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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित शिव मंदिर के शिखर पर किया धर्म ध्वजारोहण

भारत को जोड़ने की ताकत हैं राम-कृष्ण और शिवः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित शिव मंदिर के शिखर पर किया धर्म ध्वजारोहण  सीएम योगी ने भगवान शिव व रामलला का विधिवत दर्शन-पूजन कर उतारी आरती जहां अयोध्या और राम होंगे, वहां विजय सुनिश्चित हैः मुख्यमंत्री सीएम ने की अपील- महापुरुषों को जातीयता के दायरे में मत बांटिए अयोध्या,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित शिव मंदिर के शिखर पर बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ धर्म ध्वजारोहण किया। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव व श्रीरामलला का विधिवत दर्शन-पूजन कर आरती भी उतारी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु राम हमें जोड़ने के माध्यम बने हैं। श्रीराम उत्तर को दक्षिण से और श्रीकृष्ण पूरब को पश्चिम से जोड़ रहे हैं। इसी प्रकार भगवान शंकर द्वादश ज्योतिर्लिंग के माध्यम से भारत के कण-कण को जोड़ रहे हैं। ये तीनों भारत को जोड़ने की शक्ति हैं और यही हमारी भी सबसे बड़ी ताकत है। डॉ. लोहिया कहते थे कि श्रीराम, श्रीकृष्ण व शिवशंकर हैं तो कोई भारत का बाल बांका नहीं कर सकता, लेकिन यह बात उनके शिष्य नहीं समझेंगे, क्योंकि समझ उन्हें आता है, जिनमें समझ का सामर्थ्य होता है। जिनमें समझ का सामर्थ्य नहीं, उन रामद्रोहियों-शिवद्रोहियों के लिए कोई ठौर-ठिकाना नहीं होगा।  जहां अयोध्या और राम होंगे, वहां विजय ही होगी  सीएम ने गर्व से कहा कि इतने बड़े आंदोलन ने बता दिया कि जहां अयोध्या होगी और जहां राम होंगे, वहां विजय होगी। सम-विषम परिस्थितियों में हम न रुकेंगे, न झुकेंगे, न डिगेंगे और लक्ष्य को भी प्राप्त करेंगे। दुनिया अयोध्या धाम का अनुसरण कर रही है। सीएम ने नई अयोध्या की स्थिति का भी जिक्र किया। कहा कि नई अयोध्या त्रेतायुग की याद दिला रही है और यही डबल इंजन की ताकत है। यह तभी हो पाया, जब एक साथ एक स्वर में सनातन धर्मावलंबी बोल उठे, तभी रामजन्मभूमि में मंदिर निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त हो गया था।  महापुरुषों को जातीयता के दायरे में मत बांटिए सीएम ने लोगों से आग्रह किया कि सनातन धर्म की एकता के जरिए भारत की एकता व अखंडता को मजबूती दीजिए। महापुरुषों को जातीयता के दायरे में मत बांटिए और बांटने वालों से सावधान रहिए। यह वही पाप कर रहे हैं, जो मध्यकाल में देश को बांटने और समाज की एकता को खंडित करने वालों ने किया था। बांटने का पाप देशद्रोह से कम नहीं है। यह पाप कभी मत होने दें। जिस दिन 140 करोड़ भारतवासी अपने नेतृत्व पर विश्वास करते हुए बढ़ेंगे, दुनिया उनके सामने बाधक नहीं बन सकती।  ईश्वरीय कृपा ही है कि मौसम सुहाना हो गया सीएम ने कहा कि ट्रस्ट के पदाधिकारी पहले तपती गर्मी, फिर बिजली की कड़क और बारिश की चेतावनी से चिंतित हो गए, लेकिन यह ईश्वरीय कृपा ही है कि मौसम सुहाना हो गया। प्रभु की कृपा के लिए शुद्ध नीयत से उनके पास शरणागत होना पड़ेगा। जब भक्त और याचक बनकर प्रभु के चरणों में जाते हैं तो हमारी मनोकामना पूर्ण होती है। जब यह अकड़ होती है कि हमने किया है, तो प्रभु उसे रगड़ भी देते हैं।  