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एमएसएमई और ओ.एन.डी.सी के बीच हुआ एमओयू

भोपाल छतरपुर के एक जिला एक उत्पाद लकड़ी फर्नीचर उद्योग को राष्ट्रीय बाज़ार, आधुनिक डिज़ाइन, ब्रांडिंग और निर्यात नेटवर्क से जोड़ने पर केंद्रित मध्यप्रदेश एक जिला-एक उत्पाद प्रगति सम्मेलन 2026 में 18 विषय विशेषज्ञों ने अनेक जानकारी साझा की। सम्मेलन का आयोजन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा किया गया। सम्मेलन में एमएसएमई विभाग, मध्यप्रदेश एवं ओएनडीसीके बीच एमओयू हुआ, जिससे प्रदेश भर के एमएसएमई उद्यमियों और स्टार्ट-अप्स को डिजिटल ई-कॉमर्स नेटवर्क से जोड़ने में सहयोगी सिद्ध होगा और उनके उत्पादों को देशभर में पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। उल्लेखनीय है कि ‘छतरपुर फर्नीचर’ को भारत सरकार द्वारा जीआईटैग प्रदान किया जा चुका है जो लकड़ी के फर्नीचर की शिल्प कला की विशिष्ट पहचान की आधिकारिक स्वीकृति है। सम्मेलन में मुख्यत: अमेजॉन इंडिया, पीपरफ्राय वालमार्ट वृद्धि, ओएनडीसी, बायंग एजेंट एसोसिएशन और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के प्रतिनिधियों ने क्रेता-विक्रेता बैठकों एवं सत्र में भाग लिया। छतरपुर के उद्यमियों को ई-कॉमर्स, निर्यात के अवसर, उत्पाद की पैकेजिंग और बाजार पहुँच संबंधी व्यावहरिक मार्गदर्शन दिया। राष्ट्रीय डिज़ाइन संस्थान, वन अनुसंधान संस्थान, भारतीय वन प्रबंधन संस्थान और फेब इंडिया के विशेषज्ञों ने डिज़ाइन, शिल्प कला और पर्यावरणीय पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया। सम्मेलन में छतरपुर के लकड़ी के फर्नीचर को बाजार पहुंच एवं आधुनिक डिजाइन सपोर्ट के लिए छतरपुर फर्नीचर एसोसिएशन ने अमेजॉन इंडिया के साथ एमओयू किये जाने की मौखिक सहमति दी है। प्रस्ताव प्राप्त होने पर विभाग द्वारा यथा संभव सहायता की जाएगी। स्थानीय विधायक मती ललिता यादव ने छतरपुर में फर्नीचर कलस्टर की स्थापना के लिए प्रयास किए जाने पर जोर दिया। अतिथि और वक्ताओं को स्मृति चिन्ह स्वरूप छतरपुर नक्काशी से प्रेरित लकड़ी पर उकेरा गया विभागीय लोगो से सम्मानित किया गया। सम्मेलन में करीब 200 से अधिक फर्नीचर उद्यमी, कारीगर और संस्थागत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

100 से अधिक हितग्राहियों को राशन कार्ड, आवास की चाबी, बीज, सुपोषण किट, श्रवण यंत्र व अन्य सामग्री का वितरण

रायपुऱ सुशासन तिहार: गोपालपुर समाधान शिविर में पहुंचे प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन, 17 पंचायतों के ग्रामीणों को मिला योजनाओं का लाभ सुशासन तिहार-2026 के अंतर्गत खैरागढ़ जिले के विकासखंड छुईखदान की ग्राम पंचायत गोपालपुर में आयोजित समाधान शिविर में वाणिज्य, उद्योग तथा श्रम एवं जिले के प्रभारी मंत्री  लखन लाल देवांगन शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण कर आवेदनों के निराकरण की समीक्षा की तथा अधिकारियों को त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री  लखन लाल देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं गरीब, किसान, श्रमिक और आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आवास, सड़क, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में प्रारंभ की गई योजनाओं ने विकास और जनकल्याण को नई दिशा दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान राज्य सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, बकाया बोनस वितरण, तेंदूपत्ता संग्राहकों को बढ़ा हुआ पारिश्रमिक तथा रामलला दर्शन योजना जैसे वादों को पूरा कर रही है।  देवांगन ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और प्रशासन को सीधे जनता तक पहुंचाना तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। शिविरों के माध्यम से लोगों को योजनाओं की जानकारी और लाभ प्रदान किए जा रहे हैं तथा प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय स्वयं प्रदेशभर में भ्रमण कर जनसमस्याओं की जानकारी ले रहे हैं और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार आने वाले समय में भी जनहित और विकास के कार्यों को इसी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाती रहेगी। जिला पंचायत अध्यक्ष मती प्रियंका खम्हन ताम्रकार ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक शासकीय योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष  विक्रांत सिंह ने कहा कि इस पहल से ग्रामीणों की मांगों एवं समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित हो रहा है। कलेक्टर  इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने बताया कि सुशासन तिहार-2026 के तहत जिले में अब तक लगभग 22 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 70 प्रतिशत से अधिक का निराकरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि नवगठित जिले में सीमित संसाधनों के बावजूद प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, मीडिया एवं आमजन के सहयोग से कार्यक्रम का सफल आयोजन संभव हो पाया है। विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को मिला लाभ शिविर में 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने भाग लिया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 5 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास की चाबी प्रदान की गई। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र, मोमेंटो, पुस्तकें एवं गणवेश वितरित किए। कृषि विभाग ने 5 किसानों को मूंग बीज तथा उद्यानिकी विभाग ने 5 हितग्राहियों को सब्जी मिनी किट प्रदान की। मत्स्य विभाग ने 2 हितग्राहियों को मछली जाल एवं 2 को आइस बॉक्स वितरित किए। समाज कल्याण विभाग द्वारा 4 श्रवण यंत्र एवं 10 छड़ियां प्रदान की गईं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने 5 सुपोषण किट एवं 5 स्वच्छता किट वितरित कीं, जबकि खाद्य विभाग ने 5 हितग्राहियों को राशन कार्ड प्रदान किए। स्वास्थ्य विभाग ने 10 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त होने पर प्रशस्ति पत्र तथा 3 टीबी मरीजों को पोषण आहार प्रदान किया। स्वास्थ्य शिविर में 142 मरीजों का उपचार स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित शिविर में कुल 142 मरीजों का उपचार किया गया। 79 लोगों की रक्तचाप एवं शुगर जांच, 26 लोगों की नेत्र जांच, 52 एक्स-रे तथा 15 मलेरिया जांच की गई। शिविर में 112 आभा आईडी, 22 आयुष्मान कार्ड एवं 3 वय वंदन कार्ड बनाए गए। एक कुपोषित बच्चे की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक परामर्श भी दिया गया। स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त 2 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया तथा कोई भी आवेदन लंबित नहीं रखा गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मती प्रियंका खम्हन ताम्रकार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  विक्रांत सिंह, पूर्व संसदीय सचिव  कोमल जंघेल, जिला पंचायत सभापति  ललित चोपड़ा, जनपद पंचायत अध्यक्ष मती पुष्पा प्रकाश वर्मा, कलेक्टर  इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, पुलिस अधीक्षक  लक्ष्य शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  प्रेम कुमार पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

गरीबों का हक छीनने, व्यापारियों को धमकाने और बेटी की इज्जत से खिलवाड़ करने वालों को छोड़ेगी नहीं सरकार: सीएम योगी

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास और उद्यम के लिए सुरक्षा सर्वाधिक जरूरी है। सुरक्षा के बिना न सुशासन आ सकता है और न ही समृद्धि। 2017 के बाद से सरकार अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ आगे बढ़ी है। इस नीति से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। जीरो टॉलरेंस की नीति न मानने वाले जिस बोली-भाषा में समझेंगे, उसी में समझा दिया जाएगा, लेकिन किसी को नौजवानों के रोजगार पर डकैती नहीं डालने दी जाएगी।  सीएम योगी बुधवार को गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के सेक्टर-13 में 42.50 करोड़ रुपये की लागत से बने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले और प्रदेश के दूसरे फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण तथा गीडा में सेवायोजित कामगारों के लिए ईडब्ल्यूएस-एलआईजी आवासीय परिसर का उद्घाटन करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने गीडा के विभिन्न सेक्टर्स के लिए करीब 208 करोड़ रुपये के 71 विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने ईडब्ल्यूएस व एलआईजी भवन के आवंटियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। औद्योगिक भूमि के आवंटियों को भी मुख्यमंत्री के हाथों आवंटन पत्र प्राप्त हुए। सीएम ने नाइलिट से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को भी प्रमाण पत्र प्रदान किए।  पाताल से भी खोजकर निकाल लाएंगे दुस्साहस करने वालों को अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद से यूपी ने सुरक्षा का एक मॉडल उपलब्ध कराया है। इससे औद्योगिक विकास हुआ और लाखों नौजवानों को रोजगार मिला। अकेले गीडा में पिछले कुछ वर्षों में 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। सुरक्षा का माहौल बने बिना यह संभव नहीं था। सरकार ने तय किया है कि विकास की प्रक्रिया सतत जारी रहेगी, सुरक्षा सबको मिलेगी और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव सबको मिलेगा। पर, किसी ने गरीबों का हक छीनने की कोशिश की, व्यापारियों को धमकाने की कुत्सित प्रयास किया या बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ करने का दुस्साहस किया तो सरकार छोड़ेगी नहीं। ऐसे लोगों को पाताल से भी खोजकर निकाल लाएंगे। यूपी में जीरो टॉलरेंस के भाव से यही कार्य किया जा रहा है।  सुरक्षा का माहौल बना तो मिले 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में बने सुरक्षा के माहौल से सरकार को 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव धरातल पर उतारे जा चुके हैं और 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव ग्राउंड ब्रेकिंग के लिए तैयार हैं। बड़े पैमाने पर हुए निवेश से लाखों लोगों को नौकरी और रोजगार मिला है। एमएसएमई को प्रोत्साहन मिलने से 3 करोड़ लोगों को उनके गांव-क्षेत्र में ही रोजगार प्राप्त हुआ है।  हर जिले के नौजवान को मिली सरकारी नौकरी मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ ही सरकार ने भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ भी जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। इसका परिणाम है कि प्रदेश में 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गईं हैं। प्रदेश के सभी जिलों के युवाओं को सरकारी नौकरी मिली हैं। प्रदेश में सरकारी नौकरियों में भर्ती के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।  अच्छी सरकार से ही बेहतरीन उपलब्धि संभव सीएम योगी ने कहा विकास, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में बेहतरीन उपलब्धि तभी संभव है, जब अच्छी सरकार आती है। अच्छी सरकार तब बनती है, जब जनता अच्छे जनप्रतिनिधि चुनती है। 2014 में जनता ने जब नरेंद्र मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाया तो उनके नेतृत्व में भारत के प्रति दुनिया का दृष्टिकोण बदला है। नए भारत में विकास के साथ विरासत का संरक्षण हो रहा है। पीएम मोदी के आह्वान पर 2017 में यूपी की जनता ने भाजपा की सरकार बनाई तो इस सरकार ने जनता की आकांक्षाओं से दो कदम आगे बढ़कर कार्य किया। मुख्यमंत्री ने अच्छे जनप्रतिनिधि के चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि जनता ने रविकिशन को सांसद, विपिन सिंह और प्रदीप शुक्ल जैसे नेताओं को विधायक चुना तो विकास प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ी।  9 वर्षों में बदल गया है गीडा   मुख्यमंत्री ने गीडा में हो रहे औद्योगिक विकास पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बीते 9 वर्षों में गीडा बदल गया है। यहां के उद्योगों में स्टील, पाइप, अच्छे कपड़े बन रहे हैं। पेप्सिको की फ्रेंचाइजी वरुण बेवरेज व बिसलेरी की भी यूनिट लगी है। नए-नए उद्योग आ रहे हैं। अच्छी डिस्टिलरी लग रही है। गीता प्रेस का संस्थान भी यहां बन रहा है। उद्योग केवल उत्पादन के केंद्र नहीं हैं, बल्कि वे रोजगार भी ला रहे हैं। गीडा के नाइलिट सेंटर से मिल रही ट्रेनिंग युवाओं को यहीं रोजगार उपलब्ध होने की गारंटी भी है। धुरियापार क्षेत्र तक हो रहा गीडा का विस्तार मुख्यमंत्री ने कहा कि गीडा का विस्तार अब धुरियापार क्षेत्र तक हो रहा है। धुरियापार क्षेत्र में 7 हजार एकड़ में इंडस्ट्रियल टाउनशिप बन रही है। वहां सीमेंट, पेंट की फैक्ट्री आ रही है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस से उद्योग जगत को भी बड़ा फायदा हो रहा है। इससे गोरखपुर से लखनऊ जाने में लगने वाला समय 7-8 घंटे से कम होकर तीन-साढ़े तीन घंटे रह गया है। फ्लैटेड फैक्ट्री एमएसएमई के लिए ‘रेडी टू यूज’ का बेहतरीन मॉडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फ्लैटेड फैक्ट्री को एमएसएमई यूनिट्स के लिए रेडी टू यूज यानी प्लग एंड प्ले का बेहतरीन मॉडल बताया। इसे गीडा का अभिनव प्रयास बताते हुए सीएम ने कहा कि जिन युवाओं के पास जमीन खरीदने और फैक्ट्री लगाने का पैसा नहीं है, वे सीधे यहां आकर काम शुरू कर सकते हैं। छोटी पूंजी लगाकर भी यहां अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। रेडीमेड गारमेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक और अन्य एमएसएमई यूनिट्स के लिए यह बेहतरीन मॉडल साबित होगा। उन्होंने दूरदराज से आकर गीडा में सेवायोजित कामगारों के लिए सस्ते दर पर बेहतरीन आवासीय सुविधा देने के लिए भी गीडा की तारीफ की। सीएम योगी के नेतृत्व में इंडस्ट्रियल हब बन रहा गीडा: रविकिशन समारोह में सांसद रविकिशन ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में गीडा बड़ा इंडस्ट्रियल हब बन रहा है। यह युवाओं के रोजगार के लिए बड़ा केंद्र बन रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए सहजनवा के विधायक प्रदीप शुक्ल ने कहा कि सीएम योगी … Read more

यूपी में रोजगार और पर्यावरण पर बड़ा फोकस, 5 से 21 जून तक चलेगा विशेष कार्यक्रम

लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बड़ा अभियान चलाने जा रही है। श्रम एवं सेवायोजन विभाग प्रदेश में पांच से 21 जून तक '12 साल विश्वास के, विकास के' जनकल्याण अभियान चलाएगा। अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण, श्रमिक कल्याण योजनाओं के प्रचार, रोजगार सेवाओं, ईएसआई कवरेज विस्तार और योग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसकी तैयारियों को लेकर मंगलवार को योगी सरकार में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को विस्तृत निर्देश दिए गए। श्रम मंत्री ने निर्देश दिए कि पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर विभागीय कार्यालयों, अटल आवासीय विद्यालयों, विहान विद्यालयों तथा ईएसआई अस्पतालों में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान चलाया जाएगा। परिसर को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए विशेष अभियान भी संचालित होगा। आठ से 14 जून तक विशेष जनसंपर्क अभियान के तहत श्रम संहिताओं, श्रमिक समस्याओं और ईएसआई सेवाओं पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जानकारी देने के लिए शिविर लगाए जाएंगे पात्र श्रमिकों को ईएसआई योजना से जोड़ने और योजनाओं की जानकारी देने के लिए शिविर लगाए जाएंगे। इसी अवधि में जनकल्याण मेले आयोजित कर रोजगार संगम पोर्टल, सेवामित्र योजना, विदेशों में रोजगार के अवसर और बाल श्रम उन्मूलन अभियान की जानकारी दी जाएगी। श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। 17 से 20 जून तक विभागीय योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जबकि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सभी कार्यालयों, अस्पतालों और फैक्ट्रियों में योग कार्यक्रम आयोजित होंगे। बैठक में प्रमुख सचिव डा. एमके शन्मुगा सुंदरम, विशेष सचिव, अपर श्रमायुक्त, सेवायोजन निदेशक, कर्मचारी राज्य बीमा योजना के निदेशक, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड और असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे। प्रदेश भर में 07 जून तक चलेगा विश्व दुग्ध दिवस अभियान वहीं विश्व दुग्ध दिवस’ के अवसर पर प्रदेश भर में 1 से 7 जून तक ‘विश्व दुग्ध दिवस अभियान’ चलाया जा रहा है। सभी गौशालाओं में विशेष जागरूकता अभियान चल रहा है। अभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला दुग्ध उत्पादकों को सम्मानित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं डेयरी गतिविधियों से जुड़ कर आत्मनिर्भर बन सकें। इसके साथ ही प्रदेश की सभी गौशालाओं में स्वच्छता, पशु कल्याण, गोसंवर्धन एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, गोसंवर्धन और पशु स्वास्थ्य के प्रति व्यापक जनजागरूकता पैदा करने के लिए प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

अस्पताल पहुंचने से पहले प्रसव: खरगोन के सार्वजनिक शौचालय में गूंजी नवजात की किलकारी

खरगोन  भीकनगांव बस स्टैंड स्थित एक सार्वजनिक शौचालय में बुधवार सुबह एक गर्भवती महिला ने बच्चे को जन्म दिया। प्राथमिक उपचार के बाद महिला और नवजात को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है। भीकनगांव के बीएमओ विजय वर्मा ने बताया कि बुधवार सुबह सूचना मिली थी कि बस स्टैंड के सार्वजनिक शौचालय में एक महिला की डिलीवरी हो गई है। सूचना मिलते ही एंबुलेंस और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम को मौके पर भेजा गया। महिला की पहचान झिरनिया ब्लाक के तेड़ गांव निवासी अनीता के रूप में हुई है। यह उसकी दूसरी डिलीवरी है। वर्मा के अनुसार अनीता को उसके पति अमर सिंह ने मंगलवार को जिला अस्पताल खरगोन में भर्ती कराया था। बाद में वे किसी कारणवश घर लौटने लगे। इसी दौरान भीकनगांव पहुंचने पर महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और उसने बस स्टैंड के सार्वजनिक शौचालय में बच्चे को जन्म दे दिया। उन्होंने बताया कि मौके पर पहुंची स्वास्थ्य टीम ने महिला और नवजात को प्राथमिक उपचार दिया और एंबुलेंस से लगभग 40 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल खरगोन भेजा। महिला ने 1.8 किलोग्राम वजन के बालक को जन्म दिया है। भीकनगांव के शासकीय अस्पताल में नर्सिंग आफिसर व मैटरनिटी इंचार्ज ज्योति पिंडरे ने बताया कि ब्लाॅक मेडिकल ऑफिसर के निर्देश पर स्वास्थ्य दल मौके पर पहुंचा और आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल लाया गया। सिर्फ रेफर किए जाने की बात कही जिला स्वास्थ्य अधिकारी चंद्रजीत सांवले ने बताया कि गर्भवती महिला का गर्भकाल लगभग 32 सप्ताह का था और उसे मंगलवार को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। जांच के दौरान पीलिया और अन्य संभावित जटिलताओं को देखते हुए स्त्री रोग विशेषज्ञ शारदा कनास ने परिजनों को इंदौर रेफर किए जाने की संभावना के बारे में जानकारी दी थी। हालांकि, रेफरल की औपचारिक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। सांवले ने बताया कि बुधवार सुबह महिला और उसके परिजन बिना अस्पताल को सूचित किए जिला अस्पताल से चले गए।     आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल से एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें इंदौर भेजा जाता।     उन्होंने कहा कि भीकनगांव से सूचना मिलते ही महिला और नवजात को जिला अस्पताल रेफर किया गया।     जहां महिला को हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) और नवजात को स्पेशल न्यूबार्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती किया गया है। दोनों की स्थिति फिलहाल स्थिर है।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया गोरखपुर, आजमगढ़ व बस्ती की संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता संगोष्ठी-2026 का शुभारंभ

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 वर्षों में खेती-किसानी के क्षेत्र में आए परिवर्तन के कारण अन्नदाता किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। किसान समाज व राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ते हुए आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर रहे हैं। देश की सबसे अच्छी उर्वरा भूमि और सर्वाधिक सिंचित भूमि (86 फीसदी) यूपी में है। रबी-खरीफ व जायद की तीनों फसलों से किसानों को अच्छा दाम भी मिल रहा है। यह किसानों की मेहनत का परिणाम है कि यूपी का बीमारूपन दूर हुआ और राज्य समृद्ध बना। किसानों ने कृषि विकास दर को 8 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत तक पहुंचाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित गोरखपुर, आजमगढ़ व बस्ती की संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता संगोष्ठी-2026 का शुभारंभ करने के उपरांत उपस्थित जन-समूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को  सम्मानित किया और उन्हें ट्रैक्टर की चाबी व केसीसी प्रमाण पत्र प्रदान किए। संगोष्ठी का संचालन चारूशीला सिंह ने किया। 2005-2014 के बीच देश में अनगिनत किसानों ने की आत्महत्या सीएम योगी ने कहा कि 12 वर्ष पहले किसान आत्महत्या पर मजबूर थे। 2005 से 2014 के बीच देश में अलग-अलग स्थानों पर अनगिनत किसानों ने आत्महत्या की थी। इसके पीछे भी त्रासदी थी, उनके लिए अच्छी क्वालिटी के बीज, उचित एमएसपी, आपदा से बचाव के उपयुक्त प्रबंध नहीं थे। लागत अधिक-उत्पादन कम था। यदि किसान ने मेहनत से अन्न उत्पादन किया भी तो उसके क्रय की उचित व्यवस्था नहीं थी।  धरती माता के स्वास्थ्य का भी परीक्षण करा रही सरकार सीएम ने कहा कि पहली बार कोई सरकार कह रही है कि जैसे हम अपने उत्तम स्वास्थ्य के लिए हेल्थ चेकअप करवाते हैं, ऐसे ही धरती माता के स्वास्थ्य का भी परीक्षण होना चाहिए। पीएम मोदी ने 2014 से अनिवार्य रूप से फ्री में सॉइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना लागू हुईं। दलहन-तिलहन आयात में सरकार को लाखों-करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते थे, लेकिन किसानों को अच्छे बीज देकर दलहन-तिलहन के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विशेष अभियान प्रारंभ किया।  हमारी सरकार ने किसानों के लिए उठाए अभूतपूर्व कदम सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ दिया गया, जिससे अन्नदाता किसान साहूकार के सामने हाथ नहीं फैलाए और न ही कर्ज से दबे। मंडी में व्यापक रिफॉर्म किया गया। प्रदेश में जब डबल इंजन सरकार आई तो उसने भी इसे मजबूती से बढ़ाया। किसानों के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए। 2017 में पहली कैबिनेट मीटिंग में कर्ज से दबे किसानों को राहत दी गई। फसल ऋण की विशेष योजना प्रारंभ की गई। प्रयास रहा कि किसानों को लागत का डेढ़ गुना दाम प्राप्त हो। जगह-जगह सरकारी क्रय केंद्र खोलकर उनकी उपज को खरीदा गया। दशकों से लंबित परियोजनाएं पूरी हुईं  सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को प्रारंभ करने के साथ बाणसागर, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, बुंदेलखंड आदि से जुड़ी परियोजनाओं को पूरा कराया गया। 24 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई। सरकार निजी नलकूप में भी किसानों को फ्री बिजली देती है और इसके लिए 3000 करोड़ रुपये का भुगतान भी करती है।  यूपी ने खाद्यान्न में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को किया प्राप्त  सीएम ने कहा कि यूपी क्षेत्रफल में देश में चौथे स्थान पर है, इसके बावजूद खाद्यान्न, चीनी, एथेनॉल, आलू, सब्जी व दुग्ध का सर्वाधिक उत्पादन कर रहा है। सरकार के साथ किसानों की मेहनत का परिणाम सामने है। सरकार रबी, खरीफ के समय गोष्ठी के माध्यम से किसानों को बीज, तकनीक, शासन की योजनाओं के बारे में बताती है और उनके सुझावों/परेशानियों की जानकारी लेती है।  आत्मनिर्भरता का लक्ष्य प्राप्त करने का माध्यम बनेगा किसान मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने का माध्यम बनेगा। सरकार का काम है कि किसान शोषण-अभाव से मुक्त हो, उसके सामने चुनौती न हो, उनके कार्यों में बाधाओं को हटाया जाए। उन्हें अच्छा बीज मिल सके, सुविधा संपन्न करने के साथ उन्हें मंडी से जोड़ा जाए और समय पर उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति की जाए। उत्तर प्रदेश में यह सब संभव हो पा रहा है। यूपी के पास देश की कुल कृषि योग्य भूमि में केवल 11 फीसदी भूमि है, लेकिन वह कुल खाद्यान्न उत्पादन में 21 फीसदी योगदान कर रहा है। यूपी की आबादी देश की कुल जनसंख्या का 16-17 फीसदी है। खाद्यान्न, सब्जी, औद्यानिक फसलों में यूपी देश को लीड कर रहा है, इसके बावजूद कई चुनौतियां भी हैं। परिजनों को 24 घंटे में पांच लाख की सहायता सीएम ने कहा कि यूपी में किसानों, सह किसानों (बटाईदारों) व उनके पारिवारिक सदस्यों को भी किसी हादसे की स्थिति में मुख्यमंत्री कृषक बीमा दुर्घटना योजना का लाभ दिया गया है। इस पर सरकार हर वर्ष एक हजार करोड़ रुपये खर्च करती है। किसान अतिवृष्टि, अनावृष्टि, लू, आकाशीय बिजली, वन्यजीव संघर्ष का शिकार हुआ तो सरकार 24 घंटे के अंदर पांच लाख रुपये की सहायता परिवार को उपलब्ध कराती है। लखनऊ में सीड पार्क, कुशीनगर में कृषि विश्वविद्यालय का निर्माण जारी सीएम योगी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के नाम पर लखनऊ में सीड पार्क तथा कुशीनगर में कृषि व प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का निर्माण किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र उत्तम तकनीक व बीज की क्वालिटी के बारे में जानकारी के माध्यम बने हैं। इसके बाद भी बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है। जितना किसानों ने उत्पादन बढ़ाया है, इसमें अभी लगभग तीन गुना और वृद्धि कर सकते हैं। हमें बीज की क्वालिटी, तकनीक और समय पर खेतीबाड़ी-फसल चक्र को अपनाना पड़ेगा। इससे उत्पादन बढ़ेगा। किसान इस दिशा में कार्य प्रारंभ करें। सीएम ने चुनौतियों पर भी चर्चा की सीएम ने चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि उत्पादन का पहला चरण यह है कि किसानों को सही बीज प्राप्त हों। सीएम ने क्वालिटी पर जोर देते हुए कहा कि कितना भी उत्पादन कर लें, यदि उत्पाद एक्सपोर्ट के लायक नहीं तैयार किया गया तो उचित मुनाफा नहीं होगा। आम का यहां 40-50 … Read more

केन्द्रीय मंत्रि-परिषद् ने सड़क विकास के लिए मध्यप्रदेश में 2 बड़ी परियोजनाओं को दी मंजूरी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्रि-परिषद् के आर्थिक मामलों की समिति द्वारा मध्यप्रदेश में 4,415.60 करोड़ रूपए की लागत वाली 2 सड़क निर्माण परियोजनाओं को मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी का आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में डबल इंजन की सरकार है, इसलिए यहां विकास की रफ्तार पर भी दोगुनी है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की इस महत्वपूर्ण सौगात से प्रदेश के जनजातीय बहुल जिले बैतूल, खंडवा, खरगौन और बड़वानी के समग्र विकास को तेज गति मिलेगी। साथ ही हजारों स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। बुधवार को नई दिल्ली में हुई केन्द्रीय मंत्रि-परिषद् की बैठक में एनएच-347बी के हिवरखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रुधी खंड पर मौजूदा इंटरमीडिएट लेन को पक्के शोल्डर स्टैंडर्ड के साथ 2-लेन की सड़क (125.01 किमी) में अपग्रेड करने तथा एनएच-347बी के देशगांव-जुलवानिया खंड (108.643 किमी) को हाइब्रिड एन्युटी मोड अन्तर्गत 2-लेन से 4-लेन सड़क में विस्तारित करने की मंजूरी दे दी गई है। कुल 233.653 किमी लंबी इस परियोजना पर करीब 4,415.60 करोड़ रूपए की लागत आएगी। इस परियोजना में खरगौन जिले में 16.20 किमी लंबा एक ग्रीनफील्ड बायपास भी विकसित किया जाएगा। यह उन्नत कॉरिडोर मध्यप्रदेश में बेहतर रोड कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा और 6 पीएम गति-शक्ति आर्थिक नोड्स को जोड़ते हुए मल्टीमॉडल एकीकरण को भी बढ़ावा देगा। यह परियोजना मध्यप्रदेश के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निर्बाध रूप से जोड़ेगी। उन्नत कॉरिडोर 6 पीएम गति-शक्ति आर्थिक केंद्रों (1 कपड़ा क्लस्टर, 2 मेगा फूड पार्क, 1 औद्योगिक पार्क, 2 सुपर थर्मल पावर प्लांट), 5 सामाजिक केंद्रों (2 आकांक्षी जिले – खंडवा और बड़वानी, 3 जनजातीय जिले – बेतूल, खंडवा, खरगोन) और 5 लॉजिस्टिक्स केंद्रों (2 प्रमुख रेलवे स्टेशन, 2 हवाई अड्डे, 1 एमएमएलपी) से जुड़कर बहु-मोडल एकीकरण को बढ़ावा देगा, जिससे पूरे क्षेत्र में माल और यात्रियों की आवाजाही तेज हो सकेगी।  

वर्षाकाल के पूर्व सभी जल संरचनाओं की आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षात्मक कार्य पूरे करें

भोपाल  जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार के लिए जन आंदोलन चलाया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन और एक पेड़ मां के नाम अभियान गांव गांव, नगर नगर में समाज के सभी वर्गों के सहयोग से चलाया जा रहा है, जिसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। इन अभियानों में अधिक से अधिक जन भागीदारी सुनिश्चित करें। वर्षाकाल के पूर्व सभी विभागीय जल संरचनाओं की आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षात्मक कार्य पूरे कर लिए जाएं। कार्य में किसी भी प्रकार की कोई भी लापरवाही अक्षम्य होगी। जल संसाधन मंत्री  सिलावट ने बुधवार को मंत्रालय वल्लभ भवन में निर्माणाधीन विभागीय कार्य एवं परियोजनाओं की समीक्षा की तथा बारिश के पूर्व के सभी कार्य पूर्ण करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव  राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता  विनोद देवड़ा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री  सिलावट ने कछार वार मुख्य अभियंताओं के साथ उनके क्षेत्र में निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की तथा निर्देश दिए कि वर्षाकाल के मद्देनजर आगामी 15 दिनों में वहां आवश्यक कार्य करा लिए जाएं। चंबल बेतवा कछार भोपाल के अंतर्गत पार्वती, सुठालिया, टेम, कान्याखेड़ी एवं ग्वालटोरिया परियोजनाओं की समीक्षा की गई. धसान केन कछार अंतर्गत आपचंद, मझगांय, सतधारू, पवई और काठन परियोजना, बीना पीएमयू सागर के अंतर्गत बंडा, हनोता, पंचम नगर, कडान, साजली कैथ, जूडी और जेरा परियोजना, बेतवा एमओयू भोपाल के अंतर्गत कोठा बैराज एवं बीना परियोजना, नर्मदा ताप्ती कछार इंदौर के अंतर्गत तलवाड़ा, पांगरी एवं कारम परियोजना, बेनगंगा कछार सिवनी के अंतर्गत छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स, पैंच माइक्रो सिंचाई, शेर सिंचाई काँम्प्‍लेक्स, मांडवा होज इरिगेशन, अपर बुडनेर, छीताबुजरी, हिरण, बगराजी नहर, मुर‍की पाइप नहर परियोजना, गंगा कछार रीवा के अंतर्गत त्योंथर बहाव, त्योंथर माइक्रो, रामनगर माइक्रो, नई गढ़ी माइक्रो, रिहंद माइक्रो, भन्नी, बहुती, गोढ़, सीतापुर हनुमना, दोरी सागर एवं सेमरिया माइक्रो परियोजना तथा यमुना कछार ग्वालियर के अंतर्गत कनेरा माइक्रो, चंबल माइक्रो, मुंझारी, चेंटीखेड़ी एवं सरकुला परियोजना के कार्यों की समीक्षा की गई. मंत्री  सिलावट द्वारा सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर उज्जैन में कराए जा रहे हैं विभिन्न कार्यों कान्ह डायवर्सन परियोजना, सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी, घाट निर्माण, चितावद, समाकोटा, डुंगरिया, बनीहरवाखेड़ी, मां रेवा उद्वहन परियोजना, हाट पिपल्‍या परियोजना, कयामपुर-सीतामऊ, मल्हारगढ़, रामपुर मनासा, कबूलपुर और आहू परियोजनाओं के कार्यों की समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए। मंत्री  सिलावट ने निर्देश दिए कि वर्षा पूर्व विभागीय सभी बांधों, नहरों, तालाबों एवं जल संरचनाओं का निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार उनकी मरम्मत एवं अन्य सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करें। जलग्रहण क्षेत्रों में यदि कोई अवरोध हो तो उन्हें तत्काल हटाने की कार्रवाई करें। बांधों के गेट्स की आवश्यक मरम्मत, ऑइलिंग- ग्रीसिंग के साथ ही उनका एक बार संचालन अवश्य करलें। विभिन्न स्तरों पर बाढ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर लिए जाएं जो 24 घंटे क्रियाशील रहें। निगरानी समितियों को सक्रिय किया जाए तथा मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री कार्यालय स्तर पर निरीक्षण दल गठित किए जाएं, जो जल संरचनाओं की निरंतर निगरानी कर वरिष्ठ स्तर पर रिपार्ट दें। मंत्री  सिलावट ने निर्देश दिए कि बड़ी जल संरचनाओं में जल स्तर की नियमित रूप से मॉनिटरिंग हो तथा जल स्तर बढ़ने एवं गेट्स खोले जाने की पूर्व सूचना पुलिस, प्रशासन, सभी संबंधितों एवं जन सामान्य को निरंतर दी जाए। गत तीन वर्षों में जहां बाढ़ आई हो उन गांवों एवं क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां सभी सुरक्षात्मक इंतेजाम कर लिए जाएं। बड़ी जल संरचनाओं के पास गोताखोर, नाव, लाइफ जैकेट, रस्सी आदि सभी सुरक्षा उपकरण सुनिश्चित हों। वर्षाकाल से पूर्व सभी कछारों/ जिलों में सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर ली जाए तथा उनसे निरंतर समन्वय रखा जाए।  

सिवान से पटना तक सफर पर बढ़ा खर्च, यात्रियों को अब देने होंगे ज्यादा पैसे

 सिवान  बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने बसों के किराये में बढ़ोतरी कर दी है। अब साधारण से लेकर डीलक्स बसों में सफर करना महंगा हो गया है। 2021 की तुलना में अब यात्रियों को 15 प्रतिशत अधिक पैसे देने होंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, डीलक्स बसों से सिवान से पटना (वाया छपरा) का सफर पहले 213 रुपये में होता था, अब उसे लिए यात्रियों को 245 रुपये देने होंगे। इसी प्रकार लग्जरी बसों का किराया भी काफी बढ़ गया है। किराये में बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। ऐसे में छपरा, हाजीपुर, पटना आने-जाने वाले यात्रियों का मासिक बजट बिगड़ना तय माना जा रहा है। बता दें कि डीजल और स्पेयर पार्ट्स की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इससे निगम को लगातार हीं आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। डीलक्स बस से सिवान से छपरा के लिए लगेगा 114 रुपये किराया गौर करने वाली बात है कि डीलक्स बस से सिवान से दारौंदा के लिए पहले 30 रुपये किराया देना पड़ता था, जो अब बढ़कर 35 रुपये हो गया है। एकमा के लिए पहले 50 रुपये और अब 58 रुपये, छपरा के लिए पहले 98 रुपये और अब 114 रुपये, शीतलपुर के लिए 154 रुपये और अब 181 रुपये तथा हाजीपुर के लिए पहले 186 रुपये और अब 219 रुपये किराया देना होगा। इसी प्रकार पटना से हाजीपुर तक सफर के लिए 58 रुपये, शीतलपुर के लिए 91 रुपये, छपरा के लिए 148 रुपये, एकमा के लिए 200 रुपये तथा सिवान के लिए 245 रुपये किराया देना होगा। पीपीपी मोड में चलने वाली गाड़ियों पर भी लागू होगा किराया गौर करने वाली बात है कि किराया में यह बढ़ोतरी केवल निगम की अपनी बसों के लिए हीं नहीं हैं, बल्कि लोक निजी भागीदारी (पीपीपी) योजना के तहत चलने वाली सभी निजी बसों पर भी यहीं किराया लागू होगा। इस नए आदेश के जारी होने के साथ हीं किराये से संबंधित पूर्व में निर्गत सभी आदेश व नियम अब संशोधित माने जाएंगे। वहीं निजी बसों का किराया ट्रांसपोर्टरों की आगामी दिनों में होने वाली बैठक के बाद बढ़ने की संभावना है। शहर के मजहरूल हक बस स्टैंड स्थित सरकारी बस डिपो से मिली जानकारी के अनुसार, सिवान से छपरा होते हुए पटना जाने के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की कुल पांच बसें चलाई जाती है। इसमें से एक बस में तकनीकी खराबी आ जाने के कारण उसका परिचालन पूरी तरह से बंद है। ऐसे में वर्तमान समय में चार बसें अपनी सेवा प्रदान कर रहे हैं। पदाधिकारियों की मानें तो पहली बस सुबह पांच बजे पटना के लिए रवाना होती है, जो पटना से दोपहर 12.20 बजे यात्रियों को लेकर लौटती है। वहीं, दूसरी बस दोपहर 12.20 बजे व तीसरी बस दोपहर 1.20 बजे पटना जाती है। वहीं पटना से शाम पांच बजे व 5.30 बजे वापसी करती हैं।  

NFHS-6 रिपोर्ट: उत्तर प्रदेश में शराब और तंबाकू सेवन बढ़ा, गांवों में ज्यादा असर

लखनऊ यूं तो देश के कई राज्यों में शराब के शौकीनों की संख्या बहुत अधिक है। मगर यूपी में शराब पीने वालों की संख्या सबसे तेजी से बढ़ी है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की ताजा रिपोर्ट इसकी गवाही दे रही है। यह बढ़ोतरी 4.2 फीसदी की है जबकि राष्ट्रीय स्तर पर इस मामले में गिरावट आई है। यूपी में शहरों से ज्यादा गांवों में शराब पीने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। इससे हाई ब्लड शुगर और हाइपरटेंशन जैसी दिक्कतें बढ़ रही हैं। खास बात यह है कि प्रदेश में शराब की शौकीन महिलाओं का आंकड़ा स्थिर बना हुआ है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (एनएफएचएस-6) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों में शराब पीने की प्रवृत्ति में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है। एनएफएचएस-5 में प्रदेश में 15 साल से अधिक उम्र वाले लोगों में शराब पीने वाले पुरुषों की संख्या 14.5 प्रतिशत थी। वहीं एनएफएचएस-6 की रिपोर्ट बताती है कि यूपी के पुरुषों में यह आंकड़ा बढ़कर 18.7 फीसदी हो गया है, जो राष्ट्रीय औसत के बराबर है। यह वृद्धि देश में सर्वाधिक है। महिलाओं में नहीं बढ़ी शराब की लत जबकि महिलाओं के मामले में यूपी की स्थिति यथावत बनी हुई है यानि 2019 से 2021 की रिपोर्ट में यह आंकड़ा 0.3 फीसदी था, जो 2023-24 की रिपोर्ट में भी जस का तस है। वहीं यदि राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो देश में शराब के शौकीन पुरुषों की संख्या 18.9 फीसदी से घटकर 18.7 प्रतिशत हो गई है जबकि महिलाओं में यह आंकड़ा 1.3 फीसदी से घटकर 1.1 फीसदी पर आ गया है। राष्ट्रीय स्तर पर शराब पीने वालों के आंकड़े देखें तो अरुणाचल प्रदेश के पुरुष और महिलाएं इस फेहरिस्त में शीर्ष पर हैं। शराब पीने के मामले में देश के पांच शीर्ष राज्यों की स्थिति राज्य पुरुष महिलाएं अरुणाचल प्रदेश- 50.2 फीसदी 23.2 फीसदी तेलंगाना- 43.9 फीसदी 7.1 फीसदी सिक्किम- 42.2 फीसदी 19.9 फीसदी हिमाचल प्रदेश- 30.2 फीसदी 0.6 फीसदी उत्तराखंड- 27.2 फीसदी 0.3 फीसदी देश में घटे पर यूपी में बढ़े तंबाकू खाने वाले स्त्री-पुरुष यूपी में तंबाकू खाने वालों की बात करें तो पुरुष और महिलाओं दोनों में ही इसकी लत बढ़ी है। खासतौर से ग्रामीणों में यह बढ़ोत्तरी अधिक देखी गई है। प्रदेश में 15 साल से अधिक आयु की तंबाकू का सेवन करने वाली महिलाओं की संख्या वर्ष 2023-24 में 9.6 फीसदी रही। यह पहले 8.5 प्रतिशत थी। वहीं इसी आयु वर्ग के तंबाकू खाने वाले पुरुषों का आंकड़ा 45.2 फीसदी है, जो इशारा करता है कि लगभग हर दूसरा व्यक्ति तंबाकू या उससे जुड़े उत्पादों का सेवन करता है। पुरुषों में पहले यह 44.0 फीसदी था। वहीं यदि तंबाकू खाने वालों के राष्ट्रीय स्तर पर आंकड़े देखें तो महिलाओं और पुरुषों में इसमें कमी दर्ज की गई है। तंबाकू खाने वाली महिलाओं की संख्या 2019-21 की तुलना में 2023-24 में 8.9 प्रतिशत से घटकर 8.4 फीसदी रही है। पुरुषों में तंबाकू खाने की लत 38 प्रतिशत से घटकर 36.3 फीसदी रह गई है।