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मुख्यमंत्री ने कहा, नेताजी का उद्घोष “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” स्वतंत्रता आंदोलन का मंत्र बन गया था

नेताजी सुभाष चंद्र बोस आज भी देशविरोधी तत्वों के सामने न झुकने की प्रेरणा प्रदान करते हैं- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने कहा, नेताजी का उद्घोष “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” स्वतंत्रता आंदोलन का मंत्र बन गया था सुभाष चंद्र बोस का नाम लेते ही सच्चे भारतीय के मन में देशप्रेम की भावना उत्पन्न हो जाती है – मुख्यमंत्री  भारत माता के सच्चे सपूत और स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक थे नेताजी – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर राजधानी में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  लखनऊ “नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भारत की आजादी का एक ऐसा नाम है, जो प्रत्येक भारतीय के मन में सर्वोच्च सम्मान के साथ-साथ किसी भी विपरीत परिस्थिति में देशद्रोही व देशविरोधी तत्वों के सामने न झुकने के दृढ़ संकल्प की प्रेरणा प्रदान करता है। भारत माता के सच्चे सपूत नेताजी का नाम लेते ही हर भारतीय के मन में श्रद्धा व सम्मान के साथ राष्ट्रप्रेम की भावना स्वतः उत्पन्न हो जाती है।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये उद्गार नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पावन जयंती के अवसर पर नेताजी सुभाष चौक, हजरतगंज, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने नेताजी को स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक की संज्ञा देते हुए आजादी की लड़ाई में उनके अमूल्य योगदान के लिए कृतज्ञता व्यक्त की और उनके चित्र पर प्रदेशवासियों की ओर से श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी का “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” का आह्वान भारत की आजादी का मंत्र बन गया था। उनका एक-एक शब्द स्वतंत्रता आंदोलन का मंत्र बन जाता था। उनका “दिल्ली चलो” का उद्घोष हर भारतीय को प्रेरित करता है। उनका “कदम कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा…” गीत आज भी भारतीय सेना के दीक्षांत समारोह में बड़ी शान से गाया जाता है। ऐसा कौन भारतीय होगा, जिसके मन में नेताजी के प्रति श्रद्धा-सम्मान का भाव न हो। नेताजी ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में चल रहे स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा प्रदान की थी। उन्होंने क्रांतिकारियों के सिरमौर के रूप में आजादी की लड़ाई का नेतृत्व किया। भारत के अंदर रहकर या भारत के बाहर, उन्होंने आजादी के लिए जो योगदान दिया, वह अविस्मरणीय है। जिस प्रकार उन्होंने जर्मनी, जापान तथा दुनिया के तमाम देशों में जाकर देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया, हम सबके लिए प्रेरणा की गाथा है। अपने संबोधन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी का जन्म 1897 में कटक में एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता परिवार में हुआ था। बचपन में ही उन्हें उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन भेज दिया गया। आईसीएस की परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने के बाद भी उन्होंने अंग्रेजों की चाकरी करने से इनकार कर दिया और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े। नेताजी का विराट व्यक्तित्व और देश के प्रति अमूल्य योगदान आज भी हम सबको प्रेरणा प्रदान करता है,  मैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं और उनके श्रीचरणों में प्रदेशवासियों की ओर से नमन करता हूं।  इस अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल और कार्यक्रम के आयोजक विधान परिषद के सदस्य अवनीश कुमार सिंह, पूर्व मंत्री डॉक्टर महेंद्र सिंह,  अंगद सिंह व पवन सिंह चौहान समेत अन्य गण्यमान्य लोग भी उपस्थित थे।

HERC का बड़ा आदेश: हरियाणा में बिजली निगमों को 3 महीने में देना होगा CSI सर्टिफिकेट, ISO सर्टिफिकेशन अनिवार्य

