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पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, ADC के नए पद सृजित; जनता को मिलेगा सीधा फायदा

चंडीगढ़. पंजाब वासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लोगों की लंबे समय से उठाई गई मांग पूरी हो गई है। जानकारी के अनुसार पंजाब में नई ADC पोस्ट को बनाई दी गई है। लोगों द्वारा मांग की गई थी कि दसूहा और मुकेरियां सब-डिवीजन के लिए ADC का पद बनाया जाए क्योंकि इन इलाकों के लोगों को अपने कामों के लिए दूर जाना पड़ता है। इसके बाद अब दसूहा, मुकेरियां, टांडा, तलवाड़ा, हाजीपुर और गढ़दीवाला इलाकों में नई एडीसी पोस्ट को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही फगवाड़ा के लोगों को भी अपने काम के लिए कपूरथला जाना पड़ता था। यहां के लोगों को राहत देने के लिए फगवाड़ा में भी एडीसी का एक नया पद बनाने को मंजूरी दी गई है। 

अभिभावकों को राहत! पंजाब में निजी स्कूल हर साल केवल 5% तक बढ़ा पाएंगे फीस

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने स्कूली छात्रों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, पंजाब सरकार ने पंजाब के अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स द्वारा हर साल फीस और फंड के नाम पर की जाने वाली मनमानी वसूली और लूट को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। पंजाब सरकार ने अब इस गैर-कानूनी लूट पर रोक लगा दी है और फीस बढ़ाने पर रोक लगा दी है। अब पंजाब में कोई भी प्राइवेट या बिना मदद वाला एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन हर साल सिर्फ 5 प्रतिशत (5%) ही फीस बढ़ा सकेगा, इससे ज़्यादा फीस बढ़ाने की इजाजत नहीं होगी। इसके अलावा अगर पिछले 36 महीनों में यदि किसी स्कूल ने फीस में 15 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की गई है तो उसे तुरन्त अभिभावकों को पैसे लौटाने होंगे। ये फैसला और नियम पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड, CBSE, ICSE और इंटरनेशनल बोर्ड सभी पर लागू होगा। फीस बढ़ाने से पहले करना होगा आवेदन पंजाब सरकार का कहना है कि, अगर किसी स्कूल को 5 प्रतिशत फीस बढ़ानी है तो उसके लिए कमेटी बनाई गई है। फीस बढ़ाने के लिए स्कूलों को 6 महीने पहले आवेदन करना होगा। यही नहीं स्कूलों अपना फाइनेंशियल ऑडिट करना होगा और बताना होगा आखिर फीस क्यों बढ़ाई गई है।  नियम तोड़े तो होगा जुर्माना पंजाब सरकार के आदेशों के मुताबिक नियम तोड़ने पर 5 कक्षा तक फीस बढ़ाने की मनमानी करने पर पहली बार 50 हजार और दूसरी बार 1 लाख रुपए जुर्मान, 8वीं कक्षा तक फीस बढ़ाने पर पहली बार एक लाख रुपए और दूसरी 3 लाख रुपए जुर्मान होगा, 12वीं कक्षा तक के लिए पहली बार 2 लाख रुपए और दूसरी बार 5 लाख रुपए जुर्मान होगा। वहीं अगर स्कूलों द्वारा तीसरी बार नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो स्कूल की मान्यता वापस ले ली जाएगी।

