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पाकिस्तान में रमजान के दौरान मुस्लिमों पर अत्याचार, भारत का अफगानिस्तान युद्ध पर स्पष्ट रुख

नई दिल्ली Pakistan-Afghanistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड लाइन पर जारी संघर्ष अब एक ऐसी स्थिति में पहुंच गया है जहां से वापसी का रास्ता कूटनीति के बजाय सैन्य ताकत तय कर रही है। शुक्रवार को काबुल, कंधार और पक्तिका में पाकिस्तानी वायुसेना की बमबारी ने पिछले साल कतर और तुर्की की कड़ी मेहनत से कराए गए संघर्षविराम की धज्जियां उड़ा दी हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने एक्स पर घोषणा करते हुए कहा, "हमारा धैर्य अब जवाब दे गया है। अब हमारे बीच खुला युद्ध है।" पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान आतंकवाद का निर्यात कर रहा है, जबकि अफगानिस्तान इसे पाकिस्तान की साम्राज्यवादी सोच करार दे रहा है। ताजा हवाई हमलों के बाद पाकिस्तान ने 130 से अधिक तालिबानी लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया है, जिसे वह रविवार को हुए अफ़गान हमलों का बदला बता रहा है। भारत का क्या है रुख? यद्यपि भारत ने इस ताजा झड़प अभी तक कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पिछला स्टैंड पूरी तरह स्पष्ट रहा है। भारत ने हमेशा से अफ़गानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया है और पाकिस्तान की आक्रामकता की निंदा की है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में जब तनाव बढ़ा था तब भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा था कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं का दोष अपने पड़ोसियों पर मढ़ने का पुराना अभ्यस्त है। आपको बता दें कि उस समय तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी भारतकी यात्रा पर थे। 22 फरवरी को जब पाकिस्तान ने नांगरहार और पक्तिका में हवाई हमले किए थे तब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कड़े शब्दों में कहा था, "भारत रमजान के पवित्र महीने के दौरान अफगान क्षेत्र पर पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित आम नागरिक मारे गए हैं।" भारत के साथ बढ़ता तालिबान का तालमेल पाकिस्तान की सबसे बड़ी चिंता अफगानिस्तान और भारत के बीच बढ़ती कूटनीतिक नजदीकी है। पिछले साल अक्टूबर में अफगान विदेश मंत्री मुत्ताकी और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक ने इस्लामाबाद को बेचैन कर दिया था। अपनी बौखलाहट में पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि अफगान धरती पर "भारतीय प्रॉक्सी" सक्रिय हैं, जिसे भारत ने निराधार और बेतुका बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया था। भारत का मानना है कि पाकिस्तान अफ़गानिस्तान द्वारा अपनी संप्रभुता का प्रयोग करने से चिढ़ा हुआ है।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ा तनाव, सऊदी को फोन कर पाकिस्तान ने जंग की संभावना जताई