चंडीगढ़ हरियाणा विद्युत नियामक आयोग ने राज्य की पावर यूटिलिटीज को सेवा गुणवत्ता के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने उपभोक्ता संतुष्टि सूचकांक (सीएसआई), बैलेंस्ड स्कोरकार्ड सिस्टम लागू करने और सभी पावर यूटिलिटीज के लिए आईएसओ प्रमाणन अनिवार्य कर दिया है।    एचईआरसी के अध्यक्ष नंद लाल शर्मा ने राज्य सलाहकार समिति (एसएसी) की 33वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए घोषणा की कि अब एसएसी की बैठक वर्ष में तीन बार आयोजित की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि एसएसी की बैठकों में लिए गए सभी निर्णयों को पावर यूटिलिटीज द्वारा समयबद्ध ढंग से लागू किया जाना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में एचईआरसी के सदस्य मुकेश गर्ग और  शिव कुमार, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति डॉ. बी. आर. कंबोज , एचईआरसी के सचिव प्रशांत देष्टा, विद्युत लोकपाल आर. के. खन्ना व एचपीजीसीएल, एचवीपीएन, यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य एसएसी सदस्य उपस्थित रहे। आयोग ने सभी पावर यूटिलिटीज को निर्देश दिया कि वे तीन माह के भीतर सुव्यवस्थित उपभोक्ता संतुष्टि सूचकांक (सीएसआई) लागू करें, जिसकी मासिक निगरानी की जाएगी। यह स्पष्ट किया गया कि सीएसआई का मूल्यांकन सेक्शन स्तर पर जूनियर इंजीनियर से लेकर उप-मंडल, मंडल और यूटिलिटी स्तर तक किया जाना चाहिए, ताकि जवाबदेही तय हो और उपभोक्ता सेवाओं में प्रभावी सुधार हो। लक्ष्य आधारित प्रदर्शन और प्रणालीगत सुधार को संस्थागत रूप देने के लिए अध्यक्ष ने चार माह के भीतर बैलेंस्ड स्कोरकार्ड प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। इसे एक रणनीतिक प्रदर्शन प्रबंधन उपकरण के रूप में अपनाया जाएगा, जिसके माध्यम से वित्तीय एवं गैर-वित्तीय दोनों प्रकार के लक्ष्यों का निर्धारण और उनकी निगरानी की जाएगी। प्रदर्शन संकेतकों की समीक्षा फील्ड स्तर से लेकर शीर्ष प्रबंधन स्तर तक की जाएगी, जिनमें उपभोक्ता संतुष्टि, संचालन दक्षता, सुरक्षा, हानियों में कमी, सेवा गुणवत्ता और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। इसकी मासिक समीक्षा अनिवार्य होगी। प्रक्रियाओं के मानकीकरण पर आयोग ने बताया कि हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) वर्तमान में राज्य की एकमात्र आईएसओ प्रमाणित यूटिलिटी है। आयोग ने हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम  (एचवीपीएन), उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) तथा डीएचबीवीएन को भी आईएसओ प्रमाणन प्राप्त करने के निर्देश दिए, ताकि पारदर्शिता, एकरूप प्रक्रियाएं और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां सुनिश्चित की जा सकें। लागत अनुकूलन पर जोर देते हुए शर्मा ने हरियाणा पावर परचेज सेंटर (एचपीपीसी) की कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता रेखांकित की, ताकि अल्पकालिक और मध्यम अवधि की बिजली खरीद में होने वाले वित्तीय नुकसान से बचा जा सके। उन्होंने उपभोक्ताओं पर अनावश्यक भार कम करने के लिए उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों की सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी। बैठक के दौरान डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि एग्रीगेट टेक्निकल एवं कमर्शियल (एटी एंड सी) हानियों को और कम करने के लिए निरंतर उपाय किए जा रहे हैं। यह भी जानकारी दी गई कि यूएचबीवीएनऔर डीएचबीवीएन ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 51,156.71 करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) का अनुमान प्रस्तुत किया है।

कुरुक्षेत्र में CM सैनी ने अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में दी आहुति, 67 करोड़ की योजनाओं का किया उद्घाटन