विदेश भेजने के नाम पर कारोबार! जालंधर में बिना लाइसेंस संचालित हो रहे 4 ऑफिस

जालंधर. विदेश यात्रा कंस्ल्टैंट्स (छोटी बारादरी) का मालिक बिना लाइसैंस के चार-चार ऑफिस चला रहा था और इसका प्रशासन को पता तक नहीं लगा। यह लापरवाही है या फिर अनदेखी लेकिन विदेश यात्रा कंसल्टेंट्स का मालिक पिछले चार सालों से लोगों को ठग रहा था। विदेश यात्रा कंसल्टेंट्स के खिलाफ एंटी फ्रॉड में ही 60 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हैं लेकिन अभी तक कोई एफ.आई.आर. दर्ज नहीं हुई। सूत्रों की मानें तो विदेश यात्रा कंसल्टेंट्स ने गढ़ा रोड पर ही नहीं बल्कि सहदेव मार्कीट के पास भी ऑफिस खोल रखा था। इसके अलावा ग्रैंड मॉल में उसके दो दफ्तर हैं जिसमें से 5वीं मंजिल पर बनाया गया ऑफिस तो आलीशान था जबकि एक आफिस तीसरी मंजिल पर था। बताया है कि बी.एम.सी. चौक के पास भी विदेश यात्रा कंसल्टेंट्स के नाम पर दफ्तर चला रहा है। प्रशासन की लापरवाही के चलते विदेश यात्रा कंसल्टेंट्स के मालिक ने सैंकड़ों लोगों के साथ विदेश भेजने के नाम पर फ्रॉड किया। करतारपुर का रहने वाला विदेश यात्रा कंसल्टेंट्स का मालिक उन्हीं पैसों से शहर के पॉर्श इलाके माडल टाऊन में करीब अढ़ाई करोड़ की कोठी बनाई है। इस तथा कथित एजैंट खिलाफ अपराधिक केस दर्ज हैं जिसके बारे भी जल्द खुलासा किया जाएगा। इसकी गाड़ी नंबर 3131 और अदिति नाम की करीबी महिला दोस्त भी काफी चर्चित रह चुकी है। गौरतलब है कि विदेश यात्रा कंसल्टेंट्स नाम से संचालित यह संस्था बिना लाईसेंस के सोशल मीडिया का सहारा लेकर विदेश भेजने का लालच देकर भोले-भाले लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है और फिर उन्हीं लोगों को ठगी का शिकार बना लिया जाता है। वर्क परमिट के लिए ज्यादा पैसे वसूल विदेश यात्रा कंसल्टेंट्स का मालिक इतना शातिर था कि वह अपने क्लाइंट से वीजा लगवाने के लिए ज्यादा पैसे लेकर कम पैसों का एफिडेविट देता था। काम न होने पर अगर क्लाइंट पुलिस को शिकायत भी देता था कि वह क्लाइंट को कुछ पैसों देकर शिकायत ही खत्म करवा देता था जबकि पुलिस भी लिखित में प्रूफ होने की बात कह कर ज्यादा गंभीरता से मामले को नहीं लेती थी। सूत्रों की मानें तो विदेश यात्रा कंसल्टेंट्स में गया अगर क्लाइंट मलेशिया में वर्क परमिट के लिए अप्लाई करता था तो उससे डेढ़ लाख रुपए लिए जाते थे, लेकिन एफिडेविट पर वही राशि 40 हजार रुपए लिखी जाती थी। पहले तो क्लाइंट को वीजा आने का भरोसा दिया जाता था जिससे क्लाइंट भी उस एफिडेविट पर साइन कर देता था और अगर काम नहीं होता था तो शिकायत देने पर एफिडेविट के हिसाब से विदेश यात्रा कंसल्टेंट्स का मालिक 40 हजार रुपए लौटा देता था और काफी शातिर तरीके से 1.10 लाख रुपए हड़प जाता था। जिसने काम में एंट्री दिलाई, उसी से कर चुका फ्रॉड सूत्रों ने बताया कि विदेश यात्रा कंसल्टेंट्स के मालिक को नरिंदर सिनेमा के पास पड़ते एक इमीग्रेशन के मालिक ने इस काम में एंट्री दिलाई थी। विदेश यात्रा कंसल्टेंट्स के मालिक को इस काम की कोई जानकारी नहीं थी, जिसके चलते इमीग्रेशन के मालिक ने उसे अपने साथ जोड़ा और सारा काम सिखाया। काफी समय से वह दोनों एक साथ काम करते रहे लेकिन बाद में विदेश यात्रा कंसल्टेंट्स के मालिक ने अपने गुरु को ही ठग लिया और फिर अपना बिजनेस शुरू कर दिया। वहीं विदेश यात्रा कंसल्टेंट्स के मालिक द्वारा किए अपराधों की लिस्ट लंबी है।

