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योगी मंत्रिमंडल में जल्द हो सकते बदलाव, संगठन में भी हो सकती बड़ी छंटनी

लखनऊ नए साल पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में कुछ फेरबदल देखने को मिल सकते हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री के आवास पर ही एक मीटिंग हुई, जिसमें कई सीनियर नेता मौजूद रहे। इसके अलावा नए बने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मीटिंग में शामिल थे। इस बैठक में संगठन से लेकर सरकार तक में कुछ बदलाव किए जाने पर चर्चा होने की खबरें हैं। कहा जा रहा है कि पहले कैबिनेट का विस्तार होगा और फिर संगठन में भी बड़े पैमाने पर फेरबदल होंगे। पंकज चौधरी नए प्रदेश अध्यक्ष बने हैं और वह अपने स्तर पर संगठन में कुछ बदलाव करेंगे और नई टीम तैयार करेंगे। कुछ नेताओं का समायोजन संगठन में हो सकता है तो वहीं कुछ लोगों को सरकार में हिस्सेदारी मिल सकती है। इन दोनों ही फेरबदल में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का भी पार्टी ख्याल रखना चाहेगी क्योंकि फिलहाल सीएम और प्रदेश अध्यक्ष दोनों ही पूर्वांचल से हो गए हैं। ऐसी स्थिति में वेस्ट यूपी, अवध और बुंदेलखंड क्षेत्र को अच्छा प्रतिनिधित्व मिल सकता है। इस मीटिंग में संगठन महामंत्री धर्मपाल भी मौजूद थे। योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार को लेकर आखिरी फैसला दिल्ली में होना है और जनवरी के पहले सप्ताह में ही इस संबंध में ऐलान हो सकता है। हालांकि शपथ समारोह मकर संक्रांति के बाद ही होगा। फिलहाल इस बात पर चर्चा हुई कि किन नामों को दिल्ली भेजा जाए। इस मीटिंग में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। संघ से भी इस संबंध में राय ली गई है। पूरे दिन योगी आदित्यनाथ लखनऊ में ही रहे और इस मीटिंग के बाद उन्होंने अलग-अलग भी कई नेताओं से बात की। बता दें कि अब तक यूपी अध्यक्ष रहे भूपेंद्र चौधरी को भी कैबिनेट में जगह दी जा सकती है। वह जाट समुदाय से आने वाले नेता हैं और पश्चिम यूपी में इस समाज का मजबूत प्रतिनिधित्व है। ऐसी स्थिति में जाट बिरादरी के एक नेता को कैबिनेट में लेकर संदेश देने की कोशिश होगी। इसके अलावा कैबिनेट विस्तार में समाजवादी पार्टी के पीडीए वाले नैरेटिव को भी काउंटर करने की तैयारी होगी।

रायसेन को मिला नया जिला बनाने का प्रस्ताव पारित, स्थानीय लोगों की 20 साल की उम्मीद हुई पूरी

