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ब्योहारी तहसील के एसडीएम कार्यालय में लोकायुक्त का छापा ,15 हजार की रिश्वत लेते बाबू रंगे हाथ हुआ गिरफ्तार!

ब्योहारी  तहसील कार्यालय में भृत्य के पद पर पदस्थ रहते हुए बीर सिंह कर रहा था एसडीएम कार्यालय में पेशकार का काम। कई सालों से यहां पर था पदस्थ। बिना लिये दिए नहीं होता तहसील कार्यालय में किसी का कोई काम। तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार की लिखी जा  रही इवारत की खबरों की हो गई पुष्टि भ्रष्टाचार का गढ़ बना तहसील कार्यालय, पैसों के दम पर होते है फैसले। तहसील कार्यालय में हुई लोकायुक्त की दविश से मची खलबली। ब्यौहारी- भ्रष्टाचार के विरुद्ध रीवा लोकायुक्त की टीम ने आज एक बड़ी कार्यवाही करते हुए ब्यौहारी तहसील में अनुभागीय अधिकारी कार्यालय के बाबू पेशकार को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। न्यायालयीन प्रकरण में पक्ष में फैसला सुनाने के नाम पर रिश्वत की मांग की गई थी। ​जमीनी विवाद के फैसले के बदले मांगी थी पंद्रह हजार की घूंस। ​मिली जानकारी अनुसार, तहसील कार्यालय के अनुभागीय अधिकारी कार्यालय में कार्यरत लिपिक वीर सिंह जो भृत्य के पद पर पदस्थ रहते हुए यहां सालों से पेशकार का काम करता रहा है। जिसने एक जमीनी विवाद के मामले में निर्णय पीड़ित पक्ष के हक में करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। आरोपी बाबू ने शिकायतकर्ता को धमकी भी दी थी कि यदि पैसे नहीं दिए, तो वह मामले का निर्णय दूसरे पक्ष संपत जायसवाल के समर्थन में करवा देगा। ​20 हजार में तय हुआ था सौदा। ​शिकायतकर्ता अंकिता जायसवाल पति सुरेश जायसवाल ने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त रीवा से की थी। बताया जा रहा है कि एसडीएम के बाबू वीर सिंह ने शुरुआत में 20 हजार रुपये की मांग की थी, लेकिन बाद में मामला 15,000/- रुपये में तय हुआ। ​लोकायुक्त रीवा की कार्यवाही ​शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त की बारह सदस्यी टीम ने जाल बिछाया और तहसील के एसडीएम कार्यालय में जैसे ही शिकायतकर्ता ने रिश्वत की रकम बाबू वीर सिंह को दी, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया।  लोकायुक्त की टीम फिलहाल भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही कर रही है।

क्रिकेट में धमाल: शहडोल की रीना ने WMPL टीम में बनाई जगह, भोपाल बुल्स की नजर

शहडोल / भोपाल   मध्य प्रदेश के शहडोल जिले की पहचान अब गर्ल्स क्रिकेट की नर्सरी के तौर पर भी होने लगी है. क्योंकि यहां से कई लड़कियां क्रिकेट में कमाल कर रही हैं. पूजा वस्त्रकार जहां भारतीय टीम तक का सफर तय कर चुकी हैं, तो वहीं पूनम सोनी जैसी लड़कियां भी हैं जो क्रिकेट में बड़ा कमाल कर चुकी हैं. अब रीना यादव जैसी लड़कियां हैं जिनके घर की आर्थिक स्थिति भले ही बेहतर नहीं है. लेकिन अपने सपने को साकार करने के लिए वो लगातार कड़ी मेहनत कर रही हैं और सफलता हासिल कर रही हैं।  मेहनत से मंज़िल पाने की ज़िद कहते हैं सही दिशा में किया गया हार्ड वर्क एक दिन मंजिल जरूर दिला देता है. रीना यादव की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिनके घर की घरेलू परिस्थितियों बहुत बेहतर नहीं हैं. पिता ऑटो चलाकर घर को संभाल रहे हैं. लेकिन बेटी का सपना था कि उन्हें क्रिकेटर बनना है और इसीलिए उन्होंने क्रिकेट खेलने की शुरुआत कर दी. और धीरे-धीरे कड़ी मेहनत और हार्ड वर्क से आज रीना यादव मध्य प्रदेश के सीनियर टीम तक का सफर तय कर ही चुकी हैं।   उन्हें हाल ही में विमेंस मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग WMPL की टीम में चुना गया है. जिसके बाद वो एक बार फिर से सुर्खियों में आ गई हैं. रीना यादव बताती है कि, ''वो मध्य प्रदेश एसोसिएशन की खिलाड़ी हैं और उनका सिलेक्शन अभी हाल ही में WMPL के लिए भोपाल बुल्स की टीम में हुआ है. पिछले साल उन्हें बुंदेलखंड बुल्स की टीम ने चुना था।  कैसे हुई क्रिकेट की शुरुआत रीना यादव बताती हैं कि, ''वो शहडोल जिले के बुढार के पास रुंगटा कॉलोनी की रहने वाली हैं और उन्हें बचपन से क्रिकेट खेलने का शौक था. इसी में वो अपना करियर बनाना चाहती थी. पेरेंट्स भी उनके काफी सपोर्टिव थे और उनके हर फैसले का समर्थन कर रहे थे. यही उनकी सबसे बड़ी ताकत थी जिसकी वजह से आज वह अपने क्रिकेट करियर के लिए आगे बढ़ पा रही है और नई मंजिल को अचीव कर रही हैं।  रीना यादव बताती हैं कि, ''उन्होंने शहडोल क्रिकेट अकादमी में भी क्रिकेट सीखा फिर इसके बाद उनका सिलेक्शन शिवपुरी के महिला क्रिकेट अकादमी में हो गया जहां वो अभी भी सीख रही हैं. सब कुछ अच्छा चल रहा है, शिवपुरी में रहती हैं तो वहां महिला क्रिकेट अकादमी में ट्रेनिंग कर रही हैं. कभी- कभी शहडोल आने पर यहां भी ट्रेनिंग करती हैं. इस तरह से वो अपने क्रिकेट में बेहतर करने की कोशिश में डटी हुई हैं।  रीना यादव के अचीवमेंट्स शहडोल क्रिकेट अकादमी के कोच सोनू रॉबिंसन बताते हैं कि, ''रीना यादव 10 साल से शहडोल संभाग के लिए क्रिकेट खेल रही हैं. रीना को पहली बार स्कूल गेम्स में देखा गया था जिसके बाद उन्हें शहडोल क्रिकेट अकादमी प्रैक्टिस के लिए बुलाया गया था. पहले वो हफ्ते में तीन-चार दिन आती थी, कुछ साल तक तो वहीं से उन्होंने अप डाउन किया लेकिन इसके बाद अपने मामा के यहां रहने लगीं. शहडोल में ही उन्होंने क्रिकेट की रेगुलर शुरुआत कर दी. इसके बाद रीना यादव का सफर यहीं नहीं थमा।  अपनी हार्ड वर्क और कड़ी मेहनत के दम पर रीना ने मध्य प्रदेश से अंडर-19, अंडर 23 और सीनियर ग्रुप को रिप्रेजेंट किया है. इस बार उनके परफॉर्मेंस के आधार पर मध्य प्रदेश के WMPL में जो वूमेंस का दूसरा संस्करण है भोपाल बुल्स की टीम ने उन्हें अपनी टीम में रखा है. रीना यादव राइट हैंड बैट्समैन हैं और पार्ट टाइम ऑफ स्पिन भी करती हैं. उनमें बहुत काबिलियत है, उन्हें बेहतर मंच मिला है, अब उनके पास एक अच्छा मौका है अपने टैलेंट को दिखाने का।  शहडोल बना गर्ल्स क्रिकेट की नर्सरी देखा जाए तो शहडोल जिला गर्ल्स क्रिकेट की नर्सरी है क्योंकि यहां से कई लड़कियां हैं जो मध्य प्रदेश के अलग-अलग एज ग्रुप की टीम से खेल रही हैं. अभी हाल ही में कई लड़कियां WMPL के लिए जो सिलेक्ट हुई हैं, उसमें शहडोल संभाग से भी कई लड़कियां शामिल हैं. पूजा वस्त्रकार जैसे खिलाड़ी भारतीय टीम से खेल चुकी हैं. पूनम सोनी मध्य प्रदेश से तो खेल ही चुकी हैं. इसके अलावा अब वो क्रिकेट के दम पर रेलवे में नौकरी भी कर रही हैं और रेलवे की टीम से भी खेल रही हैं. इसके अलावा भी कई ऐसी लड़कियां हैं, जो लगातार क्रिकेट में कमाल कर रही हैं और अपने टैलेंट से सभी का ध्यान खींच रही हैं। 

MP Metro ट्रेनों में अब बर्थडे और प्री-वेडिंग का मजा, सस्ती बुकिंग के साथ जश्न संभव

इंदौर/भोपाल   मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) ने एक पहल शुरू की है, जिसके तहत मेट्रो ट्रेनों और स्टेशन परिसर में बर्थडे पार्टी, प्री-वेडिंग शूट, फिल्म की शूटिंग और अन्य सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनुमति दी जाएगी। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब इंदौर और भोपाल में मेट्रो सेवाओं में यात्रियों की संख्या उम्मीद से कम है। MPMRCL ने बताया कि 'सेलिब्रेशन्स ऑन व्हील्स' पहल के तहत, मेट्रो कोच और चुनिंदा स्टेशन क्षेत्रों का उपयोग विभिन्न रचनात्मक और सामाजिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा, बशर्ते निर्धारित शुल्क और सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए। MPMRCL के प्रबंध निदेशक एस. कृष्णा चैतन्य ने कहा, "सेलिब्रेशन्स ऑन व्हील्स पहल इंदौर और भोपाल की जीवंत संस्कृति, तेजी से बढ़ते शहरी वातावरण और नागरिकों की बदलती जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है।" उन्होंने कहा, "यह मेट्रो को जनता के करीब लाने का एक प्रयास है, जिससे लोग मेट्रो के सुरक्षित और आधुनिक वातावरण में अपने खास मौकों का जश्न मना सकें। इससे मेट्रो सेवाएं नागरिकों के दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बन जाएंगी।" सुरक्षा और अनुशासन को ध्यान में रखते हुए कुछ पाबंदियां भी तय की गई हैं. मेट्रो परिसर में शराब, बीड़ी-सिगरेट और पटाखों पर पूरी तरह मनाही रहेगी. आयोजन में शामिल होने से पहले सभी लोगों की स्टेशन पर जांच की जाएगी।  पिछले साल शुरू हुई थी भोपाल मेट्रो भोपाल मेट्रो का उद्घाटन 20 दिसंबर 2025 को हुआ था और 21 दिसंबर से इसे आम यात्रियों के लिए खोला गया था. शुरुआती दिनों में यात्रियों की अच्छी खासी तादाद देखने को मिली, लेकिन वक्त के साथ फुटफॉल में गिरावट आई. ऐसे में अब मेट्रो एडमिनिस्ट्रेश ने कमाई बढ़ाने के लिए यह नया प्रयोग शुरू किया है। 

जेडीयू में मंत्री पद पर निशांत कुमार की संभावना, नीतीश से हो रही है बैठक

पटना  बिहार में आज  7 मई को कैबिनेट विस्तार होने जा रहा है. पटना के गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी पूरी हो चुकी है. इस बीच एक बड़ी चर्चा यह है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं. हालांकि इसको लेकर जेडीयू की तरफ से कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।  बता दें कि कैबिनेट विस्तार से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. जेडीयू नेता संजय झा और डिप्टी सीएम विजय चौधरी पटना स्थित 7 सर्कुलर रोड पहुंचे. जहां उनकी नीतीश कुमार से मुलाकात हुई. माना जा रहा है कि इस बैठक में मंत्रिमंडल के नामों के साथ-साथ निशांत कुमार को लेकर भी चर्चा हुई है. यह बैठक कैबिनेट विस्तार से पहले काफी अहम मानी जा रही है।  क्या है निशांत की इच्छा? इस बीच जेडीयू एमएलसी संजय गांधी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि पार्टी के कई नेता चाहते हैं कि निशांत कुमार मंत्री बनें. लेकिन निशांत की इच्छा है कि वे पहले बिहार का दौरा पूरा करें, उसके बाद ही मंत्रिमंडल में शामिल होने पर फैसला लें. संजय गांधी ने साफ कहा कि अंतिम फैसला निशांत कुमार को ही लेना है. बता दें कि वे नीतीश कुमार और निशांत के करीबी माने जाते हैं. यह बयान उन्होंने पटना के सात सर्कुलर रोड से बाहर निकलने के बाद दिया।  जिम्मेदारी लेने से किया था मना पिछले महीने नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद चर्चा थी कि उनके बेटे निशांत कुमार डिप्टी सीएम बन सकते हैं. पार्टी के कई नेताओं ने उन्हें इसके लिए मनाने की कोशिश भी की. लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया. सूत्रों के मुताबिक, निशांत का कहना था कि बिना चुनाव जीते वे कोई बड़ा पद नहीं लेना चाहते. उनका मानना है कि पहले जनता के बीच काम करके अनुभव लेना जरूरी है. इसलिए उन्होंने तय किया कि वे पहले चुनाव लड़कर विधायक बनेंगे, उसके बाद ही बड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे. इसके लिए वे करीब छह महीने तक जमीनी स्तर पर काम करेंगे और लोगों के बीच रहेंगे. इन दिनों वे बिहार के अलग-अलग इलाकों का दौरा भी कर रहे हैं. निशांत कुमार 8 मार्च को जेडीयू में शामिल हुए थे।  कौन-कौन बनेंगे मंत्री सूत्रों के मुताबिक एनडीए की ‘टीम सम्राट’ लगभग तैयार है. इस बार मंत्रिमंडल में पुराने और अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को भी मौका मिल सकता है. बीजेपी अपने कोटे से बड़े नेताओं को शामिल कर रही है, वहीं जेडीयू भी अपने भरोसेमंद नेताओं पर दांव लगा रही है. चर्चा है कि बीजेपी से विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, डॉ. दिलीप जायसवाल और डॉ. प्रमोद कुमार जैसे नेताओं को जगह मिल सकती है. वहीं युवा चेहरों में श्रेयसी सिंह और आनंद मिश्रा जैसे नाम भी चर्चा में हैं। 

किसान मुद्दों पर प्रदेश में गर्माई राजनीति, कांग्रेस करेगी आज आंदोलन और जाम

भोपाल  मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दों को लेकर सियासत तेज हो गई है। आज 7 मई को कांग्रेस सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है, जिसमें मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में नेशनल हाईवे जाम कर किसानों की समस्याओं और मांगों को लेकर दबाव बनाने की रणनीति तैयार की गई है, जिससे कई जिलों में यातायात प्रभावित होने की आशंका है। भोपाल में पीसी शर्मा ने बताया कि सरकार की खरीदी व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है। बार-बार खरीदी और स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ाने से सिस्टम की कमजोरी उजागर हो गई है। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया के पहले 14 दिनों में केवल 9.30 लाख मीट्रिक टन गेहूं ही खरीदा गया है। इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। किसान स्लॉट बुकिंग, रजिस्ट्रेशन पर्ची अपलोड करने और भुगतान में देरी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। पार्टी ने सरकार से मांग की है कि किसानों को गेहूं का दाम 2625 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाए। साथ ही, जिन किसानों ने कम कीमत पर गेहूं बेचा है, उन्हें अंतर की राशि “भावांतर योजना” के तहत सीधे उनके बैंक खातों में दी जाए। इसके अलावा, पार्टी ने मूंग और सोयाबीन के दामों को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा है। कांग्रेस के इस आंदोलन के कारण 11 जिलों में करीब 747 किलोमीटर तक यातायात प्रभावित होने की संभावना है। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन किसानों के हित में किया जा रहा है, जबकि प्रशासन ने भी सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस की मांगें पार्टी ने सरकार से मांग की है कि किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल का भाव दिया जाए और कम कीमत पर बेचे गए गेहूं का अंतर भावांतर योजना के तहत सीधे खातों में डाला जाए। साथ ही मूंग और सोयाबीन के दामों को लेकर भी जवाब मांगा गया है। मंत्री बोले- वेयरहाउस की क्षमता में 20% बढ़ाई मध्यप्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंदसिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री और विभाग द्वारा गेहूं खरीदी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी की अनुमति थी, लेकिन किसानों के अधिक पंजीयन को देखते हुए केंद्र सरकार से इसे बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन करा लिया गया है। मंत्री ने कहा कि खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है और अब तक करीब 15 लाख स्लॉट बुक हो चुके हैं। 50 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीदी भी हो चुकी है। राजपूत ने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए तौल कांटे बढ़ाए गए हैं और वेयरहाउस की क्षमता में 20% तक की बढ़ोतरी की गई है, ताकि भंडारण में दिक्कत न आए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री खुद औचक निरीक्षण कर रहे हैं और वे स्वयं भी विभिन्न केंद्रों का दौरा कर रहे हैं। भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना- कांग्रेसी किसी किसान को एक गिलास पानी तक नहीं पिलाते मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेसी किसी किसान को एक गिलास पानी तक नहीं पिलाते और आंदोलन का ढोंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष में होने के कारण कांग्रेस इस तरह के कदम उठा रही है, लेकिन हाईवे जाम से आम जनता को परेशानी होगी। राजपूत ने कहा कि सड़कों को जाम करने से लोगों की आवाजाही प्रभावित होगी और इससे आम नागरिकों को अनावश्यक दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी। उन्होंने कांग्रेस से इस पर पुनर्विचार करने की अपील की। मंत्री ने यह भी कहा कि अन्य राज्यों में कांग्रेस की स्थिति कमजोर है और पार्टी को आंदोलन करने के बजाय आत्ममंथन करने की जरूरत है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बोले कांग्रेस ने आज तक अन्नदाता की चिंता नही की कांग्रेस को तो यह बात कहने का भी अधिकार नहीं हैं। हमारी सरकार बनने के बाद हम अन्नदाता को किसान सम्मान निधि दे रहे हैं। समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की जा रही हैं, जबकि बारदाने का संकट था। जीतू पटवारी को किसानों से माफी मांगना चाहिए। वो बताएं कि 2003-04 के पहले उन्होंने अन्नदाता के लिए क्या किया? जीतू पटवारी को आत्ममंथन और आत्मचिंतन करने की जरुरत है।

