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मुख्यमंत्री ने भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्टार खिलाड़ी संजू देवी से फोन पर की आत्मीय बातचीत, स्वर्णिम सफलता के लिए दी बधाई

छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी ने बढ़ाया देश-प्रदेश का गौरव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्टार खिलाड़ी संजू देवी से फोन पर की आत्मीय बातचीत, स्वर्णिम सफलता के लिए दी बधाई मुख्यमंत्री ने कहा – संजू देवी की उपलब्धि प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए बनेगी प्रेरणा एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ईरान को पराजित कर जीता स्वर्ण पदक भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत में कोरबा की संजू देवी ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य एवं छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की निवासी सुसंजू देवी को फोन कर इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सुसंजू देवी से आत्मीय संवाद करते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि उनकी इस उपलब्धि से पूरा छत्तीसगढ़ गौरवान्वित है। मुख्यमंत्री साय ने सुसंजू देवी से कहा कि आपने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और शानदार प्रदर्शन से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्वर्णिम सफलता प्रत्येक देशवासी के लिए गर्व का क्षण है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में छत्तीसगढ़ की बेटी की महत्वपूर्ण भागीदारी प्रदेश के लिए विशेष गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां आज शिक्षा, खेल सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का परचम लहरा रही हैं। कोरबा की संजू देवी ने अपनी मेहनत और खेल कौशल के बल पर राष्ट्रीय टीम में स्थान बनाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी सफलता प्रदेश के उन हजारों युवा खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने का सपना देख रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर, प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के गांवों, आदिवासी अंचलों और छोटे शहरों में मौजूद खेल प्रतिभाओं को उचित मंच मिले और वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करें। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में ईरान को पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। भारतीय टीम की इस स्वर्णिम सफलता में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की सुसंजू देवी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुसंजू देवी भारतीय राष्ट्रीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य हैं। मुख्यमंत्री साय ने भारतीय महिला कबड्डी टीम के सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ को भी इस शानदार सफलता के लिए बधाई दी और टीम के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय खिलाड़ी आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाते रहेंगे।

गांव को मिली नई पहचान, डिप्टी CM विजय शर्मा ने सौंपा राजपत्र

वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, राजपत्र लेकर गांव पहुंचे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, चंदनपुर को मिली नई पहचान राजपत्र की प्रति सौंपकर उप मुख्यमंत्री ने दी बधाई, चंडालपुर अब कहलाएगा ‘चंदनपुर’ गांव का नाम केवल पहचान नहीं, जनभावनाओं से जुड़ा होता है– उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा  गांव के विकास के लिए 11.70 लाख रुपए की घोषणा, दस्तावेजों में नाम बदलने लगेगा विशेष शिविर रायपुर,   तेज बारिश के बीच शुक्रवार देर रात उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा गांव की नई पहचान का राजपत्र लेकर चंदनपुर पहुंचे। लंबे समय से नाम परिवर्तन की मांग कर रहे ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उन्होंने राजपत्र की प्रति सौंपते हुए उन्हें बधाई दी। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण स्वागत के लिए जुटे रहे। मांग पूरी होने की खुशी में ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और उप मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। कबीरधाम जिले के ग्राम चंडालपुर का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर चंदनपुर कर दिया गया है।       नाम परिवर्तन की खुशी के बीच उप मुख्यमंत्री ने गांव के विकास कार्यों के लिए सीसी रोड और सामुदायिक भवन के लिए 11.70 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुविधा के लिए विशेष शिविर लगाया जाएगा। इसमें आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों में गांव का नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी, ताकि ग्रामीणों को इसके लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। छत्तीसगढ़ शासन ने ग्राम चंदनपुर के नाम परिवर्तन का राजपत्र में विधिवत प्रकाशन कर दिया है। इसके साथ ही गांव का नया नाम अब सरकारी अभिलेखों और शासकीय वेब पोर्टल में स्थायी रूप से दर्ज रहेगा।      उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ग्रामवासियों की ओर से लंबे समय से गांव का नाम बदलने की मांग की जा रही थी। स्थानीय लोगों की भावना और मांग को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। इसके बाद मंत्रिमंडल स्तर पर चर्चा हुई, राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त हुई और अंततः राजपत्र में इसका प्रकाशन किया गया। उन्होंने कहा कि राजपत्र में प्रकाशन के बाद अब ‘चंदनपुर’ नाम सरकारी अभिलेखों और संबंधित शासकीय वेब पोर्टलों में दर्ज रहेगा। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे भी अपने दैनिक व्यवहार और बोलचाल में गांव के नए नाम ‘चंदनपुर’ का उपयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसी नाम से गांव को जानें और इसकी पहचान आगे भी कायम रहे।       उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के नाम केवल किसी स्थान की पहचान नहीं होते, बल्कि उनमें स्थानीय इतिहास, संस्कृति, परंपरा और जनभावनाएं भी जुड़ी होती हैं। चंदनपुर नाम से गांव को नई पहचान मिलना ग्रामवासियों की लंबे समय से चली आ रही भावना और मांग के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नाम परिवर्तन से क्षेत्र की स्थानीय पहचान और ग्रामवासियों की भावनाओं को मजबूती मिलेगी।

