samacharsecretary.com

वृंदावन त्रासदी का दर्द: 10 पंजाबी श्रद्धालुओं की मौत, CM ने परिवारों को बंधाया ढांढस

लुधियाना/वृंदावन. वृंदावन में नाव हादसे में लुधियाना और जगराओं के 10 लोगों की मौत हो गई। शव घर पहुंचने पर मातम छा गया। कई लोग अभी लापता हैं और बचाव अभियान जारी है। दूसरी ओर जगराओं में भी पांच लोगों- कविता बहल, चरणजीत, मधुर बहल, पिंकी बहल और ईशान कटारिया—के शव पहुंचने से इलाके में मातम पसरा हुआ है। यहां भारी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए एकत्र हुए हैं। गीता कॉलोनी में शोक की स्थिति बनी हुई है और परिवारों में विलाप जारी है। इस दौरान सीएम भगवंत मान भी विलाप करने के लिए चरणजीत बहल के निवास पर पहुंचे। दोपहर बाद होगा अंतिम संस्कार जानकारी के अनुसार, दुगरी फेस दो से दस लोग वृंदावन में मंदिर दर्शन के लिए गए थे। इस दौरान यमुना नदी में नाव पलटने से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। अब उनके शव घर पहुंच चुके हैं, जबकि कुछ अन्य के शव अभी आने बाकी बताए जा रहे हैं। दोपहर बाद मृतकों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। हादसे में मीनू बंसल के बेटे निखिल बंसल ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उसकी बहन डिंकी बंसल अभी तक लापता है और उसका नाम लापता लोगों की सूची में भी नहीं है। उन्होंने प्रशासन से जल्द तलाश करने की अपील की है। पंजाब से तकरीबन 130 लोग गए थे वृंदावन बताया जा रहा है कि दो बसों में करीब 130 लोग इस धार्मिक यात्रा पर गए थे। इनमें से 90 लोग जगराओं और बाकी अन्य शहरों के निवासी थे। हादसे में बचने वाले लोग वापस अपने घर लौट आए हैं और यात्रा को बीच में ही रोक दिया गया है। प्रशासन के अनुसार अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि पांच लोग अभी भी लापता हैं। बचाव अभियान दूसरे दिन भी जारी है और सेना के जवान भी इसमें जुटे हुए हैं। पुलिस ने नाव चालक पप्पू निषाद को हिरासत में ले लिया है, जो हादसे के बाद मौके से फरार हो गया था।

जंगल सफारी में बदला मेन्यू: टाइगर जोड़ी ने खाया चिकन, सांपों को 17 दिन बाद मिला भोजन

बिलासपुर. बर्ड फ्लू का खतरा टलते ही चिकन और अंडा खाने पर से प्रतिबंध ​हटते ही कानन पेंडारी के वन्यप्राणियों को शुक्रवार काे 17 दिन बाद चिकन खाने मिला। सांप के केज में चूजा डालते ही सांपों ने तेजी के साथ उन्हें पकड़कर निगल लिया। वहीं टाइगर, लॉयन, पैंथर, लेपर्ड व अन्य मांसाहारी वन्यप्राणियों को भोजन में चिकन और अंडा दिया गया। कोनी स्थित सरकारी कुक्कुट पालन क्षेत्र में बर्ड फ्लू फैलने की वह से 25 मार्च से 10 से 12 किलोमीटर के दायरे में चिकन और अंडा खाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। दो दिन पहले दिल्ली और छत्तीसगढ़ राज्य के सहयोग डाक्टर्स की एक टीम ने कुक्कुट पालन क्षेत्र का निरीक्षण किया।आसपास की स्थितियों का जायजा लिया। इसके बाद अंडा और चिकन खाने की अनुमति इस शर्त पर दी कि यह सामग्री अपने ही क्षेत्र से लेकर खरीदी–बिक्री की जाए। इस आदेश के आने के बाद कानन पेंडारी में शुक्रवार से वन्यप्राणियों को चिकन, चूजा और अंडा दिया जाने लगा है। मांसाहारी वन्यप्राणियों को सप्ताह में दो–दो दिन अलग–अलग तरह का मांस दिया जाता है। इसमें चिकन के अलावा बकरे और सूअर का मांस शामिल है। कुछ वन्यप्राणियों को भोजन में उबला हुआ अंडा भी दिया जाता है। इन सभी का आहार फिर से शुरू कर दिया गया है।