सभी के मन में एक ही भाव था कि प्रभु का मंदिर बने और हम अपनी आंखों से देख सकें सीएम योगी ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन भारत के इतिहास का महत्वपूर्ण अभियान है। भारत व दुनिया में जहां भी सनातन धर्मावलंबी रहा, वह गिरिवासी, वनवासी, वंचित, भिक्षावृत्ति से जीवन यापन करने वाला हो या राजमहल जैसे प्रासाद में रहने वाला बड़ा उद्यमी, सभी के मन में एक ही भाव था कि प्रभु राम का भव्य मंदिर बने और वह इसे अपनी आंखों से देख सके। पीढ़ी दर पीढ़ी चली गईं, संघर्ष व आंदोलन बढ़ता गया। महिला, पुरुष, बच्चे, युवा समेत समाज के हर तबके ने, सनातन धर्म की हर उपासना विधियों से जुड़े लोगों ने लगातार 500 वर्ष तक संघर्ष किया। एक दिन वह काली रात आई थी, जब प्रभु श्रीराम के मंदिर को अपवित्र करके विवादित ढांचा खड़ा कर दिया गया, लेकिन 1528 से बिना किसी रोक-टोक या भय के कोई दिन ऐसा नहीं रहा होगा, जब सनातन धर्मावलंबियों ने श्रीराम जन्मभूमि के लिए सोचा न हो और कुछ करने की इच्छाशक्ति के साथ अभियान का हिस्सा न बनें हो।  देश के हर कोने में लोग जयश्रीराम कहते हैं  सीएम योगी ने कहा कि प्रभु जब अपना काम कराना चाहते हैं, तभी सफलता प्राप्त होती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जब 1983 में आंदोलन को अपने हाथों में लिया तो आंदोलन चरम की ओर बढ़ता गया। अशोक सिंहल जी ने बिखरी हुई ताकत को एक किया। इस आंदोलन में क्षेत्र, जाति, भाषा की दीवारें टूटी हैं। आज भी देश के किसी कोने में हम जाते हैं तो उसके प्रभाव को महसूस करते हैं। अरुणाचल या ओडिशा, नगालैंड हो या मिजोरम, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड का सुदूर कोना, पश्चिमी-पूर्वी, उत्तरी-दक्षिण, मध्य भारत हो या छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसा जनजाति क्षेत्र, जैसे ही लोग हमें देखते हैं, वे सबसे पहले जयश्रीराम कहते हैं। मैं पश्चिम बंगाल के चुनाव में दूरदराज के गांवों में गया। वहां भी सड़कों पर आकर महिलाएं, बच्चे, पुरुष सभी ने जयश्रीराम से अभिवादन किया।  जिस दिन राम मंदिर का फैसला आया, वह भारत के इतिहास का सबसे खुशहाल दिन  सीएम योगी ने कहा कि हम सभी गुलामी का ढांचा हटने और आंदोलन के साक्षी हैं। जब उच्चतम न्यायालय ने सर्वसम्मति से रामजन्मभूमि का फैसला दिया तो देश-दुनिया के सनातन धर्मावलंबी झूम उठे। कुछ लोग धमकाते थे कि राम जन्मभूमि का फैसला आएगा तो यह होगा-वह होगा। ये वही लोग हैं, जो वकील खड़ा करते थे, रामसेतु को तोड़ना चाहते थे, रामभक्तों पर गोलियां चलाते थे और चाहते थे कि समस्या का समाधान न निकले और सनातन धर्मावलंबी अपमानित हो, लेकिन जब उच्चतम न्यायालय ने सनातन धर्म की भावनाओं के अनुरूप साक्ष्यों के आधार पर सर्वसम्मति से फैसला किया तो देश-दुनिया ने भी उसका स्वागत किया। जिस दिन यह फैसला आया, वह भारत के इतिहास के सबसे शांत और खुशहाल दिन में से एक था।   जब मंदिर बना तो हर आंख में थे खुशी के आंसू सीएम योगी ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में श्रीरामजन्मभूमि … Read more

