samacharsecretary.com

रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर बने संजीव शुक्ला, श्वेता बनीं ग्रामीण SP, 15 IPS अफसरों का ट्रांसफर

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए पुलिस विभाग में एक बड़ा फेरबदल किया है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 15 अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इस फेरबदल की सबसे खास बात राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली के तहत पहली नियुक्ति और कई जिलों में नए कप्तानों की तैनाती है। रायपुर को मिला पहला पुलिस कमिश्नर राजधानी रायपुर की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए संजीव शुक्ला (2004 बैच) को रायपुर का पहला पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे बिलासपुर में आईजी (IG) के पद पर तैनात थे। रायपुर में अब पुलिसिंग का स्वरूप पूरी तरह प्रोफेशनल और हाई-टेक होने की उम्मीद है। राज्य के तीन प्रमुख रेंजों में भी नए आईजी की तैनाती की गई है:     रामगोपाल गर्ग (2007 बैच): बिलासपुर रेंज के नए आईजी।     अभिषेक शांडिल्य (2007 बैच): दुर्ग रेंज की कमान संभालेंगे।     बालाजी राव सोमावार (2007 बैच): राजनांदगांव रेंज के नए आईजी बनाए गए हैं। जिलों के नए कप्तान (SP) कुछ महत्वपूर्ण जिलों में भी अनुभवी अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है:     लाल उमेद सिंह: जशपुर के नए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP)।     शशि मोहन सिंह: रायगढ़ जिले की सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।     दिव्यांग पटेल: सेनानी, 14वीं वाहिनी, बालोद।     उमेश प्रसाद गुप्ता: पुलिस अधीक्षक (रेल), रायपुर। रायपुर नगरीय पुलिस का नया ढांचा शहर की बढ़ती आबादी और क्राइम कंट्रोल के लिए रायपुर नगरीय पुलिस में विशेषज्ञों की टीम तैनात की गई है:     अमित तुकाराम काम्बले: अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, रायपुर।     संदीप पटेल: पुलिस उपायुक्त (मध्य)।     मयंक गुर्जर: पुलिस उपायुक्त (उत्तर)।     विकास कुमार: पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल)।     राजनाला स्मृतिक: पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर)।     श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा: सहायक पुलिस आयुक्त (आजाद चौक)। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर और ग्रामीण एसपी की नियुक्ति 2009 बैच के आईपीएस अमित तुकाराम कांबले को रायपुर का अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। वहीं रेल एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा को रायपुर ग्रामीण एसपी के पद पर पदस्थ किया गया है। एसएसपी स्तर पर तबादले रायपुर के एसएसपी लाल उम्मेद सिंह का तबादला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृहक्षेत्र जशपुर किया गया है। जशपुर के एसएसपी शशिमोहन सिंह को रायगढ़ भेजा गया है। आईजी और एसपी स्तर पर बड़ा फेरबदल आदेश के अनुसार दुर्ग रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग को बिलासपुर रेंज भेजा गया है। अभिषेक शांडिल्य को राजनांदगांव से दुर्ग रेंज, बालाजी राव सोमावार को पुलिस मुख्यालय से राजनांदगांव रेंज और रायगढ़ एसपी दिव्यांग पटेल को रेल एसपी बनाया गया है। रायपुर में रह चुके हैं संजीव शुक्ला संजीव शुक्ला पूर्व में रायपुर के एसपी रह चुके हैं और स्थानीय अनुभव व मजबूत प्रशासनिक नेटवर्क के लिए जाने जाते हैं। हालांकि वे जनवरी 2027 में सेवानिवृत्त होंगे, जिससे उन्हें करीब 11 माह का कार्यकाल मिलेगा। क्यों खास है यह फेरबदल? यह आदेश राज्यपाल के नाम से गृह सचिव हितेश शिखर गुप्ता द्वारा जारी किया गया है। इन नियुक्तियों के पीछे मुख्य उद्देश्य वीआईपी मूवमेंट, बढ़ते साइबर अपराध और शहरी यातायात को बेहतर ढंग से मैनेज करना है। संजीव शुक्ला जैसे अनुभवी अधिकारी का रायपुर कमिश्नर बनना शहर की सुरक्षा के लिहाज से एक नया अध्याय माना जा रहा है। SP के रूप में संभाला चुके हैं दुर्ग की कमान  संजीव शुक्ला ने दुर्ग जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य किया. इससे पहले उन्होंने इसी जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का पद भी संभाला था. दुर्ग में उनका काम करने का तरीका सख्त, अनुशासित और अपराध नियंत्रण में प्रभावी माना जाता था. बाद में उन्हें बिलासपुर रेंज का पुलिस महानिरीक्षक नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में समस्याओं को सुलझाने और रेंज स्तर पर संगठित अपराध से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. दो बार प्रेसिडेंट पुलिस मेडल से नवाजे जा चुके हैं संजीव शुक्ला बता दें कि संजीव शुक्ला CID के हेड के तौर पर भी काम कर चुके हैं. उन्हें उनके बेहतरीन काम के लिए प्रेसिडेंट मेडल से सम्मानित किया गया है, जिससे उनका सर्विस रिकॉर्ड और भी मजबूत हुआ है. उन्हें 2010 और 2022 में दो अलग-अलग कैटेगरी में दो बार प्रेसिडेंट पुलिस मेडल मिला. संजीव शुक्ला कांकेर में डीआईजी के पद पर तैनात थे. उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी (रायपुर) में उप निदेशक के रूप में काम करने का भी अनुभव है.   रायपुर कमिश्नरी में DCP की नियुक्ति रायपुर में कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने के बाद नगरीय पुलिस ढांचे को मजबूत करते हुए पुलिस उपायुक्त (DCP) स्तर पर अहम नियुक्तियां की गई हैं। इसके तहत वर्ष 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी उमेश प्रसाद गुप्ता को पुलिस उपायुक्त (मध्य) रायपुर, संदीप पटेल को पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) रायपुर और मयंक गुर्जर को पुलिस उपायुक्त (उत्तर) रायपुर नगरीय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा विकास कुमार (IPS-2020) को पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल) और राजनाला स्मृतिक (IPS-2020) को पुलिस उपायुक्त (क्राइम और साइबर) रायपुर नगरीय नियुक्त किया गया है। वहीं ईशु अग्रवाल (IPS-2022), जो अब तक नगर पुलिस अधीक्षक, आजाद चौक रायपुर थे, उन्हें पुलिस सहायक आयुक्त, आजाद चौक, रायपुर नगरीय पदस्थ किया गया है। आधे जिले में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू रायपुर के आधे जिले में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम आज यानी 23 जनवरी 2026 से प्रभावी हो गई है। रायपुर के 21 थाने कमिश्नर और 12 थाने SP संभालेंगे। गृह विभाग ने इसे लेकर बुधवार शाम नोटिफिकेशन जारी किया गया था। रायपुर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने के लिए शहर की पुलिस फोर्स को 2 हिस्सों में बांटा गया।

