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योगी सरकार फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों को बनाएगी धुरंधर

लखनऊ.  योगी सरकार उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज (यूपीएसआईएफएस) के विद्यार्थियों को फॉरेंसिक की फील्ड में धुरंधर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके लिए योगी सरकार फॉरेंसिक की दिग्गज यूनिवर्सिटी से एमओयू साइन करने जा रही है। यह एमओयू यूपीएसआईएफएस और चार विभिन्न संस्थानों के बीच होगा। इसमें महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गोरखपुर, धीरूभाई अंबानी यूनिवर्सिटी गांधीनगर, उत्तर प्रदेश कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) शामिल हैं। इन संस्थानों के साथ सहयोग से यूपीएसआईएफएस के छात्रों को इंटर्नशिप, रिसर्च और प्रैक्टिकल एक्सपोजर के व्यापक अवसर मिलेंगे। इससे जहां एक ओर छात्रों को व्यावहारिक और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में फॉरेंसिक विशेषज्ञ के रूप में तैयार करना है। केजीएमयू में विद्यार्थी मौत की परिस्थितियों और वैज्ञानिक तरीके से हुए विश्लेषण का करेंगे अध्ययन यूपीएसआईएफएस के डायरेक्टर जीके गोस्वामी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फॉरेंसिक साइंस के छात्रों को ‘जॉब रेडी’ बनाना चाहते हैं। अब तक फॉरेंसिक शिक्षा में थ्योरी का दबदबा ज्यादा था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल पर विशेष फोकस है। इसी के तहत सीएम योगी के निर्देश पर यूपीएसआईएफएस चार विभिन्न संस्थानों महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गोरखपुर, धीरूभाई अंबानी यूनिवर्सिटी गांधीनगर, उत्तर प्रदेश कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमओयू करने जा रहा है। इन एमओयू के जरिए छात्रों को केस स्टडी, पोस्टमार्टम प्रक्रिया, मेडिकल-लीगल पहलुओं और अपराध अनुसंधान के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का मौका मिलेगा। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के साथ होने वाले समझौते के तहत यूपीएसआईएफएस के छात्र फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग में पोस्टमार्टम की बारीकियों को करीब से समझ सकेंगे। इसमें पंचनामा से लेकर पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया का अध्ययन शामिल होगा। इससे छात्रों को यह समझने में मदद मिलेगी कि किसी घटना में मौत किन परिस्थितियों में हुई और वैज्ञानिक तरीके से उसका विश्लेषण कैसे किया जाता है। अपराध के पीछे सामाजिक व मनोवैज्ञानिक कारणों को जेल जाकर समझेंगे छात्र यूपीएसआईएफएस के डिप्टी डायरेक्टर चिरंजीव मुखर्जी ने बताया कि उत्तर प्रदेश कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं के साथ एमओयू से छात्रों को जेलों में जाकर बंदियों के केस स्टडी करने का मौका मिलेगा। छात्र यह जान सकेंगे कि बंदियों के मामलों में जमानत कैसे होती है, जेल का वातावरण कैसा होता है और अपराध के पीछे सामाजिक व मनोवैज्ञानिक कारण क्या होते हैं। यह अनुभव उन्हें अपराध की जड़ों को समझने में मदद करेगा, जो एक फॉरेंसिक एक्सपर्ट के लिए बेहद जरूरी है। वहीं, महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गोरखपुर के साथ एमओयू से दोनों संस्थानों के छात्रों को इंटरशिप के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही दोनों संस्थानों के फैकल्टी मेंबर दोनों संस्थानों में अपने लेक्चर दे सकेंगे। वहीं आगे चलकर, दोनों संस्थान मिलकर फॉरेंसिक साइंस की एक ज्वाइंट लैब भी स्थापित करेंगे। इस लैब में अत्याधुनिक तकनीकों के जरिए अनुसंधान और परीक्षण किए जाएंगे। इससे न केवल छात्रों को नई तकनीकों का ज्ञान मिलेगा, बल्कि राज्य में फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत होगा।  फैकल्टी मेंबर एक दूसरे के संस्थानों में देंगे लेक्चर धीरूभाई अंबानी यूनिवर्सिटी, गांधीनगर के साथ एमओयू से दोनों संस्थानों के बीच छात्र और फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम चलाए जाएंगे। यूपीएसआईएफएस के छात्र वहां जाकर इंटर्नशिप कर सकेंगे, जबकि धीरूभाई अंबानी यूनिवर्सिटी के छात्र लखनऊ आकर फॉरेंसिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इससे राष्ट्रीय स्तर पर ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान होगा। इस पहल की एक खास बात यह भी है कि केवल छात्र ही नहीं, बल्कि फैकल्टी मेंबर्स भी एक-दूसरे के संस्थानों में जाकर लेक्चर दे सकेंगे। इससे शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को विविध विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा। यह पहल डिजिटल क्राइम, साइबर फ्रॉड और जटिल आपराधिक मामलों में वैज्ञानिक जांच ही सटीक निष्कर्ष तक पहुंचने का सबसे विश्वसनीय माध्यम होगा।

ग्रेटर फरीदाबाद में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि का प्रस्ताव 19 गांवों की जमीन पर बसेंगे 12 नए सेक्टर