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कार में आग, राजस्थान में एक ही परिवार के पांच लोग जिंदा जल गए

अलवर   राजस्थान के अलवर में कार में आलग लगने से एक ही परिवार के 5 लोग जिंदा गए। यह घटना बुधवार रात अलवर जिले में लक्ष्मणगढ़ पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुई। बताया जा रहा है कि यह आग सीएनजी लीक होने की वजह से लगी। पुलिस के अनुसार, पीड़ित मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के चैनपुरा गांव के रहने वाले थे। यह परिवार वैष्णो देवी मंदिर के दर्शन करके घर लौट रहा था और उन्होंने इस यात्रा के लिए एक टैक्सी किराए पर ली थी। जब गाड़ी मौजपुर पहुंची, तो अचानक सीएनजी गैस लीक होने की खबर मिली, जिससे तुरंत आग लग गई और पूरी कार लपटों की चपेट में आ गई। आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को बचने का कोई मौका ही नहीं मिला। इस भयानक घटना में तीन महिलाएं, एक पुरुष और एक छोटी बच्ची जिंदा जल गए। आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि शव जलकर राख हो गए। गाड़ी का ड्राइवर बड़ी मुश्किल से बच निकला, लेकिन उसे गंभीर रूप से जलने की चोटें आई हैं। उसे पहले स्थानीय स्तर पर इलाज दिया गया और बाद में जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसका अभी इलाज चल रहा है। सूचना मिलते ही, लक्ष्मणगढ़ पुलिस दमकल की गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंची। आग बुझाने वाली एक गाड़ी तैनात की गई और आग पर काबू पाने की कोशिशें की गईं। हालांकि, जब तक आग बुझाई गई, तब तक पांचों यात्री आग की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके थे। लक्ष्मणगढ़ पुलिस थाना प्रभारी नेकी राम ने पुष्टि की कि गाड़ी सीएनजी और पेट्रोल दोनों पर चल रही थी और आग लगने का कारण गैस लीक होना माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि सीएनजी से लगी आग की तीव्रता बहुत ज्यादा होती है। आग से शव पूरी तरह से नष्ट हुए, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया। पीड़ितों की पहचान के लिए डीएनए जांच करने के लिए मौके पर एक मेडिकल टीम बुलाई गई। परिवार के सदस्यों को इस घटना के बारे में सूचित कर दिया गया।पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी भी देर रात स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे।

समृद्धि माइक्रो फाइनेंस का फर्जीवाड़ा उजागर, सैकड़ों ग्रामीण महिलाएं बनीं शिकार

गया गया जिले में माइक्रोफाइनेंस कंपनी के नाम पर ग्रामीण महिलाओं से ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। आसान लोन और घरेलू सामान दिलाने के नाम पर महिलाओं से हजारों रुपये जमा कराए गए, लेकिन बाद में कंपनी का कार्यालय बंद मिलने से पूरा मामला उजागर हुआ। 60 हजार के लोन का दिया था लालच जानकारी के अनुसार, डोभी थाना क्षेत्र में संचालित “समृद्धि माइक्रो फाइनेंस” नामक कंपनी ने ग्रामीण महिलाओं को 60 हजार रुपये का लोन दिलाने का लालच दिया था। इसके बदले उन्हें पहले कूलर, फ्रिज और टीवी जैसे सामान खरीदने के लिए प्रेरित किया गया। इस योजना के झांसे में आकर सैकड़ों महिलाओं ने आवेदन किया। पांच हजार रुपये प्रति व्यक्ति कराए थे जमा कंपनी के प्रतिनिधियों ने महिलाओं से करीब पांच हजार रुपये प्रति व्यक्ति जमा कराए और आश्वासन दिया कि अगले दिन उन्हें सामान और लोन की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। भरोसे में आकर बड़ी संख्या में महिलाएं डोभी नगर पंचायत स्थित बुधनी बाजार कार्यालय पहुंचीं। लेकिन बुधवार सुबह जब महिलाएं दोबारा कार्यालय पहुंचीं तो वहां ताला लटका मिला। काफी इंतजार के बाद भी कोई कर्मचारी नहीं आया, जिसके बाद महिलाओं को ठगी का एहसास हुआ। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई और महिलाओं में आक्रोश फैल गया। कई महिलाएं रोने लगीं। घटना की सूचना मिलते ही डोभी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के लोगों और दुकानदारों से पूछताछ कर रही है तथा कंपनी से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी है। शुरुआती जांच में यह मामला सुनियोजित ठगी का प्रतीत हो रहा है। पीड़ित महिलाओं ने प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और अपनी जमा राशि की वापसी की मांग की है।  