स्वास्थ्य सेवाओं के साथ युवाओं को मिलेगा रोजगार: नवा रायपुर बनेगा सेंट्रल इंडिया का हेल्थकेयर हब – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : मेडिसिटी विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि: चार माह में जमीन लीज और रजिस्ट्री पूरी, ₹680 करोड़ की लागत से बनेगा 300 बिस्तरों का बॉम्बे हॉस्पिटल स्वास्थ्य सेवाओं के साथ युवाओं को मिलेगा रोजगार: नवा रायपुर बनेगा सेंट्रल इंडिया का हेल्थकेयर हब – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर नवा रायपुर को देश के प्रमुख हेल्थकेयर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में देश के प्रतिष्ठित बॉम्बे हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर और नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मध्य 15 एकड़ भूमि के लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता नवा रायपुर में प्रस्तावित मेडिसिटी के विकास को नई गति देगा। यह परियोजना न केवल राज्य के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करेगी, बल्कि निवेश के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की तेज़ और भरोसेमंद प्रशासनिक कार्यप्रणाली का भी उदाहरण बनेगी। राज्य सरकार द्वारा 24 सितंबर 2025 को निवेश आमंत्रण जारी किए जाने के बाद मात्र चार माह के भीतर भूमि चिन्हांकन, आवश्यक स्वीकृतियां और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जो अपने आप में एक नया बेंचमार्क है। नवा रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा आबंटित 15 एकड़ भूमि पर बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा लगभग ₹680 करोड़ की लागत से 300 बिस्तरों का अत्याधुनिक मल्टी सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल स्थापित किया जाएगा। यह अस्पताल ट्रस्ट का देश में चौथा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होगा। इससे पूर्व मुंबई, इंदौर और जयपुर में ट्रस्ट के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। बॉम्बे हॉस्पिटल के माध्यम से कार्डियक साइंसेज, कैंसर उपचार, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, क्रिटिकल केयर, ऑर्गन ट्रांसप्लांट सहित कई उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुंबई या दिल्ली जैसे महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इस परियोजना से 500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिनमें डॉक्टर, सर्जन, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और मेडिकल टेक्नीशियन शामिल होंगे। इसके साथ ही हेल्थकेयर सप्लाई चेन, सेवाओं और सहयोगी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को उल्लेखनीय प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि बॉम्बे हॉस्पिटल की स्थापना से नवा रायपुर में मेडिसिटी का सपना साकार होने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के नागरिकों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के निरंतर विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। बॉम्बे हॉस्पिटल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का नवा रायपुर में निवेश करना राज्य की नीतिगत स्थिरता, तेज़ निर्णय क्षमता और निवेशक-अनुकूल वातावरण पर विश्वास का प्रमाण है। यह परियोजना छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत स्वास्थ्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहनों और समयबद्ध क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष परिणाम है। इससे नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया के प्रमुख हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ चंदन कुमार, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं चेयरमैन भरत तापड़िया, सचिव श्याम जी सहित ट्रस्ट एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

