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हाई कोर्ट का अहम फैसला: पादरी को अपने धर्म को सच बताने पर दी फटकार, संविधान के खिलाफ ठहराया

 इलाहाबाद धर्मों को लेकर बड़ी टिप्पणी करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि कई भी धर्म यह दावा नहीं कर सकता कि केवल वही सच है। हाई कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए एक पादरी की याचिका खारिज कर दी। पादरी पर जान-बूझकर धार्मिक भावनओं को आहत करने के आरोप लगे थे। पादरी ने खुद के खिलाफ फाइल की गई चार्जशीट के खिलाफ हाई कोर्ट का रुख किया था। यूपी के मऊ जिले में मुहम्मदाबाद थाने में 2023 में पादरी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। उनपर आरोप था कि प्रार्थना सभा के दौरान वह कहते थे कि इस संसार में केवल एक ही धर्म सत्य है और वह है ईसाई धर्म। जस्टिस सौर्भ श्रीवास्तव की बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा, भारत ऐसा देश है जहां हर धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं। भारत का संविधान कहता है कि भारत के सेक्युलर देश है। ऐसे में यह दावा कतई नहीं किया जा सकता कि कोई एक धर्म ही श्रेष्ठ और सत्य है। बेंच ने कहा कि आईपीसी की धारा 295-ए के तहत अगर किसी भी धर्म को नीचा दिखाने की कोशिश की जाती है तो इसे अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे में पादरी ने जो कुछ कहा उसे उचित नहीं ठहराया जा सकता है। इसलिए यह भी नहीं कहा जा सकता कि पादरी के बयानों पर कोई केस नहीं बनता है। पादरी के वकील ने कहा कि केवल उन्हें परेशान करने के लिए यह केस बनाया जा रहा है। उनपर आरोप लगाया गया है कि वह दूसरे धर्मों को नीचा दिखाते हैं और फिर पिछड़े लोगों का धर्मांतरण करने का प्रयास करते हैं जो कि निराधार है। उन्होंने दावा किया कि जांच अधिकारी ने भी यही पाया था कि वह किसी का धर्मांतरण नही करवाते हैं। वकील ने कहा कि बिना निष्पक्ष जांच के ही जांच अधिकारी ने रिपोर्ट फाइल करदी। ऐसे में कानून के साथ भी खिलवाड़ किया गया है। ऐसे में उनके खिलाफ दर्ज केस को रद्द कर दिया जाना चाहिए। वहीं सरकारी वकील ने उनका विरोध किया। जस्टिस श्रीवास्तव की बेंच ने कहा, समन या फिर संज्ञान के लिए प्रथम दृष्ट्या जानकारी की जरूरत होती है और इसपर मैजिट्रेट विचार कर सकते हैं। वर्तमान परिस्थितियों और सबूतों को देखते हुए यह याचिका खारिज की जाती है।

अयोध्या में रामलला को सूर्य तिलक, ललाट पर चमकती किरणों के बीच PM मोदी ने किए लाइव दर्शन

 अयोध्या रामनगरी अयोध्या में शुक्रवार दोपहर ठीक 12 बजे अभिजीत मुहूर्त के दौरान प्रभु रामलला का भव्य सूर्य तिलक किया गया. प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह बालक राम का दूसरा सूर्य तिलक है, जिसमें करीब 4 मिनट तक सूर्य की नीली किरणें उनके ललाट पर पड़ती रहीं. इस अलौकिक दृश्य को साकार करने के लिए बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने विशेष उपकरणों का निर्माण किया था, जिनका परीक्षण 24 मार्च को ही पूरा कर लिया गया था. रामनवमी के इस विशेष अवसर पर भगवान को पीले रंग के वस्त्र पहनाए गए और जन्मोत्सव के समय गर्भगृह में 14 विशेष पुजारी मौजूद रहे. सूर्य देव की किरणों को दर्पण और लेंस के जरिए परावर्तित कर सीधे रामलला के मस्तक तक पहुंचाया गया।  पीएम मोदी ने किए लाइव दर्शन  बता दें कि PM मोदी ने भी रामलला के दर्शन किए. राम नवमी के अवसर पर उन्होंने भगवान राम की पूजा-अर्चना की और राम मंदिर में 'सूर्य तिलक' अनुष्ठान देखा. पीएमओ की ओर से एक तस्वीर जारी की गई है जिसमें प्रधानमंत्री लाइव टीवी पर राम मंदिर में हो रहे अनुष्ठान को देख रहे हैं।   सीएम योगी बोले- सनातन संस्कृति की शाश्वत चेतना को जागृत करता हुआ तिलक  वहीं, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सूर्यवंश शिरोमणि प्रभु श्री रामलला के दिव्य भाल पर विराजित यह स्वर्णिम 'सूर्य तिलक' आस्था, आत्मगौरव और अध्यात्म का आलोक है।  बकौल सीएम योगी- 'यह तिलक सनातन संस्कृति की शाश्वत चेतना को जागृत करता हुआ, भारत के जन-जन के हृदय में श्रद्धा, शक्ति और स्वाभिमान का संकल्प-सूर्य प्रज्वलित कर रहा है. यह भारत को उसकी मूल आत्मा से पुनः जोड़ रहा है।  उन्होंने कहा कि प्रभु श्री राम के दिव्य 'सूर्य तिलक' का आलोक 'विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत' के संकल्पों को दिशा दे रहा है. क्योंकि जहां राम हैं, वहीं राह है, और वहीं भारत उजास बनकर जगमगाता है।  वैज्ञानिकों की मेहनत और राम-त्व का संगम बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने सूर्य की गति का गहन अध्ययन कर ये खास उपकरण तैयार किए हैं. ट्रस्ट के अनुसार, इन उपकरणों की डिजाइन ऐसी है कि अगले 19 सालों तक सूर्य की गति में होने वाले बदलावों के बावजूद किसी छेड़छाड़ की जरूरत नहीं होगी. दोपहर 12 बजे जैसे ही सूर्य की किरणें मंदिर के ऊपरी हिस्से से टकराईं, वे परावर्तित होकर सीधे रामलला के ललाट पर तिलक के स्वरूप में उभर आईं. इस पूरे नजारे को कैद करने के लिए मंदिर परिसर में 6 विशेष कैमरे लगाए गए थे और दूरदर्शन समेत सोशल मीडिया पर इसका सीधा प्रसारण किया गया।  दर्शन के समय में बदलाव और सुरक्षा के इंतजाम रामनवमी पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए दर्शन के समय में विस्तार किया गया है. श्रद्धालु सुबह 5 बजे से लेकर रात 11 बजे तक रामलला के दर्शन कर सकेंगे।  हालांकि, सूर्य तिलक के विशेष अनुष्ठान के दौरान सुरक्षा और गरिमा बनाए रखने के लिए तिलक से आधा घंटा पहले और आधा घंटा बाद तक वीआईपी पास के जरिए प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी. आरती पास धारकों के लिए ट्रस्ट ने एक अलग लाइन की व्यवस्था की है. आम दिनों में दर्शन का समय सुबह 6:30 से रात 9:30 बजे तक रहता है, लेकिन आज यह उत्सव देर रात तक चलेगा। 

खिलौना बुलडोजर को 5 साल की बच्ची ने CM योगी को गिफ्ट किया, देखिए वीडियो

गोरखपुर सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर दौरे पर हैं. आज सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में भ्रमण के दौरान उन्हें कानपुर से आई एक छोटी बच्ची ने 'खिलौना बुलडोजर' भेंट किया. ये नजारा देखकर वहां मौजूद सभी हंसने लगे. खुद सीएम योगी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए. उन्होंने पहले तो बच्ची को पास बुलाया, फोटो खिंचवाई और फिर उसे खूब मन लगाकर पढ़ाई करने की नसीहत दी. बाद में सीएम ने बच्ची को उसका खिलौना वापस कर दिया और वह हंसते-खेलते वहां से चली गई।  फिलहाल, इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. खुद सीएम योगी के ऑफिस की और से इसको शेयर किया गया है. इसमें लिखा है- 'आज सुबह गोरखनाथ मंदिर में भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री को कानपुर की पांच वर्षीय यशस्विनी ने बुलडोजर खिलौना भेंट किया.' वीडियो को मिनटों में हजारों लोग देख चुके हैं।  आपको बता दें कि इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राम नवमी की शुभकामनाएंदेते हुए कहा कि भगवान राम भारतीय चेतना के आदर्श का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने X पर कहा कि राम करुणा और कर्तव्य के बीच एक अद्भुत संतुलन का प्रतीक हैं. उन्होंने कहा, "धर्म (सदाचार), सत्य और मर्यादा (औचित्य) के सर्वोच्च प्रतीक भगवान श्री राम की पावन जयंती पर सभी भक्तों और प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।  योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम का जीवन हमें यह याद दिलाता है कि सत्ता की सच्ची सुंदरता मर्यादा का पालन करने और लोगों के कल्याण में निहित है. उन्होंने आगे कहा, "राम नवमी का यह पावन दिन हमें अपने आचरण में सत्य को, अपने व्यवहार में करुणा को और समाज में सौहार्द को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करता है; वास्तव में, यही 'राम-त्व' (राम का सार) का सच्चा उत्सव है।  अधिकारियों को दिए निर्देश  वहीं, गुरुवार को गोरखपुर में सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अवैध जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें और चेतावनी दी कि गरीबों को परेशान करने वालों को बख़्शा नहीं जाएगा।  मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में लगभग 200 लोगों से मुलाकात की, उनके आवेदन लिए और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी शिकायतों को दूर करने के लिए प्रभावी कार्रवाई करेगी।  विभिन्न मामलों से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए, आदित्यनाथ ने संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को आवेदन भेजे, और उन्हें निर्देश दिया कि वे समय पर और संतोषजनक ढंग से उनका निपटारा सुनिश्चित करें। 

केके बिश्नोई का रोमांटिक अंदाज: रिंग सेरेमनी में अंशिका को गोदी में उठाया और ‘प्यार करेगी’ पर डांस किया

संभल यूपी की चर्चित आईपीएस जोड़ी संभल के एसपी केके बिश्नोई और बरेली की एएसपी अंशिका वर्मा इन दिनों अपनी शादी को लेकर सुर्खियों में हैं. 29 मार्च को दोनों सात फेरे लेने जा रहे हैं, लेकिन उससे पहले  हुई उनकी रिंग सेरेमनी ने सोशल मीडिया पर अलग ही माहौल बना दिया है।  रिंग सेरेमनी का एक वीडियो खास तौर पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें केके बिश्नोई, अंशिका वर्मा को गोदी में उठाए नजर आते हैं और बैकग्राउंड में 'चल प्यार करेगी, हां जी-हां जी…' गाना बज रहा है. यह वीडिया अब इंटरनेट पर भी लोगों का दिल जीत रहा है. गुरुवार को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सगाई की रस्म पूरी हुई. परिवार के सदस्य, करीबी रिश्तेदार और कुछ खास मेहमान इस मौके पर मौजूद रहे. कार्यक्रम में सादगी के साथ पारंपरिक रंग देखने को मिला, वहीं शाम होते-होते माहौल में उत्सव का रंग घुल गया. रात में आयोजित रिंग सेरेमनी में दोनों अफसरों का अंदाज बिल्कुल अलग नजर आया. केके बिश्नोई काला चश्मा लगाए, आत्मविश्वास से भरे हुए मंच पर पहुंचे, वहीं अंशिका वर्मा भी बेहद खूबसूरत अंदाज में नजर आईं. दोनों की केमिस्ट्री ने पूरे कार्यक्रम का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।  अंगूठी पहनाने का खास पल रिंग सेरेमनी का सबसे अहम क्षण वह था जब दोनों ने एक-दूसरे को अंगूठी पहनाई. पहले केके बिश्नोई ने अंशिका वर्मा को रिंग पहनाई, फिर अंशिका ने भी मुस्कुराते हुए उन्हें अंगूठी पहनाई. इसके बाद दोनों ने हाथ पकड़कर उन्हें ऊपर उठाया और खुशी का इजहार किया. रिंग सेरेमनी के बाद जैसे ही संगीत का दौर शुरू हुआ, माहौल पूरी तरह बदल गया. मंच पर रोशनी, संगीत और तालियों के बीच दोनों अफसर एक साथ नजर आए. सबसे पहले दोनों भागम भाग फिल्म के सिग्नल… प्यार का सिग्नल गाने पर थिरकते दिखे. एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर, कभी साथ चलते तो कभी ताल पर झूमते रहे.  इसके बाद चल प्यार करेगी, हां जी-हां जी… गाना बजा और यहीं से कार्यक्रम का सबसे चर्चित पल सामने आया. केके बिश्नोई ने अचानक अंशिका वर्मा को गोदी में उठा लिया. इस पर वहां मौजूद मेहमानों ने तालियों और हूटिंग के साथ उनका उत्साह बढ़ाया।  सोशल मीडिया पर छाया वीडियो रिंग सेरेमनी के वीडियो और तस्वीरें सामने आते ही वायरल हो गईं. कमेंट सेक्शन में यूजर्स इस पल को रियल, क्यूट और दिल छू लेने वाला बता रहे हैं. कई लोग यह भी लिख रहे हैं कि इतने जिम्मेदार पदों पर रहने के बावजूद दोनों का यह सहज अंदाज प्रेरणादायक है. कार्यक्रम में दोनों परिवारों के सदस्य पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए. पारंपरिक रस्मों से लेकर आधुनिक अंदाज के जश्न तक, हर पल में परिवार का साथ साफ दिखाई दिया. रिंग सेरेमनी में शामिल होने के लिए मुरादाबाद से बीजेपी विधायक रितेश गुप्ता भी पहुंचे. उनके अलावा प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई लोग भी इस खुशी के मौके के गवाह बने।  शादी की तैयारियां तेज रिंग सेरेमनी के बाद अब शादी की तैयारियां और तेज हो गई हैं. 27 मार्च को बाड़मेर स्थित कृष्ण निवास में हल्दी और संगीत कार्यक्रम आयोजित होंगे. इसके बाद 29 मार्च को बाड़मेर में ही दोनों सात फेरे लेंगे. यह समारोह अपेक्षाकृत निजी रखा जाएगा, जिसमें सीमित मेहमान ही शामिल होंगे. 30 मार्च को जोधपुर के लारिया रिसॉर्ट में भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में मेहमानों के पहुंचने की संभावना है. केके बिश्नोई और अंशिका वर्मा दोनों ही अपने-अपने क्षेत्रों में सख्त और जिम्मेदार अफसर के रूप में जाने जाते हैं. एक ओर जहां कानून-व्यवस्था को संभालने की चुनौती होती है, वहीं दूसरी ओर निजी जीवन के ये खास पल भी उतने ही अहम होते हैं। 

अहिल्यनगर में रामनवमी जुलूस पर हुआ पथराव, कई घायल, 10-12 आरोपियों पर FIR

 अहिल्यनगर महाराष्ट्र के अहिल्यनगर जिले के श्रीरामपूर शहर में रामनवमी का जुलूस निकाला जा रहा था. गुरुवार शाम करीब चार बजे जब यह जुलूस सय्यद बाबा चौक पर मस्जिद के सामने से गुजरा, तभी अचानक पथराव शुरू हो गया. जुलूस में शामिल लोग नाच-गा रहे थे, तभी मस्जिद के पीछे से अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए।  इस पथराव में तीन लोग घायल हो गए. घायलों में से एक की हालत गंभीर थी, जिसे श्रीरामपूर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. पथराव होते ही जुलूस में अफरा-तफरी मच गई. भीड़ काफी आक्रोशित हो गई और कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।  पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और भीड़ को वहां से हटाया. लोगों को समझा-बुझाकर शांति बनाए रखने की अपील की गई. पुलिस ने मस्जिद के मौलाना सहित 10 से 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ श्रीरामपूर थाने में मामला दर्ज किया है. जांच जारी है. फिलहाल हालात शांतिपूर्ण हैं और शहर में पुलिस का भारी बंदोबस्त तैनात कर दिया गया है।  बता दें कि श्रीरामपूर में रामनवमी का त्योहार हर साल बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन शहर में बड़ा मेला लगता है और भगवान श्रीराम का जुलूस निकाला जाता है, जिसमें हजारों लोग शामिल होते हैं।  किन-किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया? पुलिस ने इस मामले में कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 190, भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 191(1), भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 191(2), भारतीय न्याय सहिता (बी एन एस), 2023 192, भारतीय न्याय सहिता (बी एन एस), 2023 110 और भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 118(1) के तहत पुलिस ने केस दर्ज किया है। 

जाफर अली शाह मासूम की मजार पर बुलडोजर एक्शन, गोरखपुर में सरकारी जमीन को किया कब्जामुक्त

 गोरखपुर गोरखपुर जिला प्रशासन ने शाहपुर थाना क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी के पास गोड़धोइया पुल पर स्थित हजरत बाबा जाफर अली शाह 'मासूम' की मजार को शुक्रवार को ध्वस्त कर दिया. 'गोड़धोइया नाला चौड़ीकरण' के रास्ते में आने के कारण इस बरसों पुराने निर्माण को हटाया गया. पीडब्ल्यूडी की जमीन पर बनी यह मजार नाले के विस्तार और सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रही थी. भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने गुरुवार को बुलडोजर चलाकर सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया।  सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट और मजार बताया जा रहा है कि 'गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट' मुख्यमंत्री का प्राथमिकता वाला प्रोजेक्ट है, जिसका उद्देश्य शहर की जल निकासी व्यवस्था को बेहतर करना है. इसी कड़ी में शाहपुर क्षेत्र में नाले के किनारे हुए अवैध कब्जों को चिन्हित किया गया था. जांच में पाया गया कि मासूम बाबा की मजार लोक निर्माण विभाग (PWD) की जमीन पर बनी थी. प्रोजेक्ट की ड्राइंग के अनुसार, मजार वाला हिस्सा चौड़ीकरण की बाधा बन रहा था, जिसके बाद इसे हटाने का निर्णय लिया गया।  कार्रवाई के दौरान भावुक हुए मोहल्ले के लोग जब प्रशासन का बुलडोजर मजार के पास पहुंचा, तो आवास विकास कॉलोनी और आसपास के इलाकों के पुरुष और महिलाएं वहां बड़ी संख्या में जुट गए. बरसों पुरानी आस्था का केंद्र होने के कारण कई लोग मजार को टूटता देख भावुक हो गए. हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए लोगों को समझाया कि सरकारी जमीन और विकास कार्य के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य है. भारी सुरक्षा घेरे के कारण प्रदर्शन की कोई स्थिति नहीं बनी और शांतिपूर्वक ध्वस्तीकरण पूरा हुआ।  सरकारी जमीन को कराया गया कब्जा मुक्त प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए सभी बाधाओं को हटाया जा रहा है. मजार ध्वस्त होने के बाद अब वहां नाले के पुख्ता निर्माण और सड़क को चौड़ा करने का काम तेजी से शुरू हो सकेगा. पीडब्ल्यूडी और नगर निगम की टीमें अब मलबे को हटाने और आगे की जमीन के समतलीकरण में जुट गई हैं। 

GST में बड़े घोटाले का खुलासा, यूपी में 200 करोड़ की चोरी; एसटीएफ ने आरोपी को गुजरात से पकड़ा

 लखनऊ उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने फर्जी फर्मों के जरिए करीब 200 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस मामले में एसटीएफ ने गुजरात के अहमदाबाद से गैंग के अहम सदस्य मोहम्मद अल्ताफ सोजतवाला को पकड़ा है. यह नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला हुआ था और लंबे समय से संगठित तरीके से सरकार को राजस्व का भारी नुकसान पहुंचा रहा था।  एसटीएफ के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी के पास से लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और नकदी बरामद हुई है. जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अपने साथियों, जिनमें चार्टर्ड अकाउंटेंट आकाश पीयूष सोनी समेत अन्य लोग शामिल हैं, इनके साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्मों का पंजीकरण कराता था।  इन फर्जी कंपनियों के जरिए फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार किए जाते थे, जिससे वास्तविक कारोबारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) उपलब्ध कराया जाता और बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की जाती थी।  पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह लोगों को कमीशन और लालच देकर उनके पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज हासिल करता था. इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी कंपनियां खोलकर बैंक खातों के जरिए लेनदेन दिखाया जाता था. बाद में रकम को नकद या दूसरे माध्यमों से वापस कर दिया जाता था।  एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि यह गैंग गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में एक्टिव था. अलीगढ़ में दर्ज एक केस की जांच के दौरान इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।  फिलहाल एसटीएफ आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है. साथ ही गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी। 

CM योगी का बयान: घबराहट में सिलेंडर-ईंधन न खरीदें, अफवाहों से बचें, सप्लाई पूरी तरह सामान्य

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोग बेवजह घबराकर रसोई गैस और ईंधन के लिए लाइन में लग रहे हैं, जबकि इसकी कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि पहले एक गैस सिलेंडर एक महीने तक चलता था, लेकिन अब लोग 5-6 दिन में ही नया सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं, जो सही नहीं है।  उन्होंने साफ किया कि सरकार ने प्रदेश में व्यवस्था बनाई है कि गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी पहले की तरह जारी रहेगी. जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि एजेंसियां लोगों के घर तक सिलेंडर पहुंचाएं, इसलिए लाइन लगाने की जरूरत नहीं है।  योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोग अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं और अव्यवस्था पैदा करना चाहते हैं. ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है और अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब जरूरत हो तभी पेट्रोल और डीजल लेने जाएं, अनावश्यक खरीदारी से स्थिति बिगड़ती है।  उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में, खासकर मध्य पूर्व में युद्ध और अस्थिरता का माहौल है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुरक्षित है और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।  मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अगर यह युद्ध लंबा चलता है तो इसका असर हर व्यक्ति पर पड़ सकता है, इसलिए लोगों को मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी भी चुनौती के समय सरकार के साथ मिलकर चलना ही सच्ची राष्ट्र भक्ति है और देशहित में लिए गए फैसलों का समर्थन करना चाहिए।  बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने साथ मिलकर ईरान पर हमला किया था. इस हमले में ईरान के टॉप लीडरशिप की मौत हो गई. इसके बाद बड़े स्तर पर पश्चिम एशिया में जंग छिड़ गई. ईरान ने होर्मुज के रास्ते को बंद कर दिया. नतीजतन दुनिया के कई मुल्कों में ऊर्जा संकट गहरा गया. इससे सबसे ज्यादा प्रभावित एशिया के मुल्क हो रहे हैं।   

$1 ट्रिलियन इकोनॉमी के लक्ष्य को गति देगा मेगा प्रोजेक्ट, रोजगार, निवेश और वैश्विक कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा बूस्ट

