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अब इंदौर में बिना हेलमेट भी मिलेगा पेट्रोल, कलेक्टर बोले – सख्ती नहीं, समझदारी जरूरी

इंदौर क्लीन सिटी इंदौर में अब हेलमेट पहनकर गाड़ियों में पेट्रोल डलवाना जरूरी नहीं है, बल्कि हेलमेट को लेकर जागरूकता ज्यादा जरूरी है. इसी तरह के एक आदेश के बाद क्लीन सिटी इंदौर में अब हेलमेट लगाना स्वैच्छिक कर दिया गया है. बीते 1 अगस्त को इंदौर जिला प्रशासन ने दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट लगाना जरूरी किया था. इस आदेश को वर्तमान कलेक्टर शिवम वर्मा ने जारी रखने से इनकार कर दिया है. पूर्व कलेक्टर ने अनिवार्य किया था हेलमेट इंदौर में आए दिन होने वाले टू व्हीलर गाड़ियों के एक्सीडेंट में लोगों की सर पर चोट लगने से मौत एक बड़ी वजह है. लिहाजा पूर्व कलेक्टर आशीष सिंह ने पिछले महीने एक आदेश निकालकर शहर में दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट लगाना अनिवार्य किया था. इतना ही नहीं बिना हेलमेट के पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं देने के भी आदेश दिए थे. नए कलेक्टर ने स्वैच्छिक किया हेलमेट लगाना उस दौरान इसी आदेश के उल्लंघन के कारण कई पेट्रोल पंप को सील भी किया गया था. 1 अक्टूबर को फिर इस आदेश को सुचारू रखने के लिए नया आदेश किया जाना था, लेकिन वर्तमान कलेक्टर शिवम वर्मा ने उसे सुचारू नहीं रखते हुए शहर में हेलमेट लगाना एक बार फिर स्वैच्छिक कर दिया है. इतना ही नहीं अब बिना हेलमेट के भी वाहन चालक पेट्रोल पंपों पर अपने वाहनों में पेट्रोल डलवा पाएंगे. हालांकि नए कलेक्टर के इस फैसले से शहर के उन वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है जिन्हें ट्रैफिक पुलिस द्वारा हेलमेट के नाम पर लगातार परेशान किया जा रहा था. पेट्रोल डलवाने के लिए भी पहनना पड़ता था हेलमेट वहीं, वाहनों में पेट्रोल डलवाने के लिए भी लोगों को हेलमेट लेकर पेट्रोल पंप पर पहुंचना पड़ता था. इधर इस आदेश को सुचारू नहीं रखने के पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि अधिकांश वाहन चालक पेट्रोल डलवाते समय ही हेलमेट लगा रहे थे. जबकि वाहन चलाते समय हेलमेट लगाने वाले लोगों की संख्या में कोई खास वृद्धि नहीं हुई थी. इधर इस आदेश का स्थानीय भाजपा नेताओं ने भी विरोध किया था. मध्य प्रदेश में सड़क हादसों में इंदौर अव्वल लोगों को हेलमेट न लगाना पड़े इसको लेकर एक जनहित याचिका भी कोर्ट में प्रस्तुत की थी, लेकिन कोर्ट से भी हेलमेट लगाने संबंधी फैसले पर लोगों को राहत नहीं मिल पाई थी. अब जबकि खुद जिला प्रशासन ने ही अपने आदेश को सुचारू नहीं रखा तो पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के पेट्रोल दिए जाने की पुरानी व्यवस्था फिर शुरू हो गई है. एक्सीडेंट के मामले में इंदौर पहले नंबर पर है, जहां पिछले साल ही करीब 6075 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं जो तुलनात्मक रूप से भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर से सर्वाधिक थी. इन दुर्घटनाओं में अधिकांश वाहन चालक टू व्हीलर थे, जो हेलमेट नहीं लगाए थे.  

सीएम हेल्पलाइन में फर्जीवाड़ा! दमोह में 29 फर्जी शिकायतकर्ता पकड़े गए, सूची प्रशासन को सौंप‍ी

