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राज्यमंत्री गौर ने प्रतिमा का अनावरण कर अर्पित की पुष्पांजलि

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर की जन्म जयंती पर मंगलवार को वार्ड 54 के साकेत नगर स्थित 'बाबूलाल गौर पार्क' में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान का स्मरण किया। राज्यमंत्री  कृष्णा गौर ने कहा कि श्रद्धेय 'बाबूजी' का संपूर्ण जीवन जनसेवा और प्रदेश के विकास के लिए समर्पित रहा। उन्होंने भोपाल और विशेषकर गोविंदपुरा क्षेत्र के विकास को जो नई दिशा दी है, वह हम सभी के लिए एक महान आदर्श है। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि उनकी यह प्रतिमा हमें सदैव उनके द्वारा किए गए जन-कल्याणकारी कार्यों, उनके संघर्षपूर्ण जीवन और जमीन से जुड़े नेता के रूप में उनकी सादगी की प्रेरणा देती रहेगी। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि बाबूजी के सपनों का गोविंदपुरा क्षेत्र और एक उन्नत मध्यप्रदेश बनाने के लिए हम उनके बताए मार्ग पर निरंतर जनसेवा का कार्य करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि स्व. गौर जी ने अपना पूरा जीवन समाज के वंचित वर्गों और आम जनता के उत्थान में लगा दिया। उनके यही विचार और जनहितैषी नीतियां हमारी सबसे बड़ी धरोहर हैं। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पार्षदगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। राज्यमंत्री  गौर ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर की जयंती के अवसर पर भेल स्थित बाबूलाल स्नातकोत्तर शासकीय महाविद्यालय में आयोजित सेमिनार में शामिल हुईं। उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ की। इस दौरान उन्होंने स्व. बाबूलाल गौर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर की स्मृति में पौधारोपण भी किया।  

सूखे पेयजल स्रोतों की करायें जांच, नल जल योजनाएं बिना किसी बाधा के हो संचालित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नागरिकों को समुचित पेयजल आपूर्ति हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नागरिकों को पर्याप्त और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। गर्मी के मौसम और बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था की सतत् निगरानी की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि जहां जैसी आवश्यकता हो, वहां वैसी त्वरित व्यवस्थाएं की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में जल अभाव की स्थिति बन रही है, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू कर पानी उपलब्ध कराया जाए। बैठक में पीएचई की मैदानी योजनाओं एवं पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  सम्पत्तिया उइके ने बताया कि विभाग तेजी से अपनी लक्ष्य पूर्ति की ओर बढ़ रहा है। मार्च 2028 से पहले प्रदेश में हर घर नल से जल के उद्देश्य से जल जीवन मिशन का काम पूरा कर लिया जायेगा। मिशन का 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। उज्जैन राजस्व संभाग सहित प्रदेश के 11 जिलों में जल जीवन मिशन का शत् प्रतिशत कार्य हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शत-प्रतिशत कार्य करने वाले ऐसे गांवों/ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन/सम्मानित किया जाये, जिन्होंने बेहतर तरीके से नल जल योजनाओं का संचालन/संधारण किया। मंत्री  उइके ने बताया कि बोरवेल में गिरने से होने वाली आकस्मिक दुर्घटनाओं/मृत्यु को रोकने के लिए प्रदेश में बोरवेल अधिनियम बनाया गया है। ऐसा अधिनियम बनाने वाला मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है। उन्होंने विभागीय संरचना और गतिविधियों को अधिक बेहतर बनाने के लिए विभाग के सिविल विंग, मैकेनिकल विंग और जल निगम को एकीकृत करने का सुझाव दिया। मंत्री  उइके बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान- 2026 में डिंडोरी और मंडला जिले में 8 हजार से अधिक एकल ग्राम नल जल योजनाओं पर काम पूरा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि इस काम को 'कर्म स्थान से जन्म स्थान की ओर' अवधारणा से जोड़ा जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में