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लखनऊ SCR की योजनाओं में बदलाव की तैयारी, एयरोसिटी से लेकर 300 MLD वाटर वर्क्स तक पर नए सुझाव

लखनऊ दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर लखनऊ के साथ छह जिलों को मिलाकर बनने वाले उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र यानी एससीआर की प्रस्तावित योजनाओं में जिला प्रशासन ने कई बदलाव के सुझाव दिए हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठक में एयरपोर्ट के उत्तर और दक्षिण दोनों तरफ दिल्ली की ही तरह एयरोसिटी विकसित करने की बात तय हुई। इसी के साथ पेरिफेरल रोड के निर्माण के औचित्य न होने पर भी बात हुई। राज्य संग्रहालय को मौजूदा स्थान पर ही पुर्नविकसित करने का सुझाव दिया गया। राजधानी की भविष्य की पेयजल जरूरतों को देखते हुए यूपीएससीआर में प्रस्तावित 300 एमएलडी वाटर वर्क्स की क्षमता बढ़ाने की भी सिफारिश की गई है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में यूपीएससीआर व अन्य योजनाओं के बारे में डीएम ने 29 जुलाई को बैठक की थी। इस बैठक में विभिन्न विभागों के 23 अधिकारी शामिल हुए। बैठक में एससीआर के प्रस्तावों व योजनाओं पर गहन मंत्रणा की गई जिसमें कई सुझाव दिए गए। पांच दिन पहले जिला प्रशासन ने बैठक का मिनट्स जारी कर दिया है। दोनों हिस्सों के बीच बेहतर संपर्क व्यवस्था होगी एयरपोर्ट के आसपास एयरोसिटी विकसित करने की योजना में अब उत्तर और दक्षिण दोनों हिस्सों को शामिल करने का सुझाव दिया गया है। इससे एयरपोर्ट के आसपास व्यावसायिक, आवासीय और अन्य सुविधाओं के विकास के लिए व्यापक क्षेत्र उपलब्ध हो सकेगा। दोनों हिस्सों के बीच बेहतर संपर्क व्यवस्था विकसित करने पर जोर है। पहले एयरपोर्ट के दक्षिण तरफ सैनिक स्कूल की खाली जमीन पर ही एयरोसिटी बनाने का प्रस्ताव था लेकिन बैठक में उत्तर तरफ भी रिक्त जमीनों का इसके लिए इस्तेमाल करने की बात हुई है। 300 एमएलडी वाटर वर्क्स की क्षमता बढ़ेगी बढ़ती आबादी को देखते हुए राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में भविष्य की बढ़ती आबादी को देखते हुए प्रस्तावित 300 एमएलडी वाटर वर्क्स की क्षमता को कम माना गया। जलापूर्ति की दीर्घकालीन जरूरतों का आकलन कर इसकी क्षमता बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। सिंचाई विभाग और जल निगम को इसके लिए दोबारा आकलन करना होगा। संग्रहालय का पुनर्विकास होगा राज्य संग्रहालय को मौजूदा स्थान से दूसरी जगह स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को भी जिला प्रशासन ने उचित नहीं माना। समिति ने संग्रहालय को उसी स्थान पर रखते हुए उसके विकास और आधुनिकीकरण की योजना तैयार करने का सुझाव दिया है। हालांकि इसे हटाने का निर्देश खुद मुख्यमंत्री ने दिया था। इसे राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर ले जाने की बात चल रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एलडीए को इस सम्बंध में निर्देश भी दिया है। किसान पथ के दोनों हिस्से में सर्विस लेन बनाई जाएगी वहीं, सुल्तानपुर रोड से अयोध्या रोड के बीच करीब 12 किमी हिस्से में किसान पथ के दोनों ओर सर्विस लेन बनाई जाएगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने प्रस्ताव बनाकर दिल्ली स्थित मुख्यालय भेज दिया है। मंजूरी और आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। प्रस्ताव के मुताबिक किसान पथ के दोनों तरफ बनने वाली सर्विस लेन 7.5-7.5 मीटर चौड़ी होगी। इससे आसपास की कॉलोनियों, गांवों और स्थानीय बाजारों से आने-जाने वाले वाहन सीधे मुख्य किसान पथ पर चढ़ने के बजाय सर्विस लेन का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि स्थानीय और लंबी दूरी के वाहनों का ट्रैफिक अलग हो सकेगा। फिलहाल किसान पथ के आसपास तेजी से विकसित हो रही आवासीय कॉलोनियों और स्थानीय आबादी के वाहनों को मुख्य मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ता है। फ्लाईओवर की डिजाइन में भी होगा बदलाव अयोध्या रोड पर ब्लैक स्पॉट खत्म करने के लिए किसान पथ के पास फ्लाईओअर का निर्माण किया जाना है। इसके निर्माण के लिए दिल्ली स्थित मुख्यालय से मंजूरी मिल चुकी है और धनराशि भी स्वीकृत हो चुकी है। एनएचएआई के अनुसार अब सर्विस लेन के प्रस्ताव के कारण फ्लाईओवर के डिजाइन में बदलाव किया जाएगा। इसके लिए भी दिल्ली मुख्यालय से मिले दिशा-निर्देशों का इंतजार है।

दुकान में सफाई कर रहा था युवक, सिरफिरे ने रॉड से हमला कर उतारा मौत के घाट

करनाल. करनाल के घरौंडा में एक युवक के सिर में रॉड से हमला कर हत्या कर दी गई। आरोपित ने दुकान पर सफाई कर रहे युवक के सिर में 9 बार हमला किया, इससे युवक की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपित ने बाद में भागने की कोशिश की, लेकिन बाहर खड़े लोगों ने उसको पकड़ लिया और उसके पिटाई की। बाद में आरोपित को पुलिस के हवाले कर दिया गया। वारदात शुक्रवार सुबह की है। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। बालीनगर निवासी 30 वर्षीय तेजबीर सिंह पुत्र सुभाष एक दुकान पर नौकरी करता था। सुबह वह दुकान पर सफाई कर रहा था। इसी दौरान आरोपित नेपाल निवासी उत्तम कुमार वहां पर आया और रॉड से हमला शुरू कर दी। तेजबीर गिर गया और लगातार उसके सिर पर 9 बार रॉड से हमला किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित ने भागने की कोशिश की, लेकिन बाहर खड़े लोगों ने उसको पकड़ा लिया और उसके साथ मारपीट की। बाद में पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है। पुलिस परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज करने में जुटी है।

सुखबीर बादल से आज फिर SIT करेगी सवाल, बहबल कलां गोलीकांड में पूछताछ के लिए तलब

चंडीगढ़. बहबल कलां गोलीकांड मामले में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल आज चंडीगढ़ में विशेष जांच दल (SIT) के सामने पेश होंगे। वर्ष 2015 में बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं के बाद हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान बहबल कलां में पुलिस फायरिंग हुई थी। कृष्ण भगवान सिंह और गुरजीत सिंह की इस घटना के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पंजाब की राजनीति में काफी विवाद हुआ और पुलिस कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठे। मामले की जांच अलग-अलग समय पर विभिन्न जांच दलों और आयोगों ने की। बाद में पंजाब पुलिस के विशेष जांच दल ने भी इसकी जांच शुरू की। सुखबीर बादल की भूमिका पर सवाल जांच में उस समय के पुलिस प्रशासन से जुड़े फैसलों और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री एवं गृह विभाग संभाल रहे सुखबीर बादल की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी अदालत में साबित होना अलग कानूनी प्रक्रिया है। 20 जुलाई को हुई थी पूछताछ इससे पहले 20 जुलाई 2026 को सुखबीर बादल चंडीगढ़ में एसआइटी के सामने पेश हुए थे। उनसे करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई थी। पूछताछ के बाद सुखबीर बादल ने जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई बताया था। इसके बाद एसआइटी ने उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए 11 सितंबर को पेश होने का समन भेजा। जानकारी अनुसार एसआइटी के सामने उनकी पांचवीं पेशी होगी। इस दौरान उनसे वर्ष 2015 की घटनाओं, पुलिस कार्रवाई और उस समय लिए गए फैसलों से जुड़े सवाल पूछे जाने की संभावना है।

पंजाब में नशे के खिलाफ भाजपा का अभियान तेज, पूनिया ने कार्यकर्ताओं से की बैठक; संगठन पर फोकस

चंडीगढ़ पंजाब भाजपा के नए प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सतीश पूनिया ने गुरुवार को पार्टी नेताओं के साथ प्रस्तावित ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ की तैयारियों को लेकर बैठक की। बैठक में यात्रा के आयोजन और इसकी रूपरेखा के साथ पंजाब में संगठन को और मजबूत करने को लेकर चर्चा हुई। पूनिया ने पार्टी की चुनावी तैयारियों को गति देने और संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक में पंजाब के सह-प्रभारी डॉ. नरेंद्र रैना और प्रदेश महासचिव (संगठन) मंत्री श्रीनिवासुलु समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक के दौरान पंजाब से जुड़े राजनीतिक और संगठनात्मक विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। 117 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा पूनिया के पंजाब प्रभारी बनने के बाद पार्टी ने राज्य में संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज किया है। वह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि भाजपा पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। साथ ही उन्होंने नशे को पंजाब के प्रमुख मुद्दों में शामिल करते हुए इसके खिलाफ पार्टी की ओर से एक सुव्यवस्थित अभियान चलाने की बात कही है। भाजपा की प्रस्तावित नशामुक्त पंजाब यात्रा को इसी अभियान की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का फोकस नशे के मुद्दे को चुनावी स्तर पर प्रमुखता से उठाने के साथ-साथ संगठन को मजबूत करने पर है। पूनिया ने हालिया बैठकों में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और पुराने अनुभवी नेताओं तथा नए कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया है। पूनिया के सामने पंजाब में भाजपा के संगठनात्मक विस्तार के साथ चुनावी आधार मजबूत करने की चुनौती है। ऐसे में नशामुक्त पंजाब यात्रा को लेकर हुई बैठक को पार्टी की आगामी राजनीतिक गतिविधियों की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।  

स्पा सेंटर में मिली आपत्तिजनक सामग्री, रायपुर में संचालक और मैनेजर के खिलाफ मामला दर्ज

रायपुर. राजधानी रायपुर के पंडरी स्थित श्याम स्क्वायर के इशवा लग्जरी स्पा सेंटर में पुलिस ने दबिश देकर कार्रवाई की है। पुलिस ने स्पा सेंटर की जांच के दौरान आपत्तिजनक सामग्री बरामद होने का दावा किया है। मामले में स्पा संचालक और मैनेजर के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (पीटा एक्ट) 1956 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, 10 सितंबर को एसीपी स्नेहिल साहू के नेतृत्व में थाना सिविल लाइन और देवेंद्र नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने इशवा लग्जरी स्पा सेंटर में रेड की। जांच के दौरान पुलिस को आपत्तिजनक वस्तुएं मिलीं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि स्पा सेंटर में अन्य राज्यों से युवतियों को बुलाकर देह व्यापार कराया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक स्पा में काम करने वाली युवतियों ने पूछताछ के दौरान संचालक और मैनेजर पर जबरन देह व्यापार कराने के आरोप लगाए हैं। इसके बाद पुलिस ने स्पा संचालक हरविंदर सिंह ग्रोवर निवासी टिकरापारा और मैनेजर मुकेश कुमार वर्मा, निवासी भिलाई-3 के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस ने दोनों के खिलाफ थाना देवेंद्र नगर में मामला दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

शाही इमाम ईदगाह लखनऊ, मौलाना ख़ालिद रशीद फ़रंगी महली ने कहा

शाही इमाम ईदगाह लखनऊ, मौलाना ख़ालिद रशीद फ़रंगी महली ने कहा सहारनपुर “सहारनपुर मस्जिद के ध्वस्तीकरण से संबंधित मामले में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देश का हम स्वागत करते हैं। माननीय न्यायालय ने राज्य सरकार को इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है और मस्जिद के संबंध में लगाए गए जुर्माने पर भी रोक लगा दी है। हम इसे न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानते हैं और हमें उम्मीद है कि माननीय उच्च न्यायालय मस्जिद के अधिकारों की रक्षा करेगा तथा इस मामले में न्याय सुनिश्चित करेगा। हमें पूरा विश्वास है कि, इंशाअल्लाह, सहारनपुर मस्जिद का यथाशीघ्र पुनर्निर्माण होगा और अंततः न्याय की जीत होगी, क्योंकि धार्मिक स्थलों को Places of Worship (Special Provisions) Act, 1991 तथा वक्फ़ से संबंधित लागू कानूनी प्रावधानों, जिसमें वक्फ़ बाय यूज़र भी शामिल है, के तहत संरक्षण प्राप्त है। हमें उम्मीद है कि वर्तमान मामले में इन सभी कानूनी संरक्षणों को उचित रूप से ध्यान में रखा जाएगा और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।”

एक मठ के पते से जारी हुए 40 पासपोर्ट, फर्जी दस्तावेजों से विदेश यात्रा का शक; STF की जांच तेज

भोपाल  भोपाल में सामने आए संदिग्ध फर्जी पासपोर्ट रैकेट की जांच अब सिर्फ फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों तक सीमित नहीं है। मध्यप्रदेश एसटीएफ इस बात की पड़ताल कर रही है कि अन्ना नगर स्थित एक मठ के पते का इस्तेमाल कर करीब 40 लोगों ने भारतीय पासपोर्ट कैसे हासिल कर लिए। जांच में यह तथ्य सामने आने के बाद सरकारी रिकॉर्ड और पासपोर्ट आवेदन की वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। एसटीएफ करीब 70 पासपोर्ट की जांच कर रही है। इनमें से बड़ी संख्या में पासपोर्ट 2021-22 में जारी हुए थे। जांच एजेंसियां अब संबंधित पासपोर्ट धारकों के वास्तविक पते, पहचान और दस्तावेजों का मिलान कर रही हैं। इसके लिए टीमों को मध्यप्रदेश के साथ असम और अन्य स्थानों पर भी भेजा गया है।  जांच का अहम पहलू यह है कि आवेदकों के पते और पहचान की फील्ड वेरिफिकेशन पुलिसकर्मियों ने किस आधार पर की। अधिकारियों को शुरुआती जांच में वेरिफिकेशन प्रक्रिया में गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं। अब यह देखा जा रहा है कि क्या संबंधित अधिकारी वास्तव में मौके पर गए थे या दस्तावेजों के आधार पर ही सत्यापन कर दिया गया। एसटीएफ यह भी पता लगा रही है कि फर्जी पते और पहचान से जुड़े दस्तावेज तैयार कराने में नगर निकाय या अन्य सरकारी कर्मचारियों की क्या भूमिका रही। यदि किसी सरकारी रिकॉर्ड या प्रमाण-पत्र का इस्तेमाल पासपोर्ट हासिल करने के लिए हुआ है तो उसकी पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है। मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि कुछ पासपोर्ट धारकों के विदेश जाने के रिकॉर्ड भी मिले हैं। जांच में कंबोडिया, स्पेन, थाईलैंड और इंडोनेशिया से जुड़े ट्रैवल ट्रेल सामने आए हैं। अब एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि इन पासपोर्ट का इस्तेमाल सिर्फ भारतीय पहचान बनाने के लिए किया गया था या इसके पीछे विदेश जाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका थी। एसटीएफ ने पहले ही फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय पते और पहचान तैयार कर पासपोर्ट बनवाने वाले नेटवर्क के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच आगे बढ़ने के साथ करीब 100 लोगों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। 

RAS से IAS प्रमोशन पर 23 सितंबर को फैसला, 54 अधिकारियों में से 18 नामों पर लगेगी मुहर

जयपुर राजस्थान के प्रशासनिक ढांचे और ब्यूरोक्रेसी में जल्द ही बड़ा बदलाव दिखने वाला है। दरअसल, राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) के 18 वरिष्ठ अधिकारियों की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के पदों पर पदोन्नति होने जा रही है। इस पदोन्नति प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 23 सितंबर को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई है। इस बैठक में राज्य से भेजे गए 54 RAS अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, वरिष्ठता और गोपनीय रिपोर्ट पर गहन मंथन किया जाएगा। इस बैठक में शामिल होने के लिए राजस्थान के मुख्य सचिव, राज्य सरकार की ओर से नामित एक वरिष्ठ अधिकारी और कार्मिक विभाग के सचिव खुद दिल्ली पहुंचेंगे, जहां आयोग के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर अंतिम 18 नामों पर मोहर लगाई जाएगी। राजस्थान सरकार की ओर से 54 अधिकारियों के नामों की सूची पहले ही जुलाई के महीने में UPSC को भेजी जा चुकी है। इस सूची में मुख्य रूप से वर्ष 2001 बैच और उसके बाद के वरिष्ठ आरएएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं। पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी होते ही राज्य में नए आईएएस अधिकारियों की कमी दूर होगी और प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी। हालांकि, दूसरी तरफ गैर-प्रशासकीय सेवा (Non-RAS) से आईएएस बनने की प्रक्रिया पिछले 9 महीनों से अटकी हुई है, जिससे संबंधित विभागों के अधिकारियों में निराशा भी देखने को मिल रही है। नियमों के मुताबिक, जितने पदों पर प्रमोशन होना होता है, उससे तीन गुना अधिकारियों के नाम का पैनल UPSC को भेजा जाता है। राजस्थान सरकार ने 18 आईएएस पदों के सापेक्ष 54 वरिष्ठ आरएएस अफसरों का पूरा डोजियर संघ लोक सेवा आयोग को सौंप दिया था। इस पदोन्नति प्रक्रिया में साल 2001 बैच और उसके आसपास के बैच के अधिकारियों की किस्मत चमकने वाली है। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे इन अधिकारियों का सेवा रिकॉर्ड साफ-सुथरा होने पर उन्हें आईएएस कैडर अलॉट कर दिया जाएगा। 23 की बैठक के बाद जल्द ही इसका नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद है। चयन समिति में कौन-कौन? दिल्ली स्थित संघ लोक सेवा आयोग के मुख्यालय में आयोजित होने वाली यह चयन समिति की बैठक बेहद महत्वपूर्ण है। इस बैठक में जो अधिकारी भाग लेंगे, उनमें : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के प्रतिनिधि या सदस्य राज्य सरकार द्वारा मनोनीत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कार्मिक विभाग (DOP) राजस्थान के सचिव यह समिति 54 अधिकारियों के एपीआर (APR) और विजिलेंस क्लीयरेंस की जांच कर 18 योग्य अधिकारियों के नाम की सिफारिश करेगी। 9 महीने से अटका 4 IAS पदों पर प्रमोशन एक तरफ जहां RAS से IAS बनने की राह आसान हो गई है, वहीं गैर-प्रशासकीय सेवा के अधिकारियों का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। गैर-प्रशासकीय सेवा से आईएएस के 4 पदों पर पदोन्नति को लेकर यूपीएससी ने पिछले साल दिसंबर में ही मंथन पूरा कर लिया था। इसके बावजूद राज्य सरकार के स्तर पर अभी तक इस पर अंतिम मंजूरी नहीं मिल पाई है। राज्य के विभिन्न विभागों (जैसे शिक्षा, वाणिज्यिक कर, सहकारिता आदि) के 20 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम इन पदों के लिए विचाराधीन थे। सरकार के स्तर पर अंतिम फैसला न होने से 1 और पद पर होने वाली पदोन्नति की प्रक्रिया भी अधर में लटकी हुई है। IAS अधिकारियों की कमी होगी दूर राजस्थान में 18 नए आईएएस अधिकारियों के मिलने से राज्य सरकार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा संबल मिलेगा। पदोन्नत होने वाले इन अधिकारियों को राज्य के विभिन्न जिलों में कलेक्ट्रेट, संभागीय आयुक्त कार्यालयों या फिर राज्य स्तरीय विभागों में प्रबंध निदेशक और सचिव स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि राजस्थान में नए जिलों के गठन और विकास योजनाओं को गति देने के लिए वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों की आवश्यकता है। ऐसे में आरएएस से आईएएस बनने वाले इन अधिकारियों का लंबा मैदानी अनुभव राज्य सरकार के लिए बेहद फायदेमंद साबित

हरियाणा में पेंशन से लाडो लक्ष्मी योजना तक राहत, 50.28 लाख लाभार्थियों के खातों में पहुंचे 1890 करोड़

चंडीगढ़ हरियाणा में बुजुर्गों और दिव्यांगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन तथा दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की 11वीं किस्त जारी कर दी गई है। इसके अलावा गृहिणियों को गैस सब्सिडी, किसानों को भावांतर भरपाई तथा दयालु योजना के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता भी जारी की गई है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की सात योजनाओं के तहत लाभार्थियों को 311 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि बैंक खातों में डाली गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को विभिन्न योजनाओं के तहत 50 लाख 28 हजार 208 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में 1890 करोड़ 16 लाख रुपये जारी किए। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 10 लाख 10 हजार लाभार्थी महिलाओं के खातों में 212 करोड़ 16 लाख रुपये डाले गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 सितंबर से 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों को भी इस योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के साथ राशि जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 35 लाख 6 हजार 841 लाभार्थियों के खातों में 1129 करोड़ ट्रांसफर किए। इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, दिव्यांग भत्ता सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन शामिल हैं। एक और बजट घोषणा हुई पूरी मुख्यमंत्री की एक और बजट घोषणा वीरवार को पूरी हो गई। एमएसएमई एवं उद्योग निदेशालय की विभिन्न सात योजनाओं के तहत 670 लाभार्थियों को 311 करोड़ 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की गई है। इसमें एमएसएमई विभाग की हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति के तहत 539 लाभार्थियों को 45.44 करोड़ रुपये, लाजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और रिटेल नीति के तहत चार लाभार्थियों को 9.29 करोड़ रुपये और हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति के तहत 16 लाभार्थियों को 144.16 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा प्लग एंड प्ले योजना के तहत 10 लाभार्थियों को 24.53 करोड़ रुपये, आत्मनिर्भर टेक्सटाइल नीति के तहत 98 लाभार्थियों को 65.18 करोड़ रुपये, पदमा के तहत दो लाभार्थियों को 20.54 करोड़ रुपये और एमएसई क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत एक क्लस्टर विकास के लिए 2.11 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

भोपाल मेट्रो के आसपास 500 मीटर दायरे में बदलेंगे विकास के नियम, TOD रीसिविंग एरिया के प्रस्ताव पर सुनवाई

भोपाल   भोपाल विकास योजना 2005 के अंतर्गत मेट्रो रेल परियोजना के दोनों ओर 500-500 मीटर के दायरे को प्राप्ति क्षेत्र घोषित किया जा रहा है। इस प्रस्ताव पर शुक्रवार को टीएंडसीपी में सुनवाई होगी। इससे मेट्रो कॉरिडोर के आसपास के निर्माण और विकास अधिकारों पर बड़ा असर पड़ेगा। आपत्तियों का निराकरण कर इसी माह में रीसिविंग एरिया को लेकर मास्टर प्लान में बदलाव का – नोटिफिकेशन जारी होगा। भोपाल सिटीजन फोरम के संयोजक सुरेंद्र तिवारी ने आपत्ति लगाई हुई है। शुक्रवार को वे व अन्य इस पर अपनी बात रखेंगे। मध्य प्रदेश हस्तांतरणीय विकास अधिकार यानी टीओडी नियम, 2018 के तहत रीसिविंग एरिया तय किया जा रहा है। इससे 'ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट' बढ़ेगा। इस तरह होगा लाभ -वर्टिकल डेवलपमेंट होगा। अभी 1:25 एफएआर है, अतिरिक्त खरीदी से ये तीन से पांच गुना तक हो जाएगा। अतिरिक्त मंजिलें बना सकेंगे। -मेट्रो स्टेशन के 500 मीटर के भीतर घनी आबादी और कमर्शियल हब बनने से लोग निजी वाहनों की जगह मेट्रो का उपयोग अधिक करेंगे, जिससे मुख्य सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा। -इस क्षेत्र में प्लॉट और प्रॉपर्टीज की रीसेल व व्यावसायिक वैल्यू में तेज इजाफा होगा, जिससे स्थानीय भू-स्वामियों को आर्थिक फायदा होगा। मेट्रो से 500 में संसि 50 सीटर वाया जा रहा है। इसके लिए आपत्तियों पर सुनवाई होगी। शहरी विकास के लिए शासन की पॉलिसी है। उसके तहत ही प्रक्रिया की जा रही है।- कौशलेंद्र विक्रमसिंह, आयुक्त सह संचालक टीएंडसीपी ये नुकसान भी संभावित -पहले से सीवरेज, पेयजल, ड्रेनेज और बिजली नेटवर्क को अपग्रेड नहीं किया गया, तो हाईराइज बिल्डिंग्स बनने से बुनियादी सुविधाओं का संकट खड़ा हो जाएगा। -भले ही लोग लंबी दूरी के लिए मेट्रो लें, लेकिन 500 मीटर के दायरे की आंतरिक सड़कों और गलियों में गाडियों की संख्या और पार्किंग की कमी से भारी जाम लगेगा। -1-2 मंजिला पुराने रिहायशी मकानों के ठीक बगल में बहुमंजिला इमारतें बनने से धूप, वेंटिलेशन और प्राइवेसी प्रभावित होगी। -घने निर्माण से हरियाली कम होगी और 'कंक्रीट हीट आइलैंड' का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे तापमान बढ़ेगा। -मेट्रो कॉरिडोर के आसपास जमीनें और घर बहुत महंगे हो जाएंगे, जिससे मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग के लिए क्षेत्र में रहना या कारोबार करना नामुमकिन सा हो जाएगा।