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Municipal Elections Punjab: 9 नगर निगमों के लिए 24 मई को मतदान की संभावना

चंडीगढ़. पंजाब में नगर निगम चुनावों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि राज्य के 9 नगर निगमों – मोहाली, होशियारपुर, अबोहर, बठिंडा, बटाला, बरनाला, पठानकोट, मोगा और कपूरथला – में नगर निगम चुनाव मई के आखिर तक होना लगभग तय है। सरकारी और एडमिनिस्ट्रेटिव सूत्रों के मुताबिक, ये चुनाव 24 मई को हो सकते हैं, लेकिन अभी इस पर आखिरी फैसला स्टेट इलेक्शन कमीशन को लेना है। इन चुनावों के लिए तैयारियां पहले ही कर ली गई हैं। सरकार ने चुनावों से पहले वार्ड रिजर्वेशन को भी अंतिम रूप दे दिया है। इस बार 50 परसेंट सीटें महिलाओं के लिए भी रिजर्व रहेंगी। एस.सी. और एस.टी. उम्मीदवार अपनी रिजर्व सीटों के अलावा जनरल सीटों से भी चुनाव लड़ सकेंगे। पंजाब में अगले नगर निगम चुनाव (अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और फगवाड़ा) काफी समय से पेंडिंग हैं। इन्हें अलग-अलग फेज़ में आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। 

पंजाब सरकार का बड़ा ऐलान: शुक्रवार को सरकारी छुट्टी, सभी स्कूल-कॉलेज और दफ्तर रहेंगे बंद

चंडीगढ़  पंजाब के छात्रों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। बता दें कि पंजाब सरकार ने 1 मई को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है, जिसके चलते पूरे प्रदेश में स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। जानकारी के अनुसार, यह अवकाश मई दिवस के उपलक्ष्य में घोषित किया गया है। हर साल 1 मई को मनाया जाने वाला यह दिन मजदूरों और श्रमिकों के योगदान को सम्मान देने के लिए समर्पित होता है। इस निर्णय का असर राज्यभर के शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी विभागों पर पड़ेगा, जहां नियमित कामकाज इस दिन स्थगित रहेगा। हालांकि, आवश्यक सेवाएं जैसे स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। राज्य में हीट वेव को लेकर अलर्ट                                वहीं आपको बता दें कि उत्तर भारत में लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। पंजाब में भी तापमान तेजी से ऊपर जा रहा है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए हीट वेव को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले हफ्ते से गर्मी और ज्यादा तीव्र हो सकती है, जिससे खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर असर पड़ने की आशंका है। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।  

हरियाणा सरकार का अमृतसर के दुकानदारों के लिए बड़ा ऐलान, Dry Fruit, किराना और इलेक्ट्रिकल पर मिलेगा खास लाभ