कारोबारियों के लिए अहम सूचना: 30 जून तक करवाएं GST लंबित मामलों का रिव्यू

चंडीगढ़/जालंधर. GST से जुड़े पेंडिंग विवादों वाले कारोबारियों को तुरंत अपने केस का रिव्यू करवाने की जरूरत है। कई मामलों में GST अपीलेट ट्रिब्यूनल (GSTAT) में अपील दाखिल करने की आखिरी तारीख 30 जून होने संबंधी बताया जा रहा है। ऐसे में कारोबारियों को बिना देर किए अपने केस की जांच करवानी चाहिए। टैक्स माहिर C.A. पुनीत ओबेरॉय ने बताया कि अभी कई टैक्सपेयर्स को यह गलतफहमी है कि GSTAT में अपील दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर, 2026 तक है, जबकि कई पुराने मामलों में अपील फाइल करने की आखिरी तारीख 30 जून हो सकती है। ऐसे में कारोबारियों को सोशल मीडिया या WhatsApp मैसेज पर भरोसा करने के बजाय अपने केस का असल स्टेटस चेक करवाना चाहिए। जिन कारोबारियों के मामसे में अपील अथॉरिटी के प्रतिकूल आदेश, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC), रिजेक्शन, टैक्स, इंटरेस्ट या पेनल्टी की मांग, रजिस्ट्रेशन कैंसल करना, रिफंड से इनकार, क्लासिफिकेशन और असेसमेंट विवाद या दूसरे प्रतिकूल आदेश शामिल हैं, उन्हें अपने केस का रिव्यू करना चाहिए। भले ही पहले कई ऑर्डर मिले हों, फिर भी उनकी जांच करना जरूरी है। अगर तय समय सीमा के अंदर अपील फाइल नहीं की जाती है, तो संबंधित आदेश अंतिम रूप में प्रभावी हो सकता है। इसके अलावा डिपार्टमेंटल रिकवरी की कार्रवाई शुरू हो सकती है, इंटरेस्ट का बोझ बढ़ सकता है और बैंक अकाउंट या प्रॉपर्टी के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। ओबेरॉय ने कहा कि G.S.T.A.T. में अपील फाइल करना सिर्फ एक रस्मी प्रक्रिया नहीं है। इसके लिए कई तैयारियां करनी होती हैं जैसे डॉक्यूमेंट्स का रिव्यू, लीगल बेसिस तैयार करना, टाइम लिमिट की जांच और प्री-डिपॉजिट का कैलकुलेशन। इसलिए करोबारियों को आखिरी मिनट तक इंतजार करने के बजाय अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि G.S.T.A.T. आने वाले समय में G.S.T. कानून की एक जैसी व्याख्या डेवलप करने और टैक्सपेयर्स और डिपार्टमेंट दोनों को साफ गाइडेंस देने में अहम भूमिका निभाएगा। ऐसे में जिन कारोबारियों के G.S.T. विवाद पेंडिंग हैं, उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए समय रहते जरूरी कदम उठाने चाहिए।