भोपाल  मध्य प्रदेश के रायसेन जिले का बरेली नगर परिषद की साधारण सभा की बैठक में बरेली को जिला बनाने, टीम पहल को भूमि उपलब्ध कराने तथा धूमधाम से नगर गौरव दिवस एवं गणतंत्र दिवस मनाने सहित उन्नीस प्रस्ताव पारित किए गए। 6 जनवरी को मनाया जाएगा गौरव दिवस साधारण सभा की बैठक में प्रतिवर्ष के अनुसार धूमधाम से नगर गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। बता दें कि, 6 जनवरी 1949 को विलीनीकरण आंदोलन के तहत बड़ा बाजार में भोपाल रियासत को भारत संघ में मिलाने की मांग को लेकर हो रही शांतिपूर्ण सभा में नवाब पुलिस की लाठी चार्ज से बरेली के दो युवा जुगराज सोनी और राम प्रसाद अहिरवार ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। इनकी शहादत के सम्मान में पत्रिका की मुहिम पर बरेली नगर परिषद तीन वर्ष पूर्व 6 जनवरी को नगर गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था। विगत दो वर्षों की तरह 6 जनवरी को धूमधाम के साथ नगर गौरव दिवस मनाया जाएगा। स्कूली बच्चो को बताया जाएगा क्षेत्र का इतिहास इस मौके पर शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और जेल गए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का पुण्य स्मरण करते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया जाएगा। वहीँ, दुसरी तरफ स्कूली बच्चों को नगर के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया जाएगा। नगर परिषद अध्यक्ष हेमंत राजा भैया चौधरी ने कहा कि यह नगर परिषद का सौभाग्य की पत्रिका की मुहिम पर हमें 6 जनवरी को नगर गौरव दिवस मनाने का निर्णय करने अवसर प्राप्त हुआ। परिषद के निर्णय के अनुसार गत वर्ष से भी बढकर पूरे उत्साह के साथ नगर गौरव दिवस मनाया जाएगा। इसी उत्साह के साथ 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। टीम पहल को भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय टीम पहल को के अनुसार नगर परिषद द्वारा भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। नगर के विभिन्न वार्डों में रट्रीट लाईट पोल लगाने, विभिन्न स्थानो पर स्वागत द्वार लगाने, सफाई व्यवस्था के लिए सेवा कार्यों के विस्तार की कार्ययोजना वाहन खरीदने, बस अड्डा शुल्क, वाहन किराया वसूली, पशु पंजीयन शुल्क वसूली वर्ष 2026-27 के संबंध मे विचार विमर्श कर निर्णय लिया गया। साथ ही नगरीय क्षेत्र बरेली में विज्ञापन शुल्क की वसूली ठेके पर देने का निर्णय लिया गया। संवरेगा शहीद स्मारक पार्क नगर परिषद के निर्णय के अनुसार शहीद स्मारक स्थल और श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क के सौंदयीकरण के लिए भव्य द्वार का निर्माण कराया जाएगा। श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क के पास यात्री प्रतीक्षालय निर्माण पर विचार विमर्श किया गया। इसी के साथ वार्ड क्रमांक 2 में पुलिया और वार्ड क्रमांक 4 में दो सड़क निर्माण का निर्णय भी लिया गया। बरेली को जिला बनाने का प्रस्ताव पारित परिषद सहित बरेली नगर एवं क्षेत्र की लोगों की मंशा और दो दसक से की जा रही मांग के अनुसार नगर परिषद द्वारा सर्व समिति से बरेली को जिला बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। 

अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ का उत्सव, राजनाथ सिंह–योगी आदित्यनाथ ने टेका माथा

अयोध्या केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राम जन्मभूमि मंदिर में राम लला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह में शामिल होने के लिए अयोध्या पहुंचे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। उसके बाद राजनाथ सिंह सीएम योगी हनुमानगढ़ी के लिए रवाना हुए। राजनाथ सिंह करीब 1 बजे अंगद टीला पर संबोधित करेंगे। रामलला मंदिर में की पूजा अर्चना हनुमानगढ़ी में दर्शन पूजन करने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी राम मंदिर पहुंचे। दोनो नेताओं ने प्रतिष्ठा द्वादशी और राम लला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर राम जन्मभूमि मंदिर में राम लला की पूजा की। सीएम और रक्षा मंत्री यज्ञशाला में चल रहे अनुष्ठान में शामिल होंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अन्नपूर्णा मंदिर पर ध्वजारोहण करेंगे। इधर, प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश और दुनिया के कोने-कोने से आए श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर रहे हैं। जिसको देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा एवं स्वयंसेवकों की तैनाती की है।