विदेश से पकड़ा गया कुख्यात गैंगस्टर साहिल चौहान, 16 केस दर्ज

अंबाला  हरियाणा के विशेष कार्य बल ने 10 अप्रैल को गैंगस्टर साहिल चौहान उर्फ साहिल राणा को थाईलैंड से वापस लाकर बड़ी सफलता हासिल की है। वह अंबाला के शाहजादपुर का रहने वाला है और साल 2016 से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। ये भी पढ़ें उस पर हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी, डकैती और धमकी जैसे संगीन आरोप हैं। यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, अंबाला और पंचकूला में उसका नेटवर्क फैला हुआ था। वह भूप्पी राणा और बंबीहा गिरोह से जुड़ा हुआ था। उसके खिलाफ कुल 16 मामले दर्ज हैं और एक मामले में उसे 10 साल की सजा भी हो चुकी है। फर्जी पासपोर्ट बनाकर विदेश भागा, कई देशों में छिपता रहा साहिल चौहान धोखाधड़ी से पासपोर्ट बनवाकर देश से फरार हो गया था। वह कोलकाता से ढाका, जकार्ता, बाली, मलेशिया, अंगोला, वियतनाम होते हुए थाईलैंड पहुंचा। पुलिस ने पहले ही उसकी तलाश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी थी। 17 मार्च 2026 को उसका पासपोर्ट जब्त किया गया। अब उसे वापस लाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह 2026 में पांचवां मामला है जब हरियाणा की विशेष कार्य बल किसी अपराधी को विदेश से पकड़कर लाई है। साहिल चौहान * 10 अप्रैल को थाईलैंड से वापस लाया गया * कुल 16 आपराधिक मामलों में शामिल * हत्या, डकैती, रंगदारी जैसे गंभीर आरोप * 2016 से अपराध की दुनिया में सक्रिय * एक मामले में 10 साल की सजा हो चुकी * फर्जी पासपोर्ट बनाकर विदेश भागा * कई देशों में छिपते हुए आखिर थाईलैंड पहुंचा * 2026 में पांचवीं बार विदेश से अपराधी पकड़ा गया    

वंदे मातरम के अपमान पर भड़के सीएम मोहन यादव, कांग्रेस से इस्तीफा मांगा: ‘नहीं गाऊंगी’ का बयान बड़ी बेशर्मी

भोपाल  इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान शुरू हुआ 'वंदे मातरम' विवाद अब पूरे प्रदेश की राजनीति का केंद्र बन गया है। कांग्रेस पार्षदों द्वारा सार्वजनिक रूप से राष्ट्रगीत गाने से इनकार करने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने इसे देशभक्तों का अपमान बताते हुए कहा कि अगर कांग्रेस नेतृत्व इस पर कार्रवाई नहीं कर सकता, तो पूरी प्रदेश इकाई को इस्तीफा दे देना चाहिए। सीएम ने बताई बेशर्मी की राजनीति इंदौर नगर निगम में कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने धर्म का हवाला देकर 'वंदे मातरम' गाने से मना कर दिया था। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने भोपाल में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि 'बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि कांग्रेस की पार्षद ने बेशर्मी के साथ कहा कि मैं नहीं गाऊंगी। यह केवल एक पार्षद का बयान नहीं, बल्कि कांग्रेस के उस चरित्र को दर्शाता है जो हमेशा से राष्ट्र प्रतीकों के खिलाफ रहा है।' जीतू पटवारी और राहुल गांधी से सीधे सवाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने सवाल उठाया कि हर छोटी बात पर मुखर रहने वाले प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी इस 'राष्ट्रद्रोह' जैसे कृत्य पर चुप क्यों हैं? सीएम ने कहा कि राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे इस तरह की मानसिकता को पार्टी में प्रोत्साहित कर रहे हैं। हजारों देशभक्तों ने भारत माता की जय बोलते-बोलते अपने प्राणों की आहुति दे दी। जब कांग्रेस पार्षद भगवान राम और हिंदुओं की निंदा करते हैं, तब पार्टी चुप रहती है। लेकिन अब राष्ट्रगीत के अपमान पर मौन रहना यह बताता है कि वे देश को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं। डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश पुरानी है वंदे मातरम की खींचतान? मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के इतिहास को कुरेदते हुए कहा कि यह पार्टी आजादी के पहले से ही वंदे मातरम पर बखेड़ा खड़ा करती रही है। डॉ. यादव के अनुसार, कांग्रेस की पुरानी सरकारों ने राष्ट्रगीत के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ की थी। विशेषज्ञ मानते हैं कि चुनाव से पहले राष्ट्रवाद के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरकर बीजेपी अपनी पैठ और मजबूत करना चाहती है, खासकर तब जब मामला सीधे तौर पर राष्ट्रगीत के सम्मान से जुड़ा हो।  