राज्यपाल ने किया महावीर सामुदायिक भवन का उद्घाटन, लुधियाना में आयोजित हुआ समारोह

लुधियाना. ज्ञान की प्राप्ति संतों के आशीर्वाद से मिलती हैं।  भगवान महावीर स्वामी जी की 2600वीं यात्रा चतुर्विधि संघ आज भी चल रहा है यह सब कुछ संतजनों की वजह व श्रमण संघ की कृपा से चल रहा है।  यह उक्त विचार सनबयू रेजीडेंसी गेट नं 6 आयाली कलां में भगवान महावीर सामुदायिक भवन के लोकार्पण भवन के अनावरण समारोह के दौरान राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर का कथन में अहिंसा को सर्वश्रेष्ठ माना है। हिंसा किसी को नहीं करनी चाहिए। इससे समाज बिखरता है, टूटता है और इसका दूसरा फायदा उठाते हैं। उन्होंने व्यक्ति बाहर से नहीं अंदर से अपने आप को साफ़ रखें। उन्होंने कहा कि आजकल की दुनिया में पाश्चात्य संस्कृति को बढ़ावा जो दिया जा रहा उसको छोड़ गरीब व जरूरतमंद लोगों की मदद करो। इससे जो मन के अंदर सुकुन मिलेगा। उन्होंने कहा राजनीति में आने के लिए गुरुदेवों से आशीर्वाद लेने गया तो उनका कहना था कि अपने आप पर कोई दाग न लगने देना है। आगे राजनीति में रहूं न रहूं श्रावक तो रहेगा। इस अवसर पर  बाबा चंदा जैन दुग्गड सोसायटी के अशोक जैन, अनूप जैन परिवार ने दोशाला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर तपस्वी रतन सुंदर मुनि महाराज ठाणा-3, पीयूष मुनि महाराज ठाणा-3, महासाध्वी वीणा जी महाराज ठाणा, महासाध्वी मीना महाराज ठाणा-3 आदि साध्वी वृंद शामिल थे।

कैशियर मर्डर केस के बाद बड़ा फैसला, मिनटों में सील होगा चंडीगढ़ शहर

चंडीगढ़. यहां सेक्टर-11 में स्थित श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास की दिनदहाड़े हत्या के बाद पुलिस ने सुरक्षा और निगरानी प्रणाली में बड़े बदलाव करने का फैसला किया है। अब किसी भी क्रिमिनल घटना के बाद मिनटों में पूरे शहर को सील किया जाएगा जबकि बीट स्टाफ को अपने एरिया से बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी। पुलिस विभाग द्वारा बीट स्टाफ, ट्रैफिक पुलिस और P.C.R. कर्मचारियों के लिए करीब 2800 ऐसे आधुनिक वायरलेस सेट खरीदे जा रहे है, जिनसे हर समय उनकी लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी। इससे सीनियर अधिकारी यह पक्का करेंगे कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी निर्धारित इलाके में ही मौजूद रहें। पुलिस ने सभी थाना मुखियों को अपने क्षेत्रों से बाहर जाने वाली सड़कों की पहचान कर तुरंत नाकाबंदी के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। इस बार शहर को सील करने की पूरी जिम्मेदारी S.P. सिटी को सौंपी गई है। इसलिए हर थाने को 40 से 45 नए बैरिकेड दिए जा रहे हैं। नाकों पर उठे सवाल  कैशियर मर्डर केस ने पुलिस के नाका सिस्टम पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि जानकी दास की हत्या उसी जगह पर की जहां नाका लगा हुआ था, लेकिन वहां तैनात कर्मचारियों को घटना की भनक तक नहीं लगी। हत्यारे वारदात को अंजाम देने के बाद ऑटो में बैठकर भाग गए। इससे पहले सेक्टर-9 के प्रॉपर्टी डीलर मर्डर केस और पंजाब BJP ऑफिस पर बम हमले के आरोपी शहर के नाकों से होकर फरार हो गए थे। ऐसे मामलों ने नाकों के असर पर सवाल खड़े किए हैं। बीट सिस्टम होगा मजबूत पुलिस विभाग अब बीट सिस्टम को और मजबूत करने की योजना पर काम कर रहा है। बीट कर्मचारियों को बाजारों और कमर्शियल इलाकों में रेगुलर गश्त करने और दुकानदारों से सीधा संपर्क बनाने को कहा गया है, ताकि लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हो सके।