फरीदाबाद स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में जमीनों के दाम अब आसमान छूने की तैयारी में है। इसका सबसे ज्यादा असर ग्रेटर फरीदाबाद में देखने को मिलेगा। वहां सर्किल रेट (कलेक्टर रेट) 75 प्रतिशत तक बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। कलेक्टर रेट की प्रस्तावित दरों को बढ़ाने के साथ ही इन पर आपत्ति एवं सुझाव मांगे गए हैं। ये सुझाव 31 मार्च तक प्रशासन को दिए जाने हैं। एक अप्रैल के बाद नई दरों को लागू किया जा सकता है। इसके साथ ही जिले में 19 गांवों की जमीन पर 12 नए सेक्टर बसाए जाएंगे। जिला राजस्व विभाग की ओर से सरकार को भेजी गई सर्किल रेट की प्रस्तावित दरों के अनुसार, इस बार ग्रेटर फरीदाबाद के क्षेत्रों में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि की संभावना है। नीमका और फरीदपुर जैसे क्षेत्रों में आवासीय दरों में सीधे 75 फीसदी की वृद्धि प्रस्तावित है, जिससे रेट 18,000 रुपये से बढ़कर 31,500 रुपये प्रति वर्ग गज हो जाएंगे। वहीं, पॉश सेक्टर-14 और सेक्टर-21ए में 500 वर्ग गज से बड़े प्लॉटों पर 60 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। सेक्टर-14 में अब रेट 58,000 रुपये से बढ़कर 92,800 रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंचने की संभवना हैं। सेक्टर-16 सबसे महंगा होगा रिहायशी क्षेत्रों के अलावा अगर व्यावसायिक निवेश की बात करें तो सेक्टर-16 शहर का सबसे महंगा होगा। यहां 500 वर्ग गज तक के कॉमर्शियल प्लॉट के रेट में 75 फीसदी की रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जिससे पुरानी दर 1.21 लाख रुपये से बढ़कर अब करीब 2.11 लाख रुपये प्रति वर्ग गज प्रस्तावित है। हुडा फ्लैट्स और फ्लोर के दाम आसमान पर पहुंचेंगे प्रस्तावित सर्किल रेट के अनुसार, हुडा फ्लैट्स में रहने वालों पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। खासकर नीमका गांव के समीप बने हुडा सेक्टर, यहां फ्लैट्स के रेट में 75 फीसदी की भारी बढ़ोतरी प्रस्तावित है। इसी प्रकार बड़खल क्षेत्र में बने फ्लैट्स के विभिन्न तलों पर 30 फीसदी की एकसमान बढ़ोतरी की गई है। हाउसिंग बोर्ड में साधारण फ्लैट्स की दरों में भी 30 फीसदी का वृद्धि संभव है, जो 8190 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ेंगे दाम बड़खल तहसील के कोट गांव में आवासीय दरों में 60 फीसदी की वृद्धि प्रस्तावित है। तिगांव के मिर्जापुर में कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के ग्राउंड फ्लोर के रेट 75 प्रतिशत तक बढ़ाकर 14 हजार रुपये प्रति वर्ग फुट कर दिए गए हैं। बल्लभगढ़ तहसील के अंतर्गत आने वाली घनी आबादी वाली कॉलोनियों में भी दरों को बढ़ाया गया है। 19 गांव में काटे जाएंगे 12 सेक्टर जिले में 12 सेक्टर विकसित होने हैं। इनके लिए 19 गांव की करीब 4500 एकड़ जमीन खरीदी जानी है। इनमें सेक्टर-100 कॉमर्शियल सेक्टर होगा। सेक्टर 96ए व 97ए लोगों के लिए हैं। विकास चौधरी, डीआरओ फरीदाबाद, ''प्रस्तावित सर्कल रेट की एक कॉपी सरकार को भेजी गई है और एक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। लोग 31 मार्च को अपने नए सर्किल रेट पर अपने सुझाव व आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद इन्हें लागू कर दिया जाएगा।''