जल आपूर्ति व्यवस्था एवं अधोसंरचनात्मक विकास के लिए केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से तत्काल समन्वय करें। केन्द्र सरकार से मध्यप्रदेश को जल जीवन मिशन अन्तर्गत लगभग 5 हजार करोड़ रुपये का आवंटन प्राप्त होना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री  सीआर पाटिल ने मध्यप्रदेश को यह आवंटन जारी करने की सहमति दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से राज्य में ऐसा मैकेनिज्म तैयार करने को कहा जिससे कि सभी नलजल योजनाएं बिना किसी बाधा के संचालित होती रहे। उन्होंने कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जल बचाने वाले और इस पुनीत कार्य में सहयोग देने वालों का राज्य एवं जिला स्तर पर सम्मान कार्यक्रम आयोजित करें। बताया गया कि विभाग द्वारा जल महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसमें प्रदेश में एकल एवं समूह नल जल योजना के संचालन एवं प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल महोत्सव कार्यक्रम को जल गंगा संर्वधन अभियान के साथ जोड़ने और जल बचाने के लिए अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। जल गंगा संर्वधन अभियान के तहत विभाग द्वारा ग्रामीण, शहरी एवं स्कूलों में स्थापित जल स्रोतों की वाटर टेस्टिंग की जा रही है। साथ ही हैंडपंपों की जांच एवं नल जल योजना के ऑपरेटर्स को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल स्रोतों के लिए पीएचई केवल टयूबवेल जैसे माध्यम पर ही आश्रित न रहे। जल स्रोत के रूप में तालाब सरोवर निर्माण से कई लाभ होंगे। इससे जल संरक्षण के साथ जल स्तर में वृद्धि होगी। क्षेत्र में वॉटर रिचार्जिंग बढ़ेगी। जल संग्रहण क्षमता बढ़ने के साथ ही नल-जल योजना के संचालन के लिए स्थायी जल संरचना भी उपलब्ध हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कार्य में म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिसर (मैपकास्ट) की विशेषज्ञ सेवाओं का भी लाभ लें। प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी  मनीष सिंह ने बताया कि विभागीय स्तर पर पेयजल आपूर्ति की गहन मॉनीटरिंग की जा रही है। प्रदेश के ग्रामीण अंचलों के साथ ही नगरीय क्षेत्रों में भी पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया गया है। पेयजल आपूर्ति में आ रही समस्या की सूचना मिलते ही उसे तत्काल दूर किया जा रहा है। पेयजल से निर्माण कार्य करने वालों पर सख्ती की जा रही है। उन्होंने बताया कि म.प्र. जल निगम के समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं के संचालन एवं संधारण खर्चे को कम करने के लिए प्रदेश में सौर ऊर्जा एवं पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित की जा रही हैं। पीएचई सोलर एण्ड विंड एनर्जी का बल्क यूजर है। प्रमुख सचिव  सिंह ने बताया कि प्रदेश में दिसम्बर 2023 से अब तक 16.50 लाख से अधिक  क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन दिये गये, साथ ही 15 हजार 238 नवीन नलकूप/हैंडपंप भी स्थापित किये गये। प्रदेश के 14 हजार 200 गांवों में जल प्रदाय व्यवस्था का शत् प्रतिशत काम पूरा कर इन्हें हर घर जल घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 1 करोड़ 11 लाख से अधिक परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के करीब 75 प्रतिशत परिवारों को नल से जल के तहत कवर कर लिया गया है।   म.प्र. जल निगम के प्रबंध संचालक  वी.एस. कोलसानी ने बताया कि उज्जैन राजस्व संभाग की एकल ग्राम नल जल योजनाओं के काम पूरे कर लिये गये है। यहां 7 लाख 9 हजार 65 परिवारों को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन दे दिए गये है। प्रदेश की 155 प्रयोगशालाओं को एनएबीएल से प्रमाणित करा लिया गया है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं की उपयोगिता के आंकलन और हितग्राहियों से शिकायतें/सुझाव प्राप्त कर उनका निराकरण करने के लिए ऑनलाइन जल दर्पण पोर्टल भी तैयार किया गया है। उन्होंने बताया गया कि विभाग में प्रचलित प्रमुख विकास योजनाओं के लिए वर्ष 2026-27 के लिए 5 हजार करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। जल जीवन मिशन का कार्य तेजी से … Read more