दमोह दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लाक अंतर्गत सीएम हेल्पलाइन पर फर्जी शिकायत करने वाले 29 शिकायतकर्ताओं को जनपद सीईओ ने चिह्नित किया है। जिसकी सूची बनाकर कलेक्टर के पास भेजी गई है। अब इन लोगों की शिकायत का सत्यापन कराया जाएगा और यदि शिकायत गलत पाई गई तो आगे कार्रवाई की जाएगी। बता दें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा यह योजन इसलिए शुरू की गई थी, ताकि आम लोगों को शासन की उस योजना का लाभ मिल सके, जिससे वह वंचित हैं। यदि अधिकारी उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं कर पा रहे हैं तो वह हितग्राही अपनी समस्याओं की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर कर सकता है। यह योजना सार्थक हुई लोगों को न्याय मिलना शुरू हो गया, लेकिन लोग इसका गलत इस्तेमाल करने लगे। जिसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंभीरता से लिया और झूठी शिकायत करने वाले लोगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मांगी जानकारी दमोह कलेक्टर ने ब्लाक स्तर के अधिकारियों से जानकारी मांगनी शुरू कर दी है। तेंदूखेड़ा जनपद सीईओ मनीष बागरी ने 29 लोगो की सूची बनाकर दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर को भेजी है। यह वे लोग हैं जो लगातार शिकायत करते हैं। जबकि उस योजना से उनका दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं है। 26 सितम्बर को दमोह कलेक्टर ने जिले के सभी विभाग प्रमुखों को एक पत्र जारी किया था। जिसमें पूछा था आपके यहां सीएम हेल्पलाइन में यदि कोई ऐसे व्यक्ति हैं, जो बार बार शिकायत करते हैं या फिर शिकायत दर्ज करना उन्होंने अपनी आदत बना ली है तो उनका नाम, फोन नंबर शिकायत के विवरण की जानकारी सहित दर्ज करे और उनकी सूची भेजे। जिसके बाद तेंदूखेड़ा जनपद सीईओ मनीष बागरी ने लोगों की एक सूची तैयार की है, जिनका काम ही सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करना है। उनके नाम ओर शिकायत की दर्ज संख्या सहित पूरी जानकारी भेजी गई है। ऐसी होती है ज्यादा शिकायत तेंदूखेड़ा ब्लाक में जो शिकायत दर्ज हैं उनमें अधिकाश लोग जिले या दूसरी जनपद से है। जिनकी शिकायतें जांच में गलत पाई गई है तो कुछ शिकायतो में लेनदेन करके मामलों का निराकरण हुआ है। शिकायत का जनहित या समाज हित से कोई वास्ता नहीं है। बल्कि निर्माण कार्य और पंचायत बंद या फिर सचिव, सरपंच की झूठी शिकायतों का हवाला दिया गया था। जांच में यह तथ्य सामने आने के बाद उनकी जानकारी एकत्रित की गई और सूची दमोह कलेक्टर के पास भेजी जा चुकी है। तेंदूखेड़ा जनपद सीईओ मनीष बागरी ने बताया कलेक्ट्रेट से पत्र प्राप्त हुआ था। उसके बाद अप्रैल माह से सितम्बर तक की जानकारी एकत्रित की गई थी और 29 ऐसे शिकायतकर्ताओं की सूची तैयार की है जो लगातार सी एम हेल्पलाइन पर शिकायत करते है। इनकी शिकायतों में फर्जी मजदूर और निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी का हवाला दिया जाता है। पत्र के माध्यम से जानकारी भेजी गई है आगे जो कार्रवाई होगी दमोह कलेक्टर करेंगे। 

बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री बोले, ‘आई लव मोहम्मद’ बुरा नहीं, सर तन से जुदा वाली सोच स्वीकार्य नहीं

उज्जैन  पूरे देश में आई लव मोहम्मद के पोस्टरों को लेकर विवाद हो रहा है. कई शहरों में यह पोस्टर लगाए गए थे, जिन पर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं. मध्य प्रदेश के उज्जैन में प्रशासन ने इन पोस्टरों को हटाने की सख्त कार्रवाई भी की. इसी मुद्दे पर बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने बड़ा बयान दिया है. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि आई लव मोहम्मद कहना गलत नहीं है, जैसे आई लव महाकाल कहना भी बुरा नहीं है. लेकिन जो लोग सर तन से जुदा करने की धमकी देते हैं, वह कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.  उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी को हिंदू त्योहारों या परंपराओं पर निशाना बनाने का हक नहीं है. आई लव मोहम्मद कहना गलत नहीं अपने बयान में धीरेंद्र शास्त्री ने पाक अधिकृत कश्मीर का भी जिक्र किया और कहा कि हम पाक अधिकृत अपनी जमीन लेकर रहेंगे. साथ ही उन्होंने आगे कहा कि यह सही समय है और पाकिस्तान में चल रहे हालात को देखते हुए भगवान से बुद्धि देने की प्रार्थना करनी चाहिए. आई लव महाकाल कहना भी बुरा नहीं शास्त्री ने यह भी कहा कि वह पाकिस्तान में शांति की प्रार्थना हनुमान जी से कर रहे हैं. साथ ही पाकिस्तान को संदेश दिया कि अगर देश संभल नहीं रहा है तो भारत में घर वापसी कर लो. उन्होंने हिंदुओं से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि पीछे से दिए जा रहे बयानों और धमकियों को गंभीरता से लेना होगा. धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान धार्मिक सद्भाव, राजनीतिक बयानबाजी और सीमाई मुद्दों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है.  

भारत से शुरू हुआ वैश्विक शांति आंदोलन: आयुष गुप्ता का हीलिंग फॉर वर्ल्ड पीस बना नई ऊर्जा का स्रोत

