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ट्रेड ज्वार: अमेरिका ने ताइवान से बड़े सौदे के साथ शुल्क घटाया, चीन पर दबाव बढ़ा

वाशिंगटन अमेरिका और ताइवान ने बृहस्पतिवार को एक बड़े व्यापार समझौते पर सहमति जताई, जिसके तहत ताइवान की वस्तुओं पर शुल्क में कटौती की जाएगी और बदले में ताइवान अमेरिका में 250 अरब अमेरिकी डॉलर के नए निवेश करेगा। यह समझौता उन हालिया व्यापार सौदों में शामिल है जो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किए हैं। इससे पहले उन्होंने यूरोपीय संघ और जापान के साथ भी ऐसे समझौते किए थे। ये सभी समझौते ट्रंप द्वारा पिछले साल अप्रैल में व्यापार असंतुलन दूर करने के लिए पेश की गई व्यापक शुल्क योजना के बाद किए गए हैं। ट्रंप ने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन के साथ रिश्तों को स्थिर करने के उद्देश्य से एक साल के व्यापारिक संघर्ष-विराम (ट्रेड ट्रूस) पर भी सहमति जताई। शुरुआत में ट्रंप ने ताइवान से आने वाले सामान पर 32 प्रतिशत शुल्क तय किया था, जिसे बाद में घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया। नए समझौते के तहत अब शुल्क दर को और कम करके 15 प्रतिशत कर दिया गया है जो एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका के अन्य व्यापारिक साझेदारों जैसे जापान और दक्षिण कोरिया पर लगाए गए शुल्क के बराबर है। अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ताइवान के साथ यह समझौता एक “आर्थिक साझेदारी” स्थापित करेगा, जिसके तहत घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका में कई “विश्व स्तरीय” औद्योगिक पार्क बनाए जाएंगे। वाणिज्य मंत्रालय ने इसे एक ‘‘ऐतिहासिक व्यापार समझौता'' करार दिया और कहा कि इससे अमेरिका के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को गति मिलेगी। ताइवान की सरकार ने एक बयान में इस समझौते के प्रमुख बिंदुओं की पुष्टि करते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के बीच ‘रणनीतिक सहयोग' और गहरा होगा।  

ईरान ने ट्रंप को दी जान से मारने की चेतावनी, कहा– इस बार निशाना पक्का होगा

ईरान ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और उसमें अमेरिका के कथित हस्तक्षेप के बाद ईरान और अमेरिका के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई की चेतावनी के जवाब में अब ईरान ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। ईरान की सरकारी टेलीविजन पर एक ऐसा फुटेज प्रसारित किया गया, जिसमें ट्रंप को सरेआम जान से मारने की धमकी दी गई है। इस फुटेज में ट्रंप की वह तस्वीर दिखाई गई है, जो 2024 में अमेरिका के पेंसिल्वेनिया राज्य के बटलर शहर में एक चुनावी रैली के दौरान उन पर हुए जानलेवा हमले से जुड़ी है। तस्वीर के साथ फारसी भाषा में लिखा गया है  “इस बार निशाना नहीं चूकेगा और गोली सिर के आर-पार होगी ।”   यह पोस्टर एक ऐसे युवक के हाथ ोमें दिखाया गया, जो तेहरान में हालिया प्रदर्शनों के दौरान मारे गए ईरानी सुरक्षाकर्मियों के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल था। यह कार्यक्रम इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान न्यूज नेटवर्क (IRINN) पर प्रसारित किया गया। समारोह के दौरान कई लोग ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ लिखे बैनर पकड़े हुए थे और कुछ लोग ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरें लहराते नजर आए। गौरतलब है कि पेंसिल्वेनिया की जिस घटना का जिक्र पोस्टर में किया गया, उसमें थॉमस क्रूक्स नामक बंदूकधारी ने ट्रंप पर गोली चलाई थी। हालांकि गोली ट्रंप के कान को छूते हुए निकल गई थी और वह बाल-बाल बच गए थे। इसी घटना को लेकर ईरान के सरकारी प्रसारण में यह संकेत दिया गया कि अगली बार हमला जानलेवा होगा।   ईरान का नाम इससे पहले भी विदेशों में हत्या की साजिशों से जुड़ चुका है। जनवरी 2020 में ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की अमेरिकी हमले में मौत के बाद से ईरान लगातार ट्रंप से बदला लेने की कसम खाता रहा है। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, 2024 में फरहाद शेकेरी नामक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप की हत्या की एक ईरान-समर्थित साजिश को नाकाम किया गया था। अदालती दस्तावेजों में दावा किया गया कि इस साजिश के पीछे ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) का हाथ था।  

देश की आर्थिक मजबूती का संकेत: विदेशी मुद्रा भंडार 687 बिलियन डॉलर के पार

नई दिल्ली भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 9 जनवरी को समाप्त हुए हफ्ते में 392 मिलियन डॉलर बढ़कर 687 बिलियन डॉलर हो गया है। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से शुक्रवार को दी गई। आरबीआई ने कहा कि 9 जनवरी को समाप्त हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार के अहम घटक गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 1.56 बिलियन डॉलर बढ़कर 112.83 बिलियन डॉलर हो गई है। गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी की एक वजह सोने की कीमतों का तेजी के बढ़ना है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने का दाम बीते एक हफ्ते में करीब 2.5 प्रतिशत और पिछले एक महीने में करीब 5.5 प्रतिशत बढ़ चुका है। विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक फॉरेन करेंसी एसेट्स (एफसीए) की वैल्यू 1.12 बिलियन डॉलर कम होकर 550.86 बिलियन डॉलर रह गई है। एफसीए में डॉलर के साथ दुनिया की अन्य बड़ी करेंसी जैसे येन, यूरो और पाउंड शामिल होती हैं, जिनकी वैल्यू को डॉलर में व्यक्त किया जाता है। आरबीआई के मुताबिक, 9 जनवरी को समाप्त हुए हफ्ते में एसडीआर की वैल्यू 39 मिलियन डॉलर कम होकर 18.73 बिलियन डॉलर हो गई है। आईएमएफ में रिसर्व पॉजिशन की वैल्यू 13 मिलियन डॉलर कम होकर 4.758 बिलियन डॉलर हो गई है। किसी भी देश की लिए उसका विदेशी मुद्रा भंडार काफी महत्वपूर्ण होता है और इससे उस देश की आर्थिक स्थिति का पता लगता है। इससे अलावा यह मुद्रा की विनिमय दर को स्थिर रखने में बड़ी भूमिका निभाता है। उदाहरण के लिए अगर किसी स्थिति में डॉलर के मुकाबले रुपए पर अधिक दबाव देखने को मिलता है और उसकी वैल्यू कम होती है तो केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल कर डॉलर के मुकाबले रुपए को गिरने से रोक सकता है और विनिमय दर को स्थिर रखता है। बढ़ता हुआ विदेशी मुद्रा भंडार यह भी दिखाता है कि देश में डॉलर की आवक बड़ी मात्रा में बनी हुई है और यह देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है। साथ ही इसके बढ़ने से देश के लिए विदेशों में व्यापार करना भी आसान हो जाता है।