वैशाली में 12 केसों में अनुसंधानकर्ताओं की गलती, डिफॉल्ट बेल से बाहर आए आरोपी

पटना बिहार में आपराधिक मामलों की जांच में गंभीर लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। बीते तीन माह के भीतर राज्यभर में संगीन मामलों के 75 आरोपितों को सिर्फ इस वजह से जमानत मिल गई क्योंकि पुलिस तय समय सीमा के भीतर आरोप पत्र (चार्जशीट) न्यायालय में दाखिल नहीं कर सकी। चार्जशीट दाखिल करने में हुई देरी के कारण अदालतों ने इन आरोपितों को डिफॉल्ट बेल दे दी। चार्जशीट में देरी बनी राहत की वजह जांच में सामने आया है कि अधिकांश मामलों में अनुसंधानकर्ताओं ने समय पर केस डायरी और आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत नहीं किया। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167(2) (अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 187(2)) के तहत यदि तय समय में चार्जशीट दाखिल नहीं होती है तो अभियुक्त को डिफॉल्ट बेल का अधिकार मिल जाता है। इसी प्रावधान का लाभ उठाकर कई कुख्यात अपराधी जेल से बाहर आ गए। वैशाली के 12 अनुसंधानकर्ता चिन्हित राज्य स्तर पर समीक्षा के दौरान सामने आए 75 मामलों में वैशाली जिले के 12 मामले भी शामिल हैं, जहां अनुसंधानकर्ताओं की लापरवाही के कारण आरोपितों को राहत मिली। इनमें से 11 पुलिस अधिकारी अभी भी वैशाली जिले के विभिन्न थानों में पदस्थापित हैं, जबकि एक अधिकारी का तबादला सीतामढ़ी कर दिया गया है। इस संबंध में संबंधित एसपी को भी जानकारी भेज दी गई है और सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई वैशाली में ही चलाई जाएगी। लापरवाह अधिकारियों के जवाब असंतोषजनक मुख्यालय डीएसपी अबू जफर इमाम ने सभी मामलों की जांच कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है। अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया, लेकिन अधिकांश ने वर्कलोड का हवाला देते हुए एक जैसा जवाब दिया, जिसे संतोषजनक नहीं माना गया। इसके बाद विभागीय कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया।   एसपी का बयान: 10 पर होगी कार्रवाई वैशाली के एसपी विक्रम सिहाग ने बताया कि मामले में सभी अनुसंधानकर्ताओं से जवाब मांगा गया था। इनमें से 2 अधिकारियों का जवाब संतोषजनक पाया गया, जबकि 10 के जवाब असंतोषजनक रहे। ऐसे में इन 10 अनुसंधानकर्ताओं के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले ने पुलिस जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आगे से इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल करने को लेकर सख्ती बरती जाएगी।  

महिला आरक्षण बिल पर मंथन: छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में सीएम साय का बड़ा प्रस्ताव

