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BSNL यूजर्स को तोहफा, VoWiFi सेवा शुरू – नेटवर्क न होने पर भी होगी कॉल

भोपाल  अगर आप बीएसएनएल सिम का इस्तेमाल करते हैं और आपके घर या ऑफिस में नेटवर्क ठीक से काम नहीं करता तो अब आपको टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. बीएसएनएल ने अपनी Voice over Wi-Fi यानी VoWiFi सर्विस शुरू कर दी है. इसकी शुरुआत वेस्ट और साउथ ज़ोन से की गई है. इसका मतलब है कि अब यूज़र्स को वाई-फाई के जरिए कॉल करने की सुविधा मिलेगी, फिर चाहे मोबाइल नेटवर्ट हो या ना हो. बीएसएनएल ने इस सर्विस को खासतौर पर उन यूज़र्स के लिए लॉन्च किया है, जो किसी ऐसी जगह पर रहते हैं, जहां पर बीएसएनएल के सिग्नल्स कमजोर रहते हैं और कनेक्टिविटी ठीक से नहीं हो पाती है. अब अगर आपके पास Wi-Fi है और फोन VoWiFi सपोर्ट करता है, तो कॉलिंग आराम से हो जाएगी. आपको बता दें कि Jio और Airtel जैसी प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियां अपने-अपने यूज़र्स को काफी पहले से ही इस फीचर की सुविधा देती है. अब बीएसएनएल ने भी इसकी शुरुआत कर दी है. सिल्बर जुबली सेलिब्रेशन पर किया लॉन्च 2 अक्टूबर को BSNL के सिल्वर जुबली सेलिब्रेशन के मौके पर DoT सेक्रेटरी Neeraj Mittal ने VoWiFi का सॉफ्ट लॉन्च किया. इसके साथ-साथ बीएसएनएल की एक और बड़ी ख़बर है कि अब ग्राहकों को भारत के 1.65 लाख पोस्ट ऑफिस से BSNL की SIM और रिचार्ज सर्विस भी मिलेगी. इस सुविधा को शुरू करने का मकसद साफ है कि कंपनी भारतीय पोस्ट सेवा की मदद से अपनी कनेक्टिविटी को देश के गांवों-कस्बों तक भी पहुंचाना चाहती है. इसके अलावा बीएसएनएल ने हाल ही में मुंबई में भी अपनी 4G Service की शुरुआत की है. इससे पहले अगस्त के महीने में कंपनी ने दिल्ली में BSNL 4G सर्विस शुरू की थी. इसके अलावा अब सरकार द्वारा समर्थित भारत की इस टेलीकॉम कंरनी ने eSIM सर्विस भी पूरे देश में रोलआउट कर दिया है. इसके लिए बीएसएनएल ने Tata Communications के साथ पार्टनरशिप की है. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ओडिशा के Jharsuguda से BSNL की पूरी तरह देसी 4G नेटवर्क का उद्घाटन किया. ये BSNL के डिजिटल इंडिया मिशन की तरफ एक बड़ा कदम है.

नई चेक क्लियरेंस व्यवस्था शुरू: बड़े शहरों में तेजी से होगा चेक क्लियर, जल्द पूरे देश में लागू

नई दिल्ली बैंकिंग सिस्टम (Banking System) में 4 अक्तूबर 2025 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है. दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 4 अक्टूबर से फास्ट चेक क्लियरेंस सिस्टम (Fast Cheque Clearance System) लागू करने का फैसला किया है. इस नई व्यवस्था से चेक जमा कराने पर पैसे उसी दिन खातों में जमा हो सकेंगे, जिससे पहले की तरह 1–2 दिन इंतजार नहीं करना पड़ेगा.  RBI का बड़ा फैसला फिलहाल चेक क्लियरेंस में कुछ दिन का वक्त लग जाता है. जिसे बदलकर अब RBI नई व्यवस्था के तहत Continuous Cheque Clearing मोड पर ले आएगा. इसके तहत सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक जो भी चेक जमा होंगे, उनकी इमेज और डेटा तुरंत स्कैन करके क्लियरिंग हाउस को भेजी जाएगी. उसे शाम 7 बजे तक चेक कंफर्म करना होगा. अगर बैंक समय पर जवाब नहीं देता है, तो चेक को ऑटोमैटिक क्लियर मान लिया जाएगा.  नए नियम को 2 चरणों में लागू करने का प्लान: चरण- 1: 4 अक्टूबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक बैंक को शाम 7 बजे तक पुष्टि का समय रहेगा.  चरण- 2: 3 जनवरी 2026 से बैंक को चेक कंफर्म करने के लिए केवल 3 घंटे का समय मिलेगा. अगर सुबह 10 बजे चेक भेजा गया है, तो दोपहर 2 बजे तक इसे क्लियर करना पड़ेगा. जिससे क्लियरेंस और भी तेज हो जाएगी. यह नई व्यवस्था शुरुआत में बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई के क्लियरिंग ग्रिड पर लागू होगी, फिर देशभर में इस नियम को लागू किया जाएगा. इससे बैंकिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता में सुधार होगा और चेक भुगतान अनुभव कहीं अधिक सहज बन जाएगा.   ग्राहकों से ये अपील RBI ने बड़े अमाउंट के चेक के लिए Positive Pay System को अनिवार्य किया है. इसमें ग्राहक बैंक को चेक के महत्वपूर्ण विवरण पहले से बताते हैं, इससे धोखाधड़ी की संभावना कम होगी और गलत चेक ऑटोमैटिक रूप क्लियर नहीं होंगे. इस परिवर्तन से ग्राहक और व्यवसाय दोनों को फायदा होगा. ग्राहकों को तेज भुगतान मिलेगा और लेन-देन की अनिश्चितता कम होगी. वहीं व्यवसायों का कैश फ्लो बेहतर मैनेज होगा. बैंकिंग प्रणाली की कार्यकुशलता और विश्वसनीयता बढ़ेगी.    यही नहीं, RBI ने ग्राहकों को यह सलाह दी है कि वे चेक भरते समय सावधानी बरतें, विवरण सही लिखें और खाते में पर्याप्त राशि रखें. इससे चेक की अस्वीकृति या देरी की समस्या कम होगी. 

टाटा बनाएगा H125 हेलिकॉप्टर, सिविल और मिलिट्री दोनों वर्जन होंगे देश में तैयार

नई दिल्ली एयरबस हेलीकॉप्टर्स और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स ने मिलकर भारत का पहला निजी हेलीकॉप्टर असेंबली प्लांट लगाने का ऐलान किया है. यह प्लांट कर्नाटक के वेमागल में बनेगा. यहां मेड इन इंडिया H125 हेलीकॉप्टर बनेंगे. पहला हेलीकॉप्टर 2027 की शुरुआत में तैयार हो जाएगा. यह न सिर्फ भारत के लिए बल्कि दक्षिण एशिया के देशों के लिए निर्यात भी होगा. यह कदम भारत की हवाई यात्रा और रक्षा को मजबूत बनाएगा. H125: बहुमुखी हेलीकॉप्टर, हिमालय के लिए भी तैयार H125 दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला सिंगल-इंजन हेलीकॉप्टर है. यह एयरबस की इक्यूरुइल फैमिली का हिस्सा है, जिसने दुनिया भर में 4 करोड़ घंटे से ज्यादा उड़ान भरी है. यह हेलीकॉप्टर ऊंचाई और गर्मी वाले इलाकों में आसानी से काम करता है. इसे कई कामों के लिए बदला जा सकता है, जैसे आग बुझाना, कानून व्यवस्था, बचाव, एयर एम्बुलेंस, पैसेंजर ट्रांसपोर्ट और हवाई सर्वे. यह हेलीकॉप्टर माउंट एवरेस्ट पर उतर चुका है, जो दिखाता है कि यह ऊंचे पहाड़ों पर कितना कुशल है. भारत के हिमालयी इलाकों के लिए यह परफेक्ट है, जहां सैनिकों को लाइट मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर की जरूरत है. सिविल और पैरा-पब्लिक क्षेत्रों में भी यह नई संभावनाएं खोलेगा, जैसे इमरजेंसी मेडिकल फ्लाइट्स, आपदा राहत, पर्यटन और कानून प्रवर्तन. सैन्य संस्करण H125M: आत्मनिर्भर भारत का सपना इस प्लांट से सिविल के साथ-साथ सैन्य संस्करण H125M भी बनेगा. इसमें भारतीय कंपोनेंट्स और टेक्नोलॉजी का ज्यादा इस्तेमाल होगा. यह चीता और चेतक हेलीकॉप्टर्स का बेहतरीन उत्तराधिकारी होगा, जो हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ एयरबस की 60 साल पुरानी साझेदारी से बने थे. ये हेलीकॉप्टर भारतीय सेना ने गर्व से इस्तेमाल किए हैं. H125M से आत्मनिर्भर भारत योजना को बल मिलेगा. यह रक्षा क्षेत्र में हेलीकॉप्टर बनाने की क्षमता बढ़ाएगा और मौजूदा सिस्टम को मजबूत करेगा. पहली निजी कंपनी बनेगी हेलीकॉप्टर बनाने वाली टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) भारत की पहली निजी कंपनी होगी जो हेलीकॉप्टर बनाएगी. कंपनी H125 के मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग, असेंबली, इंटीग्रेशन और फाइनल फ्लाइट टेस्ट करेगी. इसमें स्ट्रक्चरल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल सिस्टम्स और कंपोनेंट्स को जोड़ना शामिल है. TASL के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर सुकर्ण सिंह ने कहा कि टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स को भारत की पहली निजी कंपनी बनने पर गर्व है जो हेलीकॉप्टर बनाएगी. यह सिविल और रक्षा दोनों जरूरतों को पूरा करेगा. यह एयरबस के साथ हमारी दूसरी FAL है, जो भारत के लिए हमारी साझेदारी को मजबूत करती है. टाटा एयरोस्पेस सेक्टर में मजबूत है और फिक्स्ड-विंग एयरक्राफ्ट के साथ-साथ हेलीकॉप्टर भी बना सकता है. यह प्लांट गुजरात के वडोदरा में C295 मिलिट्री एयरक्राफ्ट प्लांट के बाद एयरबस का भारत में दूसरा असेंबली प्लांट है. इससे भारत में मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली, मेंटेनेंस, डिजाइन, डिजिटल और ह्यूमन कैपिटल डेवलपमेंट का पूरा इकोसिस्टम बनेगा. एयरबस-टाटा साझेदारी: भारत के लिए नया अध्याय एयरबस इंडिया और साउथ एशिया के प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर जर्गेन वेस्टरमीयर ने कहा कि भारत हेलीकॉप्टरों के लिए आदर्श देश है. मेड इन इंडिया हेलीकॉप्टर इस बाजार को बढ़ाएगा और राष्ट्र निर्माण का जरूरी टूल बनेगा. हमारे भरोसेमंद पार्टनर टाटा के साथ यह नया अध्याय जोड़कर हमें खुशी हो रही है. एयरबस भारत से हर साल 1.4 अरब डॉलर से ज्यादा के कंपोनेंट्स और सर्विसेज लेता है, जैसे एयरक्राफ्ट डोर, फ्लैप-ट्रैक बीम और हेलीकॉप्टर कैबिन स्ट्रक्चर्स. यह साझेदारी दक्षिण एशिया के रोटरक्राफ्ट मार्केट की पूरी क्षमता खोलेगी. भारत की एविएशन इंडस्ट्री को फायदा यह प्रोजेक्ट भारत की एविएशन इंडस्ट्री को तेजी से बढ़ाएगा. सिविल और रक्षा दोनों क्षेत्रों में नौकरियां बढ़ेंगी. H125 हेलीकॉप्टर आपदा राहत, पर्यटन और कानून प्रवर्तन जैसे महत्वपूर्ण कामों में मदद करेंगे. H125M से सैन्य क्षमता मजबूत होगी. यह कदम दिखाता है कि भारत अब हेलीकॉप्टर बनाने में आत्मनिर्भर बन रहा है.  

महंगा होकर भी जरूरी क्यों है सोना? वेदों से लेकर मिडिल क्लास तक की मजबूरी

मुंबई  हर सुबह आंख खुलने के साथ, आप बिजनेस की खबरों में रुचि रखते हों या न रखते हों, लेकिन एक चीज पर आपकी निगाहें ज़रूर टिकती होंगी, वो है सोने का भाव- आंखें नचाते हुए आप ये जरूर कहते होंगे- अरे यार! सोना फिर इतना महंगा हो गया? चांदी भी कहां रुकने का नाम ले रही है. वाकई सोने-चांदी के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी ने मिडिल क्लास लोगों की नींद उड़ा दी है. बच्चों की शादी, सेविंग्स, इन्वेस्टमेंट, गहनों का शौक और कुछ शोशेबाजी… इन सारी जरूरतों को पूरा करता है सोना. कुल मिलाकर मिडिल क्लास फैमिली को अपने लेवल से कुछ ऊंचा उठाकर एलीट वाली लॉबी में एंट्री कर जाने की फीलिंग कराता है सोना. बीते कुछ सालों में सोने के भाव में बढ़ोतरी ने ख़रीदारों को बड़ा झटका दिया है. आज सोने की कीमत लगभग सवा लाख रुपये प्रति दस ग्राम (24 कैरेट) है. लिहाजा आगे आने वाले हैं करवाचौथ, धनतेरस और दिवाली जैसे बड़े त्योहार जो सोने की खरीदारी के खास दिन माने जाते हैं. वहीं लगन का समय भी शुरू होने वाला है, जो जूलरी की खरीदारी का सबसे डिमांडिंग टाइम है.  साल 2024 में धनतेरस पर खरीदारी इन सबके बावजूद कोई चौंकने वाली बात नहीं होगी कि महंगाई के इस बड़े आंकड़ों के बाद भी सोने की खरीदारी फेस्टिवल टाइम में कोई रिकॉर्ड बना जाए. साल 2024 के धनतेरस पर नजर डालें तो उस दौरान करीब 25 टन सोने की बिक्री हुई थी, जिसका मूल्य करीब 20 हजार करोड़ रुपये आंका गया था. इसी तरह देशभर में 250 टन चांदी भी बिकी थी. इसकी अनुमानित कीमत 2,500 करोड़ रुपये रही.  ये आंकड़ा तब है, जब साल 2024 में ही सोने में 30 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई थी. वहीं साल 2023 में धनतरेस के मौके पर सोने का भाव 60 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास था, जो 2024 में बढ़कर 80 हजार रुपये हो गया है. वहीं चांदी का भाव साल 2023 में 70 हजार रुपये किलो था, जो 2024 में  1 लाख रुपये के करीब पहुंच गया था. ये आंकड़े बताते हैं कि सोने-चांदी की कीमतों में इतनी भयानक तेजी होने के बाद भी लोगों में इसकी खरीदारी में कमी नहीं आती है और खास मौकों पर लोग सुनार के पास जुटते हैं.  सोने से मोह की क्या है वजह? सवाल उठता है कि आखिर इसकी वजह क्या है? सवाल ये भी है कि सोने-चांदी को ही ये तवज्जो क्यों मिलती है? जबकि हीरा, पन्ना, माणिक्य, मोती जैसे रत्न और प्लेटिनम जैसी सोने से भी कीमती धातु होने के बाद भी लोग आभूषण और सेविंग्स-इन्वेस्टमेंट के तौर पर सोना या चांदी को ही तरजीह देते हैं.  सोने के साथ लोगों का भावुकता से भरा जुड़ाव होने का पहला कारण तो धार्मिकता है. सोने को सनातन परंपरा में सबसे शुद्ध धातु बताया गया है. यह भी कहा गया है सोना इतना पवित्र है कि यह धारण करने वाले को हमेशा पवित्र बनाए रखता है. सोने की मौजूदगी होने के मातलब है कि आप के पास किसी न किसी रूप में लक्ष्मीदेवी की कृपा है. पुराणों में सोने को स्वर्ण कहा गया है और स्वर्ण को लक्ष्मी का स्वरूप बताया गया है. देवी लक्ष्मी की कृपा अगर किसी व्यक्ति पर होती है तो वह आसानी से सोने की संपदा का मालिक बन जाता है. उनकी कृपा को सोने के तौर पर ही दिखाया जाता है.  चारों वेदों में सोने का महत्व सोने के महत्व को समझने के लिए बीते युग में चलें तो इसका संदर्भ ऋग्वेद में भी मिलता है. ऋग्वेद के दशम मंडल में स्वर्ण के लिए हिरण्य शब्द आया है और इसके जरिए सूर्य को परिभाषित किया गया है. यानी पुराणों में जिस सूर्य का पहला नाम आदित्य (अदिति के पुत्र होने के कारण) है, वेदों में उसी सूर्य का पहला नाम हिरण्य है. जिसका अर्थ सुनहरा लिया जाता है. इस तरह सोना (हिरण्य) भारतीय संस्कृति में केवल भौतिक धातु नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और दैवीय शक्ति का प्रतीक माना गया है. वेदों में इसे कई जगहों पर प्रकाश, तेज, समृद्धि और अमरत्व से जोड़ा गया है. ऋग्वेद में सूर्य को "हिरण्यगर्भ" (स्वर्णगर्भ) कहा गया है. दशम मंडल में सूक्ति है 'हिरण्यगर्भः समवर्तताग्रे भूतस्य जातः पतिरेक आसीत्.'(ऋग्वेद 10.121.1) यहां सूर्य को सारी सृष्टि का स्वर्णगर्भ माना गया है. सूर्य का यह स्वर्णिम तेज ही लाइफ सोर्स और सपोर्टिंग सिस्टम है. इसी वेद में अग्नि, इन्द्र और मरुतों की आभा को 'हिरण्य' कहा गया है. इसका उदाहरण भी एक प्रमुख ऋग्वैदिक सूक्ति में मिलता है.  हिरण्ययैः सविता रश्मिभिर्व्याख्यात्.'(ऋग्वेद 1.35.2) इसका अर्थ है कि, सूर्य अपनी स्वर्णिम किरणों से आकाश और पृथ्वी को प्रकाशित करता है. इसी तरह यजुर्वेद में यज्ञ के साथ ही सोने का महत्व है. “हिरण्यपात्रं गृह्णामि ते ज्योतिरस्मि, ये सूक्ति कहती है कि हिरण्यपात्र (सोने का पात्र) यज्ञ में शुद्धि और तेज का प्रतीक है. यजुर्वेद (31.18) में "हिरण्ययूप" का भी उल्लेख मिलता है, जिसका अर्थ है स्वर्ण से निर्मित यज्ञ-स्तंभ. यह देवताओं को समर्पण की उच्चतम भावना का प्रतीक है. वहीं अथर्ववेद में सोने को स्वास्थ्य, दीर्घायु और रोगनिवारण का साधन माना गया है. इस बात को अथर्ववेद की एक सूक्ति साबित करती है, जो कहती है 'हिरण्यं भेषजं भवतु.' (अथर्ववेद 2.4.5) यानी सोना औषधि स्वरूप हो, जो जीवन में बल, ओज और आरोग्य प्रदान करे. सामवेद, जो कि देवताओं यज्ञ की ऋचाओं के गायन का संकलित ग्रंथ है, उसमें देवताओं कि पवित्रता को सोने की उपमा दी गई है. सूक्ति 'हिरण्यपाणिः सविता देवो अस्तु.' (सामवेद 1.3.1) में सूर्य को स्वर्ण करधनी और स्वर्णिम हाथों वाला देवता बताया गया है. यह स्वर्णिम प्रतीक देवत्व और दिव्यता का बोध कराता है. वेदों में सोना केवल भौतिक धातु नहीं, बल्कि सूर्य के तेज, देवताओं की आभा, यज्ञ की पवित्रता और औषधीय शक्ति का प्रतीक है. "हिरण्य" शब्द वेदों में बार-बार आता है, जो यह दर्शाता है कि स्वर्ण यानी सोने को मनुष्य के भौतिक और आध्यात्मिक जीवन दोनों में बहुत महत्व रहा है.  नीतिशतक जैसे ग्रंथों में सोने का महत्व सोने का महत्व अलग-अलग समय पर पौराणिक आख्यानों में, नीतिग्रंथों और यहां तक मनुस्मृति और पंचतंत्र तक में बताया गया है.  नीति शतक में एक सूक्ति आती है, जिसमें … Read more

सोने की कीमत में आई नरमी, चांदी भी हुई सस्ती — मिडिल क्लास के लिए राहत

मुंबई  आज सोना चांदी मामूली सस्ता हुआ है. भारतीय सर्राफा बाजार में आज (शुक्रवार), 3 अक्टूबर 2025 को सोना-चांदी के भाव में गिरावट देखने को मिली है. हालांकि, सोने की कीमत 1 लाख 16 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार है. वहीं, चांदी का भाव भी कम हुआ है. ताजा रेट की बात करें तो  चांदी की कीमत 1 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलो से अधिक है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (India Bullion And Jewellers Association) के मुताबिक, बुधवार 1 अक्टूबर की शाम को 916 शुद्धता यानी 22 कैरेट गोल्ड का रेट (Gold Rate) 107476 रुपये प्रति 10 ग्राम था जो आज, 3 अक्टूबर की सुबह गिरावट के साथ 107019 रुपये तक आ गया है. बता दें कि बीते दिन यानी गुरुवार को 2 अक्टूबर एवं दशहरा के उपलक्ष में सरकारी छुट्टी होने की वजह से कीमतें जारी नहीं की गई थीं. सोना-चांदी के दामों में आज आई गिरावट सोना-चांदी के दामों में आज गिरावट दर्ज की गई है. जहां बुधवार को 999 (24 कैरेट) सोने का दाम (प्रति 10 ग्राम) 117332 रुपये था वहीं आज सुबह के समय यह दाम 116833 रुपये पहुंच गया है. यानी 24 कैरेट वाला सोना कुल 499 रुपये सस्ता हुआ है. इसके अलावा सुबह के समय चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है. Gold Price Today 3 October: सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट   शुद्धता बुधवार शाम का रेट शुक्रवार सुबह का रेट कितना सस्ता या महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 999 (24 कैरेट) 117332 116833 ₹499 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 995 (23 कैरेट) 116862 116365 ₹497 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 916 (22 कैरेट) 107476 107019 ₹457 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 750 (18 कैरेट) 87999  87625 ₹374 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 585 (14 कैरेट) 68639 68347 ₹292 सस्ता चांदी (प्रति 1 किलो) 999  145120 145010 ₹110 सस्ती बुधवार को क्या रहा सोना-चांदी का भाव इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, बुधवार को भी सोने के दामों में बढ़ोतरी देखी गई थी और चांदी के भाव भी बढ़ गए थे. IBJA के अनुसार, 999 शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने का रेट सुबह के समय 116586 रुपये था जो शाम के समय 117332 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था. वहीं, चांदी की कीमत सुबह की तुलना में शाम को बढ़ी थी, जो सुबह 144125 से बढ़कर 145120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी.  

बाजार बंद होने से पहले पलटी बाजी, Netweb और इन शेयरों ने किया गदर

मुंबई  शेयर बाजार में शुक्रवार को गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई, लेकिन सुस्ती के साथ कारोबार कर रहे सेंसेक्स-निफ्टी की चाल अचानक आखिरी कारोबारी घंटे में बदल गई. मार्केट क्लोज होने पर जहां एक ओर बॉम्बे स्टॉक एंक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 223 अंक उछलकर बंद हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी ग्रीन जोन में 24,500 के बिल्कुल करीब बंद हुआ. सबसे तेज भागने वाले शेयरों में NetWeb Tech से लेकर Tata Steel तक के शेयर टॉप पर रहे.  पहले बुरी तरह फिसला, फिर बना रॉकेट शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 80,983.31 की तुलना में तेज गिरावट लेकर 80,684.14 पर ओपन हुआ और लगातार गिरावट में ट्रेड करता हुआ नजर आया. लेकिन बाजार बंद होने से ऐन पहले अचानक से बाजी पलटी हुई नजर आई, क्योंकि रेड जोन में ट्रेड करता सेंसेक्स ग्रीन जोन में आ गया और फिर तेज रफ्तार से दौड़ लगाने लगा. अंत में ये 223.86 अंक की उछाल भरकर 81,207.17 पर क्लोज हुआ.  बात निफ्टी इंडेक्स की करें, तो इसकी भी चाल सेंसेक्स के जैसी ही नजर आई और अपने पिछले बंद 24,836.30 की तुलना में गिरावट लेकर 24,759.55 पर खुलने के बाद इसने में गिरावट के साथ ही कारोबार किया. लेकिन फिर ये अंत में 57.95 अंक की तेजी लेकर 24,894.25 पर क्लोज हुआ.  इन 10 शेयरों में सबसे ज्यादा उछाल  शुक्रवार को सबसे तेज भागने वाले स्टॉक्स की लिस्ट में शामिल टॉप-10 शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Tata Steel (3.40%), PowerGrid (3.15%), Axis Bank (2.16%) की तेजी लेकर बंद हुआ. तो वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों में से Aegis Vopak (8.54%), Lloyd Share (6.14%), Kalyan Jewellers (5.71%), Indian Bank (3.94%), Tata Tech (2.50%) और Tata Elexi (2.47%) चढ़कर बंद हुआ. वहीं NetWeb Tech के शेयरों ने जबर्दस्त गदर मचाया और 6.30% उछलकर 4318 रुपये पर बंद हुआ.  कोई 20%, तो 10% की तेजी के साथ बंद   मिडकैप इंडेक्स 352 अंकों की बढ़त में रहा, तो स्मॉलकैप इंडेक्स में जोरदार 576.77 अंक की उछाल दर्ज की गई. इस कैटेगरी में कोई शेयर 20, तो कोई 10 फीसदी तक उछलकर बंद हुआ. सबसे ज्यादा KIOCL (20%), Orient Tech (19.99%), kala Mandir (18.29%), VMart (16.56%), Astra Micro (10.87%) की तेजी के साथ बंद हुआ. मिडकैप में अन्य उछलने वाले शेयरों में क्रिसिल शेयर (3.57%) और नेशनल एल्युमिनियम शेयर (3.10%) की बढ़त के साथ बंद हुआ. 

AI स्मार्ट ग्लास में तेजी, लेकिन Apple ने सस्ता Vision Pro करना बंद कर दिया

नई दिल्ली  टेक दिग्गज Apple ने अपने बजट Vision Pro हेडसेट की योजना को रोकते हुए अब पूरी ताकत AI-संचालित स्मार्ट ग्लासेस के विकास पर लगा दी है। Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार टीमें अब तक सस्ते Vision Pro वेरिएंट पर काम कर रही थीं। उन्हें नए ग्लासेस प्रोजेक्ट पर तेजी लाने के लिए आदेश दिए गए थे। यह कदम ऐसे समय में आया है, जब Meta ने हाल ही में अपने नए Ray-Ban AI ग्लासेस पेश किए हैं। अब स्मार्ट आईवियर बाजार में कंपटीशन बढ़ रही है। Vision Air फिलहाल टला काफी समय से "Vision Air" नामक हल्के और सस्ते Vision Pro हेडसेट को लेकर चर्चाएं थीं, जिसके 2027 में लॉन्च होने की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब यह रोडमैप फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। Apple का स्मार्ट ग्लासेस प्लान Apple के नए स्मार्ट ग्लासेस में कैमरे, माइक्रोफोन और AI सॉफ्टवेयर होंगे। शुरुआती मॉडल iPhone से कनेक्ट होकर काम करेंगे। कंपनी इन्हें 2026 में पेश कर सकती है और 2027 तक बड़ा लॉन्च संभव है। स्टाइल और टेक का संगम Apple अपने ग्लासेस को फैशन एक्सेसरी के रूप में भी पेश करने जा रहा है। ये अलग-अलग फ्रेम, रंग और प्रीमियम मटेरियल में उपलब्ध हो सकते हैं। भविष्य के वर्जन में हेल्थ सेंसर जोड़ने की भी योजना है। डिस्प्ले वर्जन पाइपलाइन में पहले मॉडल में इनबिल्ट डिस्प्ले नहीं होगा। हालांकि, Apple ने डिस्प्ले-इक्विप्ड वर्जन का टाइमलाइन 2028 से घटाकर तेज कर दिया है, जिससे Meta के Ray-Ban Display ग्लासेस से मुकाबला किया जा सके। कीमत और लॉन्च टाइमलाइन कीमत का खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन Apple का इतिहास बताता है कि ये सस्ते नहीं होंगे। शुरुआती लॉन्च 2026 में और बड़े पैमाने पर रोलआउट 2027 में संभव है। Vision Pro रहेगा जारी सस्ता Vision Pro फिलहाल टल गया है, लेकिन Apple अपना हेडसेट लाइनअप बंद नहीं कर रहा। नया Vision Pro, M5 चिप के साथ, इसी साल आने की उम्मीद है।

महंगाई घटने वाली है, RBI सर्वे ने दी खुशखबरी, त्योहारों पर बढ़ेगा आपका बजट

नई दिल्ली  केंद्र सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के घरों में खाने-पीने और दूसरी चीजों की कीमतों पर दबाव कम हो रहा है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के नए सर्वे से ये बात सामने आई है. आरबीआई का ये बाय-मंथली इन्फ्लेशन एक्सपेक्टेशंस सर्वे ऑफ हाउसहोल्ड्स (IESH) सितंबर 2025 का राउंड था. इसमें घरवालों ने बताया कि मुख्य उत्पादों की कीमतों और महंगाई का दबाव घट रहा है. हालांकि, अभी की महंगाई की धारणा थोड़ी बढ़ी हुई लगी. एनआई की रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे में कहा गया कि घरों ने फूड प्रोडक्ट्स, नॉन-फूड प्रोडक्ट्स, हाउसिंग और सर्विसेज की लागत में राहत महसूस की है. ये सर्वे 28 अगस्त से 6 सितंबर के बीच 19 बड़े शहरों में किया गया. कुल 6,082 लोगों ने जवाब दिए. तीन महीनों में महंगाई की उम्मीद घटी सर्वे के नतीजों के अनुसार, घरों की मौजूदा मीडियन महंगाई की धारणा पहले राउंड से 20 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 7.4 फीसदी हो गई. लेकिन आने वाले समय के लिए उम्मीदें कम हुईं. अगले तीन महीनों की महंगाई की उम्मीद 20 बेसिस पॉइंट्स घटकर 8.1 फीसदी रह गई. एक साल आगे की उम्मीद 30 बेसिस पॉइंट्स कम होकर 8.7 फीसदी हो गई. एक साल में इतने फीसदी कीमतें बढ़ेंगी छोटे समय और एक साल के लिए, जिन लोगों को लगता है कि सामान्य कीमतें और महंगाई बढ़ेगी, उनका प्रतिशत पिछले सर्वे से कम हुआ. उत्पादों के हिसाब से, अगले तीन महीनों में 77.8 फीसदी लोगों को कीमतें बढ़ने की आशंका है, जो पहले 79.5 फीसदी था. एक साल में 86.8 फीसदी कीमतें बढ़ने का अंदेशा है, पहले ये 88.1 फीसदी था. उम्र के हिसाब से, 25 साल से कम उम्र के युवाओं ने सबसे कम मौजूदा महंगाई 7.0 फीसदी बताई. वहीं, 60 साल से ऊपर के घरों में ये 7.9 फीसदी रही. शहरों में कोलकाता में सबसे ज्यादा 10.5 फीसदी की धारणा थी, उसके बाद मुंबई 8.5 फीसदी और दिल्ली 8.0 फीसदी. आरबीआई ने साफ किया कि ये सर्वे घरों की महंगाई पर नजर डालता है, जो उनके खरीदारी के पैटर्न से प्रभावित होता है. लेकिन ये नतीजे बैंक की अपनी महंगाई की राय को जरूरी नहीं दर्शाते. ये जानकारी घरवालों को राहत देती है कि कीमतें धीरे-धीरे काबू में आ रही हैं, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है.

ऑटो सेक्टर में सुस्ती जारी: मारुति-हुंडई की गिरावट के बीच एक ब्रांड ने मारी बाज़ी

मुंबई  सितंबर में जिन ऑटोमोबाइल कंपनियों ने सबसे ज्यादा कार बेचीं उसका डेटा सामने आ गया है। हर बार की तरह एक बार फिर पिछले महीने मारुति सुजुकी देश की नंबर-1 कार कंपनी रही। हालांकि, उसे अगस्त की तुलना में गिरावट का सामना करना पड़ा। चौंकाने वाली बात ये है कि GST 2.0 से छोटी कारों की कीमतें घटने के बाद भी कंपनी की गिरावट देखनी पड़ी। दूसरी तरफ, टाटा मोटर्स ने कमाल के सेल्स आंकड़ों के साथ दूसरी पोजीशन पर वापसी की। कंपनी ने महिंद्रा और हुंडई को काफी पीछे छोड़ दिया। खास बात ये है कि टॉप-6 की लिस्ट में टाटा एकमात्र ऐसी कंपनी रही जिस मंथली बेसिस पर ग्रोथ मिली। टॉप कार सेल्स कंपनी सितंबर 2025 कंपनी अगस्त 2025 सितंबर 2025 चेंज % MoM मारुति सुजुकी 1,30,242 1,22,785 -5.77 टाटा मोटर्स 37,988 40,068 5.44 महिंद्रा 42,253 37,451 -11.37 हुंडई 45,686 35,470 -22.34 टोयोटा 26,453 20,051 -24.23 किआ 18,793 16,540 -12 सितंबर में टॉप कंपनियों की सेल्स की बात करें तो मारुति सुजुकी ने अगस्त में 1,30,242 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा घटकर 1,22,785 कारों पर आ गया। यानी इसे 5.77% की मंथली डिग्रोथ मिली। टाटा मोटर्स ने अगस्त में 37,988 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा बढ़कर 40,068 कारों पर आ गया। यानी इसे 5.44% की मंथली ग्रोथ मिली। महिंद्रा ने अगस्त में 42,253 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा घटकर 37,451 कारों पर आ गया। यानी इसे 11.37% की मंथली डिग्रोथ मिली। हुंडई ने अगस्त में 45,686 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा घटकर 35,470 कारों पर आ गया। यानी इसे 22.34% की मंथली डिग्रोथ मिली। टोयोटा ने अगस्त में 26,453 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा घटकर 20,051 कारों पर आ गया। यानी इसे 24.23% की मंथली डिग्रोथ मिली। किआ ने अगस्त में 18,793 का बेची थीं, जबकि सितंबर में ये आंकड़ा घटकर 16,540 कारों पर आ गया। यानी इसे 12% की मंथली डिग्रोथ मिली। यानी टाटा एकमात्र ऐसी कार रही जिसे मासिक आधार पर ग्रोथ मिली।

पहले व्यक्ति के रूप में 500 अरब डॉलर की दौलत तक पहुंचे एलन मस्क

मुंबई  टेस्ला सीईओ एलन मस्क ने बुधवार को इतिहास रच दिया, जब उनकी कुल संपत्ति 500 अरब डॉलर के पार पहुंच गई। वे दुनिया के पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से टेस्ला के शेयरों की रिकवरी और उनकी अन्य टेक स्टार्टअप्स की तेजी से बढ़ती वैल्यूएशन के चलते हुई है। फोर्ब्स बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक शाम 4:15 ईटी तक उनकी नेटवर्थ 500.1 अरब डॉलर दर्ज की गई। टेस्ला के शेयरों से बढ़ी संपत्ति मस्क की संपत्ति का बड़ा हिस्सा टेस्ला से जुड़ा है। सितंबर तक कंपनी में उनकी हिस्सेदारी 12.4% थी। इस साल टेस्ला के शेयरों में अब तक 14% की बढ़ोतरी हुई है। बुधवार को ही स्टॉक 3.3% उछला, जिससे मस्क की नेटवर्थ में 6 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। निवेशकों का मस्क पर बना भरोसा साल की शुरुआत में गिरावट झेलने के बाद टेस्ला शेयरों में अब तेजी देखी जा रही है। निवेशकों का भरोसा तब बढ़ा जब मस्क ने अपने बिज़नेस पर पूरा ध्यान केंद्रित करना शुरू किया। टेस्ला बोर्ड चेयर रॉबिन डेनहॉम ने हाल ही में कहा कि मस्क फिर से कंपनी में "फ्रंट एंड सेंटर" हैं। साथ ही, मस्क ने खुद 1 अरब डॉलर के टेस्ला शेयर खरीदकर कंपनी के भविष्य पर भरोसा जताया। AI और स्पेस एक्सप्लोरेशन से भी बढ़ी वैल्यूएशन टेस्ला के अलावा मस्क के अन्य उपक्रम भी उनकी दौलत का अहम आधार बने हैं। उनकी AI कंपनी xAI की वैल्यूएशन जुलाई तक 75 अरब डॉलर आंकी गई थी और भविष्य में यह 200 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, SpaceX की वैल्यूएशन 400 अरब डॉलर के आसपास बताई जा रही है। 1 ट्रिलियन डॉलर का कम्पेंसेशन प्लान टेस्ला बोर्ड ने मस्क के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर का कम्पेंसेशन प्लान प्रस्तावित किया है, जिसमें कंपनी के वित्तीय और संचालन संबंधी ऊंचे लक्ष्य तय किए गए हैं। यह मस्क की हिस्सेदारी को और मजबूत करेगा। सबसे अमीरों की सूची में नंबर वन फोर्ब्स के मुताबिक मस्क अब दुनिया के सबसे अमीर इंसान हैं। उनके बाद दूसरे स्थान पर ओरेकल के सह-संस्थापक लैरी एलिसन हैं, जिनकी संपत्ति 350.7 अरब डॉलर आंकी गई है।