इंदौर में सड़क विकास: मधु मिलन–छावनी मार्ग होगा 60 फीट चौड़ा, अवरोध हटाने की तैयारी

इंदौर  मधुमिलन-छावनी मार्ग पर वर्षों से ट्रैफिक जाम की समस्या रहती थी, लेकिन अब यह समस्या हल होगी। नगर निगम ने इस मार्ग को 60 फीट चौड़ा करने का मन बना लिया है और इसके लिए दो-तीन दिन में 100 से ज्यादा अतिक्रमण भी हटाने की तैयारी की जा रही है। मेयर पुष्यमित्र भार्गव खुद इस मार्ग पर अतिक्रमण हटाने से पहले रहवासियों से मिलने पहुंचे और रहवासियों से आग्रह किया कि वे अगले दो से तीन दिनों के भीतर अपने-अपने अतिक्रमण खुद हटा लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने पर नगर निगम द्वारा कार्रवाई कर उन्हें हटाया जाएगा। कुछ रहवासी स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के लिए तैयार हो चुके हैं। भार्गव ने बताया कि मधुमिलन चौराहे से छावनी तक का यह मार्ग शहर के ट्रैफिक के लिए महत्वपूर्ण है। इसका निर्माण निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान के तहत इस सड़क को प्रथम चरण में 60 फीट चौड़ा किया जाएगा। इसके बाद यातायात की स्थिति के अनुसार आगे की योजना बनाई जाएगी।   उन्होंने यह भी बताया कि 60 फीट चौड़ाई को लेकर क्षेत्र के अधिकांश रहवासी सहमत हैं, जिससे कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। आपको बता दें कि छह साल पहले भी तत्कालीन कलेक्टर आकाश त्रिपाठी ने इस सड़क को चौड़ा करने की योजना बनाई थी और तब मथुरवाला स्वीट्स का निर्माण भी तोड़ा गया था, लेकिन बाद में उनका तबादला हो गया और सड़क चौड़ी नहीं हो पाई थी।

लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए प्रदेश में 9 मई को नेशनल लोक अदालत आयोजित