ग्वालियर के बेटे की शहादत, पत्नी को आखिरी शब्द: ‘मैं ऊंचाई पर जा रहा हूं’, डोडा में बलिदान

ग्वालियर  शहर का सपूत शैलेंद्र सिंह भदौरिया देश की रक्षा करते हुए जम्मू-कश्मीर में बलिदानी हो गया। डोडा जिले के भद्रवाह-चांबा मार्ग पर स्थित खानी टाप क्षेत्र में सेना की बुलेट प्रूफ बस गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में 10 जवान बलिदान हुए, जिनमें शैलेंद्र सिंह भदौरिया भी शामिल थे। हादसे से पहले  रात शैलेंद्र ने फोन पर पत्नी शिवानी और बेटे भावेश से बात की थी। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि "ख्याल रखना, मैं ऊंचाई पर जा रहा हूं।" नेटवर्क की समस्या के कारण वीडियो कॉल पूरी नहीं हो सकी थी और कुछ देर बाद फोन कट गया। इसके बाद गुरुवार दोपहर उनकी यूनिट से बलिदान की सूचना स्वजनों को दी गई। शव सेना द्वारा ग्वालियर लाया जा रहा बलिदानी जवान का शव सेना द्वारा ग्वालियर लाया जा रहा है, जो शुक्रवार को पहुंचेगा। ग्वालियर में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। इस दौरान सेना और स्थानीय पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। शैलेंद्र सिंह भदौरिया, पिता हनुमंत सिंह भदौरिया, मूल रूप से भिंड जिले के निवासी थे। वर्ष 2007 में वे भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और वर्तमान में भारतीय सेना की 4-आरआर यूनिट में हवलदार के पद पर पदस्थ थे। ग्वालियर के गोला का मंदिर स्थित पिंटो पार्क क्षेत्र की प्रीतम विहार कॉलोनी में उनका निवास है, जहां पिता, दो भाई, पत्नी और तीन बच्चे रहते हैं। बलिदान की खबर मिलते ही ग्वालियर स्थित उनके घर पर रिश्तेदार, परिचित और सेना के अधिकारी पहुंचने लगे। पत्नी शिवानी बेसुध हो गईं। छह वर्षीय बेटा भावेश और बेटियां अक्षिता व राधिका का रो-रोकर बुरा हाल है। शैलेंद्र तीन भाइयों में मझले थे।  

तराना में बजरंग दल कार्यकर्ता की पिटाई पर भड़का तनाव, भीड़ ने की बसों और दुकानों में तोड़फोड़

उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में एक हिंदूवादी नेता की पिटाई के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया. आक्रोशित भीड़ ने थाने का घेराव किया और दुकानों के साथ ही वाहनों में भी तोड़फोड़ की. घटना उज्जैन जिले के तराना तहसील क्षेत्र की है. इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. पुलिस का दावा है कि हालात नियंत्रण में है. जानकारी के मुताबिक उज्जैन के तराना निवासी बजरंग दल के सदस्य सोहेल ठाकुर पर गुरुवार की शाम 10 से 15 की संख्या में पहुंचे युवाओं ने हमला कर दिया. सोहन पर हमला करने वाले लोग दूसरे समुदाय के बताए जा रहे हैं. घटना की जानकारी मिलते ही हिंदूवादी संगठन के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और जमकर उत्पात मचाया. आक्रोशित लोगों ने बसों और अन्य वाहनों के साथ ही बस स्टैंड क्षेत्र की दुकानों में भी तोड़फोड़ की. तब तक दूसरे पक्ष के लोग भी मौके पर जुट गए और दोनों पक्षों में जमकर पथराव हुआ. सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन भी एक्टिव हुआ और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे. उज्जैन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रदीप शर्मा ने हालात नियंत्रण में होने का दावा करते हुए कहा है कि इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. तराना बस स्टैंड क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद हालात शांतिपूर्ण हैं, लेकिन तनाव की स्थिति बनी हुई है. मामला हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता की पिटाई से जुड़ा होने के कारण पुलिस प्रशासन सतर्क है. वहीं, घायल बजरंग दल कार्यकर्ता सोहेल ठाकुर को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर्स ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया. उज्जैन जिला अस्पताल में सोहेल का उपचार चल रहा है. मारपीट की घटना में घायल बजरंग दल कार्यकर्ता का कहना है कि संघ कार्यालय के बाहर बैठा हुआ था, तभी 10-15 लड़के आए और लोहे की रॉड से सिर पर वार कर दिया. पीड़ित का दावा है कि सिर पर प्रहार से उसे चक्कर आ गया और वह बेहोश हो गया. सोहेल ठाकुर ने आगे कहा कि मुझ पर हमला देख मेरे भाई दौड़कर वहां पहुंचे, जिसके बाद लड़के वहां से भाग गए. इस हमले के पीछे लव जिहाद से जुड़े मामलों को वजह बताते हुए घायल ने कहा कि ये लोग अवैध गतिविधियों में संलिप्त हैं और बहुत समय से मुझे मारने की योजना बना रहे थे.

पलाश मुच्छल पर फ्रॉड केस, 40 लाख लेकर फिल्म बनाने का वादा निभाया नहीं, शादी टूटने के बाद फिर चर्चा में

इंदौर  स्मृति मंधाना से ब्रेकअप के बाद, म्यूज़िक कंपोज़र और सिंगर पलाश मुच्छल एक बार फिर चर्चा में हैं, इस बार उन पर गंभीर धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं.  महाराष्ट्र के सांगली ज़िले में म्यूज़िशियन के ख़िलाफ़ एक शिकायत दर्ज की गई है, जिसमें उन पर एक लोकल आदमी से ₹40 लाख की धोखाधड़ी करने का आरोप है. पुलिस ने कन्फ़र्म किया है कि मामले की शुरुआती जांच अभी चल रही है. यह शिकायत 34 साल के एक्टर और प्रोड्यूसर विद्यान माने ने दर्ज कराई है, जिन्होंने सांगली के पुलिस सुपरिटेंडेंट से पलाश के ख़िलाफ़ FIR दर्ज करने की मांग की है. पलाश ने कथित तौर पर माने से एक प्रोजेक्ट में इन्वेस्ट करने के लिए कहा था, जिसमें उन्हें एक रोल का वादा भी किया गया था. माने का दावा है कि उन्होंने 40 लाख रुपये इन्वेस्ट किए थे. हालांकि, फ़िल्म कभी नहीं बनी और कथित तौर पर पैसे वापस नहीं किए गए. कभी स्मृति मंधाना संग शादी करने वाले थे पलाश बता दें ये पहला मौका नहीं है जब पलाश मुच्छल किसी विवाद का हिस्सा बने हो.इससे पहले भी वो बीते दिनों अपनी सगाई और शादी को लेकर चर्चा में थे. दरअसल, पलाश कुछ दिनों पहले भारतीय क्रिकेट टीम की खिलाड़ी स्मृदि मंधाना के संग शादी के बंधन में बंधने वाले थे. पलाश और स्मृति ने सगाई तक कर ली थी. लेकिन शादी से ठीक पहले दोनों ने अपने रिश्ते को खत्म कर लिया. उसके बाद सोशल मीडिया पर पलाश को लेकर कई तरह के दावे किए गए. कई रिपोर्ट में कहा गया कि पलाश ने स्मृति को धोखा दिया है. इतना ही नहीं ये भी दावा किया गया था कि पलाश शादी तो स्मृति से करने जा रहे थे, लेकिन किसी और से डेट पर जाने के लिए पूछ रहे थे. क्योंकि, उनके मैसेज के कई स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे.हालांकि, ऑफिशियल तौर पर शादी टूटने के पीछे क्या वजह थी इसका खुलासा किसी ने भी नहीं किया. अब पलाश और स्मृति के रास्ते अलग-अलग हो चुके हैं, दोनो ने मूवऑन कर लिया है. 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा – किसानों की प्रगति के लिए सिंचाई परियोजनाओं का सुदृढ़ होना अनिवार्य

