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मन की बात 128वां संस्करण: पीएम मोदी ने साझा किए प्रमुख विचार और संदेश

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 128वें संस्करण को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कई अहम मुद्दों पर बात की, जिनमें राम मंदिर धर्म ध्वज फहराने से लेकर इंसानी सहनशक्ति परखने वाले खेलों (एंड्यूरेंस स्पोर्ट्स) की चर्चा शामिल है। तो आइए जानते हैं कि पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें- प्रधानमंत्री ने कहा कि नवंबर का महीना बहुत सी प्रेरणाएं लेकर आया, जिनमें संविधान दिवस का आयोजन, वंदे भारत पर आयोजित कार्यक्रम और राम मंदिर पर धर्म ध्वज का आरोहण शामिल है। पीएम मोदी ने कुरुक्षेत्र में ज्योतिसर में पांचजन्य स्मारक के लोकार्पण का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने जम्मू कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में वन तुलसी यानी सुलाई के फूलों से बने शहद का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि यह सफेद रंग का शहद होता है, जिसे रामबन सुलाई शहद कहा जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस शहद को जीआई टैग भी मिल चुका है। उन्होंने कहा 'आज भारत शहद उत्पादन में नए रिकॉर्ड बना रहा है। आज भारत में शहद उत्पादन डेढ़ लाख मीट्रिक टन से ज्यादा हो गया है। इससे हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं। इससे देश के कोनों में शहद की मिठास भी बढ़ रही है और ये मिठास किसानों की आय भी बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री ने जामनगर के राजा दिग्विजयसिंहजी रणजीतसिंहजी जडेजा को याद किया। उन्होंने कहा भारत की महान संस्कृति में शांति और करुणा का भाव सर्वोपरि रहा है। दूसरे विश्वयुद्ध के समय जब चारों ओर भय का माहौल था। उस वक्त जामनगर के जामसाब राजा दिग्विजयसिंहजी रणजीतसिंहजी जडेजा ने विश्वयुद्ध के बीच यहूदी बच्चों की रक्षा की। उन्होंने तब गुजरात में हजारों यहूदी बच्चों को शरण देकर उनकी रक्षा की, जो आज भी मिसाल है। पिछले साल पोलैंड के वारसॉ में मुझे जामसाब की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने का मौका मिला था, जो मेरे लिए अविस्मरणीय पल रहा। पीएम मोदी ने कहा कि 2 दिसंबर से काशी के नमो घाट पर काशी-तमिल संगमम के चौथे संस्करण की शुरुआत हो रही है। यह उन सभी लोगों के एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है, जिन्हें तमिल भाषा से प्यार है। इस बार भी काशी वासी पूरे जोश और उत्साह के साथ तमिलनाडु से आने वाले अपने भाई-बहनों का स्वागत करने के लिए उत्सुक है। इसके साथ ही ऐसे और मंचों के बारे में सोचे, जिनसे एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना मजबूत हो। प्रधानमंत्री ने कहा 'मुंबई में INS 'माहे' को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। कुछ लोगों के बीच इसके स्वदेशी डिजाइन को लेकर खूब चर्चा रही। वहीं, पुडुचेरी और मालाबार तटीय इलाकों के लोग इसके नाम से ही खुश हो गए। दरअसल इसका 'माहे' नाम उस स्थान माहे के नाम पर रखा गया है, जिसकी एक समृद्ध ऐतिहासिक विरासत रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी नौसेना तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही है। 4 दिसंबर को हम नौसेना दिवस मनाने जा रहे हैं। ये दिन हमारे बहादुर नौसेना जवानों को सम्मान देने का अवसर है। पीएम मोदी ने नौसेना से जुड़े संग्रहालय जाने की लोगों से अपील की। प्रधानमंत्री ने देश में विंटर टूरिज्म की असीम संभावनाओं पर बात की। उन्होंने कहा 'इन दिनों उत्तराखंड का विंटर टूरिज्म लोगों को आकर्षित कर रहा है। कई जगह लोगों के बीच खूब प्रसिद्ध हो रही हैं। हाल ही में आदि कैलाश में राज्य की पहली हाई एल्टीट्यूड मैराथन रन का आयोजन किया गया। 60 किलोमीटर लंबा आदि कैलाश रन कड़कड़ाती सर्दी में सुबह 5 बजे हुआ था। आदि कैलाश की यात्रा पर जहां तीन साल पहले तक दो हजार तक पर्यटक आते थे, आज यह संख्या बढ़कर 30 हजार तक पहुंच गई है।' पीएम मोदी ने वोकल फॉर लोकल की भावना को मजबूत करने की देशवासियों से अपील की और बताया कि हाल ही में जी20 सम्मेलन में उन्होंने दुनियाभर के नेताओं को जो उपहार दिए, वे भारतीय कारीगरों ने तैयार किए थे। पीएम मोदी ने कहा कि 'मुझे खुशी है कि वोकल फॉर लोकल की भावना को देशवासियों ने अपना लिया है। हाल के त्योहारों की खरीद में लोगों ने मन से भारत के उत्पादों को चुना। इस बार युवाओं ने भी वोकल फॉर लोकल के अभियान को गति दी। आगामी क्रिसमस के समय भी वोकल फॉर लोकल की भावना का ध्यान रखें।' प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलों के लिहाज से भी ये महीना भारत के लिए सुपरहिट रहा। पहले महिला टीम ने वर्ल्ड कप जीता। कुछ दिनों पहले ही बधिर ओलंपिक में 20 मेडल जीते। हमारी महिला टीम ने कबड्डी वर्ल्ड कप जीता। वर्ल्ड बॉक्सिंग में भी हमारे खिलाड़ियों ने 20 पदक जीते। हमारी ब्लाइंड महिला टीम ने बिना कोई मैच हारे वर्ल्ड कप जीता। इस टीम का हौसला और जज्बा हमें बहुत कुछ सिखाता है। ये जीत हर भारतीय को प्रेरित करती रहेगी। प्रधानमंत्री ने देश में एंड्युरेंस स्पोर्ट्स यानी सहनशक्ति की परीक्षा लेने वाले खेलों की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता पर बात की। उन्होंने कहा आजकल हमारे देश में एंड्युरेंस स्पोर्ट्स की संस्कृति तेजी से उभर रही है। इससे मतलब ऐसी गतिविधियों से है, जिनमें इंसानी क्षमता की परख होती है। मुझे बताया गया है कि देशभर में हर महीने 1500 से ज्यादा एंड्युरेंस स्पोर्ट्स का आयोजन होता है, जिसमें हिस्सा लेने के लिए एथलीट्स दूर-दूर तक जाते हैं। इसका उदाहरण है आयरनमैन जिसमें समुद्र में चार किलोमीटर तक तैरना, 180 किलोमीटर की साइकिल चलाना और 82 किलोमीटर तक मैराथन करना जैसे काम एक दिन में करने होते हैं। ऐसी कई और प्रतियोगिताएं हैं, जो युवाओं में काफी लोकप्रिय हो रही हैं। इनसे फिटनेस को बढ़ावा मिलता है। 