नेशनल लोक अदालत लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए प्रदेश में 9 मई को नेशनल लोक अदालत संपत्ति एवं जल कर के सरचार्ज (अधिभार) में मिलेगी 100 प्रतिशत तक की छूट भोपाल मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदेश में 9 मई शनिवार को 'नेशनल लोक अदालत' का वृहद स्तर पर आयोजन किया जा रहा है। नागरिकों के कल्याण और उन्हें आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। नेशनल लोक अदालत में नागरिकों को विशेष सुविधा प्रदान करते हुए संपत्तिकर, जलकर एवं अन्य उपभोक्ता कर के लंबित प्रकरणों में देय अधिभार (सरचार्ज) पर 100 प्रतिशत तक की अभूतपूर्व छूट प्रदान की जा रही है। योजना के प्रावधानों के अंतर्गत 50 हजार रुपये तक के संपत्तिकर और 10 हजार रुपये तक के जल कर की बकाया राशि वाले प्रकरणों में सरचार्ज पूर्णतः माफ किया जाएगा। इससे अधिक की बकाया राशि होने पर निर्धारित स्लैब के अनुरूप सरचार्ज में 25 से 75 प्रतिशत तक की रियायत का प्रावधान किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 तक की बकाया राशि पर यह विशेष छूट वन टाइम सेटलमेंट के रूप में देय होगी। इसयोजना का लाभ प्राप्त करने वाले नागरिकों को छूट के उपरांत शेष राशि अधिकतम दो आसान किश्तों में जमा करने की सुविधाजनक व्यवस्था प्रदान की गई है, जिसके अंतर्गत कम से कम 50 प्रतिशत राशि लोक अदालत के दिन ही जमा करना अनिवार्य होगा। राज्य शासन ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस नेशनल लोक अदालत में सहभागिता कर अपने लंबित प्रकरणों का निराकरण करवाएं और शासन द्वारा प्रदाय की जा रही इस विशेष छूट का अधिकतम लाभ उठाएं।    लोक अदालत के माध्यम से नगरीय निकायों के लंबित प्रकरणों का त्वरित एवं सुलभ निराकरण किया जाएगा, जिससे आमजनों को व्यापक राहत मिलेगी। शासन की इस जन-कल्याणकारी पहल से नागरिकों को न केवल करों के भारी बोझ से मुक्ति प्राप्त होगी, बल्कि इसके फलस्वरूप नगरीय निकायों को भी एकमुश्त राजस्व की प्राप्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

मध्य प्रदेश के नौरादेही टाइगर रिजर्व में अनोखी पहल, एक्स-आर्मी मैन संभालेंगे वन्यजीव सुरक्षा