बार-बार जमानत याचिका पर हाईकोर्ट की फटकार, प्रक्रिया का दुरुपयोग मानकर ठोका जुर्माना

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बिना किसी नए और ठोस आधार के दूसरी बार अग्रिम जमानत मांगने वाले एक आरोपित की याचिका खारिज करते हुए उस पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। अदालत ने कहा कि परिस्थितियों में किसी वास्तविक बदलाव के बिना लगातार याचिकाएं दायर करना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है और इससे न्याय व्यवस्था पर अनावश्यक बोझ पड़ता है। जस्टिस विनोद एस भारद्वाज ने घनश्याम जायसवाल द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश सुनाया। याचिकाकर्ता ने सोहाना थाना, जिला एसएएस नगर (मोहाली) में दर्ज धोखाधड़ी एवं अन्य धाराओं के मामले में अग्रिम जमानत की मांग की थी। इससे पहले भी उसकी अग्रिम जमानत याचिका हाई कोर्ट 23 अप्रैल 2026 को खारिज कर चुका था। ठोस जानकारी नहीं कर पाए पेश सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील से पूछा कि पहली याचिका खारिज होने के बाद ऐसी कौन-सी नई परिस्थितियां उत्पन्न हुई हैं, जिनके आधार पर दूसरी अग्रिम जमानत याचिका सुनवाई योग्य मानी जा सके। हालांकि याचिकाकर्ता की ओर से कोई ऐसा ठोस बदलाव अदालत के समक्ष नहीं रखा जा सका। हाई कोर्ट ने अपने पूर्व के फैसलों और डिवीजन बेंच के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि केवल औपचारिक या महत्वहीन बदलावों के आधार पर दूसरी या लगातार अग्रिम जमानत याचिका दायर नहीं की जा सकती। अदालत ने स्पष्ट किया कि सह-आरोपी की गिरफ्तारी, किसी अन्य आरोपी को जमानत मिलना, नए दस्तावेज पेश करना या बीमारी जैसे कारण स्वत बदली हुई परिस्थितियां नहीं माने जा सकते। न्यायिक प्रक्रिया का हुआ दुरुपयोग अदालत ने यह भी कहा कि यदि किसी आरोपी ने पहले जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान राहत न मिलने की आशंका के कारण उसे वापस ले लिया हो, तो बाद में उसी आधार पर दोबारा राहत मांगने की अनुमति नहीं दी जा सकती। न्यायालय ने माना कि याचिकाकर्ता ने बिना किसी वास्तविक परिवर्तन के दूसरी याचिका दायर कर न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग किया है। इन टिप्पणियों के साथ हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने निर्देश दिया कि यह राशि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन लायर्स फैमिली वेलफेयर फंड, चंडीगढ़ में जमा कराई जाए।

कनाडा से पंजाबियों को राहत! नए रिफ्यूजी नियम लागू, अवैध एंट्री के बाद भी मिलेगा असाइलम का मौका