नए साल से पहले भूपेश बघेल ने अमरकंटक में मां नर्मदा का लिया आशीर्वाद

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साल के अंतिन दिन अमरकंटक पहुंचकर मां नर्मदा की पूजा अर्चना किया. बीती शाम को वो जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के दौरे पर थे. जहां वो कांग्रेस जिलाअध्यक्ष के शपथ ग्रहण में हुए थे. बता दें कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए मां नर्मदा से प्रदेश की खुशहाली की कामना किया है. उन्होंने अपने पोस्ट को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा- त्वदीय पाद पंकजम नमामि देवी नर्मदे अमरकंटक में अपने निर्मल जल से कंकर-कंकर को भी शंकर बनाने वाली जीवनदायिनी मां नर्मदा के पवित्र दर्शन कर, बाबा भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों के सुख और समृद्धि की कामना की. इस दौरान कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय, जिला कांग्रेस कमेटी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही अध्यक्ष गजमती भानु भी सीएम के साथ मौजूद थे.

भोपाल में शिवराज सिंह चौहान का बयान: MNREGA भ्रष्टाचार का पर्याय, G RAM G बिल में ऊर्जा देखी

भोपाल  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित निवास पर 'जी रामजी' बिल को लेकर विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने मनरेगा को भ्रष्टाचार का पर्याय कहते हुए पंजाब को करप्शन से ग्रसित बताया। इस दौरान उन्होंने जी रामजी बिल की विषेशताएं बताते हुए कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। बता दें कि, पंजाब विधानसभा ने अभी-अभी विशेष सत्र आयोजित कर केंद्र सरकार की जी राम जी योजना के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर दिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा- '20 साल पहले मनरेगा योजना आई थी। इससे पहले कई रोजगार योजनाएं थीं। फिर या तो उनका स्वरूप बदला या योजना का नाम बदला गया। मनरेगा योजना भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी। मजदूरों के बजाय मशीन या कॉन्ट्रेक्टर से काम हो रहा था। ओवर स्टेटमेंट बनाना, एक ही काम बार-बार करना ये सब हो रहा था। इसलिए इसपर सालभर से विचार चल रहा था। ‘मनरेगा योजना भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी’ शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 20 साल पहले मनरेगा योजना आई थी। इससे पहले कई रोजगार योजनाएं थीं। फिर या तो उनका स्वरूप बदला या योजना का नाम बदला गया। मनरेगा योजना भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी। मजदूरों के बजाय मशीन या कॉन्ट्रेक्टर से काम हो रहा था। ओवर स्टेटमेंट बनाना, एक ही काम बार बार करना ये सब हो रहा था। इसलिए इस पर सालभर से विचार चल रहा था।  प्रशासनिक व्यय बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि मनरेगा न विकास के लिए कारगर थी और न मजदूरों के लिए उपयोगी थी। पैसे का उपयोग गांव के सुनियोजित विकास में नहीं हो रहा था। इसलिए विकसित भारत के लिए जी राम जी योजना लाए हैं। अब मजदूर को रोजगार की गारंटी 100 से बढ़ाकर 120 दिन की गई है। इसके लिए वित्तीय प्रावधान भी किए जा रहे हैं। आगे जरूरत के हिसाब से बजट भी बढ़ेगा। सहायक स्टाफ की तनख्वाह नहीं मिलने की शिकायत मिलती थी। इसलिए प्रशासनिक व्यय 6% से बढ़ाकर 9% किया गया है।  G RAM G में रहेगी पारदर्शिता उन्होंने G RAM G के फायदे बताते हुए कहा कि इसमें पारदर्शिता रहेगी। खेती में बुवाई और कटाई के समय इस योजना के काम को राज्य स्थगित कर सकेंगे। संसद में विपक्ष ने जबरन का लल्ला किया। फिर भी दृढ़ता के साथ मैंने अपनी बात रखी। पंजाब में एक दिन का विधानसभा का सत्र हो रहा है। जिसमें इस कानून के खिलाफ प्रस्ताव लाने की बात कही जा रही है। इस संवैधानिक संसद व्यवस्था के खिलाफ है। यह अमर्यादित, अंधविरोध, अमर्यादित है।  ‘पंजाब में बहुत करप्शन’  शिवराज सिंह ने पंजाब को करप्शन से ग्रसित बताया। उन्होंने कहा कि आधे से अधिक गांव का ऑडिट ही नहीं हुआ। भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई ही नहीं की। मजदूर कह रहे हैं उन्हें भुगतान ही नहीं मिलता।  अमित शाह और सीएम मोहन की तारीफ की शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी के बयान ‘मंत्री को ही योजना के बारे में जानकारी नहीं’ पर कहा कि स्वर्गीय पीएम हों या राहुल बाबा, कल्पना लोक में रहते हैं। देश में तो रहते ही नहीं। अमित शाह और सीएम डॉ. मोहन यादव की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि सीएम तेज गति से काम कर रहे हैं। मुझसे अधिक ऊर्जा है। इसी तेज गति से काम करते हैं। मेरी शुभकामना है। संघ को लेकर आए दिग्विजयसिंह के बयान पर उन्होंने कहा कि अपने बुद्धि और विवेक से काम करना चाहिए। 