चंडीगढ़ में नर्सिंग कॉलेज चेयरमैन पर आरोप: 8 छात्राओं ने किया कोर्ट में खुलासा

हिसार हरियाणा के हिसार स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज के चेयरमैन को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। चेयरमैन जगदीश गोस्वामी पर छात्राओं के यौन उत्पीड़न और SC/ST एक्ट जैसी धाराओं के तहत FIR हुई थी। गोस्वामी करीब 3 महीने जेल में रहा।  इस मामले में अब कोर्ट का ऑर्डर आने के बाद छात्राओं के लगाए आरोप सामने आए हैं। जिसमें छात्राओं ने कहा- जबरन बाथरूम में फंसाकर उनकी ब्रा स्ट्रैप खींचने की कोशिश की। हॉस्टल में आकर पैर दबाने को कहा। सोते वक्त गुपचुप ढंग से चादर हटा दी। ऐसे ही कई गंभीर आरोप छात्राओं ने लगाए। हालांकि इस मामले में गोस्वामी के वकील ने कहा था कि कई छात्राओं ने एफिडेविट दिया कि सब गलतफहमी में हुआ है। जो अब सुलझ गया है। वहीं कोर्ट ने कहा कि आरोपी पर पहले कोई केस नहीं है। ट्रायल में ही आरोपों की सच्चाई पता चलेगी। जिसमें समय लगेगा। इसलिए उसे जमानत दी जाती है। 27 मार्च को जमानत के बाद अब इसकी केस की कॉपी से छात्राओं के बयान सामने आए हैं। कॉलेज की 8 छात्राओं की चेयरमैन को लेकर शिकायत पढ़ें.. 1. बाथरूम में फंसाया, टी-शर्ट उतारी, बासी रोटी खाने को कहा एक लड़की ने अपने साथ हुई 3 घटनाओं के बारे में बताया। उसने कहा- एक बार जब वह हॉस्टल में अपने कमरे में जा रही थी, तो जगदीश गोस्वामी ने उसे टेबलेट दिखाने के लिए बुलाया और बाथरूम में फंसाकर उसका शारीरिक उत्पीड़न करने का प्रयास किया। उसने उसके कंधे, कमर और ब्रेस्ट को छूने की कोशिश की। उसने उसकी टी-शर्ट उतारने के बाद ब्रा की स्ट्रैप भी खींचने की कोशिश की। इसके बाद उसने लगातार उसे परेशान किया, जिसमें थप्पड़ मारना, बाल खींचना, कान मरोड़ना और अनचाहा स्पर्श शामिल था। दूसरी घटना में लड़की ने बताया कि जगदीश गोस्वामी हॉस्टल आया और उसे दूसरी लड़की के कमरे में बुलाया और उससे अपने पैर दबाने को कहा। जब उसने मना कर दिया, तो उसने कहा, "क्या तुम इतनी बड़ी हो गई हो कि मुझे मना करोगी?" और जबरदस्ती उससे पैर दबवाने की कोशिश की। तीसरी घटना में छात्रा ने कहा कि जब वह खाना लेने हॉस्टल मेस गई, तो उसने उससे पूछा कि उसे क्या चाहिए। उसने जवाब दिया "रोटी"। उसने हॉस्टल मेस से एक बासी रोटी उठाई और कहा- यह लो और जाओ, यही खाने लायक है। 2. गोस्वामी कमरे में आया, चादर हटाई, शॉर्ट्स में थी दूसरी छात्रा का आरोप था कि 20 अप्रैल 2025 को वह अपने रूम में सो रही थी। इसी दौरान जगदीश गोस्वामी उसके कमरे में आया। उसने उसकी कमर से चादर हटाई और कहा, "ओह, मैंने तुम्हारे शरीर को छुआ है, इसे फिर से ढक लो।" उस समय छात्रा ने सनड्रेस और शॉर्ट्स पहने हुए थे। 3. खत्म करने की धमकी दी, सिर पर सेब रखवाया, पीछे से तीर मारा तीसरी छात्रा ने कहा- जब से मैंने स्ट्राइक में हिस्सा लिया, तब से उसे पर्सनली टारगेट किया जा रहा था और उसे धमकी दे रहा था कि “मैं तुम्हें खत्म कर दूंगा।” कॉलेज मैनेजमेंट और चेयरमैन के फीस बढ़ाने के बाद, स्टूडेंट्स का एक ग्रुप अपनी शिकायतों पर बात करने के लिए इकट्ठा हुआ। उसने बातचीत के दौरान एक सवाल उठाया। अगले दिन, जब वह और उसकी क्लासमेट लगभग 11:15 बजे ब्रेक के समय टहल रहे थे, तो चेयरमैन ने उसे बुलाया और अपने घर पर पर्सनली मिलने के लिए कहा। चेयरमैन ने उसे टारगेट प्रैक्टिस के लिए अपने सिर पर एक सेब रखने को कहा। जब उसने अपनी क्लासमेट के सामने मना किया, तो पीछे से उस पर एक तीर चला दिया गया। छात्रा ने कहा- कई बार, उसे बहुत ज्यादा तकलीफ हुई, जिसके बारे में पूरे स्टाफ को पता था। इसके बावजूद, जब उसे आराम की जरूरत थी, तो उसे ऊपर नहीं जाने दिया गया, न ही कोई दवा दी गई। उससे कहा गया कि वह हॉस्पिटल तभी जाएगी, जब उसकी हालत और खराब हो जाएगी और खराब सेहत के बावजूद उसे भर्ती रहना पड़ा। हालांकि, उसने जींद सिविल चार्ज 500 रुपए होने की वजह से हॉस्पिटल जाने से मना कर दिया। छात्रा ने आगे कहा- इंस्पेक्शन के दौरान उससे काम करवाया गया। उस समय, फिसलकर गिरने की वजह से उसके पैर में फ्रैक्चर था और उसके पास PGI खानपुर से इस बारे में एक मेडिकल रिपोर्ट थी। उसे न तो किसी हॉस्पिटल ले जाया गया और न ही कोई मेडिकल सुविधा दी गई। बार-बार घर जाने की शिकायत करने के बावजूद उसे जाने नहीं दिया गया। जब उसका भाई उसे लेने आया, तो उन्होंने झूठा दावा किया कि उन्हें उसकी हालत के बारे में कोई जानकारी नहीं है। 4. मेरे भाई को बॉयफ्रेंड कहा, गुंडा भी बताया चौथी छात्रा ने कहा- दिवाली से कुछ दिन पहले मुझे मेरा भाई लेने आया था। हमें खाटू श्याम जाना था। शुरू में स्टाफ ने मुझे जाने से मना कर दिया। जब मैंने विरोध किया तो स्टाफ मेंबर्स ने मेरे भाई के साथ बुरा बर्ताव किया। उन्होंने आगे पूछा कि क्या वह मेरा बॉयफ्रेंड है, जबकि वह हर बार मुझे लेने आता था और मेरी फोटो भी आउटपास पर है। जब मैंने यह बात प्रिंसिपल से कही, तो उन्होंने कहा- तुम्हारा भाई गुंडा है। 5. मेरे चेहरे पर गंदा पानी डाला, घर आने को कहा पांचवीं छात्रा ने कहा- चेयरमैन जगदीश गोस्वामी ने मुझे और मेरी फ्रेंड को नई कार खरीदने के मौके पर मिठाई बांटने के लिए बुलाया। उन्होंने मुझे आगे बुलाया और पूछा, “तुम्हारे हाथ में क्या है?” फिर उन्होंने मेरे चेहरे पर गंदा पानी डाल दिया, जिससे उसके कपड़े गीले हो गए और पूछा, “क्या तुम गुस्से में हो?” मैंने जवाब दिया, “सर, प्लीज अपनी मिठाई रख लो।” वहां जमा हुए सभी लोगों ने कहा कि यह एक मजाक था और उससे अपने कपड़े साफ करने को कहा, यह कहते हुए कि इससे कोई नुकसान नहीं है। चेयरमैन ने दूसरी लड़कियों के साथ भी तीन-चार बार बेइज्जती वाली हरकतें कीं। छात्रा ने आगे बताया- एक दिन, जब वह अपनी क्लासमेट के साथ क्लास जा रही थी, तो चेयरमैन ने उन्हें बुलाया और कहा कि वे अपने सिर पर सेब रखकर खड़ी हों। फिर उन्होंने शीशे … Read more

कोमालिका बारी का दमदार प्रदर्शन: एशियाई खेलों के चयन पर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में मिला आत्मविश्वास

एशियाई खेलों के चयन पर नजर, तीरंदाज कोमालिका बारी खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में दमदार प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त कोमालिका विश्व कैडेट और विश्व जूनियर खिताब जीतने वाली भारत की दूसरी महिला रिकर्व तीरंदाज हैं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता  ने बेटी को तीरंदाजी अपनाने के लिए किया प्रेरित कोमालिका का मानना है कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से जनजातीय क्षेत्रों से कई प्रतिभाएं आ सकती हैं सामने रायपुर साल 2021 में जब कोमालिका बारी ने अपनी राज्य की साथी दीपिका कुमारी की बराबरी करते हुए विश्व कैडेट और विश्व जूनियर दोनों खिताब जीतने वाली भारत की दूसरी महिला रिकर्व तीरंदाज बनने का गौरव हासिल किया, तब जमशेदपुर की इस खिलाड़ी से काफी सारी उम्मीदें जुड़ गई थीं।           हालांकि, जूनियर स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद सीनियर सर्किट में उनका सफर उतना आसान नहीं रहा। कोमालिका एशियाई खेलों और 2028 ओलंपिक जैसे बड़े टूर्नामेंट्स के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अभी तक वह पूरी तरह अपनी जगह पक्की नहीं कर पाई हैं।            अब 2026 एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में चयन की दौड़ अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, ऐसे में कोमालिका ने अपनी तैयारियों को और तेज कर दिया है। पुणे में चल रहे प्रशिक्षण शिविर में वह अपनी तकनीक को निखारने के साथ-साथ मानसिक मजबूती और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने पर भी खास ध्यान दे रही हैं।          कोमालिका ने साई मीडिया को कहा कि, “मैं फिलहाल टॉप-16 में हूं और राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का हिस्सा हूं। एशियाई खेलों के चयन को लेकर मैं गंभीरता से तैयारी कर रही हूं। साथ ही, मैं ज्यादा से ज्यादा प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अनुभव हासिल करना चाहती हूं, जबकि अपने प्रशिक्षण कार्यक्रम को भी बनाए रख रही हूं।”             झारखंड की यह प्रतिभाशाली तीरंदाज यहां जारी पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में तीरंदाजी प्रतियोगिता की प्रमुख आकर्षण हैं। कोमालिका ने आगे कहा कि, “मेरा अंतिम लक्ष्य (2028) ओलंपिक है। इस समय मेरा प्रशिक्षण काफी अच्छा चल रहा है और मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं। सबसे ज्यादा ध्यान मानसिक रूप से मजबूत रहने पर है, क्योंकि प्रदर्शन में इसकी बहुत बड़ी भूमिका होती है।” वह अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहती हैं, “मेरी यात्रा ने मुझे सिखाया है कि उतार- चढ़ाव आते रहेंगे, लेकिन कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से उन्हें पार कर आगे बढ़ा जा सकता है।”  उन्होंने यह भी बताया कि मैच अनुभव हासिल करने के अलावा वह अधिक से अधिक जनजातीय बच्चों को इस खेल को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहती हैं।               कोमालिका ने 12 साल की उम्र में पहली बार धनुष-बाण उठाया। उन्हें उनकी मां, जो एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं, का पूरा समर्थन मिला। उनकी मां ही उन्हें बिरसानगर में स्थानीय तीरंदाजी कोच के पास लेकर गईं, जहां से उनके करियर की शुरुआत हुई। साल 2012 में कोमालिका ने अपने शुरुआती संघर्षों का सामना करना शुरू किया। शुरुआती दिनों में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी कि वे अभ्यास के लिए धनुष खरीद सकें, इसलिए उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान बांस से बने अस्थायी धनुष का सहारा लिया।           प्रशिक्षण शुरू करने के चार साल बाद कोमालिका ने जमशेदपुर स्थित टाटा आर्चरी अकादमी में प्रवेश लिया और कोच धर्मेंद्र तिवारी तथा पूर्णिमा महतो के मार्गदर्शन में अभ्यास शुरू किया। लेकिन देश की इस प्रतिष्ठित अकादमी तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था, क्योंकि उन्हें अपने बिरसानगर स्थित घर से रोजाना 18 किलोमीटर साइकिल चलाकर वहां पहुंचना पड़ता था। वह कहती हैं, “जब मैंने तीरंदाजी शुरू की थी, तब मेरे कई सीनियर खिलाड़ी थे जिन्हें मैं रोल मॉडल मानती थी। हमें उन्हें आमतौर पर सिर्फ प्रतियोगिताओं के दौरान देखने का मौका मिलता था और इससे हमें काफी प्रेरणा मिलती थी।” उन्होंने आगे कहा कि , “यही एक बड़ा कारण है कि मैं खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में हिस्सा ले रही हूं। मैं चाहती हूं कि लोग मुझे खेलते हुए देखें और आगे आकर भाग लेने के लिए प्रेरित हों। अभी भी कई लोग भाग नहीं ले रहे हैं, लेकिन खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स एक बहुत अच्छा मंच है, जो प्रेरणा और अवसर दोनों प्रदान करता है।”             24 वर्षीय कोमालिका रायपुर में जारी प्रतियोगिता में व्यक्तिगत, टीम और मिश्रित टीम स्पर्धाओं में हिस्सा ले रही है। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2020 में व्यक्तिगत रजत पदक जीत चुकी कोमालिका इस मंच के महत्व को भली-भांति समझती हैं और मानती हैं कि ट्राइबल गेम्स जनजातीय पृष्ठभूमि से आने वाले खिलाड़ियों के विकास को नई गति दे सकते हैं। वे कहती हैं कि, “ट्राइबल गेम्स पूरे खेल पारिस्थितिकी तंत्र को बदलने की क्षमता रखते हैं, खासकर जनजातीय खिलाड़ियों के लिए। खेलो इंडिया द्वारा उठाया गया यह कदम और इन खेलों का आयोजन बेहद प्रभावशाली है। आमतौर पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं एक ही खेल पर केंद्रित होती हैं, लेकिन यहां कई खेल एक साथ आयोजित किए जा रहे हैं, ठीक राष्ट्रीय खेलों की तरह।”