मुंबई पुणे मिसिंग लिंक – बिना सरकारी बोझ के 6600 करोड़ की परियोजना! महाराष्ट्र के फाइनेंस मॉडल से सीख लेगा मध्यप्रदेश

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विकासवादी सोच को धरातल पर उतरने के लिए मंत्री राकेश सिंह की अध्यक्षता में लोक निर्माण विभाग का 14 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल 1 और 2 जून को महाराष्ट्र और गुजरात अध्ययन यात्रा पर गया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र की मेगा सड़क परियोजनाओं, उनके वित्तीय मॉडल, सड़क विकास की दीर्घकालीन रणनीति और भास्कराचार्य संस्थान के सहयोग से तैयार की गई डिजिटल गवर्नेंस तथा रियल-टाइम मॉनिटरिंग प्रणालियों विस्तार से चर्चा की। मध्यप्रदेश में सड़क और पुल निर्माण को केवल निर्माण कार्य तक सीमित न रखकर उसे आर्थिक विकास, पर्यटन, सड़क सुरक्षा और आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में लोक निर्माण विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसी उद्देश्य से यह अध्ययन यात्रा बहुत महत्वपूर्ण है बताई जा रही है। प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग  सुखबीर सिंह, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक  भारत यादव, भवन विकास निगम के प्रबंध संचालक  सिबी चक्रवर्ती, विभाग के प्रमुख अभियंता  के.पी.एस. राणा एवं  एसआर बघेल तथा वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सोच को धरातल पर उतारने का प्रयास अध्ययन दौरे का उद्देश्य केवल अन्य राज्यों की परियोजनाओं को देखना नहीं था, बल्कि यह समझना भी था कि सड़कों को आर्थिक विकास, निवेश, पर्यटन, सड़क सुरक्षा और डिजिटल प्रबंधन से कैसे जोड़ा जाए। लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश तेजी से विकसित हो रहा है। प्रदेश में बड़ी संख्या में सड़क, पुल और भवन निर्माण परियोजनाएं चल रही हैं। ऐसे समय में देश के अग्रणी राज्यों के अनुभवों का अध्ययन कर उन्हें मध्यप्रदेश की परिस्थितियों के अनुरूप लागू करना आवश्यक है। पहला दिन : महाराष्ट्र में मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल का अध्ययन एवं मुख्यमंत्री  देवेंद्र फडणवीस से सौजन्य भेंट प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री  देवेंद्र फडणवीस से सौजन्य भेंट की। बैठक में अधोसंरचना विकास, बड़े प्रोजेक्ट्स के वित्तीय प्रबंधन, भूमि अधिग्रहण की चुनौतियों, परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की रणनीति और राज्यों के बीच बेहतर संपर्क व्यवस्था जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री  फडणवीस ने बताया कि बड़ी परियोजनाओं की सफलता केवल धन उपलब्ध होने से नहीं होती, बल्कि उसके लिए स्पष्ट लक्ष्य, इनोवेटिव फाइनेंस मौडलिंग, तेज निर्णय प्रक्रिया और लगातार निगरानी आवश्यक होती है। बैठक में मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ने वाले राज्य राजमार्गों और प्रमुख मार्गों के संयुक्त विकास पर भी सहमति बनी। निर्णय लिया गया कि मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) और महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) मिलकर सीमावर्ती मार्गों के विकास की कार्ययोजना तैयार करेंगे। इससे दोनों राज्यों के बीच व्यापार, उद्योग, पर्यटन और परिवहन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद MSRDC के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध संचालक डॉ. अनिलकुमार गायकवाड़, संयुक्त प्रबंध संचालक  राजेश पाटिल,  लक्ष्मीनारायण मिश्रा तथा  राजेश निघोट ने महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम के मुख्यालय में विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मेगा इन्फ्रस्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और फाइनैन्सिंग मॉडेल्स की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र में लगभग 3.5 लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क है, जिसका संचालन और रखरखाव लोक निर्माण विभाग तथा महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम मिलकर करते हैं। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के महत्वपूर्ण मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर उन्हें "कोर रोड नेटवर्क" घोषित किया है। इन्हें वर्ष 2047 तक चरणबद्ध तरीके से विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। MSRDC ने बताया कि कोर रोड नेटवर्क को दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है     ग्रोथ कॉरिडोर ये ऐसे मार्ग हैं जो उद्योग, व्यापार, कृषि और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं। इन मार्गों पर बेहतर सड़कें बनने से उद्योगों तक कच्चा माल जल्दी पहुंचता है, किसानों की उपज तेजी से बाजार तक पहुंचती है और नए निवेश आकर्षित होते हैं।     टूरिज्म कॉरिडोर ये ऐसे मार्ग हैं जो प्रमुख पर्यटन स्थलों को जोड़ते हैं। अधिकारियों ने बताया कि अच्छी सड़कें केवल यात्रा को आसान नहीं बनातीं बल्कि पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करती हैं। प्रतिनिधिमंडल ने इस मॉडल का विशेष अध्ययन किया क्योंकि मध्यप्रदेश में भी धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की बड़ी संख्या है। समृद्धि महामार्ग का वित्तीय मॉडल बना आकर्षण का केंद्र बैठक में महाराष्ट्र की प्रमुख परियोजनाओं और उनके वित्तीय मॉडल पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेष रूप से समृद्धि महामार्ग के लिए अपनाई गई वित्तीय रणनीति ने मध्यप्रदेश के अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। अधिकारियों ने बताया कि किस प्रकार एसेट सिक्योरिटाइजेशन, वैकल्पिक वित्त पोषण और दीर्घकालिक वित्तीय योजना के माध्यम से बड़े प्रोजेक्ट्स को बिना अतिरिक्त वित्तीय दबाव के पूरा किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी समझा कि भविष्य की परियोजनाओं के लिए केवल बजटीय प्रावधानों पर निर्भर रहने के बजाय नए वित्तीय विकल्पों का उपयोग कैसे किया जा सकता है। अटल सेतु का अध्ययन प्रतिनिधिमंडल अटल सेतु परियोजना के भ्रमण किया। समुद्र के ऊपर निर्मित यह पुल आधुनिक भारत की इंजीनियरिंग क्षमता का प्रतीक माना जाता है। अधिकारियों ने परियोजना की निर्माण तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, रखरखाव व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और वित्तीय मॉडल की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने जाना कि इतनी बड़ी परियोजना में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय किस प्रकार स्थापित किया गया और समय-सीमा का पालन कैसे सुनिश्चित किया गया। मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक : इंजीनियरिंग का अद्भुत उदाहरण अटल सेतु के बाद प्रतिनिधिमंडल मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे की मिसिंग लिंक परियोजना के अध्ययन के लिए पहुंचा। यह परियोजना देश की सबसे जटिल सड़क परियोजनाओं में से एक मानी जाती है। अधिकारियों ने बताया कि यहां निर्मित सुरंग विश्व की सबसे चौड़ी सुरंगों में शामिल है। इसके साथ भारत का सबसे ऊंचा केवल-स्टे (Cable Stayed) पुल भी इस परियोजना का भाग है। परियोजना की कुल लागत लगभग 6600 करोड़ रुपये है। सबसे रोचक तथ्य यह रहा कि इस परियोजना के वित्तपोषण के लिए महाराष्ट्र सरकार को अलग से वित्तीय बोझ नहीं उठाना पड़ा। इसका पूरा वित्तीय प्रबंधन मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे से प्राप्त टोल राजस्व के आधार पर किया गया। लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने इसे एक अनुकरणीय मॉडल बताते हुए कहा कि भविष्य में मध्यप्रदेश की बड़ी परियोजनाओं के लिए भी ऐसे नवाचारी वित्तीय विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। प्रतिनिधिमंडल ने बांद्रा-वर्ली सी लिंक का भी भ्रमण किया। यहां अधिकारियों ने परियोजना के संचालन, रखरखाव, परिसंपत्ति … Read more

