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दिल्ली-NCR के उपभोक्ताओं को न्यू ईयर तोहफा, PNG गैस हुई सस्ती

नई दिल्ली  दिल्ली-एनसीआर के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए नए साल का तोहफा देते हुए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमतों में कटौती की घोषणा की है। कंपनी ने बताया कि नए साल की शुरुआत से पीएनजी के दाम 70 पैसे प्रति मानक घनमीटर (SCM) कम हो जाएंगे। इस कटौती के बाद दिल्ली में नई कीमत 47.89 रुपये और गुरुग्राम में 46.70 रुपये प्रति एससीएम होगी जबकि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के उपभोक्ताओं को अब 47.76 रुपये प्रति एससीएम का भुगतान करना होगा।   न्यू ईयर पर कम किए दाम देश की सबसे बड़ी सिटी गैस रिटेलर इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) दिल्ली-एनसीआर में पाइप सप्लाई के जरिए प्राकृतिक गैस का वितरण करती है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने दिल्ली-एनसीआर के अपने उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत देते हुए पाइप के जरिये घरों में आपूर्ति की जाने वाली (पीएनजी) की कीमतों में नए साल पर कटौती की घोषणा की। दिल्ली में कितनी कीमत? कंपनी ने बुधवार को बताया कि नये साल से वह दिल्ली-एनसीआर में पीएनजी की कीमतों में 70 पैसे प्रति मानक घनमीटर (एससीएम) कम करेगी। कटौती के बाद दिल्ली के उपभोक्ताओं को पीएनजी की नई कीमत 47.89 रुपये प्रति एससीएम होगी। एनसीआर के शहरों में कितना देना होगा कीमतों में कटौती के बाद गुरुग्राम में पीएनजी की कीमत 46.70 रुपये प्रति एससीएम होगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में पीएनजी की कीमतें 47.76 रुपये प्रति एससीएम होगी। कंपनी ने नए साल का स्वागत करते हुए स्वच्छ ईंधन को आम लोगों के बजट के दायरे में लाने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई है। PNGRB के ऐलान के बाद पहल कंपनी ने बताया कि कीमतों में यह पहल पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) की ओर से हाल ही में गैस पाइपलाइन शुल्क व्यवस्था में किए गए बदलाव के बाद की गई है। बता दें कि प्राकृतिक गैस का उपयोग बिजली उत्पादन, उर्वरक विनिर्माण, वाहन ईंधन और और घरेलू रसोई में किया जाता है। टैरिफ में किए थे बदलाव कीमतों में यह कमी सेक्टर रेगुलेटर पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) की ओर से पाइपलाइन टैरिफ में हाल ही में किए गए बदलाव के बाद सामने आई है। पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड ने बीते 16 दिसंबर को पीएनजी के लिए एक तर्कसंगत टैरिफ स्ट्रक्चर की घोषणा की थी। जारी बयान में कहा गया है कि 1 जनवरी से प्रभावी संशोधित टैरिफ से नेचुरल गैस ट्रांसपोर्टेशन के उपभोक्ताओं बड़ी राहत मिलेगी।

न्यू ईयर ईव पर प्रकृति का कहर, 6 रिक्टर तीव्रता से हिली धरती

नई दिल्ली  एक तरफ जहां पूरी दुनिया नए साल के जश्न की तैयारी कर रही है तो दूसरी ओर जापान में भूकंप से धरती हिल गई है। नए साल की पूर्व संध्या पर जापान में छह रिक्टर स्केल का भूकंप आया है। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, बुधवार, 31 दिसंबर को जापान के नोडा शहर में 6 तीव्रता का भूकंप आया। USGS ने बताया कि भूकंप नोडा से करीब 91 किलोमीटर पूर्व में आया और इसकी गहराई 19.3 किलोमीटर थी। भूकंप को लेकर राहतभरी बात यह रही कि किसी भी नुकसान या जान-माल के नुकसान की तुरंत कोई जानकारी नहीं मिली है। इसके अलावा, नए साल की पूर्व संध्या पर दिन में पहले तिब्बत में दोपहर के समय 3.4 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 3.26 बजे 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था। इससे पहले नौ दिसंबर को उत्तरी जापान में देर रात 7.5 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसके कारण 33 लोग घायल हो गए और प्रशांत महासागर के तटवर्ती इलाकों में सुनामी आ गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि 33 लोग घायल हुए हैं जिनमें एक गंभीर रूप से घायल है। सार्वजनिक प्रसारक ‘एनएचके की खबर के अनुसार, अधिकतर लोग वस्तुएं गिरने के कारण घायल हुए। जापान के मुख्य होन्शू द्वीप के सबसे उत्तरी प्रांत आओमोरी के तट से लगभग 80 किलोमीटर दूर प्रशांत महासागर में रात लगभग 11 बजकर 15 मिनट पर भूकंप आया था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने भूकंप की तीव्रता 7.6 मापी तथा कहा कि यह सतह से 44 किलोमीटर (27 मील) नीचे आया। आओमोरी प्रांत के हाचिनोहे शहर में एक दुकान के मालिक नोबुओ यामादा ने एनएचके से कहा, ‘‘मैंने कभी इतना भीषण भूकंप नहीं देखा।’’ इसके भीषण भूकंप के बाद जापान में कई अन्य भूकंप के झटके भी महसूस किए गए हैं।

दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 जनवरी से, इन अहम मुद्दों पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने

नई दिल्ली  दिल्ली में 5 जनवरी से विधानसभा सत्र शुरु होने वाला है। यह तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र होगा। सत्र के दौरान पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास के पुनर्निर्माण से जुड़ी CAG रिपोर्ट को लेकर होगी, जिसे सदन के पटल पर रखा जाएगा। इसकी पुष्टि विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने की है। इस रिपोर्ट में 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित बंगले (जिसे भाजपा ने 'शीश महल' का नाम दिया है) के नवीनीकरण में हुए खर्च और कथित वित्तीय अनियमितताओं का लेखा-जोखा होने की संभावना है। भ्रष्टाचार और प्रदूषण पर भी होगी चर्चा इसके अलावा सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार ने संकेत दिए हैं कि वे न केवल 'शीश महल' बल्कि दिल्ली जल बोर्ड (DJB) और मोहल्ला क्लीनिक से जुड़ी ऑडिट रिपोर्ट भी पेश कर सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली के गंभीर वायु प्रदूषण और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी तीखी बहस होने के आसार हैं। विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (AAP) इन आरोपों को 'राजनीति से प्रेरित' बताकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। 

फर्जी प्रचार पर शिक्षा मंत्री का हमला, बोले– ‘शिक्षकों से कुत्तों की गिनती’ का कोई आदेश नहीं

