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झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC-JSSC CGL अधिसूचना पर रोक रखी बरकरार, अगली सुनवाई 7 अक्टूबर

रांची झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल परीक्षाओं के विज्ञापन को रद्द करने के राज्य सरकार की अधिष्टा को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में प्रार्थियों व राज्य सरकार का पक्ष सुना पक्ष सुनने के बाद अदालत ने अधिसूचना पर रोक को अगले आदेश तक बरकरार रखा. सिर्फ अधिसूचना से नौकरी नहीं छिन सकती: हाईकोर्ट अदालत ने कहा कि सिर्फ एक अधिसूचना से सरकार विभिन्न विभागों में नियुक्त हो चुके अभ्यार्थियों को बिना नेचुरल जस्टिस का पालन किये सेवा से नहीं हटा सकती. अदालत ने एसआईटी जांच के मामले में नोडल अधिकारी बनाया है. वहीं नियुक्त अभ्यर्थियों की किसी तरह की परेशानियों के समाधान की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी रिटायर जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को दी गई है. अदालत ने कहा है कि अगर एसआईटी किसी अभ्यर्थी को अनावश्यक परेशान करती है, तो वे जस्टिस गौतम चौधरी के पास अपनी शिकायत कर सकते हैं. मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को 11:30 बजे से होगी. अगली सुनवाई 7 अक्टूबर अदालत ने सभी पक्षों की सहमति से मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 अक्टूबर की तिथि निर्धारित की. राज्य सरकार की ओर से मामले में शपथ पत्र दायर किया गया जिस पर प्रति उत्तर दायर करने के लिए प्रार्थियों की ओर से समय देने का आग्रह किया गया, जिसे अदालत में स्वीकार कर लिया. दोनों पक्षों ने अदालत में रखा अपना पक्ष राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट की वरीय अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा व महाधिवक्ता रोहित राय ने पक्ष रखा, जबकि प्रार्थियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री पटवालिया, पूर्व महाधिवक्ता राजीव रंजन, अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अधिवक्ता अमृतांश वत्स एवं अन्य ने पैरवी की. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी आकाश गौरव एवं अन्य, निरोज खेस एवं अन्य की ओर से अलग-अलग याचिका दायर कर राज्य सरकार की योजना को चुनौती दी गई है.

किशाऊ बांध परियोजना से बदलेगी बिजनौर की सिंचाई व्यवस्था, किसानों को मिलेगा अतिरिक्त पानी

बिजनौर  केंद्र सरकार की पहल के बाद छह राज्यों में किशाऊ बांध परियोजना में सहमति बनी है। इस परियोजना के अंतर्गत जिले को भी पानी मिलने की बात कही जा रही है। इससे पहले शारदा-यमुना-साबरमती लिंक नहर के लिए भी जिले में सर्वे हो चुका है। अभी तक जिले में किसानों की फसलों की सिंचाई पूर्वी मध्य गंगा नहर, पीली बांध जलाशय और रामगंगा बांध कालागढ़ से की जाती है। किशाऊ बांध परियोजना से पानी मिलने से किसानों को और अधिक लाभ होगा। फसलों की सिंचाई के लिए किसान नलकूपों के अलावा नहरों के पानी का भी प्रयोग करते हैं। गंगा पर बने बैराज से मध्य गंगा नहर फेज वन व टू निकलती हैं, लेकिन इनका पानी जिले के किसानों को नहीं मिलता है। यहां पूर्वी मध्य गंगा नगर सिंचाई प्रणाली से फसलों को पानी दिया जाता है। पीली बांध जलाशय व रामगंगा बांध कालागढ़ से भी फसलों को पानी दिया जाता है। केंद्र सरकार की योजना यमुना से भी क्षेत्र को जोड़ने की है। पांच जिलों को फायदा 380 किलोमीटर लंबी बहुप्रतीक्षित शारदा-यमुना-साबरमती लिंक नहर परियोजना के लिए भी जिले में सर्वे किया गया है। उत्तराखंड के टनकपुर से बिजनौर, हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, शामली में इस नहर परियोजना का निर्माण कराया जा सकता है। इस परियोजना में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित टोंस नदी पर बांध बनाया जाएगा। बिजली बनाने के साथ ही इसका प्रयोग किसानों को सिंचाई के लिए पानी देने में किया जाएगा। जिले को भी इस बांध परियोजना में पानी मिलने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो जिले में भूमि भी अधिग्रहित की जाएगी। यहां होगा लाभ जिले में वर्षों से कोई नई नहर परियोजना नहीं आई है। यहां नूरपुर व जलीलपुर क्षेत्र में भूगर्भ जल का स्तर बाकी ब्लाक से नीचे है। हालांकि जलीलपुर क्षेत्र में बरसात में बाढ़ के हालात होते हैं, लेकिन ये बड़े हिस्से में नहीं होता है। इस क्षेत्र के किसानों के लिए किशाऊ बांध परियोजना का पानी बहुत काम आएगा।  