आईटीआई प्रवेश अभियान को जनआंदोलन बनाने के निर्देश, हर प्रशिक्षणार्थी को रोजगार से जोड़ने पर जोर

भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल ने प्रदेश के सभी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के संयुक्त संचालकों, प्राचार्यों एवं विभागीय अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक कर आगामी प्रवेश सत्र, प्रशिक्षण गुणवत्ता, परीक्षाओं की तैयारियों तथा रोजगार एवं प्लेसमेंट गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में संचालक कौशल विकास संचालनालय  बसंत कुर्रे एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी एमपीएसएसडीईजीबी  गिरीश शर्मा भी उपस्थित रहे। बैठक में मंत्री  टेटवाल ने एसएसआर ग्लोबल स्किल्स पार्क के उन प्रशिक्षणार्थियों के अभिभावकों से संवाद किया, जिनका चयन प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह एसआरएफ लिमिटेड की अंतर्राष्ट्रीय इकाई में हुआ है। जुलाई 2024 बैच के तीन प्रशिक्षणार्थी वर्तमान में कंपनी की हंगरी स्थित इकाई में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मंत्री  टेटवाल ने इसे मध्यप्रदेश की कौशल विकास व्यवस्था की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। उन्होंने चयनित प्रशिक्षणार्थियों एवं उनके परिवारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सफलता अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। मंत्री  टेटवाल ने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास को रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गत वर्ष संचालित “चलो आईटीआई अभियान” के सकारात्मक परिणाम सामने आए थे और उपलब्ध सीटों पर 95 प्रतिशत से अधिक प्रवेश सुनिश्चित हुए थे। इस वर्ष प्रदेश के आईटीआई संस्थानों में लगभग 55 हजार से अधिक सीटें उपलब्ध हैं तथा लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में और अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने का है। इसको भी शत-प्रतिशत प्राप्त किया जाए। मंत्री  टेटवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईटीआई में उपलब्ध रोजगार, स्वरोजगार, अप्रेंटिसशिप एवं उच्च शिक्षा के अवसरों की जानकारी युवाओं और अभिभावकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए। साथ ही सफल प्रशिक्षणार्थियों की प्रेरक कहानियों को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाए, जिससे अधिक से अधिक युवा तकनीकी एवं कौशल शिक्षा की ओर आकर्षित हों। बैठक में आगामी एनसीवीटी एवं एससीवीटी परीक्षाओं की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मंत्री  टेटवाल ने प्रशिक्षण अधिकारियों से कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए तथा परीक्षा पूर्ण होने के बाद प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी को रोजगार, अप्रेंटिसशिप, उच्च शिक्षा अथवा ग्लोबल स्किल्स पार्क जैसी उन्नत प्रशिक्षण व्यवस्थाओं से जोड़ने के लिए संस्थागत स्तर पर विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि कौशल प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर एवं रोजगार सक्षम बनाना है और इस दिशा में सभी संस्थानों को परिणाम आधारित कार्यप्रणाली अपनानी होगी।  

छात्राओं की सुरक्षा और अधिकारों पर विशेष फोकस, जनजातीय बालिकाओं को दी जा रही जानकारी

जनजातीय छात्राओं को सुरक्षा और अधिकारों के प्रति किया जा रहा जागरूक रक्षा सखी अभियान के तहत बड़वानी पुलिस दे रही महिला सुरक्षा, साइबर अपराध एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी भोपाल जनजातीय छात्राओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा एवं आत्मरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से बड़वानी पुलिस द्वारा “रक्षा सखी” अभियान चला रही है। अभियान के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। कार्यक्रम में छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों एवं साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी प्रदान की जा रही है। बड़वानी पुलिस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को अनुसूचित जनजाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना तथा महिला संबंधी अपराधों के बारे में विस्तार से अवगत कराया जा रहा है। साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं के संरक्षण के लिए बनाए गए कानूनी प्रावधानों की जानकारी देकर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बड़वानी के पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ला ने बताया है कि कार्यक्रम में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव एवं डिजिटल सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी जा रही है। इसके अलावा यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया जा रहा है। छात्राओं को आत्मरक्षा, आत्मविश्वास एवं किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में पुलिस सहायता प्राप्त करने के उपायों की जानकारी देते हुए उन में आत्म विश्वास पैदा किया जा रहा है। इस दौरान महिला हेल्पलाइन 1090, साइबर हेल्पलाइन 1930, डायल-112 तथा अन्य पुलिस सहायता सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका प्रभावी उपयोग किया जा सके। कार्यक्रम में छात्राओं की महिला सुरक्षा और जागरूकता से जुड़े विषयों पर सक्रिय सहभागिता दिखाई दे रही है तथा स्वयं को सुरक्षित, जागरूक और सशक्त बनाने का संकल्प भी कराया जा रहा है। बड़वानी पुलिस का “रक्षा सखी” अभियान जनजातीय एवं ग्रामीण अंचलों की बालिकाओं और महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बन रहा है।  

