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आसनसोल में PM मोदी का बड़ा बयान: ‘TMC के पाप का घड़ा भर चुका है, अब डबल इंजन सरकार बनेगी बंगाल में’

आसनसोल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (गुरुवार) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की चुनावी रणनीति को मजबूत करने के लिए राज्य में एक ही दिन में तीन बड़ी रैलियां कर रहे हैं. चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद राज्य की पीएम मोदी की यह दूसरी यात्रा है. बीजेपी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया टाउनशिप में पहली रैली की. इसके बाद पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल में पोलो ग्राउंड के आउटडोर स्टेडियम में दूसरी रैली को संबोधित किया. वहीं, बीरभूम जिले के सूरी शहर के चंदमारी मैदान में तीसरी जनसभा होगी।  बता दें कि विधानसभा चुनाव 2026 के तहत पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोटिंग होगी. पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी जबकि दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. बंगाल चुनाव से जुड़े लेटेस्ट अपडेट्स के लिए इस पेज को रीफ्रेश करते रहें।  पीएम मोदी ने जोर देते हुए कहा कि '4 मई के बाद बंगाल में कानून का राज स्थापित होगा. हर तरह की गुंडागर्दी का हिसाब लिया जाएगा, एक-एक करके जवाबदेही तय होगी.' उनके इस बयान को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सीधा हमला माना जा रहा है।  इसके साथ ही उन्होंने हाल के चर्चित मामलों का जिक्र करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि आरजी कर जैसे घटनाक्रम और संदेशखाली की घटना यह दिखाती है कि टीएमसी सरकार कैसे दुष्कर्मियों के साथ खड़ी नजर आती है. उन्होंने दावा किया कि यही वजह है कि राज्य में महिलाओं के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ी है और एसिड अटैक के मामलों में भी इजाफा हुआ है।  प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में घुसपैठ के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि 'बंगाल में घुसपैठ सबसे बड़ी समस्या है. घुसपैठिए यहां जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं और जनसांख्यिकी में बदलाव हो रहा है.' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर लोगों को पूजा करने की अनुमति नहीं दी जाती और कहीं-कहीं दुर्गा पूजा भी नहीं करने दी जाती।  उन्होंने इन सभी मुद्दों के लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पहले हिंदू नरसंहार को लेकर चेतावनी संकेत दिए गए थे और अब वही काम टीएमसी कर रही है।  पलायन को मजबूर बंगाल को लोग: पीएम मोदी ने TMC पर किया वार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आसनसोल कोयला बेल्ट का बड़ा क्षेत्र है, फिर भी टीएमसी के राज में कोयला व्यापार पर सिंडिकेट का कब्जा हो गया है. कोयला ब्लैक मार्केटिंग, कोयला माफिया, रेत माफिया और जमीन माफिया – ये सभी इस पूरे इलाके पर भारी बोझ बन गए हैं. बंगाली लोग इनसे परेशान हैं. आसनसोल-दुर्गापुर का इलाका कभी पूरे देश का बड़ा औद्योगिक केंद्र था. यहां साइकिल से लेकर रेलवे कोच, कागज से लेकर स्टील, एल्यूमिनियम से लेकर ग्लास तक की फैक्टरियां थीं. देश के कोने-कोने से लोग यहां काम करने आते थे लेकिन आज स्थिति यह है कि युवाओं को मजबूरन घर छोड़कर दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है।  बंगाल में अब बनेगी डबल इंजन की सरकार, आसनसोल में बोले मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पापों का घड़ा अब भर चुका है. बंगाल में अगली सरकार डबल इंजन सरकार बनेगी. 4 मई के बाद बंगाल विकास के नए युग में प्रवेश करेगा. बंगाल के विकास के लिए TMC से मुक्ति जरूरी है।  पीएम मोदी बोले- बंगाल में परिवर्तन होने जा रहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आसनसोल में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल में बदलाव होने जा रहा है. बंगाल से जो आवाज उठ रही है, वह दूर तक जाएगी. यह आवाज दुर्गापुर, रानीगंज, साल्टोरा और रघुनाथपुर तक पहुंचेगी।  प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ठीक से लागू नहीं कर रही है टीएमसी: PM मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जहां भी भाजपा या एनडीए की सरकार है, वहां मछली उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है. भाजपा सरकार की नीतियों से बिहार में मछली उत्पादन लगभग दोगुना हो गया है. आज बिहार मछली नहीं मंगवाता, बल्कि खुद दूसरों को मछली भेजता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में मछली और झींगे के उत्पादन में भारी बढ़ोतरी का बड़ा कारण प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना है. लेकिन टीएमसी सरकार को इस योजना का "पीएम" वाला नाम पसंद नहीं है. मछुआरों के भले के लिए बनी योजना को टीएमसी ठीक से लागू नहीं कर रही है. प्रधानमंत्री ने बंगाल के मछुआरों से अपील की कि वे इस चुनाव में बदलाव लाएं, ताकि बंगाल में भी मछली उत्पादन बढ़े और मछुआरे खुशहाल जीवन जी सकें।  PM मोदी बोले- TMC ने बंगाल के युवाओं के साथ गद्दारी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि टीएमसी सरकार ने बंगाल के युवाओं के साथ जो कुछ किया है, वह अपना पाप अगले 100 साल में भी नहीं धो पाएगी. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, टीएमसी ने बंगाल के युवाओं के साथ गद्दारी की है. यहां निजी क्षेत्र में नौकरियां नहीं हैं और जो थोड़ी बहुत हैं, वे भी घुसपैठियों को दे दी गई हैं. सरकारी पदों को टीएमसी के मंत्री लूट रहे हैं।  TMC के राज में सिर्फ घुसपैठियों की फैक्ट्री फली-फूली है: पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि एक समय में देश भर के लोग हल्दिया में काम करने आते थे. लेकिन आज हालात यह हैं कि खुद हल्दिया के युवा रोजगार की तलाश में अंडमान, ओडिशा और दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "टीएमसी सरकार के राज में सिर्फ घुसपैठियों  घुसपैठियों की फैक्ट्री फली-फूली है. टीएमसी सरकार फर्जी दस्तावेज बनाने और गाय तस्करी का काम कर रही है. टीएमसी की राजनीति डर पर टिकी हुई है।  पीएम मोदी जी ने आगे कहा कि पहले हल्दिया काम का केंद्र था, लेकिन टीएमसी शासन में युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है. वे मजबूर होकर दूसरे राज्यों में जाना पड़ रहा है. प्रधानमंत्री ने जनसभा में लोगों से अपील की कि इस बार बंगाल को बदलने के लिए वोट दें ताकि युवाओं को अपने घर में ही रोजगार मिल सके और बंगाल फिर … Read more

