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मुख्यमंत्री बोले, सरकार का उद्देश्य हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना

तुष्टीकरण से संतुष्टीकरण की ओर बढ़ा प्रदेश, निराश्रितों और श्रमिकों के लिए नई योजना की तैयारीः  सीएम योगी  मुख्यमंत्री बोले, सरकार का उद्देश्य हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना  जीरो पॉवर्टी की दिशा में हुआ वृहद कार्य, 60 लाख गरीबों को आवास दिये गये, 6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर हुए लखनऊ  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जीरो पॉवर्टी के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में गरीबों, निराश्रित महिलाओं, श्रमिकों और वंचित वर्गों के लिए चलाई गई योजनाओं ने उत्तर प्रदेश की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर बदली है। सरकार ने तुष्टीकरण की राजनीति से ऊपर उठकर “संतुष्टीकरण” के मॉडल पर कार्य किया है, जिसका उद्देश्य हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि निराश्रित महिलाओं को पेंशन, जरूरतमंदों को जॉब कार्ड और राशन कार्ड, जिनके पास आवास नहीं था उन्हें आवास तथा जिनके पास भूमि का स्वामित्व नहीं था उन्हें आवासीय पट्टा देने की कार्रवाई व्यापक स्तर पर की गई है। उन्होंने कहा कि अब तक 60 लाख गरीब परिवारों को एक-एक आवास उपलब्ध कराया गया है। पूर्ववर्ती योजनाओं पर उठाए सवाल मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले गरीबों को इंदिरा आवास योजना के तहत मात्र ₹20,000 दिए जाते थे, जो पर्याप्त नहीं थे और न ही आवास समय पर पूरे हो पाते थे। उस दौरान योजनाओं का लाभ सीमित वर्ग तक ही पहुंचता था। इसके विपरीत वर्तमान डबल इंजन सरकार नगरीय क्षेत्रों में ₹2.5 लाख और ग्रामीण क्षेत्रों में ₹1.20 लाख आवास निर्माण के लिए उपलब्ध करा रही है। इसके अतिरिक्त शौचालय निर्माण के लिए ₹12 से 15 हजार की अतिरिक्त सहायता दी जाती है। साथ ही मनरेगा के तहत 90 दिनों की मजदूरी के बराबर मानदेय भी लाभार्थी को प्रदान किया जाता है, जिससे घर निर्माण में आर्थिक सहयोग सुनिश्चित हो सके। बहुआयामी गरीबी में आई उल्लेखनीय कमी मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं और समग्र विकास के प्रयासों के परिणामस्वरूप 6 करोड़ से अधिक लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने इसे सरकार की परिणाम-आधारित कार्यशैली का प्रमाण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई कर्मियों और निर्माण श्रमिकों जैसे शेष जरूरतमंद वर्गों के लिए आवास के लिए एक नई योजना लाई जा रही है। इसकी घोषणा आगामी बजट भाषण में की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी सहायता से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास केवल आवास या आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के समन्वित विस्तार के माध्यम से समग्र विकास सुनिश्चित करना है। “हर गरीब को छत, हर निराश्रित को सम्मान और हर जरूरतमंद को अधिकार” इसी भावना के साथ प्रदेश जीरो पॉवर्टी की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दोहराया कि यह धन जनता का है और उसका उपयोग जनता के हित में ही किया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता है कि विकास का लाभ बिना भेदभाव हर वर्ग तक पहुंचे और उत्तर प्रदेश गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में एक नई मिसाल स्थापित करे।

पश्चिमी विक्षोभ से हिमाचली सीमावर्ती जिलों में होगी बारिश

चंडीगढ़. पंजाब में पिछले दस दिनों से साफ मौसम के बाद अब बदलाव आने वाला है। दिन में हल्की गर्मी महसूस हो रही थी, कई शहरों में तापमान सामान्य से अधिक रहा। मौसम विभाग के अनुसार, 16 फरवरी तक मौसम साफ रहेगा। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हिमाचल से सटे पंजाब के जिलों में हल्की से सामान्य वर्षा की संभावना है। बीते 24 घंटे की बात करें तो शुक्रवार को रूपनगर व फिरोजपुर में अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि पंजाब में सबसे अधिक था। चंडीगढ़, बठिंडा, फरीदकोट, पटियाला, लुधियाना व मोहाली में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से 3.3 से 3.8 डिग्री सेल्सियस अधिक था। अमृतसर, होशियारपुर में तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 16 फरवरी तक मौसम साफ रहेगा। वहीं, जम्मू कश्मीर और हिमाचल के ऊपरी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसका असर हिमाचल के साथ लगते पंजाब के कई जिलों पर पड़ सकता है, जिससे बूंदाबांदी से लेकर हल्की से सामान्य वर्षा की संभावना है।

