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96 लाख इकाइयों और 1.65 करोड़ रोजगार के साथ उत्तर प्रदेश अग्रणी

आगरा विश्व पटल पर भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और एमएसएमई क्षेत्र की अपार संभावनाओं को नई दिशा देने के लिए ताजनगरी आगरा में 'ब्रिक्स-इंडिया 2026' के अंतर्गत पहले दिन ब्रिक्स एमएसएमई फोरम और तीसरे ब्रिक्स एमएसएमई वर्किंग ग्रुप की दो दिवसीय बैठक का भव्य आयोजन हुआ। ताजगंज स्थित ताज एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपने एमएसएमई सेक्टर की शानदार उपलब्धियों और वैश्विक व्यापार की रणनीतियों को विश्व समुदाय के समक्ष प्रमुखता से रखा। 96 लाख एमएसएमई इकाइयों के साथ यूपी बना 'एमएसएमई राजधानी' ब्रिक्स सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) तथा जनपद प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज भारत की एमएसएमई राजधानी बनकर उभर रहा है। राज्य में वर्तमान में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जो लगभग 1.65 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान कर रही हैं। योगी सरकार एमएसएमई को केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सबसे सशक्त इंजन मानती है। ब्रिक्स देशों के साथ 5.36 बिलियन डॉलर का व्यापारिक संबंध प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि उत्तर प्रदेश ब्रिक्स देशों के साथ व्यापार, तकनीक और निवेश के नए आयाम स्थापित कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2025- 26 के आंकड़ों के अनुसार, ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के साथ उत्तर प्रदेश का कुल निर्यात 5.36 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 3,938 मिलियन डॉलर सदस्य देशों को और 1,429 मिलियन डॉलर साझेदार देशों को) से अधिक रहा है। प्रदेश से मशीनरी, परिधान, चमड़ा, कालीन और बहुमूल्य पत्थर दुनिया के कई देशों में निर्यात हो रहे हैं। ओडीओपी और पारंपरिक शिल्प को मिल रही वैश्विक उड़ान उत्तर प्रदेश की बहुचर्चित 'एक जनपद एक उत्पाद' (ओडीओपी) योजना ने स्थानीय प्रतिभा और पारंपरिक शिल्प को वैश्विक बाजारों से जोड़ने का अभूतपूर्व कार्य किया है। एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि ओडीओपी के तहत अब तक 20 हजार से अधिक लोगों को करीब 897 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी देकर 3.16 लाख रोजगार सृजित किए गए हैं। इसके साथ ही 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना' से 4.41 लाख पारंपरिक शिल्पकारों को आधुनिक टूलकिट और प्रशिक्षण देकर सशक्त बनाया गया है। युवाओं और उद्यमियों के लिए योगी सरकार की अभिनव पहल योगी सरकार ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' (सीएम युवा) जैसी अभिनव पहल शुरू की है। इसके तहत बिना गारंटी के ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसका लक्ष्य 10 वर्षों में 10 लाख नई सूक्ष्म इकाइयां स्थापित करना है। इसके अतिरिक्त, एमएसएमई पार्क विकसित करने के लिए प्लेज (PLEDGE) योजना के तहत प्रदेश के 12 जिलों में पार्क स्वीकृत किए जा चुके हैं, जो उद्योगों को बेहतर इकोसिस्टम प्रदान करेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक का विधिवत शुभारंभ सुबह 10:15 बजे भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। उन्होंने देश में एमएसएमई सेक्टर की ग्रोथ और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दूसरे दिन ब्रिक्स देशों से आए विभिन्न प्रतिनिधिमंडल आगरा की ऐतिहासिक इमारतों का भ्रमण करेंगे और यहां की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से रूबरू होंगे।

