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PoK में विरोध की लहर: लोगों ने किया बंद, ठप हुई रोज़मर्रा की ज़िंदगी

नई दिल्ली  पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में सोमवार को पब्लिक एक्शन कमेटी की ओर से की गई हड़ताल के आह्वान के बाद लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर ली और चक्का जाम हड़ताल की। स्थानीय न्यूज टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, होटल और दुकानें बंद रहीं जबकि सड़कों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से थम गई। स्कूलों में भी कक्षाएं खाली रहीं क्योंकि अधिकांश छात्र पढ़ने नहीं पहुंचे। इस बीच, पीओके में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं लगातार दूसरे दिन भी बंद रहीं। टेलीफोन सेवाओं में भी बाधा रही, जिससे लोग बाहरी दुनिया से कटे रहे। पब्लिक एक्शन कमेटी ने अपनी 38 सूत्रीय मांगों में शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को समाप्त करने और अभिजात वर्ग को दिए गए विशेषाधिकारों को वापस लेने जैसी बातें शामिल की हैं। समिति ने चेतावनी दी है कि दिन में बाद में एक बड़ी रैली भी निकाली जाएगी। बता दें कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के लोग लंबे समय से आतंकवाद और सरकारी नीतियों के कारण भारी मानव, आर्थिक और मानसिक संकट झेल रहे हैं। यह मुद्दा हाल ही में जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) की 60वीं बैठक में भी उठाया गया था, जहां वक्ताओं ने पीओके के लोगों की स्थिति को पाकिस्तान की आतंकवादी नीतियों का परिणाम बताया। ग्रीक सिटी टाइम्स में पॉल एंटोनोपोलोस ने लिखा कि अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों और खुले स्रोत के आंकड़ों से स्पष्ट है कि यह क्षेत्र आतंकवाद का सबसे बड़ा शिकार है। लगातार हमलों और अस्थिरता ने विकास परियोजनाओं को बाधित किया है। पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा सुधार की योजनाएं बार-बार रुक जाती हैं और संसाधन सुरक्षा पर खर्च हो जाती हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जो थोड़ी बहुत उद्योग और पर्यटन की संभावनाएं यहां बनीं, उनका लाभ भी पाकिस्तान सेना से जुड़ी कंपनियां उठा लेती हैं, जिससे स्थानीय लोग खाली हाथ रह जाते हैं।

14 ट्रेनें रद्द, कई का रूट बदला — Maa Vaishno Devi ट्रेन सहित पूरी लिस्ट

जम्मू कश्मीर  रेल यात्रियों को उचित सुविधा देने के लिए रेलवे द्वारा अकसर प्रयास किए जाते हैं। इसी कड़ी के चलते रेलने ने मां वैष्णो देवी सहित कई रूट की ट्रेनों को रद्द कर दिया है व कइयों के रास्ते बदल दिए है। जानकारी के अनुसार भोपाल और रानी कमलापति से नवंबर से जनवरी के बीच सैकड़ों रिजर्वेशन को निरस्त किया गया है। यह फैसला रेलवे ट्रैक के रख-रखाव के चलते लिया गया है। रेल मंडल के अनुसार उत्तर मध्य रेलवे झांसी मंडल में वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-3 पर नई पटरी बिछाने के कारण भोपाल मंडल से गुजरने वाली 14 ट्रेनें रद्द कर दी गई है।  नीचे दी गई ट्रेनों पूरी तरह रद्द हैं: 64618 ललितपुर से बीना मेमू ट्रेन — रोजाना, 25 नवंबर से 8 जनवरी तक बंद रहेगी। 64617 बीना से ललितपुर मेमू ट्रेन — रोजाना, 25 नवंबर से 8 जनवरी तक बंद रहेगी। 05073 बेंगलुरु सिटी से लालकुआं ट्रेन — हर मंगलवार, 2 दिसंबर से 6 जनवरी तक रद्द रहेगी। 05074 लालकुआं से बेंगलुरु सिटी ट्रेन — हर शनिवार, 29 नवंबर से 3 जनवरी तक रद्द रहेगी। 07075 हैदराबाद से गोरखपुर ट्रेन — हर शुक्रवार, 28 नवंबर से 2 जनवरी तक रद्द रहेगी। 07076 गोरखपुर से हैदराबाद ट्रेन — हर रविवार, 30 नवंबर से 4 जनवरी तक रद्द रहेगी।  07363 हुबली से योगनगरी ऋषिकेश ट्रेन — हर सोमवार, 24 नवंबर से 5 जनवरी तक रद्द रहेगी। 07364 योगनगरी ऋषिकेश से हुबली ट्रेन — हर गुरुवार, 27 नवंबर से 8 जनवरी तक रद्द रहेगी। 05559 रक्सौल से उधना ट्रेन — हर शनिवार, 29 नवंबर से 3 जनवरी तक रद्द रहेगी। 09043 बांद्रा टर्मिनस से बरहनी ट्रेन — हर रविवार, 30 नवंबर से 4 जनवरी तक रद्द रहेगी। 09044 बरहनी से बांद्रा टर्मिनस ट्रेन — हर सोमवार, 1 दिसंबर से 5 जनवरी तक रद्द रहेगी। इन ट्रेनों के बदले मार्ग : 16032 श्री माता वैष्णो देवी कटरा से चेन्नई सेंट्रल तक 16788 श्री माता वैष्णो देवी कटरा से तिरुनेलवेली तक 12172 हरिद्वार से लोकमान्य तिलक तक 22456 कालका से सांईनगर शिरडी तक 12754 हजरत निजामुद्दीन से नांदेड़ तक 12214 दिल्ली सराय रोहिल्ला से यशवंतपुर तक 16318 श्री माता वैष्णो देवी कटरा से कन्याकुमारी तक 20494 चंडीगढ़ से मदुरै तक

SSC परीक्षा में पेपर लीक, सीएम धामी ने CBI से जांच कराने का ऐलान

उत्तराखंड उत्तराखंड में SSC पेपर लीक मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धानी ने CBI जांच की घोषणा कर दी है. जानकारी के लिए बता दें कि बीते आठ दिनों से युवा पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे और CBI जांच की मांग भी छात्रों द्वारा की जा रही थी. जिसके बाद आज मुख्यमंत्री धामी ने मामले को लेकर CBI जांच का आदेश दिया है. युवाओं से मिलने पहुंचे सीएम धामी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पेपर लीक मामले को लेकर पिछले आठ दिनों से प्रदर्शन कर रहे युवाओं से मिलने देहरादून के परेड ग्राउंड पहुंचे. हम CBI जांच की सिफारिश करते हैं- धामी पेपर लीक मामले पर उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा, ‘आप सभी चाहते हैं कि इसकी सीबीआई जांच हो. इसलिए, मैं आप सभी से कह रहा हूं, ताकि आपके मन में कोई संदेह न रहे, हम सीबीआई जांच की सिफारिश करते हैं. पिछले कुछ दिनों से एसआईटी जांच चल रही है. आपने यह भी देखा है कि सभी जगह से तथ्य जुटाए जा रहे हैं’.

भारतीय फार्मा सेक्टर को बड़ा तोहफा, चीन ने लगाया शुल्क मुक्त नीति

चीन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तगड़ा झटका लगा है। जहां एक ओर ट्रंप ने भारतीय फॉर्मा कंपनियों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाया था, वहीं दूसरी ओर चीन ने भारतीय फॉर्मा4 कंपनियों पर टैरिफ हटा लिया है। अभी तक चीन भारतीय फॉर्मा कंपनियों ने 30 प्रतिशत टैरिफ लेता था। अब चीन में बिना किसी शुल्क के भारतीय दवाएं निर्यात हो सकेंगी। चीन का यह फैसला ट्रंप के खिलाफ एक बड़ा कदम माना जा रहा है। एससीओ शिखर सम्मेलन में भारत, चीन और रूस के साथ आने के बाद से ट्रंप को घेरने की योजना बन रही थी। अब दिशा में कदम उठाए जाने लगे हैं। चीन ने भारतीय दवाईंयों पर टैरिफ शून्य किया, भारत ट्रंप टैरिफ पर कोई प्रतिक्रिया नहीं कर रहा हैं, वहीं रूस ट्रंप की लाख धमकियों के बाद भी यूक्रेन के खिलाफ अपना रुख बनाए हुए है। तीन महाशक्तियों के एक साथ आने से ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। चीन पहले भी निवेश की कर चुका है पहल हाल ही में चीन के राजदूत ने भारत का दौरा किया था। इसके बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने चीन का दौरा किया था। दोनों देशों के बीच एक बार फिर से ट्रेड डील की शुरुआत दिखाई दे रही है। चीन के राजदूत ने चीन में निवेश के लिए भारतीय कंपनियों का आव्हान किया था। उन्होंने भारत पर लगे 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ का विरोध किया था। चीन लगातार भारतीय कंपनियों के लिए नरम रुख दिखा रहा है। इन देशों के हो रही भारत की बात केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि भारत ट्रेड के लिए नए देशों में भी संभावनाएं तलाश रहा है। कहा कि हम यूरोपीय संघ, न्यूजीलैंड, ओमान, पेरू और चिली के साथ भी बातचीत कर रहे हैं। कतर और बहरीन के मंत्रियों ने हाल ही में भारत का दौरा किया था और भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने में रुचि व्यक्त की थी। यूरेशिया के साथ विचारार्थ विषय अंतिम रूप दे दिए गए हैं। यह विकसित देशों सहित कई देशों की भारत में रुचि को दर्शाता है। गोयल ने कहा कि अमेरिका के साथ भी हमारी व्यापार वार्ता जारी है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकवादी संगठन मानने का कनाडा का फैसला, भारत-कनाडा रिश्तों पर असर

नई दिल्ली भारत में संबंधों में सुधार के बीच कनाडा ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। कंजर्वेटिव और एनडीपी नेताओं की मांग के बाद कनाडा सरकार ने यह फैसला लिया है। पिछले साल आरसीएमपी ने भारत पर बिश्नोई गिरोह का इस्तेमाल कनाडा के लोगों, खासकर खालिस्तान नामक एक अलग सिख देश के निर्माण की वकालत करने वालों को निशाना बनाकर हत्याओं और जबरन वसूली के लिए करने का आरोप लगाया था। हालांकि, भारत ने कनाडा के इन दावों को खारिज कर दिया था और कहा है कि वह ओटावा के साथ मिलकर गिरोह को रोकने की कोशिश कर रहा है। द कैनेडियन प्रेस के अनुसार, सेंटर फॉर इंटरनेशनल गवर्नेंस इनोवेशन के वरिष्ठ फेलो वेस्ली वार्क ने पहले कहा था कि आतंकवादी सूची में शामिल होने से इस गिरोह पर लगाम लगने की संभावना नहीं है, क्योंकि कनाडा की मुख्य समस्या आपराधिक खुफिया जानकारी इकट्ठा करने की क्षमता का अभाव है।

शहबाज की प्रतिक्रिया: डोनाल्ड ट्रंप के नाम नोबेल के लिए नामांकन की वजह

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ का कहना है कि उनकी सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नामांकन नोबेल पुरस्कार के लिए किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ने ही भारत के साथ हमारी जंग रुकवा दी थी। शहबाज शरीफ ने कहा कि इससे बड़ी बर्बादी होने से रुक गई। शहबाज शरीफ की सरकार इसलिए डोनाल्ड ट्रंप को क्रेडिट दे रही है ताकि भारत से मिली मार को छिपाया जा सके और उस हकीकत को भी दबाया जाए, जिसके तहत पाकिस्तान के डीजीएमओ ने अपने भारतीय समकक्ष से हॉटलाइन पर बात की थी और जंग रोकने की अपील की थी। ऐसे में तीसरे पक्ष यानी अमेरिकी की एंट्री कराकर अपनी कमजोरी छिपाने की कोशिश पाकिस्तान कर रहा है। पाकिस्तानी सरकार ने जून 2025 में औपचारिक रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने का निर्णय लिया, जिसमें भारत-पाकिस्तान के बीच मई में हुए सैन्य टकराव को समाप्त करने में उनके 'निर्णायक कूटनीतिक हस्तक्षेप और नेतृत्व' की सराहना की गई। यह घोषणा 21 जून 2025 को की गई थी। वहीं भारत की ओर से अमेरिकी दखल की खबरों को लगातार खारिज किया जाता रहा है। माना जाता है कि भारत की ओर से अमेरिकी दखल को खारिज किए जाने से ही डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन नाराज है। भारतीय अधिकारियों ने अमेरिकी हस्तक्षेप की भूमिका को खारिज किया है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 10 मई को कहा कि पाकिस्तान की सेना ने युद्धविराम के लिए संपर्क किया था और दोनों पक्षों ने सभी सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई थी, जिसमें अमेरिका की भूमिका का कोई उल्लेख नहीं था। 28 जुलाई को भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि "सभी राजनीतिक और सैन्य उद्देश्य पूरे होने के बाद ही ऑपरेशन रोका गया" और किसी बाहरी दबाव से इनकार किया। बता दें कि जून 2025 में पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच उच्च स्तरीय बैठकें हुईं, जिससे दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत हुए। इस बीच, पाकिस्तान के भीतर ट्रंप की नोबेल नामांकन पर बहस भी हुई, खासकर अमेरिका द्वारा ईरान पर हमलों के बाद ऐसा हुआ।  

रिपोर्ट में खुलासा: US ने मिसाइलों का उत्पादन बढ़ाने का दिया आदेश

वाशिंगटन  बीते दिनों अमेरिका के पास हथियारों की कमी की खबर सामने आने के बाद अब एक रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि अमेरिका इसे लेकर बेहद अलर्ट मोड में है। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने हाल ही में अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि पेंटागन ने कुछ अहम मिसाइलों के प्रोडक्शन को दोगुना, चौगुना करने के आदेश दे दिए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका चीन के साथ संभावित जंग को देखते हुए यह कदम उठा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन के साथ संभावित भावी संघर्ष को देखते हुए पेंटागन अपने मिसाइल सप्लायर्स से उत्पादन दर को दोगुना, चौगुना करने की बातचीत कर रहा है। मामले से परिचित लोगों का हवाला देते हुए बताया गया है कि सबसे ज्यादा मांग वाले महत्वपूर्ण हथियारों के उत्पादन में तेजी लाने के लिए पेंटागन के अधिकारियों ने कई उच्च स्तरीय बैठकें की हैं। सूत्रों ने यह भी बताया कि इस मिशन की देखरेख अमेरिका के उप रक्षा सचिव स्टीव फीनबर्ग खुद कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुआबिक स्टीव फीनबर्ग इस पर चर्चा करने के लिए हर हफ्ते कुछ कंपनी के अधिकारियों को बुलाते हैं। हालांकि रिपोर्ट सामने आने के बाद पेंटागन या अमेरिकी अधिकारियों की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं की गई है। इससे पहले बीते जुलाई महीने में अमेरिका ने अपने हथियारों के भंडार में कमी को लेकर चिंता जताते हुए यूक्रेन को कुछ हथियारों की आपूर्ति रोक दी थी। वाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने एक बयान में कहा था, “हमारे देश के सैन्य सहयोग और दुनिया भर के अन्य देशों को दी जाने वाली सहायता की समीक्षा के बाद अमेरिका के हितों को सर्वोपरि रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।” रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई थी कि अमेरिका के भंडार में कई जरूरी हथियारों का स्टॉक कम हो गया है, जिनमें एंटी एयर मिसाइलें भी शामिल हैं। इसके अलावा लॉन्ग रेंज की मिसाइलें, 155 एमएम आर्टिलरी शेल्स की भी कमी की बात कही गई थी।

दिल्ली के लिए पीएम मोदी का संदेश: भाजपा के साथ है भावना और विश्वास

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में नवनिर्मित दिल्ली भाजपा प्रदेश कार्यालय का उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि नवरात्र के इन पावन दिनों में सोमवार को दिल्ली भाजपा को अपना नया कार्यालय मिला है। ये नए सपनों और नए संकल्पों से भरा पल है। मैं दिल्ली भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि 1980 में जब भाजपा की स्थापना हुई तो वीके मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा के पहले अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। आज दिल्ली भाजपा जिस मजबूती में है, वो बीते दशकों में हमारे लाखों कार्यकर्ताओं के त्याग और परिश्रम का परिणाम है। प्रधानमंत्री ने कहा कि केदारनाथ साहनी, साहिब सिंह वर्मा, मदनलाल खुराना…ऐसे अनेक दिग्गज नेताओं ने हमें सेवा की अमिट राह दिखाई। अरुण जेटली और सुषमा स्वराज जैसे कितने ही व्यक्तित्वों ने पार्टी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दिल्ली और भाजपा का संबंध सिर्फ एक शहर और पार्टी का नहीं है। ये संबंध सेवा, संस्कार और सुख-दुख की साथी होने का है। पहले जनसंघ के रूप में और फिर भाजपा के रूप में, हमारी पार्टी दिल्ली के दिल से, दिल्ली के हितों से जुड़ी रही है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौर में दिल्ली के लोगों के साथ जनसंघ के नेताओं ने सत्ता के दमन के खिलाफ संघर्ष किया। 1984 में जिन सिख दंगों में दिल्ली की आत्मा पर मानवता पर एक भयंकर आघात हुआ, उस संकट काल में भी दिल्ली बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने हमारे सिख भाइयों की हर संभव रक्षा की। दिल्ली और भाजपा का साथ भावना का है, भरोसे का है। उन्होंने आगे कहा कि हमारे लिए कोई भी भाजपा कार्यालय किसी देवालय से, किसी मंदिर से कम नहीं है। कोई भी भाजपा कार्यालय सिर्फ इमारतें नहीं है, ये मजबूत कड़ियां हैं, जो पार्टी को जमीन से, जन-अपेक्षाओं से जोड़े रखती हैं। भाजपा सत्ता के लिए नहीं, सेवा के लिए सरकार में है। ये कार्यालय इसी चेतना को जागृत रखते हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि भाजपा के सुशासन का एक और मजबूत पहलू है। हमारी सरकारों का फोकस डिलीवरी पर है और सामान्य जन की बचत बढ़ाने पर भी है। एनडीए की सरकारों ने देश में सुशासन का एक नया मॉडल दिया है। हम विकास भी और विरासत भी के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हमने देश की और देशवासियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। हमने बड़े-बड़े घोटालों से देश को मुक्ति दिलाकर भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक जंग का विश्वास जगाया है। उन्होंने कहा कि 2014 तक हमारे देश में इनकम टैक्स का क्या हाल था। 2 लाख रुपए से ज्यादा की आय होने पर टैक्स लग जाता था। आज 12 लाख रुपए तक की इनकम पर भी टैक्स जीरो है। यही स्थिति गुड एंड सर्विस पर लगने वाले टैक्स की भी थी।

त्योहारी भीड़ में सहूलियत! पश्चिम रेलवे चलाएगा गुजरात होकर 3 स्पेशल ट्रेनें, देखें स्टॉपेज और समय

अहमदाबाद दिवाली और छठ पर्व पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए पश्चिम रेलवे ने 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। ये ट्रेनें बांद्रा टर्मिनस से अयोध्या कैंट, बांद्रा टर्मिनस से लुधियाना जंक्शन और उधना-जयनगर के बीच आवाजाही करेंगी। इन ट्रेनों की क्या टाइमिंग होंगी? ये ट्रेनें किन स्टेशनों पर रुकेंगी? इस रिपोर्ट में पूरी डिटेल… बांद्रा टर्मिनस-अयोध्या कैंट वीकली स्पेशल यह वीकली स्पेशल ट्रेन गाड़ी नंबर 09095 के नाम से बांद्रा टर्मिनस से अयोध्या कैंट के बीच आवाजाही करेगी। ट्रेन नंबर 09095 बांद्रा टर्मिनस-अयोध्या कैंट वीकली स्पेशल हर बुधवार को बांद्रा टर्मिनस से 11.00 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 1730 बजे अयोध्या कैंट पहुंचेगी। यह ट्रेन पहली अक्टूबर से 19 नवंबर तक चलेगी। अयोध्या कैंट-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल ट्रेन संख्या 09096 अयोध्या कैंट-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल ट्रेन हर गुरुवार को अयोध्या कैंट से 21.00 बजे प्रस्थान करेगी और शनिवार को 06.00 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। यह ट्रेन 2 अक्टूबर से 20 नवंबर तक चलेगी। कहां-कहां स्टॉपेज? गाड़ी संख्या 09095/09096 बांद्रा टर्मिनस-अयोध्या कैंट ट्रेन कुल 16 फेरे लगाएगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड, नवसारी, सूरत, भरूच, वडोदरा, दाहोद, मेघनगर, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ और बाराबंकी स्टेशनों पर रुकेगी। इसमें एसी-3 टियर, स्लीपर क्लास और जनरल सेकेंड क्लास कोच होंगे। बांद्रा टर्मिनस-लुधियाना जंक्शन ट्रेन ट्रेन नंबर 09097 बांद्रा टर्मिनस-लुधियाना जंक्शन वीकली स्पेशल हर रविवार को बांद्रा टर्मिनस से 2150 बजे प्रस्थान करेगी और मंगलवार को 00.30 बजे लुधियाना जंक्शन पहुंचेगी। यह ट्रेन 5 अक्टूबर से 30 नवंबर तक चलेगी। लुधियाना जंक्शन-बांद्रा टर्मिनस ट्रेन ट्रेन संख्या 09098 लुधियाना जंक्शन-बांद्रा टर्मिनस वीकली स्पेशल हर मंगलवार को लुधियाना जंक्शन से 0400 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 1020 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। यह ट्रेन 7 अक्टूबर से 2 दिसंबर तक चलेगी। इन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन संख्या 09097/09098 के रूप में बांद्रा टर्मिनस-लुधियाना जंक्शन वीकली स्पेशल कुल 18 फेरे लगाएगी। ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, वडोदरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, हिंडौन सिटी, मथुरा जंक्शन, नई दिल्ली, पानीपत और अम्बाला स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में एसी-2 टियर, एसी-3 टियर और एसी-3 टियर (इकोनॉमी) क्लास कोच होंगे। उधना-जयनगर स्पेशल ट्रेन ट्रेन संख्या 09151 उधना-जयनगर स्पेशल मंगलवार 30 सितंबर को उधना से 0645 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 2130 बजे जयनगर पहुंचेगी। जयनगर-उधना स्पेशल ट्रेन संख्या 09152 जयनगर-उधना स्पेशल बुधवार यानी एक अक्टूबर को जयनगर से 2300 बजे रवाना होकर और शुक्रवार को 1745 बजे उधना पहुंचेगी। इन स्टेशनों पर ठहराव ट्रेन संख्या 09151/09152 उधना-जयनगर स्पेशल 2 फेरे लगाएगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में सूरत, भरूच, वडोदरा, गोधरा, रतलाम, उज्जैन, शुजालपुर, संत हिरदाराम नगर, बीना, कटनी मुरवारा, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय, बक्सर, आरा, दानापुर, पाटलिपुत्र, सोनपुर, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में स्लीपर क्लास और जनरल सेकेंड क्लास कोच होंगे।

नेतन्याहू का दांव: गाजा संघर्ष के बीच ट्रंप से मीटिंग, US में युद्धविराम की आस

गाजा इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस समय वॉशिंगटन में हैं। आज (सोमवार, 29 सितंबर को) उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात होने वाली है। इससे पहले नेतन्याहू ने कहा है कि वह वाइट हाउस के साथ गाजा में एक नए युद्धविराम योजना पर काम कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने इसका कोई विवरण नहीं दिया और सिर्फ इतना कहा कि इसके विवरण तय किए जा रहे हैं। नेतन्याहू का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है, जब एक तरफ इजरायली फौज गाजा में लगातार आगे बढ़ रही है और ताबड़तोड़ हमले कर रही है, ताकि शहर को हमास से मुक्त कराया जा सके। वहीं दूसरी तरफ, नेतन्याहू पर गाजा युद्ध को समाप्त करने का भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव है। इस बीच, गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इजरायल और हमास के बीच लगभग तीन साल से जारी युद्ध में मारे गए फिलिस्तीनी नागरिकों की संख्या अब बढ़कर 66,000 से अधिक हो गई है। वाइट हाउस में सोमवार को होने वाली ट्रंप-नेतन्याहू की बैठक में, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा गाजा में युद्ध समाप्त करने के लिए एक नया प्रस्ताव साझा करने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि ट्रंप इसके लिए 21 सूत्री प्रस्ताव का ऐलान कर सकते हैं। इसी के मद्देनजर नेतन्याहू के सुर में बदलाव देखा गया है। नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज़ संडे के 'द संडे ब्रीफिंग' में कहा, “हम इस पर काम कर रहे हैं। इसे अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है, लेकिन हम राष्ट्रपति ट्रंप की टीम के साथ काम कर रहे हैं, और मुझे उम्मीद है कि हम इसे सफल बना सकते हैं।” 21-सूत्रीय प्रस्ताव में तत्काल युद्धविराम योजना की जानकारी रखने वाले अरब अधिकारियों का कहना है कि 21-सूत्रीय प्रस्ताव में तत्काल युद्धविराम, हमास द्वारा बंधक बनाए गए सभी लोगों को 48 घंटों के भीतर रिहा करने और गाजा से इजरायली सेना की क्रमिक वापसी की बात शामिल है। अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर एसोसिएट प्रेस से यह बात कही क्योंकि प्रस्ताव की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। अधिकारियों ने कहा कि प्रस्ताव अंतिम नहीं है और इसमें बदलाव की पूरी संभावना है। अरब नेताओं के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा दरअसल, ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में अरब नेताओं के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा की थी। हमास के एक अधिकारी ने कहा कि समूह को योजना के बारे में जानकारी दे दी गई है, लेकिन अभी तक मिस्र और कतर के मध्यस्थों से कोई आधिकारिक प्रस्ताव नहीं मिला है। हमास ने कहा है कि वह ‘किसी भी प्रस्ताव का सकारात्मक और जिम्मेदारी से अध्ययन करने’ के लिए तैयार है। गाजा में अभी भी 48 लोग बंधक बता दें कि नेतन्याहू ने हमास के खात्मे तक लड़ाई जारी रखने की कसम खाई है। हालांकि, उन्होंने संघर्ष समाप्त करने वाले समझौते के तहत हमास के गुर्गों को गाजा छोड़ने की अनुमति देने की पेशकश दोहराई है। बता दें कि 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के आतंकी हमले के बाद से इजरायल ने हमास के ठिकानों को नेस्तनाबूद करना शुरू कर दिया था। गाजा में आक्रमण उसी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा, "अगर वे युद्ध खत्म कर देते हैं, सभी बंधकों को रिहा कर देते हैं, तो हम उन्हें छोड़ देंगे।" गाजा में अभी भी 48 लोग बंधक है। सीजफायर की बात क्यों करने लगे नेतन्याहू? दरअसल, नेतन्याहू पर युद्ध समाप्त करने के लिए काफी अंतरराष्ट्रीय दबाव है। इजरायली आपत्तियों के बावजूद, प्रमुख पश्चिमी सहयोगी देश फिलिस्तीनी राष्ट्र को मान्यता देने वाले देशों की बढ़ती सूची में शामिल हो गए हैं। अमेरिका पर भी इस युद्ध को रुकवाने का दबाव बढ़ गया है। दूसरी तरफ, यूरोपीय संघ इजरायल के खिलाफ प्रतिबंधों पर विचार कर रहा है और उसके खिलाफ खेल एवं सांस्कृतिक बहिष्कार के प्रयास भी तेज हो गए हैं।