हरियाणा क्राइम न्यूज: गैंगरेप और वाहन से फेंकने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

फरीदाबाद हरियाणा के फरीदाबाद में महिला के साथ चलती गाड़ी में में महिला के साथ गैंगरेप की घटना सामने आई है. इस दौरान पीड़िता का विरोध करने पर बुरी तरह से पिटाई की गई है. महिला को घायल अवस्था में निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. जानकारी के अनुसार, महिला ने कार में लिफ्ट ली थी. आरोप है कि आरोपी 2 घंटे तक महिला को फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर घुमाते रहे औऱ फिर सुबह तीन बजे एसजीएम नगर के पास चलती गाड़ी से फेंक कर भाग गए. पुलिस ने फिलहाल, दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि पीड़ित की बहन ने शिकायत में बताया है कि रात 8:30 बजे उनके पास बहन की कॉल आई थी और उसे बताया गया कि घर में मां से कहांसुनी हो गई है और मैं अपनी सहेली के घर जा रही हूं और उसने कहा था कि मैं अपनी सहेली के घर से 3 घंटे में वापस आ जाऊंगी. पीड़िता की बहन के मुताबिक देर रात करीब 12:00 बजे पीड़िता कहीं जाने के लिए सवारी का इंतजार करने लगी. इसी दौरान वह एक इको वैन रुकी, जिसमें दो युवक पहले से बैठे हुए थे. आरोप है कि लिफ्ट देने के बाद दोनों युवक वैन को गुरुग्राम रोड की ओर ले गए. फिर फरीदाबाद-गुरुग्राम मार्ग स्थित हनुमान मंदिर से आगे जाकर आरोपी कार चलता रहा और दूसरे ने महिला के साथ दुष्कर्म किया. 2 घंटे तक आरोपी वैन को फरीदाबाद गुरुग्राम रोड पर घूमते रहे. सिर पर चोट और 12 टांके लगे  महिला के चेहरे और सिर पर चोट आई है और 12 टांके लगे है. देर रात पीड़ित ने अपनी बहन को कॉल कर कर इस बारे में बताया. बहन मौके पर पहुंची और देखा कि पीड़ित ने देखा कि इलाज के लिए उसे फरीदाबाद के सिविल अस्पताल में लाया गया, जहां उसकी हालत को देखते हुए डॉक्टर ने उसे दिल्ली एम्स के लिए रेफर कर दिया था, हालांकि, फरीदाबाद के प्राइवेट अस्पताल में पीड़िता का इलाज चल रहा है और पुलिस इस पूरे मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों आरोपी मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं. जो फरीदाबाद में ही रहते थे.