मध्य प्रदेश में मौसम में बदलाव, बारिश-आंधी के बाद अब गर्मी की बढ़ी आहट, पारा बढ़ा

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है। आंधी-बारिश का दौर खत्म होते ही अब गर्मी ने जोर पकड़ लिया है और खास बात यह है कि सिर्फ दिन ही नहीं, रातें भी अब गर्म महसूस होने लगी हैं। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 1 से 5.4 डिग्री तक बढ़ गया। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में बढ़ोतरी ज्यादा रही, जबकि भोपाल और रतलाम में भी गर्मी का असर साफ नजर आया। रतलाम में सबसे ज्यादा 5.4 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। शनिवार को तापमान में और इजाफा होने की संभावना है, यानी गर्मी का असर लगातार तेज होता जाएगा।  मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है। आंधी-बारिश का दौर खत्म होते ही अब गर्मी ने जोर पकड़ लिया है और खास बात यह है कि सिर्फ दिन ही नहीं, रातें भी अब गर्म महसूस होने लगी हैं। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 1 से 5.4 डिग्री तक बढ़ गया। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में बढ़ोतरी ज्यादा रही, जबकि भोपाल और रतलाम में भी गर्मी का असर साफ नजर आया। रतलाम में सबसे ज्यादा 5.4 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। शनिवार को तापमान में और इजाफा होने की संभावना है, यानी गर्मी का असर लगातार तेज होता जाएगा।  इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर के तापमान में सबसे तेज उछाल दर्ज किया गया, जबकि भोपाल और रतलाम में भी गर्मी का असर साफ नजर आया। रतलाम में सबसे ज्यादा 5.4 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। शनिवार को तापमान में और इजाफा होने की संभावना है, यानी गर्मी का असर लगातार तेज होगा। लंबे समय राहत की आस नहीं मौसम विभाग के अनुसार, आने वाली 15 अप्रैल से एक नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। लेकिन इसके ज्यादा मजबूत न होने से प्रदेश के मौसम में खासा बदलाव नहीं आएगा। यानी प्रदेश में तेज गर्मी का दौर जारी रहने के आसार है। यानी फिलहाल प्रदेशभर के लिए कोई बड़ी राहत आसपास नजर नहीं आ रही है। गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवायजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहे। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। नर्मदापुरम में पारा 40 डिग्री के करीब, रतलाम-खरगोन भी गर्म रहे शुक्रवार को दिन के तापमान में खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई। नर्मदापुरम प्रदेश में सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री दर्ज किया गया। रतलाम में 38.6 डिग्री, खरगोन में 38 डिग्री रहा। वहीं, धार, खंडवा, नरसिंहपुर और खजुराहो में पारा 36 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में सबसे ज्यादा 35.5 डिग्री रहा। भोपाल में 34.6 डिग्री, इंदौर में 35 डिग्री, ग्वालियर में 33.4 डिग्री और जबलपुर में 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा। 15 अप्रैल का सिस्टम, लेकिन राहत की उम्मीद कम मौसम विभाग के अनुसार 15 अप्रैल को एक नया सिस्टम एक्टिव होगा, लेकिन यह ज्यादा मजबूत नहीं है। ऐसे में प्रदेश में तेज गर्मी का दौर जारी रहने के आसार हैं और फिलहाल बड़ी राहत मिलती नहीं दिख रही। गर्मी से बचने के लिए बदल रही आदतें तापमान बढ़ते ही लोगों की दिनचर्या भी बदलने लगी है। कोई चेहरे को कपड़े से ढककर बाहर निकल रहा है, तो कोई गन्ने का रस, कोल्ड ड्रिंक्स और आइसक्रीम के जरिए राहत तलाश रहा है। भोपाल में गन्ने के जूस की दुकानों पर भीड़ बढ़ने लगी है। इन शहरों में ज्यादा असर नर्मदापुरम प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 39.3 डिग्री दर्ज किया गया। रतलाम 38.6 डिग्री और खरगोन 38 डिग्री पर रहे। धार, खंडवा, नरसिंहपुर और खजुराहो में भी तापमान 36 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म (35.5 डिग्री) रहा। भोपाल और जबलपुर 34.6 डिग्री, इंदौर 35 डिग्री और ग्वालियर 33.4 डिग्री दर्ज हुआ। अप्रैल का बदला ट्रेंड इस बार अप्रैल की शुरुआत तेज गर्मी से नहीं, बल्कि आंधी-बारिश और ओलों से हुई। 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम बदला रहा। करीब 45 जिलों में बारिश और 15 से ज्यादा जिलों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। अब शुरू होगा असली गर्मी का दौर मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा हर साल तेज गर्मी लेकर आता है। जैसे सर्दियों में दिसंबर-जनवरी और बारिश में जुलाई-अगस्त पीक होते हैं, वैसे ही गर्मी का पीक अप्रैल-मई में होता है। इस बार भी वही ट्रेंड नजर आने लगा है। बचाव के लिए जरूरी सलाह – दिनभर पर्याप्त पानी पिएं – दोपहर की धूप से बचें – हल्के और सूती कपड़े पहनें – बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें मौसम का बैकग्राउंड इस साल फरवरी और मार्च में चार-चार बार मौसम बदला। कई दौर में बारिश, आंधी और ओलों ने फसलों को नुकसान पहुंचाया। मार्च के आखिर तक भी मौसम अस्थिर रहा, लेकिन अब प्रदेश में गर्मी ने स्थायी रूप से दस्तक दे दी है।  

राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का फतेहगढ़ साहिब दौरा, मथुरा घटना पर दुख व्यक्त कर सख्त कार्रवाई का किया वादा

फतेहगढ़ साहिब  पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने आज शनिवार ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेककर श्रद्धा व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों—बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह और माता गुजरी की महान शहादत को नमन किया। राज्यपाल ने गुरुद्वारा साहिब के मुख्य दरबार में अरदास की और पूरे विश्व में शांति, भाईचारे तथा मानवता की भलाई के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि फतेहगढ़ साहिब की पावन धरती न केवल पंजाब, बल्कि पूरे देश और विश्व के लिए प्रेरणा का केंद्र है। यहां की शहादत हमें अन्याय और अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े रहने तथा सच्चाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधियों और गुरुद्वारा प्रबंधन ने राज्यपाल को सिरोपाओ और श्री साहिब भेंट कर सम्मानित किया। राज्यपाल ने इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया और सिख इतिहास की महान परंपराओं की सराहना की। मथुरा दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया मीडिया से बातचीत के दौरान राज्यपाल कटारिया ने उत्तर प्रदेश के मथुरा में हाल ही में हुई घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद पीड़ादायक है और इससे कई परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सिख इतिहास के महान बलिदानियों को नमन किया उन्होंने कहा कि प्रशासन का कर्तव्य है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे। राज्यपाल ने लोगों से भी अपील की कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। राज्यपाल के इस दौरे को श्रद्धा और संवेदना के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर जहां उन्होंने सिख इतिहास के महान बलिदानों को नमन किया, वहीं दूसरी ओर मथुरा की घटना पर दुख व्यक्त कर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और न्याय का भरोसा दिलाया।

एसएसबी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नक्सली प्रदीप यादव पकड़ा गया

