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राहुल गांधी ने जताया खेद, कहा- मेरे बयान का संबंध शिवराज और कार्तिकेय से नहीं था

जबलपुर  कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान के बीच चल रहे बहुचर्चित मानहानि विवाद में समझौते की संभावनाओं के संकेत उभरते दिखाई दिए हैं। हाई कोर्ट में राहुल गांधी ने एक विस्तृत लिखित आवेदन प्रस्तुत कर कहा है कि उनके वर्ष 2018 के चुनावी भाषण को गलत संदर्भ में लिया गया, जबकि उनका आशय न तो तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से था और न ही कार्तिकेय सिंह चौहान से। बुधवार को न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने राहुल गांधी का आवेदन रिकॉर्ड पर लेते हुए कार्तिकेय सिंह चौहान से लिखित जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। मामले की सुनवाई 25 जून को पुनः होगी। 'राहुल गांधी ने पैर पकड़ कर माफी मांगी' बीजेपी नेता और भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव तेजिंदर बग्गा ने एक्स पर लिखा है कि राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह से 'पैर पकड़ कर माफी मांगी' है। बग्गा ने दावा किया है कि राहुल गांधी ने शिवराज सिंह चौहान के बेटे के खिलाफ झूठे आरोप लगाए और इसकी वजह से उन्हें मानहानि के केस का सामना करना पड़ा। राहुल गांधी के आवेदन में क्या था? अब वहीं, राहुल गांधी की ओर से हाईकोर्ट में दायर आवेदन में कहा गया है कि उनका बयान कार्तिकेय सिंह के संबंध में नहीं था. उनके वकील ने कोर्ट में बताया कि जिस टिप्पणी को लेकर विवाद हुआ, उसका संबंध कार्तिकेय सिंह से नहीं था और अगर किसी तरह की गलतफहमी हुई है तो इसके लिए उन्हें बहुत खेद है।  BJP ने साधा राहुल गांधी पर निशाना वहीं, इस मामले को लेकर बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि राहुल गांधी को शायद अपने नाम के साथ ‘सॉरी’ जोड़ लेना चाहिए, क्योंकि उन्हें कई बार अपने बयानों पर माफी मांगनी पड़ी है. अमित मालवीय ने कहा कि अगर राहुल गांधी का बयान कार्तिकेय सिंह के बारे में नहीं था, तो फिर उनका नाम क्यों लिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अक्सर बिना वजह बड़े-बड़े आरोप लगाते हैं और बाद में कोर्ट या तथ्यों के सामने आने पर अपने बयान से पीछे हट जाते हैं।  मालवीय ने आगे कहा कि विपक्ष के नेता जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति से जिम्मेदार व्यवहार की उम्मीद की जाती है. उनका कहना है कि राजनीतिक नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर ऐसे बयान देते समय फैक्ट्स की जांच कर लेनी चाहिए।  तेजिंदर बग्गा का दावा बीजेपी नेता और भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव तेजिंदर बग्गा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया है कि राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह से जुड़े मानहानि मामले में पैर पकड़कर माफी मांगी है।      राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के बेटे कार्तिकेय सिंह से पैर पकड़ कर माफ़ी माफ़ी । राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह पर झूठे आरोप लगाए थे और मानहानि का केस झेल रहे थे । बग्गा का आरोप है कि राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह के खिलाफ झूठे आरोप लगाए थे, जिसके बाद उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज हुआ. हालांकि, मामले में कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है और अदालत में सुनवाई चल रही है।  राहुल के वकील ने दी यह दलील राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा व अजय गुप्ता ने दलील दी कि झाबुआ में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित बयान में मध्य प्रदेश नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के एक पूर्व मुख्यमंत्री का संदर्भ था। आवेदन में यह भी कहा गया कि बयान को लेकर यदि कोई भ्रम उत्पन्न हुआ, तो उस पर पहले ही खेद व्यक्त किया जा चुका है।  कार्तिकेय सिंह ने लगाया मानहानि केस दरअसल, कार्तिकेय सिंह चौहान ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने पनामा पेपर्स प्रकरण का उल्लेख करते हुए ऐसा वक्तव्य दिया, जिससे उनकी सार्वजनिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई। इसी आधार पर भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में मानहानि का मामला दायर किया था। कोर्ट से राहुल गांधी को समन जारी हुआ था।  इसी समन को चुनौती देते हुए राहुल गांधी हाई कोर्ट पहुंचे हैं। अब उनके ताजा स्पष्टीकरण के बाद अदालत ने प्रतिपक्ष का पक्ष जानना जरूरी माना है। राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा है कि मामला टकराव के बजाय सहमति के रास्ते की ओर बढ़ सकता है। आज की सुनवाई इस बहुचर्चित विवाद की दिशा तय कर सकती है। राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह से खेद जताया     दरअसल, लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक याचिका डाली है।     इस याचिका में उन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह के खिलाफ अपने कथित अपमानजनक बयान के लिए खेद प्रकट किया है।     याचिका में राहुल गांधी की ओर से कहा गया है कि कांग्रेस नेता ने जो टिप्पणी की थी, उसका कार्तिकेय सिंह से संबंध नहीं था। राहुल गांधी के खिलाफ किया मानहानि केस     इससे पहले कार्तिकेय सिंह ने भोपाल की एक अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत की थी।     उनका आरोप है कि राहुल गांधी के बयान से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है।     एमपी-एमएलए कोर्ट में कार्तिकेय सिंह की ओर से दायर शिकायत में कहा गया कि 2018 में झाबुआ की एक चुनावी रैली में राहुल गांधी ने पनामा पेपर लीक स्कैंडल का जिक्र करते हुए, उससे उनका नाम जोड़ दिया।     इसी शिकायत के आधार पर अदालत ने राहुल गांधी को उसके सामने निजी तौर पर पेश होने के लिए समन जारी किया था।     लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसी समन और मानहानि की कार्यवाही को खारिज करने के लिए हाई कोर्ट का रुख किया है।  

यूपी BJP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, 19 उपाध्यक्ष और 8 महामंत्री समेत 46 नामों का ऐलान

लखनऊ  यूपी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है. इस टीम में 19 उपाध्यक्ष और 8 महामंत्री बनाए गए हैं. इस टीम में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन का ध्यान रखा गया है. साथ कई महिला चेहरों को भी शामिल किया गया है. इसके अलावा 46 मंत्री, क्षेत्रीय और मोर्चा प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी अपनी इसी टीम के साथ 2027 के रण में उतरेंगे।  सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, रमेश सिंह, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह, नीरज सिंह समेत 19 नेताओं को उपाध्यक्ष बनाया गया है. इसमें प्रियंका रावत, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल और डॉ. कृतिका अग्रवाल जैसी महिला नेताओं को भी जगह मिली है. रामप्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, संजय राय, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी को महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है. विजय शिवहरे, बसंत त्यागी, शिवभूषण सिंह, अंकुर शर्मा, अनिल यादव समेत 46 नेताओं को मंत्री बनाया गया है।  क्षेत्रीय और मोर्चा प्रभार पश्चिम क्षेत्र की कमान नबाब सिंह नागर, ब्रज क्षेत्र पूरन लाल लोधी, कानपुर क्षेत्र राम किशोर साहू, अवध क्षेत्र अवधेश द्विवेदी, काशी क्षेत्र अशोक चौरसिया और गोरखपुर क्षेत्र विनोद राय को सौंपी गई है. मोर्चों में रोहित मिश्रा युवा मोर्चा, प्रकाश पाल पिछड़ा मोर्चा, देवेन्द्र सिंह किसान मोर्चा, अशोक रावत अनुसूचित मोर्चा, सरोज कुशवाह महिला मोर्चा और विद्याभूषण गोंड अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बने हैं।  दिनेश प्रताप मुख्य प्रवक्ता वहीं दिनेश प्रताप सिंह को मुख्य प्रवक्ता, मनीष दीक्षित को प्रदेश मीडिया संयोजक और हिमांशुराज पंडित को प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।  जातिगत समीकरणों को साधने की बड़ी कोशिश पार्टी के इस नए संगठनात्मक फेरबदल के पीछे उत्तर प्रदेश के जटिल जातिगत समीकरणों और सोशल इंजीनियरिंग को पूरी तरह साधने का एक बड़ा प्रयास साफ दिखाई दे रहा है. विशेष रूप से प्रियंका रावत जैसे चेहरों को आगे बढ़ाकर बीजेपी नेतृत्व ने उन वर्गों पर फोकस किया है जो लंबे वक्त से दलित वर्ग का कुशल नेतृत्व करते आए हैं, जिससे आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी को मजबूत बढ़त मिल सके।  शीर्ष नेतृत्व ने पूर्व में संगठन संभाल रहे संजय राय पर दोबारा बड़ा भरोसा जताते हुए उन्हें फिर से प्रदेश महामंत्री के पद की जिम्मेदारी सौंपी है.