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ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट भारतीयों की फ्लाइट दिल्ली पहुंची, पंजाब सरकार ने भेजे टेंपो ट्रैवलर और गाड़ियाँ

चंडीगढ़  स्ट्रेलिया से 15 भारतीयों को डिपोर्ट किया गया है, उनमें एक महिला समेत 11 पंजाबी हैं। इन लोगों की फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गई है। वहीं, पंजाब सरकार की टीमें भी उन्हें लेने के लिए दिल्ली पहुंची है। उनके लिए वाहनों का इंतजाम किया गया है।  इन जिलों के रहने वाले हैं लोग मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक जो लोग डिपोर्ट किए गए हैं, वह जांलधर, होशियारपुर, खन्ना, मोगा, नवांशहर, गढ़शंकर, तरनतारन, फिरोजपुर और रूपनगर के रहने वाले हैं। सीएम भगवंत मान पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इन लोगों ने आस्ट्रेलिया में जाकर वहां के नियम तोड़े हैं, जिस वजह से उन्हें डिपोर्ट किया गया है। इन लोगों की पहचान जसवंत सिंह (34 वर्ष), अंग्रेज सिंह (32 वर्ष), सतिंदरजीत सिंह शेरगिल (31 वर्ष), गुरप्रीत सिंह संधू (30 वर्ष), जगजीत सिंह (35 वर्ष), जसप्रत सिंह (35 वर्ष), निर्मल सिंह (38 वर्ष), श्रुति शर्मा (35 वर्ष), रणजी सिंह (35 वर्ष), हरप्रीत सिंह (41 वर्ष) और गगनदीप सिंह (25 वर्ष) शामिल हैं। पंजाब के 11 लोगों समेत कुल 15 भारतीय नई दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। इनमें एक महिला भी शामिल है। यह कार्रवाई अवैध रूप से ऑस्ट्रेलिया में रहने या वीजा नियमों के उल्लंघन के चलते की जा रही है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह आज उन्हें रिसीव करने नई दिल्ली जा रहे हैं। डिपोर्ट किए गए कुल 15 लोगों में पंजाब के 11, तेलंगाना के दो और हरियाणा-उत्तराखण्ड के एक एक लोग शामिल हैं। ये सभी आज रात दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। पहले अमेरिका से डिपोर्ट किए गए थे पंजाबी इससे पहले अमेरिका ने एक साल पहले नई इमिग्रेशन पॉलिसी के तहत 104 अवैध प्रवासी भारतीयों को जबरन डिपोर्ट कर दिया था। अमेरिकी एयरफोर्स का विमान सी-17 ग्लोबमास्टर इन्हें लेकर अमृतसर में एयरफोर्स के एयरबेस पर उतरा था। इनमें पंजाब के 30, हरियाणा-गुजरात के 33-33 लोग शामिल थे। इनके कुछ परिवार और 8-10 साल के बच्चे भी शामिल थे। अमृतसर एयरपोर्ट के सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, इन लोगों का वैरिफिकेशन किया गया। यहां से इमिग्रेशन और कस्टम से क्लियरेंस के बाद पंजाब पुलिस को सौंप दिया गया। करीब साढ़े 3 घंटे बाद US एयरफोर्स विमान वापस लौट गया था।

UP Transport Data Leak? निजी DBA पर गंभीर सवाल, वर्षों से एक ही जगह जमे कर्मचारी निशाने पर

लखनऊ परिवहन विभाग का संवेदनशील डेटा निजी डाटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर (डीबीए) के हाथों में है। प्रदेश के कई जिलों में अफसरों के खास डीबीए वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, ये डीबीए दलालों को वाहनों और ड्राइविंग लाइसेंसों से संबंधित विवरण उपलब्ध करा रहे हैं। इससे विभाग का पूरा डेटा गंभीर खतरे में है और दलालों से इनकी मिलीभगत उजागर हुई है।   करीब बीस वर्ष पहले परिवहन विभाग को ऑनलाइन डेटा रखरखाव के लिए ऐसे कर्मचारियों की आवश्यकता महसूस हुई थी। आरटीओ-एआरटीओ को डेटा निकासी के लिए अधिकृत किया गया था, लेकिन डीबीए ही उनकी यूजर आईडी से डेटा निकालते हैं। ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ियों की फिटनेस, परमिट और उनकी संख्या सहित पूरा डेटा डीबीए की आसान पहुंच में है। वर्षों से एक ही जिले में तैनात डीबीए की दलालों से सांठगांठ हो गई है। वे दलालों को डीएल, परमिट और फिटनेस जैसी महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस मिलीभगत की जानकारी वरिष्ठ अफसरों को भी है। प्रदेशभर में कुल 80 डीबीए कार्यरत हैं, जिनमें से दो लखनऊ में तैनात हैं। बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, अमरोहा, वाराणसी, मुरादाबाद, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी और कानपुर में कई डीबीए वर्षों से एक ही जगह पर हैं। भेदभावपूर्ण कार्रवाई पर सवाल ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ प्रशासन संजय तिवारी ने डीएल बनाने वाले निजीकर्मियों की शिकायत की थी। उन्होंने दलालों से मिलीभगत का हवाला देते हुए पूर्व परिवहन आयुक्त किंजल सिंह से शिकायत की। इसके बाद बिना किसी जांच के निजी डीएलकर्मियों का प्रदेशभर में स्थानांतरण और हटाने का सिलसिला शुरू हुआ। सूत्रों के अनुसार, पूर्व अपर परिवहन आयुक्त, आईटी पर निजीकर्मियों से वसूली के आरोप भी लगे थे। किंजल सिंह ने इन मामलों में कोई जांच नहीं करवाई। सवाल उठता है कि जब निजी डीएलकर्मियों का स्थानांतरण हो सकता है, तो डीबीए को क्यों बचाया जा रहा है। डीबीए के स्थानांतरण में विफलता ऐसा नहीं है कि डीबीए के स्थानांतरण की कोशिशें नहीं हुईं। तीन साल पहले परिवहन विभाग के आला अफसरों ने स्थानांतरण की कवायद शुरू की थी। हालांकि, अफसरों के खास और जुगाड़ी डीबीए इस प्रक्रिया से बच निकलने में सफल रहे। उन पर किसी भी तरह की आंच नहीं आई और वे अपनी जगह पर बने रहे। सूत्र बताते हैं कि ये डीबीए दलालों के साथ मिलकर अफसरों के लिए भी काम करते हैं। इसी कारण अफसरों ने उन्हें बचाने के लिए पूरा जोर लगा दिया। डाटा सुरक्षा और मिलीभगत का खतरा डीबीए की आसान पहुंच के कारण विभाग का संवेदनशील डाटा लगातार खतरे में है। दलालों को गोपनीय जानकारी मिलने से भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को बढ़ावा मिल रहा है। यह स्थिति परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अफसरों की मिलीभगत या उदासीनता के कारण यह समस्या वर्षों से बनी हुई है। डाटा सुरक्षा सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई आवश्यक है। डीबीए की तैनाती और स्थानांतरण नीतियों की समीक्षा करना महत्वपूर्ण है।  