अंबिकापुर को 5743 रजिस्ट्री से 30 करोड़ से अधिक का मिला राजस्व

अंबिकापुर. अंबिकापुर उप पंजीयन विभाग ने वित्तीय वर्ष समाप्त होने के एक माह पहले ही तीस करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व शुल्क प्राप्त किया है. वित्तीय वर्ष की समाप्ति में अब मात्र एक माह का समय शेष रह गया है. वर्तमान वित्तीय वर्ष में पंजीयक विभाग को शासन से लक्ष्य नहीं मिला है. पंजीयक विभाग के द्वारा गत वित्तीय वर्ष के लक्ष्य को ही मौजूदा वित्तीय वर्ष का लक्ष्य मानते हुए राजस्व प्राप्ति में ताकत झोंक दिया गया है. कलेक्ट्रेट परिसर स्थित उप पंजीयक विभाग में वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभी तक 5743 दस्तावेजों से 30 करोड़ दस लाख 27 हजार 36 रूपए का राजस्व प्राप्त किया है. वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6912 दस्तावेजों से 37 करोड़ 39 लाख 29 हजार 754 रूपए का आय प्राप्त हुआ था. उप पंजीयक अलबर्ट कुजूर के मुताबिक हर रोज दस्तावेजों के लिए 30 से 35 अपाइमेंट आ रहे हैं. इस बार गत वित्तीय वर्ष की तुलना में अधिक राजस्व प्राप्ति का अनुमान है.

पीड़ितों की सहायता में लापरवाही या शिथिलता अक्षम्य : सीएम योगी

गलत जांच रिपोर्ट लगाने वालों पर दर्ज हो एफआईआर : मुख्यमंत्री पीड़ितों की सहायता में लापरवाही या शिथिलता अक्षम्य : सीएम योगी जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं, समयबद्ध व निष्पक्ष निस्तारण के दिए निर्देश गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी मामले में जांच के दौरान यदि गलत रिपोर्ट लगाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। हर मामले की निष्पक्ष जांच करके ही उसका निस्तारण होना चाहिए। किसी भी प्रकरण में लापरवाही या शिथिलता अक्षम्य होगी।  सीएम योगी ने शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनते हुए ये निर्देश प्रशासन व पुलिस के अफसरों को दिए। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का वह प्रभावी निस्तारण कराएंगे। उन्होंने प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। जनता दर्शन में कुछ मामले ऐसे भी आए थे, जिनमें यह शिकायत की गई कि प्रकरण में गलत रिपोर्ट लगा दी गई है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पता लगाकर गलत रिपोर्ट लगाने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की मदद में शिथिलता या लापरवाही कतई नहीं होनी चाहिए। जनता की समस्याओं के समाधान में किसी तरह की हीलाहवाली हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी तय है। किसी पीड़ित की समस्या के समाधान में अगर कहीं भी कोई दिक्कत आ रही है तो उसका पता लगाकर निराकरण कराया जाए और किसी स्तर पर जानबूझ कर प्रकरण को लंबित रखा गया है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने जमीन कब्जाने की शिकायतों पर विधिसम्मत कठोर कदम उठाने का निर्देश दिया।  इस बार भी जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। इस पर सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि जल्द से जल्द अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया पूर्ण कराकर शासन को उपलब्ध करा दें। इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद की जाएगी। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों पर सीएम योगी ने अपना स्नेह बरसाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को दुलारा, उन्हें चॉकलेट दी और खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया।  मंदिर की गोशाला में सीएम ने की गोसेवा गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर उन्होंने गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से अपने हाथों से गुड़ खिलाया।

