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मौसम का डबल अटैक! 24 घंटे में 20 राज्यों में मूसलाधार बारिश, IMD ने जारी की चेतावनी

नई दिल्ली चिलचिलाती धूप और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से पुरा देश बेहाल है. मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में उठे एक शक्तिशाली चक्रवाती बवंडर का हाई अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग (आईएमडी) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, इस दोहरे मौसमी सिस्टम के कारण देश के 20 से अधिक राज्यों में अगले कुछ दिनों तक विनाशकारी आंधी, आसमानी बिजली और भीषण ओलावृष्टि के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू होने वाला है।  मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा अरब सागर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैल चुकी है. अगले कुछ ही दिनों में मानसून केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप के बचे हुए सभी हिस्सों को अपनी चपेट में ले लेगा. इन इलाकों में मानसून की इस भारी सक्रियता के कारण लगातार घने बादल बन रहे हैं और कई तटीय क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो चुका है। चक्रवाती बवंडर के कारण कर्नाटक में तेज बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने राज्य में अगले चार दिनों के लिए भारी बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया है. राजधानी बेंगलुरु सहित राज्य के करीब 25 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है. विभाग ने चेतावनी दी है कि 1 जून से 3 जून के बीच राज्य के 19 से अधिक जिलों में लोगों को विशेष सावधानी बरतनी होगी क्योंकि हवाओं की गति बेहद खतरनाक हो सकती है।  तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के क्षेत्रों में बंगाल की खाड़ी के इस बवंडर का सीधा और सबसे खतरनाक असर देखने को मिल रहा है. इन इलाकों में गरज-चमक के साथ ऐसी तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच जाएगी. इस चक्रवाती सिस्टम के कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं, जिसे देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है। उत्तर प्रदेश में 24 से 48 घंटों में मौसम रौद्र रूप दिखाने वाला है. वेस्ट यूपी और पूर्वांचल दोनों ही हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने की आशंका है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी दी गई है. कम से कम 32 से 40 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।  सोमवार को बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में इस चक्रवाती बवंडर का व्यापक असर दिखेगा. इन सभी राज्यों में भारी बारिश के साथ-साथ भयंकर गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है. ओडिशा और झारखंड के कुछ हिस्सों में अचानक आने वाले तीव्र आंधी-तूफान (Thundersqualls) को लेकर प्रशासन ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. लोगों को पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है। देश की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों यानी कि एनसीआर क्षेत्र में सोमवार को पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के असर दिखेगा. दिनभर बादल छाए रह सकते हैं. दिल्ली के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जिससे पिछले कई दिनों से जारी उमस और भीषण गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।  पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज इस समय सबसे ज्यादा डरावना बना हुआ है, खासकर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में. उत्तराखंड के अधिकांश पहाड़ी जिलों में घने बादलों की आवाजाही के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है. इसके अलावा, मौसम विभाग ने दोनों राज्यों के कई हिस्सों में भारी ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी दी है, जिसका सीधा असर चारधाम यात्रा मार्ग पर चल रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर पड़ सकता है। सेवेन सिस्टर्स राज्यों (असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैण्ड, और सिक्किम) में अगले एक हफ्ते तक लगातार मूसलाधार बारिश का सिलसिला चलने वाला है. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है. लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों वाले क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslide) होने और निचले इलाकों में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बनने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।  जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर शुरू होगा, लेकिन सबसे खतरनाक चेतावनी राजस्थान के लिए है. राजस्थान के कई जिलों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की विनाशकारी रफ्तार से धूल भरी आंधी (Dust Storm) और चक्रवाती तूफान आने का अलर्ट है. धूल के इस गुबार के कारण विजिबिलिटी पूरी तरह समाप्त हो सकती है। आईएमडी ने लोगों से अपील की है कि आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के दौरान वे रूप से घरों के अंदर ही रहें. जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें. किसानों को अपनी तैयार फसलों को ओलावृष्टि और भारी बारिश से बचाने के उचित उपाय करने की सलाह दी गई है. मवेशियों को खुले स्थानों के बजाय सुरक्षित शेड में रखने के निर्देश दिए गए हैं। 

हिमाचल के मंडी में भाजपा का एकछत्र राज बरकरार, कांग्रेस सिर्फ 4 सीटों पर सिमटी

मंडी  हिमाचल प्रदेश में मंडी जिला परिषद और नगर निगम चुनाव में भाजपा ने परचम लहराया है. पूर्व सीएम जयराम ठाकुर के जिले में भाजपा ने जहां नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को बुरी तरह हराया. वहीं, जिला परिषद में भी भाजपा का डंका देखने को मिला।  जानकारी के अनुसार, मंडी जिले में कुल 36 जिला परिषद की सीटें हैं. इसमें भाजपा ने 25 सीटों पर जीत दर्ज की और तीन पर भाजपा के बागी जीते. जबकि कांग्रेस 4 सीटों पर सिमट गई. सीपीआईएम को दो सीटें मिली हैं. इन चुनावों में कुछ दिग्गज भी चुनाव हारे हैं, जिनमें सबसे प्रमुख नाम मंडी जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा एवं पूर्व मंत्री कौल सिंह की बेटी चंपा ठाकुर का है. वह कोटली वार्ड से भाजपा की प्रत्याशी से चुनाव हार गई।  इसके बाद पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की बेटी वंदना गुलेरिया भी टिहरा वार्ड से चुनाव हार गई. सराज से कांग्रेस के नेता चेत राम ठाकुर का बेटा तरुण ठाकुर भी ब्रयोगी वार्ड से चुनाव हार गया है. सुंदरनगर में कांग्रेस के पूर्व विधायक सोहन सिंह का भतीजा चुनाव जीत गया।  ये हैं भाजपा के 25 अधिकृत विजेता प्रत्याशी मंडी जिला परिषद चुनाव में भाजपा ने कुल कितनी सीटों पर जीत दर्ज की?     वार्ड नंबर 2 बथेरी से रोशन लाल     वार्ड नंबर 3 नेर घरवासड़ा से बिंदु बाला     वार्ड नंबर 6 नगवाईं से विद्या देवी     वार्ड नंबर 7 स्योग से धर्मपाल ठाकुर     वार्ड नंबर 8 कटौला से दीपक कुमार शर्मा     वार्ड नंबर 9 थाची से बोदी देवी     वार्ड नंबर 10 बासा से पदमा देवी     वार्ड नंबर 11 मझोठी से इंद्र देव     वार्ड नंबर 12 रोड़ से शिव चंद     वार्ड नंबर 13 ब्रयोगी से रोहित कुमार     वार्ड नंबर 14 नौण से टिक्कम सिंह     वार्ड नंबर 15 चुराग से शकुंतला देवी     वार्ड नंबर 16 लोअर करसोग से अनिता देवी     वार्ड नंबर 17 सराहन से नोमलता     वार्ड नंबर 18 सांवीधार से कमल सिंह     वार्ड नंबर 19 डैहर से रोशन लाल     वार्ड नंबर 21 खिलड़ा से अमरू राम     वार्ड नंबर 23 कोट बल्ह से प्रेम सिंह     वार्ड नंबर 25 बैहल से संजय कुमार रावत     वार्ड नंबर 27 कोट गोपालपुर से सुष्मिता शर्मा     वार्ड नंबर 30 सदयाणा से परस राम     वार्ड नंबर 31 कोटली से हेमलता     वार्ड नंबर 32 सरी से रीना देवी     वार्ड नंबर 33 नवाही से श्याम लाल     वार्ड नंबर 35 सोहर से अंजना कुमारीवार्ड     नंबर 4 डलाह से चंपा देवी (भाजपा से बागी)     वार्ड नंबर 24 गोड़ा गागल से डिम्पल कुमार सैनी (भाजपा से बागी)     वार्ड नंबर 28 भाम्बला से अभिलाषा ठाकुर(भाजपा से बागी). कांग्रेस कहां कहां जीती     वार्ड नंबर 20 सलापड़ से मोहित ठाकुर     वार्ड नंबर 26 लोअर रिवालसर से पवन कुमार     वार्ड नंबर 34 टिहरा से अनिता कुमारी     वार्ड नंबर 29 थौना से अंजनी देवी     वार्ड नंबर 22 महादेव से किरणा कुमारी (कांग्रेस की बागी) मंडी के सेरी मंच पर विजेताओं के साथ जयराम. सीपीआईएम ने दो सीटें जीतीं     वार्ड नंबर 1 भडयाडा से कुशाल भारद्वाज     वार्ड नंबर 5 कुफरी से शिवानी ठाकुर     वार्ड नंबर 36 लांगणा से राखी शर्मा निर्दलीय. जयराम को जीत का श्रेय 2027 में जब भाजपा विधानसभा चुनाव जीती थी तो मंडी जिले की 10 विधानसभा सीटों मेंसे 9 भाजपा ने जीती थी. इसके बाद 2022 में भाजपा ने 9 सीटें जीती और एक कांग्रेस को गई. इसके बाद लोकसभा चुनाव में जयराम का डंका बजा और वह कंगना को जिताने में कामयाब रहे. अब नगर निगम चुनाव और जिला परिषद चुनाव में जयराम ठाकुर को पूरी तरह से क्रेडिट जाता है. जीत के बात जयराम ठाकुर ने मंडी में कहा कि मंडी भाजपा की थी और भाजपा की रहेगी। 

CM शुभेंदु ने क्रिकेटर पर जताया भरोसा, बंगाल कैबिनेट में मिली बड़ी जिम्मेदारी

कलकत्ता पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार 1 जून (सोमवार) को संपन्न हुआ. राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आरएन रवि की मौजूदगी में कुल 35 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली. इस दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।  नबन्ना में आयोजित समारोह की शुरुआत कैबिनेट मंत्रियों के शपथ ग्रहण से हुई. सबसे पहले 7 विधायकों को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई. इसके बाद तीन विधायकों ने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली, जबकि अंत में 19 विधायकों ने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण किया।  टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज अशोक डिंडा भी बंगाल सरकार में मंत्री बने हैं. उन्होंने राज्य मंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ ली. डिंडा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर हालिया विधानसभा चुनाव में मोयना सीट से धमाकेदार जीत हासिल की थी. डिंडा ने अपने निकटमतम प्रतिद्वंद्वी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) के चंदन मंडल को 16241 मतों से हराया था।  यह लगातार दूसरी बार है जब अशोक डिंडा ने मोयना सीट पर जीत दर्ज की है. इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में 42 वर्षीय डिंडा ने तृणमूल कांग्रेस के संग्राम डोलुई को बेहद करीबी मुकाबले में 1260 वोटों से हराया था. क्रिकेट के बाद राजनीति में उनकी यह जीत भाजपा के लिए भी बड़ा संदेश मानी गई थी।  अशोक डिंडा का क्रिकेट करियर भी काफी चर्चित रहा है. उन्होंने दिसंबर 2009 में श्रीलंका के खिलाफ भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया था. दाएं हाथ के तेज गेंदबाज डिंडा ने भारत के लिए 13 वनडे और 9 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले. वनडे इंटरनेशनल में उन्होंने 12 विकेट लिए, जबकि टी20 इंटरनेशनल में उनके नाम 17 विकेट दर्ज हैं।  IPL में इन टीमों के लिए खेले घरेलू क्रिकेट में बंगाल के लिए अशोक डिंडा का योगदान बेहद अहम रहा. वहीं इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई. डिंडा ने IPL में कुल 78 मैच खेलते हुए 69 विकेट झटके. इस दौरान वह कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR), दिल्ली कैपिटल्स (DC), पुणे वॉरियर्स इंडिया (PWI), रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स (RPS) जैसी टीमों का हिस्सा रहे।  क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अशोक डिंडा ने फरवरी 2021 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था. इसके बाद उन्होंने राजनीति में तेजी से अपनी पहचान बनाई और अब मंत्री पद तक पहुंचकर यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ क्रिकेट मैदान पर ही नहीं, राजनीति की पिच पर भी लंबी पारी खेलने के लिए तैयार हैं। अशोक डिंडा-जॉयल मुर्मू समेत कई MLA's बने राज्य मंत्री समारोह में जॉयल मुर्मू, पूर्व क्रिकेटर व विधायक अशोक डिंडा और आनंदमय बर्मन ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली. इनके अलावा बीजेपी विधायक शांतनु प्रमाणिक, पूर्णिमा चक्रवर्ती और उमेश राय को भी शुभेंदु अधिकारी कैबिनेट में राज्य मंत्री (MoS) के तौर पर शामिल किया गया है।  पश्चिम बंगाल सरकार का ये शपथ ग्रहण समारोह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के शपथ लेने के ठीक तीन हफ्ते बाद हुआ है. शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई को ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की गरिमामयी उपस्थिति में शपथ ली थी. उनके अलावा इस शपथ ग्रहण समारोह में दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निशित प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू मंत्री पद की शपथ ली थी।  सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश वहीं, बंगाल में मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए बीजेपी ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को साधने की कोशिश की है. नए मंत्रिमंडल में ब्राह्मण, ओबीसी (OBC), आदिवासी, मतुआ और राजबंशी समुदायों को उचित प्रतिनिधित्व दिया गया है।  आपको बता दें कि हाल में संपन्न हुआ बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत हासिल कर ममता बनर्जी की 15 साल पुरानी सत्ता को फेंका. बीजेपी ने 294 सीटों में से अकेले दम पर 200 से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज की।     

शुभेंदु सरकार का बड़ा विस्तार, 35 मंत्रियों को मिला मौका; जानें किसे कौन सा पद

कलकत्ता  पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनाने के तीन हफ्ते बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया है। आज सुबह 11 बजे से कोलकाता के नबन्ना में भाजपा के 35 विधायकों को राज्यपाल आरएन रवि ने मंत्री पद की शपथ दिलाई।  इस विस्तार से मंत्रिमंडल का आकार बढ़ गया, जिसमें अभी अधिकारी और 9 मई को शपथ लेने वाले उनके पांच कैबिनेट सहयोगी शामिल हैं। शुभेंदु कैबिनेट में अब 13 कैबिनेट मंत्री, 19 राज्य मंत्री और 3 स्वतंत्र प्रभार मंत्री हो गए हैं।  कौन बना कैबिनेट मंत्री? पश्चिम बंगाल में इस बार मंत्रिमंडल में क्षेत्र और अनुभव को ध्यान में रखते हुए संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। कैबिनेट में इस बार अनुभवी और युवा नेताओं को जगह दी गई।  जिन 13 चेहरों को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है उनमें     दीपक बर्मन     तापस रॉय     डॉ शंकर घोष     मनोज कुमार उरांव     अर्जुन सिंह     गौरी शंकर घोष     स्वपन दासगुप्ता     जगन्नाथ चट्टोपाध्याय     कल्याण चक्रवर्ती     अजय पोद्दार     सारद्वत मुखर्जी     दूध कुमार मंडल     अनूप कुमार दास मंत्रिपरिषद कितनी बड़ी होगी? 35 नए मंत्रियों के शामिल होने के साथ ही पश्चिम बंगाल मंत्रिपरिषद की संख्या बढ़कर 41 हो गई। पांच कैबिनेट मंत्री पहले ही शपथ ले चुके हैं, जो महिलाओं (अग्निमित्रा पॉल), मतुआ समुदाय (अशोक कीर्तनिया), राजबंशी समुदाय (निसिथ प्रमाणिक) और आदिवासियों (क्षुदीराम टुडू) का प्रतिनिधित्व करते हैं। पार्टी नेताओं ने बताया कि मंत्रिपरिषद के विस्तार से अन्य समुदायों को भी प्रतिनिधित्व मिलेगा। 91वें संवैधानिक संशोधन के तहत किसी भी राज्य की कैबिनेट का आकार विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता। पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यों वाली विधानसभा में मंत्रियों की अधिकतम अनुमत संख्या 44 है। इस हिसाब से अधिकारी सरकार के पास अभी भी इस सीमा से तीन पद कम हैं। इन विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ सोमवार को शपथ लेने वालों में दीपक बर्मन, अर्जुन सिंह, शंकर घोष, गौरी शंकर घोष, तापस रॉय, स्वप्न दासगुप्ता, डीके मंडल, राजेश महता, इंद्रनील खान, मालती रेवा रॉय, जॉयल मुर्मू, अशोक डिंडा, आनंदमय बर्मन, शांतनु प्रमाणिक, पूर्णिमा चक्रवर्ती, उमेश रॉय और मनोज कुमार ओरान शामिल हैं। भाजपा ने हालिया विधानसभा चुनाव में 294 सदस्यीय सदन में 208 सीटें जीतकर पहली बार पश्चिम बंगाल में सरकार बनाई थी। मुख्यमंत्री अधिकारी ने नौ मई को शपथ ली थी। उस समय उनके साथ केवल पांच अन्य मंत्रियों को शामिल किया गया था और मंत्रियों की संख्या छह थी। नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 41 हो जाएगी, जो संवैधानिक सीमा के भीतर है। संविधान के अनुसार 294 सदस्यीय विधानसभा में मंत्रियों की अधिकतम संख्या 44 हो सकती है। बंगाल सरकार का फॉर्मूला एजेंसी वार्ता ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि मंत्रिमंडल विस्तार में देरी क्षेत्रीय संतुलन और विभिन्न जिलों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए की गई। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि पार्टी की चुनावी सफलता राज्य के लगभग हर जिले के समर्थन से मिली है, इसलिए अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को मंत्रिमंडल में समायोजित करने के प्रयास किए गए। राजनीतिक हलकों की नजर अब इस बात पर है कि किन विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह मिलती है और महत्वपूर्ण विभाग किसे सौंपे जाते हैं। माना जा रहा है कि शपथ ग्रहण के तुरंत बाद विभागों का बंटवारा भी घोषित किया जा सकता है। पहले 9 मंत्री हुए थे शामिल शुभेंदु के साथ भाजपा विधायकों दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निसिथ प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी। छह सदस्यीय मौजूदा मंत्रिमंडल भाजपा के सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन के प्रयास को दर्शाता है जिसमें ब्राह्मण, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), आदिवासी, मतुआ और राजबंशी समुदायों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। कैबिनेट विस्तार के जरिए भाजपा का क्या लक्ष्य है? कैबिनेट विस्तार में व्यापक सामाजिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर जोर दिया गया है। मौजूदा मंत्रिमंडल में पहले से ही महिलाओं, आदिवासियों, मतुआ और राजबंशी समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले नेता शामिल हैं।  

ड्रोन विवाद के बाद बढ़ा तनाव, अमेरिका ने ईरान पर किए ताबड़तोड़ हमले

तेहरान  ईरान के अमेरिकी MQ-1 प्रीडेटर ड्रोन को मार गिराने के बाद यूएस ने ईरान में रडार और ड्रोन कंट्रोल सेंटर पर बड़ा हमला किया है। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए की खबर के अनुसार, ईरान के अर्द्धसैन्य बल 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' ने एक बयान में बताया कि अमेरिकी बलों ने एक द्वीप पर दूरसंचार टावर को निशाना बनाया। इससे पहले कुवैत ने बताया था कि ईरान की ओर से हमला किया गया है। अमेरिका ने कहा कि आत्मरक्षा के लिए उसने गुरुक और ईरान के केश्म आइलैंड पर बमबारी की है। होर्मुज वाले द्वीप पर भी हमला बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच औपचारिक रूप से युद्धविराम है। हालांकि कई बार ऐसा हुआ है कि अमेरिका और ईरान दोनों की तरफ से युद्धविराम का उल्लंघन किया गया है। ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका होर्मुज के सिरिक आइलैंड पर हमला करन के लिए कुवैत के एयरबेस का इस्तेमाल कर रहा था। इसीलिए इस एयरबेस को टारगेट किया गया है। ईरान ने फिर खोल दिए मिसाइल अड्डे एक रिपोर्ट में कहा गया है कि रिपेयरिंग का काम पूरा होने के बाद ईरान ने एक बार फिर अपने मिसाइल अड्डे खोल दिए हैं। सुरंगों में बनाए गए इन अड्डों को सुरक्षित बनाने के लिए एंट्री को सील कर दिया गया है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक सैटलाइट इमेजरी से पता चला है कि जिन 69 ठिकानों पर अमेरिका ने हमला किया था उनमें से करीब 50 को फिर से खोला जा चुका है और मेंटिनेंस का काम पूरा हो चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने बुलडोजर और ट्रक का इस्तेमाल करके सारा मलबा साफ कर दिया है और सड़कों को भी दुरुस्त कर दिया गया है। इसके बाद अब ईरान एक बार फिर लॉन्ग रेंज मिसाइल अटैक करने की स्थिति में है। बताया गया कि लगभग सात हफ्ते पहले हुए सीजफायर के बाद ही ईरान ने अपने मिसाइल ठिकानों को रिकवर करने का मिशन शुरू कर दिया था। कहां अटकी है समझौते की बात सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संशोधित मसौदा कई बार मध्यस्थों के माध्यम से ईरान को भेजा गया है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान की अगुवाई में मध्यस्थता की जा रही है। हालांकि अमेरिकी संशोधनों को "महत्वपूर्ण" बताया गया है, लेकिन उनके विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं और ईरान ने भी अभी औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। फारस की खाड़ी में तनाव के बावजूद ईरान ने कहा है कि पिछले 24 घंटों में 28 वाणिज्यिक जहाज, जिनमें तेल टैंकर और मालवाहक पोत शामिल हैं, उसकी अनुमति से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे। वहीं दक्षिण पार्स गैस क्षेत्र के कुछ प्लेटफॉर्मों पर उत्पादन आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। आर्थिक मोर्चे पर भी ईरान दबाव में है। खबरों के अनुसार, खुजेस्तान प्रांत में मजदूरों और पेंशनभोगियों ने वेतन, पेंशन और बढ़ती महंगाई को लेकर प्रदर्शन किया।

1 साल बाद फिर पटरी पर लौटेंगी ट्रेनें, दिल्ली से जम्मू-कश्मीर का सफर होगा आसान

नई दिल्ली  जम्मू-कश्मीर जाने वाले यात्रियों की परेशानी अब दूर होगी। पिछले वर्ष भारी वर्षा और बाढ़ के कारण रावी नदी का पानी बहुत बढ़ गया था। तेज बहाव की वजह से कठुआ और माधोपुर के बीच पुल का एक पिलर क्षतिग्रस्त हो गया था। इस कारण सुरक्षा के कारणों से ट्रेनों के परिचालन को रोक दिया गया था। कई ट्रेनें पिछले एक साल से निरस्त थीं। इससे जम्मू कश्मीर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब क्षतिग्रस्त पुल को ठीक कर दिया गया है। निरस्त ट्रेनें चलाने की घोषणा कर दी गई है। स्पेशल ट्रेनों के संचालन में होगी आसानी 30 मई को उत्तर रेलवे के रेलवे संरक्षा आयुक्त दिनेश चंद देशवाल ने पुल का निरीक्षण और गति परीक्षण करने के बाद ट्रेन संचालन को मंजूरी दे दी है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह पुल पठानकोट-जम्मू-श्रीनगर रेल मार्ग का अहम हिस्सा है। इसके खुलने से जम्मू-कश्मीर आने-जाने वाले यात्रियों और मालगाड़ियों को सीधा लाभ होगा। कटड़ा और जम्मू जाने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी। इस पुल की बहाली से ट्रेनों का संचालन समय पर होगा, साथ ही अमरनाथ यात्रा व ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विशेष ट्रेनों के संचालन में आसानी होगी। इन निरस्त ट्रेनों का शुरू हो रहा परिचालन     काठगोदाम-जम्मूतवी गरीबरथ (12207/12208)     गाजीपुर सिटी-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा (14611/14612)     भावनगर-एमसीटीएम ऊधमपुर जन्मभूमि एक्सप्रेस(19107/19108)     तिरुपति-जम्मूतवी हमसफर एक्सप्रेस (22705/22706)     दुर्ग-एमसीटीएम ऊधमपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12549/12550)     साबरमती -श्री माता वैष्णों देवी कटड़ा एक्सप्रेस (19415/19416)     दुर्ग-एमसीटीएम ऊधमपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (20847/20848)     कोटा- एमसीटीएम ऊधमपुर एक्सप्रेस (20985/20986) 15 जून से शुरू होगा इन ट्रेनों का संचालन     दिल्ली सराय रोहिल्ला-जम्मूतवी दुरंतो एक्सप्रेस (12265)     कालका-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा एक्सप्रेस (14503/14504)     दिल्ली सराय रोहिल्ला -एमसीटीएम ऊधमपुर एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22401/22402)     सुबेदरागंज-एमसीटीएम ऊधमपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22431/22432)  

जेईई एडवांस 2026 के टॉपर बने शुभम कुमार, गर्ल्स कैटेगरी में आरोही देशपांडे ने मारी बाजी

नई दिल्ली  इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रुड़की (IIT Roorkee) द्वारा आज यानी 1 जून को जेईई एडवांस रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। परिणाम की घोषणा ऑनलाइन माध्यम से ऑफिशियल वेबसाइट jeeadv.ac.in पर की गई है। परीक्षा में भाग लेने वाले स्टूडेंट्स साइट पर जाकर या सीधे इस पेज पर दिए डायरेक्ट लिंक से स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। शुभम कुमार ने हासिल की AIR-1 जेईई एडवांस एग्जाम 2026 में आईआईटी दिल्ली जोन के शुभम कुमार ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल करके टॉप किया है। उन्होंने 360 में से 330 अंक (CRL 1) हासिल कर यह मुकाम हासिल किया है। गर्ल्स में आरोही देशपांडे ने हासिल किया शीर्ष स्थान जेईई एडवांस एग्जाम में कुल 56880 स्टूडेंट्स ने सफलता प्राप्त की है जिसमें से लड़कियों की संख्या 10107 है। इन सभी गर्ल्स में दिल्ली जोन से परीक्षा देने वाली आरोही देशपांडे ने देश में टॉप किया है। उन्होंने 360 में से 280 अंक (CRL 77) प्राप्त करके यह मुकाम हासिल किया। आपको बता दें कि जेईई एडवांस एग्जाम से पहले आरोही ने जेईई मेन में भी ऑल इंडिया रैंक (AIR) 99 हासिल की थी। आपको बता दें कि इस बार जेईई एडवांस के लिए कुल 187389 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। इसमें से 179694 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी जिसमें से 56880 स्टूडेंट्स ने एग्जाम क्वालीफाई किया है। इसमें से मेल स्टूडेंट्स की संख्या 46773 वहीं फीमेल स्टूडेंट्स की संख्या 10107 है। स्कोरकार्ड एवं फाइनल आंसर की यहां से करें डाउनलोड आपको बता दें कि जेईई एडवांस एवं फाइनल आंसर की ऑफिशियल वेबसाइट jeeadv.ac.in पर जारी हुआ है। आप सीधे साइट पर जाकर या नीचे दिए जा रहे डायरेक्ट लिंक से स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं और साथ ही फाइनल उत्तर कुंजी भी प्राप्त कर सकते हैं। साथ पढ़कर, साथ खेलकर दो यार बने ऑल इंड‍िया टॉपर कोटा से आई यह खबर इस साल की सबसे खूबसूरत और प्रेरणादायी कहानी है. जब देश की सबसे कठिन परीक्षा का नतीजा आता है, तो अक्सर हमें सिर्फ नंबर्स और कट-ऑफ की बातें सुनाई देती हैं. लेकिन इस बार कोटा की वादियों से जो कहानी निकली है, वह सिर्फ कामयाबी की नहीं बल्कि एक सच्ची दोस्ती, अनुशासन और जिद की दास्तान है।  आईआईटी रुड़की ने जब देर रात 1 बजे जेईई एडवांस्ड 2026 का परिणाम घोषित किया, तो कोटा में एक नया इतिहास रचा जा चुका था. यहाँ साथ रहने वाले, साथ पढ़ने वाले और शाम को साथ खेलकर तनाव दूर करने वाले दो दोस्तों ने देश की टॉप-2 रैंक पर अपना नाम लिख दिया।  बिहार के गया के रहने वाले शुभम कुमार ने 360 में से 330 अंक लाकर ऑल इंडिया रैंक-1 (AIR-1) हासिल की. वहीं उनके सबसे पक्के दोस्त, गुरुग्राम के कबीर छिल्लर महज 1 नंबर से पीछे रह गए और 329 अंकों के साथ AIR-2 बने. इस त्रिकोणीय मुकाबले में तीसरा स्थान यानी AIR-3 सीकर के जतिन चाहर को मिला, जिन्होंने 319 अंक हासिल किए. इन तीनों ने ही कोटा में रहकर पढ़ाई की।  हॉस्टल की दोस्ती से देश की टॉप रैंक तक का सफर शुभम और कबीर की यह जुगलबंदी कोटा के एक ही हॉस्टल में परवान चढ़ी. शुभम चौथी मंजिल पर रहते थे और कबीर सातवीं मंजिल पर. दिनभर की थका देने वाली पढ़ाई के बाद दोनों का एक ही नियम था, शाम को बैडमिंटन कोर्ट पर उतरना और खेल के जरिए अपने दिमाग को बिल्कुल फ्रेश करना. आज उनकी इसी संतुलित लाइफस्टाइल और कड़े अनुशासन ने उन्हें देश के सबसे ऊंचे शिखर पर लाकर खड़ा कर दिया है. अब इन दोनों यारों का अगला सपना भी साझा है यानी आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करना।  इस महापरीक्षा में बेटियों ने भी अपना परचम लहराया है. दिल्ली जोन की आरोही देशपांडे महिला अभ्यर्थियों में सबसे आगे रहीं. उन्होंने 280 अंक हासिल कर कॉमन रैंक लिस्ट में 77वीं रैंक अपने नाम की।  शुभम की 'क्वालिटी स्टडी' का जादुई मंत्र शुभम कुमार पिछले दो सालों से कोटा में तपस्या कर रहे थे. इससे पहले जेईई मेन 2026 में भी उन्होंने 300 में से 295 अंक लाकर AIR-6 पाई थी. शुभम का मानना है कि सफलता इस बात से नहीं मिलती कि आप कितने घंटे कुर्सी पर बैठे हैं, बल्कि इस बात से मिलती है कि आपकी पढ़ाई कितनी फोकस्ड है।  शुभम ने कभी 16-16 घंटे की मैराथन पढ़ाई नहीं की, बल्कि रोज सिर्फ 6 घंटे पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ा. उन्होंने अपना एक बॉडी क्लॉक सेट कर लिया था, रोज रात 10:30 बजे सो जाना और सुबह 6:30 बजे बिना किसी अलार्म के खुद-ब-खुद उठ जाना. अपनी तैयारी के दौरान उन्होंने खुद को सुख-सुविधाओं से दूर रखा. वह एसी के आदी नहीं बने ताकि परीक्षा के दिन चाहे जैसा भी माहौल हो, उनका ध्यान न भटके।  खाने में भारी नाश्ते की जगह अंकुरित मूंग और फल, सोशल मीडिया और फिल्मों से मुकम्मल दूरी, और खुद को हमेशा सकारात्मक रखना ही उनकी रणनीति थी. शुभम के भीतर आत्मविश्वास इस कदर था कि वह अपनी रफ कॉपी पर पहले से ही 'JEE Advanced Topper' लिख दिया करते थे ताकि खुद को याद दिला सकें कि लक्ष्य क्या है. शुभम के पिता शिवकुमार एक व्यवसायी हैं और मां कंचन देवी गृहिणी हैं, जिन्होंने हमेशा अपने बेटे के इस सधे हुए सफर का साथ दिया।  दोस्त की जीत पर कबीर का बड़ा दिल कबीर छिल्लर, जिन्होंने जेईई मेन 2026 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की थी, इस बार एडवांस्ड में दूसरे स्थान पर रहे. लेकिन उनके चेहरे पर इस बात का कोई मलाल नहीं था, बल्कि अपने दोस्त की जीत की एक अलग ही चमक थी।  कबीर कहते हैं, शुभम ने दो साल तक बहुत कड़ा संघर्ष किया है, वह इस कामयाबी का हकदार है. अगर कोई दूसरा मुझसे आगे निकलता तो शायद थोड़ा दुख होता, लेकिन मेरे दोस्त ने टॉप किया है, इससे बड़ी खुशी मेरे लिए और कुछ नहीं हो सकती।  गुरुग्राम के रहने वाले कबीर के रगों में भी इंजीनियरिंग और अनुशासन है. उनके पिता अमोल छिल्लर खुद आईआईटी खड़गपुर से पढ़े सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और मां प्रियंका एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं. कबीर ने अपनी 10वीं तक की पढ़ाई उसी स्कूल से की जहां उनकी मां पढ़ाती थीं. … Read more

F-15 दुर्घटना पर बड़ा खुलासा: चीन-ईरान सैन्य सहयोग पर उठे सवाल

 नई दिल्ली  ईरान के दक्षिण-पश्चिमी इलाके में पिछले महीने दुर्घटनाग्रस्त हुए अमेरिकी F-15 फाइटर जेट को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस लड़ाकू विमान को चीन निर्मित शोल्डर-फायर्ड मिसाइल (MANPADS) से निशाना बनाया गया हो सकता है। NBC News की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने ईरान को संघर्ष के दौरान अतिरिक्त सैन्य सहायता भी दी हो सकती है। इसमें स्टेल्थ एयरक्राफ्ट तकनीक और लंबी दूरी की रडार प्रणालियां शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इन प्रणालियों की मदद से ईरान को F-15E स्ट्राइक ईगल जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों को ट्रैक करने में मदद मिली होगी। ट्रंप ने भी कहा था- मिसाइल से गिरा जेट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने उस समय कहा था कि विमान को एक शोल्डर-लॉन्च्ड मिसाइल से मार गिराया गया। MANPADS छोटे पोर्टेबल मिसाइल सिस्टम होते हैं, जिन्हें कंधे पर रखकर दागा जा सकता है और इनका इस्तेमाल कम ऊंचाई पर उड़ रहे विमानों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है। 36 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन विमान गिरने के बाद दोनों क्रू मेंबर्स की तलाश के लिए 36 घंटे तक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया गया। दोनों ने हादसे से पहले इजेक्ट कर अपनी जान बचा ली थी। पेंटागन के मुताबिक, पायलट को करीब 7 घंटे में सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि दूसरे अधिकारी वेपन्स सिस्टम्स ऑफिसर को बचाने में लगभग दो दिन लग गए। वह ईरान के ज़ाग्रोस पर्वतीय इलाके में छिपा रहा, जिसके बाद उसे सुरक्षित निकाला गया अमेरिका कर रहा जांच अमेरिकी अधिकारी अभी भी जांच कर रहे हैं कि अप्रैल में यह लड़ाकू विमान आखिर कैसे गिराया गया। रिपोर्ट के अनुसार, यदि यह पुष्टि होती है कि अमेरिकी जेट दुश्मन की गोलीबारी से गिराया गया, तो यह दशकों में पहली ऐसी घटना होगी। चीन-ईरान संबंधों पर बढ़ेगी चिंता रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि चीन ने ईरान को यह सैन्य उपकरण कब उपलब्ध कराए। लेकिन यदि ईरान वास्तव में चीनी हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है, तो इससे अमेरिका-चीन संबंधों में और तनाव बढ़ सकता है। अमेरिका पहले ही चीन पर ईरान को चीनी सैटेलाइट सेवाओं तक पहुंच देने का आरोप लगा चुका है। वॉशिंगटन का कहना है कि इससे ईरान को अमेरिकी सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिल सकती है। इसी आरोप के बाद अमेरिका ने तीन चीनी सैटेलाइट कंपनियों पर प्रतिबंध भी लगाए थे। हालांकि चीन ने इन आरोपों को खारिज किया है। ट्रंप बोले- शी जिनपिंग ने दिया भरोसा इसी महीने डोनल्ड ट्रंप ने Fox News से बातचीत में कहा था कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि चीन ईरान को हथियार नहीं भेज रहा। ट्रंप ने कहा, "राष्ट्रपति शी ने मुझसे वादा किया है कि चीन ईरान को कोई हथियार नहीं भेज रहा। यह एक खूबसूरत वादा है और मैं उनकी बात पर भरोसा करता हूं।"  

बाल यौन शोषण पर सख्त रुख: सहमति का तर्क खारिज, दोषियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश

 नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने बाल यौन शोषण और मानव तस्करी के खिलाफ एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि व्यावसायिक यौन शोषण के लिए किसी नाबालिग की तस्करी की जाती है, तो दोषियों पर कठोर 'पोक्सो एक्ट' के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। जस्टिस जे.बी. पार्डीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने एनजीओ 'प्रज्वला' की याचिका पर यह अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि बाल यौन शोषण का हर मामला कानूनन गैर-सहमति वाला ही माना जाएगा। सहमति का तर्क पूरी तरह खारिज कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि मानव तस्करी के मामलों में पीड़ित बच्ची की 'सहमति' का कोई अर्थ नहीं रह जाता, चाहे अपराधी ने डराने, धमकाने या बहलाने-फुसलाने जैसे हथकंडों का इस्तेमाल किया हो या नहीं। कोर्ट का पूरा ध्यान अपराधियों की करतूतों और उनकी नीयत पर होना चाहिए। यदि पीड़ित को यह पता भी हो कि उसे वेश्यावृत्ति में धकेला जा रहा है, तब भी वह पीड़ित ही रहेगी, क्योंकि काम के हालातों को लेकर उसे धोखे में रखा जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 23 मानव तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाता है और यह अधिकार सरकार के साथ-साथ निजी व्यक्तियों के खिलाफ भी लागू होता है पुनर्वास ही असल सशक्तिकरण सुप्रीम कोर्ट ने जांच अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ऐसे संवेदनशील मामलों को किसी एक कानून के चश्मे से न देखें, बल्कि भारतीय न्याय संहिता और अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के साथ पोक्सो एक्ट का भी समग्रता से इस्तेमाल करें। पोक्सो लागू होने से पीड़ित बच्चों के बयान दर्ज करने और मेडिकल जांच की प्रक्रिया अधिक संवेदनशील व सुरक्षित हो जाती है। कोर्ट ने पीड़ितों को सिर्फ 'बचाव का पात्र' मानने के बजाय उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और उनके पुनर्वास पर जोर दिया, क्योंकि बिना पुनर्वास के वे दोबारा उसी दलदल में गिरने को मजबूर हो जाते हैं।

2033 से शामिल होंगी नई सबमरीन, हिंद महासागर में बढ़ेगी भारत की समुद्री ताकत

नई दिल्ली  भारत ने पनडुब्बी क्षमता में अपने पड़ोसी देशों को मात देने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रहा है। इसी क्रम में भारतीय नौसेना ने जर्मनी के साथ एक डील को लेकर अच्छी खबर दी है। भारतीय नौसेना के मुताबिक भारत और जर्मर्नी के बीच 6 नए कन्वेंशनल सबमरीन के निर्माण के लिए अब कुछ ही महीनों में कॉन्ट्रैक्ट की सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इस दौरान टेक्नोलॉजी का भी ट्रांसफर किया जाएगा। इस डील के फाइनल होने से चीन और पाकिस्तान जैसे देशों पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी। पूर्व नौसेना प्रमुख के मुताबिक भारत के मजगांव डॉक और जर्मनी की थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स के बीच अनुबंध को पूरा होने में बस कुछ और महीने ही लगेंगे। पहली पनडुब्बी के 2033 में शामिल होने की उम्मीद है, जिसके बाद 2038 तक हर साल एक पनडुब्बी शामिल की जाएगी। इस मामले पर अब पूर्व नौसेना प्रमुख रहे एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने बयान दिया है। उन्होंने इस डील की पूरी कहानी बताई है। सबसे पहले इस पनडुब्बी की खासियत इन पनडुब्बियों की सबसे बड़ी खासियत इनकी AIP तकनीक है, जिसके कारण इन्हें बैटरी चार्ज करने के लिए बार-बार पानी की सतह पर नहीं आना पड़ेगा। ये पनडुब्बी 2 से 3 सप्ताह तक लगातार पानी के भीतर छिपी रह सकती हैं। इन्हें आधुनिक टॉरपीडो और भारी मारक क्षमता वाली मिसाइलों (जैसे ब्रह्मोस-एनजी) से लैस किया जाएगा। ये खामोश और अत्याधुनिक पनडुब्बियां हिंद महासागर में चीन और पाकिस्तान की समुद्री चुनौतियों का मुकाबला करने में भारतीय नौसेना को एक बड़ी रणनीतिक बढ़त देंगी। होर्मुज जैसे संकट के लिए तैयार रहना जरूरी: नौसेना प्रमुख पूर्व नौसेना प्रमुख दिनेश कुमार त्रिपाठी ने टाइम्स ऑफ इंडिया को इंटरव्यू देते हुए कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि और ऊर्जा सुरक्षा समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और संरक्षा से घनिष्ठ रूप से जुड़ी हुई है। नौसेना की तात्कालिक प्राथमिकता होर्मुज जलडमरूमध्य और व्यापक अरब सागर में उपस्थिति, निगरानी और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा प्रदान करके सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना रही है। इन समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित करने की हमारी दीर्घकालिक योजना किसी एक निश्चित समाधान पर निर्भर रहने के बजाय समुद्री क्षेत्र की जागरूकता, परिचालन क्षमता और साझेदारी को मजबूत करना है। हम महत्वपूर्ण जहाजरानी मार्गों पर निरंतर उपस्थिति बनाए रखते हैं, जैसे कि 2008 से समुद्री डाकुओं से बचाव के लिए अदन की खाड़ी में एक जहाज की निरंतर तैनाती। हमारे सूचना संलयन केंद्र-हिंद महासागर क्षेत्र (आईएफसी-आईओआर) ने परिचालन प्रतिक्रियाओं के समन्वय के लिए सहयोगी देशों के साथ संबंध स्थापित किए हैं। नौसेना प्रमुख बोले- हमारा लक्ष्य भारत के समुद्री हितों की पूर्ण सुरक्षा करना पूर्व नौसेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय नौसेना के प्रयास किसी विशिष्ट राष्ट्र को लक्षित नहीं करते, न ही हम अपने उद्देश्यों को केवल क्षेत्र पर "वर्चस्व" स्थापित करने तक सीमित रखते हैं। हमारा सर्वोपरि लक्ष्य भारत के समुद्री हितों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करना और एक स्थिर, स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में योगदान देना है। हम कई रणनीतिक कदमों पर ध्यान केंद्रित करते हैं – पहला, हम अपनी सैन्य शक्ति बढ़ा रहे हैं और 2035 तक 200 से अधिक जहाजों वाली नौसेना बनने की दिशा में दृढ़ता से अग्रसर हैं। दूसरा, हमने मिशन-आधारित तैनाती और समुद्री क्षेत्र की जागरूकता के माध्यम से निरंतर परिचालन पहुंच बनाए रखी है, महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों और हिंद महासागर क्षेत्र में अपने जहाजों और विमानों की लगभग निरंतर उपस्थिति सुनिश्चित की है; और अंत में, भारत ने महासागर की परिकल्पना के तहत क्षेत्रीय समुद्री सहयोग को काफी मजबूत किया है।