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कोचिंग संस्थानों के विवाद में बढ़ी हलचल, अलख पांडे बोले—हम खान सर के साथ

 पटना पटना के दो बड़े कोचिंग संस्थानों के मालिकों के बीच चल रहे विवाद में अलग-अलग कोचिंग संचालक भी कूद पड़े हैं। हाल ही में गुरु रहमान ने रौशन आनंद सर के भाई की मौत पर दुख जताते हुए कहा था कि खान सर झूठ बहुत बोलते हैं। अब मशूहर फिजिक्स वाला के निदेशक अलख पांडेय ने भी इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। अलख पांडेय ने कहा है कि वो खान सर के साथ हैं। फिजिक्सवाले के टीचर अलख पांडेय ने कहा, 'मुझे खान सर पर कुछ बोलने के लिए काफी कमेंट मिल रहे हैं। एक बात बताइए अगर आपके भाई के उपर कोई बात आएगी तो आप बैठ कर वीडियो बनाएंगे या फिर उसकी मदद करने की कोशिश करेंगे। एक इंसान जो देश के लिए इतना कुछ कर रहा है। उसने शिक्षा काफी सस्ती कर दी। पिछले 5 साल से वो यूट्यूब पर और सोशल मीडिया पर बिल्कुल सस्ती शिक्षा दे रहा है। उस इंसान का कोई कर्त्व्य नहीं बनता था कि वो बिहार में आकर सस्ते अस्पताल खोले,सस्ता इलाज करे तो वो उसने आप सब के लिए किया। आज उसका परिणाम क्या मिलता है, तो फैजल खान ने ये किया, फैजल खान ने वो किया।' अलख पांडेय ने आगे कहा कि अभी हमारी खान सर से जब अंतिम बातचीत हो रही थी तो हम लोग यही बात कर रहे थे कि जो भी सच्चाई है वो सामने आनी चाहिए। निष्पक्ष जांच हो जाए। पुलिस सामने आकर सब सच-सच बोल दे। अगर मेरे भाई के अंदर कोई कमी निकल जाती है तो दे देना सजा। इतना विश्वास है रखते हैं। हम अंत तक खान सर के साथ खड़े हैं। शुरुआत से अंत तक। रौशन आनंद सर के भाई के साथ जो हुआ वो बहुत दुख की बात है। उसमें भी हम प्रशासन और पुलिस से सच्चे दिल से यही निवेदन करेंगे कि जिसका भी नाम आए उसे फांसी दे दी जाए और उसपर कड़ी कार्रवाई हो। गुरु रहमान ने क्या कहा था आपको बता दें कि इससे पहले गुरु रहमान ने फैजल खान उर्फ खान सर के बीच चल रहे विवाद पर कहा था कि रौशन आनंद का अपने भाई को खो देना एक ह्रदय विदारक घटना है और मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वो उनके भाई को अपने चरणों में स्थान दें। साथ ही साथ रौशन आनंद और उनके माता-पिता तथा परिजनों की सहनशीलता बढ़े। इस दुख की घड़ी में मैं प्रत्येक पल रौशन के साथ हूं। इस बार तो अति हो गई है। लेकिन खान झूठ बहुत ज्यादा बोलता है। सुबह क्या बोलेगा, दोपहर में क्या बोलेगा और रात में क्या बोलेगा यह नहीं पता है।

रेलवे का बड़ा फैसला! मेंटेनेंस के चलते हर शुक्रवार बंद रहेगा पठानकोट नैरोगेज सेक्शन, 2 जोड़ी ट्रेनें भी रद्द

पठानकोट  करीब पौने चार साल तक बंद रहने के बाद दोबारा शुरू हुई नैरोगेज ट्रेन सेवा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। रेलवे ने ट्रैक की मरम्मत और रखरखाव का हवाला देते हुए नूरपुर रोड-बैजनाथ के बीच चल रही दो जोड़ी ट्रेनों को अगले आदेश तक रद्द कर दिया है। रेलवे के इस फैसले से यात्रियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि जिस ट्रैक को लगभग पौने चार वर्षों तक बंद रखा गया, उसकी मरम्मत और रखरखाव का कार्य उसी दौरान पूरा किया जाना चाहिए था। अब जब रेल सेवा बहाल हो चुकी है और लोग फिर से ट्रेन का उपयोग करने लगे हैं, तो हर सप्ताह ट्रेनों का संचालन बंद रखने का फैसला उनकी समझ से परे है। फरवरी में ही मिल गई थी सेफ्टी क्लीयरेंस फरवरी में चक्की पुल को मंजूरी मिलने के बाद रेलवे अधिकारियों ने कई बार इस सेक्शन पर रेल सेवा जल्द बहाल करने का दावा किया था। फरवरी से मई तक मौसम भी अनुकूल रहा, जिससे ट्रैक की व्यापक मरम्मत और रखरखाव का कार्य आसानी से किया जा सकता था। इसके बावजूद उस दौरान कोई विशेष मेंटेनेंस अभियान नहीं चलाया गया। अब, ट्रेन सेवा शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद रखरखाव का हवाला देकर सेवाएं बंद किए जाने से लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेलवे अपनी प्रशासनिक खामियों और अधूरे कार्यों को छिपाने की कीमत यात्रियों से वसूल रहा है, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में बसों का लेना होगा सहारा ट्रेन सेवाएं बंद होने से पठानकोट, नूरपुर, ज्वालामुखी, कांगड़ा, पालमपुर और बैजनाथ की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को मजबूरन बसों का सहारा लेना पड़ेगा। इससे उन्हें रेल किराए की तुलना में कई गुना अधिक खर्च वहन करना होगा। रेलवे के आदेश के अनुसार ट्रेन संख्या 52462 (बैजनाथ पपरोला-नूरपुर रोड) और 52474 (नूरपुर रोड-बैजनाथ पपरोला) को अगले आदेश तक रद्द रखा जाएगा। इसके अलावा, ट्रैक और अन्य संरचनाओं के रखरखाव के लिए प्रत्येक शुक्रवार कांगड़ा वैली रेलवे सेक्शन में सभी नैरोगेज यात्री ट्रेन सेवाएं बंद रहेंगी। फैसले पर पुनर्विचार करे रेलवे रेल यात्रियों और स्थानीय संगठनों ने रेलवे मंत्रालय से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नियमित रखरखाव आवश्यक है, तो इसके लिए पूरे दिन ट्रेन सेवाएं बंद करने के बजाय कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि हजारों यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े। यात्रियों का सवाल है कि जब रेलवे को ट्रैक की स्थिति और रखरखाव की जरूरतों की पहले से जानकारी थी, तो सेक्शन शुरू करने से पहले सभी जरूरी कार्य पूरे क्यों नहीं किए गए। उनका मानना है कि सेवा बहाल होने के कुछ ही समय बाद लिया गया यह फैसला रेलवे की कार्यप्रणाली और योजना निर्माण पर सवाल खड़े करता है। वहीं, इस मामले में रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टाफ की कमी के कारण विभाग को यह कदम उठाना पड़ रहा है।  

रूपनगर के पूर्व विधायक अमरजीत सिंह संदोआ पर पुलिस का शिकंजा, देह व्यापार केस में भेजा समन

 रूपनगर देह व्यापार से जुड़े एक मामले में रूपनगर के पूर्व विधायक अमरजीत सिंह संदोआ को पुलिस ने पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। उन्हें 22 जून को सुबह 11 बजे संबंधित जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। रूपनगर पुलिस की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि थाना आनंदपुर साहिब में 17 फरवरी 2026 को दर्ज एफआईआर नंबर 32 की जांच जारी है। एसएसपी रूपनगर मनिंदर सिंह ने मामले की जांच थाना आनंदपुर साहिब और थाना सदर के एसएचओ को सौंपी है। डीएसपी दीपइंदर सिंह द्वारा जारी नोटिस के अनुसार पूर्व विधायक अमरजीत सिंह संदोआ को 22 जून को सुबह 11 बजे जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। इसके लिए थाना सदर रूपनगर के एसएचओ को आवश्यक कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, थाना आनंदपुर साहिब के एसएचओ को एफआईआर से संबंधित रिकॉर्ड के साथ निर्धारित समय पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। मामले में सभी संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। नोटिस जारी होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में मामले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच पूरी होने तक विस्तृत टिप्पणी करने से इन्कार किया है।  

पाकिस्तान समर्थित साजिश का खुलासा, लश्कर के इशारे पर खड़ा हुआ नेटवर्क; NIA ने कसी नकेल

अमृतसर  पंजाब के अमृतसर में रहने वाला अंकुश कपूर पूरी तरह पाकिस्‍तान की कठपुतली बन चुका था. पाकिस्‍तान में बैठे आकाओं के इशारे पर उसने अमृतसर में नार्को-टेरर की पूरी लंका तैयार कर ली थी. उसकी इस लंका के तार सिर्फ अमृतसर या पंजाब तक सीमित नहीं थे, बल्कि उसका नेटवर्क इटली, ऑस्ट्रेलिया, ईरान, थाईलैंड और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) तक फैल चुका था. अब नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने उसकी इस लंका के दहन की पूरी तैयारी कर ली है. इसकी सिलसिले में एनआईए ने अंकुश के अमृतसर स्थिति बंगले को जब्‍त कर लिया है।  एनआईए का दावा है कि इस बंगले को नार्को-टेरर की काली कमाई से तैयार किया गया था. जांच में सामने आया है कि आरोपी अंकुश कपूर ही लश्‍कर-ए-तैयबा के नार्को-टेरर नेटवर्क को भारत में संभाल रहा था. अंकुश कपूर के संबंध दुबई में बैठे उन लोगों से थे, जिनके तार सीधे तौर पर आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए थे. एनआईए का मानना है कि यह नेटवर्क केवल नशीले पदार्थों की तस्करी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका मकसद ड्रग्स से होने वाली कमाई को आतंकी गतिविधियों तक पहुंचाना भी था।  सूत्रों के अनुसार, पाकिस्‍तान ड्रग से होने वाली कमाई का इस्‍तेमाल आतंक की जड़ों को मजबूत करने के लिए करता आया है. आरोपी अंकुश कपूर भी इसी कड़ी का एक अहम चेहरा था. वह लश्‍कर के इशारे पर ड्रग्‍स की तस्करी के साथ स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन और डिस्‍ट्रीब्‍यूशन में अहम भूमिका निभाता था. एनआईए की जांच में यह भी सामने आया कि नेटवर्क के तार सिर्फ भारत और पाकिस्तान तक सीमित नहीं थे. इसका नेटवर्क इटली, ऑस्ट्रेलिया, ईरान, थाईलैंड और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) तक फैला हुआ था।  जांच में यह भी सामने आया है कि ड्रग्स की कमाई को अगल अगल तरीके से विभिन्न देशों में भेजा जाता था. बाद में, इसी कमाई का इस्‍तेमाल आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जाता था. मंगलवार को जिस मकान को जब्त किया गया, उसे यूएपीए के तहत आतंक से अर्जित संपत्ति माना गया है. जांच एजेंसी के अनुसार, अंकुश कपूर को टेरर फंडिंग, आपराधिक साजिश और गैरकानूनी गतिविधियों के तहत गिरफ्तार किया गया था. उस पर एनडीपीएस एक्ट और भारतीय दंड संहिता (आईपीएस) की विभिन्न धाराओं के तहत भी मामले दर्ज हैं. इस पूरे मामले में अब तक 26 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। 

रांची समेत कई जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, 60 किमी रफ्तार से चलेंगी हवाएं

रांची झारखंड में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति बनने और झारखंड में मॉनसून की बेरुखी के बाद गुरुवार से एक बार फिर मॉनसून के सक्रिय होने की संभावना बढ़ गई है. मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार और शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में मौसम बदलने की संभावना है.   18-19 जून का मौसम गुरुवार और शुक्रवार यानी 18 और 19 जून को रांची सहित 17 जिलों में दोपहर के बाद मौसम बदलने की संभावना है. इनमें खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ शामिल हैं. इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चलने तथा मेघ गर्जन के साथ वज्रपात होने की आशंका है. मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. बाकी सात जिलों में भी तेज हवा के साथ मेघ गर्जन, वज्रपात और कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक रांची में 18 जून और 19 जून को रांची का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. 20 जून का मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 20 जून को राज्य में आंशिक बादल छाए रहेंगे. कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है. राज्य के कुछ हिस्सों में वज्रपात होने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है. जून में हुई कम बारिश मौसम विभाग के अनुसार, इस साल एक जून से 17 जून के बीच झारखंड में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है. एक जून से 17 जून तक झारखंड में सामान्य से 56 प्रतिशत कम बारिश हुई है. इस अवधि में सामान्य बारिश 67 मिमी होनी चाहिए थी.

शहरीकरण की मार, दिल्ली में तेजी से बढ़े खराब पर्यावरण वाले इलाके

नई दिल्ली  दिल्ली में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और निर्माण गतिविधियों का असर पर्यावरण पर साफ दिखाई देने लगा है। एक नए वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, पिछले 32 वर्षों में सेंट्रल दिल्ली ने अपने सबसे बेहतर इकोसिस्टम का करीब 73.8 प्रतिशत हिस्सा खो दिया है। कभी राजधानी के सबसे समृद्ध पर्यावरणीय क्षेत्रों में शामिल सेंट्रल दिल्ली का बड़ा हिस्सा अब खराब पर्यावरण की श्रेणी में पहुंच गया है। जामिया मिलिया इस्लामिया के भूगोल और पर्यावरण विज्ञान विभाग के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन 'क्रॉसिंग द इकोलॉजिकल थ्रेशोल्ड' में 1991 से 2023 तक के सैटेलाइट आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। अध्ययन के अनुसार, सेंट्रल दिल्ली में बेहतरीन प्राकृतिक स्वास्थ्य वाली जमीन 1991 में 13.88 वर्ग किलोमीटर थी, जो 2023 में घटकर सिर्फ 3.63 वर्ग किलोमीटर रह गई। खराब पर्यावरण वाले इलाके बढ़े     अध्ययन में यह भी सामने आया कि पूरी दिल्ली में खराब पर्यावरण वाले क्षेत्रों में 50.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।     सबसे ज्यादा गिरावट उत्तरी दिल्ली में दर्ज की गई, जहां खराब पर्यावरण वाला क्षेत्र बढ़कर 131.18 वर्ग किलोमीटर हो गया।     दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में ऐसे क्षेत्रों में 132 प्रतिशत और पश्चिमी दिल्ली में करीब 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।     पूर्वी दिल्ली, शाहदरा और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में अच्छी पर्यावरणीय स्थिति वाले क्षेत्र अब बहुत कम बचे हैं।     इसके लिए अंधाधुंध शहरीकरण, औद्योगिक गतिविधियां और यमुना के फ्लडप्लेन में लगातार कमी को प्रमुख कारण बताया गया है।     हालांकि दक्षिणी दिल्ली और नई दिल्ली जिले से कुछ राहत की तस्वीर भी सामने आई है।  

BJP प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद का अमृतसर दौरा, ढिल्लों-चुघ का पैदल मार्च आज चर्चा में

अमृतसर भाजपा पंजाब के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तथा नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद तरुण चुघ आज अमृतसर प्रवास पर पहुंच रहे हैं। अपने दौरे की शुरुआत दोनों नेता सुबह करीब साढ़े नौ बजे भंडारी पुल से करेंगे। इसके बाद दोनों वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं के साथ पैदल मार्च करते हुए सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचेंगे और वहां माथा टेककर प्रदेश की शांति, खुशहाली और विकास के लिए अरदास करेंगे। इसके उपरांत वे श्री दुर्ग्याणा तीर्थ और श्री राम तीर्थ में भी नतमस्तक होंगे। तरुण चुघ राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं भाजपा नेताओं के इस धार्मिक दौरे को पार्टी संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष के रूप में केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति हुई है और तरुण चुघ राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। यह दौरा संगठन को और मजबूत करेगा भाजपा कार्यकर्ताओं में इस दौरे को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह दौरा संगठन को और मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने की दिशा में अहम कदम साबित होगा। अपने अमृतसर प्रवास के दौरान दोनों पदाधिकारी दोपहर तीन बजे कंपनी बाग स्थित महाराजा रणजीत सिंह पैनोरमा में पत्रकार वार्ता को भी संबोधित करेंगे। इस दौरान प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर उनकी प्रतिक्रिया सामने आने की संभावना है।  

साइबर अपराधियों के निशाने पर पूर्व PM का परिवार, बेटे के साथ 7.80 लाख की ठगी का मामला दर्ज

मोहाली  पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल के बेटे और पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल के साथ दिल्ली में अब तक की सबसे बड़ी साइबर ठगी हुई है। ठगों ने व्हाट्सएप पर गुजराल की फोटो लगाकर उनकी ही कंपनी के कर्मचारी को झांसा दिया और ₹7.80 करोड़ ट्रांसफर करवा लिए।  बेटी ने पिता को बताया तो पता चला यह धोखाधड़ी 16 जून 2026 को सामने आई। जब नरेश गुजराल के एक कर्मचारी को उनके नाम और फोटो वाली व्हाट्सऐप प्रोफाइल से पैसे ट्रांसफर करने का मैसेज मिला, तो उसने बताए गए खाते में रकम भेज दी। बाद में कर्मचारी ने इस बारे में नरेश गुजराल की बेटी दीक्षा गुजराल को जानकारी दी। दीक्षा को शक हुआ तो उन्होंने तुरंत अपने पिता से बात की। नरेश गुजराल ने साफ कहा कि उन्होंने किसी को पैसे भेजने के लिए नहीं कहा था और उन्हें इस लेन-देन के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद परिवार और कर्मचारियों को पता चला कि कोई ठग नरेश गुजराल बनकर व्हाट्सऐप पर लोगों को मैसेज भेज रहा था और वे एक सोची-समझी ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए हैं एजेंसियों ने खाते को फ्रीज करवाया नरेश गुजराल ने बताया कि दिल्ली की साइबर एजेंसियों ने शिकायत मिलते ही तेजी से कार्रवाई की, जिसके चलते ठगी गई ज्यादातर रकम को समय रहते रोक लिया गया और आरोपी उसे खाते से नहीं निकाल पाए। उन्होंने बताया कि पैसे ट्रांसफर होने से पहले बैंक ने उनके सीएफओ (मुख्य वित्त अधिकारी) को फोन कर पुष्टि भी की थी। लेकिन सीएफओ को लगा कि यह निर्देश खुद नरेश गुजराल ने दिए हैं, इसलिए उन्होंने बैंक को लेन-देन पूरा करने की मंजूरी दे दी। बाद में पता चला कि यह पूरा मामला ठगी का था।  

6 साल पुरानी फाइल बनी नई मुसीबत, अभिषेक बनर्जी पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी?

जबलपुर /कोलकाता मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर लगी अंतरिम रोक को निरस्त कर दिया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश की प्रति तत्काल ट्रायल कोर्ट को भेजने के निर्देश भी दिए हैं।यह मामला नवंबर 2020 में कोलकाता की एक राजनीतिक रैली के दौरान भाजपा नेता आकाश विजय वर्गीय को कथित रूप से 'गुंडा' कहे जाने से जुड़ा है। इस टिप्पणी के खिलाफ आकाश विजयवर्गीय ने एमपी-एमएलए कोर्ट का रुख किया था। एमपी/एमएलए कोर्ट ने 12 नवंबर 2025 को अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई थी। अब हाईकोर्ट ने उस राहत को समाप्त करते हुए अंतरिम स्थगन आदेश रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने जानें क्यों जताई नाराजगी? गौरतलब है कि आठ मई को हुई सुनवाई के दौरान भी उनके वकील की अनुपस्थिति पर अदालत ने नाराजगी जताई थी और स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अगली तारीख पर बहस नहीं होने की स्थिति में अंतरिम राहत जारी नहीं रहेगी।बीते दिनहुई सुनवाई में भी अभिषेक बनर्जी की ओर से कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ। पासओवर के बाद भी जब कोई पक्षकार अदालत में पेश नहीं हुआ तो हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक समाप्त कर दी। कोर्ट नाराज क्यों हुआ? मामले की सुनवाई करते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद अभिषेक बनर्जी की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि वह एक सांसद हैं, ऐसे में उनके फरार होने की कोई संभावना नहीं है। इसी आधार पर हाई कोर्ट की बेंच ने 12 नवंबर 2025 को गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी थी। हालांकि, बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी की ओर से कोई भी प्रतिनिधि या वकील उपस्थित नहीं हुआ। इसे गंभीरता से लेते हुए बेंच ने अपने आदेश में कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता खुद ही इस याचिका को आगे बढ़ाने में विशेष रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसलिए गिरफ्तारी वारंट पर लगाई गई अंतरिम रोक हटाई जाती है। ईडी की अभिषेक से सुनवाई वहीं, इस मामले के अलावा अभिषेक बनर्जी से ईडी भी पूछताछ कर रही है। बंगाल के कथित शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर 16 जून को उनसे 11 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई थी। इसके अलावा अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दो अन्य मामले भी दर्ज बताए जा रहे हैं। अभिषेक बनर्जी को अपने संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर में भी कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, अभिषेक बनर्जी ने साफ कहा है कि वह इन मामलों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह बीजेपी के सामने कभी भी सरेंडर नहीं करेंगे। अभिषेक ने दावा किया कि अगर उनका गला भी काट दिया जाए, तब भी वह डरकर पीछे नहीं हटेंगे। अभिषेक बनर्जी की हो सकती है गिरफ्तारी अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जारी अरेस्ट वारंट पर लगी रोक को हटा दिया है। इससे बनर्जी की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश पुलिस जल्द ही पश्चिम बंगाल जाकर उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। यह भी संभव है कि एमपी पुलिस के ऐक्शन से पहले वह सुप्रीम कोर्ट जाकर राहत की मांग करें। 6 साल पहले कोलकाता में दिया था बयान सांसद अभिषेक बनर्जी के अरेस्ट वारंट से स्टे हटाते हुए अदालत ने निर्देश दिया कि आदेश की कॉपी तुरंत ट्रायल कोर्ट को भेजी जाए। यह मामला 6 साल पुराना है, जब नवंबर 2020 में एक चुनावी रैली के दौरान अभिषेक बनर्जी ने आकाश विजयवर्गीय के लिए कथित तौर पर 'गुंडा' वाला बयान दिया था। आकाश विजयवर्गीय ने एमपी-एमएलए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे, जिसके बाद अभिषेक बनर्जी ने हाई कोर्ट की शरण ली थी। याचिका में कहा गया था कि वह वर्तमान में एक सांसद हैं, ऐसे में उनके फरार होने की संभावना नहीं है। इस बीच पश्चिम बंगाल में भाजपा के नेता अभिजीत दास की शिकायत पर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दक्षिण 24 परगना जिले में दो एफआईआर दर्ज की गई है। बंगाल में ताबड़तोड़ एक्शन जानकारी के लिए बता दें कि जब से पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार बनी है, टीएमसी के कई नेताओं के खिलाफ एक्शन हुआ। कई मामलों में आरोपियों की सार्वजनिक परेड भी निकाली गई। बात चाहे पुष्पा उर्फ जहांगीर खान की हो या फिर शाहीन मोल्ला की, प्रशासन की ओर से कार्रवाई की गई। सरकार की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। हालांकि, इस तरह की सार्वजनिक परेड को लेकर टीएमसी ने भी विरोध दर्ज कराया है। मामला हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है जहां राज्य सरकार से इस संबंध में जवाब मांगा गया है।

सोनहत एनीकट निर्माण के लिए 3.49 करोड़ रुपये स्वीकृत

सोनहत एनीकट निर्माण के लिए 3.49 करोड़ रुपये स्वीकृत   120 हेक्टेयर में सिंचाई, भू-जल संवर्धन और पेयजल को मिलेगा लाभ रायपुर,  छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग ने कोरिया जिले के विकासखंड सोनहत में सोनहत एनीकट निर्माण कार्य के लिए 3 करोड़ 49 लाख 48 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। इस एनीकट के निर्माण से किसानों द्वारा स्वयं के साधन से लगभग 120 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी, जिससे रबी और खरीफ फसलों की पैदावार बढ़ने की उम्मीद है।         इस योजना का निर्माण कार्य कराने के लिए मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार, जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को स्वीकृति दी गई है। किसानों और ग्रामीणों को मिलेगा लाभ           एनीकट के बनने से क्षेत्र में भू-जल संवर्धन होगा। निस्तारी और पेयजल की सुविधा बेहतर होगी। साथ ही आवागमन भी सुगम होगा।  किसानों को इसके निर्माण से लगभग 120 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी l