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हाईकोर्ट का कड़ा कदम: चंडीगढ़ के जज को आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने पर किया सस्पेंड

चंडीगढ़  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ में तैनात एक जज को उनकी कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के मामले में सस्पेंड कर दिया है। जज को न सिर्फ सस्पेंड किया गया है, बल्कि उन्हें तुरंत प्रभाव से ट्रांसफर कर हरियाणा भी भेज दिया है। सस्पेंशन के दौरान वह हरियाणा के उसी जिले में रहेंगे। चीफ जस्टिस की ओर से जारी इस आर्डर में कहा गया कि उन्हें पता लगा है कि कुछ दिनों से एक जज की आपत्तिजनक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रही है। इसलिए हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए जज को ही निलंबित कर दिया। खास बात यह है कि यह वही जज हैं, जिनकी आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उनसे डेढ़ करोड़ की रंगदारी मांगी जा रही थी। इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत भी दी थी, पुलिस ने रोहतक के एक वकील मोहित वर्मा को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एफआइआर दर्ज की। इससे पहले जज ने पुलिस को शिकायत दी थी कि कुछ समय पहले उनका मोबाइल खो गया था, जिसमें उनके परिवार की तस्वीरें, वीडियो और स्क्रीन रिकार्डिंग थीं। जज का कहना था कि आरोपित ने उनकी वीडियो एडिट या मैनिपुलेट कर उसकी छवि खराब करने की कोशिश की है। आरोप था कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी जानकारी के अनुसार 18 फरवरी 2026 को जज को एक अज्ञात नंबर से काल और वाट्सएप पर एक वीडियो मिला। जज का आरोप है कि क्लिप में उनकी आपत्तिजनक वीडियो थी। उनका आरोप था कि उस वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी और रोहतक के वकील मोहित वर्मा को 11 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस को उससे दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए थे।

Crop Diversity पर जोर: पंजाब में स्थापित होगा बासमती राइस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य में बासमती चावल के लिए एक हाई लेवल ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य क्रॉप डायवर्सिटी को बढ़ावा देना, किसानों की आय में वृद्धि करना और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को कम करना है। मुख्यमंत्री नीदरलैंड दौरे पर गए हैं, जहां उन्होंने कृषि और उद्योग क्षेत्र की एडवांस टेक्नोलॉजी को करीब से देखा और समझा। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों ने देशहित में लंबे समय तक अपनी उपजाऊ जमीन और जल संसाधनों का अधिक उपयोग किया है, लेकिन अब गेहूं-धान के चक्र से बाहर निकलना समय की मांग है। इस दिशा में क्रॉप डायवर्सिटी को बड़े स्तर पर बढ़ावा देना जरूरी है और इसमें नीदरलैंड महत्वपूर्ण सहयोगी साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री ने रॉटरडैम में LT Foods की फैसिलिटी का दौरा किया, जहां उन्हें कंपनी के ग्लोबल प्रेजेंस और किसानों के साथ उसके मजबूत संबंधों के बारे में पता चला। उन्होंने सस्टेनेबल फार्मिंग पर जोर देते हुए कहा कि इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के मुताबिक उत्पादन के लिए कीटनाशकों के उपयोग में कमी लाना और बासमती चावल को वैश्विक बाजार में बढ़ावा देना आवश्यक है। कंपनी ने पंजाब में बासमती के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और कम कीटनाशक उपयोग वाली खेती को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने डच कंपनियों और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के बीच रिसर्च और सहयोग को मजबूत करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि घटते मुनाफे के कारण खेती अब कम लाभकारी हो गई है, जिससे किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह केंद्र बासमती चावल का उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में सुधार करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही उन्होंने आल्समीयर स्थित विश्व के सबसे बड़े फूल बाजार का दौरा कर डच मॉडल को पंजाब में अपनाने की इच्छा भी जताई, जिससे कृषि वैल्यू चेन मजबूत होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नीदरलैंड सरकार के कृषि, मत्स्य पालन, खाद्य सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के साथ बैठक में तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पंजाब ऑटोमेशन, एआई, ड्रोन और डेटा आधारित क्रॉप मैनेजमेंट जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए तैयार है। ग्रीनहाउस खेती को भी उच्च मूल्य वाली फसलों के लिए उपयुक्त बताते हुए उन्होंने इसके विस्तार पर जोर दिया। मुख्यमंत्री मान ने डच कंपनियों को पंजाब में निवेश के लिए आमंत्रित किया और राज्य की औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 तथा फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल जैसी पहल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंजाब निवेश के लिए तेजी से उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। अंत में, भगवंत सिंह मान ने तकनीक आधारित, टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर एकीकृत कृषि एवं औद्योगिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

