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रायपुर: निजी डबरी से संवरी त्रिपतीनाथ केवट की ज़िंदगी, मनरेगा से मिली स्थायी आजीविका

रायपुर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत स्वीकृत हितग्राही मूलक निजी डबरी निर्माण कार्य ने जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पंचायत बनाहिल, जनपद पंचायत अकलतरा निवासी त्रिपतीनाथ केवट के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन ला दिया है। सीमित संसाधनों और जलाभाव से जूझ रहे इस परिवार के लिए आजीविका हमेशा अस्थिर बनी रहती थी, किंतु निजी डबरी के निर्माण ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। वर्ष 2024 में स्वीकृत इस कार्य के माध्यम से जहां एक ओर 842 मानव दिवस का सृजन हुआ, वहीं 58 श्रमिक परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हुआ। इस निर्माण कार्य ने ग्राम में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ जल संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पूर्व में अनुपयोगी एवं सूखी पड़ी भूमि आज जल से परिपूर्ण डबरी के रूप में आजीविका का स्थायी साधन बन चुकी है। डबरी के निर्माण के पश्चात त्रिपतीनाथ केवट द्वारा मछली पालन प्रारंभ किया गया, जिससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है। इसके अतिरिक्त डबरी में संचित जल से बाड़ी एवं आसपास की कृषि भूमि की सिंचाई संभव हो सकी है, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ भू-जल स्तर में भी सुधार दर्ज किया गया है। हितग्राही केवट बताते हैं कि पहले जीवन रोज़ी-रोटी की चिंता में बीतता था, जबकि आज मेहनत का प्रतिफल सुनिश्चित आय के रूप में मिल रहा है और बच्चों के भविष्य को लेकर विश्वास बढ़ा है। डबरी के आसपास पपीता के पौधे लगाए गए हैं, जिनसे नियमित खेती की जा रही है, वहीं मेड़ पर अरहर की फसल लेकर अतिरिक्त आमदनी भी प्राप्त की जा रही है। ग्राम पंचायत के सरपंच एवं रोजगार सहायक के अनुसार यह कार्य केवल एक संरचना निर्माण नहीं, बल्कि एक परिवार को आत्मनिर्भर बनाने की मजबूत नींव है। यह उदाहरण दर्शाता है कि मनरेगा केवल मजदूरी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि जल संरक्षण, कृषि विस्तार और स्थायी आजीविका के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक जीवन प्रदान कर रही है। आज निजी डबरी त्रिपतीनाथ केवट के लिए मात्र एक जलस्रोत नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, स्वाभिमान और बेहतर भविष्य का सशक्त प्रतीक बन चुकी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय झारखंड के मांझाटोली में अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम -कार्तिक जतरा में हुए शामिल

रायपुर : राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने ‘जशक्राफ्ट’ एवं जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति के कौशल की सराहना की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय झारखंड के मांझाटोली में अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम -कार्तिक जतरा में हुए शामिल  जनजातीय गौरव और विकास की राह पर आगे बढ़ता छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रायपुर भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने  गुमला (झारखंड) में आयोजित अंतर्राज्यीय जन-सांस्कृतिक समागम ‘कार्तिक जतरा’ कार्यक्रम में जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों से जुड़ी जनजातीय महिलाओं के कार्यों, कौशल और आत्मनिर्भरता की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा तैयार किए जा रहे आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद महिला सशक्तिकरण के सशक्त उदाहरण हैं। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने जशपुर वनमंडल अंतर्गत वन प्रबंधन समिति शब्दमुंडा, ग्राम कोटानपानी के स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को जनजातीय सृजनशीलता, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रेरक प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास न केवल आजीविका के साधन बढ़ाते हैं, बल्कि परंपरागत कला और हस्तशिल्प को नई पहचान भी दिलाते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  कहा कि जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति, विशेषकर ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के कौशल और स्वावलंबन की प्रशंसा पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम कोटानपानी की स्व-सहायता समूह की बहनों द्वारा तैयार आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और महिलाओं की मेहनत व सृजनात्मकता के जीवंत प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का यह स्नेहपूर्ण आशीर्वाद और प्रोत्साहन जनजातीय मातृशक्ति के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प तथा “वोकल फॉर लोकल” की भावना को और अधिक सशक्त करेगा। उन्होंने जशपुर की समस्त जनजातीय बहनों की ओर से राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान जनजातीय हस्तशिल्प, पारंपरिक लोककला तथा स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि दल ने जशपुर जिले की विशिष्ट शिल्प परंपरा और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर जनजातीय सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को जनजातीय समुदायों की परंपराओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। अपनी जनजातीय विरासत और पहचान को सुरक्षित रखते हुए हमारे युवाओं को आधुनिक विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनजातीय समुदाय के सभी सदस्य अपनी धरोहर को संजोए रखते हुए प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह अत्यंत सौभाग्य की बात है कि  मांझाटोली (झारखंड) में अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम – कार्तिक यात्रा  का आयोजन हुआ है। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है, बल्कि जनजातीय समाज को जोड़ने वाला सेतु भी है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए गर्व और आस्था दोनों का विषय है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण देश भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाता है।भगवान बिरसा मुंडा केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि जंगल, जल और जमीन की रक्षा के प्रतीक हैं। उनकी प्रेरणा ने आदिवासी समाज में आत्मगौरव की भावना को सशक्त किया है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंकजराज साहेब कार्तिक उरांव जैसे जननायकों ने भी शिक्षा, सामाजिक एकता और जनजातीय पहचान के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय था जब बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद ने विकास के रास्ते रोक रखे थे। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं वहां तक नहीं पहुंच पाती थीं लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति के कारण अब स्थितियाँ बदल रही हैं। बस्तर में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और शासन व्यवस्था गांव-गांव तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। 400 से अधिक गांव नक्सली प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं और लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगी है। आज उन इलाकों में सड़क, बिजली, पानी, राशन, चिकित्सा सुविधाएं और शिक्षा के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। बस्तर के लोग लंबे समय से शांति और विकास चाहते थे, और अब उनका यह सपना धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह भी हर्ष का विषय है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का गठन संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि आज इन राज्यों की जनता अपने अलग पहचान और तेज़ी से प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि तीनों राज्यों का यह सांस्कृतिक संगम आगे भी शांति, प्रगति और समृद्धि का संदेश देता रहेगा तथा नक्सलवाद पर निर्णायक विजय का अध्याय आने वाले समय में पूरा होगा।

नववर्ष पर नवाचार, ईमानदारी और जनसेवा के संकल्प से कार्य करें—डीजीपी कैलाश मकवाणा

नववर्ष में नवाचार, ईमानदारी और जनसेवा के संकल्प के साथ करें काम-डीजीपी कैलाश मकवाणा मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम: विदेश यात्रा से लौटे अधिकारियों का डी-ब्रीफिंग सत्र संपन्न भोपाल  मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत विदेश यात्रा में गये राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का डी ब्रीफिंग सेशन आज पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। एमसीटीपी-5 बैच के 30 अधिकारियों का कार्यक्रम देश और विदेश में 27 नवंबर से प्रारम्भ हुआ था, जिसका आज समापन हुआ।  पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि पुलिस थानों को किस प्रकार अधिक उत्तरदायी बनाया जाए ताकि हमारे पुलिस कर्मी आम जन के प्रति अधिक संवेदनशील होकर सर्विस डिलीवरी को और प्रभावी बना सकें साथ ही विभाग की छवि में और बेहतरी ला सकें। उन्होंने बस्‍तर और मंदसौर जैसे जिलों में रहते हुए अपने अनेक अनुभव साझा किए। उन्‍होंने कहा कि ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्ठा वे तत्व हैं जो जनता के मन में विश्वास उत्पन्न करते हैं और पुलिस को मजबूत बनाते हैं। जनसुनवाई के प्रकरणों को गंभीरता से लेकर उसका त्‍वरित निराकरण करायें। पुलिस महानिदेशक ने वर्ष 2025 को मध्यप्रदेश पुलिस के लिए उपलब्धियों से भरा वर्ष बताते हुए कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद का खात्मा किया गया है, जो ऐतिहासिक उपलब्धि है। साइबर अपराधों की रोकथाम एवं नागरिकों में साइबर जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभावी अभियान चलाए गए, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पुलिसिंग में जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू किया गया, जिससे अपराध नियंत्रण में मजबूती आई है। डीजीपी ने बताया कि पुलिस भर्ती प्रक्रिया को तेज किया गया है। अनुकंपा नियुक्तियों, त्वरित क्रम पूर्व पदोन्नति एवं बेहतर स्थानांतरण नीति के माध्यम से पुलिस कर्मियों के मनोबल को सुदृढ़ किया गया है। उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्यों पर पुरस्कार देने की परंपरा को बढ़ावा दिया गया है। इसके अंतर्गत नागदा, उज्‍जैन में आत्महत्या कर रहे युवक की जान बचाने पर संबंधित पुलिस अधिकारी को त्‍वरित ₹10,000 का पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्होंने नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, CCTNS डैशबोर्ड के सफल संचालन तथा नशा मुक्ति अभियान ‘’नशे से दूरी है जरूरी’’ को पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। मध्यप्रदेश पुलिस को Cyber Capacity Building में DSCI अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से MANIT भोपाल के साथ महत्वपूर्ण MoU किया गया, जो भविष्य की आधुनिक एवं प्रभावी पुलिसिंग की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 की ओर बढ़ते हुए मध्यप्रदेश पुलिस का प्रमुख फोकस सड़क सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने पर रहेगा, ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और नागरिकों का जीवन सुरक्षित हो। मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के निदेशक अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शाहिद अबसार ने पूरे प्रशिक्षण की रूपरेखा बताई। पुलिस महानिदेशक के प्रति उनके मार्गदर्शन हेतु आभार व्यक्त किया तथा सभी प्रतिभागियों के द्वारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए बधाई दी। समीक्षा में पांच पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण के दौरान आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली, केम्ब्रिज विश्वविद्यालय एवं लंदन स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स में प्राप्त किए गये अनुभव साझा किए गए। आठ समूहों में बंटे अधिकारियो द्वारा भीड़ प्रबंधन एवं वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल (सिचुएशनल प्रिवेंशन तकनीक के साथ), संगठित अपराध पर नियंत्रण (तकनीक और मानवीय आसूचना का समन्वय), इंदौर और भोपाल शहर के लिए 'क्राइम हार्म इंडेक्स' (केम्ब्रिज मॉडल आधारित), रीवा जोन में नशीले पदार्थों (Drug Menace) की समस्या का सिस्टमैटिक विश्लेषण (मैरीलैंड स्केल), पश्चिमी मध्य प्रदेश में सांप्रदायिक संवेदनशील क्षेत्रों (Communal Hotspots) का विश्लेषण, महिला अपराधों की रोकथाम और डायल-112 की भूमिका (ट्रिपल टी हॉटस्पॉट मेथडोलॉजी), उज्जैन महाकाल और आगामी सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन (प्रेडिक्टिव क्राउड मैनेजमेंट) तथा बार-बार अपराध करने वाले किशोरों के लिए 'ऑफेंडर मैनेजमेंट सिस्टम' का प्रभावी उपयोग के बारे में प्रेजेन्‍टेशन दिया गया।   इस कार्यक्रम में विशेष पुलिस महानिदेशक पवन श्रीवास्‍तव, आदर्श कटियार, संजीव शमी, अनिल कुमार, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक ए.साईं मनोहर, जयदीप प्रसाद, आशुतोष रॉय, पीएसओ टू डीजीपी विनीत कपूर, स्टॉफ ऑफिसर मलय जैन सहित अन्‍य अधिकारी उपस्थित थे।  

रायपुर: डिजिटल व्यवस्था और धान के बेहतर मूल्य से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत

रायपुर : डिजिटल व्यवस्था और धान के सर्वाधिक मूल्य से किसान हो रहे समृद्ध किसान तुहंर टोकन ऐप से 24×7 टोकन काटने की सुविधा खेत में बोर कराकर सिंचाई का मिला साधन, अन्य फसलों की खेती से बढ़ी आमदनी रायपुर प्रदेश में धान खरीदी तिहार किसानों के लिए खुशहाली लेकर आया है। राज्य सरकार द्वारा धान का सर्वाधिक समर्थन मूल्य तथा पारदर्शी और तकनीक आधारित खरीदी व्यवस्था से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। धान उपार्जन केन्द्रों में लागू डिजिटल टोकन प्रणाली एवं सरल प्रक्रियाओं ने धान विक्रय को सुगम, सरल और आसान बना दिया है। सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड अंतर्गत मेंड्राकला धान उपार्जन केन्द्र में धान विक्रय के लिए पहुंचे ग्राम पंचायत भिट्ठी कला के रहने वाले लघु किसान श्री श्याम लाल ने बताया कि उनके पास कुल 111.80 क्विंटल धान का रकबा है। उन्होंने बताया कि पहले उन्होंने धान उपार्जन समिति के माध्यम से टोकन कटवाया था, जहां किसानों की अधिक भीड़ के कारण समय अधिक लगा। इसके बाद उन्होंने किसान तुहंर टोकन ऐप का उपयोग कर घर बैठे ही 22.80 क्विंटल का अपना टोकन काटा लिया। किसान श्री श्याम लाल ने बताया कि डिजिटल टोकन सुविधा से टोकन काटना बेहद आसान हो गया है। अब समिति केन्द्र के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते, जिससे समय, श्रम और खर्च की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था किसानों को सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि धान उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही नमी परीक्षण सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं त्वरित रूप से पूर्ण की गईं तथा समय पर बारदाना उपलब्ध कराया गया। तौल की प्रक्रिया भी पूरी तरह सुव्यवस्थित रही और धान विक्रय में किसी प्रकार की समस्या नहीं आई। कृषक श्री श्याम लाल ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का सर्वाधिक मूल्य दिया जा रहा है, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष धान विक्रय से प्राप्त आय से उन्होंने खेत में बोर कराया, जिससे सिंचाई की साधन उपलब्ध हुआ। वर्तमान में वे खेती का विस्तार करते हुए गेहूं, दलहन, तिलहन एवं सब्जी की खेती भी कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है। कृषक श्री श्याम लाल ने धान खरीदी की पारदर्शी और किसान हितैषी व्यवस्था की सराहना करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि डिजिटल व्यवस्था ने किसानों के लिए धान विक्रय करना आसान बनाया है।

श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की पहल से रायपुर में 33 सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति

रायपुर : श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से 33 सड़कों को मिली प्रशासनिक स्वीकृति 150.56 करोड़ की लागत से होंगे निर्माण कार्य, ग्रामीण कनेक्टिविटी होगी और अधिक सशक्त रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण की दिशा में सरकार निरंतर ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के सतत प्रयासों से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 150.56 करोड़ रुपये की लागत से 33 सड़क निर्माण एवं उन्नयन कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वपूर्ण निर्णय से भैयाथान एवं ओड़गी विकासखंड के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होगा। निर्माण एवं उन्नयन विभाग द्वारा जारी स्वीकृति के अनुसार, जिन सड़कों को मंजूरी दी गई है, वे लंबे समय से क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग में शामिल थीं। इन मार्गों के निर्माण से सुदूर एवं पिछड़े ग्रामों की मुख्य सड़कों से सीधी और सुगम कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार तथा अन्य सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। स्वीकृत कार्यों में 28.99 करोड़ रुपये की लागत से ओड़गी नवाटोला रोड (8.20 किमी से धुईडीह पंडोपारा) का निर्माण प्रमुख है। इसके अतिरिक्त भवरखोह से जमड़ी मार्ग (9.50 करोड़ रुपये), खोंड नवापारा से केसर मार्ग (8.73 करोड़ रुपये), माड़र से भाड़ी नवापारा मार्ग (8.38 करोड़ रुपये) तथा भैयाथान विकासखंड अंतर्गत भौराही देवालय से शिवपुर मार्ग सहित अन्य महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन किया जाएगा। इन सड़कों के निर्माण से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा, बल्कि किसानों को कृषि उपज के परिवहन में सुविधा मिलेगी, विद्यार्थियों को