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में विपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के लिए शासकीय संकल्प प्रस्ताव पेश किया. आंसदी ने चर्चा के लिए 4 घण्टे का समय निर्धारित किया. मुख्यमंत्री साय के प्रस्ताव के बाद नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत अशासकीय संकल्प प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसे आसंदी ने अग्राह्य कर दिया. इस पर डॉ. महंत ने कहा कि मुख्यमंत्री तो निंदा प्रस्ताव लाने वाले थे, लेकिन यह शासकीय संकल्प प्रस्ताव तो निंदा पर नहीं है. इसके साथ ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया. विपक्ष ने आरोप लगाया कि सदन के बाहर और अंदर सत्ता पक्ष की ओर महिलाओं को गुमराह किया जा रहा है. प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विधायक लता उसेंडी ने कहा कि महिला आरक्षण पर रुकावट बनने का काम विपक्ष ने किया. महिला आरक्षण बिल को लोकसभा में गिराने का काम विपक्ष ने किया. महिलाओं की भावनाओं और सम्मान का ख्याल नहीं रखा गया. कांग्रेस का पक्ष रखते हुए अनिला भेड़िया ने कहा कि महिला आरक्षण का कांग्रेस समर्थन करती है. महिला आरक्षण 2029 में लागू किया जाना चाहिए. 2023 में बिल पारित है. इसे तत्काल लागू किया जाना चाहिए. जिन्होंने नारी का अपमान किया उसका विनाश हुआ है. रामायण में माता सीता का हरण और रावण का विनाश नारी अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा और सम्मान का उदाहरण है.

बस्तर की पद्मा के घर लौटी रोशनी: साय सरकार की बिजली बिल समाधान योजना बनी सहारा

रायपुर  छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की जन-कल्याणकारी नीतियां अब धरातल पर बदलाव का पर्याय बनती जा रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 उन निर्धन परिवारों के लिए एक बड़ा संबल बनकर उभरी है, जो भारी भरकम बिजली बिल के कारण अंधकार में रहने को मजबूर थे। बस्तर जिले के ग्राम बालेंगा की रहने वाली पद्मा कश्यप की कहानी इस योजना की सफलता और संवेदनशीलता का जीता-जागता उदाहरण है। पद्मा का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। अपने माता-पिता को खो देने के बाद वह घर में अकेली रह गई थीं। सीमित संसाधनों और आय का कोई ठोस जरिया न होने के कारण उनके घर का बिजली बिल धीरे-धीरे बढ़कर 9,000 रुपये तक जा पहुँचा था। एक अनाथ बेटी के लिए इतनी बड़ी राशि का भुगतान करना लगभग असंभव था, जिससे घर की बिजली कटने का डर और अंधेरे का साया उनके भविष्य पर मंडराने लगा था। ऐसे कठिन समय में प्रदेश सरकार की बिजली बिल भुगतान समाधान योजना उनके लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई। इस योजना के अंतर्गत पद्मा को उनके बकाया बिल पर 4,000 रुपये की बड़ी राहत प्रदान की गई, जिससे उनकी आर्थिक चिंता काफी हद तक कम हो गई। इस सहायता ने न केवल उनके घर को फिर से रोशन किया, बल्कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा का अहसास भी कराया। अपनी खुशी जाहिर करते हुए पद्मा कहती हैं कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के इस मानवीय निर्णय ने उनके जैसे कई जरूरतमंदों को सहारा दिया है। आज वह इस योजना की बदौलत अपना बकाया बिल चुकाने में सक्षम हो पाई हैं, जिसके लिए वह मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करती हैं। यह योजना न केवल वित्तीय राहत दे रही है, बल्कि प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के मन में सरकार के प्रति अटूट विश्वास भी पैदा कर रही है।