भोपाल-इंदौर सहित MP के कई शहरों में दिन में बढ़ेगी गर्मी, पचमढ़ी-खजुराहो रात में ठंड का केंद्र

भोपाल  मध्य प्रदेश में सर्दी अब विदाई की ओर है और गर्मी ने अपनी मौजूदगी दर्ज करानी शुरू कर दी है। दिन के समय तेज धूप लोगों को चुभने लगी है, वहीं रातें अभी भी हल्की ठंड का अहसास करा रही हैं। तापमान के इस उतार-चढ़ाव ने साफ कर दिया है कि, फरवरी का मौसम अब ट्रांजिशन मोड में आ चुका है। वहीं 16 फरवरी के बाद एक बार फिर से मौसम के बदलने की संभावना जताई गई है।  30 डिग्री के पार पहुंचा पारा, खंडवा सबसे गर्म राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार निकल गया है। सबसे ज्यादा गर्मी खंडवा में दर्ज की गई, जहां अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री तक पहुंच गया। इन शहरों में 30°C से ज्यादा रहा दिन का तापमान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, बैतूल, धार, गुना, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, रतलाम, दमोह, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सागर और सिवनी। दोपहर के वक्त तेज धूप के कारण लोग अब गर्म कपड़े छोड़ने लगे हैं और पंखों-कूलर की जरूरत महसूस होने लगी है। रातें अभी भी ठंडी, पहाड़ी इलाकों में कंपकंपी हालांकि दिन गर्म हो रहे हैं, लेकिन रात के तापमान में अब भी ठंड बनी हुई है। शुक्रवार-शनिवार की रात सबसे ठंडा स्थान कटनी का करौंदी रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी और खजुराहो सबसे सर्द न्यूनतम तापमान की बात करें तो पचमढ़ी और खजुराहो सबसे ठंडे बने हुए हैं। यहां रात का पारा 8-9 डिग्री के आसपास दर्ज हो रहा है। साथ ही, मंदसौर, कटनी, रीवा और राजगढ़ जैसे जिलों में भी न्यूनतम तापमान 9-11 डिग्री के बीच दर्ज किया जा रहा है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, वर्तमान में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से कुछ जिलों में हल्के बादल हैं। वहीं, 16 फरवरी से नया सिस्टम पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से प्रदेश में बादल रह सकते हैं। इस वजह से दो दिन के बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। अब हल्की सर्दी का ही दौर मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में पहाड़ों में बर्फबारी हो रही है। सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। हल्की सर्दी का एक और दौर आ सकता है। इन शहरों में बढ़ा पारा शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, बैतूल, धार, गुना, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, रतलाम, दमोह, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार रहा। सबसे ज्यादा 33.5 डिग्री तापमान खंडवा में दर्ज किया गया। रात में ज्यादातर शहरों में पारा 10 डिग्री से ज्यादा ही है। शुक्रवार-शनिवार की रात की बात करें तो कटनी के करौंदी में सबसे कम तापमान 8.9 डिग्री रहा। पचमढ़ी में 9.2 डिग्री, खजुराहो में 10.4 डिग्री, राजगढ़ में 10.6 डिग्री, मंदसौर में 10.7 डिग्री, नौगांव-रीवा में 10.8 डिग्री और उमरिया में पारा 10.9 डिग्री सेल्सियस रहा। पांच बड़े शहरों में ग्वालियर में सबसे कम 12.5 डिग्री दर्ज किया गया। बाकी में तापमान इससे ज्यादा ही रहा। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम     15 फरवरी- कुछ जिलों हल्का कोहरा रहेगा। बारिश का अलर्ट नहीं है। दिन में बादल छा सकते हैं।     16 फरवरी- कुछ ही जिलों में हल्का कोहरा रहेगा। इस दिन बारिश का अलर्ट नहीं है। दिन में बादल जरूर छाए रहेंगे।   भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्म भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार है। 16 फरवरी से बदलेगा मौसम 16 फरवरी को कुछ जिलों में हल्का कोहरा छाने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश के अदिकतर क्षेत्रों में दिन के समय बादल छाए रहेंगे, जिससे धूप की तीव्रता कम होगी। हालांकि, न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है। जबकि, बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी इलाकों में हल्की बर्फबारी या बारिश हो सकती है, जिसका सीमित प्रभाव प्रदेश में दिखेगा।

