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जल गुणवत्ता निगरानी को मिली मजबूती: जल वाहिनियों का चौथा रिफ्रेशर प्रशिक्षण सफल

जल गुणवत्ता निगरानी को मिली मजबूती: जल वाहिनियों का चौथा रिफ्रेशर प्रशिक्षण सफल मनेन्द्रगढ़/एमसीबी ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने की दिशा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत जल वाहिनियों का चौथा रिफ्रेशर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। विकासखंड खड़गवां के ग्राम पंचायत पेंड्री, बोडेमुड़ा, रतनपुर, कोचका, बेल्कामर, गिधमुड़ी, लकरापारा, कटकोना, मंगोरा एवं उधनापुर में चरणबद्ध रूप से आयोजित इस प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में जल वाहिनियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को फील्ड टेस्ट किट (FTK) के माध्यम से जल गुणवत्ता जांच की पूरी प्रक्रिया सिखाई गई। पानी में मौजूद रासायनिक एवं भौतिक तत्वों की पहचान, मानकों का परीक्षण और परिणामों के विश्लेषण की विधियों पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, नियमित जांच के जरिए जल स्रोतों की सतत निगरानी के महत्व को भी समझाया गया। विशेषज्ञों ने डायरिया, टाइफाइड और हैजा जैसी जल जनित बीमारियों के खतरों और उनके बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। जल वाहिनियों को अपने-अपने गांवों में स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। कार्यक्रम में व्यवहारिक प्रशिक्षण को प्रमुखता दी गई, जिसमें प्रतिभागियों ने स्वयं FTK किट से जल परीक्षण कर अपनी दक्षता बढ़ाई। साथ ही, जल गुणवत्ता रजिस्टर संधारण, परीक्षण रिपोर्ट तैयार करने और WQMIS पोर्टल पर डेटा एंट्री की प्रक्रिया का भी प्रशिक्षण दिया गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जल वाहिनियों की कार्यक्षमता में वृद्धि हो रही है और वे ग्रामीण स्तर पर जल गुणवत्ता निगरानी में अहम भूमिका निभा रही हैं। भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल तकनीकी सशक्तिकरण का माध्यम बना, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुरक्षा और जनजागरूकता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है।

इंदिरापुरम के कनावनी में आग का तांडव, 4 घंटे की मशक्कत के बाद काबू

गाजियाबाद  उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र के कनावनी इलाके में गुरुवार दोपहर एक भयावह आग की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। खाली प्लॉट पर बनी करीब 125 झुग्गियां आग की चपेट में आ गईं और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि करीब 200 मीटर दूर तक उनकी तपिश महसूस की गई। इस हादसे में 50 से अधिक छोटे-बड़े गैस सिलेंडर विस्फोट के साथ फट गए, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। कई परिवारों के आशियाने जलकर राख हो गए और करीब 125 परिवार बेघर हो गए। घटना के दौरान अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने बच्चों व सामान की तलाश में इधर-उधर भागते नजर आए। 200 मीटर तक महसूस हुई आग की तपिश आग इतनी भीषण थी कि उसकी गर्मी और लपटें दूर-दूर तक महसूस की जा रही थीं। लगातार एक के बाद एक 50 से अधिक गैस सिलेंडरों में विस्फोट हुआ, जिसकी आवाजें आसपास के इलाकों तक सुनाई दीं। धमाकों के चलते स्थिति और भी भयावह हो गई और लोग जान बचाने के लिए झुग्गियों से बाहर निकलकर भागने लगे। 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू सूचना मिलते ही फायर विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शुरुआत में वैशाली, साहिबाबाद और कोतवाली फायर स्टेशन से दमकल गाड़ियां भेजी गईं, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए मेट्रोसिटी, लोनी और गौतमबुद्ध नगर से भी अतिरिक्त फायर टेंडर बुलाए गए। कुल मिलाकर 22 फायर टेंडर्स की मदद से करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। झुग्गी बस्ती में मचा हाहाकार, लोग बच्चों को खोजते रहे कनावनी गांव के किनारे टिन शेड से बनी इस बस्ती में हजारों लोग अपने परिवारों के साथ रहते हैं। आग लगने के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। लोग अपने बच्चों, बुजुर्गों और जरूरी सामान को ढूंढते नजर आए। कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे, लेकिन तब तक उनका घर और सामान पूरी तरह जल चुका था। 20 से अधिक बच्चों के लापता होने की सूचना घटना के दौरान शुरुआती सूचना में 20 से अधिक बच्चों के लापता होने की बात सामने आई थी, जिससे अफरा-तफरी और बढ़ गई। हालांकि पुलिस ने बाद में स्पष्ट किया कि सभी बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है और किसी के फंसे होने की पुष्टि नहीं हुई है। नोएडा तक दिखा धुएं का गुबार आग की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि धुएं का विशाल गुबार दूर नोएडा तक दिखाई दिया। आसपास के इलाकों में भी धुआं फैलने से लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई। जांच में जुटी टीम, आग के कारणों की तलाश जारी फायर विभाग और पुलिस प्रशासन ने आग पर काबू पाने के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता सभी प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और नुकसान का आकलन करने की है।  

आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय निपनिया रीवा का दीक्षांत समारोह उत्सव आयोजित

आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय निपनिया रीवा द्वारा आयोजित किया गया दीक्षांत समारोह उत्सव भोपाल  शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय निपनिया रीवा के BAMS बैच 2019 का तथा MD बैच 2022 दीक्षांत समारोह ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय के दरबार सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने सभी छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र, पदक प्रदान कर आशीर्वाद प्रदान किया उनके उज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा आने वाला कल आयुर्वेद का है। स्वस्थ भारत की कल्पना आयुर्वेद के बिना नही की जा सकती। मध्यप्रदेश सरकार आयुर्वेद के विकास के लिए संकल्प बद्ध है। कार्यक्रम मे 65 स्नातक एवं 4 स्नातकोत्तर कनिष्ठ चिकित्सकों के दीक्षांत समारोह मे मेधावी छात्रों डॉ. शालिनी शुक्ला, डॉ. अनुष्का सहाय, डॉ सुशांत तिवारी का सम्मान किया गया! बिशिष्ट अतिथि श्रीमती अर्पिता अवस्थी प्राचार्या टीआरएस कॉलेज, विशिष्ट अतिथि श्रीमान व्यंकटेश पांडेय माननीय अध्यक्ष नगर निगम रीवा, राजगोपालाचारी मिश्र जी, इंजी विवेक दुबे जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्राचार्य डॉ दीपक कुलश्रेष्ठ द्वारा स्वागत भाषण के साथ छात्रों को चरक शपथ दिलाई गयी। दीक्षांत समारोह संचालन समिति के अध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश व्दिवेदी ने अंत में सभी अतिथिगणों, अधिकारियों, अभिभावकों,छात्र छात्राओं एवम कर्मचारियों का आभार का आभार व्यक्त किया। मंच का संचालन डॉ. रामरक्षा शुक्ला एवम डॉ अर्चना सिंह व्दारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. उषा दुबे, डॉ. प्रभंजन आचार्य, डॉ. नारायण तिवारी, डॉ. जिनेश जैन, डॉ. संजीव खुजे, डॉ. विवेक श्रीवास्तव, डॉ. लोकेश, डॉ निशा, डॉ. आशुतोष द्विवेदी, डॉ. प्रीतू तिवारी, डॉ नीलेश पटेल, डॉ. पवन गर्ग, डॉ. राजीव, डॉ. अरविंद, डॉ. ओ.पी. शुक्ला उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन छात्राओं द्वारा वंदे मातरम से किया गया।  

छत्तीसगढ़ में पहुंची झारखंड आवास बोर्ड की टीम, आवासीय योजनाओं और प्रक्रियाओं का करेगी अवलोकन