सागर  मध्य प्रदेश के सबसे बड़े टाइगर रिजर्व वीरांगना रानी दुर्गावती (नौरादेही) टाइगर रिजर्व की बात करें, तो ये तीन जिलों में फैला हुआ है. नौरादेही वन्य जीव अभ्यारण को टाइगर रिजर्व में तब्दील तो कर दिया गया है. लेकिन 2 साल से ज्यादा वक्त बीतने के बाद भी आज यहां पर वही फील्ड स्टाफ काम कर रहा है. जो नौरादेही वन्यजीव अभ्यारण्य के समय पर कर रहा था. जबकि नौरादेही वन्यजीव अभ्यारण्य का क्षेत्रफल आज के टाइगर रिजर्व से आधा भी नहीं था. ऐसे में टाइगर रिजर्व में बढ़ती बाघों की संख्या और आने वाले मेहमान चीतों की सुरक्षा की चिंता लाजिमी है।  वहीं पिछले दिनों में कुछ ऐसे घटनाक्रम भी सामने आए हैं. जो वन अपराधियों के बेलगाम हौसले की तरफ इशारा करते हैं. ऐसी स्थिति में वन अपराध जैसे लकड़ी तस्करी और वन्यजीवों के शिकार के साथ-साथ बाघों और आने वाले चीतों की सुरक्षा को लेकर प्रबंधन ने भूतपूर्व सैनिकों की मदद लेना शुरू किया है. टाइगर रिजर्व की सुरक्षा की कमान वनरक्षक तो संभाली रहे हैं. वहीं अब एक्स आर्मी मैन वन रक्षकों के कंधे से कंधे मिलाकर वन और वन्यजीव की सुरक्षा करेंगे।  वन्यजीवों की सुरक्षा और वन अपराध चिंता का विषय नौरादेही टाइगर रिजर्व की बात करें, तो इसका कुल क्षेत्रफल 2339 वर्ग किलोमीटर है. यह सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिले तक फैला हुआ है. यहां बाघों का कुनबा 30 पहुंच गया है. चीता प्रोजेक्ट के तहत इसे मध्य प्रदेश में चीतों के तीसरे घर के तौर पर विकसित किया जा रहा है. जुलाई में यहां चीता छोड़े जाना प्रस्तावित है. ऐसे में वन और वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ यहां की बेशकीमती वनसंपदा की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है।  वन्यप्राणियों की सुरक्षा पूर्व सैनिकों के जिम्मे  राष्ट्रीय बाघ संरक्षण योजना में 2018 में शामिल किए जाने और यहां चीतों के तीसरा घर बनाने का फैसला केंद्र और राज्य सरकार ने तो कर लिया. लेकिन सुरक्षा और प्रबंधन की दृष्टि से यहां वन अमले की पदस्थापना आज तक नहीं की गयी है. ये जब वन्यजीव अभ्यारण्य था, वहीं वन अमला आज भी यहां सुरक्षा और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहा है. यहां या तो श्रमिक या आउटसोर्सिंग के जरिए कर्मचारियों से काम लिया जा सकता है. ऐसे में वन अपराध रोकना और वनसंपदा की सुरक्षा के लिए प्रबंधन एक्स आर्मी मैन की तैनाती की गयी है. जो वन अमले के साथ सुरक्षा का दायित्व भी संभाल रहे हैं।  क्या कहना है प्रबंधन का नौरादेही टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह कहते हैं कि, ''पहली बात तो ये कोई नया प्रयोग नहीं है, मध्य प्रदेश के दूसरे टाइगर रिजर्व और जब नौरादेही वन्यजीव अभ्यारण्य हुआ करता था. तब भी यहां एक्स आर्मी मैन जिला सैनिक कल्याण बोर्ड के जरिए नियुक्त किए गए थे और वो वनकर्मियों के साथ कदम से कदम और कंधे से कंधा मिलाकर वन्यप्राणी क्षेत्र की सुरक्षा में अपना योगदान दे रहे हैं. ये बात कोई छिपी नहीं है कि हमारी सेना और सेना के जवानों का एक अनुशासन है और काम करने का अपना तरीका है।  जब हम उनके साथ जुड़कर वनकर्मी काम करते हैं, तो उनका अनुशासन और दक्षता का स्तर ऊपर होता है. सेना की दक्षता है, वो हमारे क्षेत्र में मेहनत के साथ जुटती है तो अपराधी तत्व डिफेंस में आ जाते हैं. वो जानते हैं कि कोई भी तरह का अपराध करेंगे, तो सेना के लोग छोड़ेगे नहीं. हमारी वन और वन्यप्राणी सुरक्षा मजबूत होती है. पूर्व में हम पेंच, कान्हा और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में ये प्रयोग हो चुका है। 

09 मई को नेशनल लोक अदालत आयोजित, लंबित मामलों का समाधान होगा

09 मई को होगा नेशनल लोक अदालत का आयोजन, लम्बित मामलों का होगा निराकरण  रायपुर भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आम जनता तक पहुचने तथा आपसी सहभागिता एवं सहमति से विवादों के समाधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समाधान समारोह विशेष लोक अदालत 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह आगामी 09 मई 2026 को नेशनल लोक अदालत आरंभ होकर 21, 22 एवं 23 अगस्त को विशेष लोक अदालत के माध्यम से लंबित मामलों का निराकरण सम्पन्न होगा।  विशेष लोक अदालत का आयोजन सर्वोच्च न्यायालय परिसर में 21, 22, 23 अगस्त को किया जाएगा। जिसमें सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित मामलों को भी शामिल किया जाएगा। इस दौरान पूर्व सुलह बैठको का आयोजन राज्य, जिला, तालुका एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के मध्यस्थता केन्द्र में किया जाएगा। वार्ता की प्रक्रिया 21 अप्रैल 2026 से ही प्रारभ हो चुकी है। इस समाधान शिविर के आयोजन का मुख्य उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित उपयुक्त मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह के माध्यम से निष्पादन करना है। अधिवक्ता वादीगणों एवं संबंधित सभी पक्षों से अपील की गई है कि, सक्रिय रूप से भाग ले एवं आपसी सहमति से  समाधान की दिशा में प्रयास करें।  सुलाह बैठक में पक्षकार शारीरिक एवं अभासी माध्यम से भी सम्मिलित हो सकते है, इस बैठकों में प्रशिक्षित मध्यस्थता एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी सहयोग प्रदान करेगें। अपने मामले को समाधान समारोह विशेष लोक अदालत में सम्मिलित करने केे लिए सर्वोच्च न्यायालय के वेबसाईट पर गुगल फार्म भरना होगा फार्म भरने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई। अधिक जानकारी एवं समाधान के लिए वन स्टाप सेन्टर (बार रूम) के सम्पर्क नम्बर, या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर से भी सम्पर्क कर सकते है।  आधिक जानकारी के लिए समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) हेतु बनाये गये (वन स्टॉप सेन्टर ) (वार रूम) इंचार्ज का सम्पर्क नम्बर 011-2311565652, 011-23116464, सी.आर.पी निदेशक का सम्पर्क नं.-011-23115652  वन स्टॉप सेन्टर (कक्ष क्रं.806 एवं 808 बी ब्लाक), अतिरिक्त भवन परिसर सर्वोच्च न्यायालय लेण्डलाइन नं.-011-23116464 से संपर्क कर सकते है वहीं ई.मेल आई. डी speciallokadalat 2026@sci.in तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर जिला न्यायालय परिसर मो.नं. 0771-24259’44 मो.नं.-8301508992 से भी सम्पर्क किया जा सकता है।