 भोपाल भारत से विश्व तक – एक समय, एक संकल्प और हज़ारों हीलर्स का विश्व शांति के लिए एकजुट होना – एक ऐतिहासिक वर्ल्ड रिकॉर्ड। झीलों की नगरी भोपाल 5 अक्टूबर 2025 को मिंटो हॉल में एक ऐतिहासिक वैश्विक आंदोलन और विश्व रिकॉर्ड की मेज़बानी करने जा रहा है। “हीलिंग फॉर वर्ल्ड पीस” (HFWP) शीर्षक से यह पहल, अनन्त ऊर्जा के संस्थापक आयुष गुप्ता जी और आरविका गुप्ता जी द्वारा आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर हज़ारों और लाखों हीलर्स, ऊर्जा साधक, आध्यात्मिक नेता, बिज़नेस आइकॉन और सेलेब्रिटीज एक साथ जुटेंगे, सामूहिक ऊर्जा को विश्व शांति और समृद्धि के लिए समर्पित करेंगे। यह आंदोलन विश्वप्रसिद्ध रेकी ग्रैंडमास्टर, सेलिब्रिटी टैरो रीडर और इंटरनेशनल वेलनेस मेंटर आयुष गुप्ता जी के दृष्टिकोण से प्रेरित है, जो नीम करोली बाबा के आशीर्वाद से संचालित है और वर्तमान समय के वैश्विक युद्धों (रूस-यूक्रेन, इज़रायल-फिलिस्तीन, टैरिफ वॉर, नेपाल संकट, व्यापारिक संघर्ष और मानवीय संकट आदि) की पृष्ठभूमि में शांति की अत्यावश्यकता को दर्शाता है। मुख्य आकर्षण     •    विश्व रिकॉर्ड प्रयास: विश्व शांति के लिए अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक हीलिंग एनर्जी सर्कल।     •    वैश्विक सहभागिता: भारत समेत अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, यूएई, नेपाल और अन्य देशों से हज़ारों हीलर्स की भागीदारी। रेकी, प्राणिक हीलिंग, योग, आयुर्वेद, ध्यान और साउंड हीलिंग जैसे विविध आयामों का संगम।     •    राजनीतिक गरिमा: भारत सरकार के मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला जी और अन्य देशों व वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति।     •    प्रसिद्ध उद्योगपति: श्री दिलीप सुर्यवंशी जी (मैनेजिंग डायरेक्टर, दिलीप बिल्डकॉन), श्री संजीव अग्रवाल जी (सीएमडी, सेज ग्रुप) और अन्य प्रतिष्ठित उद्योगपतियों का सहयोग।     •    अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि: दुबई स्पोर्ट्स काउंसिल से अहमद इब्राहिम जी, डॉ. बी.यू. अब्दुल्ला जी सहित कई वैश्विक प्रतिनिधियों की उपस्थिति।     •    बॉलीवुड समर्थन: प्रसिद्ध फिल्मकार राकेश रोशन जी, गायक बृजेश शांडिल्य जी, अभिनेता बलराज स्याल जी, गौरव दुबे जी, रेवा़ काराउस और अन्य फिल्म जगत की हस्तियाँ इस वैश्विक आंदोलन का समर्थन कर रही हैं।     •    सामुदायिक सहयोग: जापान से काओरी यानागी एवं शिंसुके कावाशिमा द्वारा सैकड़ों हीलर्स को ऑनलाइन जोड़ना, दुबई से अंक़ा (संस्थापक फ़ातिह और रोसा) द्वारा हीलर्स की भागीदारी, मध्य प्रदेश से मधुलिका बाजपेयी जी का हीलर्स को संगठित करना, फिफ्थवेद द्वारा सहयोग प्रबंधन आदि।     •    जन-सहभागिता: हज़ारों लोग भोपाल में और लाखों लोग ऑनलाइन जुड़ेंगे – इसे सच्चे अर्थों में एक वैश्विक आयोजन बनाएंगे। सहयोगी और भागीदार इस पहल को प्रतिष्ठित भागीदारों का मज़बूत सहयोग प्राप्त है – मध्य प्रदेश पर्यटन, दिलीप बिल्डकॉन, दुबई स्पोर्ट्स काउंसिल, दुबई योगा फेडरेशन, एएनजीसी, आनन्द संस्थान, ताज लेकफ्रंट भोपाल, सेज यूनिवर्सिटी, बी.यू. अब्दुल्ला ग्रुप, एमपीटी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स और अन्य संस्थाएँ। यह सहभागिता न केवल मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को मज़बूत करती है, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर शांति और प्रगति का प्रतीक बनाती है। एकता का आह्वान आयुष गुप्ता जी ने कहा: “हीलिंग फॉर वर्ल्ड पीस केवल एक आयोजन नहीं है – यह मानवता के लिए एक आंदोलन है। जब हज़ारों हीलर्स और शांति समर्थक एक ही संकल्प के साथ अपनी ऊर्जा को समर्पित करते हैं, तो वह कंपन पूरी दुनिया को शांति की ओर मोड़ सकती है। यह ऐतिहासिक प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मील का पत्थर होगा।” आयोजक सभी हीलर्स, इन्फ्लुएंसर्स, कॉरपोरेट्स, मीडिया प्रोफेशनल्स और विश्व नागरिकों को आमंत्रित करते हैं कि वे इस ऐतिहासिक प्रयास का हिस्सा बनें – चाहे भोपाल में प्रत्यक्ष या ऑनलाइन सहभागिता के माध्यम से।

मप्र के बालाघाट में नक्सली मुठभेड़, कलकत्ता के जंगलों में सुरक्षाबलों की कार्रवाई