कुरुक्षेत्र  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी शुक्रवार को कुरुक्षेत्र जिले में 2 बड़े कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए पहुंच चुके हैं। हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की ओर से पिहोवा में चल रहे अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का आज बसंत पंचमी के मौके पर समापन हुआ. समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री नायब सैनी पहुंचे। समापन के दौरान हवन यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें CM ने खुद पहुंचकर पूर्णाहुति डाली। हालांकि महोत्सव में सरस मेला 25 जनवरी तक चलेगा। आज सिर्फ मुख्य कार्यक्रम का समापन होगा। सीएम नायब सैनी ने पिहोवा के सरस्वती तीर्थ पर भी पूजन किया। 67 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन सीएम नायब सैनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव संस्कृति के पुनर्जागरण का पर्व है। यह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गौरव अभियान को आगे बढ़ाने की पहल है। उनके कुशल नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता, साहस और संकल्प के पद पर गति से आगे बढ़ रहा है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस और दीनबंधु चौधरी छोटी राम जैसे महापुरुषों के सपनों का भारत बनाने के गंभीर प्रयास को गति दे रहा है। इससे पहले सीएम नायब सैनी ने 67 करोड़ रुपए से ज्यादा की 26 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सरस्वती कोई काल्पनिक नदी नहीं सीएम ने कहा कि पहले सरस्वती का पुनरुद्धार केवल एक कल्पना लगती थी, लेकिन आज सरस्वती नदी काे पुनर्जीवित करना सबके सामने है। अक्सर अतीत की बातों को केवल मिथक मान लिया जाता है, लेकिन हमारी सरकार ने इतिहास और विज्ञान के बीच सेतु बनाकर काम किया है। इसरो और ओएनजीसी साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इन संस्थाओं के वैज्ञानिक ने अपने अध्ययनों ने यह साबित करके दिखाया है, सरस्वती कोई काल्पनिक नदी नहीं है। आदि बद्री से लेकर गुजरात के कच्छ के तक जमीन के नीचे प्राचीन नदी का चैनल आज भी मौजूद है। हमारे वैज्ञानिकों ने इसे सिद्ध किया है। सरस्वती नदी को विकसित करना लक्ष्य ओएनजीसी की खुदाई और जलवायु विश्लेषण से पता चलता है कि सरस्वती का भूजल 5 हजार से 14 हजार वर्ष यह पुराना है। इसका संबंध हिमालय के ग्लेशियर से है। ये वैज्ञानिक प्रमाण हमारी आस्था का जीत-जागता उदाहरण है। साथ उन आलोचकों को जवाब है, जो हमारी संस्कृति को नकारते थे। हमारा लक्ष्य सरस्वती को नदी के रूप में विकसित करना है। यह हमारी सरकार की प्राथमिकता है। हम सरस्वती तीर्थ को राष्ट्रीय पर्यटन के रूप में विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं। इसमें कुरुक्षेत्र, हिसार, कैथल, फतेहाबाद और सिरसा जैसे प्रमुख ऐतिहासिक तीर्थ स्थल शामिल है। जाट धर्मशाला में छोटू राम जयंती बताया जा रहा है, सरस्वती महोत्सव के समापन के ठीक बाद CM नायब सैनी कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला पहुंचेंगे। यहां दीन बंधू सर छोटूराम और सुभाष चंद्र बोस की स्मृति में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम रखा गया है। CM यहां चीफ गेस्ट के तौर पर हिस्सा लेंगे। कल किया एस्ट्रोटर्फ का उद्घाटन CM नायब सैनी कल गुरुवार को भी कुरुक्षेत्र में थे। कल उन्होंने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में नए एस्ट्रोटर्फ का उद्घाटन किया। इसके अलावा, प्री-बजट मीटिंग में लोगों से सुझाव लिए। यह मीटिंग राज्य के आने वाले बजट को बेहतर बनाने के लिए थी, जहां आम लोगों की राय ली गई। सरस्वती तीर्थ के जीर्णोद्धार की उम्मीद पिहोवा का सरस्वती तीर्थ की मुक्ति धाम के नाम से पहचान है। मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष मिलता है। CM से तीर्थ के जीर्णोद्धार से जुड़ी की योजनाओं के ऐलान की उम्मीद है। इससे पर्यटकों के लिए सुविधा बढ़ने के साथ तीर्थाटन को बढ़ावा मिलेगा।

रायपुर में आज मौसम में बदलाव, सुबह धुंध, दिन में गर्मी, रात में ठंड, उत्तरी हिस्सों में बढ़ेगी ठंड

रायपुर  छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक ठंड से राहत मिलने का अनुमान जताया है। हालांकि, इसके बाद एक बार फिर ठंड का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इससे रात की ठंड से कुछ राहत मिलेगी। इसके बाद उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, हालांकि बाद में मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। छत्तीसगढ़  में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश में लगातार तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सुबह के समय ठंडक बढ़ रही है, जबकि दोपहर में हल्की गर्मी महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 48 घंटों में प्रदेश में ठंड बढ़ने की संभावना है, क्योंकि उत्तर दिशा से आ रही सर्द हवाओं का असर तेज हो रहा है। अगले 48 घंटे में बढ़ेगी ठंड मौसम विभाग ने बताया कि उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। वहीं दक्षिण छत्तीसगढ़ में तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। ठंड के साथ हल्की धुंध देखने को मिल सकती है, लेकिन घने कोहरे की संभावना फिलहाल नहीं जताई गई है। तापमान का हाल हाल के दिनों में न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.5 डिग्री अधिक था। वहीं दिन का अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से ऊपर रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज न्यूनतम तापमान करीब 14 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 25 साल का रिकॉर्ड टूटा इस बार जनवरी का महीना छत्तीसगढ़ में काफी ठंडा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर छत्तीसगढ़ में तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले 25 वर्षों में सबसे कम तापमान में से एक माना जा रहा है। पूरे जनवरी माह में ठंड का असर सामान्य से ज्यादा रहा है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है, इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है।

झारखंड शराब घोटाले में CBI का हाथ खींचना, रायपुर जोनल ऑफिस ने किया इंकार, HCमें सुनवाई होगी अगले हफ्ते