अमृतसर  एकतरफ जहां अमृतसर की ड्राईफ्रूट व करियाना होल सेल मंडी (मजीठ मंडी व ढाब बस्ती राम) में कारोबारी सरकार की गलत नीतियों के कारण पलायन कर रहे हैं तो वहीं भाजपा शासित हरियाणा सरकार की तरफ से अमृतसर व दिल्ली के ड्राईफ्रूट-करियाना एवं इलैक्ट्रिकल दुकानदारों को 250 से ज्यादा दुकानों की अलाटमैंट की जा रही है, जिसमें व्यापारियों को हर प्रकार की सुविधा मिलेगी। जानकारी के अनुसार भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ पंजाब के उप-प्रधान एवं द फैडरेशन ऑफ करियाना एंड ड्राइफ्रूट कमर्शियल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल मेहरा की तरफ से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ के साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ मुलाकात की गई और व्यापारियो को दरपेश आ रही समस्याओं के बारे में अवगत करवाया गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अमृतसर के ड्राईफ्रूट व करियाना कारोबारियों को हरियाणा में दुकानें अलॉट करने का ऐलान किया। बकायदा एच.एच.आई.आई.डी.सी. (हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्टक्चर डिवैल्पमैंट कार्पोरेशन) की तरफ से अप्रूवल भी जारी किया गया है। 300 एकड़ से ज्यादा भूमि पर मिलेगा इंफ्रास्टक्चर हरियाणा सरकार की तरफ से 300 एकड़ से ज्यादा भूमि पर कारोबारियों के लिए इंफ्रास्टक्चर उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिसमें व्यापारियों की दुकानों के अलावा, लेबर के रहने के लिए क्वार्टर, खाना खाने के लिए हाल, सिक्योरिटी गार्डर्स व हर प्रकार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। ड्राईफ्रूट मंडी मजीठ मंडी की बात करें तो आई.सी.पी. अटारी बार्डर के जरिए अफगानिस्तान से भारी मात्रा में अमृतसर व उत्तर भारत के कारोबार ड्राईफ्रूट का आयात करते रहे हैं, लेकिन पहले पुलवामा हमले व फिर पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के साथ कारोबारी रिश्ते बिल्कुल खत्म हो चुके हैं और पाकिस्तान के रास्ते आई.सी.पी. अटारी पर आने वाले ड्राईफ्रूट के ट्रकों को भी पाकिस्तान रास्ता नहीं देता है, जिससे व्यापारियों को भारी नुक्सान हो रहा है और दुबई के रास्ते ड्राईफ्रूट आयात किया जा रहा है, जिससे खर्च बहुत ज्यादा आता है और इसका असर ग्राहक पर भी पड़ता है, क्योंकि जितना ज्यादा खर्च आएगा उतनी ज्यादा कीमत पर ग्राहकों को ड्राईफ्रूट बेचा जाएगा। वॉल्ड सिटी के अन्दर होने के कारण मजीठ मंडी में रास्ते तंग ढाब बस्ती राम व ड्राईफ्रूट की मजीठ मंडी की बात करें तो इस ऐतिहासिक मंडियों को वॉल्ड सिटी के अन्दर बसाया गया था और जैसे-जैसे आबादी बढ़ती गई, वैसे-वैसे वाल्ड सिटी के अन्दर बसी इन मंडियों में आना-जाना आसान नहीं रहा और लेबर को मंडी में जाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि यह व्यापारियों पर निर्भर करता है कि वह अमृतसर में ही काम करना चाहते हैं या फिर हरियाणा में दुकानें खरीदकर काम करना चाहते हैं, लेकिन इसका नाकारात्मक पक्ष यह भी जरुरी है कि यदि व्यापारियों को दूसरे राज्य में पलायन होता है तो शहर की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ता है, क्योंकि पहले ही सरकार की गलत नीतियों के कारण अमृतसर की इंडस्ट्री हिमाचल व अन्य राज्यों में पलायन कर चुकी हैं। मोदी सरकार व्यापारी हितैशी : अनिल मेहरा अनिल मेहरा ने कहा कि मोदी सरकार व्यापारी हितैषी है और व्यापारियों के हितों के लिए लगातार काम कर रही है। केन्द्र सरकार सबका साथ और सबका विकास के लक्षय पर काम कर रही है।

परिवारिक कलह बनी हत्या की वजह, पत्नी के न लौटने से परेशान पिता ने बेटी को मारा

पटियाला. पंजाब के पटियाला के अंतर्गत आते राजपुरा के नजदीक अलीपुर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां घरेलू विवाद के चलते एक पिता ने अपनी ही 12 साल की बेटी की हत्या कर दी। इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और लोगों में गहरा आक्रोश और दुख देखने को मिल रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, आरोपित और उसकी पत्नी के बीच पिछले काफी समय से घरेलू झगड़ा चल रहा था। करीब डेढ़ साल पहले विवाद इतना बढ़ गया कि पत्नी अपने मायके जाकर अलग रहने लगी। इसके बाद से ही आरोपित लगातार पत्नी को वापस घर लाने के लिए दबाव बना रहा था। सूत्रों के अनुसार, आरोपित ने पत्नी को कई बार धमकियां दीं कि अगर वह वापस नहीं आई तो वह उनकी बेटी को नुकसान पहुंचा देगा। हालांकि इन धमकियों के बावजूद महिला वापस नहीं लौटी। गुस्साए आरोपित ने बेटी की कर दी हत्या आरोप है कि इसी गुस्से और मानसिक तनाव में आकर आरोपित ने अपनी ही 12 वर्षीय बेटी की हत्या कर दी। इतना ही नहीं, हत्या के बाद आरोपित ने मामले को छिपाने के लिए बच्ची का अंतिम संस्कार भी कर दिया। इस पूरी घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित महिला ने पुलिस को शिकायत दी और पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके। परिवार में था तनाव भरा माहौल स्थानीय लोगों के अनुसार, परिवार में लंबे समय से तनाव का माहौल था, लेकिन किसी ने इस बात की कल्पना नहीं की थी कि मामला इतना भयावह रूप ले लेगा। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और डर का माहौल है। पुलिस का कहना है कि आरोपित को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।

वारिस पंजाब दे और अकाली दल का पंथक एकजुटता समारोह, साथ में दिखी ताकत

लुधियाना अकाली दल 'वारिस पंजाब दे' की ओर से सांसद अमृतपाल सिंह को वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया जाएगा और दो उपमुख्यमंत्री भी बनाए जाएंगे। यह घोषणा पार्टी के संरक्षक बापू तरसेम सिंह ने लुधियाना में आयोजित विशाल पंथक एकत्रता को संबोधित करते हुए की। पार्टी की ओर से लुधियाना के मुंडियां कला, 33 फुटा रोड पर इस विशाल पंथक एकजुटता समारोह का आयोजन किया गया। पार्टी के वरिष्ठ नेता गुरप्रीत सिंह सोनू द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में संगठन के संरक्षक बापू तरसेम सिंह मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर संबोधित करते हुए, बापू तरसेम सिंह ने कहा कि दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाएंगे, जो हिंदू और दलित समुदाय से होंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी समाज के सभी वर्गों की भागीदारी में विश्वास रखती है। पंजाब को नशे, गैंगस्टरवाद, लूटपाट और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाने के लिए अकाली दल 'वारिस पंजाब दे' को सत्ता में लाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोग सांसद अमृतपाल सिंह की अगुवाई में राज्य में अगली सरकार बनते देखना चाहते हैं। इस दौरान उन्होंने लोकलुभावने वादे करके सत्ता में आने वाली पार्टियों पर भी तंज कसते हुए कहा कि अब लोगों का उनसे मोहभंग हो चुका है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजक गुरप्रीत सिंह सोनू और स्थानीय नेतृत्व की भी सराहना की। वहीं पर, अपने संबोधन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं परमजीत सिंह जौहल, प्रिथीपाल सिंह बटाला, राजीव कुमार लवली, संदीप सिंह रुपालों और गुरप्रीत सिंह सोनू आदि ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों की भीड़ साफ तौर पर दिखा रही है कि 2027 विधानसभा चुनावों में पंजाब में पंथक पार्टी की सरकार बनने जा रही है।

बलबीर सिंह सीचेवाल का बड़ा खुलासा, ‘आप छोड़ने वाले सांसदों ने मुझे भी बुलाया था, पर मैंने मना कर दिया’

चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने रविवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने उन्हें भी अपने साथ आने का न्यौता दिया था लेकिन उन्होंने साफ इंकार कर दिया। सीचेवाल ने कहा कि राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने उन्हें फोन कर आजाद समूह में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था।  सीचेवाल ने सात सांसदों के एक साथ पार्टी छोड़ने पर दुख जताते हुए इसे आम आदमी पार्टी के साथ बेवफाई करार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इन नेताओं को राज्यसभा में भेजकर पंजाब के मुद्दे उठाने का मौका दिया लेकिन अब उन्होंने अचानक पार्टी छोड़ दी।  राघव चड्ढा और संदीप पाठक के फैसले पर भी उन्होंने हैरानी जताई। कहा कि इन नेताओं ने पंजाब में सत्ता का पूरा आनंद लिया और अब पार्टी को अलविदा कह दिया। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने रविवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने उन्हें भी अपने साथ आने का न्योता दिया था लेकिन उन्होंने साफ इंकार कर दिया। सीचेवाल ने कहा कि राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने उन्हें फोन कर आजाद समूह में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था।   सीचेवाल ने सात सांसदों के एक साथ पार्टी छोड़ने पर दुख जताते हुए इसे आम आदमी पार्टी के साथ बेवफाई करार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इन नेताओं को राज्यसभा में भेजकर पंजाब के मुद्दे उठाने का मौका दिया लेकिन अब उन्होंने अचानक पार्टी छोड़ दी।  राघव चड्ढा और संदीप पाठक के फैसले पर भी उन्होंने हैरानी जताई। कहा कि इन नेताओं ने पंजाब में सत्ता का पूरा आनंद लिया और अब पार्टी को अलविदा कह दिया। हमने पंजाब के साथ कोई गद्दारी नहीं की, दस गुना ज्यादा कम करेंगे : साहनी आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद विक्रमजीत साहनी ने आप के आरोपों पर कहा कि हम गद्दार नहीं हैं। हम 10 गुना ज्यादा काम करेंगे। वर्ष 2022 पंजाब विधानसभा चुनाव में सांसद राघव चड्ढा और संदीप पाठक का अहम रोल था लेकिन पिछले कुछ समय से उन्हें साइड लाइन कर दिया गया। राघव चड्ढा और पाठक को साइडलाइन करने से बढ़ा असंतोष सांसद साहनी ने एक टीवी चैनल पर इंटरव्यू के दौरान कहा कि आप के दिल्ली चुनाव हारने के बाद नई टीम ने मोर्चा संभाल लिया। चड्ढा को संसद में उपनेता के पद से हटाने के बाद रोष बढ़ गया। दोनों प्रमुख नेताओं को नजरअंदाज करना गलती थी। बाकी सांसदों में भी इसे लेकर असंतोष था। साहनी ने कहा कि वह इसे लेकर आप प्रमुख केजरीवाल से भी मिले थे। केजरीवाल ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए बोल दिया था।   साहनी ने कहा कि वे इस्तीफा देने लगे थे लेकिन अपने करीबियों के साथ विचार विमर्श के बाद ही इस्तीफा न देने का फैसला लिया और इस दौरान सहमति बनी कि भाजपा ही पंजाब का भला कर सकती है। इसके बाद ही पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा पंजाब को जो मिलना चाहिए था वो सही समन्वय के कारण मिल नहीं पा रहा है।   पिछले चार साल से चुनावी मोड ही चल रहा है और राज्य और केंद्र सरकार दोनों एक दूसरे को कोस रहे रहे हैं। युवा पीढ़ी खेती नहीं करना चाहती है तो ऐसे हालात में पंजाब का क्या हो सकता है, क्योंकि केंद्र सरकार पंजाब के लिए बहुत कुछ करना चाहती है।   साहनी ने कहा कि फ्रेट सब्सिडी देने के लिए केंद्र तैयार है लेकिन आंकड़ों के साथ प्रस्ताव तो देना ही होगा। चुनाव के बारे में अभी कुछ नहीं कहना चाहता हूं, क्योंकि पंजाब के लोग समझदार हैं और 2027 विधानसभा चुनाव में उचित फैसला लेंगे।  

बिजली कटौती पर सरकार सख्त, मंत्री Arora ने गिनाए संकट के कारण और दिया राहत का भरोसा