 बालाघाट  लांजी के युवक को पुलिस की मुखबिरी के शक में अगवा कर मौत के घाट उतारने वाले माओवादियों से 17 दिन बाद फिर पुलिस का आमना-सामना हुआ है। शुक्रवार देर रात किरनापुर थाना क्षेत्र के कलकत्ता के घने जंगल में मुठभेड़ की घटना सामने आई है। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (बैहर) आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि बीती रात मलाजखंड दलम के माओवादी ने सर्चिंग कर रहे सुरक्षा जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी माओवादियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। एक्सचेंज आफ फायर में 8-10 माओवादियों के शामिल होने की संभावना है। बता दें कि इस घटना के बाद पुलिस ने सर्चिंग तेज कर दी है। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के जवान कलकत्ता सहित आसपास के जंगल में सघन सर्चिंग अभियान चला रहे हैं। माओवादियों और सुरक्षा जवानों के बीच कितने राउंड फायर हुए, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। गौरतलब है कि 17 सितंबर की देर रात मलाजखंड दलम के माओवादियों ने लांजी के चौरिया निवासी देवेंद्र यादव को अगवा कर लिया था। मौके पर कुछ पर्चे भी छोड़े थे, जिसमें देवेंद्र को पुलिस का मुखबिर बताकर उसे मौत की सजा देने की बात लिखी थी। अगले दिन ग्रामीणों ने देवेंद्र का शव देखा था। इसी दिन माओवादियों ने परसवाड़ा के चीनी कुकड़ा मार्ग पर बैनर और पोस्टर टांगकर विशेष सहयोगी दस्ता भर्ती का विरोध जताया था। साथ में देवेंद्र को अगवा कर मौत की सजा देने की बात का उल्लेख किया था। पुलिस ने सर्चिंग और तेज कर दी माओवादी इन दिनों अपने संगठन की 20वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। हर साल 21 सितंबर से 20 अक्टूबर तक माओवादी इस वर्षगांठ पर जगह-जगह बैनर-पोस्टर टांगकर सरकार और पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों को बरगलाते हैं। मिशन 2026 को देखते हुए पुलिस ने भी सर्चिंग को और तेज कर दिया है।

वामपंथी समाजवादी दलों ने गांधी प्रतिमा पर दिया धरना, सराफा थाने पर किया प्रदर्शन

इंदौर शहर का सांप्रदायिक सद्भाव बिगाडने वालों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए वामपंथी समाजवादी दलों ने गांधी प्रतिमा पर दिया धरना, सराफा थाने पर किया प्रदर्शन इंदौर भाजपा और उससे जुड़े सांप्रदायिक संगठनों द्वारा शहर की फिजा को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है इसी कड़ी में एकलव्य सिंह गोड ने शीतला माता बाजार से मुस्लिम कर्मचारियों को निकाले जाने का फतवा जारी कर शहर के माहौल को बिगाड़ा है। इसको लेकर वामपंथी समाजवादी दल लगातार अभियान चला रहे हैं। गत दिनों इन दलों ने पुलिस आयुक्त को ज्ञापन देकर एकलव्य गोड के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग के बाद गांधी जयंती पर इन दलों और अन्य संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने गांधीपतिमा पर धरना दिया तथा सभा की।  उसके बाद कार्यकर्ता सराफा थाने पहुंचे और वहां पर करीब 1 घंटे तक प्रदर्शन कर एवं नारेबाजी के बाद में थाना प्रभारी और क्षेत्रीय सीएसपी को एकलव्य गोड के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व अरुण चौहान, रामस्वरूप मंत्री, रुद्रपाल यादव ,राहुल निहुरे, राजेंद्र यादव आदि ने किया।धरना प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी,भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी,सीपीएम  व श्रम संगठनों और अन्य जन संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लया। विरोध  सभा को सोहनलाल शिंदे ,रुद्रपाल यादव,  अरुण चौहान,  रामस्वरूप मंत्री,राजेंद्र यादव,  कैलाश लिंबोदिया, सीएल सरावत,   हरिओम सूर्यवंशी , विनीत तिवारी, राहुल निहोरे , अजीत केतकर, वास्कल एंथोनी, सफी शेख, परेश टोकेकर ,प्रमोद नामदेव, संदीप शर्मा  कविता सोलंकी ने संबोधित किया ।   सभा का संचालन  अरुण चौहान ने किया । इस मौके पर श्रम संगठन व जनसंगठन, सामाजिक संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल हुए । जिनमे अभय नीमा, भारतीय सामाजिक न्याय संगठन से सलीम शेख, हर्ष मरमट, रमेश झाला, पूनम खंडेलवाल, हरि मरमट, प्रकाश पाठक व अन्य प्रमुख कार्यकर्ता शामिल रहे। तत्पश्चात सभी कार्यकर्ता जत्था बनाकर पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री  की प्रतिमा स्थल पर गए और उनके न्याय प्रिय व उनके द्वारा दिए गए जय जवान जय किसान के नारे को बुलंद कर उन्हें याद किया गया। इसके बाद सभी कार्यकर्ता सराफा पुलिस थाना पहुंचे और प्रदर्शन किया ।पुलिस थाना प्रभारी आर के लिटोरिया से मिलकर उनके क्षेत्र शीतला माता बाजार वर्ग विशेष के लोगों को कार्य से बंद करने भाजपा नेता एकलव्य सिंह गोड के बयान को शहर के माहौल को खराब करने का बताया और उन पर एफआईआर दर्ज किए जाने कि मांग की।   औकार्यक्रम में मुख्य रूप से भागीरथ कछवाय,यूसुफ खान, काशीराम नायक ,फादर पायस, और अन्य अनेक साथियों ने हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश – राम परिक्रमा पथ और राम राजा लोक बने भव्य और अद्वितीय

