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रूस की यूनिवर्सिटी में नफरत की वारदात: भारतीयों पर हमला, खून से बनाया गया स्वास्तिक

रूस रूस की एक यूनिवर्सिटी में चाकूबाजी की घटना में कम से कम चार भारतीय छात्र भी बुरी तरह घायल हो गए। इस घटना में कुल 8 लोगों क घायल होने की जानकारी है। घटना के बारे में कई हैरान करने वाली बातें भी पता चली हैं। बश्कोर्तोस्तान रिपब्लिक प्रांत के एक विश्वविद्यालय में एक किशोर ने हॉस्टल में घुसकर छात्रों पर अचानक हमला कर दिया। रूस के गृह मंत्रालय ने बताया है कि उसने कई छात्रों पर चाकू से वार किया। उसने खुद को भी नुकसान पहुंचाया है। नाबालिग था हमला करने वाला रूस की सरकार ने बताया कि जब पुलिस ने बीच बचाव की कोशिश को तो उसने जवानों पर भी हमला कर दिया। बताया गया है कि घायलों में से चार को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और एक ही हालत नाजुक है। वहीं हमलावर की उम्र सिर्फ 15 साल है। उसे एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच शुरू की है। हमले के दौरान वह होलोकॉस्ट का जिक्र कर रहा था। इसके अलावा उसने पीड़ितों के खून से दीवार पर स्वास्तिक का निशान भी बनाया। बता दें कि होलोकॉस्ट दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान लाखों यहूदियों की तहत्या को कहते हैं। एडोल्फ हिटल की नाजी पार्टी ने यहूदियों को यातना ग्रह में डाल दिया और लाखों यहूदियों की हत्या करवा दी। यूरोप में रहने वाले 10 में से सात यहूदी को मार दिया गया था। इसी सप्ताह संसद में सरकार ने बताया था कि विदेश में कितने भारतीय छात्रों की मौत हुई है। सरकार ने संसद में बताया कि 2018 से 2025 तक 17 छात्र कनाडा में और 9 छात्र अमेरिका में मारे गए हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया में एक छात्र की मौत हुई है। सरकार ने कहा कि विदेश में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। किसी भी घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय दूतावास तुरंत सक्रिय हो जाता है और प्रयास करता है कि आरोपियों को सजा मिले  

गाजा में इजरायल का घातक एयरस्ट्राइक, 3-मंजिला इमारत को किया निशाना, खौफनाक दृश्य कैमरे में कैद

गाजा सीजफायर लागू होने के बावजूद इजरायली सेना ने पूर्वी गाजा सिटी के जैतून इलाके में एक रिहायशी क्षेत्र को निशाना बनाते हुए एयरस्ट्राइक की. रिपोर्ट के मुताबिक हमला असकुला जंक्शन के पास स्थित तीन मंजिला इमारत पर किया गया. हमले के बाद इलाके में आग की लपटें और घना धुआं उठता देखा गया, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई. यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका प्रशासन ने जनवरी में घोषणा की थी कि युद्धविराम समझौते का दूसरा चरण शुरू हो चुका है. इस चरण में गाजा से इजरायली सेना की अतिरिक्त वापसी और पुनर्निर्माण कार्यों की शुरुआत शामिल है. संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि गाजा के पुनर्निर्माण पर करीब 70 अरब डॉलर का खर्च आ सकता है. अक्टूबर 2023 में शुरू हुई इजरायली सैन्य कार्रवाई एक साल से अधिक समय तक चली थी. इस अभियान में गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार करीब 72 हजार फिलिस्तीनी मारे गए और 1.71 लाख से अधिक घायल हुए. इसके अलावा गाजा के लगभग 90 प्रतिशत बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा या वह नष्ट हो गया.   युद्धविराम लागू होने के बाद भी हालात पूरी तरह शांत नहीं हुए हैं. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इस अवधि में इजरायली कार्रवाइयों में 574 लोगों की मौत हुई और 1,518 अन्य घायल हुए हैं. इन आंकड़ों के सामने आने के बाद समझौते के पालन और क्षेत्र में स्थिरता को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं.   फिलहाल क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर स्थिति पर टिकी है. आगे की घटनाओं और प्रतिक्रियाओं का इंतजार किया जा रहा है, जबकि युद्धविराम के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.