रायपुर झारखंड में सामने आए करोड़ों रुपये के शराब घोटाले की जांच को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। छत्तीसगढ़ की तर्ज पर दर्ज इस मामले की जांच से केंद्रीय जांच ब्यूरो ने हाथ खींच लिए हैं। सीबीआइ के रायपुर जोनल कार्यालय ने इस प्रकरण की जांच करने से इन्कार कर दिया है। इससे संबंधित सीबीआइ का पत्र छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान पेश किया गया, जिसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह तय की है। यह मामला रांची निवासी विकास सिंह की शिकायत से जुड़ा है, जिसके आधार पर झारखंड-छत्तीसगढ़ शराब घोटाले को लेकर छत्तीसगढ़ में प्रकरण दर्ज किया गया था। वर्तमान में इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय और छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा की जा रही है। हाई कोर्ट में तीन याचिकाएं लंबित ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज प्राथमिकी से संबंधित इस प्रकरण में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में तीन याचिकाएं विचाराधीन हैं। इनमें झारखंड के तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे, संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह और शिकायतकर्ता विकास सिंह की याचिकाएं शामिल हैं। इन याचिकाओं पर मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार अग्रवाल की खंडपीठ में सुनवाई हुई। महाधिवक्ता ने कोर्ट में रखा सीबीआइ का पत्र सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने न्यायालय के समक्ष सीबीआइ रायपुर के हेड ऑफ ब्रांच द्वारा भेजे गए पत्र की प्रति प्रस्तुत की। पत्र में बताया गया कि छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव की ओर से भेजा गया जांच संबंधी पत्र सीबीआइ ने वापस कर दिया है, क्योंकि एजेंसी इस मामले की जांच करने के लिए इच्छुक नहीं है। महाधिवक्ता ने कहा कि वे मामले के मेरिट पर अदालत के समक्ष पक्ष रखना चाहते हैं। इस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई में दलीलें सुनने का निर्णय लिया।  

हरियाणा में मौसम का मिजाज बिगड़ा, 12 जिलों में बारिश, सिरसा में ओले, 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

हिसार  हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम ने खतरनाक रुख अख्तियार कर लिया है। शुक्रवार सुबह प्रदेश के 12 जिलों में तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सिरसा में जहां देर रात भारी ओलावृष्टि हुई, वहीं पानीपत में सुबह 8 बजे तक घने बादलों के कारण अंधेरा छाया रहा। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति को देखते हुए प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और ओले गिरने की चेतावनी जारी की है। 60 किमी की रफ्तार से चल रही बर्फीली हवाएं प्रदेश में सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तेज ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। दिल्ली-चंडीगढ़ बेल्ट समेत सोनीपत, यमुनानगर, हिसार, गुरुग्राम, और रेवाड़ी जैसे जिलों में सुबह से ही लगातार बूंदाबांदी का दौर जारी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 25 जनवरी तक प्रदेश में बारिश के आसार बने रहेंगे, जिससे दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। 7 जिलों में ओलावृष्टि का 'ऑरेंज अलर्ट' मौसम विभाग ने उत्तर हरियाणा के कैथल, करनाल, पानीपत, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और ओले गिरने की प्रबल आशंका है। वहीं, प्रदेश के बाकी जिलों को 'यलो अलर्ट' पर रखा गया है, जहां मध्यम बारिश के साथ बिजली कड़कने की संभावना है। तापमान का गणित: रात में राहत, दिन में आफत बादलों की सघन आवाजाही के कारण रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रात की ठिठुरन में मामूली कमी आई है। हालांकि, दिन में धूप न निकलने और बारिश के चलते अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट आई है, जिससे दिन भर गलन वाली सर्दी महसूस की जा रही है।

बलौदाबाजार प्लांट में हादसा, 6 मजदूर जलकर मरे, कंपनी ने 20 लाख की मदद की घोषणा, कांग्रेस करेगी जांच