राम पथ गमन, परिक्रमा पथ और राम राजा लोक का निर्माण भव्यता के साथ करें पूरा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के दृष्टिगत हों निर्माण कार्य मुख्यमंत्री ने की राम पथ गमन और ओरछा में  रामराजा लोक निर्माण की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के बाद पर्यटकों और श्रद्धालुओं का सारा फोकस चित्रकूट पर है। राम पथ गमन और राम राजा लोक के निर्माण कार्य भव्यता के साथ किये जाएं। साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को प्राथमिकता में रखें। सभी विभाग आपसी समन्वय और तालमेल के साथ प्रभावी कार्यवाही करें। समयबद्ध योजना के अनुसार आवंटित राशि का समुचित उपयोग करें और प्रबंधन कर सभी निर्माणाधीन कार्य समय-सीमा में पूरे करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राम पथ गमन निर्माण से पहले परिक्रमा पथ तैयार किया जाए, इससे देश-विदेश के पर्यटकों के बीच चित्रकूट का व्यापक प्रचार होगा। उन्होंने कहा कि चित्रकूट के घाटों पर पर्यटकों को आध्यात्मिक अनुभव होना चाहिए और हमारे सभी प्रयास इसी दिशा में आगे बढ़ने चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में राम पथ गमन कार्य योजना की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट में धार्मिक के साथ मेडिकल पर्यटन की भी सभी संभावनाएं विकसित करने के लिए ठोस कार्यवाही की जाए। चित्रकूट में उच्च कोटि का हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाया जाए। इससे चित्रकूट आने वाले पर्यटकों को सामान्य सहित आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने निवाड़ी जिले के ओरछा में भगवान  रामराजा लोक निर्माण की अद्यतन प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव  शिवशेखर शुक्ल, प्रमुख सचिव लोक निर्माण  सुखवीर सिंह, आयुक्त जनसम्पर्क  दीपक सक्सेना, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार  राम तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट के समग्र विकास के लिए सेवा के कामों से जुड़ी धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं को भी जोड़ा जाए। बड़ी कम्पनियों के सीएसआर फंड से भी चित्रकूट में सेवा गतिविधियां विकसित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट में परिक्रमा पथ जल्द से जल्द तैयार किया जाए। यहां सोमवती अमावस्या पर उमड़ने वाले श्रद्धालुओं की भारी तादाद के चलते भीड़ प्रबंधन की माइक्रो प्लानिंग की जाए। उन्होंने अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास को निर्देश दिए कि चित्रकूट नगर परिषद हैं, इसलिए वहां नगरीय विकास से जुड़े सभी काम प्राथमिकता से किए जाएं। चित्रकूट नगर का सौन्दर्यीकरण इस तरह से हो कि वह और भी अधिक सुंदर, नियोजित और व्यवस्थित हो जाए। अपर मुख्य सचिव संस्कृति एवं पर्यटन  शुक्ल ने बताया कि चित्रकूट में स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत 27.21 करोड़ रूपए, कामदगिरि परिक्रमा पथ के‍ विकास के लिए 36.84 करोड़ रूपए और स्मारक यज्ञ देवी सहित अन्य विकास कार्यों के लिए 72 लाख रूपए के निर्माण कार्य वर्तमान में संचालित हैं। इसी प्रकार ओरछा में राम राजा लोक निर्माण दोनों चरण सहित 7 विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं पर कुल 239.87 करोड़ रूपए से अधिक की लागत के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा मंत्रि-परिषद के निर्णय के अनुरूप राम पथ गमन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए राम पथ गमन न्यास का गठन किया गया है। इस न्यास में 33 सदस्य हैं, जिसमें 28 पदेन न्यासी एवं 5 अशासकीय न्यासी सदस्य की नियुक्ति 3 वर्ष के लिए की गई है। ये अशासकीय सदस्य राम के जीवनकाल संबंधी शोध से जुड़े विद्वत सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि इस न्यास में 5 विशेषज्ञों की भी नियुक्ति की जाएगी। अपर मुख्य सचिव संस्कृति ने बताया कि चित्रकूट में घाटों के विस्तार एवं जीर्णोद्धार तथा सौन्दर्यीकरण के लिए आसपास की निजी भूमि सहित अन्य आवश्यक भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग द्वारा चित्रकूट के समग्र विकास के लिए तैयार प्रस्ताव पर कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाएगा। पर्यटन स्थल विकास के लिए मझगवां में वन विभाग से भूमि हस्तांतरण की कार्यवाही सहित अमरकंटक में निजी और शासकीय भूमियों के चिन्हांकन की कार्यवाही भी शीघ्र पूर्ण की जाएगी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में राम पथ गमन क्षेत्र अंतर्गत आरंभिक रूप से मध्यप्रदेश में 9 जिलों के अंतर्गत 23 स्थान चिन्हित किये गये हैं। कार्ययोजना में इन चिन्हित 23 स्थलों की विकास कार्य योजना प्रारूप, कॉन्सेप्ट मास्टर प्लान, वास्तुविद डिजाइन, ड्रॉइंग्स इत्यादि के निर्धारण हेतु म.प्र. पर्यटन विकास निगम द्वारा निविदा प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि कामदगिरि परिक्रमा मार्ग विकास कार्ययोजना के अंतर्गत 36.84 करोड़ के कार्य और बृहस्पति कुंड, जिला पन्ना में 7.96 करोड़ की लागत से विकास कार्य एवं कैंटिलीवर ग्लास ब्रिज का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। शरभंग आश्रम, सतना में 92.78 लाख की लागत से संरक्षण एवं विकास कार्य पूर्ण हो चुके हैं और अगस्त्य मुनि आश्रम, जिला पन्ना में 3.95 करोड़ की लागत से विकास कार्य भी पूरे हो चुके हैं। अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ने बताया कि नगर परिषद चित्रकूट एवं म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी द्वारा पिछले 10 वर्षों में 25.46 करोड़ रूपये के विकास कार्य पूर्ण कराए गए है। नगर परिषद चित्रकूट में 80.33 करोड़ के विकास कार्य प्रगतिरत हैं एवं 34.21 करोड़ के विकास कार्य अभी प्रस्तावित हैं। उन्होंने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा 'राम पथ गमन' स्थल की प्लान कनेक्टिविटी के मुताबिक लोक निर्माण विभाग एवं आरआरडीए द्वारा सड़कों का निर्माण और उन्नयन सुनिश्चित किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव पर्यटन  शुक्ला ने बताया कि अमरकंटक में भारत सरकार की प्रसाद योजना के तहत चल रहे कार्य पूर्ण किये जा रहे हैं। इन पूर्ण कार्यों को स्थानीय निकाय/ट्रस्ट समिति द्वारा संचालन के लिए आवश्यक कार्यवाही भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अमरकंटक में 50 करोड़ रुपये की लागत के कार्य पूरे हो चुके हैं। प्रमुख सचिव लोक निर्माण  सुखवीर सिंह ने बताया कि वर्तमान में लोक निर्माण विभाग द्वारा 34.30 कि.मी. सड़कों के निर्माण पर 117.79 करोड़ के प्रस्ताव है। इनमें से  राम पथ गमन के 7.5 कि.मी. मार्गों की प्रशासकीय स्वीकृति लेकर निविदा आमंत्रित की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि 14 कि.मी. लंबाई के मार्ग की प्रशासकीय स्वीकृति … Read more