जालंधर कनाडा में रह रहे पंजाबियों को कनाडा सरकार ने वीजा नियमों में राहत दी है। इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटीजनशिप कनाडा (IRCC) ने बिल C-12 के तहत 6 नए नियम लागू किए हैं। नए नियमों के अनुसार अब कनाडा पहुंचने के 14 दिन के अंदर शरणार्थी का दावा किया जा सकता हैं।  IRCC के अनुसार, ये बदलाव सिस्टम में बढ़ रहे आवेदनों के बोझ को कम करने, प्रशासनिक देरी को समाप्त करने और इमिग्रेशन व्यवस्था सही करने के लिए किए गए हैं। इससे केवल जरूरतमंदों को समय पर सुरक्षा मिल सकेगी। इन बदलावों से जो लोग तय समय-सीमा के कारण अयोग्य माने जाएंगे, उनके लिए भी प्री-रिमूवल रिस्क असेसमेंट (PRRA) का सुरक्षा विकल्प बरकरार रहेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी को भी ऐसे स्थान पर न भेजा जाए, जहां उसे जान का जोखिम हो। पहले रिफ्यूजी वीजा के लिए अप्लाई करने की सीमा एक साल थी। इससे इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (IRB) के पास पेंडिंग मामलों का अंबार लग गया था। इससे वास्तविक जरूरतमंदों को भी सुनवाई के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। कनाडा इमिग्रेशन के 6 प्रमुख बदलाव…     शरणार्थी दावे के लिए एक साल का नियम: अब कोई भी व्यक्ति कनाडा में आने के एक साल के भीतर ही शरण (Asylum claim) के लिए दावा कर सकता है। यदि कोई व्यक्ति कनाडा में आने के एक साल बाद दावा करता है, तो उसके मामले को इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (IRB) के पास नहीं भेजा जाएगा और वह अयोग्य माना जाएगा।     अवैध रूप से सीमा पार करने वालों के लिए 14 दिन की समय-सीमा: यदि कोई व्यक्ति अमेरिका से कनाडा की सीमा को आधिकारिक चेकपोस्ट से अलग किसी अन्य रास्ते से पार करता है, तो उसे 14 दिनों के भीतर शरण का दावा करना अनिवार्य है। 14 दिनों के बाद किए गए दावे पर विचार नहीं किया जाएगा।     आवेदन प्रक्रिया का आधुनिकीकरण: शरणार्थी प्रणाली को तेज और आसान बनाने के लिए अब ऑनलाइन आवेदन को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार केवल उन्हीं आवेदनों को स्वीकार करेगी, जो पूरी तरह से दस्तावेजों के साथ तैयार होंगे, ताकि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।     डेटा साझा करने का अधिकार: अब इमिग्रेशन विभाग (IRCC) के पास यह कानूनी अधिकार है कि वह शरणार्थियों से संबंधित जानकारी अन्य सरकारी विभागों (प्रांतीय और संघीय) के साथ साझा कर सके। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं में बेहतर तालमेल बिठाना और सुरक्षा को पुख्ता करना है।     इमिग्रेशन दस्तावेजों में किया जा सकता बदलाव: जनहित को ध्यान में रखते हुए सरकार के पास अब वीजा, वर्क परमिट या स्टडी परमिट जैसे दस्तावेजों को रद्द करने, निलंबित करने या बदलने की व्यापक शक्तियां हैं। ऐसा कोई भी निर्णय लेने से पहले सरकार को संसद में इसकी जानकारी देनी होगी।     देश निकाले से पहले जोखिम का मूल्यांकन होगा: जो लोग नए नियमों के कारण शरण के लिए अयोग्य पाए जाते हैं, उनके लिए भी एक सुरक्षा विकल्प मौजूद है। इसे प्री-रिमूवल रिस्क असेसमेंट कहते हैं, जो यह सुनिश्चित करता है कि किसी को भी ऐसे देश में वापस न भेजा जाए, जहां उसे जान का खतरा या उत्पीड़न का डर हो। आपराधिक मामले में छूट नहीं मिलेगी रिफ्यूजी के लिए वे लोग अप्लाई करते हैं जो कनाडा के नियम पूरे न करने पर (पूरा टैक्स न देने, पेपर क्लीयर न करने के कारण) अपना पीआर अप्लाई नहीं कर पाते। रिफ्यूजी के तहत बिना पीआर के भी रह सकते हैं। हालांकि, आपराधिक मामले में छूट नहीं मिलेगी।

नहर टूटने से गुरदासपुर में हाहाकार, कई घर जलमग्न; बाढ़ जैसे बने हालात

गुरदासपुर. पंजाब सरकार की ओर से नहरों को मजबूत करने और सिंचाई व्यवस्था बेहतर बनाने के किए जा रहे दावों के बीच गुरदासपुर जिले के सठियाली हेड वर्क्स के पास अपर बारी दोआब नहर में बड़ा कटाव हो गया। नहर में करीब 40 फीट से अधिक चौड़ा कट लगने के कारण पानी आसपास के घरों, खेतों और रिहायशी इलाकों में फैल गया, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार नहर रात के समय टूटी। नहर विश्राम गृह में रहने वाले प्रवासी मजदूरों ने बताया कि रात करीब 3 बजे अचानक उनके कमरों में पानी भरना शुरू हो गया। इसके बाद पता चला कि नहर टूट चुकी है। तेज बहाव के साथ पानी श्री हरगोबिंदपुर-गुरदासपुर मार्ग को पार करता हुआ आसपास के घरों और खेतों में जा घुसा। नहर टूटने से किसानों की हाल ही में लगाई गई धान की फसल पूरी तरह पानी की चपेट में आ गई है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और प्रभावित परिवारों के लिए हालात चिंताजनक बने हुए हैं। प्रभावित निवासी तरसेम सिंह, सुरजीत सिंह और अन्य लोगों ने बताया कि घरों में पानी घुसने से खाने के लिए रखी गेहूं, घरेलू सामान और अन्य कीमती वस्तुएं खराब हो गई हैं। प्रभावित लोगों और किसानों ने पंजाब सरकार से की मांग  उन्होंने कहा कि नुकसान का सही आकलन अभी करना संभव नहीं है, लेकिन यह लाखों रुपये तक पहुंच सकता है। इस संबंध में मौके पर मौजूद नहरी विभाग के अधिकारियों से बातचीत करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने तुरंत कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं, एक निजी ठेकेदार की भारी पोकलेन मशीनों की मदद से नहर के कटाव को बंद करने का काम जारी है। हालांकि नहर में पानी का बहाव लगातार जारी रहने के कारण मरम्मत कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। किसानों ने बताया कि कुछ दिन पहले लगाई गई धान की फसल पानी में डूब गई है और इसके बचने की संभावना बेहद कम है। किसानों ने चिंता जताई कि उनके पास दोबारा धान लगाने न तो पौध उपलब्ध है और न ही नुकसान की भरपाई का कोई भरोसा दिया गया है। प्रभावित लोगों और किसानों ने पंजाब सरकार तथा जिला प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का तुरंत सर्वे करवाकर उचित मुआवजा दिया जाए और नहर की मजबूती के लिए स्थायी प्रबंध किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

भीषण गर्मी से पंजाब बेहाल, पारा 42.5 डिग्री पार; थर्मल प्लांट बंद होने से बिजली संकट गहराया