रायपुर : किसानों की समृद्धि के लिए सिंचाई परियोजनाओं का सुदृढ़ होना आवश्यक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लंबे समय से अधूरे सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण करने को लेकर मुख्यमंत्री सख्त मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग के कामकाज की उच्च स्तरीय समीक्षा की रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभागीय कार्यों, संचालित परियोजनाओं तथा प्रस्तावित सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार बड़े निर्णय ले रही है और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए कि लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को अटल सिंचाई योजना में शामिल किया गया है, इन्हें समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने आगामी तीन वर्षों में पूर्ण की जाने वाली परियोजनाओं की जानकारी लेते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में किसानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। खेती के बढ़ते रकबे और किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सिंचाई परियोजनाओं का सुदृढ़ होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए बजट की कोई कमी नहीं है और इसके लिए पृथक बजटीय प्रावधान किया गया है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से प्रदेश में सिंचित रकबा बढ़ेगा और किसानों की उपज में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले के किसानों के मध्यप्रदेश अध्ययन भ्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां आधुनिक तकनीक के माध्यम से सिंचाई को प्रभावी ढंग से संचालित होते देखकर किसान काफी उत्साहित हुए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन राज्यों में सिंचाई क्षेत्र में बेहतर नवाचार किए जा रहे हैं, वहां छत्तीसगढ़ के किसानों का भी अध्ययन भ्रमण कराया जाए, ताकि वे नई तकनीकों और कार्यप्रणालियों से अवगत हो सकें। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि आगामी तीन वर्षों में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 14 सिंचाई परियोजनाओं को चरणबद्ध रूप से पूर्ण करने की योजना है, जिससे लगभग 70 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इनमें 4,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली चार प्रमुख परियोजनाओं का मार्च और मई माह में भूमिपूजन प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं में बस्तर जिले की देउरगांव बैराज सह उद्वहन सिंचाई परियोजना, मटनार बैराज सह उद्वहन सिंचाई परियोजना, रायपुर जिले के आरंग विकासखंड में महानदी पर मोहमेला–सिरपुर बैराज योजना तथा गरियाबंद जिले की सिकासार जलाशय से कोडार जलाशय लिंक परियोजना शामिल हैं। इसी प्रकार अटल सिंचाई योजना के अंतर्गत 115 लंबित परियोजनाओं के लिए 346 करोड़ रुपये का बजट आबंटित किया गया है, जिनके माध्यम से लगभग 11 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता का विकास किया जाएगा। बैठक में अंतराज्यीय जल विवादों के समाधान पर भी चर्चा की गई। आगामी तीन वर्षों में महानदी जल विवाद, पोलावरम बांध के डुबान क्षेत्र तथा समक्का बैराज से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए ठोस प्रयास किए जाने पर सहमति बनी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

राजा भैया की पत्नी और बेटियां वोटर लिस्ट से नदारद, CM योगी ने चुनाव आयोग को भेजी शिकायत

 प्रतापगढ़  उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा में मतदाता सूची को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. चुनाव आयोग द्वारा कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह और उनकी दोनों बेटियों, राघवी कुमारी व विजय राजेश्वरी कुमारी के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं.  यह कार्रवाई हाल ही में संपन्न हुई है, जिसके विरोध में भानवी सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है. उन्होंने प्रशासनिक दबाव और पक्षपात का आरोप लगाते हुए इस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं. भानवी सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए अपना गुस्सा जाहिर करते हुए 2003 और 2025 की वोटर लिस्ट के सबूत पेश किए हैं. उन्होंने बताया कि साल 2025 की सूची में उनका नाम मतदान केंद्र संख्या 87, बेंती के वार्ड नंबर 15 में दर्ज था. लेकिन नई अंतरिम सूची से उनका और उनकी बेटियों का नाम अचानक गायब कर दिया गया. भानवी का कहना है कि वह 2003 से लगातार कुंडा की वोटर रही हैं, ऐसे में नाम हटाना समझ से परे है. सत्ता और आयोग तक पहुंची शिकायत इस मामले ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है. भानवी सिंह ने इसे 'खुला पक्षपात' करार देते हुए अधिकारियों पर दबाव में काम करने का आरोप लगाया है. उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सभी दस्तावेजी सबूत संलग्न किए हैं और मांग की है कि उनके संवैधानिक अधिकार को बहाल किया जाए. कुंडा के सियासी गलियारों में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.  