1912 सेवा का विस्तार: अब एक साथ 5 कॉल्स की सुविधा, 18 लाख से अधिक शिकायतों का समाधान

भोपाल  मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के केंद्रीयकृत कॉल सेंटर1912 का विस्‍तार किया गया है। अब एक समय में पांच उपभोक्‍ताओं के कॉल अटेंड किए जा सकेंगे ताकि उपभोक्‍ताओं को लंबी वेटिंग नहीं मिलेगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  क्षितिज सिंघल ने बताया कि विद्युत अधोसंचारना का उचित रखरखाव कर उपभोक्ताओं को अनवरत एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत प्रदाय करने के उद्देश्य से यह विस्‍तार किया गया है। कंपनी में आनेवाली हर शिकायत का बारीकी से निरीक्षण कर उसका तत्‍काल निराकरण किया जाता है। आई. व्ही.आर., व्हाट्स एप चेट वॉट, उपाय एप के साथ ही कंपनी पोर्टल पर वित्तीय वर्ष 2024-25 यानि अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक 18 लाख 13 हजार 526 शिकायतों को सफलता पूर्वक दर्ज कर उनका निराकरण किया गया। यह संख्‍या विगत वर्ष से 2 लाख 99 हजार 918 अधिक है। केंद्रीयकृत कॉल सेंटर द्वारा प्रतिदिन 500 उपभोक्ताओं का फीडबेक लेते हुए उक्त अवधि में 1 लाख 93 हजार 756 उपभोक्ताओं से फीडबेक लिया गया, जिसका संतुष्टि प्रतिशत 99.80 प्रतिशत रहा। गौरतलब है कि कंपनी द्वारा उच्च दाब उपभोक्ताओं की विद्युत संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिये 1912 कॉल सेंटर एवं उपाय एप के माध्यम से दर्ज की जा रही है। उपभोक्ताओं से बेहतर संपर्क स्थापित करने के उद्देश्य से एक संयोजन पर अधिकतम 5 मोबाइल नंबर पंजीकृत करने की सुविधा भी शुरू की गई है। शिकायतें दर्ज करने के लिये कंपनी द्वारा अपनी 24×7 और 1912 कॉल सेंटर सेवाओं का जिला मुख्यालयों से अतिरिक्त विस्तार करते हुए गत वित्त वर्ष में 12 निम्न दाब एवं 4 उच्च दाब एफ.ओ.सी. का गठन किया गया। साथ ही चालू वित्तीय वर्ष में भी 6 निम्न दाब एवं 3 उच्च दाब नवीन एफ.ओ.सी. का गठन किया गया है। कंपनी द्वारा वर्षा काल में उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिये स्थायी एफ.ओ.सी. के अतिरिक्त 31 अस्थाई एफ.ओ.सी. टीमों का गठन कर विभिन्न वृतों में संचालन किया जा रहा है। कंपनी के केंद्रीयकृत कॉल सेंटर द्वारा गत वित्तीय वर्ष में उपभोक्ताओं से प्राप्त 1 करोड़ 3 लाख 98 हजार 28 कॉल्स मे से 1 करोड़ 2 लाख 79 हजार 989 कॉल्स को सफलता पूर्वक सुना गया, जो गत वित्तीय वर्ष 22 लाख 33 हजार 998 अधिक है।  