यूपी बोर्ड रिजल्ट आज 4 बजे, योगी सरकार ने पारदर्शिता और समयबद्धता से सेट किया नया उदाहरण

यूपी बोर्ड रिजल्ट आज  4 बजे होगा घोषित, योगी सरकार ने पारदर्शिता और समयबद्धता से रचा नया मानक परीक्षार्थी परिषद की आधिकारिक वेबसाइट और डिजिलॉकर पोर्टल पर देख सकेंगे अपना परिणाम 8033 केंद्रों पर 50 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने दी है परीक्षा, रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ मूल्यांकन 254 मूल्यांकन केंद्रों पर लगभग 2.75 करोड़ उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन मात्र 15 कार्यदिवसों में पूरा किया गया लखनऊ/प्रयागराज  माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं का परिणाम गुरुवार 23 अप्रैल को अपराह्न 4:00 बजे परिषद मुख्यालय, प्रयागराज से घोषित किया जाएगा। परीक्षार्थी अपना परिणाम परिषद की आधिकारिक वेबसाइट और डिजिलॉकर पोर्टल पर देख सकेंगे।परीक्षाफल उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ऑफिशियल वेबसाइट और डिजिलॉकर रिजल्ट पोर्टल पर देखा जा सकेगा, जिससे छात्रों को घर बैठे ही आसान और त्वरित तरीके से परिणाम प्राप्त हो सकेगा। 50 लाख से अधिक छात्रों ने दी परीक्षा इस वर्ष बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च के बीच प्रदेश के 8033 परीक्षा केंद्रों पर 15 कार्यदिवसों में शांतिपूर्ण एवं नकलविहीन वातावरण में संपन्न कराई गईं। हाईस्कूल में लगभग 26.02 लाख और इंटरमीडिएट में 24.91 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए, जो प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के व्यापक दायरे को दर्शाता है। रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ मूल्यांकन कार्य परीक्षाओं के सफल आयोजन के बाद 254 मूल्यांकन केंद्रों पर लगभग 2.75 करोड़ उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से 4 अप्रैल के बीच मात्र 15 कार्यदिवसों में पूरा किया गया। इस बार परिणाम को त्रुटिहीन बनाने के लिए प्रधानाचार्यों और वरिष्ठ प्रवक्ताओं को अंकेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके। नकलविहीन और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली फोकस योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, तकनीक आधारित और समयबद्ध बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार की सख्त निगरानी और प्रभावी व्यवस्थाओं के चलते परीक्षाएं पूरी तरह नकलविहीन और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुईं। परीक्षा से लेकर मूल्यांकन और परिणाम घोषित करने तक की प्रक्रिया में तय समयसीमा का पालन कर नया मानक स्थापित किया गया है। छात्रों के लिए स्क्रूटनी और कंपार्टमेंट की सुविधा माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने परीक्षार्थियों को अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि परिणाम के बाद यदि किसी छात्र को अपने अंकों को लेकर संतोष न हो, तो उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। बोर्ड के द्वारा स्क्रूटनी और कंपार्टमेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों का मनोबल बनाए रखें और उन्हें सकारात्मक सहयोग दें।

Ludhiana Bomb Threat: स्कूलों को मिला धमकी भरा ईमेल, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