बीजेपी की रणनीति: नरोत्तम मिश्रा पर फिर दांव, उपचुनाव की तैयारियों में तेजी

 दतिया  दतिया से कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती को सहकारिता बैंक भ्रष्टाचार मामले में एमपी एमएलए कोर्ट द्वारा दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई गई है। इसके बाद उनकी विधानसभा की सदस्यता भी शून्य घोषित कर दी गई है । कोर्ट में राजेंद्र भारती के केस की सुनवाई भी आगे बढ़ गई है। इस बीच बीजेपी ने दतिया में उपचुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात की जिससे राजनैतिक सरगर्मी बढ़ गई। राजेंद्र भारती दतिया से पिछले चुनाव में नरोत्तम मिश्रा को हराकर ही विधायक बने थे। यही वजह है कि दोनों नेताओं की इस मुलाकात को दतिया में संभावित उपचुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। दतिया से कांग्रेस विधायक रहे राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद सियासी चहलकदमी तेज हो गई है। भाजपा ने तो अंदरखेमे अभी से उपचुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है। मंगलवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के बीच राजधानी में बंद कमरे में तकरीबन आधा घंटे तक चर्चा चली। प्रदेश अध्यक्ष के भोपाल स्थित आवास में यह मुलाकात हुई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने अभी से इस सीट को लेकर गुणा-भाग शुरू कर दिया है। बता दें, दतिया पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का मजबूत गढ़ रही है। वे यहां से तीन बार जीते, लेकिन पिछले चुनाव में उन्हें राजेंद्र भारती से हार मिली थी। नरोत्तम मिश्रा को राज्यसभा भेजने पर विचार सवर्ण वर्ग की नाराजगी दूर करने के लिए भाजपा नरोत्तम मिश्रा का राज्यसभा भेजने का दांव चल सकती है। यह अलग बात है कि भाजपा का यह दांव जातिगत राजनीति में कितना कारगर साबित होता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नरोत्तम मिश्रा को राज्यसभा भेजकर सवर्णों के राजनीतिक गुस्से को ठंडा किया जा सकता है। फिर यूजीसी पर अब फैसला कोर्ट से आना है, जिसका सभी को इंतजार है। 27 साल पुराने मामले में भारती को कोर्ट से झटका दतिया से कांग्रेस विधायक रहे राजेंद्र भारती को दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने बीते दिनों 27 साल पुराने एक बैंक फ्रॉड मामले में दोषी पाया था। उन्हें विभिन्न मामलों में अधिकतम तीन साल की सजा मिली। उधर कोर्ट का फैसला आते ही उसी दिन विधानसभा सचिवालय ने उनकी विधायकी निरस्त कर दी। हालांकि एक्शन नियमों के अनुरूप हुए, लेकिन कांग्रेस ने इसे सरकार की साजिश करार दिया था। सन 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में प्रदेश के दिग्गज नेता और पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा हार गए थे। प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े राजेन्द्र भारती जीतकर विधायक बन गए थे। उन्होंने चुनाव में भाजपा के नरोत्तम मिश्रा को 7742 वोटों से शिकस्त दी थी। तब राजेन्द्र भारती को 88977 वोट मिले थे और नरोत्तम मिश्रा को 81235 वोट प्राप्त हुए थे। विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा चुप नहीं बैठे। वे इलाके और प्रदेश की राजनीति में लगातार सक्रिय रहे हैं। दतिया में उपचुनाव होने की स्थिति में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में स्वाभाविक दावेदार होंगे। इधर दिल्ली हाईकोर्ट ने राजेंद्र भारती केस की अगली सुनवाई के लिए 15 अप्रैल की तारीख तय की है। कोर्ट ने राज्य सरकार व शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई पर उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक रहे राजेन्द्र भारती को बीते दिनों सहकारिता बैंक घोटाले में दोषी मानते हुए एमपी एमएलए कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई है। सजा का फैसला आने के कुछ घंटों बाद ही मध्यप्रदेश विधानसभा के सचिवालय ने राजेन्द्र भारती की सदस्यता शून्य घोषित कर दी थी। अब राजेन्द्र भारती की विधानसभा की सदस्यता और राजनैतिक भविष्य का फैसला हाईकोर्ट में ही तय होगा।

मल्लिकार्जुन खरगे का बयान: गुजरातियों पर टिप्पणी के बाद मांगी माफी, हमेशा रहेगा सम्मान

नई दिल्ली केरल विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान गुजरात के लोगों पर की गई टिप्पणी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने माफी मांगी है। उन्होंने कहा है कि उनकी टिप्पणियों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, लेकिन फिर भी वह खेद व्यक्त करते हैं। खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, ''हाल ही में केरल में दिए गए मेरे एक चुनावी भाषण की कुछ टिप्पणियों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। फिर भी, मैं अपनी तरफ से जिम्मेदारी के साथ खेद व्यक्त करता हूं। गुजरात के लोगों के प्रति मेरे मन में हमेश सर्वोच्च सम्मान रहा है और हमेशा रहेगा। वहां के लोगों की भावनाओं को आहत करना मेरा कभी उद्देश्य नहीं था।'' दरअसल, पिछले दिनों केरल चुनाव के दौरान प्रचार करते हुए खरगे ने एक रैली को संबोधित किया था, जहां पर उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधा था। हालांकि, इस दौरान उन्होंने गुजरात के लोगों का जिक्र किया, जिससे काफी विवाद हुआ। खरगे ने कहा था, "मोदी जी, आप गुजरात के अनपढ़ लोगों को बेवकूफ बना सकते हैं, लेकिन केरल के लोगों को बेवकूफ नहीं बना सकते।" खरगे की टिप्पणी की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने व्यापक निंदा की थी और आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी के डीएनए में गुजरात विरोधी जहर बहता है और माफी की मांग की। खरगे की टिप्पणी की निंदा करने वाले भाजपा नेताओं में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी शामिल थे। गांधीनगर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि खरगे ने ना केवल गुजरात की जनता का अपमान किया है, बल्कि महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल की पवित्र भूमि की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है। पटेल ने कहा, ''ये टिप्पणियां बेहद आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने (खरगे ने) ना केवल 6.5 करोड़ गुजरातियों का अपमान किया है, बल्कि महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल की पवित्र भूमि की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है। इन टिप्पणियों से राज्य की जनता का अपमान हुआ है और उनकी गरिमा को भी ठेस पहुंची है।'' वहीं, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि खरगे की टिप्पणियों से 6.5 करोड़ गुजरातियों की भावनाएं आहत हुई हैं। संघवी ने कहा, ''राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी राज्य के सभी नागरिकों का अपमान करना और उनकी बौद्धिक क्षमता पर सवाल उठाना ना केवल अशोभनीय है, बल्कि यह कांग्रेस की पूरी तरह से बीमार मानसिकता को भी उजागर करता है।'' उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणियां गुजरात के प्रति कांग्रेस के डीएनए में मौजूद "जहर" को दर्शाती हैं। संघवी ने कहा, ''अगर आप कांग्रेसियों द्वारा दिए गए बयानों के इतिहास पर थोड़ा ध्यान दें, तो आपको समझ आ जाएगा कि इन लोगों के डीएनए में, खासकर गुजरात और गुजरातियों के प्रति, किस तरह का जहर भरा हुआ है।''

मोहसिना किदवई, कांग्रेस की वरिष्ठ नेता का दिल्ली में निधन, इंदिरा और राजीव से जुड़ा था खास रिश्ता