भोपाल के फर्जी IAS केस में बड़ा मोड़, पीड़िता से रिश्वत मांगने का आरोप; ASI और हवलदार पर कार्रवाई

भोपाल भोपाल में फर्जी IAS तृप्ति सिंह से जुड़ी कहानी में अब एक ऐसा मोड़ आया है, जिसने पुलिस की जांच पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. कहानी शुरू हुई थी एक ऐसी महिला से, जिस पर फर्जी IAS बनकर लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोप हैं. उसके खिलाफ तीन FIR दर्ज होने की बात पुलिस ने कही है. कई लोग शिकायत लेकर थाने पहुंचे. लेकिन इसी जांच के दौरान एक शिकायत ऐसी आई, जिसमें आरोप सीधे पुलिसकर्मियों पर लग गए।  आरोप था कि जिन पुलिसवालों से पीड़ित इंसाफ की उम्मीद लेकर थाने पहुंच रहे थे, उन्हीं में से कुछ ने उनसे पैसे मांगने शुरू कर दिए. इसके बाद बागसेवनिया थाने में तैनात ASI मनोज शर्मा और हवलदार सुनील राठौर को लाइन अटैच कर दिया गया।  इस कहानी में ख्याति नाम की युवती की शिकायत अहम है, जो बैतूल की रहने वाली है. ख्याति ने फर्जी IAS तृप्ति सिंह के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की शिकायत की थी. शिकायत की जांच बागसेवनिया थाने में चल रही थी. ख्याति का आरोप है कि जांच के दौरान ASI मनोज शर्मा ने उससे रुपये मांगे।  अब यहां कहानी थोड़ा पेचीदा हो जाती है. ख्याति के मुताबिक, जब उसने पैसे देने से इनकार किया तो उसे ही मामले में आरोपी बनाने की धमकी दी गई. पुलिस की जांच में यह भी सामने आया था कि तृप्ति सिंह के बैंक खाते से ख्याति के खाते में कुछ रकम ट्रांसफर हुई थी. आरोप है कि इसी लेनदेन को आधार बनाकर ख्याति पर कार्रवाई का दबाव बनाया गया।  हालांकि, रिश्वत मांगने के इन आरोपों की जांच अभी होनी है. अभी संबंधित पुलिसकर्मियों का पक्ष इस मामले में सामने नहीं आया है. मामला सामने आने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक शिकायत पहुंची. एसीपी रजनीश कश्यप ने बताया कि ASI मनोज शर्मा और हवलदार सुनील राठौर के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं. आरोप था कि तृप्ति सिंह से जुड़े मामले में शिकायतकर्ताओं से पैसे मांगे जा रहे थे और उन्हें डराया जा रहा था।  शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल थाने से हटाकर लाइन अटैच कर दिया गया. फिलहाल शिकायत सामने आई, वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची और उसके बाद दोनों पुलिसकर्मियों पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई है।  भोपाल में तृप्ति के खिलाफ दर्ज हो चुकीं तीन एफआईआर इस कहानी का दूसरा सिरा फर्जी IAS तृप्ति सिंह से जुड़ा है. पुलिस के मुताबिक, बागसेवनिया थाने में तृप्ति सिंह के खिलाफ तीन FIR दर्ज हो चुकी हैं. मामले में कई शिकायतकर्ता भी सामने आए हैं. ख्याति की शिकायत के आधार पर भी तृप्ति सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. यानी एक तरफ पुलिस तृप्ति सिंह के खिलाफ कथित ठगी के मामलों की जांच कर रही थी, दूसरी तरफ उसी जांच से जुड़े पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतें आने लगीं. मामला यहीं से और उलझ गया।  आरोप ये है कि तृप्ति सिंह के खिलाफ शिकायत लेकर थाने पहुंची ख्याति से ही जांच के दौरान पैसे मांगे गए. जब उसने पैसे देने से इनकार किया तो कथित तौर पर उसे आरोपी बनाने की धमकी दी गई. ख्याति की शिकायत और दूसरी शिकायतों के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दोनों पुलिसकर्मियों को थाने से हटा दिया. लेकिन आरोपों की सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही साफ होगा. फिलहाल तृप्ति सिंह से जुड़े मामलों की जांच जारी है. वहीं ASI मनोज शर्मा और हवलदार सुनील राठौर पर लगे आरोपों की भी जांच हो रही है. जांच के निष्कर्ष के बाद ही साफ होगा कि शिकायतों में लगाए गए आरोप कितने सही हैं। 