लुधियाना. लुधियाना के स्कूलों को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल जारी हुआ है। फिलहाल चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इनमें स्प्रिंग डेल पब्लिक स्कूल, पौदार इंटरनेशनल स्कूल, मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल, बीआरएस नगर का डीएवी पब्लिक स्कूल शामिल है। धमकी भरा ई-मेल जारी होने के बाद स्कूलों ने अभिभावकों के ग्रुपस में जानकारी शेयर की और पुलिस प्रशासन को भी सूचित कर दिया। स्प्रिंग डेल स्कूल ने तो बच्चों की छुट्टी कर दी। फिलहाल स्कूल में पुलिस की ओर से चैकिंग चल रही है। इससे पहले भी मिल चुकी है धमकी इससे पहले 10 मार्च को भी लुधियाना के कुछ स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिससे हड़कंप मच गया था। सुबह करीब 7 बजे ई-मेल के जरिए सीबीएसई से संबंधित 3 स्कूलों को धमकी भरा संदेश मिला था, जिसमें स्कूल परिसर में बम होने की बात कही गई थी। धमकी भरा मेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंच गईं थी और स्कूल परिसरों की गहन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया था। गत दिवस वीरवार की सुबह सबसे पहली मेल शेरपुर स्थित सिप्रंग डेल पब्लिक स्कूल में आई। स्कूल की आधिकारिक मेल पर मेल आई कि 23 से चौबीस तारीख के बीच में स्कूल के अंदर ब्लास्ट होगा। इसके अलावा उसने मेल में बाकी के तीन स्कूलों के नाम भी दिए है और रेलवे ट्रैक के बारे में भी जानकारी दी है कि जहां धमाका करने की धमकी दी है। स्कूल प्रशासन ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस के उच्चाधिकारियों को दी। जिसके बाद स्कूल में आनन फानन में छुट्टी कर दी गई और बच्चों के परिवार वालों को सूचना भेज दी कि वह जल्द से जल्द बच्चों को ले जाए। स्कूल में भगदड़ मच गई कि आखिर ऐसा क्या हुआ है कि स्कूल की तरफ से एक दम से छुट्टी कर दी गई। इसी दौरान पुलिस की टीम भी वहां आ गई तो लोगों को पता चला कि स्कूल में बम रखे जाने की धमकी है। बम स्कवायड की टीमों के साथ साथ पुलिस टीम पहुंची। स्कूल का कोना कोना छान मारा गया, लेकिन कुछ नहीं मिला। इसके अलावा पुलिस की टीमें बाकी के तीन स्कूलों में भी चेकिंग करने में लगी है और सिप्रंग डेल पब्लिक स्कूल और उसके आस-पास का एरिया भी जांचा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी के बाद चेकिंग की गई थी। मगर कुछ नहीं मिला है। बाकी चेक किया जा रहा है कि मेल कहां से आई थी और मेल भेजने वाला कौन है।

ड्रग्स के खिलाफ पंजाब का मेगा एक्शन: 41,850 केस दर्ज, 60,000 अरेस्ट, करोड़ों की हेरोइन बरामद

चंडीगढ़ पंजाब में नशे और संगठित अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान ने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू किए गए ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत राज्य सरकार ने नशा तस्करों और गैंगस्टरों पर कड़ा शिकंजा कसा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक इस अभियान के 414 दिन पूरे हो चुके हैं, जिसमें पुलिस ने करीब 59,631 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। वहीं, ‘गैंगस्टर विरोधी अभियान’ के तहत 22,389 अपराधियों को भी सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। भारी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी पुलिस की कार्रवाई में अब तक 2569 किलोग्राम हेरोइन, 4599 किलोग्राम कोकीन सहित बड़ी मात्रा में अन्य नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। हाल ही में एक दिन में ही 79 तस्करों को गिरफ्तार कर उनसे ड्रग मनी और हेरोइन बरामद की गई। गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ‘गैंगस्टरों पर वार’ अभियान के तहत एक ही दिन में 564 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 245 गिरफ्तारियां हुईं। सरकार का दावा है कि अब तक 22,000 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हेल्पलाइन से बढ़ी जनता की भागीदारी सरकार ने जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 भी जारी किया है, जहां लोग गुप्त रूप से सूचना साझा कर रहे हैं। जनता के सहयोग से सफलता अधिकारियों के अनुसार, गांव रक्षा समितियों (VDC) और आम जनता के सहयोग से इस अभियान में सफलता दर 80 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई है। इस दौरान हजारों युवाओं को नशा मुक्ति केंद्रों से जोड़कर पुनर्वास भी किया गया है। हाई-टेक पुलिसिंग और सख्त नीति सरकार ने पंजाब पुलिस को आधुनिक हथियारों, तकनीक और संसाधनों से लैस किया है। साथ ही पुलिस को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त कर पूरी स्वतंत्रता दी गई है, ताकि वह बिना किसी दबाव के कार्रवाई कर सके। सरकार का दावा है कि इस सख्त अभियान से पंजाब में नशा और अपराध नेटवर्क को बड़ी चोट पहुंची है और राज्य में सुरक्षित भविष्य की नई उम्मीद जगी है।

प्रॉपर्टी टैक्स की भराई के लिए आखिरी तारीख 31 मई, न चूके!

चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चंडीगढ़ ने शहर के लोगों और प्रॉपर्टी मालिकों से अपील की है कि वे तय समय में टैक्स जमा करके प्रॉपर्टी टैक्स छूट स्कीम का पूरा फायदा उठाएं। कॉर्पोरेशन कमिश्नर अमित कुमार ने कहा कि टैक्स 2026-27 के लिए असेसमेंट ईयर 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो गया है। जो प्रॉपर्टी मालिक तय समय में अपना टैक्स जमा करते हैं, वे इस खास छूट का फायदा उठा सकते हैं। प्रॉपर्टी टैक्स में मिलेगी छूट रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के मालिकों को 20% और कमर्शियल प्रॉपर्टी के मालिकों को 10% की छूट दी जा रही है। यह छूट 1 अप्रैल, 2026 से 31 मई, 2026 तक टैक्स जमा करने पर लागू होगी, जबकि चेक और डिमांड ड्राफ्ट से पेमेंट सिर्फ 26 मई, 2026 तक ही स्वीकार किए जाएंगे। कहां जाता है टैक्स का पैसा कमिश्नर ने कहा कि टैक्स जल्दी जमा करने से जहां लोगों को ज्यादा से ज्यादा छूट मिलती है, वहीं नगर निगम के फाइनेंशियल रिसोर्स भी मजबूत होते हैं। प्रॉपर्टी टैक्स निगम के रेवेन्यू का एक बड़ा सोर्स है, जिसका इस्तेमाल शहर में सफाई, सड़क की देखभाल, पानी की सप्लाई और शहरी विकास के कामों जैसी बेसिक सर्विस देने में किया जाता है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि टैक्स जमा करने से पहले ऑफिशियल ई-संपर्क पोर्टल पर अपना अभी का बकाया चेक कर लें और यह पक्का कर लें कि छूट पाने के लिए तय समय के अंदर सभी बकाया चुका दिए गए हैं। 

सरकार का बड़ा तोहफा! अब Group-D स्टाफ को मिलेगा गेहूं खरीदने के लिए Interest-Free Loan

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने ग्रुप-डी के कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने क्लास-4 कर्मचारियों को घरेलू उपयोग के लिए गेहूं खरीदने के लिए बिना ब्याज ऋण देने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि सरकार ने यह फैसला कर्मचारियों के कल्याण के लिए लिया है। यही कारण है कि सरकार ने इन कर्मचारियों को घरेलू उपयोग के लिए गेहूं खरीदने हेतु बिना ब्याज ऋण देने की मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि भगवंत मान सरकार ने पात्र ग्रुप-डी कर्मचारियों को विशेष रूप से गेहूं खरीद के लिए न्यूनतम 10,340 रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान करने का फैसला किया है। इस राशि की गणना प्रति परिवार औसतन चार क्विंटल गेहूं की खपत को आधार मानकर की गई है। चीमा ने बताया कि कर्मचारी 29 मई 2026 तक सरकारी खजाने से यह ऋण राशि निकाल सकेंगे। इस कल्याणकारी योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में 15 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। वहीं, ऋण की वसूली को लेकर वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों पर किसी प्रकार का वित्तीय दबाव न पड़े, इसके लिए ऋण की राशि आठ मासिक किस्तों में वसूल की जाएगी। किस्तों की कटौती जून माह के वेतन से (जो जुलाई में भुगतान किया जाएगा) शुरू होगी और चालू वित्त वर्ष के अंदर पूरी वसूली सुनिश्चित की जाएगी। बता दें कि केंद्र सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2585 प्रति क्विंटल तय किया है, जो पिछले वर्ष से ₹160 अधिक है। पंजाब की मंडियों में वर्तमान बाजार भाव MSP के आसपास ही चल रहा है, औसतन ₹2,585 प्रति क्विंटल के करीब है। कुछ मंडियों में भाव ₹2,500 से ₹2,590 प्रति क्विंटल तक बताए जा रहे हैं। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि हमारी सरकार कर्मचारियों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा और सहायता के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।

समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाने के लिए भारत सरकार से चर्चा जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाने भारत सरकार से चर्चा जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत सरकार द्वारा रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं के लिये 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया। प्रदेश में गेहूं की अच्छी पैदावार को देखते हुए समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन लक्ष्य से अधिक होने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार से गेहूं उपार्जन के लक्ष्य में वृद्धि करने के लिये चर्चा की गई है। इस संबंध में भारत सरकार से निरंतर संपर्क बनाए हुए है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिये 19.04 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया जो कि विगत वर्ष से लगभग 3 लाख अधिक है। प्रदेश में 2 लाख 21 हजार 455 किसानों से 95 लाख 17 हजार 550 क्विंटल गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। इसमें से 75 लाख 57 हजार 580 क्विंटल गेहूं का परिवहन किया जा चुका है। समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने वाले 1 लाख 6 हजार 55 किसानों को समर्थन मूल्य की राशि 1091.33 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की प्रारंभिक अवधि में पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न विषम परिस्थिति के उपरांत भी गेहूं उपार्जन के लिए आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की गई। इसमें नवीन जूट के बारदानों के अतिरिक्त पीपी बेग एवं भर्ती बारदानों की व्यवस्था की गई। वर्तमान में गेहूं उपार्जन के लिये पर्याप्त बारदाना उपलब्ध है। किसानों से राशि 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा रु 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है।  

सांसद अमरिंदर राजा वारिंग ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ वेब सीरीज पर रोक लगाने की अपील की

चंडीगढ़  पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने अपकमिंग वेब सीरीज 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। वारिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर इस सीरीज की स्क्रीनिंग और रिलीज पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।  अपराध का महिमामंडन बर्दाश्त नहीं- MP अमरिंदर सिंह राजा वारिंग राजा वारिंग ने अपने पत्र में चिंता व्यक्त की है कि यह वेब सीरीज समाज में अपराध का महिमामंडन करती है। उन्होंने तर्क दिया कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन पर आधारित इस तरह की सामग्री न केवल युवाओं को गलत संदेश देती है, बल्कि पंजाब की शांति और सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है। प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र में वारिंग ने लिखा कि मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को इस वेब सीरीज की रिलीज पर रोक लगाने के निर्देश जारी करें। ऐसी सामग्री समाज में हिंसा और अपराधीकरण को बढ़ावा देती है।

अजनाला केस में सांसद अमृतपाल सिंह की 2 दिन के पुलिस रिमांड पर पेशी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई सुनवाई

अमृतसर खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को अजनाला थाने पर हुए हमले के मामले में अदालत में आज पेशी होगी। क्योंकि अमृत पाल अभी तक का डिब्रूगढ़ जेल में है इस कारण ये पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई जानी है, जिसके लिए प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।  इस मामले से जुड़ी कार्रवाई के तहत पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम असम स्थित डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल पहुंची हुई है, जहां अमृतपाल सिंह को रखा गया था। एनएसए के तहत उनकी नजरबंदी समाप्त होने के बाद अब पुलिस उन्हें इस केस में आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए वापस अमृतसर लेकर आ रही है।  अजनाला थाने पर हुए हमले के इस मामले में पहले ही कई सह-आरोपियों को अदालत में पेश किया जा चुका है। अब अमृतपाल सिंह की पेशी के बाद पुलिस अदालत से रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि उससे  पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके। 41 लोगों पर दर्ज है मामला इस केस में अमृतपाल सिंह समेत कुल 41 लोगों के खिलाफ विभिन्न गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। इनमें सरकारी कर्मचारियों पर हमला, आपराधिक साजिश, दंगा और हत्या के प्रयास जैसे आरोप शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में अमृतपाल सिंह को मुख्य आरोपी के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मामले की गंभीरता को देखते हुए सतर्क हैं। अधिकारियों का कहना है कि अमृतपाल सिंह से पूछताछ के बाद जांच को और आगे बढ़ाया जाएगा और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 2023 में हुआ था अजनाला कांड अजनाला कांड फरवरी 2023 में सामने आया था, जब अमृतपाल और उसके समर्थकों ने कथित तौर पर हथियारों के साथ पुलिस बैरिकेड तोड़ते हुए थाने में घुसकर अपने एक साथी को छुड़ाने की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस के साथ झड़प भी हुई थी। इसी मामले में अमृतपाल को मुख्य आरोपित बनाया गया है। उस पर हत्या के प्रयास (धारा 307), सरकारी कर्मचारी पर हमला (धारा 353), आपराधिक साजिश (धारा 120बी), दंगा (धारा 148) और गैरकानूनी जमावड़ा (धारा 149) समेत आर्म्स एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार को एनएसए अवधि खत्म होने के बाद दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति दी है। इसके साथ ही अदालत ने सुरक्षा कारणों को देखते हुए ट्रायल की कार्यवाही को वर्चुअल मोड में चलाने की इजाजत भी दी है।