विशेषज्ञों ने सराहा यूपी बजट: साफ रणनीति और विकास की सकारात्मक सोच

उत्तर प्रदेश के बजट पर विशेषज्ञों की राय  ——————————————— स्पष्ट नीतियों से सकारात्मक सोच योगी सरकार ने प्रदेश के विकास को लेकर अपनी समग्र दृष्टि पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं को एकीकृत रूप से देखें तो सरकार का मंतव्य भी सामने आ जाएगा। पहला तो राज्य सरकार की ओर से पहली बार प्रस्तुत किया गया आर्थिक सर्वेक्षण, दूसरा सदन में रख गए बजट के बिंदु और तीसरा राज्यपाल के अभिभाषण पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से की गई चर्चा। इन तीनों का ही सार यह है कि प्रदेश सरकार के एजेंडे में लोक लुभावन बजट नहीं, प्रदेश को अब क्षमता वृद्धि की राह पर ले जाना है और इसीलिए दीर्घकालिक सोच को प्रधानता दी गई है। चूंकि यूपी की अर्थव्यवस्था मजबूत है इसलिए पूंजीगत व्यय पर अधिक जोर दिया जाना अब स्वाभाविक है और अच्छी बात यह है कि इसके लिए नीतियां बिलकुल स्पष्ट हैं। राज्य की आर्थिक स्थिरता ने ही निवेशकों को आकर्षित किया है। इसमें उस बुनियादी ढांचे का विशेष स्थान है, जो सहज साधन के रूप में विकसित हुआ। एक्सप्रेसवे का नेटवर्क, नए हवाई अड्डे, लाजिस्टिक पार्क और औद्योगिक कारिडोर की वजह से निवेशक आने वाले दिनों में और आकर्षित होंगे। मेरी दृष्टि में यह बजट सकारात्मक सोच वाला है जिसमें विकास का एक बड़ा आधार दिखाई देता है।  डा. शरद कोहली, आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ बिजनेस स्टेबिलिटी को बढ़ावा आर्थिक सर्वेक्षण और 2026-27 के बजट दोनों को देखें तो यह स्पष्ट है कि सरकार राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास दर को स्थिर बनाए रखना चाहती है। यह दृष्टिकोण इस बात का परिचायक है कि सामाजिक क्षेत्र को भी उत्पादकता से जोड़ा जा रहा है। पूंजीगत व्यय पर स्पष्ट फोकस की सोच भी स्पष्ट है कि संरचनात्मक परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ा जाए। यह एक तरह से संदेश है कि सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर का अपना एजेंडा बरकरार रखा है जिससे आगे चलकर प्रदेश में स्थायी विकास होता दिखाई देगा। सड़क, एक्सप्रेस-वे, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक कॉरिडोर, सिंचाई और ऊर्जा पर बड़े आवंटन यह दर्शाते हैं कि सरकार निजी निवेश को लेकर आधारभूत ढांचा मजबूत करना चाहती है। इससे राज्य में आर्थिक स्थिरता आएगी और निवेशक ऐसा ही माहौल चाहते हैं। आधारभूत ढांचा मजबूत होने से औद्योगिक गतिविधि को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। फियरलेस गवर्नेंस और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस स्टेबिलिटी को बढ़ावा देती हैं। मेरे विचार में यूपी सरकार ने एक ऐसा बजट प्रस्तुत किया है, जिसमें राज्य की आर्थिक स्थिरता के साथ ही निवेश संकेतकों को लेकर भी सकारात्मक संदेश उभरता है।  इस बात का प्रयास दिखाई देता है कि वेलफेयर की आधारशिला पर क्षमता निर्माण और पूंजी निवेश की इमारत खड़ी की जाए।  प्रो. मेनका सिंह, दिल्ली विश्वविद्यालय   उत्तर प्रदेश का 2026-2027 का बजट सकारात्मक संदेशों से भरा हुआ है। यह साफ करता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार लोक लुभावन राजनीति के बजाय प्रदेश की लॉन्ग टर्म आर्थिक मजबूती पर काम कर रही है। इस बजट की सबसे बड़ी खासियत है इंफ्रास्ट्रक्चर और पूंजीगत निवेश पर स्पष्ट फोकस। प्रदेश की जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचना और 13.4 प्रतिशत की वृद्धि दर दिखाती है कि विकास केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर उतर रहा है। प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपये तक पहुंचना और आगे 1,20,000 रुपये का अनुमान इस दिशा को और मजबूत करता है। लगभग 06 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालना और बेरोजगारी दर का 2.24 प्रतिशत तक आना यह बताता है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर स्थित हर व्यक्ति तक पहुंच रहा है। साथ ही, 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं का क्रियान्वयन यह संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश अब निवेश आधारित, स्थिर और भविष्य उन्मुख अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। प्रो. हिमांशु, अर्थ शास्त्री, जेएनयू मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है। यूपी का बजट 2026-27 यह स्पष्ट करता है कि योगी सरकार तात्कालिक लाभ से आगे बढ़कर प्रदेश की दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता दे रही है। 9,12,696.35 करोड़ रुपये के इस बजट में 19.5 प्रतिशत पूंजीगत व्यय रखा जाना इस बात का संकेत है कि इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थायी विकास सरकार के एजेंडे के केंद्र में हैं। राजकोषीय घाटे को 3 प्रतिशत की सीमा में रखना और ऋण-जीएसडीपी अनुपात को 23.1 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य यह दर्शाता है कि आर्थिक अनुशासन और वित्तीय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का इसे चरणबद्ध तरीके से 20 प्रतिशत से नीचे लाने का संकल्प भविष्य की आर्थिक मजबूती तो सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्धता का संकेत है। शिक्षा, चिकित्सा और कृषि जैसे बुनियादी क्षेत्रों में संतुलित आवंटन यह दिखाता है कि विकास केवल ढांचागत ही नहीं, बल्कि समावेशी भी है। यह बजट स्पष्ट संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश अब मजबूत, स्थिर और दीर्घकालिक विकास मॉडल की ओर बढ़ रहा है। प्रो. शिरीष मिश्र, केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी

अलीराजपुर में खौफनाक वारदात मां ने तीन बेटियों को दिया जहर, महिला ने खुद भी पीया जहर|

अलीराजपुर  मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के एक आदिवासी इलाके में शुक्रवार रात एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक मां ने कथित तौर पर अपनी तीन मासूम बेटियों को कीटनाशक (जहर) पिलाने के बाद खुद भी जान देने की कोशिश की। इस घटना में सात, पांच और तीन साल की तीनों बहनों की मौत हो गई, जबकि महिला की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अंबुआ थाना प्रभारी मोहन डावर के अनुसार, यह घटना अडवाड़ा गांव के माफीदार फलिया में हुई। आरोपी महिला ने अपनी बेटियों सावित्री, कार्तिका और दिव्या को जबरन कीटनाशक पिलाया और फिर खुद भी उसे पी लिया। परिजनों को जैसे ही इसकी भनक लगी, वे चारों को तुरंत जिला अस्पताल ले गए, जहां एक बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया। अन्य दो बच्चियों की बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्हें गुजरात के दाहोद रेफर किया गया, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना के समय महिला का पति मजदूरी के सिलसिले में पिछले एक महीने से गुजरात में था। शुरुआती जांच में पुलिस इसे घरेलू विवाद का मामला मान रही है, हालांकि सभी पहलुओं से तफ्तीश की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मृत बच्चों के पिता और अन्य रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस खौफनाक कदम के पीछे की असली वजह का पता लगाया जा सके।