बक्सर से दरभंगा तक फैला फर्जी आधार नेटवर्क, सीएसपी संचालक गिरफ्तार

भोजपुर भोजपुर में फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने के मामले में हुई कार्रवाई का तार अब दरभंगा से जुड़ गया है। बक्सर पुलिस ने बिरौल थाना के सहयोग से सीएसपी सेंटर चलाकर फर्जी आधार बनाने वाले आरोपी फूलहसन को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से एक बड़े साइबर गिरोह का खुलासा हुआ है। लैपटॉप, प्रिंटर और बायोमेट्रिक मशीन बरामद गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से लैपटॉप, प्रिंटर, फिंगरप्रिंट मशीन, स्कैनर सहित कई उपकरण बरामद किए हैं। इसके अलावा जन्मतिथि, नाम और पता बदलने से जुड़े फर्जी दस्तावेज भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार फूलहसन पूरे साइबर गिरोह का मास्टरमाइंड है। बक्सर से मिली थी अहम जानकारी इससे पहले बक्सर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उन्होंने फूलहसन का नाम बताया, जिसके बाद बक्सर पुलिस दरभंगा पहुंची और बिरौल थाना की मदद से उसे गिरफ्तार किया गया। 2024 में भी हो चुकी है गिरफ्तारी बताया जा रहा है कि वर्ष 2024 में बिरौल के तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी उमेश भारती के समय भी आरोपी के कोठी पुल स्थित सीएसपी सेंटर पर फर्जी आधार कार्ड बनाने और जन्मतिथि में बदलाव की शिकायत मिली थी। उस समय कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में पीआर बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया था।   अधिकृत आईडी का दुरुपयोग कर बनाते थे फर्जी आधार जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य अधिकृत आधार पंजीकरण केंद्र के लॉगिन आईडी, ऑपरेटर आईडी और बायोमेट्रिक पहचान का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से आधार कार्ड बना रहे थे। इसके साथ ही जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक अपडेट भी अवैध रूप से किया जाता था। इस काम के एवज में सीएसपी संचालक गरीब लोगों से 5,000 से लेकर 25,000 रुपये तक वसूलते थे। इस तरह यह गिरोह लंबे समय से लोगों को ठग रहा था। पुलिस की अपील और जांच जारी बिरौल के इंस्पेक्टर अमृत लाल वर्मन ने बताया कि बक्सर पुलिस के साथ मिलकर फूलहसन को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि आधार से जुड़े किसी भी काम के लिए केवल अधिकृत केंद्रों पर ही जाएं। पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उन परिवारों के भरोसे पर हमला है जो आधार कार्ड को अपने जीवन का अहम हिस्सा मानते हैं। फिलहाल जांच जारी है कि इस गिरोह का असली मास्टरमाइंड कौन है और कहां से इस नेटवर्क को संचालित किया जा रहा है।  

गुरु ग्रंथ साहिब कानून पर हाई कोर्ट में सुनवाई, समानता और धर्मनिरपेक्षता पर उठे गंभीर सवाल