प्रदेश के 3.80 लाख युवाओं ने कराया ऑनलाइन पंजीयन, 6 लाख का लक्ष्य; मंत्री सारंग ने बताया सरकार का विजन

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग-2027 प्रदेश के 3.80 लाख युवाओं ने किया ऑनलाइन पंजीयन; 6 लाख पंजीयन का लक्ष्य पीएम मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं मिल रहें नए अवसर : मंत्री सारंग भोपाल खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग-2027 (15 से 29 वर्ष) युवाओं को नेतृत्व, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की एक संरचित, योग्यता-आधारित यात्रा में भाग लेने का एक राष्ट्रव्यापी अवसर है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य उन युवाओं की पहचान करना, उन्हें प्रोत्साहित करना और राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है, जो 2047 तक विकसित भारत में योगदान देना चाहते हैं। मंत्री सारंग ने बताया कि प्रदेश के 3.80 लाख युवाओं ने माय भारत पोर्टल में ऑनलाइन पंजीयन किया है और सरकार ने 6 लाख युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। मंत्री सारंग ने कहा कि इस वर्ष मध्यप्रदेश के लिए ट्राइबल लीडरशिप, नेचुरल रिसोर्सेस और इन्क्लूसिव डेवलपमेंट थीम निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को नए अवसर मिल रहे हैं। विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग युवा प्रतिभा को निखारने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रदेश के युवा बड़ी संख्या में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। अंतिम चरण में चयनित युवा 10-12 जनवरी 2027 को प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। प्रतियोगिता की महत्वपूर्ण तिथियां मंत्री सारंग ने बताया कि 17 अगस्त-30 सितंबर तक विकसित भारत क्विज, 5-19 अक्टूबर तक विकसित भारत निबंध प्रतियोगिता, 10-16 नवंबर जिला चैंपियनशिप, 17 नवंबर–7 दिसंबर राज्य स्तरीय और 10-12 जनवरी, 2027 राष्ट्रीय स्तर, नई दिल्ली इन दिनांकों में निर्धारित कार्यक्रम चरणबद्ध तरीकों से किए जाएंगे। विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग युवा प्रतिभा को निखारने का सशक्त मंच मंत्री सारंग ने बताया कि विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग युवा प्रतिभा को निखारने का एक सशक्त मंच है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बढ़ चढ़ कर मध्यप्रदेश के युवा प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं। यह कार्यक्रम देश के विभिन्न हिस्सों से आए युवाओं को आपस में संवाद करने, विभिन्न संस्कृतियों को समझने तथा भारत की विविधता का सम्मान एवं उत्सव मनाने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं की नेतृत्व क्षमता एवं विविध प्रतिभाओं को प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराना, जिसमें लोकगीत, लोकनृत्य, चित्रकला, भाषण, कविता लेखन आदि क्षेत्र शामिल हैं। क्विज़ से लेकर चैंपियन तक विकसित भारत चैलेंज 5 चरणों वाले मार्ग का अनुसरण करेगा। पहले चरण में (विकसित भारत प्रश्नोत्तरी): डिजिटल क्विज प्रतियोगिता MY Bharat पोर्टल आयोजित की जा रही है। दूसरे चरण में (निबंध लेखन और मूल्यांकन) डिजिटल क्विज प्रतियोगिता में चयनित प्रतिभागी शामिल होंगे। फिर भारत सरकार द्वारा प्राप्त विषयों का निबंध का मूल्यांकन राज्य स्तर पर किया जाएगा। तीसरे चरण में (जिला स्तर पर पीपीटी प्रतियोगिता और मूल्यांकन) निबंध प्रतियोगिता में चयनित प्रतिभागी जिला स्तर पर निर्धारित विषयों में पीपीटी प्रस्तुतीकरण देंगे। फिर जिला स्तर पर मूल्यांकन एवं चयन होगा। चौथे चरण में (राज्य स्तर पर पीपीटी प्रतियोगिता और मूल्यांकन) जिला स्तर पर चयनित प्रतिभागी राज्य स्तर पर निर्धारित विषयों में पीपीटी प्रस्तुतीकरण देंगे। फिर राज्य स्तर पर मूल्यांकन एवं चयन होगा। और अंतिव व पांचवें चरण में (राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता) भारत मंडपम, नई दिल्ली: राज्य स्तर पर चयनित युवा माननीय प्रधानमंत्री के समक्ष राष्ट्रीय युवा महोत्सव में सहभागिता करेंगे। युवा प्रतिभा, नेतृत्व और नवाचार को प्रदर्शित करने वाली 6 श्रेणियां VBYLD-2027 (विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग) 6 प्रमुख श्रेणियों के माध्यम से युवाओं के लिए कई अवसर उपलब्ध कराएगा। विकसित भारत चैलेंज (यह प्रमुख मंच है जो युवाओं को प्रश्नोत्तरी, निबंध प्रतियोगिता और प्रस्तुति-आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से 2047 तक विकसित भारत के लिए अभिनव विचारों और समाधानों को व्यक्त करने में सक्षम बनाता है), सांस्कृतिक प्रतियोगिता (लोकनृत्य, लोकगीत, चित्रकला, भाषण कला और कविता लेखन प्रतियोगिताएं, जो युवाओं को भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत और रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करेंगी), भारत के लिए डिजाइन (वास्तविक दुनिया की विकासात्मक चुनौतियों के लिए समाधान विकसित करने पर केंद्रित एक राष्ट्रीय डिजाइन प्रतियोगिता), हैकिंग फॉर सोशल कॉज (एक टेक्नोलॉजी-आधारित नवाचार चुनौती जो सामाजिक और विकासात्मक चुनौतियों के लिए स्केलेबल डिजिटल समाधान आमंत्रित करती है), युवा उद्यमी चुनौती (VBYLD 2027 के लिए एक नया ट्रैक, जो युवा उद्यमियों को राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप स्टार्टअप पिच और व्यावसायिक योजनाएं प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित करता है) और युवा संसद (इसे VBYLD 2027 में एकीकृत किया गया है, जिसके राष्ट्रीय फाइनलिस्ट राष्ट्रीय VBYLD में भाग लेंगे) शामिल हैं।  

नए दौर की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो रहा छत्तीसगढ़, भविष्य के उद्योगों पर हमारा फोकस : मुख्यमंत्री