डुमरिया करीब डेढ़ दशक से फरार चल रहे कुख्यात नक्सली प्रदीप यादव को आखिरकार सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को खुफिया सूचना के आधार पर एसएसबी और डुमरिया पुलिस की संयुक्त टीम ने सीमावर्ती रबदी गांव में छापेमारी कर उसे धर दबोचा। पुलिस इस गिरफ्तारी को बड़ी सफलता मान रही है। प्रदीप यादव मूल रूप से झारखंड का निवासी है लेकिन बिहार और कई पड़ोस के राज्यों में वह अपनी गतिविधियों को अंजाम देता था। वह अंधाधुंध फायरिंग में माहिर है। पुलिस पर हमले में भी वह एक्सपर्ट है। प्रदीप यादव की गिरफ्तारी के लिए एसएसबी की 29वीं वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट रविशंकर कुमार और ‘सी’ समवाय डुमरिया के निरीक्षक मंतोष कुमार के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाया गया। टीम ने सटीक घेराबंदी कर लंबे समय से फरार आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। गिरफ्तारी के बाद कड़ी सुरक्षा में उसे मुख्यालय लाया गया। गिरफ्तार नक्सली से पूछताछ की जा रही है। पुलिस पर की थी अंधाधुंध फायरिंग प्रदीप यादव झारखंड के पलामू जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के कोवल गांव का निवासी है लेकिन बिहार समेत आस पास के राज्यों में नक्सल गतिविधियों को ऑपरेट करता है। वह वर्ष 2012 में पुलिस और सीआरपीएफ की सर्चिंग पार्टी पर हुए जानलेवा हमले में शामिल था। इसके अलावा 24 जनवरी 2012 को बागपुर के पहाड़ी इलाके में हथियार लूटने की साजिश के तहत अपने साथियों के साथ अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें एक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया था। हालांकि, हथियार लूटने में उसे कामयाबी नहीं मिली। इस मामले में डुमरिया थाना में आर्म्स एक्ट और सीएलए के तहत प्राथमिकी दर्ज है। वर्षों तक फरारी के दौरान वह लगातार ठिकाना बदलता रहा और पुलिस को चकमा देता रहा। फिलहाल गिरफ्तारी के बाद उसे डुमरिया थाना को सौंप दिया गया है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।पुलिस उसके पूरे दस्ते का सफाया करने की कार्रवाई में जुट गई है। केंद्र सरकार बिहार, झारखंड समेत अन्य राज्यों से नक्सल समस्या के समाधान के लिए कार्रवाई कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कहते हैं कि जल्द ही देश को नक्सल मुक्त कर दिया जाएगा। पॉइंटर ● एसएसबी और डुमरिया पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मिली सफलता ● 2012 में सीआरपीएफ-पुलिस पर हमले और फायरिंग में रहा था शामिल ● लंबे समय से ठिकाना बदलकर पुलिस को दे रहा था चकमा

मई में 7 दिन नहीं चलेगी भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस, रेलवे ने बताया नया शेड्यूल

 भोपाल  भोपाल से जोधपुर की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल के अंतर्गत कनकपुरा स्टेशन पर यार्ड में नान-इंटरलॉकिंग कार्य के चलते मई महीने में भोपाल-जोधपुर-भोपाल एक्सप्रेस के कुछ फेरे निरस्त रहेंगे। गाड़ी संख्या 14814 भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस 3, 4, 5, 8, 12, 13 और 14 मई 2026 को रद्द रहेगी। वहीं गाड़ी संख्या 14813 जोधपुर-भोपाल एक्सप्रेस 2, 3, 4, 7, 11, 12 और 13 मई को निरस्त रहेगी। रेल प्रशासन ने बताया कि यह कार्य ट्रेनों की सुरक्षा और बेहतर संचालन के लिए किया जा रहा है। यात्रियों से अपील है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें और वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर ही सफर करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। रेलवे ने उठाया बड़ा कदम बता दें कि तीन दिन पहले ही प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में रेलवे ने बड़ा कदम उठाया। रेलवे बोर्ड ने राज्य में 11 नए रेल मार्गों की संभावना तलाशने का निर्णय लिया। इनमें से एक मार्ग (भोपाल-सागर-छतरपुर-दमोह-खजुराहो) पर आरंभिक सर्वे कार्य शुरू किया जाएगा, जबकि शेष 10 प्रस्तावित मार्गों पर टोही (रि-कानिसेंस) एवं यातायात सर्वे कराया जाएगा। टोही सर्वे की प्रस्तावित योजनाओं में जबलपुर-डिंडौरी-पेंड्रा रोड एवं झांसी-शिवपुरी-श्योपुर-सवाई माधोपुर शामिल है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर होगा निर्णय रेलवे की इस पहल को प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि प्रस्तावित योजनाएं साकार होती हैं, तो आने वाले समय में राज्य की रेल कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जिन 10 मार्गों पर सर्वे किया जाना है, वहां पहले चरण में टोही सर्वे के माध्यम से भौगोलिक स्थिति, संभावित रूट, लागत और तकनीकी चुनौतियों का आकलन किया जाएगा। इसके बाद यातायात सर्वे के जरिए यह देखा जाएगा कि प्रस्तावित मार्गों पर यात्री और माल परिवहन की कितनी संभावना है। सर्वे रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर ही आगे नई रेल लाइन बिछाने का निर्णय लिया जाएगा।  