राजा भोज की कर्मस्थली धार में होगी भोज शोध संस्थान की स्थापना

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धार स्थित भोजशाला परिसर में राज्य सरकार भव्य सरस्वती लोक बनायेगी, यहाँ राजा भोज संस्थान की स्थापना भी की जायेगी। राजा भोजपाल द्वारा स्थापित यह भोजशाला सदियों तक ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान और संस्कृत भाषा का सबसे प्रखर केन्द्र रहा है। यहाँ दूर-दूर से विद्यार्थी और विद्वान ज्ञान अर्जित करने और शास्त्रों पर विमर्श करने आते थे। राज्य सरकार भोजशाला के उसी गौरवशाली अतीत को पुनर्जीवित करने के लिए सभी जरूरी प्रयास करेगी। राजा भोज की कर्मस्थली धार में राजा भोज शोध संस्थान की भी स्थापना की जायेगी। भोजशाला के लिए हुए आंदोलन में शहादत देने वाले तीन शहीदों स्व.  बनसिंह, स्व.  अंतरसिंह एवं स्व.  लक्मृण सिंह के निकटतम परिजन को राज्य सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में ये विचार व्यक्त किए। प्रदेश में गेहूं उपार्जन के नए रिकार्ड के लिए, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। प्रधानमंत्री  मोदी के राष्ट्र सेवा के सफल 12 वर्ष के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 26 मई 2026 को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र सेवा के सफल 12 वर्ष पूर्ण हुये हैं। देशवासियों की आशा के प्रतीक प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में भारत ने विकास के साथ आत्मनिर्भरता, सुरक्षा, सांस्कृतिक गौरव, डिजिटल क्रांति और वैश्विक नेतृत्व के नए आयाम स्थापित किए हैं। अंत्योदय की भावना के साथ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा है। राष्ट्र प्रथम की भावना से GYAN मंत्र में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के उत्थान तक, सीमाओं की सुरक्षा से नक्सल व आतंक मुक्त भारत के निर्णायक परिणाम तक, भारत ने अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री  मोदी को बधाई दी। समान नागरिक संहिता के संबंध में 15 जून तक दिए जा सकेंगे सुझाव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समान नागरिकता संहिता के संबंध में सुझाव प्राप्त करने के लिए वेबसाईट निर्माण की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि जिलों में उच्च स्तरीय समीति द्वारा भ्रमण किया जा रहा है, जहां जन सामान्य, राजनीतिक दल, गैर शासकीय संगठन आदि इस संबंध में अपना मत प्रस्तुत करेंगे। सुझाव देने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिगण को यूसीसी के लिये बनी इस उच्च स्तरीय समिति और इसके कार्यों तथा वेबसाईट का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे हमें अधिक से अधिक सुझाव प्राप्त हो सकेंगे। प्रदेश के आधुनिक कौशल प्रशिक्षण मॉडल से युवाओं को विदेश में मिल रहे हैं रोजगार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में विकसित हो रहा कौशल तंत्र अब युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय रोजगार अवसरों से भी जोड़ रहा है। संस्थान के बैच-9 के तीन विद्यार्थियों का चयन हंगरी में रोजगार के लिए हुआ है। चयनित विद्यार्थी हंगरी पहुंचकर अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन प्रारंभ कर चुके हैं। इस वर्ष माह अप्रैल-मई 2026 में 16 कम्पनियों में 236 बच्चों को प्लेस किया है। यह उपलब्धि प्रदेश में विकसित हो रहे आधुनिक कौशल प्रशिक्षण मॉडल और उद्योगोन्मुख शिक्षा व्यवस्था को रेखांकित करती है। वर्ष 2025-26 में दुग्ध उत्पादकों को 1609 करोड़ रुपए का भुगतान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 9 लाख 67 हजार किलोग्राम औसत दुग्ध संकलन की उपलब्धि दर्ज हुई है। दुग्ध संघों ने दुग्ध उत्पादक किसानों को गत वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक राशि का भुगतान किया गया है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मार्गदर्शन में हुए कार्यों से वर्ष 2024-25 में 1398 करोड़ रूपए की तुलना में वर्ष 2025-26 में दुग्ध उत्पादकों को 1609 करोड़ रुपए की राशि के भुगतान में सफलता मिली है। दुग्ध उत्पादकों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रणाली अपनाई गई है। विभिन्न दुग्ध संघों में खरीद मूल्य में 2.50 से 8.50 रूपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। 13 लाख 42 हजार किसानों द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं का विक्रय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम मध्य एशिया की विषम परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश में सफलतापूर्वक गेहूं उपार्जन का कार्य पूर्ण किया गया। प्रदेश में 104.36 लाख मेट्रिक टन गेंहू का उपार्जन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं के समर्थन मूल्य राशि 2585 रूपए प्रति क्विंटल के अतिरिक्त 40 रूपए प्रति क्विंटल की दर से राज्य सरकार द्वारा बोनस दिया गया। कुल 2625 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया गया, जिससे राज्य के किसानों को समर्थन मूल्य की राशि के अतिरिक्त राशि 417 करोड़ रूपए प्राप्त होगी। कोविड को छोड़कर प्रदेश में विगत 10 वर्षों में इस वर्ष सर्वाधिक 104.36 लाख मेट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समर्थन मूल्य पर 13 लाख 42 हजार किसानों द्वारा गेहूं का विक्रय किया गया, जो कि गेहूं विक्रय करने वाले किसान संख्या की दृष्टि से पूरे भारत में सर्वाधिक है। मध्यप्रदेश, पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है। प्रदेश में पहली बार लघु एवं सीमांत कृषकों को गेहूं विक्रय करने का अवसर प्रदान किया गया। सप्ताह में 05 दिन के स्थान पर 06 दिन (शनिवार को भी) गेहूं का उपार्जन किया गया है। किसानों को 25,096.99 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है और शेष भुगतान प्रचलित है। जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से 30 जून 2026 तक क्रियान्वियत हो रहा है। इसके अंतर्गत 6 हजार 330 करोड़ रुपये से दो लाख से अधिक महत्वपूर्ण संरचनाओं का निर्माण व जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण हुए हैं और 1 लाख 51 हजार कार्य प्रगतिरत हैं। रिकॉर्ड 57 हजार 794 खेत तालाब और 91 हजार 838 डग वेल रिचार्ज (कुआं पुनर्भरण) संरचनाओं का निर्माण व जीर्णोद्धार किया गया है। पारंपरिक और नए जल स्रोतों को सहेजने के लिये 29,906 जल संरक्षण एवं पुनर्भरण संरचनाओं का कार्य पूर्ण किया गया है। प्रदेश में 126 भव्य 'अमृत सरोवरों … Read more

बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई: हर्षवर्धन दीक्षित की संपत्तियों पर चला राजस्व विभाग का डंडा, दुकानें कुर्क

भोपाल   राजधानी के रासलाखेड़ी स्थित आरआरबी रीगल प्रोजेक्ट, शुभ बिजनेस जोन  के खिलाफ जिला राजस्व प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई दुकानों को कुर्क कर सील कर दिया। यह कार्रवाई नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट वृत्त-गोविंदपुरा के आदेश पर पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रोजेक्ट संचालक एवं बिल्डर हर्षवर्धन दीक्षित पर खरीदारों से दुकान एवं व्यावसायिक संपत्तियों के नाम पर करोड़ों  रुपये लेने के बावजूद समय पर कब्जा (पजेशन) नहीं देने के आरोप हैं। मामले में पीड़ित पक्ष द्वारा रेरा न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया था। न्यायालय द्वारा पारित आदेश के पालन में राजस्व प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए ग्राउंड फ्लोर की दुकान क्रमांक 3, 4, 5, 16, 17 तथा प्रथम तल की दुकान क्रमांक 43, 44 एवं 45 को कुर्क कर दिया। दस्तावेजों के अनुसार यह कार्रवाई मध्यप्रदेश संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के प्रकरण क्रमांक एनबीपीएल-25-0118 में पारित आदेश के अनुपालन में की गई। नायब तहसीलदार न्यायालय द्वारा पुलिस उपायुक्त सुरक्षा एवं गुप्तवार्ता, नगर पुलिस भोपाल से पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद राजस्व अमले, पटवारी और पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में कुर्की की कार्रवाई संपन्न हुई। पीड़ित महिला खरीदार ने आरोप लगाया कि उसने दुकान के लिए पूरी राशि का भुगतान कर रजिस्ट्री भी करा ली थी, लेकिन लंबे समय से उसे पजेशन नहीं दिया गया। महिला का कहना है कि बार-बार संपर्क करने के बावजूद बिल्डर द्वारा केवल आश्वासन दिए जाते रहे। अंततः न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से उसे राहत मिली। स्थानीय खरीदारों का आरोप है कि प्रोजेक्ट में कई लोगों से दुकानों और व्यावसायिक इकाइयों के नाम पर करोड़ों राशि वसूली गई, लेकिन निर्धारित समयावधि में निर्माण एवं कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया। इससे अनेक निवेशक आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। राजस्व प्रशासन का कहना है कि न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कुर्की की कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की वैधानिक प्रक्रिया नियमानुसार जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य निवेशकों और खरीदारों में भी उम्मीद जगी है कि उनकी शिकायतों पर भी उचित कार्रवाई हो सकेगी। मुख्य बिंदु रासलाखेड़ी स्थित आरआरबी रीगल प्रोजेक्ट शुभ बिजनेस जोन पर कार्रवाई। नायब तहसीलदार गोविंदपुरा के आदेश पर दुकानों की कुर्की की कार्यवाही। ग्राउंड फ्लोर की 5 एवं प्रथम तल की 3 दुकानों को किया गया कुर्क। रेरा आदेश के अनुपालन में राजस्व प्रशासन की बड़ी कार्रवाई। पुलिस बल, पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक अमले की मौजूदगी में हुई कार्रवाई। खरीदारों का आरोप, पूरी राशि लेने के बाद भी नहीं दिया गया पजेशन।