सऊदी अरब में शराब पर लगेगी नई छूट, क्राउन प्रिंस ने दिया फरमान, खुली पहली शराब की दुकान

रियाद सऊदी अरब ने चुपचाप अमीर विदेशी निवासियों को शराब खरीदने की इजाजत देना शुरू कर दिया है। यह खुलासा बीबीसी ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है। इसमें कहा गया है कि सऊदी अरब ने 73 साल पहले शराब पर प्रतिबंध लगाया था। इसे सऊदी अरब के कानूनों में बहुत बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले सऊदी अरब ने विदेशी डिप्लोमेट्स को शराब खरीदने और उसका सेवन करने की इजाजत दी थी। हालांकि, सऊदी अरब में आज भी आम लोगों और मध्यम या गरीब तबके को शराब खरीदने या उसका सेवन करने की इजाजत नहीं है। सऊदी अरब में शराब की बिक्री पर कब लगा था प्रतिबंध सऊदी अरब इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों का घर है। उसने 1952 में शराब की बिक्री पर बैन लगा दिया था। लेकिन अपनी छवि को बदलने के बड़े प्रयास के तहत, सऊदी अरब ने हाल के सालों में बड़े सामाजिक और आर्थिक सुधार किए हैं। उसने खुद को एक ज्यादा उदार और निवेश-अनुकूल देश के रूप में पेश करने का प्रयास भी किया है। ये बदलाव क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के नेतृत्व में आए हैं, जो सऊदी अरब के प्रधानमंत्री हैं, लेकिन उन्हें किंगडम के असली शासक माना जाता है। सऊदी अरब में हो रहे बदलावों को जानें क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के नेतृत्व में सऊदी अरब में सिनेमाघर फिर से खोले गए हैं, बड़े म्यूजिक फेस्टिवल और फैशन शो आयोजित किए हैं, महिलाओं के ड्राइविंग पर बैन हटाया है, और धार्मिक पुलिस की शक्तियों को कम किया गया है। हालांकि शराब की बिक्री से प्रतिबंध हटाने का फैसला सबसे बड़ा और साहसिक कदम माना जा रहा है। सऊदी अरब में शराब की बिक्री शुरू सऊदी अरब में शराब की पहली दुकान जनवरी 2024 में रियाद में खुली थी। लेकिन, शुरुआत में इसमें खरीदारी की सिर्फ गैर-मुस्लिम डिप्लोमैट्स को ही इजाजत दी गई थी। अब रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 के आखिर में बिना किसी घोषणा के लागू किए गए नए नियमों के तहत, अमीर, गैर-मुस्लिम विदेशी निवासी अब बीयर, वाइन और स्पिरिट खरीदने के लिए वहां जा सकते हैं। सऊदी अरब में शराब खरीदने की योग्यता क्या है रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब में शराब खरीदने के लिए योग्यता एक विदेशी के पास या तो प्रीमियम रेजिडेंसी परमिट होना चाहिए, जिसकी कीमत सालाना 100,000 सऊदी रियाल ($27,000; £19,300) है; या यह दिखाना होगा कि वह हर महीने कम से कम 50,000 रियाल कमाता है। प्रीमियम रेजिडेंसी स्कीम के लिए अलग-अलग योग्यता मानदंड हैं, और यह आमतौर पर सीनियर विदेशी अधिकारियों, निवेशकों और खास स्किल्स वाले प्रोफेशनल्स के लिए खुली है।  

FASTag से आगे की तकनीक: बिना टोल प्लाजा के कटेगा अब टोल टैक्स

नई दिल्ली देश में हाईवे नेटवर्क तेजी से फैल रहा है और रोज लाखों वाहन लंबी दूरी तय करते हैं. लेकिन टोल प्लाजा पर रुकना यात्रियों के सफर को स्लो कर देता है. फास्टैग के बाद भी कई जगह कतारें, जाम और समय की बर्बादी आम है. अब इस परेशानी का समाधान नई तकनीक से किया जा रहा है.  देश का पहला बिना बैरियर वाला टोल बूथ गुजरात के सूरत में शुरू किया गया है. यहां वाहन बिना रुके निकल जाएंगे और टोल अपने आप कट जाएगा. इस सिस्टम में हाई रिजोल्यूशन कैमरे, जीपीएस और ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है. यानी अब टोल देने का तरीका पूरी तरह डिजिटल और स्मूथ होने जा रहा है. जान लें पूरी खबर. बिना टोल प्लाजा के टोल कलेक्शन नए टोल प्लाजा सिस्टम में टोल प्लाजा पर बैरियर नहीं होगा. सड़क पर लगे हाई रिजोल्यूशन कैमरे हर गुजरने वाले वाहन की नंबर प्लेट पढ़ेंगे. अगर गाड़ी पर फास्टैग नहीं भी है. तब भी नंबर प्लेट के जरिए वाहन की पहचान हो जाएगी. सिस्टम इसे टोल उल्लंघन के तौर पर दर्ज करेगा और वाहन मालिक को ई चालान भेजा जाएगा.  हर लेन में रडार और लिडार आधारित कैमरे 360 डिग्री रिकॉर्डिंग करेंगे. पूरा डेटा कंट्रोल रूम और एनएचएआई सर्वर पर रियल टाइम दर्ज होगा. यानी कोई भी वाहन बिना पेमेंट के नहीं निकल सकेगा. यह टेक्नोलॉजी दुबई, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में पहले से ही इस्तेमाल की जा रही है फास्टैग है लेकिन बैलेंस कम है तो क्या होगा? अगर आपकी गाड़ी में  फास्टैग लगा है लेकिन उसमें बैलेंस कम है या ब्लैकलिस्टेड है. तब भी सिस्टम उसे पहचान लेगा. ऐसे मामलों में वाहन को डिफॉल्टर के रूप में दर्ज किया जाएगा. वाहन मालिक को एसएमएस और ऐप के जरिए अलर्ट मिलेगा. तय समय के भीतर रिचार्ज न करने पर ई चालान जारी होगा.  जानबूझकर टोल चोरी करने की कोशिश करने वालों पर भी यह सिस्टम नजर रखेगा. कैमरे हर एंगल से रिकॉर्डिंग करते हैं. इसलिए बच निकलना मुश्किल होगा. आने वाले समय में यह बिना बैरियर वाला टोल सिस्टम देश के बाकी हाईवे पर भी लागू किया जा सकता है. इससे सफर तेज और आसान हो जाएगा. 

अग्नि-3 मिसाइल की शक्तिशाली दहाड़, पूरी बंगाल की खाड़ी में हलचल, चीन-पाक के पास नहीं है कोई सशक्त प्रतिद्वंदी

भुवनेश्वर  भारत ने  सुबह ओडिशा के तट से एक ऐसा धमाका किया है, जिसकी गूंज ने सीमा पार बैठे दुश्मनों के बंकरों को हिला कर रख दिया है. भारत ने अपनी घातक इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) ‘अग्नि-3’ का सफल परीक्षण किया. इसकी सफलता ने चीन और पाकिस्तान को सीधा मैसेज भेजा है कि अगर आंख दिखाई, तो घर में घुसकर मारेंगे. इस मिसाइल को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से जब स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड ने दागा. रक्षा सूत्रों ने बताया कि लॉन्च के दौरान सभी ऑपरेशनल और टेक्निकल पैरामीटर्स 100% सटीक पाए गए. DRDO द्वारा तैयार किया गया यह ‘ब्रह्मास्त्र’ अब पूरी तरह से अपने शिकार को तबाह करने के लिए तैयार है. बीजिंग और रावलपिंडी की ‘डेथ रेंज’ में एंट्री- इस परीक्षण ने पड़ोसी मुल्कों में खलबली मचा दी है. यह मिसाइल सिर्फ दिखावे के लिए नहीं है, बल्कि इसकी रेंज इतनी भयानक है कि पाकिस्तान का कोना-कोना इसकी जद में है. वहीं, अपनी विस्तारवादी सोच रखने वाला चीन भी अब सुरक्षित नहीं है. अग्नि-3 की मारक क्षमता चीन के बीजिंग और शंघाई जैसे प्रमुख शहरों तक तबाही मचाने का दम रखती है. मध्यम दूरी की मिसाइल स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड ने ओडिशा के चांदीपुर के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से सफलतापूर्वक टेस्ट फायर किया. रक्षा सूत्रों की ओर से बताया गया कि लॉन्च में सभी ऑपरेशनल और टेक्निकल पैरामीटर्स सही पाए गए. बताते चलें कि भारत की मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM – Intermediate Range Ballistic Missile) है. इसे डीआरडीओ ने विकसित किया है. अग्नि रेंज की मिसाइलों का लगातार परीक्षण हाल के दिनों में अग्नि सीरीज़ की दूसरी मिसाइलों का परीक्षण किया गया है. इसमें इसके अपग्रेडेड वेरिएंट भी शामिल हैं, का टेस्ट-फायर किया गया है. बता दें कि इन सब परीक्षण के बावजूद अग्नि-3 भारत की रक्षा ताकत में एक स्ट्रेटेजिक महत्व रखती है. यह मिसाइल दो-स्टेज वाला सिस्टम है जो सॉलिड फ्यूल से चलता है. पहला स्टेज जलने के बाद, दूसरा स्टेज जलता है ताकि मिसाइल अपने रास्ते पर आगे टारगेट की ओर बढ़े, जिससे स्टेबिलिटी और एक्यूरेसी पक्की होती है. अग्नि-3 का रेंज कितनी है अग्नि-3 दो-चरण की ठोस ईंधन वाली मिसाइल है. इसमें 1.5 टन तक का परमाणु या पारंपरिक वॉरहेड ले जाने की क्षमता है. साथ ही बताया गया कि इसकी अधिकतम रेंज 3,500 किलोमीटर होती है. हालांकि, अभी तक इसकी 3,000 से 3,200 किलोमीटर तक की रेंज में सफल परीक्षण हुआ है. इसकी विशेषताओं के बारे में बात करें तो-     लंबाई: इसकी लंबाई लगभग 17 मीटर तक है.     वजन: अग्नि-3 का वजन लगभग 48-50 टन है.     गति: यह मैक 7-8 यानी कि ध्वनि की गति से 7 से 8 गुना उड़ान भरने की क्षमता रखती है.     लक्ष्य सटीकता:  इसकी Circular Error Probable 40 मीटर से कम बताया जाता रहा है. पड़ोसी देश के कई शहर जद में मिसाइल पाकिस्तान के अधिकांश हिस्सों और चीन के कई महत्वपूर्ण शहरों जैसे बीजिंग तक नहीं, लेकिन शंघाई, चोंगकिंग आदि तक को कवर कर सकती है. वहीं, इसके जद में पाकिस्तान के अधिकांश शहर हैं. बताते चलें कि अग्नि-3 को 2006 के बाद कई बार सफलतापूर्वक परीक्षिण किया गया है. हालांकि, यह अग्नि-4 और अग्नि-5 की तुलना में छोटी लेकिन बहुत प्रभावी मिसाइल है.

‘गजवा-ए-हिंद’ के नारे का खुलासा, ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जैश आतंकी ने किया बड़ा कबूल

 नई दिल्ली / इस्लामबाद  जैश-ए-मोहम्मद के टॉप आतंकी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा कबूलनामा किया है. आतंकी इलियास कश्मीरी ने खुलासा किया है कि पाकिस्तानी सेना के चीफ ने आतंकियों से कहा था कि ये गजवा ए हिंद है. पीओके के रावलकोट में पांच फरवरी को जैश के टॉप कमांडर इलियास कश्मीरी ने जैश के आतंकियों के बीच यह खुलासा किया. कश्मीरी ने कहा कि हमारे सिपहसालार ने युद्ध का ऐलान करते हुए कहा था कि ये युद्ध गजवा ए हिंद है.  कश्मीरी ने कहा कि जब जंग छिड़ गई, असलहा निकल आया. फाइटर जेट टकरा गईं, टैंक आमने-सामने खड़े हो गए. तब सिपहसालार ने ऐलान कर दिया कि ये गजावत उल हिंद है. ये बुनयान अल मरसूस है.  ये रैली जैश ए मोहम्मद में भर्ती किए गए आतंकियों के लिए की गई थी. इलियास कश्मीरी ने आतंकवाद फैलाने के लिए इन ट्रेंड आतंकियों के सामने ये कबूलनाम किया. इलियास कश्मीरी ने कहा हमारा नाम, हमारी पहचान, हमारा Motto जिहाद (आतंकवाद) है. उन्होंने कहा कि जब सरकार साथ थी, तब भी जेहाद जब सरकार साथ नहीं थी, तब भी जेहाद, जिहाद हमारा मकसद है. हम जेहाद करेंगे और कश्मीर को आजाद करवाएंगे. बता दें कि इलियास कश्मीरी वही आतंकी है, जिसने सबसे पहले खुलासा किया था कि सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जैश आतंकी मौलाना मसूद अजहर का परिवार बहावलपुर में भारतीय हमले में मारा गया था. मालूम हो कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने अपने ऑपरेशन का नाम बुनयान अल मरसूस रखा था, जिसका मतलब होता है- शीशे जैसी मजबूत दीवार यानी एक ऐसी दीवार जो बहुत मजबूती से रक्षा करती है. इस नाम के साथ पाकिस्तान खुद को दुनिया के सामने मजबूत दिखाना चाहती थी. 

उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने बिथ्याणी (यमकेश्वर) स्थित महाविद्यालय का किया निरीक्षण

पौड़ी गढ़वाल. उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने बिथ्याणी (यमकेश्वर) स्थित महाविद्यालय का किया निरीक्षण   उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने उत्तराखंड प्रवास के दूसरे दिन गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी (यमकेश्वर) का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय परिसर में आम का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर सेना की 127 गढ़वाल इन्फेंट्री बटालियन के जवानों ने भारत मां की जय के नारों से माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। मौके पर उपस्थित स्थानीय लोगों ने भी भारत माता के साथ-साथ सीएम योगी के समर्थन में नारे लगाए। मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय परिसर का निरीक्षण भी किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने अपने गुरु राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। विद्यालय परिवार की तरफ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया गया।

विकसित भारत के संकल्प की दिशा में देश ने पकड़ी तेज रफ्तार: अमित शाह

जम्मू  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जम्मू में विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान, केन्द्रीय गृह मंत्री ने सड़क बुनियादी ढांचे, जल विद्युत परियोजनाओं, बिजली, उद्योग, पर्यटन, 4जी और ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विकास की व्यापक समीक्षा की। बैठक में जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला, केन्द्रीय गृह सचिव और केन्द्र सरकार और जम्मू और कश्मीर सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार, एक विकसित और समृद्ध जम्मू और कश्मीर के विजन के प्रति कटिबद्ध है। मोदी सरकार द्वारा विकास में तेजी लाने के लिए किए जा रहे निरंतर और समर्पित प्रयासों से जम्मू और कश्मीर में विकास परियोजनाओं में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। जम्मू कश्मीर को जल विद्युत परियोजनाओं की पूरी क्षमता को विकसित करने की जरूरत है। सरकार की जनकल्याण योजनाओं का 100% सैचुरेशन प्राप्त करना और सभी विकास परियोजनाओं का लाभ लाभार्थियों को मिलना सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि युवाओं को विकास के साथ जोड़ने के लिए स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और स्पोर्ट्स अकादमियों की स्थापना पर ध्यान दिया जाए। इस विषय में विभिन्न स्पोर्ट्स बॉडीज से बात करके लगभग 200 करोड़ रुपए के निवेश की कोशिश की जाएगी। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से जम्मू और कश्मीर में डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के प्रयास होने चाहिए। एक महत्वपूर्ण कदम के तहत, जम्मू और कश्मीर को पहली बार वित्त वर्ष 2025-26 में स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट योजना के दायरे में लाया गया है, जिससे पूंजीगत परियोजनाओं के लिए 50 साल के ब्याज-मुक्त ऋण मिल सकेंगे। गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मजबूत वित्तीय अनुशासन से समय के साथ केंद्रशासित प्रदेश के वित्तीय घाटे को स्थिर करने में मदद मिलेगी। अमित शाह ने कहा कि देश वर्ष 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है और भारत सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जम्मू और कश्मीर को पूरी सहायता देती रहेगी। गृह मंत्री अमित शाह का दौरा, भारत सरकार के जम्मू और कश्मीर के विकास, शांति और सुरक्षा को सर्वोच्च राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। –

रूस का बड़ा हमला: यूक्रेन पर दागीं 400 ड्रोन और 40 मिसाइलें, इस साल का सबसे घातक अटैक

कीव     रूस ने यूक्रेन पर इस साल का अब तक सबसे घातक हमला किया है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस के हमलों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने बताया कि रूस ने बीती रात यूक्रेन पर 400 से अधिक ड्रोन और लगभग 40 मिसाइलें दागीं, जिनका मुख्य निशाना देश की एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर रहा. खासतौर से बिजली उत्पादन इकाइयों, एनर्जी ग्रिड और वितरण सब-स्टेशनों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है. जेलेंस्की ने कहा कि वोलिन, इवानो-फ्रांकीव्स्क, लविव और रिव्ने क्षेत्रों में भी नुकसान के मामले सामने आए हैं, जहां रिव्ने में एक अपार्टमेंट भवन भी प्रभावित हुआ. वहीं, विनित्सिया क्षेत्र के लाडिज़िन शहर में ड्रोन हमले में एक सामान्य कॉलेज की प्रशासनिक इमारत को निशाना बनाया गया. कीव और खार्किव क्षेत्रों में भी हमले जारी हैं और कई स्थानों पर एयर डिफेंस ऑपरेशन अभी तक खत्म नहीं हुए हैं, जिससे स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस की बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर चिंता जताते हुए कहा कि मॉस्को हर दिन वास्तविक कूटनीति का विकल्प चुन सकता है, लेकिन वह निरंतर हमलों का रास्ता अपनाए हुए है. उन्होंने उन देशों पर जोर दिया जो त्रिपक्षीय बातचीत का समर्थन करते हैं, कि वे रूस की इस रणनीति पर सख्त प्रतिक्रिया दें. उन्होंने रूस को सर्दियों के दबाव को हथियार बनाने से रोकने पर भी बल दिया. इसके लिए यूक्रेन को पैट्रियट, NASAMS और अन्य एयर डिफेंस सिस्टम के लिए अधिक मिसाइलों की जरूरत है.  जेलेंस्की ने सभी इंटरनेशनल पार्टनर्स का धन्यवाद किया जो यूक्रेन की स्थिति को समझते हुए मदद प्रदान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हर एक शिपमेंट यूक्रेन को इस कठिन सर्दी से लड़ने में मदद करता है.

मद्रास उच्च न्यायालय का फैसला, अभिनेता विजय को 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना देना होगा

मद्रास   दक्षिण के अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय एक बार फिर विवादों में घिर चुके हैं। इस बार मद्रास उच्च न्यायालय ने अभिनेता को झटका देते हुए आयकर विभाग द्वारा 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना अदा करने के आदेश को बरकरार रखने का फैसला लिया है। अभिनेता ने मद्रास उच्च न्यायालय में आयकर विभाग द्वारा लगाए जुर्माने को गलत बताते हुए याचिका दायर की थी, लेकिन न्यायालय ने याचिका को खारिज करते हुए फैसले को बरकरार रखा है। दरअसल साल 2016-17 में अभिनेता ने आयकर रिटर्न दाखिल किया था और अपनी संपत्ति का विवरण देते हुए 35,42,91,890 रुपए की संपत्ति घोषित की थी। अभिनेता पर आरोप लगा कि उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है और असल संपत्ति छिपाने की कोशिश की। आयकर विभाग ने अभिनेता की संपत्ति की तुलना साल 2015 के दस्तावेजों से की, जिसमें पाया गया कि विजय ने कथित तौर पर फिल्म 'पुली' में अभिनय के लिए प्राप्त 15 करोड़ रुपए की आय को छुपाया था, जिसका खुलासा उन्होंने अपने आयकर रिटर्न में नहीं किया था। जिसके बाद साल 2022 में अभिनेता पर आयकर विभाग ने 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। अभिनेता ने जुर्माना न भरने का फैसला करते हुए आयकर विभाग द्वारा लगाए गए जुर्माने को मद्रास उच्च न्यायालय में चुनौती दी। आदेश को चुनौती देते हुए अभिनेता का दावा था कि आदेश 30 जून, 2019 से पहले पारित किया जाना चाहिए था, और चूंकि आदेश देरी से जारी किया गया था, इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए। मामले की सुनवाई के दौरान, उच्च न्यायालय ने जुर्माने की राशि के भुगतान पर अंतरिम रोक लगा दी थी, लेकिन अब न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति के समक्ष अंतिम सुनवाई में जुर्माने के फैसले को बरकरार रखने का फैसला लिया गया है। अब अभिनेता को 1.50 करोड़ रुपए भरने पड़ेंगे। इसके अलावा अभिनेता करूर भगदड़ मामले में भी फंसे हैं। अभिनेता से लगातार सीबीआई घटना को लेकर पूछताछ कर रही है। अभिनेता दो बार सीबीआई के सामने पेश हो चुके हैं। सीबीआई लगातार अभिनेता और उनकी पार्टी की करूर भगदड़ में भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि विजय के देरी से आने की वजह से भीड़ ज्यादा एकत्रित हो गई और उन्हें देखने के लिए जुटी भीड़ अचानक बेकाबू हो गई। हालांकि अभिनेता और पार्टी से जुड़े अधिकारियों ने आरोपों से इनकार किया है।उच्च न्यायालय ने फैसले को किया बरकरार मद्रास उच्च न्यायालय का फैसला, अभिनेता विजय को 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना देना होगा अभिनेता विजय पर 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना, मद्रास उच्च न्यायालय ने रखा फैसला जस का तस