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सुबह 4 बजे रतलाम में बड़ी कार्रवाई, एक्सप्रेसवे किनारे अवैध ढाबों पर चला बुलडोजर

रतलाम  सोमवार तड़के 4 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रशासन का बुलडोजर एक ढाबे पर गरजा. यह कार्रवाई नामली थाना क्षेत्र के बड़ौदा गांव के पास फोरलेन और दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे के किनारे पर बने ढाबे हुई है. यहां अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों की शिकायत मिलने पर पुलिस और प्रशासन ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है. सुबह 4:00 बजे शुरू हुई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करीब 8:00 तक चली. इस दौरान 2 ढाबों को प्रशासन की टीम ने जमींदोज किया है. हालांकि, प्रशासन और पुलिस की इस कार्रवाई को ढाबा संचालक और ग्रामीणों ने गलत बताया है. प्रशासन के ऊपर निजी जमीन पर बने ढाबे को जमींदोज करने का आरोप लगाया है. अवैध ढाबों पर चला प्रशासन का बुलडोजर लेबड़ नयागांव फोरलेन पर जावरा से नामली के मध्य कई अवैध ढाबे संचालित हो रहे थे. इन ढाबों में मादक पदार्थों की तस्करी सहित अन्य गैरकानूनी गतिविधियां चलने के आरोप लग रहे थे. मिली शिकायतों के आधार पर स्थानीय पुलिस टीम और प्रशासन द्वारा संयुक्त कार्रवाई सोमवार की सुबह 4 बजे की गई है. दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे बने इन ढाबों को जमींदोज कर दिया गया है. इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा है. प्रशासन की मनसा पर उठ रहे सवाल हालांकि, कथित अतिक्रमण के खिलाफ हुए पुलिस एक्शन पर सवाल उठ रहे हैं. ढाबा संचालकों का कहना है कि "ढाबे का निर्माण नियमानुसार निजी जमीन पर किया गया था. किसी प्रकार की अवैध गतिविधि यहां संचालित नहीं हो रही थी." बड़ौदा के पूर्व सरपंच अभिषेक शर्मा ने बताया कि "प्रशासन राजनीति से प्रेरित होकर अन्यायपूर्ण कार्रवाई कर रहा है. ऐसी क्या मजबूरी है कि पुलिस और प्रशासन रात के अंधेरे में कार्रवाई करने यहां पहुंचा. हमें सूचना तक नहीं दी गई." रात के अंधेरे में पहुंची पुलिस प्रशासन की टीम दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के पास हुए कथित अतिक्रमण को हटाने की यह कार्रवाई पुलिस और प्रशासन के द्वारा सुबह 4:00 बजे की गई. इसके लिए आसपास के पुलिस थानों का फोर्स लेकर एडिशनल एसपी, रतलाम सीएसपी, एसडीओपी और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. रतलाम ग्रामीण एसडीम विवेक सोनकर ने बताया कि "लंबे समय से हाईवे के किनारे अतिक्रमण कर ढाबे बनाए जाने और अवैध गतिविधियां संचालित करने की शिकायत मिल रही थी. जिस पर सोमवार को पुलिस प्रशासन की टीम द्वारा कार्रवाई की गई है." नामली थाने पहुंचकर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी इस कार्रवाई को लेकर ढाबा संचालकों और स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी है. उन्होंने इसे पुलिस की दादागिरी बताया है. साथ ही विरोध दर्ज करवाया है. बुलडोजर एक्शन से आक्रोशित ग्रामीण विरोध प्रदर्शन करने नामली थाने पर पहुंचे हैं. उधर सुबह-सुबह अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन की टीम को ग्रामीणों के जोरदार विरोध का सामना करना पड़ गया है.

हाथ जोड़कर मदद मांगती रही मासूम, पर उसके साथ हुआ इंसानियत को शर्मसार करने वाला कांड

मिर्जापुर यूपी के मिर्जापुर से एक शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। यहां पर एक नाबालिग के साथ उसके चचेरे भाई और दो अन्य रिश्तेदारों ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दे दिया। इस घटना के बाद बच्ची काफी घायल हो गई। घायल हालत में वो घर पहुंची और परिवार वालों को सारी बात बताई। इसके बाद परिवार वाले उसे अस्पताल लेकर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।  रेप के बाद भाग गए आरोपी  बता दें कि ये पूरा मामला जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। यहां पर गांव की रहने वाली 12 वर्षीय बच्ची रविवार की देर शाम को शौच के लिए घर के पास खेत की ओर जा रही थी। पीछे से 16 वर्षीय उसका चचेरा भाई और परिवार के दो अन्य किशोर पहुंचे। तीनों ने मिलकर बालिका के साथ दुष्कर्म किया। बालिका ने शोर मचाया। दुष्कर्म करने के बाद तीनों भाग गए। बच्ची ने घर पहुंचकर परिवार वालों को ये जानकारी दी।  अस्पताल में भर्ती है मासूम  परिवार वालों ने ये जानकारी पुलिस को दी और बच्ची को अस्पताल पहुंचाया। जहां उसे भर्ती कर इलाज किया गया। पुलिस ने परिजनों से इस मामले की जानकारी ली। तहरीर के आधार पर जांच की और आरोपी किशोरों को पकड़ लिया है। फिलहाल, आगे की कार्रवाई की जा रही है।  

धान की उन्नत किस्म का जायजा, शिवराज सिंह बोले–बदलिए खेती का तरीका, मिलेगा बेहतर मुनाफा

विदिशा  केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान विदिशा के ग्राम बामनखेडा पहुंचे. यहां आयोजित 'धान कृषकों से आयोजित संवाद कार्यक्रम' को सम्बोधित करते हुए कहा कि, ''खेती का पैटर्न बदलकर कैसे लाभ में परिवर्तित करें इसके लिए अच्छे खाद, बीज के साथ-साथ उन्नत तकनीकी जरूरी है.'' उन्होंने किसानों से आव्हान किया कि, ''मिट्टी परीक्षण जरूर कराएं ताकि अनावश्यक खाद से खेती जमीन को बचाया जा सके.'' बासमती धान की नई किस्म पीबी 1885 व 1886 लगाई केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि, ''आईआईआर (भारतीय कृषि अनुसंधान) दिल्ली से पहली बार बासमती धान की किस्म पीबी 1885 व 1886 प्रायोगिक तौर पर खेतों में लगाई है. पहले मैं स्वंय प्रयोग करूंगा इसके बाद किसानों को अभिप्रेरित करूंगा. इस किस्म में दवा डालने की जरूरत नहीं पड़ती है. भारतीय कृषि अनुसंधान के द्वारा प्रमाणित बासमती के इस बीज का उत्पादन अन्य बीजों की तुलना में अधिक उत्पादन देता है और पानी भी कम लगता है. एकीकृत कृषि यूनिट का मकसद है कि हम खेती के साथ-साथ अन्य उत्पाद जैसे फल सब्जी और गौपालन से खेती को मुनाफे में परिवर्तित करें." 'अपना घर आश्रम' कार्यक्रम में शामिल हुए शिवराज सिंह  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, ''किसानों के छोटे-छोटे ग्रुपों में इस प्रकार के आयोजन कर उन्हें सुगमता से जानकारी देना और प्रश्नोत्तरी संवाद के माध्यम से उनकी कृषि संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान करना है.'' कार्यक्रम में हरियाणा पानीपत के कृषक प्रीतम सिंह ने विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत किए गए नवाचारों को रेखांकित किया. उन्होंने कृषि की भाषा सीखने के लिए उदाहरण प्रस्तुत किए.'' शिवराज सिंह ने लिया खेतों का जायजा बामनखेडा के प्रगतिशील कृषक बृजेश दुबे ने बासमती धान की नई किस्म पीबी 1885 एवं 1886 अपने खेतो में लगाई है. शिवराज सिंह ने उन खेतों में पहुंचकर धान का जायजा लिया. कृषक प्रीतम सिंह ने धान वैरायटी के अंतरों पर भी गहन प्रकाश डाला. निरीक्षण भ्रमण के दौरान विदिशा विधायक मुकेश टण्डन, नटेरन जनपद पंचायत के सदस्य अंशुल शर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. ग्राम वामनखेडा में धान फसल पर आयोजित संगोष्ठि कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों ने कृषि क्षेत्र में नवाचारों के माध्यम से कम लागत पर अधिक उत्पादन कैसे लें इसको लेकर संबोधित किया. वहीं किसानों की जिज्ञासाओं का भी समाधान मौके पर किया गया. अपना घर आश्रम' कार्यक्रम में शामिल हुए शिवराज सिंह रविवार को केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा के प्रवास पर रहे. इस दौरान विविध कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए. विट्ठल नगर में स्थित अपना घर आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में तथा नवीन व्यापार आध्या इंटरप्राइजेस के उद्घाटन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए है. विदिशा जिला मुख्यालय पर आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में शामिल होकर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया. अपना घर आश्रम कार्यक्रम में पहुंचे शिवराज सिंह चौहान  विट्ठल नगर में स्थित अपना घर आश्रम को स्थापित हुए 2 वर्ष पूरे हो गए हैं. इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सम्मिलित हुए. उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि, ''विदिशा शहर और जिला समाज सेवियों से भरा पड़ा है. विभिन्न सामाजिक संगठन लोगों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहता है. अपना घर आश्रम भी उसी में से एक है. मैंने आज के कार्यक्रम के दौरान प्रबुद्ध जन समाज सेवियों के साथ भी चर्चा करने का विचार किया था जो समय अभाव के कारण अभी रद्द किया गया है, आगामी दिनों में इसे किया जाएगा.'' लोगों को बर्बाद कर रहा नशा नशे को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने मंच से कहा कि, ''नशे से पीढ़ियां बर्बाद हो रही हैं. गंजबासौदा जैसे शहर में सफेद पाउडर का चलन मन को बेचैन कर देता है. यह काम सरकारी नहीं है और यह काम सरकार कर भी नहीं सकती. इसलिए समाज को ही करना पड़ेगा. इसलिए विदिशा में प्रबुद्ध जनों समाजसेवियों की कमी नहीं है, हम विदिशा को आदर्श बना सकते हैं.''