उनके साथ ही धाकड़ विधायक राजेश चौधरी को भी नया प्रदेश महामंत्री नियुक्त कर सांगठनिक काम सौंपा गया है।  रोहित मिश्रा को युवा मोर्चा की जिम्मेदारी वहीं, युवाओं को पार्टी की मुख्यधारा से जोड़ने और आगामी रणनीति को धार देने के लिए रोहित मिश्रा को युवा मोर्चा का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, ताकि युवाओं के साथ-साथ सभी जातिगत समीकरणों को मैदानी स्तर पर पूरी तरह साधा जा सके।  यहां पर देखें पूरी लिस्ट क्रम संख्या नाम पद / क्षेत्र / मोर्चा 1 सुरेश राणा उपाध्यक्ष 2 सत्यपाल सैनी उपाध्यक्ष 3 ब्रज बहादुर उपाध्यक्ष 4 डॉ. धर्मेंद्र सिंह उपाध्यक्ष 5 मोहित बेनीवाल उपाध्यक्ष 6 देवेश कोरी उपाध्यक्ष 7 प्रियंका रावत उपाध्यक्ष 8 दुर्विजय शाक्य उपाध्यक्ष 9 रमेश सिंह उपाध्यक्ष 10 नीरज सिंह उपाध्यक्ष 11 अर्चना मिश्रा उपाध्यक्ष 12 पूजा पाल उपाध्यक्ष 13 शंकर गिरी उपाध्यक्ष 14 कामेश्वर सिंह उपाध्यक्ष 15 डॉ कृतिका अग्रवाल उपाध्यक्ष 16 सुरेश मौर्य उपाध्यक्ष 17 राजेश यादव उपाध्यक्ष 18 कृष्ण बिहारी राय उपाध्यक्ष 19 आलोक गुप्ता उपाध्यक्ष 20 रामप्रताप सिंह चौहान महामंत्री 21 गीता शाक्य महामंत्री 22 अभिजात मिश्रा महामंत्री 23 उपेंद्र रावत महामंत्री 24 संजय राय महामंत्री 25 शंकर लोधी महामंत्री 26 दिलीप पटेल महामंत्री 27 राजेश चौधरी महामंत्री 28 विजय शिवहरे मंत्री 29 बसंत त्यागी मंत्री 30 शिवभूषण सिंह मंत्री 31 सहजानंद राय मंत्री 32 अंकुर शर्मा मंत्री 33 अनिल यादव मंत्री 34 अवधेश श्रीवास्तव मंत्री 35 विजय राजभर मंत्री 36 प्रमेन्द्र जांगड़ा विश्वकर्मा मंत्री 37 किरण लोधी निषाद मंत्री 38 राकेश बिंद मंत्री 39 संचिता सिंह चौहान (लुनिया) मंत्री 40 रजनी पांडेय मंत्री 41 राहुल वाल्मीकि मंत्री 42 महामेधा नागर मंत्री 43 दीपमाला संतोषी मंत्री 44 सुहासिनी जायसवाल मंत्री 45 यतेंद्र शर्मा मंत्री 46 आकांक्षा सोनकर मंत्री 47 नबाब सिंह नागर क्षेत्रीय अध्यक्ष (पश्चिम) 48 पूरन लाल लोधी क्षेत्रीय अध्यक्ष (ब्रज) 49 राम किशोर साहू क्षेत्रीय अध्यक्ष (कानपुर) 50 अवधेश द्विवेदी क्षेत्रीय अध्यक्ष (अवध) 51 अशोक चौरसिया क्षेत्रीय अध्यक्ष (काशी) 52 विनोद राय क्षेत्रीय अध्यक्ष (गोरखपुर) 53 भारत दीक्षित कार्यालय मंत्री 54 अतुल अवस्थी कार्यालय सह-मंत्री 55 लक्ष्मण सिंह कार्यालय सह-मंत्री 56 दिनेश प्रताप सिंह मुख्य प्रवक्ता 57 मनीष दीक्षित प्रदेश मीडिया संयोजक 58 हिमांशु राज पंडित प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक 59 रोहित मिश्रा प्रदेश अध्यक्ष (युवा मोर्चा) 60 प्रकाश पाल प्रदेश अध्यक्ष (पिछड़ा मोर्चा) 61 देवेन्द्र सिंह प्रदेश अध्यक्ष (किसान मोर्चा) 62 अशोक रावत प्रदेश अध्यक्ष (अनुसूचित मोर्चा) 63 सरोज कुशवाह प्रदेश अध्यक्ष (महिला मोर्चा) 64 विद्याभूषण गोंड प्रदेश अध्यक्ष (अनुसूचित जनजाति मोर्चा)

महतारी वंदन योजना की महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, जल्द खुलेगा आवेदन पोर्टल: मंत्री राजवाड़े

रायपुर. महतारी वंदन योजना से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. योजना से अब तक नहीं जुड़ पाईं विवाहित महिलाओं के लिए जल्द ही पोर्टल खोलने की तैयारी है. महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि मुख्यमंत्री की अनुमति मिल चुकी है, और अगले एक सप्ताह के भीतर पोर्टल शुरू करने की तैयारी की जा रही है. मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने लल्लूराम डॉट कॉम से चर्चा में बताया कि पोर्टल खोलने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जाएगी. सबसे पहले बस्तर संभाग के जिलों में पोर्टल खोला जाएगा, जिसके बाद प्रदेश के अन्य संभागों में भी आवेदन और पंजीयन की सुविधा शुरू की जाएगी. इस माध्यम से सरकार का उद्देश्य उन पात्र महिलाओं को योजना का लाभ पहुंचाना है, जो किसी कारणवश अब तक आवेदन नहीं कर सकी हैं, या जिनका नाम योजना में शामिल नहीं हो पाया है. बता दें कि महतारी वंदन योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, परिवार में उनकी भागीदारी को मजबूत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करना है. पोर्टल खुलने से बड़ी संख्या में ऐसी महिलाओं को राहत मिलेगी जो लंबे समय से आवेदन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रही थीं. पोर्टल शुरू होने के बाद पात्र महिलाएं आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकेंगी. इसके लिए संबंधित विभाग की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे. महतारी वंदन योजना का दायरा बढ़ाकर अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को इसका लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है.

एक दिन पहले घर से लापता हुए थे दोनों, अशोकनगर में कार से मिले युवक-युवती के शव

अशोकनगर  मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में एक कार के अंदर युवक-युवती की लाश मिली है। कार के अंदर खून फैला हुआ है। अटकलें हैं कि युवती की हत्या धारदार हथियार से गला रेतकर की गई है। वहीं, युवकी की मौत गोली लगने से बताया जा रहा है। देर रात मिली है लाश मामला बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात 3 बजे की है। शहर के ईसागढ़ रोड स्थित महाना गांव में युवक-युवती का शव मिला है। घटना की सूचना मिलते ही अशोकनगर पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई है। इसके बाद आगे की जांच शुरू कर दी है। आगे की सीट पर पड़े थे दोनों के शव जीप के आगे की सीट पर युवक-युवती के शव पड़े थे। प्रारंभिक जांच में युवक के सिर में गोली लगने का निशान मिला है, जबकि युवती के शरीर पर व गले को रेतने के भी गहरे निशान मिले हैं। पुलिस को कार के अंदर से एक पिस्टल पेपर कटर भी बरामद हुआ है। एक दिन पहले घर से हुए थे लापता जानकारी के अनुसार, अशोकनगर निवासी युवक रितिक सोनी 26 साल और युवती मुस्कान जैन पुत्री विवेक जैन 24 साल जो एक दिन पहले अपने घर से लापता हुए थे। इसके बाद दोनों के परिवार दोनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मोबाइल लोकेशन से घटना स्थल पहुंची पुलिस पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद मोबाइल लोकेशन के आधार पर दोनों की तलाश शुरू की गई। फिर पुलिस घटनास्थल तक पहुंची। अशोकनगर पुलिस ने देखा कि दोनों शव खून से सने हुए थे। इसके बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सूचना मिलने पर टीम महाना गांव के पास पहुंची, जहां जीप में दोनों शव मिले। उन्होंने पुष्टि की कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा। भुवनेश शर्मा, देहात थाना प्रभारी एक साथ दोनों करते थे जॉब बताया जा रहा है कि दोनों युवक-युवती एक साथ पढ़ते थे। फिर एक साथ एक प्राइवेट कंपनी में दोनों जॉब करते थे। युवक का इंदौर में कार इंटीरियर से जुड़ा व्यापार था और 15 दिन पहले ही रितिक अशोकनगर आया था। घटना के बाद मृतक युवक के पिता ने मामले में दोनों की हत्या की आशंका जताई है और फोरेंसिक जांच की मांग की है। हालांकि पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला।  