यूपी में मौसम बना आफत: तेज आंधी, बारिश और वज्रपात से 18 लोगों की जान गई

लखनऊ  प्रदेश में जारी भीषण गर्मी और लू के दौर के बीच बुधवार को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश कुछ जिलों के लिए आफत बनकर बरसी। इस दौरान आंधी-बारिश के कारण दीवार ढहने, पेड़ गिरने और बिजली गिरने से हुए हादसों में प्रदेश में 18 लोगों की मौत हो गई। सुल्तानपुर में 7, अमेठी व अयोध्या में 3-3 लोगों की जान चली गई। पूर्वांचल के जिलों में पांच लोगों की मौत हुई है। लखनऊ में शहर से गांव तक की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। 100 खंभे और बिजली के तार टूट गए। मौसम की मार ट्रेनों के संचालन पर भी पड़ी। उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल की कई ट्रेनें प्रभावित हुईं। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को भी प्रदेश के करीब 35 जिलों में गरज-चमक और बूंदाबांदी की संभावना जताई है। प्रदेश के करीब 20 जिलों में बुधवार को गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश का दौर चला। वाराणसी में 109 किमी प्रति घंटे, अयोध्या में 87 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। हालांकि, इन सबके बीच 45.8 डिग्री सेल्सियस के साथ बांदा बुधवार को भी प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, सीतापुर में तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। गोरखपुर में 19.2 मिमी, प्रयागराज में 11.2 मिमी और वाराणसी में 9 मिमी वर्षा दर्ज की गई। अमेठी और आजमगढ़ में 5 मिमी बारिश हुई। लखनऊ में जगह-जगह तार पर पेड़ों के गिरने से 400 गांवों व कस्बों की बिजली व्यवस्था तीन से सात घंटे तक ध्वस्त रही। 24 घंटे तक रहेगा ऐसा ही मौसम मध्य क्षोभमंडल में उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से पूरे प्रदेश में यह बदलाव देखने को मिला। अगले 24 घंटे तक मौसम का यही रुख बने रहने के संकेत हैं। अतुल कुमार सिंह, आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक   यहां है गरज चमक के साथ वज्रपात की संभावना बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर महोबा, झांसी, ललितपुर व आस पास के क्षेत्र। यहां है झोंकेदार हवा (गति 40-50 किमी/घंटा) की आशंका बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, भदोही, कन्नीज, कानपुर देहात, कानपुर नगर व आस पास के क्षेत्र।    

पंजाब के मुख्यमंत्री की राष्ट्रपति से अकेली मुलाकात, 6 सांसदों के राइट टू रिकॉल पर करेंगे चर्चा

चंडीगढ़   राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ 5 मई की मुलाकात से पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता के जनादेश और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद जो होगा, उससे आगे की रणनीति तय की जाएगी। राघव चड्ढा समेत 7 राज्यसभा सांसदों के आम आदमी पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें पंजाब का गद्दार बताया था। इसके साथ ही, भगवंत मान ने दलबदल से जुड़े विषय को लेकर राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा था। खास बात है कि भगवंत मान ने राष्ट्रपति से अपने सारे विधायकों संग मिलने का समय मांगा था, लेकिन राष्ट्रपति ने सिर्फ भगवंत मान को अकेले मिलने का समय दिया है। अब भगवंत मान ने कहा है कि वह अपने सारे विधायकों के साथ दिल्ली राष्ट्रपति भवन जाएंगे। राष्ट्रपति ने भगवंत मान के अकेले मिलने का समय दिया गुरुवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि राष्ट्रपति ने उन्हें 5 मई को दोपहर 12 बजे मिलने का समय दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लिखा, 'पंजाब की जनता के जनादेश और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 5 मई को दोपहर 12 बजे मिलने का समय दिया है। हालांकि, हमने सभी विधायकों के लिए समय मांगा था, लेकिन मुझे अकेले ही मिलने का निमंत्रण मिला है।' राष्ट्रपति से मिलने के बाद बनाएंगे रणनीति भगवंत मान ने कहा कि वह अपने साथी विधायकों के साथ राष्ट्रपति भवन जाएंगे। उनके सारे विधायक बाहर इंतजार करेंगे और वह अकेले राष्ट्रपति से मिलने अंदर जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं अंदर जाकर राष्ट्रपति के समक्ष सभी की ओर से पंजाब की आवाज और जनता का पक्ष मजबूती से रखूंगा। बैठक के बाद अगली रणनीति साझा की जाएगी। यह कीमती समय देने के लिए माननीय राष्ट्रपति का तहे दिल से धन्यवाद। राघव चड्ढा को लेकर भगवंत मान ने क्या कहा इससे पहले, सीएम मान ने बुधवार को अपने एक बयान में कहा कि जो लोग इस दलबदल को सामान्य बात या परंपरा बता रहे हैं, वे जनता के फैसले की घोर अवहेलना को उचित ठहरा रहे हैं। यह अस्वीकार्य है, और इस तरह बोलने वाले लोग अपनी निष्ठा बदलने की तैयारी में दिख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जनता के जनादेश का अपमान करने वाले ये सांसद किसी भी दया के पात्र नहीं हैं, क्योंकि वे पंजाब और पंजाबियों के गद्दार हैं। राष्ट्रपति से क्यों मिलने जा रहे CM मान आम आदमी पार्टी (AAP) के कुल 7 व पंजाब से राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी में बड़ी फूट की खबरें सामने आई थीं। पालिटिकल एक्सपर्ट डॉ. कृपाल सिंह औलख की मानें तो विधायकों को साथ ले जाकर मान यह दिखाना चाहते हैं कि पंजाब के विधायक अभी भी उनके और अरविंद केजरीवाल के साथ पूरी तरह एकजुट हैं। इसके अलावा वह पंजाब में भी मैसेज देने की कोशिश करेंगे कि उनकी पार्टी के 6 सांसदों ने पार्टी बदली तो उन्होंने उनकी मेंबरशिप खारिज करने तक की लड़ाई लड़ी। इससे इस बात का भी डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश होगी कि AAP ने गैर पंजाबियों को चुनकर राज्यसभा भेजा था। चूंकि राज्यसभा के लिए विधायक वोटिंग करते हैं, इसलिए इसमें लोगों का सीधा दखल नहीं है। इस फैसले की जिम्मेदार उन्हें राज्यसभा भेजने वाली पार्टी ही होती है। कल विधायकों की जालंधर मीटिंग की इनसाइड स्टोरी भी पढ़िए… कल आम आदमी पार्टी (AAP) ने जालंधर में मीटिंग बुलाई थी। सवा घंटे चली इस मीटिंग में विधायकों ने इकट्ठा होकर शक्ति प्रदर्शन किया। राघव चड्ढा के सवाल पर हर विधायक चिढ़ता नजर आया। खुद सिसोदिया यह कहकर निकल गए कि BJP बहुत घटिया और झूठी पार्टी है। उसकी बातों में मत आया करो। मीटिंग में CM भगवंत मान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे। इस दौरान CM ने सुखपाल खैहरा का उदाहरण देते हुए विधायकों को अप्रत्यक्ष तौर पर चेतावनी दी। CM ने कहा- कुछ गड़बी पानी निकलने से नदी नहीं सूखती। खैहरा को भी गलतफहमी हुई थी कि AAP को छोड़ने से AAP खत्म हो जाएगी। खैहरा के न रहते भी 92 MLA आए। जो गए, उन्हें भी यही भ्रम है, लेकिन अच्छा हुआ वे वक्त से गए। इनके जाने से जो निगेटिविटी फैली है, उसे अगले कुछ महीनों में दूर कर लिया जाएगा। पार्टी सूत्र ने दावा किया की मीटिंग में 80 से ज्यादा विधायक आए थे। कुछ हाजिरी लगाकर निकल गए, क्योंकि उनके कार्यक्रम पहले से शेड्यूल थे। AAP की मीटिंग के क्या राजनीतिक मायने…     कार्यकर्ताओं-विधायकों को बुलाकर विरोधियों को जवाब: पंजाब की AAP सरकार ने जालंधर में करीब 1 हजार ऑब्जर्वर और विधायकों की मीटिंग बुलाई। पार्टी सूत्रों ने बताया कि राघव चड्ढा के साथ हुए विवाद और फिर पार्टी के 6 राज्यसभा सांसदों के टूटने से बॉटम लाइन वर्करों में मैसेज जा रहा था कि पार्टी में गड़बड़ी है। विरोधी कई दिन से AAP पर हमलावर थे। मीटिंग के जरिए उन्हें जवाब दिया गया।     वर्करों के बीच जाकर साथ खड़े होने का संदेश: BJP ने AAP के राज्यसभा सांसदों को तोड़कर बड़ा डेंट दिया है। सूत्र बताते हैं कि मीटिंग में वर्करों की निराशा को दूर करने पर काम किया गया। उन्हें गेम खिलाना इसी का हिस्सा रहा। खुद सिसोदिया ने एक-एक के पास जाकर हाथ मिलाया।     विधायकों-ऑब्जर्वर्स की बॉन्डिंग चेक की: पार्टी के ही एक जिला लेवल वर्कर ने बताया कि मीटिंग और गेम्स के जरिए विधायकों और ऑब्जर्वर्स के बीच की बॉन्डिंग भी चेक की गई। चुनाव सामने हैं और पार्टी इससे पहले हर तरह का नाराजगी को दूर करना चाहती है। इसलिए, सबको एक मंच पर लाया गया, ताकि ऊपर से भेजे मैसेज का नीचे तक असर हो।     एक्टिविटी करवाकर जोश भरा: पार्टी की तरफ से विधायकों और ऑब्जर्वर्स के बीच 20 मिनट तक गेम करवाए गए। इसमें रस्साकसी और रिंग के बीच से शरीर निकालने का कंपीटिशन करवाया गया। खुद मनीष सिसोदिया ने वर्करों और विधायकों के … Read more

हर हाथ को काम, हर श्रमिक को सम्मान: विष्णु देव सरकार की ठोस प्रतिबद्धता

(1 मई अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर विशेष) हर हाथ को काम, हर श्रमिक को सम्मान: विष्णु देव सरकार की प्रतिबद्धता छगन लोन्हारे, उप संचालक जंनसंपर्क रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है। श्रम विभाग के तीनों मंडल-छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल एवं छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है। इसी का परिणाम है कि बीते 02 साल 04 माह में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 800 करोड़ रूपए डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में अंतरित किए जा चुके हैं। इस वर्ष अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में श्रमिकों के 200 बच्चों को प्रदेश के उत्कृष्ट निजी स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा।  मजदूर दिवस दुनिया भर में मनाया जाता है। 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस या श्रमिक दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों, सामाजिक न्याय और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के लिए संकल्प लेना है। यह दिन श्रमिकों के योगदान को याद करने और उनके संघर्षों को सम्मानित करने के लिए भी मनाया जाता है। यह दिवस वर्ष 1886 में शिकागो के हेमार्केट स्क्वायर में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की याद में मनाया जाता है, जहां अनेक श्रमिकों ने 8 घंटे के कार्य दिवस की मांग की थी। सन् 1889 में द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में घोषित किया था। इस दिन को मनाने का उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों को सुनिश्चित करना, सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के लिए आवाज बुलंद करना है। भारत में मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत 1923 में चेन्नई (मद्रास) से हुई थी। भारतीय संविधान निर्माण सभा के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर ने श्रमिकों के काम का समय 12 घंटे से घटाकर 8 घंटे किया। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं को प्रसूति अवकाश की सुविधा उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री साय का मानना है कि श्रम विभाग एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है, जो बड़े पैमाने पर श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण भी तकनीक के माध्यम से किया जाए, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। राज्य सरकार के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है। प्रदेश के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन का कहना है कि प्रदेश में विष्णु देव सरकार के सुशासन में अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा। श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के हितों में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। इनमें प्रमुख रूप से मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार किट योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना संचालित की जा रही है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि हर हाथ को काम इस दिशा में प्रदेश के वाणिज्य उद्योग एवं श्रम विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। श्रम विभाग के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 256 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।  श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन का कहना है कि विष्णु देव के सरकार की सोच है कि हर हाथ को काम मिले उसका उन्हें उचित दाम मिले और हर पेट को अन्न मिले यह हमारी सरकार की आदर्श नीति है। इस नीति को क्रियान्वित करने हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में 38 भोजन केन्द्र संचालित है। इस योजना के अंतर्गत श्रमिकों को 5 रूपये में गरम भोजन, दाल चावल, सब्जी, आचार प्रदाय किया जा रहा है, जिसका विस्तार चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में समस्त जिलों में किया जा रहा है। श्रमिक आवास की राशि प्रति आवास 01 लाख रूपए से बढ़ाकर 1.50 लाख कर दी है। इसी तरह ई-रिक्शा की राशि भी एक लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रूपए की जाएगी।  उल्लेखनीय है कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत 5 सितंबर 2008 से अब तक 33 लाख 14 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। मंडल द्वारा 26 योजनाएं संचालित की जा रही हैं तथा 60 श्रमिक वर्ग अधिसूचित हैं। एक प्रतिशत उपकर (सेस) से वर्ष 2025-26 में 315 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि मंडल गठन से अब तक कुल 2,808 करोड़ रुपये का उपकर संग्रहित हुआ है। मार्च 2026 तक 2,558 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं में व्यय किए जा चुके हैं। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु चालू वित्तीय वर्ष में 10 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। श्रम विभाग के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं का मुख्य दायित्व श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को भी चिकित्सा हित लाभ उपलब्ध कराया जाता है। कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के लिए 76 करोड़ 38 लाख रूपए का प्रावधान राज्य सरकार द्वारा किया गया है।

अंश निर्धारण में बहराइच ने मारी बाजी, 99.6% निस्तारण के साथ बना मॉडल जिला

अंश निर्धारण में बहराइच अव्वल, 99.6% निस्तारण के साथ बना मॉडल जिला मुख्यमंत्री योगी के राजस्व सुधार अभियान को मिली गति, जमीनी स्तर पर सक्रियता से हासिल हुई बड़ी उपलब्धि डीएम अक्षय त्रिपाठी के नियमित समीक्षा और जिम्मेदारी तय करने से यह उपलब्धि हासिल हुई लखनऊ  प्रदेश में भूमि संबंधी कार्यों को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए चल रहे योगी सरकार के अंश निर्धारण अभियान में बहराइच जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के नेतृत्व में जिले ने निर्धारित समय सीमा के भीतर 99.6 प्रतिशत मामलों का निस्तारण कर एक नई मिसाल कायम की है। जमीनी स्तर पर सक्रियता बनी सफलता की कुंजी योगी सरकार की प्राथमिकता वाले इस अभियान के तहत बहराइच जिला प्रशासन ने गांव-गांव जाकर अंश निर्धारण की प्रक्रिया को गति दी। राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों ने किसानों एवं भूमिधरों के बीच विवादित हिस्सों का सत्यापन कर रिकॉर्ड को अपडेट किया, जिससे वर्षों से लंबित मामलों का समाधान संभव हो सका। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि नियमित समीक्षा, जिम्मेदारी तय करने और समयबद्ध लक्ष्य निर्धारण के कारण यह उपलब्धि हासिल हुई। प्रशासन की इस सक्रियता से न केवल भूमि विवादों में कमी आएगी, बल्कि विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी अधिक सुगम होगी। प्रदेश के लिए बन सकता है रोल मॉडल अंश निर्धारण की प्रक्रिया भूमि प्रबंधन और विकास कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। पहले कई परियोजनाएं इसी कारण अटक जाती थीं, लेकिन अब बहराइच जैसे जिलों के बेहतर प्रदर्शन से यह समस्या दूर होती दिख रही है। बहराइच का यह मॉडल अन्य जिलों में भी लागू किए जाने की दिशा में देखा जा रहा है, जिससे पूरे प्रदेश में भूमि रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी और विवादमुक्त बनाया जा सके।

प्रयास विद्यालयों के विद्यार्थियों का सीजी बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन

राजधानी के बड़े निजी स्कूलों को टक्कर दिया, प्रदेश का प्रयास विद्यालय प्रयास विद्यालयों के विद्यार्थियों का सीजी बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन 10वीं एवं 12वीं में शत-प्रतिशत सफलता, मेरिट सूची में उल्लेखनीय स्थान 10वीं की छात्रा कु. दीपांशी ने 98.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया प्रयास विद्यालयों के 13 विद्यार्थियों ने टॉप-10 में बनाई जगह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्री रामविचार नेताम ने दी बधाई और शुभकामनाएं छत्तीसगढ़ के ‘प्रयास’ विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सीमित संसाधनों में रचा उत्कृष्टता का इतिहास: प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा रायपुर  छत्तीसगढ़ के आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग  एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा संचालित ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों ने इस वर्ष छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में अभूतपूर्व सफलता हासिल कर न केवल प्रदेश बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक मिसाल कायम की है। विभाग के निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन में सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद इन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट परिणाम देते हुए बड़े निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर दी है। प्रयास विद्यालयों के 13 बच्चों ने सीजी बोर्ड परीक्षा के टॉप-10 में जगह बनाने में सफलता हासिल की है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कुल 17 प्रयास विद्यालय संचालित है। जिसमें नक्सल प्रभावित बच्चों से लेकर सभी वर्गों के बच्चें अध्ययनरत है। प्रयास आवासीय विद्यालय के माध्यम से बच्चों को एक नई हौसला मिला है, जो उनके सपनों को साकार करने में सार्थक हो रही है। बतादें कि प्रयास विद्यालय के माध्यम से बच्चों को पूरी तरह निःशुल्क शिक्षा दी जाति है। साथ ही उच्चस्तर के कोचिंग संस्थाओं से प्रतियोगी परीक्षाओं एनआईटी, आईआईटी, नीट, जेईई एवं अन्य राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। प्रयास विद्यालय के इस सफलता के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने, आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पिछड़ा वर्ग एवं अल्प कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रयास आवासीय विद्यालयों की अवधारणा की सार्थकता को प्रमाणित करती है। आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु किए गए सतत प्रयास की सराहना की हैं। प्रयास आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की यह उपलब्धि राज्य के लिए गौरव का विषय है तथा यह अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रयास विद्यालय के बच्चों ने सीजी बोर्ड की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। विभाग हमेशा बच्चों के शिक्षा के साथ-साथ नैतिक और व्यवहारिक शिक्षा देने के लिए प्रोत्साहित करती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे जनजाति बहुल राज्य के लिए यह उपलब्धि न केवल गौरव का विषय है, बल्कि यह दर्शाती है कि सही दिशा, समर्पण और अवसर मिलने पर प्रतिभा किसी भी बाधा को पार कर सकती है। यह सफलता शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रही है, जिसकी सराहना पूरे देश में हो रही है। प्रमुख सचिव बोरा ने जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को बताया कि प्रदेश के 50 मेरिट छात्रों में से 13 विद्यार्थी प्रयास विद्यालय के है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस बात के लिए प्रसन्नता जाहिर करते हुए भविष्य में और बेहतर कार्य करने को कहा। बोरा ने बताया कि हायर सेकेंडरी परीक्षा (कक्षा 12वीं) में प्रयास आवासीय विद्यालय के कुल 128 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। रायपुर स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय, गुडियारी की 19 छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। कोरबा जिले की छात्रा कु. रागिनी कंवर ने 95 प्रतिशत अंक अर्जित कर विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। जीव विज्ञान विषय में दो छात्राओं द्वारा 100 में 100 अंक अर्जित किया जाना विशेष उपलब्धि है। हाईस्कूल परीक्षा (कक्षा 10वीं) में भी विद्यार्थियों का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा। कुल 119 छात्राओं में से 48 छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। गणित विषय में 6 विद्यार्थियों ने शत-प्रतिशत अंक अर्जित किए। कु. दीपांशी ने 98.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। अनुसूचित जाति वर्ग के प्रयास आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी टॉप 10 मेरिट सूची में 97.5 प्रतिशत अंकों के साथ स्थान अर्जित किया। उल्लेखनीय है कि हाईस्कूल परीक्षा की प्रावीण्य सूची में कुल 42 विद्यार्थियों में से 21 विद्यार्थी आदिम जाति विकास विभाग द्वारा संचालित एकलव्य एवं प्रयास आवासीय विद्यालयों के हैं। इनमें प्रयास आवासीय विद्यालय के 11 विद्यार्थियों ने स्थान प्राप्त किया है, जो विभागीय प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।

योगी सरकार की स्पष्ट नीति, साफ नीयत और मजबूत नेतृत्व से साकार हुआ सपना

गंगा एक्सप्रेसवे की कहानी, जिसने लिखी विकास की महागाथा योगी सरकार की स्पष्ट नीति, साफ नीयत और मजबूत नेतृत्व से साकार हुआ सपना गंगा एक्सप्रेसवे : कड़ी चुनौतियों के बीच भी नहीं रुकी रफ्तार, निर्धारित समयसीमा में पूरा हुआ सपना लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा देखा गया एक सपना बुधवार को 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के रूप में देश को समर्पित हो गया। यह कहानी सिर्फ एक सड़क बनने की नहीं, बल्कि उस बदलाव की है जहां स्पष्ट नीति, मजबूत इच्छाशक्ति, तकनीक और प्रशासनिक दक्षता ने कच्ची मिट्टी पर विकास की महागाथा लिख दी। गंगा एक्सप्रेसवे की निर्माण यात्रा इस बात का प्रमाण है कि बुलंद इरादों और प्रभावी क्रियान्वयन से कुछ भी संभव है। गंगा एक्सप्रेसवे, निर्णय से निर्माण तक की वह कहानी है, जो उत्तर प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी’ की दिशा में नई गति देगी। 2017–2019: सुनियोजित विकास की रूपरेखा वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार के मुखिया के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यभार संभाला और ग्रीनफील्ड, एक्सेस-कंट्रोल्ड गंगा एक्सप्रेसवे विकसित करने का फैसला किया गया। 2018–19 में डीपीआर, भूमि चिन्हांकन और टेक्नो-इकोनॉमिक स्टडी पूरी की गई। यही वह चरण था, जहां प्रदेश के समावेशी विकास तथा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर इस एक्सप्रेसवे की डिजाइन तैयार की गई और इसे अमली जामा पहनाने के लिए डेडिकेटेड टीम तैयार की गई। 2020–2021: नीति से क्रियान्वयन तक वर्ष 2020 गंगा एक्सप्रेसवे के लिए निर्णायक मोड़ साबित हुआ, जब परियोजना को आवश्यक पर्यावरणीय मंजूरियां प्राप्त हुईं और इसके वित्तीय ढांचे को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत अंतिम रूप दिया गया। इससे न केवल निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ, बल्कि परियोजना के समयबद्ध और पेशेवर क्रियान्वयन की मजबूत नींव भी रखी गई। इसके बाद वर्ष 2021 में टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक तरीके से पूरा करते हुए पूरे प्रोजेक्ट को 4 प्रमुख ग्रुप/पैकेज में विभाजित किया गया। इन पैकेजों का कार्यान्वयन देश की अग्रणी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों, आईआरबी, अडानी, एचजी इंफ्रा और एलएंडटी जैसी एजेंसियों को सौंपा गया। यह मल्टी-पैकेज रणनीति परियोजना के लिए गेम चेंजर साबित हुई, क्योंकि इससे अलग-अलग हिस्सों में एक साथ निर्माण कार्य शुरू हो सका। 2021–2025: नींव से निर्माण तक 18 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री मोदी ने शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास किया, जिसके साथ ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना ने जमीन पर वास्तविक गति पकड़ी। शिलान्यास के तुरंत बाद 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के अलग-अलग पैकेजों में निर्माण कार्य शुरू किया गया। नतीजतन, जहां पहले ऐसी मेगा परियोजनाएं वर्षों तक खिंच जाती थीं, वहीं इस रणनीतिक योजना के कारण गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण ने अभूतपूर्व गति पकड़ी और यह प्रोजेक्ट समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ने लगा। 2026: सपना बना हकीकत ट्रायल रन, सेफ्टी ऑडिट और अंतिम तकनीकी जांच पूरी होने के बाद 29 अप्रैल 2026 को गंगा एक्सप्रेसवे का भव्य लोकार्पण हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस परियोजना का 18 दिसंबर 2021 को शिलान्यास किया था, उसी का उद्घाटन भी उनके कर-कमलों से संपन्न हुआ, जो समयबद्ध क्रियान्वयन और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।  चुनौतियां आईं, लेकिन रुकी नहीं रफ्तार भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय संतुलन, कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी और जटिल तकनीकी कार्यों जैसी बड़ी चुनौतियों के बावजूद गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कभी थमा नहीं। लगभग एक लाख किसानों से भूमि अधिग्रहण को पारदर्शी मुआवजा और डीबीटी के माध्यम से तेज और विवाद-मुक्त बनाया गया, वहीं पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए अलाइनमेंट को संतुलित ढंग से विकसित किया गया। कोविड काल में श्रमिकों और सप्लाई चेन की बाधाओं के बीच भी स्थानीय संसाधनों के उपयोग और चरणबद्ध निर्माण रणनीति से कार्य निरंतर चलता रहा। सीएम योगी की सक्रिय निगरानी और प्रतिबद्धता रही निर्णायक इस पूरे प्रोजेक्ट की गति बनाए रखने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रिय निगरानी और प्रतिबद्धता निर्णायक रही। उन्होंने नियमित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकों के माध्यम से हर चरण की प्रगति पर नजर रखी, जबकि उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) की सक्रिय भूमिका ने जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को गति दी। ड्रोन सर्वे, डिजिटल ट्रैकिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की गई। परिणामस्वरूप, यह मेगा प्रोजेक्ट न केवल चुनौतियों को पार करता हुआ आगे बढ़ा, बल्कि तय समयसीमा में पूरा होकर प्रभावी प्रशासन और मजबूत नेतृत्व का उदाहरण भी बना।