भीड़ भरे रास्तों को ब्लॉक कर वैकल्पिक रूट दिखाए, उज्जैन पुलिस ने ट्रैफिक जाम से राहत के लिए अपनाया नई तकनीक

उज्जैन  उज्जैन में 25 दिसंबर के बाद से महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है. देश के अलग–अलग राज्यों से लाखों भक्त अपने निजी वाहनों से बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंच रहे हैं, लेकिन इस भारी भीड़ के बीच शहर की यातायात व्यवस्था को संभालना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था. अब इस चुनौती से निपटने के लिए उज्जैन पुलिस ने एक हाईटेक और अनोखा तरीका अपनाया है. महाकाल मंदिर में प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. सामान्य दिनों में रोज़ाना 5 से 6 हजार चार पहिया वाहन उज्जैन आते हैं, जबकि छुट्टियों में यह संख्या 10 से 12 हजार तक पहुंच जाती है. गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों से आने वाले श्रद्धालु गूगल मैप के सहारे सीधे शहर के अंदरूनी और संकरे रास्तों में प्रवेश कर रहे थे, जिससे कई इलाकों में भीषण जाम की स्थिति बन रही थी. गूगल मैप से ट्रैफिक कंट्रोल महाकाल मंदिर में प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. सामान्य दिनों में 5-6 हजार चार पहिया वाहन आते हैं, जबकि छुट्टियों में यह संख्या बढ़कर 10–12 हजार तक हो जाती है. श्रद्धालु गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों से आते हैं और गूगल मैप के जरिए संकरे रास्तों में प्रवेश करते हैं। इससे कई इलाकों में भीषण जाम बन जाता था. उज्जैन पुलिस ने इस समस्या का हाईटेक समाधान निकाला। पहली बार गूगल मैप को क्राउड मैनेजमेंट का हथियार बनाया गया। आईटी एक्सपर्ट्स और साइबर टीम के साथ मिलकर पुलिस ने गूगल मैप के रूट सिस्टम में बदलाव किया. अब जैसे ही किसी मार्ग पर जाम बनता है, वह सड़क गूगल मैप से तुरंत हटा दी जाती है और खाली वैकल्पिक मार्ग सक्रिय कर दिया जाता है। श्रद्धालुओं को दिखेंगे रास्ते इस व्यवस्था के तहत बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को गूगल मैप पर केवल वही रास्ते दिखाई देते हैं जो पुलिस द्वारा तय किए गए हैं. भीड़भाड़ वाले और संकरे रास्तों को मैप से ब्लॉक कर दिया गया, जबकि बाहरी रिंग रोड और डेडिकेटेड पार्किंग रूट को नेविगेशन में दिखाया जा रहा है। रियल टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग 10 सदस्यीय पुलिस टीम सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक रियल टाइम ट्रैफिक की निगरानी करती है. जिस मार्ग पर जाम बनता है, उसे तुरंत डायवर्ट किया जाता है. गूगल मैप पर उस रूट को हटा दिया जाता है और केवल वैकल्पिक मार्ग दिखाया जाता है. इस काम के लिए गुरुग्राम की आईटी कंपनी को हायर किया गया है, जो गूगल एल्गोरिदम के जरिए केवल खाली रूट ही दिखाती है। जनवरी तक VIP दर्शन बंद महाकाल मंदिर समिति ने नए साल की भीड़ को देखते हुए 12 दिन के लिए नई व्यवस्थाएं लागू की हैं. 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग बंद. श्रद्धालु केवल ऑफलाइन बुकिंग करा सकेंगे.1 जनवरी की भस्म आरती के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार की बुकिंग पूरी तरह बंद. 5 जनवरी तक VIP दर्शन व्यवस्था भी बंद, केवल VVIP श्रद्धालुओं को सुविधा. बीते तीन दिनों में 5.50 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए.  