सीएम नायब सिंह सैनी की बड़ी सौगात गुरुग्राम के 50 से अधिक सेक्टरों में बनेंगी 24 मीटर चौड़ी सड़कें

गुरुग्राम गुरुग्राम के 50 से अधिक सेक्टरों में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सरकार ने 24 मीटर चौड़ी सड़कों के निर्माण की बड़ी योजना तैयार की है। इस परियोजना के लिए कुल 1836 एकड़ जमीन की जरूरत है जिसमें से करीब 1158 एकड़ निजी जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में बजट में इसकी घोषणा की थी जिसका खर्च बिल्डरों से वसूला जाएगा। मौजूदा वक्त में संकरे रास्तों के कारण करीब 300 सोसाइटियों में रहने वाले एक लाख से अधिक परिवारों को आवाजाही की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 1158 एकड़ जमीन अधिग्रहण की तैयारी अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम में सेक्टर-58 से 115 तक यानी 57 सेक्टरों में 24 मीटर चौड़ी सड़कों के निर्माण के लिए 1158 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस सिलसिले में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के स्थानीय अधिकारियों की तरफ से जल्द जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार कर निदेशक कार्यालय को भेजा जाएगा। 1836 एकड़ जमीन की जरूरत शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के डीटीपी प्रवीण कुमार को सड़कों के निर्माण के लिए आवश्यक जमीन की जानकारी तैयार करने के निर्देश जारी किए थे। डीटीपी ने ढेसी को सौंपी रिपोर्ट में बताया है कि 1836 एकड़ जमीन चाहिए। इसमें से 574 एकड़ जमीन बिल्डरों से मिल जाएगी। यह जमीन रिहायशी और व्यावसायिक कॉलोनी का लाइसेंस जारी करने में शामिल है। टीडीआर पॉलिसी के तहत मिलेगी जमीन 104 एकड़ जमीन टीडीआर (ट्रांसफरेबल डिवेलपमेंट राइट्स) पॉलिसी के तहत मिल जाएगी। बची 1158 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करना होगा। इसमें से अधिकांश जमीन निजी लोगों के नाम पर है। बता दें कि गत दो मार्च को विधानसभा में प्रस्तुत बजट में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा था कि गुरुग्राम-मानेसर विकास योजना में शामिल 24 मीटर सड़कों के निर्माण के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। अधिग्रहण की राशि को बिल्डरों से वसूल किया जाएगा। संकरा रास्ता होने से परेशानी नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने गुरुग्राम-मानेसर विकास योजना में 24 मीटर सड़कों का निर्माण तो प्रस्तावित कर दिया, लेकिन इन सड़कों के निर्माण की दिशा में कदम नहीं उठाया। राजस्व रास्ते पर करीब 650 रिहायशी और व्यवसायिक सोसाइटियां विकसित करने को लेकर लाइसेंस जारी कर दिए। करीब 300 रिहायशी सोसाइटियों में एक लाख से अधिक परिवारों ने रहना शुरू कर दिया है। संकरा रास्ता होने से लोगों को परेशानी हो रही है।