मुस्लिम पत्रकार के घर बुलडोजर चलने पर डिप्टी CM का बड़ा बयान—‘हमने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया’

जम्मू और कश्मीर जम्मू और कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने शनिवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से जम्मू विकास प्राधिकरण (JDA) द्वारा पत्रकार अरफज डैंग के पिता का घर गिराए जाने की घटना की जांच का आदेश देने का आग्रह किया। चौधरी ने इस कार्रवाई को चुनिंदा और प्रतिशोधी बताते हुए इसमें शामिल अधिकारियों को निलंबित करने की भी मांग की। पत्रकार के परिवार से मिलने के बाद मीडिया से बात करते हुए चौधरी ने सवाल उठाया कि इस विध्वंस के लिए कौन जिम्मेदार है, जबकि निर्वाचित सरकार ने इसका आदेश नहीं दिया था।   चौधरी ने एलजी को संबोधित करते हुए कहा, "पुलिस, जिसने विध्वंस के लिए समर्थन दिया, वह आपकी थी। जेडीए के उपाध्यक्ष आपके द्वारा नियुक्त किए गए हैं। अगर आप कहते हैं कि यह विध्वंस आपके आदेश पर नहीं किया गया, तो इन अधिकारियों ने एलजी या मुख्यमंत्री से पूछे बिना इसे करने की हिम्मत कैसे की?" उन्होंने कहा, "हम निर्वाचित सरकार, खुले तौर पर कह रहे हैं कि हमने इसका आदेश नहीं दिया। उमर अब्दुल्ला सरकार के उपमुख्यमंत्री कह रहे हैं कि यह जम्मू-कश्मीर सरकार की मंजूरी से नहीं किया गया है।" उपमुख्यमंत्री ने मांग की कि एलजी विध्वंस की जांच का आदेश दें और पता लगाएं कि यह किसके आदेश पर किया गया था। उन्होंने जेडीए उपाध्यक्ष से जवाब मांगा कि विध्वंस का आदेश किसने दिया और कहा कि मुख्यमंत्री की सहमति के बिना यह कार्रवाई करने वाले अधिकारियों पर जवाबदेही सख्ती से तय की जाएगी। चौधरी ने वरिष्ठ भाजपा नेता रविंदर रैना के उस कथित दावे का जिक्र किया जिसमें उन्होंने एलजी से बात करने के बाद विध्वंस आदेश जारी करने से इनकार कर दिया था। चौधरी ने सच्चाई जानने के लिए भाजपा नेता के मोबाइल फोन के कॉल डेटा रिकॉर्ड को र्प्राप्त करने की मांग की। JDA ने गुरुवार को ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में एक अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान 72 वर्षीय गुलाम कादिर डैंग के एक मंजिला घर को ध्वस्त कर दिया था। निवासियों ने दावा किया कि वे पिछले चार दशकों से वहां रह रहे थे और उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। चौधरी ने कहा कि निर्वाचित सरकार न तो कमजोर है और न ही असहाय और वह पत्रकारों या गरीबों को निशाना बनाने वाले चुनिंदा या प्रतिशोधी उपायों की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने बताया कि वह मुख्यमंत्री के निर्देश पर आए थे ताकि लोगों को यह बता सकें कि हमारी सरकार कभी भी सस्ते या बदले की रणनीति नहीं अपनाएगी। उन्होंने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ (मीडिया) को दबाने की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा, "अगर कोई सोचता है कि वे जम्मू-कश्मीर को उत्पीड़न और दमन से चला सकते हैं, तो यह लंबे समय तक नहीं चलेगा।"  