भविष्य के उद्योगों का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नए दौर की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो रहा छत्तीसगढ़, भविष्य के उद्योगों पर हमारा फोकस : मुख्यमंत्री सेमीकंडक्टर से ग्रीन एनर्जी तक, भविष्य के उद्योगों का नया गंतव्य बन रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ निवेश और उद्योगों की नई संभावनाओं का केंद्र : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय ने रायपुर में किया ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का शुभारंभ देशभर के 300 से अधिक एमएसएमई उद्यमी तीन दिवसीय औद्योगिक मेले में ले रहे हिस्सा नई औद्योगिक विकास नीति से छत्तीसगढ़ में निवेश को मिली नई गति, प्रस्तावों के साथ धरातल पर भी उतर रही परियोजनाएं : मुख्यमंत्री साय आईटी, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और ग्रीन एनर्जी सहित नए एवं उभरते सेक्टरों पर राज्य सरकार का विशेष फोकस निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ उद्योगों के लिए ‘एक्सीलरेटर’ की भूमिका निभा रही राज्य सरकार स्थानीय संसाधनों के वैल्यू एडिशन और युवाओं के रोजगार को औद्योगिक विकास का आधार बना रही सरकार मुख्यमंत्री ने औद्योगिक स्टॉलों का किया अवलोकन, देशभर से आए उद्यमियों से किया आत्मीय संवाद रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए उद्यमियों, निवेशकों और औद्योगिक प्रतिनिधियों का छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत करते हुए उन्हें प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने और यहां उपलब्ध निवेश की व्यापक संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज अपनी पारंपरिक औद्योगिक ताकत के साथ नई अर्थव्यवस्था और उभरते उद्योगों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। खनिज, ऊर्जा, वन संपदा, पर्याप्त मानव संसाधन और देश के मध्य में अनुकूल भौगोलिक स्थिति हमारी स्वाभाविक ताकत है। राज्य सरकार इन खूबियों को आधुनिक तकनीक, बेहतर अधोसंरचना और निवेशक हितैषी नीतियों से जोड़कर छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की भूमिका केवल उद्योगों के लिए नियामक की नहीं है। हम सरकार को उद्योग और निवेश की राह आसान करने वाले सहयोगी और ‘एक्सीलरेटर’ के रूप में विकसित कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि निवेश का प्रस्ताव आने से लेकर उद्योग के धरातल पर स्थापित होने तक हर चरण में निवेशकों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था मिले। मुख्यमंत्री ने लघु उद्योग भारती द्वारा राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण औद्योगिक आयोजन के लिए रायपुर का चयन किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। बड़े उद्योगों के साथ एमएसएमई का विस्तार होने से स्थानीय स्तर पर उद्यमिता बढ़ती है, रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और आर्थिक गतिविधियों का लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु उद्योग भारती देशभर के 750 से अधिक जिलों में उद्यमियों को संगठित कर उद्योग और उद्यमिता को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ के 25 जिलों में भी 1200 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्योग संगठन से जुड़े हैं। 18 से 20 सितम्बर तक आयोजित इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में देशभर के 300 से अधिक एमएसएमई उद्यमियों की भागीदारी इस आयोजन के महत्व को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह औद्योगिक मेला केवल उत्पादों और तकनीकों की प्रदर्शनी नहीं है। यह उद्यमियों के बीच संवाद, अनुभव, नवाचार और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच है। इसके माध्यम से नए व्यावसायिक संबंध बनेंगे, नई संभावनाओं पर चर्चा होगी और युवाओं को उद्योग तथा उद्यमिता की दुनिया को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। नई औद्योगिक नीति से निवेश को मिली नई गति मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने उद्योग जगत, निवेशकों और विभिन्न हितधारकों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की है। इस नीति का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि ऐसा औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करना है, जिसमें निवेश, उत्पादन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था एक साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति में प्रक्रियाओं के सरलीकरण, निवेशकों को प्रोत्साहन, नए एवं उभरते सेक्टरों को बढ़ावा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। नीति लागू होने के बाद प्रदेश को बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और प्रसन्नता की बात है कि अनेक परियोजनाओं पर धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल कोयला, स्टील और सीमेंट जैसे पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार प्रदेश के औद्योगिक आधार को विविधता देने के लिए आईटी, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल, ग्रीन एनर्जी सहित विभिन्न नए और भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों को प्रोत्साहित कर रही है। प्रदेश में लगभग 1100 करोड़ रुपए की सेमीकंडक्टर परियोजना पर कार्य प्रारंभ होना इस बदलते औद्योगिक परिदृश्य का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को आधुनिक टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। यहां आधुनिक अधोसंरचना के साथ नए उद्योगों और तकनीक आधारित कंपनियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। राज्य में टेक्नोलॉजी हब और इंडस्ट्री एक्सीलेंस हब विकसित करने की दिशा में भी सरकार आगे बढ़ रही है। निवेशकों के लिए प्रक्रियाएं सरल, सरकार बनेगी सहभागी मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी राज्य में उद्योग तभी तेजी से आगे बढ़ सकते हैं, जब निवेशकों को नीतिगत स्थिरता के साथ सरल और पारदर्शी प्रक्रियाएं मिलें। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योग स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने की दिशा में काम किया है, ताकि निवेशकों को विभिन्न कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि उद्योगों को समय पर आवश्यक भूमि, अधोसंरचना और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार चाहती है कि उद्यमी अपना समय और ऊर्जा प्रक्रियागत जटिलताओं में लगाने के बजाय उत्पादन, नवाचार, विस्तार और रोजगार सृजन में लगाएं। खनिज, ऊर्जा और वन संपदा छत्तीसगढ़ की बड़ी ताकत मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से देश … Read more

राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह के बलिदान को CM यादव ने किया नमन, अर्पित की श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमर शहीद राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह को अर्पित की श्रद्धांजलि  भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गोंडवाना साम्राज्य के अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के 169वें बलिदान दिवस पर माल गोदाम चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिमा स्‍थल के समीप बने देव स्‍थल पर पूजन-अर्चन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलिदान स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए नगर निगम जबलपुर को बधाई देते हुये कहा कि सरकार जनजातीय अंचलों के महानायकों और महापुरुषों की स्मृतियों को संरक्षित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। रानी दुर्गावती सहित अनेक जनजातीय नायकों के योगदान को स्मरण करते हुए उनकी गौरवशाली विरासत को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गढ़ा मंडला और किला सहित ऐतिहासिक स्थलों के विकास और सौंदर्यीकरण के माध्यम से नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया जा रहा है। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, जनजातीय कार्य तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री विजय शाह और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव संग्रहालय पहुंचकर अमर शहीदों को किया नमन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रानी दुर्गावती चिकित्सालय के सामने स्थित राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह संग्रहालय में बंदीग्रह में पहुंचकर उनकी गौरव गाथा को याद करते हुए राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह की प्रतिमाओं पर पुष्‍पांजली अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलन किया। उन्होंने संग्रहालय परिसर में स्थित सरग नसैनी पर भी पूजन-अर्चन किया।

तंजानिया के प्रतिनिधिमंडल ने रांची में समझी स्मार्ट खेती, ऑटोमेटेड इरिगेशन का लिया अनुभव