शिक्षा संस्थानों तक पहुंच आसान होगी तथा आम नागरिकों को दैनिक जीवन में राहत प्राप्त होगी। साथ ही, सड़क नेटवर्क के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। सड़क निर्माण कार्यों की स्वीकृति पर महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि 150.56 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत ये सड़कें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएंगी और क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तथा निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएंगे। इन स्वीकृतियों से क्षेत्रवासियों में उत्साह और सकारात्मक वातावरण बना है तथा यह विश्वास व्यक्त किया जा रहा है कि मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ होकर क्षेत्र के विकास को नई गति और दिशा प्रदान करेंगे।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बैंक एकाउंट एवं क्यूआर कोड का किया विमोचन

रायपुर : पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर उन्नयन महा अभियान का शुभारंभ पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर उन्नयन महा अभियान का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बैंक एकाउंट एवं क्यूआर कोड का किया विमोचन पहले ही दिन दान दाताओं से एकत्र हुई 75 लाख रूपए से अधिक की राशि रायपुर पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर के समग्र उन्नयन, सौंदर्यीकरण एवं भव्य मंदिर निर्माण के उद्देश्य से प्रारंभ किए गए पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर उन्नयन महा अभियान का आज उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मंदिर उन्नयन अभियान के लिए खोले गए बैंक एकाउंट एवं क्यूआर कोड का भी विमोचन किया। इस डिजिटल सुविधा के माध्यम से अब जिलेवासी, श्रद्धालु एवं दानदाता कहीं से भी सहज रूप से ऑनलाइन दान कर मंदिर के विकास एवं उन्नयन कार्यों में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे। इस अवसर पर सांसद संतोष पाण्डेय, पूर्व संसदीय सचिव डाॅ. सियाराम साहू, पूर्व विधायक योगेश्वर राज सिंह, अशोक साहू, जिला पंचायत सभापति डाॅ. बीरेन्द्र साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष पवन जायसवाल, जनपद उपाध्यक्ष गणेश तिवारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशी राम धुर्वे, श्रीमती विजयलक्ष्मी तिवारी, श्रीमती सतविंदर पाहुजा सहित समस्त पार्षद, जनप्रतिनिधि, पंचमुखी बूढ़ा महादेव सेवा समिति के सदस्य उपस्थित थे।  उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह महाअभियान जनसहभागिता, आस्था एवं श्रद्धा का प्रतीक है, जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। उन्होने कहा कि क्यूआर कोड से जिले के नागरिक अधिक से अधिक सहयोग कर इस पुण्य कार्य से जुड़ सकेंगे। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे इस महाअभियान में सहभागी बनकर भगवान पंचमुखी बूढ़ा महादेव के भव्य मंदिर निर्माण के संकल्प को साकार करें। आज ही इस महाअभियान के शुभारंभ अवसर पर कवर्धा शहर के नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक बढ़-चढ़कर दान कर अपनी श्रद्धा और सहभागिता का परिचय दिया। सभी नागरिकों ने पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर के उन्नयन एवं भव्य निर्माण के लिए हर संभव सहयोग देने का संकल्प लिया। नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर उन्नयन महाअभियान कवर्धा नगर के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। क्यूआर कोड एवं बैंक एकाउंट के माध्यम से आम नागरिक भी अब सरलता से इस पुण्य कार्य में सहभागी बन सकेंगे। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस महाअभियान में समाज के हर वर्ग को सहभागी बनना चाहिए, ताकि भगवान बूढ़ा महादेव की कृपा से यह कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो सके। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पंचमुखी बूढ़ा महादेव सेवा समिति के पदाधिकारियों को 5 लाख रूपए का सहयोग किया तथा इसके अतिरिक्त आगे 5 लाख रुपये और देने की घोषणा भी की।       कार्यक्रम में पूर्व विधायक योगेश्वर राज सिंह ने मंच पर ही 1 लाख 11 हजार 1100 रुपये पंचमुखी बूढ़ा महादेव सेवा समिति को भेंट किए। वहीं सांसद संतोष पाण्डेय एवं पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू ने 1 लाख 11 हजार 1100 रूपए, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने 1 लाख रूपए तथा जनपद पंचायत उपाध्यक्ष गणेश तिवारी ने 2 लाख 21 हजार रूपए प्रदान करने की घोषणा की। इसके साथ ही कवर्धा शहर के नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर दान देकर इस महाअभियान को स्वरूप प्रदान किया।  