जालंधर समेत पूरे पंजाब में गर्मी से राहत अगले दो दिनों में गिरेगा पारा

  जालंधर। पंजाब में लगातार मौसम बदल रहा है। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम ऐसे ही मेहरबान रहने वाला है, जिससे लोगों से गर्मी से बड़ी निजात मिलने वाली है। रुक रुक कर हो रही बारिश के साथ अब 3 अप्रैल तक मौसम ऐसा ही रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 30 मार्च को कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 31 मार्च से 3 अप्रैल के बीच कुछ स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है। इसके बाद भी मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। तापमान अगले दो दिनों में 2 से 4 डिग्री तक गिर सकता है। बारिश का असर कई जिलों में देखने में आ सकता है। आने वाले दिनों का पूर्वानुमान आने वाले दिनों में भी पंजाब का मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है। 31 मार्च को कई जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। वहीं 1 अप्रैल को भी राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधान रहने और खराब मौसम के दौरान जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी है। आपको बता दें कि हालांकि बारिश के कारण अब लोगों को धूप से राहत मिल गई है।  

संपत्ति कर जमा करने का आखिरी मौका, चूक गए तो 17% अधिभार के साथ होगी सख्त कार्रवाई

रायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम के राजस्व विभाग द्वारा शहर में लगातार अभियान चलाकर सभी 70 वार्डों के बड़े बकायादारों को चेतावनी दी जा रही है। निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि बकाया राशि समय पर जमा नहीं की गई, तो संबंधित बकायादारों पर नियमानुसार कुर्की और सीलबंदी जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। निगम प्रशासन ने अपील की है कि कार्रवाई की परेशानी और तनाव से बचने के लिए संबंधित सभी बड़े बकायादार नगर पालिक निगम रायपुर के राजस्व विभाग को तत्काल अपना सम्पूर्ण बकाया अदा कर दें। सभी सम्पत्तिकरदाता नागरिक अपना देय सम्पत्तिकर तत्काल नगर निगम रायपुर के राजस्व विभाग को अदा करें और अंतिम नियत तिथि दिनांक 31 मार्च 2026 तक करों की अदायगी नहीं किए जाने की स्थिति में नियमानुसार 17 प्रतिशत अधिभार सहित बकाया राजस्व की वसूली की सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिससे मानसिक परेशानी और तनाव से बचा जा सके। नगर पालिक निगम रायपुर के समस्त 10 जोन कार्यालयों के राजस्व विभाग और समस्त सदर काउंटर अंतिम देय तिथि 31 मार्च 2026 तक, महावीर जयंती के शासकीय अवकाश दिवस सहित, आम कार्य दिवस की तरह जनहित में जनसुविधा के लिए राजस्व वसूली के लिए सामान्य कार्यालयीन दिवस की भांति खुले रहेंगे। सभी सम्पत्तिकरदाता नागरिक जोन कार्यालय जाकर अपना देय सम्पत्तिकर तत्काल अदा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त नगर पालिक निगम रायपुर के ‘मोर रायपुर’ ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड करके तथा ऑनलाइन लिंक https://mcraipur.in/ के माध्यम से ऑनलाइन सम्पत्तिकर भुगतान की सुविधा निरंतर उपलब्ध रहेगी। इसके माध्यम से कोई भी सम्पत्तिकरदाता नागरिक अपने सम्पत्तिकर सहित समस्त निगम करों का भुगतान घर बैठे एक क्लिक पर आसानी से नगर पालिक निगम रायपुर के राजस्व विभाग को कर सकता है। रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के सभी 10 जोनों के समस्त 70 वार्डों के रहवासी सम्पत्तिकरदाता नागरिकों को इस सहज और सरल तरीके से प्राप्त हो रही प्रशासनिक जनसुविधा का अधिकाधिक लाभ ऑनलाइन सम्पत्तिकर भुगतान करके अवश्य उठाना चाहिए।