सगुन की हल्दी से महकी शिव नगरी: काशी में बाबा विश्वनाथ का भव्य विवाह समारोह

काशी  महाशिवरात्रि से पहले काशी में शिव विवाह की पावन रस्मों का शुभारंभ शुक्रवार को बाबा विश्वनाथ की सगुन हल्दी के साथ होगा। सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार बाबा को विवाह से पूर्व हल्दी अर्पित की जाएगी और उन्हें दूल्हा रूप में सजाया जाएगा। बांसफाटक से निकलेगी हल्दी की पारंपरिक यात्रा बांसफाटक स्थित श्रीमहंत लिंगिया महाराज (शिव प्रसाद पांडेय) के आवास, श्रीयंत्र पीठम “श्री धर्म निवास” से हल्दी की पारंपरिक यात्रा टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत आवास के लिए रवाना होगी। यहां बाबा की पंचबदन चल प्रतिमा पर विधि-विधान से हल्दी अर्पित की जाएगी। बड़ी शीतला माता मंदिर के उपमहंत अवशेष पांडेय (कल्लू महाराज) ने बताया कि काशी की लोकपरंपरा में शिव विवाह से पूर्व सगुन की हल्दी चढ़ाने की विशेष मान्यता है। इस वर्ष विशेष रूप से नासिक से मंगाई गई हल्दी बाबा को अर्पित की जाएगी। सारंगनाथ से आएंगे ससुरालीजन शिव विवाह की इस रस्म में बाबा के ‘ससुराल’ सारंगनाथ मंदिर से भी ससुरालीजन शामिल होंगे। सामूहिक रुद्राभिषेक पीठ के पदाधिकारियों के अनुसार, सारंगनाथ से हल्दी लेकर श्रद्धालु बांसफाटक पहुंचेंगे और वहां से शोभायात्रा के साथ टेढ़ीनीम महंत आवास जाएंगे। डमरू, शंखनाद और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच बाबा को सगुन की हल्दी अर्पित की जाएगी। विशेष पूजन और भव्य श्रृंगार हल्दी चढ़ाने से पहले महंत परिवार की संरक्षिका मोहिनी देवी के सानिध्य में 11 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा पंचबदन प्रतिमा का विशेष पूजन कराया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा का पारंपरिक और भव्य श्रृंगार होगा। दूल्हे के रूप में सजे श्रीविश्वनाथ की झलक पाने को भक्त उत्साहित हैं। नृत्यांजलि और स्वरांजलि से भक्तिमय माहौल हल्दी अनुष्ठान के उपरांत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। नृत्यांजलि और स्वरांजलि के माध्यम से शिव भक्ति का रस बिखरेगा और पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा। काशी में शिव विवाह की इन रस्मों के साथ महाशिवरात्रि महापर्व की तैयारियां भी चरम पर पहुंच गई हैं। श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन आस्था, परंपरा और उत्सव का अद्भुत संगम बनकर सामने आएगा।