चंडीगढ़. पंजाब में अचानक बढ़ी गर्मी ने बिजली व्यवस्था पर सीधा असर डाला है। भीषण लू और तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण बिजली की मांग में तेजी से उछाल दर्ज किया गया है। विभाग के अनुसार इस तरह की मांग पहले कभी अप्रैल महीने में देखने को नहीं मिली, जिससे पूरे तंत्र पर दबाव बढ़ गया है।  बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि पहले से तय कार्यक्रम के तहत मरम्मत कार्य चल रहे थे। इसी वजह से कई स्थानों पर नियोजित बिजली कट लगाए गए, जिससे उपभोक्ताओं को कटौती अधिक महसूस हुई। 17 अप्रैल के बाद पैदा हुई स्थिति का यही सबसे बड़ा कारण है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अब ऐसे नियोजित कट चार घंटे से ज्यादा नहीं होंगे और व्यवस्था को सामान्य रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। खेती के मौसम ने भी बिजली की मांग बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस समय फसलों की कटाई के साथ-साथ आलू और टमाटर जैसी फसलों की खेती के लिए लगातार बिजली की जरूरत रहती है। किसानों को तय समय पर बिजली उपलब्ध कराना जरूरी होने के कारण ग्रिड पर अतिरिक्त दबाव बन गया है। हालात पर विभाग रख रहा नजर विभाग के अनुसार राज्य में करीब छह हजार करोड़ रुपये की लागत से प्रसारण और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने का काम चल रहा है। लेकिन अचानक बढ़ी मांग के कारण इस काम की गति भी प्रभावित हो रही है। इसके बावजूद अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। राहत के तौर पर उद्योगों को रात के समय खुले प्रावधान के तहत सीधे बिजली खरीदने की अनुमति दी गई है, ताकि दिन के समय ग्रिड पर लोड कम किया जा सके और आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। अनावश्यक बिजली उपकरणों के इस्तेमाल से बचें विभाग का दावा है कि राज्य में जरूरत के अनुसार बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और प्रदेश अभी भी बिजली के मामले में आत्मनिर्भर स्थिति में है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी तैयारियां पहले से थीं, लेकिन अप्रैल में इतनी अधिक मांग अप्रत्याशित रही। उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि वे अधिक खपत वाले समय में अनावश्यक बिजली उपकरणों का इस्तेमाल न करें, ताकि सभी को सुचारु रूप से बिजली मिल सके। बिजली की अधिकतम मांग में 12% की बढ़ोतरी अप्रैल की शुरुआत में: बिजली का इस्तेमाल पिछले साल के मुकाबले 7% से 21% तक कम था। पिछले 10 दिनों में: भारी गर्मी की वजह से बिजली के इस्तेमाल और इसकी डिमांड में जबरदस्त उछाल आया है। बड़ी छलांग: अधिकतम मांग 15 अप्रैल को लगभग 7900 MW थी, जो 25 अप्रैल तक बढ़कर 12000 MW के पार पहुंच गई है। स्थिति को सुधारने के लिए उठाए गए कदम बिजली कटौती का समय तय: लोगों को परेशानी न हो, इसलिए बिजली कटौती को ज्यादा से ज्यादा 4 घंटे तक ही सीमित रखा गया है। दूसरे राज्यों से बिजली का लेनदेन: दूसरे राज्यों के साथ 1500-2000 MW बिजली के लिए बातचीत आखिरी दौर में है; ये समझौते जल्द ही पूरे कर लिए जाएंगे। हाइड्रो पावर प्लांट फिर से शुरू: 2025 की बाढ़ में सरकारी हाइड्रो यूनिट्स को नुकसान पहुँचा था। मरम्मत का काम 10 मई तक पूरा हो जाएगा, जिससे ग्रिड में 300 MW बिजली और जुड़ जाएगी। अतिरिक्त बिजली की खरीदारी: ग्रिड के लिए लगभग 1500 MW एक्स्ट्रा बिजली अलग-अलग राज्यों और प्राइवेट कंपनियों से खरीदी जा रही है। केंद्र सरकार से मदद: गर्मियों के पीक महीनों में राहत देने के लिए पंजाब केंद्र सरकार के कोटे से लगभग 2000 MW बिजली लेने की तैयारी कर रहा है। शॉर्ट-टर्म टेंडर: बाजार में कम समय वाले टेंडर निकाले गए हैं ताकि बिना किसी देरी के तुरंत फालतू बिजली खरीदी जा सके। चार्ज में छूट: अगले 2 महीनों के लिए शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक 'व्हीलिंग चार्ज' और 'क्रॉस सब्सिडी' में छूट दी गई है।

मलावी में महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा का अनावरण, सिख समुदाय ने किया जोरदार स्वागत

चंडीगढ़ भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) ने मलावी, अफ्रीका में महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा की स्थापना की। महाराजा रणजीत सिंह, जिन्हें शेर-ए-पंजाब के नाम से जाना जाता है, एक महान भारतीय योद्धा और दूरदर्शी नेता थे। इस प्रतिमा का औपचारिक अनावरण 19 अप्रैल को बैसाखी समारोह के अवसर पर भारत के उच्चायुक्त श्री अमराराम गुजर और ब्लैंटायर सिटी के काउंसलर आइजैक जोमो उस्मान द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। समारोह में सिख समुदाय के 400 से अधिक सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भारत सरकार द्वारा उपहार स्वरूप प्रदान की गई यह प्रतिमा महाराजा रणजीत सिंह के जीवन और विरासत को समर्पित है। उनके साहस, कुशल नेतृत्व और दूरदर्शिता आज भी विश्वभर में पीढ़ियों को प्रेरित करती है। इस अवसर पर आइसीसीआर की महानिदेशक के. नंदनी संगला ने कहा कि यह स्थापना प्रवासी भारतीय समुदाय, विशेषकर सिख समाज, के लिए अपनी समृद्ध विरासत से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर है। उच्चायुक्त श्री अमराराम ने इस ऐतिहासिक संबंध को महाराजा रणजीत सिंह के वैश्विक प्रभाव का प्रतीक बताया।

‘AAP में घुटन महसूस हो रही थी’, राघव चड्ढा ने बताए अलग होने के कारण

चंडीगढ़. सांसद राघव चड्ढा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि पॉलिटिक्स में आने से पहले मैं एक सीए था, मेरे सामने एक बेहतर करियर था, उसे छोड़कर मैं राजनीति में आया। अपना करियर को बनाने के लिए राजनीति में नहीं आया। एक पॉलिटिकल पार्टी का फाउंडिंग मेंबर बना, जिस पार्टी को मैंने अपने प्राइम यूथ के 15 साल दिए। अपने खून-पसीने और बहुत मेहनत से इस पार्टी को सींचा, लेकिन आज ये पार्टी पुरानी वाली पार्टी नहीं रही। इस पार्टी में आज एक टॉक्सिक वर्क एनवायरमेंट है। आपको काम करने से रोका जाता है, पार्लियामेंट में बोलने से रोका जाता है और ये पार्टी आज चंद भ्रष्ट लोगों के हाथ में फंसकर रह गई है, जो अब देश के लिए नहीं, बल्कि अपने निजी फायदे के लिए काम कर रही है। पिछले कुछ सालों से मैं यह महसूस कर रहा था कि शायद मैं एक गलत पार्टी में एक सही आदमी हूं। इसी के चलते मेरे सामने सिर्फ तीन विकल्प थे; पहला विकल्प कि मैं राजनीति ही छोड़ दूं। दूसरा विकल्प कि मैं इसी पार्टी में रहूं और चीजें ठीक करने की कोशिश करूं, जो कि हुआ नहीं। राघव ने गिनाए तीन विकल्प तीसरा विकल्प कि मैं अपनी ऊर्जा और अनुभव लेकर किसी और पार्टी के साथ जुड़कर सकारात्मक राजनीति करूं। इसलिए अकेले मैंने ही नहीं, मेरे साथ छह और सांसदों ने यह फैसला लिया कि हम इस पार्टी से रिश्ता तोड़ देंगे। एक आदमी गलत हो सकता है, दो आदमी गलत हो सकते हैं, लेकिन सात लोग गलत नहीं हो सकते। वे अनगिनत शिक्षित लोग जो इस पार्टी के साथ जुड़े थे, क्या वे सारे लोग गलत थे? आप ऐसे समझिए, आप में से जितने ऑफिस जाने वाले लोग हैं, अगर आपका वर्कप्लेस टॉक्सिक बन जाए तो आप कितना काम कर पाएंगे? क्या आप वहां काम कर पाएंगे? आपको वहां काम करने से रोका जाए, आपकी मेहनत को दबाया जाए, आपको चुप कराया जाए, तो आप क्या करेंगे? उस स्थिति में सही फैसला यही है कि आप उस जगह को छोड़ दें। शायद हमने भी वही किया। आप में से कई लोगों ने पूछा कि क्या मैं आम लोगों के मुद्दे वैसे ही उठाता रहूंगा? तो मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि मैं आपकी समस्याओं को लगातार और जोश के साथ उठाऊंगा, और अच्छी बात यह है कि अब हम उन दिक्कतों के हल भी ढूंढ पाएंगे। कुछ दिन पहले बीजेपी में हुए थे शामिल कुछ दिन पहले राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने साथ-साथ छह और सासंदों के आप छोड़क बीजेपी में शामिल होने की बात कही थी। आम आदमी पार्टी के लिए यह बड़ी झटका था। राघव चड्ढा के साथ अशोक मित्तल, संदीप पाठक, स्वाति मालिवाल, हर भजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता आदि बीजेपी में शामिल हो गए थे।  

पंजाब में गर्मी का तांडव, तापमान 40°C पार; मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया

लुधियाना  रविवार को पंजाब के विभिन्न जिलों में मौसम ने गर्मी का कहर बरपाया। लू के चलते तापमान लगातार तीसरे दिन 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा। बठिंडा में सुबह 1.3 मिलीमीटर वर्षा हुई, लेकिन इसके बाद तेज धूप ने तापमान को 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा दिया। लुधियाना और पटियाला में तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि फरीदकोट में 42.8 डिग्री सेल्सियस, रूपनगर में 41.4 डिग्री सेल्सियस, चंडीगढ़ में 40.8 डिग्री सेल्सियस, एसबीएस नगर में 40.5 डिग्री सेल्सियस, अमृतसर में 39.3 डिग्री सेल्सियस, फिरोजपुर में 39.0 डिग्री सेल्सियस और होशियारपुर में 38.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकार्ड किया गया। अन्य जिलों में तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को पंजाब के कुछ जिलों में लू चलने की संभावना है, जबकि अन्य जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी तेज हवाएं चल सकती हैं। 28 से 30 अप्रैल तक धूल भरी हवाओं और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई गई है। एक मई को मौसम साफ रहेगा, जबकि दो मई को फिर से धूल भरी हवा और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। पंजाब और हरियाणा में लू के थपेड़े पंजाब और हरियाणा के ज्यादातर जिलों में दोपहर 12 बजे से देर शाम तक गर्म हवाएं चल रही हैं। हरियाणा के रोहतक, पानीपत और फरीदाबाद जैसे जिलों में गर्मी ने लोगों का बुरा हाल कर दिया है। राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है और मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। यहां न केवल गर्मी, बल्कि खराब वायु गुणवत्ता (AQI 222) ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यूपी और राजस्थान में पारा 46 के पार उत्तर प्रदेश के बांदा में पारा 46.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा। वहीं, राजस्थान के बाड़मेर और जैसलमेर में भी तापमान 46 डिग्री दर्ज किया गया है। ओडिशा के झारसुगुड़ा में भी तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि तटीय इलाकों में लोग उमस से परेशान हैं। कब मिलेगी राहत? मौसम विभाग (IMD) ने भीषण गर्मी के बीच राहत की खबर भी दी है। 28 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के कई हिस्सों में आंधी-तूफान और हल्की बारिश हो सकती है। यह मौसम 2 मई तक बना रह सकता है, जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना अधिक जताई गई है।