शिलान्यास से उद्घाटन तक: योगी सरकार की तेज़ी से विकास की पहचान

शिलान्यास से लेकर उद्घाटन तक का संकल्प, तेज गति है योगी सरकार की पहचान एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर से उत्तर प्रदेश को मिली नई पहचान योगी सरकार में हर विकास योजना को रिकॉर्ड समय में किया गया पूरा लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने यह दिखाया है कि योजनाओं को केवल शुरू करना ही नहीं, बल्कि उन्हें सफलतापूर्वक पूरा करना ही असली विकास है। सीएम योगी ने यूपी को ‘कंप्लीट पैकेज मॉडल’ दिया। इसमें परियोजनाओं की परिकल्पना से लेकर उनके पूर्ण होने तक काम कभी नहीं रुकता, चाहे जेवर एयरपोर्ट, गंगा, पूर्वांचल, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे हों या इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी अन्य योजनाएं। ताजा उदाहरण देखा जाए तो गंगा एक्सप्रेसवे हमारे सामने है। 595 किलोमीटर के एक नवनिर्मित गंगा एक्सप्रेसवे का उत्तर प्रदेश में 18 दिसंबर 2021 को शिलान्यास किया गया और 29 अप्रैल 2026 को आज जनता को समर्पित कर दिया गया। सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश को 9 वर्षों में बीमारू राज्य की पहचान से बाहर निकाला। उन्होंने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए सड़क, मेट्रो, एयरपोर्ट समेत अन्य तमाम क्षेत्रों में सौगात दी। सीएम योगी के कार्यकाल में सिर्फ योजनाएं बनी ही नहीं बल्कि वह जमीन पर भी उतरीं। उन्होंने योजनाओं का शिलान्यास किया फिर जमीनी स्तर पर इनकी तैयारी, विभागों की जिम्मेदारी, निर्माणाधीन योजनाओं की लगातार निगरानी खुद की और आखिर में उनका लोकार्पण कर प्रदेश की जनता को लाभ पहुंचाया। सीएम योगी के निर्देशन में ही जेवर एयरपोर्ट के पहले फेज का रिकॉर्ड टाइम में उद्घाटन 28 मार्च 2026 को हुआ, जिसका शिलान्यास 25 नवंबर 2021 को किया गया था। यह उत्तर प्रदेश का पांचवां इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर के बढ़ते हवाई यातायात के दबाव कम करने का काम कर रहा है। साथ ही सीएम योगी के विजन के चलते ही उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बना, जहां 5 अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे बन चुके हैं। पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे समेत लिंक एक्सप्रेस पूरे हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन की ही देन है कि 14 जुलाई 2018 को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास हुआ और 16 नवंबर 2021 को इसका उद्घाटन भी कर दिया गया। इसी क्रम में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की आधारशिला फरवरी 2020 में रखी गई और जुलाई 2022 में इसे जनता को समर्पित किया गया। उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य से बाहर निकालने के लिए बुंदेलखंड जैसे तमाम पिछड़े क्षेत्रों सड़क नेटवर्क को बढ़ावा दिया गया। इससे क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति में भी बदलाव हो रहा है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का भी मार्च 2019 में शिलान्यास हुआ। यह एक्सप्रेसवे भी लगभग बनकर तैयार है, जिसका लोकार्पण योगी सरकार अगले कुछ महीने में कर सकती है। इससे लखनऊ-कानपुर के बीच की यात्रा का समय लगभग दो घंटे से घटकर 45 मिनट हो जाएगा।  वहीं पूर्वांचल की राह आसान करने वाले गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे को भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में पूरा किया गया। इस परियोजना पर काम फरवरी 2020 से शुरू हुआ था। प्रदेश सरकार के दृढ़ संकल्प के चलते इसका जून 2025 में योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन किया। वहीं 115 किलोमीटर लंबे झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को लेकर भी कार्य योजना बनाई जा रही है। अनुमान है कि इस पर 1300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह 63 गांव से होकर गुजरेगा, जिससे विकास की धारा बहेगी। इन्हीं विजन के चलते आज देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है। एयरपोर्ट कनेक्टिविटी में शानदार उपलब्धि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल दो एयरपोर्ट संचालित हो रहे थे, जिसमें लखनऊ और वाराणसी का नाम शामिल है। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन ने देश में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल दी। राज्य 21 एयरपोर्ट का नेटवर्क तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सीएम योगी ने यूपी को 5 इंटरनेशनल एयपोर्ट वाले राज्य के रूप में पहचान दिलाई है। इसका सबसे जीवंत उदाहरण अयोध्या एयरपोर्ट भी है। अयोध्या में फरवरी 2022 से महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनना शुरू हुआ था। यह रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार हुआ और 30 दिसंबर 2023 में उद्घाटन किया गया। दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के लिए 10 मार्च 2024 की तारीख काफी अहम रही। इस दिन एक साथ आजमगढ़, अलीगढ़, चित्रकूट, मुरादाबाद और श्रावस्ती के हवाई अड्डों का उद्घाटन किया गया। सीएम योगी के विजन का नतीजा है कि जहां 2016-17 में महज 59.97 लाख लोगों ने हवाई यात्रा की थी। वहीं 2024-25 में यह संख्या 14 करोड़ से ज्यादा हो गई। हर शहर को मेट्रो देने का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में रैपिड रेल और मेट्रो परियोजनाओं को लेकर भी काफी काम हुआ है। इस तरफ भी योगी सरकार ने पूरा ध्यान दिया है। यूपी के शहरों के अंदर यातायात सुधारने के लिए तेजी से मेट्रो कनेक्टिविटी भी बढ़ाई जा रही है। इसी क्रम में 7 दिसंबर 2020 को आगरा मेट्रो की नींव रखी गई। महज चार साल के अंदर मार्च 2024 में इसका उद्घाटन कर संचालन शुरू किया गया। वहीं 22 फरवरी 2026 को मेरठ मेट्रो का संचालन शुरू हुआ। वहीं योगी सरकार ने गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ और प्रयागराज में भी मेट्रो संचालन की मंशा जाहिर की है। रक्षा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का बढ़ रहा योगदान केंद्र सरकार ने योगी सरकार पर भी भरोसा जताया और नतीजा रहा कि आज यूपी में ब्रह्मोस मिसाइल प्रोडक्शन यूनिट भी बन चुकी है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल प्रोडक्शन यूनिट का उद्घाटन मई-जून 2025 में हुआ, जिससे देश में यूपी की अलग छवि बनी है। वहीं वर्ष 2019 में यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) की नींव रखी गई और वर्ष 2023 से इसका संचालन शुरू हुआ। इसके तहत कानपुर में गोला-बारूद और मिसाइल संयंत्र अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस में फरवरी 2024 से काम शुरू हो गया है। रक्षा उत्पादों के निर्माण में उत्तर प्रदेश बड़ी भूमिका निभा रहा है। इन विकास योजनाओं को देखते हुए कहा जा सकता है कि योगी सरकार के ‘कंप्लीट पैकेज मॉडल’ की सफलता के पीछे बदलाव की लाने की इच्छा और प्रशासनिक सुधार महत्वपूर्ण कारण हैं। अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है और काम में लापरवाही के लिए सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। इसके साथ ही तकनीक का उपयोग बढ़ाकर परियोजनाओं की निगरानी को और प्रभावी बनाया गया, जिससे सफलता … Read more