महावीर जयंती की सरकारी छुट्टी घोषित, पंजाब में शैक्षणिक संस्थान और ऑफिस बंद

चंडीगढ़. पंजाब में मंगलवार को सरकारी छुट्टी रहने वाली है। इसके चलते पूरे राज्य में स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। दरअसल, राज्य सरकार ने मंगलवार, 31 मार्च को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। यह फैसला महावीर जयंती के पावन अवसर को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 31 मार्च को गजटेड छुट्टी घोषित की गई है। राज्य सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक तौर पर ऐलान भी किया है, ताकि आम जनता को सरकारी कामकाज और शैक्षणिक संस्थानों के बंद रहने की जानकारी पहले से मिल सके। भगवान महावीर का जन्म यह दिन जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। उनका जन्म लगभग 6वीं सदी ईसा पूर्व में कुंडलपुर (वैशाली) में हुआ था। भगवान महावीर ने दुनिया को “जियो और जीने दो” का सिद्धांत दिया। उनका सबसे बड़ा ऐतिहासिक योगदान अहिंसा के प्रचार में है, जिसका मतलब है किसी भी जीव को मन, वचन या कर्म से कष्ट न पहुंचाना। उन्होंने उस समय के समाज में प्रचलित जात-पात और कर्मकांडों का विरोध किया और सभी जीवों की समानता पर जोर दिया। क्या-क्या रहेगा बंद और किस पर पड़ेगा असर 31 मार्च को पंजाब में सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। इसका असर शिक्षा और प्रशासन से जुड़े कामों पर साफ तौर पर दिखाई देगा। अगर आपको किसी सरकारी सेवा या संस्थान से जुड़ा काम करना है, तो बेहतर होगा कि उसे इस तारीख से पहले ही पूरा कर लें। इससे किसी भी तरह की देरी या परेशानी से बचा जा सकता है। पहले भी मिली थी छुट्टी, अब फिर एक और मौका मार्च महीने में इससे पहले 26 मार्च को रामनवमी के अवसर पर भी राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था। यानी महीने के अंत तक लोगों को एक से ज्यादा छुट्टियां मिल चुकी हैं। लगातार मिल रही इन छुट्टियों के कारण लोगों को थोड़ा ब्रेक लेने और परिवार के साथ समय बिताने का अच्छा मौका मिल रहा है।

CM यादव बोले: MSME इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र और लाखों परिवारों का स्वावलंबन

एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र और लाखों परिवारों के स्वावलंबन का हैं आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार प्रदेश के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने उपलब्ध करा रही है सहयोग और मार्गदर्शन देश-दुनिया के सभी निवेशकों के लिए खुले हैं प्रदेश के दरवाजे देश के प्रमुख स्टार्टअप राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की एमएसएमई इकाइयों को 169 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित स्टार्टअप को अनुदान और उद्यमियों को प्रदान किए भू-आवंटन पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मंत्री काश्यप ने भेंट किया लघु उद्योग निगम के 8 करोड़ रूपए के अंतरिम लाभांश का चैक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश के सर्वाधिक सशक्त, आर्थिक रूप से सुदृढ़ और बेहतर वित्तीय प्रबंधन वाले प्रथम तीन राज्यों में से एक है। राज्य सरकार प्रदेश के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध करा रही है। देश-दुनिया के सभी निवेशकों के लिए प्रदेश के दरवाजे खुले हैं। हम उद्योग मित्र नीतियों और सहयोग की भावना के साथ उनके स्वागत के लिए तत्पर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश भारतीय अर्थव्यवस्था में उद्योग हो या कृषि हर क्षेत्र में योगदान के लिए निरंतर सक्रिय है। एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र होने के साथ लाखों परिवारों के स्वावलंबन का आधार भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को समर्थ एमएसएमई विकसित मध्यप्रदेश की थीम पर मुख्यमंत्री निवास में 257 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को उनके खाते में 169.57 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक से जारी कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टार्टअप को लगभग 28 लाख से अधिक की अनुदान राशि की प्रथम किश्त भी जारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने लघु उद्योग निगम की ओर से 8 करोड़ रूपए के अंतरिम लाभांश का चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल और आगर-मालवा के तीन उद्यमियों को औद्योगिक भूमि के लिए आवंटन-पत्र प्रदान किए और मुख्यमत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत हितलाभ वितरण भी किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का आयोजन महावीर जयंती के शुभ अवसर पर हो रहा है। यह भगवान महावीर के जनकल्याण और शुचिता के सिद्धांतों को साकार करने का भी प्रतीक है। प्रदेश में उद्योग-व्यापार गतिविधि और उद्यमिता प्रोत्साहित करने के लिए व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित करते हुए निरंतर नवाचार जारी हैं। राज्य सरकार उद्यमियों को लिए पूंजी, भूमि और व्यवस्थाओं में सरलता कर, उनकी प्रगति की राह को आसान बना रही है। विभाग द्वारा बड़ी राशि का सिंगल क्लिक से सीधे अंतरण व्यवस्था में सुगमता और स्पष्टता का परिचायक है। पूरे देश में मार्च क्लोजिंग का वातावरण है, ऐसे में राज्य सरकार द्वारा एमएसएमई इकाइयों और उद्यमियों को राशि और सुविधा उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह प्रदेश में नए संकल्पों के साथ नया वित्तीय वर्ष आरंभ करने का भी प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में ही भारत स्वयं को सुरक्षित महसूस करते हुए प्रगति पथ पर अग्रसर है। युद्ध के दोनों पक्ष भारत का सहयोग कर रहे हैं, यह प्रधानमंत्री मोदी की कुशल नीतियों से ही संभव है। जहां एक ओर विश्व के कई देशों में पेट्रोल-डीजल, गैस की उपलब्धता प्रभावित हो रही है, वहीं हमारे देश में प्रधानमंत्री मोदी ने इनके मूल्यों पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ने दिया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत समर्थ भी है और सक्षम भी। सभी क्षेत्रों में हो रही है प्रगति : मंत्री काश्यप सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनता के बीच सक्रिय होने के साथ प्रशासनिक दृष्टि से भी निरंतर गतिशील हैं। उनके व्यापक और स्पष्ट दृष्टिकोण के परिणाम स्वरूप प्रदेश उद्योग-व्यापार, कृषि, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने सहित सभी क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है। प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विभाग में डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्थाएं स्थापित की गई हैं। जिसके परिणामस्वरूप भूमि आवंटन प्रक्रिया को गति मिली है। प्रदेश के 25 औद्योगिक क्षेत्रों में विकास कार्य जारी हैं, साथ ही 6 नए औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 7100 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश, देश के प्रमुख स्टार्टअप राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है। कार्यक्रम में एमएसएमई इकाई के संचालक, उद्यमी और बड़ी संख्या में स्टार्ट-अप्स मौजूद रहे।  