जमीन खरीद विवाद पर CM मोहन यादव का जवाब, बोले- आरोप निराधार और राजनीति से प्रेरित

भोपाल. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भारतीय जनता पार्टी ने उनके और उनके परिवार पर उज्जैन में जमीन खरीदने में अनियमितता के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. बीजेपी का कहना है कि यह एक ओबीसी मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की राजनीतिक साजिश है और परिवार की अधिकांश संपत्तियां उनके मुख्यमंत्री बनने से पहले से हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने दावों के सामने आते ही बड़ी सफाई जारी की. सरकार की तरफ से इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया गया है. बयान में साफ किया गया कि दिसंबर 2023 में पद संभालने के बाद से सीएम मोहन यादव या उनके परिवार के किसी भी सदस्य ने कोई नई जमीन नहीं खरीदी है. यहां तक कि उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर भी इस दौरान कोई जमीन नहीं ली गई है.  वहीं विपक्ष ने मामले को लेकर सवाल उठाए हैं और जांच की मांग की है. इस पूरे विवाद की शुरुआत एक रिपोर्ट के बाद हुई. रिपोर्ट में दावा किया गया कि दिसंबर 2023 में मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार से जुड़े लोगों और संबंधित रियल एस्टेट कंपनियों ने उज्जैन में 137 भूखंड खरीदे, जिनका कुल क्षेत्रफल करीब 168 एकड़ बताया गया है. इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत लगभग 45 करोड़ रुपये बताई गई. रिपोर्ट के मुताबिक, जमीनें उन इलाकों में खरीदी गईं जहां भविष्य में सड़क परियोजनाएं, मास्टर प्लान के तहत भूमि उपयोग में बदलाव और 2028 के सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्य प्रस्तावित हैं. दावा किया कि इन परियोजनाओं के चलते इन क्षेत्रों में जमीन की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है. मामले से जुड़े मुख्य बिंदु:आरोप:  कांग्रेस ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए सीएम और उनके परिवार पर पद के दुरुपयोग और हितों के टकराव (Conflict of Interest) का आरोप लगाया था. बीजेपी का बचाव: प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि सीएम के बेटे वैभव यादव की 16 एकड़ जमीन 2023 से पहले की है और बहू शालिनी यादव द्वारा 2025 में खरीदी गई 10 एकड़ जमीन मास्टर प्लान के दायरे में नहीं आती है. कांग्रेस की मांग: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने और सीएम के इस्तीफे की मांग की है.

खाद संकट या पर्याप्त भंडार? पंजाब में यूरिया और DAP की उपलब्धता पर छिड़ा राजनीतिक घमासान

 चंडीगढ़ पंजाब में यूरिया व डीएपी खाद की कमी की अटकलों का केंद्र सरकार ने विरोध किया है। केंद्र ने पुष्टि की है कि खरीफ 2026 सीजन के लिए पंजाब में यूरिया और डीएपी खाद की आवश्यक मात्रा उपलब्ध है। यह जवाब भाजपा पंजाब के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की ओर से बीती 10 जून 2026 को केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री को लिखे गए पत्र के जबाव में आया है। दरअसल, 23 जून 2026 को केंद्र सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की संयुक्त सचिव वंदना प्रेयशी ने ढिल्लों को बताया कि पंजाब को 11,45,000 मीट्रिक टन यूरिया और 1,80,000 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध करवाई गई है जो राज्य की आवश्यकता से भी अधिक है। वर्तमान में राज्य के पास 4,27,000 मीट्रिक टन यूरिया और 98,000 मीट्रिक टन डीएपी का क्लोजिंग स्टॉक मौजूद है। खाद किसानों तक पहुंचाने की मांग ढिल्लों ने कहा मोदी सरकार ने एक बार फिर साबित किया है कि पंजाब का किसान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ढिल्लों का कहना है कि उनकी तरफ से भेजे गए पत्र का कुछ ही दिनों में केंद्र ने स्पष्ट जवाब दिया है। अब सवाल यह है कि क्या आप सरकार इस खाद को जिला और ब्लाक स्तर तक किसानों तक पहुंचाएगी या नहीं। समयबद्ध वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करे सरकार  ढिल्लों ने चेतावनी दी कि उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत जमाखोरी, कालाबाजारी और ऊंचे दामों पर बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करना राज्य सरकार की पूरी जिम्मेदारी है। यदि किसानों तक खाद नहीं पहुंचती, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी भगवंत मान सरकार की होगी। भाजपा पंजाब मांग करती है कि आप सरकार सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में खाद की पारदर्शी और समयबद्ध वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करे।