पुल की चोरी: कोरबा में 11 बजे तक था सही, सुबह अचानक 60 फीट लंबा लोहे का पुल गायब

 कोरबा     छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक अजब गजब मामले की पुलिस रिपोर्ट दर्ज हुई है. सिविल लाइन थाना की सीएसईबी पुलिस चौकी में 60 फीट लंबे पुल के चोरी हो जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है. कलेक्टर कोरबा कुणाल दुदावत और एसपी सिद्धार्थ तिवारी से शिकायत किए जाने के बाद यह रिपोर्ट दर्ज हुई है और इस मामले को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप बचा हुआ है. पुलिस ने चोरी के पुल की तलाश में एक विशेष जांच दल गठित कर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. छत्तीसगढ़ के कोरबा में शहर के मध्य भाग से होकर गुजरने वाले हसदेव बायीं तट नहर में वर्षों पहले बनाया गया पुल रातो-रात चोरी हो गया. नगर निगम के वार्ड नंबर 17 के नागरिकों के शहर आवागमन के लिए यह पुल करीब 40 साल पहले बनाया गया था. रात 11 बजे तक था, सुबह हुआ लापता पुल की लंबाई लगभग 60 फीट और चौड़ाई 5 फीट थी. यह पुल रात 11 बजे तक सही सलामत था. वार्ड 17 के लोग इस समय तक पुल से होकर घर लौटे थे. लेकिन सुबह उन्होंने देखा कि पुल अपनी जगह से गायब है. पुल के चोरी चले जाने की सूचना तुरन्त वार्ड पार्षद लक्ष्मण श्रीवास को दी गई. वे भी भागते दौड़ते मौके पर पहुंचे, तो देख की पुल वास्तव में चोरी हो गया था. वार्ड पार्षद लक्ष्मण श्रीवास ने तुरंत आवेदन पत्र तैयार किया और एसपी सिद्धार्थ तिवारी के पास पहुंच कर शिकायत दर्ज कराई. वे यहीं नहीं रुके. उन्होंने पुल चोरी की लिखित शिकायत कलेक्टर कुणाल दुदावत से भी की और पुल के चोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर से शिकायत के बाद पुलिस विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया. पुलिस ने एक विशेष जांच दल का गठन कर मामले की तेज गति से जांच शुरू कर दी है. दरअसल, जिस पुल की चोरी हुई है, वह मजबूत लोहे का बना हुआ था. मोटे मोटे लोहे के गर्डर यानी रेल पटरियों जैसी संरचना से यह 60 फीट लंबा पुल शहरी क्षेत्र में नहर निर्माण के बाद नागरिकों के आवागमन के लिए बनाया गया था.  गर्डर के ऊपर लोहे की मोटी-मोटी प्लेट लगाई गई थी. यह पुल इतना मजबूत था कि बीते 40 सालों में इसे कोई क्षति नहीं पहुंची थी. इसी पुल की रातो रात चोरी हो गई है. मौके पर पुल को गैस कटर से काटने के निशान थे. नहर के दोनों सिरों पर पुल के जमीन में लगे टुकड़ों में गैस कटर से पुल काटने के निशान दिखाई दे रहे थे. 30 टन लोहा और करीब 15 लाख कीमत स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह चोरी शहर में सक्रिय स्क्रैप माफिया ने कराई है. चोरी गए पुल के लोगों का वजन अनुमानित 25 से 30 टन है और उसका बाजार मूल्य करीब 15 लाख रुपए होता है.  टल गया बड़ा जल संकट चोरों ने कोरबा शहर में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम की ओर से बिछाई गई पानी की पाइप लाइन की सुरक्षा के लिए उसके तीन दिशाओं में लगाए गए लोहे के मोटे सुरक्षा कवच को भी काटकर चोरी कर ली है. गनीमत है कि पानी का पाइप लाइन सुरक्षित है, वरना कोरबा की ढाई लाख से अधिक की आबादी बूंद बूंद पानी के लिए तरस जाती और शहर में हाहाकार मच जाता. प्रशासन में हड़कंप, SIT का गठन कोरबा जिला पुलिस जिले में स्क्रैप कारोबार यानी कबाड़ का व्यवसाय  बंद होने का दावा करती है. लेकिन पिछले कुछ माह से जगह जगह संचालित स्क्रैप के दुकान इस दावे को साफ साफ नकारते हैं. नगर के वार्ड नंबर 17 में पुल चोरी की घटना से सिद्ध हो जाता है कि जिले में संगठित रूप से माफिया की तर्ज पर स्क्रैप के कारोबार का संचालन किया जा रहा है. पुलिस ने शहर के दो कबाड़ियों के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई भी की, लेकिन उसे वांछित सफलता नहीं मिली.

धार में आज विशेष आयोजन: भोजशाला में बसंत पंचमी और जुमे की नमाज, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

 धार  मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित विवादित भोजशाला परिसर में इस बार बसंत पंचमी और शुक्रवार (जुमे की नमाज) एक ही दिन पड़ने से असमंजस जैसी स्थिति बन गई थी. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने समय और स्थान के बंटवारे का एक विशेष फॉर्मूला तय कर शांतिपूर्ण समाधान निकाल लिया है. आज मौके पर बसंत पंचती की पूजा और नमाज दोनों हो रही है. मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित 11वीं सदी के विवादित भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर में शुक्रवार को बसंत पंचमी की पूजा भारी सुरक्षा के बीच शुरू हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए पूजा और नमाज के लिए समय निर्धारित किया है. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने आदेश दिया कि हिंदू समुदाय को सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा करने की अनुमति होगी, जबकि मुस्लिम समुदाय के लोग दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे के बीच नमाज अदा कर सकेंगे.  प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा के लिए पुलिस, आरएएफ और सीआरपीएफ सहित करीब 8,000 जवानों को तैनात किया है. पूरे परिसर की निगरानी 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों और 10 ड्रोनों के जरिए की जा रही है. शांति बनाए रखने के लिए नमाजियों की लिस्ट पहले ही प्रशासन को सौंप दी गई है. एजेंसी के मुताबिक, कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बताया कि दोनों समुदायों के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए हैं और वे इस व्यवस्था पर सहमत हैं. अब तक साइट को कैसे मैनेज किया गया है? पिछले 23 सालों से एक एडमिनिस्ट्रेटिव व्यवस्था लागू है, जिसके तहत हिंदुओं को मंगलवार को भोजशाला में पूजा करने की इजाज़त है. मुसलमानों को साइट पर शुक्रवार की नमाज़ पढ़ने की इजाज़त है. इस सिस्टम ने काफी हद तक रोज़ाना के झगड़ों को रोका है, लेकिन जब बड़े हिंदू त्योहार शुक्रवार को पड़ते हैं, तो परेशानियां सामने आती हैं. भोजशाला-कमल मौला मस्जिद विवाद क्या है? भोजशाला ASI द्वारा संरक्षित एक स्मारक है, जिसके बारे में माना जाता है कि यह परमार राजा भोज के वक्त से है. इस जगह पर हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय अपना दावा करते हैं. मुस्लिम मान्यता: मुस्लिम समुदाय इस संरचना को सूफी संत कमालुद्दीन के नाम पर कमल मौला मस्जिद मानता है और दावा करता है कि वहां सदियों से लगातार नमाज़ पढ़ी जा रही है और इस दावे का खंडन करता है कि यह मूल रूप से एक हिंदू मंदिर था. हिंदू मान्यता: हिंदू भोजशाला को देवी वाग्देवी (सरस्वती) को समर्पित मंदिर मानते हैं, जिसके लिए वे संस्कृत शिलालेखों, मंदिर जैसी मूर्तियों और वास्तुकला की विशेषताओं का हवाला देते हैं और दावा करते हैं कि यहां बहुत पहले से मंदिर थी. यह विवाद सिर्फ धार्मिक नहीं बल्कि ऐतिहासिक भी है, जिसमें विरासत, पुरातत्व और पूजा की निरंतरता की अलग-अलग व्याख्याएं शामिल हैं. दो दशक से हो रही है नमाज और पूजा पिछले 23 साल से चले आ रहे एक इंतज़ाम के तहत, ASI हिंदुओं को मंगलवार को भोजशाला में पूजा करने की इजाज़त देता है, जबकि मुसलमानों को शुक्रवार को नमाज़ पढ़ने की इजाज़त है. साल 2016 में भी ऐसी ही स्थिति बनी थी, जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ी थी, जिससे विवादित जगह पर नमाज़ के वक्त को लेकर धार में विरोध प्रदर्शन और झड़पें हुई थीं. दोनों पक्षों ने कोर्ट में रखी थी मांग भोज उत्सव समिति ने 23 जनवरी को पूरे दिन सरस्वती पूजा करने के लिए अधिकारियों से इजाज़त मांगी थी, जबकि मुस्लिम समुदाय ने दिन के महत्व का हवाला देते हुए दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज़ पढ़ने की मंज़ूरी के लिए एक ज्ञापन सौंपा था.    सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दोनों पक्षों ने क्या कहा? भोजशाला मुक्ति यज्ञ समिति ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि वे सूर्योदय से सूर्यास्त तक निरंतर पूजा जारी रखेंगे. वहीं, कमल मौला नमाज इंतजामिया कमेटी के जल्फिकार पठान ने भी शांति बनाए रखने की अपील करते हुए फैसले को सर्वसम्मति से स्वीकार किया है. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस संतुलित फैसले का स्वागत किया है. एएसआई की 2003 की व्यवस्था के मुताबिक, यहां मंगलवार को हिंदू पूजा और शुक्रवार को मुस्लिम नमाज अदा करते आए हैं.   सुरक्षा के कड़े इंतजाम और ड्रोन से निगरानी एसपी मनीष अवस्थी ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 8,000 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, जिनमें महिला पुलिस इकाइयां भी शामिल हैं. भोजशाला की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई है और हर वाहन की बारीकी से जांच हो रही है. सोशल मीडिया पर भी चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है, जिससे कोई अफवाह न फैले. परिसर के अंदर सरस्वती पूजा के लिए भगवा झंडों और रंगोली से सजावट की गई है.  