नई दिल्ली  दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में प्रेस वार्ता कर आम आदमी पार्टी (आप) पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 'आप' के नेता लगातार सोशल मीडिया के जरिए झूठ और अफवाहें फैलाकर दिल्ली के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रेस वार्ता में शिक्षा मंत्री ने कहा कि सोमवार को सोशल मीडिया पर एक संगठित अभियान चलाया गया, जिसमें यह झूठा दावा किया गया कि दिल्ली के शिक्षकों को लावारिस कुत्तों की गिनती के काम में लगाया गया है। यह दावा पूरी तरह निराधार और झूठा है। मंत्री ने आम आदमी पार्टी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर शिक्षकों को कुत्तों की गिनती में लगाने से जुड़ा कोई आदेश या सर्कुलर मौजूद है, तो उसे तुरंत सार्वजनिक किया जाए। ऐसा न कर पाने की स्थिति में आप नेताओं को दिल्ली की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। सूद ने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के तहसीलदारों और सब-रजिस्ट्रारों के निलंबन को लेकर भी झूठ फैलाकर प्रशासनिक अराजकता पैदा करने की कोशिश की। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर 'आप' को भ्रष्टाचारियों से इतना लगाव क्यों है? शिक्षा मंत्री के मुताबिक, 'आप' सरकार के कार्यकाल में इन दफ्तरों में खुलेआम भ्रष्टाचार होता था, जबकि अब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। ऐसे में 'आप' का भ्रष्ट अधिकारियों के समर्थन में खड़ा होना उनकी मंशा पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने 25 दिसंबर के आसपास किए गए एक अन्य 'एक्स' पोस्ट का भी जिक्र किया, जिसमें यह दावा किया गया था कि दिल्ली सरकार ने स्कूलों में सांता क्लॉज बनकर आने वाले बच्चों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। शिक्षा मंत्री ने इसे भी पूरी तरह झूठ बताते हुए कहा कि अगर आम आदमी पार्टी के पास ऐसा कोई आदेश है, तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा। दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) से जुड़े मुद्दों पर भी मंत्री ने 'आप' पर जानबूझकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में ही डीएसएसएसबी के माध्यम से लगभग 16 हजार अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था। इसके बावजूद गलत जानकारी फैलाना आम आदमी पार्टी की प्रशासनिक अक्षमता और विफलता को दर्शाता है। सूद ने कहा कि दिल्ली की जनता ने चुनावों में आम आदमी पार्टी के तथाकथित शिक्षा मॉडल, शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री और तथाकथित भारत रत्न के दावेदारों को पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने 'आप' की राजनीति को फ्रॉड, फर्जीवाड़े और झूठ पर आधारित बताते हुए कड़े शब्दों में निंदा की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि चुनावी हार के 10 महीने बाद भी 'आप' अपनी पराजय स्वीकार नहीं कर पा रही है और पूरी तरह राजनीतिक जमीन खो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने न तो दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में कोई ठोस काम किया और न ही प्रशासनिक स्तर पर विकास किया। पार्टी ने सिर्फ झूठ, शोर और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति की है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार जनहित से जुड़े काम कर रही है। इसी वजह से आम आदमी पार्टी बौखलाहट में सोशल मीडिया के जरिए झूठ और अफवाहें फैलाकर सरकार की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है, लेकिन दिल्ली की जनता सच्चाई समझती है और ऐसे प्रयासों को कभी सफल नहीं होने देगी।

न्यू ईयर सेलिब्रेशन 2026: 31 दिसंबर शाम 7 बजे से कनॉट प्लेस सील, ट्रैफिक एडवाइजरी जानना है जरूरी

नई दिल्ली   दिल्ली यातायात पुलिस ने नये साल के जश्न के मद्देनजर मंगलवार को एक विस्तृत परामर्श जारी कर 31 दिसंबर के लिए कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में यातायात प्रतिबंधों, मार्ग परिवर्तन और पार्किंग के विशेष प्रबंधों की जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि नये साल के स्वागत के लिए कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए पैदल यात्रियों और वाहनों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। परामर्श के अनुसार, यातायात प्रतिबंध 31 दिसंबर की शाम सात बजे से लागू होंगे और जश्न की समाप्ति तक प्रभावी रहेंगे। ये प्रतिबंध विशेष अनुमति प्राप्त वाहनों के अलावा सभी निजी और सार्वजनिक परिवहन वाहनों पर लागू होंगे। पुलिस के मुताबिक मंडी हाउस, बंगाली मार्केट, पटेल चौक, गोल मार्केट, जीपीओ और कस्तूरबा गांधी मार्ग-फिरोजशाह रोड चौराहे, जय सिंह रोड-बंगला साहिब लेन और विंडसर प्लेस जैसे निर्धारित बिंदुओं से आगे किसी भी वाहन को कनॉट प्लेस की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। परामर्श में कहा गया है कि वैध प्रवेश पास वाले वाहनों को छोड़कर, कनॉट प्लेस के अंदरूनी, मध्य या बाहरी सर्किल में वाहनों के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इंडिया गेट पर भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए ओ-पॉइंट, डब्ल्यू-पॉइंट, एमएलएनपी और सुनहरी मस्जिद गोल चक्कर, राजपथ-रफी मार्ग, मथुरा रोड-पुराना किला रोड, शेर शाह रोड और जाकिर हुसैन मार्ग जैसे स्थलों पर भी यातायात को प्रतिबंधित किया जा सकता है या उनके मार्ग में परिवर्तन किया जा सकता है।   यातायात पुलिस ने उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम आवाजाही के लिए रिंग रोड, मथुरा रोड, रानी झांसी मार्ग, पचकुइयां रोड, मंदिर मार्ग और मदर टेरेसा क्रिसेंट जैसे वैकल्पिक मार्गों के उपयोग का सुझाव दिया है। कनॉट प्लेस क्षेत्र में पार्किंग के लिए काली बाड़ी मार्ग, पंडित पंत मार्ग, भाई वीर सिंह मार्ग, रकाब गंज रोड, कॉपरनिकस मार्ग, बाबर रोड, तानसेन मार्ग, विंडसर प्लेस और रायसीना रोड जैसे स्थानों को चिह्नित किया गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि पार्किंग 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर उपलब्ध होगी और अनधिकृत पार्किंग करने पर वाहन को जब्त किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।   दक्षिण दिल्ली से नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को विशिष्ट मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है, जबकि कनॉट प्लेस के रास्ते चेल्म्सफोर्ड रोड से प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाला यातायात प्रभावित नहीं होगा। यातायात पुलिस ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की है क्योंकि इंडिया गेट और कनॉट प्लेस के पास पार्किंग सीमित है। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे प्रभावित सड़कों से बचें और रेलवे स्टेशन या हवाई अड्डे जाने के लिए घर से जल्दी निकलें।  

रेखा गुप्ता सरकार खोलेगी ‘शीशमहल’ की परतें, CAG रिपोर्ट पर विधानसभा में तीखी टकराव की तैयारी

नई दिल्ली मुख्यमंत्री रहते हुए अरविंद केजरीवाल जिस बंगले में रहे उस कथित 'शीशमहल' को लेकर दिल्ली में एक बार फिर घमासान होने जा रहा है। दिल्ली विधानसभा में सरकार 'शीशमहल' समेत 3 सीएजी रिपोर्ट पेश करने जा रही है। इसके अलावा रेखा गुप्ता सरकार ने प्रदूषण पर प्रस्ताव लाने का ऐलान किया है। इसके तहत पिछले 20 साल में रही सरकारों के कामकाज पर भी चर्चा होगी और इस मुद्दे पर भी हंगामे की उम्मीद है। दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आगामी सत्र को लेकर कई जानकारियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा का सत्र 5 जनवरी से शुरू होगा। चार दिन के सत्र में 2-3 प्रस्ताव दिल्ली सरकार लाएगी। मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया है कि प्रदूषण पर चर्चा होगी। सरकार प्रस्ताव लेकर आएगी इस पर सभी सदस्य चर्चा करेंगे। प्रदूषण पर ‘20 साल वाली’ चर्चा कपिल मिश्रा ने कहा, ‘दिल्ली में प्रदूषण की मौजूदा स्थिति क्या है, उसके कारण क्या हैं, सुप्रीम कोर्ट में पिछली सरकारों ने जो एफिडेविट दिए उनका क्या स्टेटस क्या है, वैज्ञानिकों ने क्या रिपोर्ट दी थी, सरकारों की क्या जिम्मेदारी, पिछले 20 सालों का लेखाजोखा और वर्तमान स्थिति को रखा जाएगा। मैं विपक्ष के साथियों से भी अपील करता हूं कि आपकी सरकार ने जो किया था उसका ब्योरा जरूर विधानसभा में लेकर आइए, हम खुली चर्चा करेंगे कि क्या कमियां रह गईं थीं और प्रदूषण को दूर करने के लिए क्या किया जा सकता है।’ इन 3 सीएजी रिपोर्ट को पेश करेगी सरकार दिल्ली सरकार के कानून मंत्री कपिल मिश्रा ने शीशमहल समेत 3 सीएजी रिपोर्ट भी पेश किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा, सीएजी की कुछ रिपोर्ट्स को विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा। सीएजी की रिपोर्ट जो पिछली सरकार के दौरान आ गई थी, लेकिन पिछली मुख्यमंत्री ने रोककर रखा था। हमने संकल्प लिया था कि सभी रिपोर्ट को पटल पर रखेंगे। आने वाले सत्र में शीशमहल पर सीएजी की रिपोर्ट विधानसभा पटल पर रखी जाएगी। 2022 तक दिल्ली जल बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सीएजी की बहुत विस्तृत रिपोर्ट है उसे भी पटल पर रखा जाएगा। हायर एजुकेशन में 2023 तक किस तरह भ्रष्टाचार हुआ उसकी भी सीएजी रिपोर्ट सदन में पटल पर रखा जाएगा।'  

मंडप में हुआ बड़ा कांड! सिंदूर भूल आया दूल्हा, ब्लिंकिट की फटाफट डिलीवरी बनी लाइफसेवर, VIDEO वायरल

नई दिल्ली  दिल्ली में एक शादी के दौरान उस समय मजेदार स्थिति बन गई जब फेरों के बाद दूल्हा-दुल्हन को पता चला कि सिंदूर साथ लाना भूल गए हैं। रस्म रुक गई और परिवार वाले परेशान हो गए। लेकिन फिर दूल्हे ने ब्लिंकिट ऐप से सिंदूर ऑर्डर कर दिया। सिर्फ 16 मिनट में डिलीवरी पहुंच गई। दूल्हे ने सिंदूर दुल्हन की मांग में भरा और रस्म पूरी हो गई। यह पूरा वाकया वीडियो में रिकॉर्ड हुआ, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। तैयारियों में हुई छोटी-सी भूल शादी की भागदौड़ में दूल्हा हृषि और दुल्हन पूजा सिंदूर लाना भूल गए। फेरों के बाद जब सिंदूर की रस्म का समय आया तो सबको यह बात याद आई। दूल्हा ने कैमरे पर मुस्कुराते हुए कहा, "हम सिंदूर लाए ही नहीं।" परिवार वाले पहले तो हैरान हुए, लेकिन जल्द ही सबने हंसकर स्थिति संभाल ली। किसी ने दुकान जाने की बजाय ब्लिंकिट से ऑर्डर करने का फैसला किया। ब्लिंकिट की तेज डिलीवरी ने बचाई लाज ऑर्डर करते ही ऐप ने 16 मिनट का समय दिखाया। सभी मंडप में इंतजार करते रहे। दूल्हा-दुल्हन शांत बैठे मुस्कुराते रहे। ठीक समय पर डिलीवरी बॉय पहुंचा और सिंदूर का पैकेट सौंपा। इसके बाद दूल्हे ने दुल्हन की मांग भरी। मेहमानों ने तालियां बजाईं और माहौल खुशी से भर गया। यह घटना दिखाती है कि आजकल क्विक डिलीवरी ऐप्स शादियों में भी काम आ रहे हैं। वीडियो वायरल, लोग कर रहे मजेदार कमेंट्स इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया यह वीडियो लाखों लोगों ने देख लिया है। लोग कमेंट कर रहे हैं कि ब्लिंकिट ने असली में जोड़ी बचा ली। कुछ मजाक कर रहे हैं कि अब शादियों में ब्लिंकिट जरूरी हो गया। यह अनोखी घटना सबको याद रहेगी और दिखाती है कि छोटी भूलें कभी-कभी सबसे मजेदार यादें बन जाती हैं।

दिल्ली में घने कोहरे से 100 ट्रेनें लेट, एयरपोर्ट पर विमानों का संचालन सामान्य

 नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली भीषण सर्दी से ठिठुर रही है. विजिबिलिटी कम है, एक्यूआई का स्तर गंभीर श्रेणी में बना हुआ है और यातायात भी प्रभावित हो रहा है. घने कोहरे और कम विजिबिलिटी के कारण सड़कों पर वाहन रेंग रहे हैं, वहीं ट्रेन परिचालन भी प्रभावित हो रहा है. कोहरे के कारण करीब सौ ट्रेनें लेट चल रही हैं. कोहरे के कारण ट्रेन परिचालन पर पड़ रहे असर को लेकर रेलवे ने बयान जारी किया है. भारतीय रेलवे की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक  करीब सौ ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं. वहीं, कम से कम ट्रेनों के रूट बदले गए हैं. ट्रेनों की लेट-लतीफी के कारण इनमें यात्रा कर रहे यात्री परेशान हैं. हालांकि, दिल्ली एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही सामान्य हो गई है. दिल्ली एयरपोर्ट पर विमानों के टेकऑफ या लैंडिंग में किसी तरह की कोई समस्या नहीं है और फ्लाइट ऑपरेशंस सामान्य हैं. दिल्ली एयरपोर्ट ने बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है. एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से जारी बयान में यह भी कहा गया है कि हमारे कर्मचारी यात्रियों की सहायता करने और उन्हें जरूरी सपोर्ट उपलब्ध करा रहे हैं. एयरपोर्ट ने अपनी फ्लाइट की अपडेटेड जानकारी के लिए एयरलाइंस से संपर्क करने की अपील भी यात्रियों से की है. गौरतलब है कि दिल्ली में घने कोहरे के कारण कई जगह विजिबिलिटी बहुत कम रह गई थी. सुबह-सुबह कई जगह विजिबिलिटी सौ मीटर से भी कम रही. इसकी वजह से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा.     मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 दिसंबर तक घना से बहुत घना कोहरे का अलर्ट दिया     पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 जनवरी 2026 तक घने कोहरे का अलर्ट है     जम्मू और उत्तरी मध्य प्रदेश में 30 दिसंबर और हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार में 5 जनवरी तक घना कोहरा छाया रहेगा     अरुणाचल प्रदेश में 31 दिसंबर तक और असम और मेघालय और नागालैंड, मणिपुर में 3 जनवरी तक घने कोहरे का अलर्ट है.      ओडिशा में 3 जनवरी तक और बंगाल में 31 दिसंबर से 3 जनवरी के दौरान घना कोहरा दिखेगा कोल्ड डे का अलर्ट जारी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में 31 दिसंबर तक कोल्ड डे से लेकर गंभीर शीत दिवस के हालात रहेंगे. यानी भयंकर सर्दी पड़ेगी.हिमाचल प्रदेश में 31 दिसंबर और 1 जनवरी को और उत्तराखंड में 29 और 30 दिसंबर को को शीत लहर का अलर्ट है. पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिचमी मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी 30-31 दिसंबर तक शीत लहर  के हालात रहने की बहुत अधिक संभावना है. दिल्ली में हवा की गुणवत्ता भी गंभीर और बहुत गंभीर श्रेणी में बनी हुई है. दिल्ली का औसत एक्यूआई 380 के पार है. वहीं, कई एक्यूआई स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता का स्तर 400 के भी पार पहुंच चुका है. दिल्ली से देरी से रवाना होने वाली प्रमुख ट्रेनें ट्रेन का नाम विलंब नई दिल्ली-अमृतसर शान-ए-पंजाब एक्सप्रेस सवा सात घंटे नई दिल्ली-कालका शताब्दी एक्सप्रेस पौने सात घंटे नई दिल्ली-लखनऊ स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस 5.50 घंटे नई दिल्ली-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस 5.25 घंटे नई दिल्ली-दरभंगा हमसफर विशेष पांच घंटे नई दिल्ली-लोहियां खास सरबत दा भला एक्सप्रेस पांच घंटे नई दिल्ली-सोगरिया (कोटा) सुपरफास्ट एक्सप्रेस सवा दो घंटे आनंद विहार टर्मिनल-अयोध्या कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस 5.05 घंटे नई दिल्ली-दरभंगा संपर्क क्रांति एक्सप्रेस एक घंटा पुरानी दिल्ली-जैसलमेर रुनिचा एक्सप्रेस एक घंटा

महिलाओं के लिए दिल्ली की मुफ्त बस सुविधा में बदलाव, नए साल में लागू हो सकता है नया सिस्टम

 दिल्ली दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त बस सफर का तरीका जल्द बदलने जा रहा है। नए साल के शुरुआती दिनों में ही नए सिस्टम को लागू किया जा सकता है। पिंक सहेली कार्ड को लेकर तैयारी पूरी हो चुकी है। मुफ्त बस सफर का फायदा लेने के लिए महिलाओं को स्मार्ट कार्ड बनवाना होगा। इसके साथ ही पेपर वाले पिंक टिकट की व्यवस्था खत्म हो जाएगी। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने अक्टूबर 2019 में महिलाओं के लिए मुफ्त बस सफर की शुरुआत की थी। भाजपा सरकार ने मुफ्त सफर की सुविधा को जारी रखते हुए इसके तरीके में बदलाव की घोषणा की थी। सरकार का कहना है कि नए सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ेगी। भाजपा पिंक टिकट सिस्टम में गड़बड़ी का आरोप लगाती रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट (DTC) ने स्मार्ट कार्ड जारी करने के लिए दो प्राइवेट वेडर्स को जिम्मेदारी सौंपी है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार शहरभर में इसके लिए काउंटर्स खोलेगी। दिल्ली के पते वाला आधार कार्ड का इस्तेमाल करत हुए महिलाएं पिंक सहेली कार्ड के लिए अप्लाई कर सकेंगी। कहां बनेंगे कार्ड, क्या शर्तें रिपोर्ट के मुताबिक काउंटर डीएम, एसडीएम के दफ्तरों, बस डिपो और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर खोले जाएंगे ताकि लोग आसानी से वहां पहुंच सकें। अधिकारियों के मुताबिक सहेली कार्ड प्राप्त करने के लिए दिल्ली निवासी होना अनिवार्य है। कार्ड के लिए न्यूनतम उम्र 12 साल होनी चाहिए। पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड कैसे काम करेगा नया सिस्टम, कार्ड नहीं तो क्या होगा सफर के दौरान महिलाओं को अपने स्मार्ट कार्ड को इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ETM) पर टच करना होगा। मौजूदा व्यवस्था में कंडक्टर महिलाओं को पिंक टिकट देते हैं। लेकिन नई व्यवस्था में वह सफर कर रही महिलाओं से कार्ड लेंगे और ईटीएम पर टच करके वापस कर देंगे। यदि किसी महिला के पास स्मार्ट कार्ड नहीं हुआ तो टिकट खरीदनी होगी। बस पास भी होंगे स्मार्ट पिंक सहेली कार्ड के अलावा दो अन्य श्रेणी के स्मार्ट कार्ड भी बनाए जाएंगे। वरिष्ठ नागरिक, विकलांग, खिलाड़ी, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता समेत 12 श्रेणियों के लोगों को पास भी स्मार्ट कार्ड में बदले जाएंगे। इसके अलावा आम लोग भी स्मार्ट कार्ड बनवाकर इसे रिचार्ज करा सकेंगे। यह मेट्रो कार्ड की तर्ज पर काम करेगा।

मौतों का अड्डा बनता वाटर प्लांट! दिल्ली में 4 साल में सबसे ज्यादा शव, एक साल में 35 मामले

नई दिल्ली देश की राधानी दिल्ली में एक ऐसा वाटर प्लांट है जो लाशें उगलता है। पढ़ने में आपको अजीब लगे लेकिन यह सच है। इस साल कुल 35 शव इस वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से निकाले जा चुके हैं। हाल ही में एक 18 साल के युवक की हत्या कर शव फेंके जाने के मामले में दो किशोरों की गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद, दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए। हैदरपुर जल शोधन संयंत्र (WTP) में शवों की बरामदगीकई सवाल खड़े कर रही है। चार सालों में सबसे अधिक संख्या दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस साल अब तक इस प्लांट से कुल 35 शव बरामद किए जा चुके हैं। यह पिछले चार वर्षों में सबसे अधिक संख्या है। पुलिस ने बताया कि हर महीने औसतन दो से तीन शव यहां से मिलते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि शव अक्सर मुनक नहर के जरिए हैदरपुर पहुंचते हैं। यह नहर हरियाणा से दिल्ली में कच्चा पानी लाती है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पहुंचने से पहले इस नहर के ज्यादातर हिस्सों में कोई जाली नहीं लगी है। इस कारण हरियाणा और दिल्ली के कई हिस्सों से बहकर आने वाले शव अक्सर हैदरपुर प्लांट में आकर फिल्टर सिस्टम में फंस जाते हैं। शवों की पहचान और सुरक्षा के उपाय मुनक नहर 102 किलोमीटर लंबी एक जलवाहिनी है। यह हरियाणा के करनाल से यमुना का पानी लेकर चलती है, खुबरू और मंडोरा बैराज से होते हुए दक्षिण की ओर बढ़ती है और अंत में हैदरपुर प्लांट (WTP) पर जाकर खत्म होती है। : पुलिस ने बताया कि हरियाणा से शवों को बहकर हैदरपुर पहुंचने में कई दिन लग जाते हैं। इस कारण लगभग सभी शव इतनी बुरी तरह सड़ जाते हैं कि उनकी पहचान करना लगभग नामुमकिन हो जाता है। इसी वजह से ज्यादातर शव लावारिस ही रह जाते हैं। हमारे सहयोगी हिन्दुस्तान टाइम्स (HT) के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल मिले 35 शवों में से 20 की पहचान हो पाई है, जबकि 15 की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस ने कहा कि इन मौतों के पीछे प्राकृतिक कारण, डूबना, आत्महत्या और हत्या जैसे अलग-अलग मामले शामिल हैं। सुरक्षा के लिए नए कदम पुलिस ने रविवार को बताया कि उन्होंने हैदरपुर प्लांट के अधिकारियों से निगरानी बढ़ाने और अतिरिक्त गार्ड तैनात करने को कहा है। पुलिस का कहना है कि उनका काफी समय और कर्मचारी नियमित रूप से शवों को बाहर निकालने, उनकी पहचान करने और मौत के कारणों की जांच करने में ही लगे रहते हैं। हाल के कुछ मामले दोस्ती में हत्या: सबसे हालिया मामला पिछले बुधवार को सामने आया, जब दो युवकों को अपने ही एक किशोर दोस्त की हत्या के आरोप में पकड़ा गया। हत्या का कारण यह था कि वह दोस्त आरोपियों में से एक की चचेरी बहन से बात करता था। 22 नवंबर को पुलिस को हैदरपुर प्लांट के पास मुनक नहर में एक लाश तैरती हुई मिली। जब शव को बाहर निकाला गया, तो मृतक के हाथ-पैर जूतों के फीतों से बंधे थे, गले में रूमाल लिपटा हुआ था और सिर पर किसी नुकीले हथियार के तीन गहरे घाव थे। पुलिस ने इस मामले में 23 वर्षीय आशीष और 23 वर्षीय विशाल को इस सप्ताह गिरफ्तार कर लिया है। दिसंबर के पहले हफ्ते में पुलिस को एक और शव मिला था। जांच में पता चला कि मृतक एक बेघर व्यक्ति था जिसकी मौत किसी बीमारी के कारण हुई थी। हालांकि, पुलिस अभी भी इस बात को लेकर अनिश्चित है कि वह मुनक नहर तक कैसे पहुंचा। पुलिस की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, साल 2022 से 2024 के बीच जल शोधन संयंत्र (WTP) के पास कम से कम 79 मानव शव मिले हैं। इलाके के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि के.एन. काटजू मार्ग पुलिस स्टेशन के कर्मियों के लिए तीन सबसे बड़ी चुनौतियां हैं: ➤यह पता लगाना कि किन परिस्थितियों में शव प्लांट तक पहुंचे। ➤शवों की पहचान करना। ➤लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करना। रोहिणी के पुलिस उपायुक्त (DCP) राजीव रंजन ने बताया कि शवों को समय पर बाहर निकालने, उनकी पहचान करने और संबंधित मामले दर्ज करने के लिए विशेष स्टाफ तैनात किया गया है। उन्होंने पुष्टि की, "हमारे पास अब तक 35 शवों का डेटा है।" पुलिस ने हरियाणा के अधिकारियों को पत्र लिखकर नहर में जालियां (nets) या फिल्ट्रेशन यूनिट लगाने का अनुरोध किया है ताकि वहां से बहकर आने वाले शव हैदरपुर तक न पहुँचें। वर्तमान में, हैदरपुर प्लांट में तीन परतों वाली जालियां (filtration nets) लगी हैं ताकि कच्चे पानी के मशीनों तक पहुँचने से पहले ही इन सभी चीजों को बाहर निकाला जा सके।