बलौदाबाजार  बलौदाबाजार जिले के भाटापारा क्षेत्र के बकुलाही गांव में स्थित एक निजी इस्पात स्पंज आयरन फैक्ट्री(Chhattisgarh Steel Plant Blast) में गुरुवार सुबह भीषण विस्फोट होने से कम से कम छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घटना की खबर मिलने पर क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। 10 बजे की है घटना घटना सुबह करीब 10 बजे उस समय हुई, जब फैक्ट्री के स्पंज आयरन प्लांट के कोल कीलन में अचानक जोरदार धमाका हो गया। इसकी चपेट में आए अधिकांश मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी चीख-पुकार से पूरा परिसर गूंज उठा। प्राप्त जानकारी के अनुसार विस्फोट इतना भयानक था कि आसपास काम कर रहे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। मौके पर दमकल, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत पहुंच गए और घायलों को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और कुछ की हालत नाजुक है। पुलिस ने दर्ज किया मामला पुलिस ने पूरे मामले में केस दर्ज कर आधिकारिक जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में फैक्ट्री की तकनीकी खराबी या मशीनरी में दबाव वृद्धि को विस्फोट का संभावित कारण बताया जा रहा है। अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और घायलों के बेहतर इलाज की भी बात कही है। भाटापारा के ग्रामीणों और मजदूर संगठनों ने इस हादसे को सुरक्षा मानकों की उपेक्षा का नतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि कारखानों में सुरक्षा उपायों की कमी अनेक बार जानलेवा साबित हो चुकी है और इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना की हाई-लेवल जांच की जाए : भूपेश बघेल पूर्व सीएम बघेल ने आगे लिखा कि हम सरकार और प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि घायलों को सही इलाज दिया जाए. हम यह भी मांग करते हैं कि मरने वालों के परिवारों को सही मुआवजा दिया जाए, घटना की हाई-लेवल जांच की जाए और इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. हालांकि विष्णु देव साई की छत्तीसगढ़ सरकार ने अभी तक किसी भी पीड़ित के लिए कोई एक्स-ग्रेसिया अनाउंस नहीं किया है. मुख्यमंत्री ने क्या कहा? सीएम विष्णु देव साय ने लिखा है कि "बलौदा बाजार के बकुलाही स्थित स्पंज आयरन फैक्ट्री में हुए भयावह विस्फोट की घटना अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है. इस हादसे में 6 श्रमिकों की असमय मृत्यु हो गई, जबकि 5 घायलों को बिलासपुर उच्च स्तरीय इलाज हेतु भेजा गया है. मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी शोक संवेदना। इस दुख की घड़ी में उनकी हर संभव सहायता सुनिश्चित की जाएगी. जिला प्रशासन को घायलों के समुचित उपचार और हादसे के कारणों की तथ्यपरक जांच के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. छत्तीसगढ़ सरकार पीड़ित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है. ॐ शान्ति" राहत कार्य जारी पुलिस और राहत कर्मी अब भी बचाव कार्य में जुटे हैं और मृतकों की पहचान तथा विस्तृत राहत गतिविधियों के बारे में अपडेट जारी किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य ने गहरा शोक व्यक्त किया इस दर्दनाक हादसे पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गहरा शोक व्यक्त किया है। क्लिनिकल फर्नेस के दौरान हुए विस्फोट में श्रमिकों के असामयिक निधन को अत्यंत दुःखद बताते हुए उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोकाकुल परिवारजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हादसे में गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को बेहतर उपचार हेतु सिम्स, बिलासपुर में भर्ती कराया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घायलों को हर संभव उत्तम एवं त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनके उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहे।

रायपुर में IND-NZ टी-20 मैच, भीड़ से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने रूट और पार्किंग तय किए