उज्जैन पुलिस ने गूगल मैप को क्राउड मैनेजमेंट का हथियार बनाया इसी समस्या को देखते हुए उज्जैन पुलिस ने पहली बार गूगल मैप को क्राउड मैनेजमेंट का हथियार बनाया है. पुलिस ने आईटी एक्सपर्ट्स और साइबर टीम के साथ मिलकर गूगल मैप के रूट सिस्टम में बदलाव किया है. अब जैसे ही किसी मार्ग पर जाम की स्थिति बनती है, उस सड़क को गूगल मैप से तुरंत हटा दिया जाता है और खाली वैकल्पिक मार्ग को सक्रिय कर दिया जाता है. मैप पर वही रूट दिखता है, जो पुलिस तय करती है सीएसपी राहुल देशमुख ने कहा- चार धाम स्मार्ट पार्किंग और हरसिद्धि मंदिर की पाल के पास बनी पार्किंग महाकाल मंदिर के सबसे नजदीक हैं। यहां देशभर से आने वाले श्रद्धालु गूगल मैप के जरिए भीड़भाड़ वाले इलाकों से शहर में प्रवेश कर जाते थे, जिससे जाम की स्थिति बनती थी। इससे बचने के लिए तकनीकी डेटा का उपयोग कर वाहनों को भीड़भाड़ वाले मार्गों पर जाने से रोक दिया जाता है। गूगल मैप पर श्रद्धालुओं को वही डेडिकेटेड रूट दिखाया जाता है, जो उन्हें संकरे रास्तों और शहर के अंदरूनी क्षेत्रों से बचाते हुए सीधे बाहरी मार्गों से पार्किंग तक पहुंचाता है। इस प्रक्रिया पर यातायात और साइबर टीम लगातार काम कर रही है। आईटी कंपनी के साथ रियल टाइम ट्रैफिक की निगरानी सीएसपी देशमुख ने बताया- पुलिस की 10 सदस्यीय टीम सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक रियल टाइम ट्रैफिक की निगरानी करती है। जिस मार्ग पर यातायात बढ़ता है या जाम की स्थिति बनती है, उसे तुरंत डायवर्ट कर दिया जाता है। इसके बाद गूगल मैप पर उस रूट को हटा दिया जाता है और श्रद्धालुओं को केवल वही वैकल्पिक मार्ग दिखाया जाता है, जिससे वे सीधे पार्किंग तक पहुंच सकें। इसके लिए गुरुग्राम की एक आईटी कंपनी को हायर किया है। यह कंपनी गूगल के एल्गोरिदम के जरिए केवल खाली रूट को ही दिखाती है। रियल टाइम में बदल रहे रूट, सीधे पार्किंग तक पहुंच रहे वाहन सीएसपी देशमुख ने बताया कि डेडिकेटेड टीम द्वारा रियल टाइम में रूट बदले जा रहे हैं। गूगल मैप की सहायता से महाकाल दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु पुलिस के बताए रास्तों से सीधे पार्किंग तक पहुंच रहे हैं, वह भी बिना शहर में प्रवेश किए। मंदिर के आसपास के मुख्य क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के वाहन और दुकानों को सड़कों पर लगाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। फिर भी श्रद्धालु बेगमबाग होते हुए स्मार्ट पार्किंग में वाहन खड़े कर रहे हैं। इसके चलते बेगमबाग, महाकाल घाटी, गुदरी चौराहा, हरसिद्धि मंदिर, जंतर-मंतर, जयसिंहपुरा, रेलवे क्रॉसिंग और शक्तिपथ की पार्किंग के मार्गों पर सबसे अधिक जाम की स्थिति बन रही है। इसे देखते हुए मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से निर्धारित पार्किंगों का उपयोग करने की अपील की है। भस्म आरती की बुकिंग और VIP दर्शन व्यवस्था 5 जनवरी तक बंद महाकाल मंदिर समिति ने नव वर्ष की भीड़ को देखते हुए 12 दिन के लिए नई व्यवस्थाएं लागू की … Read more