अपेक्स बैंक के नवनियुक्त प्रशासक महेंद्र सिंह यादव की भव्य पदभार यात्रा संपन्न

भोपाल अपेक्स बैंक के नवनियुक्त प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने आज सांय 5:00 बजे अपेक्स बैंक के सुभाष यादव समन्वय भवन में अपनी विशाल पदभार यात्रा के साथ प्रवेश किया l  आपके साथ मध्य प्रदेश शासन के माननीय सहकारिता तथा खेलकूद व युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, माननीय पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, भोपाल के विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दस सबनानी, मध्य प्रदेश सहकारिता प्रकोष्ठ के संयोजक किशनसिंह भटोल, प्रदेश मंत्री श्रीमती राजो मालवीय, प्रवक्ता अजय सिंह यादव, नगर निगम के अध्यक्ष किशन सिंह सूर्यवंशी, पूर्व नगर निगम अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह चौहान, रविंद्र यति सहित विशाल जन समूह ने यात्रा के रूप में पहुंचकर आयोजन को गरिमामयी बनाया . इस पदयात्रा को प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने  प्रदेश बी जे पी कार्यालय से रवाना किया. यह यात्रा का लिंक रोड नंबर 1 पर लगभग 20 जगह स्वागत मंचों के माध्यम से स्वागत हुआ, तदुपरान्त अपेक्स बैंक प्रांगण में पहुंची. पदभार ग्रहण कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के सहकारिता एवं खेलकूद व युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने महेंद्र सिंह यादव जी को संगठन एवं पार्टी का एक कर्मठ निष्ठावान कार्यकर्ता बताया तथा मध्य प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व व माननीय मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश का सहकारी साख आंदोलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह की आकांक्षाओं के अनुरूप मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में निरंतर प्रगति पद पर अग्रसर है एवं महेंद्र सिंह यादव मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रदेश कि सहकारी साख संरचना को और मजबूती प्रदान करेंगे यह मुझे विश्वास है. उन्होंने यादव के सफल कार्यकाल के लिए मंगल कामनाएं दीं. उन्होंने आगे बताया कि हमारी सरकार ने  0% ब्याज पर किसानों के लिए ऋण उपलब्ध कराकर देश के आम सर्वहारा वर्ग की सेवा करने का जो संकल्प लिया है उसमें हम सब सहभागिता करते हुए निरंतर अग्रसर रहेंगे.  समाज कल्याण मंत्री नारायण सिंहअपेक्स बैंक के नवनियुक्त प्रशासक महेंद्र सिंह यादव जी में आज अपराह्न 5:00 बजे अपेक्स बैंक के सुभाष यादव समन्वय भवन में अपनी विशाल पदभार यात्रा को साथ प्रवेश किया आपके साथ मध्य प्रदेश शासन के माननीय सहकारिता तथा खेलकूद्वा युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग मध्य प्रदेश की माननीय पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा भोपाल के विधायक भगवान दास सबनानी रामेश्वर शर्मा मध्य प्रदेश सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रादेशिक अध्यक्ष कृष्ण सिंह भटोल प्रदेश मंत्री राजू मालवीय प्रादेशिक प्रवक्ता अजय सिंह यादव राय जिला अध्यक्ष ग्रामीण नगर निगम के अध्यक्ष किशन सिंह सूर्यवंशी पूर्व नगर निगम अध्यक्ष डॉक्टर सुरजीत सिंह चौहान सहित विशाल जैन समूह ने यात्रा के रूप में पहुंचकर आयोजन को गरिमा में बनाया .  इस भाव पदयात्रा का शुभारंभ प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल जी एवं सरकार माननीय सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश शरण जी ने करवाया कराया यह यात्रा लिंक रोड नंबर 1 से लगभग 20 जगह स्वागत मंचों के माध्यम से स्वागत के उपरांत अपेक्स बैंक प्रांगण में पहुंची  अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता जी ने आरंभ में अतिथियों का स्वागत किया एवं के बारे में प्रकाश डाला कार्यक्रम में विश्वास कैलाश सारंगी भगवान दास सबनानी नारायण सिंह कुशवाहा भगवान दास सबनानी ने अपने उद्गार व्यक्त किया  मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री एवं खेलकूद वायु व कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने महेंद्र सिंह यादव जी को संगठन एवं पार्टी का एक कर्मठ विस्थापन कार्तिक कार्यकर्ता बताया तथा मध्य प्रदेश के शीश नेतृत्व व माननीय मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश का सहकारी शाखा आंदोलन माननीय नरेंद्र मोदी जी एवं मनीष अमित शाह जी की आकांक्षाओं के अनुरूप मध्य प्रदेश में डॉक्टर मोहन यादव जी के नेतृत्व में निरंतर प्रगति पद पर अग्रसर होगा एवं महेंद्र सिंह यादव मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहकारी सख्त संरचना को और मजबूती प्रदान करेंगे यह में विश्वास दिलाता हूं उन्होंने यादव के सफल एवं शुद्धिक जीवन की मंगल कामनाएं विधि उन्होंने आगे बताया कि हमारी सरकार ने विकास 0% ब्याज पर किसानों के लिए ऋण उपलब्ध कराकर देश के आम सर्वहारा वर्ग की सेवा करने का जो संकल्प लिया है उसमें हम सब सहभागिता करते हुए निरंतर अग्रसर रहेंगे.  इसलिए अवसर पर ऊर्जा मंत्री प्रदुभन सिंह तोमर भी उपस्थित रहें. समाज कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने बताया कि महेंद्र यादव जी के साथ उनके लगभग 35 वर्ष पुराना रिश्ता है और मेरे जीवन की शुरुआत भी सहकारिता से ही हुई है निश्चित रूप से यादव अपेक्स बैंक के प्रशासक के रूप में अपने दीघा अनुभवों एवं समर्पित कार्यशैली से अपेक्स बैंक को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रयास करने में सफल होंगे और जन आकांक्षाओं पर खरे उतरेंगे.  इस अवसर पर विधायक भगवान दास सबनानी ने भी महेंद्र सिंह यादव जी के साथ अपनी लगभग तीन दशक की राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्हें एक सरल सहज हुआ निष्ठावान व्यक्ति बताया.  पदभार ग्रहण करने के उपरांत महेंद्र सिंह यादव ने अपने उद्बोधन में प्रदेश के नेतृत्व एवं माननीय मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त किया और बताया कि मैं स्वयं एक किसान पृष्ठभूमि से संबंध रखता हूं मुझे याद है पूर्ववर्ती सरकारों में जब 18 परसेंट 15% ब्याज दर पर किसानों को बहुत मुश्किल से उपलब्ध हो पाता था और किसान साहूकारों के चंगुल में फंसा रहता था लेकिन 2013 के बाद जब मध्य प्रदेश में हमारी सरकार आई तब हमारी सरकार ने 0% ब्याज पर किसानों को सरल प्रक्रिया से ऋण उपलब्ध कराकर सर्वहारा वर्ग की सेवा का जो बीड़ा उठाया था वह आज पूरे प्रदेश में फली भूत हो रहा है.  कार्यक्रम की शुरू में अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक महोदय ने अतिथियों का स्वागत किया एवं स्वागत उद्बोधन में कहां की दिनांक 14 अप्रैल से मध्य प्रदेश में माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर एवं माननीय से सहकारिता मंत्री जी की मार्गदर्शन में प्रदेश में नए 10 लाख सदस्य बनाने का अभियान शुरू हुआ है जिसमें अभी तक 4 लाख सदस्य बन चुके हैं एवं 60000 लोगों ने अंश पूंजी जमा कर … Read more