रायपुर  भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 सीरीज का दूसरा मैच आज 23 जनवरी को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है। राज्य के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में दर्शक रायपुर पहुंच रहे हैं। इसी को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने दर्शकों और खिलाड़ियों की सुविधा के लिए विशेष यातायात और पार्किंग व्यवस्था लागू की है। विजय अभियान जारी रखने उतरेगा भारत न्यूजीलैंड के विरुद्ध नागपुर में पहला टी-20 इंटरनेशनल मुकाबला 48 रन से जीतकर भारतीय टीम आत्मविश्वास से लबरेज है। अब शुक्रवार को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में होने वाला दूसरा मुकाबला सीरीज के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। कप्तान सूर्यकुमार यादव की नजरें इस मुकाबले को जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़त लेने पर होंगी, ताकि आगे के मैचों में टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त मिल सके। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम इस मैच को हर हाल में जीतकर सीरीज में बराबरी करना चाहेगी। पहले मैच में अभिषेक शर्मा और रिंकू सिंह की तूफानी बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 238 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने कीवी टीम को 200 रन के भीतर रोक दिया। अभिषेक-संजू से विस्फोट पारी की उम्मीद पहले टी-20 में संजू सैमसन भले ही बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन अभिषेक शर्मा ने 35 गेंदों पर 84 रन की विस्फोटक पारी खेलकर मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया था। रायपुर में भी टीम मैनेजमेंट बाएं-दाएं के इस काम्बिनेशन को बरकरार रख सकता है। वहीं, नागपुर में इशान किशन और संजू सैमसन की बल्लेबाजी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही थी। ऐसे में दूसरे टी-20 में श्रेयस अय्यर को मौका दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। तिलक वर्मा के चोटिल होने के बाद टीम में लौटे अय्यर को टी-20 विश्व कप से पहले आजमाना टीम मैनेजमेंट की प्राथमिकता हो सकती है। स्पिन ट्रैक पर भारत की रणनीति रायपुर की पिच आमतौर पर स्पिनरों को मदद देती है। ऐसे में भारत अपनी अंतिम एकादश में बदलाव कर सकता है। शिवम दुबे की जगह कुलदीप यादव या रवि बिश्नोई को मौका मिल सकता है। स्पिन विभाग की कमान उप-कप्तान अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती संभालेंगे। हालांकि, अक्षर पटेल की फिटनेस पर नजर रहेगी, क्योंकि वह पिछले मैच में चोटिल हो गए थे। तेज गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह की जोड़ी शानदार लय में है। न्यूजीलैंड करना चाहेगा वापसी पहले मुकाबले में हार के बाद न्यूजीलैंड की टीम रायपुर में नई रणनीति के साथ उतर सकती है। कप्तान मिशेल सेंटनर टाप आर्डर को अधिक आक्रामक बनाने और अतिरिक्त स्पिनर को शामिल करने पर विचार कर सकते हैं। डेवोन कान्वे, ग्लेन फिलिप्स और डेरिल मिचेल से बड़ी पारियों की उम्मीद होगी। भारत : सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, इशान किशन, श्रेयस अय्यर, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, रिंकू सिंह, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा। न्यूजीलैंड : मिशेल सैंटनर (कप्तान), डेवोन कान्वे, बेवोन जैकब्स, डेरिल मिशेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम राबिंसन, जिमी नीशम, ईश सोढी, जैक फाल्क्स, मार्क चैपमैन, माइकल ब्रेसवेल, रचिन रवींद्र, काइल जेमीसन, मैट हेनरी, जैकब डफी, क्रिस्टियन क्लार्क। शहर से स्टेडियम जाने वाले दर्शक रायपुर शहर से आने वाले दर्शक तेलीबांधा थाना तिराहा होते हुए नेशनल हाईवे-53 से सेरीखेड़ी ओवरब्रिज पार कर नया रायपुर मार्ग से स्टेडियम तिराहा पहुंचेंगे। यहां से साईं अस्पताल रोड होते हुए साईं अस्पताल और सेंध तालाब पार्किंग में वाहन खड़े कर पैदल स्टेडियम जाना होगा। बिलासपुर, बलौदाबाजार और महासमुंद से आने वाले दर्शक बिलासपुर, बलौदाबाजार, खरोरा और महासमुंद की ओर से आने वाले दर्शकों को नेशनल हाईवे-53 के रास्ते मंदिर हसौद और नवागांव होकर स्टेडियम टर्निंग पहुंचना होगा। वाहन परसदा और कोसा पार्किंग में खड़े कर पैदल स्टेडियम जाना होगा। धमतरी-जगदलपुर मार्ग से आने वाले दर्शक इस दिशा से आने वाले दर्शक अभनपुर, केन्द्री, उपरवारा और मंत्रालय चौक होते हुए सेंध तालाब और साईं अस्पताल पार्किंग में वाहन खड़े कर सकेंगे। दुर्ग-भिलाई से आने वाले दर्शक दुर्ग-भिलाई की ओर से आने वालों को टाटीबंध, रिंग रोड और तेलीबांधा तिराहा होकर नेशनल हाईवे-53 से नया रायपुर मार्ग अपनाना होगा। पासधारी वाहनों के लिए अलग व्यवस्था जिन वाहनों को A से G तक के पार्किंग पास जारी किए गए हैं, वे सेरीखेड़ी ओवरब्रिज होकर नया रायपुर प्रवेश मार्ग से सीधे स्टेडियम के निर्धारित पार्किंग जोन में वाहन पार्क कर सकेंगे। ट्रैफिक पुलिस ने दर्शकों से अपील की है कि तय मार्गों और पार्किंग व्यवस्था का पालन करें, ताकि मैच के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो और सभी सुरक्षित व समय पर स्टेडियम पहुंच सकें।  13 गेट पर लोहे की रेलिंग लगाई गई CSCS छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ ने साफ किया है कि, फर्स्ट इनिंग खत्म होने के बाद किसी भी दर्शक को स्टेडियम में एंट्री नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 350 से ज्यादा प्राइवेट बाउंसर्स भी तैनात किए जा रहे हैं। इस दौरान क्रिकेट संघ के 45 अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था के लिए मौजूद रहेंगे। 13 गेट पर लोहे की रेलिंग लगा दी गई है। 800 रुपए से 25 हजार रुपए तक की टिकट इस बार मैच के जनरल टिकट के दाम पिछले वनडे मुकाबले के लगभग समान रखे गए हैं। टिकट 800 रुपए से शुरू होकर 25 हजार रुपए तक बिके हैं। टिकट विंडो ओपन होने के शुरुआती तीन दिनों तक मैच की टिकट नहीं बिक पाई थी। लेकिन चौथे दिन सारी 35,000 टिकट बिक गईं। एंट्री गेट्स पर तिहरी निगरानी स्टेडियम के सभी एंट्री गेट्स पर पुलिस, प्राइवेट गार्ड्स और क्रिकेट संघ के कर्मचारियों की संयुक्त ड्यूटी लगाई जाएगी। जिससे किसी तरह का विवाद या अव्यवस्था न हो। पिछले ODI में 2 दर्शक रेलिंग जंप करते हुए मैदान के बीच खिलाड़ियों तक पहुंच गए थे। इस बार बाउंसर्स को बाउंड्री पर तैनात किया जाएगा, ताकि दर्शक दीर्घा से कोई जंप कर खिलाड़ियों तक न पहुंच पाएं।

मध्यप्रदेश के 8 जिलों में बारिश की चेतावनी, ग्वालियर-चंबल में मावठा, फिर होगी सर्दी की लहर