ओपी सिंह आज होंगे रिटायर, हरियाणा के अगले DGP के लिए UPSC ने तय किए संभावित नाम

चंडीगढ़  हरियाणा के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) को लेकर आज दिल्ली में अहम मंथन होने जा रहा है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की पैनल कमेटी आज बैठक कर पांच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों में से तीन नामों को शॉर्टलिस्ट करेगी। यह पैनल राज्य सरकार को भेजा जाएगा, जिसके बाद 1 जनवरी को नए डीजीपी की नियुक्ति को लेकर आदेश जारी होने की संभावना है।  इससे पहले हरियाणा के कार्यवाहक डीजीपी ओपी सिंह आज (31 दिसंबर) सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके साथ ही 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी मोहम्मद अकील और 1991 बैच के आलोक कुमार रॉय भी रिटायर हो चुके हैं। गृह विभाग ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। फिलहाल डीजी जेल को तीन महीने का अतिरिक्त कार्यकाल दिया गया है। UPSC की बैठक में कौन-कौन रहेगा शामिल यूपीएससी की पैनल कमेटी में आयोग के अध्यक्ष (या उनके प्रतिनिधि), केंद्रीय गृह सचिव या उनके नामित अधिकारी, हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, कार्यवाहक डीजीपी ओपी सिंह और केंद्र सरकार द्वारा नामित किसी सीपीओ या सीपीएमएफ प्रमुख को शामिल किया गया है। ये 5 अधिकारी रेस में शामिल : हरियाणा सरकार ने 16 दिसंबर को यूपीएससी को पांच आईपीएस अधिकारियों का पैनल भेजा था। इनमें शामिल हैं—शत्रुजीत कपूर (1990 बैच), एसके जैन (1991 बैच), अजय सिंघल (1992 बैच), आलोक मित्तल (1993 बैच), अर्शिंदर चावला (1993 बैच)। हालांकि पूर्व डीजीपी शत्रुजीत कपूर को आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार आत्महत्या मामले में दर्ज एफआईआर के चलते पहले ही छुट्टी पर भेजा जा चुका है। इसी कारण यूपीएससी ने इस केस से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी राज्य सरकार से मांगी थी। डीजीपी पद के प्रमुख दावेदार अजय सिंघल (1992 बैच) : वर्तमान में एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रमुख हैं। पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के करीबी माने जाते हैं और आरएसएस से भी अच्छे संबंध बताए जाते हैं। जमीनी पुलिसिंग का लंबा अनुभव है। आलोक मित्तल (1993 बैच) : पूर्व में टाटा मोटर्स में कार्य कर चुके हैं। देश में पहली महिला पीसीआर की शुरुआत करने का श्रेय इन्हें जाता है। एनआईए में भी सेवाएं दे चुके हैं और सीएम के भरोसेमंद अफसरों में गिने जाते हैं। अर्शिंदर (ए.एस.) चावला (1993 बैच) : हाल ही में डीजी रैंक में प्रमोशन मिला है। वर्तमान में हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन के निदेशक हैं। प्रशिक्षण और प्रशासनिक सुधारों में मजबूत पकड़ मानी जाती है। मुख्यमंत्री नायब सैनी के करीबी होने के चलते उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। अब सभी की निगाहें UPSC की बैठक पर टिकी हैं, जहां से तीन नामों का पैनल राज्य सरकार को भेजा जाएगा। इसके बाद हरियाणा को जल्द ही नया स्थायी पुलिस महानिदेशक मिलने की उम्मीद है।

आज होगी साय कैबिनेट की अहम बैठक, तेंदूपत्ता खरीदी और धान उठाव की रफ्तार पर होगा मंथन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में इस साल की अंतिम कैबिनेट बैठक आज होने जा रही है. इसमें तेंदूपत्ता खरीदी समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर फैसला लिए जाने की संभावना है. जानकार बताते हैं कि साल की इस अंतिम कैबिनेट बैठक में दोना- पत्तल खरीदी पर भी बात होगी, इसके साथ ही धान खरीदी की गति की समीक्षा की जाएगी. इसके अलावा जनवरी में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय रोजगार मेले के आयोजन के संबंध में भी चर्चा होने की संभावना है.

