईसीसी एकदिवसीय विश्व कप के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर इतिहास रच दिया। भारतीय महिला टीम पहली बार वर्ल्ड कप चैंपियन बनी। बता दें कि भारत अब ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बाद महिला वर्ल्ड कप जीतने वाली चौथी टीम बन गई। इस खेल में मध्यप्रदेश के छतरपुर की क्रांति गौड़ ने नाम रोशन कर दिया है। पाकिस्तान के साथ हुए मैच के बाद से क्रांति गौड़ सुर्खियों में छा गई। क्रिकेट वर्ल्ड कप में 9 विकेट लेने वाली क्रांति का जीवन संघर्षों में बीता है। परिवार पर टूटा था मुश्किलों का पहाड़ छतरपुर जिले के छोटे से कस्बे घुवारा की रहने वाली 22 साल की क्रांति गौड़ का बचपन आसान नहीं था। क्रांति के पिता मुन्ना सिंह गौड़ आरक्षक थे। किसी कारणवश उनकी नौकरी चली गई। जिसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। क्रांति को बचपन से क्रिकेट खेलने का बहुत शौक था। वे अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेला करती थीं। उनके दोस्त बताते है कि वो हम सबमें बहुत छोटी थी लेकिन उसकी बॉलिंग स्पीड बहुत तेज थी। जिसके कारण सारे खिलाड़ी उससे डरते थे। घर के सामने ही एक छोटा सा मैदान है जहां क्रांति दोस्तों के साथ प्रैक्टिस करती रहती थी। अब वे देश के लिए खेल रही हैं। हम सबको इस बात का गर्व है। ले चुकी हैं 9 विकेट बता दें कि क्रांति गौड़ अब तक क्रिकेट वर्ल्ड कप में 9 विकेट ले चुकी हैं। हालही में खेले गए मैच में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान का महत्वपूर्ण विकेट लेकर उन्होंने भारतीय टीम को बड़ी जीत दिलाई थी। पाकिस्तान के साथ खेले गए मैच में भी क्रांति ने तीन विकेट जड़े थे। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' से नवाजा गया। मिलेगा 1 करोड़ का पुरस्कार क्रांति के शानदार प्रदर्शन से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अत्यंत प्रसन्न नजर आए और उन्होंने क्रांति गौड़ को 1 करोड़ रुपए के इनाम की घोषणा की है। सीएम मोहन यादव ने भारत की महिला क्रिकेट टीम को शानदार जीत के लिए बधाई दी। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला नक्सली सुनीता के आत्मसमर्पण पर पुलिस को दी सराहना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला नक्सली सुनीता के आत्मसमर्पण पर पुलिस बल को दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला नक्सली सुनीता के आत्मसमर्पण पर पुलिस को दी सराहना 14 लाख रूपये की इनामी नक्सली सुनीता ने लांजी में किया आत्मसमर्पण प्रदेश में नक्सल विरोधी अभियान जारी रहेगा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले में महिला नक्सली के आत्म समर्पण पर पुलिस बल को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सली गतिविधियों के नियंत्रण के संबंध में पूर्व में भी मध्यप्रदेश पुलिस को काफी सफलता मिली है। बालाघाट में एक नवम्बर को लांजी थाने के अंतर्गत चोरिया कैंप में महिला नक्सली सुनीता द्वारा हथियारों सहित समर्पण किया गया है। सुनीता पर 14 लाख रुपए का इनाम घोषित था। मध्यप्रदेश द्वारा अपनाई गई प्रभावी आत्मसमर्पण नीति के परिणामस्वरूप यह पहला आत्मसमर्पण हुआ है। प्रदेश में इसके पूर्व भी नक्सलियों ने समर्पण किया है। इसके साथ ही नक्सलियों को मारने में भी राज्य के पुलिस बल को निरंतर सफलता मिली है। प्रधानमंत्री और केन्द्रीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन में नक्सल नियंत्रण का प्राप्त करेंगे लक्ष्य। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में आगामी वर्ष तक नक्सल नियंत्रण के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मध्यप्रदेश सजग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस को इस सफलता पर बधाई देते हुए आशा करता हूं नक्सल विरोधी अभियान जारी रहेगा और हमारे पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की नक्सल गतिविधियों के संदर्भ में प्रदेश में होने वाली किसी भी छोटी सी गतिविधि को भी नियंत्रित करने में हम पूरी तरह सफल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत 10 महीने में लगभग डेढ़ करोड़ रूपए के इनामी नक्सलियों को निष्क्रिय किया गया है। पुलिस आउटरीच प्रोग्राम के भी अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। राज्य सरकार ने सॉफ्ट टच अप्रोच के अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए पुनर्वास के रास्ते भी खोले हैं। वर्ष 1992 के बाद पहली बार अन्य राज्य के किसी सशस्त्र नक्सली कैडर ने मध्यप्रदेश शासन के सामने आत्मसमर्पण किया है। बालाघाट में 1 नवम्बर को थाना लांजी के चौरिया कैम्प अंतर्गत एक हार्डकोर सशस्त्र महिला नक्सली, सुनीता पिता बिसरू ओयाम निवासी गोमवेटा, तहसील भैरमगढ़, जिला बीजापुर, ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और भारत के संविधान पर विश्वास जताते हुए जिला पुलिस बालाघाट के समक्ष अपने हथियार INSAS राइफल मय 3 मैगजीन्स, 30 जिंदा राउंड्स एवं UBGL शेल के साथ आत्मसमर्पण किया। सशस्त्र नक्सली सुनीता मलाजखंड दर्रेकसा दलम में एसीएम है, जो इंसास रायफल के साथ सशस्त्र नक्सली संघटन में मध्यप्रदेश, गोंदिया एवं राजनांदगांव (GRB) डिविजन में सक्रिय थी। उस पर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश में 14 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सुनीता पिता बिसरु ओयाम माओवादी संगठन में वर्ष 2022 में जुड़ी थी। छत्तीसगढ़ के माड क्षेत्र में 06 माह का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उसने सीसी मेंबर रामदेर के गार्ड के रूप में कार्य किया। यह मध्यप्रदेश आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023 के अंतर्गत पहला आत्मसमर्पण है और 1992 के बाद से पहली बार अन्य राज्य के किसी सशस्त्र नक्सली कैडर ने म.प्र. शासन के सामने आत्मसमर्पण किया है। उल्लेखनीय है कि पिछले 10 महीनों में मध्यप्रदेश में 1.46 करोड़ रुपये के इनामी नक्सलियों को न केवल निष्क्रिय किया गया है, बल्कि राज्य सरकार सॉफ्ट टच एप्रोच के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए पुनर्वास के रास्ते भी खोल रही है। पिछले समय से लगातार चल रहे पुलिस आउटरीच प्रोग्राम के परिणामस्वरूप, सशस्त्र नक्सली सुनीता ने आत्मसमर्पण के लिए यह पहला कदम उठाया है। मध्यप्रदेश पुलिस आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023 के प्रावधानों के तहत आत्मसमर्पण कर सशस्त्र आंदोलन को छोड़ कर मुख्य धारा में आने वालों को सभी लाभ दिलाने के लिए कटिबद्ध है।  

सम्राट विक्रमादित्य आदर्श शासन के प्रतीक — वीरता, न्याय और दानशीलता से दी प्रेरणा : CM डॉ. यादव