लखनऊ समेत यूपी में आसमान से बरस रही आग, अगले 5 दिन तक राहत नहीं

 लखनऊ  पिछले एक सप्ताह से पूरब से पश्चिम तक भीषण गर्मी का दौर जारी है। शुक्रवार और शनिवार को 24 जिलों में लू चलने से लोगों को परेशानी बढ़ी है। मौसम विभाग के अनुसार, लखनऊ सहित 35 जिलों में अगले पांच दिन आसमान से आग बरसेगी। गर्म हवा से हीट वेव का अलर्ट है। इस दौरान अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि के आसार हैं। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि रविवार को राजधानी, प्रयागराज, वाराणसी समेत 35 जिलों में लू चलने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। फिलहाल, अभी अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं। 25 जून के बाद आएगा मानसून मौसम विभाग का कहना है कि इस बार उत्तर प्रदेश में मानसून आने में एक सप्ताह से अधिक समय की देरी लग सकती है। दरअसल, केरल में मानसून ने चार दिन की देरी यानि पांच जून को दस्तक दी। जिसके बाद इसकी गति धीमी हो गई है, क्‍योंकि अरब सागर से नमी का प्रवाह कमजोर पड़ गया है। उत्तर पश्चिम भारत में गर्म और शुष्‍क हवा का प्रभाव बना है। आने वाला पश्चिमी विक्षोभ शुष्‍क हवा के असर को कम करेगा। इससे पूरे उत्तरी क्षेत्र में नमी में सुधार होगा, जिससे बदलाव की पूरी संभावना है। अच्छी बारिश के लिए अभी दो सप्ताह तक इंतजार पूर्वी यूपी में 25 जून के बाद से प्री मानसून प्रवेश करेगा। लखनऊ और आसपास जिलों समेत प्रदेशभर में इसके पहुंचने में एक सप्ताह और लगेगा यानी सूबे के लोगों को अच्छी बारिश के लिए अभी दो सप्ताह तक इंतजार करना पड़ सकता है। लखनऊ में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40.3 और न्यूनतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। उधर, बांदा समेत आसपास के जिलों में भीषण गर्मी और लू का सिलसिला जारी है। दोपहर 12 से शाम चैट बजे तक घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है।  

राम मंदिर में दान हेरफेर की जांच में बड़ा खुलासा, पुराने कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल

अयोध्या अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है. SIT के सूत्रों के मुताबिक गिनती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले कई लोग अपनी जिम्मेदारियों में विफल रहे. टिन्नू यादव समेत नकदी गिनने, रकम के प्रबंधन और कथित हेरफेर से जुड़े कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी है. कुछ बैंक कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कार्रवाई एसआईटी जांच के दौरान होगी या जांच पूरी होने के बाद. जांच टीम ने प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर में हुई नियुक्तियों, प्रशासनिक फैसलों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है. राम मंदिर में विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए लगभग 800 कर्मी तैनात हैं, जिनमें करीब 200 कर्मी ट्रस्ट द्वारा नियुक्त किए गए हैं. पुराने कर्मचारियों का डाटा जुटाने में जुटी टीम एसआईटी ने लंबे समय से मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और अन्य जिम्मेदार कर्मियों की सूची भी मांगी है. सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई ऐसे कर्मी का नाम सामने आया है जो पिछले कई वर्षों से मंदिर परिसर से जुड़े हुए हैं. जांच टीम पुराने कर्मचारियों की तैनाती अवधि, जिम्मेदारियों और कार्यक्षेत्र की विस्तृत जानकारी जुटा रही है. जांच का फोकस अब केवल चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि निगरानी, जवाबदेही और प्रशासनिक लापरवाही की भूमिका पर भी है. आने वाले दिनों में एसआईटी की जांच और तेज होने के साथ कई नए नामों के सामने आने की संभावना है. फिलहाल एसआईटी मामले की जांच कर रही है.   अखिलेश बोले भाजपाई राजनीति यहीं से शुरू और यहीं पर अंत चढ़ावा चोरी मामले में अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि अयोध्या महापापियों के लिए कुरुक्षेत्र साबित होगी. यहीं भाजपाई राजनीति का आरंभ हुआ था, यहीं अंत भी होगा. अयोध्या में ‘चढ़ावे-चंदे-दान-शिला चोरी’ की घटना के बाद से यहां आनेवाले दर्शनार्थियों की संख्या पर नकारात्मक असर पड़ा है. लोगों की आस्थाएं खंडित हुई हैं. इसका सीधा असर अयोध्या के स्थानीय काम-कारोबार और आम आदमी की आमदनी पर पड़ा है. सरकार की गलती का ख़ामियाज़ा जनता क्यों भुगते. अयोध्या और आस-पास के सभी क्षेत्रों में भयंकर आक्रोश पनप रहा है. इस पावन सनातनी तीर्थ की शुचिता जिन भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों की वजह से कलुषित हुई है, वो अपना कारनामा करके सदैव की तरह भूमिगत हो गये हैं.अस्पष्टता के कारण वातावरण और भी शंकापूर्ण व तनावपूर्ण हो गया है. स्थानीय लोग मंदिर जाने से भी घबरा रहे हैं कि कहीं उनको ही जांच के नाम पर फंसा न दिया जाए. श्रद्धालुओं में एक अज्ञात भय व्याप्त हो गया है. जांच कहां तक पहुंची इसकी डेली ब्रीफिंग होनी चाहिए क्योंकि भाजपा सरकार में हो रहे ‘चतुर्दिक महा-भ्रष्टाचार’ के कारण जनता का SIT तक पर रत्ती भर भी विश्वास नहीं है. मथुरा से भी आई धांधली की ख़बर बेहद गंभीर है, उसकी भी उच्च स्तरीय विश्वसनीय जांच हो.

किसानों के खातों में पहुंचेंगे 4352 करोड़ रुपये, पीएम मोदी करेंगे 23वीं किस्त जारी

लखनऊ यूपी के किसानों के लिए खुशखबरी है। शनिवार यानी आज प्रदेश के सवा दो करोड़ से अधिक किसानों के अकाउंट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के रूप में 4352.40 करोड़ रुपये ट्रांसफर किया जाएगा। पश्चिम बंगाल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस किस्त को जारी करेंगे। बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। ये पैसे सीधे लाभार्थियों के बैंक अकाउंट में भेजी जाती है। अधिकारियों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के 2.17 करोड़ से अधिक किसानों को 23वीं किस्त का लाभ मिलेगा। इसके तहत उनके खातों में 4352.40 करोड़ रुपये भेजे जाएंगे। इससे पहले मार्च 2026 में प्रधानमंत्री मोदी ने असम से योजना की पिछली किस्त जारी की थी। वहीं, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर से की गई थी। यूपी सरकार के अनुसार 22वीं किस्त तक उकिसानों को योजना के तहत कुल 99032.58 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। वहीं, शनिवार को 4352.40 करोड़ रुपये जारी होने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 103391.24 करोड़ रुपये हो जाएगा। देशभर के 9.44 करोड़ किसानों को मिलेगा लाभ अगर कुल लाभार्थियों की बात करें तो 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के अकाउंट में 18880 करोड़ से अधिक की धनराशइ हस्तांतरण की जाएगी। पीएम मोदी का ये कार्यक्रम करीब दोपहर के 3 बजकर 45 मिनट पर पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर में है झांसी में रहेंगे सीएम योगी शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी के रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में किसानों के बीच मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर वह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त वितरण कार्यक्रम से जुड़ेंगे तथा यूपी एग्रीज परियोजना के खरीफ संस्करण का शुभारंभ भी करेंगे। 2238.92 करोड़ से बढ़कर 13727.85 करोड़ हुई वर्षवार आंकड़ों की बात करें तो जानकारी के मुताबिक वर्ष 2018-19 में किसानों को 2238.92 करोड़ रुपये, 2019-20 में 11006.87 करोड़ रुपये, 2020-21 में 14432.14 करोड़ रुपये, 2021-22 में 15775.52 करोड़ रुपये, 2022-23 में 12454.32 करोड़ रुपये, 2023-24 में 13808.48 करोड़ रुपये, 2024-25 में 15594.74 करोड़ रुपये तथा 2025-26 में 13727.85 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। लिस्ट में ऐसे चेक करें अपना नाम पीएम किसान सम्मान निधि योजना में अपना चेक करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर जाएं। यहां Farmers Corner का ऑप्शन मिलेगा। इसमें Beneficiary Status पर क्लिक करें। यहां मांगी गई जानकारी जैसे आधार नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर, मोबाइल नंबर डालकर Get Report पर क्लिक कर दें। ऐसे में आपका स्टेट्स चेक हो जाएगा। वहीं, रजिस्ट्रेशन नंबर खो या भूल जाने पर आप अपना नंबर दोबारा पता कर सकते हैं। इसके लिए know your Registration number के ऑप्शन में जाकर मांगी गई जानकारी भरने के बाद आखिर में कैप्चा कोड और ओटीपी डालकर सबमिट कर दें।

UP Politics: चुनावी गर्मी के बीच NDA की OBC रणनीति ने बढ़ाया सियासी तापमान, अखिलेश पर दबाव

 नई दिल्ली उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का भले ही औपचारिक ऐलान न हुआ हो, लेकिन सियासी बिसात अभी से ही बिछाई जाने लगी है. लोकसभा चुनाव में सपा ने पीडीए समीकरण के जरिए बीजेपी को मात देने में सफल रहे थे. अब चुनावी तपिश बढ़ने के साथ ही डिप्टीसीएम केशव प्रसाद मौर्य, संजय निषाद और ओम प्रकाश राजभर की तिकड़ी इन दिनों अखिलेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है और सपा के 'पीडीए फार्मूले' को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं?  अखिलेश यादव 2024 के फार्मूले से ही 2027 का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. सपा की कोशिश पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के साथ ब्राह्मण वोटों को जोड़ने की है. इसके अलावा अखिलेश यादव इन दिनों 'विजन इंडिया' के जरिए बीजेपी के कोर वोटबैंक माने जाने वाले व्यापारियों को अपने पाले में करने की रणनीति है।  सपा एक मजबूत सोशल इंजीनियरिंग के साथ विधानसभा चुनाव में उतरना चाहती है, जिसके समझते हुए बीजेपी ने अपने ओबीसी नेताओं की एक पूरी फौज सियासी रण में उतार दिया है. इसी के तहत केशव प्रसाद से लेकर संजय निषाद और ओम प्रकाश राजभर हर रोज अखिलेश की सियासी केमिस्ट्री पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।  अखिलेश के सिरदर्द बने राजभर योगी सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने 2022 में सपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन सरकार बनने के बाद बीजेपी के साथ हो गए थे. वो पूर्वांचल से आते हैं और राजभर समाज के बड़े चेहरे माने जाते हैं. ओबीसी के मुद्दे पर राजभर आक्रमक रहते हैं. 2024 में एनडीए को बिगड़े हुए समीकरण को दुरुस्त करने के मद्देनजर से ओमप्रकाश राजभर  एक तरफ सपा में बगावत की चिंगारी भड़का रहे हैं तो दूसरी ओर अखिलेश के पीडीए पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है।  राजभर यह कह रहे हैं कि सपा में बहुत जल्द बगावत होने वाली है, तमाम लोकसभा सांसद अखिलेश यादव का साथ छोड़ देंगे. इसके लिए कभी बलिया के किसी नेता की तरफ इशारा करते हैं तो कभी मुरादाबाद की सांसद रूची वीरा की तरफ इशारा करते हैं. साथ ही सपा के पीडीए फार्मूले को कठघरे में  खड़ा कर रहे हैं. राजभर ने कहा कि पीडीए का मतलब 'पीट देगा अहीर' और 'पीट देगा अल्पसंख्यक' है।  ओम प्रकाश राजभर कहते हैं कि सपा नेताओं को यह गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए कि वो दलितों पर होने वाले अत्याचारों के मामलों को सार्वजनिक नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस के आंकड़े बताता हैं कि प्रदेश में दलितों और शोषितों पर अत्याचार करने के मामले में सबसे ज्यादा यादव और मुस्लिम लोग हैं. ओपी राजभर ने दलित उत्पीड़न के आंकड़े भी गिना रहे हैं. इस तरह राजभर बताना चाहते हैं कि दलितों पर होने वाले अत्याचार यादव और मुस्लिम कर रहे हैं, जो सपा का वोटबैंक है।  संजय निषाद भी सपा पर हमलावर योगी सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद भी फ्रंटफुट पर उतर गए हैं और अखिलेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने कहा कि सपा के कई बड़े नेता उनके संपर्क में हैं. राजभर से दो हाथ आगे निकलते हुए निषाद कहते हैं कि सपा के 25 सांसद हमारे संपर्क में है, जिसके जरिए बता रहे हैं कि सपा में बड़ी फूट होने वाली है।  