IDFC बैंक घोटाले में बड़ा एक्शन, IAS पंकज अग्रवाल जेल भेजे गए; 6 अफसर रडार पर

चंडीगढ़. सीबीआई द्वारा आईडीएफसी बैंक घोटाले मामले में गिरफ्तार किए गए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल का 2 दिन का रिमांड खत्म होने पर उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में पेश किए जाने के बाद अब आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। हरियाणा के चर्चित लगभग 657 करोड़ के आइडीएफसी बैंक घोटाले में सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आइएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। इससे पहले जांच एजेंसी आइएएस अधिकारी राम कुमार सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। सीबीआई ने मंगलवार को पंकज अग्रवाल को अदालत में पेश किया था, जहां से उसे दो दिन के रिमांड पर भेज दिया गया था। यह घोटाला हरियाणा और चंडीगढ़ के कई विभागों से जुड़ा हुआ है। सीबीआई ने अदालत में कहा कि पंकज अग्रवाल के कुछ इलेक्ट्रानिक उपकरण और दस्तावेज बरामद करने हैं। बचाव पक्ष के वकील ने क्या कहा? वहीं, बचाव पक्ष के वकील विशाल गर्ग ने कहा कि ग्रवाल पहले ही सभी मोबाइल, लैपटॉप और अन्य दस्तावेज सौंप चुके हैं। ऐसे में रिमांड की जरूरत नहीं है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने पंकज अग्रवाल का रिमांड पर भेज दिया। अग्रवाल आर्किटेक्चर विभाग में प्रधान सचिव हैं। जांच अनुसार पंकज जिस समय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रशासनिक सचिव थे, तब हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) के खाते से करीब 10 करोड़ रुपये निकाले गए। यह खाता चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आइडीएफसी फर्स्ट बैंक में एग्रीकल्चर मार्केटिंग डेवलपमेंट फंड के नाम से संचालित था। आरोप है कि इस राशि में से 9.75 करोड़ एसआरआर प्लानिंग गुरु लिमिटेड और 25 लाख रुपये मन्नत कांट्रेक्टर नामक कंपनियों को भेजे। दोनों शेल कंपनियां थीं, जिनका इस्तेमाल सरकारी धन को ठिकाने लगाने के लिए किया गया। छह आइएएस अधिकारी जांच के दायरे में इस मामले में हरियाणा के छह अन्य आइएएस अधिकारी भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। इनमें मोहम्मद शाइन, मणिराम शर्मा, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग, साकेत कुमार और डीके बेहरा के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। सीबीआई और ईडी दोनों मामले की जांच कर रही हैं और इस घोटाले में और भी कई राज खुल सकते हैं। नियमों के विपरीत खोले गए बैंक खाते सीबीआई के अनुसार हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के बैंक खाते पंकज अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान खोले गए थे। सीबीआई के मुताबिक सीबीआई जांच में अग्रवाल का नाम हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (एचएसएसपीपी) से जुड़े फंड गबन मामले में भी सामने आया है।

डोंगरगांव की जनता ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव से की थी नगर पालिका की मांग, डिप्टी सीएम ने दिया उपहार

राजनांदगांव. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने डोंगरगांव नगरवासियों की मांग पर डोंगरगांव को नगर पालिका परिषद का दर्जा प्रदान किया है। इसका राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित हो गई है। इससे पूरे नगर में खुशी एवं उत्साह का वातावरण है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 के प्रावधानों के तहत राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव नगर पंचायत का उन्नयन कर उसे नगर पालिका परिषद घोषित किया गया है। इस निर्णय से नगर के सुनियोजित विकास को नई दिशा मिलेगी एवं शहरी सुविधाओं के विस्तार के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। 2011 की जनगणना के अनुसार, लगभग 14 हजार 693 आबादी वाले इस नगर को अब विकास योजनाओं में अधिक प्राथमिकता मिलेगी। डिप्टी सीएम साव ने कहा कि, नगर पालिका का दर्जा मिलने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डोंगरगांव में सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, उद्यान, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न आधारभूत सुविधाओं के विकास को गति मिलेगी। साथ ही राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से नगरवासियों तक पहुंच सकेगा। साव ने कहा कि, नगर पालिका बनने के बाद डोंगरगांव उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय नगर के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार में मील का पत्थर साबित होगा। उप मुख्यमंत्री अरुण साव का आभार व्यक्त किया डोंगरगांव नगर पालिका बनने पर आज नवा रायपुर, अटल नगर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में उप मुख्यमंत्री अरुण साव से नगर के जनप्रतिनिधियों एवं भाजपा पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात कर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर नगर पालिक अध्यक्ष अंजू त्रिपाठी, जिला भाजपा महामंत्री डीकेश साहू, मंडल अध्यक्ष दिना पटेल, रामकुमार गुप्ता, पार्षदगण मनबोधी पटेल, पदमनी ठाकुर, गायत्री यादव, लीला मंडलोई, पुरुषोत्तम साहू, कोमल साहू, राजा जैन, सतीश पांडे, संतोष यादव, योगेश पटेल सहित पार्षद एवं मंडल पदाधिकारियों ने माननीय उपमुख्यमंत्री साव को धन्यवाद दिया।

पंजाब में हथियारों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, अफगानी नागरिक सहित 7 लोग अरेस्ट

अमृतसर. अमृतसर पुलिस और केंद्रीय एजेंसी की संयुक्त कार्रवाई में हथियार, हेरोइन और हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ। एक अफगान नागरिक और एक किशोर समेत सात आरोपित गिरफ्तार किए हैं. पुलिस के अनुसार आरोपितों के पास से कुल 10 अत्याधुनिक हथियार बरामद हुए हैं। इनमें दो सब मशीन गन भी शामिल हैं। इसके अलावा 5.048 किलोग्राम हेरोइन और 30.38 लाख रुपये की हवाला राशि भी जब्त की गई है। बरामदगी को हाल के समय की बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है। विदेश में बैठे नेटवर्क के संचालक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क विदेश में बैठे संचालकों के इशारों पर काम कर रहा था। आरोपित सामाजिक माध्यमों के जरिए विदेशी हैंडलरों के संपर्क में थे और उनके निर्देशों के अनुसार काम करते थे। जांच एजेंसियों को संदेह है कि आरोपितों को समय-समय पर हथियार और नशीले पदार्थों की खेप उपलब्ध कराई जाती थी, जिसे वे आगे अपराधी तत्वों तक पहुंचाते थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह गिरोह केवल नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी तक सीमित नहीं था, बल्कि हवाला के जरिए वित्तीय लेन-देन भी करता था। विभिन्न स्थानों पर धन पहुंचाने और भुगतान लेने के लिए हवाला तंत्र का इस्तेमाल किया जाता था। इसी माध्यम से विदेश में बैठे संचालकों और स्थानीय नेटवर्क के बीच आर्थिक गतिविधियां संचालित की जाती थीं। आरोपियों से पूछताछा जारी मामले में इस्लामाबाद थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके। जांच एजेंसियां इस बात का भी पता लगा रही हैं कि अब तक इस गिरोह ने कितनी खेपों की आपूर्ति की और किन-किन लोगों तक हथियार तथा नशीले पदार्थ पहुंचाए गए। अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। नेटवर्क की पिछली और आगे की कड़ियों को जोड़ने, विदेशी संचालकों की भूमिका स्पष्ट करने तथा अन्य सहयोगियों की पहचान के लिए विशेष टीमें काम कर रही हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां तथा अतिरिक्त बरामदगी होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा।

मोहर्रम जुलूस में विस्फोटक प्रदर्शन का VIDEO वायरल, उज्जैन में हवा में लटकी वैन बनी चर्चा का विषय

उज्जैन उज्जैन के बड़नगर में 23 जून की रात जो हुआ, उसने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस अनुमति पर सवाल खड़ा कर दिया है। अडान मोहल्ले से निकले मोहर्रम के जुलूस में क्रेन से करीब 40 फीट ऊपर एक टाटा मैजिक वैन लटकाई गई। वैन पर दो युवक सवार होकर लाल झंडे लहराते रहे और फिर अचानक धमाके के साथ वैन को हवा में उड़ा दिया गया। यह जानलेवा स्टंट 23 जून का है, जब बड़नगर के अडान मोहल्ले से 23 जून को मोहर्रम का जुलूस निकाला गया था. इसमें भारी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल थे. इसी दौरान कुछ बदमाशों ने एक कार को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊपर लटकाया और फिर उसमें विस्फोट लगाकर उड़ा दिया ओर वीडियो ओर फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।  कार में हुए कई धमाके वायरल वीडियो में धमाके से पहले दो युवक लाल झंडे लहराते हुए भी दिखाई दे रहे हैं. वायरल वीडियो जिस इंस्टाग्राम आईडी परवेज एडिट्स_2.0 से शेयर किया गया, उसमें कार विस्फोट के अलावा कई अन्य खतरनाक करतब और धमाकों के वीडियो भी सामने आए हैं. वहीं, हुसैनी अखाड़ा शाहजलालपुरा में भी युवकों के खतरनाक प्रदर्शन के वीडियो सामने आए हैं। पहले लिखा ले फिर आ गए जुलूस में शेरे अडान अखाड़ा बड़नगर के पोस्टर लगाकर बड़ी संख्या में भीड़ जुटाई गई थी. कार पर विस्फोट से पहले "ले फिर आ गए" लिखा हुआ नजर आ रहा था. वीडियो सामने आने के बाद इसे लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. मामले में हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरी ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए सवाल उठाए कि जब धार्मिक आयोजनों में पटाखों और अन्य गतिविधियों प्रतिबंध है तो खुलेआम विस्फोट जैसी गतिविधियों की अनुमति कैसे दी जा रही है।  कार्रवाई की तैयारी मामले में बड़नगर टीआई कमलेश सिंगार ने बताया कि आयोजकों से पूछताछ कर जांच पूरी कर ली है. जल्द ही कार्रवाई की जाएगी. अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री क्या थी और इसके लिए अनुमति ली गई थी या नहीं।  वीडियो देखकर हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरी भड़क गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उज्जैन में दही-हांडी और पटाखों पर तो प्रतिबंध लग जाता है, फिर गाड़ी को विस्फोट कर उड़ाने जैसी गतिविधि की अनुमति कैसे मिल गई? वहीं, हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने बताया कि वैन पर आपत्तिजनक पोस्टर भी लगे थे। सवाल यह है कि जिला प्रशासन ने इसकी अनुमति दी थी या नहीं? वैन पर लिखा हुआ था ‘ले फिर आ गए’ वैन पर लिखा हुआ था ‘ले फिर आ गए’। एक इंस्टाग्राम आईडी परवेज एडिट्स 2.0 पर इस घटना का वीडियो वायरल भी किया गया। इसके अलावा और भी अन्य वीडियो इस आईडी पर थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस तरह का विस्फोट करके कुछ लोग क्या संदेश देना चाहते हैं, इस पर भी पुलिस जांच पड़ताल कर रही है। इस तरह की हरकत की हिंदूवादी संगठनों ने निंदा की है। वीडियो वायरल होने के बाद हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरी ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ऐसा लगता है जैसे संदेश दिया जा रहा हो कि ‘हम काफिरों की गाड़ियों को इसी तरह उड़ा देंगे।’ हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने कहा कि सकल हिंदू समाज की मांग है कि जिला प्रशासन स्पष्ट करे कि इस तरह की गतिविधि की अनुमति दी गई थी या नहीं। मामले को लेकर बड़नगर थाना प्रभारी कमलेश सिंगार ने बताया कि मामले की जानकारी मिल गई है। आयोजकों से पूछताछ कर जांच की जा रही है। जल्द कार्रवाई की जाएगी। जानें पुलिस ने इस मामले पर क्या कहा? बड़नगर टीआई कमलेश सिंगार ने कहा कि वीडियो संज्ञान में आया है। आयोजकों से पूछताछ की जा रही है। विस्फोट किस सामग्री से किया गया और इसके लिए अनुमति ली गई थी या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने बताया कि मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक बड़ी क्रेन पर एक वैन लटकाई गई थी, जिस पर कई आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि सकल हिंदू समाज की मांग है कि जिला प्रशासन स्पष्ट करे कि इस तरह की गतिविधि की अनुमति दी गई थी या नहीं। इस घटनाक्रम से जुड़े कई फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर भी अपलोड किए गए हैं। टीआई बोले- पूछताछ कर जल्द कार्रवाई करेंगे बड़नगर थाना प्रभारी कमलेश सिंगार ने बताया कि मामले की जानकारी मिल गई है। आयोजकों से पूछताछ कर जांच की जा रही है। जल्द कार्रवाई की जाएगी।