मोर गांव–मोर पानी अभियान से मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में जल संरक्षण हुआ सफल, बना मॉडल जिला

मोर गांव – मोर पानी महाअभियान से मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी बना जल संरक्षण का मॉडल जिला मनरेगा एवं विभिन्न योजनाओं के अभिसरण से जल संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को मिली नई मजबूती रायपुर राज्य शासन के “मोर गांव – मोर पानी” महाअभियान अंतर्गत मोहला-मानपुर- अम्बागढ़ चौकी जिले ने जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी अभिसरण से जिले में जल संवर्धन, भू-जल स्तर सुधार और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में व्यापक कार्य किए गए हैं।   जिले में बनीं 17 सौ से अधिक आजीविका डबरी           “जल संरक्षण हमारी जिम्मेदारी” की थीम पर संचालित इस अभियान के तहत जिले में 1700 से अधिक आजीविका डबरी का निर्माण किया गया। प्रत्येक पंचायत में औसतन 9 डबरी विकसित कर जल संरक्षण को आजीविका संवर्धन से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया गया है। सामुदायिक सहभागिता और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है। पीएम आवासों में बने 2541 सोखता गड्ढे, 87 तलाबों का नवीनीकरण          वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रेरित कर 2541 सोख्ता गड्ढे  का निर्माण कराया गया। इसके अलावा श्रमदान एवं जनसहभागिता से 175 बोरी बंधान, 3600 कंटूर ट्रेंच तथा 87 तालाबों का नवीनीकरण कर जल संरक्षण संरचनाओं को मजबूत किया गया। अभियान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए जिले में रैली, कलश यात्रा, शपथ एवं दीपदान जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।   जल स्तर में 2.19 मीटर की हुई वृद्धि         जलदूत ऐप से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जिले में भू-जल स्तर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। प्री मानसून 2024 की तुलना में प्री मानसून 2025 में जल स्तर में 1.81 मीटर तथा पोस्ट मानसून 2024 की तुलना में पोस्ट मानसून 2025 में 2.19 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़े अभियान की प्रभावशीलता और जिले में किए गए जल संरक्षण कार्यों की सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।   जिले के तीन विकासखण्ड अब सेफ कैटेगरी में          अभियान के सकारात्मक परिणामों के फलस्वरूप ग्रामीण विकास मंत्रालय की अधिसूचना दिनांक 23 सितम्बर 2025 के अनुसार जिले के तीनों विकासखंड, जो पूर्व में सेमी-क्रिटिकल श्रेणी में शामिल थे, अब “सेफ ब्लॉक” की श्रेणी में वर्गीकृत किए गए हैं। यह उपलब्धि मोहला-मानपुर- अम्बागढ़ चौकी जिले में सामूहिक प्रयास, जनसहभागिता और प्रभावी जल प्रबंधन की एक प्रेरणादायी मिसाल बनकर उभरी है।