कार्यक्रम के दौरान कवर्धा नगर पालिका के 21 पार्षदों ने अपना एक-एक माह का वेतन तथा पार्षद निधि से एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की। पहले ही दिन शहर के दान दाताओं से 75 लाख रूपये से अधिक राशि संग्रहित हुई। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सभी जनप्रतिनिधियों, दानदाताओं, सेवा समिति एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसहयोग से ही धार्मिक स्थलों का भव्य स्वरूप साकार होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर उन्नयन महा अभियान के माध्यम से यह पावन स्थल देश-प्रदेश में एक नई पहचान स्थापित करेगा।

रायपुर में दिव्यांग नेमी सिंह को उपमुख्यमंत्री शर्मा ने भेंट की पेट्रोल स्कूटी

रायपुर : दिव्यांग नेमी सिंह को उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने प्रदान की पेट्रोल चलित स्कूटी रायपुर उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा की संवेदनशील पहल से एक बार फिर दिव्यांगजन को आत्मनिर्भरता की राह मिली है। विकासखंड बोड़ला के ग्राम सरेखा निवासी एक पैर से दिव्यांग श्री नेमीसिंह साहू को आज विधायक कार्यालय कवर्धा में पेट्रोल चलित स्कूटी प्रदान की गई। एक कृषक परिवार से आने वाले श्री नेमीसिंह साहू ने लगभग बारह वर्ष पूर्व एक सड़क दुर्घटना में अपना एक पैर खो दिया था। दिव्यांगता के कारण उन्हें दैनिक आवागमन और जीवनयापन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अपने प्रतिदिन के कार्यों के लिए आना-जाना उनके लिए अत्यंत मुश्किल हो गया था। अपनी समस्या को लेकर श्री साहू ने उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा को आवेदन दिया था। उनकी आवश्यकता और सामाजिक – आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने तुरंत सहायता दिलाने के निर्देश दिए थे। जिसके तहत आज उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने खुद उन्हें उनके वाहन की चाभी भेंट की। स्कूटी पाकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। नेमीसिंह ने वर्षों से कोई वाहन नहीं चलाया था तो जैसे ही उन्होंने स्कूटी चालू की और स्कूटी डगमगाई उपमुख्यमंत्री ने उन्हें थाम लिया और अपने सामने उनसे स्कूटी चालन की प्रैक्टिस भी कराई। स्कूटी पाकर भावुक नेमी सिंह साहू ने कहा कि अब उन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए अब दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह स्कूटी उनके लिए केवल एक साधन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने इस सहयोग के लिए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी। उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयासों से कवर्धा विधानसभा क्षेत्र में 100 से अधिक दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 जनवरी से, इन अहम मुद्दों पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने

नई दिल्ली  दिल्ली में 5 जनवरी से विधानसभा सत्र शुरु होने वाला है। यह तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र होगा। सत्र के दौरान पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास के पुनर्निर्माण से जुड़ी CAG रिपोर्ट को लेकर होगी, जिसे सदन के पटल पर रखा जाएगा। इसकी पुष्टि विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने की है। इस रिपोर्ट में 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित बंगले (जिसे भाजपा ने 'शीश महल' का नाम दिया है) के नवीनीकरण में हुए खर्च और कथित वित्तीय अनियमितताओं का लेखा-जोखा होने की संभावना है। भ्रष्टाचार और प्रदूषण पर भी होगी चर्चा इसके अलावा सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार ने संकेत दिए हैं कि वे न केवल 'शीश महल' बल्कि दिल्ली जल बोर्ड (DJB) और मोहल्ला क्लीनिक से जुड़ी ऑडिट रिपोर्ट भी पेश कर सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली के गंभीर वायु प्रदूषण और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी तीखी बहस होने के आसार हैं। विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (AAP) इन आरोपों को 'राजनीति से प्रेरित' बताकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। 