इमरान खान को लेकर बड़ा दावा: बेटे ने मांगे सबूत, पार्टी सांसद बोले—हैं बिल्कुल सुरक्षित

रावलपिंडी पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर दुनियाभर में चर्चा जारी है। मौत की अफवाहों के बीच अब उनकी ही पार्टी के एक सांसद ने दावा किया है कि खान अभी जिंदा है और अडियाला जेल में ही हैं। लेकिन उनके ऊपर जल्द से जल्द देश छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। गौरतलब है कि यह बयान उस समय पर आया है, जब पिछले कुछ दिनों से लगातार इमरान खान की मौत की खबरें उड़ रही थीं। उनके बेटे और बहन ने भी खान के जिंदा होने के सबूत की मांग की थी। पाकिस्तान के पूर्व पीएम की उड़ती अफवाहों पर विराम लगाते हुए पार्टी के सांसद खुर्म जीशान ने इमरान की मौत की खबर को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने एएनआई से कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री फिलहाल अडियाला जेल में ही कैद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि खान को सबसे अलग रखना और जेल में परेशान करना एक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत उन्हें पाकिस्तान छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "यह बहुत ही ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण है। एक महीना हो गया है और खान को जेल में ही सबसे अलग रखा गया है। उनके परिवार, वकीलों यहां तक की पीटीआई के नेताओं को भी उनसे मिलने नहीं दिया गया। यह मानवाधिकारों का पूरी तरह से उल्लंघन है। ऐसा लगता है कि उन्हें किसी बात के लिए मजबूर किया जा रहा है। उनकी हिम्मत तोड़ने की कोशिश की जा रही है।" दरअसल, यह पूरा मामला उस समय उठा था जब इमरान के बेटे कासिम ने अपने पिता से मिलने का समय मांगा। हालांकि, इन अफवाहों को तब और बल मिल गया जब अदालत के आदेश के बावजूद इमरान की बहनों और उनके बेटों को उनसे नहीं मिलने दिया गया। इससे यह अटकल शुरू हो गई कि इमरान खान की जेल में ही हत्या हो गई है। कासिम ने कहा, "मेरे पिता को पिछले 845 दिनों से कैद करके रखा गया है। पिछले छह हफ्तों से उन्हें मौत की सजा वाले कैदखाने में रखा गया है। हमारा उनसे कोई संपर्क नहीं है।" कासिम के इस बयान के बाद पाकिस्तान की आर्मी और शहबाज शरीफ की मिली जुली सरकार पर दबाव बना। इसके बाद उनके वकीलों और पीटीआई के नेताओं को इमरान के जिंदा होने का आश्वासन दिया गया।

UP-बंगाल समेत 12 राज्यों को राहत: चुनाव आयोग ने SIR की समय सीमा बढ़ाई

नई दिल्ली   भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की समय सीमा को 7 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। अब यह प्रक्रिया 11 दिसंबर तक चलेगी। आपको बता दें कि एसआईआर के दूसरे चरण में अंडमान और निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट को सुधारा जा रहा है।  चुनाव आयोग ने 11 दिसंबर 2025 तक समय सीमा बढ़ाया है। पोलिंग स्टेशनों को ठीक करना और फिर से व्यवस्थित करना सुनिश्चित करने को कहा है। कंट्रोल टेबल का अपडेट और ड्राफ्ट रोल तैयार करना की समय सीमा अब 12–15 दिसंबर तक होगी। ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल का पब्लिकेशन 16 दिसंबर को किया जाएगा। दावे और आपत्तियां फाइल करने का समय 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक तय किया गया है। ओसआईआर चुनाव आयोग की लगातार कोशिशों का हिस्सा है ताकि यह पक्का किया जा सके कि वोटर रोल सही, अप-टू-डेट और सबको शामिल करने वाले हों, खासकर जरूरी विधानसभा चुनावों से पहले इसे सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। उनमें पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश शामिल है। चुनाव आयोग के द्वारा दी गई मोहलत के साथ ही मतदाताओं को अपनी डिटेल्स वेरिफाई करने, ऑब्जेक्शन फाइल करने या वोटर लिस्ट में जरूरी सुधार करने के लिए और समय मिल गया है। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि प्रभावित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के निवासियों को भविष्य के चुनावों में वोट देने का मौका गंवाने से बचने के लिए बढ़े हुए शेड्यूल का फायदा उठाना चाहिए।  

नेशनल हेराल्ड मामले में बड़ी कार्रवाई: नई FIR में शीर्ष नेताओं पर 2000 करोड़ का मामला दर्ज