विशेष खिलाड़ियों को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग राजीव गांधी स्टेडियम बनेगा नया स्पोर्ट्स हब

गुरुग्राम गुरुग्राम के दौलताबाद स्थित राजीव गांधी स्टेडियम अब विशेष (स्पेशल) खिलाड़ियों के लिए एक नए खेल हब के रूप में उभरने जा रहा है। करीब 15 लाख रुपये की लागत से यहां जिले का पहला ‘स्पेशल’ पावरलिफ्टिंग सेंटर तैयार होगा, जिसे नेशनल सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना है। इस सेंटर में इंडोर ट्रेनिंग की आधुनिक सुविधाएं, एडवांस इक्विपमेंट और प्रोफेशनल माहौल उपलब्ध कराया जाएगा। इससे खिलाड़ियों को उच्च स्तर की तैयारी का अवसर मिलेगा। स्पेशल खिलाड़ियों को बड़ा गिफ्ट, मिलेगी बेहतर ट्रेनिंग खास बात यह है कि इस पहल से गुरुग्राम के साथ-साथ हरियाणा और अन्य राज्यों के स्पेशल खिलाड़ियों को भी एक ही जगह बेहतर ट्रेनिंग और एक्सपोजर मिल सकेगा। अभी तक खिलाड़ियों को ऐसी सुविधाओं के लिए बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर की तैयारी का प्लेटफॉर्म मिलेगा, जो उनके प्रदर्शन और भविष्य दोनों को नई दिशा देगा। स्पेशल खिलाड़ियों को मिलेगा पहचान बनाने का मौका यह सेंटर न केवल खेल प्रदर्शन को बेहतर बनाएगा, बल्कि स्पेशल खिलाड़ियों में आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देगा, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। स्पेशल ओलंपिक हरियाणा के एरिया इंचार्ज वीरेंद्र कुमार ने कहा कि यह स्पेशल खिलाड़ियों के लिए बड़ी शुरुआत है। जिले में धीरे इस तरह के सेंटर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर प्लेटफॉर्म मिल सके। पूरी तरह इंडोर होगा यह सेंटर उन्होंने बताया कि यह सेंटर खिलाड़ियों के सपनों को नई दिशा देगा और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगा। इस सेंटर को पूरी तरह इंडोर बनाया जाएगा ताकि खिलाड़ी हर मौसम में अभ्यास कर सकें। आरामदायक तरीके से ले सकेंगे ट्रेनिंग इस ‘स्पेशल’ पावरलिफ्टिंग सेंटर में बेंच प्रेस टेबल, स्क्वाट रैक, डेडलिफ्ट प्लेटफॉर्म, मल्टी जिम, स्ट्रेंथ मशीन, एडवांस वेट प्लेट्स और प्रोफेशनल बारबेल लगाए जाएंगे। सभी उपकरण स्पेशल खिलाड़ियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किए जाएंगे, जिससे वे सुरक्षित और आरामदायक तरीके से ट्रेनिंग ले सकें। राष्ट्रीय स्तर की तैयारी के लिए बेहतर मंच मिलेगा यह सेंटर केवल एक ट्रेनिंग जगह नहीं होगी, बल्कि नेशनल लेवल की तैयारी का प्लेटफॉर्म बनेगा। यहां समय-समय पर बड़े ट्रेनिंग कैंप आयोजित किए जाएंगे, जिनमें अलग-अलग राज्यों के खिलाड़ी भी हिस्सा लेंगे। इससे खिलाड़ियों को प्रतियोगी माहौल मिलेगा और वे अपनी क्षमता को बेहतर तरीके से निखार सकेंगे।   गुरुग्राम जिले का पहला 'स्पेशल' सेंटर यह गुरुग्राम जिले का पहला ऐसा स्पेशल सेंटर होगा जो विशेष रूप से स्पेशल खिलाड़ियों के लिए तैयार किया जा रहा है। यहां सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले स्पेशल बच्चे नियमित रूप से प्रैक्टिस कर सकेंगे। इसके साथ ही विशेष सत्रों के माध्यम से उन्हें खेल के साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित किया जाएगा।