रांची तंजानिया के खनिज मंत्रालय के 27 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कोल मैनेजमेंट (IICM) में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत ‘उन्नत कृषि’ परियोजना का एक्सपोजर विजिट किया. इस दौरान प्रतिनिधिमंडल को परियोजना के उद्देश्य, प्रमुख गतिविधियों और किसानों को मिल रहे लाभों की जानकारी दी गई. ऑटोमेटेड इरिगेशन सिस्टम और कृषि ड्रोन तकनीक का लाइव डेमो प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि ICT और IoT आधारित आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से डेटा आधारित खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस दौरान ऑटोमेटेड इरिगेशन सिस्टम और कृषि ड्रोन तकनीक का लाइव डेमो भी दिखाया गया. प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से खेती में होने वाले बदलावों और इसके व्यावहारिक उपयोग को करीब से समझा. किसानों से किया संवाद विजिट के दौरान तंजानिया के प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना से जुड़े किसानों और टीम के सदस्यों से संवाद किया. प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने तकनीक आधारित खेती, कृषि उत्पादकता और किसानों को होने वाले लाभों से जुड़े कई सवाल पूछे. उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों को लेकर अपनी रुचि भी व्यक्त की. तंजानिया में भी इस तरह की आधुनिक कृषि प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप सेड्रोन तकनीक, मोबाइल ऐप और डेटा आधारित कृषि व्यवस्था के बारे में जानकारी ली. सदस्यों ने तंजानिया में भी इस तरह की आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने में रुचि दिखाई. इस अवसर पर सीसीएल की ओर से जॉन बोदरा, निधि समृद्धि फाउंडेशन की ओर से रवि शंकर कुमार, सूरज सिन्हा, चंचल कच्छप, स्मार्ट फार्मर सुखदेव उरांव, घुमेश्वर उरांव, राजेश उरांव, सोमरा उरांव, सीमा देवी, उषा देवी और मुन्नी गाड़ी सहित अन्य किसान एवं परियोजना टीम के सदस्य मौजूद रहे. ग्रामीण विकास में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर सीसीएल की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत संचालित ‘उन्नत कृषि’ परियोजना के माध्यम से आधुनिक कृषि तकनीकों को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है. परियोजना से जुड़े आदिवासी युवा और किसान ड्रोन तकनीक और मोबाइल ऐप जैसे आधुनिक साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं. आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से कृषि क्षेत्र में बेहतर परिणाम विजिट को तकनीकी ज्ञान, अनुभव और कृषि क्षेत्र में संभावित सहयोग के आदान-प्रदान की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया. परियोजना से जुड़े लोगों ने कहा कि उचित अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर किसान आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर कृषि क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं.

बच्चों की सुरक्षा को लेकर बिहार पुलिस का बड़ा कदम, हर थाने में चाइल्ड हेल्प डेस्क बनेगा

पटना  बिहार में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य के सभी पुलिस थानों में अब चाइल्ड हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा। इसकी शुरुआत गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर से होगी। गृह विभाग ने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा और उनकी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए यह पहल की है। पुलिस मुख्यालय ने गुरुवार को जारी बयान में इसकी जानकारी दी। थाने में बच्चों के लिए अलग और सुरक्षित जगह निर्देश के मुताबिक चाइल्ड हेल्प डेस्क को थाने के ऐसे स्थान पर बनाया जाएगा, जहां बच्चों और उनके अभिभावकों की आसानी से पहुंच हो। इसे पुलिस थाने के लॉकअप से पूरी तरह अलग रखा जाएगा। डेस्क पर चाइल्ड वेलफेयर पुलिस ऑफिसर और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी के नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे। बच्चियों के मामलों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती बच्चियों से जुड़े मामलों के लिए चाइल्ड हेल्प डेस्क पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। डेस्क पर प्रदर्शित संपर्क नंबर 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। बच्चों और उनके अभिभावकों की ओर से मिलने वाली ई-शिकायतों और सहायता के अनुरोधों पर निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई की जाएगी। शिकायत और उस पर की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड भी व्यवस्थित रूप से रखा जाएगा। पुलिस अधिकारियों की होगी नियमित निगरानी गृह विभाग ने यह व्यवस्था बिहार पुलिस अधिनियम, 2007 और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू करने का फैसला लिया है। चाइल्ड हेल्प डेस्क की नियमित निगरानी डीएसपी, विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रभारी और जिला स्तर के अन्य वरीय अधिकारी करेंगे। 2 अक्टूबर तक व्यवस्था, 5 अक्टूबर तक रिपोर्ट सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि 2 अक्टूबर तक सभी थानों में चाइल्ड हेल्प डेस्क की व्यवस्था लागू कर दी जाए। इसके बाद 5 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजनी होगी। नई व्यवस्था के जरिए बच्चों और उनके अभिभावकों को थाने में शिकायत दर्ज कराने और सहायता पाने के लिए अलग, सुलभ और सुरक्षित माध्यम उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