सेवा सेतु से दूरस्थ अंचलों में नागरिक सेवाओं तक पहुंच हुई आसान

सेवा सेतु से दूरस्थ अंचलों में नागरिक सेवाओं तक पहुंच हुई आसान रायपुर  शासन की डिजिटल पहल सेवा सेतु के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों तक विभिन्न शासकीय सेवाएं अब सरल और सुविधाजनक तरीके से पहुंच रही हैं। डिजिटल व्यवस्था के जरिए आवश्यक प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान होने से ग्रामीणों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिल रही है। इसी कड़ी में एलीना कुंवर को सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण-पत्र (अनुसूचित जनजाति) प्रदान किया गया। यह प्रमाण-पत्र सेवा सेतु केंद्र, ग्राम पंचायत नेलसनार के जन सुविधा केंद्र के माध्यम से तैयार किया गया।  सेवा सेतु के माध्यम से प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया पूरी होने से हितग्राहियों को आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने में सुविधा हो रही है। डिजिटल माध्यम से सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से ग्रामीण नागरिकों के समय और श्रम की बचत हो रही है तथा शासकीय सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान हो रही है। सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से आय, जाति, निवास, विवाह पंजीयन एवं सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण-पत्र सहित विभिन्न शासकीय सेवाएं नागरिकों तक पहुंचाई जा रही हैं। इससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ रही है और नागरिकों के लिए शासकीय प्रक्रियाएं अधिक सरल, सहज और सुविधाजनक बन रही हैं।

डोवर से फ्रांस तक लहराया तिरंगा, रामबरन पाल ने रचा इतिहास

बैतूल मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के विक्रम अवॉर्डी दिव्यांग अंतरराष्ट्रीय तैराक रामबरन पाल ने इंग्लिश चैनल पार कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने इंग्लैंड के डोवर से फ्रांस तक 42 किलोमीटर से अधिक का समुद्री सफर तैरकर पूरा किया। रामबरन ने 21 घंटे 20 मिनट तक लगातार तैरते हुए यह चुनौती पूरी की। रामबरन का यह अभियान 24 सितंबर को सुबह 8 बजकर 58 मिनट पर इंग्लैंड के डोवर तट से शुरू हुआ था। समुद्र के पानी का तापमान 15 डिग्री से कम था। कड़ाके की ठंड, तेज हवाओं और उफनती लहरों के बीच उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। 21 घंटे 20 मिनट तक लगातार तैरने के बाद वे 25 सितंबर की सुबह 6 बजकर 18 मिनट पर फ्रांस के तट पर पहुंचे और तिरंगा लहराकर अपनी सफलता दर्ज की। इस ऐतिहासिक अभियान में पद्मश्री और अंतरराष्ट्रीय पैरा तैराक डॉ. सतेन्द्र सिंह लोहिया भी शामिल रहे। उन्होंने अपनी तीसरी इंग्लिश चैनल क्रॉसिंग पूरी की। भिंड के तैराक गजेंद्र सिंह कुशवाह भी टीम का हिस्सा रहे। समुद्र में यह रिले तैराकी थी, जिसमें सभी तैराकों ने बारी-बारी से तैरकर अभियान पूरा किया। पिछले साल खराब मौसम ने नहीं दिया था साथ रामबरन पाल का इंग्लिश चैनल पार करने का सपना पिछले साल खराब मौसम के कारण अधूरा रह गया था। वे इंग्लैंड तक पहुंचे थे, लेकिन मौसम अनुकूल नहीं होने के कारण उन्हें बिना तैरे ही वापस लौटना पड़ा। इसके बाद बैतूल लौटकर उन्होंने एक साल तक कड़ी मेहनत की। उन्होंने ठंडे पानी में लगातार अभ्यास किया और इस बार पूरी तैयारी के साथ इंग्लिश चैनल पार करने में सफलता हासिल की। रामबरन पाल अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 22 पदक जीत चुके हैं। उनकी उपलब्धियों को देखते हुए मध्यप्रदेश शासन ने उन्हें वर्ष 2006 में प्रदेश के सर्वोच्च खेल सम्मान विक्रम अवॉर्ड से सम्मानित किया था। वर्तमान में वे बैतूल नगर पालिका के स्विमिंग पूल में कोच के तौर पर बच्चों को तैराकी सिखा रहे हैं। रामबरन की यह उपलब्धि दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणादायक है। उन्होंने साबित किया है कि शारीरिक चुनौतियों के बावजूद मजबूत इच्छाशक्ति और लगातार मेहनत से बड़ी से बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है।  

डोरंडा में पुलिस का छापा, 84 गौवंशीय पशु बरामद; कई लोगों पर केस

 रांची रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र में गौवंशीय पशुओं के अवैध वध और बिक्री के लिए क्रूरता पूर्वक रखने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने घटनास्थल से करीब 450 गौवंशीय पशुओं का चमड़ा और काफी मात्रा में हड्डियां बरामद की हैं। इसके अलावा 84 गौवंशीय पशुओं को बरामद करने के बाद लोगों के बीच बांट दिया गया। पुलिस के अनुसार, बरामद चमड़े और हड्डियों की विधिवत जब्ती सूची तैयार की गई है। पशु चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण मौके पर ही पुलिस निगरानी में चमड़ा और हड्डियां सुरक्षित रखी गईं। पशु चिकित्सक की मौजूदगी में इनके नमूने लेने की कार्रवाई की जानी है। पुलिस की ओर से मामले में मिन्हाज कुरैशी, अकबर कुरैशी, अफसर कुरैशी, असगर कुरैशी, सोनू कुरैशी, अरमान अली, असलम कुरैशी, बुलंद कुरैशी, सैफुल्लाह कुरैशी, सुहेल कुरैशी, मंजूर कुरैशी, एकराम कुरैशी, इबरार कुरैशी, मासूम कुरैशी, अलाउद्दीन कुरैशी, फिरोज कुरैशी, अफजल कुरैशी, दानिश कुरैशी, बबलु कुरैशी, अशफाक कुरैशी, तन्नू कुरैशी, मुन्नू कुरैशी, गुफरान कुरैशी, कैशर कुरैशी, राजू कुरैशी, असलम कुरैशी, जावेद कुरैशी उर्फ पलटा, इमरान कुरैशी, फारूक कुरैशी, शाहिद कुरैशी, मजीद कुरैशी और कमाल कुरैशी, शहनवाज समेत अन्य के नाम दिए गए हैं। इनमें अधिकांश का पता कुरैशी मोहल्ला, डोरंडा बताया गया है। पुलिस ने पूरे मामले में संगठित तरीके से गौवंशीय पशुओं को चोरी कर वध एवं बिक्री के लिए रखने का आरोप लगाया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

गंडक-कोसी-बागमती का जलस्तर बढ़ा, वाल्मीकिनगर बराज से 2.67 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज

पटना नेपाल के तराई, पहाड़ी एवं जलग्रहण क्षेत्रों में बीते तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से उत्तर बिहार की नदियां उफना गई हैं। वाल्मीकिनगर बराज से डिस्चार्ज ढाई लाख के आंकड़े को पार कर गया। बराज से नेपाल त्रासदी से अधिक डिस्चार्ज से जल संसाधन विभाग अलर्ट मोड में है। गंडक, कोसी और बागमती के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। कई स्थानों पर निचले इलाकों में जलभराव और संभावित बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इसको लेकर तटवर्ती क्षेत्रों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। वाल्मीकिनगर गंडक बराज से शुक्रवार को 6 घंटे में पानी का डिस्चार्ज 57 हजार था जो खबर लिखे जाने तक बढ़कर 2.67 लाख क्यूसेक के स्तर पर पहुंच गया। नेपाल के देवा घाट से 2.76 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हुआ। 24 घंटे से पानी के बढ़ते दबाव को देखते हुए वाल्मीकिनगर गंडक बराज के सभी फाटक खोल दिए गए हैं। इधर, भीमनगर कोसी बराज पर शुक्रवार शाम छह बजे डिस्चार्ज 2,70,740 क्यूसेक पहुंच गया, जो वर्ष 2026 का अब तक का सर्वाधिक है। मधुबनी के मधेपुर प्रखंड के गढ़गांव, बसीपट्टी के पूर्वी भाग, भरगामा और बकुआ पंचायतों की मुख्य धाराओं में पानी बढ़ गया है। मोतिहारी के डुमरियाघाट, चनपटिया में गंडक नदी का जलस्तर भी लाल निशान के पास है। सीतामढ़ी में बागमती सोनाखान में खतरे के निशानसे 30 सेंमी ऊपर बह रही है। नारायणगढ़-मुगलिन राजमार्ग बंद नेपाल के पहाड़ी एवं तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण चितवन जिले में नारायणगढ़-मुगलिन राजमार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा गिरने से सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी है। यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन कार्यालय, चितवन की ओर से शुक्रवार को इस मार्ग पर परिचालन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन ने तटवर्ती और निचले इलाकों के लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। राजमार्ग बंद होने का सीधा असर भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों और पर्यटन गतिविधियों पर पड़ा है। भारतीय पर्यटकों समेत आम नागरिकों की चितवन की ओर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में यात्रियों और वाहनों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। गंडक के तराई क्षेत्रों में बढ़ा जलस्तर, प्रशासन सतर्क नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में जारी भारी बारिश का असर भारतीय सीमा से सटे इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। बारिश के कारण गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे नदी के तटीय एवं निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है। पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से आम लोगों को मौसम की स्थिति को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने नागरिकों से नदियों, निचले और जलजमाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने तथा मौसम संबंधी प्रशासनिक अपडेट पर लगातार नजर रखने की अपील की है।

अब मौके पर पकड़ी जाएगी दूध में मिलावट

करनाल. दूध में फॉर्मेलिन जैसे हानिकारक रसायनों की मिलावट की जांच अब आसान बनाने की दिशा में आईसीएआर-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) ने अहम कदम उठाया है। एनडीआरआई ने दूध में फॉर्मेलिन का पता लगाने वाली पेपर आधारित स्ट्रिप तकनीक के व्यावसायिक उपयोग के लिए अहमदाबाद की एवरेस्ट इंस्ट्रूमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है। संस्थान के अनुसार वर्ष 2025 से अब तक कंपनी को हस्तांतरित की जाने वाली यह उसकी 10वीं तकनीक है। यह समझौता सतत एवं जलवायु-अनुकूल डेयरी व खाद्य मूल्य श्रृंखला पर आयोजित 13वें राष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र में हुआ। उद्घाटन सत्र में एनडीआरआई निदेशक डॉ. धीर सिंह ने पूर्व छात्रों की सक्रिय भागीदारी के लिए तीन सूत्रीय एजेंडा रखा। कार्यक्रम में एनडीआरआई और एनजीएए के बीच अगले पांच वर्षों के लिए संयुक्त शैक्षणिक एवं विकासात्मक गतिविधियों को जारी रखने के एमओयू का नवीनीकरण भी किया गया। वहीं एनजीएए ने नवनिर्मित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन डेयरी औपचारिक रूप से संस्थान को सौंप दिया। सेमिनार में डायमंड और गोल्डन जुबली बैच के पूर्व छात्रों को परिजनों की मौजूदगी में सम्मानित किया गया।

तरंगशक्ति-2026 के बीच पाक ड्रोन की घुसपैठ, सीमा पर ड्रग्स तस्करी बनी चुनौती

जयपुर  राजस्थान की पाकिस्तान से लगी सीमा पर एक तरफ आसमान में भारतीय सेनाओं के साथ मित्र राष्ट्रों की सेनाएं संयुक्त युद्धाभ्यास की तैयारियों में जुटी हैं। दूसरी तरफ इसी सीमा से लगे दूरस्थ इलाकों में पाकिस्तान से हो रही ड्रग व हथियारों की तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है। वायुसेना व सेना की युद्ध तैयारियों के बीच जोधपुर की हवाई सीमा पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है, लेकिन श्रीगंगानगर से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते पाकिस्तानी ड्रोन से नशे और हथियार पहुंचने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बीते कुछ वर्षों में अकेले श्रीगंगानगर जिले में करीब 500 करोड़ रुपए की ड्रग्स और बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए जा चुके हैं। शुक्रवार को पुलिस को भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे सुजावलपुर क्षेत्र के एक खेत में पुलिस को दो लावारिस पैकेट में 1 किलो 600 ग्राम हेरोइन मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब आठ करोड़ रुपए है। आशंका है कि यह खेप पाकिस्तानी ड्रोन से गिराई गई, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही इसकी पुष्टि होगी। इससे चार दिन पहले रोही 8 सी बड़ी हिन्दुमलकोट में पुलिस ने एक पॉलीथीन से 206 ग्राम मेथएम्फेटामाइन यानी आइस ड्रग और उपकरण बरामद किए थे। एसपी हरीशंकर के मुताबिक, पुलिस दोनों मामलों में खेप के स्रोत और संभावित रिसीवर तक पहुंचने में जुटी है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में श्रीगंगानगर में करीब 350 करोड़ रुपए की ड्रग्स और बड़ी मात्रा में हथियार पकड़े जा चुके हैं। वहीं, चार दिन पहले आइस ड्रग बरामद हुई थी। यानी सीमा पर दुश्मन की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ड्रोन से होने वाली तस्करी रोकना भी बड़ी चुनौती है। बड़ा सवाल… ड्रोन कैसे दे रहे धोखा पश्चिमी राजस्थान का बड़ा हिस्सा थार के रेगिस्तानी भूभाग में है, जिससे सीमा निगरानी की अपनी भौगोलिक चुनौतियां हैं। हालांकि सरकार जहां बॉर्डर पर सुरक्षा संबंधी गतिविधियों से घुसपैट रोकने दावे करती है। मई 2026 में केंद्रीय गृह मंत्री ने बीकानेर में भारत-पाक सीमा की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। इन दिनों सैन्य अभ्यास के चलते सीमा पर सुरक्षा का स्तर बढ़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद सीमा के दूसरे हिस्सों में तस्कर ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थ और हथियार गिरा सुरक्षा को भेद रहे हैं। गौरतलब है कि प्रदेश की पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा 1,070 किमी लंबी है। श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर – चार जिले सीधे इस सीमा से जुड़े हैं। एयरफोर्स ने जारी किया 17 दिन का नोटम भारतीय वायुसेना ने मेगा मल्टीलेटरल युद्धाभ्यास तरंगशक्ति के संस्करण ‘तरंगशक्ति-2026’ को लेकर पश्चिमी सीमा पर 17 दिन का नोटम (नोटिस टू एयर मिशन) जारी किया है। वायुसेना ने 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक 17 दिनों के व्यापक सैन्य एवं हवाई अभ्यास के लिए नोटम जारी कर जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी और जोधपुर सेक्टर के विशाल हवाई क्षेत्र को सैन्य गतिविधियों के लिए आरक्षित किया है। नोटम की ऊंचाई 40 हजार फीट तक है। बीकानेर के नाल क्षेत्र में इसका एक हिस्सा अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 20 किलोमीटर ही दूर है। नोटम लगातार नहीं होकर कुछ फेज में सुबह 9 बजे से रात 12 बजे तक रहेगा। जानकारी के अनुसार 28 से 30 सितम्बर, एक अक्टूबर से पांच अक्टूबर और सात अक्टूबर को नोटम प्रभावी रहेगा। आसमान में आज से दिखेगी आठ देशों की ताकत भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास ‘तरंगशक्ति 2026’ शनिवार से जोधपुर एयरबेस पर शुरू होगा। 12 अक्टूबर तक चलने वाले अभ्यास में अमरीका, जर्मनी, फ्रांस, यूएई, श्रीलंका, बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया समेत आठ देश अपने विमान व सैन्य संसाधनों के साथ हिस्सा लेंगे, जबकि 32 देश पर्यवेक्षक के तौर पर जुड़ेंगे। 100 से अधिक लड़ाकू विमान और करीब 3000 जवान अभ्यास का हिस्सा होंगे। चार से पांच एयरबेस का इस्तेमाल किया जाएगा। शुक्रवार से ही विदेशी परिवहन विमान जोधपुर पहुंचने लगे। इनमें ऑस्ट्रेलिया का सी-130 जे, अमरीका का सी-17, बांग्लादेश का सी-130 जे और फ्रांस का ए330 एमआरटीटी शामिल हैं। हाल ही जापान के साथ ‘वीर गार्जियन’ अभ्यास हुआ था। अब आठ देशों के इस अभ्यास में राजस्थान की गर्मी भी चुनौती होगी। जोधपुर में दिन का तापमान 42 डिग्री के आसपास पहुंच रहा है।

रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर, 10 ट्रेनें रद्द

अमृतसर. मानांवाला रेलवे स्टेशन पर चल रहे काम का असर अमृतसर से आने-जाने वाली ट्रेनों पर लगातार पड़ रहा है। कई ट्रेनें रद के अलावा कुछ ट्रेनों को उनके निर्धारित गंतव्य से पहले ही रोक दिया गया। मानांवाला रेलवे स्टेशन पर चल रहे काम के चलते शुक्रवार को भी अमृतसर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस, अमृतसर-चंडीगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस, नंगल डैम एक्सप्रेस, अमृतसर-कटिहार त्योहार विशेष और अमृतसर-अटारी डीईएमयू सहित कई ट्रेनें रद रहीं। इसके अलावा कुछ ट्रेनों को उनके निर्धारित गंतव्य से पहले ही रोक दिया गया। अब शनिवार और रविवार को यात्रियों की परेशानी और बढ़ने वाली है। दोनों दिनों में अमृतसर से जुड़ी कुल 10 ट्रेनें रद रहेंगी, जबकि छह ट्रेनें बदले हुए मार्ग से चलाई जाएंगी। कई ट्रेनें रद के चलते यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बदलनी पड़ सकती है। कई यात्री पहले से कराई गई बुकिंग रद कराने को मजबूर हैं। वहीं, दूसरी ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने से प्रतीक्षा सूची भी लंबी होने लगी है।

ITI भवन हैंडओवर नहीं, NCVT मान्यता पर संकट

गरियाबंद. देवभोग में मुड़ागांव में 2013 से संचालित हो रहे आईटीआई के लिए सरकार ने 2018 में लगभग 3 करोड़ का भवन बनवा दिया। निर्माण की जिम्मेदारी लोकनिर्माण विभाग की थी। भवन में निर्धारित शौचालय और अन्य कक्ष का निर्माण नहीं होने के कारण तात्कालीन आईटीआई प्रभारी ने निर्माण एजेंसी विभाग पीडब्ल्यूडी से टेक ओवर नहीं लिया था। अधूरे काम को पूर्ण कराने संस्थान ने कई पत्राचार किया पर स्वीकृत डिजाइन के आधार पर भवन पूर्ण नहीं हो सका। आज भी हेंड ओवर की प्रकिया नहीं हुई है। कूल 28 कमरे के भवन में वर्तमान में केवल 6 कमरों का इस्तेमाल होता है। फर्स्ट फ्लोर के कमरों का कोई उपयोग नहीं। नीचे सीपेज के चलते वाशरूम इलाके के छत की पपड़िया टूट रही है। भवन में कई जगह दरार शुरू से आ गई जिसकी अनदेखी विभाग ने कर दिया। एनसीवीटी मोड की मान्यता लटकी 13 साल पुराना यह संस्थान आज संपूर्ण तरह से उपेक्षा का शिकार हो गया है। राज्य सरकार से अध्ययन्ता मिलने वाली एससीवीटी मोड पर अब भी संचालित है,जबकि एनसीवीटी मोड पर मान्यता मिलने से ही प्रशिक्षित छात्रों की प्रमाण पत्र बड़े उद्योग संस्थान में काम आ सकेगा। इसकी मान्यता के लिए संस्थान ने पत्राचार किया पर जरूरी दस्तावेजों में भवन संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो रहे, इसके अलावा ईक्यूपमेंट की प्रयाप्त उपलब्धता नहीं होना भी एक बड़ा कारण बताया गया है। यही वजह है कि अबतक 400 से ज्यादा छात्र प्रशिक्षित होकर निकले पर उन्हें बड़े अथवा सरकारी संस्थानों में कोई रोजगार उपलब्ध नहीं हो सका। स्टाफ और एक्यूपमेंट की कमी,अनदेखी वर्तमान में यहां कोपा इलेक्ट्रीशियन और फिटर ट्रेड में 88 छात्र प्रशिक्षन ले रहे हैं।एक परीक्षण अधिकारी और 4 संविदा प्रवक्ता के भरोसे संस्थान कई साल से संचालित है।15 से ज्यादा पद और नियमित प्राचार्य पद आज तक पूर्ति नहीं हुई।संस्था के बेहतर संचालन की मांग होती रही पर क्षेत्र के जरूरत मंदो को अधूरी और कम मान्यता वाले प्रमाण पत्र देकर केवल खानापूर्ति किया जा रहा है। लोकल मांग के आधार पर ट्रेड संचालन की मांग संचालित तीनों ट्रेड बड़े उद्योग और फर्मों के लिए जरूरत पूरी करता है।लेकिन प्रशिक्षण मोड एनसीवीटी नहीं होने के कारण प्रशिक्षित छात्र रोजगार से वंचित हो जाते हैं।इसे में स्थानीय जरूरत और रोजगार में सहायक साबित होने वाले ट्रेड वेल्डर,प्लंबर,राजमिस्त्री,टेलरिंग, साेलर मैकेनिक की मांग हो रही है।ताकि प्रशिक्षित युवा स्थानीय स्तर पर रोजगार ले सके। संतोष ध्रुव, प्रभारी प्राचार्य शाहिद भोजराज आईटीआई मुड़ागांव एन सी वीटी मान्यता दिल्ली से होता है, जिसके लिए हमे भवन के दस्तावेज चाहिए पर भवन अधूरे बने होने के कारण अब तक टेक ओवर के दस्तावेज नहीं है। स्थानीय आवश्यकता के आधार पर ट्रेड की मांग के लिए संचनालय से पत्राचार किया गया है।