लखनऊ/नोएडा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित होने जा रहा है। 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसके शुभारंभ के साथ ही यह मेगा प्रोजेक्ट केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक मजबूत स्ट्रैटेजिक इंजन के रूप में सामने आएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप विकसित यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के लंबे समय से “लैंड-लॉक्ड” आर्थिक पोटेंशियल को अनलॉक करेगा और कृषि, एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन व उद्योगों को सीधे वैश्विक बाजार से जोड़ेगा। बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण और मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के चलते यह परियोजना न केवल प्रदेश की जीडीपी को नई गति देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर एक मजबूत पहचान भी दिलाएगी। किसानों की आय में 20–30% तक वृद्धि की संभावना पूर्व सीएफओ, एयर इंडिया सैट्स और यूपीडीएफ के चेयरमैन सीए पंकज जायसवाल के अनुसार, भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनने जा रहा यह प्रोजेक्ट 7 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता और लगभग 10 लाख टन कार्गो हैंडलिंग के साथ कृषि, एमएसएमई और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई गति देगा। इसके जरिए फल, सब्जी, डेयरी और सजावटी फूल जैसे पेरिशेबल उत्पाद सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचेंगे, जिससे “फार्म-टू-ग्लोबल मार्केट” मॉडल मजबूत होगा और किसानों की आय में 20–30% तक वृद्धि की संभावना है। साथ ही, लॉजिस्टिक्स लागत घटने, निर्यात बढ़ने और वैश्विक कनेक्टिविटी बेहतर होने से उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मानचित्र पर एक सशक्त पहचान मिलेगी। जीडीपी में 1% की वृद्धि संभव उन्होंने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में व्यापार और पर्यटन के नए आयाम स्थापित करने जा रहा है। यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर, आगरा, मथुरा, वृंदावन और वाराणसी जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों को एक वैश्विक पर्यटन सर्किट से जोड़ेगा, जिससे अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की आवाजाही में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। बेहतर कनेक्टिविटी के चलते धार्मिक पर्यटन, मेडिकल टूरिज्म और बिजनेस ट्रैवल को भी नई गति मिलेगी। जब यह एयरपोर्ट अपने पूर्ण क्षमता के साथ संचालित होगा, तो इसके व्यापक आर्थिक प्रभाव से उत्तर प्रदेश की जीडीपी में 1 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि संभव है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा। रोजगार सृजन का बनेगा बड़ा केंद्र नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का प्रमुख इंजन बनने जा रहा है। पंकज जायसवाल के अनुसार, शुरुआती 5 वर्षों में एयरपोर्ट ऑपरेशन, ग्राउंड हैंडलिंग, सिक्योरिटी, रिटेल और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में 20,000 से अधिक तथा एमआरओ, कार्गो, लॉजिस्टिक्स और एविएशन सर्विसेज में 30,000 से अधिक, कुल मिलाकर 50,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। वहीं कृषि, ट्रांसपोर्ट, सप्लाई चेन, एमएसएमई, होटल और पर्यटन जैसे सेक्टर्स में 5 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जो लंबी अवधि में 40–50 लाख तक पहुंच सकते हैं। प्रदेश में मौजूद लगभग एक करोड़ एमएसएमई को वैश्विक बाजार से जोड़कर यह एयरपोर्ट न केवल रोजगार बढ़ाएगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी व्यापक स्तर पर गति देगा। रियल एस्टेट और इंडस्ट्री को मिलेगा व्यापक बूस्ट जेवर एयरपोर्ट के विकास के साथ उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट और औद्योगिक परिदृश्य में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) तेजी से एक प्रीमियम निवेश और औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेंगे, वहीं बुलंदशहर, अलीगढ़ और मथुरा-वृंदावन तक अर्बन एक्सपेंशन कॉरिडोर विकसित होकर नए शहरों और टाउनशिप को जन्म देगा। एयरपोर्ट के आसपास होटल, वेयरहाउस, ऑफिस स्पेस, लॉजिस्टिक्स पार्क और डेटा सेंटर में बड़े निवेश आकर्षित होंगे, जिससे रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग और टेक्सटाइल जैसे निर्यात-उन्मुख उद्योगों को नई गति मिलेगी, जो इस क्षेत्र को एक मजबूत इंडस्ट्रियल और एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित करेगा। इंडस्ट्रियल सेक्टर को नई रफ्तार एयरपोर्ट के संचालन से उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र को उल्लेखनीय गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी और कम लॉजिस्टिक्स लागत के चलते इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग और टेक्सटाइल जैसे प्रमुख सेक्टर तेजी से विकसित होंगे। खासकर निर्यात उन्मुख उद्योगों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे उत्पादन और निवेश दोनों में वृद्धि होगी। यह एयरपोर्ट इंडस्ट्री के लिए एक मजबूत सप्लाई चेन नेटवर्क तैयार करेगा, जो उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका  वैश्विक एविएशन हब बनने की क्षमता जेवर एयरपोर्ट को केवल दिल्ली-एनसीआर के सहायक एयरपोर्ट के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य के एक बड़े मल्टी-मोडल इंटरनेशनल एविएशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करते हुए एयर ट्रैफिक को संतुलित करेगा। 5 रनवे की प्रस्तावित क्षमता के साथ यह देश का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने की दिशा में अग्रसर है। इसकी रणनीतिक स्थिति इसे एशिया और यूरोप के बीच एक अहम ट्रांजिट केंद्र बना सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी में बड़ा विस्तार होगा। साथ ही, बदलते वैश्विक हालात के बीच यह दुबई, दोहा और अबु धाबी जैसे स्थापित हब के विकल्प के रूप में उभरकर भारत की एविएशन क्षमता को नई ऊंचाई देने की क्षमता रखता है। एमएसएमई और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिलेगा मेगा बूस्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की रणनीतिक लोकेशन इसे एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर के लिए गेमचेंजर बनाती है। ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के करीब होने के साथ-साथ यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख हाईवे से इसकी मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी इस क्षेत्र को देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब बना सकती है। इसके परिणामस्वरूप वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज और ई-कॉमर्स फुलफिलमेंट सेंटर में तेजी से विस्तार होगा, जिससे सप्लाई चेन अधिक कुशल बनेगी। साथ ही, भारत में 13–14% तक रहने वाली लॉजिस्टिक लागत में कमी आने से एमएसएमई सेक्टर की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और निर्यात को नई गति मिलेगी। निवेश और विदेशी कंपनियों के लिए बढ़ेगा आकर्षण नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रही एयरोसिटी, लॉजिस्टिक्स पार्क और इंडस्ट्रियल क्लस्टर उत्तर प्रदेश को निवेश का नया केंद्र बना रहे हैं। राज्य सरकार की एफडीआई-फ्रेंडली नीतियों और बेहतर “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” माहौल के चलते घरेलू और विदेशी निवेशकों का रुझान तेजी … Read more

योगी सरकार में गो-आश्रय स्थलों की निगरानी हुई हाईटेक

लखनऊ उत्तर प्रदेश में गोवंश संरक्षण को तकनीक से जोड़ते हुए एक बड़ा और प्रभावी कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश भर के जनपदों में संचालित 5446 गो-आश्रय स्थलों को सीसीटीवी निगरानी से जोड़ दिया गया है, जहां अब तक कुल 7592 कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं। यह पहल न केवल पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि गोवंश की सुरक्षा और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने का भी मजबूत माध्यम बन रही है। पशुओं के खान-पान, स्वास्थ्य, साफ-सफाई आदि की लगातार निगरानी संभव अब इन आश्रय स्थलों की 24×7 निगरानी संभव हो गई है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए पशुओं के खान-पान, स्वास्थ्य, साफ-सफाई और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिससे किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित हो रही है। यह व्यवस्था प्रशासनिक जवाबदेही को भी मजबूत कर रही है। समय पर चारा, स्वच्छ पानी और चिकित्सा उपलब्ध कराना लक्ष्य प्रदेश के इन गो-आश्रय स्थलों में बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं, जिनकी देखभाल सरकार की प्राथमिकता में है। सीसीटीवी निगरानी के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पशुओं को समय पर चारा, स्वच्छ पानी और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। पूरे प्रदेश में एकीकृत और सुदृढ़ निगरानी तंत्र होगा विकसित पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम के अनुसार, यह डिजिटल निगरानी प्रणाली प्रशासनिक पारदर्शिता के साथ-साथ आम जनता के विश्वास को भी सुदृढ़ कर रही है। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने में यह तकनीक बेहद कारगर साबित हो रही है। वर्तमान में 56 जनपदों में कमांड एवं कंट्रोल रूम सक्रिय हैं, जहां से इन कैमरों की मॉनिटरिंग की जा रही है, जबकि शेष 19 जनपदों में सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड के माध्यम से जल्द ही कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। इससे पूरे प्रदेश में एकीकृत और सुदृढ़ निगरानी तंत्र विकसित होगा। नियमित मॉनिटरिंग होगी सुनिश्चित सरकार ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि सीसीटीवी कैमरों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और किसी भी खराबी की स्थिति में तत्काल सुधार कराया जाए। साथ ही अधिकारियों को समय-समय पर स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।