सम्राट विक्रमादित्य ने वीरता, दानशीलता, न्याय, शौर्य और सुशासन का प्रस्तुत किया उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव लाल परेड ग्राउंड पर पहली बार हुआ सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य मंचन कलाकारों द्वारा अश्व दल के उपयोग, सशस्त्र सेना के जीवंत अभिनय से मंच हो उठा साकार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य ने वीरता, दानशीलता, न्याय, शौर्य और सुशासन का उदाहरण प्रस्तुत किया था। लगभग दो हजार साल पहले उनके शासनकाल की विशेषताओं पर महान नाट्य का मंचन पहली बार भोपाल में हो रहा है। आज का दिन ऐतिहासिक भी है क्योंकि कलाकारों द्वारा अश्व दल के उपयोग सशस्त्र सेना के जीवंत अभिनय से मंच साकार हो उठा। वास्तविक युद्ध की परिस्थितियों का चित्रण राजधानी के दर्शकों के लिए मंचित किया गया। नाटक में सम्राट विक्रमादित्य के राज्यारोहण के दृश्य और अन्य प्रसंग अद्भुत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को लाल परेड ग्राउंड में म.प्र. स्थापना दिवस के दूसरे दिन आयोजित सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य मंचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विरासत के संरक्षण के साथ विकास की बात कही है। मध्य प्रदेश इस मंत्र को अपना कर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा किकभी ये परिस्थिति बनी कि राष्ट्र की स्वतंत्रता बाहरी आक्रामकों के कारण खतरे में पड़ी। राष्ट्र की गरिमा धूल धूसरित हो गई। गुलामी की काली छाया थी। हमारी धर्म में विश्वास रखने वाली शांति प्रिय जनता धर्म ध्वजा उठाए सुख वैभव से रहती थी। आक्रामकों ने गुलामी की जंजीरों में जकड़ दिया। मथुरा, कंधार, उज्जयिनी जैसे केंद्र नष्ट भ्रष्ट किए जाने लगे। हाहाकार मच गया। उस दौर में अन्तत: पुनः समय बदला सम्राट विक्रमादित्य का युग प्रारंभ हुआ। वे बाल्य अवस्था में ही जन कल्याण को उन्मुख थे। आचार्य चन्द्रगुप्त से दीक्षा लेकर शासन के सूत्र अपने हाथ में लिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने अपने शासन के संपूर्ण भू भाग के नागरिकों को ऋण मुक्त करते हुए उन्हें अपने सामर्थ्य का लाभ दिया और विक्रम संवत प्रारंभ करने का ऐतिहासिक कदम उठाया गया। शौर्य, दानशीलता, न्याय का परिचय देकर सुशासन की व्यवस्था लागू की। वे सम्पूर्ण राष्ट्र को ऋण मुक्त करने में सफल हुए। पुनः संवत का प्रवर्तन हो चुका था। सम्राट विक्रमादित्य ने नवरत्नों को जुटाया। विनम्रता से राज्य के छोटे से छोटे व्यक्ति के कल्याण की चिंता करते थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इतिहास की इस कथा को अनूठी कल्पना के साथ प्रस्तुत किया गया। सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल में रात्रि गश्त का प्रसंग भी महत्वपूर्ण है। सम्राट विक्रमादित्य राज्य के अपराध से जुड़े लोगों के गुणों को भी जानते थे और उन गुणों का उपयोग राष्ट्र कल्याण में करने और देश हित में उन्हें उन्मुख करते थे। राज्य रोहण पूरी शान के साथ होता है। महाकाल महाराज की कृपा से वे अद्वितीय शासक बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य महानाटक के सभी कलाकार अभिनंदन के पात्र हैं। यहां फिल्मांकन की तरह नाट्य मंचन हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त कलाकारों को बधाई दी और उनका अभिनंदन किया। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर,विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी, भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जनप्रतिनिधि, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव संस्कृति और पर्यटन शिवशेखर शुक्ला मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार राम तिवारी सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस समारोह “अभ्युदय मध्यप्रदेश” के दूसरे दिवस लाल परेड ग्राउंड, भोपाल का वातावरण सृजन, संस्कृति और कला के रंगों से सराबोर रहा। दिनभर विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, लोक-कलाओं और रचनात्मक गतिविधियों ने यह संदेश दिया कि मध्यप्रदेश न केवल विकास की राह पर अग्रसर है, बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी नए उत्साह और आधुनिक दृष्टिकोण के साथ संजोए हुए है। परंपरा और नवाचार के इस संगम ने राजधानी को रचनात्मक ऊर्जा से आलोकित कर दिया, जहाँ मंचों पर लोकधुनों, नृत्यनाट्य, संगीत और कलात्मक प्रदर्शनियों की श्रृंखला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्थापना दिवस के दूसरे दिन की संध्या सर्वप्रथम अद्भुत, अलौकिक और अद्वितीय महानाट्य प्रस्तुति सम्राट विक्रमादित्य का मंचन हुआ। इस महानाट्य की प्रस्तुति उज्जैन की संस्था विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति द्वारा दी गई, जिसका निर्देशन संजीव मालवीय ने किया है। नाटक की भव्यता जहां कलाकारों के अभिनय, परिधान, संवाद और सेट कर रहा था, वहीं ऊंट, घोड़े, हाथी, पालकी, बग्गी इत्यादि ने भी इसकी आकर्षकता को बढ़ाया। तीन अलग स्टेज पर अत्याधुनिक ग्राफिक, आश्रम एवं जंगल के भव्य सेट के साथ ही भव्य महाकाल मंदिर के प्रतिरूप सेट और 150 कलाकारों ने महानाट्य को जीवंत बना दिया। इस महानाट्य की प्रस्तुति का उद्देश्य मात्र प्रदर्शन नहीं, बल्कि आम नागरिकों को इस बात से परिचित कराना था कि हमारा मध्यप्रदेश प्राचीन काल से ही कितना महान रहा है। आज जब हम जनकल्याण, सुशासन और विकास की बात कर रहे हैं, तो यह प्रेरणा हमें सम्राट विक्रमादित्य जैसे महान इतिहास पुरुषों से ही प्राप्त हुई है, जो हमारे वैभवशाली अतीत के महानायक हैं। ऐसे विक्रमादित्य जो काल गणना, विवेकपूर्ण न्याय, शौर्य और महानता के लिए जाने जाते हैं। महानाट्य के बारे में राम और कृष्ण जैसे अवतार नायकों के बाद भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय नायक विक्रमादित्य ही हैं। भारत वर्ष के सर्वाधिक लोकप्रिय और प्रसिद्ध पुरातन पुरुषों में विक्रमादित्य अग्रणी है। उनकी वीरता, देश को पराधीनता से मुक्त करने की उत्कृष्ट अभिलाषा राजनीतिक उपलब्धियों सैनिक अभियान और विजय यात्राएँ शासन की आदर्श अनोखी विवेकपूर्ण न्यायपद्धति, कला एवं साहित्य की उन्नति में उदार सहयोग तथा सहभागिता जैसे उदात्त गुणों ने भारत ही नहीं आस-पास और सुदूर देशों में भी उन्हें सदा के लिये प्रतिष्ठित कर दिया। शकों तथा यवनों ने भारत पर आक्रमण कर आंतक मचा रखा था। शक राजा महाबली, अर्थलोभी, पापी और दुष्ट थे, क्रूर हिंसक देश विरोधी शकों की उस दुर्दान्त, प्रलयंकारी काली छाया से विक्रमादित्य ने भारत को मुक्त कराया और 96 शक सामन्तों को पराजित कर उन्हें भारत से भागने पर विवश कर दिया था। शकों को खदेड़ कर ही शकारि और साहसांक की उपाधियाँ धारण की। आज भी विकमादित्य द्वारा 2082 वर्ष पूर्व प्रारम्भ विक्रम संवत् भारत वर्ष ही नहीं दुनिया का सर्वश्रेष्ठ काल गणना … Read more

56 विभागों की 1700 सेवाएँ अब एमपी ई-सेवा पोर्टल पर मिलेगी