इंदौर हादसे में प्रभावित परिवारों को दो लाख की आर्थिक सहायता, मुख्यमंत्री ने इलाज के दिए निर्देश

इंदौर में प्रभावित नागरिकों के परिजन को दो-दो लाख रुपए की सहायता राशि मुख्यमंत्री ने दिये अस्वस्थ व्यक्तियों के समुचित उपचार के निर्देश इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई घटना बेहद दुखद है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपचाररत प्रभावितों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। परिवारों को दी जाएगी आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इसके साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। पेयजल के संक्रमित या दूषित होने के कारण नागरिकों का स्वास्थ्य बिगड़ने की स्थिति पर नजर रखने और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश यथा समय संबंधित अधिकारियों को दिए गए। भागीरथपुरा की घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावितों के समुचित और गुणवत्तापूर्ण इलाज के दिये निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना को गंभीरता से लेते हुए इंदौर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी प्रभावितों का समुचित, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा उपचार में कोई कमी न रहे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि उपचार व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी न हो, इस संबंध में पूर्व में ही निर्देश दे दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि पीड़ितों को आवश्यक दवाइयां, विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं और सभी जरूरी संसाधन तत्काल उपलब्ध करवाई जाएं, जिससे किसी भी मरीज को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। प्रशासन द्वारा सतत निगरानी कलेक्टर इंदौर शिवम वर्मा ने बताया कि इंदौर जिला प्रशासन द्वारा सतत निगरानी रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को उपचार की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशों के बाद इंदौर प्रशासन और स्वास्थ्य अमला पूरी तत्परता के साथ उपचार में जुटा हुआ है। घटना के कारण पता करने के लिए विस्तृत जांच करवाई जा रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आधी आबादी से सीधा संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आधी आबादी से सीधा संवाद मातृ सत्तात्मक संस्कृति से मिले हैं नारी सम्मान के संस्कार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भाई के घर (मुख्यमंत्री निवास) आई बहनों को मिला सम्मान भाई के साथ बहनें मनायेंगी आगामी त्योहार जमीन से आसमान तक सफलतापूर्वक बहनें हैं नंबर वन भाई का वादा, बहनों को मिलेगा और भी ज्यादा सरगम के सुरों ने बांधा समां, मुख्यमंत्री ने दिये 51 हजार रूपये  राज्य सरकार की प्राथमिकता मातृ शक्ति का सशक्तिकरण मुख्यमंत्री ने प्रबुद्ध महिलाओं, आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं और ड्रोन दीदीयों से की आत्मीय चर्चा बहनों ने मुख्यमंत्री से साझा किये अपने अनुभव और विचार मुख्यमंत्री निवास पर हुआ "सशक्त और समर्थ नारी" संवाद कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश की सभी माताओं-बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है। केंद्र सरकार ने देश की संसद में आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया है। प्रदेश के नगरीय निकायों और शासकीय सेवाओं में भी 35 प्रतिशत स्थान महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बहनें आज भारतीय सेनाओं में भी शीर्ष पद प्राप्त करते हुए आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश की बहनें आर्थिक-सामाजिक रूप से संपन्न और आत्मविश्वास से भरी हों, इस उद्देश्य से हमारी सरकार ने अनेक कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए सब्सिडी दी जाती है। साथ ही अधिक से अधिक बहनें संपत्ति की मालिक बनें, इसके लिए रजिस्ट्री में अतिरिक्त 2 प्रतिशत छूट का लाभ प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को 'सशक्त नारी-समर्थ नारी' संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री निवास पधारी प्रबुद्ध महिलाओं, आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं तथा ड्रोन दीदीयों से आत्मीय चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों के साथ समूह चित्र भी खिंचवाया। बालिका सरगम कुशवाह ने मधुर देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटी सरगम को 51 हजार रूपए की राशि सम्मान और प्रोत्साहन स्वरूप देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहन-बेटियों से इस प्रकार संवाद का क्रम आगामी माहों में भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज महिलाएँ नहीं बहने मेरे घर आयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की आत्मीयता ने बहनों को भाव विभोर कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी सफलता के लिये बड़ी बहन श्रीमती कलावती यादव को श्रेय देते हुए कहा कि बड़ी बहन ने ही उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित करने के साथ आवश्यक सहयोग व प्रोत्साहन प्रदान किया। मां और बहन के संस्कार, प्रेम और उनके द्वारा दी गई हिम्मत ही उनके आगे बढ़ने का आधार बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे परिवार में बहू भी बेटी समान है, और दोनों ही दुलार, स्नेह और सम्मान की बराबर की हकदार हैं। सनातन संस्कृति मातृ सत्ता पर आधारित संस्कृति है। मां ही हम सभी के जीवन मे पहली गुरु होती है। विश्व में भारत ही ऐसा राष्ट्र है, जहां देश को माता के भाव से जोड़ा जाता है। जैसे मां के आंचल में सुख और सुरक्षा का भाव आता है, वैसे ही देश की सत्ता से भी आम आदमी को सुख और सुरक्षा का एहसास हो, यही हमारा उद्देश्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकास के साथ विरासत को संरक्षण प्रदान करते हुए गतिविधियां संचालित की जा रही है। राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाओं को विस्तार दिया जा रहा है। प्रदेश में जन-निजी भागीदारी (पीपीपी मोड) पर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल खोलने के लिए लीज पर 25 एकड़ भूमि तक उपलब्ध कराई जा रही है। मध्यप्रदेश देश में यह नवाचार करने वाला पहला राज्य है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।। राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों की एमबीबीएस की 70 से 80 लाख रुपए तक फीस भर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में देहदान और अंगदान को प्रोत्साहन देने के लिए गार्ड ऑफ ऑनर देने की परंपरा शुरू की गई है। इसका सकारात्मक प्रभाव हुआ है। हमारी सरकार ने ऐलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेदिक एवं पैरामेडिकल क्षेत्र में शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाया है।    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में महिला उद्यमियों के स्टार्ट-अप में उपलब्ध अवसरों पर चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश वह राज्य है, जो औद्योगिक विकास में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश स्टार्ट-अप्स शुरू करने में अग्रणी हैं। राज्य सरकार ने बीते 2 वर्षों से लगातार स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित कर रही है। इनमें अधिकांश का नेतृत्व प्रदेश की महिला उद्यमी कर रही हैं। राज्य सरकार सूक्ष्म उद्योग, लघु एवं कुटीर उद्योग से लेकर हैवी इंडस्ट्री तक महिलाओं को हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में लागू की गईं 18 नई नीतियों में महिलाओं को केंद्र में रखा गया है। गुजरात मॉडल पर औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भोपाल में पहली बार जीआईएस का आयोजित की गई। उससे पहले संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की गईं। इन सभी प्रयासों से राज्य को मिले बंपर निवेश और औद्योगिक विकास की संभावनाओं का लाभ महिलाओं को भी मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत 2 वर्षों में राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक कार्य किए हैं। इसका प्रभाव सभी क्षेत्रों में दिख रहा है। लाड़ली बहना योजना से घरों के वातावरण में बदलाव आया है। महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) का दायित्व महिलाएं निभा रही हैं। जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों में महिलाएं पूर्ण दायित्व के साथ चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं का निर्वहन कर रही हैं। शिक्षण संस्थाओं में भी बालिकाएं ही मेरिट लिस्ट में अग्रणी दिखाई देती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा ‍कि राज्य सरकार महिलाओं की प्रगति में हर कदम पर उनके साथ है। राज्य में सप्ताह में 5 दिन कार्यालय लगने से नौकरीपेशा  महिलाओं को सुविधाएं हुई हैं।   अनूठा आयोजन – सीधा संवाद प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रों … Read more