 नई दिल्ली कांग्रेस की वरिष्ठ सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ-साथ कई अन्य प्रमुख व्यक्तियों के खिलाफ नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली पुलिस ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की है। यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय की शिकायत पर की गई है, जो इस हाई-प्रोफाइल मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है। आरोप है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने अपने पद का दुरुपयोग कर व्यक्तिगत लाभ उठाया है। एफआईआर में शामिल प्रमुख नाम और आरोप आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा ने तीन अक्तूबर को गांधी परिवार और सात अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज की। एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धारा 120B (आपराधिक साजिश), 403 (बेईमानी से संपत्ति का गबन), 406 (आपराधिक विश्वासघात के लिए सजा) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत आरोप लगाए गए हैं। एफआईआर में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कांग्रेस नेता सुमन दुबे और सैम पित्रोदा के साथ-साथ यंग इंडियन (वाईआई), डॉटैक्स मर्चेंडाइज लिमिटेड (Dotex Merchandise Ltd), डॉटैक्स प्रमोटर सुनील भंडारी और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) तथा अज्ञात अन्य को आरोपी बनाया गया है। ईडी सूत्रों के अनुसार, संघीय एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 66(2) के तहत उपलब्ध शक्तियों का उपयोग करके पुलिस FIR दर्ज कराई। यह धारा केंद्रीय एजेंसी को कानून प्रवर्तन एजेंसी द्वारा आपराधिक पूर्ववर्ती अपराध के पंजीकरण के लिए सबूत साझा करने की अनुमति देती है, ताकि बाद में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया जा सके और जांच को आगे बढ़ाया जा सके। यह एफआईआर ईडी के मामले को मजबूत करेगी, जिसका आरोप पत्र एक मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट, दिल्ली के आदेश से उत्पन्न हुआ है। यह आदेश भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा 26 जून, 2014 को एजेएल की संपत्तियों से जुड़ी कथित अनियमितताओं के संबंध में दायर एक निजी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए दिया गया था। एफआईआर में ईडी द्वारा 4 सितंबर को ईओडब्ल्यू को भेजे गए एक पत्र में लगाए गए आरोपों का संज्ञान लिया गया है। ईडी के इस संचार की सामग्री वही है जो केंद्रीय एजेंसी ने अपने आरोप पत्र में बताई है। ईडी ने अपने आरोप पत्र में आरोप लगाया था कि एक "आपराधिक साजिश" कांग्रेस पार्टी के पहले परिवार के नेतृत्व में, जिसमें सोनिया गांधी, उनके बेटे राहुल गांधी, दिवंगत कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीस, साथ ही दुबे, पित्रोदा और एक निजी कंपनी यंग इंडियन शामिल हैं। एजेएल की 2000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों के धोखाधड़ी वाले अधिग्रहण से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग योजना में शामिल थे। एजेएल नेशनल हेराल्ड समाचार मंच (समाचार पत्र और वेब पोर्टल) का प्रकाशक है और इसका स्वामित्व यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के पास है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी यंग इंडियन के बहुसंख्यक शेयरधारक हैं, जिनमें से प्रत्येक के पास 38 प्रतिशत शेयर हैं। कुछ साल पहले ईडी ने इस मामले में दोनों से घंटों पूछताछ भी की थी। ईडी का दावा है कि उसकी जांच ने "निर्णायक रूप से" पाया है कि यंग इंडियन, जो सोनिया गांधी और राहुल गांधी के "लाभकारी स्वामित्व" वाली एक निजी कंपनी है, ने एजेएल की 2000 करोड़ रुपये की संपत्तियों को केवल 50 लाख रुपये में "अधिग्रहित" किया, जो उसके मूल्य से काफी कम था। यह भी आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी ने यंग इंडियन कंपनी के माध्यम से स्वयं और अपने बेटे राहुल गांधी के व्यक्तिगत लाभ के लिए "सार्वजनिक धन को आत्म-उपयोग के लिए परिवर्तित" करके पूर्व आईएसीसी अध्यक्ष के रूप में अपनी स्थिति का "दुरुपयोग" किया। कांग्रेस पार्टी ने पहले इस जांच को "तुच्छ प्रतिशोध की रणनीति" करार दिया था और ईडी को भाजपा का "गठबंधन सहयोगी" बताया था।  

अमेरिका में एक बार फिर गोलीबारी , चार की मौत, 10 घायल

कैलिफोर्निया अमेरिका में एक बार फिर गोलीबारी की घटना हुई है। पुलिस ने बताया कि कैलिफोर्निया के स्टॉकटन में हुई गोलीबारी में चार लोगों की मौत हुई है और 10 लोग घायल हुए हैं। एक बच्चे की बर्थडे पार्टी के दौरान गोलीबारी हुई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गोलीबारी में मरने वाले लोगों में दो बच्चे भी शामिल हैं। स्टॉकटन के उप-मेयर ने दी जानकारी सैन जाओकिन काउंटी शेरिफ ने सोशल मीडिया पोस्ट पर बताया कि मरने वालों में दो बच्चे और दो व्यस्क शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि इन लोगों की निशाना बनाकर हत्या की गई। गोलीबारी की घटना एक बैंक्वेट हॉल के भीतर हुई। पुलिस गोलीबारी के पीछे की वजह तलाशने में जुटी है। पुलिस के अनुसार, गोलीबारी की घटना स्टॉकटन के लुसिले एवेन्यू के 1900वें ब्लॉक में घटी। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्टॉकटन के उप-मेयर जेसन ली ने बताया कि एक बच्चे के बर्थडे के दौरान गोलीबारी की घटना हुई। उन्होंने घटना पर दुख जताया और कहा कि वह अधिकारियों के संपर्क में हैं। पुलिस ने एहतियातन घटनास्थल की ओर जाने वाली सड़कों को बंद कर दिया है। मिसिसिपी में हुई गोलीबारी में हुई थी छह की मौत बीते माह अमेरिका के मिसिसिपी डेल्टा क्षेत्र में भी गोलीबारी की घटना हुई थी। दो अलग-अलग जगहों पर हुई गोलीबारी में छह लोगों की मौत हो गई और 12 अन्य लोग घायल हो गए। राज्य के सीनेटर डेरिक सिमंस ने बताया कि एक घटना में लीलैंड शहर में हाई स्कूल फुटबॉल होमकमिंग गेम के बाद गोलीबारी हुई। इसमें चार लोगों की मौत हुई और 4 अन्य घायल हो गए। वहीं दूसरी घटना हाइडलबर्ग शहर में हाई स्कूल होमकमिंग वीकेंड के दौरान स्कूल परिसर में गोलीबारी हुई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।  

नए मकान किराया नियम: लैंडलॉर्ड की मनमानी पर रोक, किरायेदारों के अधिकार होंगे मजबूत

नई दिल्ली  अगर आप खुद क‍िराये पर रहते हैं या आपने अपना मकान किराये पर दे रखा है तो यह खबर आपके काम की है. जी हां, सरकार की तरफ से साल 2025 से पूरे देश में क‍िराये के घरों के ल‍िए सख्‍त नियम लागू क‍िये गए हैं. सरकार ने 'न्यू रेंट रूल्स 2025' (New Rent Rules) लाकर मकान मालिक और किरायेदार दोनों की मनमानी को रोका है. अब सब ऑनलाइन, पारदर्शी और तय समय के अंदर होगा. अब क‍िसी भी रेंट एग्रीमेंट को साइन करने के 60 दिन के अंदर ऑनलाइन रजिस्टर कराना पड़ेगा. नोटरी के कागज वाला जमाना अब गया जी हां, इस बदलाव के साथ ही अब पुराना जमाना चला गया जब नोटरी वाला कागज चल जाता था. यद‍ि आपने इसे ऑनलाइन रज‍िस्‍टर नहीं कराया तो शुरुआती जुर्माना 5,000 रुपये होगा. इसका फायदा यह होगा क‍ि नकली एग्रीमेंट, पीछे की तारीख वाला खेल और बिना नोटिस न‍िकालना सब बंद हो जाएगा. इसके साथ ही नए न‍ियम के तहत सिक्योरिटी डिपॉजिट की मनमानी भी खत्‍म हो जाएगी. जी हां, मकान माल‍िक अध‍िकतम दो महीने का क‍िरया एडवांस ले सकेगा. वहीं, दुकान या ऑफ‍िस के ल‍िए एडवांस क‍िराया छह महीने का ल‍िया जा सकेगा. किराया बढ़ाने के भी न‍ियम तय क‍िये गए इसके तहत किराया बढ़ाने के भी न‍ियम तय क‍िये गए हैं. अब कोई भी मकान माल‍िक तय अवध‍ि के बीच में क‍िराया नहीं बढ़ा सकेगा. 12 महीने का समय पूरा होने पर ही किराये में इजाफा क‍िया जा सकेगा. क‍िराये बढ़ाने से कम से कम 90 दिन पहले लिखित नोटिस देना जरूरी होगा. बिना नोटिस या मनमर्जी से क‍िराये बढ़ाने पर किरायेदार कोर्ट जा सकेगा. किरायेदारों को म‍िलेगी सुरक्षा बिना अदालती आदेश के मकान खाली नहीं कराया जा सकता. ताला तोड़ना, बिजली-पानी काटने पर सीधी जेल या भारी जुर्माना की सजा हो सकती है. मकान मालिक घर में घुसने से पहले 24 घंटे का लिखित नोटिस देगा. इसके अलावा जरूरी मरम्‍मत मकान माल‍िक की तरफ से 30 द‍िन में नहीं करायी गई तो किरायेदार खुद करवाकर पैसा किराये से काट लेगा. मकान मालिकों को भी फायदा क‍िरायेदार की तरफ से क‍िराया नहीं द‍िये या एग्रीमेंट तोड़ने पर 60 दिन में केस निपटेगा. पहले इस तरह के कामों में अदालत में 5-7 साल का समय लग जाता था. छोटे मकान मालिकों को टीडीएस (TDS) में छूट मिलने की उम्मीद है. फेक किरायेदार और ओवरस्टे करने वालों पर भी लगाम लगायी जा सकेगी. नई रेंट कोर्ट और रेंट ट्रिब्यूनल हर केस (बेदखली, किराया न देना, नुकसान) 60 दिन में निपटाएंगे. 

मानव नहीं, रोबोट करेंगे चीन बॉर्डर पर ड्यूटी, AI टेक्नोलॉजी ने सीमाओं पर बदल दी तस्वीर

बीजिंग   टेक्नोलॉजी की दुनिया से बड़ी खबर सामने आ रही है. जरा सोचिए दो देशों के सीमा पर जहां अभी तक लंबी लाइनों में इंसानी स्टाफ यात्रियों को गाइड करते हैं वहीं काम अब रोबोट संभालेंगे! पड़ोसी मुल्क चीन ने अपने बॉर्डर क्रॉसिंग पर ऐसे ह्यूमनॉइड रोबोट्स का सफल ट्रायल पूरा कर लिया है और अब दिसंबर से इनकी तैनाती भी शुरू कर देगा. यह कदम न सिर्फ यात्रा प्रक्रिया को तेज बनाएगा बल्कि बार्डर मैनेजमेंट में टेक्नोलॉजी की नई क्रांति का संकेत भी देता है. शेन्जेन स्थित कंपनी यूबीटेक रोबोटिक्स (UBTech Robotics) को इस प्रोजेक्ट के लिए करीब ₹308 करोड़ रुपये मिले हैं. कंपनी के वॉकर नाम के  ह्यूमनॉइड मॉडल्स का इस्तेमाल वियतनाम बॉर्डरके पास एक टेस्टिंग सुविधा में किया जाएगा. रोबोट क्या करेंगे? इस ट्रायल के तहत ये रोबोट्स को दिसंबर में तैनात कर दिया जाएगा. ये रोबोट्स कई बॉर्डर- कंट्रोल कार्यों में मदद करेंगे, जिनमें शामिल हैं- बॉर्डर पार करने वाले यात्रियों को सही दिशा दिखाना. लंबी लाइनों को व्यवस्थित करना. लॉजिस्टिक्स कामों को संभालना ये रोबोट पास की फैक्ट्रियों में गश्त भी कर सकते हैं. इन रोबोट्स की एक सबसे खास बात यह है कि ये अपनी बैटरी खुद बदल सकते हैं जिससे वे बिना रुके काम कर सकते हैं. लेकिन यह साफ नहीं है कि  ये रोबोट ऑनबोर्ड AI पर काम करेंगे या इन्हें रिमोट से कंट्रोल किया जाएगा. चीन का रोबोटिक्स पर जोर चीन का यह कदम सरकार के उस बड़े प्रयास का हिस्सा है जिसके तहत पब्लिक सर्वस में रोबोट्स को तेजी से तैनात किया जा रहा है. चीन ने रोबोटिक्स को एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बना दिया है. एक कंसल्टेंसी के मुताबिक चीन का ह्यूमनॉइड बिजनेस 2025 तक CNY 82 बिलियन यानी करीब ₹95,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है जो ग्लोबल सेल का लगभग आधा होगा. जानकारों का मानना है कि प्रोडक्शन में वृद्धि हो सकती है लेकिन वास्तविक दुनिया में उनकी तैनाती अभी भी सीमित है. ड्रैगन का यह कदम बताता है कि चीन अपनी सीमाओं पर आधुनिकता लाने के लिए तकनीक का सहारा ले रहा है. 

भारत को IMF का नया लक्ष्य—कुछ साल बाद 5 ट्रिलियन डॉलर क्लब में एंट्री!

 नई दिल्‍ली       इंटरनेशल मोनिटरी फंड (IMF) ने भारत को नया टारगेट दे दिया है. IMF ने 26 नवंबर को अपनी एक नई रिपोर्ट जारी की है, जिसके अनुसार भारत के अब वित्त वर्ष 29 में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के मील के पत्थर तक पहुंचने की उम्मीद है, जो पहले के अनुमान से एक पूरा वर्ष बाद है.  भारत का लंबे समय से 5 ट्रिलियन डॉलर के जीडीपी टारगेट पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है. आईएमएफ की रिपेार्ट में कहा गया है कि लक्ष्य तक पहुंचने में देरी, उम्‍मीद से धीमी ग्रोथ और अनुमान से कहीं ज्‍यादा तेज रुपये में बदलाव को दिखाती है.  आईएमएफ के 2025 के अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 28 में भारत का GDP सिर्फ़ 4.96 ट्रिलियन डॉलर रहेगा, जो इस साल की शुरुआत में अनुमानित 5.15 ट्रिलियन डॉलर से कम है और 2023 के 5.96 ट्रिलियन डॉलर के अनुमान से भी काफी कम है.  जीडीपी अनुमान में क्‍यों कटौती?  आईएमएफ ने कहा कि डॉलर बेस्‍ड GDP पूर्वानुमान में कटौती का मुख्‍य कारण रुपये में गिरावट है. आईएमए ने वित्त वर्ष 2025 के लिए विनिमय दर अनुमान को 82.5 रुपये प्रति डॉलर से संशोधित कर 84.6 रुपये प्रति डॉलर कर दिया है.र्ष 2026 और वित्त वर्ष 2027 के लिए, अब यह क्रमशः 87 रुपये और 87.7 रुपये तक और कमजोर होने का अनुमान है. 21 नवंबर को रुपया 89.49 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा था.  नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान इस बदलाव ने IMF को भारत के एक्‍सचेंज रेट व्‍यवस्‍था को 'स्थिर' से 'क्रॉल जैसे' में क्‍लासिफाइड करने के लिए प्रेरित किया है, जो करेंसी में हुए बदलाव के ट्रांसपैरेंसी का संकेत देता है. आईएमएफ ने नॉमिननल जीडीपी ग्रोथ अनुमानों  में भ्‍ली कटौती की है.  आईएमएफ अब वित्त वर्ष 26 में 8.5% की वृद्धि की उम्मीद कर रहा है, जो 2024 के 11% के अनुमान से कम है. डॉलर के संदर्भ में इसका अर्थ है कमजोर ग्रोथ वित्त वर्ष 26 में 5.5% और वित्त वर्ष 27 में 9.2% रहेगा, क्योंकि विनिमय दर संबंधी अनुमान वास्तविक विस्तार को कमज़ोर कर रहे हैं.  इन झटकों के बावजूद, आईएमएफ का मानना ​​है कि भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है, जिसका श्रेय मज़बूत घरेलू मांग और बेहतर होते इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर को जाता है. रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि अगर प्रमुख व्यापार समझौते अंतिम रूप ले लेते हैं और सुधारों की गति बनी रहती है, तो भारत का भविष्य बेहतर हो सकता है.  भारत ने कुछ धारणाओं को खारिज कर दिया है, विशेष रूप से इस उम्मीद को कि भारतीय निर्यात पर 50% अमेरिकी टैरिफ जारी रहेगा, मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट में आईएमएफ के नजरिए को अत्यधिक रूढ़िवादी बताया गया है.

डराने वाले आंकड़े! संयुक्त राष्ट्र ने कहा—हर 10 मिनट में एक महिला की होती है हत्या

नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र के ड्रग्स और अपराध निरोधक कार्यालय (UNODC) और महिला सशक्तिकरण के लिए संस्था (UN Women) ने एक साझा रिपार्ट प्रकाशित की है, जो बताती है कि वर्ष 2024 में, 50 हज़ार लड़कियों और महिलाओं को, उन्हीं के अंतरंग साथी या परिवार के सदस्यों के हाथों मार डाला गया. रिपोर्ट के अनुसार, हर 10 मिनट में 1 लड़की या महिला की हत्या होना यह दर्शाता है कि वैश्विक प्रतिबद्धताओं के बावजूद, आज भी कुछ विशेष परिवर्तन नहीं आया है.हर दिन औसतन 137 लड़कियों और महिलाओं की हत्या कर दी जाती है.  83 हज़ार इरादतन हत्या के मामले महिलाओं की हत्या – 2025 नामक यह रिपोर्ट, महिलाओं के प्रति हिंसा उन्मूलन के अन्तरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर प्रकाशित की गई है.2024 में, 83 हज़ार लड़कियों और महिलाओं की इरादतन हत्या कर दी गई, जिनमें से 50 हज़ार यानि 60 प्रतिशत हत्याएँ अंतरंग साथी या परिवार के किसी सदस्य के हाथों की गई.  रिपोर्ट के अनुमानों के अनुसार, इस तरह की हत्याएँ सबसे अधिक अफ़्रीका में – हर 1 लाख में से 3 लड़की या महिला, और योरोप में सबसे कम दर्ज की गई हैं.जबकि, इसके उलट अपने किसी अंतरंग साथी या पारिवारिक सदस्य के हाथों हत्या के शिकार होने वाले पुरुषों का आँकड़ा 11 प्रतिशत है. संयुक्त राष्ट्र के 'इंटरनेशनल डे फॉर द एलिमिनेशन ऑफ वॉयलेंस अगेंस्ट विमेन' के मौके पर जारी 2025 फेमिसाइड रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनियाभर में महिलाओं और लड़कियों की हत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और इनमें कोई वास्तविक सुधार नहीं दिख रहा. रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष 83,000 महिलाओं और लड़कियों की हत्या की गई, जिनमें से 60% यानी 50,000 महिलाएं और लड़कियां अपने करीबी साथी या परिवार के सदस्यों के हाथों मारी गईं. इसका मतलब है कि हर दस मिनट में एक महिला या लड़की घर के अंदर या परिवार के हाथों जान गंवा रही है. इसके उलट पुरुषों की हत्याओं में केवल 11% मामलों में साथी या परिवार जिम्मेदार थे. यह अंतर हिंसा की प्रकृति और खतरे की गंभीरता को उजागर करता है. यूएन विमेन की नीति विभाग की निदेशक सारा हेंड्रिक्स ने कहा कि फेमिसाइड अकेले नहीं होता. यह अक्सर नियंत्रण, डराने-धमकाने, ऑनलाइन उत्पीड़न या डिजिटल हिंसा की शुरुआत से लेकर बढ़ते-बढ़ते जानलेवा रूप ले लेता है. उन्होंने चेतावनी दी कि डिजिटल हिंसा अक्सर ऑफलाइन भी फैलती है और कई बार महिलाओं की हत्या तक पहुंच जाती है. यूएनओडीसी के कार्यकारी निदेशक जॉन ब्रांडोलिनो ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में ‘घर’ महिलाओं और लड़कियों के लिए सबसे खतरनाक जगह बन चुका है. उन्होंने महिलाओं की हत्या को रोकने के लिए बेहतर रणनीतियों, मजबूत कानूनों और प्रभावी आपराधिक न्याय व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया.2025 की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह हिंसा दुनिया के लगभग हर क्षेत्र में मौजूद है. सबसे ज्यादा फेमिसाइड दर अफ्रीका (3 प्रति 1 लाख महिलाएं) में दर्ज की गई, जिसके बाद अमेरिका (1.5), ओशिआनिया (1.4), एशिया (0.7) और यूरोप (0.5) का स्थान आता है. रिपोर्ट बताती है कि घर के बाहर यानी सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली फेमिसाइड का डेटा अभी भी सीमित है, जिसकी वजह से वास्तविक स्थिति का पूरा आकलन करना मुश्किल है. डेटा की कमी दूर करने के लिए यूएन विमेन और यूएनओडीसी 2022 के सांख्यिकीय फ्रेमवर्क के आधार पर देशों के साथ काम कर रहे हैं ताकि ऐसी हत्याओं की बेहतर पहचान, रिकॉर्डिंग और वर्गीकरण किया जा सके. रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 2024 में परिवार/साथी के हाथों मारी गई महिलाओं की संख्या (50,000) पिछली रिपोर्ट (51,100) से थोड़ी कम जरूर है, लेकिन यह गिरावट वास्तविक कमी का संकेत नहीं है, बल्कि कई देशों में डेटा उपलब्धता में बदलाव की वजह से ऐसा दिख रहा है. 16 Days Campaign क्या है?  हर साल 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलने वाला 16 Days of Activism अभियान महिलाओं के खिलाफ हिंसा को खत्म करने के लिए UN Women की पहल है. 2025 में यह अभियान डिजिटल हिंसा को खत्म करने पर केंद्रित है, जिसमें ऑनलाइन उत्पीड़न, स्टॉकिंग, जेंडर्ड डिसइन्फॉर्मेशन, डीपफेक्स और बिना अनुमति निजी तस्वीरें शेयर करने जैसी समस्याएं शामिल हैं. यह सभी तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ तेजी से बढ़ रही हैं. UN Women ने सरकारों, टेक कंपनियों और समुदायों से अपील की है कि कानूनों को मजबूत बनाया जाए, डिजिटल हिंसा पर सख्त कार्रवाई हो, और पीड़ितों के लिए सुरक्षित व सहायक वातावरण तैयार किया जाए. सुरक्षित रहने का अधिकार यूएन वीमैन की नीति विभाग की निदेशक सारा हैंड्रिक्स का कहना है कि महिलाओं की हत्या, किसी एकाकी घटना का परिणाम नहीं होती. यह अक्सर हिंसा की निरन्तर श्रृंखला का हिस्सा होती है, जो नियंत्रण करने वाले व्यवहार, धमकियों और उत्पीड़न से भी शुरू हो सकती है. उन्होंने कहा कि इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र का 16 दिनों तक चला अभियान, यह उजागर करता है कि डिजिटल हिंसा, सिर्फ़ ऑनलाइन ही सीमित नहीं है. यह ऑनलाइन मंचों से हटकर वास्तविकता में भी गम्भीर रूप ले सकती है, और ये हिंसा, अत्यंत भयावह मामलों में हत्या का रूप भी ले सकती है.निदेशक सारा हैंड्रिक्स ने कहा कि हर लड़की और महिला को अपने जीवन के हर पहलू में, सुरक्षित रहने का अधिकार है.  इन हत्याओं से बचने के लिए ज़रूरत है ऐसे क़ानूनों को कड़ाई से लागू किए जाने की, जो महिलाओं और लड़कियों के जीवन में हिंसा के ऑनलाइन और ऑफ़लाइन रूपों को समझें और अपराधियों की कठोर जवाबदेही तय करें.UNODC के कार्यवाहक कार्यकारी निदेशक जॉन ब्रांडोलिनो ने कहा कि दुनिया भर में बहुत-सी महिलाओं और लड़कियों के लिए घर, आज भी एक ख़तरनाक और कई बार जानलेवा जगह बने हुए हैं.  महिलाओं की हत्याएँ घर के बाहर भी होती हैं, पर इनके आँकड़े बेहद सीमित हैं.  इन कमियों को दूर करने के लिए यूएन वीमैन और UNODC, वर्ष 2022 के सांख्यिकीय ढाँचे के ज़रिए, बेहतर पहचान और आलेखन पर काम कर रहे हैं. सटीक डेटा बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि समस्या की वास्तविक गम्भीरता समझी जा सके, प्रभावी क़दम उठाए जा सकें और पीड़ितों को न्याय मिल सके.