नीतीश कुमार का राज्यसभा में प्रवेश, नेताओं ने दी बधाई

 पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। देश के उच्च सदन के सदस्य बनने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। कहा,नीतीश जी के लंबे राजनीतिक अनुभव से संसद की गरिमा और बढ़ेगी। भाजपा और जदयू के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने एक संक्षिप्त समारोह में नीतीश कुमार को शपथ दिलाई। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा है कि नीतीश कुमार जी देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं। सुशासन को लेकर उनकी प्रतिबद्धता की हर तरफ सराहना हुई है। उन्होंने बिहार के विकास में अमिट योगदान दिया है। उन्हें एक बार फिर संसद में देखना बहुत सुखद होगा। पीएम ने आगे कहा है कि सांसद और केंद्रीय मंत्री के रूप में भी नीतीश कुमार ने कई वर्षों तक अपनी सेवाएं दी हैं। बिहार को नीतीश कुमार ने जंगलराज से मुक्त कराया इधर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा है कि राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने पर नीतीश कुमार जी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार ने सुशासन और विकास के विजन से बिहार को जंगलराज से मुक्त कर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने का अभूतपूर्व कार्य किया है। अमित शाह ने कहा कि केंद्र में मंत्री से लेकर बिहार में लंबे समय तक सीएम तक, सार्वजनिक जीवन का उनका लंबा अनुभव अब संसद में नीतियां बनाने और विकसित भारत की निर्माण यात्रा को गति देने में अहम सिद्ध होने वाला है। नीतीश कुमार का संसदीय कार्यकाल और भी उपलब्धियों से भरा हो, यह कामना करता हूं। बधाइयों का तांता लगा बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने पर नीतीश कुमार को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार में सुशासन, विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किया। न्याय के साथ विकास के मंत्र के साथ बिहार ने प्रगति और समावेशी विकास का नया अध्याय लिखा है। उपमुख्यमंत्री ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में सुदृढ़ आधारभूत संरचना, बेहतर शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था, महिलाओं के सशक्तीकरण की प्रभावी पहल और मजबूत कानून-व्यवस्था ने राज्य को नई पहचान दी है। 2005 से पहले अदालत ने भी जिस बिहार को जंगलराज का उपमा दिया था, वहां नीतीश जी ने सुशासन स्थापित किया। आधी आबादी को सम्मान देने के लिए पंचायत और निकाय चुनाव में महिलाओं को 50% आरक्षण दिया गया, जो पूरे देश के लिए अनुकरणीय उदाहरण बना। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देश के उन विरले राजनीतिज्ञों में शामिल हो गए हैं, जिन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था के सभी सदनों का सदस्य रहने का गौरव प्राप्त है। स्पष्ट दृष्टि, दृढ़ इच्छाशक्ति और जनता के प्रति अथाह समर्पण के साथ नीतीश कुमार ने पिछले दो दशकों में बिहार को विकास और सुशासन की नई दिशा दी है। यही कारण है कि बिहार की जनता ने उन्हें बार-बार अपना विश्वास दिया शपथ लेने के बाद संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए नीतीश कुमार ने खुशी का इजहार किया। उन्होंने कहा, पहले तो हम यहीं थे। शपथग्रहण समारोह में जेपी नड्डा, निर्मला सीतारमण, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, रामनाथ ठाकुर अर्जुन राम मेघवाल, संजय कुमार झा, जयराम रमेश, सम्राट चौधरी, विजय चौधरी, अशोक चौधरी, राजीव प्रताप रूड़ी, संजय जायसवाल, कौशलेन्द्र कुमार, चन्देश्वर चन्द्रवंशी मौजूद थे।