काबुल पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. पाकिस्तान की ओर से 22 फरवरी को अफगानिस्तान में कथित TTP ठिकानों पर हमला किया गया था. अफगानिस्तान ने चेतावनी दी थी कि इसका पलटवार होगा. गुरुवार देर रात अफगान तालिबान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. सीमा पर गोलीबारी और मोर्टार अटैक हुए. जवाब में पाकिस्तान ने फिर हवाई हमले किए हैं. अफगानिस्तान की टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक अफगान सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान एयर फोर्स के लड़ाकू विमानों ने नंगरहार प्रांत में हवाई हमले किए. सुरक्षा सूत्रों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि पाकिस्तानी विमान अफगान हवाई क्षेत्र में घुस आया था, जिसे अफगान बलों ने निशाना बनाया और मार गिराया. हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है. अफगान पक्ष का कहना है कि पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पक्तिया जैसे इलाकों में भी बमबारी की. इस्लामिक अमीरात के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि पाकिस्तानी सैन्य शासन ने कुछ स्थानों पर हमले किए. हालांकि उन्होंने कहा कि इन हमलों में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ. वहीं पाकिस्तान का दावा है कि उसे पहले अफगान तालिबान की ओर से ‘बिना उकसावे की गोलीबारी’ का सामना करना पड़ा और जवाब में उसने कार्रवाई की. पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय और प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने कहा कि जवाबी कार्रवाई में अफगान तालिबान के 133 लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए. साथ ही कई सैन्य ठिकाने और गोला-बारूद डिपो नष्ट कर दिए गए. लेकिन अफगानिस्तान के नजरिए से देखा जाए तो मामला अलग है. काबुल का कहना है कि पाकिस्तान बार-बार सीमा पार हमले कर अफगान संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है. अफगान अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है बल्कि क्षेत्रीय शांति के लिए भी खतरा है. पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष पर चीन ने जताई चिंता अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी गोलीबारी पर चीन ने गहरी चिंता जताई है. चीन ने दोनों देशों से संयम बरतने और तुरंत युद्धविराम करने की अपील की है. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि दोनों पक्ष शांत रहें, हालात को न बढ़ाएं और जल्द से जल्द संघर्ष विराम लागू करें ताकि और खून-खराबा न हो. उन्होंने यह भी बताया कि चीन का विदेश मंत्रालय और पाकिस्तान व अफगानिस्तान स्थित उसके दूतावास दोनों देशों के संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं.  पाकिस्तान ने सऊदी को घुमाया फोन पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव के बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री से फोन पर बात की है. बातचीत में मौजूदा हालात और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की गई.  PM शहबाज शरीफ की गीदड़भभकी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि उनकी सेना किसी भी ‘आक्रामक मंसूबे’ को कुचलने की पूरी क्षमता रखती है. यह बयान उस रात के बाद आया जब इस्लामाबाद ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ हिस्सों में हवाई हमले किए. सीमा पार झड़पें शुक्रवार को और तेज हो गईं. पाकिस्तान ने हमलों के बाद काबुल के खिलाफ ‘खुली जंग’ का ऐलान कर दिया, जिससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है.  अफगानिस्तान-पाकिस्तान में पहले भी हुआ तनाव अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रिश्ते पिछले कुछ महीनों में लगातार बिगड़ते गए हैं. अक्टूबर में हुई घातक झड़पों में दोनों तरफ 70 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद से ज्यादातर जमीनी सीमा पार रास्ते बंद पड़े हैं. इस्लामाबाद अफगानिस्तान पर आरोप लगाता है कि वह पाकिस्तान में हमले करने वाले उग्रवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती है. कतर और तुर्की की मध्यस्थता में शुरुआती युद्धविराम के बाद कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समझौता नहीं हो सका है.  

बांग्लादेश में भूकंप के तेज झटके, पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में महसूस हुआ असर

कोलकाता पश्चिम बंगाल के कोलकाता सहित कई शहरों में शुक्रवार दोपहर (27 फरवरी) को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। बताया जा रहा है कि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.4 रही। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग दहशत के चलते घरों से बाहर आ गए। जानकारी के मुताबिक कोलकाता में दोपहर करीब 1.20 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए, जो रिपोट्स के अनुसार बांग्लादेश में केंद्रित भूकंप का नतीजा था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार यूरोपीय भूमध्यसागरीय भूकंपीय केंद्र (ईएमएससी) ने बताया कि शुक्रवार को बांग्लादेश में 5.4 तीव्रता का भूकंप आया। ईएमएससी ने बताया कि भूकंप का केंद्र 35 किलोमीटर (21.75 मील) की गहराई पर था। बांग्लादेश के ढाका के अगरगांव स्थित बीएमडी भूकंपीय केंद्र से दक्षिण-पश्चिम पश्चिम बंगाल में रिक्टर स्केल पर 5.4 तीव्रता का भूकंप आया। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी झटके महसूस किए गए। कोलकाता शहर से सामने आए वीडियो में लोग अपने घरों से बाहर भागते दिखाई दिए। 'सोफा और पंखा हिल रहे थे, हम भागने लगे' कोलकाता के एक स्थानीय ने बताया कि हम अपने सोफे पर बैठे थे, जब हमें अचानक झटके महसूस हुए। हम अपने घर से बाहर भागे। सोफा और पंखा हिल रहे थे, टेबल पर रखी एक बोतल नीचे गिर गई। हम सब नीचे भागे। फिलहाल अभी किसी नुकसान की खबर नहीं वहीं सोशल मीडिया पर भी भूकंप को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया सामने आई। यूजर्स ने बताया कि उन्होंने भूकंप के तेज झटके महसूस किए और अपने घरों में पंखे और अन्य चीजें हिलती हुई देखीं। फिलहाल अभी तक किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

नौसेना को मिली नई ताकत, युद्धपोत अंजदीप से मजबूत हुआ भारत का समुद्री सुरक्षा कवच

चेन्नई भारतीय नौसेना की समंदर में ताकत बढ़ चुकी है। नौसेना को एक और पनडुब्बी रोधी युद्धपोत अंजदीप मिल गया है। उथले पानी में काम करने की क्षमता वाले आठ पनडुब्बी रोधी युद्धपोतों की श्रृंखला का यह तीसरा युद्धपोत 27 फरवरी को चेन्नई में नौसेना में शामिल किया गया। इस समारोह में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी शामिल हुए। यह जहाज कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) ने स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया है। 'डॉल्फिन हंटर' के रूप में डिजाइन यह पोत 'डॉल्फिन हंटर' के रूप में कार्य करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाना, उनका पीछा करना और उन्हें नष्ट करना है। यह पोत स्वदेशी, अत्याधुनिक पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली से लैस है। चेन्नई बंदरगाह पर आयोजित एक आधिकारिक समारोह में एडमिरल त्रिपाठी ने नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों, सरकारी अधिकारियों और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में औपचारिक रूप से जहाज को कमीशन किया। किस पर रखा गया युद्धपोत का नाम अंजदीप? अंजदीप नाम कर्नाटक के कारवार तट के पास स्थित अंजदीप द्वीप के नाम पर रखा गया है। यह युद्धपोत 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ बना है। इससे देश की रक्षा निर्माण क्षमता को बल मिलेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी। अंजदीप नौसेना के इसी नाम वाले पुराने युद्धपोत का नया अवतार है। पुराना युद्धपोत 2003 में रिटायर हो गया था। 77 मीटर लंबे इस जहाज में एक हाई-स्पीड वाटर-जेट प्रोपल्शन सिस्टम लगा है, जो इसे त्वरित प्रतिक्रिया और निरंतर संचालन के लिए 25 समुद्री मील की अधिकतम गति प्राप्त करने में सक्षम बनाता है। नौसेना ने कहा कि कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स द्वारा निर्मित, आईएनएस अंजदीप एक अत्याधुनिक पोत है जिसे विशेष रूप से तटीय युद्ध वातावरण की चुनौतियों का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है। पनडुब्बी रोधी युद्ध की भूमिका के अलावा यह युद्धपोत तटीय निगरानी, कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों और खोज एवं बचाव अभियानों को अंजाम देने के लिए भी सुसज्जित है। मुख्य विशेषताएं     रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इसे डॉल्फिन हंटर के रूप में डिजाइन किया गया है।     जो तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बी का पता लगाकर उसे निष्क्रिय करने में सक्षम है।     करीब 77 मीटर लंबे इस श्रेणी के युद्धपोत वॉटरजेट से चलने वाले नौसेना के अब तक के सबसे बड़े युद्धपोत हैं।     इनमें अत्याधुनिक हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी पनडुब्बी रोधी रॉकेट और उथले पानी में काम करने वाला सोनार सिस्टम लगाया गया है।     इससे समुद्र के काफी अंदर तक मौजूद दुश्मन के खतरों का पता लगाने और उनको नष्ट करने की क्षमता बढ़ेगी।     यह जहाज नौसेना की तटीय निगरानी और समुद्री बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता को भी मजबूत करेगा।

राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने प्रचंड हेलिकॉप्टर उड़ाकर कहा—“वीर सैनिकों, गर्व के साथ धन्यवाद; जय हिंद, जय भारत”