कलेक्टर एवं एसपी ने धनगवां सहकारी समिति का किया निरीक्षण

कलेक्टर एवं एसपी ने धनगवां सहकारी समिति का किया निरीक्षण  कलेक्टर ने समिति कार्यालय के सामने के अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश कलेक्टर ने धान खरीदी पंजीयन को लेकर किसानों में जागरूकता बढ़ाने और व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश अनूपपुर  कलेक्टर रत्नाकर झा एवं पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब ने आज जनपद पंचायत जैतहरी अंतर्गत बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित धनगवां का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान समिति कार्यालय के सामने स्थानीय लोगों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण को कलेक्टर ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए। कलेक्टर ने दूरभाष के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को समिति कार्यालय के सामने किए गए अतिक्रमण को शीघ्र हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासकीय एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को नियमानुसार हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर झा ने समिति प्रबंधक से आगामी धान खरीदी के लिए किसानों के पंजीयन की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। समिति प्रबंधक ने बताया कि धान खरीदी के लिए पंजीयन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है और किसान पंजीयन करा रहे हैं। इस पर कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक किसानों तक पंजीयन की जानकारी पहुंचाई जाए तथा इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएं। कलेक्टर ने समिति प्रबंधक को समिति परिसर में धान खरीदी संबंधी बोर्ड लगाने तथा धान उपार्जन के लिए पंजीयन की तिथि स्पष्ट रूप से चस्पा करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को पंजीयन प्रक्रिया एवं निर्धारित तिथियों की जानकारी आसानी से मिल सके। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में भी किसानों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पटवारी एवं कोटवार के माध्यम से ग्राम पंचायतों में मुनादी कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि धान खरीदी पंजीयन से जुड़ी जानकारी किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए, जिससे कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित न रहे। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के कर्मचारी उपस्थित रहे।

कश्मीर की वादियों की सैर कराएगा IRCTC, लखनऊ से शुरू होगा 6 दिन का खास टूर पैकेज

लखनऊ  लखनऊ से शुरू होने वाला IRCTC का ‘जन्नत-ए-कश्मीर’ हवाई टूर पैकेज कश्मीरी वादियों की सैर करने के लिए एक शानदार विकल्प है। 3 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस 5 रात और 6 दिन के टूर के दौरान पर्यटकों को श्रीनगर, सोनमर्ग, पहलगाम और गुलमर्ग की सैर का आनंद मिलेगा। इस पैकेज के तहत लखनऊ से श्रीनगर आने-जाने की यात्रा फ्लाइट के जरिए तय होगी, जबकि ठहरने के लिए 3 सितारा होटल और पारंपरिक हाउस बोट का इंतज़ाम रहेगा। यात्रा के दौरान डल झील, सोनमर्ग, गुलमर्ग, पहलगाम, खिलनमर्ग, बेताब घाटी, चंदनवारी और अरु घाटी जैसे खूबसूरत स्थानों का भ्रमण कराया जाएगा। यात्रियों को अलग से करना होगा भुगतान इसके साथ ही यात्री शंकराचार्य मंदिर, मुगल गार्डन, निशात बाग, चश्मेशाही, शालीमार गार्डन और हजरतबल दरगाह के दर्शन भी कर सकेंगे। गुलमर्ग में मशहूर गोंडोला केबल कार की सुविधा उपलब्ध रहेगी, लेकिन इसके लिए यात्रियों को अलग से भुगतान करना पड़ेगा। किराए की बात करें तो अकेले यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति शुल्क 49,100 रुपये तय किया गया है। दो लोगों के एक साथ ठहरने पर प्रति व्यक्ति 43,000 रुपये और तीन लोगों के शेयरिंग पर 41,500 रुपये प्रति व्यक्ति किराया लगेगा। बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों के लिए बेड सहित पैकेज का शुल्क 33,100 रुपये और बिना बेड के 30,500 रुपये रखा गया है। IRCTC उत्तरी क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा के अनुसार इस टूर पैकेज में बुकिंग 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर होगी। यात्रा के इच्छुक लोग पर्यटन भवन, गोमती नगर, लखनऊ स्थित IRCTC कार्यालय जाकर बुकिंग करा सकते हैं या फिर IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट irctctourism.com के जरिए सीधे ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं।