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एक मठ के पते से जारी हुए 40 पासपोर्ट, फर्जी दस्तावेजों से विदेश यात्रा का शक; STF की जांच तेज

भोपाल  भोपाल में सामने आए संदिग्ध फर्जी पासपोर्ट रैकेट की जांच अब सिर्फ फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों तक सीमित नहीं है। मध्यप्रदेश एसटीएफ इस बात की पड़ताल कर रही है कि अन्ना नगर स्थित एक मठ के पते का इस्तेमाल कर करीब 40 लोगों ने भारतीय पासपोर्ट कैसे हासिल कर लिए। जांच में यह तथ्य सामने आने के बाद सरकारी रिकॉर्ड और पासपोर्ट आवेदन की वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। एसटीएफ करीब 70 पासपोर्ट की जांच कर रही है। इनमें से बड़ी संख्या में पासपोर्ट 2021-22 में जारी हुए थे। जांच एजेंसियां अब संबंधित पासपोर्ट धारकों के वास्तविक पते, पहचान और दस्तावेजों का मिलान कर रही हैं। इसके लिए टीमों को मध्यप्रदेश के साथ असम और अन्य स्थानों पर भी भेजा गया है।  जांच का अहम पहलू यह है कि आवेदकों के पते और पहचान की फील्ड वेरिफिकेशन पुलिसकर्मियों ने किस आधार पर की। अधिकारियों को शुरुआती जांच में वेरिफिकेशन प्रक्रिया में गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं। अब यह देखा जा रहा है कि क्या संबंधित अधिकारी वास्तव में मौके पर गए थे या दस्तावेजों के आधार पर ही सत्यापन कर दिया गया। एसटीएफ यह भी पता लगा रही है कि फर्जी पते और पहचान से जुड़े दस्तावेज तैयार कराने में नगर निकाय या अन्य सरकारी कर्मचारियों की क्या भूमिका रही। यदि किसी सरकारी रिकॉर्ड या प्रमाण-पत्र का इस्तेमाल पासपोर्ट हासिल करने के लिए हुआ है तो उसकी पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है। मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि कुछ पासपोर्ट धारकों के विदेश जाने के रिकॉर्ड भी मिले हैं। जांच में कंबोडिया, स्पेन, थाईलैंड और इंडोनेशिया से जुड़े ट्रैवल ट्रेल सामने आए हैं। अब एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि इन पासपोर्ट का इस्तेमाल सिर्फ भारतीय पहचान बनाने के लिए किया गया था या इसके पीछे विदेश जाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका थी। एसटीएफ ने पहले ही फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय पते और पहचान तैयार कर पासपोर्ट बनवाने वाले नेटवर्क के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच आगे बढ़ने के साथ करीब 100 लोगों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। 

RAS से IAS प्रमोशन पर 23 सितंबर को फैसला, 54 अधिकारियों में से 18 नामों पर लगेगी मुहर