मुरैना में सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना ऐतिहासिक, ₹2.70 प्रति यूनिट की रिकॉर्ड दर: मंत्री शुक्ला

मुरैना  नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने मीडिया से चर्चा में शुक्रवार को कहा है कि सोलर प्लस स्टोरेज मुरैना परियोजना ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश मुरैना में अपनी पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना विकसित कर रहा है, जिसमें रु 2.70 प्रति यूनिट का ऐतिहासिक टैरिफ प्राप्त हुआ है। यह भारत में पहली बार है कि किसी फर्म और डिसपेचेबल रिएन्युबल एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए रु 3 प्रति यूनिट से कम टैरिफ हासिल किया गया है। मंत्री  शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुरैना प्रोजेक्ट में प्राप्त सफलता के आधार पर लंबे समय की ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के लिए प्रतिबद्धता जताई है। इस बात पर संतोष जताया गया कि परियोजना में प्राप्त न्यूनतम टैरिफ प्रदर्शित करता है कि नवकरणीय ऊर्जा भी डिस्कॉम के लिए अधिक किफायती हो सकती है। मंत्री  शुक्ला ने कहा कि सोलर स्टोरेज प्रोजेक्ट मुरैना की विशेषता है कि इसके द्वारा सामान्य सौर घंटों एवं पीक घंटों के दौरान समान स्तर की विद्युत आपूर्ति की जाएगी। देश की पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना है, जिसमें 95 प्रतिशत पीक आपूर्ति की सुनिश्चित वार्षिक उपलब्धता है। साथ ही टैरिफ भी न्यूनतम 2.70 प्रति यूनिट है। अब तक सबसे कम टैरिफ रु 3.09 प्राप्त हुआ था, जो शाम को 2 पीक ऑवर्स में अनुबंधित सौर क्षमता के केवल 50 प्रतिशत की आपूर्ति एवं 85 प्रतिशत वार्षिक उपलब्धता के लिये था। मंत्री  शुक्ला ने बताया कि विगत 19 सितंबर, 2025 को हुई ई-रिवर्स नीलामी में प्राप्त दर आगामी 25 वर्षों के लिए निर्धारित हुई है। यह ₹ 2.70 प्रति kWh के ऐतिहासिक टैरिफ के साथ संपन्न हुई है। यह पूरे भारत में FDRE निविदाओं के लिए एक मील का पत्थर है। निविदा में 16 बोलीदाताओं के साथ वैश्विक भागीदारी देखी गई, जिसमें बोली क्षमता की खरीद की जाने वाली बोली क्षमता का लगभग 10 गुना था। नीलामी में एक्मे सोलर होल्डिंग्स, अदानी रिन्यूएबल, एम्पिन एनर्जी, अप्रावा एनर्जी, सीगल इंडिया लिमिटेड, दिलीप बिल्डकॉन, एंजी एनर्जी, गोल्डी सोलर, एमबी पॉवर, एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी, पावर मेक, पूर्वा ग्रीन, रिन्यू सोलर, सेरेंटिका रिन्यूएबल्स, शिवालय कंस्ट्रक्शन्स और वारी फॉरएवर एनर्जीज सहित प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल रही। मंत्री  शुक्ला ने बताया कि मुरैना परियोजना भारत की एनर्जी ट्रांजिशन में एक नया मोड़ है; उम्मीद है कि इस तरह के उत्साहजनक परिणाम देश को कोयला आधारित बिजली की तुलना में नवकरणीय ऊर्जा सहित ऊर्जा भंडारण का चयन करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे, जिससे देश के स्वच्छ ऊर्जा के भविष्य को बल मिले। उन्होंने कहा कि क्लीन एनर्जी की दिशा में बढ़ने के लिए यह बड़ा कदम है। अब दिन के समय सोलर से पैदा होने वाली बिजली से प्रोजेक्ट के साथ स्थापित की गई विशाल बैटरी को चार्ज किया जाएगा। सूर्यास्त के बाद शाम को इसी बैटरी से बिजली की सप्लाई हो जाएगी। डिस्चार्ज बैटरी को मध्यरात्रि बाद सबसे कम दरों में मिलने वाली सस्ती ग्रिड पॉवर (थर्मल, जल या पवन) से फिर चार्ज किया जाएगा। सुबह के समय फिर बैटरी से सप्लाई दी जाएगी। मंत्री  शुक्ला ने बताया कि जिस तरह घरों में बिजली जाने के बाद इनवर्टर काम आते हैं बैटरी बैकअप रहता है ठीक उसी तरह अब सोलर के बड़े प्रोजेक्ट काम करेंगे। मुरैना पार्क में दो सोलर प्लस बैटरी भंडारण इकाइयां शामिल मंत्री  शुक्ला ने बताया कि मुरैना पार्क में दो सोलर प्लस बैटरी भंडारण इकाइयां शामिल है। प्रत्येक इकाई से तीनों अवधियों में 220 मेगावाट बिजली की आपूर्ति होगी : (i) real time solar (220 मेगावाट तक), (ii) शाम के पीक ऑवर्स के दौरान 2 घंटे (बैटरी चार्ज करने के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा) और (iii) सुबह के पीक ऑवर्स के दौरान 2 घंटे (बैटरी चार्ज करने के लिए रात्रि के समय सस्ती ग्रिड पॉवर का उपयोग किया जाएगा)। इस पार्क को रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (रमसल) द्वारा क्रियान्वित किया गया है। रमसल पहले भी प्रतिष्ठित नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को विकसित किया है। सफल निविदादाता Ceigall India Limited और Acme Solar Holdings Limited हैं, जिनके टैरिफ यूनिट 1 और यूनिट 2 के लिए क्रमशः रु 2.70 और रु 2.764 प्रति यूनिट हैं। इस नीलामी में प्राप्त टैरिफ से स्पष्ट है कि डिस्पेचेबल नवकरणीय ऊर्जा (बैटरी भंडारण के साथ सौर ऊर्जा के संयोजन से सक्षम) कोयला आधारित बिजली की तुलना में अधिक किफायती हो गई है। रमसल द्वारा परियोजना को निविदा से पहले निवेश के लिए तैयार किया गया। इंटरनेशनल फायनेंस कॉर्पोरेशन द्वारा ट्रांजेक्शन एडवाइजर के रूप में मध्यप्रदेश में तैयार की गई जोखिम मुक्त परियोजनाओं ने समय-समय पर प्रमाणित किया है कि बैंकेबल अनुबंध, पूरी तरह से भूमि एकत्रीकरण, सक्रिय पारेषण योजना, वित्त पोषण और अनुबंध सहित साइट तैयार करना, पर्यावरण और सामाजिक जोखिमों को पर्याप्त रूप से कम करना, साथ ही एक पारदर्शी और विकासक अनुकूल निविदा प्रक्रिया के परिणामस्वरूप बेहतर मूल्य निर्धारण से उल्लेखनीय बचत होती है। मंत्री  राकेश शुक्ला ने चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए मुरैना परियोजना को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।  

