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उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के निर्देशों के बाद आयुष्मान कार्ड वितरण में आई तेजी

अब तक 12, 283 करोड़ रुपये से अधिक के इलाज के क्लेम सेटल 9 करोड़ लक्षित लाभार्थियों में से 5,42,13,534 आयुष्मान कार्ड हुए जारी लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आम नागरिकों तक तेज़ी से पहुँच रही है। सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि कोई भी पात्र गरीब परिवार स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रहे। प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत 9 करोड़ लक्षित लाभार्थियों में से 5,42,13,534 आयुष्मान कार्ड हुए जारी हो चुका है।  करोड़ों रुपये का कैशलेस इलाज, गरीबों को बड़ी राहत आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। यह सुविधा प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी दी जा रही है। अब तक योजना के अंतर्गत 74.4 लाख लाभार्थियों के इलाज के मामले, 12,283 करोड़ रुपये से अधिक का क्लेम सेटल किया जा चुका है। इससे लाखों परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक संबल मिला है। मुख्यमंत्री योगी की सख्ती से व्यवस्था में सुधार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आयुष्मान कार्ड बनाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अवरोध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी का परिणाम है कि अब विभागीय स्तर पर कार्ड पूरी तरह मुफ्त और सरल प्रक्रिया से बनाए जा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे। हर तबके तक पहुंचाने का संकल्प योगी सरकार का लक्ष्य है कि यह योजना केवल कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक वास्तविक लाभ पहुंचे। आयुष्मान कार्ड ने प्रदेश के गरीब, श्रमिक, वृद्ध और जरूरतमंद परिवारों को इलाज के लिए कर्ज या जमीन बेचने की मजबूरी से राहत दी है।

महिला वकील को थाने में अवैध रूप से रोके जाने का मामला, सुप्रीम कोर्ट सख्त, यूपी व केंद्र से जवाब तलब

नोएडा नोएडा के एक थाने में महिला वकील को कथित रूप से कई घंटे तक बंधक बनाकर यौन शोषण करने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने गौतमबुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया है कि घटना वाले दिन पुलिस स्टेशन में लगे कैमरों की फुटेज किसी भी स्थिति में न हटाई जाए और उसे सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रखा जाए। महिला वकील ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को सेक्टर-126 पुलिस स्टेशन में उस समय तैनात अधिकारियों के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया जाए। साथ ही उन्होंने मांग की है कि मामले की जांच एसआईटी या सीबीआई को सौंपी जाए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। जस्टिस विक्रम नाथ और एन. वी. अंजारिया की पीठ ने पीड़ित वकील की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई की। याचिका में दावा किया गया है कि तीन दिसंबर की रात उन्हें सेक्टर-126 पुलिस स्टेशन में पुलिसकर्मियों द्वारा कथित रूप से 14 घंटे तक अवैध हिरासत में रखा गया। इस दौरान उनके साथ यौन उत्पीड़न और जबरदस्ती किए जाने का आरोप लगाया गया है, जबकि वह अपने मुवक्किल से जुड़े दायित्व निभाने के लिए वहां मौजूद थीं। पीठ ने मामले में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और गौतमबुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर सात जनवरी तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। डीसीपी नोएडा यमुना प्रसाद ने कहा कि मामला दो पक्षों के बीच विवाद से संबंधित था, जिसमें एक पक्ष की ओर से महिला अधिवक्ता भी थाने पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि अब अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि थाने में उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। डीसीपी ने कहा कि पुलिस अपनी स्तर से पूरे मामले की जांच कर रही है और न्यायालय के सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने पीठ के समक्ष कहा कि यह अत्यंत गंभीर मामला है, जिसमें एक महिला वकील के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि यह घटना दिल्ली के पास नोएडा में हो रही है, तो पूरे देश की सुरक्षा स्थिति की गंभीरता को समझा जा सकता है। पीठ ने बताया कि आम तौर पर वह संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत इस तरह की याचिकाओं पर विचार नहीं करती और याचिकाकर्ता को संबंधित हाईकोर्ट जाने की स्वतंत्रता देती है। हालांकि, याचिका में लगाए गए गंभीर आरोपों और इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि मामला पुलिस स्टेशन में घटना के दौरान सीसीटीवी कैमरों को ब्लॉक करने से भी संबंधित है, अदालत ने इस याचिका पर विचार करने का निर्णय लिया। वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने पीड़ित महिला वकील की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि इस आदेश के बाद कोई भी उसे परेशान करने की हिम्मत नहीं करेगा। सुनवाई के दौरान, वरिष्ठ अधिवक्ता सिंह ने थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को तुरंत जब्त करने की भी मांग की। हाईकोर्ट क्यों नहीं गएः सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई की शुरुआत में सवाल किया कि याचिकाकर्ता ने अपनी शिकायत लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट से क्यों संपर्क नहीं किया। पीठ ने कहा कि उन्हें पूरी सहानुभूति है और हाईकोर्ट को उचित कार्रवाई करने देना चाहिए। इस पर महिला अधिवक्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट याचिका को हाईकोर्ट में ट्रांसफर कर सकता है। पीठ ने जवाब में कहा कि समस्या यह है कि यदि हम इस याचिका पर सुनवाई शुरू करते हैं, तो दिल्ली के आसपास के सभी मामले केवल सुप्रीम कोर्ट में ही आने लगेंगे। इसके बाद वरिष्ठ अधिवक्ता सिंह ने पीठ से अनुरोध किया कि इसे एक तरह का टेस्ट केस माना जाए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले से ही सीसीटीवी फुटेज मामले की निगरानी कर रहा है, जो अत्यंत महत्वपूर्ण है। ‘गर्दन पर पिस्टल रखा गया’ महिला वकील की ओर से याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मियों ने सरकारी पिस्तौल उनकी गर्दन पर रखकर मोबाइल फोन का पासवर्ड सौंपने के लिए मजबूर किया, जिससे उनकी जान तत्काल खतरे में पड़ गई। याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि उन्हें फर्जी मुठभेड़ में मारे जाने की धमकियां दी गईं। याचिका में यह आरोप भी शामिल है कि अधिकारियों ने थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों को दुर्भावनापूर्ण तरीके से बंद या हटा दिया, जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए अनिवार्य आदेश का स्पष्ट उल्लंघन था।

अखिलेश यादव का BJP पर करारा वार: 5 बड़ा या 7, PDA को बताया अपमानित

लखनऊ सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर करारा तंज कसा है. उन्होंने इसे PDA समाज का अपमान बताया है. अखिलेश यादव ने पोस्ट कर कहा कि, 5 बड़ा या 7 ? विधायक बड़ा या सांसद ? राज्य बड़ा या केंद्र ? राज्य सरकार का मंत्री बड़ा या केंद्र सरकार का? फिर सवाल ये है कि 5 बार के विधायक को भाजपाई राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाते हैं और 7 बार के सांसद को राज्य का अध्यक्ष. आगे अखिलेश यादव ने कहा, इसका तर्क क्या है. दरअसल इसका कोई तर्क भाजपा के पास नहीं है. इसका कारण सिर्फ़ ये है कि प्रभुत्ववादी भाजपाई ये संदेश देना चाहते हैं कि PDA समाज का व्यक्ति कितना भी क़ाबिल हो पर वो वर्चस्ववादियों के आगे एक सीमा से आगे नहीं बढ़ सकता है. आगे अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि भाजपा ने पीडीए समाज को नीचा दिखाने को लिए ये नया तरीका अपनाया है. ये अपमान पीडीए समाज अब और नहीं सहेगा. अब अपनी पीडीए सरकार बनाएगा, पीडीए को मान दिलाएगा.

विधान परिषद में हंगामा: सपा ने किया वॉकआउट, संस्कृत शिक्षकों के जीपीएफ भुगतान का आश्वासन

लखनऊ यूपी विधानमंडल का शीतकालीन सत्र आज से प्रारंभ हो गया है। सदन की कार्यवाही के पहले दिन सपा के दिवंगत विधायक सुधाकर सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सहित सभी दलों के नेताओं ने राजनीति और समाज के लिए किए गए उनके योगदान को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं, विधान परिषद की कार्यवाही चलती रही। जहां पर सपा ने प्रदेश में स्कूल बंद किए जाने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉक आउट किया। वहीं, सरकार ने बताया कि संस्कृत विद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों को जीपीएफ का भुगतान जल्द होगा। सत्र के पहले दिन मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज से सदन की कार्यवाही शुरू हो रही है। 24 जनवरी को हमारे राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पर चर्चा का आयोजन किया जाएगा। 24 जनवरी को यूपी का स्थापना दिवस भी है। हमने सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों से चर्चा के लिए अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए और हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। सदन की कार्यवाही के पहले दिन नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सहित सभी दलों के नेताओं ने स्वर्गीय सपा विधायक सुधाकर सिंह के निधन पर समाज में दिये गए उनके योगदान को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। कफ सिरप कांड और एसआईआर पर हंगामे के आसार सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दल कोडीन कफ सिरप की तस्करी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को लेकर हंगामा कर सकता है। साथ ही, सदन में वंदे मातरम पर होने वाली चर्चा का विरोध भी किया जा सकता है। आज सत्र शुरू होने के दिन सपा के विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा ने कफ सिरप कांड को लेकर योगी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे लोगों पर बुलडोजर क्यों नहीं चला रही है। हजारों करोड़ रुपये का गबन हुआ है और जहरीली कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत हुई है। क्या बुलडोजर का ड्राईवर भी कफ सिरप पीकर सो गया है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। सत्र के पहले दिन सीएम योगी ने मीडिया को किया संबोधित सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए बृहस्पतिवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में सर्वदलीय और कार्यमंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई। सर्वदलीय बैठक में सभी दलीय नेताओं ने सदन की कार्यवाही को शालीनता एवं संसदीय मर्यादा के अनुरूप संचालित करने हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। विधान सभा अध्यक्ष ने भी दलीय नेतओं से अपील किया कि सदन में सकारात्मक संवाद, शालीनता एवं संसदीय परंपराओं के अनुरूप अपनी बात रखें, सभी को बात रखने का मौका दिया जाएगा। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सत्र के दौरान प्रस्तुत होने वाले विधेयकों पर चर्चा कराई जाएगी। 

कफ सिरप केस पर बहस खत्म, हाईकोर्ट ने निर्णय सुरक्षित रखा, आरोपियों की याचिका—मामला हो रद्द

प्रयागराज प्रदेश के चर्चित कफ सिरप मामले में दर्ज एफआईआर को खारिज करने की मांग वाली अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित किया है। शुक्रवार को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों तरफ के वकीलों की दलील सुनने के बाद फैसला रिजर्व कर लिया है। वाराणसी के शुभम जायसवाल सहित 40 आरोपियों ने अपने खिलाफ प्रदेश के विभिन्न जिलों में दर्ज केस को रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की है। हाईकोर्ट ने फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा रखी है। कोडीनयुक्त कफ सिरप कांड की जांच में यूपी एसटीएफ ने लखनऊ आलम बाग के पास से सहारनपुर से दो अभियुक्त अभिषेक शर्मा और शुभम शर्मा को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में 25 हजार रुपये के इनामी शुभम जायसवाल का पूरा नेटवर्क सामने आया है। दोनों ने एसटीएफ को बताया कि दोनों विशाल और विभोर राणा के लिए काम करते थे। विशाल और विभोर का शुभम जायसवाल के साथ व्यापारिक संबंध था। तीनों मिलकर कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी करते थे। माल वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर और आगरा समेत अन्य जगहों से फर्जी ई वे बिल बनाकर बंगाल के अलावा अन्य जगहों पर भेजा जाता था। विशाल और विभोर के नेटवर्क के जरिये सिरप देश के कई राज्यों में पहुंचाया जाता था। इसी बीच शुभम ने अपने पिता भोला जायसवाल के नाम पर रांची में एबॉट कंपनी की सुपर स्टॉकिस्ट हासिल कर ली और इन दोनों से किनारा कर लिया। इसके बाद लाइसेंस और दस्तावेज की आड़ में वह बड़े पैमाने पर कफ सिरप की सप्लाई को कानूनी शिपमेंट की तरह दिखाता था। सुपर सुपर स्टॉकिस्ट के बाद शुभम की सप्लाई चेन पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गई थी। सहारनपुर में पकड़े गए दोनों अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि सिरप की कई खेप रांची से सीधे यूपी और हरियाणा रूट पर भेजी भेजी गई। गाजियाबाद में कोडीन सिरप का बनाया था गोदाम ड्रग विभाग की जांच में सामने आया है कि शुभम ने अपनी फर्म शैली ट्रेडर्स के नाम पर हिमाचल की फर्म से सिरप मंगाने के बाद उसे गाजियाबाद के गोदाम में रखता था। फर्जी फर्मों के कागज तैयार कर उसे आगरा, लखनऊ और वाराणसी तक सप्लाई करता था। वाराणसी से कोडीन सिरप की बड़ी खेप सोनभद्र के रास्ते झारखंड और पश्चिम बंगाल जाती थी। इसके बाद बांग्लादेश और नेपाल तक जाती थी।

कोडीन मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपा पर करारा प्रहार, सपा से जुड़े लोगों की तस्वीर है आरोपी के साथ

जांच होने दीजिए, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा: योगी आदित्यनाथ कोडीन मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपा पर करारा प्रहार, सपा से जुड़े लोगों की तस्वीर है आरोपी के साथ शीतकालीन सत्र के प्रारंभ से पहले मुख्यमंत्री योगी ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर कसा तंज कहा: सपा प्रमुख की स्थिति ऐसी है कि “यही कसूर मैं बार-बार करता रहा, धूल चेहरे पर थी, आईना साफ करता रहा” लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव पर तीखा तंज कसा। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के प्रारंभ से पहले शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह बात हर व्यक्ति जानता है कि प्रदेश के लगभग हर माफिया के संबंध समाजवादी पार्टी से रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आए हैं कि एसटीएफ या उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई में पकड़े गए कुछ अभियुक्तों के संबंध समाजवादी पार्टी से रहे हैं। समाजवादी पार्टी, जो अपनी कार्यप्रणाली के लिए पहले से ही बदनाम और कुख्यात रही है, इस पूरे मामले में भी अपनी संलिप्तता उजागर होते हुए देखेगी।                    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस विषय में पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम रूप से कुछ कहा जा सकता है, लेकिन इतना अवश्य कहा जा सकता है कि सपा प्रमुख द्वारा जो बातें कही जा रही हैं, उनकी स्थिति वही है, जैसा कि इस पंक्ति में कहा गया है: “यही कसूर मैं बार-बार करता रहा, धूल चेहरे पर थी, आईना साफ करता रहा।” यानी, जिन माफियाओं के साथ उनकी तस्वीरें सामने आ रही हैं, स्वाभाविक रूप से अवैध लेन-देन में उनकी संलिप्तता कहीं न कहीं सामने आएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जांच होने दीजिए, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।  कोडीन मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रखा पक्ष कोडीन मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोडीन फॉस्फेट एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत आने वाली एक औषधि है। इसका उपयोग कोडीन-युक्त कफ सिरप के निर्माण में किया जाता है, जो गंभीर खांसी के उपचार में प्रयुक्त होता है। इसका कोटा और आवंटन सेंट्रल नारकोटिक्स ब्यूरो द्वारा केवल अधिकृत औषधि निर्माण के लिए ही किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह कफ सिरप कई स्थानों पर नशीले पदार्थ के रूप में दुरुपयोग किया जा रहा था। अवैध तस्करी की शिकायतें मिलने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कार्रवाई की गई। उत्तर प्रदेश पुलिस और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के नेतृत्व में इसे एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत मानते हुए कार्रवाई प्रारंभ की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कार्रवाई एफएसडीए, यूपी पुलिस और एसटीएफ द्वारा की जा रही है, जिसमें अब तक बड़े पैमाने पर अवैध तस्करी के मामलों का खुलासा हुआ है और व्यापक गिरफ्तारियां भी की गई हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निगरानी एक राज्य-स्तरीय एसआईटी कर रही है, जिसमें यूपी पुलिस और एफएसडीए के अधिकारी शामिल हैं। अवैध तस्करी से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं, जैसे धन कहां-कहां गया, इन सभी तथ्यों का भी खुलासा होगा। 24 दिसंबर तक चलेगा शीतकालीन सत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि शीतकालीन सत्र आज से प्रारंभ होकर 24 दिसंबर तक चलेगा। उन्होंने कहा कि सत्र में भाग लेने के लिए आ रहे सभी माननीय सदस्यों का स्वागत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सत्र के दौरान माननीय सदस्य जनता से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे, उत्तर प्रदेश के विकास से संबंधित विधायी कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा तथा विभिन्न विभागों की अनुपूरक मांगों पर भी चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक महत्वपूर्ण चर्चा आयोजित की जाएगी तथा इसके रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के प्रति आभार व्यक्त किया जाएगा। उत्तर प्रदेश की स्थापना-तिथि और ‘वंदे मातरम्’ को संविधान के अनुसार मान्यता दिए जाने की अधिसूचना की तिथि एक ही है, ऐसे में इस विषय पर विधानमंडल में चर्चा अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में आज संभवतः कोई कार्रवाई नहीं हो पाएगी, क्योंकि विधानसभा के एक वर्तमान सदस्य के आकस्मिक निधन के कारण शोक प्रस्ताव रखा जाएगा। हालांकि, यदि विधान परिषद में कोई मुद्दा उठता है तो नेता सदन इस पर सरकार का पक्ष रखेंगे। इसके अतिरिक्त, यदि बाहर भी कोई इस विषय पर प्रश्न उठाएगा तो सरकार की ओर से समुचित उत्तर दिया जाएगा। सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा को तैयार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में यह स्पष्ट किया गया है कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा कराने को पूरी तरह तैयार है। सरकार विकास से जुड़े विषयों पर सकारात्मक दृष्टिकोण रखती है और विधानसभा सत्र के सुचारु संचालन के लिए सभी दलों के सहयोग की अपेक्षा करती है। उन्होंने कहा कि देश का सबसे बड़ा विधानमंडल लगातार सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। जब लोकतंत्र से जुड़े पवित्र स्थल चर्चा और परिचर्चा के केंद्र बनते हैं, तब जनप्रतिनिधि जनविश्वास पर खरा उतरता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि सरकार की इच्छा थी कि सत्र अधिक दिनों तक चले, लेकिन वर्तमान में अधिकांश जनप्रतिनिधि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम से जुड़े कार्यों में व्यस्त हैं, जो लोकतंत्र की शुचिता और पारदर्शिता के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसी कारण आवश्यक विधायी कार्यों, अनुपूरक मांगों और ‘वंदे मातरम्’ पर चर्चा के लिए सत्र अवधि आज से 24 दिसंबर तक निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह सत्र उत्तर प्रदेश विधानमंडल और राज्य के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।

सीएम योगी का तीखा बयान—जहरीले कफ सिरप मामले में गिरफ्तार अभियुक्तों के तार सपा माफियाओं से जुड़े

लखनऊ यूपी विधानमंडल सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहरीले कफ सिरप कांड को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। यूपी एसटीएफ और यूपी पुलिस ने मामले में व्यापक गिरफ्तारियां की हैं। उन्होंने कहा कि जो भी अभियुक्त गिरफ्तार किए गए हैं। उनके संबंध सपा नेताओं से सामने आए हैं। अभी जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने पर दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सपा के लोग ये मुद्दा सदन की कार्यवाही के दौरान उठाएंगे तो उन्हें वहां पर जवाब दिया जाएगा और अगर बाहर इस पर सवाल करेंगे तो उसका भी जवाब दिया जाएगा। सपा का माफियाओं से संबंध तो जगजाहिर हैं। इस पूरे मामले की जांच राज्यस्तरीय एसआईटी कार्य कर रही है। इसमें यूपी पुलिस, एफएसडीए से जुड़े अधिकारी मौजूद हैं। किन-किन लोगों को इसमें धन गया है ये सारी बातें जांच में सामने आ जाएंगी। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उनके बारे में यही कहूंगा कि- "यही कसूर मैं बार बार करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा।" उन्होंने कहा कि इन माफियाओं के साथ उनकी भी फोटो है। जांच में सब सामने आ जाएगा।   24 जनवरी को वंदे मातरम पर होगी चर्चा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज से सदन की कार्यवाही शुरू हो रही है। 24 जनवरी को हमारे राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पर चर्चा का आयोजन किया जाएगा। 24 जनवरी को यूपी का स्थापना दिवस भी है। हमने सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों से चर्चा के लिए अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए और हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। सदन की कार्यवाही के पहले दिन नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सहित सभी दलों के नेताओं ने स्वर्गीय सपा विधायक सुधाकर सिंह के निधन पर समाज में दिये गए उनके योगदान को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।  

यूपी पंचायत चुनाव 2026 की मतदाता सूची में बड़े बदलाव, 1.41 करोड़ नाम हटाए और 15 लाख युवा जुड़े

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए वर्ष 2025 के बाद कराए गए मतदाता सूची के वृहद पुनरीक्षण में राज्य में मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के परिणामस्वरूप मतदाता सूची में 40.19 लाख नए मतदाता जुड़े हैं। अब राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 12.69 करोड़ हो गई है, जबकि वर्ष 2021 में यह संख्या 12.29 करोड़ थी। 18 वर्ष के 15 लाख युवा शामिल राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि नए मतदाताओं में लगभग 15 लाख ऐसे युवा शामिल हैं, जिन्होंने हाल ही में 18 वर्ष की आयु पूर्ण की है। उन्होंने बताया कि 18 से 23 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं की कुल संख्या अब 1.05 करोड़ तक पहुंच गई है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में युवाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है। कुल 1.41 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए निर्वाचन आयुक्त ने जानकारी दी कि पुनरीक्षण के दौरान कुल 1.41 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इनमें वे नाम शामिल हैं जो दोहराव वाले पाए गए, स्थानांतरित हो चुके थे या फिर मृत्यु के कारण अमान्य हो गए थे। उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण से पूर्व वर्ष 2021 की मतदाता सूची में शामिल सभी 12.29 करोड़ मतदाताओं को स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) आवंटित किया गया था। इसके बाद ईबीएलओ ऐप और गणना प्रपत्रों के माध्यम से घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया गया। एसवीएन प्रत्येक मतदाता को केवल एक बार राज प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि एसवीएन प्रत्येक मतदाता को केवल एक बार ही दिया जाएगा। यदि किसी मतदाता का नाम सूची से हटाया जाता है, तो उसका एसवीएन स्थायी रूप से फ्रीज कर दिया जाएगा और भविष्य में किसी अन्य मतदाता को आवंटित नहीं किया जाएगा। इससे मतदाता सूची की पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित होगी। मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 23 दिसंबर को राज प्रताप सिंह ने बताया कि दावे और आपत्तियों के लिए मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 23 दिसंबर को किया जाएगा, जबकि सभी आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 6 फरवरी को होगा।  

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली दंगे के आरोपी की जमानत याचिका रद्द की

 प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की सिंगल बेंच ने बरेली दंगे के आरोपी रेहान की जमानत अर्जी खारिज कर दी है. याचिकाकर्ता पर 'आई लव मोहम्मद' जुलूस के दौरान विवादित नारे लगाने का आरोप है. कोतवाली पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के बाद आरोपी ने राहत के लिए याचिका दायर की थी.  कोर्ट ने अपने 9 पेज के फैसले में नारे को भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए खतरा माना है. यह मामला लोगों को सशस्त्र विद्रोह के लिए उकसाने और कानून के शासन को चुनौती देने से जुड़ा है. हाईकोर्ट ने अपने फैसले के पैराग्राफ 12 में कहा, "'गुस्ताख ए नबी की एक सजा, सिर तन से जुदा' का नारा देश की अखंडता को चुनौती है." कोर्ट के मुताबिक यह नारा न केवल धारा 152 बीएनएस के तहत दंडनीय है, बल्कि यह लोगों को सशस्त्र विद्रोह के लिए उकसाता है. जस्टिस देशवाल ने मौलाना तौकीर रजा के सहयोगी रेहान पर लगे इस आरोप को इस्लाम के मूल सिद्धांतों के भी खिलाफ बताया है.  वकीलों की दलीलें और अंतिम फैसला… सुनवाई के दौरान याची के अधिवक्ता अखिलेश कुमार द्विवेदी ने जमानत मंजूर करने की अपील की थी. वहीं, जमानत का विरोध करते हुए एडिशनल एडवोकेट जनरल अनूप त्रिवेदी और अपर शासकीय अधिवक्ता नितेश श्रीवास्तव ने कड़े तर्क रखे.  कोर्ट ने दोनों पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद पाया कि याचिकाकर्ता पर गंभीर आरोप हैं. इसके बाद, कोर्ट ने तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आरोपी रेहान की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया.

उद्यमियों ने मुख्यमंत्री को दिए मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, बायो रिफाइनरी, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े ₹6500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 25 कंपनियों के 45 शीर्ष प्रोफेशनल्स की महत्वपूर्ण भेंट उद्यमियों ने मुख्यमंत्री को दिए मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, बायो रिफाइनरी, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े ₹6500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव 2017 के पहले के दुःस्वप्न को भूल नए भारत के नए यूपी को का करें अनुभव: मुख्यमंत्री हर निवेशक की पाई-पाई सुरक्षित, विकास और ग्रोथ की गारंटी वाला नया उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री बोले उद्यमी, यूपी के साथ मिलकर काम करने की है इच्छा, अब सब खच है अनुकूल नए उत्तर प्रदेश को समझने और निवेश की संभावनाएं जानने का मुख्यमंत्री ने किया आह्वान विकसित भारत के संकल्प में सहभागी बनने के लिए निवेशकों को मुख्यमंत्री का आमंत्रण कानून व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार से उत्तर प्रदेश बना सुरक्षित निवेश गंतव्य इन्वेस्टर समिट से बदली प्रदेश की छवि, 40 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचे निवेश प्रस्ताव एमएसएमई, ओडीओपी और डिफेंस कॉरिडोर से औद्योगिक विकास को नई गति लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सेएक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक में देश और विदेश की 25 प्रतिष्ठित कंपनियों से जुड़े 45 प्रोफेशनल्स ने भेंट की। डब्ल्यूएमजी ग्रुप के तत्वावधान में आए इस प्रतिनिधिमंडल में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, फाइनेंस, ऑटोमोबाइल, बैंकिंग, बेवरेज, फार्मा सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सीईओ, सीएफओ, डायरेक्टर्स और शीर्ष प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। बैठक का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक वातावरण और भविष्य की विकास योजनाओं पर विस्तृत संवाद करना था। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व और उत्तर प्रदेश में स्थिर, सुरक्षित एवं उद्योग-अनुकूल वातावरण से प्रभावित होकर बैठक में उपस्थित उद्यमियों और निवेशकों ने प्रदेश में निवेश के प्रति गहरा विश्वास व्यक्त किया। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े इन उद्यमियों ने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और विस्तार के लिए कुल लगभग 6,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए। इन प्रस्तावों में मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, बायो रिफाइनरी, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग और सर्विस सेक्टर से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं, जिनसे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के साथ प्रदेश की आर्थिक गति को और मजबूती मिलने की संभावना है। निवेशकों ने भरोसा जताया कि उत्तर प्रदेश की मजबूत कानून व्यवस्था, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकार की प्रो-एक्टिव अप्रोच उनके दीर्घकालिक निवेश के लिए सबसे उपयुक्त आधार प्रदान करती है। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने सभी उद्योग प्रतिनिधियों का उत्तर प्रदेश में स्वागत करते हुए कहा कि बीते कई दशकों तक राजनीतिक अस्थिरता और गलत धारणाओं के कारण प्रदेश की छवि पूरे देश में नकारात्मक बनी रही। उन्होंने कहा कि अब उन पुरानी धारणाओं को पीछे छोड़कर नए उत्तर प्रदेश को जानने और समझने की आवश्यकता है। अतीत पीड़ादायक और अव्यवस्थित रहा, किंतु वर्तमान सुरक्षित, स्थिर और अवसरों से भरा है तथा भविष्य उज्ज्वल है। मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य रखते हुए बताया कि स्वतंत्रता के समय देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान लगभग 14 से 15 प्रतिशत था, जो समय के साथ घटकर 7.5 से 8 प्रतिशत के आसपास रह गया और प्रदेश को बीमारू राज्य के रूप में देखा जाने लगा। बीते साढ़े आठ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में किए गए व्यापक सुधारों और नीतिगत बदलावों का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश आत्मविश्वास के साथ अपने आर्थिक पुनरुत्थान की बात कर सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पूंजी तभी सुरक्षित रह सकती है जब समाज और राज्य सुरक्षित हों। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले की स्थिति यह थी कि हर तीसरे दिन दंगे होते थे, महीनों तक कर्फ्यू लगता था और लगभग 50 ऐसे जिले थे जहां सूर्यास्त के बाद बेटियों का सुरक्षित घर लौटना मुश्किल था। रंगदारी और गुंडा टैक्स जैसी अव्यवस्थाएं अघोषित प्रणाली का हिस्सा बन चुकी थीं। सरकार बनने के पहले दिन ही यह संकल्प लिया गया कि इस अराजकता को समाप्त करना है। परिणामस्वरूप आज लगभग नौ वर्षों में एक भी दंगा नहीं हुआ, एक दिन का भी कर्फ्यू नहीं लगा और प्रदेश माफिया मुक्त हुआ है। इंफ्रास्ट्रक्चर में आए व्यापक परिवर्तन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में केवल डेढ़ एक्सप्रेसवे थे, जबकि आज देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 55 प्रतिशत अकेले उत्तर प्रदेश के पास है। देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क, पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, इनलैंड वॉटरवे, रैपिड रेल परियोजनाएं और शहरी परिवहन में रोपवे जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं प्रदेश में विकसित की जा रही हैं। यह परिवर्तन योजनाबद्ध और दूरदर्शी निवेश का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने निवेश यात्रा का अनुभव साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2018 में जब पहली इन्वेस्टर समिट आयोजित की गई थी, तब अधिकारियों को भी केवल 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलने की उम्मीद थी। सरकार ने देशभर में रोड शो किए, उद्योग जगत से सीधा संवाद किया और स्वयं मुख्यमंत्री ने प्रमुख औद्योगिक केंद्रों का दौरा कर उत्तर प्रदेश की नई पहचान प्रस्तुत की। इसका परिणाम यह रहा कि 2018 की समिट में 4.67 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इसके बाद वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जो उत्तर प्रदेश के परिवर्तन की सशक्त कहानी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग अनुकूल वातावरण, भूमि और बिजली की उपलब्धता तथा कुशल मानव संसाधन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश में आईआईएम, आईआईटी, एनआईटी, इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान मौजूद हैं। 96 लाख से अधिक इकाइयों के साथ यह देश का सबसे बड़ा एमएसएमई बेस है। ओडीओपी योजना को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के छह नोड विकसित किए जा रहे हैं और लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण इसका सशक्त उदाहरण है। बुंदेलखंड क्षेत्र में झांसी में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण को विकसित किया जा रहा है, जहां निवेश के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि नए उत्तर प्रदेश में प्रत्येक निवेशक की पूंजी पूरी तरह सुरक्षित है और यहां विकास की स्पष्ट गारंटी है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करना है, जिसके लिए विकसित उत्तर प्रदेश आवश्यक है। इसी उद्देश्य से हर जिले, हर नगरीय निकाय, … Read more