भोपाल मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘एमपी ई-सेवा पोर्टल और मोबाइल ऐप’ का शुभारंभ कर डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में नई क्रांति का आगाज किया। यह एकीकृत नागरिक सेवा मंच अब 56 विभागों की 1700 से अधिक सरकारी सेवाओं और योजनाओं को एक ही डिजिटल विंडो पर उपलब्ध करायेगा। ‘एमपी ई-सेवा’ के माध्यम से वर्ष 2026 तक 100% ई-सेवा डिलीवरी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश को देश के डिजिटल गवर्नेंस एनेबल्ड राज्यों में अग्रणी बनाने वाले इस पोर्ट्ल को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) के सेंटर फॉर एक्सीलेंस ने विकसित किया है। इससे नागरिकों, विभागों और सेवाओं को एक ही डिजिटल ईको-सिस्टम में जोड़कर मध्यप्रदेश ने यह सिद्ध किया है कि डिजिटल गवर्नेंस ही गुड गवर्नेंस है। नागरिकों के लिए एक पोर्टल, सभी सेवाएँ एकीकृत एमपी ई-सेवा पोर्टल पर राज्य शासन के 56 विभागों की 1700 से अधिक नागरिक सेवाओं को एकीकृत कर दिया गया है। अब इन सेवाओं के लिए अलग वेबसाइट पर लॉगइन करने और बार-बार दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। नागरिक eseva.mp.gov.in और मोबाइल ऐप (एंड्रॉइड व iOS) के माध्यम से सभी सेवाओं के लिए पात्रता जांच, आवेदन, स्टेटस चैक करने के साथ ही अनुमोदन भी प्राप्त कर सकते हैं। एमपी ई-सेवा पोर्टल पर सभी चरण आधार आधारित प्रमाणीकरण, ई-साइन और डिजिटल प्रमाणपत्र से सुरक्षित हैं। इससे प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस और फेसलेस बन गई है। ‘एमपी ई-सेवा’ और ‘समग्र पोर्टल’ का एकीकरण ‘एमपी ई-सेवा’ को समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के समग्र पोर्टल से जोड़ा गया है। प्रत्येक परिवार को 8-अंकीय परिवार आईडी और हर सदस्य को 9-अंकीय सदस्य आईडी दी गई है। यह एकीकरण नागरिकों की ऑटो-वेरिफिकेशन प्रक्रिया को सक्षम बनाता है, जिससे पात्रता की पहचान स्वतः ही हो जाती है और दोहराव अथवा देरी नहीं होती है। ‘एमपी ई-सेवा’ की प्रमुख विशेषता ‘ऑटो-फेचिंग डॉक्युमेंट्स’ है, जिससे नागरिकों को बार-बार दस्तावेज़ अपलोड नहीं करने पड़ते। एक बार अपलोड किए गए दस्तावेज़ आगे की सभी सेवाओं में स्वतः उपलब्ध हो जाते हैं। सुगम, सुरक्षित और नागरिक केंद्रित ‘ऐप डिज़ाइन’ ‘एमपी ई-सेवा’ पोर्टल का इंटरफ़ेस मोबाइल-फर्स्ट दृष्टिकोण पर आधारित है। इसमें बहुभाषीय सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही दिव्यांगजन के अनुप्रयोग को दृष्टिगत रखते हुए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। इससे शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों के उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोग आसान होगा। प्रारंभिक मूल्यांकन तौर पर इससे गवर्नेंस लागत में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आएगी साथ ही वर्ष भर में नागरिकों के 50 मिलियन घंटों की भी बचत होगी। मध्यप्रदेश में डिजिटल ट्रैक रिकॉर्ड सितम्बर 2025 में आई राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा – वितरण आकलन (एनईएसडीए वे फॉरवर्ड ) रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश ने 1752 ई-सेवाओं को मैप किया है और सभी 56 अनिवार्य विभागीय सेवाओं को एमपी ई-सेवा’ पोर्टल में 100% इंटीग्रेट कर देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। राज्य को ‘सायबर तहसील’ के लिये प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार और ‘संपदा 2.0’ के लिये राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार मिल चुके हैं।