भोपाल  मध्य प्रदेश (MP Weather Today) में पहाड़ी राज्यों के कारण ठंड फिर लौट आई है. प्रदेश में शुक्रवार (23 जनवरी) को ग्वालियर संग 8 से ज्यादा जिलों में बारिश का अलर्ट दिया गया है. जिसके बाद इन जिलों में हल्की बारिश का भी अनुमान देखा जा रहा है. इसी बीच प्रदेश में मावठा भी गिरने का अनुमान है और 8 जिलों में मौसम विभाग ने कोहरा पड़ने का अलर्ट भी जारी किया है. इस रिपोर्ट में जाने, कैसा रहेगा आज का मौसम. एमपी के इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के 8 जिलों में बारिश का अलर्ट है, जिसमें ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ जिले शामिल हैं. इसके साथ ही भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में बादल छाए रहने का अनुमान है. यहां छाए रहेंगे बादल इधर भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में भी बादल छाए रहेंगे, जिससे मौसम सुहावना लेकिन नम रहेगा। हालांकि, तेज ठंड या शीतलहर का अलर्ट नहीं है, लेकिन सुबह-शाम ठंडी हवाएं और कोहरा लोगों को ठिठुरा सकता है। 2 से 3 डिग्री गिरेगा तापमान पिछले 24 घंटों में कटनी का करोंदी इलाका सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 5 डिग्री से भी नीचे दर्ज किया गया। उत्तरी भारत में हो रही बर्फबारी का असर एमपी में भी दिखाई दे रहा है, जिससे तापमान में अचानक बदलाव आया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि, 25 जनवरी से न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट हो सकती है, जिससे ठंड फिर से तेज हो जाएगी। देश के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी होने के बाद बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी है। वहीं, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी असर दिखा रहा है। इस वजह से एमपी में भी मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। गुरुवार को भोपाल, नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन, विदिशा समेत कई जिलों में बादल छा गए। वहीं, सर्द हवा चलने लगी। शुक्रवार को भोपाल में बारिश होने का अलर्ट नहीं है, लेकिन बादल जरूर छाए रहेंगे। यदि बारिश होती है तो इस सीजन में पहली बार मावठा गिरेगा। मानसूनी सीजन खत्म होने के बाद नवंबर-दिसंबर में प्रदेश के किसी भी हिस्से में बारिश नहीं हुई, लेकिन जनवरी में मावठा गिरने के आसार हैं। कटनी का करौंदी सबसे ठंडा मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड के बीच आज कटनी का करौंदी और शहडोल का कल्याणपुर प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान रिकॉर्ड किया गया है. यहां का तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. वहीं नौगांव में 6.5 डिग्री सेल्सियस, उमरिया में 6.9 डिग्री और रीवा में 7.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ है. इसके साथ ही खजुराहो में तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है. एक और सिस्टम कराएगा बारिश सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, गुरुवार से ही मौसम में बदलाव देखने को मिला है। शुक्रवार के लिए उत्तरी हिस्से में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत को 26 जनवरी से एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस प्रभावित कर सकता है। फिलहाल यह सिस्टम स्ट्रॉन्ग दिखाई दे रहा है। जिससे एमपी में भी बारिश होने का अनुमान है। दो दिन तेज ठंड का अनुमान नहीं मौसम विभाग ने अगले दो दिन तक तेज ठंड पड़ने का अनुमान नहीं जताया है। वहीं, सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरा छाया रह सकता है। गुरुवार को ग्वालियर, सतना, रीवा, गुना, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, सिवनी में कोहरे की स्थिति देखने को मिली थी। कटनी का करौंदी सबसे ठंडा, पारा 5 डिग्री से नीचे मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार-गुरुवार की रात में कटनी का करौंदी प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, छतरपुर के नौगांव में 6.5 डिग्री, उमरिया में 6.9 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री, दतिया में 7.6 डिग्री, दमोह-सतना में 8.8 डिग्री, मंडला में 9 डिग्री, राजगढ़-सीधी में तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 9 डिग्री, जबलपुर में 10.9 डिग्री, भोपाल में 11.2 डिग्री, इंदौर में 13.6 डिग्री और उज्जैन में तापमान 13.8 डिग्री दर्ज किया गया। क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंस मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक सिस्टम होता है। इसके एक्टिव होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। सिस्टम आगे गुजर जाने के बाद उत्तर से आने वाली हवा ठंडी रहती है। जिससे दिन-रात ठंड का असर रहता है। ठंड के लिए इसलिए खास है जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त अहम रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। वहीं, आखिरी सप्ताह में भी बारिश-बादल वाला मौसम शुरू हो गया है।

पंजाब में भारी बारिश ने मचाई तबाही, चंडीगढ़ में छत गिरी, 3 बच्चे दबे, लुधियाना-मानसा में जलभराव