जयपुर राजस्थान के प्रशासनिक ढांचे और ब्यूरोक्रेसी में जल्द ही बड़ा बदलाव दिखने वाला है। दरअसल, राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) के 18 वरिष्ठ अधिकारियों की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के पदों पर पदोन्नति होने जा रही है। इस पदोन्नति प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 23 सितंबर को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई है। इस बैठक में राज्य से भेजे गए 54 RAS अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, वरिष्ठता और गोपनीय रिपोर्ट पर गहन मंथन किया जाएगा। इस बैठक में शामिल होने के लिए राजस्थान के मुख्य सचिव, राज्य सरकार की ओर से नामित एक वरिष्ठ अधिकारी और कार्मिक विभाग के सचिव खुद दिल्ली पहुंचेंगे, जहां आयोग के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर अंतिम 18 नामों पर मोहर लगाई जाएगी। राजस्थान सरकार की ओर से 54 अधिकारियों के नामों की सूची पहले ही जुलाई के महीने में UPSC को भेजी जा चुकी है। इस सूची में मुख्य रूप से वर्ष 2001 बैच और उसके बाद के वरिष्ठ आरएएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं। पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी होते ही राज्य में नए आईएएस अधिकारियों की कमी दूर होगी और प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी। हालांकि, दूसरी तरफ गैर-प्रशासकीय सेवा (Non-RAS) से आईएएस बनने की प्रक्रिया पिछले 9 महीनों से अटकी हुई है, जिससे संबंधित विभागों के अधिकारियों में निराशा भी देखने को मिल रही है। नियमों के मुताबिक, जितने पदों पर प्रमोशन होना होता है, उससे तीन गुना अधिकारियों के नाम का पैनल UPSC को भेजा जाता है। राजस्थान सरकार ने 18 आईएएस पदों के सापेक्ष 54 वरिष्ठ आरएएस अफसरों का पूरा डोजियर संघ लोक सेवा आयोग को सौंप दिया था। इस पदोन्नति प्रक्रिया में साल 2001 बैच और उसके आसपास के बैच के अधिकारियों की किस्मत चमकने वाली है। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे इन अधिकारियों का सेवा रिकॉर्ड साफ-सुथरा होने पर उन्हें आईएएस कैडर अलॉट कर दिया जाएगा। 23 की बैठक के बाद जल्द ही इसका नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद है। चयन समिति में कौन-कौन? दिल्ली स्थित संघ लोक सेवा आयोग के मुख्यालय में आयोजित होने वाली यह चयन समिति की बैठक बेहद महत्वपूर्ण है। इस बैठक में जो अधिकारी भाग लेंगे, उनमें : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के प्रतिनिधि या सदस्य राज्य सरकार द्वारा मनोनीत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कार्मिक विभाग (DOP) राजस्थान के सचिव यह समिति 54 अधिकारियों के एपीआर (APR) और विजिलेंस क्लीयरेंस की जांच कर 18 योग्य अधिकारियों के नाम की सिफारिश करेगी। 9 महीने से अटका 4 IAS पदों पर प्रमोशन एक तरफ जहां RAS से IAS बनने की राह आसान हो गई है, वहीं गैर-प्रशासकीय सेवा के अधिकारियों का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। गैर-प्रशासकीय सेवा से आईएएस के 4 पदों पर पदोन्नति को लेकर यूपीएससी ने पिछले साल दिसंबर में ही मंथन पूरा कर लिया था। इसके बावजूद राज्य सरकार के स्तर पर अभी तक इस पर अंतिम मंजूरी नहीं मिल पाई है। राज्य के विभिन्न विभागों (जैसे शिक्षा, वाणिज्यिक कर, सहकारिता आदि) के 20 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम इन पदों के लिए विचाराधीन थे। सरकार के स्तर पर अंतिम फैसला न होने से 1 और पद पर होने वाली पदोन्नति की प्रक्रिया भी अधर में लटकी हुई है। IAS अधिकारियों की कमी होगी दूर राजस्थान में 18 नए आईएएस अधिकारियों के मिलने से राज्य सरकार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा संबल मिलेगा। पदोन्नत होने वाले इन अधिकारियों को राज्य के विभिन्न जिलों में कलेक्ट्रेट, संभागीय आयुक्त कार्यालयों या फिर राज्य स्तरीय विभागों में प्रबंध निदेशक और सचिव स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि राजस्थान में नए जिलों के गठन और विकास योजनाओं को गति देने के लिए वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों की आवश्यकता है। ऐसे में आरएएस से आईएएस बनने वाले इन अधिकारियों का लंबा मैदानी अनुभव राज्य सरकार के लिए बेहद फायदेमंद साबित

हरियाणा में पेंशन से लाडो लक्ष्मी योजना तक राहत, 50.28 लाख लाभार्थियों के खातों में पहुंचे 1890 करोड़

चंडीगढ़ हरियाणा में बुजुर्गों और दिव्यांगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन तथा दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की 11वीं किस्त जारी कर दी गई है। इसके अलावा गृहिणियों को गैस सब्सिडी, किसानों को भावांतर भरपाई तथा दयालु योजना के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता भी जारी की गई है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की सात योजनाओं के तहत लाभार्थियों को 311 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि बैंक खातों में डाली गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को विभिन्न योजनाओं के तहत 50 लाख 28 हजार 208 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में 1890 करोड़ 16 लाख रुपये जारी किए। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 10 लाख 10 हजार लाभार्थी महिलाओं के खातों में 212 करोड़ 16 लाख रुपये डाले गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 सितंबर से 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों को भी इस योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के साथ राशि जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 35 लाख 6 हजार 841 लाभार्थियों के खातों में 1129 करोड़ ट्रांसफर किए। इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, दिव्यांग भत्ता सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन शामिल हैं। एक और बजट घोषणा हुई पूरी मुख्यमंत्री की एक और बजट घोषणा वीरवार को पूरी हो गई। एमएसएमई एवं उद्योग निदेशालय की विभिन्न सात योजनाओं के तहत 670 लाभार्थियों को 311 करोड़ 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की गई है। इसमें एमएसएमई विभाग की हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति के तहत 539 लाभार्थियों को 45.44 करोड़ रुपये, लाजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और रिटेल नीति के तहत चार लाभार्थियों को 9.29 करोड़ रुपये और हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति के तहत 16 लाभार्थियों को 144.16 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा प्लग एंड प्ले योजना के तहत 10 लाभार्थियों को 24.53 करोड़ रुपये, आत्मनिर्भर टेक्सटाइल नीति के तहत 98 लाभार्थियों को 65.18 करोड़ रुपये, पदमा के तहत दो लाभार्थियों को 20.54 करोड़ रुपये और एमएसई क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत एक क्लस्टर विकास के लिए 2.11 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

भोपाल मेट्रो के आसपास 500 मीटर दायरे में बदलेंगे विकास के नियम, TOD रीसिविंग एरिया के प्रस्ताव पर सुनवाई

भोपाल   भोपाल विकास योजना 2005 के अंतर्गत मेट्रो रेल परियोजना के दोनों ओर 500-500 मीटर के दायरे को प्राप्ति क्षेत्र घोषित किया जा रहा है। इस प्रस्ताव पर शुक्रवार को टीएंडसीपी में सुनवाई होगी। इससे मेट्रो कॉरिडोर के आसपास के निर्माण और विकास अधिकारों पर बड़ा असर पड़ेगा। आपत्तियों का निराकरण कर इसी माह में रीसिविंग एरिया को लेकर मास्टर प्लान में बदलाव का – नोटिफिकेशन जारी होगा। भोपाल सिटीजन फोरम के संयोजक सुरेंद्र तिवारी ने आपत्ति लगाई हुई है। शुक्रवार को वे व अन्य इस पर अपनी बात रखेंगे। मध्य प्रदेश हस्तांतरणीय विकास अधिकार यानी टीओडी नियम, 2018 के तहत रीसिविंग एरिया तय किया जा रहा है। इससे 'ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट' बढ़ेगा। इस तरह होगा लाभ -वर्टिकल डेवलपमेंट होगा। अभी 1:25 एफएआर है, अतिरिक्त खरीदी से ये तीन से पांच गुना तक हो जाएगा। अतिरिक्त मंजिलें बना सकेंगे। -मेट्रो स्टेशन के 500 मीटर के भीतर घनी आबादी और कमर्शियल हब बनने से लोग निजी वाहनों की जगह मेट्रो का उपयोग अधिक करेंगे, जिससे मुख्य सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा। -इस क्षेत्र में प्लॉट और प्रॉपर्टीज की रीसेल व व्यावसायिक वैल्यू में तेज इजाफा होगा, जिससे स्थानीय भू-स्वामियों को आर्थिक फायदा होगा। मेट्रो से 500 में संसि 50 सीटर वाया जा रहा है। इसके लिए आपत्तियों पर सुनवाई होगी। शहरी विकास के लिए शासन की पॉलिसी है। उसके तहत ही प्रक्रिया की जा रही है।- कौशलेंद्र विक्रमसिंह, आयुक्त सह संचालक टीएंडसीपी ये नुकसान भी संभावित -पहले से सीवरेज, पेयजल, ड्रेनेज और बिजली नेटवर्क को अपग्रेड नहीं किया गया, तो हाईराइज बिल्डिंग्स बनने से बुनियादी सुविधाओं का संकट खड़ा हो जाएगा। -भले ही लोग लंबी दूरी के लिए मेट्रो लें, लेकिन 500 मीटर के दायरे की आंतरिक सड़कों और गलियों में गाडियों की संख्या और पार्किंग की कमी से भारी जाम लगेगा। -1-2 मंजिला पुराने रिहायशी मकानों के ठीक बगल में बहुमंजिला इमारतें बनने से धूप, वेंटिलेशन और प्राइवेसी प्रभावित होगी। -घने निर्माण से हरियाली कम होगी और 'कंक्रीट हीट आइलैंड' का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे तापमान बढ़ेगा। -मेट्रो कॉरिडोर के आसपास जमीनें और घर बहुत महंगे हो जाएंगे, जिससे मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग के लिए क्षेत्र में रहना या कारोबार करना नामुमकिन सा हो जाएगा। 

रांची BNR होटल लीज मामला: 30 से बढ़ाकर 60 साल की गई थी अवधि, लालू परिवार समेत कई आरोपित

 रांची रांची रेलवे स्टेशन के समीप स्थित इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) के होटल बीएनआर को तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने करीबी हर्ष कोचर को 60 साल के लीज पर दे दिया था। यह रेलवे का हेरिटेज होटल था। इतना ही नहीं, पुरी में भी रेलवे के होटल को लालू प्रसाद ने लीज पर दिया था। हर्ष कोचर पटना के प्रसिद्ध होटल चाणक्य के संचालक हैं। बताया जा रहा है कि इसके बदले में लालू परिवार को बेनामी संपत्ति मिली थी। लालू प्रसाद वर्ष 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री थे। इसी कार्यकाल में उन्होंने लीज दिया था। सीबीआई ने केस दर्ज करने के बाद उक्त होटल में छापेमारी भी की थी और जांच में उपरोक्त आरोपों को सत्य पाया था। सीबीआई ने जांच में पाया था कि होटल बीएनआर रेलवे की संपत्ति थी, जिसे निजी कंपनी को संचालन का जिम्मा दे दिया गया था। ये बने थे आरोपित इसके बाद सीबीआई ने आईआरसीटीसी के तत्कालीन एमडी के अलावा तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटों तेजस्वी यादव और तेजप्रताप प्रताप यादव व सहयोगी प्रेमचंद गुप्ता को भी आरोपित बनाया था। सीबीआई जांच में यह पता चला था कि यह गड़बड़ी कर तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने सहयोगी झारखंड के राज्यसभा सदस्य प्रेमचंद गुप्ता की कंपनी को फायदा पहुंचाया था। यह भी जानकारी सामने आई थी कि लीज पहले 30 साल के लिए दिया गया था। बाद में आरोपितों को लाभ पहुंचाने के लिए लीज की अवधि को 30 साल से बढ़ाकर 60 साल कर दिया गया था।

विधायक एवं कलेक्टर ने लोगों की समस्याएं का किया निराकरण

विधायक एवं कलेक्टर ने  लोगों की समस्याएं का किया निराकरण शहडोल विधायक जयसिंह मरावी एवं कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने जनपद पंचायत बुढार के ग्राम बहगढ़ में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत आयोजित शिविर में लोगों की समस्याओ और शिकायते सुनी एवं निराकरण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दी

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बढ़ी जजों की संख्या, तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति

बिलासपुर. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी। नियुक्त किए गए न्यायाधीशों में संतोष शर्मा, सुषमा सावंत और सुधीर कुमार शामिल हैं। इन नियुक्तियों के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 11 से बढ़कर 14 हो जाएगी। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 18 अगस्त 2026 को हुई बैठक में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए इन तीनों न्यायिक अधिकारियों के नामों की अनुशंसा की थी। इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर केंद्र सरकार ने नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी की। सुषमा सावंत का लंबा न्यायिक अनुभव नवनियुक्त न्यायाधीश सुषमा सावंत ने न्यायिक सेवा में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह महासमुंद, बिलासपुर और राजनांदगांव में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य कर चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की निदेशक, बिलासपुर कुटुंब न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश और छत्तीसगढ़ शासन के विधि एवं विधायी कार्य विभाग में अतिरिक्त सचिव के रूप में भी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में सुषमा सावंत इसी विभाग में प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत हैं। सुधीर कुमार को न्यायिक प्रशासन का अनुभव सुधीर कुमार ने भी प्रदेश के कई जिलों में न्यायिक पदों पर काम किया है। वह रायपुर में प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय और विशेष न्यायालय में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा बिलासपुर, जशपुर, कोरबा, महासमुंद, दंतेवाड़ा, धमतरी और दुर्ग समेत कई जिलों में न्यायिक सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें विजिलेंस, अनुशासन और न्यायिक प्रशासन से जुड़े मामलों का भी व्यापक अनुभव है। उन्होंने न्यायिक अकादमी में प्रशिक्षण और क्षमता विकास से जुड़े कार्य किए हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट प्रशासन और लोक सेवा आयोग को कानूनी सलाह देने का अनुभव भी उनके पास है। संतोष शर्मा ने 2009 में शुरू की न्यायिक सेवा नवनियुक्त न्यायाधीश संतोष शर्मा मूल रूप से सीहोर, मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने 19 मार्च 2009 को सीधे उच्च न्यायिक सेवा में प्रवेश किया था। वर्तमान में वह कोरबा में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें 16 वर्ष से अधिक का न्यायिक अनुभव है। संतोष शर्मा ने बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, रायपुर और सूरजपुर में विभिन्न न्यायिक पदों पर सेवाएं दी हैं। वह बिलासपुर हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार (विजिलेंस) की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने अंबिकापुर में एससी-एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश, दंतेवाड़ा और बलौदाबाजार में जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा सूरजपुर में कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में भी काम किया है। तीनों नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के साथ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की न्यायिक क्षमता बढ़ेगी और लंबित मामलों की सुनवाई में भी तेजी आने की उम्मीद है। 

अमृतसर बार एसोसिएशन चुनाव में वोटिंग शुरू, 3050 मतदाताओं के हाथ में उम्मीदवारों का भविष्य

अमृतसर. अमृतसर बार एसोसिएशन (एबीए) के चुनाव के लिए कचहरी परिसर पूरी तरह तैयार है। आज होने वाले चुनाव में 3050 से अधिक मतदाता 52 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान के लिए एबीए कार्यालय में 10 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव को लेकर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने पूरी ताकत झोंक दी है। अब आज मतदान के साथ ही प्रत्याशियों की मेहनत और उनके समर्थकों की सक्रियता का फैसला मतपेटियों में बंद हो जाएगा। प्रधान पद के लिए इन प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर प्रधान पद पर गुरप्रीत सिंह पनेसर और एएल सयाली के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है। वहीं तीसरे प्रत्याशी पीएस वालिया भी अपने स्तर पर वोट बैंक मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में प्रधान पद का मुकाबला काफी रोचक रहने की संभावना है। उपाध्यक्ष पद पर राजदीप सिंह घुमन, अमृतपाल सिंह मोमी और पुनीत शर्मा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। राजदीप घुमन दोबारा जीत के लिए जोर लगा रहे हैं, जबकि अमृतपाल सिंह मोमी और पुनीत शर्मा भी अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं। महिला उपाध्यक्ष पद पर वरिष्ठ वकील प्रकाशदीप कौर और डीके बेदी के बीच जोरदार भिड़ंत होगी। इनके अलावा शरणपाल कौर संधू और नरेश बाला भी मैदान में हैं। सचिव पद के लिए हरसिमरन सिंह और सनप्रीत सिंह मान के बीच कड़ा मुकाबला है। वहीं गुरमीत मान भी दोनों प्रत्याशियों को चुनौती दे रहे हैं। सह सचिव पद पर सौरभ शर्मा, अक्षय जैन, धीरज आनंद, रजनी जोशी और सुनील कुमार के बीच मुकाबला होगा। कोषाध्यक्ष पद पर कपिल शर्मा और राकेश शर्मा आमने-सामने हैं। राकेश शर्मा पहले भी कोषाध्यक्ष रह चुके हैं। लाइब्रेरियन पद पर नरिंदर कौर और सुनैना सोनी के बीच मुकाबला है। वरिष्ठ कार्यकारी पद के लिए सतिंदर छीना, रमन मोंगा, अनुराधा अरोड़ा, गीतांजलि, गगन भाटिया और हरप्रीत ग्रोवर मैदान में हैं। कार्यकारी पदों के लिए अमित अरोड़ा, जतिंदर बेदी, आरके भारद्वाज, आकाश गेंदा, नितिश जैन और अमन कपूर सहित कई प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। सुबह नौ से शाम पांच बजे तक मतदान रिटर्निंग अफसर राजीव जोशी ने बताया कि आज सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। चुनाव के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को सूचित किया गया है। कचहरी परिसर में 250 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। मतदान के लिए 60 मतपेटियां मंगवाई गई हैं। एबीए कार्यालय में कुल 10 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां मतदाता मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

क्लर्क की नौकरी का सपना दिखाकर 15 लोगों से ठगे 18 लाख, RGPV के प्यून पर गंभीर आरोप

 भोपाल राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में नौकरी लगवाने के नाम पर विवि के प्यून ने 15 लोगों से करीब 18 लाख रुपये की ठगी कर ली और फिर ठगी की रकम अपने कैंसर के इलाज में खर्च कर दी। आरोपी ने आरजीपीवी में क्लर्क की नौकरी निकलने की बात कहकर लोगों से रकम ली। पुलिस जांच में सामने आया है कि उसने नौकरी से संबंधित फर्जी नोटिस भी दिखाया था। आरोपी फिलहाल मुंह के कैंसर की चौथी स्टेज से पीड़ित है और उसका कीमोथैरेपी से इलाज चल रहा है। गांधीनगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है। परिचित के माध्यम से की 15 लोगों से ठगी     पुलिस के अनुसार मामले की शिकायतकर्ता छिंदवाड़ा निवासी नुसरत आयशा ने बताया कि वर्ष 2025 में सतपुड़ा भवन से सेवानिवृत्त परिचित हनीफ मियां के माध्यम से उसकी पहचान आरजीपीवी के प्यून नसीम खान से हुई थी। नसीम ने आरजीपीवी में क्लर्क की भर्ती निकलने की बात कही और नौकरी लगवाने का भरोसा दिया।     इसके बाद नुसरत ने उसे रकम दी। उसने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भी नौकरी लगवाने की जानकारी दी, जिसके बाद कुल 15 लोगों ने नसीम को करीब 18 लाख रुपये दे दिए। आरोप है कि रकम लेने के बाद नसीम ने सभी को नौकरी नहीं लगवाई। ठगी की रकम इलाज में खर्च होने की बात आई सामने इसी दौरान वह कैंसर से पीड़ित हो गया। शिकायतकर्ताओं के अनुसार नसीम ने बताया कि उसने नौकरी के लिए ली गई रकम अपने इलाज में खर्च कर दी है। जांच कर रहे एएसआइ संजय मिश्रा ने बताया कि आरोपी के बयान लिए जा चुके हैं। फिलहाल उसका कैंसर का इलाज चल रहा है, इसलिए उसकी गिरफ्तारी नहीं की गई है। पुलिस मामले में रकम के लेन-देन, फर्जी दस्तावेज और अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है।

पंजाब कांग्रेस में दिखने लगा पायलट इफेक्ट! सचिन के आते ही नरम पड़े चन्नी और रंधावा

 चंडीगढ़ पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट ने साफ कर दिया है कि पंजाब में बिना सीएम फेस चुनाव लड़ा जाएगा। इसके अलावा पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान में वरिष्ठ कांग्रेसियों के सुर भी बदलते दिखाई दे रहे हैं। गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, जो हाल के दिनों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ मुखर रहे थे, ने वड़िंग को हटाने की बात से दूरी बना ली है।  वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने भी प्रदेश अध्यक्ष को लेकर फैसला हाईकमान पर छोड़ने की बात कही है। वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की मांग के सवाल पर रंधावा ने कहा- किसने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष को बदला जाना चाहिए? न मैंने कहा, न चन्नी ने, न किसी वरिष्ठ नेता ने। जिन्होंने मांग की है, उनसे पूछिए। अब उनका यह बयान पहले के रुख से नरमी के तौर पर सामने आया है।  उधर पूर्व सीएम चन्नी ने पायलट की नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा, उनके  पंजाब प्रभारी बनने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई उम्मीद जागी है। चन्नी के मुताबिक पायलट के आने से पंजाब में अच्छा राजनीतिक माहौल बना है और पार्टी को इससे फायदा होगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के सवाल पर चन्नी ने कहा कि यह फैसला उनके हाथ में नहीं है और हाईकमान जो निर्णय करेगा, पार्टी उसे स्वीकार करेगी। यह रुख भी वड़िंग के नेतृत्व को लेकर पहले सामने आए उनके विरोधी रुख की तुलना में नरम है। सामूहिक रूप से चुनाव लड़ेंगे पायलट ने साफ किया है कि कांग्रेस पंजाब विधानसभा चुनाव में किसी मुख्यमंत्री चेहरे को पहले से घोषित नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सामान्य परंपरा सामूहिक रूप से चुनाव लड़ने की रही है। उन्होंने कहा कि पूरी टीम मिलकर चुनाव लड़ेगी और बहुमत मिलने के बाद भूमिका और जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। पायलट ने यह भी कहा कि राहुल गांधी चुनाव अभियान का चेहरा होंगे और पंजाब में अभियान की शुरुआत करेंगे। उनके मुताबिक राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे अभियान में प्रमुख भूमिका निभाएंगे। पायलट ने बताया कि राहुल गांधी जल्द पंजाब आने वाले हैं। इसके लिए कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व में तत्काल बदलाव पर पायलट ने कहा कि हाईकमान ने उनसे अभी इस तरह के किसी बदलाव पर चर्चा नहीं की है।