जैसलमेर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) प्रचंड में उड़ान भरी। वे हेलिकॉप्टर प्रचंड में बतौर को-पायलट उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति हैं।राष्ट्रपति ने उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर के कॉकपिट से सैल्यूट किया। राष्ट्रपति मुर्मू इससे पहले लड़ाकू विमान सुखोई और राफेल में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू सुबह करीब 9:15 बजे जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पहुंची थीं। सेना के अधिकारियों ने उन्हें हेलिकॉप्टर के बारे में ब्रीफिंग दी। इसके बाद राष्ट्रपति हेलिकॉप्टर के कॉकपिट में बैठीं।फिर सुबह करीब 10.15 बजे ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ के साथ हेलिकॉप्टर में उड़ान भरी। हेलिकॉप्टर में 25 मिनट उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने सीमावर्ती क्षेत्रों और पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज का हवाई जायजा लिया। जैसलमेर के सोनार दुर्ग के ऊपर ‘प्रचंड’ हेलिकॉप्टर में उड़ान भरते हुए राष्ट्रपति ने रेडियो के माध्यम से देश के नाम संदेश दिया। उन्होंने कहा- मैं आज प्रचंड हेलिकॉप्टर में उड़ान भर रही हूं। प्रचंड हेलिकॉप्टर आत्मनिर्भरता का प्रबल प्रतीक है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन के अतिथि कक्ष में पहुंची. एयरफोर्स के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. राष्ट्रपति एयरफोर्स अधिकारियों से संवाद भी किया. इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लड़ाकू हेलिकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरने के लिए निकल पड़ीं. द्रौपदी मुर्मू को-पायलट बनने वाली देश की पहली राष्ट्रपति हैं. उन्होंने हेलीकॉप्टर में बैठकर फायरिंग रेंज का हवाई जायजा लिया. पहली राष्ट्रपति स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर (LCH) प्रचंड़ में उड़ान भरती दिखीं. उन्होंने 10 बजकर 10 बजे उड़ान भरना शुरू किया. वह 10 बजकर 35 मिनट पर लैंड हुईं. 25 मिनट का हवाई सफर किया. पोकरण फिल्ड़ फायरिंग रेंज और परमाणु स्थल का भी जायजा लिया. शाम में पोकरण फिल्ड फायरिंग रेंज में वायुशक्ति 2026 का अभ्यास है, जिसमें राष्ट्रपति चीफ गेस्ट हैं. मैं इस समय जैसलमेर के प्रसिद्ध किले के ऊपर से उड़ान भर रही हूं। मैं देश के वीर सैनिकों को गर्व के साथ धन्यवाद देती हूं। मेरा सभी को प्यार भरा नमस्कार। जय हिंद, जय भारत। पाकिस्तान बॉर्डर के पास राजस्थान के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज (जैसलमेर) में आज शाम एयरफोर्स का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास 'वायु शक्ति-2026' होगा। युद्धाभ्यास में सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी मौजूद रहेंगी। जैसलमेर में कड़े सुरक्षा इंतजाम राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे और वायुसेना के क्षमता प्रदर्शन को देखते हुए जैसलमेर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. चांदन से पोकरण तक पूरे क्षेत्र को अस्थायी रूप से ‘नो-फ्लाई जोन' घोषित किया गया है. पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और सीमा क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है. दमदार प्रचंड हेलीकॉप्‍टर   एलसीएच प्रचंड भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं विकसित लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया है. यह हेलीकॉप्टर रेगिस्तान से लेकर ऊंचे पर्वतीय इलाकों तक विभिन्न भू-भागों में काम करने में सक्षम है और 5,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर भी संचालन कर सकता है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अक्टूबर 2022 में जोधपुर वायुसेना स्टेशन से ‘प्रचंड' में उड़ान भरी थी.  राफेल में भी उड़ान भर चुकी हैं राष्‍ट्रपति   राष्ट्रपति मुर्मू शुक्रवार शाम को पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में वायुसेना के क्षमता प्रदर्शन ‘वायु शक्ति' में शामिल होंगी. यह कार्यक्रम भारत-पाकिस्तान सीमा के पास आयोजित किया जा रहा है. राष्‍ट्रपति मुर्मू ने अक्टूबर 2023 में अंबाला वायुसेना स्टेशन पर राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी, जिससे वह दो अलग-अलग लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं. अप्रैल 2023 में उन्होंने तेजपुर वायुसेना स्टेशन (असम) पर सुखोई-30 एमकेआई में लगभग 30 मिनट की उड़ान भरी थी.

राज्यसभा सीट पर पार्थ पवार लड़ेंगे चुनाव, सुनेत्रा पवार ने NCP की कमान संभाली

मुंबई  महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत सुनेत्रा पवार को नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वसम्मति से चुन लिया गया है, जिसे पार्टी के भीतर संगठनात्मक एकजुटता और नेतृत्व में पीढ़ीगत बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और वरिष्ठ नेताओं की बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया, जिसका सभी सदस्यों ने समर्थन किया और बिना किसी विरोध के उन्हें शीर्ष पद की जिम्मेदारी सौंप दी गई। इस चयन को एनसीपी के पुनर्गठन और राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि हाल के वर्षों में पार्टी को आंतरिक चुनौतियों, गुटबाजी और चुनावी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा है।  सुनेत्रा पवार ने अध्यक्ष चुने जाने के बाद अपने संबोधन में कहा कि वह संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा पार्टी की विचारधारा को देशभर में प्रभावी ढंग से पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एनसीपी सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के अपने मूल सिद्धांतों पर कायम रहेगी और आने वाले चुनावों में मजबूती से भाग लेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके नेतृत्व में पार्टी नई रणनीति के साथ राज्यों में संगठन विस्तार, गठबंधन राजनीति और जनसंपर्क अभियानों पर विशेष ध्यान दे सकती है। सर्वसम्मति से हुआ यह चुनाव यह भी दर्शाता है कि पार्टी नेतृत्व फिलहाल एकजुटता का संदेश देना चाहता है और किसी प्रकार के आंतरिक मतभेद को सार्वजनिक रूप से उभरने नहीं देना चाहता।  सुनेत्रा पवार की संगठनात्मक भूमिका पहले भी सक्रिय रही है और उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों, महिला मोर्चा तथा सामाजिक अभियानों में भागीदारी के लिए जाना जाता है, जिससे यह उम्मीद की जा रही है कि वे राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय स्थापित करने में सक्षम होंगी। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी की खोई हुई राजनीतिक जमीन को वापस पाना, कार्यकर्ताओं में उत्साह भरना और विपक्षी दलों के साथ रणनीतिक तालमेल बनाना होगा। कुल मिलाकर, उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना एनसीपी के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है, जिसमें संगठनात्मक पुनर्संरचना, वैचारिक स्पष्टता और चुनावी मजबूती पर विशेष फोकस रहने की संभावना है। राष्ट्रीय अधिवेशन में हुआ फैसला सुनेत्रा पवार ने कहा कि मैंने दादा के अधूरे सपनों को पूरा करने, अपनी पार्टी को बढ़ाने और उसे मजबूत करने के लिए यह पद स्वीकार किया है। सुनेत्रा पवार को पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में अध्यक्ष बनाने का फैसला हुआ। गौरतलब हो कि 28 जनवरी को बारामती में प्लेन क्रैश की घटना में अजित पवार की मौत हो गई थी। प्लेन क्रैश के कारणों की जांच एएआईबी और सीआईडी द्वारा की जा रही है।  प्रफुल्ल पटेल ने रखा सुनेत्रा का नाम राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव किया। जिसका अनुमोदन सुनील तटकरे ने किया। जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। अधिवेशन में ही अजित पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार को राज्यसभा का कैंडिडेट भी घोषित कर दिया गया। सुनेत्रा पवार ने इस मौके पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से वादा किया कि मैं हमेशा आपकी बेटी, बहन और पार्टनर के तौर पर आपके साथ खड़ी रहूंगी। दादा के सपनों को पूरा करेंगे सुनेत्रा पवार ने कहा कि दादा की जगह कोई नहीं ले सकता। उन्होंने अध्यक्ष चुने जाने के बाद कहा कि यह एक ऐसी पार्टी है जो महाराष्ट्र की खुशहाली, देश के बदलाव और सबसे ज़रूरी, आप सब और हम सबके गर्व और आत्म-सम्मान के बारे में सोचती है। इस सोच को आगे बढ़ाने के लिए, हमें इस मुश्किल समय में भी पक्के इरादे के साथ आगे बढ़ना होगा। दादा ने जो विचार दिए, जो विकास का रास्ता दिखाया, जो कार्यकर्ता बनाए। यही एनसीपी की असली ताकत है। सुनेत्रा ने कहा कि 30 जून, 2023 को दादा ने एनसीपी के नेशनल प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी संभाली थी। दादा को नेशनल प्रेसिडेंट के तौर पर लगभग ढाई साल का समय मिला। इस दौरान उन्होंने पूरे महाराष्ट्र को अपनाया। पार्टी को बढ़ाया। हर कार्यकर्ता को मजबूत किया। कड़ी मेहनत, लगन और कड़ी प्लानिंग से पार्टी की ताकत बढ़ी।

इस्तीफा स्वास्थ्य के लिए: धनखड़ ने खुलासा किया, दाढ़ी वाले उन्हें डराते हैं

सादुलपुर पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा- मैंने स्वास्थ्य के प्रति कभी लापरवाही नहीं बरती। इस्तीफा देते समय मैंने कभी नहीं कहा कि मैं बीमार हूं। मैंने कहा था कि मैं स्वास्थ्य को अहमियत दे रहा हूं, जो सभी को देनी भी चाहिए। उन्होंने ये बात चूरू के सादुलपुर में कांग्रेस सांसद राहुल कस्वां के आवास पर कही। राहुल कस्वां के पिता पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां और मां कमला कस्वां की सेहत की जानकारी लेने के लिए पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ यहां पहुंचे थे। धनखड़ का यहां स्वागत किया गया। इस दौरान एक युवक ने उन्हें गुलदस्ता भेंट किया तो धनखड़ ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मुझे दाढ़ी वालों से डर लगता है। इस पर उपस्थित लोग ठहाके लगाकर हंसने लगे। धनखड़ बोले- जब भी मेरे स्वास्थ्य का मुद्दा उठा, रामसिंह सबसे आगे रहे पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा- मैं रामसिंह जी के स्वास्थ्य के बारे में चिंता करते हुए यहां आया हूं। यह मेरी निजी यात्रा है। मैं अभिभूत हूं कि मुझे इतना सम्मान मिला। ये मेरे ऊपर एक कर्ज है। जब कभी मेरे स्वास्थ्य का मुद्दा उठा, रामसिंह जी सबसे आगे रहे। कांग्रेस की पूर्व विधायक डॉ. कृष्णा पूनिया ने भी पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात की। इस दौरान डॉ. कुलदीप पूनिया, सतवीर पूनिया सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

आसिम मुनीर के लिए संकट का दौर, एक तरफ भारत, दूसरी ओर BLA अटैक और अफगान तनाव

कराची  पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर इन दिनों बहुत बड़ी मुश्किल में फंसे हुए हैं. उनके सामने तीन बड़े संकट एक साथ आ गए हैं – भारत के साथ पुराना तनाव, बलूचिस्तान में बीएलए के घातक हमले और अफगानिस्तान के तालिबान के साथ खुली जंग. 27 फरवरी 2026 तक हालात इतने बिगड़ गए हैं कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर ओपन वॉर घोषित कर दिया है.  1. भारत के साथ तनाव – कश्मीर का पुराना घाव फिर खुला पाकिस्तान और भारत के बीच कश्मीर विवाद 1947 से चल रहा है. अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 लोग मारे गए. भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह आतंकियों को मदद देता है.  भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया और पाकिस्तान व पाक-अधिकृत कश्मीर में मिसाइल हमले किए. चार दिन तक दोनों तरफ मिसाइल और ड्रोन हमले हुए. आखिर में 10 मई 2025 को सीजफायर हुआ, लेकिन तनाव खत्म नहीं हुआ है. अब 2026 में भी भारत-पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी होती रहती है. आसिम मुनीर बार-बार कहते हैं – भारत कोई नया हमला करेगा तो पाकिस्तान का जवाब बहुत तेज और भयानक होगा. पाकिस्तान भारत पर आरोप लगाता है कि वह बीएलए और टीटीपी को मदद देता है. 2. बलूचिस्तान में बीएलए के हमले – देश के अंदर बड़ा खतरा बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे गरीब प्रांत है. यहां बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) नाम की अलगाववादी संगठन सालों से लड़ रही है. जनवरी के अंत और फरवरी 2026 की शुरुआत में बीएलए ने बलूचिस्तान में सबसे बड़ा हमला किया. कई जगहों पर एक साथ पुलिस स्टेशन, बैंक, घरों और सैन्य ठिकानों पर हमले हुए. 31-33 आम नागरिक और सैनिक मारे गए. पाकिस्तानी आर्मी ने जवाबी कार्रवाई की और 145 से 216 बीएलए लड़ाकों को मारने का दावा किया. लेकिन हमले रुक नहीं रहे. आसिम मुनीर की आर्मी पर आरोप है कि वह बलूचिस्तान में राजनीति ज्यादा करती है. सुरक्षा कमजोर है. पाकिस्तान कहता है कि बीएलए को भारत और अफगानिस्तान से मदद मिल रही है. 3. अफगान तालिबान से खुली जंग – सबसे नया और सबसे खतरनाक संकट पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान में छिपे टीटीपी (पाकिस्तानी तालिबान) उसके देश में हमले करते हैं. इसलिए 21 फरवरी 2026 को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार, पक्तिया और खोस्त में हवाई हमले किए. तालिबान ने बदला लिया. 26-27 फरवरी को अफगान फोर्स ने पाकिस्तानी बॉर्डर पोस्ट पर हमला किया.  अफगानिस्तान का दावा – 40 पाकिस्तानी सैनिक मारे, 15 पोस्ट कब्जे में लिए. उन्होंने एक पाकिस्तानी जेट भी गिराने का दावा किया. पाकिस्तान ने जवाब में काबुल, कंधार और पक्तिया पर और भारी बमबारी की. पाक रक्षा मंत्री ने कहा कि हम अफगानिस्तान के साथ ओपन वॉर में हैं. आसिम मुनीर पहले ही तालिबान को चेतावनी दे चुके थे – तुम्हें पाकिस्तान और टीटीपी में से एक चुनना होगा. तीनों संकट एक-दूसरे से कैसे जुड़े हैं? पाकिस्तान का कहना है कि भारत और अफगान तालिबान मिलकर पाकिस्तान को कमजोर करना चाहते हैं. दावा किया जाता रहा है कि भारत बीएलए को मदद देता है.  तालिबान टीटीपी को शरण देता है. दोनों मिलकर पाकिस्तान के अंदर हमले करवा रहे हैं. आसिम मुनीर अब तीन मोर्चों पर लड़ रहे हैं – सीमा पर भारत, अंदर बलूचिस्तान और पड़ोसी अफगानिस्तान. अभी क्या हाल है?  अफगानिस्तान सीमा पर भारी गोलीबारी और बमबारी चल रही है. बलूचिस्तान में सैन्य ऑपरेशन जारी.  भारत के साथ कश्मीर में तनाव बना हुआ है. पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता भी है. आसिम मुनीर पूरे देश की सेना और रक्षा के सबसे बड़े कमांडर हैं, लेकिन तीन तरफ से दबाव इतना है कि उनकी साख और पाकिस्तान की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं. आसिम मुनीर के लिए यह सबसे बड़ी परीक्षा का वक्त है. अगर तीनों मोर्चे एक साथ नहीं संभाले गए तो पाकिस्तान को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है.   पाकिस्तानी जेट गिराया अफगान लड़ाकों ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान (तालिबान शासन) के बीच बॉर्डर पर तनाव बहुत बढ़ गया है. दोनों तरफ गोलीबारी, हमले और हवाई हमले हो रहे हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक बड़ा दावा वायरल हो रहा है – अफगान सैनिकों ने पाकिस्तानी जेट गिरा दिया, वो भी रॉकेट लॉन्चर से. कुछ पोस्ट में लिखा है F-16, कुछ में JF-17. Tolo News ने भी रिपोर्ट किया कि अफगान फोर्स ने पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट गिराया. लेकिन कौन सा जेट था?   पहले समझें पूरा बैकग्राउंड पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच ड्यूरंड लाइन (सीमा) पर सालों से झगड़ा चल रहा है. पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान में छिपे टीटीपी (पाकिस्तानी तालिबान) उसके खिलाफ हमले करते हैं. इसलिए पाकिस्तान ने पिछले कुछ दिनों में अफगानिस्तान के नंगरहार, पक्तिया और अन्य इलाकों में हवाई हमले किए. इन हमलों में पाकिस्तानी एयर फोर्स के जेट्स (F-16 और JF-17 दोनों) इस्तेमाल हुए. तालिबान ने जवाबी कार्रवाई की – उन्होंने पाकिस्तानी बॉर्डर पोस्ट पर हमला किया, कुछ पोस्ट कब्जा लिए और सैनिक मारे जाने का दावा किया. पाकिस्तान ने फिर काबुल, कंधार और पक्तिया पर और हमले किए. इसी बीच अफगानिस्तान ने दावा किया कि एक पाकिस्तानी जेट उनके एयरस्पेस में घुस आया था और उन्होंने उसे गिरा दिया. Tolo News ने क्या कहा? Tolo News ने 27 फरवरी 2026 को ब्रेकिंग न्यूज में लिखा… सिक्योरिटी सोर्सेज ने Tolo News को बताया कि अफगान फोर्स ने पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट गिरा दिया, जो अफगानिस्तान के एयरस्पेस में घुस आया था. ध्यान दें – Tolo News ने F-16 या JF-17 कुछ नहीं बताया. सिर्फ पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट कहा. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी हमलों की पुष्टि की, लेकिन जेट गिराने का जिक्र नहीं किया. सोशल मीडिया पर क्या वायरल है? अफगान डिफेंस अकाउंट (@AFGDefense) और कई प्रो-तालिबान अकाउंट्स ने वीडियो पोस्ट किया. इसमें जलता हुआ wreckage दिख रहा है, पाकिस्तानी झंडा और नंबर 85510 दिख रहा है. कैप्शन लिखा है – यह अमेरिकी बना पाकिस्तानी F-16 है, जिसे अफगान फोर्स ने गिराया.  कुछ लोग लिख रहे हैं – रॉकेट लॉन्चर से गिराया. लेकिन कई यूजर्स (यहां तक कि Grok जैसे AI भी) बता रहे हैं कि यह वीडियो पुराना या फेक लगता है. नंबर 85510 किसी पाकिस्तानी जेट का नहीं मिलता. पहले भी ऐसे फेक वीडियो वायरल हुए थे (जैसे 2020 का ट्रेनर जेट … Read more

2026 में वेतन वृद्धि पर सर्वे रिपोर्ट: कर्मचारी वेतन में 9.1% तक इजाफा, जानें कौन‑से सेक्टर आगे

नई दिल्ली निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। भारत में साल 2026 में कर्मचारियों के वेतन में 9.1 % वृद्धि देखने को मिल सकती है यह जानकारी ग्लोबल कंसल्टेंसी कंपनी ‘एऑन ’ की 32वीं एनुअल सैलरी इंक्रीज एंड टर्नओवर सर्वे 2025-26 से सामने आई है। यह सर्वे देश की 45 अलग-अलग इंडस्ट्रीज की 1,400 से ज्यादा कंपनियों के डेटा पर आधारित है, जो यह संकेत देता है कि बाजार में तेजी बनी हुई है। सर्वे के अनुसार, एट्रिशन रेट यानी नौकरी छोड़ने की दर साल 2025 में गिरकर 16.2 प्रतिशत पर आ गई है। यह रेट 2023 में 18.7 प्रतिशत और 2024 में 17.7 प्रतिशत थी। किस सेक्टर को कितनी सैलरी हाईक?     एऑन की एनुअल सैलरी इंक्रीज एंड टर्नओवर सर्वे 2025-26 रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 में कर्मचारियों की सैलरी में औसतन 9.1% वृद्धि देखने को मिल सकती है। हालांकि अलग-अलग इंडस्ट्री में सैलरी बढ़ने की दर अलग-अलग होगी।     रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर, साथ ही नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां (NBFCs) में ज्यादा तो ऑटोमोबाइल और वाहन निर्माण, इंजीनियरिंग डिजाइन सर्विसेज, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल जैसे सेक्टरों में औसत बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।     रियल एस्टेट व इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में 10.2 प्रतिशत, नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFC) में 10.1 प्रतिशत, ऑटोमोबाइल व इंजीनियरिंग डिजाइन सर्विसेज में 9.9 प्रतिशत और मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल सेक्टर में 9.5 प्रतिशत तक सैलरी बढ़ने का अनुमान लगाया गया है। ग्लोबल कंसल्टेंसी कंपनी ‘मर्सर’ की रिपोर्ट में 9 से 10% तक वृद्धि संभव इससे पहले दिसंबर 2025 में ग्लोबल कंसल्टेंसी कंपनी ‘मर्सर’ की सैलरी सर्वे रिपोर्ट 2026 में 9 से 10 % तक की वृद्धि की बात सामने आई थी। इस सर्वे में 1500 से ज्यादा कंपनियों और 8000 से ज्यादा पदों का एनालिसिस किया था। मर्सर के सर्वे के अनुसार, साल 2026 में हाई टेक वाले सेक्टरों और ऑटो इंडस्ट्री में ज्यादा वेतन वृद्धि होने की उम्मीद है। हाई टेक सेक्टर में 9.3 प्रतिशत और ऑटो इंडस्ट्री में 9.5 प्रतिशत सैलरी बढ़ने की संभावना है। सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आईटी से जुड़ी सेवाएं (ITES) और वैश्विक क्षमता केंद्रों (GCC) के कर्मचारियों को भी अच्छी सैलरी हाइक मिल सकती है।

भारत पहुंचे कनाडा के प्रधानमंत्री, पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय रिश्तों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली   कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी आज 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। प्रधानमंत्री कार्नी का भारत का यह पहला आधिकारिक दौरा होगा। चार दिवसीय भारत दौरे पर पीएम कार्नी दोनों देशों के संबंधों की मजबूती पर जोर देंगे। पीएम कार्नी कनाडा से रवाना हो चुके हैं और 27 फरवरी को वह मुंबई पहुंचेंगे। अगले दो दिनों में वे अलग-अलग बिजनेस प्रोग्राम में हिस्सा लेंगे और भारतीय तथा कनाडाई सीईओ, उद्योग एवं वित्तीय विशेषज्ञों, नवोन्मेषकों, शिक्षाविदों के साथ-साथ भारत में स्थित कनाडाई पेंशन फंड के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। पीएम कार्नी 1 मार्च को नई दिल्ली पहुंचेंगे। 2 मार्च को दोनों देशों के प्रधानमंत्री हैदराबाद हाउस में डेलीगेशन स्तर की बातचीत करेंगे। दोनों नेता भारत-कनाडा रणनीतिक साझेदारी के अलग-अलग एरिया में अब तक हुए विकास की समीक्षा करेंगे, जो कनानास्किस (जून 2025) और जोहान्सबर्ग (नवंबर 2025) में हुई उनकी पिछली बैठकों पर आधारित होगी। वे व्यापार और निवेश, ऊर्जा, जरूरी मिनरल्स, कृषि, शिक्षा, शोध और नवाचार और लोगों के बीच संबंधों जैसे खास स्तंभों में चल रहे सहयोग की भी समीक्षा करेंगे। दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर भी अपने विचार शेयर करेंगे। बाद में प्रधानमंत्री मोदी और पीएम कार्नी भारत-कनाडा सीईओ फोरम में भी शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पीएम कार्नी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत-कनाडा के आपसी संबंध सामान्य होने के एक अहम मोड़ पर हैं। दोनों प्रधानमंत्री पहले एक-दूसरे की चिंताओं के लिए आपसी सम्मान, लोगों के बीच मजबूत संबंध और बढ़ती आर्थिक एक-दूसरे को पूरा करने वाली चीजों पर आधारित एक रचनात्मक और संतुलित साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। दोनों नेताओं के बीच होने वाली आने वाली मीटिंग, आगे की सोच वाली साझेदारी बनाने में भारत और कनाडा के सकारात्मक मोमेंटम और साझा दृष्टिकोण को फिर से पक्का करने का मौका देगी। कनाडाई सरकार ने कार्नी के भारत के लिए रवाना होने से पहले देश में हो रहे अपराध में भारत की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया। कार्नी सरकार के अधिकारी ने भारत को क्लीन चिट देते हुए कहा कि कनाडा में हो रहे अपराध से भारत का कोई लेना-देना नहीं है। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि अगर इस तरह की गतिविधियां हो रही होतीं तो हम यह यात्रा बिल्कुल नहीं करते।