अमृतसर वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने के बाद बीती रात से ही पंजाब व आसपास के राज्यों में लगातार बारिश का दौर जारी है। रातभर हुई बारिश के बाद राज्य के कई जिले जलमग्न हो गए। वहीं, मौसम विभाग ने बारिश को लेकर राज्य में ओरेंज अलर्ट जारी कर रखा है। बारिश के बाद अब आने वाले कुछ दिन धुंध का येलो अलर्ट रहेगा।  इसी बीच पंजाब के लोग बसंत पंचमी पर पतंग उड़ाने से महरूम हो गए हैं। कुछ इलाकों में बारिश थमने के बाद लोग छतों पर पतंग उड़ाने लगे हैं। जबकि कई जिलों में लोग बारिश के थमने व सूरज के निकलने का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार सुबह 8.30 बजे तक राज्य के अधिकतर जिलों में 48mm तक बारिश रिकॉर्ड की गई है।  चंडीगढ़ में बारिश के बीच मनीमाजरा में एक मकान की छत गिर गई। जिससे घर में मौजूद 3 बच्चे दब गए। तीनों को तुरंत मलबे से निकालकर अस्पताल ले जाया गया। जहां 2 बच्चों की हालत स्थिर बनी हुई है प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मकान काफी पुराना था। बारिश की वजह से उसकी हालत और कमजोर हो गई और छत गिर गई। चंडीगढ़ में सेक्टर 32 स्थित सरकारी अस्पताल की छत की फॉल सीलिंग अचानक गिर गई। यह 6 महीने पहले ही बनाई गई थी। हालांकि किसी तरह के जानी नुकसान से बचाव रहा। चंडीगढ़ के सेक्टर 32 में चलती स्कूटी पर पेड़ गिर गया। जिससे स्कूटी पूरी तरह से दब गई और युवक भी जख्मी हो गया। पार्षद प्रेमलता ने बताया कि युवक ने हेलमेट पहना हुआ था, इस वजह से उसकी जान बच गई। पार्षद ने कहा कि उन्होंने निगम अफसरों को इसकी टहनी हटाने को कहा था लेकिन नियमों की दुहाई देकर उन्होंने कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा चंडीगढ़ में बारिश के बीच तेज हवाओं से कई जगह पेड़ों की टहनियां गिर गईं। चंडीगढ़ की सड़कों पर भी जबरदस्त जलभराव हुआ। वहीं मौसम बदलने की वजह से इंडिगो की फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं। कंपनी ने बताया कि जम्मू, श्रीनगर, लेह, धर्मशाला और चंडीगढ़ में खराब मौसम के चलते फ्लाइटों का शेड्यूल प्रभावित हुआ है। हम मौसम पर लगातार नजर रखे हुए हैं। जालंधर और फाजिल्का के अबोहर में बारिश के बीच ओले गिरे। लुधियाना और मानसा की सड़कों पर जलभराव हो गया। मौसम विभाग ने 2 बजे तक प्रदेश में तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। खासकर, पटियाला और मोहाली में एहतियात बरतने के लिए कहा गया है। मौसम विभाग के अनुसार आज पूरा दिन मौसम खराब रहेगा। अगले 2 दिन बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। पंजाब के गुरदासपुर में सुबह तक 48.7 mm बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा अमृतसर में 25.2, लुधियाना में 21.4, पटियाला में 14.8, पठानकोट में 34.2, बठिंडा में 7, फरीदकोट में 6.4 और संगरूर में 20 एमएम बारिश दर्ज की गई है।   वहीं, रातभर बादल रहने के कारण हीट लॉक की स्थिति बनी, जिसके चलते तापमान में बढ़ौतरी दर्ज की गई है। राज्य के तापमान में बीते 24 घंटों के मुकाबले 6.7 डिग्री का उछाल आया है। जिसके बाद राज्य का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 6.4 डिग्री अधिक बना हुआ है।  बसंत पंचमी पर पतंग उड़ाने से लोग हुए महरू बसंत पंचमी को लेकर फतेहगढ़ साहिब के युवाओं में कई दिनों से खासा उत्साह था। युवाओं ने पहले से ही पतंगें खरीदकर रख ली थीं और तय किया था कि बसंत पंचमी के दिन छतों पर चढ़कर डीजे की धुनों के बीच पतंगबाजी का आनंद लिया जाएगा। लेकिन शुक्रवार सुबह से शुरू हुई लगातार बारिश ने उनके सारे अरमानों पर पानी फेर दिया। बारिश के कारण न केवल मौसम ठंडा हो गया, बल्कि युवाओं का उत्साह भी फीका पड़ गया। जिन हजारों पतंगों को आसमान में लहराने की तैयारी थी, वे अब घरों में ही बंद रह गईं। पतंग उड़ाने के शौकीन युवाओं ने निराशा जताते हुए कहा कि वे बसंत पंचमी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, लेकिन मौसम ने साथ नहीं दिया। युवाओं का कहना है कि अब उनके पास भगवान से प्रार्थना करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। वे उम्मीद कर रहे हैं कि बारिश जल्द रुके, ताकि वे अपने पसंदीदा त्योहार पर पतंग उड़ाने का सपना पूरा कर सकें।