कमिश्नर-कलेक्टर कांफ्रेंस के लिए तैयारियां पूर्ण, दिशानिर्देश किए गए जारी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 7 एवं 8 अक्टूबर 2025 को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर भोपाल में होने वाली कमिश्नर-कलेक्टर कॉन्फ्रेंस संबंधी दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। विषय संयोजक को प्रस्तुति के लिए अधिकतम 20 मिनट मिलेंगे और प्रत्येक क्षेत्र में राज्य सरकार की प्राथमिकताएं बतायी जायेंगी। राज्य सरकार के विजन के अनुरूप केन्द्र और राज्य सरकार की क्षेत्रीय प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों में सर्वश्रेष्ठ 5 और कमजोर 5 जिलों की समीक्षा की जायेगी। कांन्फ्रेंस में कलेक्टरों के सुझावों पर ध्यान केन्द्रित कर आने वाली विशिष्ट समस्याएं और मुद्दे तथा जिला स्तर पर उस क्षेत्र के साथ अन्य किसी क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए नवाचार पर चर्चा की जायेगी। मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय और योजना विभाग चुनिंदा कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे। स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और नवाचार तथा जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर सार्वजनिक संवाद (जन संवाद) वीसी के माध्यम से इच्छित परिणाम प्राप्ति पर चर्चा होगी। जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन, लोगों के लिए सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तक आसान पहुंच और पहलों के बारे में जागरूकता पर चर्चा होगी। सभी 8 सेक्टरों के लिए 75 मिनट का सत्र समय रखा गया है। कांफ्रेंस का उदघाटन सत्र 7 अक्टूबर की सुबह 10 बजे से 10:30 बजे तक सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा परिचय, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव  अनुराग जैन के संबोधन से होगा। सत्र में संयोजक कृषि उत्पादन आयुक्त, सदस्य कृषि/बागवानी/पशु चिकित्सा/सहकारी द्वारा कलेक्टर्स के बीच कृषि एवं संबद्ध विषयों पर चर्चा की जायेगी। दूसरे सत्र में प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य सदस्य सचिव डब्ल्यूपीसी, निदेशक एनएचएम कलेक्टर्स के बीच स्वास्थ्य एवं पोषण पर चर्चा केन्द्रित होगी। तीसरे सत्र में प्रमुख सचिव उद्योग, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, वित्त विभाग द्वारा कलेक्टर्स के बीच रोजगार, उद्योग और निवेश चर्चा पर रहेगा। चौथे सत्र में संयोजक अपर मुख्य सचिव-शहरी द्वारा शहरी विषयों पर चर्चा होगी और पांचवे सत्र के दौरान संयोजक अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन, अपर मुख्य सचिव वित्त/ प्रमुख सचिव राजस्व/विधि द्वारा सुशासन पर चर्चा होगी। कॉन्फ्रेंस में 8 अक्टूबर की गतिविधियों के अंतर्गत सुबह 9:30 से 10:15 बजे तक मुख्य सचिव अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, आयुक्त जनसंपर्क द्वारा अपेक्षाओं के साथ विविध चर्चाएँ की जायेंगी। कॉन्फ्रेंस के छठवें सत्र में संयोजक प्रमुख सचिव-स्कूल शिक्षा, प्रमुख सचिव जनजाति कार्य चर्चा करेंगे। सातवें सत्र में प्रमुख सचिव पीएचई/प्रमुख सचिव जनजाति कलेक्टर्स के बीच रिसर्च और विकास एवं जनजातीय गतिविधियों पर चर्चा करेंगे। आठवें सत्र में नियम और कानून पर चर्चा होगी।