रामलला को चढ़ाया गया रत्नजड़ित हार बना रहस्य, पुजारियों के बयान से बढ़ी पेचीदगी

अयोध्या  राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय जौनपुर के विश्वकर्मा परिवार की ओर से उपहार में दिया गया बेशकीमती हार व चरण पादुका विशेष जांच दल (एसआइटी) के लिए अबूझ पहेली बन गया है। चौथे दिन एसआइटी ने हार व चरण पादुका को खोजने या उसकी जानकारी लेने का प्रयास किया, परंतु पता नहीं चला। रामशंकर यादव टिन्नू व कृष्णदेव तिवारी के साथ रामलला के चार पुजारियों को भी बुलाया गया। पुजारी मोहित पांडेय ने बताया कि मैंने हार पहनाने के बाद टिन्नू को वापस कर दिया था। टिन्नू यही रट लगाए है कि उसे ईंट के रूप में गलाने को बेंगलुरु भेजा गया था। अब एसआइटी हार का असली पता खोज रही है। सूत्रों ने बताया कि एसआइटी के सदस्य लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत, लखनऊ रेंज आइजी किरण एस. व विशेष सचिव वित्त विभाग नीलरतन कुमार ने गुरुवार दोपहर तीन बजे हार व चरण पादुका की खोज शुरू की। राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव के माध्यम से तीन वरिष्ठ पुजारियों अशोक उपाध्याय, संतोष तिवारी व प्रेमचंद्र त्रिपाठी और साल भर पहले नियुक्त पुजारी मोहित पांडेय को ग्रीन हाउस बुलाया गया। जब यह पता चला कि उस समय वरिष्ठ पुजारी नहीं, युवा पुजारी मोहित पांडेय थे, तो उनसे तस्दीक हुई। सूत्रों ने बताया कि मोहित ने रामलला को पहनाने के बाद टिन्नू यादव को लाैटाने की बात कही, तो एसआइटी ने टिन्नू से पूछा। उसने यही बताया कि उसे उसी समय बेंगलुरु भेज दिया गया था। आभूषण रखने वाले कृष्णदेव तिवारी ने भी इससे अज्ञानता जताई। सूत्रों ने बताया कि अब उसकी न तो ईंट मिल रही, न रसीद। अयोध्या के रोकड़िया हनुमान मंदिर के आचार्य विनोद मिश्रा ने दो दिन पहले मीडिया के सामने आकर बताया था कि जौनपुर के जंगही निवासी उनके भक्त अजय विश्वकर्मा ने पिता केदारनाथ व अन्य परिजनों के साथ 200 किमी पैदल अयोध्या आकर टिन्नू यादव के माध्यम से रामलला को रत्न जड़ित हार व चरण पादुका भेंट की थी। हार पर द्वाद्वश ज्योतिर्लिंग उकेरा गया था, तो पादुका पर 64 चरणों के चिह्न अंकित थे। दोनों बहुमूल्य रहे। उस समय उसकी पहने हुए रामलला की फोटो देने की भी बात हुई थी, लेकिन आज तक नहीं दी गई। अजय मुंबई में कारोबार करते हैं और उन्होंने वहीं पर उसे बनवाया था।

रुदौली में जनसभा के दौरान बोले रामभक्तों पर सवाल उठाने वालों का दोहरा चरित्र उजागर

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर उठे विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। रुदौली विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग आज रामभक्तों के अपमान की बात कर रहे हैं, वही पहले राम का नारा लगाने वालों और कारसेवकों पर गोली चलवाते थे। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के दोहरे चरित्र को जनता भलीभांति जानती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के दोहरे चरित्र को देखो, कहती है कि राम भक्तों का अपमान हुआ है। कारसेवकों और रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले लोग उपदेश देने चले हैं। हमने ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच बैठाई। एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी। मैं सभी से कहूंगा कि कोई भी अनर्गल टिप्पणी न करें, जो रामभक्तों को आहत करे सपा-कांग्रेस पर बरसे सीएम योगी योगी कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए 500 वर्षों तक संघर्ष किया गया है। कांग्रेस ने मंदिर निर्माण रोकने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था और सुप्रीम कोर्ट में भगवान राम के अस्तित्व तक पर सवाल उठाए गए थे। आज वही लोग अयोध्या और रामभक्तों की चिंता जताने का दिखावा कर रहे हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। उन्होंने कहा कि एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। अगर किसी के पास चंदा या चढ़ावा चोरी से संबंधित कोई सबूत है तो वह जांच एजेंसी को सौंपे। जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और अगर कोई दोषी पाया जाता है तो वह किसी भी कीमत पर नहीं बचेगा। अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आए- योगी उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि जांच रिपोर्ट आने तक अनर्गल बयानबाजी से बचें और किसी के चरित्र हनन का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि अयोध्या और रामभक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाने वाली बातें नहीं होनी चाहिए। जनता को भी ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए जो अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर बन न पाए, इसके लिए कांग्रेस ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। सुप्रीम कोर्ट में बेशर्मी के साथ कहा था कि राम तो हुए ही नहीं। वही कांग्रेस आज अयोध्या पर बहुत मचल रही है। कह रही है कि रामभक्तों का अपमान हुआ। झलकारी बाई की 22 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण इससे पहले मुख्यमंत्री ने मां कामाख्या धाम में पूजा-अर्चना की। उन्होंने राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का लोकार्पण किया और वीरांगना झलकारी बाई की 22 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। साथ ही 378 करोड़ रुपये से अधिक की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

अयोध्या को बदनाम मत करो, 500 साल इंतजार किया तो 15 दिन और कर लो’, चढ़ावा चोरी मामले पर योगी का जवाब

अयोध्या  यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज यानी शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे. राम मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर में कथित दान चोरी के मुद्दे पर विपक्ष को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि अयोध्या को बदनाम मत करो. अयोध्या का विकास कुछ लोगों से नहीं पच रहा. जब 500 साल इंतजार किया तो 15 दिन और एसआईटी रिपोर्ट का इंतजार कर लो. रुदौली में कामाख्या मंदिर के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने कहा कि वे लोग उपदेश दे रहे हैं जिन्होंने जय श्रीराम का नारा लगाने पर राम भक्तों पर गोली चलवाई थी. वे लोग ज्ञान दे रहे हैं, जिन्होंने राम मंदिर ना बने इसके लिए कोर्ट में वकीलों की फ़ौज खड़ी कर दी थी. मुख्यमंत्री का इशारा समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की तरफ था।  मुख्यमंत्री ने कहा कि SIT जांच कर रही है. दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. अपराधियों को ऐसे सजा मिलेगी जो इतिहास बनेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी के पास सबूत हो तो SIT को मुहैया कराए. किसी के बहकावे में ना आएं. इन लोगों ने अयोध्या को सकरी गलियों में धकेल कर रखा था, आज अयोध्या का नाम हो रहा है, इन्हें अच्छा नहीं लग रहा है.  SIT अपना काम कर रही है. किसी को अगर SIT से कोई शिकायत रहेगी तो उसको भी SIT से पूछने का मौका दिया जाएगा. जांच के दौरान किसी भी तरह की बयानबाजी से बचें. किसी का चारित्रिक हनन नहीं किया जाना चाहिए. दोषी कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगा।  आज विपक्ष रामभक्तों के सम्मान की बात कर रहा है उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक राम मंदिर निर्माण का विरोध किया. भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए, जबकि समाजवादी पार्टी की सरकार में रामभक्तों और कारसेवकों पर गोलियां चलवाईं. इतना ही नहीं, जय श्रीराम के उद्घोष पर लाठियां बरसाई गईं. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यही लोग रामभक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने एसआईटी का गठन किया है और यह जांच पूरी निष्पक्षता से होगी. उन्होंने रामभक्तों से मर्यादा और धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, “जब हमारे पूर्वजों ने प्रभु श्रीराम के जन्मस्थान के लिए 500 वर्षों तक मर्यादा के साथ संघर्ष और इंतजार किया है, तो अब 15 दिन और धैर्य रखिए।  बाबर से प्यार करते हैं अखिलेश मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी. उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास कोई दस्तावेजी प्रमाण है तो उसे एसआईटी को सौंपे और जांच पूरी होने तक कोई भी अनावश्यक बयानबाजी न करें. साथ ही उन्होंने लोगों से अयोध्या और राम मंदिर को बदनाम करने वाले दुष्प्रचार के बहकावे में न आने की भी अपील की. मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबर को प्यार करने वाले अखिलेश यादव राम मंदिर की बात कर रहे हैं। 

रुदौली में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण के दौरान सीएम योगी बोले 15 दिन रुकें, जांच करेगी सच उजागर

लखनऊ राम मंदिर में चढ़ावा की चोरी की खबरों और एसआईटी जांच के बीच शुक्रवार को पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बार बयान दिया। अयोध्या के रुदौली विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करने पहुंचे सीएम योगी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए लोगों से कहा कि आपने राम मंदिर के लिए 500 सालों तक इंतजार किया है। 15 दिन और इंतजार कर लीजिए। ट्रस्ट के कहने पर एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी दूध का दूध पानी का पानी करेगी। कोई अपराधी होगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। अयोध्या और रामभक्तों को बदनाम करने की कोशिश न की जाए। सीएम योगी ने 15 दिनों तक किसी तरह की बयानबाजी नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आएं। सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमला करते हुए कहा कि राम भक्तों और जयश्रीराम का नारा लगाने पर लाठी गोली चलाने वाले आज उपदेश देने चले हैं। कहा कि अयोध्या के बारे में जो समाचार पत्रों में देखने सुनने को मिला। उसके बाद ट्रस्ट के कहने पर हमने एसआईटी जांच बैठाई है। एसआईटी पूरे दूध का दूध पानी का पानी करेगी। कोई सबूत हो तो एसआईटी को दे दें सीएम योगी ने कहा कि जब तक जांच हो रही है कोई भी ऐसी अनर्गल बात न हो जो राम भक्तों की भावना को आहत करती हो। यह भी कहा कि किसी के पास इससे संबंधित दस्तावेजी सबूत हो तो एसआईटी को दे दें वह जांच करेगी। प्रभु श्रीराम ने मर्यादा का पालन करने की प्रेरणा दी है, ऐसे में सभी को मर्यादा का पालन करना चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि जांच के बीच बयानबाजी होती है तो जांच प्रभावित करती है। जांच के बाद किसी को कोई बात कहनी होगी तो एसआईटी से कह सकते हैं। अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आएं सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या और श्रीराम जन्मभूमि को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आएं। यह लोग नहीं चाहेंगे कि अयोध्या को सम्मान मिले। यह लोग अयोध्या को बदनाम करना चाहते हैं। अयोध्या और यहां के लोगों को अपमानित करते हैं। हम इनके बहकावे में कत्तई न आएं। इन लोगों का आचरण पहले से ही सभी के सामने है। राम भक्तों को बदनाम करने वाले बाबर को मानने वाले लोग कहा कि जो लोग रामभक्तों को अपमानित करते थे, अपराधियों के कब्र पर जाकर फातिया पढ़ते थे। जिन लोगों ने अब तक राम जन्मभूमि में दर्शन नहीं किया, अपने विधायकों को भी जाने से रोका, वह लोग बाबर को मानने वाले लोग हैं। उनके ही विधायक मनोज पांडेय ने जब सभी विधायकों को अयोध्या लाने की बात कही तो उन्हें अखिलेश ने फटकार दिया था। मनोज पांडेय को धुतकार कर भगा दिया था। आज मनोज पांडेय हमारी सरकार में मंत्री हैं। अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि यह लोग कभी अयोध्या नहीं आए और अयोध्या को बदनाम करने के लिए क्या-क्या कर रहे हैं, इसे देखते रहिए। उन लोगों की सोच कब्रिस्तान और कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाने तक ही सीमित रही है। हम लोग अयोध्या के विकास में लगे हैं। आज एक ही विधानसभा में 126 परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हो रहा है। कांग्रेस का दोगला चरित्र कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि वह लोग दोगले चरित्र के हैं। उन लोगों ने अयोध्या में राम मंदिर न बनने पाए, इसके लिए एड़ी चोटी का दम लगा दिया था। अयोध्या की पहचान का संकट खड़ा किया था। आज कांग्रेस बोल रही है कि राम भक्तों का अपमान हो गया। जब कांग्रेस कहती थी कि राम है ही नहीं, तब अपमान नहीं होता था? श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल खड़ा करने वाली कांग्रेस आज राम भक्तों के नाम पर मचल रही है।

लखनऊ से झांसी तक बेहतर सड़क संपर्क, औद्योगिक विकास और निवेश को मिलेगी रफ्तार

लखनऊ झांसी को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, रक्षा गलियारे और औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ने के लिए 106 किलोमीटर लंबा नया एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इससे दिल्ली, लखनऊ और अन्य प्रमुख शहरों तक आवागमन आसान होगा। परियोजना से क्षेत्र में निवेश, रोजगार, माल परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। झांसी को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, रक्षा गलियारे और औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ने के लिए 106 किलोमीटर लंबा नया एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इससे दिल्ली, लखनऊ और अन्य प्रमुख शहरों तक आवागमन आसान होगा। परियोजना से क्षेत्र में निवेश, रोजगार, माल परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना झांसी को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, रक्षा गलियारा और बुंदेलखंड औद्योगिक विकास क्षेत्र (बीडा) से बेहतर कनेक्टिविटी देगी। इससे झांसी, जालौन और पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र की सड़क संपर्कता मजबूत होगी। झांसी सीधे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ जाएगी। दिल्ली, लखनऊ, आगरा और पूर्वांचल की ओर आवागमन आसान हो जाएगा। यूपीडा के निविदा दस्तावेजों के अनुसार, पहला खंड 50 किलोमीटर लंबा होगा।   यह जालौन जिले के फूलपुरा के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के चेनज 170+300 से शुरू होकर झांसी जिले के पिपरा गांव तक जाएगा। इसकी अनुमानित लागत 2262.28 करोड़ रुपये है। दूसरा खंड 56.3 किलोमीटर लंबा होगा, जिसकी अनुमानित लागत 2,739.46 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। पिछले वर्ष ड्रोन सर्वे के दौरान 63 गांवों को चिह्नित किया गया था। परियोजना का महत्व यह एक्सप्रेसवे औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने में सहायक होगा। मालवहन और कृषि उत्पादों के परिवहन में भी सुधार होगा। इससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। यह बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण और रक्षा औद्योगिक गलियारे को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराएगा।   लागत और अन्य एक्सप्रेसवे से तुलना झांसी लिंक एक्सप्रेसवे की प्रति किलोमीटर लागत करीब 47.05 करोड़ रुपये है। प्रति किलोमीटर लागत के हिसाब से यह उत्तर प्रदेश का तीसरा सबसे महंगा एक्सप्रेसवे है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पहले स्थान पर है, जिसकी प्रति किलोमीटर लागत करीब 64 करोड़ रुपये है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की प्रति किलोमीटर लागत लगभग 50 करोड़ रुपये है। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे की प्रति किलोमीटर लागत 33.9 करोड़ रुपये है।