चंडीगढ़  पंजाब में पारा 42.5 डिग्री पहुंच गया। हालांकि देर शाम कई जिलों में तेज हवाओं के साथ हुई बरसात ने गर्मी से राहत दिलाई। पंजाब में तापमान 1.5 डिग्री की वृद्धि के साथ सामान्य से 2.1 डिग्री ऊपर हो गया है। आने वाले दिनों में इस भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।  मौसम विभाग ने अगले तीन दिन के लिए पंजाब में यलो अलर्ट जारी कर दिया है। इस दौरान पंजाब में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर की गति से तेज हवाएं चलेंगी और बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की कमी दर्ज की जा सकती है। इसके बाद 25 जून से पंजाब में मौसम शुष्क बन जाएगा। पंजाब के न्यूनतम तापमान में 0.6 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह सामान्य के नजदीक बना हुआ है। सबसे कम 22.8 डिग्री का न्यूनतम पारा रूपनगर का दर्ज किया गया। पंजाब में 42.5 डिग्री के साथ बठिंडा सबसे ज्यादा तपा। अमृतसर का अधिकतम पारा 38.3 डिग्री, लुधियाना का 39.8 डिग्री, पटियाला का 40.6 डिग्री, पठानकोट का 39.9 डिग्री, बठिंडा का 42.5 डिग्री, फिरोजपुर का 39.0 डिग्री, फाजिल्का का 40.6 डिग्री, होशियारपुर का 37.1 डिग्री, एसबीएस नगर का 37.3 डिग्री और रूपनगर का 39.1 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 27.1 डिग्री, लुधियाना का 29.0 डिग्री, पटियाला का 28.0 डिग्री, पठानकोट का 26.8 डिग्री, बठिंडा का 28.0 डिग्री, फाजिल्का का 26.1 डिग्री, फिरोजपुर का 27.0 डिग्री, होशियारपुर का 24.2 डिग्री दर्ज किया गया। बिजली संकट गहराया  भीषण गर्मी और धान सीजन के मध्य सूबे में बिजली संकट गहरा गया है। 920 मेगावाट की क्षमता वाले लहरा मुहब्बत थर्मल प्लांट की सभी चार यूनिट बंद हो गई हैं। इसके अलावा गोइंदवाल थर्मल का 270 मेगावाट की दो नंबर यूनिट और रोपड़ थर्मल प्लांट की 210 मेगावाट की क्षमता की 4 नंबर यूनिट भी बॉयलर ट्यूब में लीकेज के चलते बंद है।  सरकारी क्षेत्र के सभी तीन थर्मल प्लांटों के छह यूनिट बंद पड़ने से कुल 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन बंद पड़ गया है। वहीं रविवार को पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 15568 मेगावाट दर्ज की गई। लहरा मुहब्बत थर्मल प्लांट की तीन यूनिट तकनीकी खराबी के कारण बंद हैं, वहीं चौथी यूनिट भारी मात्रा में राख जमा होने के कारण ठप पड़ गई है। प्लांट के पूरी तरह से बंद होने का मुख्य कारण मुलाजिमों की हड़ताल को माना जा रहा है। थर्मल प्लांट के करीब 1800 ठेका मुलाजिम इस समय हड़ताल पर हैं। मुलाजिम मांग कर रहे हैं कि उन्हें ठेकेदारों के अधीन रखने के बजाय सीधे तौर पर पावरकाॅम के ठेके पर लिया जाए। ठेका मुलाजिमों का यह आंदोलन हालांकि 9 जून से चल रहा है लेकिन 16 जून से सभी मुलाजिम मुकम्मल हड़ताल पर चले गए हैं। इसके मद्देनजर प्लांट प्रबंधन ने जमा हुई राख को तुरंत साफ करने और बिजली उत्पादन दोबारा बहाल करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ की मांग की है। प्लांट में करीब 500 रेगुलर मुलाजिम हैं जिनमें से करीब आधे केवल दफ्तरी कामों में लगे हुए हैं। इस कारण फील्ड के काम के लिए स्टाफ की बड़ी कमी आ रही है।  अघोषित कट भी लगने की संभावना  रविवार को पावरकाॅम के पास केवल 4143 मेगावाट बिजली की ही उपलब्धता रही। इसमें से प्रमुख तौर पर प्राइवेट क्षेत्र के तलवंडी साबो और राजपुरा थर्मल प्लांटों से 3023 मेगावाट, सरकारी क्षेत्र के थर्मलों से मात्र 609 मेगावाट, हाइडल प्रोजेक्टों से 369 मेगावाट बिजली की उपलब्धता हुई। पावरकाॅम अधिकारियों के मुताबिक गर्मी के इस पीक सीजन में पावरकाॅम को सस्ती बिजली अपने थर्मल प्लांटों से मिलनी थी लेकिन तकनीकी खराबी के चलते छह यूनिट बंद होने से अब बाहर से महंगे दामों में बिजली खरीदनी पड़ रही है। अधिकारियों के मुताबिक जरूरत पड़ने पर 10 रुपये प्रति यूनिट तक के दामों पर बाहर से बिजली खरीदी जा रही है। बिजली की मांग को 16000 मेगावाट से कम रखने के लिए अघोषित कट भी लगाए जा सकते हैं।