नई दिल्ली भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का बुधवार को 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं। उनके परिवार और दामाद रजी उर रहमान किदवई ने उनके निधन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोहसिना किदवई ने बुधवार तड़के नोएडा के मेट्रो अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से भारतीय राजनीतिक गलियारे, विशेषकर कांग्रेस पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार ने बताया है कि उनके पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई (सुपुर्द-ए-खाक) देने की प्रक्रिया बुधवार शाम करीब 5 बजे दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित कब्रिस्तान में संपन्न की जाएगी। एक प्रभावशाली राजनीतिक सफर मोहसिना किदवई भारतीय राजनीति और कांग्रेस पार्टी का एक बेहद सम्मानित और प्रमुख चेहरा रही हैं। उनका एक लंबा और शानदार राजनीतिक करियर रहा है। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की रहने वाली मोहसिना किदवई ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य किया और कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। वे उत्तर प्रदेश के मेरठ निर्वाचन क्षेत्र से छठी लोकसभा के लिए चुनी गईं और सातवीं तथा आठवीं लोकसभा में भी इस सीट पर बनी रहीं। यानी ने तीन बार मेरठ से सांसद रहीं। इसके अलावा, उन्होंने 2004 से 2016 के बीच छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य के रूप में भी कार्य किया। संसद के दोनों सदनों में प्रतिनिधित्व अपने राजनीतिक जीवन में वे अलग-अलग समय पर संसद के निचले सदन (लोकसभा) और उच्च सदन (राज्यसभा) दोनों की सदस्य रहीं और जनता की आवाज को मजबूती से उठाया। सरकार के साथ-साथ पार्टी के भीतर भी उनका कद काफी बड़ा था। उन्होंने कांग्रेस की सर्वोच्च नीति-निर्धारक संस्था 'कांग्रेस कार्य समिति' (CWC) और प्रत्याशियों का चयन करने वाली पार्टी की 'केंद्रीय चुनाव समिति' के सदस्य के रूप में भी अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दी थीं। मोहसिना किदवई को कांग्रेस आलाकमान और विशेषकर गांधी परिवार के बेहद करीब और भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता था। वे कांग्रेस के उन गिने-चुने नेताओं में से थीं जिन्होंने पार्टी के कई उतार-चढ़ाव देखे और अपना पूरा जीवन पार्टी की विचारधारा के प्रति समर्पित कर दिया। उत्तर प्रदेश की जमीनी राजनीति से लेकर दिल्ली के सत्ता के गलियारों तक, उनके लंबे और बेदाग राजनीतिक योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

दतिया उपचुनाव पर सियासी माहौल गरम, हाईकोर्ट में सुनवाई 15 अप्रैल तक टली

दतिया उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज, हाईकोर्ट में सुनवाई टली प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहुंचे डॉ मिश्रा के  निवास,बंद कमरे में की चर्चा भोपाल  दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सजा के खिलाफ दायर अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के बाद अगली तारीख 15 अप्रैल निर्धारित की गई है। न्यायाधीश डॉ. स्वर्ण कांता शर्मा ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के उपरांत यह आदेश दिया। उल्लेखनीय है कि बैंक फ्रॉड मामले में राजेंद्र भारती को गत 2 अप्रैल को दिल्ली की एमपी/एमएलए कोर्ट ने तीन वर्ष की सजा सुनाई थी। सजा के बाद उनकी विधायकी समाप्त हो गई, जिससे दतिया विधानसभा सीट रिक्त हो गई है। सुनवाई टलने के साथ ही मध्यप्रदेश की राजनीति, विशेषकर भोपाल में, हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निवास पहुंचकर उनसे करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में चर्चा की। इस मुलाकात को दतिया उपचुनाव की संभावित रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। दतिया विधानसभा सीट लंबे समय से डॉ. मिश्रा का मजबूत गढ़ रही है, जहां से वे तीन बार विधायक रह चुके हैं। हालांकि पिछले चुनाव में उन्हें कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था। वर्तमान परिस्थितियों में सीट रिक्त होने के कारण उपचुनाव की स्थिति बन रही है, और ऐसे में डॉ. मिश्रा के फिर से मैदान में उतरने की संभावना प्रबल मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अब 15 अप्रैल की सुनवाई और उसके बाद के घटनाक्रम पर सबकी नजरें टिकी हैं, जो दतिया उपचुनाव की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकते हैं।

पवन खेड़ा की मुसीबत बढ़ी, दिल्ली और असम पुलिस ने दी घर पर दस्तक

नई दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी रिनिकी सरमा पर लगाए गए आरोपों को लेकर बड़ी मुसीबत में घिरते दिख रहे हैं. इस मामले में असम पुलिस की टीम आज सुबह दिल्ली पहुंची और खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर छापा मारा. दिल्ली पुलिस भी असम पुलिस की मदद के लिए इस कार्रवाई में शामिल रही. हालांकि खबर है कि पवन खेड़ा इस समय अपने आवास पर मौजूद नहीं थे. उधर असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने दावा किया कि पवन खेड़ा हैदराबाद भाग गए हैं।  वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सीएम हिमंत पर प्रहार किया है. उन्होंने कहा, ‘हिमंत बिस्व सरमा आप पर करप्शन के गंभीर आरोप हैं और आप साफ़ तौर पर घबरा गए हैं. आप नाम लेकर बुलाने और डराने-धमकाने के बजाय पवन खेड़ा के लगाए आरोपों का जवाब क्यों नहीं देते? अपनी नौटंकी बंद करो, क्योंकि अब आप अपना करप्शन नहीं छिपा सकते।  क्या है पूरा मामला? दरअसल पवन खेड़ा ने रविवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने दावा किया कि रिनिकी भुइयां सरमा के पास तीन देशों यूएई, एंटीगुआ और बारबुडा, मिस्र का पासपोर्ट है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि रिनिकी भुइयां सरमा के नाम दुबई में दो संपत्तियां हैं, जिनका जिक्र हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने चुनावी हलफनामे में नहीं किया है।  वहीं रिनिकी सरमा ने पवन खेड़ा के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन पर ‘खराब तरीके से गढ़े गए’ दस्तावेज फैलाने का आरोप लगाया और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, रिनिकी सरमा ने कहा था कि न सिर्फ किए गए दावों में, बल्कि शेयर किए जा रहे या कहे जा रहे डॉक्यूमेंट्स में भी बड़ी कमियां थीं।  खेड़ा पर निशाना साधते हुए उन्होंने लिखा, ‘आपकी सिर्फ तपस्या में ही नहीं, एआई जेनरेशन और फोटोशॉपिंग में भी कमी रह गई. मुझे उम्मीद थी कि एक राष्ट्रीय पार्टी का प्रवक्ता बुनियादी उचित जांच करेगा, न कि मनगढ़ंत पासपोर्ट और डॉक्यूमेंट्स की खराब इमेज सर्कुलेट करेगा.’ उन्होंने कहा कि इस मामले को अब कानूनी तौर पर निपटाया जाएगा. उन्होंने खेड़ा और कांग्रेस पार्टी को टैग करते हुए कहा, ‘अब मैं कानून को अपना काम करने दूंगी. क्रिमिनल चार्ज लगाए जा रहे हैं. हम इसे कोर्ट में जारी रख सकते हैं।  वहीं मुख्‍यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने पवन खेड़ा के आरोपों पर कहा था कि वह और उनकी पत्नी अगले 48 घंटों के भीतर पवन खेड़ा के खिलाफ आपराधिक और दीवानी, दोनों प्रकार के मानहानि के मुकदमे दायर करेंगे. मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्‍ट में पलटवार करते हुए कहा कि पवन खेड़ा की आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस कांग्रेस पार्टी के भीतर गहरे असंतोष और घबराहट को दर्शाती है. जैसे-जैसे असम एक ऐतिहासिक जनादेश की ओर निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहा है, इस तरह के हताश और बेबुनियाद हमले केवल उनके कमजोर होते जनाधार को ही उजागर करते हैं।  सीएम ने कहा कि मैं उनके द्वारा लगाए गए हर आरोप को पूरी तरह से खारिज करता हूं. ये दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित झूठ हैं, जिनका मकसद असम की जनता को गुमराह करना है. मेरी पत्नी और मैं अगले 48 घंटों के भीतर पवन खेड़ा के खिलाफ आपराधिक और दीवानी, दोनों तरह के मानहानि के मुकदमे दायर करेंगे. उनके इन गैर-जिम्मेदाराना और मानहानिकारक बयानों के लिए उन्हें पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाएगा।   

‘आप’ ने पद से हटाया तो यूपी में हुई पूजा, राघव चड्ढा की तस्वीर का तिलक कर दीर्घायु की कामना

नई दिल्ली योगी यूथ ब्रिगेड यूपी के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय कुमार ने आम आदमी पार्टी नेता राघव चड्ढा की तस्वीर की फोटो की आरती उतारी। उन्होंने कहा कि आज देश को राघव चड्ढा जैसे जनप्रतिनिधियों और नेताओं की जरूरत है। ऐसे ईमानदार नेता बहुत कम संख्या में देखने को मिलते हैं। इसी कारण हमने आज तस्वीर के समक्ष उनकी पूजा-अर्चना की, तिलक किया और उनके दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना भगवान से की। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति गरीबों, मध्यमवर्गीय परिवारों और आम जनता के हित की आवाज उठाता है, वह सदैव पूजनीय और वंदनीय होता है। अन्य जनप्रतिनिधियों को भी राघव चड्ढा जैसे नेताओं से सीख लेने की आवश्यकता है। आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी का नाम ‘आम आदमी पार्टी’ है, वही आम आदमी की आवाज उठाने वाले राघव चड्ढा पर कार्रवाई कर रही है। यह दर्शाता है कि पार्टी आम जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि वह खुले मंच से आम आदमी पार्टी और उसके कुछ नेताओं का विरोध करते हैं। कुंवर अजय कुमार ने कहा कि वह राघव चड्ढा का समर्थन करते हैं और जल्द ही उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर समर्थन देंगे। उन्होंने जनता से भी आह्वान किया कि ऐसे नेताओं का साथ दें और उन्हें अकेला न छोड़ें। आरोप लगाया कि आज टैक्स के नाम पर मध्यमवर्गीय परिवारों और मजदूरों का शोषण हो रहा है। निजी अस्पतालों और निजी स्कूलों द्वारा भी लोगों से अधिक वसूली की जा रही है। इन सभी मुद्दों को राघव चड्ढा समय-समय पर उठाते रहे हैं, और उनके खिलाफ कार्रवाई करना निंदनीय है। अंत में उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा जैसे नेता देश के लिए जरूरी हैं और वे उनके लिए पूजनीय एवं वंदनीय हैं। राज्यसभा में पार्टी के उपनेता के पद से हटाया दरअसल, आम आदमी पार्टी ने बीते गुरुवार को सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता के पद से हटा दिया। पार्टी ने उनके स्थान पर पंजाब के सांसद अशोक मित्तल को नियुक्त किया। चड्ढा पंजाब से ही राज्यसभा सांसद हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ राघव चड्ढा के कथित मतभेदों को लेकर चर्चा जोरों पर थी। पार्टी नेताओं ने इस बात की पुष्टि की कि राज्यसभा सचिवालय को पत्र भेजा गया था, जिसमें उच्च सदन में पार्टी के उप-नेता पद से चड्ढा को हटाने का अनुरोध किया गया था। राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सदन के नेता संजय सिंह ने पत्रकारों से कहा, राज्यसभा सचिवालय को पार्टी के इस फैसले से अवगत करा दिया गया है। हालाकि आप नेताओं ने उन दावों को खारिज किया कि चड्ढा को पार्टी सांसदों के कोटे के तहत राज्यसभा में बोलने से रोका जा रहा था।

AAP में छिड़ा गृहयुद्ध, राघव चड्ढा ने खुद पर लगे आरोपों को बताया ‘मजबूरी में किया गया स्क्रिप्टेड हमला’

 नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपनी ही पार्टी के उन नेताओं पर तीखा हमला बोला है, जिन्होंने हाल ही में उनके खिलाफ मोर्चा खोला था। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से AAP के कुछ नेता सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर रहे थे, जिनमें आरोप लगाया गया था कि राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दों को उठाने में विफल रहे हैं। राघव चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ करीब 3 मिनट का एक वीडियो शेयर कर उन्हें आईना दिखा दिया है। राघव चड्ढा ने आरोपों पर पलटवार करते हुए 'एक्स' पर लिखा, "AAP के मेरे उन साथियों के लिए, जिन्हें यह वीडियो जारी करने के लिए मजबूर किया गया कि राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में नाकाम रहे, उनके लिए पेश है एक छोटा सा ट्रेलर… पिक्चर अभी बाकी है।" राघव ने इमोशनल कार्ड खेलते हुए आगे कहा किपंजाब उनके लिए केवल राजनीति या चर्चा का विषय नहीं है। उन्होंने लिखा, "पंजाब मेरी भूमि है, मेरा कर्तव्य है, मेरी मिट्टी है और मेरी रूह है।" उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ संसद में पंजाब के हक की आवाज उठाते हुए अपने पुराने वीडियो का एक संकलन भी शेयर किया, ताकि यह साबित किया जा सके कि उन्होंने हमेशा पंजाब के हितों की बात की है।   राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राघव चड्ढा का यह बयान पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को सार्वजनिक करता है। उनके ‘मजबूर किया गया’ शब्द के इस्तेमाल से यह संकेत मिलता है कि पार्टी के भीतर ही कोई गुट उनके खिलाफ सक्रिय है। फिलहाल, इस 'ट्रेलर' के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि राघव की 'पूरी पिक्चर' में क्या खुलासे होते हैं। राघव संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में नाकाम रहे : ‘आप’ का आरोप ‘आप’ ने कल पंजाब से जुड़े अहम मुद्दों को उठाने में संसद में नाकाम रहने का आरोप लगा राघव चड्ढा की आलोचना करते हुए कहा था कि उनकी 'निष्क्रियता' पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, ‘आप’ के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा और पार्टी नेता कुलदीप सिंह धालीवाल ने एक संयुक्त बयान में कहा कि कई अहम मामलों पर चड्ढा की चुप्पी 'निराशाजनक' है। चीमा ने कहा कि पंजाब के विधायकों द्वारा राज्यसभा के लिए चुने गए चड्ढा से राष्ट्रीय स्तर पर राज्य के मुद्दों का सशक्त प्रतिनिधित्व करने की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने इससे जुड़ा 'एक भी संवेदनशील मुद्दा' नहीं उठाया। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास निधि के लगभग 8,500 करोड़ रुपये के लंबित बकाया और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित लगभग 60,000 करोड़ रुपये के नुकसान सहित प्रमुख वित्तीय मुद्दों को संसद में उजागर नहीं किया गया। राघव की की 'निष्क्रियता' पार्टी के सिद्धांतों के विपरीत : चीमा उन्होंने जीएसटी मुआवजे में बदलाव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वित्त पोषण से संबंधित मुद्दों के कारण हुए वित्तीय नुकसान को भी उन मामलों में गिनाया जिन्हें सांसद कथित तौर पर उठाने में विफल रहे। उन्होंने कहा कि पिछले साल पंजाब में आई बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 1,600 करोड़ रुपये की पूरी वित्तीय सहायता पंजाब को नहीं मिली है। चीमा ने कहा कि यह मुद्दा संसद में भी नहीं उठाया गया। मंत्री ने चड्ढा की चुप्पी को 'निराशाजनक' बताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी को सांसद से उम्मीद थी कि वह इन मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएंगे, लेकिन उनकी 'निष्क्रियता' पार्टी के सिद्धांतों के विपरीत है। 'आप' की पंजाब इकाई के प्रमुख अरोड़ा ने कहा कि जनता के मुद्दों को निडर होकर उठाना पार्टी के मूलभूत सिद्धांतों में से एक है और इससे किसी भी तरह का विचलन 'अप्रत्याशित' है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लंबित वित्तीय और राहत संबंधी मामलों पर राष्ट्रीय स्तर पर लगातार ध्यान देने की आवश्यकता है।

नितिन नवीन का बयान: कांग्रेस के शासनकाल में लोग रोटी के लिए भटकते थे

श्रीभूमि   असम के श्रीभूमि में आयोजित जनसभा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भाजपा-एनडीए की जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि सभा में उमड़ी भारी भीड़ इस बात का साफ संकेत है कि आने वाले समय में असम में भाजपा की प्रचंड बहुमत वाली सरकार बनने जा रही है और जनता का पूरा आशीर्वाद पार्टी को मिलने वाला है। नितिन नवीन ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भाजपा सरकार ने असम के विकास और उसकी समृद्ध विरासत, दोनों को आगे बढ़ाने का काम किया है। इससे पहले राज्य को अपराध का गढ़ बना दिया गया था। कांग्रेस के शासनकाल में लोगों को रोटी के लिए भटकना पड़ता था, रोजगार के अवसर नहीं थे और न ही महिलाओं और राज्य की जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित थी।  इसी कारण असम की जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर सजा दी। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और असम तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। सड़क, बिजली, रोजगार जैसे हर क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। बराक वैली का जिक्र करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि एक समय यह इलाका उपेक्षा और भेदभाव का शिकार था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। उन्होंने बताया कि ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के जरिए इस क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज हुई है और लोगों तक सुविधाएं पहुंच रही हैं। नितिन नवीन ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत असम में 22 लाख गरीबों को पक्के घर दिए जा चुके हैं। साथ ही आने वाले समय में 15 लाख और मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा ओरुनोडोई (अरुणोदय) योजना के तहत लाभार्थियों को अब 3,000 रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों के घर बनाने और उनके जीवन स्तर को बेहतर करने के लिए लगातार काम कर रही है। बता दें कि अरुणोदय योजना असम सरकार की एक प्रमुख कल्याणकारी योजना है। इसका उद्देश्य गरीब परिवारों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान करना है।महिलाओं के सशक्तीकरण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में राज्य सरकार माताओं-बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनकी सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। रोजगार के मुद्दे पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने 2 लाख युवाओं को नौकरी देने का संकल्प लिया है। साथ ही नए उद्योग लगाने वालों को 5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता देने की योजना भी बनाई गई है। उन्होंने पूर्व यूपीए सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उस समय पक्की सड़कों का निर्माण नहीं किया गया, बल्कि यह तर्क दिया जाता था कि सड़क बनने से विदेशी घुसपैठ बढ़ेगी। इसके उलट, केंद्र सरकार ने चीन सीमा तक पक्की सड़कें बनाईं, जिससे अब कोई भी देश भारत की जमीन पर नजर डालने की हिम्मत नहीं कर सकता। असम में विधानसभा चुनाव केवल एक ही चरण में संपन्न होंगे। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, राज्य की सभी 126 विधानसभा सीटों पर मतदान 9 अप्रैल को होगा।

MP में राज्यसभा चुनाव का गणित बदलेगा, भाजपा तीसरे प्रत्याशी को उतारने की तैयारी में, कांग्रेस की सीट पर नजर

भोपाल  मध्य प्रदेश में तीन राज्यसभा सीटों के लिए मई से जून के बीच चुनाव होने की संभावना है. अप्रैल में बीजेपी के 2 और कांग्रेस के एक राज्यसभा सांसद का कार्यकाल खत्म हो रहा है. जिसके लिए चुनाव होगा. मध्य प्रदेश में सत्ताधारी बीजेपी को विधायकों की संख्या बल के हिसाब से 2 सीटें जीतने में कोई परेशानी नहीं होगी. लेकिन कांग्रेस को अपनी सीट बचाने में अब मशक्कत करनी पड़ सकती है. क्योंकि कांग्रेस के 3 विधायकों का मामला पूरी तरह से फंस चुका है. जिसमें विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं डाल पाएंगे. वहीं दतिया से विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त हो चुकी है. जबकि बीना विधायक निर्मला सप्रे को लेकर अब तक असमंजस की स्थिति बनी हुई है. . एमपी में क्रॉस वोटिंग की चर्चा  मध्य प्रदेश में भले ही अभी राज्यसभा चुनाव में 2 महीने का समय है. लेकिन जिस हिसाब से परिस्थितियां बदल रही हैं. उससे राज्यसभा का मामला फंसता दिख रहा है. तीसरी सीट पर मुकाबला रोचक होने की पूरी संभावना है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस के एक विधायक आयोग्य साबित हो गए हैं. जबकि एक विधायक को वोट करने का अधिकार नहीं होगा और तीसरे विधायक अपनी स्थिति क्लीयर नहीं कर रही हैं. ऐसे में अगर कांग्रेस के कुछ और विधायक कम होते हैं तो फिर तीसरी सीट पर मुकाबला फंस जाएगा. क्योंकि भाजपा तीसरा उम्मीदवार उतारने की तैयारियों में जुट गई हैं।  जानिए राज्यसभा चुनाव का सरल गणित  राज्यसभा चुनाव के लिए पहले मध्य प्रदेश का सियासी गणित जानना जरूरी है. मध्य प्रदेश में कुल 230 विधायक हैं. लेकिन कांग्रेस के एक विधायक को वोट देने का अधिकार नहीं है. जबकि एक विधायक की सदस्यता समाप्त हो गई है. इस हिसाब से प्रदेश में मौजूदा विधायकों की संख्या 228 है. भाजपा के पास फिलहाल 164 विधायक हैं.कांग्रेस के पास कुल 65 विधायक है. लेकिन इनमें 1 के पास वोटिंग का अधिकार नहीं है. जबकि एक की सदस्यता चली गई है. जबकि बीना से कांग्रेस की निर्मला सप्रे का वोट भी बीजेपी के पक्ष में जाने की स्थिति दिख रही है. इस हिसाब से बीजेपी विधायकों की संख्या 165 तक जाती है. वहीं एक विधायक भारतीय आदिवासी पार्टी से है. जो खुद अपनी पार्टी का उम्मीदवार उतारने का दावा कर रहे हैं. इससे राज्यसभा चुनाव का गणित पूरी तरह उलझ रहा है।  क्रॉस वोटिंग या मतदान से दूर रखने की रणनीति बीजेपी सूत्रों के अनुसार, मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है। इस गणित के हिसाब से कांग्रेस के पास अभी भी विधायक ज्यादा हैं। ऐसे में बीजेपी को सीट हासिल करने के लिए कांग्रेस विधायकों की संख्या 58 से कम करनी होगी। इस स्थिति को देखते हुए बीजेपी कांग्रेस के चार से पांच विधायकों से क्रॉस वोटिंग करा सकती है। इसके अलावा इन विधायकों को सदन में अनुपस्थित रखकर भी सीट अपने पक्ष में करने की कोशिश कर सकती है। खास बात यह है कि बीजेपी के प्रदेश स्तर के शीर्ष रणनीतिकारों के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा चल रही है। ऐसे में आने वाले महीनों में बीजेपी कांग्रेस में और तोड़फोड़ कर विधायकों को अलग करने का प्रयास कर सकती है। एक सीट जीतने चाहिए 58 वोट  राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 वोट की जरुरत है. भाजपा अपने 116 विधायकों के साथ 2 सीटें आसानी से जीतेगी और उसके पास 49 वोट बचेंगे. यानि भाजपा अगर तीसरा उम्मीदवार उतारेगी तो उसके पास 49 वोट सेफ हैं. कांग्रेस के पास फिलहाल 62 विधायक हैं. फिलहाल पार्टी के पास 4 विधायक ज्यादा है. लेकिन अगर कांग्रेस के 7 विधायक क्रॉस वोटिंग या फिर वोटिंग में हिस्सा नहीं लेते तो फिर कांग्रेस जीत के फिगर से नीचे आ जाएगी. इस हिसाब से कांग्रेस का खेल बिगड़ सकता है. यही वजह है कि राज्यसभा चुनाव में मुकाबला बदल रहा है.  बीजेपी इस नेता को बना सकती है उम्मीदवार राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि बीजेपी राज्यसभा चुनाव में तीसरे उम्मीदवार के रूप में किसी ब्राह्मण चेहरे को उतार सकती है. जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने वाले सुरेश पचौरी का नाम चर्चा में आया है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि वह निर्दलीय मैदान में उतर सकते हैं, जहां भाजपा उन्हें अपना समर्थन दे सकती है. पचौरी लंबे समय तक कांग्रेस में रहे हैं. जिससे अगर कांग्रेस के कुछ विधायक उनके पक्ष में वोटिंग करते हैं तो वह मामला बन सकता है. वहीं कांग्रेस भी अपनी सीट को लेकर अब पूरी तरह एक्टिव है. कांग्रेस ने सभी विधायकों को एकजुट रखने पर जोर दिया है. जबकि पार्टी किसी ओबीसी नेता को मैदान में उतारने की तैयारी में है. जिसमें पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल और अरुण यादव का नाम सबसे ऊपर लिया जा रहा है. ताकि विधायकों को एकजुट रखा जा सके और राज्यसभा की सीट को जीता जा सके।  एक सीट के लिए 58 वोट जरूरी राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 वोटों की आवश्यकता होती है। ऐसे में कांग्रेस के पास संख्या तो है, लेकिन पार्टी के भीतर असंतोष और संभावित क्रॉस वोटिंग उसकी मुश्किलें बढ़ा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के 4-5 विधायक भाजपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं। भाजपा तीसरी सीट पर खेल सकती है दांव इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए भाजपा तीसरी सीट पर भी उम्मीदवार उतारने की रणनीति बना रही है। पार्टी के पास 164 विधायक हैं, जिनसे दो सीटें जीतने के बाद भी करीब 48 वोट बचते हैं।