मंगोलिया पहुंचे भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेष, श्रद्धा के साथ हुआ भव्य स्वागत

मंगोलिया पहुंचे भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेष : श्रद्धा और सम्मान के साथ हुआ भव्य स्वागत गंदन मॉनेस्ट्री में 9 जून तक होंगे सार्वजनिक दर्शन : प्रदेश के बौद्ध स्थलों को मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय पहचान भोपाल असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, भगवान बुद्ध के दो प्रमुख शिष्यों, अरहंत सारिपुत्र एवं अरहंत मौद्गल्यायन के पवित्र अवशेषों को भारतीय वायु सेना के विशेष विमान से मंगोलिया लेकर पहुंचे। मंगोलिया पहुंचने पर हवाई अड्डे पर मंगोलिया के शिक्षा मंत्री एल.एंख-अमगलान तथा गंडनतेगचेनलिंग मठ के मुख्य महंत खाम्बा नोमुन खान गेशे ल्हारम्पा डी. जावज़ानदोरज ने उनका श्रद्धापूर्वक स्वागत किया। पवित्र अवशेषों के यात्रा मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और उन्होंने श्रद्धा एवं भक्ति भाव से नमन कर अपनी आस्था व्यक्त की। इस अवसर पर राज्यपाल आचार्य के साथ अपर मुख्य सचिव संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व और सामान्य प्रशासन शिव शेखर शुक्ला, अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (IBC), भारत एवं श्रीलंका के वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं सहित एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी उपस्थित रहा। समारोह में मंगोलिया के विभिन्न प्रमुख मठों के महंत, अनेक बौद्ध भिक्षु तथा मंगोलिया के पूर्व (तीसरे) राष्ट्रपति नामबारिन एंखबयार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। गंदन मॉनेस्ट्री में इन पवित्र अवशेषों का प्रदर्शन 9 जून 2026 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल पर सांची स्तूप में संरक्षित भगवान बुद्ध के परम शिष्यों अरहंत सारिपुत्र एवं अरहंत मौद्गल्यायन के पवित्र अवशेषों को सार्वजनिक दर्शन के लिए मंगोलिया भेजा गया है। गंदन मॉनेस्ट्री में इन पवित्र अवशेषों का प्रदर्शन 9 जून 2026 तक किया जाएगा, जिससे हजारों श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर प्राप्त होगा।यह पहल केवल आध्यात्मिक महत्व तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत और मंगोलिया के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और सुदृढ़ करने के साथ-साथ पर्यटन एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई दिशा प्रदान करेगी। राज्य के बौद्ध पर्यटन स्थलों को मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय पहचान इस ऐतिहासिक पहल से भारत के बौद्ध तीर्थ सर्किट, विशेषकर सांची जैसे विश्वप्रसिद्ध स्थलों के प्रति अंतर्राष्ट्रीय आकर्षण बढ़ेगा। मध्यप्रदेश के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिससे राज्य के बौद्ध पर्यटन स्थलों को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी तथा विदेशी पर्यटकों की संख्या, प्रवास अवधि और सांस्कृतिक सहभागिता में वृद्धि होगी। साथ ही यह पहल दोनों देशों के मठों, सांस्कृतिक संस्थानों और संग्रहालयों के बीच दीर्घकालिक सहयोग के नए द्वार खोलेगी। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची स्तूप विश्व के सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण बौद्ध स्थलों में से एक है। यहां संरक्षित पवित्र अवशेषों को भगवान बुद्ध के प्रतीक स्वरूप अत्यंत श्रद्धा और पूजनीय भाव से देखा जाता है। भगवान बुद्ध के दो प्रमुख शिष्य सारिपुत्र और मौद्गल्यायन बौद्ध संघ के ‘अग्र युग्म’ माने जाते हैं। सारिपुत्र प्रज्ञा और ज्ञान के लिए तथा मौद्गल्यायन अपनी आध्यात्मिक एवं अलौकिक सिद्धियों के लिए विख्यात थे। दोनों ने बौध धम्म के प्रचार-प्रसार में अमूल्य योगदान दिया और उनकी शिक्षाएँ आज भी बौद्ध दर्शन एवं साधना परंपरा का महत्वपूर्ण आधार हैं  

बाबूलाल जी गौर ने जनसेवा और जनहितैषी कार्यों से लोगों के दिलों में बनाई खास पहचान : CM डॉ. यादव

