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प्रधानमंत्री ने भाजपा के ‘नवीन नायक’ को दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली. नितिन नवीन भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए हैं। मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में इसका एलान किया गया। इस मौके पर पीएम मोदी ने उन्हें माला पहनाकर अभिवादन और स्वागत किया। कुछ ही देर में नितिन नवीन राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का आधिकारिक कार्यभार संभालेंगे। पीएम मोदी ने नितिन नवीन को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नितिन नवीन को दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई देता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा का ये संगठन पर्व देश के कार्यकर्ता केंद्रित सोच का प्रतीक है। पीएम मोदी ने कहा, 'हमारा नेतृत्व परंपरा से चलता है, अनुभव से समृद्ध होता है और जनसेवा-राष्ट्रसेवा के भाव से संगठन को आगे बढ़ाता है। हमने शून्य से शिखर तक का सफर देखा है।' पीएम मोदी ने भाजपा के सभी पूर्व अध्यक्षों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि आज भाजपा का जितना फोकस संगठन के विस्तार पर है, उतना ही कार्यकर्ता के निर्माण पर भी है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री भी रहा, लेकिन मैं भाजपा का कार्यकर्ता रहा। उन्होंने कहा कि मैं कार्यकर्ता हूं और नितिन नवीन मेरे बॉस हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, 'नितिन नवीन को केवल भाजपा ही नहीं, एनडीए के घटक दलों से भी समन्वय बनाना है। नितिन ने खुद को साबित किया है।' पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले 25 वर्ष बहुत महत्वपूर्ण हैं। आने वाले वर्षों में विकसित भारत का निर्माण होना है और यह तय है। पीएम मोदी ने कहा कि नितिन नवीन मिलेनियल हैं। पीएम ने कहा, 'देश अब 21वीं सदी के एक अहम दौर में प्रवेश कर चुका है। पहले 25 साल तेजी से बीत चुके हैं और अब आने वाले 25 साल बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं। यही वह समय है, जब विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करना है। उन्होंने कहा कि इस नए दौर की शुरुआत में नितिन नवीन भाजपा की विरासत को आगे बढ़ाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि नितिन नवीन आज की युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे उस पीढ़ी से हैं, जिसने बचपन में रेडियो के जरिए जानकारी ली और आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीक के साथ काम कर रही है। इससे पार्टी के हर कार्यकर्ता को सीखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि इस वर्ष जनसंघ की स्थापना के 75 साल पूरे हो रहे हैं। उन्होंने उन सभी परिवारों को सम्मान दिया, जिन्होंने पीढ़ियों तक त्याग, तपस्या और बलिदान देकर संगठन को मजबूत बनाया। नितिन नवीन ने मंदिर में पूजा-अर्चना से की दिन की शुरुआत इससे पहले नितिन नवीन दिल्ली के झंडेवाला मंदिर, भगवान वाल्मीकि मंदिर, प्राचीन हनुमान मंदिर और गुरुद्वारा बंगला साहिब पहुंचे और माथा टेका। 45 साल की उम्र में नितिन नवीन भाजपा के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। इससे पहले अमित शाह 49 साल की उम्र में पार्टी अध्यक्ष बने थे। गौरतलब है कि भाजपा मुख्यालय में सोमवार को अध्यक्ष पद का चुनाव हुआ था। किसी और उम्मीदवार के नामांकन न आने के कारण नितिन नवीन निर्विरोध चुने गए। बता दें कि उन्हें 14 दिसंबर 2025 को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था।

सबरीमाला मंदिर से सोना चोरी मामले में तीन राज्यों में ईडी का छापा

नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को सबरीमाला मंदिर से सोना चोरी के मामले में धन शोधन की जांच के तहत तीन राज्यों में तलाशी अभियान शुरू किया। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों के अनुसार है। उन्होंने आगे बताया कि केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में लगभग 21 स्थानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत छापेमारी की जा रही है। केरल उच्च न्यायालय की देखरेख में हो रही जांच बंगलूरू में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व अध्यक्ष ए पद्मकुमार से जुड़े परिसरों को संघीय जांच एजेंसी द्वारा कार्रवाई के तहत शामिल किए जाने की आशंका है। ईडी ने हाल ही में केरल पुलिस की एफआईआर का संज्ञान लेते हुए पीएमएलए के तहत एक मामला दर्ज किया था। राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मामले की जांच केरल उच्च न्यायालय की देखरेख में राज्य की विशेष जांच टीम (एसआईटी) द्वारा पहले से ही की जा रही है। क्या है मामला यह जांच कई अनियमितताओं से संबंधित है, जिनमें आधिकारिक कदाचार, प्रशासनिक चूक और भगवान अयप्पा मंदिर की विभिन्न कलाकृतियों से सोना हड़पने की आपराधिक साजिश शामिल है। एसआईटी द्वारा की जा रही जांच मंदिर के द्वारपालक (संरक्षक देवता) की मूर्तियों की सोने से मढ़ी तांबे की प्लेटों और श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों के फ्रेम से सोने की चोरी से संबंधित है। 

कर्नाटक में अश्लील वीडियो पर नपे DGP रैंक के अधिकारी

बेंगलुरु. अश्लील वीडियो मामले में फंसे कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारी के रामचंद्र राव के खिलाफ ऐक्शन हुआ है। खबर है कि उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि, उन्होंने इन वीडियो को पूरी तरह से फर्जी और मॉर्फ्ड बताया है। उन्होंने इसे छवि खराब करने की साजिश करार दिया और वीडियो की प्रामाणिकता साबित करने के लिए फॉरेंसिक जांच की मांग की है। कथित रूप से महिलाओं के साथ वीडियो में आपत्तिजनक स्थिति में नजर आने के बाद राव को निलंबित कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीडियो वायरल होने के बाद राल कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर से मिलने भी पहुंचे थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। क्या था मामला सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे अधिकारी राव हैं। वह सोना तस्करी मामले की आरोपी रान्या राव के पिता बताए जा रहे हैं। वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि कुर्सी पर बैठा एक अधिकारी कई महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में है। सिद्धारमैया भड़के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मामले को लेकर कड़ी नाराजगी जताई और पूरे प्रकरण पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। न्यूज एजेंसी वार्ता के सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को यह जांच करने का निर्देश दिया है कि वीडियो किस परिस्थिति में रिकॉर्ड किया गया और किसने इसे प्रसारित किया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार वीडियो के स्रोत और विश्वसनीयता की जांच के लिए प्रारंभिक जांच शुरू किए जाने की संभावना है। साइबर अपराध विशेषज्ञों की मदद भी ली जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि फुटेज में डिजिटल छेड़छाड़ की गई है या नहीं। इस घटना पर राजनीतिक हलकों में भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

भारत-यूएई के 200 अरब डॉलर के समझौते के सामने बौनी पड़ी पाक-सऊदी की डिफेंस डील

नई दिल्ली. भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने सोमवार को एक बेहद अहम रणनीतिक रक्षा साझेदारी की योजना पेश की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने दोनों देशों के बीच 2032 तक वार्षिक व्यापार के लिए 200 अरब अमेरिकी डॉलर का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह कदम पाकिस्तान और सऊदी अरब द्वारा अपने रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने के चार महीने बाद उठाया गया है। हालांकि भारत-यूएई के 200 डॉलर के प्रस्तावित समझौते के आगे अब पाकिस्तान और सऊदी की डील बौनी पड़ गई है। इससे पहले पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने सऊदी अरब के साथ 20 अरब डॉलर के ट्रेड और निवेश का लक्ष्य रखा था। अभी दोनों देशों के बीच करीब 5.7 अरब डॉलर का ही व्यापार होता है और इस समझौते के तहत पहले चरण के 5 अरब डॉलर का निवेश अब तक जमीन पर नहीं पाया है। कई क्षेत्रों में सीधा निवेश भारत और यूएई के बीच ट्रेड पहले ही 100 अरब डॉलर को पार कर चुका है। मजबूत नींव को देखते हुए अब दोनों देशों ने 2032 तक इसे 200 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। इस समझौतों में कई अहम सेक्टर शामिल हैं। डिफेंस सेक्टर में दोनों देश अब केवल खरीद-फरोख्त तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि संयुक्त हथियार विकास की दिशा में रणनीतिक साझेदारी बनाएंगे। वहीं गुजरात के धोलेरा स्पेशल इनवेस्टमेंट रीजन में यूएई एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट, स्मार्ट टाउनशिप और पोर्ट विकसित करेगा। यह निवेश सीधे तौर पर होगा, ना कि कर्ज या क्रेडिट के रूप में। वहीं टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के तहत भारत के IN-SPACe और यूएई स्पेस एजेंसी मिलकर सैटेलाइट फैक्ट्री और लॉन्च कॉम्प्लेक्स बनाएंगे। इसके अलावा न्यूक्लियर एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भी समझौते हुए हैं। क्यों अहम है यह फर्क पाकिस्तान का 20 अरब डॉलर का लक्ष्य ज्यादातर कर्ज और क्रेडिट पर निर्भर दिखता है, जबकि भारत और यूएई सीधे निवेश, टेक्नोलॉजी साझेदारी और लंबी अवधि की रणनीति पर काम कर रहे हैं। जिस रकम को पाकिस्तान महीनों से सऊदी अरब में हासिल करने की कोशिश कर रहा है, उतनी रकम भारत-यूएई के किसी एक बड़े प्रोजेक्ट, जैसे धोलेरा या हाई-टेक डेटा सेंटर, में लग सकती है। इससे दोनों देशों के एक-दूसरे के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि होती है।

तमिलनाडु असेंबली में राष्ट्रगान के अपमान पर गवर्नर ने छोड़ा सदन

चेन्नई. तमिलनाडु विधानसभा का मंगलवार का सत्र उस समय भारी विवाद में बदल गया, जब राज्यपाल आर एन रवि ने उद्घाटन भाषण देने से पहले ही सदन से वॉकआउट कर लिया। राज्यपाल ने आरोप लगाया कि विधानसभा में राष्ट्रगान को अपेक्षित सम्मान नहीं दिया और कार्यवाही के दौरान उनका माइक्रोफोन भी बंद कर दिया गया, जिससे वह अपनी बात नहीं रख सके। सदन से बाहर निकलने के बाद राज्यपाल रवि ने मीडिया से बातचीत में कहा- मैं निराश हूं। राष्ट्रगान को उचित सम्मान नहीं दिया गया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मेरे भाषण में बार-बार बाधा डाली गई। उनके इस कदम से विधानसभा के भीतर तीखी बहस छिड़ गई। सदन के भीतर तीखा टकराव विधानसभा अध्यक्ष एम अप्पावु ने राज्यपाल के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्हें सदन की परंपराओं, नियमों और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करने की नसीहत दी। अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही तय प्रक्रिया के तहत चलती है और सभी को उसका सम्मान करना चाहिए। राजभवन का बयान घटना के कुछ घंटों बाद राजभवन की ओर से एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। इसमें कहा गया कि राज्यपाल को बार-बार बोलने से रोका गया और उनका माइक्रोफोन जानबूझकर बंद किया गया। बयान में यह भी आरोप लगाया गया कि राज्य में दलितों पर अत्याचार और दलित महिलाओं के साथ यौन हिंसा की बढ़ती घटनाओं जैसे गंभीर मुद्दों को राज्यपाल के अभिभाषण में पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। राजभवन ने यह दावा भी किया कि विधानसभा में एक बार फिर राष्ट्रगान का अपमान हुआ और संविधान में निहित मौलिक कर्तव्यों की अवहेलना की गई। पहले भी हो चुका है ऐसा विवाद यह पहला मौका नहीं है जब राज्यपाल रवि और तमिलनाडु सरकार के बीच टकराव सामने आया हो। पिछले वर्ष भी इसी तरह की एक घटना हुई थी, जब राज्यपाल ने सदन से बाहर निकलते हुए गहरी पीड़ा जताई थी और आरोप लगाया था कि भारत के संविधान और राष्ट्रगान का अपमान किया गया। चुनावी माहौल में सत्र अहम विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण मौजूदा सत्र को राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। विपक्षी दल, जिनमें AIADMK और BJP शामिल हैं, सत्तारूढ़ सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाने की तैयारी में हैं। वहीं मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और उनके कैबिनेट सहयोगी विपक्ष के हमलों का जवाब देने की रणनीति बना रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिनों में तमिलनाडु विधानसभा का यह सत्र बेहद तनावपूर्ण और राजनीतिक रूप से गर्म रहने वाला है।

5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट पर भारत का बड़ा फैसला, राफेल के साथ होगा शामिल

नई दिल्ली फाइटर जेट्स की कमी से जूझ रही इंडियन एयरफोर्स को मजबूत बनाने के लिए ऐसा लगता है कि भारत सरकार ने अपनी तिजोरी खोल दी है. फ्रांस की दसॉल्ड एविएशन से 114 राफेल विमान खरीदने संबंधी एयरफोर्स के प्रस्ताव पर जल्द ही सरकार की मुहर लगने वाली है. इस बीच रिपोर्ट आई है कि भारत में रूसी पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स सुखोई-57 की लागत को लेकर गंभीरता से विचार चल रहा है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारत राफेल के साथ रूस से भी सुखोई-57 फाइटर जेट का सौदा करेगा? दरअसल, इंडियन एक्सप्रेस अखबार में एक रिपोर्ट छपी है. इमसें कहा गया है कि पब्लिक सेक्टर की कंपनी एचएएल को अब भी रूस से उस रिपोर्ट का इंतजार है जिसमें भारत में सुखोई-57 विमानों को बनाने में खर्च का आंकलन किया गया है. सुखोई-57 को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है. यह रिपोर्ट इसी माह एचएएल को मिलने की संभावना है. देश में सुखोई-57 बनाने पर कितना खर्च? इस रिपोर्ट में एचएएल को यह बताया जाएगा कि इस प्रोजेक्ट को देश में शुरू करने में कितना खर्च जाएगा. यहां एक बात समझने की जरूरत है कि भारत पहले से सुखोई श्रेणी के विमानों का निर्माण करता है. रूस के साथ वर्ष 2000 में हुई एक डील के तहत भारत में 250 से अधिक सुखोई 30एमकेआई फाइटर जेट बनाए गए हैं. ये एक बहुत पावरफुल चौथी पीढ़ी के विमान हैं. इसके निर्माण के लिए तैयार किया गया इंफ्रास्ट्रक्टर आज भी मौजूद है. पिछले दिनों एसयू-57 को लेकर रूस की एक टीम भारत दौरे पर आई थी. उस टीम ने कहा था कि भारत में इस फाइटर जेट के निर्माण के लिए करीब-करीब 50 फीसदी सुविधाएं मौजूद हैं. उसने इस प्रोजेक्ट पर होने वाले संभावित खर्च को लेकर एक रिपोर्ट देने की बात कही थी.  एचएएल को इसी रिपोर्ट का इंतजार है. फिलहाल एचएएल की नासिक डिवीजन में सुखोई-30 एमकेआई की फाइनल असेंबली लाइन मौजूद है. कोरापुट डिवीजन में एएल-31एफपी टर्बोफैन इंजन का लाइसेंस प्रोडक्शन किया जाता है. केरल में इस फाइटर जेट्स के एवयोनिक्स कंपोनेंट्स तैयार किए जाते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षमता और लागत आंकने का यह काम एएचएल की पहल पर किया जा रहा है. करीब 1000 फाइटर जेट्स की जरूरत अभी तक सरकार ने यह फैसला नहीं लिया है कि पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स की कमी को पूरा करने के लिए कौन विमान खरीदे जाएंगे. भारत अभी 4.5 पीढ़ी के फ्रांसीसी विमान राफेल की खरीद की तैयारी कर रहा है. जहां तक पांचवीं पीढ़ी के जेट की बात है तो हमारे पास मौजूदा वक्त में केवल दो विकल्प मौजूदा हैं. पहला अमेरिकी एफ-35 और दूसरा रूसी सुखोई-57. चीन के पास पांचवीं पीढ़ी के जे-20 विमान हैं. उसे हम नहीं खरीद सकते. इसके अलावा दुनिया में किसी अन्य देश के पास अपना पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट नहीं है. भारत अपना पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट एम्का प्रोजेक्ट चला रहा है. लेकिन, इसमें कभी समय लगेगा. माना जा रहा है कि सब कुछ ठीक रहा तो देसी पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट 2035 तक एयरफोर्स को मिल पाएंगे. जहां तक भारतीय एयरफोर्स की बात है तो इस वक्त उसके पास करीब 30 स्क्वाड्रन हैं. उसके लिए मंजूर क्षमता 42 स्क्वाड्रन की है. लेकिन, चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मन देशों की क्षमता और टू-फ्रंट वार की आशंका को देखते हुए एक्सपर्ट इन स्क्वाड्रन क्षमता को बढ़ाकर 60 तक ले जाने की बात कर रहे हैं. यानी इंडियन एयरफोर्स को कम से कम 1000 से 1100 फाइटर जेट्स से लैस करना होगा.

अब UPI से मिलेगा PF का पैसा, सरकार का बड़ा ऐलान: जानिए कितनी राशि और कब तक

नई दिल्ली  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने 8 करोड़ मेंबर्स के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी कर ली है। अप्रैल 2026 तक इसके सदस्य UPI के जरिए अपनी कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) से पात्र राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे। PF निलकने का बदल जाएगा नियम  रिपोर्ट्स के अनुसार, नई व्यवस्था में PF मेम्बेर्स अपने UPI पिन का उपयोग करके सुरक्षित लेनदेन पूरा कर सकेंगे। खाते में एक न्यूनतम हिस्सा (25 प्रतिशत) सुरक्षित रहेगा ताकि मेम्बेर्स को वर्तमान 8.25 प्रतिशत ब्याज दर और चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ मिलता रहे। बचा हुआ पैसा तुरंत बैंक खाते में पहुंच जाएगा, जिसके बाद इसे डिजिटल पेमेंट, एटीएम से नकद निकासी या डेबिट कार्ड के जरिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। खामियां को दूर करने में जुटा EPFO EPFO वर्तमान में इस सिस्टम को सुचारू रूप से लागू करने के लिए तकनीकी चुनौतियों और सॉफ्टवेयर संबंधी खामियों को दूर करने का काम तेजी से कर रहा है। फिलहाल सदस्यों को निकासी के लिए क्लेम फाइल करना पड़ता है, जो समय लेने वाला प्रोसेस है। ऑटोमैटिक सेटलमेंट में भी तीन दिन लगते हैं। नई व्यवस्था से यह प्रक्रिया और तेज हो जाएगी। ऑटो-सेटलमेंट की शुरू हुई सेवा  ईपीएफओ ने कोविड-19 महामारी के दौरान वित्तीय संकट में फंसे लोगों को तुरंत मदद के लिए ऑनलाइन ऑटो-सेटलमेंट की शुरुआत की थी। बता दें हर साल 5 करोड़ से अधिक दावों का निपटारा होता है, जिनमें ज्यादातर निकासी से जुड़े होते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार ईपीएफओ अपने सदस्यों को सीधे ईपीएफ खातों से पैसे निकालने की अनुमति नहीं दे सकता क्योंकि उसके पास कोई बैंकिंग लाइसेंस नहीं है। हालांकि, सरकार ईपीएफओ की सेवाओं को बैंकों जैसा बेहतर और सुविधाजनक बनाने पर जोर दे रही है। अक्टूबर में सरल हुए नियम  अक्टूबर 2025 में ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी मंडल ने आंशिक निकासी के प्रावधानों को सरल बनाने को मंजूरी दी। पहले के 13 शर्तों को घटाकर तीन मुख्य श्रेणियों में समेट दिया गया है 1. आवश्यक जरूरतें (बीमारी, शिक्षा, शादी) 2. आवासीय जरूरतें। 3. विशेष परिस्थितियां। अब सदस्य पात्र राशि का 100 प्रतिशत तक निकाल सकेंगे, जबकि न्यूनतम हिस्सा सुरक्षित रहेगा। निकासी की सीमा भी बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। क्या पूरा PF निकाला जा सकेगा? हां। नए प्रावधानों के तहत सदस्य अपने EPF खाते में उपलब्ध 100% योग्य राशि, जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का अंश निकाल सकेंगे। हालांकि, योजना में यह भी प्रावधान किया गया है कि खाते में कम से कम 25% योगदान हमेशा न्यूनतम बैलेंस के रूप में बना रहेगा, ताकि 8.25% सालाना ब्याज और कंपाउंडिंग का फायदा मिलता रहे और रिटायरमेंट कॉर्पस सुरक्षित रहे। इस बदलाव से सदस्यों को क्या फायदा होगा?     क्लेम फाइल करने की जरूरत लगभग खत्म     तेज, सुरक्षित और आसान निकासी     EPFO पर प्रशासनिक बोझ कम डिजिटल इंडिया के अनुरूप PF सेवाएं कुल मिलाकर, EPFO की UPI-आधारित निकासी सुविधा PF को एक “लॉक्ड रिटायरमेंट फंड” से बदलकर जरूरत के समय तुरंत उपलब्ध वित्तीय सहारा बना देगी वह भी बिना लंबी प्रक्रिया और कागजी झंझट के होगा।    

उत्तराखंड: दो दिन में बिगड़ सकता है मौसम, पर्वतीय क्षेत्रों में भारी वर्षा और हिमपात की संभावना

देहरादून उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में अगले दो दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन इसके बाद मौसम के मिजाज में बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 19 और 20 जनवरी को पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा। इस दौरान पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में धूप खिली रह सकती है। हालांकि, सुबह और शाम के समय ठंड बनी रहेगी। पूर्वानुमान के अनुसार 21 जनवरी से 24 जनवरी तक प्रदेश के पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में 21 जनवरी को हल्की बारिश हो सकती है, जिससे ठंड में इजाफा होने की संभावना है। वहीं, मैदानी इलाकों में कोहरे का असर बढ़ सकता है। घना कोहरा छाने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे सुबह और रात के समय ठंड और अधिक महसूस होगी। इससे पहले, 18 जनवरी को मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने बताया कि 21 जनवरी को राज्य के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जनपदों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की वर्षा/बर्फबारी (3400 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में) होने की संभावना है। राज्य के शेष जनपदों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इसी तरह, 22 जनवरी को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जनपदों के कुछ स्थानों में बहुत हल्की से हल्की वर्षा/बर्फबारी (3200 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में) होने की संभावना है। राज्य के शेष जनपदों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। वहीं, 23 जनवरी को उत्तरकाशी, चमोली एवं पिथौरागढ़ जनपदों के अनेक स्थानों में हल्की से मध्यम वर्षा/बर्फबारी (3000 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में) होने की संभावना है। राज्य के शेष पर्वतीय जनपदों के कुछ स्थानों तथा मैदानी जनपदों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की वर्षा/बर्फबारी (3000 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में) होने की संभावना है। इसके अलावा, 24 जनवरी को उत्तरकाशी, चमोली एवं पिथौरागढ़ जनपदों के अनेक स्थानों में हल्की से मध्यम वर्षा बर्फबारी (3000 मीटर व उससे अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रो में) होने की संभावना है। राज्य के शेष पर्वतीय जनपदों के कुछ स्थानों तथा मैदानी जनपदों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की वर्षा बर्फबारी (3000 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रो में) होने की संभावना है।

टिकट रद्द करने से पहले जरूरी जानकारी: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में रिफंड के नियम

नई दिल्ली हाल ही में पीएम मोदी ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई है. पश्चिम बंगाल के हावड़ा से असम के गुवाहाटी के बीच चलने वाली यह ट्रेन 14 घंटे में सफर तय करेगी. वहीं वंदे भारत ट्रेन के टिकट और रियायतों से जुड़े नियम दूसरी ट्रेनों से अलग है. दरअसल भारतीय रेलवे ने नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के लिए टिकट कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है. इन प्रीमियम ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को अब टिकट कैंसिल करने पर पहले की तुलना में ज्यादा चार्ज देना होगा. रेलवे के नए नियमों के अनुसार तय समय सीमा के अंदर टिकट कैंसिल नहीं करने पर यात्रियों को पूरा रिफंड नहीं मिलेगा और कुछ मामलों में तो रिफंड बिल्कुल भी नहीं होगा.  अब टिकट कैंसिल करने पर कितना कटेगा पैसा? रेलवे की ओर से जारी नई गाइडलाइन के अनुसार वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की कंफर्म टिकट कैंसिल करने पर अलग अलग समय सीमा में अलग चार्ज तय किया गया है. दरअसल अब अगर कोई यात्री टिकट खरीदने के बाद उसे कभी भी कैंसिल करता है तो कम से कम 25 प्रतिशत  राशि काटी जाएगी. वहीं अगर टिकट ट्रेन के निर्धारित डिपार्चर टाइम से 72 घंटे से लेकर 8 घंटे पहले तक कैंसिल किया जाता है तो किराए का 50 प्रतिशत हिस्सा काट लिया जाएगा. वहीं सबसे सख्त नियम यह है कि अगर टिकट ट्रेन के रवाना होने से 8 घंटे से कम समय पहले कैंसिल किया गया तो यात्रियों को किसी तरह का कोई रिफंड नहीं मिलेगा.  क्यों बदले गए नियम? रेलवे अधिकारियों के अनुसार ये नए नियम इसलिए लागू किए गए हैं क्योंकि अब वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के लिए रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन के चलने से 8 घंटे पहले तैयार किया जाएगा. पहले यह प्रक्रिया 4 घंटे पहले होती थी. इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए कैंसिलेशन पॉलिसी  को भी सख्त किया गया है.  बाकी ट्रेनों से कैसे अलग है यह नियम? वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के कैंसिलेशन नियम अन्य ट्रेनों और मौजूदा वंदे भारत चेयर कार ट्रेनों से काफी अलग है. आम ट्रेनों में तय समय से पहले टिकट कैंसिल करने पर एक फ्लैट चार्ज लिया जाता है. जैसे फर्स्ट एसी में 240 रुपये, सेकंड एसी में 200, थर्ड एसी में 180, स्लीपर में 120 रुपये और सेकंड क्लास में 60 रुपये लिए जाते हैं.  लेकिन वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में फ्लैट चार्ज की जगह प्रतिशत के हिसाब से कटौती की जाएगी, जिससे यात्रियों पर ज्यादा आर्थिक बोझ पड़ सकता है.  नहीं मिलेगी RAC की सुविधा  रेलवे बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में केवल कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे. यानी इन ट्रेनों में RAC रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन की कोई व्यवस्था नहीं होगी. यही वजह है कि टिकट कैंसिलेशन के नियमों को और सख्त बनाया गया है. इसके अलावा नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में सिर्फ कुछ चुनिंदा कोटे ही लागू होंगे. इनमें महिलाओं का कोटा, दिव्यांग यात्रियों का कोटा, वरिष्ठ नागरिकों का कोटा और ड्यूटी पास पर यात्रा करने वालों का कोटा शामिल है. इसके अलावा किसी और तरह का आरक्षण लागू नहीं होगा. साथ ही इन ट्रेनों के लिए न्यूनतम चार्जेबल दूरी 400 किलोमीटर तय की गई है. About the author कविता गाडरी कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है.  पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए.  इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

जनसंख्या संकट: चीन में लगातार चौथे साल घट रही आबादी, शादी की दर भी गिरी

बीजिंग  चीन में जनसंख्या संकट लगातार गहराता जा रहा है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में देश की आबादी करीब 40 लाख (33.9 लाख) घटकर 1.405 अरब रह गई. यह गिरावट 2024 की तुलना में ज्यादा तेज है और लगातार चौथा साल है जब चीन की जनसंख्या में कमी दर्ज की गई है. चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (NBS) ने सोमवार को यह आंकड़े जारी किए, जिससे स्पष्ट है कि चीन तेजी से बूढ़ा हो रहा है और लोग शादियां करने से भी डर रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में कुल जन्मों की संख्या घटकर 79.2 लाख रह गई, जो 2024 के 95.4 लाख जन्मों के मुकाबले करीब 17 प्रतिशत कम है. इसके साथ ही चीन की जन्म दर गिरकर 1,000 लोगों पर 5.63 रह गई, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है. विशेषज्ञों के मुताबिक, यह आंकड़ा चीन के इतिहास में बेहद चिंताजनक माना जा रहा है. विस्कॉन्सिन-मैडिसन विश्वविद्यालय के जनसांख्यिकी विशेषज्ञ ने कहा कि 2025 में दर्ज जन्मों की संख्या लगभग 1738 के स्तर के बराबर है, जब चीन की कुल आबादी सिर्फ 15 करोड़ के आसपास थी. वहीं, 2025 में मौतों की संख्या बढ़कर 1.13 करोड़ पहुंच गई, जो 2024 में 1.09 करोड़ थी. चीन की मृत्यु दर 1,000 लोगों पर 8.04 रही, जो 1968 के बाद सबसे अधिक है. चीन की आबादी 2022 से लगातार घट रही है और देश तेजी से बूढ़ी आबादी की ओर बढ़ रहा है. एनबीएस के अनुसार, अब चीन की कुल आबादी का करीब 23 प्रतिशत हिस्सा 60 साल से अधिक उम्र के लोगों का है. अनुमान है कि 2035 तक यह संख्या 40 करोड़ तक पहुंच जाएगी, जो अमेरिका और इटली की कुल आबादी के बराबर होगी. इस स्थिति का असर चीन की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है. कार्यबल से बड़ी संख्या में लोग बाहर हो रहे हैं, जबकि पेंशन और सामाजिक सुरक्षा बजट पर दबाव बढ़ता जा रहा है. इसी कारण चीन ने रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने का फैसला किया है. अब पुरुषों को 63 साल और महिलाओं को 58 साल तक काम करना होगा. विशेषज्ञों का कहना है कि एक बच्चे की नीति की लंबी छाया, घटती शादियां और जीवनशैली में बदलाव चीन की जनसंख्या गिरावट के बड़े कारण हैं. हालांकि सरकार को उम्मीद है कि शादी पंजीकरण नियमों में ढील से भविष्य में जन्म दर में थोड़ी राहत मिल सकती है. मसलन, चीन में लोग आर्थिक संकटों की वजह से शादियां भी नहीं कर रहे हैं और लिविंग कॉस्ट बढ़ने से शादी करने से डर रहे हैं.