MP में ठंड का असर तेज़, तापमान में गिरावट और अगले 4 दिनों तक बारिश की संभावना

भोपाल  मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में मानसून की वापसी हो गई है। इस वापसी ने मौसम में ठंडक को बढ़ा दिया है। इस बारे में मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अगले 4 दिन हल्की बारिश का दौर देखने को मिलेगा। सिवनी, बालाघाट, अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी ऐसे जिले हैं, जहां बारिश का दौर देखने को मिलेगा। इसी के साथ मध्य प्रदेश के कुछ जिले ऐसे हैं, जहां राते ठंडी रहेगी। लौटकर आए मानसून और लुढ़कते हुए पारे की वजह से कई शहरों में सुबह और शाम ठंड महसूस हो रही है। ग्वालियर, उज्जैन, नर्मदापुरम, भोपाल और इंदौर में रातें ठंडी बनी रहेगी। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश में हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल रही है। पूर्वी हिस्स में बारिश का अनुमान मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में लोकल सिस्टम की एक्टिविटी होने की वजह से बारिश का अनुमान जताया है। विभाग द्वारा देखे जानकारी के मुताबिक अगले 4 दिन तक हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। सिंगरौली, उमरिया, सीधी, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी बालाघाट पांढुर्णा छिंदवाड़ा से मानसून अभी लौटा नहीं है। यहां हल्की-फुल्की बारिश का द्वारा लगातार जारी है। तापमान हुआ सामान्य से कम मध्य प्रदेश के कई शहर ऐसे हैं, जहां न्यूनतम तापमान सामान्य से कम देखने को मिल रहा है। दरअसल उत्तरी हवाओं के चलते यहां की रातें ठंडी बनी हुई है। इन जिलों में भोपाल, उज्जैन, इंदौर, नर्मदापुरम और ग्वालियर शामिल है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड में पहाड़ों में लगातार बर्फबारी हो रही है। इस बर्फबारी की वजह से हवा का रुख बदल गया है। उत्तर से आ रही ठंडी हवाएं मध्य प्रदेश की ठंडक को बढ़ा रही है। राजधान भोपाल में ठंडक बीती रात राजधानी भोपाल में काफी ठंड देखने को मिली। बीती रात यहां का तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिमाचल प्रदेश से हर ही साइड दवाओं की वजह से प्रदेश में ये असर दिखाई दे रहा है। पचमढ़ी जो हमेशा सबसे ठंडा रहता है यहां पर न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस देखने को मिला। दरअसल हिमाचल की सर्द हवाएं 20 दिन पहले ही प्रदेश में एंट्री कर चुकी है  जिसकी वजह से मौसम में ठंडक घुल गई है। अलग-अलग शहरों के तापमान की बात करें तो खजुराहो में 32.8 डिग्री ग्वालियर में 32.1 डिग्री उज्जैन सतना गुना में 31.7 डिग्री नर्मदापुरम दमोह में 31.2 डिग्री अधिकतम तापमान देखने को मिला। इंदौर में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस नौगांव में 15.3 डिग्री सेल्सियस राजगढ़ में 14.4 डिग्री सेल्सियस धार्मिक 15.5 डिग्री सेल्सियस भोपाल खंडवा रतलाम उज्जैन में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा।

भोपाल ट्रैफिक अलर्ट: दिवाली पर कई रास्ते बंद, बदली गई पार्किंग व्यवस्था, जानिए पूरी गाइडलाइन

 भोपाल  आने वाली 21 अक्टूबर को देशभर में हर्षोल्लास से दिवाली का त्योहार मनाया जाना है। त्योहारी खरीदारी के चलते इन दिनों बाजारों और मार्गों पर भीड़ का अधिक दबाव है। इसी के चलते मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ट्रैफिक के बढ़ते दबाव को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन ने ट्रैफिक नियमों में स्थाई बदलाव किए हैं। ये बदलाव आज से प्रभावी किए गए हैं, जो 21 अक्टूबर यानी दिवाली की रात तक 8 दिन प्रभावी रहेंगे। इसमें मुख्य रूप से शहर के जुमेराती, चौक बाजार, न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट, बैरागढ़ आदि प्रमुख बाजारों में आमजन का आवागमन सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। इसी को मद्देनजर रखते हुए भोपाल की यातायात पुलिस द्वारा विभिन्न बाजारों में निर्धारित समयावधि के लिए यातायात व्यवस्था में बदलाव के साथ पार्किंग व्यवस्था को बढ़ाया गया है। भोपाल चौक बाजार सोमवार यानी आज से 21 अक्टूबर यानी दीपावली के दिन इस त्योहारी सीजन में आंतरिक बाजार क्षेत्र (जनकपुरी, जुमेराती, छोटे भैया चौराहा, घोड़ा नक्कास चौराहा, हनुमानगंज, आजाद मार्केट) में भोपाल शहर के अलावा अन्य आसपास के शहरों के साथ साथ देहात से भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने आ रहे हैं। इसी के चलते भीड़ की स्थिति में पुराना शहर क्षेत्रांर्गत मुख्य बाजार में यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए परिवर्तित मार्ग व्यवस्था की गई है, जो इस प्रकार है- 1-यातायात का अत्यधिक दबाव होने पर कोई भी लोडिंग वाहन/ऑटो रिक्शा/चार-पहिया वाहन आंतरिक बाजार क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। 2-करोंद, डीआईजी बंगला, सिंधी कॉलोनी, शाहजहांनाबाद से आने वाले चार-पहिया वाहन आंतरिक बाजार में प्रवेश नहीं करेंगे। 3-भोपाल टॉकीज चौराहे से लेकर बाल विहार ग्राउंड तक पार्किंग व्यवस्था की गई है। इस तरफ से बाजार में प्रवेश करने वाले यहां वाहन खड़े कर सकते हैं। 4-भारत टॉकीज के छावनी मार्ग या इतवारा मार्ग से बाजार में आने वाले सभी दो-पहिया वाहन सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान में पार्क करने की व्यवस्था है। 5-संगम टॉकीज की ओर से सब्जी मंडी होकर आने वाले चार-पहिया/तीन-पहिया वाहन सब्जी मंडी प्रांगण में पार्क कर सकते हैं। 6-लखेरापुरा, रंजन पेन कार्नर, इतवारा, मारवाड़ी रोड, इब्राहिमपुरा से कोई भी चार-पहिया, तीन-पहिया वाहन चौक बाजार से नहीं गुजर सकेंगे। ये वाहन सरस्वती प्रकाशन के पास मल्टीलेवल पार्किंग और सदर मंजिल के पास स्थित पार्किंग में खड़े कर सकेंगे। 7-चौक बाजार में भीड़ की स्थिति में दो-पहिया वाहन भी सरस्वती प्रकाशन के पास मल्टीलेवल पार्किंग में पार्क होंगे। 10 नंबर मार्केट वहीं, तय अवधि के लिए 10 नंबर मार्केट जाने वाले रास्ते को वन-वे किया गया है। इसमें वाहन वंदे मातरम् चौराहे से 10 नंबर मार्केट की तरफ जाते हुए 10 नंबर मार्केट तिराहा होते हुए नेशनल अस्पताल की तरफ जाएंगे। वहीं, साढ़े 10 नंबर स्टॉप से वाहन 10 नंबर मार्केट तिराहा होते हुए नेशनल अस्पताल की ओर जाएंगे। नेशनल अस्पताल से 10 नंबर मार्केट और 10 नंबर मार्केट से वंदे मातरम् चौराहे की तरफ वाहन ले जाना प्रतिबंधित किया गया है। न्यू मार्केट न्यू मार्केट में टीटी नगर थाना चौराहे के पास स्थित मल्टी लेवल पार्किंग में पर्याप्त पार्किंग स्थान है। यहां आने वाले अपने वाहन पार्क करेंगे। यातायात का दबाव बढ़ने पर रंगमहल चौराहे से थाना चौराहे और टीटी क्रॉस तिराहे से थाना चौराहे तक वाहनों का आवागमन परिवर्तित मार्ग से किया जाएगा। एमपी नगर बाजार एमपी नगर जोन-एक में स्थित मल्टी लेवल पार्किंग और अन्य पार्किंग स्थलों पर वाहन पार्क किये जा सकेंगे। बैरागढ़ बाजार बैरागढ़ में चंचल चौराहे के पास मल्टी लेवल पार्किंग में व्यापारी अपने वाहन पार्क करेंगे। नए ब्रिज निर्माण के कारण पीडब्ल्यूडी द्वारा छोटे-छोटे पार्किंग स्थल तैयार किए जा रहे हैं, जहां ग्राहक कुछ समय के लिए वाहन पार्क कर सकेंगे।

नक्सलियों के IED हमले में STF जवान घायल, रायपुर में इलाज जारी

बीजापुर नक्सल प्रभावित जिले बीजापुर में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच चल रहे संघर्ष के बीच सोमवार को एक बार फिर नक्सलियों की कायराना हरकत सामने आई है। भोपालपट्टनम थाना क्षेत्र के अंतर्गत एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की टीम एरिया डोमिनेशन पर निकली थी। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर IED में जबरदस्त विस्फोट हो गया, जिसकी चपेट में आने से एक STF जवान घायल हो गया। सूत्रों के अनुसार, घायल जवान को तत्काल मौके से निकालकर प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी कैंप लाया गया, जहाँ प्रारंभिक इलाज के बाद उसे बेहतर उपचार हेतु चॉपर के माध्यम से रायपुर के हायर सेंटर भेजा गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविन्द्र मीना ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि घायल जवान की स्थिति अब सामान्य है और वह खतरे से बाहर है। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां आसपास के इलाकों में नक्सलियों की गतिविधियों का पता लगाने में जुटी हुई हैं।

जंगलों से लेकर सात फेरों तक: आत्मसमर्पित नक्सली ने पुलिस थाना में किया विवाह

पखांजुर छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल से एक ऐसी खबर आई है जो उम्मीद, बदलाव और नई शुरुआत की मिसाल पेश करती है. कभी जंगलों में बंदूक थामे घूमने वाले नक्सली अब समाज की मुख्यधारा में लौट आए हैं, और अब उन्हीं हाथों में मेहंदी और रिश्तों की डोर सजी है. कांकेर जिले का पखांजुर थाना परिसर रविवार को एक अनोखे और प्रेरणादायक विवाह का साक्षी बना. यहां आत्मसमर्पित नक्सली सागर हिरदो और सचिला मांडवी ने एक-दूसरे का हाथ थामकर नई जिंदगी की शुरुआत की. फूलों से सजे मंडप में मंत्रोच्चार के बीच दोनों ने सात फेरे लिए और जीवनभर साथ निभाने का वादा किया. थाना परिसर में हुआ यह विवाह किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था. जहां कभी बंदूक और हिंसा का साया था, वहां अब प्रेम, शांति और विश्वास का संदेश गूंज रहा था. पुलिस अधिकारी, ग्रामीण और समाज के लोग इस नए जीवन की शुरुआत के गवाह बने. जानकारी के अनुसार, सागर हिरदो वर्ष 2014 में नक्सल संगठन से जुड़ा था और दिसंबर 2024 में पखांजुर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया. वहीं, सचिला मांडवी ने वर्ष 2020 में नक्सल संगठन का दामन छोड़ा और उसी वर्ष पुलिस के समक्ष सरेंडर किया. आत्मसमर्पण के बाद दोनों पुनर्वास योजना के तहत समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए. इसी दौरान दोनों की पहचान हुई और यह रिश्ता विवाह के रूप में परिणित हुआ. इस सकारात्मक पहल में पखांजुर थाना प्रभारी लक्ष्मण केवट और गोण्डाहुर थाना प्रभारी रामचंद्र साहू की अहम भूमिका रही, जिन्होंने समाज में लौटे इन युवाओं को नई शुरुआत के लिए प्रेरित किया. कभी जिन हाथों में बंदूक थी, अब उनमें मेहंदी सजी है. जंगलों की राह छोड़ अब ये जोड़ा समाज की नई राह पर बढ़ चला है. इस जोड़े ने यह साबित कर दिया है कि नक्सलियों के लिए भी हिंसा की अंधेरी राह से नए जीवन का सूरज निकल सकता है, अगर वे मुख्यधारा से जुड़ जाएं. यह विवाह सिर्फ एक रिश्ता नहीं, बल्कि शांति, विश्वास और प्रेम से भरे नए बस्तर की तस्वीर है.

अमित शाह का स्वागत करने एयरपोर्ट पहुंचे सीएम, JECC में करेंगे प्रदर्शनी का उद्घाटन

जयपुर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज जयपुर पहुंचे। शाह के जयपुर आगमन पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर एयरपोर्ट पर उनका हार्दिक स्वागत किया। शाह नए आपराधिक कानूनों के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जेईसीसी में आयोजित 6 दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करने जयपुर पहुंचे हैं। गौरतलब है कि देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार लाने वाली तीन नवीन आपराधिक संहिताओं के क्रियान्वयन को एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 13 से 18 अक्तूबर, 2025 तक जयपुर एग्जिबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC), सीतापुरा में एक प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है, जिसके शुभारंभ अवसर पर शाह जयपुर पहुंचे हैं। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  दिया कुमारी, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, राज्यसभा सांसद मदन राठौड़, पूर्व विधायक सतीश पूनिया, मुख्य सचिव सुधांश पंत, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

मायावती की रणनीति में 2007 की झलक, लेकिन मुस्लिम मतदाताओं पर चुप क्यों हैं बीएसपी प्रमुख?

लखनऊ  बसपा प्रमुख मायावती ने क़रीब 9 साल बाद गुरुवार को लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन कर 2027 के लिए चुनावी हुंकार भर दी. बसपा के संस्थापक कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर मायावती ने अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर निशाना साधकर उत्तर प्रदेश की दो ध्रुवीय हो चुकी राजनीति को त्रिकोणीय बनाने की कवायद करती नज़र आईं. कांशीराम स्मारक स्थल से मायावती ने अपने खिसके सियासी जनाधार को वापस लाने की रणनीति का ख़ुद ख़ुलासा किया. 2027 की चुनावी जंग फ़तह करने के लिए 2007 जैसे सियासी समीकरण बनाने का ताना-बाना बुनती नज़र आईं. बसपा के दलित वोट बैंक को पहले से ज़्यादा मज़बूत करने के साथ ओबीसी, अति-पिछड़ों के साथ ब्राह्मण-ठाकुर वोटों की केमिस्ट्री बनाने का दाँव चला. मायावती ने साफ़-साफ़ शब्दों में कहा कि पिछड़े और अति-पिछड़ा तबक़े के साथ ही ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज को बसपा से जोड़ने पर उनकी पार्टी काम करेगी. महारैली में मायावती ने ऐलान किया कि राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को ब्राह्मण, विधायक उमाशंकर सिंह को क्षत्रिय और प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल को अति-पिछड़ा और पिछड़ा समाज को जोड़ने का ज़िम्मा सौंपा. हालाँकि, मुस्लिम समाज को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले. 2007 के फ़ॉर्मूले से 2027 जीतने का प्लान बसपा की बहुजन पॉलिटिक्स के साथ मायावती ने 2007 में सर्वजन की सियासत पर क़दम बढ़ाया था, जिसके दम पर पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई. मायावती ने दलित वोटों के साथ अति-पिछड़े, मुस्लिम और ब्राह्मण की सियासी केमिस्ट्री बनाई थी. उत्तर प्रदेश के 2027 चुनाव को देखते हुए बसपा ने इस साल फ़रवरी से ही सोशल इंजीनियरिंग पर काम शुरू कर दिया था. इसके तहत मार्च में हर ज़िले में भाईचारा कमेटी का गठन किया था, जिसके ज़रिए पिछड़ों को जोड़ने की योजना थी. इसके लिए उन्होंने विश्वनाथ पाल के नाम का ज़िक्र किया, जो बसपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं. बसपा बना रही नई सोशल इंजीनियरिंग बसपा से पिछड़ा और अति-पिछड़ों को जोड़ने के लिए इन कमेटियों की हर दो महीने में बैठकें भी मायावती कर रही हैं. इस बीच अब ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज को साथ लाने के लिए पार्टी मिशन मोड पर काम करेगी. मायावती ने ब्राह्मण समाज को जोड़ने का बीड़ा सतीश चंद्र मिश्र को दे रखा है तो ठाकुर वोट के लिए उमाशंकर सिंह को ज़िम्मा दिया है. मायावती ने इन दोनों नेताओं का नाम भी लिया. मायावती ने गुरुवार को भाषण में भी ग़रीब सवर्णों का कई बार ज़िक्र करते हुए कहा कि भाजपा, सपा और कांग्रेस की सरकारों में इस तबक़े की हालत लगातार ख़राब हुई और बसपा की सरकार बनने के बाद सर्व समाज को रोज़ी-रोटी और रोज़गार का संकट नहीं होने दिया जाएगा. सतीश चंद्र मिश्र के बेटे कपिल मिश्र के काम को भी सराहा. उन्होंने कहा कि जिस तरह से कपिल ने कार्यक्रम में फ़्री मेडिकल समेत दूसरी व्यवस्थाओं में मदद की है, वह पार्टी के प्रति उनके सेवा भाव को दिखाता है. मुस्लिमों पर क्यों मायावती रहीं ख़ामोश? मायावती ने मुस्लिम वोटों पर अपने पत्ते नहीं खोले, लेकिन रैली के मंच पर पूर्व सांसद मुनकाद अली, शमसुद्दीन राईन और पूर्व एमएलसी नौशाद अली को जगह देकर मुस्लिम समाज को साथ आने व सम्मान देने का संदेश दिया है. बसपा के एक वरिष्ठ नेता की मानें तो मुस्लिम समाज के बीच अभी बसपा को लेकर उहापोह की स्थिति है, लेकिन उसे जोड़ने के लिए अलग से योजना पर काम चल रहा है, जिसका ख़ुलासा बाद में किया जाएगा. हालाँकि, मायावती ने ज़िला से लेकर मंडल और प्रदेश स्तर पर संगठन में मुस्लिम पदाधिकारी बनाकर बसपा यह संदेश देने का प्रयास किया है कि मुस्लिम समाज के लिए पार्टी के दरवाज़े खुले हैं, लेकिन सपा के साथ जिस तरह एकमुश्त जुड़े हैं, उसके चलते फ़िलहाल मुख्य फ़ोकस नहीं है. मायावती समझ रही हैं कि मुस्लिम वोट तभी बसपा के साथ जुड़ेगा, जब उसका बहुजन वोट साथ आ जाएगा, इसीलिए पूरा फ़ोकस दलित और पिछड़े वोटबैंक पर है. रैली में मायावती ने अल्पसंख्यकों, ख़ासकर मुस्लिमों का विकास न होने व जान-माल का ख़तरा होने की बात कहकर उन्हें पार्टी से जोड़ने का प्रयास किया. 2027 जीतने की मायावती ने भरी हुंकार मायावती ने साफ़ कर दिया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ेंगी. उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव जीतने के लिए हरसंभव कोशिश करेंगी. बसपा प्रमुख ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को अपने से पहले बोलने का मौक़ा देकर पार्टी के भविष्य की तस्वीर भी साफ़ कर दी. उन्होंने कहा कि आकाश अब पार्टी के मूवमेंट से पूरी तरह जुड़ चुके हैं. पूरी लगन और मेहनत से काम कर रहे हैं, जिस तरह आपने कांशीराम के बाद मेरा साथ दिया, उसी तरह आकाश का भी देना है. इस तरह आकाश को भविष्य का नेता बता दिया. मायावती ने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में बहुमत की सरकार बनाकर अपना 15 साल का वनवास ख़त्म करने के लिए रैली के ज़रिए तगड़ा शक्ति प्रदर्शन किया. क़रीब तीन लाख लोगों की क्षमता वाला कांशीराम स्मारक स्थल ख़चाख़च भरा रहा तो बाहर भी भीड़ दिखाई दी, जो बसपा के लिए 2027 से पहले सियासी संजीवनी से कम नहीं है.

नक्सली हमलों का शिकार बने जानवर भी, IED विस्फोट में घायल हाथी ने तोड़ा दम

चाईबासा झारखंड के सारंडा वन्यजीव अभयारण्य में पिछले सप्ताह कथित तौर पर माओवादियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुई 10 वर्षीय मादा हाथी की रविवार सुबह मौत हो गई। यह जानकारी वन अधिकारियों ने दी। सारंडा प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) अविरूप सिन्हा ने बताया कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर थाना क्षेत्र के अंकुआ वन अभ्यारण्य में लगाए गए एक आईईडी पर पैर रखने से हथिनी के दाहिने पैर में गंभीर चोटें आईं। सिन्हा ने बताया कि विभाग को पिछले सोमवार को घायल हाथी के बारे में सूचना मिली थी और उसका इलाज शुरू कर दिया गया था। सिन्हा ने कहा, "सारंडा वन्यजीव अभयारण्य में चाईबासा और ओडिशा के राउरकेला और क्योंझर वन प्रभागों के पशु चिकित्सकों की टीम को तैनात किया गया था। घटनास्थल पर एक मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई तैनात की गई थी और वंतारा (गुजरात) से एक विशेषज्ञ टीम भी बचाव और उपचार प्रयासों में शामिल हुई थी।" वन अधिकारी ने बताया, "पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, हाथी की मौत सेप्टीसीमिया के कारण हुई, जिसके कारण उसके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया।" इस घटना ने क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि नक्सलियों द्वारा लगाए गए विस्फोटक अब न केवल सुरक्षा बलों के लिए बल्कि वन्यजीवों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। वन अधिकारियों ने बताया, "उसे बेहोश कर दिया गया और एंटीबायोटिक्स व दर्द निवारक दवाएं दी गईं। टीम ने कई दिनों तक उसकी देखभाल जारी रखी, लेकिन गंभीर चोटों और संक्रमण के कारण हथिनी की जान नहीं बचाई जा सकी।"