बाबूलाल जी गौर ने जनहितैषी कार्यों से लोगों के दिलों में बनाई जगह : मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रद्धेय गौर जी सदैव हमारे लिए आशीर्वाददाता की भूमिका में रहे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. गौर की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय बाबूलाल गौर की जयंती पर विधानसभा के सेंट्रल हॉल में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके कार्यकाल के स्वर्णिम क्षणों का स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि श्रद्धेय बाबूलाल गौर जी मध्यप्रदेश के ऐसे राजनेता रहे, जिन्होंने अपने जनहितैषी कार्यों से लोगों के दिलों में जगह बनाई। वे सदैव हमारे लिए आशीर्वाददाता की भूमिका में रहे। राज्य सरकार उनके बताए मार्ग और आदर्शों का अनुसरण करते हुए प्रदेश की जनता के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राजधानी भोपाल के वीआईपी रोड के विकास में गौर की दृढ़ता स्मरणीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रद्धेय बाबूलाल जी ने अपने राजनीतिक जीवन में विभिन्न जनआंदोलनों में सक्रिय सहभागिता करते हुए राष्ट्रसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका समर्पित सार्वजनिक जीवन और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। बाबूलाल जी गौर ने प्रदेश के 16वें मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेशवासियों की सेवा की। प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए उनका अमूल्य योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। राजधानी भोपाल के वीआईपी रोड के विकास में उनकी दृढ़ता स्मरणीय है। मंत्री, जनप्रतिनिधि तथा परिजन ने भी अर्पित की पुष्पांजलि मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक रामेश्वर शर्मा तथा परिजन सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

मानसून की दस्तक से बदला मौसम, आगरा में बारिश से सड़कें धंसीं और मकान ढहा

भोपाल/जयपुर/लखनऊ/नई दिल्ली मानसून 4 जून को केरलम के तट पर पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पिछले अनुमान में इसके 26 अप्रैल को केरलम पहुंचने का अनुमान था। मानसून आमतौर पर 1 जून के आसपास केरलम पहुंचता है और अगले डेढ़ महीने में पूरे देश को कवर करता है। इधर 23 राज्यों में जून की शुरुआत के साथ गर्मी से राहत मिली है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, हरियाणा और बिहार के कई इलाकों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि हुई। कई जगह बादल छाने से तापमान सामान्य से नीचे दर्ज हुआ। उत्तर प्रदेश के आगरा में मंगलवार सुबह एक घंटा तेज हवा के साथ बारिश हुई। इससे कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। कई जगह सड़कें धंस गई। फुटपाथ धंसने से 25 फीट का गड्‌ढा बन गया। एक मकान का अगला हिस्सा गिर गया। दिल्ली में 1 जून का दिन पिछले तीन सालों की तुलना में सबसे ठंडा रहा। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 36.3°C रहा, जो सामान्य से 3.7°C कम है। अगले दो दिन के मौसम का हाल 3 जून:     पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में 40-50kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है।     मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ क्षेत्रों में बारिश और आंधी की स्तिथि रह सकती है।     केरलम, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में बारिश का अनुमान है। तटीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज बारिश भी हो सकती है।     असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश और आंधी-तूफान का असर रहेगा। 4 जून:     मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, कर्नाटक, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी में भारी बारिश हो सकती है। केरलम में बहुत ज्यादा बारिश होने का अनुमान है।     गुजरात, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में 40 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली तेज आंधी चल सकती है।     अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में कुछ जगहों पर गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा। बिहार में लू (हीट वेव) चलने की आशंका है। मध्य प्रदेश में अलग-अलग जिलों में लगातार 8 दिन से कहीं न कहीं आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का असर है। राज्य में अब हीटवेव का असर लगभग खत्म है। न्यूनतम तापमान में 5°C से ज्यादा की गिरावट आई है। आज 45 जिलों में बारिश का अलर्ट है। धार-बड़वानी में तेज बारिश-ओलावृष्टि की चेतावनी है।  उत्तर प्रदेश के आगरा में आज सुबह तेज बारिश हुई। इससे कारण कई जगह सड़कें धंस गईं। फुटपाथ धंसने से 25 फीट का गड्ढा हो गया। इसमें ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली समा गई। सड़क किनारे खड़ीं कारें और ट्रक भी गड्‌ढों में पलट गए। राजस्थान में जून की शुरुआत आंधी-बारिश के साथ हुई है। मौसम विभाग ने आज 19 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। राज्य का तापमान सामान्य से 5°C नीचे आ गया है। सोमवार को सबसे अधिक तापमान फलोदी में 43.8°C रहा।  बिहार में अगले कुछ दिनों तक ज्यादातर जिलों में तापमान तेजी से बढ़ेगा। गया, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, बक्सर और नवादा जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 43॰C से 45॰C पहुंच सकता है। बीते 24 घंटे में 40.1॰C के साथ कैमूर सबसे गर्म जिला रहा। जबकि सासाराम और सीवान में बारिश हुई। हरियाणा में दो वेस्टर्न डिस्टर्वेंस एक्टिव होने जा रहे हैं। आज से 6 जून तक मौसम बदला हुआ रहेगा। 28 मई को आए वेस्टर्न डिस्टर्वेंस और राजस्थान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण हरियाणा में 4 दिन बारिश और आंधी-तूफान आए। इससे हरियाणा में अधिकतम तापमान 46°C से गिरकर 37°C से 38°C पर आ गया। उत्तराखंड के सभी जिलों में आज बारिश की संभावना है। 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है। 7 जून तक मौसम ऐसा ही रहने वाला है। सोमवार को नैनीताल में 30.5mm, भीमताल में 26mm, कालाढूंगी में 12mm, रामनगर में 8mm और द्वाराहाट में 7.5mm बारिश हुई।