विकसित भारत- जी राम जी योजना पर पंजाब विधानसभा में विरोध प्रस्ताव पास

चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा ने  ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सोंध द्वारा पेश किया गया एक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास कर दिया, जिसमें भारत सरकार की महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को नए कानून, विकसित भारत– रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) से बदलने की पहल की निंदा की गई। नई योजना गरीब मजदूरों, महिलाओं और राज्य के लाखों जॉब कार्ड धारक परिवारों से गारंटी मजदूरी और रोजगार का अधिकार छीन लेती है और राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालती है। मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण विकास गारंटी अधिनियम भारत सरकार द्वारा सितंबर 2005 में पारित किया गया था और इसे 2008-09 में पंजाब के सभी जिलों में लागू किया गया था। बाद में 2 अक्टूबर, 2009 को भारत सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) कर दिया। मनरेगा योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर के वयस्क सदस्यों को, जो अकुशल शारीरिक काम करने के इच्छुक हैं, एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों का गारंटी मजदूरी वाला रोजगार अनिवार्य रूप से प्रदान करके आजीविका सुरक्षा बढ़ाना है। मंत्री सोंध ने आगे बताया कि मनरेगा भारत के सामाजिक कल्याण और ग्रामीण आर्थिक सुरक्षा के ढांचे के भीतर एक ऐतिहासिक और विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त कानून है, जिसने ग्रामीण भारत में गरीब, भूमिहीन और हाशिए पर पड़े समुदायों, जिसमें एससी/एसटी व्यक्ति और महिलाएं शामिल हैं, के लिए रोजगार को एक कानूनी अधिकार के रूप में स्थापित किया है। यह अधिनियम मांग-आधारित है, जिसके तहत यदि कोई मजदूर मनरेगा योजना के तहत काम की मांग करता है, तो राज्य और भारत सरकार की यह कानूनी जिम्मेदारी है कि उसे एक निश्चित समय के भीतर काम प्रदान करें या बेरोजगारी भत्ता दें। इसके विपरीत, हालांकि विकसित भारत- जी राम जी अधिनियम (विकसित भारत- रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम) 2025 में 125 दिनों का उल्लेख है, लेकिन यह गारंटी वास्तव में सामान्य बजट और सीमित वित्तीय व्यवस्थाओं से जुड़ी हुई है, जिसके कारण यह गारंटी केवल कागजों पर ही रह जाती है। इस ढांचे में, रोजगार की उपलब्धता अब मजदूर की मांग पर निर्भर नहीं करेगी, बल्कि भारत सरकार द्वारा पहले से तय योजनाओं और बजट सीमाओं के अनुसार किए गए आवंटन पर निर्भर करेगी। मंत्री ने कहा कि विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम में 60:40 के अनुपात में मजदूरी का भुगतान करने की बात कही गई है और साप्ताहिक भुगतान अनिवार्य किया गया है, लेकिन व्यवहार में ये बदलाव वास्तव में राज्य सरकारों पर वित्तीय बोझ कम करने के बजाय बढ़ाएंगे। भारत सरकार पूरे वित्तीय वर्ष के लिए बजट सीमा पहले से ही तय कर देगी। हालांकि, यह ध्यान देना जरूरी है कि मनरेगा स्कीम के तहत, मजदूरों को काम मांगने का कानूनी अधिकार है, जिस पर इस बजट लिमिट का असर पड़ेगा। इस स्थिति में, अगर तय समय में काम नहीं दिया जाता है, तो राज्य सरकार को बेरोजगारी भत्ते की पूरी जिम्मेदारी उठानी होगी। इसके साथ ही, अगर केंद्र सरकार के बजट आवंटन की लिमिट पूरी हो जाती है, तो मजदूरों को काम देना न सिर्फ प्रशासनिक रूप से मुश्किल हो जाता है, बल्कि आर्थिक रूप से भी नामुमकिन हो जाता है। इस बीच, मंत्री सोंध ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ग्रामीण विकास और पंचायती राज पर संसदीय स्थायी समिति की बैठक में, जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस के लोकसभा सांसद सप्तगिरि शंकर उल्का कर रहे थे, कांग्रेस के किसी भी सदस्य ने विकसित भारत-जी रामजी योजना का विरोध नहीं किया, लेकिन अब विधानसभा में वे मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं।