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खंडवा सड़क हादसा: ट्रक की टक्कर से ई-बाइक में लगी आग, दो लोगों की दर्दनाक मौत

खंडवा राखड़ से भरे ट्रक ने फिर दो लोगों की जान ले ली। राखड़ से भरे ट्रक ने ई-बाइक को रौंद दिया। ई-बाइक सवार दोनों लोग ट्रक में दब गए इसके बाद ई-बाइक में आग लगने के कारण बाइक सवार दोनों लोग जिंदा जल गए। भीषण सड़क हादसा रविवार को इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाइवे पर मोरटक्का चौकी क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप के पास हुआ। हादसे के बाद मोरटक्का चौकी पुलिस ने आरोपित ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया। हादसे के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया, पुलिस ने व्यवस्था संभाल जाम खुलवाया। भीषण सड़क हादसे ने दहला इलाका जिले के ओंकारेश्वर थाने अंतर्गत मोरटक्का पुलिस चौकी क्षेत्र में रविवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। जानकारी के अनुसार ट्रक संत सिंगाजी थर्मल पावर से राखड़ भरकर आ रहा था। तेज रफ्तार ट्रक ने ई-बाइक सवार बड़वाह निवासी 35 वर्षीय विनीत शर्मा जो खंडवा में सहायक कोषालय अधिकारी के पद पदस्थ थे व उनके मित्र 40 वर्षीय मोहसिन अली को अपनी चपेट ले लिया।   टक्कर के बाद पलटा ट्रक, बाइक सवार दबकर जिंदा जले ट्रक ने ई-बाइक को जोरदार टक्कर मारी इसके बाद ट्रक पलट गया। ट्रक के नीचे बाइक सहित सवार दो लोग भी दब गए। ई-बाइक में आग लग गई। जिससे बाइक सहित दोनों युवकों को बाहर निकालना संभव नहीं हो सका। देखते-देखते दोनों लोग आग में जिंदा जल गए। सूचना मिलते ही पुनासा एसडीएम पंकज वर्मा, ओंकारेश्वर तहसीलदार उदय मंडलोई और मोरटक्का चौकी प्रभारी लखन डावर पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और मशक्कत कर शवों को बाहर निकाला। लेकिन तब तक दोनों पूरी तरह जल चुके थे। हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया, जिसे देर रात तक पुलिस जवानों ने कड़ी मेहनत से खुलवाया। भारी वाहनों पर राजनीति का दबाव स्थानीय लोगों ने इस दर्दनाक हादसे के पीछे प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक दबाव को जिम्मेदार ठहराया है। उल्लेखनीय है कि पिछले दो वर्षों से देशगांव से इंदौर मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगी हुई थी, लेकिन हाल ही में राजनीति दबाव में आकर खंडवा कलेक्टर ने इस मार्ग पर फिर से भारी वाहनों की अनुमति दे दी। नतीजतन, इस सड़क पर रोजाना ट्रकों और डंपरों की भरमार है और दुर्घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।   कीड़े-मकोड़ों की तरह जान गवां रहे लोग लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आमजन की जानें कीड़े-मकोड़ों की तरह जा रही हैं। हादसे से आक्रोशित लोगों ने एक बार फिर शासन-प्रशासन से मांग की है कि खंडवा-इंदौर इच्छापुर मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन तत्काल प्रतिबंधित किया जाए, अन्यथा आने वाले दिनों में और भी भयावह घटनाएं सामने आ सकती हैं।

सोमवार को लगेगी वॉक थ्रू क्विज कम एक्जीबिशन

भोपाल  वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में राज्य स्तरीय वन्य जीव सप्ताह में 5 अक्टूबर को 5वें दिन वन्य जीव संरक्षण के लिये विभिन्न अशासकीय संस्थाओं एवं पर्यावरण में रुचि रखने वाले लगभग 600 लोगों ने सहभागिता की। दौड़ वन विहार गेट क्रमांक-2 से डिपो चौराहा, पॉलिटेक्निक चौराहा और श्यामला हिल्स होते हुए बोट क्लब के पास वन विहार के गेट क्रमांक-1 पर समाप्त हुई। विजेताओं को मध्यप्रदेश राज्य वन्य प्राणी बोर्ड के पूर्व सदस्य श्री अभिलाष खांडेकर ने पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र वितरित किये। वन्य जीव सप्ताह में सुबह 10:30 बजे से "वनों में पर्यटन वन्य जीवों के संरक्षण में सहायक है'' विषय पर शिक्षक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें 22 प्रतियोगियों ने भाग लेकर विषय पर पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार रखे। इस अवसर पर वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के संचालक श्री विजय कुमार और सहायक संचालक डॉ. रूही हक उपस्थित थीं। 6 अक्टूबर के कार्यक्रम वन्य जीव सप्ताह के 6वें दिन 6 अक्टूबर को सुबह 6 से 8:30 बजे तक पक्षी अवलोकन शिविर का आयोजन किया जायेगा। छात्र-छात्राओं के लिये सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक रेस्क्यू एवं वन्य प्राणी संरक्षण तथा अनुश्रवण के उपयोग में लिये जाने वाले उपकरणों की जानकारी देने के लिये कार्यशाला होगी। अन्य प्रतियोगिता में वाइल्ड लाइफ एवं नेचर एक्सपो कार्यक्रम सुबह 10 बजे होगा। साथ ही "वन्य जीव संरक्षण के साथ विकास संभव है'' विषय पर सुबह 10:30 से दोपहर 12 बजे तक वाद-विवाद प्रतियोगिता होगी। इसके अतिरिक्त मानव-वन्य जीव-सह-अस्तित्व, मिशन लाइफ तथा से नो टू प्लास्टिक से संबंधित विषयों पर पर्यटकों के लिये "वॉक थ्रू क्विज कम एक्जीबिशन'' वन विहार स्थित विहार वीथिका, स्नेक पार्क और टाइगर बाड़े पर किया जायेगा। 

अनोखी विदाई: पालकी में सवार होकर साजन के द्वार पहुंचीं पूर्व कलेक्टर संस्कृति जैन

सिवनी जबलपुर रोड स्थित लूघरवाड़ा के निजी लान में आयोजित विदाई समारोह में पूर्व कलेक्टर संस्कृति जैन को पालकी में दोनों बेटियों के साथ बैठाकर कर्मचारियों ने वाहन तक पहुंचाकर विदाई दी। हाल ही में राज्य सरकार ने सिवनी कलेक्टर संस्कृति जैन का ट्रांसफर भोपाल किया है, जिसके चलते 3 अक्टूबर को विदाई समारोह व नवागत कलेक्टर के आगमन का कार्यक्रम रखा गया था। विदाई समारोह के बाद जब कलेक्टर संस्कृति जैन भोपाल जाने लगी तो उत्साहित कर्मचारियों उन्हें पालकी में बिठाकर अपने कंधों पर उठा लिया। इस दौरान पूर्व कलेक्टर के सम्मान में कर्मचारियों की अलग ही तस्वीर देखने को मिली। कलेक्टर के साथ उनकी दोनों बेटियां ध्वनि व तरंग जैन भी पालकी में बैठी।   सरल स्वभाव ने प्रभावित किया पूर्व कलेक्टर जैन के हंस मुख व सरल स्वभाव से सभी कर्मचारी प्रभावित थे। कर्मचारियों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर पूर्व कलेक्टर जैन आगे बढ़कर विभागीय अमले का नेतृत्व करती थी, गलतियों के बारे में बताती थी। वहीं जिले के सरकारी स्कूलों की दिशा व दशा सुधारने कलेक्टर जैन द्वारा प्रारंभ किए गए ''गिफ्ट ए डेस्क'' अभियान को काफी लोकप्रियता मिली, जिसे सभी वर्गो ने काफी सराहा। इस अभियान में दानदाताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। विदाई के दौरान गाना बज रहा था… "पालकी में होके सवार चली रे, मैं तो अपने साजन के द्वार चली रे"। इस गाने ने माहौल को और भावपूर्ण बना दिया। पूर्व कलेक्टर संस्कृति जैन ने नगर पालिक निगम भोपाल आयुक्त का प्रभार संभाल लिया है।   अभियान से जुड़े 4 हजार दानदाता विदाई समारोह से पहले ट्रांसफर आदेश मिलने पर कलेक्टर जैन ने गिफ्ट ए डेस्क अभियान की प्रगति पर वीडियो संदेश जारी कर बताया था कि 13200 डेस्क व बैंच जिले के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में पहुंच चुकी हैं। 800 डेस्क-बैंकच की प्रक्रिया चल रही है। अभियान के प्रथम चरण को पूरा करने अभी 7146 से अधिक की डेस्क-बैंच की आवश्यकता है, जिसकी पूर्ति करना हम सभी की जिम्मेदारी है। बताया कि अभियान के लिए बनी बेवसाइड को एक लाख से अधिक लोगों ने सर्च किया। 4 हजार से अधिक दानदाताओं ने इस अभियान में सहयोग किया। उन्होंने भविष्य में अभियान को इसी तरह सहयोग कर शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाने का आव्हान करते हुए सभी से मिले सहयोग पर धन्यवाद ज्ञापित किया था।

सड़क सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त : पैदल यात्रियों के लिए नया नियम? अब दायीं ओर चलना होगा ज़रूरी!

भोपाल सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से पूछा है कि क्या भारत में भी विदेशों की तरह पैदल यात्रियों को सड़क की दायीं ओर चलने का नियम बनाया जा सकता है। अदालत ने दोनों पक्षों को 10 नवंबर तक सभी तथ्यों और आंकड़ों के साथ विस्तृत जवाब देने के निर्देश दिए हैं। यह मामला जबलपुर निवासी ज्ञान प्रकाश की याचिका पर उठाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि भारत में पैदल यात्रियों को बायीं ओर चलने की सलाह दी जाती है, जिससे उनकी जान को खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि साल 2022 में हुए 50 हजार सड़क हादसों में से 18 हजार मौतें पैदल चलने वालों की थीं, यानी कुल मौतों का करीब 36 प्रतिशत हिस्सा। क्यों दायीं ओर चलना हो सकता है सुरक्षित… ज्ञान प्रकाश ने दलील दी कि अगर पैदल यात्री सड़क की दायीं ओर चलेंगे तो उन्हें सामने से आने वाले वाहन दिखेंगे, जिससे समय रहते वे खुद को बचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में पैदल यात्रियों के लिए नियम ब्रिटिशकालीन परंपराओं और 1958 के विएना कन्वेंशन से प्रेरित हैं, जो अब मौजूदा ट्रैफिक परिस्थितियों के अनुकूल नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि उसने 21 मई 2025 को ट्रैफिक नियंत्रण और सड़क अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देश दिए थे, लेकिन उनका क्रियान्वयन अब तक नहीं हुआ है। अदालत ने केंद्र और NHAI से पूछा कि क्या भारत जैसे घनी आबादी वाले देश में “राइट वॉकिंग सिस्टम” लागू किया जा सकता है। विदेशों में क्या होता है? अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, रूस, चीन में लोग सड़क की दायीं ओर पैदल चलते हैं। जबकि ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया में पैदल यात्री बायीं ओर चलते हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि भारत में वाहनों के बायीं ओर चलने का नियम पैदल यात्रियों पर लागू करना गलत है। सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल सड़क परिवहन मंत्रालय के 2023 के आंकड़ों के मुताबिक, टू-व्हीलर के बाद सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें पैदल यात्रियों की होती हैं। ऐसे में कोर्ट का यह सवाल सड़क सुरक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। यदि केंद्र सरकार और NHAI की रिपोर्ट में यह व्यवस्था व्यावहारिक मानी जाती है, तो जल्द ही भारत में पैदल यात्रियों के चलने के नियम में 70 साल पुराना बदलाव देखने को मिल सकता है।

भगवंत सिंह मान ने आनंदपुर साहिब में किया दौरा, जनता के लिए घोषणा किए बड़े लाभ

आनंदपुर साहिब  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज श्री आनंदपुर साहिब का दौरा किया, जहां मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के लोगों को एक बड़ा तोहफा देते हुए 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली हेरिटेज स्ट्रीट का शिलान्यास किया। इससे गुरु नगरी की अलौकिक सुंदरता और निखरेगी। आपको बता दें कि हेरिटेज स्ट्रीट का शिलान्यास करने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेका और सभी के कल्याण के लिए प्रार्थना की।  अपने संबोधन के दौरान सी.एम. भगवंत मान ने कहा कि यह हेरिटेज रोड 55 साल बाद बन रही है। आनंदपुर साहिब को व्हाइट नगरी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इसमें सफेद संगमरमर का इस्तेमाल किया जाएगा और 6 द्वार बनाए जाएंगे, जो पुरानी विरासत से जुड़े होंगे। यह एक ऐतिहासिक बात होगी। उन्होंने कहा कि  इस सेवा को पाकर खुद को बहुत भाग्यशाली मानते हैं। यहां होला-मोहल्ला समेत कई ऐतिहासिक मेले लगते हैं। बाढ़ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि बेशक, पंजाब को बाढ़ से बहुत नुकसान हुआ है, लेकिन पंजाब संकटों से उबरकर संकटों को छोटा कर देता है। पंजाबियों का जज्बा, पंजाबियों के इरादे संकटों को छोटा कर देते हैं।

कल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आएगी बरसात और ओलावृष्टि, इन राज्यों की भी तयारी करें

लखनऊ  दिवाली का त्योहार करीब आ रहा है और मॉनसून की भी वापसी हो चुकी है। इसके बाद भी राज्यों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने बताया है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से यूपी समेत कई राज्यों में आने वाले दिनों में भारी बारिश देखने को मिलेगी। छह अक्टूबर यानी कि कल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में भारी बारिश व ओले गिरने वाले हैं। इसके अलावा, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मेघालय में आज पांच अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। एक तीव्र वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण उत्तर पश्चिम भारत में पांच और छह अक्टूबर को बहुत भारी बारिश व ओले गिरने वाले हैं। पूर्वी भारत की बात करें तो उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में पांच अक्टूबर को एकल स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। बिहार में पांच अक्टूबर को एकल स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में पांच अक्टूबर को भारी बारिश, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में छह अक्टूबर को भारी बारिश होगी। अगले तीन से चार दिनों के दौरान पूर्वी भारत में अधिकांश जगहों पर मध्यम बारिश और कई जगहों पर भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो पांच से सात अक्टूबर के दौरान उत्तर पश्चिम भारत में काफी व्यापाक बारिश, तूफान, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पश्चिमी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब में पांच और छह अक्टूकर को, उत्तराखंड में छह और सात अक्टूबर, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान में छह अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में छह अक्टूबर को बहुत भारी बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर में पांच अक्टूबर, पंजाब में पांच व छह अक्टूबर, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान में छह अक्टूबर को ओलावृष्टि होगी। आठ अक्टूबर से अगले दो दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है। उत्तर पूर्वी भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश में पांच, छह और 10 अक्टूबर को, असम, मेघालय में पांच से 10 अक्टूबर तक, नगालैंड में छह से 11 अक्टूबर तक, मणिपुर में आठ और 9 अक्टूबर को, मिजोरम में आठ अक्टूबर को कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में पांच अक्टूबर को बहुत भारी बारिश होगी, मेघालय में पांच अक्टूबर को अत्यंत भारी बारिश होने वाली है।  

कैसा हो ‘विकसित यूपी’..? पहली बार खुलकर अपने सुझाव दे रहे यूपी के ग्रामीण युवा

– शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर युवाओं का फोकस, ग्रामीण क्षेत्रों से मिले करीब 21 लाख सुझाव – तकनीकी खेती, कोल्ड स्टोरेज, समर्थन मूल्य और डिजिटल किसान मंडियों के मिल रहे सुझाव – सुझाव देने के मामले में शहरियों के मुकाबले बहुत आगे हैं यूपी के ग्रामीण युवा  – शहरी क्षेत्रों से अबतक 6 लाख, ग्रामीण क्षेत्रों से मिले करीब 21 लाख सुझाव लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को 'विकसित यूपी' बनाने का जो अभियान शुरू किया है, वह अब एक जन आंदोलन बनता जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इस अभियान में ग्रामीण युवाओं ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाया है। पहली बार गांवों से इतनी बड़ी संख्या में युवा प्रदेश के विकास के हर पहलू पर अपनी राय दे रहे हैं। सरकार के पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक करीब 27 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 21 लाख सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और करीब 6 लाख शहरी क्षेत्रों से आए हैं। यानी, शहरों से कहीं अधिक सक्रिय हैं यूपी के गांवों के युवा, जो अपने सुझावों से ‘विकसित यूपी’ के ब्लूप्रिंट को आकार दे रहे हैं। गांवों से उठी विकास की नई आवाज़ गांवों के युवाओं का मानना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में विकास की गति तेज हुई है और वे इस परिवर्तन का हिस्सा बनना चाहते हैं। हरदोई के सौरभ सिंह कहते हैं कि अब गांवों में भी खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। हर पंचायत में खेल मैदान और डिजिटल लाइब्रेरी जरूरी हैं। सीतापुर के योगेश कुमार का कहना है कि हर गांव तक इंटरनेट और अच्छी शिक्षा पहुंचे। तभी गांवों का युवा शहरों से मुकाबला कर सकेगा। जौनपुर की पूजा त्रिपाठी का कहना है कि गांवों में लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा और सुरक्षा के इंतजाम बेहतर हों। योगी सरकार ने जो शुरुआत की है, उसे आगे बढ़ाना चाहिए। महराजगंज के किसान युवक अमन चौधरी कहते हैं कि खेती में तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है। हर ब्लॉक में कोल्ड स्टोरेज और डिजिटल मंडी बने ताकि फसल का सही दाम मिले। वाराणसी के प्रवीण सिंह का सुझाव है कि युवाओं को स्टार्टअप्स के लिए आसान लोन और तकनीकी मार्गदर्शन मिले। अब गांवों में भी इनोवेशन की लहर है। शिक्षा और कृषि सबसे आगे, ग्रामीण युवाओं की प्राथमिकता साफ अभियान के तहत अब तक मिले 7.8 लाख सुझाव शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं। ग्रामीण युवाओं ने स्कूलों में गुणवत्ता, डिजिटल सुविधाओं और शिक्षकों की जिम्मेदारी को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। आगरा के राकेश कुमार सोनी ने कहा है कि अगर अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएं तो व्यवस्था खुद सुधर जाएगी। सरकारी स्कूलों को सबके लिए अनिवार्य किया जाए। कृषि क्षेत्र से 6 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिनमें तकनीकी खेती, AI आधारित फसल प्रबंधन, ड्रिप इरिगेशन, कोल्ड स्टोरेज और किसान ड्रोन जैसे विषय प्रमुख हैं। अयोध्या के युवा किसान मनोज तिवारी का कहना है कि कृषि को स्मार्ट बनाना ही विकसित यूपी की असली पहचान होगी। खेल, स्वास्थ्य और इंटरनेट पर भी जोर कन्नौज के विवेक मिश्रा ने कहा है कि हर गांव में जिम और खेल प्रशिक्षण केंद्र बनें। ग्रामीण प्रतिभाओं को जिला स्तर तक प्लेटफॉर्म मिले। बस्ती के आकाश यादव ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सुझाव दिया कि हर गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को डिजिटल हेल्थ नेटवर्क से जोड़ा जाए। गोंडा की ममता वर्मा ने कहा है कि  महिलाओं के लिए रोजगार और शिक्षा के अवसर बढ़ें, तभी गांवों में आत्मनिर्भरता आएगी। युवाओं को योगी आदित्यनाथ में दिख रही नई आशा ग्रामीण युवाओं का विश्वास साफ झलकता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में जो पारदर्शिता, सुशासन और विकास की गति दी है, वह उन्हें अपनी बात खुलकर रखने की हिम्मत देती है। लंदन में हाल ही में 'विकसित यूपी 2047' का लोगो लॉन्च हुआ, जहां एनआरआई समुदाय ने भी योगी के विज़न की सराहना की। यूके, दुबई और अमेरिका के प्रवासी भारतीयों ने भी इस अभियान में सुझाव भेजे हैं, जिससे ये पहल अब वैश्विक स्वरूप ले चुकी है। युवाओं के सुझाव, सरकार के लिए दिशा सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश के युवाओं से मिले इन सुझावों का अध्ययन कर सरकार उन्हें भविष्य की विकास नीतियों में शामिल करेगी। यह पहली बार है जब उत्तर प्रदेश का ग्रामीण युवा सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि 'नीति निर्माता' की भूमिका में नजर आ रहा है। नीति विशेषज्ञों का मानना है कि यह जनभागीदारी आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को ‘विकसित भारत’ के मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करेगी। आज का ग्रामीण युवा सिर्फ रोज़गार नहीं, 'सार्थक विकास' चाहता है। उसे योगी आदित्यनाथ में वह नेतृत्व दिख रहा है जो उसकी आकांक्षाओं को दिशा दे सके। गांव से निकली यह आवाज़ अब केवल सुझाव नहीं, बल्कि नए उत्तर प्रदेश की नींव का पत्थर बन चुकी है।

पंजाब उपचुनाव में कांग्रेस ने तरनतारन सीट पर घोषित किया उम्मीदवार

तरनतारन  पंजाब के तरनतारन विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव के लिए आम आदमी पार्टी, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल ने अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है. वहीं अब कांग्रेस ने भी उम्मीदवार का नाम सार्वजनिक कर दिया है. इस उपचुनाव में करणबीर सिंह बुर्ज कांग्रेस की तरफ से चुनावी मैदान में नजर आएंगे. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तरनतारन निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में करणबीर सिंह बुर्ज की उम्मीदवारी को मंजूरी दे दी है. जून में आम आदमी पार्टी विधायक कश्मीर सिंह सोहल के निधन के बाद यह सीट खाली हुई थी. निर्वाचन आयोग ने अभी उपचुनाव की तारीख की घोषणा नहीं की है. हालांकि सभी दल चुनाव का तैयारियों में जुट गए हैं. कांग्रेस ने करणबीर सिंह बुर्ज को दिया टिकट इससे पहले पहले चर्चा थी कि अकाली दल छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व मंत्री अनिल जोशी को टिकट दिया जा सकता है, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता जोशी का विरोध कर रहे हैं. ऐसे में पार्टी ने करणबीर सिंह बुर्ज को चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया गया है. करणबीर सिंह कांग्रेस के किसान सेल के उपाध्यक्ष रह चुके हैं. इसके अलावा, प्रताप सिंह बाजवा से उनकी करीबी की भी चर्चा है. AAP ने हरमीत सिंह संधू को बनाया उम्मीदवार तरनतारन उपचुनाव को विधानसभा से पहले की सियासी जंग माना जा रहा है, वहीं इस सीट पर कांटे की टक्कर होने की संभावना है. क्योंकि आम आदमी पार्टी ने पूर्व विधायक और अकाली दल के वरिष्ठ नेता रहे हरमीत सिंह संधू को टिकट दिया है. बीते शुक्रवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तरनतारन में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक हरमीत सिंह संधू को AAP का उम्मीदवार घोषित किया था. संधू का अपना राजनीतिक आधार है.अब तक किसी भी विधानसभा चुनाव में उन्हें 39 हज़ार से कम वोट नहीं मिले हैं. ऐसे में उन्हें एक मज़बूत उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा है. अकाली दल ने सुखविंदर कौर रंधावा को उतारा वहीं दूसरी ओर अकाली दल का भी इस सीट पर राजनीतिक आधार है. सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाले अकाली दल ने आज़ाद गुट की नेता रहीं बीबी सुखविंदर कौर रंधावा को टिकट दिया है. पिछले विधानसभा चुनावों में इस आज़ाद दल की अपनी भूमिका थी और उन्होंने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कश्मीर सिंह सोहल का समर्थन किया था. हरजीत सिंह संधू बीजेपी उम्मीदवार दूसरी तरफ किसान आंदोलन के बाद बीजेपी भी पंजाब में अपना राजनीतिक आधार बनाने की कोशिश कर रही है. ऐसे में तरनतारन की सीट उसके लिए बड़ी चुनौती पेश करेगी क्योंकि यह सिख बहुल सीट है और इस इलाके के लोगों ने किसान आंदोलन में भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया था. ऐसे में बीजेपी ने स्थानीय नेता (जिला अध्यक्ष) हरजीत सिंह संधू को अपना उम्मीदवार बनाया है. बीजेपी स्थानीय नेताओं और सिख चेहरों के सहारे मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. हरजीत सिंह संधू केंद्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा के करीबी माने जाते हैं.  

श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली पलटी, करौली माता दर्शन यात्रा में 2 की मौत

मुरैना रामपुर थाना क्षेत्र के बामसोली गांव में रविवार की दोपहर तीन बजे भीषण सड़क हादसा हुआ। श्रद्धालुओं से भरी तेज रफ्तार ट्रैक्टर की ट्रॉली सड़क पर पलट गई। इस हादसे में दो महिलाओं की मौके पर मौत हो गई, वहीं 18 सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को ग्रामीणों ने वाहनों से सबलगढ़ अस्पताल भिजवाया। जहां दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाकी का सबलगढ़ में इलाज किया जा रहा है। हादसे के बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई, जहां इस ट्रॉली को बैहको लोडर मशीन से सीधा कराया गया। संतुलन बिगड़ा और ट्रॉली पलटी जानकारी के मुताबिक रामपुरकलां गांव से लगभग 20 से 25 लोग संदीप धाकड़ के ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर शनिवार को करौली राजस्थान स्थित कैलादेवी के दर्शन करने के लिए गए थे। रविवार की दोपहर सभी इसी ट्रैक्टर ट्रॉली से वापस रामपुर आ रहे थे। रामपुर गांव से ठीक पहले बामसोली गांव में अचानक ही चालक का संतुलन बिगड़ गया और ट्रॉली सड़क पर पलट गई। ट्रॉली पलटते चीख पुकार मच गई। चूंकि हादसा बामसोली गांव में हुआ तो ग्रामीण इकट्ठा हो गए और जल्द ही बचाव कार्य चालू कर दिया गया। इस बीच तुलसी पत्नी संदीप धाकड़ उम्र 28 साल व संजना पुत्री महेंद्र धाकड़ उम्र 11 साल की मौके पर मौत हो चुकी थी, वहीं 18 महिला पुरुष व बच्चे घायल अवस्था में थे। ग्रामीणों ने इन घायलों को अपने निजी वाहनों से सबलगढ़ अस्पताल पहुंचाया। जहां उनका इलाज शुरू किया गया। इस बीच गंभीर घायल उर्मिला जादौन पत्नी भगवान सिंह जादौन उम्र 55 साल व नीतू धाकड़ पत्नी रामलखन धाकड़ उम्र 35 साल को जिला अस्पताल रेफर किया गया। सभी घायल व मृतक एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। इन घायलों को सबलगढ़ अस्पताल में चल रहा इलाज जिन घायलों का सबलगढ़ अस्पताल में इलाज किया जा रहा है उनमें प्रीति उम्र 17 निवासी बराकलां, अंजली उम्र 15 निवासी बराकलां, मिथलेश निवासी बस्तौली सहित रामपुरकलां गांव के सावित्री उम्र 60 साल, लक्ष्मीनारायण उम्र 45 साल, ममता उम्र 40 साल, महेंद्र उम्र 34 साल, सोनम उम्र 14 साल, ज्योति उम्र 30 साल, मंजू 35 साल, राजेंद्र उम्र 35 साल, जगदीश उम्र 43 साल, पंकज उम्र नौ माह, शिवानी उम्र 24 साल व कमलेश 45 साल के नाम शामिल है। रिटायर चिकित्सक भी पहुंचे उपचार करने रामपुर क्षेत्र में बड़े सड़क हादसे की सूचना मिलने पर बीएमओ डॉ. राजेश ने पूरे मेडिकल स्टाफ को अस्पताल बुला लिया। इसी बीच सिविल अस्पताल सबलगढ़ से ही रिटायर हुए डा. एमपी गुप्ता को हादसे का पता चला तो वह भी अस्पताल पहुंच गए। जिसके बाद घायलों का इलाज करना शुरू किया। डा. एमपी गुप्ता कुछ दिन पूर्व ही अस्पताल से रिटायर हुए हैं। उनका कहना था कि अस्पताल में डाक्टरों की कमी न हो और घायलों को समुचित इलाज मिले, इसकी वजह से वह भी इस काम में जुट गए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर छिंदवाड़ा प्रकरण में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी निलम्बित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सिविल अस्पताल परासिया, जिला छिंदवाड़ा में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही डॉक्टर सोनी और दवा निर्माता कंपनी के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर कार्यवाही करते हुए आय़ुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री तरुण राठी ने डॉ. प्रवीण सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। डॉ. सोनी द्वारा निजी प्रैक्टिस के दौरान उपचार के लिए आए शिशुओं के उपचार में गंभीर लापरवाही बरतने और अपने पदीय कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा से नहीं करने के परिणामस्वरूप, मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) के अंतर्गत यह कार्यवाही की गई। उल्लेखनीय है कि डॉ. सोनी द्वारा निजी प्रैक्टिस के दौरान शिशुओं को ऐसी दवाइयां पर्चे पर लिखी गई, जिसका सेवन करने के बाद शिशुओं को तेज बुखार और पेशाब में कठिनाई हुई तथा शिशुओं की किडनी पर विपरीत प्रभाव पड़ा। इससे कुछ बच्चों की दु:खद मृत्यु हो गई। निलंबन काल में डॉ. सोनी का मुख्यालय, कार्यालय क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं जबलपुर के अधीन किया गया है। प्रकरण में छिंदवाड़ा के थाना परासिया में डॉ. प्रवीण सोनी और कांचीपुरम तमिलनाडु की दवा निर्माता कंपनी मेसर्स श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के संचालकगण के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 105,276 तथा औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की धारा 27ए के अंतर्गत एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि छिंदवाड़ा जिले में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के कारण बच्चों की मृत्यु की घटना संज्ञान में आने पर कोल्ड्रिफ सिरप के सैम्पल जांच के लिए भेजे गए थे। शनिवार की सुबह जांच रिपोर्ट में नमूने अमान्य पाए गए। इस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए कोल्ड्रिफ सिरप के विक्रय को पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित किया गया, साथ ही इस दवा की प्रदेश में आवाजाही पर सख्त निगरानी के निर्देश भी दिए गए।