चंडीगढ़  पंजाब सरकार के बहुचर्चित “जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026” के खिलाफ अब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में एक और संवैधानिक चुनौती पहुंच गई है। एंग्लिकन चर्च ऑफ इंडिया (सीआईपीबीसी) ने इस संशोधन कानून को धर्म-विशेष आधारित, भेदभावपूर्ण और संविधान विरोधी बताते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इसके क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाने तथा इसे रद्द घोषित करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि पंजाब सरकार ने एक विशेष धार्मिक ग्रंथ को पृथक और अधिक कठोर दंडात्मक संरक्षण देकर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 25 और 26 का उल्लंघन किया है। चर्च का तर्क है कि राज्य किसी एक धर्म या उसके पवित्र प्रतीक को ऐसा विशिष्ट विधायी संरक्षण नहीं दे सकता, जिससे अन्य धार्मिक समुदायों के बीच असमानता की भावना उत्पन्न हो। याचिका में इसे संविधान की मूल संरचना में शामिल धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला कदम बताया गया है। अन्य धर्म भी प्रभावित हो सकते हैं इंडियन चर्च एक्ट, 1927 के तहत गठित धार्मिक निकाय होने का दावा करने वाले याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि पंजाब सरकार स्वयं अपने पूर्व प्रस्तावित “पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ऑफेंसेज अगेंस्ट होली स्क्रिप्चर्स बिल, 2025” में स्वीकार कर चुकी थी कि पवित्र ग्रंथों के अपमान की घटनाएं केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब तक सीमित नहीं, बल्कि गीता, कुरान और अन्य धार्मिक ग्रंथ भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में 2026 के संशोधन के जरिए केवल एक धार्मिक ग्रंथ के लिए पृथक कठोर आपराधिक ढांचा तैयार करना राज्य की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। प्रावधानों पर विशेष आपत्ति याचिका में संशोधन कानून के उन प्रावधानों पर विशेष आपत्ति जताई गई है, जिनमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की प्रिंटिंग, प्रकाशन, भंडारण और वितरण पर कड़ा नियामक नियंत्रण, एसजीपीसी के माध्यम से केंद्रीय रजिस्टर, अपराधों को संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-समझौतायोग्य बनाना तथा गंभीर मामलों में आजीवन कारावास तक की सजा शामिल है। चर्च का कहना है कि इस प्रकार का विशेष दंड विधान अन्य धर्मों के पवित्र ग्रंथों को तुलनात्मक रूप से कमतर कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है। एसआर बोम्मई, केशवानंद भारती और शायरा बानो जैसे सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसलों का हवाला देते हुए याचिका में कहा गया है कि राज्य धार्मिक तटस्थता से विचलित नहीं हो सकता। एक धर्मग्रंथ को कानून संरक्षण साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि भारतीय न्याय संहिता, 2023 सहित मौजूदा केंद्रीय कानून धार्मिक भावनाओं से जुड़े अपराधों से निपटने के लिए पर्याप्त हैं, इसलिए पृथक राज्य कानून विधायी संतुलन और संवैधानिक वैधता दोनों पर सवाल खड़े करता है। चर्च की जनरल काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि वह सभी धर्मग्रंथों के सम्मान और अंतर-धार्मिक सौहार्द के पक्ष में है, लेकिन किसी एक धर्मग्रंथ को विशिष्ट कानूनी संरक्षण देकर अन्य आस्थाओं को अपेक्षाकृत कमतर दर्जा देना संवैधानिक समानता के विरुद्ध है।  

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक हादसा, वैष्णो देवी से लौट रहा परिवार खत्म