रायपुर झारखंड राज्य आवास बोर्ड की 6 सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम अध्ययन प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंची है। यह दल 15 से 18 अप्रैल 2026 तक राज्य में प्रवास कर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की आवासीय योजनाओं, नियमों, प्रक्रियाओं और नवाचारों का विस्तृत अध्ययन करेगा। आज छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा अध्ययन दल को योजनाओं, नीतियों और कार्यप्रणाली से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान अपर आयुक्त श्री हर्ष कुमार जोशी ने तकनीकी विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्य संपदा अधिकारी श्री सुनील कुमार सिंह ने संपत्ति प्रबंधन, मार्केटिंग, विक्रय प्रणाली एवं आईटी आधारित प्रक्रियाओं की जानकारी साझा की। वहीं मुख्य लेखा अधिकारी श्रीमती पूजा मिश्रा शुक्ला ने वित्तीय प्रबंधन पर प्रकाश डाला। उपायुक्त श्री बी.बी. सिंह एवं कार्यपालन अभियंता श्री संदीप साहू ने भी तकनीकी पहलुओं और कार्यप्रणाली से दल को अवगत कराया। अध्ययन दल को यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी और मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव के मार्गदर्शन में आम नागरिकों को किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। प्रमुख उपलब्धियों में पिछले एक वर्ष में 1100 करोड़ रुपए की 5145 संपत्तियों का विक्रय, ओटीएस-2 के तहत 174 करोड़ रुपए की 1105 पुरानी संपत्तियों का निस्तारण, आबंटी पोर्टल एवं एआई चैटबोट की सुविधा शामिल है। साथ ही पिछले दो वर्षों में 3050 करोड़ रुपए की लागत से 78 आवासीय परियोजनाओं की शुरुआत तथा 7 रि-डेवलपमेंट परियोजनाओं के प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए। उल्लेखनीय है कि झारखंड राज्य आवास बोर्ड द्वारा वर्ष 2000 के अधिनियम में संशोधन या नए कानून के निर्माण के उद्देश्य से इस अध्ययन दल का गठन किया गया है। दल आवासीय क्षेत्रों में अवैध व्यावसायिक उपयोग को “मिश्रित उपयोग” में परिवर्तित करने की प्रक्रियाओं का भी अध्ययन कर रहा है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ और झारखंड दोनों राज्यों का गठन वर्ष 2000 में हुआ था, लेकिन छत्तीसगढ़ में गृह निर्माण मंडल द्वारा आवासीय योजनाओं का विस्तार तेजी से किया गया, जिससे आम नागरिकों को किफायती दरों पर पक्के मकान उपलब्ध हो सके हैं।

यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज और सतत विकास लक्ष्य के लिए मुख्य सचिव जैन का प्रस्तावित मॉडल

यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज और सतत विकास लक्ष्य के लिए तैयार करे व्यावहारिक और भविष्योन्मुखी मॉडल : मुख्य सचिव जैन मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के रोडमैप के लिए दो दिवसीय संयुक्त परामर्श बैठक में किया जाएगा मंथन भोपाल  मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (यूएचसी) एवं सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) के रोडमैप के निर्माण एवं कार्यान्वयन के लिए भोपाल में संयुक्त परामर्श बैठक आयोजित हुई। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा आयोजित 2 दिवसीय उच्च स्तरीय संयुक्त परामर्श बैठक के प्रथम दिवस में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अशोक बर्णवाल, छत्तीसगढ के स्वास्थ्य सचिव, केंद्र सरकार एवं दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ के मुख्य सचिव विकास शील वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि विभिन्न विशेषज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स के संयुक्त परामर्श से व्यावहारिक और भविष्योनुमुखी मॉडल तैयार किए जायेंगे। सतत विकास लक्ष्य एवं यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज सुनिश्चित करने के लिए समस्त घटकों पर आधारित 'रोडमैप' तैयार करने में सहायता प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि प्राप्त सुझावों से रोडमैप तैयार कर उनका चरणबद्ध क्रियान्वयन मध्यप्रदेश में सुनिश्चित किया जायेगा। परामर्श बैठक में राज्यों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने और एसडीजी लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु रणनीतिक रोडमैप पर विस्तृत चर्चा की गई। दोनों राज्यों ने स्वास्थ्य सेवाओं एवं सूचकांकों की अद्यतन स्थिति एवं विगत वर्षों की कार्ययोजना एवं हुए सुधार पर प्रस्तुत्तीकरण दिया। संयुक्त परामर्श बैठक में वर्ल्ड बैंक, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन, विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधि, डेवलपमेंट पार्टनर्स, अशोक यूनिवर्सिटी एवं अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।  

बिना पंजीकरण प्रचार पर सीजीरेरा की सख्त कार्रवाई

बिना पंजीकरण प्रचार पर सीजीरेरा की सख्त कार्रवाई “डेला रेसकोर्स एंड इंटरनेशनल पोलो क्लब” प्रोजेक्ट पर क्रय-विक्रय व पंजीयन पर अंतरिम रोक रायपुर छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजीरेरा) ने बिना पंजीकरण रियल एस्टेट परियोजना के प्रचार-प्रसार के मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए “डेला रेसकोर्स एंड इंटरनेशनल पोलो क्लब” परियोजना पर क्रय-विक्रय एवं पंजीयन पर अंतरिम (प्रारंभिक) रोक लगा दी है। प्राधिकरण द्वारा प्रकरण क्रमांक एसएम-यूआरपी-2026-03599 में संज्ञान लेते हुए पाया गया कि नया रायपुर के सेक्टर-37 स्थित लगभग 55 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित उक्त परियोजना के प्रमोटर द्वारा रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 3 का उल्लंघन किया गया है। जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित प्रमोटर ने बिना रेरा पंजीकरण प्राप्त किए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर परियोजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया और आम नागरिकों को बुकिंग के लिए आमंत्रित किया। यह कृत्य अधिनियम के स्पष्ट प्रावधानों के विपरीत है, जिसके अनुसार बिना पंजीकरण किसी भी रियल एस्टेट परियोजना का विज्ञापन, विपणन या विक्रय प्रतिबंधित है। सीजीरेरा द्वारा नियमित निगरानी के दौरान उक्त विज्ञापन संज्ञान में आने पर प्रकरण दर्ज किया गया। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया उल्लंघन प्रमाणित पाए जाने पर प्राधिकरण ने अपने वैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए परियोजना से संबंधित सभी प्रकार के भूखंड, मकान एवं इकाइयों के क्रय-विक्रय और पंजीयन पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश जारी किया है। इस संबंध में जिला पंजीयक एवं उप-पंजीयक, रायपुर को निर्देशित किया गया है कि उक्त परियोजना से जुड़े किसी भी विक्रय विलेख का पंजीयन आगामी आदेश तक स्वीकार न किया जाए और आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। प्राधिकरण ने आम नागरिकों को सलाह दी है कि किसी भी रियल एस्टेट परियोजना में निवेश करने से पहले उसकी रेरा पंजीयन स्थिति की जांच अवश्य करें, ताकि किसी भी प्रकार के वित्तीय या कानूनी जोखिम से बचा जा सके।

मंत्री परमार ने क्लाइमेट चेंज एंड बायोडायवर्सिटी विषयक राष्ट्रीय वेबीनार पर आधारित पुस्तिका का किया विमोचन

भोपाल. उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने भोपाल स्थित निवास कार्यालय पर गुरुवार को शासकीय श्यामाप्रसाद मुखर्जी विज्ञान एवं वाणिज्य महाविद्यालय भोपाल में आयोजित “क्लाइमेट चेंज एंड बायोडायवर्सिटी” विषयक राष्ट्रीय वेबीनार पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर मंत्री परमार ने, महाविद्यालय के शैक्षणिक व बौद्धिक प्रयासों की सराहना करते हुए, इसे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए प्रेरणादायी पहल बताया। इस अवसर पर मप्र हिंदी ग्रंथ अकादमी के निदेशक अशोक कड़ेल, प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति के अध्यक्ष डॉ रविंद्र कान्हेरे, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शालिनी सक्सेना, वनस्पति शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ कीर्ति जैन, गणित विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ राजेश श्रीवास्तव, डॉ. एस डी सिंह एवं डॉ एस के मल्होत्रा उपस्थित थे।

ऑपरेशन मुस्कान — संवेदनशीलता, तत्परता और तकनीक का समन्वय

भोपाल.  हर बच्चे की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है” के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित “ऑपरेशन मुस्कान” के अंतर्गत प्रदेशभर में सतत एवं सुनियोजित कार्रवाई करते हुए उल्लेखनीय सफलताएं प्राप्‍त की जा रही हैं। आधुनिक तकनीक, सशक्त मुखबिर तंत्र एवं पुलिस टीमों के समन्वित प्रयासों से विभिन्न जिलों की पुलिस ने प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों तक पहुंचकर गुमशुदा/अपहृत नाबालिगों को सुरक्षित दस्तयाब कर उनके परिजनों से मिलाया है। इस अभियान के दौरान गुमशुदा एवं अपहृत नाबालिगों की प्राथमिकता के आधार पर तलाश सुनिश्चित की गई, वहीं साइबर तकनीक, कॉल डिटेल एवं लोकेशन ट्रैकिंग का प्रभावी उपयोग करते हुए मामलों को त्वरित रूप से सुलझाया गया। अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय के माध्यम से जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, गुजरात, दिल्ली एवं उत्तरप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में दबिश देकर नाबालिगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई। दस्तयाब किए गए बच्चों की काउंसलिंग कर उनका सुरक्षित पुनर्वास किया गया, वहीं प्रकरणों में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही भी की गई है। डिण्डौरी : डिण्डौरी पुलिस ने 03 वर्ष से लापता नाबालिग बालिका को जम्मू-कश्मीर के जिला कठुआ से सकुशल दस्तयाब किया। सीधी : सीधी पुलिस द्वारा दो अलग-अलग प्रकरणों में उत्कृष्ट कार्यवाही करते हुए तेलंगाना राज्य (जिला मेडचल) से दो नाबालिग किशोरियों को सुरक्षित बरामद किया गया। एक प्रकरण में बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वहीं दूसरे प्रकरण में रोजगार की तलाश में गई किशोरी को खोजकर काउंसलिंग उपरांत परिजनों को सौंपा गया। देवास : थाना उदयनगर पुलिस ने गुजरात (राजकोट एवं मोरबी) से 02 नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया। दोनों बालिकाएं अलग-अलग प्रकरणों में लापता थीं, जिनकी तलाश हेतु विशेष टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई की गई। टीकमगढ़ : टीकमगढ़ पुलिस ने मुस्कान अभियान के तहत दिल्ली एवं मथुरा से 02 नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित दस्‍तयाब किया। साथ ही आरोपियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की गई है। राजगढ़ : नरसिंहगढ़ पुलिस ने अपहृत नाबालिग बालिका को अहमदाबाद (गुजरात) से दस्तयाब कर आरोपी को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई अंतरराज्यीय समन्वय एवं तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से संभव हो सकी। अनूपपुर : अनूपपुर की कोतवाली पुलिस द्वारा 15 वर्षीय अपहृत नाबालिग बालिका को कर्नाटक से सकुशल दस्तयाब किया गया तथा बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया। मध्यप्रदेश पुलिस बच्चों एवं किशोरियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत निरंतर कार्यवाही कर रही है, जिससे समाज में सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण मजबूत हो रहा है। मध्‍यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि यदि किसी भी नाबालिग/व्यक्ति के गुम होने की जानकारी प्राप्त हो तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर सूचित करें। आपकी सतर्कता किसी परिवार को पुनः मुस्कान दे सकती है।  

नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर: निर्मला भूरिया

भोपाल.  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लाए गए 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सकारात्मक कदम बताते हुए इसे मील का पत्थर निरूपित किया है। सुभूरिया गुरुवार को उज्जैन में जिला स्तरीय नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महिलाओं को संबोधित कर रही थीं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश भर में चल रहे नारी शक्ति वंदन जागरूकता अभियान की सफलता को रेखांकित करते हुए मंत्री सुभूरिया ने इस आयोजन को नारी शक्ति के उत्थान का प्रतीक बताया। उन्होंने अधिनियम की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संसद में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने वाले इस कानून से न केवल नारी शक्ति का नेतृत्व सुदृढ़ होगा, बल्कि विधायी और संसदीय कार्यक्षेत्र में उनकी भागीदारी भी प्रभावी ढंग से बढ़ेगी। उन्होंने महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि अब देश के नीति निर्धारण में मातृशक्ति की भूमिका और भी निर्णायक होने वाली है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही नगर निगम सभापति कलावती यादव ने प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता की सराहना की। यादव ने इसे 'युगांतरकारी' परिवर्तन बताते हुए कहा कि महिलाओं के प्रति सरकार की यह संवेदनशीलता आज धरातल पर दिखाई दे रही है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से आह्वान किया कि वे इस अधिनियम और शासन की कल्याणकारी योजनाओं के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएं, जिससे समाज की अंतिम पंक्ति की महिला तक भी इनका लाभ पहुँच सके। इस दौरान उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि हासिल करने वाली मेरिट की छात्राओं को मंत्री सुनिर्मला भूरिया एवं सभापति कलावती यादव द्वारा सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। सम्मेलन का समापन एक भव्य और विशाल महिला जागरूकता रैली के साथ हुआ। मंत्री सुभूरिया और सभापति यादव ने न केवल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, बल्कि स्वयं भी सैकड़ों महिलाओं के साथ पूरे मार्ग पर पैदल मार्च किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों की महिला प्रतिभागी सम्मिलित हुईं।

राजनीतिक समीकरण में बड़ा बदलाव: 345 विधानसभा और 43 लोकसभा सीटों पर 33% महिला आरक्षण का असर

भोपाल  संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र आज बुलाया गया है। इसमें महिला आरक्षण और परिसीमन के बिलों को रखा जाएगा। इससे मध्यप्रदेश की राजनीति आने वाले वर्षों में बड़े बदलाव की ओर बढ़ सकती है। संसद के विशेष सत्र में प्रस्तावित 33% महिला आरक्षण और परिसीमन (डिलिमिटेशन) बिल लागू होने के बाद राज्य की चुनावी तस्वीर पूरी तरह बदलने की संभावना है। नई व्यवस्था के तहत मध्यप्रदेश विधानसभा की सीटें 230 से बढ़कर करीब 345 तक पहुंच सकती हैं। इसके साथ ही सदन में महिलाओं के लिए लगभग 114 सीटें आरक्षित होने की संभावना है, जिससे महिला प्रतिनिधित्व में ऐतिहासिक बढ़ोतरी होगी। अगर यह व्यवस्था लागू होती है तो मध्यप्रदेश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी कई गुना बढ़ जाएगी, जिससे सत्ता और संगठन दोनों के समीकरण बदल जाएंगे।  बहुमत का गणित भी बदलेगा सीटों की संख्या बढ़ने के बाद सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा भी बदल जाएगा। अभी जहां 116 सीटों पर बहुमत माना जाता है, वहीं नए परिसीमन के बाद यह बढ़कर करीब 174 सीटों तक पहुंच सकता है। कैबिनेट का आकार भी बढ़ सकता है विधानसभा की बढ़ी हुई संख्या का असर मंत्रिमंडल पर भी पड़ेगा। नियमों के अनुसार, सदन की कुल संख्या का लगभग 15% मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश में मंत्रियों की संख्या 35 से बढ़कर करीब 52 तक पहुंच सकती है। लोकसभा में भी बढ़ेगी मध्यप्रदेश की ताकत परिसीमन के बाद राज्य से लोकसभा सीटों की संख्या भी 29 से बढ़कर करीब 43 होने का अनुमान है। इनमें महिला सांसदों की संख्या भी मौजूदा 6 से बढ़कर लगभग 14 तक पहुंच सकती है। इन सभी प्रस्तावित बदलावों को 31 मार्च 2029 के बाद होने वाले चुनावों से लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है।  कैबिनेट का भी होगा विस्तार परिसीमन का असर सिर्फ सदन की सीटों तक सीमित नहीं रहेगा। नियमों के मुताबिक, विधानसभा की कुल संख्या का 15% हिस्सा मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। ऐसे में प्रदेश के कैबिनेट मंत्रियों की अधिकतम संख्या 35 से बढ़कर 52 हो जाएगी। यानी आने वाले समय में मध्य प्रदेश में मंत्रियों की एक बड़ी फौज नजर आएगी। लोकसभा के मोर्चे पर भी एमपी की ताकत बढ़ेगी। राज्य से लोकसभा सांसदों की संख्या 29 से बढ़कर 43 करने का प्रस्ताव है। इनमें महिला सांसदों की संख्या भी मौजूदा 6 से बढ़कर 14 होने की उम्मीद है। यह पूरा ढांचा 31 मार्च 2029 के बाद होने वाले चुनावों से प्रभावी होने की संभावना है।