पंजाब में गहराया गेहूं भंडारण संकट, केंद्र से अनाज की आवाजाही तेज करने की मांग

चंडीगढ़. पंजाब के अनाज से भरे गोदामों में जगह न होने से टेंशन बढ़ती जा रही हैं, जबकि दूसरी ओर से केंद्र सरकार से मिल रहे ठंडे रिस्पांस के कारण अप्रैल के अंत और मई के पहले हफ्ते तक मुश्किलें बढ़नी तय है। इसका कारण यह है कि मंडियों में आने वाली संभावित 125 लाख टन गेहूं में से 50 लाख टन गेहूं को रखने के लिए जगह नहीं है। मंडियों में शेड को भी अगर अंतिम समय में ओपन प्लिंथों में बदल दिया जाए तो भी मुश्किल से 12 से 15 लाख टन जगह ही बन पाएगी। इसको लेकर पंजाब सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से यह मुद्दा केंद्र सरकार के पास उठाने का आग्रह किया है, ताकि 15 फरवरी से लेकर 15 अप्रैल तक अनाज की मूवमेंट को तेज करके गोदामों में जगह बनाई जा सके। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव राहुल तिवारी ने कहा है कि मुख्यमंत्री पहले भी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्रालय के मंत्री प्रल्हाद जोशी के पास यह मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने आश्वासन दिया था कि आने वाले दिनों में पंजाब से चावल और गेहूं की दूसरे राज्यों में मूवमेंट बढ़ाई जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आज भी मात्र पांच-पांच लाख टन चावल और गेहूं लिया जा रहा है। इससे पंजाब की समस्या खत्म नहीं होगी, क्योंकि दो महीने बाद पंजाब की मंडियों में 125 लाख टन गेहूं आने की उम्मीद है। जबकि हमारे पास पिछले साल का ही अभी 50 लाख टन गेहूं पड़ा हुआ है। राहुल तिवारी ने बताया कि 75 लाख टन गेहूं को ओपन प्लिंथ और साइलोज व कवर्ड गोदामों में रखने के लिए हमारे पास क्षमता है, लेकिन हमारी चिंता 50 लाख टन को लेकर है। उन्होंने कहा कि यह छोटी मात्रा नहीं है। यह बहुत बड़ी समस्या है और केंद्र सरकार को पंजाब से कम से कम इन दो महीनों,फरवरी और मार्च में 25 लाख टन से ज्यादा गेहूं यहां से दूसरे राज्यों को भेजने की व्यवस्था करनी होगी। गौरतलब है कि अगर अप्रैल माह तक मूवमेंट न हुई तो 15 अप्रैल के बाद मंडियो में आने वाली फसल को संभालना ही मुश्किल हो जाएगा। खरीद करते समय ढुलाई की समस्या आएगी और ढुलाई न होने से किसानों में रोष फैलना तय है। क्यों बढ़ रही है दिक्कत गौरतलब है कि देश के अन्य भागों में भी अब गेहूं और चावल उनकी जरूरतों के मुताबिक पैदा होना शुरू हो गया है। पंजाब में यह क्षमता से ज्यादा पैदा हो रहा है। देश में पैदावार 1,000 लाख टन की है जबकि जरूरत 700 लाख टन की है। ऐसे में या तो किसानों को कहकर इन दोनों फसलों का रकबा कम करना होगा या फिर इनका निर्यात खोलना होगा। हालांकि, कई राज्यों ने केंद्र सरकार को यह सुझाव भी दिया है कि जिन लोगों को निशुल्क अनाज मिलता है उसकी मात्रा 40 प्रतिशत बढ़ा दी जाए। इस समय प्रति व्यक्ति पांच किलो गेहूं या चावल देने का प्रावधान है, जिसको 7 किलो किया जा सकता है। इससे काफी मात्रा में अनाज गोदामों से निकल सकता है।

आपत्तिजनक स्थिति पर मुंडन की चेतावनी, भोपाल के चिनार पार्क के बाहर वैलेंटाइन डे पर तनाव

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में वैलेंटाइन-डे के मौके पर शुक्रवार को हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ता हाथों में लट्ठ (डंडे) लेकर सड़कों पर उतर आए. चिनार पार्क के बाहर जमा हुए इन कार्यकर्ताओं ने न केवल नारेबाजी की, बल्कि सार्वजनिक स्थलों पर 'मर्यादा' का उल्लंघन करने वाले जोड़ों का 'मुंडन' करने की सीधी चेतावनी भी दे डाली. प्रशासन की सतर्कता स्थिति को देखते हुए शहर के प्रमुख पार्कों, मॉल और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। पुलिस ने कहा कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। अधिकारियों ने नागरिकों से भी अपील की कि वे किसी भी तरह के विवाद से बचें और कानून का पालन करें। पार्क के बाहर पुलिस तैनात स्थिति को देखते हुए पार्क के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था की गई है और किसी भी तरह की अवैध या हिंसक कार्रवाई की अनुमति नहीं दी जाएगी। गौरतलब है कि वैलेंटाइन डे को लेकर शहर में विभिन्न संगठनों की ओर से विरोध दर्ज कराया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थलों पर शांति भंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बजरंग दल की चेतावनी: मुंह काला करेंगे राष्ट्रीय बजरंग दल ने सार्वजनिक रूप से सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वैलेंटाइन डे के नाम पर किसी भी तरह की अश्लीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रांत मंत्री राकेश प्रजापति ने तीखे शब्दों में कहा कि यदि कोई युवक-युवती सार्वजनिक स्थानों पर आपत्तिजनक स्थिति में मिले, “बाबू-सोना” करते दिखाई दें, तो उनका सिर मुंडवाकर मुंह काला किया जाएगा और सड़कों पर जुलूस निकाला जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जहां कहीं भी अश्लीलता करते पाए गए, वहां “शरीर का कोना-कोना तोड़ देंगे।” संगठन का आरोप है कि वैलेंटाइन डे के बहाने शहर में योजनाबद्ध तरीके से अशोभनीय गतिविधियां बढ़ाई जाती हैं, जिसका राष्ट्रीय बजरंग दल विरोध करेगा। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। 15 निगरानी दस्ते गठित वैलेंटाइन डे पर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल ने पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव का विरोध करते हुए सख्त रुख अपनाया है। वहीं संस्कृति बचाओ मंच ने शहरभर में 15 निगरानी दस्ते गठित कर होटल, मॉल और पार्कों पर नजर रखने की घोषणा की है। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को हिंदू परिषद और बजरंग दल ने ‘दंड पूजन’ कर विरोध दर्ज कराया। संगठन के प्रांत मंत्री राकेश प्रजापति ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रेम मर्यादा और सम्मान से जुड़ा है, लेकिन पश्चिमी प्रभाव में सार्वजनिक अश्लीलता को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिसे भोपाल में किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन सच्चे प्रेम या पारिवारिक मूल्यों के खिलाफ नहीं, बल्कि सार्वजनिक मर्यादा भंग करने वालों के विरोध में हैं। बजरंग दल की एक दर्जन टीमें रहेंगी तैनात संगठनों ने ऐलान किया है कि 14 फरवरी को राष्ट्रीय बजरंग दल की करीब एक दर्जन टीमें शहर के प्रमुख पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में तैनात रहेंगी। किसी भी आपत्तिजनक गतिविधि पर सार्वजनिक विरोध दर्ज कराया जाएगा। विशेष आयोजन न करें होटल संचालक उधर, संस्कृति बचाओ मंच ने होटल संचालकों को चेतावनी दी है कि वैलेंटाइन डे पर विशेष आयोजन न करें। मंच पदाधिकारियों ने कहा कि भारतीय संस्कृति और संस्कार देश की पहचान हैं। युवाओं से अपील की गई है कि वे वैलेंटाइन डे के बजाय अगले दिन पड़ने वाली महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करें। संगठनों की घोषणाएं कुछ संगठनों ने दावा किया कि उन्होंने शहरभर में निगरानी टीमें गठित की हैं, जो सार्वजनिक स्थानों पर नजर रखेंगी। वहीं होटल संचालकों से अपील की गई कि वे 14 फरवरी को विशेष आयोजन न करें। सांस्कृतिक बहस तेज वैलेंटाइन डे को लेकर हर साल की तरह इस बार भी शहर में सांस्कृतिक बहस देखने को मिली। एक पक्ष इसे निजी अभिव्यक्ति और उत्सव का दिन मानता है, जबकि विरोध करने वाले इसे भारतीय परंपराओं के विपरीत बताते हैं। प्रशासन ने दोहराया है कि सभी नागरिकों को कानून के दायरे में रहते हुए अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन किसी भी तरह की हिंसक या जबरन कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शक्ति प्रदर्शन: 'दंड पूजन' के बाद मैदान में उतरे दस्ते राजधानी में विरोध की लहर एक दिन पहले ही शुरू हो गई थी, जब संगठनों ने 'दंड पूजन' कर अपनी रणनीति साफ कर दी थी. निगरानी दस्ते: संस्कृति बचाओ मंच ने शहर के होटलों, मॉल्स और पार्कों पर नजर रखने के लिए 15 विशेष निगरानी दस्ते गठित किए हैं. संस्कृति का तर्क: संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि वे प्रेम के खिलाफ नहीं, बल्कि पाश्चात्य संस्कृति के नाम पर परोसी जा रही 'अश्लीलता' के विरुद्ध हैं. महाशिवरात्रि की अपील: युवाओं से अपील की गई है कि वे विदेशी त्योहार के बजाय अगले दिन आने वाली महाशिवरात्रि पर शिव-पार्वती की पूजा करें. प्रशासन अलर्ट: पुलिस का सख्त घेरा हंगामे की आशंका को देखते हुए भोपाल पुलिस ने चिनार पार्क और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है. सुरक्षा चक्र: पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संगठन को कानून हाथ में लेने या हिंसक कार्रवाई करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. होटलों को हिदायत: दक्षिणपंथी संगठनों ने होटल संचालकों को भी चेतावनी दी है कि वे वैलेंटाइन-डे पर किसी भी तरह का विशेष आयोजन न करें.