अलवर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ पुलिस थाना अंतर्गत मौजपुर के चैनल नंबर 115/300 के पास चलती कार में सीएनजी लीकेज होने से लगी आग में एक ही परिवार के 5 लोग जिंदा जलकर राख हो गए. इस घटना में चालक भी बुरी तरह झुलस गया, जिसे जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज कराया गया है. यह घटना रात देर रात करीब 11 बजे हुई. सूचना पर मौके पर पहुंची लक्ष्मणगढ़ पुलिस और दमकल गाड़ी से आग पर काबू पाने की प्रयास किए गए. आग कि सूचना के बाद अलवर से पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी और डीएसपी कैलाश जिंदल मौके पर पहुंचे.  वैष्णो देवी से लौट रहा था परिवार पुलिस ने बताया कि मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के चैनपुरा गांव निवासी एक परिवार वैष्णो देवी के दर्शन करके वापस अपने घर लौट रहे थे. परिवार इस गाड़ी को किराए पर लेकर आया था, जैसे ही यह अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के मौजपुर में पहुंचे. वहां अचानक सीएनजी गैस का रिसाव हो गया और रिसाव इतना तेज था कि तुरंत ही आग लग गई और आग के चलते गाड़ी में सवार सभी लोग जिंदा जल गए. घटना के समय सभी सो रहे थे आग का गोला बनने के बाद किसी भी सवार को बचाने का मौका नहीं दिया. बताया जा रहा है गाड़ी में सवार परिवार नींद में थे. अगर जगे हुए होते तो शायद चालक की तरह वो बाहर निकल पाते. श्योपुर निवासी चालक विनोद कुमार बड़ी मुश्किल से उसमें निकाल पाया. वो भी काफी जल गया. जिसे पुलिस द्वारा एसएमएस हॉस्पिटल जयपुर के लिए रेफर किया गया. जहां उसका इलाज चल रहा है. रात 11 बजे हुआ हादसा लक्ष्मणगढ़ की थाना प्रभारी नेकी राम ने बताया कि यह बीती रात करीब 11 बजे के आसपास हुई. टैक्सी पर यह परिवार गाड़ी लेकर आया था. ये श्योपुर के चैनपुर निवासी हैं. सीएनजी और पेट्रोल से चलने वाली इस गाड़ी में गैस रिसाव के कारण यह आग लगी. आग इतनी भयानक थी कि इसमें किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला. इस हादसे में दो महिलाए, एक पुरुष और दो बच्ची जिंदा जलकर राख हो गए. उनके कंकाल भी नहीं बचे हैं. चालक गरीब 80 फ़ीसदी झुलस गया है, उसे पहले पिनान के अस्पताल ले लाया गया. जहां से हालत खराब होने पर उसे तुरंत जयपुर के लिए रेफर कर दिया गया. मौके पर ही मेडिकल टीम को बुलाया गया है, जिससे डीएनए सैंपल ले लिया गया. उनकी पहचान की गई. DNA टेस्ट में शवों की होगी पहचान मृतकों में परिवार का मुखिया संतोष ( 35 साल) उसकी पत्नी शशि, सास पार्वती और पुत्री रागिनी पुत्री संतोष व साक्षी पुत्री संतोष के रूप में हुई है. पुलिस ने बताया कि परिवार जनों को सूचना दे दी गई है. रात को ही दो दमकल मौके पर बुलाई गई थी. जिसे आग पर काबू पाया आग बुझाने से पहले ही चालक को छोड़कर सभी सवार आग की भेंट चढ़ गए. लक्ष्मणगढ़ सीएचसी के डॉक्टर अमित गुप्ता ने बताया कि डीएनए टेस्ट से मृतकों की पहचान होगी. शव पूरी तरह से राख़ बन चुके हैं. मेडिकल बोर्ड से परिजनों के आने के बाद उनके पोस्टमार्टम में आगे की प्रक्रिया की जाएगी.

दिल्ली के द्वारका में तीन बच्चों की मौत, गोल्फ कोर्स तालाब में डूबने से हुआ हादसा

नईदिल्ली  राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ है। द्वारका के सेक्‍टर 24 गोल्फ कोर्स डीडीए के तालाब में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। इस मामले की सूचना दमकल को सुबह 7:07 बजे मिली। घटना के बाद से इलाके में कोहराम मचा हुआ है। 8 से 10 साल के बीच थी बच्चो की उम्र पुलिस के अनुसार, द्वारका के सेक्टर 23 पुलिस स्टेशन में सुबह लगभग 7:07 बजे एक पीसीआर कॉल आई, जिसमें गोल्फ कोर्स परिसर में स्थित एक तालाब में तीन बच्चों के डूबने की जानकारी दी गई थी। इसपर तुरंत कार्रवाई करते हुए, स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) पुलिस कर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अन्य आपातकालीन एजेंसियों को भी तत्काल सूचित किया गया। मौके पर पहुंचने पर अधिकारियों ने तालाब में डूबे हुए 8 से 10 वर्ष की आयु के तीन बच्चों को पाया। दमकल कर्मियों की सहायता से तीनों को पानी से बाहर निकाला गया। हालांकि, उन्हें घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया। तालाब में नहाने गए थे बच्चे प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि बच्चे शाम को देर से चारदीवारी फांदकर परिसर में दाखिल हुए होंगे। उनके कपड़े तालाब के बाहर मिले, जिससे पुलिस को संदेह है कि वे वहां नहाने गए थे और गलती से डूब गए। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि विस्तृत जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकलेगा। बच्चों की पहचान में जुटी पुलिस बच्चों की पहचान का काम फिलहाल जारी है, और इस रिपोर्ट को लिखे जाने तक उनके विवरण से मेल खाने वाली किसी भी गुमशुदा व्यक्ति की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।