सेक्टर-29 में आकार ले रहा अपैरल पार्क, महिलाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

गारमेंट इंडस्ट्री का नया केंद्र यमुना एक्सप्रेस-वे सेक्टर-29 में आकार ले रहा अपैरल पार्क, महिलाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर 175 एकड़ में विकसित हो रहा पार्क, करीब सौ निर्यात आधारित इकाइयों का होगा ठिकाना यमुना एक्सप्रेस-वे और एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी से निर्यात और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनेगा उद्योग की रीढ़, डिजाइन से ट्रेनिंग तक एक ही छत के नीचे लखनऊ,  उत्तर प्रदेश सरकार यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र को निर्यात आधारित औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-29 में 175 एकड़ में अपैरल पार्क विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना प्रदेश को गारमेंट इंडस्ट्री के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी। अपैरल पार्क के विकास से महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उनके सामाजिक, आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिलेगा। यह परियोजना प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप है। राज्य सरकार के ‘मेक इन यूपी’ और भारत सरकार के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियानों को भी मजबूती मिलेगी।  सेक्टर-29 का अपैरल पार्क विशेष रूप से रेडीमेड गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी निर्यात इकाइयों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यहां लगभग 100 उत्पादन आधारित इकाइयां स्थापित की जाएंगी, जो घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए भी परिधान तैयार करेंगी। अपैरल पार्क को क्लस्टर मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, जिससे कि उद्योगों को साझा सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो सके। अपैरल पार्क की लोकेशन को रणनीतिक रूप से अत्यंत  महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह क्षेत्र यमुना एक्सप्रेस-वे से सीधे जुड़ा हुआ है और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित है। एयरपोर्ट के संचालन के बाद गारमेंट उत्पादों के निर्यात को नई गति मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर से निकटता के कारण लॉजिस्टिक्स से जुड़ी लागत कम होगी और निर्यातकों को समय पर डिलीवरी की सुविधा मिलेगी, जो निर्यातकों के लिए बहुत जरुरी है।  परियोजना के अंतर्गत अपैरल पार्क में ‘कॉमन फैसिलिटी सेंटर’ विकसित किया जाएगा। इसमें डिजाइन सेंटर, ट्रेनिंग सेंटर, यूनिट टेस्टिंग लैब और क्वालिटी कंट्रोल से जुड़ी सुविधाएं शामिल होंगी। साथ ही रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) सेंटर, मार्केटिंग सपोर्ट सिस्टम आदि की भी सुविधाएं निर्यातक इकाइयों को दी जाएंगी। सरकार का यह उद्देश्य और प्रयास है कि छोटे और मध्यम उद्यमों को अलग-अलग महंगे इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश न करना पड़े और वे साझा संसाधनों का उपयोग कर इसका लाभ उठा सकें। इससे उत्पादन लागत घटेगी और उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। अपैरल पार्क रोजगार सृजन के मामले में भी अपनी बड़ी भूमिका निभाएगा। इस परियोजना के माध्यम से बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सिलाई, डिजाइन पैटर्न मेकिंग, पैकेजिंग, क्वालिटी कंट्रोल और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को रोजगार के मौके मिलेंगे। यह परियोजना प्रदेश की नीति के अनुरूप है। योगी सरकार का फोकस कच्चे माल आधारित उत्पादन से आगे बढ़कर वैल्यू एडेड मैन्युफैक्चरिंग पर है। अपैरल पार्क के जरिए प्रदेश में टेक्सटाइल इंडस्ट्री की पूरी वैल्यू चेन विकसित करने की योजना है। इससे किसानों, हथकरघा कारीगरों और छोटे उद्यमियों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उत्तर प्रदेश अब निवेश और उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण वाला प्रदेश बन गया है। यह परियोजना जब अपने पूर्ण रूप में आएगी तो यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा प्राप्त होगी।