फेक खबर ने मचाई तबाही: ओडिशा में भीड़ ने की तोड़फोड़ और आगजनी

ओडिशा ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में गोमांस बेचने की अफवाह से हिंसक झड़प हो गई। रीजेंट मार्केट में मांस की दुकान और एक व्यक्ति के घर पर बीफ होने की बात फैली। इसके बाद बजरंग दल के सदस्यों सहित भीड़ ने दुकान में तोड़फोड़ की, पिकअप वैन को आग लगा दी और कुछ वाहनों को क्षति पहुंचाई। विवाद तेजी से बढ़ा और दो समुदायों के बीच पथराव व हथियारों का इस्तेमाल होने लगा। रिपोर्ट के मुताबिक, झड़प में 12 से 20 लोग घायल हुए, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।   पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और दोनों पक्षों को तितर-बितर किया, जिससे कोई बड़ी दुर्घटना टल गई। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शहर में धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी और भारी पुलिस बल तैनात किया है। घटना के बाद जिला प्रशासन ने अफवाहों और भ्रामक संदेशों के प्रसार को रोकने के लिए 24 घंटे के लिए पूरे सुंदरगढ़ में इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाएं निलंबित कर दीं। कलेक्टर सुभंकर मोहपात्रा ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान शुक्रवार को बंद हैं। दुकानों को भी बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। इलाके में अभी तक तनाव पश्चिमी रेंज के डीआईजी बीरजेश राय ने कहा कि पुलिस ने संवेदनशीलता से स्थिति को नियंत्रित किया और बड़े नुकसान से बचा लिया गया। अभी तक कोई गंभीर चोट या मौत की सूचना नहीं है, लेकिन तनावपूर्ण माहौल बरकरार है। फिलहाल, सुंदरगढ़ शहर में कड़े प्रतिबंध जारी हैं और पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने शांति समिति गठित करने और आगे की कार्रवाई पर चर्चा करने की योजना बनाई है। लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की गई है। अफवाहों पर विश्वास न करने और सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री से दूर रहने की सलाह दी गई है। स्थिति अब नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन सतर्कता बरती जा रही है।  

सोने के आभूषण मिलने के बाद कर्नाटक में मंदिर परिसर से खजाना खोजने की तैयारी

बेंगलुरु कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने गडग जिले में खजाना के लिए एक अभियान शुरू किया है। अधिकारियों के मुताबिक जिले के लक्कुंडी गांव में एक मकान के निर्माण के दौरान सोने के आभूषण मिलने के बाद राज्य सरकार ने ऐतिहासिक और स्थापत्य विरासत के लिए प्रसिद्ध लक्कुंडी स्थित कोटे वीरभद्रेश्वर मंदिर परिसर में व्यापक स्तर पर खुदाई शुरू करने का निर्णय लिया है।   पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर परिसर में खजाने की तलाश में जुटे प्रशासन ने खुदाई के लिए जेसीबी, ट्रक और ट्रैक्टर लगाए हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, 10 वर्ग मीटर क्षेत्र को खुदाई के लिए चिह्नित किया गया है और इसे आधिकारिक रूप से खुदाई क्षेत्र घोषित किया गया है। इस काम से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, “इस कार्य के लिए 15 महिलाओं और पांच पुरुषों को लगाया गया है।” आपको बता दें, यह पूरा मामला उस वक्त सामने आया जब एक लड़के को मकान निर्माण के समय तांबे का एक बर्तन मिला। खोलने पर उसमें सोने के आभूषण मिले। बताया जाता है कि ये आभूषण 300 से 400 वर्ष पुराने हैं। लड़के ने यह आभूषण जिला प्रशासन को सौंप दिये, जिसके लिए उसे सम्मानित किया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह क्षेत्र सोने, चांदी, हीरे, मोती, माणिक, मूंगे और लहसुनिया सहित दबे हुए बहुमूल्य खनिजों से समृद्ध माना जाता है। खुदाई से जुड़े सूत्रों ने कहा, “लक्कुंडी ऐतिहासिक रूप से एक समृद्ध केंद्र रहा है और उपलब्ध साक्ष्य संकेत देते हैं कि यहां अब भी भूमिगत अपार भौतिक संपदा छिपी हो सकती है।” नवंबर 2024 में की गई एक खोज के दौरान लक्कुंडी में हजारों प्राचीन कलाकृतियां मिली थीं। हाल ही में आभूषणों की खोज से इस स्थल के प्रति रुचि और बढ़ गई है। अधिकारियों के अनुसार, अब भी इलाके के विभिन्न हिस्सों में नीलम, मोती, रत्न, हीरे और लहसुनिया जैसे कीमती पत्थर मिलने की सूचना है। गौरलतब है कि लक्कुंडी पर कभी चालुक्य, राष्ट्रकूट, होयसल, कलचुरी और विजयनगर शासकों का शासन रहा है और इसका संबंध प्रसिद्ध दानवीर दानचिंतामणि अत्तिमब्बे से भी रहा है। पुरातत्व विभाग के सूत्रों के अनुसार, प्राचीन काल में यह स्थान सोने के सिक्के ढालने का प्रमुख केंद्र भी था। पुरातत्वविदों ने कहा कि यह नई खुदाई ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इससे कर्नाटक के मध्यकालीन इतिहास से जुड़े अभिलेख, स्मारक, मूर्तियां और आभूषण मिलने की उम्मीद है, जिससे लक्कुंडी की समृद्ध विरासत को समझने में उल्लेखनीय मदद मिलेगी।  

शोएब बशीर का काउंटी करियर नया मोड़, डर्बीशायर के साथ जुड़े अगले दो साल के लिए

लंदन इंग्लैंड के ऑफ स्पिन गेंदबाज शोएब बशीर ने घरेलू क्रिकेट में ज्यादा मौके पाने के लिए 2026 सत्र से डर्बीशायर टीम के साथ दो साल का करार किया है। समरसेट टीम में उन्हें लगातार खेलने का मौका नहीं मिल पा रहा था, इसलिए उन्होंने यह फैसला लिया है। 22 वर्षीय शोएब बशीर पिछले दो वर्षों से इंग्लैंड की टेस्ट टीम का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने 2024 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया और अब तक 19 टेस्ट मैचों में 68 विकेट लिए हैं। इसके बावजूद वह समरसेट टीम में जैक लीच की जगह नहीं बना पाए और उन्हें नियमित रूप से मैच खेलने का अवसर नहीं मिला। लगातार मैच न खेलने की वजह से चयनकर्ताओं को भी चिंता होने लगी थी। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के 2025-26 एशेज दौरे के लिए इंग्लैंड टीम में उनका चयन नहीं हुआ और उनकी जगह ऑलराउंडर विल जैक्स को टीम में रखा गया। घरेलू क्रिकेट में बशीर का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर जैसा प्रभावशाली नहीं रहा है। समरसेट के लिए उन्होंने सभी प्रारूपों में 23 मैच खेले, जिसमें सिर्फ 21 विकेट ही ले सके। काउंटी चैंपियनशिप में उनका औसत भी काफी ज्यादा रहा। डर्बीशायर के मुख्य कोच मिकी आर्थर ने इस करार में अहम भूमिका निभाई। उनकी टीम ने पिछले सत्र में डिवीजन टू में तीसरा स्थान हासिल किया था। बशीर ने कहा कि डर्बीशायर में एक अच्छा और रोमांचक माहौल है। उन्होंने कहा कि मिकी आर्थर जैसे अनुभवी कोच के साथ काम करना उनके लिए बड़ा मौका है। वह ज्यादा लाल गेंद का क्रिकेट खेलना चाहते हैं, अपने खेल में सुधार करना चाहते हैं और टीम को आगे बढ़ाने में योगदान देना चाहते हैं। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड भी बशीर के विकास पर ध्यान दे रहा है। बोर्ड के प्रबंध निदेशक रॉब की सलाह पर बशीर ने सत्र से पहले जिम्बाब्वे में पूर्व पाकिस्तानी स्पिन गेंदबाज मुश्ताक अहमद के साथ एक सप्ताह का विशेष अभ्यास भी किया है। डर्बीशायर में बशीर अब स्पिन विभाग का हिस्सा होंगे, जहां जैक मोर्ले और जो हॉकिन्स पहले से मौजूद हैं। वह एलेक्स थॉमसन की जगह लेंगे। कोच मिकी आर्थर ने कहा कि टीम में अच्छे और गुणवत्ता वाले खिलाड़ियों को शामिल करना उनका लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के मौजूदा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को टीम में जोड़ना बहुत उत्साहजनक है और बशीर टीम में अनुभव और ऊर्जा लेकर आएंगे।  

किसानों से धोखा महंगा पड़ेगा, घटिया बीज पर 30 लाख तक जुर्माना तय करने का प्रस्ताव

नई दिल्ली केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए नए सीड एक्ट (सीड एक्ट 2026) की विशेषताओं और उसके किसानों पर होने वाले प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह विधेयक किसानों की सुरक्षा, बीज की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाला ऐतिहासिक कदम है। शिवराज सिंह ने कहा कि बीजों की गुणवत्ता पर अब किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभी तक 500 रुपए तक का जुर्माना था, लेकिन अब प्रस्ताव है कि 30 लाख रुपए तक जुर्माना हो और अगर कोई जानबूझकर अपराध करता है तो सजा का भी प्रावधान है। उन्होंने कहा कि सब कंपनियां खराब नहीं हैं, लेकिन जो किसान को धोखा देंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मीडिया के सवालों के जवाब में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब देश में बीज की ट्रेसिबिलिटी की व्यवस्था स्थापित की जाएगी। हमने कोशिश की है कि ऐसा सिस्टम बने जिसमें यह पूरा पता चल सके कि बीज कहां उत्पादित हुआ, किस डीलर ने दिया और किसने बेचा। हर बीज पर क्यूआर कोड होगा, जिसे स्कैन करते ही किसान यह जान सकेगा कि वह बीज कहां से आया है। इससे घटिया या नकली बीज न केवल रोके जा सकेंगे बल्कि यदि वे बाजार में आएंगे भी तो जिम्मेदार व्यक्ति पर शीघ्र कार्रवाई संभव होगी। कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि जैसे ही ट्रेसिबिलिटी लागू होगी, नकली या खराब बीज की पहचान तुरंत हो जाएगी। उन्होंने कहा कि खराब बीज आएंगे ही नहीं, और अगर आएंगे तो पकड़े जाएंगे। जिसने खराब बीज दिया, उसे दंड दिया जाएगा। इससे किसानों को भ्रमित करने वाली कंपनियों और डीलरों की मनमानी पर लगाम लगेगी। उन्होंने कहा कि अब हर सीड कंपनी का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा, जिससे यह साफ रहेगा कि कौन सी कंपनी अधिकृत है। पंजीकृत कंपनियों की जानकारी उपलब्ध रहेगी और कोई भी अनधिकृत विक्रेता बीज नहीं बेच पाएगा। इससे बाजार में फर्जी कंपनियां खत्म होंगी और किसानों को सही स्रोत का बीज मिलेगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने इस भ्रम को दूर किया कि नया कानून किसानों के परंपरागत बीजों पर रोक लगाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा, ''किसान अपने बीज बो सकते हैं, दूसरे किसान को बीज दे सकते हैं। स्थानीय स्तर पर जो परंपरागत बीज विनिमय की परंपरा है, वो जारी रहेगी। इसमें कोई दिक्कत नहीं है।'' उन्होंने उदाहरण दिया कि ग्रामीण इलाकों में बोनी के समय किसान आपस में बीज लेते-देते हैं और बाद में उसे सवा गुना वापिस कर देते हैं, यह पारंपरिक प्रणाली आगे भी जारी रहेगी।

‘लोकतंत्र से खिलवाड़’—हजारों वोटर लिस्ट से बाहर, संजय राउत का बीएमसी चुनावों पर हमला

मुंबई शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) में खराबी और आचार संहिता के उल्लंघन का दावा किया। नतीजों के दिन एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राउत ने कहा कि मुंबई में दिख रहा वोटिंग पैटर्न एक गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन इलाकों में वोटर लिस्ट से हजारों मतदाताओं के नाम गायब थे, जहां शिवसेना (UBT), महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और कांग्रेस को पारंपरिक रूप से मजबूत समर्थन मिलता है। मालूम हो कि बीएमसी चुनाव में भाजपा गठबंधन की बड़ी जीत हुई है। वहीं, तीन दशकों बाद देश के सबसे अमीर नगर निगम से शिवसेना यूबीटी बाहर हो गई।   उन्होंने आरोप लगाया, "हजारों लोगों के नाम, जिन्होंने विधानसभा चुनावों में भी वोट दिया था, वोटर लिस्ट से गायब हैं। यह खास तौर पर उन इलाकों में हो रहा है जहां शिवसेना (UBT), एमएनएस या कांग्रेस के वोट ज़्यादा हैं।" राउत ने यह भी दावा किया कि कई पोलिंग बूथ पर EVM खराब थे। उन्होंने कहा, "जहां NCP के लिए वोट बटन दबाया गया, वहां BJP की लाइट जल गई। शिव सेना (UBT) के जलती हुई मशाल के निशान और MNS के इंजन के निशान के साथ भी ऐसा ही हुआ।'' उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग से बार-बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सीनियर भाजपा नेताओं और मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर भूषण गागरानी की मीटिंग पर सवाल उठाते हुए, राउत ने मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "कल, शाम करीब 6 बजे, सीनियर भाजपा नेताओं और मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर के बीच एक मीटिंग हुई। क्यों? आचार संहिता अभी भी लागू है। आप कमिश्नर के साथ 1.5 घंटे बैठे और क्या तय किया? क्या आपने आज का नतीजा पहले से ही तय कर लिया था?" राउत ने एग्जिट पोल के समय पर भी चिंता जताई, यह दावा करते हुए कि उन्हें आधिकारिक वोटिंग प्रतिशत घोषित होने से पहले ही जारी कर दिया गया था। उन्होंने कहा, "वोटिंग प्रतिशत आने से पहले ही एग्जिट पोल आ गए। यह क्या है? कुछ जगहों पर वोटिंग अभी भी चल रही थी, लेकिन भाजपा से जुड़े आउटलेट्स ने उन्हें एक-एक करके जारी करना शुरू कर दिया। भाजपा नेताओं ने अपनी जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया। यह किस तरह का लोकतंत्र है?" गुरुवार को इससे पहले, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 को लेकर चिंता जताई थी, जिसमें वोटर लिस्ट, मिटने वाली स्याही और पुरानी ईवीएम मशीनों से जुड़ी समस्याओं का ज़िक्र किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग इन समस्याओं को दूर करने के लिए काफी कुछ नहीं कर रहा है और सरकार पर चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। मतों की गिनती शुक्रवार सुबह शुरू होने के बाद रुझानों के अनुसार, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसकी सहयोगी शिवसेना आगे हैं। मुंबई के 227 वार्ड में से भाजपा 88, शिवसेना 28, शिवसेना यूबीटी 73, कांग्रेस आठ वॉर्डों में आगे है। इसके अलावा, एमएनएस सात वॉर्ड में आगे है।  

समंदर में तनाव: भारतीय पोत पर हमला, 18 लोगों को जबरन हिरासत में लेने का आरोप

नई दिल्ली 8 दिसंबर 2025 की दोपहर भारतीय नाविकों के परिजनों के लिए एक भयावह कहानी की शुरुआत हुई। उस दिन कैप्टन विनोद परमार को अपने भाई- टैंकर वेलियंट रोर के कमांडिंग कैप्टन विजय कुमार- का घबराया हुआ फोन आया। आवाज कांप रही थी। उन्होंने बताया कि उनके जहाज का अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में होने के बावजूद ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा पीछा किया जा रहा है। इसके बाद लाइन कट गई।   परिजनों के बयानों के मुताबिक, इसके बाद जो हुआ वह किसी बुरे सपने से कम नहीं था- ईरानी नौसेना की ओर से कथित तौर पर बिना उकसावे की फायरिंग, टैंकर को जब्त करना और 10 भारतीय नाविकों का रहस्यमय ढंग से गायब हो जाना। डेढ़ महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन ये नाविक न तो अपने परिवारों से संपर्क कर पा रहे हैं और न ही बाहरी दुनिया से। अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में घटना, VLSFO होने के बावजूद ‘डीजल तस्करी’ का आरोप यह टैंकर दुबई स्थित ग्लोरी इंटरनेशनल FZ LLC द्वारा संचालित है। 16 भारतीय, एक श्रीलंकाई और एक बांग्लादेशी सदस्य- कुल 18 क्रू सवार थे। तकनीकी खराबी के चलते सिस्टर वेसल MT Coral Wave के साथ खड़े रहने के बाद यह पहली यात्रा पर निकला था और यूएई के खोर फकान की ओर तकनीकी सहायता लेने जा रहा था। घटना यूएई के दिब्बा पोर्ट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बताई जा रही है। कैप्टन परमार के अनुसार, ईरान ने जहाज पर छह मिलियन लीटर डीज़ल की तस्करी का आरोप लगाया, जबकि टैंकर में बहुत कम सल्फर वाला ईंधन तेल (वीएलएसएफओ) था। ईरानी पक्ष ने सैंपल एनालिसिस रिपोर्ट को खारिज कर दिया और जहाज पर कब्जा कर उसे Bandar-e-Jask ले जाया गया। मारपीट, बंधक बनाना, उपकरण जब्त रिपोर्ट क मुताबिक,परिजनों का आरोप है कि फायरिंग से जहाज को नुकसान पहुंचा और कुछ क्रू घायल हुए। बाद में ईरानी कर्मियों ने जहाज पर चढ़कर क्रू के साथ मारपीट की, उन्हें बंधक बनाया गया और सभी मोबाइल, लैपटॉप व अन्य उपकरण जब्त कर लिए गए। सभी 18 नाविकों को एक ही मेस रूम में ठूंस दिया गया और बाथरूम तक जाने के लिए भी सशस्त्र पहरे में ले जाया गया। केवल कैप्टन को प्रतिदिन कुछ मिनट कॉल की अनुमति दी गई। न हिरासत आदेश, न कारण- MLC 2006 का हवाला परिवारों का कहना है कि अब तक ईरानी अधिकारियों ने न तो औपचारिक हिरासत आदेश जारी किए हैं और न ही जब्ती के ठोस आधार बताए हैं। भारत और ईरान दोनों समुद्री श्रम कन्वेंशन, 2006 के पक्षकार हैं, जो नाविकों के अधिकारों की सुरक्षा करता है। 10 भारतीय जेल भेजे गए, संपर्क टूटा 6 जनवरी को हालात और बिगड़े। बयान दर्ज करने के बहाने 18 में से 10 नाविकों को जहाज से बाहर ले जाया गया और बाद में Bandar Abbas की जेल भेज दिया गया। इनमें चीफ ऑफिसर अनिल सिंह, सेकेंड इंजीनियर और कई जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। उसी शाम अनिल सिंह की पत्नी गायत्री को एक मिनट का कॉल आया- उन्होंने झूठे स्मगलिंग आरोपों में जेल भेजे जाने की बात कही। इसके बाद कोई संपर्क नहीं। परिवारों की पीड़ा, मां की तबीयत बिगड़ी तीसरे इंजीनियर केतन मेहता के परिवार का कहना है कि जब से जहाज जब्त हुआ है, उनसे कोई बात नहीं हो पाई। केतन परिवार का एकमात्र कमाने वाला है। तनाव के चलते उनकी हृदय-रोगी मां को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। गायत्री कहती हैं- मेरे बेटे ने पीएमओ को 20-25 ईमेल भेजे, कोई जवाब नहीं। बस हमारी बात विदेश मंत्री एस जयशंकर तक पहुंचा दी जाए। जहाज पर बचे 8 भारतीय- खाने का संकट जहाज पर बचे आठ नाविक बेहद कठिन हालात में हैं। परिजनों के मुताबिक, उन्हें केवल पानी दिया जा रहा है और वे चावल-दाल पर गुजारा कर रहे हैं। राशन दो-तीन दिन में खत्म होने की आशंका जताई गई है। दूतावास से सीमित मदद, हाई कोर्ट की शरण परिवारों ने 12 दिसंबर को डीजी शिपिंग से संपर्क किया, फिर मामला विदेश मंत्रालय और तेहरान स्थित दूतावास तक गया। 17 दिसंबर को दूतावास ने Bandar Abbas स्थित कांसुलेट से संपर्क करने की सलाह दी, लेकिन कांसुलर एक्सेस के अनुरोध बार-बार ठुकरा दिए गए। अब परिजन दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे हैं। कोर्ट ने केंद्र सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। खामेनेई-नेतृत्व वाले शासन के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों, इंटरनेट ब्लॉकेड और हालिया अस्थिरता ने परिजनों की चिंता और बढ़ा दी है। लंबे समय से चल रही अनिश्चितता ने क्रू के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाला है।

यूएन मंच पर भारत ने पाकिस्तान को घेरा, कहा– नफरत की राजनीति छोड़ो

संयुक्त राष्ट्र संयुक्त राष्ट्र के मंच पर एक बार फिर कायराना हरकत दिखाने के बाद भारत ने पाकिस्तान को तगड़ी लताड़ लगाई है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान द्वारा जम्मू कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने के बाद ‘विभाजनकारी एजेंडे’ को आगे बढ़ाने के लिए वैश्विक मंचों का दुरुपयोग करने के लिए पाक को सुनाते हुए कहा कि ऐसे देशों को संकीर्ण विचारधारा से बाहर निकालने की जरूरत है।   संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर एल्डोस मैथ्यू पुन्नूज ने गुरुवार को कहा कि आत्मनिर्णय के अधिकार का दुरुपयोग बहुलतावादी और लोकतांत्रिक देशों में अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे समय में जब सदस्य देशों को संकीर्ण विचारों से ऊपर उठना चाहिए, पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के सभी मंचों और प्रक्रियाओं का दुरुपयोग कर अपने विभाजनकारी एजेंडे को आगे बढ़ाता रहा है।’’ संयुक्त राष्ट्र महासभा के पूर्ण सत्र में ‘संगठन के कार्य पर महासचिव की रिपोर्ट’ पर राष्ट्रीय वक्तव्य देते हुए पुन्नूज ने कहा, ‘‘यह मंच भी इसका अपवाद नहीं है और पाकिस्तान ने भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर का अनुचित उल्लेख किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आत्मनिर्णय का अधिकार संयुक्त राष्ट्र चार्टर में निहित एक मौलिक सिद्धांत है। हालांकि इस अधिकार का दुरुपयोग बहुलतावादी और लोकतांत्रिक देशों में अलगाववाद को प्रोत्साहित करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। पाकिस्तान की आदत है लेकिन उसे निराधार आरोपों और झूठ का सहारा नहीं लेना चाहिए और वास्तविकता से दूर तस्वीर को पेश करने से बचना चाहिए।’’ बता दें कि भारत की यह कड़ी प्रतिक्रिया संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत आसिम इफ्तिखार अहमद द्वारा महासभा में अपने वक्तव्य में जम्मू कश्मीर का संदर्भ दिए जाने के बाद आई। पाकिस्तान बार-बार संयुक्त राष्ट्र और उसके विभिन्न मंचों पर जम्मू कश्मीर का मुद्दा उठाता रहा है, लेकिन इस मामले में उसे व्यापक अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कोई खास समर्थन नहीं मिला है।