सारा और अर्जुन पहुंचे महाकाल के दर, 1700 करोड़ के पार धुरंधर ने टेका माथा

उज्जैन  धुरंधर: द रिवेंज फेम एक्ट्रेस सारा अर्जुन लगातार चर्चा में बनी हुई हैं. फिल्म धुरंधर और उसके सीक्वल धुरंधर: द रिवेंज की सफलता के बाद वह इंडस्ट्री में एक मजबूत पहचान बना चुकी हैं. इसी बीच सारा हाल ही में उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने भगवान शिव का आशीर्वाद लिया. सारा अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती में शामिल हुईं. इस दौरान उन्होंने गुलाबी साड़ी पहनी हुई थी, जिसमें वह बेहद खूबसूरत लग रही थी।  महाकाल मंदिर में परिवार संग की पूजा मंदिर में दर्शन के बाद पीटीआई से बातचीत में उन्होंने कहा, “मैंने भगवान से कोई खास चीज नहीं मांगी, बस हेल्थ, धन और सफलता की कामना की है. वहां जाकर बहुत अच्छा महसूस हुआ. मैं शब्दों में इसे बयां नहीं कर सकती. दिल खुश हो गया.” आज सारा की मां का जन्मदिन भी है. जब उनसे पूछा गया कि क्या इस वजह से मंदिर आई हैं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “हम दिन देखकर आशीर्वाद लेने नहीं आते, हम हर दिन भगवान का आशीर्वाद लेते हैं. लेकिन हां, आज का दिन हमारे लिए बहुत शुभ है।  अगली फिल्म को लेकर सस्पेंस बरकरार फिल्म धुरंधर 2 की बड़ी सफलता के बाद सारा अर्जुन के अगले प्रोजेक्ट को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. जब उनसे इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने सीधे जवाब देने से बचते हुए ऊपर की ओर इशारा किया. उनका मतलब था कि वह अपने भविष्य को भगवान शिव पर छोड़ चुकी हैं।  अगले प्रोजेक्ट पर दिया जवाब 'धुरंधर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म देने के बाद अब सबकी नजरें सारा के अगले प्रोजेक्ट पर हैं. जब पत्रकारों ने उनसे उनके फ्यूचर प्लान और अगली फिल्म के बारे में सवाल किया, तो सारा ने मुस्कुराते हुए आसमान की तरफ इशारा कर दिया. इस पर जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने सब कुछ महाकाल के भरोसे छोड़ दिया है, तो उन्होंने सिर हिलाते हुए  'जी' कहा।  धुरंधर की धुआंधार कलेक्शन जारी 'धुरंधर: द रिवेंज' ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी मज़बूत पकड़ बनाए रखी है और चौथे हफ्ते में भी इसकी सफलता का सिलसिला जारी है. ट्रेड वेबसाइट Sacnilk के अनुसार, रणवीर-सारा की इस फिल्म ने दुनिया भर में कुल 1,671.26 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया है. इसमें से 1,263.26 करोड़ रुपये भारतीय बाजार से आए हैं, जबकि विदेशों से इसकी कमाई 408 करोड़ रुपये रही है।  अब यह फिल्म, वीकेंड के अंत तक दुनिया भर में 1,700 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सकती है. यह दुनिया भर में तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म के तौर पर 'पुष्पा 2: द रूल' (1,742 करोड़ रुपये) को पीछे छोड़ने के करीब पहुंच रही है।  कौन हैं सारा अर्जुन?  बता दें कि सारा अर्जुन मशहूर साउथ एक्टर राज अर्जुन की बेटी हैं. सारा ने अपने करियर की शुरुआत महज एक टॉडलर (नन्हीं बच्ची) के तौर पर की थी और 6 साल की उम्र से पहले ही वह 100 से ज्यादा विज्ञापनों में नजर आ चुकी थीं. उन्हें घर-घर में पहचान 'क्लिनिक प्लस' के विज्ञापन से मिली थी. इसके बाद उन्होंने तमिल फिल्म 'देइवा थिरुमगल' और मणिरत्नम की 'पोन्नियिन सेलवन' में ऐश्वर्या राय के बचपन का किरदार निभाकर अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया. अब मात्र 20 साल की उम्र में रणवीर सिंह के साथ 'धुरंधर' फ्रेंचाइजी की दोनों फिल्मों (2025 और 2026) में काम करके उन्होंने बॉलीवुड में अपनी एक अलग जगह बना ली है।  क्या अब मधुबाला बनेगी सारा अर्जुन? फिलहाल खबरें हैं कि सारा अर्जुन एक बड़ी बायोपिक में नजर आ सकती हैं, जिसमें वह दिग्गज एक्ट्रेस मधुबाला का किरदार निभा सकती हैं. हालांकि इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. कुछ अन्य रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि इस भूमिका के लिए किसी और एक्ट्रेस से भी बात चल रही है।